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  • नाव में बैठे विद्वान पंडितजी तूफान आयाˈ तो डूबने लगी नाव धरा रह गया सारा ज्ञान लेकिन फिर..ˌ

    नाव में बैठे विद्वान पंडितजी तूफान आयाˈ तो डूबने लगी नाव धरा रह गया सारा ज्ञान लेकिन फिर..ˌ

    नाव में बैठे विद्वान पंडितजी तूफान आयाˈ तो डूबने लगी नाव धरा रह गया सारा ज्ञान लेकिन फिर..ˌ

    एक समय की बात है। एक गांव में एक विद्वान पंडितजी रहते थे। उन्होंने हर विषय में बहुत शिक्षा हासिल कर रखी थी। उन्हें अपने इस ज्ञान और शिक्षा का बहुत घमंड था। वह हर जगह अपने ज्ञान का बखान करते थे। खुद की तारीफ़ों के पूल बांधते थे। जो लोग उनसे कम ज्ञानी थे उन्हें नीचा दिखाते थे। उन्हें ताने मारते थे। खुद को उनसे बेहतर साबित करते थे।

    जब बीच नदी में खराब हुई पंडितजी की नाव

    एक दिन पंडितजी को कुछ निजी काम से दूसरे गांव जाना था। लेकिन रास्ते में एक नदी थी। ऐसे में उन्होंने एक नाव कर ली। वह आराम से ठप्पा मारकर नाव में बैठ गए। नाव चलाने वाला नाविक एक बेहद साधारण शख्स था। नाव में बैठे-बैठे पंडितजी का अभिमान उनपर हावी हो गया। वह नाविक से पूछने लगे “तूने कहां तक शिक्षा प्राप्त की है?” इस पर नाविक बोला “बस थोड़ा बहुत पढ़ा हूं पंडितजी। इससे ज्यादा जरूरत ही महसूस नहीं हुई। काम धंधे में लग गए और क्या।”

    इस पर पंडितजी सड़ा मुंह बनाने लगे। फिर घमंड में आकर पूछा “तुझे व्याकरण का ज्ञान है क्या?” नाविक ने सिर हिला ना बोल दिया। पंडितजी फिर बोले “अरे गवार। तूने व्याकरण भी नहीं पढ़ी? अपनी आधी उम्र यूं ही गंवा दी।” फिर पंडितजी ने तेज आवाज में पूछा “भूगोल, इतिहास तो पड़ा होगा?” नाविक ने फिर ना बोल दिया। इस पर पंडितजी उसे नीचा दिखाते हुए बोले “अरे रे, फिर तो तेरा पूरा जीवन ही व्यर्थ हो गया।” वह खुद पर गर्व कर बोले “मुझे देख, मैंने जीवन का सही उपयोग किया। इतना ज्ञान हासिल किया।”

    पंडितजी की बात सुनकर नाविक कुछ नहीं बोला। बस सिर झुका बैठा रहा। कुछ देर बाद तेज हवा चलने लगी। नदी की लहरें उफान मारने लगी। नाव डगमगाने लगी। यह देख पंडितजी थर-थर कांपने लगे। नाविक बोला “पंडितजी आपको तैरना तो आता है ना?” पंडितजी ने डरते हुए कहा “नहीं आता।” इस पर नाविक हँसते हुए बोला “अरे, अब आपको व्यकारण, इतिहास, भूगोल को मदद के लिए बुलाना होगा। क्योंकि ये नाव तो अब डूबने वाली है।”

    नाविक की ये बातें सुन पंडितजी का डर सांतवे आसमान तक जा पहुंचा। हालांकि नाविक समझदार था। इतने तूफान में भी वह नाव को जैसे तैसे किनारे ले आया। अब नाव से उतरते ही पंडितजी को अपनी गलती का एहसास हुआ। उन्हें समझ आया कि ज्ञान छोटा हो या बड़ा, वह काम का होता है। फिर वह इतिहास भूगोल का ज्ञान हो या तैरने और नाव चलाने का ज्ञान।

    कहानी की सीख

    हमे कभी भी किसी को उसकी हैसियत या ज्ञान के आधार पर नीचा नहीं दिखाना चाहिए। साथ ही अपने ज्ञान का घमंड भी नहीं करना चाहिए। हर व्यक्ति में कोई न कोई टेलेंट या किसी विशेष चीज का ज्ञान होता है। वहीं हर किसी में कोई न कोई कमी भी होती है। इसलिए सबको समान दृष्टि से देखना चाहिए।

