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  • वाह री किस्मत! खुली थी 75 लाखˈ की लॉटरी महिला ने कूड़ा समझकर फेंक दिया बाहर जाने फिर क्या हुआˌ

    वाह री किस्मत! खुली थी 75 लाखˈ की लॉटरी महिला ने कूड़ा समझकर फेंक दिया बाहर जाने फिर क्या हुआˌ

    वाह री किस्मत! खुली थी 75 लाखˈ की लॉटरी महिला ने कूड़ा समझकर फेंक दिया बाहर जाने फिर क्या हुआˌ

    ऐसा अक्सर होता है कि किस्मत आपके घर का दरवाजा खटखटा रही होती है लेकिन आप दरवाजा खोलते ही नहीं हैं। कई बार प्रयास के बाद किस्मत मौका देती है लेकिन हर इंसान इसे समझ ही नहीं पाता है। कई बार तो बात बिगड़ जाती है लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि बात बिगड़ते बिगड़ते भी बन जाती है।

    कुछ ऐसी ही एक घटना हुई महिला के साथ जो ऑस्ट्रेलिया में रहती है। उसका एक लॉटरी का टिकट खुल गया था। वो भी छोटा मोटा नहीं 75 लाख रुपये का टिकट था। महिला ने उसको कूड़ा समझ लिया और घर से बाहर फेंक दिया। फिर भी किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। आइए जानें आखिर फिर आगे क्या हुआ?

    ऑस्ट्रेलिया से सामने आई रोचक घटना

    कभी आपने सोचा है कि किसी की लाखों रुपये की लॉटरी लग जाए और वो टिकट को ही कूड़ा समझकर बाहर फेंक दे। यकीनन आप इस बात को पागलपन ही मानेंगे लेकिन एक महिला ने ये काम अपने होशोहवास में कर दिया। ऑस्ट्रेलिया में रहने वाली महिला ने एक लॉटरी टिकट खरीदा था। इसका दाम 5 डॉलर था।

    लॉटरी टिकट की इनाम राशि 1 लाख डॉलर यानि 75 लाख रुपये थी। वो हर सप्ताह एक टिकट खरीदा करती थी। ये सिलसिला कई सालों से चला आ रहा था। टिकट का रिजल्ट आया और उसने नंबर स्क्रैच कर चेक किया तो वो मायूस हो गई। उसका नंबर नहीं लगा था। इसके बाद उसने गोल्डेन एडिशन टिकट को कूड़े के साथ बाहर फेंक दिया।

    पति की पड़ी नजर और खुल गई किस्मत

    महिला टिकट को कूड़े के ढेर में फेंककर अपने काम में लग गई। इसी बीच उसका पति घर पहुंचा और उसकी नजर गोल्डेन टिकट पर पड़ गई। उसने महिला से पूछा तो उसने कहा कि उसने टिकट नंबर चेक कर लिया है। पति का मन नहीं माना और उसने कचरे से टिकट उठा लिया और एक बार फिर से मिलाने को कहा।

    पति के कहने पर जब महिला ने दोबारा टिकट मिलाया तो वो हैरान रह गई। उसकी लॉटरी खुल गई थी लेकिन उनको खबर ही नहीं थी। उसको घर बैठे-बैठे 75 लाख रुपये मिल गए थे। पहली बार टिकट खुलने के बाद वो हैरान रह गई। दोनों पति पत्नी इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद से फूले नहीं समा रहे।

    नहीं हो रहा है किस्मत पर यकीन

    महिला का कहना है कि उसको अपनी किस्मत पर यकीन ही नहीं हो रहा है। वो कई वर्षों से स्क्रैच करने वाले लॉटरी टिकट खरीदती आ रही थी। कभी भी उसका टिकट नहीं खुला। इसी वजह से इस बार भी उसने बस ऐसे ही कार्ड स्क्रैच कर लिया था। ध्यान से नंबर देखा ही नहीं था। उसको लगा ही नहीं था कि उसकी किस्मत साथ देगी।

    महिला अब 75 लाख रुपये पाकर काफी खुश नजर आ रही है। उसने पहले से ही प्लान कर लिया था कि इन पैसों से वो अपने लिए नई कार खरीदेगी। वहीं कुछ पैसों से वो अपने बच्चों की सहायता भी करने की योजना बना रही है। वो अपने पति को भी धन्यवाद दे रही है जिनकी मदद से उसको ये रकम मिली।

  • बहू ने अंगारों पर चलकर देनी पड़ीˈ अग्नि परीक्षा कहा- सास लगाती है झूठे आरोप नहीं भड़काती पति कोˌ

    बहू ने अंगारों पर चलकर देनी पड़ीˈ अग्नि परीक्षा कहा- सास लगाती है झूठे आरोप नहीं भड़काती पति कोˌ

    बहू ने अंगारों पर चलकर देनी पड़ीˈ अग्नि परीक्षा कहा- सास लगाती है झूठे आरोप नहीं भड़काती पति कोˌ

    मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां पर एक महिला ने अंगारों पर नंगे पैर चलकर अपनी बेगुनाही साबित की है। इस महिला का कहना है कि उसकी सास उसपर शक करती है। अपनी सास के शक को दूर करने के लिए उसने ये ‘अग्नि परीक्षा’ दी है। ये मामला सौसर ब्लाक का है।

