Category: Health

  • हर सुबह खाली पेट दूध में डालकरˈ पिएं ये देसी नुस्खा शरीर के 6 बड़े रोगों से मिलेगा छुटकारा 10 दिन में फर्क दिखेगाˌ

    हर सुबह खाली पेट दूध में डालकरˈ पिएं ये देसी नुस्खा शरीर के 6 बड़े रोगों से मिलेगा छुटकारा 10 दिन में फर्क दिखेगाˌ

    आज हम आपके लिए लाए है दालचीनी के बेहतरीन फायदे। दालचीनी को वंडर स्पाइस भी कहते हैं। एक ओर जहां ये खाने का जायका बढ़ाने के काम आता है वहीं सेहत के लिहाज से भी इसके बहुत से फायदे हैं।

    सेहत और खूबसूरती दोनों ही चीजों के लिए दालचीनी का इस्तेमाल किया जाता है। दालचीनी में मौजूद कंपाउंड कई औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. जो सेहत और खूबसूरती दोनों के लिए फायदेमंद होते हैं। यूं तो दालचीनी अपने आप में ही एक अच्छी औषधि है लेकिन इसे दूध के साथ मिलाकर पीना और भी फायदेमंद है।

    हर सुबह खाली पेट दूध में डालकरˈ पिएं ये देसी नुस्खा शरीर के 6 बड़े रोगों से मिलेगा छुटकारा 10 दिन में फर्क दिखेगाˌ

    अक्सर दुबला-पतला व कमजोर व्यक्ति लोगो के बीच मजाक का पात्र बन जाता है।  पतला व्यक्ति अगर स्वस्थ भी है तो भी व लोगो को रोगी नजर आता है। कमजोर आदमी को कपड़े भी शूट नहीं करते है।

    दुबला होने के कारण है पांचन तंत्र ठीक ना होना, जिससे खाया पिया अंग नहीं लगता है या कुछ लोगो को भूख ना लगने की भी समस्या होती है। आज आपको एक ऐसा घरेलू नुस्खा बताने जा रहै है जिसके लगातार प्रयोग करने से आप अपने शरीर को सुडौल और मस्कुलर बना सकते है।

    दालचीनी वाला दूध कई बीमारियों में फायदेमंद है और कई बीमारियों से सुरक्षित भी रखता है। वैसे तो इस दूध को पीने का कोई नुकसान नहीं है लेकिन फिर भी एकबार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें। हमारे किचन में मिलने वाला मसाला दालचीनी हमारे सेहत के लिए अत्यधिक फायदेमंद होती हैं दालचीनी का पाउडर अगर चाय में डाल कर पिया जाए तो यह अत्यधिक फायदा पंहुचाता हैं।

    दालचीनी दूध के औषधिय गुण :

    दूध और दालचीनी-दालचीनी को वंडर स्पाइस भी कहते है। एक और जहां खाने का जायका बढ़ानेके का आती है वही सेहत के लिहाज से भी दालचीनी के कई फायदे है।दालचीनी में मौजूद कम्पाउंड कई औषधीय गुणों से भरपूर होता है जो सेहत और खूबसूरती दोनों के लिए फायदेमंद है। यूँ तो दालचीनी अपने आप में ही एक अच्छी ओषधि है लेकिन दूध के साथ मिलकर पीना और भी फायदेमंद है।

    दालचीनी वाला दूध बनाने का तरिका :

    दालचीनी वाला दूध बनाना बहुत ही आसान है। एक गिलास दूध लेकर उसमे 3-4 gram दालचीनी का पाउडर अच्छी तरह से मिला ले और इस दालचीनी मिक्स दूध का हर रोज सुबह और रात के समय सेवन करे।

    हर चीज शरीर पर धीरे-धीरे असर करती है। कई लोग इन नुस्खों का लगातार प्रयोग नहीं कर पाते है। कुछ दिन प्रयोग के बाद वो इस क्रिया को करना बंद कर देते है जिससे उनके शरीर पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता है।

