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  • बाथरूम की दीवार मरम्मत कर रहा थाˈ प्लंबर, अंदर निकले 5 करोड़ रुपए, जाने फिर क्या हुआˌ

    बाथरूम की दीवार मरम्मत कर रहा थाˈ प्लंबर, अंदर निकले 5 करोड़ रुपए, जाने फिर क्या हुआˌ

    बाथरूम की दीवार मरम्मत कर रहा थाˈ प्लंबर, अंदर निकले 5 करोड़ रुपए, जाने फिर क्या हुआˌ

    आज के महंगाई के जमाने में हर कोई अमीर बनने के सपने देखता है। हालांकि करोड़पति बनने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ती है। इसमें काफी समय भी लगता है। फिर किस्मत का साथ देना भी जरूरी होता है। झटपट करोड़पति तो लोग तभी बनते हैं जब वह कोई लॉटरी जीतते हैं या उन्हें कहीं ढेर सारे पैसे पड़े हुए मिल जाते हैं।

    ढेर सारा पैसा देख किसी का भी दिमाग खराब हो सकता है। कोई भी फ्री में मिले पैसे को आसानी से जाने नहीं देता है। हालांकि हर किसी की सोच एक जैसी नहीं होती है।

    अब इस गरीब प्लंबर को ही ले लीजिए। ये प्लंबर एक चर्च में काम के सिलसिले में गया था। यहां दीवार की मरम्मत करने के दौरान उसे दीवार के अंदर 5 करोड़ रुपए मिल गए। इतने सारे पैसों को एक साथ देख प्लंबर डर गया। उसे समझ नहीं आया कि ये पैसे यहां क्या कर रहे हैं।

    हालांकि इसके बाद उसने उन पैसों का जो किया वह हैरान करने वाला था। उस प्लंबर ने सारे पैसे चर्च को लौटा दिए। उसके इस अच्छे कर्म का ईश्वर ने उसे अच्छा फल भी दिया। वह फल क्या था यह जानने के लिए खबर के अंत तक बने रहें।

    प्लंबर को दीवार में मिले 5 करोड़ रुपए

    MONEY in wall

    दीवार के अंदर से 5 करोड़ मिलने की यह अनोखी घटना अमेरिका के टेक्सास की है। एनबीसी न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार यहां जस्टिन नाम का एक प्लंबर एक चर्च में बाथरूम की दीवार की मरम्मत का काम कर रहा था। इस दौरान उसे एहसास हुआ कि दीवार के अंदर कुछ है।

    ऐसे में जब उसने दीवार के प्लास्टर को निकाला तो अंदर का नजारा देख हैरान रह गया। दीवार के अंदर 5 करोड़ रुपए थे। इन पैसों को देख उसे यकीन नहीं हुआ। उसे लगा इतने सारे पैसे यहां कैसे हो सकते हैं।

    ईमानदारी से लौटा दिए पैसे

    दिलचस्प बात ये रही कि इतने अधिक पैसों को देखकर भी उसका ईमान नहीं डोला। उसने पैसों को अपने पास नहीं रखा, बल्कि इक्सि सूचना चर्च प्रशासन को दे दी। उसकी इस ईमानदारी से चर्च प्रशासन भी बड़ा खुश हुआ। उन्होंने उसे इस ईमानदारी से खुश होकर उन्हीं 5 करोड़ में से कुछ रुपए दे दिए।

    चर्च ने दिया ईमानदारी का इनाम

    चर्च प्रशासन ने बताया कि लगभग सात साल पहले चर्च के ही एक सेफ से चोरी हो गए थे। उन पैसों को बहुत खोजा गया था लेकिन वह नहीं मिले थे। अब ये पैसे बाथरूम की दीवार के अंदर मिले हैं। शायद चोर ने उसे यहां छिपा दिया था।

    फिलहाल चर्च प्रशासन ने प्लंबर की ईमानदारी से खुश होकर उसे ईनाम देने का ऐलान किया है। दीवार से पैसे निकालने के बाद उसी प्लंबर ने फिर से दीवार की मरम्मत कर दी है।

  • नदी में डाला चुंबक तो चिपक गईˈ तिजोरी खोलकर देखा तो चौंक गया युवक जानें फिर क्या हुआ?ˌ

    नदी में डाला चुंबक तो चिपक गईˈ तिजोरी खोलकर देखा तो चौंक गया युवक जानें फिर क्या हुआ?ˌ

    नदी में डाला चुंबक तो चिपक गईˈ तिजोरी खोलकर देखा तो चौंक गया युवक जानें फिर क्या हुआ?ˌ

    हम सभी ने कभी न कभी सपना देखा होगा कि हमको कोई तिजोरी मिल गई। उसके अंदर खजाने या रुपये भरे हुए थे जिसके बाद हम अमीर हो गए। वैसे तो ये सपना ही है लेकिन कभी-कभी ये हकीकत में बदल जाता है। कुछ ऐसा ही इंग्लैंड के पिता-पुत्र के साथ हुआ है। उनके चुंबक में तिजोरी चिपक गई थी।

    तिजोरी को दोनों बाप-बेटों ने खोलने का फैसला किया। जब उन्होंने काफी मेहनत के बाद उसे खोला तो अंदर रखी चीज को देखकर दोनों हैरान हो गए। इसके बाद उन दोनों ने बड़ा फैसला ले लिया। इस तिजोरी को उसके असली मालिक के पास भेज दिया। अब दोनों की ही खूब तारीफ हो रही है।

