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  • कबाड़ी से 500 रु में कुर्सी खरीदीˈ और 16 लाख रुपए कमा लिए: जानिए कैसे एक महिला ने कर दिया ये कमालˌ

    कबाड़ी से 500 रु में कुर्सी खरीदीˈ और 16 लाख रुपए कमा लिए: जानिए कैसे एक महिला ने कर दिया ये कमालˌ

    कहा जाता है कि “बुद्धि घुमाओ और पैसा कमाओ”। एक महिला ने इस कहावत को बिल्कुल सटीक तरह से जमीन पर उतार दिया। और 500 रुपए की कुर्सी एक कबाड़ी से खरीदकर करीब 16 लाख रु अपनी जेब में रख लिए।

    500 रु की कुर्सी 16 लाख में नीलाम की

    पैसा कमाने का ब्रिटेन की इस महिला का तरीका आपको हैरान कर देगा। इसने कबाड़ी से केवल 500 रुपए में कुर्सी खरीदी और ऐसा दिमाग दौड़ाया कि 500 रुपए की कुर्सी से पूरे 16 लाख रुपए कमा लिए। दरअसल हुआ ये कि महिला ने कबाड़ी से कुर्सी खरीदकर उसे नीलाम करने का फैसला लिया और देखते-देखते इस कुर्सी की बोली लगाने के लिए कई लोग आगे सामने आ गए और एक शख्स ने 16 लाख रुपए देकर कुर्सी अपने पास रख ली। कैसे हुआ ये कमाल आपको आगे बताते हैं-

    कबाड़ी से 500 रु में कुर्सी खरीदीˈ और 16 लाख रुपए कमा लिए: जानिए कैसे एक महिला ने कर दिया ये कमालˌ

    कुर्सी की इतनी बोली कैसे लगी?

    दरअसल चीजों की कीमत लगाने में माहिर महिला के एक परिचित शख्स ने कुछ दिन पहले महिला को बताया था कि यह कुर्सी कोई मामूली कुर्सी नहीं है, बल्कि ऑस्ट्रिया के 20वीं सदी के आर्ट स्कूल की है। जिसे ऑस्ट्रियाई पेंटर कोलोमन मोजर ने 1902 में डिजाइन किया था। मोजर विएना सेकेशन आंदोलन के एक आर्टिस्ट थे। उन्होंने पारंपरिक कलात्मक शैलियों को खारिज कर नई शैली विकसित की थी।

    लेडर बैक चेयर मॉडल में बनी है कुर्सी

    नीलामी के बाद इस कुर्सी को एक ऑस्ट्रियाई डीलर ने खरीदा है। डीलर जॉन ब्लैक ने कहा कि हम कुर्सी के सेल प्राइस से काफी खुश हैं। अच्छी बात ये है कि यह कुर्सी वापस ऑस्ट्रिया जा रही है।

    यह कुर्सी 18वीं शताब्दी की पारंपरिक लेडर बैक चेयर का मॉर्डन रूप है। दिखने में यह कुर्सी आम है लेकिन इसका बैक यानि पिछला हिस्सा आम कुर्सियों के मुकाबले ज्यादा लंबा है। इसके अलावा इसे बनाने में प्लास्टिक की बजाय लकड़ी और जूट का इस्तेमाल किया गया है।

    तो ब्रिटेन की इन मोहतरमा ने सिर्फ अपनी बुद्धि घुमाई और बैठे-बैठे सैकड़ों को लाखों में बदल दिए।

  • ओ तेरी! 2 साल के बच्चे कोˈ पिता ने खेलने को दिया मोबाइल, बच्चे ने कर दिया 2 लाख का ऑर्डर, घर पहुंचा सामानˌ

    ओ तेरी! 2 साल के बच्चे कोˈ पिता ने खेलने को दिया मोबाइल, बच्चे ने कर दिया 2 लाख का ऑर्डर, घर पहुंचा सामानˌ

    ओ तेरी! 2 साल के बच्चे कोˈ पिता ने खेलने को दिया मोबाइल, बच्चे ने कर दिया 2 लाख का ऑर्डर, घर पहुंचा सामानˌ

    एक भारतीय कपल को अपने बच्चे को शांत करने के लिए उसे अपना स्मार्ट मोबाइल फोन देना काफी महंगा पड़ गया। इस बच्चे ने मोबाइल से खलते हुए करीब 1 लाख 40 हजार के सामान का ऑर्डर दे दिया। इस बच्चे को अभी पढ़ना-लिखना नहीं आता लेकिन सामान ऑर्डर करने में ये बहुत तेज निकला।

    उस समय तो उस कपल को अपने बच्चे की हरकत के बारे में कुछ पता नहीं लगा, लेकिन जब उनके घर पर कार से एक के बाद एक डिलीवरी होना शुरू हुई तो वह चौंक गए। क्या है ये दिलचस्प मामला आपको आगे बताते हैं-

    22 महीने के अयांश ने दिया ऑर्डर

    22 महीने का अयांश अमेरिका में रह रहे इंडियन कपल मधु और प्रमोद कुमार का बेटा है। अयांश को अभी पढ़ना लिखना नहीं आता, लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग की नॉलेज से उसने अपने मम्मी-पापा को चौंका दिया है।

