Author: me.sumitji@gmail.com

  • शराब नहीं, ये 5 ज़हर चुपचाप करˈ रहे हैं. लिवर को बर्बाद – नंबर 3 तो हर घर में है!!ˌ

    शराब नहीं, ये 5 ज़हर चुपचाप करˈ रहे हैं. लिवर को बर्बाद – नंबर 3 तो हर घर में है!!ˌ

    शराब नहीं, ये 5 ज़हर चुपचाप करˈ रहे हैं. लिवर को बर्बाद – नंबर 3 तो हर घर में है!!ˌ

    आपका शीर्षक काफी चौंकाने वाला और आकर्षक है! “शराब छोड़िए, लिवर की लंका लगा देती हैं ये 5 चीजें…” — यह दर्शाता है कि शराब से भी ज्यादा नुकसानदायक कुछ आम चीजें हो सकती हैं जो लिवर को बुरी तरह प्रभावित करती हैं।यहाँ 5 ऐसी चीजें दी जा रही हैं जो लिवर के लिए बेहद ज़हरीली हो सकती हैं — और जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं:


    1. **ज्यादा मात्रा में पेनकिलर दवाएं (जैसे पैरासिटामोल / Acetaminophen)

    खतरा क्यों: ज़रूरत से ज्यादा लेने पर यह लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।

    लक्षण: थकान, उल्टी, पीलिया

    टिप: डॉक्टर की सलाह के बिना डोज़ न लें।
    2. अत्यधिक चीनी और हाई-फ्रुक्टोज वाले फूड्स

    खतरा क्यों: यह फैटी लिवर (NAFLD) का कारण बन सकता है, जो लिवर सिरोसिस तक पहुंच सकता है।

    शामिल चीजें: सॉफ्ट ड्रिंक्स, कैंडी, केक, पैकेज्ड जूस
    3. प्रोसेस्ड और जंक फूड

    खतरा क्यों: इनमें ट्रांस फैट्स और हाई सैचुरेटेड फैट्स होते हैं, जो लिवर पर अतिरिक्त बोझ डालते हैं।

    नतीजा: लिवर की सूजन और चर्बी जमा होना
    4. अनुचित सप्लीमेंट्स और हर्बल दवाएं

    खतरा क्यों: बहुत से “नेचुरल” या बॉडीबिल्डिंग सप्लीमेंट्स में लिवर-टॉक्सिक तत्व होते हैं।

    विशेष ध्यान: खासकर स्टेरॉयड्स, या बिना प्रमाणिकता के आयुर्वेदिक दवाएं
    5. वायरल संक्रमण (जैसे हेपेटाइटिस बी/सी) को नजरअंदाज़ करना

    खतरा क्यों: समय रहते इलाज न होने पर यह लिवर को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा सकते हैं।

    बचाव: टीकाकरण, साफ-सुथरे खाने और ब्लड/नीडल्स से सावधानी
    निष्कर्ष:

    शराब निश्चित रूप से लिवर के लिए घातक है, लेकिन अगर आप ऊपर दी गई चीजों को लगातार नजरअंदाज़ कर रहे हैं, तो लिवर को उतना ही, बल्कि उससे भी ज्यादा नुकसान हो सकता है।

    अपने लिवर का ख्याल रखें — और ज़हर सिर्फ गिलास में नहीं, प्लेट और दवा की शीशी में भी हो सकता है!

  • आखिर युद्ध से पहले क्या पीते थेˈ देव-देवता? इंद्र को पसंद था ये खास रस, यूं होता था तैयारˌ

    आखिर युद्ध से पहले क्या पीते थेˈ देव-देवता? इंद्र को पसंद था ये खास रस, यूं होता था तैयारˌ

    आखिर युद्ध से पहले क्या पीते थेˈ देव-देवता? इंद्र को पसंद था ये खास रस, यूं होता था तैयारˌ

    आज के दौर में शराब के सैकड़ों ब्रांड्स हैं– स्कॉच, वोडका, वाइन, बियर. लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि जब देवताओं का युग था. स्वर्ग में इंद्र, अग्नि, वरुण बैठते थे, तो वो क्या पीते थे? सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है, जो वेदों, पुराणों और महाभारत से जानकारी निकाल कर लोगों के सामने इस राज को खोलती नजर आई.

    प्राचीन काल में दो तरह के ड्रिंक्स सर्व किए जाते थे. एक था सोम और दूसरा सुरा. देवताओं की शराब का नाम था सोम. इंद्र देव को तो सबसे अधिक सोमरस पसंद था. वेदों के मुताबिक, जब इंद्र देव या कोई और देवता युद्ध पर जाते थे तो उससे पहले सोमरस पीते थे. माना जाता था कि इससे उन्हें अपार ताकत और बल मिलता था. आइए बताते हैं उस दौर में सर्व की जाने वाली फेवरिट ब्रांड और उसकी रेसिपी.

