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  • पीटीएम में क्या पूछना चाहिए? पैरेंटिंग एक्सपर्टˈ ने कहा PTM में टीचर से जरूर पूछें ये 7 सवालˌ

    पीटीएम में क्या पूछना चाहिए? पैरेंटिंग एक्सपर्टˈ ने कहा PTM में टीचर से जरूर पूछें ये 7 सवालˌ

    पीटीएम में क्या पूछना चाहिए? पैरेंटिंग एक्सपर्टˈ ने कहा PTM में टीचर से जरूर पूछें ये 7 सवालˌ

    Parenting Tips: साल में 2 से 3 बार पैरेंट टीचर मीटिंग जरूर होती है, कई स्कूलों में हर महीने यह मीटिंग रखी जाती है. पैरेंट टीचर मीटिंग (Parent Teacher Meeting) यानी PTM का मकसद होता है बच्चे के माता-पिता और टीचर के बीच के संवाद को बेहतर करना.

    इस मीटिंग में पैरेंट्स बच्चे की परफॉर्मेंस और ग्रोथ को बेहतर तरह से समझ पाते हैं, इसका जायजा ले पाते हैं और जान पाते हैं कि बच्चे का व्यवहार उसके टीचर्स और स्कूल के दोस्तों के बीच कैसा है. वहीं, टीचर्स बच्चे की परफॉर्मेंस में क्या अच्छा है या क्या कमी है इस बारे में पैरेंट्स (Parents) को बता पाते हैं और बच्चे की परफॉर्मेंस सुधारने के लिए कह पाते हैं. लेकिन, पैरेंट्स को बच्चे के टीचर से मिलते हुए एकदम क्लूलेस होकर नहीं जाना चाहिए बल्कि सही प्रश्न पूछने चाहिए जिससे उन्हें बच्चे की ऑवरओल ग्रोथ के बारे में सही तरह से पता चल सके.

    बच्चे के PTM में कौनसे सवाल करने चाहिए | Questions Parents Should Ask In PTM

    पैरेंटिंग एक्सपर्ट विभा शर्मा अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अक्सर ही ऐसे टिप्स शेयर करती रहती हैं जो पैरेंट्स के लिए बेहद काम के साबित होते हैं. अपने ऐसे ही एक वीडियो में पैरेंटिंग एक्सपर्ट ने ऐसे 7 सवाल बताए हैं जो बच्चे के माता-पिता को उसके टीचर्स से जरूर पूछने चाहिए.

    पहला सवाल – क्या मेरा बच्चा क्लास में ध्यान से सुनता है और एक्टिवली पार्टिसिपेट करता है?

    दूसरा सवाल – मेरे बच्चे के कौन-कौनसे सब्जेक्ट स्ट्रॉन्ग (Strong Subject) हैं और किस सब्जेक्ट में इम्प्रूवमेंट चाहिए?

    तीसरा सवाल – मेरे बच्चे का क्लास में बिहेवियर कैसा है? क्या वह दूसरे बच्चों की हेल्प करता है या नहीं?

    चौथा सवाल – मेरा बच्चा कौनसी एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज में इंट्रेस्ट लेता है?

    पांचवा सवाल – क्या बच्चा क्लास में अपने सामान का ध्यान रख पाता है या नहीं?

    छठा सवाल – हम पैरेंट्स उसकी अकेडमिक ग्रोथ में कैसे हेल्प करें?

    सातवां सवाल – मेरे बच्चे के बारे में कोई ऐसी बात है जिसे मुझे जानना बहुत जरूरी है?

    PTM में सवाल करना क्यों जरूरी है?

    1. बच्चे की स्ट्रेंथ और वीकनेस का पता चलता है जिससे उसकी कमियों को सुधारा जा सके और स्ट्रेंथ को निखारा जा सके.,
    2. बच्चे के व्यवहार के बारे में पैरेंट्स को बेहतर तरह से समझ आता है. टीचर को भी जानने का मौका मिलता है कि घर पर बच्चा कैसा व्यवहार करता है.
    3. बच्चे की प्रोग्रेस के बारे में पता चलता है. उसकी पोटेंशल समझने में मदद मिलती है.
    4. लर्निंग मेथड्स (Learning Methods) के बारे में बात की जा सकती है जिससे पैरेंट्स को बच्चे को घर पर पढ़ाने में मदद मिलती है.
    5. बच्चा किस एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज में अच्छा है पैरैंट्स को इसकी जानकारी हो जाती है या फिर पैरेंट्स इस बारे में टीचर को बता पाते हैं.
  • बच्चे को ताना मारते रहने पर क्याˈ होता है? पैरेंटिंग कोच ने बताया पैरेंट्स की इस आदत प्रभावˌ

    बच्चे को ताना मारते रहने पर क्याˈ होता है? पैरेंटिंग कोच ने बताया पैरेंट्स की इस आदत प्रभावˌ

    बच्चे को ताना मारते रहने पर क्याˈ होता है? पैरेंटिंग कोच ने बताया पैरेंट्स की इस आदत प्रभावˌ

    Parenting Tips: बच्चे अक्सर ही बेहद मस्तीखोर होते हैं और कुछ ना कुछ गलतियां भी करते रहते हैं. लेकिन, कई बार बच्चों की हरकतों से या फिर आदतों से माता-पिता परेशान हो जाते हैं और बच्चों को समझाने के बजाय उन्हें ताना मारने लगते हैं.