    दरअसल मधु और प्रमोद कुमार का 22 महीने का बच्चा खेलने के लिए मोबाइल मांग रहा था। पहले तो उन्होंने मना किया लेकिन जब वो ज्यादा परेशान करने लगा तो उन्होंने उसे शांत करने के लिए अपना मोबाइल दे दिया। लेकिन बच्चे ने खेल-खेल में ही मोबाइल से फर्नीचर आर्डर कर दिया।

    शॉपिंग साइट कार्ट में ऐड थे फर्नीचर

    अयांश की मां के फोन में अलग-अलग तरह के फर्नीचर पहले से ही एक ऑनलाइन शॉपिंग साइट के कार्ट में ऐड करके रखे हुए थे। अयांश ने मोबाइल से खेलते हुए सारे फर्नीचर को ऑर्डर कर दिया। उसमें बाय डिफॉल्ट उनके घर का एड्रेस था।

    घर पर डिलीवर होने लगे फर्नीचर

    ऑर्डर के बाद जब इस इंडियन कपल के एड्रेस पर फर्नीचर डिलीवर होने लगे तो उन्हें तो एक बार कुछ समझ में ही नहीं आया। फिर जब उन्होंने इनवाइस नोट में ऑर्डर की तारीख और समय देखा तो उन्हें अपनी गलती का पता चला।

    बच्चों को फोन देने से पहले रखें ध्यान

    अयांश ने अपने माता-पिता से स्क्रीन स्वैप और टैप करना सीखा है। इस गड़बड़ी के बाद अयांश के माता-पिता ने अपने फोन की सिक्योरिटी सेटिंग को और मजबूत किया है। अगर आप भी अपने बच्चों को खेलने के लिए मोबाइल दे देते हैं तो इस बात का ध्यान रखना आपकी जिम्मेदारी है जिससे वह आपको नुकसान ना पहुंचा पाए। छोटे बच्चे जब तंग कर रहे होते हैं तो उन्हें बहलाने के लिए उनके हाथ में स्मार्टफोन पकड़ाते समय सावधानी बरतना बहुत जरूरी है।

  • हथनी का दूध पीना चाहती थी छोटीˈ बच्ची, पकड़ लिया थन, बोली- दूध दो.. देखें फिर क्या हुआ – Videoˌ

    हथनी का दूध पीना चाहती थी छोटीˈ बच्ची, पकड़ लिया थन, बोली- दूध दो.. देखें फिर क्या हुआ – Videoˌ

    दूध सेहत के लिए कितना अच्छा होता है, ये बात आप सभी अच्छे से जानते हैं। अधिकतर लोग गाय, बकरी, भैंस जैसे घरेलू जानवरों का दूध पीते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी बच्ची से मिलाने जा रहे हैं जो हथनी का दूध पीती है। यह बच्ची अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। हर कोई इसे लेकर अलग-अलग बातें कर रहा है।

    बच्ची ने पिया हथनी का दूध

    दरअसल सोशल मीडिया पर इन दिनों एक बच्ची बड़ी वायरल हो रही है। इस वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक छोटी सी बच्ची हथनी के पास खड़ी है। वह हथनी का दूध पीना चाहती है। इसलिए वह हथनी के नीचे उसके थन के पास चली जाती है। इसके बाद वह हथनी का थन पकड़कर उससे दूध पीने की अनुमति मांगती है।

    हथनी ने बच्ची को दी दूध पीने कि इजाजत

    हथनी का दूध पीना चाहती थी छोटीˈ बच्ची, पकड़ लिया थन, बोली- दूध दो.. देखें फिर क्या हुआ – Videoˌ

    हथनी भी छोटी बच्ची को अपना दूध पीने की अनुमति दे देती है। इसके बाद बच्ची हथनी का थन पकड़कर दूध पी लेती है। ये पूरा नजारा देखने में बड़ा ही अच्छा लगता है। इसे देख लगता है कि बच्चे और जानवर के बीच एक प्यार का रिश्ता कायम हो सकता है। हथनी ने छोटी बच्ची को अपनी संतान मानकर उसे दूध पीला दिया।

    अक्सर हथनी संग खेलती है बच्ची

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रही यह बच्ची असम के गोलाघाट जिले में रहती है। इस बच्ची का नाम हर्षिता बोरा है। उसकी उम्र महज 3 साल है। हर्षिता को अपने आंगन में बंधी हथनी संग खेलना और उसका दूध पीना बड़ा पसंद है। बच्ची हथनी को प्यार से ‘बीनू’ कहकर बुलाती है

    देखें वीडियो

    इस वीडियो को देख लोग कई तरह के कमेंट्स कर रहे हैं। किसी ने लिखा “बहुत ही प्यारा नजारा है।” वहीं कोई बोला “इंसान और जानवर के बीच अद्भुत प्यार।” हालांकि कुछ ने बच्ची की सेफ़्टी पर भी सवाल उठाए। एक यूजर ने कहा “ये चीज बच्ची के लिए सेफ नहीं है। हथनी गलती से बच्ची को चोट भी पहुंचा सकती है।”

    यह वीडियो भी उस समय वायरल हो रहा है जब असम के विभिन्न जिलों में मानव-पशु संघर्ष, खासकर कि मानव-हाथी का संघर्ष अत्यधिक सुर्खियों में हैं। एक आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक 2021 में हाथियों के हमलों के चलते लगभग 100 लोगों की मौत हुई है।

    वहीं असम के विभिन्न जिलों में 71 हाथी बिजली के झटके, जहर, तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने और तालाबों और खाई या बिजली गिरने सहित ‘आकस्मिक’ मौतों के शिकार हो गए। वैसे इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है?