    दो ड्रिंक्स थे ख़ास
    उस दौर में दो मुख्य ड्रिंक्स थे: सोम और सुरा. सोम को लोग शराब समझते हैं, लेकिन ये गलत है. ऋग्वेद में सोम को “दिव्य रस” कहा गया है. ये कोई नशा नहीं, बल्कि एक साइकोएक्टिव जड़ी-बूटी का रस था. वैज्ञानिक मानते हैं कि ये एफेड्रा, सरकोस्टेमा या मशरूम जैसी प्लांट से बनता था. इसे पीने से चेतना बढ़ती थी. युद्ध से पहले देवता पावर फील करते थे. इंद्र सबसे ज्यादा सोमरस पीते थे. ऋग्वेद में 250 से ज्यादा सूक्त सोम को समर्पित है. सोम यज्ञ में चढ़ाया जाता था और फिल्टर करके पिया जाता था. लेकिन ये अल्कोहल नहीं था बल्कि एक तरह का “दिव्य एनर्जी ड्रिंक” था.

    ये थी असली शराब
    अब बात करते हैं असली शराब यानी सुरा की. ये थी फर्मेंटेड ड्रिंक, अल्कोहल वाली. वेदों में साफ जिक्र है कि जौ (बार्ले), चावल, गन्ना, फूल या फल से इसे बनाया जाता था. इसे बनाने की विधि आज के बियर से काफी मिलती है. अनाज को उबालो, खमीर (yeast) डालो, 7-15 दिन फर्मेंट होने दो. इसमें अल्कोहल कंटेंट 5-15% तक होता था. महाभारत में पांडवों के यज्ञ में सुरा का जिक्र है. कौरवों की सभा में भी इसे पीया जाता था. योद्धा युद्ध से पहले इसे पीते थे ताकि उनमें हिम्मत बढ़े. लेकिन देवता सोम पीते थे.

    नोट: जानकारी पौराणिक मान्यताओं पर आधारित है. हम इसकी पुष्टि नहीं करते।

  • जिस आवाज से Industry थर्राती थी उसेˈ एक हीरो ने मार दिया ऐसा थप्पड़ कि आंख हो गई खराबˌ

    जिस आवाज से Industry थर्राती थी उसेˈ एक हीरो ने मार दिया ऐसा थप्पड़ कि आंख हो गई खराबˌ

    जिस आवाज से Industry थर्राती थी उसेˈ एक हीरो ने मार दिया ऐसा थप्पड़ कि आंख हो गई खराबˌ

    Industry: बॉलीवुड इंडस्ट्री (Industry) हो या टीवी इंडस्ट्री, यहां हर कलाकार का अपना अलग व्यवहार होता है. कुछ लोग गुस्से वाले होते हैं और कुछ नरम होते हैं. जब भी कोई फिल्मी दुनिया में कदम रखता है तो उसका पहला सपना मुख्य अभिनेता या मुख्य अभिनेत्री बनना होता है.

    लेकिन कभी-कभी कुछ लोगों के साथ ऐसी घटनाएं घट जाती हैं कि वो उसे पूरी जिंदगी नहीं भूल पाते, ऐसा ही कुछ इस अभिनेत्री के साथ हुआ, तो चलिए आगे जानते हैं कौन है वो अभिनेत्री जिसकी वजह से पूरी इंडस्ट्री कांप उठी, इस हीरो ने उसे इतनी जोर से थप्पड़ मारा कि उसकी आंखे खराब हो गईं?

    इस एक्ट्रेस से कांपते थे लोगLalita Pawar

    आपको बता दें कि यह कोई और अभिनेत्री नहीं बल्कि मशहूर अभिनेत्री ललिता पवार हैं. ललिता पवार ने महज 9 साल की उम्र में फिल्म इंडस्ट्री (Industry) में काम करना शुरू कर दिया था. उन्होंने 100, 200 नहीं बल्कि 700 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है. उनकी गिनती बॉलीवुड की क्लासिक अभिनेत्रियों में होती है. आज भी उनकी फिल्में देखने के बाद कई लोग उनसे नफरत करने लगते हैं और सोचते हैं कि वह कितनी बुरी सास हैं.

    बड़े पर्दे पर रिश्तों को नकारात्मक तरीके से पेश करना हर किसी के बस की बात नहीं होती, लेकिन ललिता पवार को अपनी पहचान एक क्रूर सास के रूप में मिली. खलनायिका का किरदार निभाने के पीछे एक बेहद दर्दनाक कहानी है.

    इस हीरो ने मारा थप्पड़Bollywood Actor Bhagwan Dada

    दरअसल, फिल्म जंग-ए-आजादी 1942 में रिलीज हुई थी, ललिता पवार भी इस फिल्म का हिस्सा थीं. उस समय के सुपरस्टार भगवान दादा भी इस फिल्म का हिस्सा थे. फिल्म के एक सीन में भगवान दादा को ललिता पवार को थप्पड़ मारना था, लेकिन उस थप्पड़ की वजह से एक्ट्रेस का बड़ा सपना टूट गया. हुआ ये कि भगवान दादा ने ललिता पवार को इतनी जोर से थप्पड़ मारा कि उनकी आंख की नस फट गई।

    पूरा करियर हुआ बर्बादActress Lalita Pawar

    इतना ही नहीं इस थप्पड़ की वजह से उनके कान का पर्दा भी फट गया. इस घटना के बाद एक्ट्रेस को तुरंत इलाज के लिए ले जाया गया, लेकिन उसमें भी दिक्कत आ गई. जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई और उनके शरीर का एक हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया.