    महिला के अनुसार उसकी सास ने उसपर ये आरोप लगाया था कि वो टोना-टोटका करती है और उसके बेटे को अपने वश में कर लिया है। सास की ओर से लगाए गए इस आरोप को झुठलाने के लिए ये महिला नंगे पैर अंगारों पर चली। सौसर तहसील के ग्राम रामकोना के मोहर्रम पर्व के दौरान एक दरगाह पर ये महिला अंगारों पर चली। इस दौरान किसी ने वीडियो बना ली। जो कि अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

    इस वीडियो में बाबा महिला पर उसके रिश्तेदारों द्वारा आरोप लगाए जाने की बात कर रहे हैं। वे उसे खुद को निर्दोष साबित करने के लिए अंगारों पर चलने को कहते हैं। इसके बाद महिला दो बार अंगारों पर चलती भी है। महिला ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उसकी सास और ससुरालपक्ष के अन्य लोग पति को अपने वश में करने का आरोप लगा रहे हैं। जबकि उसने ऐसा कुछ नहीं किया है। इसी का सबूत देने के लिए वो बाबा की दरगाह में आई थी। वहीं बाबा का बचाव करते हुए महिला ने कहा कि उसने अपनी मर्जी से ये सब किया है। बाबा ने उसे अंगारों पर चलने को नहीं कहा था।

    इस मामले पर बाबा की प्रतिक्रिया भी आई है। इन्होंने कहा है कि महिला को उसका परिवार, पति को कुछ खिलाने के नाम पर कई दिनों से प्रताड़ित कर रहा है। ऐसे में मसले को हल करने के लिए उसने महिला की मंजूरी से ये सब किया है। वहीं महिला के पति ने कहा कि उनके परिवार में भ्रम फैला हुआ था कि मेरी पत्नी ने यहां पर कुछ गड़बड़ की हुई थी। लेकिन मेरी मां को अब विश्वास हो गया है कि उसने ऐसा कुछ नहीं किया है।

    इस मामले पर कई संगठनों की ओर से प्रतिक्रिया भी आई है और इन संगठनों ने बाबा पर कार्रवाई की मांग की है। मानव अधिकार आयोग की तरफ से भी संज्ञान लिया गया है। आयोग ने पुलिस को तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। वहीं घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

  • शर्मीली और खर्चीली होती हैं फरवरी मेंˈ जन्मी लड़कियां, जानें इनकी खूबियां एवं अन्य रहस्यˌ

    शर्मीली और खर्चीली होती हैं फरवरी मेंˈ जन्मी लड़कियां, जानें इनकी खूबियां एवं अन्य रहस्यˌ

    शर्मीली और खर्चीली होती हैं फरवरी मेंˈ जन्मी लड़कियां, जानें इनकी खूबियां एवं अन्य रहस्यˌ

    हर इंसान में एक अलग खासियत होती है और इसी अलग खूबी की वजह से हर किसी को दूसरे से अलग पहचान मिलती है। बता दें कि आपके नेचर पर आपकी राशि, जन्म तारीख व जन्म के महीने का बहुत असर पड़ता है। बहरहाल, साल 2021 का दूसरा महीना शुरू हो गया है और यह महीना प्यार के महीने के रूप में जाना जाता है क्योंकि इस महीने में वैलेंटाइन डे आता है।

    ऐसे में फरवरी के महीने में जन्मीं लड़कियां बेहद रोमांटिक नेचर की होती हैं। इतना ही नहीं ये लड़कियां खुशमिजाज होती हैं, जिसकी वजह से इनकी फ्रेंड लिस्ट काफी लंबी होती हैं। तो आइए जानते हैं, फरवरी महीने में जन्मीं लड़कियों की कुछ अन्य खूबियां…

    खुशमिजाज

    फरवरी के महीने में जन्मी लड़कियां खुशमिजाज तो होती ही हैं, साथ ही साथ मिलनसार भी होती हैं। इनके इसी नेचर की वजह से लोग इनकी तरफ अट्रैक्ट होते हैं और हर कोई इनसे दोस्ती करना चाहता है।

    खर्चीली

    फरवरी के महीने में जन्मीं लड़कियां पैसे खर्च करने के मामले में बेहद बिंदास होती हैं। ये खर्चीली होती हैं और इन्हें नई नई चीजें खरीदना पसंद होता है। इतना ही नहीं इन्हें घूमने फिरने का भी बहुत शौक होता है और ये अक्सर अपने दोस्तों के साथ हिल स्टेशन पर घूमने जाती रहती हैं।

    खुद पर कंट्रोल
    इस महीने में जन्मीं लड़कियों में सेल्फ कंट्रोल होता है और ये कठिन से कठिन परिस्थितियों में खुद को बेहद आसानी से ढाल लेती हैं। ऐसे में ये कहा जाना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि ये लड़कियां बेहद जुझारू और परिश्रमी होती हैं।

    भावुक

    फरवरी में जन्मी लड़कियां काफी इमोशनल होती हैं और ये छोटी छोटी बातों को दिल में ले लेती हैं।

    शर्मीली

    फरवरी में जन्म लेने वाली लड़कियां बहुत ही ज्यादा शर्मीली होती हैं। ऐसे में ये अपने दिल की बात जल्दी से किसी को नहीं कह पाती हैं। यानी अगर इन्हें किसी से प्यार हो जाता है तो ये उसे इजहार करने में काफी ज्यादा समय लगा देती हैं।