    ताना किसी भी बात को लेकर हो सकता है. बच्चे के ज्यादा हंसने पर, किसी के सामने झेंप जाने पर, पढ़ाई में ज्यादा अच्छा ना कर पाने की वजह से या फिर बच्चा क्या पहन रहा है और क्या नहीं इसपर भी उसे ताना पड़ सकता है. ऐसे में पैरेंट्स का बच्चे को ताना (Taunt) मारना एक बार शुरू होता है तो बस तानों का सिलसिला ही चल पड़ता है. लेकिन, बच्चे पर इन तानों का क्या असर पड़ता है? पैरेंटिंग एक्सपर्ट विभा शर्मा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया है जिसमें उन्होंने बताया है कि बच्चे को ताना मारते रहने पर क्या होता है. आप भी जानिए ताना मारने (Tana Marna) की आदत के प्रभाव.

    बच्चों को ताना मारते रहने पर क्या होता है | What Happens If You Keep Taunting Children

    पैरेंटिंग एक्सपर्ट का कहना है कि जिन बच्चों को बार-बार ताना मारा जाता है वे कोशिश करना छोड़ देते हैं. हो सकता है कि आप बच्चे को इसलिए ताना मारते हैं कि वे अच्छे नंबर नहीं लाते हैं, हो सकता है बच्चा अच्छा परफॉर्म करने की अपनी लगन ही छोड़ दे. यह भी हो सकता है कि बच्चे को अगर उसके ड्रेसिंग सेंस पर ताना मारा जाए या फिर किसी काम को ना करने पर उसपर ताना कसा जाए तो वह खुद को बेहतर करने की कोशिश ही ना करे.

    पैरेंटिंग कोच ने इन बातों के लिए भी चेताया

    • माता-पिता के बच्चे के प्रति व्यवहार (Behaviour) से बच्चे की परवरिश पर असर पड़ता है. ऐसे में पैरेंटिंग एक्सपर्ट ने बताया है कि बच्चे को जो कुछ कहा या सुनाया जाता है उसका बच्चे पर क्या असर होता है. जैसे, अगर बच्चे को बचपन में बहुत मारा जाता है तो बड़े होकर बच्चा या तो बहुत गुस्सैल हो जाता है या फिर ये बच्चे बड़े होकर चुप रहने लगते हैं.
    • जिन बच्चों का बहुत मजाक बनाया जाता है वे बच्चे बड़े होते हैं तो उनका आत्मविश्वास खत्म हो जाता है.
    • पैरेंटिंग कोच (Parenting Coach) बताती हैं कि जिन बच्चों पर बचपन में भरोसा नहीं किया जाता है वे बड़े होकर बहुत ज्यादा झूठ बोलने लगते हैं.
    • जिन बच्चों की बचपन में तारीफ नहीं की जाती है वे बड़े होकर खुद से प्यार करना छोड़ देते हैं.
  • किन लोगों को रोज 1 इलाइची जरूरˈ खानी चाहिए? डाइटीशियन ने बताए हर दिन Elaichi खाने के फायदेˌ

    किन लोगों को रोज 1 इलाइची जरूरˈ खानी चाहिए? डाइटीशियन ने बताए हर दिन Elaichi खाने के फायदेˌ

    किन लोगों को रोज 1 इलाइची जरूरˈ खानी चाहिए? डाइटीशियन ने बताए हर दिन Elaichi खाने के फायदेˌ

    Cardamom Benefits: खानपान में इलाइची को अलग-अलग तरह से शामिल किया जाता है. इसे खाने में अरोमा और फ्लेवर बढ़ाने के लिए डाला जाता है, मिठाई में इलायची का खूब इस्तेमाल होता है, इलाइची से काढ़ा तैयार किया जाता है, चाय में इलायची डाली जाती है और इसे दूध में डालकर भी पिया जाता है.

    इलाइची इंफ्लेमेशन को कम करती है, इससे शरीर को एंटीमाइक्रोबियल गुण मिलते हैं और साथ ही इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट्स भी होते हैं. ऐसे में इलाइची (Elaichi) के कई फायदे हैं जिस चलते इसे खाना चाहिए. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि किन लोगों को इलायची का सेवन जरूर करना चाहिए. डाइटीशियन तमन्ना दयाल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से इस वीडियो को शेयर किया है जिसमें वे बता रही हैं कि किन लोगों को रोजाना एक इलायची अपनी डाइट में शामिल करने पर कई फायदे मिलते हैं.

