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  • केला है दुनिया का सबसे बड़ा डॉक्टरˈ केले के पास हर बीमारी का इलाज जानिए विस्तार सेˌ

    केला है दुनिया का सबसे बड़ा डॉक्टरˈ केले के पास हर बीमारी का इलाज जानिए विस्तार सेˌ

    केला है दुनिया का सबसे बड़ा डॉक्टरˈ केले के पास हर बीमारी का इलाज जानिए विस्तार सेˌ

    हमने कभी सोचा भी नही होगा कि आखिर केला खाने वाले बन्दर लम्बी लम्बी छलाँगें कैसे लगा लेते हैं। हमने कभी सोचा भी नही होगा कि आखिर ताकत बन्दर में होती है या केले के अंदर। हमने कभी सोचा भी नही होगा कि केला आखिर बंदरों का सबसे पसंदीदा भोजन क्यों है।

    कभी कभी आप यह भी देखते होंगे कि कुछ लोग बंदरों को ढूंढ ढूंढ कर केले खिलते हैं लेकिन खुद केले के गुणों से अंजान रहते है।

    हम अक्सर यह भी देखते हैं की कुछ लोग गैस, अपच, कब्ज होने पर डॉक्टर के पास जाकर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं लेकिन सबसे सस्ती दवा केले के पास जाने की सोच ही नहीं पाते। आइये पढ़ते हैं केला खाने से क्या क्या फायदे होते हैं और किन किस बीमारियों से बचा जा सकता है।इलाज से रोकथाम अधिक अच्छा :सबसे पहले हमें यह जानना चाहिए कि बीमारियों के इलाज से बीमारियों का रोकथाम अधिक अच्छा है। हमें चाहिए की बीमारियां हमारे शरीर में लगने ही ना पाएं। अगर हम केले को अपनी भोजन में नियमित रूप से शामिल कर लें तो सभी बीमारियों से बचा जा सकता है।

    बीमारियां केवल दो ही कारणों से होती हैं :शरीर में खून की कमी
    पेट में गैस, अपच, कब्ज

    केला क्यों है दुनिया का सबसे बड़ा डॉक्टरअगर हमारे शरीर में खून की कमी है तो पेट में गैस और कब्ज की समस्या जरूर होती है और अगर पेट में गैस और कब्ज की समस्या है तो शरीर में खून की कमी होने लगती है। केला खून में हीमोग्लोबिन बढ़ाने का सबसे बढ़िया श्रोत है।नियमित रूप से केले का सेवन करते रहने पर पेट में गैस और कब्ज की समस्या से छुटकारा मिलता है।

    शरीर की सभी बीमारियां पेट से ही शुरू होती हैं। चाहे फेफड़े और सांस की बीमारी हों, चाहे दिल और दिमाग की बीमारी हों, चाहे किडनी और आहारनाल की बीमारी हों और चाहे हड्डियों और गठिया की बीमारी हों। पेट में कब्ज और गैस से शरीर में खून बनना कम हो जाता है और हमारे खून में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इसका नतीजा यह होता है कि हमारी साँसों, फेफड़ों, ह्रदय, किडनी आदि में कमी आनी शुरू हो जाती है। इन अंगों के ढीले पड़ने से और सही ढंग से काम ना करने से हमें धीरे धीरे डायबिटीज या कैंसर की बीमारी होनी शुरू हो जाती है। इसके बाद ही टेंशन, तनाव, रक्तचाप आदि की समस्या शुरू होती है और हम डॉक्टरों के पास भागते रहते हैं।

    पक्के केले के सेवन से अधिक फायदे होते हैं। केला जितना अधिक पका होगा आपके खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा उतनी अधिक बढ़ाएगा। कच्चे या अधपके खेले के सेवन से भी फायदा होता है लेकिन इन्हें खाने से पेट में गैस और कब्ज में आराम मिलता है। कच्चे केले की सब्जी भी खायी जा सकती है। याद रखिये अगली बार आपको गैस और कब्ज की शिकायत हो तो गैस की दवा खाने के बजाय चार पांच केले जरूर खाएं। इससे भूख तो शांत होगी ही, आपके शरीर में ब्लड बनेगा और पेट की गैस और कब्ज से छुटकारा मिलेगा। यह भी याद रखें, यह मत सोचिये कि केवल एक दो केले खाने से आप हमेशा के लिए स्वस्थ हो जाएंगे, नियमित रूप से या हफ्ते में तीन बार केले का सेवन जरूर करें।

    अगर आपका पेट सही है, खाना सही ढंग से पच रहा है, गैस और कब्ज की समस्या नहीं है तो आपके शरीर में खून की मात्रा सामान्य बनी रहेगी। अगर आपके शरीर में खून की मात्रा सामान्य रहेगी तो खून में उपस्थित हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन को आपके शरीर की हर सेल में बराबर मात्रा में पहुंचाते रहेंगे और आपके फेफड़े स्वस्थ बने रहेंगे रहेंगे। फेफड़ों के स्वस्थ रहने से आप सांस की बीमारियों से दूर रहेंगे।