    रोमांटिक

    फरवरी का महीना प्यार और रोमांस का महीना होता है। ऐसे में इस महीने में जन्मी लड़कियां भी बेहद रोमांटिक किस्म की होती हैं। ये अपने पार्टनर के साथ जिंदगी के हर पल को बेहद अच्छे से एन्जॉय करती हैं।

    ईमानदार

    खुशमिजाज और रोमांटिक होने के साथ साथ ये लड़कियां प्यार में पूरी तरह से ईमानदार भी होती हैं। ये एक बार जिस किसी के साथ रिश्ते में आ जाती हैं तो पूरी जिंदगी साथ निभाती हैं। इतना ही नहीं ये प्यार में किसी को धोखा देने का सोचती भी नहीं है।

    आकर्षक

    रोमांटिक होने के साथ साथ ये लड़कियां दिखने में भी बहुत आकर्षक और सुंदर होती हैं। ऐसे में लोग बहुत जल्दी इनकी खूबसूरती पर फिदा हो जाते हैं।

    तेज दिमाग की मालिकन

    ये लड़कियां न सिर्फ दिखने में सुंदर होती हैं बल्कि दिमाग से भी काफी तेज होती हैं। ऐसे में ये बड़ी से बड़ी परेशानी को चुटकियों में हल कर लेती हैं। साथ ही साथ ये अपने करियर में भी बुलंदियों के शिखर पर पहुंचती हैं।

    रहस्यवादी
    इन लड़कियों को बिना मतलब के किसी से बातचीत करना या रिश्ता बनाना बिल्कुल भी पसंद नहीं होता है। लिहाजा इन्हें किसी अनजान से बात करना बिल्कुल पसंद नहीं होता है। ये ज्यादा बातचीत नहीं करती हैं, ऐसे में इनके स्वभाव को समझ पाना बेहद कठिन होता है।

  • 100 साल पहले हुई थी वाघ बकरीˈ चाय की स्थापना उच्च – नीच के भेदभाव के खिलाफ देती है संदेशˌ

    100 साल पहले हुई थी वाघ बकरीˈ चाय की स्थापना उच्च – नीच के भेदभाव के खिलाफ देती है संदेशˌ

    100 साल पहले हुई थी वाघ बकरीˈ चाय की स्थापना उच्च – नीच के भेदभाव के खिलाफ देती है संदेशˌ

    ‘वाघ बकरी चाय’ एक जाना माना ब्रांड है। देश में करोड़ों लोग ‘वाघ बकरी चाय’ पीया करते हैं। ‘वाघ बकरी’ कंपनी की शुरूआत साल 1934 में नारनदास देसाई ने की थी। नारनदास देसाई ने दक्षिण अफ़्रीका से गुजरात आकर इस व्यापार को शुरू किया था। दरअसल ये चाय का व्यापार करने के लिए दक्षिण अफ़्रीका गए थे और यहां पर इन्होंने 500 एकड़ का एक चाय का बागान खरीदा था। हालांकि अंग्रेज़ी हुकूमत और रंग व नस्ल भेदभाव के कारण ये भारत वापस आ गए।

    ये महात्मा गांधी को अपना आदर्श मानते थे और जब ये भारत लौटे तो इनके पास कुछ सामान और बापू की लिखी हुई एक चिट्ठी थी। जो कि प्रमाण पत्र था। इसकी मदद से ही ये गुजरात में आसानी से अपना चाय का व्यापार शुरू कर पाए थे। ये पत्र 12 फरवरी, 1915 को गांधी जी ने लिखा था। इस चिट्ठी में गांधी जी ने देसाई की तारीफ़ की थी और लिखा था कि ‘मैं नारनदास देसाई को दक्षिण अफ़्रीका में जानता था। जहां वो कई सालों से सफ़ल चाय बागान के मालिक रहे।

    गांधी जी का ये पत्र दिखाकर ही ये अपने सपने को पूरा कर सके और कम समय के अंदर ही गुजरात में इन्होंने चाय की अपनी कंपनी शुरू कर दी।

    खोली गुजरात टी डिपो कंपनी

    अपने जन्म राज्य गुजरात में आकर इन्होंने चाय के व्यापार को नए सिरे से शुरू किया। साल 1915 में भारत लौटे नारानदास देसाई ने गुजरात टी डिपो कंपनी की स्थापना की। वहीं 1934 में गुजरात टी डिपो कंपनी का नाम ‘वाघ बकरी’ रख दिया गया। फिर धीरे-धीरे ये ब्रांड पूरे भारत में प्रसिद्ध हो गया।

    नारनदास की कंपनी वाघ बकरी चाय का Logo काफी अलग था और उस दौरान इनकी कंपनी का ये लॉगो काफी फेमस हुआ था। चाय के पैकेट में बनें लॉगो में एक बाघ और एक बकरी बनीं हुई थी। ये दोनों एक ही प्याली से चाय पी रहे थे। इस लॉगो को नारनदास जी ने काफी सोच समझकर बनाया था। दरअसल गुजराती भाषा में बाघ को ‘वाघ’ कहते हैं। इसलिए चाय के पैकेट पर बाघ की जगह वाघ लिखा हुआ है।

    ये लॉगो एकता और सौहार्द का प्रतीक है। इस चिह्न में बाघ यानी उच्च वर्ग के लोग और बकरी यानी निम्न वर्ग के लोग दिखाए गए हैं। ये दोनों एक साथ चाय पी रहे हैं। जो कि सामाजिक एकता का प्रतीक है।