  • बिना टहनी काटे 125 साल पुराने पीपलˈ के पेड़ पर ही बना दिया 4 मंजिला घर, अंदर की बनावट मन मोह लेगीˌ

    बिना टहनी काटे 125 साल पुराने पीपलˈ के पेड़ पर ही बना दिया 4 मंजिला घर, अंदर की बनावट मन मोह लेगीˌ

    बिना टहनी काटे 125 साल पुराने पीपलˈ के पेड़ पर ही बना दिया 4 मंजिला घर, अंदर की बनावट मन मोह लेगीˌ

    जिस पीपल की छांव में एक व्यक्ति बचपन में खेला और बड़े होने पर उसकी छांव में बैठा, और जब घर बनाने के बारे में उसने सोचा तो उसे वही पीपल का पेड़ फिर नजर आया। उसके बाद उस परिवार ने पीपल के वृक्ष के बीच अपना घर बनाने की ठान ली और शानदार घर बनाकर दिखा दिया।

    जबलपुर में बना ट्री-हाउस

    इस ट्री-हाउस के निर्माण को पूरा कर दिखाया है एमपी में जबलपुर के केशरवानी परिवार ने। इस परिवार ने 125 साल पुराने पीपल के पेड़ को बिना काटे ही अपना घर बनाया है। इस अनोखे तीन मंजिला इमारत में सबसे नीचे पेड़ की जड़ तो ऊपर इसकी शाखाएं दिखाई देती हैं। परिवार का कहना है कि पेड़ को बचाने के लिए उन्होंने ऐसे घर बनाया है।

    125 साल पुराने पेड़ को बिना काटे बना घर

    जबलपुर से लगे पनागर इलाके में एक ऐसा अनोखा घर बसा हुआ है। इस घर को ट्री हाउस कहना गलत नहीं होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि एक 125 साल पुराने पीपल के विशाल पेड़ को काटे बगैर मकान के मालिक ने उसमें घर बनाया है।

    तीन मंजिला इस इमारत में सबसे नीचे फ्लोर पर पीपील की जड़ है तो ऊपर पेड़ की शाखाएं हैं। एक विशाल पेड़ को बचाने के साथ बनाया गया यह घर सभी को पर्यावरण संरक्षण की सीख दे रहा है।

    घर के सदस्य की तरह रहता है पेड़

    केशरवानी परिवार घर में 125 साल पुराना पीपील का पेड़ भी उनके साथ एक जीवित सदस्य की तरह रहता है। घर के सभी सदस्य इस प्राचीन वृक्ष की देखभाल करते हैं तो वहीं ये वृक्ष परिवार के लोगों को 24 घंटे ऑक्सीजन उपलब्ध कराता है। इस पेड़ की शाखाएं घर की खिड़कियों से बाहर निकलती हैं।

    27 साल पहले रखी गई घर की नींव

    इस घर की नींव 27 साल पहले रखी गई थी। इस घर को स्व. डॉ. मोतीलाल केशरवानी ने बनवाया था। उनके बेटे के मुताबिक, मोतीलाल केशरवानी इस पेड़ की छांव में पले-बढ़े और जब मकान बनाने की बारी आई तो इस पेड़ को अपने साथ रखने की इच्छा ज़ाहिर की।

    जमीन के बीच में लगे पीपल के पेड़ के कारण मकान बनाने में काफी दिक्कत आ रही थी, लेकिन इसके बावजूद भी केशरवानी ने पीपल के पेड़ को काटने से मना कर दिया। हालांकि उनके परिवार वालों ने बाद में पेड़ को काटे बिना उसके चारों तरफ से घर बनाने का फैसला लिया, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने इंजीनियर को बुलाया और इसके बाद घर बन कर तैयार हो गया।

    खास बात यह है कि पीपल के पेड़ के चारों तरफ से बना हुआ यह मकान पूरी तरह से ईको फ्रेंडली है। केशरवानी परिवार का यह घर पूरे शहर में चर्चित है। इस घर के नीचे मंदिर भी है, जहां लोग दूर-दूर से पूजा करने आते हैं।

    घर को बनाने के लिए पेड़ के किसी भी हिस्से का नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। यही वजह है कि डाइनिंग रूम से लेकर अन्य कमरों तक पेड़ का कोई ना कोई हिस्सा आपको नजर आ जाएगा।

    पर्यावरण संरक्षण के साथ आध्यात्मिक महत्व

    पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पीपल के वृक्ष का आध्यात्मिक महत्व भी है। मान्यताओं के मुताबिक पीपल के वृक्ष में 33 करोड़ देवी-देवताओं का भी वास होता है। यही वजह है कि घर के सदस्य इस वृक्ष की रोज़ाना पूजा पाठ भी करते हैं। वैज्ञानिक तौर पर भी पीपल एकमात्र ऐसा वृक्ष है जो दिन और रात दोनों वक्त ऑक्सीजन देता है।

