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  • गूगल पर खूबसूरत दुल्हन ढूंढ़ते हुए दिल्लीˈ से मध्य प्रदेश पहुंच गया इंजीनियर फंस गया बहुत बुराˌ

    गूगल पर खूबसूरत दुल्हन ढूंढ़ते हुए दिल्लीˈ से मध्य प्रदेश पहुंच गया इंजीनियर फंस गया बहुत बुराˌ

    गूगल पर खूबसूरत दुल्हन ढूंढ़ते हुए दिल्लीˈ से मध्य प्रदेश पहुंच गया इंजीनियर फंस गया बहुत बुराˌ

    शादी की चाहत हो तो सबसे पहली बात लड़की की खूबसूरती ही होती है। हर लड़का चाहता है कि उसकी होने वाली पत्नी खूबसूरत हो। कई बार ये चाहत पूरी भी हो जाती है। वहीं कई बार इस चाहत को पूरा करने के लिए दौड़-भाग करना भारी पड़ जाता है। ऐसा ही कुछ दिल्ली के इंजीनियर के साथ हुआ।

    दिल्ली का सॉफ्टवेर इंजीनियर भी सुंदर सी लड़की के साथ शादी कर अपनी जिन्दगी बिताना चाह रहा था। इसी वजह से वो गूगल की मदद लेने लगा। गूगल पर जो जानकारी उसे मिली, उस पर भरोसा करके वो मध्य प्रदेश आ गया। यहां उसको दुल्हन तो मिली लेकिन ऐसी मुसीबत आई कि अब वो पुलिस के चक्कर काट रहा है।

    मध्य प्रदेश के शिवपुरी की है घटना

    दिल्ली में अमित बंजारा नाम का युवक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वो शादी करना चाहता था और किसी खूबसूरत सी लड़की को अपनी दुल्हन बनाना चाहता था। इसी वजह से उसने गूगल का सहारा लिया। वो इंटरनेट पर अपनी जाति की लड़कियों को सर्च करने लगा। तभी उसको कॉन्ट्रेक्ट मैरिज के बारे में पता लगा।

    ज्यादा जानकारी करने पर उसे पता लगा कि मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में कॉन्ट्रेक्ट मैरिज होती है। बस इसके बाद वो खूबसूरत दुल्हन को तलाशते हुए दिल्ली से सीधा मध्य प्रदेश के लिए रवाना हो गया। यहां पर वो शिवपुरी जिले में पहुंच गया और पता लगाने की कोशिश करने लगा।

    ऑटो वाले ने पहुंचाया ठिकाने तक

    शिवपुरी में अमित किसी को जानता नहीं था। ऐसे में उसने वहां के लोकल ऑटो वाले से मदद मांगी। उसने अपनी पूरी बात ऑटो वाले को बताई तो ऑटो ड्राइवर ने उसको ठिकाने पर ले जाने को कहा। राहुल गोस्वामी नाम का ऑटो वाला अमित को लेकर किरण नाम की एक महिला के पास पहुंचा। किरण ने पूरा मामला उससे पूछा।

    इसके बाद राहुल ने अमित से बड़ोदी चलने को कहा। यहां पर पहुंचकर अमित की मुलाकात मोनू नाम के लड़के से करवाई। मोनू ने अमित को शादी का भरोसा दिया। उसने बेड़िया समाज की एक लड़की से अमित की शादी करवाने की बात कही। उसने इस समाज की लड़की से अमित का विवाह भी करवा दिया। ये पूरा विवाह मंदिर में संपन्न हुआ।

    शादी के बाद फंस गया जाल में

    अमित को पता ही नहीं था कि वो शादी के चक्कर में किस गिरोह के जाल में फंसता जा रहा है। जिस परिवार की बेटी से अमित ने शादी की थी, वो असल में वसूली गिरोह वाले निकले। जिनका काम ही बेटी की शादी करने के बाद वसूली करना था। शादी होने के बाद से वो लोग अमित को परेशान करने लगे।

    लड़की के परिवार वाले शादी के बाद से ही लगातार उससे पैसे मांगते रहते हैं। वहीं उसका घर अपने नाम करने के लिए धमकी देते हैं। वहीं अमित के नाम बैंक में जो एफडी हैं, वो उसको भी अपने नाम करने की मांग करते हैं। अमित का कहना है कि मना करने पर वो उसको जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। अमित ने पुलिस को मामले की जानकारी दी है।

  • भगवान ऐसे दोस्त किसी को न देंˈ वेडिंग गिफ्ट में दी ऐसी चीजदेखकर शर्म से पानी-पानी हो गई दुल्हनˌ

    भगवान ऐसे दोस्त किसी को न देंˈ वेडिंग गिफ्ट में दी ऐसी चीजदेखकर शर्म से पानी-पानी हो गई दुल्हनˌ

    भगवान ऐसे दोस्त किसी को न देंˈ वेडिंग गिफ्ट में दी ऐसी चीजदेखकर शर्म से पानी-पानी हो गई दुल्हनˌ