    शरीर में खून की मात्रा सामान्य रहेगी तो आपके ह्रदय और किडनी जैसे अंग भी सही ढंग से काम करते रहेंगे और खून में पाए जाने वाले अवशिष्ट पदार्थों को फ़िल्टर करते रहेंगे शरीर में खून की मात्रा सामान्य रहेगी तो आपकी सेल और हड्डियों को कैल्शियम, सोडियम, पोटैशियम और आयरन बराबर मात्रा में मिलता रहेगा। यह सब केवल केले को नियमित रूप से आहार में शामिल करने से हो सकता है। याद रखिये केला सिर्फ बंदरों का भोजन नहीं है बल्कि हमारे लिए भी कुदरत का वरदान है। केला ना सिर्फ सस्ता होता है बल्कि यह गुणों की खान होता है। केला अमीर भी खा सकते हैं और गरीब भी इसलिए केला खाइए और सभी बीमारियों को दूर भगाइए।

    कुछ लोग हमारी बातों से असहमत होकर कह सकते हैं कि केला खाने से डायबिटीज हो सकता है, या डायबिटीज वालों को केला खाने से नुकसान हो सकता है। बता दें कि डायबिटीज बीमारी पेट में लम्बे समय तक गैस और कब्ज की समस्या रहने के बाद होती है और इस बीमारी में लीवर के बगल में पाया जाने वाला अंग पैंक्रियाज काम करना बंद कर देता है। अगर नियमित रूप से केले का सेवन किया जाए तो ना तो पेट में गैस और कब्ज होगी और ना ही डायबिटीज जैसे जानलेवा बीमारी होगी।

  • सिर्फ दो बूंद गर्म पानी के साथˈ मौत को भी टालें और हर बीमारी को जड़ से करें खत्मˌ

    सिर्फ दो बूंद गर्म पानी के साथˈ मौत को भी टालें और हर बीमारी को जड़ से करें खत्मˌ

    सिर्फ दो बूंद गर्म पानी के साथˈ मौत को भी टालें और हर बीमारी को जड़ से करें खत्मˌ

    अगर हम कहें कि अपनी किसी भी बीमारी का कारगर इलाज आप घर बैठे कर सकते हैं तो आपको शायद हमारी बातों पर यकीन नहीं होगा. लेकिन ये सच है हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसे तेल के बारे में जिसमें गंभीर से गंभीर बीमारियों से लड़ने की क्षमता छुपी है

    सदियों से इसका उपयोग मसाले और दवाइयों के रुप किया जा रहा है. इसके औषधिय गुणों के चलते ही कहा जाता है कि कलौंजी के तेल में हर मर्ज़ का इलाज है सिवाय मौत के.

    कलौंजी का तेल पोषक तत्वों से भरपूर कलौंजी में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और वसा जैसे 100 से भी ज्यादा महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं. जो हमारे शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करते है.

    नुस्खा कलौंजी के बीजों का सीधा सेवन किया जा सकता है। एक छोटा चम्मच कलौंजी को शहद में मिलाकर इसका सेवन करे। या फिर पानी में कलौंजी को उबालकर छान लें फिर उसका सेवन करें। दूध में कलोंजी उबालें ठंडा होने दे फिर उसका सेवन करें। या फिर कलोंजी को ग्राइंड करें दूध या पानी के साथ इसका सेवन करें।

    रामबाण औषधि है कलौंजी का तेल कलौंजी का तेल कैंसर, डायबीटिज़, सर्दी-जुकाम, पीलिया, बवासीर, मोतियाबिंद की आरंभिक अवस्था, कान के दर्द, सफेद दाग, लकवा, माइग्रेन, खांसी, बुखार, गंजापन जैसी बीमारियों से लड़ने की क्षमता रखता है.

    कैंसर कलौंजी का तेल शरीर में कैंसर की कोशिकाओं को विकसित होने से रोकता है और उन्हें नष्ट करता है. यह कैंसर रोगियों में स्वस्थ कोशिकाओं की रक्षा करता है.

    कैंसर से पीड़ित व्यक्ति को कलौंजी के तेल की आधी बड़ी चम्मच को एक गिलास अंगूर के रस में मिलाकर दिन में तीन बार लेना चाहिए.

    एचआईवी कलौंजी के औषधिय गुणों की जांच के लिए अमेरिका में एक शोध के दौरान एचआईवी पीड़ित व्यक्ति को रोज़ कलौंजी, लहसुन और शहद का कैप्सुल दिया गया. कुछ दिनों बाद यह पाया गया कि पीड़ित व्यक्ति में शरीर की रक्षा करनेवाली टी-4 और टी-8 लिंफेटिक कोशिकाओं की संख्या में आश्चर्यजनक रुप से बढ़ोत्तरी हुई थी.

    खांसी और दमाखांसी और दमा की शिकायत होने पर छाती और पीठ पर कलौंजी के तेल की मालिश करें, तीन चम्मच कलौंजी का तेल रोज़ पीएं और पानी में तेल डालकर उसका भाप लें.