    दालचीनी वाला दूध कितने समय तक ले :

    अगर आपको अपनी बॉडी बनानी है तथा अपने शरीर को गठीला व मजबूत बनाना है तो लगातार तीन या चार महीनो तक इस उपाय को करना है। ये उपाय सेहत बनाने के साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ता है तथा कई बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है।

    दालचीनी के फायदे : 

    अच्छी नींद : जिन भी लोगों को रात में नींद नहीं आती है उन्हें सोने से पहले 1 गिलास दूध का सेवन अवश्य करना चाहिए। इससे नींद बहुत अच्छी आएगी।

    डायबिटीज : दालचीनी में कई सारे ऐेसे कंपाउंड मौजूद होते हैं जो शरीर में शुगर लेवल को पूरी तरह कंट्रोल में रखते हैं। ऐसे में डायबिटीज के रोगी के लिए दालचीनी वाला दूध अत्यधिक फायदेमंद होता है।

    पाचन क्रिया : दालचीनी वाला दूध पीने से पाचन क्रिया पूरी तरह स्वस्थ होती है और पेट में एसिडिटी की कोई समस्या भी नहीं रहती। ऐसे में जिन लोगों को खाना पचाने में बहुत मुश्किल होती है उन्हें हर रोज इसका सेवन अवश्य करना चाहिए।

    मजबूत हड्डियां : दालचीनी के सेवन से हड्डियां अत्यधिक मजबूत होती हैं। जिन लोगों को गठिया की गंभीर समस्या होती है उन्हें नियमित रूप से इस दूध का सेवन अवश्य करना चाहिए।

    ब्लड शुगर लेवल :कई अध्ययनों में इस बात की पुष्ट‍ि हो चुकी है कि दालचीनी में कई ऐसे कंपाउंड पाए जाते हैं जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. दालचीनी वाला दूध खासतौर पर टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है।

    खूबसूरत बालों और त्वचा : दालचीनी वाला दूध पीने से बालों और स्क‍िन से जुड़ी लगभग हर समस्या दूर हो जाती है. इसका एंटी-बैक्टीरियल गुण स्क‍िन और बालों को इंफेक्शन से सुरक्षित रखता है।

  • क्या आप भी मस्सों से परेशान हैˈ तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे, जानिए मस्सों को ठीक करने के आयुर्वेदिक उपचारˌ

    क्या आप भी मस्सों से परेशान हैˈ तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे, जानिए मस्सों को ठीक करने के आयुर्वेदिक उपचारˌ

    क्या आप भी मस्सों से परेशान हैˈ तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे, जानिए मस्सों को ठीक करने के आयुर्वेदिक उपचारˌ

    आज लाखों लोग त्वचा की समस्याओं से ग्रसित रहते हैं। इनमे से कुछ समस्याएँ गंभीर होती हैं, और कुछ गौण समझी जाती हैं, और इन गौण समस्याओं में से एक समस्या होती है, मस्से। यह सिर्फ गौण ही नहीं बल्कि आम समस्याओं में गिनी जाती है। मस्से त्वचा पर एक उपज की तरह होते हैं, और सुसाध्य समझे जाते हैं, यानि कि वे कैंसरयुक्त नहीं होते। इसके बावजूद इनसे ग्रसित कई लोग इन्हें निकालने के लिए आतुर रहते हैं, क्योंकि उनके अनुसार मस्से त्वचा पर अच्छे नहीं दिखते। पर क्या आपको पता है ये मस्से ‘ह्युमन पैपिल्लोमा वाइरस’ के कारण विकसित होते हैं। 

    मस्सों को ठीक करने के आयुर्वेदिक उपचार

    बरगद के पेड़ के पत्तों का रस मस्सों के उपचार के लिए बहुत ही असरदार होता है। इस प्रयोग से त्वचा सौम्य हो जाती है और मस्से अपने आप गिर जाते हैं।