    किन लोगों को रोज 1 इलायची जरूर खानी चाहिए | Who Should Eat 1 Elaichi Daily

    • डाइटीशियन का कहना है कि जिन लोगों को पेट से जुड़ी दिक्कतें हैं उन्हें इलायची जरूर खानी चाहिए. इलायची डाइजेस्टिव एंजाइम्स को स्टिम्यूलेट करती है जिससे ब्लोटिंग दूर होती है और असहजता कम होने में मदद मिलती है.
    • जिन लोगों के मुंह में बार-बार छाले निकलते हैं उनके लिए भी रोजाना एक इलायची का सेवन फायदेमंद होता है.
    • वो लोग जिन्हें बहुत घबराहट होती है उन्हें भी रोजाना एक इलायची का सेवन करना चाहिए.
    • मोटापे के शिकार लोग यानी वो लोग जिनके शरीर में फैट बढ़ा हुआ है उन्हें भी रोजाना इलायची जरूर खानी चाहिए. इसे खाने पर मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और फैट बर्न (Fat Burn) होने लगता है. इससे शरीर को थर्मोजेनिक गुण भी मिलते हैं.
    • फैटी लिवर की दिक्कत कम करने के लिए भी रोज एक इलायची खाई जा सकती है.
    • जिन लोगों को अक्सर ही सर्दी या जुकाम रहता है या गले में खराश रहती है उन्हें भी इलायची का सेवन करना चाहिए.
    • वो लड़कियां जिन्हें पीरियड्स के दौरान क्रैंप्स होते हैं उन्हें इलायची खानी चाहिए. इलायची दर्द (Period Pain) को तो कम करती ही है साथ ही पीरिड्स को स्मूद बनाती है. इलायची के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पीरियड्स के दौरान होने वाली असहजता को कम करते हैं.

    कैसे करें इलायची का सेवन

    डर्मेटोलॉजिस्ट ने बताया कि रोजाना 1 से 2 इलायची खाई जा सकती है. इलायची को कच्चा भी चबाया जा सकता है या फिर इसका पानी या चाय बनाकर पिएं. इलायची को खाना खाने के बाद चबा सकते हैं. इलायची का पाउडर सब्जी में डाला जा सकता है.

    अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.

  • मां की इस गलती से बच्चे काˈ वजन नहीं बढ़ता, डॉक्टर ने बताई मिस्टेक्स और कहा क्या खिलाएं और क्या नहींˌ

    मां की इस गलती से बच्चे काˈ वजन नहीं बढ़ता, डॉक्टर ने बताई मिस्टेक्स और कहा क्या खिलाएं और क्या नहींˌ

    मां की इस गलती से बच्चे काˈ वजन नहीं बढ़ता, डॉक्टर ने बताई मिस्टेक्स और कहा क्या खिलाएं और क्या नहींˌ

    Parenting Tips: बच्चे की उम्र बढ़ने के साथ ही उसका वजन बढ़ना भी जरूरी होता है. अगर बच्चे का वजन नहीं बढ़ रहा है तो यह स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों को बढ़ा सकता है और इसीलिए माता-पिता के लिए बच्चे का वजन (Baby’s Weight) ना बढ़ना परेशानी का सबब बन जाता है.

    इसपर पीडियाट्रिशियन यानी बच्चों के डॉक्टर संदीप गुप्ता का कहना है कि बच्चे का वजन ना बढ़ने की वजह मां के द्वारा की जाने वाली एक गलती हो सकती है. डॉ. संदीप ने बताया कि उनके पास अक्सर ही कई माता-पिता इस परेशानी को लेकर आते हैं कि उनका बच्चा 3 साल का हो गया है लेकिन वजन अब भी बस 8 किलो ही है. ऐसे में डॉक्टर ने पहचाना कि मां की किस गलती (Mistake) की वजह से बच्चे का वजन नहीं बढ़ता है. जान लीजिए कहीं आप भी तो यही गलती नहीं करते हैं.

    क्यों नहीं बढ़ रहा बच्चे का वजन | Why Is Baby’s Weight Not Increasing

    • डॉ. संदीप गुप्ता ने बताया कि बच्चे का वजन ना बढ़ने की एक बड़ी वजह मां का उसे रोजाना चाय देना है. मां सुबह के समय बच्चे को चाय (Chai) रोटी खिलाती हैं या चाय बिस्कुट देती हैं. डॉक्टर बताते हैं कि चाय में मौजूद कैफीन से बच्चे की भूख कम होने लगती है.
    • चाय में टैनिन केमिकल मोजूद होता है जो आयरन के एब्जॉर्प्शन को कम कर देता है. आयरन की कमी से बच्चे को अनीमिया हो जाएगा और खून की कमी होने लगेगी.
    • डॉक्टर का कहना है कि 10 साल से छोटे बच्चे को चाय नहीं देनी चाहिए. चाय (Tea) एसिडिक होती है जिससे बच्चे के दांत खराब हो सकते हैं. इससे बच्चे की नींद भी प्रभावित होती है और बच्चे की नींद खराब होती है.