    डायबीटिज़ डायबीटिज़ के मरीज़ों को एक कप कलौंजी के बीज, एक कप राई, आधा कप अनार के छिलके को पीस कर चूर्ण बना लेना चाहिए. आधे चम्मच कलौंजी के तेल के साथ इस चूर्ण को रोज़ नाश्ते के पहले एक महीने तक लेने से आराम मिलता है.

    किडनी स्टोन पाव भर पिसी हुई कलौंजी को शहद में अच्छी तरह से मिला लें. इसमें से दो चम्मच मिश्रण और एक चम्मच कलौंजी के तेल को एक कप गर्म पानी के साथ मिलाकर रोज़ नाश्ते से पहले लें. गुर्दे की पथरी से परेशान लोगों को कलौंजी का तेल फायदा करता है.

    ह्दय रोग और ब्लड प्रेशर जब भी कोई गर्म पेय लें, उसमें एक चम्मच कलौंजी का तेल मिला लें. तीन दिन में एक बार पूरे शरीर पर तेल की मालिश करके आधा घंटा धूप का सेवन करें. लगातार एक महीने तक ऐसा करने से पीड़ित को आराम मिलता है.
    सफेद दाग और कुष्ठ रोग शरीर पर सफेद दाग और कुष्ठ रोग हो जाने पर 15 दिन तक रोज़ाना पहले सेब का सिरका शरीर पर मलें फिर कलौंजी का तेल मलें.

    कमर दर्द और गठिया कलौंजी के तेल को हल्का गर्म करके जहां दर्द हो वहां मालिश करें. और एक चम्मच कलौंजी का तेल दिन में तीन बार सेवन करें. 15 दिन मे बहुत आराम मिलेगा.

    सिरदर्द लगातार सिरदर्द होने पर माथे और सिर के दोनों तरफ कान के आस-पास कलौंजी का तेल लगाएं और नाश्ते के पहले एक चम्मच तेल का सेवन करें. कुछ सप्ताह बाद सिरदर्द पूरी तरह से खत्म हो जाएगा.

  • ये 2 चीजें दांतों पर जमी पीलीˈ परत को करेंगी साफ, दांतों को मिलेगी मजबूती, एक्सपर्ट ने बताया कैसे करें इस्तेमालˌ

    ये 2 चीजें दांतों पर जमी पीलीˈ परत को करेंगी साफ, दांतों को मिलेगी मजबूती, एक्सपर्ट ने बताया कैसे करें इस्तेमालˌ

    ये 2 चीजें दांतों पर जमी पीलीˈ परत को करेंगी साफ, दांतों को मिलेगी मजबूती, एक्सपर्ट ने बताया कैसे करें इस्तेमालˌ

    भारत में पिछले कुछ समय से ओरल हेल्थ को लेकर स्थिति चिंताजनक हो गई है। कम उम्र में ही पीले दांत, कमजोर मसूड़े, सांसों की बदबू और पायरिया जैसी समस्याएं बढ़ती देखी जा रही हैं। ये समस्याएं न केवल बाहरी रूप को प्रभावित करती हैं, बल्कि पूरी हेल्थ को भी प्रभावित करती हैं। अनहेल्दी लाइफस्टाइल, गलत खानपान और खराब मौखिक स्वच्छता के कारण अक्सर दांतों के पीलेपन की समस्या बढ़ जाती है। चाय, कॉफी, तंबाकू या कोल्ड ड्रिंक्स का अधिक सेवन इसके पीछे मुख्य कारण है।

    कई लोग इस समस्या के लिए तरह-तरह के रासायनिक टूथपेस्ट और माउथ फ्रेशनर का इस्तेमाल करते हैं। शुरुआत में तो यह फायदेमंद लगता है, लेकिन समय के साथ दांत और मसूड़े कमजोर होने लगते हैं। ऐसे में प्राकृतिक उपचार सबसे सुरक्षित और कारगर होते हैं। आयुर्वेद में कई ऐसे तत्वों का जिक्र किया गया है, जो दांतों को चमकदार बनाए रखते हैं और मसूड़ों को मजबूत बनाते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट सुभाष गोयल ने बताया कि त्रिफला, हल्दी और सरसों का तेल ओरल हेल्थ के लिए महत्वपूर्ण तिकड़ी हैं।

    त्रिफला चूर्ण

    त्रिफला आयुर्वेद की एक प्राचीन और विश्वसनीय औषधि है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो दांतों से प्लाक और टार्टर हटाने में मदद करते हैं। यह मुंह के बैक्टीरिया को मारकर कैविटी और सांसों की दुर्गंध को रोकता है। इसके नियमित सेवन से दांत प्राकृतिक रूप से सफेद होते हैं। यह मसूड़ों को भी मजबूत बनाता है और पायरिया जैसी समस्याओं को कम करता है। त्रिफला न केवल मौखिक स्वास्थ्य के लिए, बल्कि पूरे पाचन तंत्र के लिए भी अच्छा है, इसलिए इसके लाभ दोगुने हैं।