    विटहैम नदी में मिली तिजोरी

    इंग्लैंड के रहने वाले जॉर्ज टिंडले 15 साल के हैं। वो अपने पिता केविन जो कि 52 साल के हैं, उनके साथ लिंकनशायर के ग्रैंथम में रहते हैं। दोनों को मछलियां पकड़ने का बहुत शौक है। इसके अलावा दोनों एक अजीब शौक भी रखते हैं। ये लोग नदी में चुंबक डाला करते हैं और रहस्यमयी चीजों की तलाश किया करते हैं।

    हाल ही में दोनों पिता-पुत्र विटहैम नदी में मछलियां पकड़ने के लिए गए हुए थे। ये लोग अपने साथ चुंबक भी ले गए थे ताकि कुछ अनोखी चीजों को नदी से चिपकाकर बाहर निकाल सकें। दोनों ने चुंबक को जब नदी में डाला तो अचानक ही उनके चुंबक से कोई भारी चीज चिपक गई। जब बाहर निकाला तो वो तिजोरी थी।

    तिजोरी को खोला तो उड़ गए होश

    दोनों को समझ में नहीं आया कि उनके चुंबक से तिजोरी कैसे चिपक गई। इसके बाद दोनों को जिज्ञासा होने लगी कि आखिर इस तिजोरी के अंदर क्या है। इसके बाद दोनों ने उस तिजोरी को खोलने का फैसला किया। हालांकि तिजोरी को खोलना इतना आसान नहीं था। फिर भी दोनों ने कोशिश करके तिजोरी खोल दी।

    जैसे ही तिजोरी खोली, उसके अंदर रखा सामान देखकर दोनों के होश ही उड़ गए। वो तिजोरी रुपयों से भरी हुई थी। उसके अंदर करीब डेढ़ लाख ऑस्ट्रेलियन मुद्रा पड़ी हुई थी। इतने रुपये देखकर वो हैरान हो गए। जब तिजोरी की और पड़ताल की तो उनको बैंक का कार्ड और एक सर्टिफिकेट भी नजर आया जिसको उन्होंने देखा।

    दोनों ने दिखाई ईमानदारी, लौटा दी तिजोरी

    पिता और पुत्र दोनों ने जब कागजातों को पढ़ा तो उसमें रॉब एवरेट व्यापारी का नाम लिखा था। इसके बाद दोनों ने फैसला किया कि वो इस तिजोरी को उसके असली मालिक तक पहुंचा देंगे। दोनों ही इसे लेकर सीथा रॉब के पास चले गए। जब रॉब ने अपनी तिजोरी और उसमें रखा धन देखा तो वो भी हैरान हो गए।

    रॉब ने बताया कि उनकी ये तिजोरी ऑफिस में रखी हुई थी। साल 2000 में उनके कार्यालय से ही इसकी चोरी हो गई थी। इसके बाद से तिजोरी कहां थी, किसी को पता नहीं लगा था। आखिरकार 22 सालों बाद उनको तिजोरी मिल गई। रॉब ने दोनों की ईमानदारी की तारीफ की। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी एक वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी है जिसमें वो जब चाहें जॉब कर सकते हैं।

  • बेटी की पहली जॉब से खुश थाˈ पिता, फिर हाथ लगी बॉस की चिट्ठी तो भड़क गया, छुड़वा दी नौकरीˌ

    बेटी की पहली जॉब से खुश थाˈ पिता, फिर हाथ लगी बॉस की चिट्ठी तो भड़क गया, छुड़वा दी नौकरीˌ

    बेटी की पहली जॉब से खुश थाˈ पिता, फिर हाथ लगी बॉस की चिट्ठी तो भड़क गया, छुड़वा दी नौकरीˌ

    पढ़ाई लिखाई खत्म करने के बाद हर कोई नौकरी की तलाश में भटकने लगता है। जब हमे पहली नौकरी मिलती है तो बहुत खुश होती है। हालांकि मन में ये भी सवाल रहता है कि ऑफिस का माहौल कैसा होगा, वहां के कर्मचारी और बॉस का व्यवहार कैसा रहेगा इत्यादि। कई दफ्तरों में कर्मचारियों के लिए अजीबो-गरीब नियम भी होते हैं।

    कुछ मामलों में ये नियम इतने अजीब होते हैं कि कर्मचारी अपनी जॉब छोड़ने पर मजबूर हो जाते हैं। अब इस महिला को ही ले लीजिए, जिसके बॉस ने उसे जॉब के पहले दिन ऐसी चिट्ठी थमा दी जिसे देख उसके पापा भड़क गए।

    बेटी के बॉस की चिट्ठी देखकर भड़के पिता

    न्यूज़ीलैंड (New Zealand) में रहने वाले एक पिता ने अपनी बेटी की पहली नौकरी लगने से बेहद खुश थे, लेकिन जब उनके हाथ बेटी को बॉस से मिल एक लेटर लगा तो उनकी खुशी गुस्से में बदल गई। इस लेटर में बॉस ने उनकी बेटी के लिए कुछ ऐसी बातें लिखी थी जिसे देख वे भड़क गए।