    घर वालों का कहना है कि अपने इस घर के साथ हम लोगों को यहीं संदेश देना चाहते हैं कि किसी भी चीज को नष्ट करना असान है , लेकिन बनाना मुश्किल।

  • मंडप में लेट पहुंचा दूल्हा तो गुस्साईˈ दुल्हन ने दूसरे से कर ली शादी सिर पकड़कर बैठ गया दूल्हाˌ

    मंडप में लेट पहुंचा दूल्हा तो गुस्साईˈ दुल्हन ने दूसरे से कर ली शादी सिर पकड़कर बैठ गया दूल्हाˌ

    मंडप में लेट पहुंचा दूल्हा तो गुस्साईˈ दुल्हन ने दूसरे से कर ली शादी सिर पकड़कर बैठ गया दूल्हाˌ

    अपने जीवन में हम सभी कभी न कभी लेट जरूर हुए होंगे। कभी घर पहुंचने में देरी हो जाती है तो कभी ऑफिस आने में लेट हो जाता है। इसकी कई वजहें होती हैं। रास्ते का ट्रैफिक से लेकर घर की कई समस्याएं देरी करवा देती हैं। मगर क्या आपने सुना है कि कोई अपनी शादी में ही लेट हो जाए।

    जी हां महाराष्ट्र से ऐसा दिलचस्प मामला सामने आया है। यहां दूल्हेराजा अपनी ही शादी में घंटों देरी से पहुंचे। मंडप में इंतजार करते-करते जब दुल्हन थक गई तो उसको गुस्सा आ गया। इसके बाद उसने ऐसा कदम उठा लिया कि दूल्हे राजा को सिर पकड़कर बैठना पड़ा। आइए जानते हैं पूरी घटना क्या है।

    महाराष्ट्र के बुलढाणा की है घटना

    शादी में लेट लतीफी का ये मामला महाराष्ट्र के बुलढाणा से सामने आया है। ये घटना 22 अप्रैल की है जहां मलकापुर पंगरा गांव में शादी हो रही थी। यहां शादी की सारी तैयारियां हो चुकी थीं। बस बारात का इंतजार हो रहा था। दूल्हा बारात लेकर विवाह स्थल पर पहुंच गया था। जिससे सबको तसल्ली हो गई थी।

    विवाह के लिए शुभ मुहूर्त 4 बजे शाम का निकाला गया था। मंडप सज गया था और दुल्हन भी समय से ही मंडप में विवाह की रस्मों के लिए बैठ गई थी। हालांकि इसके बाद शुरू हुआ इंतजार जो खत्म ही नहीं हो रहा था। धीरे-धीरे समय बीतता जा रहा था और शाम 4 बजे की जगह 8 बज गए लेकिन दूल्हा मंडप तक नहीं पहुंचा।

    शराब पीकर नाचता रहा, दुल्हन ने ले लिया बड़ा फैसला

    दुल्हन मंडप पर अपने दूल्हे का शाम 4 बजे से इंतजार कर रही थी। वहीं दूल्हे को इसकी कोई फिक्र ही नहीं थी। वो आराम से अपने दोस्तों के साथ मजे कर रहा था। उनके साथ शराब पीकर डांस करने में बिजी दूल्हे को इतना भी ध्यान नहीं रहा कि शुभ मुहूर्त निकल जाने से पहले वो मंडप में पहुंच जाए।

    दूसरी ओर लड़की और उसके घरवाले मंडप में बैठकर इंतजार करते रहे। घंटों इंतजार करने के बाद भी दूल्हा मंडप पर नजर ही नहीं आ रहा था। वो स्टेज पर ही नाच गाने और हंगामा करने में बिजी था। इसके बाद गुस्साई दुल्हन ने बड़ा फैसला ले लिया। उसने शराबी लड़के के साथ शादी करने से ही मना कर दिया।

    उठाया ऐसा कदम, सिर पकड़कर बैठ गया दूल्हा

    दुल्हन के इनकार करने के बाद वहां हड़कंप मच गया। लड़की के पिता भी सोच में डूब गए कि सारी तैयारी हो चुकी है, अब क्या होगा। इसके बाद उन्होंने अपने रिश्तेदार के लड़के से शादी करवाने का फैसला किया। हैरानी की बात है कि इस प्रस्ताव को लड़की ने भी मान लिया। उसी मंडप में दोनों की शादी करवा दी गई।

    वहीं शराब के नशे में रात 8 बजे जब दूल्हा शादी करने मंडप पर पहुंचा तो हैरान रह गया। वहां दुल्हन नहीं थी और न ही पंडित दिख रहा था। लड़की के पिता ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी रिश्तेदार के लड़के से कर दी है। इतना सुनकर दूल्हा वहीं सिर पकड़कर बैठ गया। ये घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • 12 साल पहले गरीब ठेलेवाले से लीˈ थी फ्री में मूंगफली, अमेरिका से लौट कर कुछ इस तरह चुकाया क़र्ज़ˌ