    शादी में दो चीजें सबसे अधिक जरूरी होती है। ये न हो तो शादी का मजा ही नहीं आता है। ये बड़ी फीकी फीकी सी लगती है। पहली चीज है दोस्त। ये दोस्त आपकी शादी को रंगीन बना देते हैं। इनकी मस्ती और इनका साथ आपकी शादी की रौनक में चार चांद लगा देता है। इनके हंसी मजाक के चलते शादी की सभी रस्में कब पूरी हो जाती है पता ही नहीं चलता है।

    दूसरी चीज की बात करें तो वह है गिफ्ट्स। जी हाँ कोई भी शादी गिफ्ट्स के बिना अधूरी है। इन गिफ्ट्स को लेने के लिए दूल्हा दुल्हन बकायदा स्टेज पर बैठते हैं। फिर एक-एक कर सभी रिश्तेदार और दोस्त आते हैं और उन्हें गिफ्ट्स देते हैं। शादी में मिलने वाले तोहफों को लेकर दूल्हा दुल्हन अक्सर उत्साहित रहते हैं। हालांकि उन्हें अपने उत्साह को कंट्रोल करना पड़ता है। वह सभी गिफ्ट्स शादी के बाद घर जाकर ही खोलते हैं।

    दोस्तों ने दूल्हे को दिया अनोखा गिफ्ट

    लेकिन कई बार दोस्त लोग कोई अतरंगी सा गिफ्ट ले आते हैं। फिर उसे स्टेज पर ही दूल्हे या दुल्हन को खोलने के लिए कहते हैं। आमतौर पर ये गिफ्ट कुछ ऐसे होते हैं जिसे देख लोगों की हंसी छूट जाती है। ऐसा ही एक गिफ्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक दूल्हे को भी मिला। हालांकि जब उसने इस गिफ्ट को खोला तो शर्म से लाल हो गया। इतना ही नहीं उसके बगल में बैठी दुल्हन भी शर्म से पानी पानी हो गई।

    खोलते ही शर्म से लाल हो गए दूल्हा-दुल्हन

    इस वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि दूल्हा और दुल्हन स्टेज पर बैठे हुए हैं। तभी दूल्हे के दोस्त एक गिफ्ट लेकर आते हैं। वह दूल्हे को गिफ्ट यहीं स्टेज पर खोलने को कहते हैं। गिफ्ट को लेकर दूल्हा और दुल्हन दोनों ही उत्सुक नजर आते हैं। हालांकि दूल्हा जैसे ही गिफ्ट खोलकर अंदर झाँकता है उसके होश उड़ जाते हैं। गिफ्ट में कुछ ऐसी चीज होती है जिसे देख वह शरमा जाता है। फिर गिफ्ट को बिना बाहर निकाले फटाक से पीछे रख देता है।

    अब इस गिफ्ट में ऐसा क्या था ये तो दूल्हे ने वीडियो में नहीं बताया। लेकिन कमेन्ट सेक्शन में लोग गेस कर रहे हैं कि ये जरूर कोंडम होगा। तभी दूल्हा और दुल्हन इतना शरमा शरमा कर हंस रहे थे। इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर kichus_abi नाम के अकाउंट ने शेयर किया है। वीडियो को देख लोग खूब मजे भी ले रहे हैं। तो चलिए आप भी बिना कसी देर के इस मजेदार वीडियो को देख लीजिए।

    यहां देखें वीडियो


    वैसे आपको ये वीडियो कैसा लगा हमे कमेन्ट कर जरूर बताएं।

  • सास-ससुर से दिन-रात झगड़ती थी बहूएं गांवˈ वालों ने उठाया ऐसा कदम अब दिन-रात करती है सेवाˌ

    सास-ससुर से दिन-रात झगड़ती थी बहूएं गांवˈ वालों ने उठाया ऐसा कदम अब दिन-रात करती है सेवाˌ

    सास-ससुर से दिन-रात झगड़ती थी बहूएं गांवˈ वालों ने उठाया ऐसा कदम अब दिन-रात करती है सेवाˌ

    बहू की अक्सर सास ससुर से कम ही बनती हैं। कई सास ससुर को शिकायत रहती है कि उनकी बहूएं उनकी सेवा नहीं करती हैं। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीधी जिले (Sidhi District) के पनवार चौहानन गांव (Panwar Chauhanan Village) में भी बुजुर्ग ऐसी ही समस्या से परेशान थे। इस गांव में सास-ससुर और बहुओं के बीच लड़ाई झगड़ों के कई मामले सामने आते थे। फिर ग्रामीणों ने कुछ ऐसा इंतजाम किया कि अब पूरे गांव में शांति है।

    गांव की अनोखी पहल ने रोक दिए बहू और सास-ससुर के झगड़े

    गांव के सरपंच के अनुसार यहां करीब 3200 लोग रहते हैं। हमे आए दिन सास-ससुर और बहुओं के बीच कलेश से जुड़ी खबरे सुनने को मिलती रहती थी। लगभग हर घर में ये दिक्कत थी। इससे परिवार का माहौल बिगड़ रहा था। ऐसे में ग्रामीणों ने एक बैठक की जिसमें बड़ा ही अनोखा फैसला लिया गया।

