YouTube से सीखा ATM कार्ड क्लोन करनेˈ का तरीका, 12 बजे के बाद करते थे चोरी, चढ़े पुलिस के हत्थेˌ

YouTube से सीखा ATM कार्ड क्लोन करनेˈ का तरीका, 12 बजे के बाद करते थे चोरी, चढ़े पुलिस के हत्थेˌ
YouTube से सीखा ATM कार्ड क्लोन करनेˈ का तरीका, 12 बजे के बाद करते थे चोरी, चढ़े पुलिस के हत्थेˌ

पुलिस ने एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार करने वाले 4  लोगों को गिरफ्तार किया है। इन चारों पर आरोप है कि इन्होंने क्लोन एटीएम कार्ड के जरिए लोगों को ठगा है। ये चारों आरोपी हरियाणा के रहने वाले हैं और इन्हें यूपी के अमरोहा से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों ने यूट्यूब के जरिये क्रेडिट और डेविट कार्ड के क्लोन बनाने का तरीका सीखा था और इसके बाद इन्होंने लोगों को ठगना शुरू कर दिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से पुलिस ने कार, 14 डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड स्वाइप मशीन, तीन मोबाइल फोन और तमंचे बरामद किए हैं। एएसपी अजय प्रताप सिंह ने इस घटना के बारे में बताया कि पुलिस ने चौधरपुर में पंजाब नेशनल बैंक के पास से कार सवार चार आरोपियों को पकड़ा है। ये आरोपी हरियाणा के हिसार जिले के नारदोह थाना क्षेत्र के निवासी हैं। इनके नाम संजीव कुमार पुत्र रोशन, राजथल निवासी महेंद्र पुत्र जगदीश, अमरजीत पुत्र राजवीर, रमेश कुमार पुत्र बलेराम हैं। इनकी कार से पुलिस को 14 एटीएम व डेबिट कार्ड, स्विप मशीन, तीन मोबाइल फोन बरामद किए। इसके पास से 3 तमंचे और सात कारतूस भी मिली है।

इस तरह से करते थे चोरी

पुलिस के अनुसार संजीव ने यूट्यूब के जरिए एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार करना सीखा था। जिसके बाद इन्होंने अहमदाबाद से ऑनलाइन बुकिंग कर स्वाइप मशीन एमएसआर-6 खरीदी थी। ये लोग रात को 12 बजे क्लोन एटीएम कार्ड के जरिए पैसा निकाला करते थे। ताकि जिसके पैसे ये एटीएम से निकालते थे वो मैसेज ना देख पाए और एटीएम कार्ड ब्लॉक न कर सके।

चोरी करने के लिए इन्होंने मोबाइल फोन में ईएसवाई एमएसआई एप को डाउनलोड किया था। ये आरोपी यूट्यूब पर वीडियो देखकर स्वाइप मशीन को ब्लूटुथ से मोबाइल में कनेक्ट कर लेते हैं। इसके बाद कार्ड चला रहे व्यक्ति को अपनी बातों में लगाकर उसके कार्ड को अपनी स्वाइप मशीन में स्वाइप कर लेते थे।

ये आरोपी पुलिस थानों से दूर वाले इलाकों में लोगों को शिकार बनाते थे। वारदात के लिए ये किराए की गाड़ी का इस्तेमाल करते थे। इतना ही नहीं घटना के बाद गाड़ी का नंबर भी बदल लेते थे। इन आरोपियों ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, बिहार राज्य के लोगों को अपना शिकार अधिक बनाया है।

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