  • शादी में नहीं मिला मटन तो मंडपˈ से गायब हो गया दूल्हा, उसी रात रचा ली दूसरी लड़की से शादीˌ

    शादी में नहीं मिला मटन तो मंडपˈ से गायब हो गया दूल्हा, उसी रात रचा ली दूसरी लड़की से शादीˌ

    शादी में नहीं मिला मटन तो मंडपˈ से गायब हो गया दूल्हा, उसी रात रचा ली दूसरी लड़की से शादीˌ

    जब भी घर में किसी लड़की की शादी होती है तो माता पिता के ऊपर सबसे ज्यादा प्रेशर रहता है। हर पिता अपनी बेटी की शादी धूमधाम से करना चाहता है। इसके लिए वह अपनी क्षमता के अनुसार मेहमानों का स्वागत भी करता है। लेकिन कुछ लालची लोग ऐसे भी होते हैं जिनके लिए जितना भी कर लो कम ही होता है। वे कभी लड़कीवालों के स्वागत और दहेज से खुश नहीं होते हैं। छोटी छोटी बातों पर शादी तोड़ने तक को तैयार हो जाते हैं। अब ओडिशा (Odisha) के जाजपुर (Jajpur) की इस घटना को ही ले लीजिए। यहाँ दूल्हा खाने में मटन न मिलने से इतना नाराज हो गया कि शादी के मंडप से ही गायब हो गया।

    दरअसल शादी वाले दिन शुरुआत में तो सबकुछ अच्छा चल रहा था। लड़की के पिता ने शादी की अच्छी तैयारी कर रखी थी। बरातियों का स्वागत भी अच्छे से किया। फिर शादी की रस्में शुरू हो गई। दूल्हा दुल्हन मंडप में जाकर बैठ गए और बाराती खाना खाने में व्यस्त हो गए। हालांकि खाने के पंडाल पर पहुंचते ही दूल्हा पक्ष नाराज हो गया। उन्हें इस बात की नाराजगी थी कि लड़कीवालों ने खाने में मटन नहीं रखा था। इस बात को लेकर हंगामा हो गया।उधर जब मंडप में बैठे दूल्हे को यह बात पता लगी तो वह बहुत गुस्सा हुआ। उसे मटन न मिलने की बात इतनी बुरी लगी कि वह मंडप छोड़कर चला गया। दूल्हे की यह हरकत देख लड़की वाले हैरान रह गए। उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि इतनी सी बात को लेकर उनकी बेटी की शादी टूट जाएगी। शादी में आए बरातियों का कहना था कि खाने में मटन देने की बात पहले ही तय हो गई थी। फिर भी लड़कीवालों ने भोजन में मटन नहीं रखा।

    अब लड़कीवालों को भला कहां पता था कि शादी में मटन की डिमांड पूरी न होने पर इतना बड़ा बवाल मच जाएगा। उधर हद तो तब हो गई जब दूल्हा इस शादी को तोड़ अपने रिश्तेदार के साथ एक दूसरे गाँव चला गया और उसने उसी रात एक अन्य लड़की से शादी रचा ली। यह पूरी घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक फिलहाल इस मामले पर लड़कीवालों ने कोई भी शिकायत दर्ज नहीं कारवाई है।

    हालांकि गांव में इस शादी को लेकर काफी बातें हो रही है। गांववाले भी लड़के वालों की इस हरकत की आलोचना कर रहे हैं। किसी ने कहा कि ऐसे लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। वहीं कुछ ने ये भी कहा कि अच्छा हुआ जो शादी के पहले ही दूल्हे का असली रंग पता चल गया। ऐसे लड़के से लड़की की शादी हो जाती तो वह जीवनभर दुखी रहती।

    वैसे इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है हमे कमेंट कर जरूर बताएं। यदि आपके घर की शादी में लड़के वाले ऐसी हरकत करते तो आप क्या करते? आपके हिसाब से ऐसे लोगों को कैसी सजा दी जानी चाहिए? जरा उस लड़की के पिता का सोचिए जिसकी इज्जत और पैसा ऐसे वाहियात लोगों की वजह से बर्बाद हो गई।

  • गांव में आई बाढ़ सब भागने लगेˈ भक्त नहीं गया बोला भगवान मुझे बचाएंगे जाने फिर क्या हुआˌ

    गांव में आई बाढ़ सब भागने लगेˈ भक्त नहीं गया बोला भगवान मुझे बचाएंगे जाने फिर क्या हुआˌ

    गांव में आई बाढ़ सब भागने लगेˈ भक्त नहीं गया बोला भगवान मुझे बचाएंगे जाने फिर क्या हुआˌ