    भारत में ये कंपनी 15 चाय लाउंज का स्वामित्व और संचालन करती है। इसके उत्पाद अमेरिका, कनाडा, मध्य पूर्व, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फिजी, मलेशिया और सिंगापुर में भी बेचे जाते हैं। मार्च 2021 तक कंपनी द्वारा कुल बिक्री में निर्यात का योगदान 5% था।

    wagh bakri tea history

    आज ये ब्रांड 1,500 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार और 40 मिलियन किलोग्राम से अधिक की चाय पत्ति का वितरण करता है। राजस्थान, गोवा से लेकर कर्नाटक तक, पूरे भारत में, वाघ बकरी चाय का सेवन किया जाता है। इस कंपनी में पांच हजार लोग काम करते हैं और ये आज भारत का एक जाना माना ब्रांड बन गया है।

  • सिंदूर लगाने जा रहे दूल्हे के मोबाइलˈ पर अचानक आया ऐसा मैसेज देखते ही मंडप छोड़कर भाग निकलाˌ

    सिंदूर लगाने जा रहे दूल्हे के मोबाइलˈ पर अचानक आया ऐसा मैसेज देखते ही मंडप छोड़कर भाग निकलाˌ

    देश में इस समय शादी बारात का सीजन चल रहा है। लोग अपने-अपने हमसफर के साथ सात फेरे ले रहे हैं। हमेशा साथ निभाने की कसमें भी खा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर शादी के इस सीजन में कई बार ऐसी घटनाएं भी हो जाती हैं जो पूरे इलाके में सुर्खियों की वजह बन जाती हैं। झारखंड में भी कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है।

    सिंदूर लगाने जा रहे दूल्हे के मोबाइलˈ पर अचानक आया ऐसा मैसेज देखते ही मंडप छोड़कर भाग निकलाˌ

    यहां भी एक शादी का आयोजन किया गया था। दूल्हा बारात लेकर समय पर पहुंच गया था। बाराती खुशी से नाच रहे थे। जलपान के बाद मंडप में शादी भी शुरू हो गई थी। जैसे ही दूल्हा दुल्हन के सिंदूर लगाने जा रहा था। अचानक उसके मोबाइल पर ऐसा मैसेज आया जिसको देखते ही वो मंडप छोड़कर भाग निकला।

    गिरीडीह से सामने आया मामला

    शादी-ब्याह बिना किसी परेशानी के निपट जाए, हर कोई यही चाहता है। फिर भी कई बार ऐसा हो जाता है कि विवाह होते-होते रह जाता है। कुछ ऐसा ही झारखंड राज्य के गिरीडीह में हुआ। यहां के बेंगाबाद इलाके की घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। यहां एक दूल्हा अपनी शादी ही छोड़कर फरार हो गया।

    इलाके के एक होटल में मंगलवार को विवाह समारोह आयोजित किया गया था। दूल्हा बारात के साथ तय समय पर होटल में पहुंच भी गया था। द्वाराचार के बाद दूल्हे को स्टेज पर बैठाया गया। वहां डीजे पर बाराती नाच रहे थे। हर ओर खुशी का माहौल था। खाना-पीना चल रहा था। इसके बाद दुल्हन आई तो स्टेज पर जयमाल संपन्न हुई।

    मंडप में आया ऐसा मैसेज, देखकर चौंका दूल्हा

    हालांकि कुछ ही देर में क्या होने वाला है, इसकी किसी को खबर नहीं थी। जयमाल के बाद स्टेज पर ही दूल्हा-दुल्हन बैठे हुए थे। रिश्तेदार और मेहमान आ रहे थे, दोनों को आशीर्वाद दे रहे थे। गिफ्ट लेन-देन का सिलसिला चल रहा था। इसके बाद विवाह का मुहूर्त आने लगा तो दोनों को मंडप में बुलाया गया।

    विवाह का मुहूर्त आय़ा तो वर-वधु मंडप में शादी की रस्में करने पहुंचे। इसके बाद परंपरा के अनुसार पंडित ने विवाह शुरू करवा दिया। धीरे-धीरे रस्म पूरी हो रही थी। सारी रस्में पूरी हो चुकी थीं। बस एक रस्म सिंदूरदान की बची हुई थी। इसी बीच वहां बैठे दूल्हे के मोबाइल पर एक मैसेज आया। मैसेज देखते ही वो सकते में आ गया।

    मच गया हंगामा, मामला पुलिस के पास

    उस मैसेज में लिखा हुआ था कि जिस लड़की से तुम शादी करने जा रहे हो, वो पहले किसी और की गर्लफ्रेंड रह चुकी है। उसमें लिखा हुआ था कि उसके प्रेमी की हत्या भी हो चुकी है। इस मैसेज को जैसे ही दूल्हे ने देखा, वो परेशान हो गया। इसके बाद उसने मोबाइल बंद किया और बहाने से मंडप से उठा और धीरे से फरार हो गया।

    दूल्हे को वहां न पाकर मंडप में हंगामा मच गया। दोनों पक्ष आपस में भिड़ने लगे। इसके बाद पुलिस को सूचना मिली। पुलिस वहां पहुंची तो दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप लगाने लगे। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। वहीं पता लगा है कि दुल्हन के प्रेमी की कुछ दिन पहले ही सरिया रेल ट्रेक पर लाश मिली थी।

  • प्रकृति का अद्भुत करिश्मा? एक ऐसा अनोखाˈ पेड़ जिस पर उगता है लड़की के आकार जैसा फलˌ