    इस अजीबो-गरीब चिट्ठी को भड़के हुए पिता ने @essjax नाम के अकाउंट से दुनिया के साथ शेयर किया है। न्यूज़ीलैंड के रीटेलर के यहां उनकी बेटी कर्मचारी बनकर गई थी जहां उसे 11 प्वाइंट की अजीबोगरीब चिट्ठी मिली। इसमें लिखे प्वाइंट देखकर आपक दिमाग भी खराब हो जाएगा।

    नियम-कानून की आड़ में घंघोर बेइज्जती

    job letter

    1. जीवन न्यायपूर्ण नहीं है, इसके लिए रेडी रहें।

    2. दुनिया आपके सेल्फ एस्टीम के बारे में नहीं सोचती। खुद के बारे में अच्छा फील करने से पूर्व भी आप से कुछ उम्मीदें रखी जाती हैं।

    3. हाईस्कूल से निकलते ही आपको करोड़ों की जॉब नहीं मिलती। आप कार और फोन के साथ वाइस प्रेसिडेंट नहीं बनाए जाते।

    4. यदि आपको लगता है कि आपके शिक्षक सख्त थे, तो बॉस के आने का इंतजार कीजिए।

    5. बर्गर पलटने की जॉब को भी कम न समझें, आपके दादा-दादी इस बात को समझते थे।

    6. यदि आप से गलती होती है तो ये आपके पेरेंट्स की गलती नहीं है। आप खुद इससे सीखें।

    7. आपके जन्म से पूर्व आपके पेरेंट्स इतने बोरिंग नहीं थे। वह ज़िम्मेदारियां उठाने के बाद वे ऐसे हुए हैं।

    8. स्कूल में जीत हार से भले फर्क न पड़ता हो, लेकिन लाइफ में पड़ता है।

    9. लाइफ में सेमेस्टर्स नहीं होते, यहां कोई आपकी हेल्प करने में रुचि भी नहीं लेता। आप खुद सोचें क्या करना है।

    10. टेलिविज़न असली जीवन नहीं है। रियल लाइफ में कॉफी शॉप पर नहीं काम पर जाना होता है।

    11. मूर्ख लोगों के साथ भी अच्छे से रहो, क्या पता कल को आपको उनके साथ काम करना पड़ जाए।

    लोगों ने ऐसे किया रिएक्ट

    इस अजीबोगरीब नियम वाली चिट्ठी पर लोगों के रिएक्शन आ रहे हैं। किसी ने कहा कि “इन चीज़ों को एक कर्मचारी को बताने की क्या ज़रूरत है?” वहीं कोई बिला “इनमें से कुछ सुझाव जिंदगी के लिए बहुत अहम है।” वैसे जिस लड़की को याह चिट्ठी मिली थी उसने यह जॉब छोड़ दी है।

  • महिला ने दिया 5.2 KG के बच्चेˈ को जन्म, देखकर डॉक्टर्स भी बोले- पहले नहीं देखा ऐसा बच्चाˌ

    महिला ने दिया 5.2 KG के बच्चेˈ को जन्म, देखकर डॉक्टर्स भी बोले- पहले नहीं देखा ऐसा बच्चाˌ

    मां बनने का सुख दुनिया का सबसे बड़ा सुख माना जाता है। जब कोई महिला गर्भवती होती है तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहता है। उसे अपने होने वाले बच्चे का बेसब्री से इंतजार रहता है। प्रेग्नेंसी के दौरान महिला अपने खान पान का अच्छे से ध्यान रखती है। उसकी कोशिश यही होती है कि उसका होने वाला बच्चा सेहतमंद और हेल्थी पैदा हो। आमतौर पर जब कोई बच्चा पैदा होता है तो उसका वजह ढाई किलो से साढ़े तीन किलों के बीच ही रहता है। एक अच्छा हेल्थी बच्ची पैदा होने पर माता पिता भी खुश हो जाते हैं।

    लेकिन आज हम आपको एक ऐसे बच्चे से मिलाने जा रहे हैं जिसका वजह पैदा होते ही पूरे 5 किलो है। पांच किलो वजन एक नवजात बच्चे के लिए बहुत ज्यादा होता है। ऐसे केस कम ही देखने को मिलते हैं जिसमें बच्चे का वजन पांच किलो या उससे अधिक हो। इतने हेवी बच्चे को पैदा करने में थोड़ी दिक्कतें भी आती है। अब असम के कछार जिले की इस महिला को ही ले लीजिए। महिला ने हाल ही में 5.2 किलो वजन के बच्चे को जन्म दिया है।

    महिला ने दिया 5.2 KG के बच्चेˈ को जन्म, देखकर डॉक्टर्स भी बोले- पहले नहीं देखा ऐसा बच्चाˌ

    बच्चे का इतना अधिक वजन देख परिवारवालों के साथ साथ डॉक्टर्स भी हैरान है। 5.2 किलो के बच्चे को जन्म देने वाली महिला का नाम जया दास है। 27 साल की यह महिला 17 जून को कछार जिले के सतींद्र मोहन देव सिविल अस्पताल में एडमिट हुई थी। अस्पताल के डॉक्टर्स का कहना है कि महिला को डिलीवरी की तारीख 29 मई दी गई थी, हालांकि कुछ कारणों से परिवार हॉस्पिटल देरी से आया।