    बच्चे का वजन बढ़ाने के लिए खिलाएं ये चीजें

    1. अगर आप चाहते हैं कि बच्चे का वजन बढ़ने लगे तो इसके लिए बच्चे को अंडे खिलाए जा सकते हैं. विटामिन और प्रोटीन से भरपूर अंडे वजन बढ़ाने में मदद करते हैं.
    2. केले के सेवन से भी वजन बढ़ सकता है. बच्चे को बनाना शेक या स्मूदी बनाकर भी खिला सकते हैं.
    3. प्रोटीन का स्त्रोत बढ़ाने के लिए बच्चों की डाइट में चिकन शामिल करें. बच्चे को चिकन और मछली खिलाई जा सकती है.
    4. सूखे मेवे और बीज भी बच्चों को खिलाने चाहिए. इनसे बच्चों को विटामिन, खनिज, फाइबर और हेल्दी फैट्स मिलते हैं.
    5. बच्चे को शकरकंदी खिलाएं. इससे बच्चों को भरपूर फाइबर मिलता है और पेट भरता है सो अलग.
  • बिच्छू का जहर तुरंत कैसे उतारे? आयुर्वेदिकˈ डॉक्टर ने बताया बिच्छू के काटने पर क्या करना चाहिएˌ

    बिच्छू का जहर तुरंत कैसे उतारे? आयुर्वेदिकˈ डॉक्टर ने बताया बिच्छू के काटने पर क्या करना चाहिएˌ

    बिच्छू का जहर तुरंत कैसे उतारे? आयुर्वेदिकˈ डॉक्टर ने बताया बिच्छू के काटने पर क्या करना चाहिएˌ

    Bichhoo kaat le to kya kare: अक्सर यह माना जाता है कि बिच्छू का खतरा सिर्फ गांवों या पहाड़ी इलाकों में होता है, लेकिन अब ये मामले शहरों में भी देखने को मिल रहे हैं. खासकर बारिश के मौसम में घरों के आसपास कीड़े मकोड़े बढ़ जाते हैं.

    ऐसे में आइए एक्सपर्ट्स से जानते हैं कि अगर किसी व्यक्ति को बिच्छू काट ले, तो इस कंडीशन में क्या करना चाहिए, बिच्छू का जहर तुरंत कैसे उतारे और इस दौरान किन गलतियों को करने से बचें.

    क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

    मामले को लेकर NDTV संग हुई खास बातचीत के दौरान जिवा आयुर्वेद के निदेशक और वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रताप चौहान ने बताया, बिच्छू का जहर जानलेवा तो नहीं होता, लेकिन इसके कारण जलन, सूजन, तेज दर्द और कई बार सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण भी उभर सकते हैं. ऐसे में आयुर्वेदिक एक्सपर्ट बिच्छू के डंक के तुरंत बाद सही कदम उठाने को जरूरी बताते हैं, ताकि जहर शरीर में न फैले और राहत जल्दी मिले.

    सबसे पहले क्या करें?

    • डॉ. प्रताप चौहान बताते हैं, बिच्छू के डंक के बाद सबसे पहला काम होना चाहिए कि व्यक्ति को स्थिर रखा जाए. जहर शरीर में तेजी से न फैले इसके लिए चलना-फिरना कम करें.
    • डंक वाली जगह को हल्के गुनगुने पानी से धोएं ताकि कोई बाहरी संक्रमण न हो.
    • इसके बाद आप एक आयुर्वेदिक उपाय आजमा सकते हैं. इसके लिए तुलसी के कुछ पत्तों का रस निकालकर डंक वाली जगह पर लगाएं. तुलसी में प्राकृतिक विषहरण गुण होते हैं, जो जलन और सूजन को कम कर सकते हैं.
    • इसके अलावा, बारीक पिसी हल्दी और सरसों का तेल मिलाकर पेस्ट बना लें और उसे प्रभावित हिस्से पर लगाएं. इससे भी दर्द और सूजन में राहत मिल सकती है.

    किन बातों का रखें ख्याल?

    डॉ. प्रताप चौहान के मुताबिक, अगर डंक के बाद तेज बुखार, उल्टी या सांस लेने में तकलीफ हो, तो जरा देरी न करें. इस कंडीशन में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

    किन गलतियों से बचना जरूरी है?

    अक्सर लोग बिच्छू के डंक के बाद घबराकर झाड़-फूंक या गर्म सलाखें लगाने जैसे उपाय कर बैठते हैं, जो स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं. जहर को चूसने की कोशिश करना भी खतरनाक हो सकता है. डॉ. चौहान के अनुसार, ऐसे घरेलू टोटकों से बचें और प्राथमिक आयुर्वेदिक सहायता के साथ-साथ विशेषज्ञ सलाह जरूर लें.

    अगर आप बिच्छू के डंक के शिकार हो जाते हैं तो घबराएं नहीं, बल्कि समझदारी से काम लें. आयुर्वेद में ऐसे कई उपाय हैं जो शुरुआती लक्षणों में राहत पहुंचा सकते हैं, लेकिन गंभीर स्थिति में मेडिकल सहायता जरूरी है. सही जानकारी और सतर्कता ही जहर का सबसे कारगर इलाज है.

    अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.

  • जानिए 2 बच्चों के बीच कितना होनाˈ चाहिए उम्र का अंतराल? जल्दी मां बनने के होते हैं ये नुकसानˌ

    जानिए 2 बच्चों के बीच कितना होनाˈ चाहिए उम्र का अंतराल? जल्दी मां बनने के होते हैं ये नुकसानˌ

    जानिए 2 बच्चों के बीच कितना होनाˈ चाहिए उम्र का अंतराल? जल्दी मां बनने के होते हैं ये नुकसानˌ

    किसी भी विवाहित जोड़े के लिए माता-पिता बनना उनकी जिंदगी का सबसे खूबसूरत पल होता है। कुछ कपल एक ही बच्चे के साथ पूरी जिंदगी बिताते हैं तो कुछ कपल दो बच्चे की चाहत रखते हैं। ऐसे में सवाल ये उठता है कि, पहले बच्चे के जन्म के बाद दूसरे बच्चे के लिए कितना अंतराल रखना सही होगा जिससे परिवार का पालन पोषण सही हो सके, वहीं माता-पिता और बच्चे को भी किसी तरह की परेशानी न आए। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से बताने जा रहे हैं कि, 2 बच्चों के जन्म के बीच का अंतराल कितना होना चाहिए?

    एक स्टडी के अनुसार, यदि आप पहले बच्चे के बाद दूसरे बच्चे के बारे में सोच रहे हैं तो कम से कम आपको डेढ़ साल से 2 साल का अंतराल तो रखना ही चाहिए। यदि आप इससे पहले ही दूसरे बच्चे के बारे में सोचने लगते हैं तो इससे आपके नवजात बच्चे का वजन कम हो सकता है साथ ही वह समय से पहले भी पैदा हो सकता है। इसके अलावा पहले बच्चे पर भी इसका असर होता है।

    दरअसल एक साथ दो छोटे बच्चे की परवरिश करना आपको परेशानी में डाल सकता है। न सिर्फ आपके दोनों बच्चों पर साथ ही माता-पिता पर भी इसका बुरा असर होता है और एक साथ उनके ऊपर अधिक जिम्मेदारी बढ़ जाती है, जिसके कारण वह तनाव में रहते हैं।

    मां को भी होते हैं कई नुकसान

    यदि आप 1 साल से भी कम समय के अंदर ही दूसरे बच्चे की प्लानिंग करते हैं तो आपको डिलीवरी में भी खतरा बढ़ सकता है। इसके साथ ही आप कई बड़ी बीमारियों से भी घिर सकती हैं। कुछ स्टडीज के मुताबिक, मां की जान जाने का खतरा भी बढ़ जाता है। दरअसल पहली डिलीवरी में लगे गए टांके अगर अच्छे से नहीं सूखते हैं तो दूसरी बार हुई डिलीवरी में टांके खुलने की आशंका रहती है। ऐसे में आप कोशिश करें कि, दूसरे बच्चे की प्लानिंग 2 साल बाद ही करें।

    18 से 23 महीने का होना चाहिए अंतराल

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, पहले बच्चे के जन्म के बाद माता-पिता को करीब दूसरे बच्चे को जन्म देने के लिए कम से कम 18 या 23 महीने का इंतजार करना चाहिए। ऐसा करने से मां और पहले बच्चे के साथ दूसरे बच्चे की भी सेहत अच्छी रहेगी और तीनों को किसी भी प्रकार का खतरा नहीं होगा। बता दें,  यदि कोई महिला 30 से अधिक की है तो ऐसे में उनकी फर्टिलिटी यानी कि बच्चा पैदा करने की क्षमता कम होने लगती है। यदि किसी महिला को पहला बच्चा 30 की उम्र में हुआ है तो ऐसे में उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि, पहले बच्चे के बाद कम से कम 1 साल का इंतजार करें। इसके बाद ही दूसरे बच्चे की प्लानिंग करें ताकि डिलीवरी सुरक्षित तरीके से हो सके। 

  • आपके घर में चूहे कभी नहीं आएंगे,ˈ चूहे भगाने का अब तक का सबसे रामबाण उपायˌ

    आपके घर में चूहे कभी नहीं आएंगे,ˈ चूहे भगाने का अब तक का सबसे रामबाण उपायˌ

    आपके घर में चूहे कभी नहीं आएंगे,ˈ चूहे भगाने का अब तक का सबसे रामबाण उपायˌ

    चूहे नाम सुनकर ही समझ आता है की कितना तंग करने वाला जानवर है जितना चूहे तंग करते है उतना ही कोई और जानवर तंग करता होगा। चूहों से तो बहुत लोग परेशान रहते है क्योकि चूहे कही भी मॉल कर देते है और पुरे घर में बदबू फैल जाती है और अजीब सा लागत है। चूहे यही तक नहीं रुकते है है चूहे घर के किसी कोने में एक सुरंग बना लेते है और वही रहने लग जाते है