    हल्दी

    भारतीय रसोई में आसानी से मिलने वाली हल्दी दांतों के स्वास्थ्य के लिए वरदान है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन तत्व बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकता है और सूजन को कम करता है। यह मसूड़ों में सूजन, रक्तस्राव या दर्द को कम करने में कारगर है। नियमित उपयोग से दांतों पर जमी पीली परत हट जाती है और प्राकृतिक चमक लौट आती है। पायरिया या मसूड़ों की अन्य समस्याओं में हल्दी का प्रयोग लाभकारी होता है। यह मुंह को साफ रखता है और स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।

    सरसों के तेल के फायदे

    सरसों का तेल न केवल खाना पकाने में, बल्कि दांतों और मसूड़ों की देखभाल के लिए भी उपयोगी है। इसके रोगाणुरोधी गुण दांतों को कीटाणुओं से बचाते हैं। मसूड़ों की मालिश करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे वे मजबूत बनते हैं। हल्दी और त्रिफला के साथ इस्तेमाल करने पर यह दांतों को साफ और सफेद करने में मदद करता है।

    वहीं, एसिडिटी, गैस और पेट फूलने की समस्या को आम मानकर अनदेखा करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि लंबे समय तक ऐसा होना सेहत के साथ-साथ पेट के कैंसर का कारण बन सकता है।

  • डॉक्टर भी हो जाएंगे हैरान! मर्दों कीˈ खोई हुई ताकत लौटा सकती हैं ये 4 देसी चीजें…ˌ

    डॉक्टर भी हो जाएंगे हैरान! मर्दों कीˈ खोई हुई ताकत लौटा सकती हैं ये 4 देसी चीजें…ˌ

    डॉक्टर भी हो जाएंगे हैरान! मर्दों कीˈ खोई हुई ताकत लौटा सकती हैं ये 4 देसी चीजें…ˌ

    पुरुषों की यौन शक्ति और वीर्य की गुणवत्ता का सीधा संबंध उनकी जीवनशैली, खान-पान और मानसिक स्वास्थ्य से होता है। आधुनिक जीवन की आपाधापी में थकावट, तनाव और अनुचित खान-पान मर्दों की पावर को प्रभावित कर रहे हैं।ऐसे में हर व्यक्ति Men Power Booster उपायों की खोज में लगा रहता है, जो सुरक्षित, प्रभावी और दीर्घकालिक हो।

    आयुर्वेद में कुछ ऐसे प्राकृतिक उपायों का उल्लेख है, जो शरीर की भीतर से मरम्मत कर मर्दाना शक्ति को न सिर्फ बढ़ाते हैं, बल्कि उसे स्थायी भी बनाते हैं। आइए जानते हैं वे 4 असरदार चीजें, जो किसी भी पुरुष की ‘पावर मशीन’ को फिर से स्टार्ट कर सकती हैं।

    अश्वगंधा को Men Power Booster के रूप में सदियों से उपयोग किया जा रहा है। यह ना केवल मानसिक तनाव को कम करता है बल्कि टेस्टोस्टेरोन हार्मोन को भी बढ़ाता है। कई शोधों में यह साबित हुआ है कि अश्वगंधा के नियमित सेवन से वीर्य की मात्रा और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होता है।

    • एक चम्मच अश्वगंधा चूर्ण को दूध के साथ रात में लें
    • रोजाना सेवन से यौन दुर्बलता दूर होती है

    शिलाजीत को प्रकृति का संजीवनी माना जाता है। इसमें मौजूद फुल्विक एसिड और 85 से अधिक मिनरल्स शरीर की कमजोरी को दूर कर, Men Power Booster के रूप में कार्य करते हैं। यह पुरुषों की ऊर्जा, यौन इच्छा और प्रदर्शन को बढ़ाने में अत्यधिक लाभकारी है।

    • एक चुटकी शुद्ध शिलाजीत को दूध या गुनगुने पानी के साथ लें
    • आयुर्वेदाचार्य से परामर्श लेकर मात्र तय करें

    गोखरू, जिसे अंग्रेजी में Tribulus Terrestris कहा जाता है, एक प्राचीन आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जो वीर्य की मात्रा और गुणवत्ता को बढ़ाकर Men Power Booster की भूमिका निभाता है। यह प्रोस्टेट ग्रंथि की समस्याओं में भी राहत देता है।

    • गोखरू चूर्ण या कैप्सूल के रूप में उपलब्ध
    • नियमित सेवन से यौन जीवन में संतुलन आता है

    केसर को हमेशा से ही शाही खाद्य पदार्थ माना गया है। यह रक्त संचार को सुधारता है, मूड को बेहतर बनाता है और पुरुषों में यौन उत्तेजना को बढ़ाता है। जब इसे दूध के साथ लिया जाता है, तो यह Men Power Booster की तरह कार्य करता है।

    • रात में सोने से पहले एक गिलास दूध में 3-4 केसर के रेशे डालकर सेवन करें
    • कुछ सप्ताह में फर्क महसूस होगा

    प्रसिद्ध आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्र के अनुसार, “अगर कोई पुरुष बिना किसी साइड इफेक्ट के अपनी यौन शक्ति बढ़ाना चाहता है, तो अश्वगंधा, शिलाजीत, गोखरू और केसर का संयोजन अद्भुत प्रभाव देता है। ये सभी Men Power Booster तत्व शरीर के भीतर से काम करते हैं और शरीर की संपूर्ण क्षमता को सक्रिय करते हैं।”