    डॉक्टर हनीफ बताते हैं कि मैं इस महिला को स्टार्टिंग से देख रहा हूँ। मैंने उसे 29 मई को अस्पताल में एडमिट होने का सजेशन दिया था। लेकिन वह 17 जून को प्रसव पीड़ा के साथ हॉस्पिटल आई। ये महिला का दूसरा बच्चा है। इसके पहले उसने पहले बच्चे को सिजेरियन से जन्म दिया था। महिला ने लास्ट सोनोग्राफी भी नहीं कराई थी। यह एक इमरजेंसी थी जिसके चलते उसे हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। इसके बाद डॉक्टरों की एक टीम द्वारा सरकारी अस्पताल में मंगलवार को महिला का सिजेरियन ऑपरेशन किया गया।

    born baby

    ऑपरेशन के बाद जब महिला के बच्चे का वजन चेक किया गया तो डॉक्टर्स हैरान रह गए। बच्चे 5.2 किलोग्राम का हुआ। डॉक्टर हनीफ बताते हैं कि हमे भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि बच्चा 5.2 किलो वजनी होगा। ये एक अनोखा मामला है। यह एक देर से प्रसव का मामला भी है। फिलहाल मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। डॉक्टर बताते हैं कि असं में सामान्यतः नवजात बच्चे 2.5 से 3 किलो वजन के साथ पैदा होते हैं। ऐसा बहुत कम ही होता है जब किसी बच्चे का वजन 5 किलो हो।

    डॉक्टर आगे कहते हैं कि मैंने इस बारे में कई डॉक्टरों से बात की लेकिन किसी ने इसके पहले ऐसा केस नहीं देखा। जया दास और बादल दास के पहले बच्चे का वजन जन्म के समय 3.8 किलो था। इस बार उनकी दूसरी संतान 5.2 किलो की निकली। उधर सोशल मीडिया पर भी लोग इस खबर से हैरान है।

    वैसे क्या आप ने इसके पहले इतना वजनी बच्चा देखा है?

  • बीवी खाने में पिरियड्स का खून मिलाकरˈ देती है, करती है जादू-टोना, पति शिकायत लेकर थाने पहुंचाˌ

    बीवी खाने में पिरियड्स का खून मिलाकरˈ देती है, करती है जादू-टोना, पति शिकायत लेकर थाने पहुंचाˌ

    बीवी खाने में पिरियड्स का खून मिलाकरˈ देती है, करती है जादू-टोना, पति शिकायत लेकर थाने पहुंचाˌ

    पति-पत्नी के बीच लड़ाई झगड़ा होना आम बात है। हालांकि कई बार लड़ाई की वजह इतनी बड़ी होती है कि बात सीधा थाने तक चली जाती है। कभी पत्नी अपने पति की शिकायत थाने में दर्ज कराती है तो कभी हसबैन्ड अपनी वाइफ की शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुँच जाता है। थाने में शिकायत की वजहें बड़ी आम होती है। जैसे पति की मारपीट, दहेज का लालच, लव अफेयर, धोखा इत्यादि। लेकिन उत्तर प्रदेश के गाजियाबद में एक पति अपनी पत्नी की ऐसी शिकायत लेकर पहुंचा जिसे सुन खुद पुलिस भी दंग रह गई।

    खाने में पीरियड्स का खून मिलाकर देती थी पत्नी

    गाजियाबाद में रहने वाले एक पति ने पत्नी पर आरोप लगाया कि वह उसे खाने में पीरियड्स का खून मिलाकर देती है। वह इस शिकायत को लेकर थाने भी जा पहुंचा। उसने पुलिस को बताया कि खाना खाने के बाद उसकी तबीयत खराब हो गई थी। फिर उसने अपना मेडिकल टेस्ट करवाया। टेस्ट में पता चला कि संक्रमण के चलते उसके शरीर में सूजन आई है। पति का कहना है कि उसकी तबीयत इसलिए ही खराब हुई थी क्योंकि उसकी पत्नी ने खाने में पीरियड्स का खून मिलाकर दिया था।

    पति ने दर्ज कराई शिकायत

    दरअसल ये मामला तो पुराना है, लेकिन जानकारी के मुताबिक पति ने जून में थाने में पति की शिकायत दर्ज कराई थी। तब पुलिस अफसरों ने जिला चिकित्सा अधिकारी को लेटर लिखकर इस केस की रिपोर्ट मांगी थी।

    शादी के बाद से ही झगड़ते थे पति-पत्नी

    पति की शिकायत के बाद कवि नगर पुलिस स्टेशन ने पीड़ित की पत्नी और उसकी परिवार के खिलाफ आईपीसी की धारा 328 और 120बी यानी आपराधिक साजिश के तहत केस दर्ज किया था। पति-पत्नी की शादी साल 2015 में हुई थी। दोनों का एक बेटा भी है। हालांकि शादी के बाद से ही पति-पत्नी की आपस में नहीं बनती है। दोनों आए दिन एक दूसरे से झगड़ते रहते हैं।

    पति बोला- पत्नी करती है जादू टोना

    पति ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि उसकी पत्नी अपने सास ससुर से अलग रहना चाहती है। इस बात को लेकर वह आए दिन पति से झगड़ा करती रहती थी। पति का यह भी कहना था कि उसकी पत्नी उसके ऊपर जादू-टोना भी करती थी। पति की शिकायत के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

    वैसे इस पूरे मामले में आपकी क्या राय है हमे कमेंट कर जरूर बताएं।

  • बच्चे को उठाकर ले गया तेंदुआ, मांˈ ललकारती हुई अकेले भीड़ गई, जाने फिर क्या हुआ, वीडियो देखेंˌ