    घर के सामानो को भी बहुत नुक्सान पहुंचते है घर में राखी कॉपी किताबे कुतर देते है और कॉपी किताबे क्या कई बार तो अलमारी में रखे कपडे और कई जरुरी कागजात भी कुतर कर ख़राब कर देते है जिससे बहुत सारा नुक्सान हो जाता है नए नए कपडे भी कुतर देते है और महंगे कपडे बर्बाद हो जाते है। ये चूहे यही तक नहीं रुकते है ये तो खाने को भी नहीं छोड़ते है ये खाना भी झूठा कर देते है और आप जानते ही है की चूहों का झूठा खा लेने से रेबीज नाम की जानलेवा बीमारी हो जाती है।

    यदि आपके घर में चूहे है आपने भी कई कोशिश करी होगी की इनको घर से भगा दिया जाए लेकिन कई कोशिश करने के बाद भी आपके हाथ सिर्फ नाकामी ही हासिल हुई होगी। हम आपके दर्द को समझ सकते है की चूहे घर में कितना नुकसान और आतंक मचा के रखते है वो बस कुतरते जाते है जो चीज़ मिले वो कुतर देते है। आज हम आपके एक ऐसा उपाय बताएँगे जिससे आप के घर से चूहों का नमो निशान हैट जाएगा और कभी आएँगे भी नहीं वापस।

    आइये जानते है क्या है वो रामबाण उपाय

    आपने वो कहावत तो सुनी ही होगी लोहा लोहे को काटता है ठीक उसी प्रकार अगर आप चूहों को भागने के उपाय करके थक गए है तो आप को ये तरीका अपनाये। अपने घर में एक पालतू चूहा मतलब सफ़ेद चूहा लेकर आये आप देख लेंगे कोई और चूहा नहीं रहेगा आपके घर में। दूसरे चूहे जितने होंगे वो सब भाग जानेगे क्योकि जो कुतरने वाला चूहा होता है वो भूरे या काले रंग के होते है और ये चूहे सफ़ेद चूहों से डरते है।

    सफ़ेद चूहा पालतू होने की वजह से आपके घर में चीज़ो का नुकसान नहीं करेगा जो आप इसको खाने के लिए देंगे ये वही खाएगा। इस उपाय को अपनाकर देखिये फायदा तुरंत दिख जाएगा।

  • 15 से 35 की उम्र वाले जरूरˈ जाने ये बातें, वरना बड़ी मुसीबत में पड़ जाएंगेˌ

    15 से 35 की उम्र वाले जरूरˈ जाने ये बातें, वरना बड़ी मुसीबत में पड़ जाएंगेˌ

    15 से 35 की उम्र वाले जरूरˈ जाने ये बातें, वरना बड़ी मुसीबत में पड़ जाएंगेˌ

    युवाओं के बीच आजकल गजब का क्रेज देखने को मिलता है। जीवन में कुछ उम्र ऐसे होते हैं, जहां से युवा भटक जाता है। वो अपने लक्ष्य से भटक कर कहीं और ही चला जाता है। इसके पीछे फिल्मों का बड़ा योगदान तो है ही, लेकिन आजकल सोशल मीडिया ने आग में घी डालने का काम कर रखा है। हर कोई उम्र से पहले ही बड़ा होने की चाह रखता है, जिसकी वजह से कई बार वो कुछ ऐसे काम कर बैठता है, जिसकी वजह से सिर्फ पछतावा ही बचती है, ऐसे में आज हम कुछ ऐसी बाते बताने जा रहे हैं, जिनसे आपको दूर रहना चाहिए।

    आजकल की लाइफस्टाइल बच्चों को उम्र से पहले ही बड़ा बना देती है। उनका बचपन कहीं खो जाता है। ऐसे में आज हम उन गलतियों को लेकर आएं है, जो अक्सर 15 से लेकर 30 उम्र के लोग करते हैं, जिनकी वजह से वो ताउम्र पछताते हैं। इतना ही नहीं, वो अपने लक्ष्य को भी पाने में असमर्थ हो जाते हैं, ऐसे में आपको यह बात जरूर जान लेनी चाहिए कि आपको कौन से काम नहीं करने चाहिए?