    हालांकि, लंबे ब्रेक के बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री (Industry) में वापसी की, लेकिन उस चोट की वजह से उनका चेहरा खराब हो गया था। उन्हें फिल्मों में साइड रोल मिले। हालांकि, वह रामानंद सागर की रामायण से चर्चा में आईं, जिसमें उन्होंने मंथरा का किरदार निभाया था।

  • पत्नी के खौफनाक कारनामों से सहमा पति,ˈ हर हरकत से बढ़ता गया डर, आखिरकार थाने पहुंचकर बोला— साहब मुझे बचा लीजिए

    पत्नी के खौफनाक कारनामों से सहमा पति,ˈ हर हरकत से बढ़ता गया डर, आखिरकार थाने पहुंचकर बोला— साहब मुझे बचा लीजिए

    पत्नी के खौफनाक कारनामों से सहमा पति,ˈ हर हरकत से बढ़ता गया डर, आखिरकार थाने पहुंचकर बोला— साहब मुझे बचा लीजिए

    उत्तर प्रदेश से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों की मर्यादा और भरोसे पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यहां एक गांव में रहने वाला पति उस वक्त सन्न रह गया, जब उसने अपनी पत्नी को घर के अंदर उसके प्रेमी के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया।

    बताया जा रहा है कि महिला का लंबे समय से बगल के गांव में रहने वाले एक सफाई कर्मी से अवैध संबंध था। पति को इस रिश्ते की भनक नहीं थी। आरोप है कि प्रेमी कई दिनों से घर आता-जाता था और पति की गैरमौजूदगी में पत्नी के साथ समय बिताता था।

    घटना वाले दिन जैसे ही पति अचानक घर पहुंचा, उसने कमरे के अंदर जो नजारा देखा, उसे देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। पत्नी अपने प्रेमी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में थी। पति ने जब इस पर विरोध किया तो मामला और ज्यादा गंभीर हो गया।

    आरोप है कि पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की बुरी तरह पिटाई कर दी। यही नहीं, दोनों ने मिलकर उसे जान से मरवाने की धमकी दी और घर से बाहर निकाल दिया। पीड़ित पति का कहना है कि वह अपनी जान को लेकर बेहद डरा हुआ है और उसे डर है कि पत्नी और उसका प्रेमी मिलकर उसकी हत्या करा सकते हैं।

    पीड़ित ने पुलिस को दी गई शिकायत में साफ तौर पर कहा है कि
    साहब, मुझे बचा लीजिए… मेरी पत्नी और उसका प्रेमी मुझे मार डालेंगे।

    पति का यह भी आरोप है कि पत्नी अब पूरी तरह अपने प्रेमी के साथ रह रही है और उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं। घर से निकाले जाने के बाद से वह दर-दर भटकने को मजबूर है और मानसिक रूप से भी काफी टूट चुका है।

    फिलहाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत दर्ज कर ली है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • हाथ पैर कंपकंपाते हैं? तो आपको होˈ गया है पार्किंसन रोग। इसका सबसे आसान घरेलू उपायˌ

    हाथ पैर कंपकंपाते हैं? तो आपको होˈ गया है पार्किंसन रोग। इसका सबसे आसान घरेलू उपायˌ