    बच्चे को उठाकर ले गया तेंदुआ, मांˈ ललकारती हुई अकेले भीड़ गई, जाने फिर क्या हुआ, वीडियो देखेंˌ

    बच्चे को उठाकर ले गया तेंदुआ, मांˈ ललकारती हुई अकेले भीड़ गई, जाने फिर क्या हुआ, वीडियो देखेंˌ

    मां को अपना बच्चा बहुत प्यारा होता है। वह अपने बच्चे का बड़े नाजों से ख्याल रखती है। उसके ऊपर जरा सी भी आंच नहीं आने देती है। ऐसे में यदि बच्चे पर कोई मुसीबत आन पड़े तो मां अपने जिगर के टुकड़े को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। बच्चे की खुशी और सलामती के लिए वह इतनी ताकतवर बन जाती है कि हर कोई देखता रह जाता है।

    अब मध्य प्रदेश के सीधी जिले का यह दिल दहला देने वाला मामला ही ले लीजिए। यहाँ एक मां अपने 6 साल के बेटे को बचाने के लिए अकेले ही तेदुंए से भीड़ गई।

    बच्चे को उठाकर ले गया तेंदुआ

    मां की ममता का यह शानदार मामला सीधी जिले के कुसमी ब्लॉक के बाड़ीझरिया गांव का है। यह गांव जंगल और पहाड़ियों से घिरा हुआ है। ऐसे में जंगली जानवरों का यहाँ आना जाना आम बात है। रविवार शाम को यहाँ किरण बैगा नाम की एक महिला अपने बच्चों के साथ घर के बाहर आग जलाकर ताप रही थी। तभी अचानक पीछे से एक तेंदुआ आ गया और महिला के 6 साल के बच्चे राहुल को जबड़े में फंसा कर ले गया।

    मां ने 1 KM तक किया पीछा

    तेंदुआ जैसे ही बच्चे को उठाकर भागा तो मां किरण भी उसके पीछे-पीछे दौड़ पड़ी। महिला ने लगभग एक किलोमीटर तक तेंदुए का पीछा किया। हालांकि फिर तेंदुआ उसकी नजरों से ओझल हो गया। उसने जब चारों तरफ तलाशा तो झाड़ियों में तेंदुआ देख गया। वह बच्चे को पंजे में दबोचे बैठा हुआ था।

    ऐसे छुड़ाया बेटे को तेंदुए के चंगुल से

    बच्चे को इस तरह मुसीबत में देख महिला का गुस्सा सातवे आसमान पर जा पहुंचा। उसने डंडा उठाया और तेंदुए को मारना शुरू कर दिया। वह बहुत देर तक तेंदुए को मारती रही। चारों तरफ घूम उसे ललकारती रही। फिर अचानक बच्चा तेंदुए के पंजे से गिर गया। महिला ने तुरंत अपने बच्चे को उठाया और शोर मचाकर ग्रामीणों को बुला लिया। भीड़-भाड़ देख तेंदुआ फिर जंगल की तरफ भाग निकला।

    बच्चे की आंख में आई गंभीर चोट

    बाद में ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना संजय टाइगर रिजर्व को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर आ पहुंची। उन्होंने घायल महिला और बच्चे को तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाया। दुखद बात ये रही कि तेंदुए के हमले के चलते बच्चे की पीठ और एक आंख में गंभीर चोट आई है। दूसरी तरफ बच्चे की मां की बॉडी पर चोट के कुछ निशान है।

    वन विभाग ने किया महिला की बहादुरी को सलाम

    महिला ने तेंदुए के सामने जिस तरह की बहादुरी दिखाई वह काबिलेतारीफ है। यदि कोई और होता तो शायद इतनी बहादुरी से तेंदुए का सामना नहीं कर पाता। यह महिला की बहादुरी ही थी जो उसने समय रहते अपने बच्चे की जान बचा ली, वरना तेंदुआ उसके बच्चे को चट कर जाता। अब वन विभाग के अधिकारी और गांव के सभी लोग भी महिला की बहादुरी को सलाम कर रहे हैं।

  • फरिश्ता बनी गौमाता। 13 हफ्ते की बच्चीˈ की बचाई जान फिर से धड़कने लगा दिलˌ

    फरिश्ता बनी गौमाता। 13 हफ्ते की बच्चीˈ की बचाई जान फिर से धड़कने लगा दिलˌ

    फरिश्ता बनी गौमाता। 13 हफ्ते की बच्चीˈ की बचाई जान फिर से धड़कने लगा दिलˌ

    गाय को भारत में माता का दर्जा प्राप्त है। लोग इसकी पूजा और सेवा करते हैं। इसी गौमाता ने 13 हफ्ते की बच्ची की फरिश्ता बनकर जान बचा ली। दरअसल मामला साउथ ईस्ट लंदन के सिडकप शहर का है। यहां पैदा हुई एक बच्ची के दिल में प्रॉबलम आ गई। उसकी दिल से शरीर के दूसरे अंगों में खून ले जाने वाली नली में लीकेज होने लगा।

