Category: Health

  • बाम और दवा की नहीं पड़ेगी जरूरत,ˈ स्वामी रामदेव ने बताया कमर दर्द से छुटकारा पाने का रामबाण नुस्खा, कर लें ये सिंपल कामˌ

    बाम और दवा की नहीं पड़ेगी जरूरत,ˈ स्वामी रामदेव ने बताया कमर दर्द से छुटकारा पाने का रामबाण नुस्खा, कर लें ये सिंपल कामˌ

    बाम और दवा की नहीं पड़ेगी जरूरत,ˈ स्वामी रामदेव ने बताया कमर दर्द से छुटकारा पाने का रामबाण नुस्खा, कर लें ये सिंपल कामˌ

    जो लग कमर दर्द से परेशान रहते हैं उनके लिए स्वामी रामदेव ने कुछ सरल घरेलू नुस्खे बताए हैं, जिनकी मदद से वे आसानी से बिना दवा और बाम आदि के राहत पा सकते हैं। आपको रोज सिर्फ 10 मिनट निकालकर सिंपल सा काम करना है। चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं…

    कमर दर्द भगाने के उपाय स्वामी रामदेव ने बताए

    आजकल कमर दर्द एक आम समस्या बन गई है। लंबे समय तक बैठना, गलत पोस्चर या थकान इसकी मुख्य वजह हो सकती है। ज्यादार लोग दर्द के लिए बाम या दवा का सहारा लेते हैं, लेकिन स्वामी रामदेव ने इसके लिए एक प्राकृतिक और आसान उपाय बताया है। सिर्फ कुछ मिनट रोज़ाना योग के लिए निकालकर आप कमर दर्द और जकड़न से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं।

    ताड़ासन से करें शुरूआत

    ताड़ासन कमर की मांसपेशियों को खींचकर स्ट्रेच करता है। इसे करने से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आता है और दर्द में राहत मिलती है। सीधे खड़े होकर दोनों हाथ ऊपर उठाएं और धीरे-धीरे अपनी रीढ़ को खींचें। इसे दिन में 5-10 बार करने से कमर हल्की और दर्द मुक्त महसूस होगी।

    भुजंगासन

    भुजंगासन करने से कमर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। पेट को ज़मीन पर टिकाकर धीरे-धीरे ऊपर उठाएं और कमर को स्ट्रेच करें। यह मुद्रा न केवल दर्द कम करती है, बल्कि पाचन और तनाव में भी मदद करती है। रोज़ 2-3 मिनट इसका अभ्यास करें।

    शलभासन

    शलभासन कमर और जांघों की मांसपेशियों को सक्रिय करता है। पेट के बल लेटकर पैरों को ऊपर उठाएं और कुछ सेकंड रोकें। यह अभ्यास रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है और लंबे समय तक दर्द से राहत देता है।

    सर्वांगासन

    सर्वांगासन पूरे शरीर की मांसपेशियों को खींचता है और कमर की जकड़न कम करता है। इसे करना आसान है और रोज करने से रीढ़ की हड्डी स्वस्थ रहती है। ध्यान रखें कि इसे हल्की मेहनत और सांस के साथ ही करें।

    योग निद्रा और रिलैक्सेशन

    कमर दर्द में योगासन के साथ रिलैक्सेशन भी ज़रूरी है। योग निद्रा और डीप ब्रीथिंग से मांसपेशियां आराम करती हैं और दर्द कम होता है। दिन में 10-15 मिनट का रिलैक्सेशन कमर दर्द में चमत्कारिक असर करता है।

    बस निकाल लें कुछ मिनट

    इस तरह, सिर्फ़ 5-10 मिनट रोज कुछ आसान योगासन करने से आप बिना किसी बाम या दवा के कमर दर्द से राहत पा सकते हैं। स्वामी रामदेव के ये सरल उपाय घर पर ही अपनाए जा सकते हैं और लंबे समय तक दर्द से मुक्ति दिला सकते हैं।

    डिस्क्लेमर

    प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

  • 2 रुपये की यह एक चीज आपकेˈ दांत के कीड़ों को जड़ से कर देगी खत्म नहीं यकीन तो एक बार क्लिक करके देख लोˌ

    2 रुपये की यह एक चीज आपकेˈ दांत के कीड़ों को जड़ से कर देगी खत्म नहीं यकीन तो एक बार क्लिक करके देख लोˌ

    2 रुपये की यह एक चीज आपकेˈ दांत के कीड़ों को जड़ से कर देगी खत्म नहीं यकीन तो एक बार क्लिक करके देख लोˌ

    आज के समय में बहुत से लोगन के दांतों में कीड़े लग जाते हैं. ऐसे में उनके दांत खराब होकर जल्दी टूट जाता है. आज के इस आर्टिकल में हम आपको दांतों में लगे कीड़े को जड़ से खत्म करने के उपाय के बारे में बताने जा रहे हैं.तो चलिए जानते हैं.

    बता दें कि बहुत से लोगों को गुटखा और तम्बाकू खाने की वजह से दांतों में कीड़े पड़ जाते हैं. इससे उनके चमकते-दमकते दांत भी सड़ने लग जाते हैं और बुढ़ापा होने से पहले ही झड़ने लग जाते हैं. इसलिए हम आपको एक ऐसी उपाय बताने जा रहे हैं जिसे आजमा कर आप चुटकियों में अपने दांत के कीड़े को जड़ से ख़त्म कर देंगे. तो चलिए जानते हैं.