    12 साल पहले गरीब ठेलेवाले से लीˈ थी फ्री में मूंगफली, अमेरिका से लौट कर कुछ इस तरह चुकाया क़र्ज़ˌ

    इस दुनिया में अच्छे और बुरे दोनों तरह के लोग रहते हैं। हाँ ये कहना गलत नहीं होगा कि हमे अक्सर स्वार्थी लोग ज्यादा देखने को मिलते हैं। लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि अब अच्छे और निस्वार्थी लोग बचे ही नहीं है। आज भी कुछ लोगों के अंदर इंसानियत जिंदा है। अब आंध्र प्रदेश की इस दिल छू लेने वाली घटना को ही ले लीजिए। यहां अमेरिका से लौटे भाई बहन ने कुछ ऐसा कर दिया जिसे देख लोग उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।

    12 साल पहले भाई-बहन ने ली थी फ्री मूंगफली

    भाई-बहन ने 12 साल पहले एक एक गरीब ठेलेवाले से मुफ़्त में मूंगफली ली थी। अब जब वे 12 सालों बाद अमेरिका से भारत लौटे तो उन्होंने उस गरीब ठेलेवाले के परिवार के लोगों को न सिर्फ ढूंढा बल्कि उनकी आर्थिक मदद भी की। बात साल 2010 की है। नेमानी प्रणव और सुचिता नाम के भाई बहन अपने पिता मोहन के साथ आंध्र प्रदेश के यू कोथापल्ली बीच पर घूमने गए थे। इस दौरान उनका मूंगफली खाने का मन हुआ। हालांकि तब उनके जेब में पैसे नहीं थे। वे अपना पर्स घर ही भूल आए थे।

    12 साल पहले गरीब ठेलेवाले से लीˈ थी फ्री में मूंगफली, अमेरिका से लौट कर कुछ इस तरह चुकाया क़र्ज़ˌ

    समय पर नहीं दे पाए थे उधार के पैसे

    भाई-बहन ने अपने पर्स भूलने की बात सत्तैया नाम के ठेलेवाले को बताई। ऐसे में उसने भाई-बहन को फ्री में मूंगफली दे दी। उसने दोनों से पैसे नहीं मांगे। भाई-बहन फिर अपने पिता के साथ मूंगफली लेकर चले गए। हालांकि मोहन ने जाते-जाते ठेलेवाले से वादा किया कि वह उनके उधार के पैसे जरूर चुका देंगे।

    इसके लिए भाई-बहन ने सत्तैया ठेलेवाली की एक फोटो भी क्लिक कर ली थी। लेकिन NRI होने की वजह से उन्हें कुछ दिनों बाद अमेरिका वापस जाना पड़ा। ऐसे में वे अपना उधार नहीं चुका पाए।

    भारत लौटने पर शुरू की मूंगफलीवाले की तलाश

    अमेरिका जाने के बाद भी उन्हें सत्तैया ठेलेवाले के पैसे चुकाने वाली बात याद रही। फिर हाल ही में भाई-बहन फिर से भारत आए। इस बार उन्होंने सत्तैया ठेलेवाले के पैसे चुकाने का फैसला किया। हालांकि उसे बहुत खोजने पर भी वह नहीं मिला। फिर उन्होंने काकीनाडा (Kakinada) के विधायक चंद्रशेखर रेड्डी से सत्तैया का पता लगाने विनती की।

    peanut seller

    मूंगफलीवाले के परिवार को दिए 25 हजार रुपए

    विधायक ने सत्तैया को खोजने के लिए फेसबुक पर एक पोस्ट की। इसके कुछ समय बाद पता चला कि सत्तैया इस दुनिया में नहीं हैं। उसका निधन हो चुका है। द सत्तैया के पैतृक गांव नागुलापल्ली के कुछ लोगों ने ये जानकारी दी थी। यह खबर सुन नेमानी प्रणव और सुचिता दुखी हुए और सत्तैया के परिवारवालों से मिलने उनके गांव चले गए। यहां उन्होंने सत्तैया के परिवारवालों को 25,000 रुपये की राशि दी।

  • पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, चेहरेˈ देख डर गया पति, बोला- ये मेरा नहीं एलियन का बच्चा है.. पत्नी को छोड़ भाग गया पतिˌ

    पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, चेहरेˈ देख डर गया पति, बोला- ये मेरा नहीं एलियन का बच्चा है.. पत्नी को छोड़ भाग गया पतिˌ

    पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, चेहरेˈ देख डर गया पति, बोला- ये मेरा नहीं एलियन का बच्चा है.. पत्नी को छोड़ भाग गया पतिˌ

    जब घर में नया मेहमान आता है तो पिता को बड़ी खुशी होती है। वह अपने पिता बनने के अनुभव को एन्जॉय करता है। लेकिन अफ्रीकी देश रवांडा में एक पिता ने जैसे ही अपने नवजात बच्चे का चेहरा देखा तो वह उसे और अपनी बीवी को छोड़कर चला गया। पति का कहना है कि यह मेरा नहीं एलियन का बच्चा है। उसने इस बच्चे को शैतान का रूप भी बताया। हद तो तब हो गई जब उसने अपनी बीवी से बच्चे को मार डालने को कहा। हालांकि एक माँ का दिल ऐसा भला कैसे कर सकता है। बच्चा कैसा भी हो माँ को बहुत प्यारा होता है। इसलिए माँ ने बच्चे को मारने से मना कर दिया।