    कुछ लोगों की आदत होती है कि वह जीवन में मेहनत कम करते हैं और भाग्य या भगवान के भरोसे ज्यादा बैठे रहते हैं। लेकिन सच तो ये है कि किसी भी काम में सफलता पाने या मुसीबत से बाहर निकलने के लिए खुद ही हाथ पैर चलाने पड़ते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने भी गीते में हमेशा कर्म करते रहने की सलाह दी है। यह कर्म कितना जरूरी है, इसे हम एक कहानी से समझते हैं।

    बाढ़ आई तो पूरा गांव हो गया खाली, बस एक शख्स बैठा रहा

    एक समय की बात है। एक गांव में एक लाला प्रसाद नाम का शख्स रहता था। लाला भगवान का बहुत बड़ा भक्त था। दिन रात पूजा पाठ करता रहता था। भगवान पर उसे सौ फीसदी यकीन था। उनके आशीर्वाद के बिना वह कुछ नहीं करता था। एक दिन गांव में बाढ़ आ गई। ऐसे में लोग गांव खाली कर जाने लगे। लेकिन लाला प्रसाद नहीं गया।

    लाला ने सोचा कि मैं तो भगवान का परम भक्त हूँ। मुझे कुछ नहीं होगा। मैं ऐसे नहीं भागूँगा। मुझे तो सिर्फ भगवान ही बचाने आएंगे। बाढ़ का पानी धीरे-धीरे बढ़ने लगा। गांव के कुछ लोगों ने उसे अपने साथ सुरक्षित जगह चलने का ऑफर दिया। लेकिन वह बोला कि नहीं जब तक भगवान मुझे बचाने नहीं आते, मैं कहीं नहीं जाऊंगा।

    अब बाढ़ का पानी गांव के सभी घरों में घुस गया। लाला प्रसाद के घर भी पानी आ गया। इस बीच एक शख्स नाव लेकर उसके पास आया। बोला नाव में बैठ जाओ नहीं तो डूब जाओगे। लेकिन लाला बोले ‘नहीं, तुम जाओ। मेरी मदद को भगवान आते ही होंगे। मैं यहीं उनका इंतजार करूंगा।’ यह सुन शख्स नाव लेकर चला गया।

    अब बाढ़ के साथ तूफान भी आ गया। लाल का पूरा घर पानी से भर गया। अचानक एक पेड़ का तना उसके पास तैरते हुए आया। वह चाहता तो उस तने का सहारा लेकर डूबने से बच सकता था। लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। वह भगवान का ही इंतजार करता रहा। अंत में पानी में डूबने से लाला की मौत हो गई।

    मारने के बाद लाला स्वर्ग गया। वहाँ भगवान पर नाराज होते हुए पूछा “हे भगवान, मैंने आपकी सारी उम्र इतनी पूजा पाठ की। लेकिन आप मेरी जान बचाने भी नहीं आए। क्यों?” इस पर भगवान बोले “मूर्ख मैं कई बार तेरी जान बचाने आया था। पहले नाव लेकर मैं ही आया था पर तू नहीं आया। वह पेड़ का तना भी मैंने ही भेजा था, लेकिन तूने उसके सहारे बचने की मेहनत नहीं की। इसमें मेरी कोई गलती नहीं है।”

    कहानी की सीख

    भगवान हमे लाइफ में कई मौके देता है। अब ये हमारे ऊपर है कि हम उन अवसरों का सही मौकों पर सही फायदा उठाए। जब तक आप खुद मेहनत नहीं करेंगे भाग्य और भगवान भी कुछ नहीं कर पाएंगे।

  • सुहागरात पर बीवी ने पति को बतायाˈ ऐसा सच सुनते ही छोड़ दिया पत्नी को और टूट गई शादीˌ

    सुहागरात पर बीवी ने पति को बतायाˈ ऐसा सच सुनते ही छोड़ दिया पत्नी को और टूट गई शादीˌ

    सुहागरात पर बीवी ने पति को बतायाˈ ऐसा सच सुनते ही छोड़ दिया पत्नी को और टूट गई शादीˌ

    कहते हैं पति और पत्नी का रिश्ता भरोसे पर टिका होता है। हालांकि अपने जीवन का कौन सा सच लाइफ पार्टनर को बताना चाहिए या नहीं, ये खुद को ही तय करना होता है। मध्य प्रदेश में एक लड़की को अपने जीवन का एक सच बताना बहुत भारी पड़ गया। पति ने उसका सच जाना तो फौरन ही पत्नी को छोड़ दिया और शादी टूट गई।