    गांव वालों ने सास-ससुर की सेवा करने वाली बहुओं को पुरस्कार देने की योजना निकाली। मतलब जो भी बहू अपने सास-ससुर की सबसे अच्छी सेवा करेगी उसे पूरे गांव में पुरुस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। यह तरकीब काम भी कर गई। इस पुरुस्कार और सम्मान के लालच में गांव की बहूएं अपने सास ससुर का बड़े अच्छे से ख्याल रखने लग गई। उनकी खूब सेवा करने लगी।

    पुरुस्कार के लालच में सास-ससुर की सेवा कर रही बहूएं

    गांव वालों ने यह अनोखी पहल इसी साल 24 जनवरी को शुरू की थी। इसके तहत वे हर 26 जनवरी और 15 अगस्त को गांव की उस बहू को सम्मानित करेंगे जो अपने सास-ससुर की सबसे ज्यादा सेवा करेगी। इस पहल को अच्छे से लागू करने के लिए एक निगरानी समिति का गठन भी किया गया है। यह समिति उन बहुओं को चुनेगी जिन्होंने  सास-ससुर की दिन रात सेवा की हो।

    इस अनोखी पहल के दो महीने बाद ही इसका पॉजिटिव रिजल्ट दिखने लगा। गांव में लड़ाई झगड़े बंद हो गए। अब हर महिला का सपना इस पुरुस्कार को जितना है। इसके चक्कर में वह सास ससुर की जमकर सेवा कर रही है। इस पहल के तहत 35 साल की बहू राजकुमारी यादव को ये पुरुस्कार मिल भी चुका है। ग्राम पंचायत ने उन्हें सम्मान दिया था।

    इस बहू को मिला सम्मान

    दरअसल दिसंबर 2021 में राजकुमारी के 67 साल के ससुर शिवनाथ यादव को अचानक दिल का दौरा पड़ गया था। राजकुमारी के पति राज बहादुर यादव किसी निजी काम से बाहर गए हुए थे। ऐसे में बहू ने अपने डर और घबराहट को काबू में रख पहले पंपिंग और फिर प्राथमिक उपचार किया।

    फिर वह अकेले ससुर को जबलपुर (Jabalpur) के एक प्राइवेट हॉस्पिटल ले गई। यहां इलाज के बाद वह ठीक हो गए। बहू की हिम्मत के चलते उनकी जान बच गई। अब गांव की बाकी बहूएं भी राजकुमारी को प्रेरणा मानकर सास बहू की सेवा कर रही हैं।

  • जानिये क्या होता है आर्गेनिक अंडे, बाज़ारˈ में बढ़ रही इन अंडों की मांगˌ

    जानिये क्या होता है आर्गेनिक अंडे, बाज़ारˈ में बढ़ रही इन अंडों की मांगˌ

    जानिये क्या होता है आर्गेनिक अंडे, बाज़ारˈ में बढ़ रही इन अंडों की मांगˌ

    ऑर्गेनिक फार्मिंग आजकल खूब की जा रही है और लोग ऑर्गेनिक फार्मिंग के जरिए लाखों रुपए कमा रहे हैं। कई लोग फल, तो कुछ लोग सब्जियों की ऑर्गेनिक फार्मिंग किया करते हैं। ऑर्गेनिक फार्मिंग के तहत बिना केमिकल का प्रयोग किए खेती की जाती है और केमिकल रहित फल और सब्जी उगाई जाती है। लेकिन राजस्थान के एक युवक ने ऑर्गेनिक अंडों की फार्मिंग शुरू की है और इसके जरिए ये युवक अच्छे खासे पैसे कमा रहा है।

    संजय कुमार ने उदयपुर-गोगुन्दा हाईवे पर चोर बावडी के समीप फार्म हाउस लिया है। जहां पर ये मुर्गी पालन कर ऑर्गेनिक अंडें बेचने का काम कर रहा है। संजय कुमार ने कई सारी मुर्गियां को पाल रखा है और इन मुर्गियों की सिर्फ ऑर्गेनिक खाना ही दिया जाता है।

    साथ में ही संजय कुमार ने मुर्गियों के लिए आरओ के पानी की व्यवस्था भी की हुई है। यानी संजय ने पूरी तरह से मुर्गियों के खाने व  पानी का ख्याल रखा है और इन्होंने केवल जैविक चीजें ही दी जा रही हैं। जिससे की मुर्गियों द्वारा दिए जाने वाले अंडे ऑर्गेनिक हो रहे हैं।

    25 रुपए आता है खर्चा

    संजय के अनुसार एक अंडे पर उसका करीब 25 रूपये का खर्चा आ जाता है। ये मुर्गियों को केवल अच्छा और सही खाना ही देता है। जिसकी वजह से इनके अंडों का वजन और आकार दूसरे अंडों के मुकाबले ज्यादा बड़ा होता है। ये पूरी तरह से ऑर्गेनिक अंडे होते हैं।