    बंगला, मलबारी, कपूरी, या नागरबेल के पत्ते के डंठल का रस मस्से  पर लगाने से मस्से झड़ जाते हैं। अगर तब भी न झड़ें, तो पान में खाने का चूना मिलाकर घिसें।

    कच्चे आलू का एक स्लाइस नियमित रूप से दस मिनट तक मस्से पर लगाकर रखने से मस्सों से छुटकारा मिल जायेगा।

    केले के छिलके को अंदर की तरफ से मस्से पर रखकर उसे एक पट्टी से बांध लें। और ऐसा दिन में दो बार करें और लगातार करते रहें जब तक कि मस्से ख़तम नहीं हो जाते।

    एक चम्मच कोथमीर के रस में एक चुटकी हल्दी डालकर सेवन करने से मस्सों से राहत मिलती है।

    लहसून के एक टुकड़े को पीस लें, लेकिन बहुत महीन नहीं, और इस पीसे हुए लहसून को मस्से पर रखकर पट्टी से बांध लें। इससे भी मस्सों के उपचार में सहायता मिलती है।

    त्वचा पर बेडौल और रुखी सतह का विकास होना, मस्सों के लक्षण होते हैं। मस्से अपने आप विकसित होकर अपने आप ही गायब हो जाते हैं, पर इनमे से कई मस्से अत्याधिक पीड़ादायक होते हैं। यह तेज़ी से फैलते हैं, और इनमे से कई मस्से बरसों तक बने रहते हैं जिनका इलाज कराना ज़रूरी होता है।

    अरंडी का तेल नियमित रूप से मस्सों पर लगायें। इससे मस्से नरम पड़ जायेंगे, और धीरे धीरे गायब हो जायेंगे। अरंडी के तेल के बदले कपूर के तेल का भी प्रयोग कर सकते हैं।

    एक बूँद ताजे  मौसमी का रस मस्से पर लगा दें, और इसे भी पट्टी से बांध लें। ऐसा दिन में लगभग 3 या 4 बार करें। ऐसा करने से मस्से गायब हो जायेंगे।

    अम्लाकी को मस्सों पर तब तक मलते रहें जब तक मस्से उस रस को सोख न लें। या अम्लाकी के रस को मस्से पर मल कर पट्टी से बांध लें।

    कसीसादी तेल मस्सों पर रखकर पट्टी से बांध लें।मस्सों पर नियमित रूप से प्याज़ मलने से भी मस्से गायब हो जाते हैं।पपीता के क्षीर को मस्सों पर लगाने से भी मस्सों के गायब होने में मदद मिलती है।थूहर का दूध या कार्बोलिक एसिड सावधानीपूर्वक लगाने से मस्से निकल जाते हैं।

  • जानिये कैसे विक्स वेपोरब घटा सकती हैˈ आप के पेट की चर्बी और स्ट्रेच मार्क्सˌ

    जानिये कैसे विक्स वेपोरब घटा सकती हैˈ आप के पेट की चर्बी और स्ट्रेच मार्क्सˌ

    जानिये कैसे विक्स वेपोरब घटा सकती हैˈ आप के पेट की चर्बी और स्ट्रेच मार्क्सˌ

    हम विक्स वेपोरब का उपयोग काफी समय से करते आए हैं। ज़्यादार हम इसका इस्तेमाल सर्दी ज़ुखाम या सिर दर्द में करते हैं। लेकिन शायद आपको यह जानकार हैरानी होगी कि इसको इस्तेमाल करने के और भी बहुत सारे तरीके हैं। विक्स वेपोरब कपूर, देवदार के तेल, नीलगिरी अर्क और पेट्रोलियम जेल जैसे शक्तिशाली दवाओं का एक संयोजन है। यह हमारी कई स्वास्थ्य समस्याओं के खिलाफ बहुत प्रभावी है।