    तेजी से किसी काम को करने के चलते बहुत से लोग कई गलतियां भी कर देतें हैं, जिसकी वजह से मामला बहुत ही ज्यादा नाजुक हो जाता है। आपकी इसी परेशानी को समझते हुए हम आपके लिए कुछ ऐसी जानकारी लेकर आएं है, जिसे जानकर आप खुद को सावधान रख सकते हैं। युवा पीढ़ी बहुत एडवांस हो चुकी है, लेकिन इतनी भी नहीं कि उससे गलती न हो। आज उसकी गलती की वजह सिर्फ उसका एडवांसपन ही है।

    करते हैं ये गलतियां

    तो चलिए अब हम आपको उन गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हे आप जरूर करते हैं, और उससे आपकी लाइफ डैमेज हो जाती है।

    1.जल्दी पैसा कमाने की चाह

    कुछ लोगों को पैसा कमाने की बहुत ही जल्दी  होती  है। ऐसे में कई बार बिना सोचे समझे किसी भी फ्रॉड कंपनी में निवेश करने के लिए चले जाते हैं। अंजाम ये होता है कि आपकी पूंजी तो डूबती ही है। कंपनियां आपको लूट के चली जाती है। और फिर सारी उम्र इस अवसाद से बाहर नहीं निकल पाते हैं।

    2.सोशल मीडिया पर व्यस्त रहना

    इस उम्र के लोग सोशल मीडिया पर अपना कीमती समय बर्बाद करते है। इतना ही नहीं, ये सोशल मीडिया पर जब वक्त बिताते हैं, तो यह भूल जाते हैं कि इनके साथ यहां कोई अपराध हो सकता है। यही वजह है कि देश भर में साइबर क्राइम बढ़ता जा रहा है। युवा तेजी से साइबर क्राइम के चंगुल में फंसते जा रहे हैं।

    3.दूसरों के आगे पीछे भागना

    इस उम्र के लोगों के बीच यह क्रेज रहता है कि वो दूसरों को कैसे इंप्रेस करे। और यही वजह है कि लड़के लड़कियां इस चक्कर में अपना पूरा का पूरा फ्यूचर दांव पर लगा देते हैं। ऐसे में उनकी ये गलती ताउम्र भारी पड़ती है।

  • लड़को को टालने के लिए लड़कियां बनातीˈ है ये मजेदार बहाने, पढ़कर हंसी नहीं रोक पाएंगेˌ

    लड़को को टालने के लिए लड़कियां बनातीˈ है ये मजेदार बहाने, पढ़कर हंसी नहीं रोक पाएंगेˌ

    लड़को को टालने के लिए लड़कियां बनातीˈ है ये मजेदार बहाने, पढ़कर हंसी नहीं रोक पाएंगेˌ

    जब भी आप किसी के साथ प्यार में पड़ना चाहते हैं तो सामने वाली पार्टनर को अगर आपके साथ रिश्ते को नेक्सट लेवल पर नहीं ले जाना है, तो वो आपके साथ कई तरह के बहाने बनाने लगती है। अक्सर जब आपको लड़की रिजेक्ट करती है, तो आपको ठेस नहीं पहुंचाना चाहती है, यही वजह है कि वो बार बार आपके साथ किसी न किसी तरह का बहाना बनाने लगती है। तो चलिए जानते हैं कि लड़कियां क्या खास बहाने बनाती हैं, जब उन्हें लड़कों को रिजेक्ट करना होता है।

    आपने ने भी कभी न कभी ऐसे बहाने जरूर ही बनाएं होंगे, या फिर कभी न कभी आपके साथ भी किसी लड़की ने इतने मजेदार बहाने बनाएं होंगे। चलिए आज हम आपको उन्ही बहानो से रूबरू कराते हैं, जो अक्सर लड़कियां बनाती हैं। इतना ही नहीं, ये सीधा सीधा किसी भी लड़के का दिल नहीं तोड़ना चाहती हैं, जिसकी वजह से वो बहाने बना देती हैं।

    तुम तो मेरे भाई जैसे हो

    प्यार का इजहार करते ही लड़कों को यह बहाना सुनकर रक्षा बंधन वाली फीलिंग आने लगती है। जी हां, लड़कियों का सबसे पहला बहाना होता है- तुम तो मेरे भाई जैसे हो। मैंने तुम्हें कभी इस नजर से नहीं देखा, ऐसे में तुम मेरे भाई जैसे हो, अब भई ऐसा बहाना सुनकर तो किसी भी आशिक को शर्म आ ही जाएगी।

    मेरा पहले से ही लवर है

    जब लड़कियों को लड़को में कोई दिलचस्पी नहीं रहती हैं, तो उनका दूसरा बहाना यही होता है किमेरा तो पहले से ब्वॉयफ्रेंड है’। उनका यह बहाना सुनते ही लड़के पीछे हट जाते हैं, ऐसे में लड़के ये समझ जाते हैं कि लड़की को उनमें कोई दिलचस्पी नहीं है। ये मजेदार बहाने लड़कियां ही बना सकती हैं।

    सारे लड़के एक जैसे ही होते हैं

    जब किसी भी लड़की को प्यार में धोखा मिलता है, तो लड़को पर भरोसा नहीं कर पाती हैं, जिसकी वजह से उनके मन में लड़को की एक अलग छवि बन जाती है। ऐसे में जब लड़के उन्हें प्रपोज करते हैं तो वो कहती है कि तुम सारे लड़के एक जैसे ही होते हैं, जिससे लड़को का दिल टूट जाता है।