    प्रकृति का अद्भुत करिश्मा? एक ऐसा अनोखाˈ पेड़ जिस पर उगता है लड़की के आकार जैसा फलˌ

    प्रकृति का अद्भुत करिश्मा? एक ऐसा अनोखाˈ पेड़ जिस पर उगता है लड़की के आकार जैसा फलˌ

    प्रकृति के द्वारा दिया गया सबसे अनमोल तोहफा हमारे जीवन में पेड़ पौधे हैं अगर यह पेड़ पौधे ना हो तो इस पृथ्वी पर हमारा जीवन संभव नहीं हो सकता, इन पेड़ पौधों से हमें ऑक्सीजन मिलती है जो हमारे जीवन के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है आप सभी लोगों ने ऐसे बहुत से पेड़ पौधे देखे होंगे या उनके बारे में सुना होगा जिनके बारे में जानने के बाद आपको काफी आश्चर्य हुआ होगा परंतु क्या आप लोगों ने कभी एक ऐसे पेड़ के बारे में सुना है जिसके ऊपर फल की जगह लड़की के आकार का फल उगता है? जी हां, आप लोग इस जानकारी को सुनने के बाद अवश्य सोच में पड़ गए होंगे और आप लोगों में से कई लोगों के मन में यह भी विचार आ रहा होगा कि भला ऐसा थोड़े ही होता है? परंतु आज हम आपको यहां सिर्फ बताने ही वाले नहीं है बल्कि आपको यह दिखाने वाले भी हैं।

    आप सभी लोगों ने लोगों के मुंह से यह कहते हुए सुना तो होगा कि “पैसे कभी पेड़ पर नहीं उगते” चलो माना पैसे पेड़ पर नहीं उग सकते हैं परंतु लड़कियां पेड़ पर उग सकती है? अभी तक आप लोगों ने पेड़ों पर फल सब्जियां ही लटके हुए देखी होंगी परंतु कभी आपने पेड़ पर लड़कियां लटकी हुई देखी है? ज्यादातर आप लोगों में से सभी का जवाब “ना” में ही होगा ! दरअसल, थाईलैंड में एक ऐसा पेड़ मौजूद है जिस पर लड़की के आकार का फल उगता है इन दिनों यह पेड़ सोशल मीडिया पर काफी चर्चा का विषय बना हुआ है इस पेड़ पर उगने वाला फल बिल्कुल लड़की के आकार का है।

    सोशल मीडिया पर इस पेड़ की तस्वीरें काफी तेजी से वायरल हो रही है दरअसल, इस पेड़ को लेकर काफी रहस्य बना हुआ है वहीं इस पेड़ के पीछे की वजह के बारे में अभी भी खोज हो रही है वैसे तो इस पेड़ को लेकर अभी तक सभी अलग-अलग कहानियां बताने में लगे हुए हैं परंतु इनमें से एक कहानी ज्यादातर लोगों के जुबान पर रहती है और इसे बौद्ध मान्यताओं से जोड़ा गया है हम आपको बताने वाले हैं कि बौद्ध मान्यताओं के मुताबिक इस पेड़ कि आखिर पूरी कहानी क्या है?

    थाईलैंड में यह अनोखा पेड़ स्थित है और इस पेड़ को “नैरीफन” के नाम से जाना जाता है बौद्ध मान्यताओं के मुताबिक इस पेड़ को भगवान ने स्वयं थाईलैंड के हिमाचल के जंगलों में लगाया था और इसी वजह से इस पेड़ पर इस तरह की लड़की के आकार के फल उगते हैं बहुत से लोगों का ऐसा कहना है कि जिस पेड़ पर यह फल उगता है वह काफी पवित्र है इसके बारे में ऐसा माना गया है कि सदियों पहले भगवान इंद्र अपनी पत्नी और बच्चों के साथ इसी जंगल में रहा करते थे एक बार भगवान इंद्र की पत्नी जंगल में फल तोड़ने गई हुई थी तो उनके ऊपर कुछ राक्षसों ने हमला कर दिया था उनकी रक्षा के लिए भगवान ने इस जंगल में नैरीफन के 12 पेड़ तुरंत उगा दिए थे और राक्षसों को धोखा देने के लिए इस पेड़ पर ऐसे फल लगाएं जिन पर उगने वाला फल लड़की के शरीर की आकृति की तरह था।

    उसी समय से लोगों का ऐसा कहना है कि इस पेड़ पर लड़कियों के शरीर की आकृति वाले फल उगते हैं इस पेड़ को लेकर अभी तक रहस्य बना हुआ है और इसकी खोज अभी तक जारी है अभी इस रहस्य की पुष्टि नहीं हो पाई है कि वास्तव में इस पेड़ पर फल है या फिर कुछ और ही उगता है।

  • नाव में बैठे विद्वान पंडितजी तूफान आयाˈ तो डूबने लगी नाव धरा रह गया सारा ज्ञान लेकिन फिर..ˌ

    नाव में बैठे विद्वान पंडितजी तूफान आयाˈ तो डूबने लगी नाव धरा रह गया सारा ज्ञान लेकिन फिर..ˌ

    नाव में बैठे विद्वान पंडितजी तूफान आयाˈ तो डूबने लगी नाव धरा रह गया सारा ज्ञान लेकिन फिर..ˌ