    दरअसल हम दांतों में लगे कीड़े को ख़त्म करने का जो तरीका बताने जा रहे हैं वो आयुर्वेद पर आधारित है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले आप बाजार से 2 रुपये का चूना और 2 रुपये की फिटकरी लेकर आ जाएं. अब आप एक चुटकी चूना में एक चुटकी फिटकरी मिलाकर इसमें पानी डालकर एक गाढ़ा पेस्ट बना लें.

    इस पेस्ट को टूथपेस्ट की सहायता से अपने दांतों में लगाएं और अच्छे तरीके से ब्रश करें. इस विधि का तीन से चार बार प्रयोग करने के बाद ही आपको अपने दांत में अंतर नजर आने लगेगा और आपके दांत के सारे कीड़े खत्म हो जाएंगे. साथ ही साथ आपके दांत मोती के जैसे चमकने भी लगेंगे.

  • शौच के समय करें ये वाला छोटाˈ सा काम खुद कहोगे “आज तो पेट एकदम साफ”ˌ

    शौच के समय करें ये वाला छोटाˈ सा काम खुद कहोगे “आज तो पेट एकदम साफ”ˌ

    शौच के समय करें ये वाला छोटाˈ सा काम खुद कहोगे “आज तो पेट एकदम साफ”ˌ

    आज के समय में गलत जीवनशैली और खानपान की आदतों की वजह से लोगों को तरह तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। तरह तरह की परेशानियों का सामना करने की वजह से लोग काफी ज्यादा परेशान भी रहा करते हैं।

    गलत खानपान की आदतों की वजह से कुछ लोग सुबह के वक्त सही तरीके से पेट खाली ना होने की समस्या से भी परेशान रहते हैं। अगर आप भी उन्हीं लोगों में से एक है जिन्हें की सुबह के वक्त पेट खाली ना होने की समस्या होती है तो ऐसे में यह पोस्ट आपके लिए ही है।

    आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से एक ऐसी आसान सी विधि के बारे में बताने वाले जिसे आजमा कर आप अपने पेट को आसानी से साफ कर पाएंगे। तो चलिए जानते हैं इस आसान सी विधि के बारे में…

    आप सभी लोगों को शायद यह बात मालूम होगी कि पुराने जमाने में रोगों का उपचार शरीर के किसी हिस्से को दबाकर किया जाता था। शरीर के किसी खास हिस्से को दबाकर उपचार किए जाने की इस विधि को एक्यूप्रेशर विधि के नाम से भी लोगों के बीच जाना जाता है। पुराने जमाने में ज्यादातर लोग इस विधि से ही अपने शरीर में होने वाली तरह तरह की परेशानियों का इलाज किया करते थे। शरीर के अलग-अलग अंगों को दबाकर अलग-अलग बीमारियों को ठीक करने की यह विधि पुराने जमाने में काफी ज्यादा कारगर भी हुआ करती थी। आज हम आपको इसी विधि के तहत शरीर के इस अंग के बारे में बताने वाले हैं जिसे दबाकर आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

    अगर आप पेट के साफ ना होने की समस्या से पीड़ित है तो ऐसे में आपको अपनी कोहनी के ऊपरी भाग को 15 से 18 बार जल्दी-जल्दी दबाना है। कोहनी को 15 से 18 बार दबाने के दौरान आपको थोड़ी बहुत दर्द हो सकती है। थोड़ी बहुत दर्द सहकर आप सुबह के वक्त पेट जल्दी साफ ना होने की समस्या से बड़े ही आराम से छुटकारा पा सकेंगे।

    आपको बता दें कि इस विधि को अपनाने के बाद आपका पेट इतनी जल्दी साफ हो जाएगा कि किसी अन्य व्यक्ति को इसके बारे में कुछ पता भी नहीं चलेगा। अगर आप रोजाना इस प्रक्रिया को आजमाते हैं तो ऐसे में आपका पाचन तंत्र भी काफी हद तक मजबूत हो जाएगा। इसके साथ ही साथ पेट में होने वाली गैस कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्या से भी आपको छुटकारा मिलेगा।

  • मर्दों को नपुंसक और मौत दे रहाˈ है ये तेल खाना बनाते वक्त ना करें इसका इस्तेमालˌ

    मर्दों को नपुंसक और मौत दे रहाˈ है ये तेल खाना बनाते वक्त ना करें इसका इस्तेमालˌ

    मर्दों को नपुंसक और मौत दे रहाˈ है ये तेल खाना बनाते वक्त ना करें इसका इस्तेमालˌ

    poisonous oil: आप सभी खाना बनाते वक्त तेल का इस्तेमाल तो करते ही होंगे। बिना तेल के सब्जी की कोई अहमियत नहीं होती और लगभग हर पकवान में तेल का उपयोग जरूरी होता है।

    मगर आज हम आपको एक ऐसे तेल के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके इस्तेमाल से हजारों लोगों की जान चली गई। केरल आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी ऑफ रिसर्च सेंटर के मुताबिक, रिफाइंड तेल हर साल 20 लाख लोगों की मौत का कारण बन रहा है।