    दोनों के तलाक का मामला भी तीन साल से कोर्ट में लंबित चल रहा था। इस बीच कई बार प्रयास किए गए कि पत्नी को पति वापस अपने साथ घर ले जाए लेकिन वो तैयार नहीं हुआ। आखिरकार तीन साल बाद दोनों का विवाह शून्य घोषित कर दिया गया और दोनों की शादी टूट गई। आखिर वो सच क्या था, आइए हम आपको बताते हैं।

    ये मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सामने आया है। यहां रहने वाले 25 साल के युवक ने इसी शहर की लड़की से शादी की थी। लड़की की उम्र 21 साल की थी। दोनों की शादी परिवार की रजामंदी से की गई थी। शादी के दोनों की पहली रात थी। हालांकि इसी बीच लड़की ने अपने जीवन का सच बताना चाहा।

    सुहागरात पर जब दोनों अकेले में थे तब पत्नी और पति में बातें हो रही थीं। दोनों ही अपनी जिन्दगी के कुस किस्से सुना रहे थे। पत्नी ने भी पति को अपने जीवन का कुछ सच बताना चाहा। इसी दौरान उसने एक ऐसा सच बता दिया जिसको सुनने के बाद लड़का सन्न रह गया और फौरन ही कमरे से बाहर निकलकर आ गया।

     ये था वो सच जो बीवी ने पति को बताया

    अब हम आपको वो सच बताते हैं जो बीवी ने सुहागरात पर अपने पति को बताया। पत्नी ने पति को बताया कि उसका रेप हो चुका है। उसने बताया कि उसी के मामा के लड़के ने उसके साथ शादी से पहले दुष्कर्म किया था। लड़की ने जैसे ही इस सच को बताया, पति हैरान रह गया और गुस्से में कमरे से बाहर निकल आया।

    पत्नी का सच जानने के बाद पति फौरन ही रूम से बाहर आया। इसके बाद उसने परिवार वालों को इकट्ठा कर सारी बात बता दी। इसके अगले दिन वो बीवी को वापस मायके छोड़ आया। इस फैसले में उसके परिवार ने भी उसका साथ दिया। कई बार मनाने के बाद भी वो बीवी को वापस ससुराल लेकर नहीं आया।

    कोर्ट पहुंच गया मामला, हो गया तलाक

    पति ने फैमिली कोर्ट में भी तलाक के लिए आवेदन दे दिया। इसी बीच पत्नी ने आरोपी मामा के लड़के पर रेप का केस दर्ज करवा दिया। हालांकि तब भी पति उसको रखने के लिए राजी नहीं हुआ। लड़की के परिवार वालों ने उसको बहुत समझाने की कोशिश की। इसके बाद भी उसने शादी को तोड़ने की बात ही की।

    लड़के के परिवार वाले भी दुष्कर्म पीड़िता बहू को अपने घर में दोबारा नहीं लाना चाहते थे। इसी वजह से वे लोग भी बेटे के फैसले में उसका साथ दे रहे थे। कोर्ट ने कई बार लड़की को उसका पक्ष रखने के लिए बुलाया लेकिन वो कोर्ट नहीं आई। इसके बाद कोर्ट ने दोनों का विवाह शून्य घोषित कर दिया।

  • ब्यूटी पार्लर गई दुल्हन ब्वॉयफ्रेंड संग हुईˈ फरार दूल्हा बोला-मेरी किसी भी लड़की से शादी करवाओˌ

    ब्यूटी पार्लर गई दुल्हन ब्वॉयफ्रेंड संग हुईˈ फरार दूल्हा बोला-मेरी किसी भी लड़की से शादी करवाओˌ

    जब भी घर में किसी की शादी होती है तो पूरा परिवार मना रहा होता है कि किसी भी तरह से बिना विघ्न के शादी संपन्न हो जाए। वहीं लड़का और लड़की की शादी करवाने से पहले दोनों की मर्जी भी पूछ ली जाती है। हालांकि कई बार परिवार बिना कुछ पूछे भी अपनी मर्जी थोप देते हैं जो उनको बाद में भारी पड़ जाता है।

    ब्यूटी पार्लर गई दुल्हन ब्वॉयफ्रेंड संग हुईˈ फरार दूल्हा बोला-मेरी किसी भी लड़की से शादी करवाओˌ