    बच्ची के दिल में थी दिक्कत

    इस बीमार के चलते बच्ची को सांस लेने में भी तकलीफ होने लगी थी। यहां तक कि उसने दूध पीना भी बंद कर दिया था। ऐसे में मां बाप ने बच्ची को डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टरों ने जांच में पता लगाया कि बच्ची को मिक्स्ड मिट्रल वाल्व डिजीज है। यदि उसका जल्द इलाज न हुआ तो जान भी जा सकती है।

    बताते चलें कि मिक्स्ड मिट्रल वाल्व एक ऐसी बीमारी है जिसमें मिट्रल वाल्व खराब हो जाता है। मिट्रल वाल्व एक फ्लैप होता है। इससे ही ऑक्सीजन वाला खून फेफड़ों से होते हुए पूरे शरीर में जाता है। इसमें दिक्कत आए तो शरीर के बाकी अंग भी खराब होने लगते हैं। इस चीज को फिक्स करने के लिए अधिकतर ओपन हार्ट सर्जरी की जाती है। लेकिन 13 हफ्ते की बच्ची पर ये करना डॉक्टर्स के लिए बड़ा मुश्किल था।

    डॉक्टर ने लगा दिया गाय के टिशू से बना वॉल

    ऐसे में गौमाता फरिश्ता बनकर सामने आई। सर्जरी करने वाले पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर आरोन बेल ने ओपन हार्ट सर्जरी करने के लिए गाय के टिशू का उपयोग किया। बताते चलें कि गाय के दिल के वॉल्व से मैलोडी वॉल बनाने की तकनीक बीते दो वर्षों से मेडिकल फील्ड में इस्तेमाल की जा रही है। हालांकि अभी तक इतनी छोटी बच्ची पर कोई प्रयोग नहीं किया गया था।

    बच्ची की नाजुक हालत देख डॉक्टर्स ने ये ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। ओपन हार्ट सर्जरी कर नया वॉल्व बच्ची के दिल में लगा दिया। गाय के टिशू का भी चमत्कार हो गया। न सिर्फ ऑपरेशन सफल रहा बल्कि बच्ची भी ठीक होकर अस्पताल से 8 दिन में ही घर चली गई।

    6 घंटे चला ऑपरेशन

    बच्ची का यह ऑपरेशन करीब 6 घंटे तक चला था। ऑपरेशन में डॉक्टर ने पहले बच्ची के दिल से खराब वॉल्व निकाल दिया। फिर गाय के टिशू से बना नया मैलोडी वॉल्व लगा दिया। इसके लिए उन्होंने एक पतली गुब्बारे जैसी चीज का उपयोग किया। नया वाल अपनी जगह सेट हुआ तो गुब्बारे को हटा दिया गया। इसके बाद बच्ची के शरीर के सभी अंगों में खून का संचार होने लगा। वहीं ऑक्सीजन की सप्लाई भी स्टार्ट हो गई।

    बताते चलें कि भारत में भी हर साल करीब दो लाख बच्चे दिल की बीमारी के साथ पैदा होते हैं। इनमें 25 से 30 हजार बच्चों की हार्ट सर्जरी करनी पड़ती है।

  • 5 तोतों ने चिड़ियाघर की इज्जत पानीˈ में मिला दी, दर्शक आते तो उन्हें देते गंदी-गंदी गालीˌ

    5 तोतों ने चिड़ियाघर की इज्जत पानीˈ में मिला दी, दर्शक आते तो उन्हें देते गंदी-गंदी गालीˌ

    5 तोतों ने चिड़ियाघर की इज्जत पानीˈ में मिला दी, दर्शक आते तो उन्हें देते गंदी-गंदी गालीˌ

    आप सभी ने बोलने वाले तोते जरूर देखे होंगे, लेकिन क्या आप ने कभी गालियां देने वाले तोते देखे हैं? ब्रिटेन के एक चिड़ियाघर में पाँच ऐसे तोते हैं जो गालियां देने में माहिर हैं। ये वहाँ आने वाले दर्शकों को ताबड़तोड़ गालियां देते थे, ऐसे में चिड़ियाघर अधिकारियों ने उन्हें हटा दिया। यह सभी ग्रे कलर के पांच अफ्रीकी तोते हैं। इनके नाम एरिक, जेड, एल्सी, टायसन और बिली है।

    इन्हें कुछ समय पहले ही ब्रिटेन के लिंकनशायर वन्यजीव पार्क में दर्शकों के देखने के लिए लाया गया था। हालांकि जब ये चिड़ियाघर आने वाले दर्शकों को गाली देने लगे तो उन्हें हटाना पड़ा।

    चिड़ियाघर आने वालों को गालियां देने लगे तोते

    वन्यजीव पार्क के अधिकारी ने इन पांच तोतों को एक ही पिंजरे में रखा था। हालांकि एक हफ्ते के अंदर ये सभी आपस में गालियां देना सीख गए। इन तोतों की भाषा सुन वन्यजीव पार्क के अधिकारी भी हैरान रह गए। पार्क के कर्मचारियों ने बताया कि पहले तो ये तोते आपस में ही एक दूसरे को गाली दे रहे थे, लेकिन फिर उन्होंने पार्क में आने वाले दर्शकों को गाली देना शुरू कर दिया। ऐसा प्रतीत होता है कि इन तोतों ने साथ में रहने के दौरान आपस में ऐसी गंदी भाषा सीख ली।