    रिफाइंड तेल से डीएनए को नुकसान, आरएनए का नाश, दिल का दौरा, हार्ट ब्लॉकेज, दिमागी क्षति, लकवा, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, नपुंसकता, कैंसर, हड्डियों की कमजोरी, जोड़ों और कमर में दर्द, किडनी खराब होना, लिवर की समस्या, कोलेस्ट्रॉल, आंखों की रोशनी कम होना, प्रदर रोग, बांझपन, बवासीर, और त्वचा रोग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

    रिफाइंड तेल ऐसे होता है तैयार

    बीजों को छिलके समेत दबाकर तेल निकाला जाता है। इस प्रक्रिया में तेल में मिलने वाली अशुद्धियों को हटाने के लिए उसे रिफाइंड किया जाता है ताकि उसका स्वाद, गंध और रंग खत्म हो जाए।

    इस दौरान पानी, नमक, कास्टिक सोडा, सल्फर, पोटैशियम, तेजाब और अन्य खतरनाक एसिड का प्रयोग होता है, जिससे अशुद्धियाँ निकल जाएं। इस प्रक्रिया से तारकोल जैसा गाढ़ा कचरा निकलता है, जिसे टायर बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। इन एसिड की वजह से ये तेल जहरीला बन जाता है।

  • देसी दवा का बाप है ये छोटाˈ सा हरा पत्ता 500 पार पहुंचे शुगर को भी खून की बूंद-बूंद से लेगा निचोड़ ब्लड प्रेशर- कोलेस्ट्रॉल का भी मिटा देगा नामों-निशानˌ

    देसी दवा का बाप है ये छोटाˈ सा हरा पत्ता 500 पार पहुंचे शुगर को भी खून की बूंद-बूंद से लेगा निचोड़ ब्लड प्रेशर- कोलेस्ट्रॉल का भी मिटा देगा नामों-निशानˌ

    देसी दवा का बाप है ये छोटाˈ सा हरा पत्ता 500 पार पहुंचे शुगर को भी खून की बूंद-बूंद से लेगा निचोड़ ब्लड प्रेशर- कोलेस्ट्रॉल का भी मिटा देगा नामों-निशानˌ

    Benefits Of Moringa Powder: आयुर्वेद में सेहत को बेहतर बनाने के लिए कई जड़ी-बूटियों और पत्तियों के इस्तेमाल के बारे में बताया गया है। ऐसा ही एक पौधा है मोरिंगा, जिसे अंग्रेजी में ड्रमस्टिक कहते हैं।इस पेड़ की पत्तियां, फल, फूल और बीज सभी औषधीय गुणों से भरपूर हैं। खासकर मोरिंगा की पत्तियों का पाउडर सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। इसे पोषण का पावरहाउस कहा जाता है, क्योंकि इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन ए, सी, ई और बी-विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं। यह शरीर की कमजोरी को तो दूर करता ही है, साथ ही एनर्जी लेवल को भी बूस्ट करता है।

    हड्डियां होंगी मजबूतमोरिंगा पाउडर में मौजूद पोषक तत्व हड्डियों, मांसपेशियों और नर्वस सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इसके नियमित सेवन से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है, जिससे कमजोरी दूर होती है और शरीर ज्यादा ऊर्जावान महसूस करता है। बुजुर्गों के लिए यह किसी संजीवनी से कम नहीं है, क्योंकि यह बढ़ती उम्र के असर को धीमा कर सकता है।

    ब्लड प्रेशर-कोलेस्ट्रॉल रहेगा नियंत्रितअगर आप हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की समस्या से परेशान हैं, तो मोरिंगा पाउडर इसका प्राकृतिक समाधान हो सकता है। यह रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखता है और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। कई अध्ययनों में यह साबित हो चुका है कि मोरिंगा की पत्तियां ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मददगार हैं, जिससे हार्ट अटैक और अन्य हृदय रोगों का खतरा कम हो सकता है।

    शरीर हो जायेगा डिटॉक्समोरिंगा की पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाकर डिटॉक्स करने में मदद करते हैं। इससे शरीर में जमा विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं, जिससे त्वचा की चमक बढ़ती है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी होती है। यह इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करता है और कई बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है।

    पेट की समस्याओं को करता है खत्ममोरिंगा पाउडर पाचन तंत्र के लिए भी वरदान है। यह कब्ज, गैस और पेट फूलने जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मददगार है। इसके नियमित सेवन से आंत साफ होती हैं और पाचन क्रिया बेहतर होती है। पेट की समस्याओं से पीड़ित लोगों के लिए यह किसी औषधि से कम नहीं है।

    शुगर के लिए रामबाणमधुमेह रोगियों के लिए मोरिंगा किसी वरदान से कम नहीं है। इसमें मौजूद बायोएक्टिव यौगिक रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। शोध के अनुसार, मोरिंगा के नियमित सेवन से शरीर की इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता बढ़ती है, जिससे रक्त शर्करा नियंत्रण में रहती है और मधुमेह का खतरा कम होता है।