    एक समय की बात है। एक गांव में एक विद्वान पंडितजी रहते थे। उन्होंने हर विषय में बहुत शिक्षा हासिल कर रखी थी। उन्हें अपने इस ज्ञान और शिक्षा का बहुत घमंड था। वह हर जगह अपने ज्ञान का बखान करते थे। खुद की तारीफ़ों के पूल बांधते थे। जो लोग उनसे कम ज्ञानी थे उन्हें नीचा दिखाते थे। उन्हें ताने मारते थे। खुद को उनसे बेहतर साबित करते थे।

    जब बीच नदी में खराब हुई पंडितजी की नाव

    एक दिन पंडितजी को कुछ निजी काम से दूसरे गांव जाना था। लेकिन रास्ते में एक नदी थी। ऐसे में उन्होंने एक नाव कर ली। वह आराम से ठप्पा मारकर नाव में बैठ गए। नाव चलाने वाला नाविक एक बेहद साधारण शख्स था। नाव में बैठे-बैठे पंडितजी का अभिमान उनपर हावी हो गया। वह नाविक से पूछने लगे “तूने कहां तक शिक्षा प्राप्त की है?” इस पर नाविक बोला “बस थोड़ा बहुत पढ़ा हूं पंडितजी। इससे ज्यादा जरूरत ही महसूस नहीं हुई। काम धंधे में लग गए और क्या।”

    इस पर पंडितजी सड़ा मुंह बनाने लगे। फिर घमंड में आकर पूछा “तुझे व्याकरण का ज्ञान है क्या?” नाविक ने सिर हिला ना बोल दिया। पंडितजी फिर बोले “अरे गवार। तूने व्याकरण भी नहीं पढ़ी? अपनी आधी उम्र यूं ही गंवा दी।” फिर पंडितजी ने तेज आवाज में पूछा “भूगोल, इतिहास तो पड़ा होगा?” नाविक ने फिर ना बोल दिया। इस पर पंडितजी उसे नीचा दिखाते हुए बोले “अरे रे, फिर तो तेरा पूरा जीवन ही व्यर्थ हो गया।” वह खुद पर गर्व कर बोले “मुझे देख, मैंने जीवन का सही उपयोग किया। इतना ज्ञान हासिल किया।”

    पंडितजी की बात सुनकर नाविक कुछ नहीं बोला। बस सिर झुका बैठा रहा। कुछ देर बाद तेज हवा चलने लगी। नदी की लहरें उफान मारने लगी। नाव डगमगाने लगी। यह देख पंडितजी थर-थर कांपने लगे। नाविक बोला “पंडितजी आपको तैरना तो आता है ना?” पंडितजी ने डरते हुए कहा “नहीं आता।” इस पर नाविक हँसते हुए बोला “अरे, अब आपको व्यकारण, इतिहास, भूगोल को मदद के लिए बुलाना होगा। क्योंकि ये नाव तो अब डूबने वाली है।”

    नाविक की ये बातें सुन पंडितजी का डर सांतवे आसमान तक जा पहुंचा। हालांकि नाविक समझदार था। इतने तूफान में भी वह नाव को जैसे तैसे किनारे ले आया। अब नाव से उतरते ही पंडितजी को अपनी गलती का एहसास हुआ। उन्हें समझ आया कि ज्ञान छोटा हो या बड़ा, वह काम का होता है। फिर वह इतिहास भूगोल का ज्ञान हो या तैरने और नाव चलाने का ज्ञान।

    कहानी की सीख

    हमे कभी भी किसी को उसकी हैसियत या ज्ञान के आधार पर नीचा नहीं दिखाना चाहिए। साथ ही अपने ज्ञान का घमंड भी नहीं करना चाहिए। हर व्यक्ति में कोई न कोई टेलेंट या किसी विशेष चीज का ज्ञान होता है। वहीं हर किसी में कोई न कोई कमी भी होती है। इसलिए सबको समान दृष्टि से देखना चाहिए।

  • शादी में नहीं मिला मटन तो मंडपˈ से गायब हो गया दूल्हा, उसी रात रचा ली दूसरी लड़की से शादीˌ

    शादी में नहीं मिला मटन तो मंडपˈ से गायब हो गया दूल्हा, उसी रात रचा ली दूसरी लड़की से शादीˌ

    शादी में नहीं मिला मटन तो मंडपˈ से गायब हो गया दूल्हा, उसी रात रचा ली दूसरी लड़की से शादीˌ

    जब भी घर में किसी लड़की की शादी होती है तो माता पिता के ऊपर सबसे ज्यादा प्रेशर रहता है। हर पिता अपनी बेटी की शादी धूमधाम से करना चाहता है। इसके लिए वह अपनी क्षमता के अनुसार मेहमानों का स्वागत भी करता है। लेकिन कुछ लालची लोग ऐसे भी होते हैं जिनके लिए जितना भी कर लो कम ही होता है। वे कभी लड़कीवालों के स्वागत और दहेज से खुश नहीं होते हैं। छोटी छोटी बातों पर शादी तोड़ने तक को तैयार हो जाते हैं। अब ओडिशा (Odisha) के जाजपुर (Jajpur) की इस घटना को ही ले लीजिए। यहाँ दूल्हा खाने में मटन न मिलने से इतना नाराज हो गया कि शादी के मंडप से ही गायब हो गया।