    हाल ही में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, अश्वगंधा और शिलाजीत के सेवन से पुरुषों के टेस्टोस्टेरोन स्तर में औसतन 20-30% की वृद्धि देखी गई। यह स्पष्ट करता है कि आयुर्वेदिक उपाय केवल पारंपरिक विश्वास नहीं बल्कि वैज्ञानिक रूप से भी प्रमाणित हैं।

    • किसी भी Men Power Booster सप्लिमेंट को बिना डॉक्टर की सलाह के न लें
    • नकली और मिलावटी उत्पादों से बचें
    • संयमित जीवनशैली अपनाएं – नियमित व्यायाम, सही नींद और तनाव मुक्त रहना जरूरी है

    जिन पुरुषों को लगता है कि उनकी ऊर्जा, यौन क्षमता या आत्मविश्वास कम हो रहा है, उनके लिए ये 4 प्राकृतिक उपाय किसी वरदान से कम नहीं। अश्वगंधा, शिलाजीत, गोखरू और केसर न केवल शरीर को भीतर से मजबूत बनाते हैं बल्कि आत्मिक संतुलन भी बनाए रखते हैं।

    सच्चा Men Power Booster वही होता है जो शरीर, मन और आत्मा तीनों को सशक्त बनाए – और इन चारों उपायों में वह क्षमता है।

  • बाबा रामदेव ने बताया सफेद बाल कोˈ काले करने का उपाय घर में ही मौजूद हैं नुस्खेˌ

    बाबा रामदेव ने बताया सफेद बाल कोˈ काले करने का उपाय घर में ही मौजूद हैं नुस्खेˌ

    बाबा रामदेव ने बताया सफेद बाल कोˈ काले करने का उपाय घर में ही मौजूद हैं नुस्खेˌ

    Baba Ramdev Health Tips: गलत खान-पान जीवनशैली के कारण बालों का सफेद होना एक आम समस्या है. पहले बालों का सफेद होना बढ़ती उम्र की निशानी माना जाता था, लेकिन आजकल बूढ़े ही नहीं बल्कि बच्चे, जवान लोगों के भी बाल सफेद होने लगे हैं.

    वैसे तो सफेद बालों को काला करने के लिए बाजार में कई तरह के हेयर कलर डाई उपलब्ध हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल कई बार बालों को नुकसान भी पहुंचा सकता है. इनमें इस्तेमाल होने वाले केमिकल आपके बालों को रूखा कमजोर भी बना सकते हैं.

    ऐसे में आप अपने बालों को काला करने के लिए बाबा रामदेव के नुस्खों की मदद ले सकते हैं. जिनकी की मदद से आप सफेद बालों की समस्या से राहत पा सकते हैं. आइए जानते हैं बाबा रामदेव के नुस्खों के बारे में….

    आंवला, एलोवेरा गिलोय का सेवन करें

    बालों को नेचुरली काला करने बाबा रामदेव ने बताया कि रोजाना आंवला, एलोवेरा गिलोय के जूस को एक साथ मिलाकर सेवन करना बालों की सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. इनमें वो सभी पोषक तत्व पाए जाते हैं जो सफेद बालों को हटाने में मदद कर सकते हैं.

    दूध के साथ च्यवनप्राश खाएं

    बाबा रामदेव का कहना है कि जिन लोगों को नेचुरली तरीके से बाल काला करना, उन्हें एलोवेरा आंवला का जूस पीना चाहिए रात को दूध के साथ च्यवनप्राश खाना चाहिए. इससे आपको आश्चर्यजनक लाभ मिल सकता है बाल प्राकृतिक तरीके से काले हो सकते हैं.

    ये चीजें भी करें

    बालों को काला करने के लिए शीर्षासन सर्वांगासन नियमित रूप से करना चाहिए. ये योगासन आपके रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं. साथ ही 02-02 मिनट नाखून को रगड़ने वाली एक्सरसाइज भी काफी फायदेमंद हो सकती है. इनको करने से सफेद बालों को दोबारा काला करने में मदद मिल सकती है.

  • 3 दिन में पथरी तो 1 दिनˈ में गांठ को गला देती है ये सब्जी गठिया और बालों के लिए किसी वरदान से नहीं है कमˌ

    3 दिन में पथरी तो 1 दिनˈ में गांठ को गला देती है ये सब्जी गठिया और बालों के लिए किसी वरदान से नहीं है कमˌ

    3 दिन में पथरी तो 1 दिनˈ में गांठ को गला देती है ये सब्जी गठिया और बालों के लिए किसी वरदान से नहीं है कमˌ

    तोरई एक प्रकार की सब्जी होती है और इसकी खेती भारत में सभी स्थानों पर की जाती है। पोषक तत्वों के अनुसार इसकी तुलना नेनुए से की जा सकती है। वर्षा ऋतु में तोरई की सब्जी का प्रयोग भोजन में अधिक किया जाता है।गुण (Property) – इसकी प्रकृति ठंडी और तर होती है।
    विभिन्न रोगों में उपचार (Treatment of various diseases)