    हाथ पैर कंपकंपाते हैं? तो आपको होˈ गया है पार्किंसन रोग। इसका सबसे आसान घरेलू उपायˌ
    • पार्किंसन रोग (Parkinson’s disease or PD) में शरीर में कंपन होता है। रोगी के हाथ-पैर कंपकंपाने लगते हैं। पूरे विश्व विश्व में पार्किंसन रोगियों की संख्या 60 लाख से ज़्यादा है, अकेले अमेरिका में इस रोग से प्रभावित लोगों की संख्या लगभग दस लाख है।
    • आमतौर पर यह बीमारी 50 वर्ष की उम्र के बाद होती है। वृद्धावस्था में भी हाथ-पैर हिलने लगते हैं, लेकिन यह पता कर पाना कि यह पार्किंसन है या उम्र का असर, सामान्य व्यक्ति के लिए मुश्किल है। पार्किंसन यदि है तो शरीर की सक्रियता कम हो जाती हैं, मस्तिष्क ठीक ढंग से काम नहीं करता है।
    • यह बीमारी होती इसीलिए है कि मस्तिष्क में बहुत गहरे केंद्रीय भाग में स्थित सेल्स डैमेज हो जाते हैं। दिमाग़ के ख़ास हिस्से बैसल गैंग्लिया ( Basal ganglia disease) में स्ट्रायटोनायग्रल नामक सेल्स होते हैं। सब्सटेंशिया निग्रा ( Substantia nigra ) की न्यूरान कोशिकाओं की क्षति होने से उनकी संख्या कम होने लगती है। आकार छोटा हो जाता है। स्ट्राएटम तथा सब्सटेंशिया निग्रा नामक हिस्सों में स्थित इन न्यूरान कोशिकाओं द्वारा रिसने वाले रासायनिक पदार्थों (न्यूरोट्रांसमिटर) का आपसी संतुलन बिगड़ जाता है। इस वजह से शरीर का भी संतुलन बिगड़ जाता है।
    • कुछ शोधों के आधार पर कहा जा सकता है कि यह बीमारी वंशानुगत भी हो सकती है। इस रोग को ख़त्म करने वाली दवाइयां अभी उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन दवाइयों से इसकी रोकथाम संभव है। इस बीमारी के लिए एम्स में अब डीप ब्रेन स्टिम्युलेशन सर्जरी (Deep brain stimulation surgery, AIIMS, India) होने लगी है।
    • पार्किंसन रोग में पूरा शरीर ख़ासतौर से हाथ-पैर तेज़ी से कंपकंपाने लगते हैं। कभी कंपन ख़त्म हो जाता है, लेकिन जब भी रोगी व्यक्ति कुछ लिखने या कोई काम करने बैठेगा तो पुन: हाथ कांपने लगते हैं। भोजन करने में भी दिक्कत होती है। कभी-कभी रोगी के जबड़े, जीभ व आंखे भी कंपकंपाने लगती हैं। इसमें शारीरिक संतुलन बिगड़ जाता है। चलने-फिरने में दिक्कत होने लगती है। रोगी सीधा नहीं खड़ा हो पाता। कप या गिलास हाथ में पकड़ नहीं पाता। ठीक से बोल नहीं पाता, हकलाने लगता है। चेहरा भाव शून्य हो जाता है। बैठे हैं तो उठने में दिक्कत होती है। चलने में बाँहों की गतिशीलता नहीं दिखती, वे स्थिर बनी रहती हैं।
    • जब यह रोग बढ़ता है तो नींद नहीं आती है, वज़न गिरने लगता है, सांस लेने में तकलीफ़, कब्ज़, रुक-रुक कर पेशाब होना, चक्कर आना, आंखों के आगे अंधेरा छा जाना व सेक्स में कमी जैसी कई समस्याएं घेर लेती हैं। साथ ही मांसपेशियों में तनाव व कड़ापन, हाथ-पैरों में जकड़न होने लगती है, ऐसी अवस्था में किसी योग्य चिकित्सा से परामर्श लेना ज़रूरी होता है।
    • अधिक सोचने, नकारात्मक सोच व मानसिक तनाव इसका प्रमुख कारण है। दिमाग़ में चोट, नींद की दवाइयों, नशीली दवाइयों व तनाव कम करने वाली दवाइयों का ज़्यादा प्रयोग, विटामिन ई की कमी, ज़्यादा धूम्रपान, तंबाकू, शराब व फ़ास्ट फ़ूड का सेवन करने से भी पार्किंसन हो सकता है। प्रदूषण भी इसका एक कारण है। मस्तिष्क तक जाने वाली रक्त वाहिनी नलियों का अवरुद्ध होना व मैंगनीज़ की विषाक्तता भी इसका एक कारण है।
    • – 4-5 दिन नियमित पानी में नींबू का रस मिलाकर पियें। नारियल का पानी भी इसमें बहुत लाभकारी है।
    • – नियमित दस दिन तक बिना पका हुआ भोजन करें और फलों तथा सब्ज़ियों का जूस पियें तो कुछ ही दिन में यह बीमारी दूर भाग जाती है।
    • – पार्किंसन रोग में सोयाबीन को दूध में मिलाकर पिया जा सकता है। तिल के साथ दूध व बकरी के दूध के सेवन से इस रोग में काफ़ी आराम मिलता है।
    • – हरी पत्तेदार सब्ज़ियों का सलाद खाएं।
    • – विटामिन ई वाले खाद्य पदार्थों से ज़्यादा सेवन करें।
    • – प्रतिदिन कुछ हल्के व्यायाम ज़रूर करें।
    • – विचारों को सकारात्मक रखें और ख़ुश रहें।
    • – धूप का सेवन करें ताकि विटामिन डी मिल सके।
    • पार्किंसन के रोगी को कॉफ़ी, चाय, नशीली चीज़ें, नमक, चीनी, डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों से परहेज़ करना चाहिए। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार कॉफ़ी पीने वालों में इस बीमारी के होने की आशंका 14 प्रतिशत कम हो जाती है। लेकिन बीमारी हो जाने पर कॉफ़ी से परहेज़ करना चाहिए।
  • राजा बोला ‘सभी बुजुर्गों को राज्य सेˈ निकाल दो युवक ने पिता को तहखाने में छिपा लिया फिर..ˌ

    राजा बोला ‘सभी बुजुर्गों को राज्य सेˈ निकाल दो युवक ने पिता को तहखाने में छिपा लिया फिर..ˌ

    बहुत समय पहले की बात है। एक दूर दराज के राज्य में एक सनकी राजा रहता था। वह आए दिन अपने राज्य में अजीबो गरीब निर्णय लेता रहता था। एक दिन उसके दिमाग में आया कि मेरे राज्य में बहुत से बूढ़े लोग हैं। इन बूढ़े लोगों का मेरे राज्य में क्या काम? ये लोग न तो सेना में शामिल हो सकते हैं और न ही राज्य कि भलाई में कुछ योगदान दे सकते हैं। ये अक्सर बीमार होते हैं और राज्य पर बस बोझ बनकर रहते हैं।

    राजा ने बूढ़े लोगों को राज्य से निकाल दिया

    राजा बोला ‘सभी बुजुर्गों को राज्य सेˈ निकाल दो युवक ने पिता को तहखाने में छिपा लिया फिर..ˌ

    अब कई दिन बीतते गए। राजा को अपने राज्य के बुजुर्ग खटकने लगे। फिर उसने आदेश निकाल दिया कि राज्य में जीतने भी बुजुर्ग हैं उन्हें राज्य छोड़ जाना होगा। राजा ने इस आदेश का सख्ती से पालन करवाया। नतीजा ये हुआ कि राज्य के सभी बुजुर्ग चले गए। हालांकि एक युवक को अपने पिता से बहुत प्रेम था। ऐसे में उसने तहखाने में अपने बूढ़े बाप को छिपा दिया। वह चोरी चुपके उनकी सेवा करने लगा।