    इसी वजह से कहा जाता है कि बिना लड़का या लड़की की मर्जी के शादी नहीं करनी चाहिए। कुछ ऐसा ही मामला मध्य प्रदेश में सामने आया है। यहां पर एक बारात दुल्हन के घर पहुंच गई। वहीं लड़की मेकअप करवाने के लिए ब्यूटी पार्लर गई थी लेकिन वो वहां से लौटी ही नहीं। इसके बाद दूल्हे को हकीकत पता लगी तो उसके होश ही उड़ गए।

    इंदौर के एमजी रोड का मामला

    इन दिनों शादी-ब्याह का सीजन जारी है। ऐसे में कई लोगों की जोड़ी बन रही है। वहीं कुछ बदकिस्मत ऐसे भी हैं जिनकी जोड़ी बनते-बनते रह जाती है। इंदौर से भी ऐसा ही मामला सामने आया। यहां के एमजी रोड इलाके में अजीब केस हुआ। यहां बुधवार की रात शादी का आयोजन किया गया था।

    दूल्हा उज्जैन का रहने वाला था। वो बारात लेकर इंदौर पहुंच गया था। यहां पर चिमनबाग इलाके में शादी की सभी रस्में संपन्न होनी थीं। हालांकि इस दौरान ऐसा कुछ हो गया जिसके बाद तो बारातियों के होश ही उड़ गए। दुल्हन को उज्जैन से लेने आई बारात बैरंग ही वापस हो गई। खुशी का माहौल गम में बदल गया।

    दिन में सगाई, रात को होनी थी शादी

    चिमनबाग में रहने वाली लड़की से उज्जैन के लड़के की शादी तय हुई थी। दोनों परिवारों ने आपस में बैठकर ही विवाह को तय किया था। लड़का टेबल टेनस का कोच था। ऐसे में लड़की का परिवार भी शादी के लिए राजी हो गया। इसके बाद तय हुआ था कि लड़का बारात लेकर इंदौर आएगा। यहीं पर सारी रस्में होंगी।

    दोनों परिवारों ने तय किया पहले घर में दोपहर को दोनों की सगाई हो जाएगी। इसके बाद रात को लड़का बारात लेकर आ जाएगा। इस बीच में जो समय मिलेगा, उसमें लड़की अपना मेकअप करवाकर तैयार हो जाएगी। इसके बाद दिन में सगाई भी हो गई थी और रात में दूल्हा बारात लेकर मंडप में पहुंच भी गया।

    ब्यूटी पार्लर से आई ही नहीं लड़की

    दुल्हन सगाई के बाद अन्नपूर्णा इलाके में पड़ने वाले ब्यूटी पार्लर गई थी। इसके बाद दूल्हा बारात लेकर पहुंच गया। विवाह का मुहूर्त बीता जा रहा था लेकिन लड़की मंडप में नहीं आ रही थी। जब लड़के वालों ने दुल्हन पक्ष से पूछा तो पहले तो वो कुछ नहीं बोले। फिर बाद में उन्होंने सच बताया कि लड़की प्रेमी के साथ फरार हो गई है।

    इस सच का पता लगते ही दूल्हे के होश उड़ गए। दूल्हे ने वहां खूब हंगामा किया। इसके बाद गुस्से में दूल्हा सीधा थाने पहुंच गया। वहां वो बोलने लगा कि मैं कैसे किसी को मुंह दिखाऊंगा। इसके बाद दूल्हा जिद करने लगा कि किसी भी लड़की से उसकी शादी करवा दो। हालांकि काफी समझाने के बाद बारात लेकर दूल्हे को बैरंग ही घर लौटना पड़ा।

  • नशेड़ी निकला कौआ मुंह से छीनकर पीˈ जाता था सिगरेट लालच में इंसान को बना लिया बेस्ट फ्रेंडˌ

    नशेड़ी निकला कौआ मुंह से छीनकर पीˈ जाता था सिगरेट लालच में इंसान को बना लिया बेस्ट फ्रेंडˌ

    नशेड़ी निकला कौआ मुंह से छीनकर पीˈ जाता था सिगरेट लालच में इंसान को बना लिया बेस्ट फ्रेंडˌ

    सिगरेट का नशा सबसे बड़ा नशा माना जाता है। इसकी एक बार आदत लग जाए तो आसानी से छुटती नहीं है। वैसे कई लोगों को ग्रुप में दोस्तों के साथ सिगरेट पीना भी पसंद होता है। आप ने भी देखा होगा कि कई बार दो लोग सिगरेट या दारू की वजह से आपस में अच्छे दोस्त बन जाते हैं। लेकिन क्या आप ने कभी सिगरेट की वजह से इंसान और कौए की दोस्ती के बारे में सुना है? आज हम आपको एक ऐसी ही अनोखी और अजीब घटना बताने जा रहे हैं।