    पथरी : तोरई की बेल गाय के दूध या ठंडे पानी में घिसकर रोज सुबह के समय में 3 दिन तक पीने से पथरी गलकर खत्म होने लगती है।

    फोड़े की गांठ : तोरई की जड़ को ठंडे पानी में घिसकर फोड़ें की गांठ पर लगाने से 1 दिन में फोड़ें की गांठ खत्म होने लगता है।

    चकत्ते : तोरई की बेल गाय के मक्खन में घिसकर 2 से 3 बार चकत्ते पर लगाने से लाभ मिलता है और चकत्ते ठीक होने लगते हैं।

    बवासीर : तोरई सब्जी खाने से कब्ज की समस्या दूर होने लगती है जिसके फलस्वरूप बवासीर ठीक होने लगती है।

    पेशाब की जलन : तोरई पेशाब की जलन और पेशाब की बीमारी को दूर करने में लाभकारी होती है।

    आंखों के रोहे तथा फूले : आंखों में रोहे (पोथकी) हो जाने पर तोरई (झिगनी) के ताजे पत्तों का रस को निकालकर रोजाना 2 से 3 बूंद दिन में 3 से 4 बार आंखों में डालने से लाभ मिलता है।

    बालों को काला करना : तुरई के टुकड़ों को छाया में सुखाकर कूट लें। इसके बाद इसे नारियल के तेल में मिलाकर 4 दिन तक रखे और फिर इसे उबालें और छानकर बोतल में भर लें। इस तेल को बालों पर लगाने और इससे सिर की मालिश करने से बाल काले हो जाते हैं।

    बवासीर (अर्श) : तोरई की सब्जी खाने से कब्ज ठीक होती है और बवासीर में आराम मिलता है। करवी तोरई को उबाल कर उसके पानी में बैंगन को पका लें। बैंगन को घी में भूनकर गुड़ के साथ भर पेट खाने से दर्द तथा पीड़ा युक्त मस्से झड़ जाते हैं।

    योनिकंद (योनिरोग) : कड़वी तोरई के रस में दही का खट्टा पानी मिलाकर पीने से योनिकंद के रोग में लाभ मिलता हैं।

    गठिया (घुटनों के दर्द में) रोग: पालक, मेथी, तोरई, टिण्डा, परवल आदि सब्जियों का सेवन करने से घुटने का दर्द दूर होता है।

    पीलिया : कड़वी तोरई का रस दो-तीन बूंद नाक में डालने से नाक द्वारा पीले रंग का पानी झड़ने लगेगा और एक ही दिन में पीलिया नष्ट हो जाएगा।

    कुष्ठ (कोढ़) : तोरई के पत्तों को पीसकर लेप बना लें। इस लेप को कुष्ठ पर लगाने से लाभ मिलने लगता है। तोरई के बीजों को पीसकर कुष्ठ पर लगाने से यह रोग ठीक हो जाता है।

    गले के रोग : कड़वी तोरई को तम्बाकू की तरह चिल्म में भरकर उसका धुंआ गले में लेने से गले की सूजन दूर होती है।

    उल्टी कराने के लिए : तोरई (झिमनी) के बीजों को पीसकर रोगी को देने से उल्टी और दस्त होने लगते हैं।

    हानिकारक प्रभाव (Harmful effects) – तोरई कफ तथा वात उत्पन्न करने वाली होती है अत: जरूरत से अधिक इसका सेवन करना हानिकारक हो सकता है। तोरई पचने में भारी और आमकारक है। वर्षा ऋतु में तोरई का साग रोगी व्यक्तियों के लिए लाभदायक नहीं होता है।

    Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

  • बाम और दवा की नहीं पड़ेगी जरूरत,ˈ स्वामी रामदेव ने बताया कमर दर्द से छुटकारा पाने का रामबाण नुस्खा, कर लें ये सिंपल कामˌ

    बाम और दवा की नहीं पड़ेगी जरूरत,ˈ स्वामी रामदेव ने बताया कमर दर्द से छुटकारा पाने का रामबाण नुस्खा, कर लें ये सिंपल कामˌ

    बाम और दवा की नहीं पड़ेगी जरूरत,ˈ स्वामी रामदेव ने बताया कमर दर्द से छुटकारा पाने का रामबाण नुस्खा, कर लें ये सिंपल कामˌ

    जो लग कमर दर्द से परेशान रहते हैं उनके लिए स्वामी रामदेव ने कुछ सरल घरेलू नुस्खे बताए हैं, जिनकी मदद से वे आसानी से बिना दवा और बाम आदि के राहत पा सकते हैं। आपको रोज सिर्फ 10 मिनट निकालकर सिंपल सा काम करना है। चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं…