    मां बाप को धोखा नहीं दे सकती

    लड़कियों के लिये यह बहाना बहुत ही आम होता है, ऐसे में  जब भी कोई उन्हें प्रपोज करता है तो वो यही कहती है कि उनके लिए फैमिली जरूरी है, वो घऱवालों को धोखा नहीं दे सकती हैं, जिसकी वजह से लड़को का दिल टूट जाता है।

    करियर पर ध्यान देना है

    यह भी लड़कियों को परफेक्ट बहाना होता है कि उन्हें अपने करियर पर ध्यान देना हैं, जिसकी वजह से वो किसी भी तरह से ध्यान नहीं भटकाना चाहती हैं, ऐसे में प्यार तो बिल्कुल नहीं।

  • आपका लाल मिर्च पाउडर कितना शुद्ध है?ˈ कहीं उसमें ईंट का चुरा तो नहीं मिला? ऐसे पता लगाएंˌ

    आपका लाल मिर्च पाउडर कितना शुद्ध है?ˈ कहीं उसमें ईंट का चुरा तो नहीं मिला? ऐसे पता लगाएंˌ

    आपका लाल मिर्च पाउडर कितना शुद्ध है?ˈ कहीं उसमें ईंट का चुरा तो नहीं मिला? ऐसे पता लगाएंˌ

    भारतीय किचन में कई तरह के मसाले होते हैं। इसमें लाल मिर्च पाउडर सबसे महत्वपूर्ण होता है। लाल मिर्च के बिना भारतीय पकवान का स्वाद फीका होता है। इसके बिना हम भारतीय व्यंजनों की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। लाल मिर्च न सिर्फ खाने में तीखापन लाती है बल्कि सब्जी के रंग को भी उभारती है। लाल मिर्च अच्छी क्वालिटी की हो तो सब्जी खाने के साथ साथ दिखने में भी स्वादिष्ट लगती है। लेकिन आप जो लाल मिर्च पाउडर इस्तेमाल कर रहे हैं क्या वह 100 फीसदी प्यूर है? कहीं उसमें कोई मिलावट तो नहीं?

    खाद्य पदार्थों में मिलावट होना बड़ी आम बात है। इस तरह की कई घटनाएं हम पहले भी देख चुके हैं। इन मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन करना सेहत के लिए भी नुकसानदायक होता है। ऐसे में ये बहुत जरूरी है कि हम बाजार से सिर्फ शुद्ध खाद्य सामग्री ही खरीद कर लाए। लेकिन एक समस्या ये भी है कि हम ये कैसे पता लगाए कि हमारे द्वारा खरीदी गई चीज शुद्ध है या मिलावटी? इस काम में आपकी हेल्प करने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (Food Safety and Standards Authority of India) यानी FSSAI ट्विटर पर #DetectingFoodAdulterants नाम की एक सीरीज लेकर आया है। इस सीरीज में खाद्य पदार्थों में होने वाली मिलावट को पहचानने की ट्रिक बताई जाती है।

    FSSAI ने यह सीरीज देश की जनता को जागरूक करने और स्वस्थ भोजन की आदतों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की है। इस सीरीज में लाल मिर्च पाउडर की शुद्धता की जांच करना भी बताया गया है। अक्सर दुकानदार मिर्च पाउडर में ईंट का चुरा या रेत जैसी चीजें मिला देते हैं। ये चीजें हमारे शरीर को बहुत हानी पहुंचा सकती है। ऐसे में आप घर बैठे आसान तरीके से लाल मिर्च पाउडर (Chilli Powder) की शुद्धता का टेस्ट कर सकते हैं। इसके लिए आपको बस 3 आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे।

    पहला स्टेप: एक ग्लास में पानी लें।

    दूसरा स्टेप: पानी के इस ग्लास में एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर डालें और उसके नीचे बैठने का इंतजार करें।

    तीसरा स्टेप: जब लाल मिर्च पाउडर नीचे बैठ जाए तो उसे बाहर निकाल कर हथेली पर रखें। अब इसे गीले मिर्च पाउडर को हाथ पर रगड़ें। यदि आपको किरकिरापन महसूस हो तो समझ जाइए कि मिर्च पाउडर में ईंट पाउडर या रेत मिली हुई है। वहीं यदि यह मिर्च पाउडर सौपी (Soapy) और चिकना महसूस हो तो इसका मतलब है इसमें साबुन का पत्थर मिलाया गया है।

    आप इस टेस्ट का वीडियो भी यहाँ देख सकते हैं।


    उम्मीद है कि आपको यह टेस्ट पसंद आया होगा। अब अगली बार जब बाजार जाएं तो पहले थोड़ा सा लाल मिर्च पाउडर ही खरीदें। यदि वह इस टेस्ट में सफल हो जाता है तो ही उसका बड़ा पैकेट लें। वैसे मिलावट से बचने का एक और बेस्ट तरीका ये है कि आप खड़ी लाल मिर्च खरीदें और उसे घर पर या बाजार में पिसवा लें। ये सबसे शुद्ध लाल मिर्च पाउडर होगा।