    25 सालों में कभी नहीं देखा ऐसा

    वन्यजीव पार्क के चीफ एग्जीक्यूटिव स्टीव निकोल्स कहते हैं कि “जब हमे इन तोतों के गाली देने की बात पता चली तो हैरान रह गए। बीते 25 सालों में हमने ऐसा पहले कभी नहीं देखा। हमे ये पता था कि तोते कभी-कभी कुछ भद्दी बातें बोल देते हैं। लेकिन दर्शकों को गाली देने वाले तोते मैंने पहली बार देखे हैं। हम अब पार्क में आने वाले बच्चों को लेकर चिंतित हैं। इसलिए हमने इन्हें पार्क से हटाने का फैसला किया है।”

    दर्शकों की हंसी से मिलता था बढ़ावा

    स्टीव निकोल्स ने आगे बताया कि “सबसे बड़ा संयोग ये रहा कि हमने पाँच अलग-अलग तोतों को एक ही पिंजरे में, एक ही हफ्ते के लिए रखा। इसका मतलब ये हुआ कि पार्क में ऐसा पिंजरा बन गया जहाँ सिर्फ गाली देने वाले तोते ही थे। हमने इन तोतों को लोगों के देखने के लिए इसलिए रख दिया कि ये अपनी बुरी आदत छोड़ देंगे। लेकिन ये तो दर्शकों ही गालियां देने लगे। जब ये दर्शकों को गाली देते थे तो वे जोर-जोर से हँसते थे। इससे इन तोतों को और बढ़ावा मिला और ये और भी अधिक गालियां देने लगे।”

    छोटे बच्चों की खातिर हटा दिया

    स्टीव निकोल्स बताते हैं कि “तोतों का गाली देना बड़े लोगों के लिए भले मजेदार हो, लेकिन जो बच्चे पार्क में आते हैं उनके लिए ये सही चीज नहीं है। अभी इन तोतों को हटा दिया गया है। इन्हें अलग-अलग रखा गया है। उम्मीद है कि कुछ दिनों बाद ये अपनी बुरी आदत छोड़ कुछ नए शब्द बोलना सीख लेंगे। हालांकि यदि उन्होंने अपनी बुरी भाषा बोलना नहीं छोड़ा तो मैं नहीं जानता कि फिर इनके साथ क्या करना है।”

    वैसे यदि आपके घर भी कोई तोता है तो उसके सामने कुछ भी बुरा बोलने से पहले दस बार सोचे, वरना आपके घर का माहौल दूसरों के सामने एक्सपोज हो जाएगा।

  • ऑटो में भूल गई सोने के गहनोंˈ से भरा बैग सवारी फिर रिक्शा चालक ने जो किया वह हैरान करने वाला थाˌ

    ऑटो में भूल गई सोने के गहनोंˈ से भरा बैग सवारी फिर रिक्शा चालक ने जो किया वह हैरान करने वाला थाˌ

    ऑटो में भूल गई सोने के गहनोंˈ से भरा बैग सवारी फिर रिक्शा चालक ने जो किया वह हैरान करने वाला थाˌ

    आज के महंगाई के जमाने में ईमानदारी बची ही नहीं है। ऐसा बहुत कम होता है जब हमे ईमानदारी का कोई बड़ा किस्सा सुनने को मिलता है। यहां हर कोई कम समय में अधिक से अधिक पैसा कमाने की फिराक में रहता है। फिर चाहे उसे इसके लिए बेईमानी की राह पर ही क्यों न चलना पड़े। जरा सोचिए यदि आपको कहीं से सोने से भर बैग मिल जाए तो आप क्या करेंगे?

    आप में से बहुत से लोगों की इस बैग को देख नियत डोल जाएगी। हालांकि आज हम आपको एक ऐसे ऑटोरिक्शा चालक से मिलाने जा रहे हैं जिसने सोने से भरा बैग मिलने पर कुछ ऐसा किया कि हर कोई हैरान रह गया।

    ऑटो में बैग भूल गई सवारी

    मामला गुरुवार 18 नवंबर का है। मुंबई के रहने वाले रोहित विश्वकर्मा बस के माध्यम से इंदौर आए हुए थे। यहां तीन इमली चौराहा पर वह मोहम्मद सलीम नाम के शख्स के ऑटो रिक्शा में सवार हुए। हालांकि अपने गंतव्य पर पहुंचने के बाद वह ऑटो से बैग उठाना भूल गए। ऑटो चालक ने भी इस बात पर ध्यान नहीं दिया और वह चला गया।

    बैग में था सोना और जरूरी कागजात

    Auto rickshaw

    इस बैग में सोने के जेवरात और कुछ डॉक्यूमेंट्स एवं दवाइयां भी थी। ऐसे में परेशान रोहित विश्वकर्मा दिनभर अपने बैग को पूरे शहर में ढूंढते रहे। हालांकि लाख कोशिश के बाद उन्हें बैग और ऑटो चालक का कोई सुराग नहीं मिला। रोहित अपने बैग के मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ ही चुके थे। लेकिन फिर उन्हें पुलिस की एक कॉल आई और जो बात उन्होंने सुनी उस पर यकीन नहीं हुआ।

    ऐसे मिला बैग

    रोहित अपने गुमशुदा बैग की शिकायत पहले ही पुलिस में कर चुके थे, उधर पुलिस को ये बैग गुरुवार रात तक मिल भी गया। दिलचस्प बात ये रही कि इसे पुलिस ने नहीं खोजा, बल्कि खुद ऑटो चालक इसे पुलिस को सौंप गया। पुलिस ने बताया कि ऑटो रिक्शा चालक मोहम्मद सलीम अपने काम के बाद जब घर लौटे तो उन्हें अपने वाहन में बैग मिला। ऐसे में वह यह बैग आजाद नगर के क्षेत्रीय थाने में जमा करा गए।