    कमर दर्द भगाने के उपाय स्वामी रामदेव ने बताए

    आजकल कमर दर्द एक आम समस्या बन गई है। लंबे समय तक बैठना, गलत पोस्चर या थकान इसकी मुख्य वजह हो सकती है। ज्यादार लोग दर्द के लिए बाम या दवा का सहारा लेते हैं, लेकिन स्वामी रामदेव ने इसके लिए एक प्राकृतिक और आसान उपाय बताया है। सिर्फ कुछ मिनट रोज़ाना योग के लिए निकालकर आप कमर दर्द और जकड़न से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं।

    ताड़ासन से करें शुरूआत

    ताड़ासन कमर की मांसपेशियों को खींचकर स्ट्रेच करता है। इसे करने से रीढ़ की हड्डी में लचीलापन आता है और दर्द में राहत मिलती है। सीधे खड़े होकर दोनों हाथ ऊपर उठाएं और धीरे-धीरे अपनी रीढ़ को खींचें। इसे दिन में 5-10 बार करने से कमर हल्की और दर्द मुक्त महसूस होगी।

    भुजंगासन

    भुजंगासन करने से कमर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। पेट को ज़मीन पर टिकाकर धीरे-धीरे ऊपर उठाएं और कमर को स्ट्रेच करें। यह मुद्रा न केवल दर्द कम करती है, बल्कि पाचन और तनाव में भी मदद करती है। रोज़ 2-3 मिनट इसका अभ्यास करें।

    शलभासन

    शलभासन कमर और जांघों की मांसपेशियों को सक्रिय करता है। पेट के बल लेटकर पैरों को ऊपर उठाएं और कुछ सेकंड रोकें। यह अभ्यास रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है और लंबे समय तक दर्द से राहत देता है।

    सर्वांगासन

    सर्वांगासन पूरे शरीर की मांसपेशियों को खींचता है और कमर की जकड़न कम करता है। इसे करना आसान है और रोज करने से रीढ़ की हड्डी स्वस्थ रहती है। ध्यान रखें कि इसे हल्की मेहनत और सांस के साथ ही करें।

    योग निद्रा और रिलैक्सेशन

    कमर दर्द में योगासन के साथ रिलैक्सेशन भी ज़रूरी है। योग निद्रा और डीप ब्रीथिंग से मांसपेशियां आराम करती हैं और दर्द कम होता है। दिन में 10-15 मिनट का रिलैक्सेशन कमर दर्द में चमत्कारिक असर करता है।

    बस निकाल लें कुछ मिनट

    इस तरह, सिर्फ़ 5-10 मिनट रोज कुछ आसान योगासन करने से आप बिना किसी बाम या दवा के कमर दर्द से राहत पा सकते हैं। स्वामी रामदेव के ये सरल उपाय घर पर ही अपनाए जा सकते हैं और लंबे समय तक दर्द से मुक्ति दिला सकते हैं।

    डिस्क्लेमर

    प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

  • 2 रुपये की यह एक चीज आपकेˈ दांत के कीड़ों को जड़ से कर देगी खत्म नहीं यकीन तो एक बार क्लिक करके देख लोˌ

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    आज के समय में बहुत से लोगन के दांतों में कीड़े लग जाते हैं. ऐसे में उनके दांत खराब होकर जल्दी टूट जाता है. आज के इस आर्टिकल में हम आपको दांतों में लगे कीड़े को जड़ से खत्म करने के उपाय के बारे में बताने जा रहे हैं.तो चलिए जानते हैं.

    बता दें कि बहुत से लोगों को गुटखा और तम्बाकू खाने की वजह से दांतों में कीड़े पड़ जाते हैं. इससे उनके चमकते-दमकते दांत भी सड़ने लग जाते हैं और बुढ़ापा होने से पहले ही झड़ने लग जाते हैं. इसलिए हम आपको एक ऐसी उपाय बताने जा रहे हैं जिसे आजमा कर आप चुटकियों में अपने दांत के कीड़े को जड़ से ख़त्म कर देंगे. तो चलिए जानते हैं.

    दरअसल हम दांतों में लगे कीड़े को ख़त्म करने का जो तरीका बताने जा रहे हैं वो आयुर्वेद पर आधारित है. इसे बनाने के लिए सबसे पहले आप बाजार से 2 रुपये का चूना और 2 रुपये की फिटकरी लेकर आ जाएं. अब आप एक चुटकी चूना में एक चुटकी फिटकरी मिलाकर इसमें पानी डालकर एक गाढ़ा पेस्ट बना लें.

    इस पेस्ट को टूथपेस्ट की सहायता से अपने दांतों में लगाएं और अच्छे तरीके से ब्रश करें. इस विधि का तीन से चार बार प्रयोग करने के बाद ही आपको अपने दांत में अंतर नजर आने लगेगा और आपके दांत के सारे कीड़े खत्म हो जाएंगे. साथ ही साथ आपके दांत मोती के जैसे चमकने भी लगेंगे.