    कुछ साल यूं ही बीत गए। फिर राज्य में भयंकर अकाल आ गया। लोगों के पास खाने को कुछ नहीं था। बर्फ के पिघलने का टाइम आ आगया। लेकिन राज्य में किसी के पास बुआई करने को एक डाना नहीं था। लोगों के भूखे रहने की नौबत आने वाली थी। बुद्धिमान और अनुभवी बुजुर्गों के अभाव में राज्य में किसी को इस मुसीबत से बाहर निकलने का रास्ता भी नहीं मिल रहा था।

    हालांकि राज्य में एक बुजुर्ग तहखाने में छिपा हुआ था। उसने अपने बेटे को मुसीबत में देख काम की सलाह दी। उसने कहा कि तुम बस सड़क के किनारे हल चला दो। तुम्हारा काम बन जाएगा। बेटे ने बाकी लोगों को ऐसा करने को कहा। लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। बल्कि मजाक उड़ाया। फिर बेटे ने खुद ही सड़क किनारे जितना उससे हो सका उतना हल जोत दिया।

    कुछ समय बाद बर्फ पिघल गई और जहां हल चलाए थे वहाँ पौधे उग आए। ये बात पूरे राज्य में फैल गई। राजा भी इससे प्रभावित हुआ और युवक को अपने दरबार बुलाया। उसने पूछा कि तुमने ऐसा कैसे किया? इस पर उसने अपने पिता की बात बता दी। फिर राजा ने बुजुर्ग बाप को बुलाया। उसने बताया कि ‘किसान जब भी गाड़ी में अनाज घर ले जाते थे तो सड़क किनारे कुछ बीज गिर जाते थे।’

    राजा को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसे समझ आया कि राज्य में अनुभवी बुजुर्गों का होना कितना जरूरी है। फिर उसने सभी बुजुर्गों को राज्य वापस बुलाया लिया।

    कहानी की सीख

    लाइफ में बड़े बुजुर्गों की मौजूदगी बहुत जरूरी है। आजकल लोग घर के बड़ों का सम्मान नहीं करते हैं। उनकी सलाह नहीं मानते हैं। उनका अपमान करते हैं। जबकि ये गलत है। वे आपके घर सबसे अनुभवी हैं। उनकी सलाह से आपका लाभ ही होगा।

  • रात को किया छोटी सी इलायची काˈ ये प्रयोग फिर गुप्त रोगों में दिखा चौंकाने वाला असर, इस देसी आदत को लेकर तेजी से बढ़ रही चर्चा

    रात को किया छोटी सी इलायची काˈ ये प्रयोग फिर गुप्त रोगों में दिखा चौंकाने वाला असर, इस देसी आदत को लेकर तेजी से बढ़ रही चर्चा

    रात को किया छोटी सी इलायची काˈ ये प्रयोग फिर गुप्त रोगों में दिखा चौंकाने वाला असर, इस देसी आदत को लेकर तेजी से बढ़ रही चर्चा

    आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी तुरंत दवाइयों पर निर्भर हो जाते हैं, जबकि हमारी रसोई में ही कई ऐसे प्राकृतिक उपाय मौजूद हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बना सकते हैं। इलायची भी उन्हीं में से एक है। आमतौर पर इसे सिर्फ स्वाद और खुशबू के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसके औषधीय गुण इसे खास बनाते हैं। हाल के दिनों में इलायची से जुड़े कुछ घरेलू प्रयोग फिर से चर्चा में हैं, खासकर रात में सेवन से जुड़े उपायों को लेकर।

    इलायची एक सुगंधित मसाला है, जो भारत समेत कई एशियाई देशों में पाया जाता है। यह मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है—हरी इलायची और काली इलायची। हरी इलायची का स्वाद हल्का मीठा और खुशबूदार होता है, इसलिए इसे चाय, मिठाइयों और पूजा-पाठ में ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। वहीं काली इलायची का स्वाद थोड़ा तीखा और धुएं जैसा होता है, जिसका उपयोग खासकर मसालेदार व्यंजनों में किया जाता है। दोनों ही प्रकार अपनी-अपनी जगह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं।

    अगर सेहत की बात करें तो इलायची का सबसे बड़ा फायदा पाचन तंत्र पर देखा जाता है। जिन लोगों को गैस, अपच या एसिडिटी की समस्या रहती है, उनके लिए इलायची का सीमित सेवन राहत दे सकता है। यह पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करने में मदद करती है, जिससे खाना बेहतर तरीके से पचता है और पेट हल्का महसूस होता है। इसी कारण कई लोग इसे खाने के बाद चबाना पसंद करते हैं।

    इलायची सांस और फेफड़ों के लिए भी उपयोगी मानी जाती है। इसकी तासीर शरीर को गर्माहट देती है, जिससे सर्दी-खांसी या हल्की सांस संबंधी समस्याओं में राहत मिल सकती है। साथ ही इसकी खुशबू मुंह की दुर्गंध को दूर करने में भी मदद करती है, इसलिए इसे प्राकृतिक माउथ फ्रेशनर भी कहा जाता है।

    कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि इलायची में मौजूद मिनरल्स जैसे पोटैशियम और मैग्नीशियम रक्त संचार को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। इससे ब्लड प्रेशर संतुलित रखने में सहायक प्रभाव देखा जा सकता है। हालांकि इसे किसी इलाज का विकल्प नहीं बल्कि एक सहायक तत्व के रूप में ही देखना चाहिए।

    आयुर्वेद में इलायची को त्रिदोष संतुलित करने वाली औषधि माना गया है। यानी यह शरीर के वात, पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुलित रखने में मदद कर सकती है। इसकी खुशबू मन को शांत करने और तनाव कम करने में भी सहायक मानी जाती है। यही कारण है कि कुछ लोग इसे मानसिक ताजगी और मूड सुधार से भी जोड़कर देखते हैं।

    पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए इलायची फायदेमंद मानी जाती है। पुरुषों में यह शरीर की ऊर्जा और ताजगी बनाए रखने में मदद कर सकती है, जबकि महिलाओं में पाचन और हल्की थकान जैसी समस्याओं में राहत दे सकती है। हालांकि इसे किसी विशेष बीमारी के इलाज के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

    जहां तक रात में इलायची के सेवन की बात है, कुछ लोग सोने से पहले 1–2 इलायची लेने की सलाह देते हैं, ताकि शरीर को आराम के दौरान इसका असर मिल सके। लेकिन यह जरूरी है कि इसका सेवन सीमित मात्रा में ही किया जाए, क्योंकि अधिक मात्रा में लेने से उल्टा असर भी हो सकता है।

    अंत में यही कहा जा सकता है कि इलायची एक साधारण मसाला होते हुए भी कई गुणों से भरपूर है। इसे अपनी रोजमर्रा की डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसे चमत्कारी उपाय मानकर ज्यादा उम्मीदें रखना सही नहीं है। संतुलित आहार, अच्छी दिनचर्या और सही जानकारी के साथ ही इसका सही लाभ मिल सकता है।

  • दिल्ली का वो ‘जादुई’ बाजार, जहां किलो के भाव मेंˈ मिलते हैं Zara-H&M जैसे ब्रांडेड कपड़ेˌ

    दिल्ली का वो ‘जादुई’ बाजार, जहां किलो के भाव मेंˈ मिलते हैं Zara-H&M जैसे ब्रांडेड कपड़ेˌ

    दिल्ली का वो ‘जादुई’ बाजार, जहां किलो के भाव मेंˈ मिलते हैं Zara-H&M जैसे ब्रांडेड कपड़ेˌ

    “सरोजिनी के कपड़े बड़ी सस्ती पहनती हो…” – दिल्ली वालों के लिए यह लाइन किसी ताने से कम और कॉम्प्लिमेंट से ज्यादा है। दिल्ली को अगर फैशन की राजधानी कहा जाता है, तो उसकी वजह यहां के महंगे-महंगे मॉल नहीं, बल्कि वो सस्ते और लाजवाब बाजार हैं, जहां आपको एक से बढ़कर एक ट्रेंडी और स्टाइलिश कपड़े मिल जाते हैं।

    लेकिन, क्या हो अगर आपको यह पता चले कि दिल्ली में कुछ बाजार ऐसे भी हैं जहां कपड़े ‘पीस’ (piece) के हिसाब से नहीं, बल्कि किलो (Kilo) के भाव में मिलते हैं! जी हां, आपने बिल्कुल सही सुना। बिल्कुल वैसे ही जैसे आप सब्जी या फल खरीदते हैं, वैसे ही आप यहां ज़ारा (Zara), H&M, और फॉरएवर 21 जैसे बड़े-बड़े ब्रांड्स के कपड़े तौल कर खरीद सकते हैं।

    यहां एक जैकेट या जींस आपको सिर्फ 200-300 रुपये में पड़ सकती है! तो चलिए, जानते हैं दिल्ली के इन गुप्त खजानों के बारे में।

    कहां हैं ये ‘किलो मार्केट’?

    दिल्ली में कई जगहों पर कपड़ों के ये अनोखे बाजार लगते हैं, लेकिन दो सबसे मशहूर ठिकाने ये हैं:

    1. अशोक विहार, शाहदरा (Ashok Vihar, Shahdara): यह दिल्ली के सबसे पुराने और मशहूर किलो बाजारों में से एक है। यहां आपको एक्सपोर्ट सरप्लस (export surplus) माल का ढेर मिल जाएगा। स्वेटर, जैकेट्स, डेनिम, टी-शर्ट्स, बच्चों के कपड़े… यहां क्या नहीं मिलता! बस आपको ढेर में से अपने लिए सही ‘हीरा’ ढूंढने का हुनर आना चाहिए।
    2. पानीपत (दिल्ली-NCR के पास): हालांकि यह तकनीकी रूप से दिल्ली में नहीं है, लेकिन कोई भी दिल्ली वाला जो ‘किलो शॉपिंग’ का शौकीन है, वह पानीपत जरूर जाता है। इसे ‘कास्ट-ऑफ कैपिटल’ भी कहा जाता है, जहां आपको दुनिया भर के ब्रांड्स के वो कपड़े मिलेंगे जो हल्के से डिफेक्ट की वजह से रिजेक्ट हो जाते हैं।

    कैसे काम करता है यह बाजार?