    मुर्गियों के लिए गुजरात के जामनगर से फीड लाया जाता है। जो कि उत्तम गुणवत्ता के ऑर्गेनिक फीड होता है और इसे खाने से मुर्गी ऑर्गेनिक अंडें देती हैं। इसके अलावा संजय मुर्गियों को खाने के लिए हरी सब्जियां भी देता है और ये सब्जियां भी पूरी तरह से ऑर्गेनिक होती हैं।

    खुले में रहती हैं मुर्गियां

    संजय का फार्म हाउस काफी बड़ा है और इस फार्म हाउस में मुर्गियां खुले में ही रहती हैं। मुर्गियां जहां चाहें वहां धूम सकती है। संजय के फार्म हाउस में करीब चार सौ स्वर्णधारा और वनराजा नस्ल की मुर्गियां हैं। जो करीब 100 से ज्यादा अंडे हर रोज देती हैं।

    संजय के अनुसार वो मुर्गियों का खासा ध्यान रखता है और प्रेस्टिसाइज, यूरिया और उससे उत्पादित की गई वस्तुओं का उपयोग नहीं करता हैं। वहीं ऑर्गेनिक अंडों को लोग खूब खरीद रहे हैं और लोग इन अंडो के लिए अधिक पैसे देने को भी तैयार होते हैं। उत्तम गुणवत्ता के अंडे बाजार में 6 गुना ज्यादा भाव पर आसानी से बिक जाते हैं।

  • नींद में गैर महिला के अश्लील सपनेˈ देख रहा था पति बीवी को आया गुस्सा तो कर दिया काण्डˌ

    नींद में गैर महिला के अश्लील सपनेˈ देख रहा था पति बीवी को आया गुस्सा तो कर दिया काण्डˌ

    नींद में गैर महिला के अश्लील सपनेˈ देख रहा था पति बीवी को आया गुस्सा तो कर दिया काण्डˌ

    पति और पत्नी का रिश्ता प्यार और भरोसे की दीवार पर टीका रहता है। यदि दोनों में से कोई भी बेवफाई करता है तो रिश्तों के इस घर को ढहते हुए देर नहीं लगती है। जब कोई पति किसी गैर-महिला से अफेयर चलाता है तो पत्नी गुस्से से लाल हो जाती है। कुछ पति की पिटाई कर देती है तो कुछ तलाक दे देती है। लेकिन ऐसा आमतौर पर तभी होता है जब पति रियल लाइफ में किसी गैर-महिला से प्यार करे। लेकिन क्या होगा यदि आपका पति सपने में किसी महिला संग रोमांस करे। क्या तब भी आप पति को कोई सजा देंगी?

    सोते हुए पति पर डाला खौलता पानी

    आज हम आपको एक ऐसी महिला से मिलाने जा रहे हैं जिसने अपने पति को सपने में गैर महिला से रोमांस करने की बहुत बड़ी सजा दी। उसका पति नींद में मीठा सपना देखने लगा। किसी अन्य महिला से रोमांस की बातें नींद में बड़बड़ करने लगा। यह सुन महिला को इतना गुस्सा आया कि उसने अपने पति पर खौलता पानी डाल दिया। इससे वह बुरी तरह झुलस गया।

    नींद में गैर महिला के सपने देख रहा था पति

    यह अनोखा मामला बोलिविया के ला पाज सिटी का है। यहां एक 45 साल का पति नींद में प्यारे-प्यारे सपने देख रहा था। हालांकि यह सपना देखते समय वह नींद में ही कुछ बोलने लगा। पत्नी के अनुसार उसका पति नींद में किसी महिला से अपने प्यार का इजहार कर रहा था। बस यही बात महिला को चुभ गई। वह सीधा किचन में गई और पानी उबालने लगी। इसके बाद उसने अपने सोते हुए पति पर उबलता पानी डाल दिया।

    पहले आग लगाने की कोशिश कर चुकी है पत्नी

    खौलते पानी की वजह से पति बुरी तरह झुलस गया। उसकी पीठ, हाथ और पीठ के निचले हिस्से में जलन है। फिलहाल उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। यह पूरी घटना पति ने ही पुलिस को अस्पताल में बेड पर लेटे हुए सुनाई। ला पाज के स्पेशल क्राइम फाइटिंग फोर्स के डिप्टी डायरेक्टर जुआन जोस डोनियर ने मीडिया को बताया कि महिला पहले भी अपने पति के साथ ऐसी हरकत कर चुकी है। तब उसने शराब पीकर पति को आग लगाने का प्रयास किया था।

  • अपनी लाल साड़ी का पल्लू लहरा करˈ महिला ने रुकवाई ट्रैन टूटी पटरी पर गुजरने वाली थी रेलगाडीˌ

    अपनी लाल साड़ी का पल्लू लहरा करˈ महिला ने रुकवाई ट्रैन टूटी पटरी पर गुजरने वाली थी रेलगाडीˌ

    अपनी लाल साड़ी का पल्लू लहरा करˈ महिला ने रुकवाई ट्रैन टूटी पटरी पर गुजरने वाली थी रेलगाडीˌ