    सिगरेट ने कराई इंसान कौए की दोस्ती

    यह मामला इंग्लैंड का है। यहां ईस्ट ससेक्स में रहने वाले पीट नाम के बंदे की एक कौए से गहरी दोस्ती हो गई। इस दोस्ती की वजह आश्चर्यजनक रूप से सिगरेट के कश थी। पीट और कौआ दोनों साथ में घंटों सिगरेट पिया करते थे। आलम ये था कि कौआ पीट के मुंह से सिगरेट छीनकर पीने लगता था। लेकिन फिर अचानक कुछ ऐसा हुआ जिसने पीट का दिल तोड़ दिया।

    पीट और कौए की दोस्ती की शुरुआत साल 2020 में हुई। तब पूरी दुनिया में लॉकडाउन लगा था। जॉब वगैरह चल नहीं रही थी। हर कोई खाली रहता था। ऐसे में पीट भी अपना अधिकतर समय गार्डन में सिगरेट पीते हुए गुजारते थे। एक दिन वह सिगरेट पी रहे थे तभी वहाँ एक कौआ आ गया। उसका भी सिगरेट पीने को मन हुआ। फिर पीट ने उसे भी सिगरेट दे दी। ऐसे में वह भी मजे से सिगरेट पीने लगा।

    अधिक सिगरेट पीने से हुई कौए की मौत?

    पीट बताते हैं कि कौए ने जैसे ही पहली बार सिगरेट पी तो उसे उसका स्वाद अच्छा लगा। फिर उसे लत लग गई। वह जब भी बगीचे में सिगरेट पीते थे कौआ उनके पास आ जाता था। फिर दोनों साथ में सिगरेट के कश लेते थे। इस तरह सिगरेट ने दोनों को अच्छा दोस्त बना दिया था। पीट ने उसक कौए का नाम क्रैग रख दिया था। पीट और कौए की दोस्ती की महीनों तक ऐसे ही चलती रही। फिर अचानक कौए ने आना बंद कर दिया।

    जब कौआ गार्डेन में नहीं दिखा तो पीट डर गए। उन्हें शक है कि अधिक सिगरेट पीने की वजह से कौए की मौत हो गई है। पीट जब अपने कौए के साथ सिगरेट पीते थे तो कई तस्वीरें भी क्लिक करते थे। उन्होंने अपने अनोखे स्मोकिंग पार्टनर के साथ 6 हजार से अधिक तस्वीरें खींची है। वे इन तस्वीरों को क्रैग नाम के ट्विटर अकाउंट पर भी डालते थे।

  • रात में फ्रिज में रखा खाना सुबहˈ खाया तो काटने पड़े उंगलियां और दोनों पैर आप भी रहें सतर्कˌ

    रात में फ्रिज में रखा खाना सुबहˈ खाया तो काटने पड़े उंगलियां और दोनों पैर आप भी रहें सतर्कˌ

    हमें अपनी सेहत का ख्याल रखना बेहद जरूरी हो गया है। इसके लिए हमको खाना समय पर और ताजा खाना चाहिए। आजकर की भाग-दौड़ भरी लाइफ में ऐसा हो नहीं पा रहा है। हम लोग अक्सर रात का बचा खाना फ्रिज में रख देते हैं और उसको अगले दिन खा लेते हैं। हमको भले ही ये आम बात लगती है लेकिन हमारी ये आदत जानलेवा हो सकती है।

    जी हां इंग्लैंड में रहने वाले युवक की उंगलियों और दोनों पैरों को सिर्फ इसलिए काटना पड़ गया क्योंकि उसने रात का बचा हुआ खाना फ्रिज में रख दिया था और उसको सुबह खाया था। बड़ी मुश्किल से उसकी जान तो बच गई लेकिन सारी उम्र के लिए वो अपंग हो गया।

    दोस्त लेकर आया था होटल से खाना

    न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन की रिपोर्ट के अनुसार जेसी नाम का युवक जो पढ़ाई करता है, उसने फ्रिज में रखा हुआ खाना खाया था। जिसके बाद उसकी हालत खराब हो गई। जानकारी के मुताबिक उसका दोस्त ये खाना रात में होटल से लेकर आया था। खाने में नूडल्स और चिकन था।

    रात में फ्रिज में रखा खाना सुबहˈ खाया तो काटने पड़े उंगलियां और दोनों पैर आप भी रहें सतर्कˌ