    बालों -त्वचा के लिए लाभकारीमोरिंगा पाउडर न केवल शरीर के अंदर बल्कि बालों और त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसमें मौजूद विटामिन ए, सी और ई त्वचा को निखारने और बालों के विकास को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। यह रूसी और स्कैल्प की समस्याओं को दूर करके बालों को घना और मजबूत बनाता है। घर पर मोरिंगा पाउडर कैसे तैयार करें?ताजा मोरिंगा के पत्ते लें और उन्हें अच्छी तरह से धोकर सुखा लें।
    जब पत्ते पूरी तरह से सूख जाएं, तो उन्हें मिक्सर में पीसकर बारीक पाउडर बना लें।
    इसे एक एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें और रोजाना एक चम्मच पानी या शहद के साथ सेवन करें।

    प्राकृतिक सुपरफूड है मोरिंगामोरिंगा पाउडर एक प्राकृतिक सुपरफूड है, जो बढ़ती उम्र की थकान को दूर करके शरीर को जवां बनाए रख सकता है। दिल, पाचन, हड्डियों और त्वचा के लिए फायदेमंद होने के अलावा यह मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं को भी नियंत्रित कर सकता है। अगर आप अपनी सेहत को बेहतर बनाना चाहते हैं तो इसे अपनी रोजाना की डाइट में जरूर शामिल करें।

    Disclaimer:इस आलेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है। पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। इन खबर इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है।

  • घुटने की ग्रीस कैसे बढ़ाएं? नेचुरोपैथी डॉक्टरˈ ने बताया घुटने जवाब देने लगे हैं तो जरूर कर लें ये काम बुढ़ापे तक नहीं पड़ेगी दवा की जरूरतˌ

    घुटने की ग्रीस कैसे बढ़ाएं? नेचुरोपैथी डॉक्टरˈ ने बताया घुटने जवाब देने लगे हैं तो जरूर कर लें ये काम बुढ़ापे तक नहीं पड़ेगी दवा की जरूरतˌ

    घुटने की ग्रीस कैसे बढ़ाएं? नेचुरोपैथी डॉक्टरˈ ने बताया घुटने जवाब देने लगे हैं तो जरूर कर लें ये काम बुढ़ापे तक नहीं पड़ेगी दवा की जरूरतˌ

    Ghutno ki Greece Kaise Badhaye: बढ़ती उम्र के साथ घुटनों का दर्द, अकड़न या चलते-फिरते समय घुटनों से खट-खट की आवाजे आना आम समस्या बन जाती हैं. हालांकि, आज के समय में बुजुर्गों से अलग कम उम्र के लोग भी इस तरह घुटनों में जकड़न या दर्द जैसी परेशानियों से जूझ रहे हैं.

    इसका मुख्य कारण घुटनों की ‘ग्रीस’ यानी लुब्रिकेशन का कम हो जाना है. जब जोड़ों के बीच की ग्रीस खत्म होने लगती है, तो घर्षण बढ़ता है, जिससे असहनीय दर्द और ऐंठन की परेशानी भी बढ़ जाती है. अब, अगर आप भी इस तरह की समस्याओं से परेशान रहते हैं, तो ये आर्टिकल आपके लिए मददगार हो सकता है. यहां हम आपको घुटनों की ‘ग्रीस’ बढ़ाने का नेचुरल तरीका बता रहे हैं.

    मामले को लेकर एक पॉडकास्ट के दौरान नेचुरोपैथी डॉक्टर एन के शर्मा ने बताया, घुटने की परेशानी दो मुख्य कारणों से हो सकती है, एक है कैल्सिफिक ओस्टियो फैट का जमा होना, जिससे ब्लड सप्लाई कमजोर हो जाती है और दूसरा है कार्टिलेज का घिसना, जिससे साइनोवियल फ्लूइड (Synovial Fluid)कम होने लगता है. साइनोवियल फ्लूइड जोड़ों को चिकनाई देता है और घिसाव को कम करता है. जब यह कम हो जाता है, तो घुटने में दर्द, सूजन और अकड़न हो सकती है.

    कैसे दूर करें घुटनों की परेशानी?

    इस सवाल को लेकर डॉ. बताते हैं, कम उम्र में इस तरह की परेशानी का मुख्य कारण फिजिकल एक्टिविटी में कमी और गलत खानपान होता है. आज के समय में लोग जरूरत से ज्यादा स्टार्च, प्रोटीन या प्रोसेस्ड फूड खाने लगे हैं. ये शरीर में एसिड बनाने का काम करते हैं. ये एसिड खून को गाढ़ा कर देता है. गाढ़ा खून शरीर की महीन नसों (कैपिलरीज) तक नहीं पहुंच पाता, जिससे घुटनों में खून की सप्लाई कम हो जाती है. इससे धीरे-धीरे वहां पोषण की कमी हो जाती है और घुटने जवाब देने लगते हैं.

    क्या है इलाज?

    नेचुरोपैथी डॉक्टर कहते हैं, घुटनों से जुड़ी परेशानी को ठीक करने के लिए आपको सर्कुलेशन बढ़ाना होगा और इसके लिए आपको अपना खानपान सुधारना होगा.