    ऑटो चालक ने बैग खोला तक नहीं

    50 वर्षीय ऑटो रिक्शा चालक मोहम्मद सलीम ने बताया कि उसने यह बैग खोलकर देखा तक नहीं। उसने कहा कि मैंने गुरुवार को कई सवारियों को उनकी मंजिल तक छोड़ा था। इसलिए मुझे याद नहीं रहा कि यह बैग किस शख्स का है। इसलिए मैंने इसे पुलिस ठाने में जमा करा दिया। मैं बहुत खुश हूं कि बैग उसके सही मालिक को मिल गया। अल्लाह मुझे ईमानदारी की राह पर चलाता रहे।

    ऑटो चालक ने ईमानदारी की जो मिसाल पेश की है वह काबिलेतारीफ है। यदि सभी लोग इनके जैसे ईमानदार बन जाए तो ये दुनिया स्वर्ग से कम नहीं होगी।

  • 33 की उम्र में 13वीं बार प्रेग्नेंटˈ हुई महिला बारबार प्रेग्नेंट होने के पीछे महिला ने बताई वजहˌ

    33 की उम्र में 13वीं बार प्रेग्नेंटˈ हुई महिला बारबार प्रेग्नेंट होने के पीछे महिला ने बताई वजहˌ

    33 की उम्र में 13वीं बार प्रेग्नेंटˈ हुई महिला बारबार प्रेग्नेंट होने के पीछे महिला ने बताई वजहˌ

    ‘हम दो हमारे दो’ ये कहावत आप ने जरूर सूनी होगी। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे कपल से मिलाने जा रहे हैं जो हम दो और हमारे 13 पर यकीन करता है। वैसे वो 13वें बच्चे पर भी रुकेगा या नई इसका भी डाउट बना हुआ है। दरअसल अमेरिका के न्यू मैक्सिको में एक महिला 13वीं बार मां बनने जा रही है। 33 साल की इस महिला के 12 बच्चे पहले से हैं। अब वह अगले साल मार्च में 13वां बच्चा पैदा करने वाली है।

    हर साल एक बच्चे की प्लानिंग करती है महिला

    ब्रिटनी चर्च नाम की ये महिला जब मार्च 2023 में बच्चे को जन्म देगी तो वह अपने सबसे बड़े भाई से 12 साल छोटा होगा। ब्रिटनी और उनके पति क्रिस रोजर्स हर साल एक बच्चे की प्लानिंग करते हैं। इतने बच्चों को पालना कोई आसान काम भी नहीं है। ऊपर से खर्चा भी खूब होता है। उदाहरण के लिए कपल का सिर्फ दूध का खर्च ही महीने का 16 हजार रुपए है।

    ब्रिटनी पेशे से एक ग्राहिणी हैं। उनके 6 बेटे और 6 बेटियां हैं। वहीं उनके पति क्रिस चर्च में पादरी हैं। उन्होंने अपने सभी बच्चों का नाम ‘सी’ अक्षर से ही रखा है। उनके 12 बच्चों में से दो जुड़वा हैं। वह अपनी 13वीं संतान का नाम भी ‘सी’ से रखने वाले हैं। ब्रिटनी इंस्टाग्राम पर भी बड़ी एक्टिव रहती हैं। यहाँ वे अपने बड़े से परिवार की तस्वीरें और वीडियोज साझा करती रहती हैं। कई लोग उन्हें इतने बच्चे पैदा करने के लिए ट्रोल भी करते हैं।

    16 की उम्र में पहली बार बनी थी मां

    ब्रिटनी जब 14 साल की थी तब पहली बार गर्भवती हुई थी। लेकिन तब उनका मिसकैरेज हो गया था। फिर वह 16 की उम्र में पहली बार मां बनी। इसके बाद हर साल उन्होंने एक बच्चा पैदा किया। इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि ‘मैं चाहती थी एक दर्जन बच्चे पैदा हो। ताकि हमारा परिवार भरा पूरा लगे। इसके अलावा हमारे खुद के बच्चे भी एक बच्चा पैदा होने के बाद दूसरे की मांग करते हैं। मुझ से कहते हैं मम्मी प्लीज एक और बेबी ला दो। फिर मैं उनकी मांग पूरी कर देती हूँ।’

    ब्रिटनी के परिवार के पास 12 एकड़ की जमीन है। यहां उनके 12 बच्चे और 140 जानवर साथ रहते हैं। वे अपने यहां सुअर, भेड़, कुत्ते और मुर्गियां पालते हैं। सभी बच्चों की पढ़ाई घर पर ही होती है। हालांकि अब वे अपने सबसे बड़े बच्चे को ऑनलाइन क्लासेस या डिस्टेंस लर्निंग कराने की योजना बना रहे हैं। इनके यहां इतने बच्चे होने की वजह से दूध भी बहुत आता है। इसका महीने का खर्चा लगभग 16 हजार रुपए पड़ता है। ब्रिटनी जब व्यस्त होती हैं तो उनके बड़े बच्चे छोटे बच्चों की देखरेख कर लेते हैं।