    जेसी ने खाने को फ्रिज में रखने को बोला था और सो गया था। सुबह जब वो उठा तो नाश्ते में उसने इसी खाने को खा लिया और उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई। उसको बहुत तेज बुखार हो गया। जब उसकी हालत ज्यादा खराब होने लगी तब उसको अस्पताल ले जाया गया।

    किडनी ने बंद कर दिया था काम

    जब जेसी को अस्पताल ले जाया गया और उसकी जांच हुई तो उसकी त्वचा बैंगनी पड़ने लग गई थी। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी किडनी ने भी काम करना बंद कर दिया था। इससे उसके शरीर में जहर फैलता जा रहा था। जैसी की रिपोर्ट में बैक्टीरिया मिले जिससे डॉक्टरों को पता लगा कि उसको सेप्सिस हो गया था। 20 घंटे पहले तक सामान्य सा युवक अचानक इतना बीमार पड़ गया था कि उसकी जिन्दगी बचा पाना भी मुश्किल था।

    काटने पड़े दोनों पैर और उंगलियां

    रिपोर्ट में उसके शरीर में बैक्टीरियल इंफेक्शन का पता लगा था। सेप्सिस की वजह से उसके शरीर में जगह फैल रहा था। ऐसे में डॉक्टरों को इंफेक्शन रोकने के लिए उसकी उंगलियां काटनी पड़ीं।

    इसके बाद उसके दोनों पैरों को भी घुटने के नीचे से काटना पड़ा। उसका खून भी जमने लगा था। इसके बाद से ही वो कोमा में चल रहा था। करीब 26 दिन बाद जेसी को होश तो आ गया लेकिन वो जिन्दगी भर के लिए अपंग हो चुका है।

    जानें क्या होता है खतरनाक सेप्सिस

    सेप्सिस एक गंभीर बीमारी होती है जो बैक्टीरियल इंफेक्शन यानि शरीर में संक्रमण की वजह से हो जाती है। अगर आपका शरीर किसी संक्रमण का शिकार हो जाए तो हमारी प्रतिरोधक क्षमता उस बीमारी से लड़ने के लिए कुछ रसायन छोड़ती है। हालांकि जब ये प्रतिक्रिया बेकाबू हो जाती है तो सेप्सिस हो जाता है।

    इस बीमारी में सांस लेने में परेशानी, हार्ट बीट तेज होना आदि लक्षण होते हैं। वैसे डॉक्टरों को ये तो पता नहीं चला कि होटल के खाने में बैक्टीरिया कहां से आ गए लेकिन आप भी फ्रिज का खाना खाते हैं तो सतर्क हो जाएं। हमेशा ताजा और घर का बना भोजन ही करें।

  • शादी के बाद Google पर ऐसी चीजेंˈ सर्च करती हैं नई नवेली दुल्हनें जानकर नहीं होगा यकीनˌ

    शादी के बाद Google पर ऐसी चीजेंˈ सर्च करती हैं नई नवेली दुल्हनें जानकर नहीं होगा यकीनˌ

    शादी के बाद Google पर ऐसी चीजेंˈ सर्च करती हैं नई नवेली दुल्हनें जानकर नहीं होगा यकीनˌ

    शादी के बाद एक महिला की लाइफ की चुनौतियां और भी बढ़ जाती है। उसे एक नए घर में नए लोगों के बीच रहकर अपनी नई लाइफ शुरु करना होती है। इस दौरान ससुराल में उसके सामने कई सारे सवाल भी होते हैं। कई बार वह यह सवाल किसी से पूछ नहीं पाती है ऐसे में इंटरनेट की सहायता लेती है।

    इंटरनेट पर जब कोई सवाल का जवाब ढूंढना हो तो गूगल सबसे ज्यादा काम आता है। Google पिछले कई दशकों से सबसे बड़ा सर्च इंजन रहा है। इस पर लोग कई तरह के सवाल ढूंढते हैं। आज हम जानेंगे कि महिलाएं शादी के बाद गूगल पर क्या-क्या सर्च करती हैं। उनकी अजीब सवालों की लिस्ट पढ़कर आप अपनी हंसी कंट्रोल नहीं कर पाएंगे।

    गूगल पर ऐसी चीजें सर्च करती हैं शादीशुदा महिलाएं

    1. शादी के बाद हर महिला अपने पति को खुश करना चाहती है। ऐसे में गूगल पर वह यह सर्च करती हैं कि शादी के बाद पति को कैसे खुश रखें। उसकी पसंद ना पसंद क्या है। पति की खुशी के लिए उन्हें कौन से काम करने चाहिए और कौन से नहीं।