    दरअसल शादी वाले दिन शुरुआत में तो सबकुछ अच्छा चल रहा था। लड़की के पिता ने शादी की अच्छी तैयारी कर रखी थी। बरातियों का स्वागत भी अच्छे से किया। फिर शादी की रस्में शुरू हो गई। दूल्हा दुल्हन मंडप में जाकर बैठ गए और बाराती खाना खाने में व्यस्त हो गए। हालांकि खाने के पंडाल पर पहुंचते ही दूल्हा पक्ष नाराज हो गया। उन्हें इस बात की नाराजगी थी कि लड़कीवालों ने खाने में मटन नहीं रखा था। इस बात को लेकर हंगामा हो गया।उधर जब मंडप में बैठे दूल्हे को यह बात पता लगी तो वह बहुत गुस्सा हुआ। उसे मटन न मिलने की बात इतनी बुरी लगी कि वह मंडप छोड़कर चला गया। दूल्हे की यह हरकत देख लड़की वाले हैरान रह गए। उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि इतनी सी बात को लेकर उनकी बेटी की शादी टूट जाएगी। शादी में आए बरातियों का कहना था कि खाने में मटन देने की बात पहले ही तय हो गई थी। फिर भी लड़कीवालों ने भोजन में मटन नहीं रखा।

    अब लड़कीवालों को भला कहां पता था कि शादी में मटन की डिमांड पूरी न होने पर इतना बड़ा बवाल मच जाएगा। उधर हद तो तब हो गई जब दूल्हा इस शादी को तोड़ अपने रिश्तेदार के साथ एक दूसरे गाँव चला गया और उसने उसी रात एक अन्य लड़की से शादी रचा ली। यह पूरी घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक फिलहाल इस मामले पर लड़कीवालों ने कोई भी शिकायत दर्ज नहीं कारवाई है।

    हालांकि गांव में इस शादी को लेकर काफी बातें हो रही है। गांववाले भी लड़के वालों की इस हरकत की आलोचना कर रहे हैं। किसी ने कहा कि ऐसे लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। वहीं कुछ ने ये भी कहा कि अच्छा हुआ जो शादी के पहले ही दूल्हे का असली रंग पता चल गया। ऐसे लड़के से लड़की की शादी हो जाती तो वह जीवनभर दुखी रहती।

    वैसे इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है हमे कमेंट कर जरूर बताएं। यदि आपके घर की शादी में लड़के वाले ऐसी हरकत करते तो आप क्या करते? आपके हिसाब से ऐसे लोगों को कैसी सजा दी जानी चाहिए? जरा उस लड़की के पिता का सोचिए जिसकी इज्जत और पैसा ऐसे वाहियात लोगों की वजह से बर्बाद हो गई।

  • गांव में आई बाढ़ सब भागने लगेˈ भक्त नहीं गया बोला भगवान मुझे बचाएंगे जाने फिर क्या हुआˌ

    गांव में आई बाढ़ सब भागने लगेˈ भक्त नहीं गया बोला भगवान मुझे बचाएंगे जाने फिर क्या हुआˌ

    गांव में आई बाढ़ सब भागने लगेˈ भक्त नहीं गया बोला भगवान मुझे बचाएंगे जाने फिर क्या हुआˌ

    कुछ लोगों की आदत होती है कि वह जीवन में मेहनत कम करते हैं और भाग्य या भगवान के भरोसे ज्यादा बैठे रहते हैं। लेकिन सच तो ये है कि किसी भी काम में सफलता पाने या मुसीबत से बाहर निकलने के लिए खुद ही हाथ पैर चलाने पड़ते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने भी गीते में हमेशा कर्म करते रहने की सलाह दी है। यह कर्म कितना जरूरी है, इसे हम एक कहानी से समझते हैं।

    बाढ़ आई तो पूरा गांव हो गया खाली, बस एक शख्स बैठा रहा

    एक समय की बात है। एक गांव में एक लाला प्रसाद नाम का शख्स रहता था। लाला भगवान का बहुत बड़ा भक्त था। दिन रात पूजा पाठ करता रहता था। भगवान पर उसे सौ फीसदी यकीन था। उनके आशीर्वाद के बिना वह कुछ नहीं करता था। एक दिन गांव में बाढ़ आ गई। ऐसे में लोग गांव खाली कर जाने लगे। लेकिन लाला प्रसाद नहीं गया।

    लाला ने सोचा कि मैं तो भगवान का परम भक्त हूँ। मुझे कुछ नहीं होगा। मैं ऐसे नहीं भागूँगा। मुझे तो सिर्फ भगवान ही बचाने आएंगे। बाढ़ का पानी धीरे-धीरे बढ़ने लगा। गांव के कुछ लोगों ने उसे अपने साथ सुरक्षित जगह चलने का ऑफर दिया। लेकिन वह बोला कि नहीं जब तक भगवान मुझे बचाने नहीं आते, मैं कहीं नहीं जाऊंगा।

    अब बाढ़ का पानी गांव के सभी घरों में घुस गया। लाला प्रसाद के घर भी पानी आ गया। इस बीच एक शख्स नाव लेकर उसके पास आया। बोला नाव में बैठ जाओ नहीं तो डूब जाओगे। लेकिन लाला बोले ‘नहीं, तुम जाओ। मेरी मदद को भगवान आते ही होंगे। मैं यहीं उनका इंतजार करूंगा।’ यह सुन शख्स नाव लेकर चला गया।