    डॉक्टर एन के शर्मा डाइट में ठोस खाना जैसे अन्न, दाल, नॉनवेज का सेवन कम कर फलों, सलाद, अंकुरित दालों और मेवों का सेवन बढ़ाने की सलाह देते हैं. इससे अलग डॉ. रोजाना हल्की वॉक करने और शरीर को किसी भी रूप में 30 मिनट मूवमेंट देने की सलाह देते हैं. इसके लिए आप रोज थोड़ी देर डांस कर सकते हैं, योग कर सकते हैं या सीढ़ियां भी चढ़ सकते हैं. डॉ. के मुताबिक, सही डाइट लेने से खून गाढ़ा नहीं होता है, वहीं रोज हल्की मूवमेंट से ब्लड सप्लाई ठीक तरह होती है.

    नेचुरोपैथी डॉक्टर बताते हैं, जिस तरह खराब आदतें घुटने से जुड़ी परेशानी को बढ़ा देती हैं, वैसे ही अच्छी आदतों को अपनाने से शरीर खुद उन्हें ठीक कर सकता है. शरीर में खुद को हील करने की शक्ति होती है. आपको बस सही वातावरण देना है. इसके लिए हेल्दी डाइट लें और फिजिकल एक्टिविटी को भी बढ़ाएं.

    अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.

  • पेट की गैस का रामबाण घरेलू इलाजˈ चुटकियों में निकलेगी सारी गैस फूला हुआ पेट हो जाएगा फुस्सˌ

    पेट की गैस का रामबाण घरेलू इलाजˈ चुटकियों में निकलेगी सारी गैस फूला हुआ पेट हो जाएगा फुस्सˌ

    पेट की गैस का रामबाण घरेलू इलाजˈ चुटकियों में निकलेगी सारी गैस फूला हुआ पेट हो जाएगा फुस्सˌ

    Pet Ki Gas Se Chutkara Kaise Paye: पेट की गैस कई बार इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि न सिर्फ पेट दर्द होने लगता बल्कि पेट भी फूल जाता है. ऐसे में सबसे पहले हम गैस के लिए घरेलू उपाय तलाशते हैं.

    पेट में गैस बनना एक आम समस्या है, लेकिन जब यह हद से ज्यादा बढ़ जाती है तो असहजता, दर्द और शर्मिंदगी का कारण बन सकती है. फूला हुआ पेट, भारीपन और बार-बार डकार आना इसके सामान्य लक्षण हैं. पेट में गैस बनने से न तो कुछ खाने का मन होता है और न ही कुछ काम करने की हिम्मत. ऐसे में गैस से छुटकारा पाने के लिए क्या करें? आज हम आपको कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में बता रहे हैं जो आपके किचन में मौजूद हैं. आपको जब भी गैस की दिक्कत हो तो इन नुस्खों को आजमाएं और पाएं अपच, एसिडिटी और पेट फूलने की दिक्कत से छुटकारा.

    पेट की गैस और ब्लोटिंग से कैसे छुटकारा पाएं? (How To Get Rid of Gas And Bloating)

    1. अजवाइन, काला नमक, हींग का चूर्ण

    • 1 चम्मच अजवाइन
    • आधा चम्मच काला नमक
    • 1 चुटकी हींग

    इसे गुनगुने पानी के साथ लें. ये उपाय अपनाने से पेट की गैस से राहत मिल सकती है और पेट हल्का महसूस होता है.

    2. अदरक का रस, शहद

    • 1 चम्मच अदरक का रस
    • आधा चम्मच शहद

    इन्हें खाने के बाद सेवन करें. पाचन तंत्र को एक्टिव करता है और गैस को कम करता है. अगर आपको गैस की दिक्कत है तो इस नुस्खे को जरूर आजमा लें.

    3. सौंफ का पानी

    1 चम्मच सौंफ को 1 कप पानी में उबालें. छानकर गुनगुना पी लें. ये घरेलू तरीका पेट की सूजन और गैस में तुरंत राहत दिला सकता है.

    4. लहसुन का सेवन

    1 कली लहसुन को घी में भूनकर खाएं. गैस और कब्ज दोनों में असरदार. अगर आपको अक्सर पेट में गैस और कब्ज होती है तो ये नुस्खा भी आपके काम आ सकता है.

    5. नींबू, बेकिंग सोडा

    1 गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू का रस, एक चौथाई चम्मच बेकिंग सोडा का सेवन करने से एसिडिटी और गैस को चुटकियों में राहत मिल सकती है.

    बरतें ये सावधानियां

    • तली-भुनी चीज़ें, कोल्ड ड्रिंक्स और देर रात खाना खाने से बचें.
    • खाना धीरे-धीरे और चबा कर खाएं.
    • दिनभर पर्याप्त पानी पिएं.

    अगर आप भी बार-बार गैस की समस्या से परेशान रहते हैं, तो ये घरेलू उपाय आपके लिए रामबाण साबित हो सकते हैं. नियमित रूप से इनका सेवन करने से न सिर्फ गैस की समस्या दूर होगी, बल्कि पाचन तंत्र भी मजबूत बनेगा.