    स्ट्रेच मार्क्स के निशान हटाने के लिए विक्स का प्रयोग

    हालांकि विक्स वेपोरब ने कभी दावा नहीं किया है कि यह खिंचाव के निशान को कम करने या त्वचा रोगों के लिए उपयोग है, लेकिन इस उत्पाद में नीलगिरी द्वारा सूजन को कम करने का गुण है। कई लोगों ने पुष्टि की है कि उन्होंने अपने स्ट्रेच मार्क्स के निशान पर विक्स वेपोरब को लगाया और बस कुछ ही दिनों में उल्लेखनीय अंतर महसूस किया।

    खिंचाव के निशान को दूर करने के लिए, विक्स की थोड़ी सी अतिरिक्त राशि लें और अपने स्ट्रेच मार्क्स वाली त्वचा पर धीरे से रगड़ें। यह 5 से 6 मिनट के लिए हर रोज़ करें और आपकी त्वचा स्ट्रेच मार्क्स से मुक्त और चिकनी हो जाएगी।

    वज़न घटाने के लिए विक्स वेपोरब का प्रयोग

    • 2 चम्मच विक्स 
    • आधा चम्मच कपूर पाउडर 
    • 1 चम्मच बेकिंग सोडा 
    • 2 चम्मच शराब का एक मिश्रण बना लें।

    एक छोटी कटोरी में इन सभी सामग्री को मिलाएं और इस पेस्ट को अपने पेट पर लगाएं। 5 मिनट के लिए धीरे मालिश करें और फिर अपने पेट को प्लास्टिक शीट से लपेट लें। इसे 1-2 घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दें। यह विधि बहुत जल्दी परिणाम नहीं देती है, सकारात्मक परिणाम देखने के लिए 15 दिनों के लिए यह करने की आवश्यकता हो सकती है।

  • किसी भी स्टेज के कैंसर को सिर्फˈ 2 से 3 महीनों में पपीते के पत्तो की चाय कर देगी जड़ से खत्म, तरीका जान लो अभीˌ

    किसी भी स्टेज के कैंसर को सिर्फˈ 2 से 3 महीनों में पपीते के पत्तो की चाय कर देगी जड़ से खत्म, तरीका जान लो अभीˌ

    किसी भी स्टेज के कैंसर को सिर्फˈ 2 से 3 महीनों में पपीते के पत्तो की चाय कर देगी जड़ से खत्म, तरीका जान लो अभीˌ

    पपीते के पत्तो की चाय से कोई भी स्टेज के कैंसर को सिर्फ 60 से 90 दिनों में ठीक कर सकते हैं| अभी तक हम लोगों ने सिर्फ पपीते के पत्तों को बहुत ही सीमित तरीके से उपयोग किया होगा, प्लेटलेट्स के कम हो जाने पर या त्वचा सम्बन्धी या कोई और प्रयोग किया हैं। मगर आज जो हम आपको बताने जा रहें हैं, ये वाकई आपको चौंका देगा, आप सिर्फ 5 -6 हफ्तों में कैंसर जैसी भयंकर रोग को जड़ से ख़त्म कर सकते हैं।

    पपीते के पत्तो की मदद से कई प्रकार के वैज्ञानिक तरीको से पता लगा है कि पपीते के सभी भागो जैसे फल, तना, बीज, पतियाँ और जड़ सभी के अंदर कैंसर की कोशिका को कम करने और उसकी वृद्धि को रोकने की क्षमता पाई जाती है| विशेषकर पपीते की पतियों के अंदर कैंसर की कोशिका को कम करने और उसकी वृद्धि को रोकने का गुण अत्यधिक पाया जाता है|

    पपीते की पत्तियां सीधा कैंसर को खत्म कर सकती है| पपीते की पत्तियां बहुत प्रकार के कैंसर को खत्म कर सकती है, जिनमे मुख्यतः ब्रेस्ट कैंसर, लंग कैंसर, लीवर कैंसर| इसमें जितनी ज्यादा मात्रा में पपीते की पत्तियां बड़ाई गयी है, उतना ही अच्छा परिणाम मिला है| ये पतियाँ कैंसर की गति को जरुर रोकती है|