    अब बाढ़ के साथ तूफान भी आ गया। लाल का पूरा घर पानी से भर गया। अचानक एक पेड़ का तना उसके पास तैरते हुए आया। वह चाहता तो उस तने का सहारा लेकर डूबने से बच सकता था। लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। वह भगवान का ही इंतजार करता रहा। अंत में पानी में डूबने से लाला की मौत हो गई।

    मारने के बाद लाला स्वर्ग गया। वहाँ भगवान पर नाराज होते हुए पूछा “हे भगवान, मैंने आपकी सारी उम्र इतनी पूजा पाठ की। लेकिन आप मेरी जान बचाने भी नहीं आए। क्यों?” इस पर भगवान बोले “मूर्ख मैं कई बार तेरी जान बचाने आया था। पहले नाव लेकर मैं ही आया था पर तू नहीं आया। वह पेड़ का तना भी मैंने ही भेजा था, लेकिन तूने उसके सहारे बचने की मेहनत नहीं की। इसमें मेरी कोई गलती नहीं है।”

    कहानी की सीख

    भगवान हमे लाइफ में कई मौके देता है। अब ये हमारे ऊपर है कि हम उन अवसरों का सही मौकों पर सही फायदा उठाए। जब तक आप खुद मेहनत नहीं करेंगे भाग्य और भगवान भी कुछ नहीं कर पाएंगे।

  • सुहागरात पर बीवी ने पति को बतायाˈ ऐसा सच सुनते ही छोड़ दिया पत्नी को और टूट गई शादीˌ

    सुहागरात पर बीवी ने पति को बतायाˈ ऐसा सच सुनते ही छोड़ दिया पत्नी को और टूट गई शादीˌ

    सुहागरात पर बीवी ने पति को बतायाˈ ऐसा सच सुनते ही छोड़ दिया पत्नी को और टूट गई शादीˌ

    कहते हैं पति और पत्नी का रिश्ता भरोसे पर टिका होता है। हालांकि अपने जीवन का कौन सा सच लाइफ पार्टनर को बताना चाहिए या नहीं, ये खुद को ही तय करना होता है। मध्य प्रदेश में एक लड़की को अपने जीवन का एक सच बताना बहुत भारी पड़ गया। पति ने उसका सच जाना तो फौरन ही पत्नी को छोड़ दिया और शादी टूट गई।

    दोनों के तलाक का मामला भी तीन साल से कोर्ट में लंबित चल रहा था। इस बीच कई बार प्रयास किए गए कि पत्नी को पति वापस अपने साथ घर ले जाए लेकिन वो तैयार नहीं हुआ। आखिरकार तीन साल बाद दोनों का विवाह शून्य घोषित कर दिया गया और दोनों की शादी टूट गई। आखिर वो सच क्या था, आइए हम आपको बताते हैं।

    ये मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सामने आया है। यहां रहने वाले 25 साल के युवक ने इसी शहर की लड़की से शादी की थी। लड़की की उम्र 21 साल की थी। दोनों की शादी परिवार की रजामंदी से की गई थी। शादी के दोनों की पहली रात थी। हालांकि इसी बीच लड़की ने अपने जीवन का सच बताना चाहा।

    सुहागरात पर जब दोनों अकेले में थे तब पत्नी और पति में बातें हो रही थीं। दोनों ही अपनी जिन्दगी के कुस किस्से सुना रहे थे। पत्नी ने भी पति को अपने जीवन का कुछ सच बताना चाहा। इसी दौरान उसने एक ऐसा सच बता दिया जिसको सुनने के बाद लड़का सन्न रह गया और फौरन ही कमरे से बाहर निकलकर आ गया।

     ये था वो सच जो बीवी ने पति को बताया

    अब हम आपको वो सच बताते हैं जो बीवी ने सुहागरात पर अपने पति को बताया। पत्नी ने पति को बताया कि उसका रेप हो चुका है। उसने बताया कि उसी के मामा के लड़के ने उसके साथ शादी से पहले दुष्कर्म किया था। लड़की ने जैसे ही इस सच को बताया, पति हैरान रह गया और गुस्से में कमरे से बाहर निकल आया।

    पत्नी का सच जानने के बाद पति फौरन ही रूम से बाहर आया। इसके बाद उसने परिवार वालों को इकट्ठा कर सारी बात बता दी। इसके अगले दिन वो बीवी को वापस मायके छोड़ आया। इस फैसले में उसके परिवार ने भी उसका साथ दिया। कई बार मनाने के बाद भी वो बीवी को वापस ससुराल लेकर नहीं आया।

    कोर्ट पहुंच गया मामला, हो गया तलाक

    पति ने फैमिली कोर्ट में भी तलाक के लिए आवेदन दे दिया। इसी बीच पत्नी ने आरोपी मामा के लड़के पर रेप का केस दर्ज करवा दिया। हालांकि तब भी पति उसको रखने के लिए राजी नहीं हुआ। लड़की के परिवार वालों ने उसको बहुत समझाने की कोशिश की। इसके बाद भी उसने शादी को तोड़ने की बात ही की।

    लड़के के परिवार वाले भी दुष्कर्म पीड़िता बहू को अपने घर में दोबारा नहीं लाना चाहते थे। इसी वजह से वे लोग भी बेटे के फैसले में उसका साथ दे रहे थे। कोर्ट ने कई बार लड़की को उसका पक्ष रखने के लिए बुलाया लेकिन वो कोर्ट नहीं आई। इसके बाद कोर्ट ने दोनों का विवाह शून्य घोषित कर दिया।