    रेल हमारे जीवन में यात्रा का अभिन्न हिस्सा बन गई है। पटरियों पर चलने वाली रेल वैसे तो एक सुरक्षित यातायात का साधन है। फिर भी कई बार इससे हादसे होने की गुंजाइश रहती है। अगर रेल की पटरियां कहीं टूटी हों तो ट्रेन के गिरने का डर रहता है। हालांकि इसके लिए रेलवे कर्मचारी भी पटरियों को चेक करने के लिए लगे रहते हैं।

    अब जरा सोचिए अगर कभी कर्मचारी रेल की पटरी न चेक कर सकें और वो टूटी हो तब क्या होगा। इस बारे में यूपी की ग्रामीण महिला ने सोच लिया था। तभी उसकी नजर जैसे ही टूटी पटरी पर पड़ी, उसने फौरन ही ऐसी सूझबूझ दिखाई कि हजारों यात्रियों की जान बचा ली। अब इस महिला की सोशल मीडिया पर खूब तारीफ हो रही है।

    यूपी के एटा का है मामला

    जिस महिला की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया, वो एटा की रहने वाली है। वो यहां के अवावगढ़ इलाके में गुलरिया गांव में रहती है। ओमवती नाम की महिला सुबह करीब 8 बजे अपने खेत में जा रही थी। यहां पर कुलबा रेलवे हाल्ट स्टेशन है। स्टेशन से कुछ 100 मीटर की दूरी पर जब महिला की नजर पड़ी तो वो चौंक गई।

    ओमवती ने देखा कि वहां पर पटरी टूटी हुई थी। ये देखकर वो हैरान रह गई। सबसे बड़ी बात है कि रोज उस रास्ते से गुजरने वाली ओमवती को पता था कि वहां से अभी ट्रेन गुजरने वाली है। उसका अंदाजा भी सही थी क्योंकि इस स्टेशन से एटा-टूंडला पैसेंजर के गुजरने का यही समय होता है।

    ऐसे बचाई यात्रियों की जान

    ओमवती पहले तो हैरान रह गई। फिर उसने हिम्मत नहीं खोई और अपने ही दम पर यात्रियों को बचाने के लिए कुछ करने की ठानी। सबसे पहले वो वापस अपने घर पर दौड़ी। घर से उसने लाल कपड़ा लिया और वापस उसी जगह पहुंची जहां पटरी टूटी हुई थी। इसके बाद गांव की इस महिला ने एक और सूझबूझ दिखाई।

    ओमवती ने सबसे पहले उस लाल कपड़े को पटरी के पास लाकर बांध दिया। सिर्फ इतना करके ही वो पीछे नहीं हटी, बल्कि ट्रेन का इंतजार करती रही। थोड़ी ही देर में वहां एटा-टूंडला पैसेंजर ट्रेन की सीटी बजने लगी। पहले से ही वहां इंतजार कर रही ओमवती ने इस बार अपनी साड़ी का लाल पल्लू भी लहरा दिया।

    लोको पायलट की पड़ गई नजर

    ओमवती ने लाल कपड़ा पटरी पर बांधा था। इसके साथ ही लाल पल्लू भी लहरा रही थी। उसकी तरकीब काम आई और लोको पायलट की नजर उसके लाल पल्लू औऱ पटरी पर लगे लाल कपड़े दोनों पर पड़ गई। इसके बाद उसने फौरन ही इमरजेंसी ब्रेक लगा दिये जिससे ट्रेन टूटी पटरी से थोड़ी ही दूरी पर रुक गई।

    जैसे ही ट्रेन रुकी और ड्राइवर उतरा, फौरन ओमवती ने उसको टूटी पटरी दिखाई। पटरी देखकर लोको पायलट भी हैरान रह गया। फौरन अफसरों को सूचना दी गई। फिर आधे घंटे पटरी को दुरुस्त किया गया। तब जाकर ट्रेन रवाना हुई। अपनी सूझबूझ से ओमवती सोशल मीडिया पर छा गई है। उसका कहना है कि उसे पता था कि लाल निशान खतरे के लिए होता है।

  • इस कचोड़ी वाले दद्दू को देश करˈ रहा नमन साइकिल पर फर्राटेदार अंग्रेजी बोल बेचते हैं टैस्टी कचोड़ीˌ

    इस कचोड़ी वाले दद्दू को देश करˈ रहा नमन साइकिल पर फर्राटेदार अंग्रेजी बोल बेचते हैं टैस्टी कचोड़ीˌ

    इस कचोड़ी वाले दद्दू को देश करˈ रहा नमन साइकिल पर फर्राटेदार अंग्रेजी बोल बेचते हैं टैस्टी कचोड़ीˌ