    पपीते की चाय बनाने की विधि :- पांच पत्तो को अच्छी तरह सुखा लें| उसको छोटे टुकडो में तोड़ लें,अब 500 मी.ली. पानी में कुछ सूखे पत्ते डाल कर उबालें, इतना उबालें जो ये पानी आधा रह जाये| अब इसको आधा-आधा कर के दिन में दो बार पिए| जितना इसका प्रयोग आप करेंगे उनता ही असर देखने को मिलेगा| ये चाय पीने के बाद एक घंटे तक कुछ भी खाना-पीना नही है|

    कैंसर में ऐसे करें पपीते का सेवन-
    कैंसर में पपीते की चाय का सेवन बहुत अचछा माना जाता है। दिन में तीन से चार बार पपीते की चाय बनाकर पीएं ये आपके लिए बहुत फायदेमंद होगी। यूं तो पपीते की चाय बनाने की अलग-अलग विधि हैं, लेकिन हम आपको सरल विधि बता रहे हैं, जिसे आप ट्राय कर सकते हैं।
    – सबसे पहले 5 से 7 पपीते के पत्तों को धूप में अच्छी तरह सुखा लें और फिर इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ लें।
    – इसके बाद आधा लीटर पानी में पपीते के सूखे पत्ते डालकर उबाल लें। इतना उबालें की ये आधा रह जाए।
    – इसे आप 125 मिली करके दिन में दो बार पी सकते हैं। बाकी बचे हुए लिक्विड को फ्रिज में स्टोर कर रखें। ध्यान रखें कि इसे दोबारा गर्म न करें। ये चाय पीने के आधे से एक घंटे तक आपको कुछ भी खाना या पीना नहीं है।

  • तवे से भी काली गर्दन का कालापनˈ दूर करेंगे ये चमत्कारी घरेलू उपाय, बस सही तरीका होना चाहिए पताˌ

    तवे से भी काली गर्दन का कालापनˈ दूर करेंगे ये चमत्कारी घरेलू उपाय, बस सही तरीका होना चाहिए पताˌ

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    1. नींबू और गुलाब जलनींबू और गुलाब जल का 1 चम्मच लें और मिलाएं। फिर इस घोल को रूई की मदद से काली गर्दन पर लगाएं और रातभर के लिये छोड़ दें। यह तरीका हर तहर की त्वचा पर आजमाया जा सकता है।

    2. नींबू और शहद
    ताजा नींबू और शुद्ध शहद ले कर मिलांए और गर्दन पर लगाएं। 20-25 मिनट तक छोड़ दें और बाद में हल्के गरम पानी से धो लें। इस विधि से आपकी गर्दन साफ हो जाएगी।

    3. नींबू और हल्दी पावडर
    1 नींबू निचोड़ कर उसमें चुटकी भर हल्दी मिलाएं। फिर इसे गर्दन और आस पास के स्थान पर लगाएं। 20 मिनट के बाद हल्के गरम पानी से धो लें। इस विधि को नियमित रूप से करें, जिससे गर्दन साफ हो जाए।

    4. नींबू और टमाटर
    टमाटर के रस में कुछ बूंद नींबू की मिलाएं। फिर इस मिश्रण को गर्दन और अन्य जगह पर लगाएं। जब यह सूख जाए तब इसे साफ कर लें। इसे आप दिन में दो बार भी कर सकती हैं।

    5. नींबू, जैतून तेल और शहद
    ये तीन चीज़ें गर्दन को नमी पहुंचाएंगी और उस पर से डेड स्किन भी हटाएंगी। 1 चम्मच शहद में कुछ बूंद जैतून तेल और 2 चम्मच नींबू का रस मिलाएं। इसेस अपने गर्दन की मसाज करें और फिर 30 मिनट के बाद धो लें।