    • यहां कपड़े बड़े-बड़े ढेरों में पड़े होते हैं।
    • आप अपनी पसंद के कपड़े उठाते हैं और उन्हें एक थैले में डालते हैं।
    • काउंटर पर जाकर, आपके थैले को वजन करने वाली मशीन पर रखा जाता है।
    • कीमत वजन के हिसाब से तय होती है, जैसे 200 रुपये किलो या 300 रुपये किलो।

    खरीदारी से पहले इन बातों का रखें ध्यान:

    • सब्र है सबसे जरूरी: यहां आपको शॉपिंग के लिए काफी वक्त और सब्र लेकर जाना होगा। अच्छे कपड़े ढूंढने में मेहनत लगती है।
    • कपड़ों को अच्छी तरह चेक करें: यह एक्सपोर्ट का माल होता है, इसलिए किसी कपड़े में कोई छोटा-मोटा दाग, कटा हुआ, या बटन टूटा हुआ हो सकता है। खरीदने से पहले अच्छी तरह जांच लें।
    • ट्रायल रूम की उम्मीद न करें: इन बाजारों में ट्रायल रूम की सुविधा नहीं होती, इसलिए अपने साइज का अंदाजा पहले से ही रखें।

    यह बाजार उन सभी लोगों के लिए एक जन्नत है जो कम बजट में ब्रांडेड और स्टाइलिश दिखना चाहते हैं। तो अगली बार जब आपका शॉपिंग का मन करे, तो मॉल को छोड़कर दिल्ली के इन अनोखे किलो बाजारों का चक्कर जरूर लगाएं। क्या पता, आपको भी अपने लिए कोई खजाना मिल जाए!

  • Loan Default होने पर बैंक नहीं करˈ सकेंगे मनमानी हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसलाˌ

    Loan Default होने पर बैंक नहीं करˈ सकेंगे मनमानी हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसलाˌ

    loan Update : अधिकतर लोग जरूरत के समय में लोन का सहारा लेते हैं। जिसके बाद कई परिस्थितियों के चलते उनके लिए लोन का भुगतान कर पाना मुश्किल हो जाता है। अक्सर देखा जाता है कि लोन का भुगतान न करने पर बैंक द्वारा मनमानी की जाती है। हाल ही में कोर्ट में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। आइए जानते हैं हाईकोर्ट ने इस परिस्थिति को देखते हुए क्या फैसला सुनाया है।

    Loan Default होने पर बैंक नहीं करˈ सकेंगे मनमानी हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसलाˌ

    (high court news) कई बार लोग मुश्किल परिस्थिति में लोन लेते हैं जिसके बाद कई कारणों की वजह से उनके लिए लोन का भुगतान कर पाना मुश्किल हो जाता है। लोन (Loan Default) का भुगतान न करने पर बैंक आपके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। आए दिन कोर्ट में लोन डिफॉल्ट के कई मामले सामने आते रहते हैं, जिसमें कई बार बैंक अपनी मानमानी करता दिख जाता है, लेकिन इसको लेकर हाल ही में कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट के इस फैसले का प्रभाव बैंक और ग्राहक दोनों पर ही इसका असर पड़ने वाला है।


    कंपनी ने बैंक के खिलाफ की थी याचिका दर्ज-


    लोन देना बैंक के हाथ में है, लेकिन उस पैसे की वसूली करने के लिए कुछ भी करने का हक बैंक को नहीं है। हाल ही में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का एक मामला कोर्ट में सामने आया था, जिसमें बैंक ने पहले तो कंपनी को अच्छे से ट्रीट किया गया था लेकिन जब कंपनी लोन (how to avoid loan default) चुकाने में असमर्थ रही तो बैंक ने अपनी मनमानी करते हुए कंपनी और उसके पूर्व निदेशक के खिलाफ कानून के तहत दिवालियापन सहित कई तमाम कदम उठा लिए। जिसका विरोध करते हुए कंपनी ने कोर्ट में याचिका दर्ज की। 


    दिल्‍ली हाईकोर्ट में पहुंचा मामला-


    हाल ही में दिल्‍ली हाईकोर्ट में लोन डिफॉल्ट (loan defaulter right) का एक मामला दर्ज किया गया था। जिसमें लोन की वसूली के लिए बैंक कर्जधारक के साथ मनमानी नहीं कर सकते हैं। कोर्ट ने बैंकों को निर्देश जारी करते हुए बताया कि किसी भी व्‍यक्ति के मूल अधिकारों की रक्षा करना कानून (loan defaulter ke kanuni hak) का ही काम है। वहीं कोई भी बैंक कर्ज की वसूली करने के लिए किसी भी व्‍यक्ति के मूल अधिकारों का हनन नहीं कर सकता है। 


    कंपनी ने लिया था इतने करोड़ का लोन-


    हाईकोर्ट में आए मामले के तहत आरोपी कंपनी ने बताया कि कंपनी ने अपने पूर्व निदेशक को लोन का गारंटर बना कर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से लोन लिया था, ये लोन (loan default prediction) लगभग 69 करोड़ रुपये का था। जिसके बाद कंपनी का गारंटर कंपनी को छोड़कर कहीं और चला गया। वहीं दूसरी ओर कंपनी भी लोन को चुका पाने में असमर्थ रही। जिसके बाद बैंक ने कंपनी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई को शुरू कर दिया। हालांकि पूर्व निदेशक के खिलाफ भी लुक आउट सर्कुलर जारी कर दिया था, लेकिन बैंक (Bank update on loan default) ने कर्ज की वसूली के लिए कंपनी को संविधान के अनुच्‍छेद 21 का हवाला दिया। जिसको देखते हुए कोर्ट ने कहा कि जब तक कोई आपराधिक मामला नहीं बनता हो, तक तक बैंक कर्ज वसूली के लिए लुक आउट सर्कुलर जारी नहीं किया जा सकता है। 