    गरमा गरम कचोड़ी हर किसी को पसंद होती है। आमतौर पर लोग कचोड़ी खाने दुकान पर जाते हैं। लेकिन कुछ लोग घर-घर जाकर भी कचोड़ी बेचते हैं। आप ने भी कचोड़ी वाले भैया को साइकिल या मोटरसाइल पर घर-घर आवाज लगाते हुए कई बार देखा या सुना होगा। सामान्यतः ये कचोड़ी वाले हिन्दी या अपनी रिजनल भाषा में ही कचोड़ी बेचते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे दादाजी से मिलाने जा रहे हैं जो फर्राटेदार अंग्रेजी बोलकर कचोड़ी बेचते हैं।

    75 साल के दादा गली-गली घूम बेचते हैं कचोड़ी

    इनसे मिलिए। ये हैं 75 साल के श्री गोविंद मालवीय जी। गोविंद दादा मूल रूप से मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के डोंगी गांव के रहने वाले हैं। लेकिन वर्तमान में वे इंदौर शहर में कचोड़ी बेचते हैं। वे अपनी साइकिल पर अधिकतर कचोड़ियाँ इंदौर के मूसाखेड़ी इलाके में बेचते हैं। वह बीते 45 साल से ये काम करते आ रहे हैं।

    गोविंद दादा रोज अपनी पत्नी के साथ मिलकर गली-गली कचोड़ी बेचते हैं। अब उनका ये काम करने का मन नहीं करता है। कोरोना के बाद उनके ग्राहक कम हो गए हैं। इसमें कोई खास मुनाफा भी नहीं रह गया है। लेकिन कोई बच्चे न होने की वजह से वे इसी काम से अपना पेट पालते हैं। इसके अलावा उनका कहना है की साइकिल चलाने से उनके हाथ पैर फिट भी रहते हैं। इसलिए वह अभी भी यही कचोड़ी का धंधा कर रहे हैं।

    फर्राटेदार अंग्रेजी बोल बेचते हैं कचोड़ी

    गोविंद दादा फर्राटेदार अंग्रेजी बोलकर कचोड़ी बेचते हैं। वे बताते हैं कि पहले में हिन्दी में ही कचोड़ी बेचा करता था। लेकिन अब जमाना बदल गया है। बच्चे भी अंग्रेजी मीडियम में पढ़ने लगे हैं। इसलिए उन्हें बुलाने के लिए मैंने एक दो बार अंग्रेजी बोल दी। फिर सब कहने लगे की दादा आप अंग्रेजी बोलते हुए बड़े प्यारे लगते हैं। इसलिए तब से मैं अंग्रेजी में ही कचोड़ी बेच रहा हूं।

    गोविंद दादा बताते हैं कि पहले वह गांव से अनाज लेकर भोपाल जाकर बेचा करते थे। लेकिन फिर उन्हें इस धंधे में बड़ा नुकसान हो गया। फिर वह इंदौर काम की तलाश में आए। यहां एक सेठजी ने उन्हें सलाह दी कि कोई नौकरी करने की बजाय खुद का धंधा करो। कचोड़ी बेचो। तब से दादा कचोड़ी बेचने लगे। पहले शुरुआत में 1 रुपए की 1 कचोड़ी बेचते थे। लेकिन अब महंगाई बढ़ने की वजह से ये दाम वर्तमान में 10 रुपए की एक कचोड़ी हो गए हैं।

    अंग्रेजी में कचोड़ी बेचने वाले दादा की ये स्टोरी आमची इंदौर नाम के एक यूट्यूब चैनल ने साझा की है। लोग इस स्टोरी को बहुत पसंद कर रहे हैं। भावुक होकर दादा की मदद की पेशकश कर रहे हैं। आमची इंदौर ने भी लोगों से विनती की है कि वे दादा को शादी पार्टी के ऑर्डर दें। ताकि वे घर बैठे-बैठे ही कमाई कर सके। इस उम्र में उन्हें गली-गली घूमना न पड़े।

    यहां देखें अंग्रेजी में कचोड़ी बेचने वाले दादा

  • डांस करने में मग्न था दूल्हा दुल्हनˈ ने गुस्से में दोस्त के साथ ले लिए फेरेˌ

    डांस करने में मग्न था दूल्हा दुल्हनˈ ने गुस्से में दोस्त के साथ ले लिए फेरेˌ

    डांस करने में मग्न था दूल्हा दुल्हनˈ ने गुस्से में दोस्त के साथ ले लिए फेरेˌ

    शादी वाले दिन नाच गाना करने का शौक हर किसी को होता है। लेकिन वह कहते हैं न कि कोई भी चीज लिमिट में करो तब ही सही होता है। अब महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में हुई इस शादी को ही ले लीजिए। यहां एक दूल्हे ने शादी में ऐसा डांस किया कि दुल्हन का दिमाग खराब हो गया। इसके बाद उसने न सिर्फ शादी तोड़ दी, बल्कि गुस्से में अपने दोस्त के गले में वरमाला भी डाल दी।