  • किडनी स्टोन को जड़ से तोड़ने वालेˈ 8 फूड्स और 5 ज़हर जैसे खाने, जिन्हें आज ही छोड़ देंˌ

    किडनी स्टोन को जड़ से तोड़ने वालेˈ 8 फूड्स और 5 ज़हर जैसे खाने, जिन्हें आज ही छोड़ देंˌ

    किडनी स्टोन को जड़ से तोड़ने वालेˈ 8 फूड्स और 5 ज़हर जैसे खाने, जिन्हें आज ही छोड़ देंˌ

    किडनी स्टोन का दर्द जिसने भी एक बार झेला है — वो ज़िंदगी भर भूल नहीं पाता।और अगर एक बार हो जाए, तो इसके दोबारा होने का खतरा हमेशा बना रहता है।

    लेकिन अगर आप कुछ खास चीज़ें खाएंगे तो न सिर्फ गुर्दे की पथरी टूटकर निकलना आसान हो जाएगा, बल्कि इसके दोबारा बनने के चांसेस भी बहुत कम हो जाएंगे।

    आज हम जानेंगे —
    8 ऐसे फूड्स जो किडनी स्टोन को तोड़ते हैं और 5 ऐसे फूड्स जिन्हें खाने से किडनी स्टोन बन सकता है

    और हाँ, आखिर में जानेंगे कि —
    क्या बियर सच में किडनी स्टोन में फायदेमंद है या नुकसानदेह?

    पहले जानते हैं — किडनी स्टोन तोड़ने वाले फूड्स

    नींबू पानी (Lemon Water):
    नींबू में होता है सिट्रेट, जो कैल्शियम के साथ मिलकर स्टोन बनने से रोकता है। यह बने हुए स्टोंस को छोटे टुकड़ों में तोड़कर यूरिन के रास्ते बाहर निकालता है।
    रोज़ सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर पिएँ।

    इसमें चीनी न डालें — सिर्फ सेंधा नमक या काला नमक डाल सकते हैं।

    तुलसी का जूस (Tulsi Juice):
    आयुर्वेद में तुलसी को मूत्रविरेचक औषधि कहा गया है।
    इसमें मौजूद एसीटिक एसिड यूरिक एसिड और कैल्शियम ऑक्सिलेट जैसे मिनरल्स को तोड़ता है।
    रोज़ाना तुलसी की चाय बनाकर 15 दिन पिएँ, फिर 1 हफ्ते का ब्रेक लेकर दोबारा शुरू करें।

    अनार का रस (Pomegranate Juice):
    अनार किडनी को डिटॉक्स करता है, इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स और पोटेशियम होता है। रोज़ सुबह 11 बजे या शाम 4 बजे एक गिलास फ्रेश अनार जूस पिएँ (बिना चीनी)।

    पैक्ड जूस जैसे Real, Tropicana आदि से बचें।

    नारियल पानी (Coconut Water):
    यह एक नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक है जो शरीर को हाइड्रेट रखती है और स्टोन बनने वाले तत्वों को बाहर निकालती है।
    रोज़ सुबह या दोपहर में एक गिलास नारियल पानी पिएँ।

    दही (Curd):
    कैल्शियम के बावजूद, दही किडनी स्टोन को रोकने में मदद करता है। कैल्शियम ऑक्सिलेट को बॉडी में अवशोषित नहीं होने देता।
    रोज़ाना एक कटोरी प्लेन दही लंच या ब्रेकफास्ट में लें।

    फ्लेवर्ड या मीठा दही न खाएँ।

    जौ का पानी (Barley Water):
    जौ एक नेचुरल डायरेटिक है जो किडनी और ब्लैडर को साफ रखता है। 2 चम्मच जौ को 2 गिलास पानी में 15 मिनट उबालें और ठंडा कर के रोज़ पिएँ।

    खीरा (Cucumber):
    खीरे में 95% पानी होता है — यह यूरिन आउटपुट बढ़ाकर स्टोन फ्लश करने में मदद करता है। लंच या डिनर में रोज़ एक खीरा खाइए।

    टेबल साल्ट की जगह काला नमक और नींबू डालिए।

    फूलगोभी (Cauliflower):
    लो ऑक्सिलेट, हाई फाइबर और विटामिन C से भरपूर — यह किडनी को डिटॉक्स करती है। हफ्ते में 2-3 बार सब्ज़ी या सूप में शामिल करें।

    अब जानिए — 5 फूड्स जो किडनी स्टोन को बढ़ाते हैं

    पालक:
    ऑक्सिलेट से भरपूर — कैल्शियम के साथ मिलकर स्टोन बनाता है।

    चुकंदर:
    हाई ऑक्सिलेट फूड — स्टोन के मरीजों को बिल्कुल नहीं खाना चाहिए।

    टमाटर:
    इसके बीजों में कैल्शियम ऑक्सिलेट अधिक होता है — स्टोन बढ़ा सकते हैं।

    हाई सोडियम फूड्स:
    नमकीन, चिप्स, पापड़, अचार आदि से बचें — ये कैल्शियम यूरिन में बढ़ाते हैं।

    कोला ड्रिंक्स (Coke, Pepsi, ThumsUp):
    इनमें फॉस्फोरिक एसिड होता है जो यूरिक एसिड स्टोन का रिस्क बढ़ाता है।

    क्या बियर किडनी स्टोन में फायदेमंद है?

    कुछ लोग कहते हैं कि बियर पीने से पथरी निकल जाती है —
    लेकिन सच्चाई यह है कि बियर इलाज नहीं है!