    महिला का नाम बाजेनेजा लिबर्टा बताया जा रहा है। उसने जिस अनोखे बच्चे को जन्म दिया है उसे अजीब सिंड्रोम से पीड़ित बताया जा रहा है। बच्चे का अजीब चेहरा देख पिता इतना डर गया कि उसने बच्चे को अपने साथ रखने से भी इनकार कर दिया। उसने अपनी बीवी से कहा कि वह इस बच्चे को मार दें। ये बच्चा उसका नहीं एलियन का है। हालांकि पत्नी ने जब ऐसा करने से इनकार किया तो पति को गुस्सा आ गया और वह बच्चे और पत्नी को छोड़ चला गया।

    पति के जाने के बाद भी महिला ने हार नहीं मानी। उसने अपने बच्चों का इलाज करवाने की ठान ली। इसके लिए वह चंदा भी इकट्ठा करने लगी। वह सबसे पहले तो अपने बच्चे को लेकर डॉक्टर के पास गई। यहां डॉक्टर भी साफ साफ नहीं बता पाया कि महिला के बच्चे को क्या बीमारी है। रिपोर्ट्स की माने तो यह सिंड्रोम प्रिजोरिया से कुछ अलग है। यहां बच्चे का सिर किसी त्रिकोण जैसा दिखाई दे रहा है। बच्चे का सिर आकार में भी बहुत बड़ा है।

    बच्चे की मां बाजेनेजा लिबर्टा ने अपनी स्टोरी सोशल मीडिया पर भी साझा की। जब उनकी कहानी वायरल हुई तो लोग मदद को सामने आने लगे। बच्चे का इलाज हो सके इसलिए एक फंड पेज बनाया गया, इसमें लोग पैसा दान करने लगे। माँ की अच्छा है कि वह अपने बच्चे का इलाज विदेश में करवाए। उसे विश्वास है कि उसका बच्चा जल्द ही ठीक हो जाएगा। लोग भी महिला की मदद को तेजी से आगे आ रहे हैं। अभी तक महिला के खाते में लगभग 58 लाख रुपए जमा हो गए हैं। लोग बड़ी संख्या में महिला के बेटे के इलाज के लिए दान कर रहे हैं।

    सोशल मीडिया पर महिला की खूब तारीफ़ें भी हो रही है। एक शख्स ने लिखा कि लिबर्टा मजबूत इरादों वाली महिला है। हमे भी उम्मीद है कि जल्द कोई चमत्कार होगा और उसका बच्चा इलाज के बाद सामान्य हो जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डिलीवरी तक सब कुछ नॉर्मल था। प्रेग्रेंसी के समय भी महिला को किसी तरह की कोई समस्या नहीं हुई। हालांकि जब डिलीवरी हुई तो बच्चे का चेहरा देख डॉक्टर्स भी हैरान रह गए। हालांकि जिस तरह से पति ने अपने बच्चे का चेहरा देख उसे और पत्नी को छोड़ दिया वह काफी शर्मनाक बात है।

  • 35 सालों से पेट में था बच्चा,ˈ मां को जरा भी अंदाजा नहीं, जांच की तो इस हाल में निकला बेबीˌ

    35 सालों से पेट में था बच्चा,ˈ मां को जरा भी अंदाजा नहीं, जांच की तो इस हाल में निकला बेबीˌ

    गर्भावस्था सबसे खूबसूरत पल होता है। कई महिलाएं इस अनुभव को खुलकर एन्जॉय करती है। जब भी कोई महिला प्रेग्नेंट होती है तो उसे कुछ ही दिनों या महीनों में इसकी खबर लग जाती है। वह इस बात से भलीभाती परिचित रहती है कि उसके पेट में कोई बच्चा पल रहा है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसा अनोखा वाक्या सुनने जा रहे हैं जहां एक महिला प्रेग्नेंट हो गई, लेकन उसे सालों तक इसकी खबर ही नहीं थी।

    उसके पेट में करीब 35 सालों से बच्चे का भ्रूण पल रहा था। हालांकि जब उसे पेट में भयंकर दर्द हुआ तो वह डॉक्टर के पास गई। फिर जो हुआ वह बड़ा ही हैरान करने वाला था।

    73 वर्षीय महिला के पेट में हुआ दर्द

    35 सालों से पेट में था बच्चा,ˈ मां को जरा भी अंदाजा नहीं, जांच की तो इस हाल में निकला बेबीˌ

    दरअसल ये हैरान कर देने वाला मामला अल्जीरिया का है। यहां एक 73 वर्षीय महिला के पेट में अचानक बहुत तेज दर्द उठने लगा। ऐसे में वह डॉक्टर के पास पहुंची। जब डॉक्टरों ने उसके पेट दर्द की वजह जानी तो उनके भी होश उड़ गए। उन्होंने पाया कि बुजुर्ग महिला के पेट में कई सालों से सात महीने का भ्रूण मौजूद था। इससे भी हैरत की बात ये थी कि महिला को इस बारे में कोई भी जानकारी नहीं थी।