  • शौच के समय करें ये वाला छोटाˈ सा काम खुद कहोगे “आज तो पेट एकदम साफ”ˌ

    शौच के समय करें ये वाला छोटाˈ सा काम खुद कहोगे “आज तो पेट एकदम साफ”ˌ

    शौच के समय करें ये वाला छोटाˈ सा काम खुद कहोगे “आज तो पेट एकदम साफ”ˌ

    आज के समय में गलत जीवनशैली और खानपान की आदतों की वजह से लोगों को तरह तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। तरह तरह की परेशानियों का सामना करने की वजह से लोग काफी ज्यादा परेशान भी रहा करते हैं।

    गलत खानपान की आदतों की वजह से कुछ लोग सुबह के वक्त सही तरीके से पेट खाली ना होने की समस्या से भी परेशान रहते हैं। अगर आप भी उन्हीं लोगों में से एक है जिन्हें की सुबह के वक्त पेट खाली ना होने की समस्या होती है तो ऐसे में यह पोस्ट आपके लिए ही है।

    आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से एक ऐसी आसान सी विधि के बारे में बताने वाले जिसे आजमा कर आप अपने पेट को आसानी से साफ कर पाएंगे। तो चलिए जानते हैं इस आसान सी विधि के बारे में…

    आप सभी लोगों को शायद यह बात मालूम होगी कि पुराने जमाने में रोगों का उपचार शरीर के किसी हिस्से को दबाकर किया जाता था। शरीर के किसी खास हिस्से को दबाकर उपचार किए जाने की इस विधि को एक्यूप्रेशर विधि के नाम से भी लोगों के बीच जाना जाता है। पुराने जमाने में ज्यादातर लोग इस विधि से ही अपने शरीर में होने वाली तरह तरह की परेशानियों का इलाज किया करते थे। शरीर के अलग-अलग अंगों को दबाकर अलग-अलग बीमारियों को ठीक करने की यह विधि पुराने जमाने में काफी ज्यादा कारगर भी हुआ करती थी। आज हम आपको इसी विधि के तहत शरीर के इस अंग के बारे में बताने वाले हैं जिसे दबाकर आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

    अगर आप पेट के साफ ना होने की समस्या से पीड़ित है तो ऐसे में आपको अपनी कोहनी के ऊपरी भाग को 15 से 18 बार जल्दी-जल्दी दबाना है। कोहनी को 15 से 18 बार दबाने के दौरान आपको थोड़ी बहुत दर्द हो सकती है। थोड़ी बहुत दर्द सहकर आप सुबह के वक्त पेट जल्दी साफ ना होने की समस्या से बड़े ही आराम से छुटकारा पा सकेंगे।

    आपको बता दें कि इस विधि को अपनाने के बाद आपका पेट इतनी जल्दी साफ हो जाएगा कि किसी अन्य व्यक्ति को इसके बारे में कुछ पता भी नहीं चलेगा। अगर आप रोजाना इस प्रक्रिया को आजमाते हैं तो ऐसे में आपका पाचन तंत्र भी काफी हद तक मजबूत हो जाएगा। इसके साथ ही साथ पेट में होने वाली गैस कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्या से भी आपको छुटकारा मिलेगा।

  • मर्दों को नपुंसक और मौत दे रहाˈ है ये तेल खाना बनाते वक्त ना करें इसका इस्तेमालˌ

    मर्दों को नपुंसक और मौत दे रहाˈ है ये तेल खाना बनाते वक्त ना करें इसका इस्तेमालˌ

    मर्दों को नपुंसक और मौत दे रहाˈ है ये तेल खाना बनाते वक्त ना करें इसका इस्तेमालˌ

    poisonous oil: आप सभी खाना बनाते वक्त तेल का इस्तेमाल तो करते ही होंगे। बिना तेल के सब्जी की कोई अहमियत नहीं होती और लगभग हर पकवान में तेल का उपयोग जरूरी होता है।

    मगर आज हम आपको एक ऐसे तेल के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके इस्तेमाल से हजारों लोगों की जान चली गई। केरल आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी ऑफ रिसर्च सेंटर के मुताबिक, रिफाइंड तेल हर साल 20 लाख लोगों की मौत का कारण बन रहा है।

    रिफाइंड तेल से डीएनए को नुकसान, आरएनए का नाश, दिल का दौरा, हार्ट ब्लॉकेज, दिमागी क्षति, लकवा, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, नपुंसकता, कैंसर, हड्डियों की कमजोरी, जोड़ों और कमर में दर्द, किडनी खराब होना, लिवर की समस्या, कोलेस्ट्रॉल, आंखों की रोशनी कम होना, प्रदर रोग, बांझपन, बवासीर, और त्वचा रोग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

    रिफाइंड तेल ऐसे होता है तैयार

    बीजों को छिलके समेत दबाकर तेल निकाला जाता है। इस प्रक्रिया में तेल में मिलने वाली अशुद्धियों को हटाने के लिए उसे रिफाइंड किया जाता है ताकि उसका स्वाद, गंध और रंग खत्म हो जाए।

    इस दौरान पानी, नमक, कास्टिक सोडा, सल्फर, पोटैशियम, तेजाब और अन्य खतरनाक एसिड का प्रयोग होता है, जिससे अशुद्धियाँ निकल जाएं। इस प्रक्रिया से तारकोल जैसा गाढ़ा कचरा निकलता है, जिसे टायर बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। इन एसिड की वजह से ये तेल जहरीला बन जाता है।