    हाँ, यह पेशाब बढ़ा सकती है,
    पर इसमें मौजूद प्यूरिन्स और अल्कोहल शरीर को डिहाइड्रेट करते हैं।

    इससे किडनी और लीवर दोनों पर लोड पड़ता है।
    और बार-बार स्टोन बनने की संभावना और बढ़ जाती है।

    इसलिए बियर की जगह अपनाइए —
    नींबू पानी, जौ का पानी, तुलसी का जूस या नारियल पानी।

    निष्कर्ष:

    किडनी स्टोन से बचने के लिए सही डाइट ही आपकी सबसे बड़ी दवा है। प्रकृति ने हमें सब कुछ दिया है — बस जरूरत है समझदारी से चुनने की।

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  • PM Modi को पसंद है ये सब्जी,ˈ इसके सामने चिकन-मटन भी फेल, डायबिटीज-कैंसर जैसी 15 बीमारियों का करती है इलाजˌ

    PM Modi को पसंद है ये सब्जी,ˈ इसके सामने चिकन-मटन भी फेल, डायबिटीज-कैंसर जैसी 15 बीमारियों का करती है इलाजˌ

    PM Modi को पसंद है ये सब्जी,ˈ इसके सामने चिकन-मटन भी फेल, डायबिटीज-कैंसर जैसी 15 बीमारियों का करती है इलाजˌ

    वैसे तो मोदी जी को खाने में बहुत सी चीजें पसंद हैं लेकिन एक वीडियो में उन्होंने बताया कि उन्हें मोरिंगा यानी सहजन के पराठे बहुत ज्यादा पसंद हैं और हफ्ते में दो से तीन बार इनका सेवन कर करते हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 17 सितंबर को अपना 75वां जन्मदिन मना रहे हैं। 1950 में गुजरात के मेहसाणा में जन्मे प्रधानमंत्री मोदी दुनिया भर के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक बनकर उभरे हैं। मोदी अपनी फिटनेस और खानपान पर खास ध्यान देते हैं। 75 साल की उम्र में भी वह तंदुरुस्त और एक्टिव रहते हैं।

    उनकी सेहत और फिटनेस की चर्चा अक्सर होती है। उनकी इस ऊर्जा का राज उनका खानपान है। मोदी जी को हेल्दी खाना पसंद है और वे अपनी डाइट में सेहतमंद पराठा भी शामिल करते हैं। बहुत लोग यह जानने के लिए उत्सुक रहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी रोजाना क्या खाते हैं और उन्हें किस तरह का खाना पसंद है।

    वैसे तो मोदी जी को खाने में बहुत सी चीजें पसंद हैं लेकिन एक वीडियो (ref.) में उन्होंने बताया कि उन्हें मोरिंगा यानी सहजन के पराठे बहुत ज्यादा पसंद हैं और हफ्ते में दो से तीन बार इनका सेवन कर करते हैं। चलिए उनके जन्मदिन पर हम आपको सहजन की सब्जी के फायदे बताते हैं।सहजन क्या है?

    सहजन का साउथ में बहुत ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। इसकी फलियों को सूप, सांबार और सब्जी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यह एक ऐसा पेड़ है जिसमें एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। लोग इसे सदियों से भोजन और औषधीय फायदे के लिए इस्तेमाल करते आ रहे हैं। इसके फूल, फल और पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है। अगर बात करें इसमें पाए जाने पोषक तत्वों की तो यह विटामिन ए, बी1, बी2, सी, कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस का अच्छा स्रोत है।

    एडिमा और पेट की सूजन में सहायक

    एडिमा में शरीर के ऊतकों में पानी भर जाता है, जिससे सूजन आती है। एक स्टडी (ref.) में पाया गया कि सहजन के बीज का तेल लगाने से चूहों की त्वचा की सूजन कम हुई। इसके अलावा यह पेट संबंधी दिक्कतों को कम कर सकता है। इसकी पत्तियां कॉलन कैंसर से बचा सकती हैं, इसमें हल्का लैक्सेटिव असर होता है, जिससे कब्ज में फायदा मिल सकता है, यह पेट में एसिड कम करता है, जिससे अल्सर से बचाव हो सकता है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण अल्सरेटिव कोलाइटिस में भी मदद कर सकते हैं।

    लिवर के लिए बढ़िया और आर्थराइटिस से बचावसहजन नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज से बचाव में मदद कर सकता है।यह लिवर की कोशिकाओं में फैट जमा होने को कम कर सकता है। पशुओं पर हुई एक स्टडी में सहजन का अर्क सूजन कम करने में मददगार पाया गया। इससे रूमेटॉइड आर्थराइटिस से बचाव हो सकता है।

    कैंसर से बचाव और इलाज

    सहजन में नियाजिमिसिन नामक कंपाउंड होता है, जो कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोक सकता है। कुछ अध्ययनों (ref.) में यह पाया गया है कि सहजन के पत्ते, छाल और अन्य हिस्से कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने की क्षमता रखते हैं।

    दिल और दिमाग को रखता है स्वस्थ

    सहजन में क्वेरसेटिन नामक तत्व पाया जाता है जो दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है। यह कोलेस्ट्रॉल और सूजन को कम कर सकता है, जिससे हार्ट डिजीज का खतरा घटता है। सहजन के एंटीऑक्सीडेंट गुण नसों से जुड़ी बीमारियों जैसे मल्टीपल स्क्लेरोसिस, अल्ज़ाइमर, डिप्रेशन और नर्व पेन से बचाव कर सकते हैं।