    बैंक नहीं कर सकता मूल अधिकारों का हनन-


    मामले को देखते हुए कोर्ट ने फैसला (High court decision on loan default) दिया कि कोई भी व्‍यक्ति को उसकी इच्‍छा के हिसाब से कही भी जा सकता है। फिर भले ही वो विदेश ही क्यों न हो। विदेश जाने से रोकना उसके मूल अधिकारों का हनन करना है। जिसके हिसाब से बैंक द्ववा जारी किया गये गए लुक आउट सर्कुलर (Look Out Circular kab jari kiya jata hai) को बल प्रयोग के तौर पर इस्‍तेमाल नहीं किया जा सकता है। इस केस में न तो आरोपी के खिलाफ कोई भी कोई आपराधिक मामला बनता है और न ही घोटाले का कोई आरोप लगाया जा सकता है। 


    हाईकोर्ट ने सुनाया यह फैसला-


    मामले को देखते हुए हाईकोर्ट ने फैसले देते हुए कहा कि अगर पैसों की हेराफेरी या धोखाधड़ी का मामला नहीं है तो कोई भी बैंक सिर्फ कर्ज की वसूली करने के लिए किसी व्‍यक्ति के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (kya bank loan defalter ke khilaf Look Out Circular) को जारी नहीं कर सकता है। फैसले के साथ ही में कोर्ट ने याचिकाकर्ता कंपनी के पूर्व निदेशक के खिलाफ भी जारी किये गए लुक आउट सर्कुलर को  रद कर दिया है।

  • दुनिया की सबसे महंगी सब्ज़ी! अडानी-अंबानी केˈ लिए भी मुश्किल, 1 किलो की कीमत में खरीदी जा सकती है 15 ग्राम सोनाˌ

    दुनिया की सबसे महंगी सब्ज़ी! अडानी-अंबानी केˈ लिए भी मुश्किल, 1 किलो की कीमत में खरीदी जा सकती है 15 ग्राम सोनाˌ

    दुनिया की सबसे महंगी सब्ज़ी! अडानी-अंबानी केˈ लिए भी मुश्किल, 1 किलो की कीमत में खरीदी जा सकती है 15 ग्राम सोनाˌ

    दुनिया के सबसे महंगे फलों में ड्रैगन फ्रूट, कीवी आदि का नाम तो आपने सुना ही होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं दुनिया की सबसे महंगी सब्जी कौनसी है। यदि नहीं तो बता दें, दुनिया की सबसे महंगी खेती हॉप शूट्स की होती है, इस खेती में अधिक लागत के साथ मुनाफा भी अधिक होता है। जिसके चलते हॉप शूट्स को दुनिया की सबसे महंगी और कीमती सब्जी कहा जाता है। 85000 रूपये प्रति किलोग्राम वाली यह सब्जी आम आदमी के लिए खरीदना तो नामुमकिन सा लगता है, तो ऐसे में कहाँ होती है इस सब्जी की खेती और कितना होता है इसमें फायदा चलिए जानते हैं इसकी पूरी जानकारी।

    यहाँ की जाती है हॉप शूट्स की खेती

    बता दें दुनिया के कई ऐसे देश हैं जहाँ हॉप शूट्स की खेती की जाती है, इनमें यूरोप, कनाडा, चीन, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और न्यूजीलैंड जैसे देश शामिल है। इन देशों में हॉप शूट्स को उगाना, तैयार करना और तोडना काफी मेहनत और मुश्किल का काम है। जिसके चलते इसकी कीमत भी अधिक होती है। हॉप शूट्स का पौधा बेहद ही उपयोगी माना जाता है, इसकी सब्जी में अनेकों औषधीय गन होते हैं, जबकि फ़ोल को हॉप कोन्स कहते हैं। वहीँ इसके फूलों का उपयोग बीयर बनाने के लिए किया जाता है।

    क्या है हॉप शूट्स?

    हॉप शूट्स एक महंगी सब्जी है, इस पौधे का वैज्ञानिक नाम Humulus lupulus है, यह हेम्प परिवार के कैनाबेसी पौधे की एक प्रजाति है। यह मध्य गति से 6 मीटर तक बढ़ता है और इसकी लाइफ 20 साल की होती है। इस सब्जी के महंगे होने का मुख्य कारण इसकी खेती मानी जाती है। क्योंकि इसे उगाने के लिए ख़ास तरह की जलवायु की आवश्यकता होती है। यह पौधा हर तीसरे साल उत्पादन देता है वहीँ इसे लगाने और इसके रखरखाव में अधिक खर्चा होता है।

    कितना बड़ा है कारोबार

    हॉप शूट्स की खेती के करोबार की बात करें तो एक रिपोर्ट के अनुसार हॉप शूट्स का फिलहाल 8.1 बिलियन डॉलर का वैश्विक कारोबार है। हॉप शूट्स का बाजार सालाना 4.6 फीसदी सीएजीआर से बढ़ रहा है। वहीं आने वाले 5 सालों में इस कारोबार के 15.1 बिलियन डॉलर पहुँचने की उम्मीद है।