    घंटों तक डांस करता रहा दूल्हा

    दरअसल ये अनोखा मामला बुलढाणा जिले के मलकापुर पंगरा गांव का है। शादी 24 अप्रैल को थी। दूल्हा तय दिन पर बारात लेकर आ गया। बारात में भयंकर डीजे बज रहा था। इस डीजे पर बाराती झूम-झूमकर डांस कर रहे थे। बारात अपने मुहूर्त के समय से पहले ही पीछे चल रही थी। वह लड़की के द्वार पर करीब 4 बजे पहुंची। हालांकि यहां लेट होने पर भी बाराती अंदर आने का नाम नहीं ले रहे थे। सभी पर डांस का भूत सवार था।

    तभी दूल्हा भी कार से नीचे उतर गया। वह भी दिल खोलकर नाचने लगा। बाराती और दूल्हे सभी शराब के नशे में धूत थे। ऐसे में वे शाम 4 बजे से लेकर रात के 8 बजे तक नाचते ही रहे। इधर शादी का मुहूर्त निकला जा रहा था। ऐसे में लड़की और उनके पिता को गुस्सा आने लगा। उन्होंने बरातियों से नाच गाना बंद कर अंदर आने को कहा। लेकिन बाराती उल्टा भड़क गए। उन्होंने लड़कीवालों के साथ मारपीट कर दी।

    दुल्हन ने दोस्त संग ले लिए फेरे

    बरातियों की मारपीट देख लड़कीवालों का भी दिमाग खराब हुआ। उन्होंने दूल्हे सहित सभी बरातियों की अच्छे से धुनाई कर दी। इसके बाद लड़की वालों ने शादी तोड़ दी। दूल्हे और बरातियों को बगैर खाना खिलाए घर लौटा दिया। अब शादी तो टूट गई, लेकिन लड़की वालों को समाज में बदनामी का डर सताने लगा। ऐसे में पंचायत बुलाई गई। पंचायत में फैसला हुआ कि लड़की की शादी इसी मंडप में किसी और लड़के के साथ कर दी जाए।

    फिर नए दूल्हे की तलाश शुरू हुई। लड़की के पिता को मेहमानों में से ही एक लड़का पसंद आया। लड़के ने भी स्थिति को समझा और शादी के लिए तुरंत हां कर दी। दिलचस्प बात ये रही कि लड़का और लड़की पहले से अच्छे दोस्त भी हैं। बस फिर क्या था दोनों ने उसी मंडप में 7 फेरे ले लिए।

    दूल्हे ने भी अगले दिन की दूसरी शादी

    अब आप सोच रहे होंगे कि दूल्हा तो कुंवारा ही रह गया। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। अगले दिन दूल्हे ने भी किसी दूसरी लड़की से शादी रचा ली। हालांकि अब उसमें अक्कल आ गई। इसलिए उसने शादी के पहले न तो शराब पी और न ही कोई डांस किया। अरे दूल्हे को छोड़े, इस बार उसके किसी दोस्त या रिश्तेदार ने भी शराब को छुआ तक नहीं।

  • कबाड़ी से 500 रु में कुर्सी खरीदीˈ और 16 लाख रुपए कमा लिए: जानिए कैसे एक महिला ने कर दिया ये कमालˌ

    कबाड़ी से 500 रु में कुर्सी खरीदीˈ और 16 लाख रुपए कमा लिए: जानिए कैसे एक महिला ने कर दिया ये कमालˌ

    कहा जाता है कि “बुद्धि घुमाओ और पैसा कमाओ”। एक महिला ने इस कहावत को बिल्कुल सटीक तरह से जमीन पर उतार दिया। और 500 रुपए की कुर्सी एक कबाड़ी से खरीदकर करीब 16 लाख रु अपनी जेब में रख लिए।

    500 रु की कुर्सी 16 लाख में नीलाम की

    पैसा कमाने का ब्रिटेन की इस महिला का तरीका आपको हैरान कर देगा। इसने कबाड़ी से केवल 500 रुपए में कुर्सी खरीदी और ऐसा दिमाग दौड़ाया कि 500 रुपए की कुर्सी से पूरे 16 लाख रुपए कमा लिए। दरअसल हुआ ये कि महिला ने कबाड़ी से कुर्सी खरीदकर उसे नीलाम करने का फैसला लिया और देखते-देखते इस कुर्सी की बोली लगाने के लिए कई लोग आगे सामने आ गए और एक शख्स ने 16 लाख रुपए देकर कुर्सी अपने पास रख ली। कैसे हुआ ये कमाल आपको आगे बताते हैं-

    कबाड़ी से 500 रु में कुर्सी खरीदीˈ और 16 लाख रुपए कमा लिए: जानिए कैसे एक महिला ने कर दिया ये कमालˌ

    कुर्सी की इतनी बोली कैसे लगी?