    डायबिटीज में मददगार

    सहजन की पत्तियों का अर्क शुगर और इंसुलिन लेवल को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। कुछ रिसर्च में पाया गया कि यह अंगों को नुकसान से भी बचा सकता है। हालांकि हाल की एक स्टडी में 40 डायबिटीज मरीजों पर इसका असर बहुत मामूली पाया गया।

    और भी हैं कई फायदे

    सहजन में मौजूद तत्व दमा, सांस की नलियों के सिकुड़ने और एयरवे में सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी सहायक हो सकता है। सहजन में बीटा कैरोटीन पाया जाता है, जो आंखों की सेहत के लिए जरूरी है और आंखों की बीमारियों से बचाव कर सकता है। दुनिया के कई हिस्सों में सहजन का इस्तेमाल एनीमिया (खून की कमी) और सिकल सेल डिजीज के इलाज में भी किया जाता है।

    डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। एनबीटी इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है।

  • 15 दिन चूना खाने के फायदे जानकरˈ रह जाएंगे हैरान – 12 रोग होंगे जड़ से खत्मˌ

    15 दिन चूना खाने के फायदे जानकरˈ रह जाएंगे हैरान – 12 रोग होंगे जड़ से खत्मˌ

    15 दिन चूना खाने के फायदे जानकरˈ रह जाएंगे हैरान – 12 रोग होंगे जड़ से खत्मˌ

    चुना, जिसे हम आमतौर पर नीम के साथ खाने में इस्तेमाल करते हैं, कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। हालांकि, यह सामान्यत: खाना पकाने और विभिन्न घरेलू कार्यों में उपयोग किया जाता है, लेकिन चूने के स्वास्थ्य लाभ को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

    आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में चूने का महत्वपूर्ण स्थान है। यह कई रोगों को जड़ से ख़त्म करने में सहायक हो सकता है। यदि आप 15 दिन तक नियमित रूप से चूना खाते हैं, तो इसके कई फायदे हो सकते हैं।

    चूना खाने के 12 प्रमुख फायदे:

    1. पाचन क्रिया में सुधार: चूना खाने से पाचन तंत्र को मजबूती मिलती है। यह कब्ज, एसिडिटी और गैस्ट्रिक समस्याओं को दूर करने में सहायक है।
    2. हड्डियों की सेहत: चूना कैल्शियम का एक अच्छा स्रोत है, जो हड्डियों की मजबूती के लिए आवश्यक होता है। यह हड्डियों में घनत्व बढ़ाने और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों से बचाव में मदद करता है।
    3. दिल के रोगों से बचाव: चूने में पोटेशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम होते हैं, जो दिल के स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक होते हैं और रक्तदाब को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
    4. वजन घटाने में सहायक: चूना शरीर के मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और शरीर से अतिरिक्त वसा को कम करने में मदद करता है, जिससे वजन घटाने में सहायता मिलती है।
    5. त्वचा की समस्याओं का समाधान: चूना त्वचा को साफ करने और कील-मुंहासों को दूर करने में मदद करता है। इसके उपयोग से चेहरे की चमक भी बढ़ती है।
    6. शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालना: चूना शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। यह रक्त को शुद्ध करने और शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ाने में सहायक होता है।
    7. खून की कमी (एनीमिया) को दूर करना: चूना खाने से खून में आयरन का स्तर बढ़ता है, जिससे एनीमिया से बचाव हो सकता है।
    8. माइग्रेन और सिरदर्द में राहत: यदि किसी व्यक्ति को लगातार सिरदर्द या माइग्रेन की समस्या है, तो चूना खाने से यह समस्या कुछ हद तक कम हो सकती है।
    9. पेशाब की समस्या में राहत: चूना मूत्रमार्ग को साफ करने में मदद करता है और यूरिन इंफेक्शन को कम करने में सहायक होता है।
    10. रक्तदाब को नियंत्रित करना: चूना खाने से रक्तदाब नियंत्रित रहता है और उच्च रक्तदाब (हाइपरटेंशन) से बचाव होता है।
    11. विटामिन D की कमी को पूरा करना: चूना शरीर में विटामिन D के अवशोषण में मदद करता है, जो हड्डियों और इम्यून सिस्टम के लिए जरूरी है।
    12. जोड़ों के दर्द में राहत: चूना, जो कैल्शियम और मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत है, जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद करता है और गठिया जैसी समस्याओं को नियंत्रित करता है।

    नोट:

    • चूना खाने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आप शुद्ध और खाद्य योग्य चूना खा रहे हैं।
    • इसे अधिक मात्रा में न खाएं, क्योंकि अत्यधिक चूना खाने से पेट में जलन या अन्य समस्याएं हो सकती हैं।
    • यदि आपको किसी भी प्रकार की एलर्जी या दवा की समस्या है, तो डॉक्टर से सलाह लें।

    निष्कर्ष:
    चूना एक सस्ता और आसान उपाय है, जो हमारे स्वास्थ्य को कई तरीकों से फायदा पहुंचा सकता है। 15 दिन तक चूना खाने से शरीर में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। इसलिए, इस प्राकृतिक उपचार का सही तरीके से उपयोग करें और स्वास्थ्य को बेहतर बनाएं।