    अंदर निकला 35 साल पूरा बच्चे का भ्रूण

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार महिला के पेट में पहले भी कई बार दर्द उठा था। उसने डॉक्टरों को दिखाया भी था। लेकिन डॉक्टर्स इस दर्द के पीछे की वजह नहीं पता लगा पाए। अब इस बार जब महिला के पेट में बहुत जोरों का दर्द हुआ तो डॉक्टर ने महिला के पेट की अच्छे से जांच की। इसी दौरान उन्हें महिला के पेट में लगभग 35 साल पुराना 7 माह का भ्रूण मिला। इस भ्रूण से महिला को कोई भी नुकसान नहीं हुआ था।

    भ्रूण बन गया था स्टोन

    babu stone

    महिला के पेट में मौजूद 35 साल पुराना भ्रूण अब स्टोन बन गया था। ऐसे में डॉक्टरों ने इसे ‘बेबी स्टोन’ बताया। महिला की जांच में डॉक्टरों को पता चला कि इस बेबी स्टोन का वजन 4.5 पाउंड यानी 2 किलो तक था। इस स्थिति को डॉक्टरों ने लिथोपेडियन (Lithopedion) बतलाया।

    डॉक्टर्स कहते हैं कि ये तब होता है जब जब प्रेग्नेंसी गर्भाशय के बजाय पेट में बनती है। बच्चे में निरंतर खून की कमी के चलते भ्रूण विकसित नहीं हो पाता है। इस कारण भ्रूण को बाहर निकालने का कोई तरीका नहीं होता है। ऐसे में भ्रूण धीरे-धीरे स्टोन में बदलने लगता है। यही वजह है कि महिला के पेट में मौजूद भ्रूण को ‘बेबी स्टोन’ कहा गया। इसी के चलते महिला के पेट में भयानक दर्द महसूस हुआ था।

    जरा सोचिए आपके पेट में 35 साल से आपका मरा हुआ बच्चा था और आपको अचानक ये बात पता चले तो आपको कैसा लगेगा? यकीनन इस खबर से आप हैरान रह जाएंगे। इस महिला के साथ भी यही हुआ। वह इस बात को सुन दंग रह गई।

  • पहले की चोरी, फिर लौटा गए साराˈ सामान, माफीनामा लिख कहा गलती हो गई, जाने पूरा मामलाˌ

    पहले की चोरी, फिर लौटा गए साराˈ सामान, माफीनामा लिख कहा गलती हो गई, जाने पूरा मामलाˌ

    पहले की चोरी, फिर लौटा गए साराˈ सामान, माफीनामा लिख कहा गलती हो गई, जाने पूरा मामलाˌ

    आमतौर पर जब चोर चोरी करता है तो चोरी का सामान बेच देता है या खुद रख लेता है। लेकिन उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बिसंडा थाना क्षेत्र में एक गजब की चोरी का मामला सामने आया है। यहां चोरों को चोरी करने के बाद पता चला कि उन्होंने एक गरीब के घर चोरी की है। ऐसे में वह एक माफीनामा के साथ चोरी का सारा सामान लौटा गए। अब यह अनोखी चोरी इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

    गरीब शख्स की दुकान में हुई चोरी

    जिस शख्स के घर चोरी हुई थी उसका नाम दिनेश तिवारी है। वह एक गरीब शख्स है। उसने 40 हजार रुपए का कर्ज लेकर वेल्डिंग की एक दुकान खोली थी। हालांकि जब वह दुकान पहुंचा तो ताला टूटा मिला। दुकान के अंदर का सारा सामान भी गायब था। ऐसे में दिनेश ने बिसंडा थाने में चोरी की सूचना दी। हालांकि वहां दरोगा के न होने के चलते केस दर्ज नहीं हुआ।

    चोरों ने वापस किया सामान

    इस घटना को दो ही दिन हुआ थे कि फिर पता चला चोरी हुआ सामान गांव में एक खाली जगह पर पड़ा हुआ है। ये सामान खुद चोर ही रख गए थे। दरअसल चोरी करने के बाद चोरों को जानकारी लगी कि दिनेश तिवारी बहुत गरीब है। ऐसे में चोरों का दिल पिघल गया और उन्होंने सामान लौटा दिया। इतना ही नहीं समान वापस करत समय चोर काफी भावुक भी हो गए। इसलिए उन्होंने एक पर्ची लिखकर दिनेश तिवारी से माफी भी मांगी।

    चिट्ठी लिख मांगी माफी

    चोरों ने पर्ची में लिखा “यह दिनेश तिवारी का सामान है. हमें बाहरी आदमी से आपके बारे में जानकारी हुई। हम सिर्फ उसे जानते हैं जिसने लोकेशन दी कि वह कोई मामूली आदमी नहीं है। पर जब हमें जानकारी हुई तो हमें बहुत दुःख हुआ। इसलिए हम आपका सामान वापस देते हैं। गलत लोकेशन की वजह से हमसे गलती हुई।”