    दरअसल चीजों की कीमत लगाने में माहिर महिला के एक परिचित शख्स ने कुछ दिन पहले महिला को बताया था कि यह कुर्सी कोई मामूली कुर्सी नहीं है, बल्कि ऑस्ट्रिया के 20वीं सदी के आर्ट स्कूल की है। जिसे ऑस्ट्रियाई पेंटर कोलोमन मोजर ने 1902 में डिजाइन किया था। मोजर विएना सेकेशन आंदोलन के एक आर्टिस्ट थे। उन्होंने पारंपरिक कलात्मक शैलियों को खारिज कर नई शैली विकसित की थी।

    लेडर बैक चेयर मॉडल में बनी है कुर्सी

    नीलामी के बाद इस कुर्सी को एक ऑस्ट्रियाई डीलर ने खरीदा है। डीलर जॉन ब्लैक ने कहा कि हम कुर्सी के सेल प्राइस से काफी खुश हैं। अच्छी बात ये है कि यह कुर्सी वापस ऑस्ट्रिया जा रही है।

    यह कुर्सी 18वीं शताब्दी की पारंपरिक लेडर बैक चेयर का मॉर्डन रूप है। दिखने में यह कुर्सी आम है लेकिन इसका बैक यानि पिछला हिस्सा आम कुर्सियों के मुकाबले ज्यादा लंबा है। इसके अलावा इसे बनाने में प्लास्टिक की बजाय लकड़ी और जूट का इस्तेमाल किया गया है।

    तो ब्रिटेन की इन मोहतरमा ने सिर्फ अपनी बुद्धि घुमाई और बैठे-बैठे सैकड़ों को लाखों में बदल दिए।

  • ओ तेरी! 2 साल के बच्चे कोˈ पिता ने खेलने को दिया मोबाइल, बच्चे ने कर दिया 2 लाख का ऑर्डर, घर पहुंचा सामानˌ

    ओ तेरी! 2 साल के बच्चे कोˈ पिता ने खेलने को दिया मोबाइल, बच्चे ने कर दिया 2 लाख का ऑर्डर, घर पहुंचा सामानˌ

    ओ तेरी! 2 साल के बच्चे कोˈ पिता ने खेलने को दिया मोबाइल, बच्चे ने कर दिया 2 लाख का ऑर्डर, घर पहुंचा सामानˌ

    एक भारतीय कपल को अपने बच्चे को शांत करने के लिए उसे अपना स्मार्ट मोबाइल फोन देना काफी महंगा पड़ गया। इस बच्चे ने मोबाइल से खलते हुए करीब 1 लाख 40 हजार के सामान का ऑर्डर दे दिया। इस बच्चे को अभी पढ़ना-लिखना नहीं आता लेकिन सामान ऑर्डर करने में ये बहुत तेज निकला।

    उस समय तो उस कपल को अपने बच्चे की हरकत के बारे में कुछ पता नहीं लगा, लेकिन जब उनके घर पर कार से एक के बाद एक डिलीवरी होना शुरू हुई तो वह चौंक गए। क्या है ये दिलचस्प मामला आपको आगे बताते हैं-

    22 महीने के अयांश ने दिया ऑर्डर

    22 महीने का अयांश अमेरिका में रह रहे इंडियन कपल मधु और प्रमोद कुमार का बेटा है। अयांश को अभी पढ़ना लिखना नहीं आता, लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग की नॉलेज से उसने अपने मम्मी-पापा को चौंका दिया है।

    दरअसल मधु और प्रमोद कुमार का 22 महीने का बच्चा खेलने के लिए मोबाइल मांग रहा था। पहले तो उन्होंने मना किया लेकिन जब वो ज्यादा परेशान करने लगा तो उन्होंने उसे शांत करने के लिए अपना मोबाइल दे दिया। लेकिन बच्चे ने खेल-खेल में ही मोबाइल से फर्नीचर आर्डर कर दिया।

    शॉपिंग साइट कार्ट में ऐड थे फर्नीचर

    अयांश की मां के फोन में अलग-अलग तरह के फर्नीचर पहले से ही एक ऑनलाइन शॉपिंग साइट के कार्ट में ऐड करके रखे हुए थे। अयांश ने मोबाइल से खेलते हुए सारे फर्नीचर को ऑर्डर कर दिया। उसमें बाय डिफॉल्ट उनके घर का एड्रेस था।

    घर पर डिलीवर होने लगे फर्नीचर

    ऑर्डर के बाद जब इस इंडियन कपल के एड्रेस पर फर्नीचर डिलीवर होने लगे तो उन्हें तो एक बार कुछ समझ में ही नहीं आया। फिर जब उन्होंने इनवाइस नोट में ऑर्डर की तारीख और समय देखा तो उन्हें अपनी गलती का पता चला।

    बच्चों को फोन देने से पहले रखें ध्यान

    अयांश ने अपने माता-पिता से स्क्रीन स्वैप और टैप करना सीखा है। इस गड़बड़ी के बाद अयांश के माता-पिता ने अपने फोन की सिक्योरिटी सेटिंग को और मजबूत किया है। अगर आप भी अपने बच्चों को खेलने के लिए मोबाइल दे देते हैं तो इस बात का ध्यान रखना आपकी जिम्मेदारी है जिससे वह आपको नुकसान ना पहुंचा पाए। छोटे बच्चे जब तंग कर रहे होते हैं तो उन्हें बहलाने के लिए उनके हाथ में स्मार्टफोन पकड़ाते समय सावधानी बरतना बहुत जरूरी है।