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    घटना से SHO भी हैरान

    जब इस घटना की जानकारी बिसंडा थाने के SHO को लगी तो वह भी हैरान रह गए। उन्होंने कहा कि ये हंसी की बात है कि कोई चोर कहीं से चोरी करे और सामान लौटा जाए। मैंने अपने इतने वर्षों की नौकरी में पहले कभी ऐसा कुछ नहीं देखा। ये बहुत ही फिल्मी बात है।

    सामान मिला तो खुश हुआ गरीब दुकान वाला

    उधर दिनेश तिवारी को जब उनका सामान वापस मिला तो वे बहुत खुश दिखाई दिए। उन्होंने बताया कि चोर दुकान से 2 वेल्डिंग मशीन, 1 बड़ी कटर मशीन, 1 तौलने वाली मशीन, 1 ग्लेंडर और 1 ड्रिल मशीन चोरी करके ले गए थे। लेकिन अब उन्होंने सारा सामान लौटा दिया है। एक पर्चे में माफी भी मांगी है। मेरा सामान मुझे मिल गया मैं तो बस इसी बात से खुश हूँ। ऊपरवाले ने मेरी  रोजी-रोटी बचा ली।

  • बाथरूम की दीवार बन गई थी डरावनीˈ आवाज़ का बसेरा, जब दीवार टूटी फिर पता चली सच्चाईˌ

    बाथरूम की दीवार बन गई थी डरावनीˈ आवाज़ का बसेरा, जब दीवार टूटी फिर पता चली सच्चाईˌ

    बाथरूम की दीवार बन गई थी डरावनीˈ आवाज़ का बसेरा, जब दीवार टूटी फिर पता चली सच्चाईˌ

    कहने को तो हमने काफी तरक्की कर ली है और भौतिकवादी इस युग में हम कहाँ से कहाँ तक पहुँच गए हैं, लेकिन कुछ बातें ऐसी हैं जो कई बार हमें सोचने पर मजबूर कर देती है। जी हां सोचिए हमने तरक्की के नाम पर कितने जीव-जंतुओं का नुकसान पहुँचा दिया है, लेकिन व्यक्ति के पास इतना सोचने का समय ही कहाँ?

    व्यक्ति तो तभी किसी विषय पर सोचता है जब उसके हित प्रभावित हो रहें। वहीं यह तो आप सभी को मालूम ही होगा कि हम लोग आए दिन अपने स्वार्थ के लिए कितने लोगों का नुकसान करते जा रहे हैं। एक छोटा सा उदाहरण ही लीजिए। जी हां लोग अपना घर बनाने के लिए जानवरों और पक्षियों की जगहों को भी कुचलते जा रहे हैं।

    ऐसे में अन्य जीवों के पास रहने के लिए जगह नहीं बचती और ऐसे में जीव भी अपने ठिकाने की तलाश में इंसानों के घरों में रहने के लिए चले आते हैं और हाल ही में अमेरिका के एक घर में एक शख्स ने अपने बाथरूम में लगी टाइल (Bee Nest Found Behind Bathroom Tile) हटाकर देखा तो उसके पीछे उसे सैंकड़ों जीव नजर आए। आइए जानते हैं इसी से जुड़ी कहानी…

    गौरतलब हो कि द सन में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार फ्लोरिडा के सेंट पीटर्सबर्ग (St. Petersburg, Florida) में एक शख्स के घर में बाथरूम की दीवार से कुछ झन्नाने (Buzzing Sound Behind Wall in Bathroom) की आवाज आ रही थी। पहली दफा तो यह आवाज मच्छरों के एक झुंड के उड़ने जैसी मालूम पड़ती थी, लेकिन यह आवाज इतनी सामान्य भी नहीं थी।

    जिसे इग्नोर किया जा सकें। मालूम हो कि यह आवाज इतनी ज्यादा डिस्टर्बिंग थी कि शख्स ने जब अपने बाथरूम की कुछ टाइल्स को तोड़ कर देखा तो उसके होश उड़ गए और होश उड़ने के पीछे एक जबरदस्त कारण था, जिसकी हम सभी सहज कल्पना भी नहीं कर सकते।

    बता दें कि जब व्यक्ति ने दीवार तोड़कर देखा तो उसके पीछे मधुमक्खियों का एक छत्ता था। वहीं मधुमक्खियों की एक्सपर्ट एलिशा बिक्सलर ने बताया कि मक्खियों का 7 फीट ऊंचा छत्ता दीवार पर लगी टाइल्स के पीछे बना हुआ था जिसमें सैंकड़ों मधुमक्खियां अपना घर जमाए बैठी थीं और यह वीडियो टिकटॉक पर अब बहुत वायरल हो रहा है।

    Bee Nest Found Behind Bathroom Tile

    वहीं आख़िर में बता दें कि बिक्सलर ने कहा कि छत्ते में काफी मात्रा में शहद भी दिखाई दे रहा था और उन्हें दीवार से 7 फीट ऊंचा छत्ता हटाने में 5 घंटे से ज्यादा का टाइम लगा। इसके अलावा घर के लोगों का कहना है कि वो बाथरूम में से आ रही इन आवाजों से काफी चिंतित थे। कई बार उन्हें मधुमक्खियां दिखाई भी दीं पर उन्हें सहज अंदाजा ही नहीं था कि दीवार के पीछे इतना बड़ा छत्ता होगा।