    2. पति का दिल कैसे जीता जाए? यह सवाल भी गूगल पर शादीशुदा महिलाओं द्वारा सबसे ज्यादा सर्च किया जाता है। महिला यह बात अच्छे से जानती है कि यदि वह पति को खुश रखेगी तो खुश भी खुश रहेगी। इसलिए वह पति का दिल जीतने की टिप्स गूगल पर सर्च करती रहती हैं।

    3. पति को जोरू का गुलाम कैसे बनाएं? यह सवाल भी महिलाओं की सर्च लिस्ट में सबसे टॉप पर होता है। कई महिलाएं शादी के बाद अपने पति को उंगलियों पर नचाना पसंद करती हैं। इसलिए वह गूगल पर इसकी टिप्स खोजती रहती हैं। महिलाएं चाहती है कि पति उसकी हर बात माने। वह जो कहे वह करें।

    4. शादी के बाद बच्चा पैदा करने का सही समय क्या है? यह भी एक ऐसा सवाल है जो कई नवविवाहिताओं के मन में उठता है। इसका सही ज्ञान ना होने के चलते महिलाएं यह सवाल भी गूगल से ही पूछती हैं। वह बच्चे को लेकर अपनी बॉडी के साथ कोई रिस्क नहीं लेना चाहती हैं। इसलिए सब कुछ सोच समझकर प्लान करती हैं।

    5. शादी के बाद नए परिवार में कैसे एडजस्ट करें? यह सवाल भी नई नवेली दुल्हन बहुत सर्च करती हैं। उनके लिए एक नए परिवारों ने लोगों के बीच एडजस्ट करना बहुत मुश्किल हो जाता है। ऐसे में वह जानना चाहती है कि यहां कैसे रहना चाहिए। किसके साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए। कैसे पेश आना चाहिए।

    6. शादी के बाद परिवार की जिम्मेदारियां कैसे उठाएं? इस सवाल का जवाब भी महिलाएं अक्सर ढूंढती है। शादी के पहले उनकी लाइफ टेंशन फ्री रहती है। उनके सेवर कोई खास जिम्मेदारी नहीं रहती है। लेकिन शादी के बाद एक साथ कई जिम्मेदारियों का बोझ उठाना पड़ता है। इसलिए इसकी टिप्स जानना चाहती हैं।

    7. शादी के बाद घर और जॉब को एक साथ कैसे मैनेज करें? कई महिलाओं को लगता है कि शादी के बाद उनका कैरियर खत्म हो जाएगा। लेकिन यदि सही टाइम मैनेजमेंट यूज़ किया जाए तो दोनों चीजों का आसानी से किया जा सकता है। इसलिए महिलाएं इसलिए टिप्स भी गूगल पर देखती हैं।

  • खुदाई के दौरान मजदूरों के हाथ लगीˈ 216 स्‍वर्ण मुद्राएं, बेचने गए बाजार तो हो गया ये कांडˌ

    खुदाई के दौरान मजदूरों के हाथ लगीˈ 216 स्‍वर्ण मुद्राएं, बेचने गए बाजार तो हो गया ये कांडˌ

    खुदाई के दौरान मजदूरों के हाथ लगीˈ 216 स्‍वर्ण मुद्राएं, बेचने गए बाजार तो हो गया ये कांडˌ

    एक जगह खुदाई के दौरान सोने के सिक्‍के दो लोगों के हाथ लगे। जिसे इन्होंने प्रशासन से छुपाकर बेचने की कोशिश की। लेकिन ये इसमें असफल रहे और इन्हें पुलिस ने पकड़ लिया। ये घटना महाराष्ट्र के पुणे में स्थित पिंपरी चिंचवाड़ के चिखली इलाके की है। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार कंस्ट्रक्शन साइट पर खुदाई के दौरान 216 स्‍वर्ण मुद्राएं बरामद हुई थी। जिसे इन्होंने छुपा लिया था। इन्होंने सोचा की ये सोने के सिक्के बाजार में बेचकर पैसे कमा लेंगे। लेकिन ऐसा हो न सका और ये पुलिस के हाथों चढ़ गए।

    पुलिस कमिश्नर कृष्ण प्रकाश ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा कि खुदाई के दौरान 216 स्‍वर्ण मुद्राएं बरामद हुई हैं। सिक्‍कों की जांच करने पर पता चला कि ये सिक्‍के मुगलकालीन हैं। इन सिक्‍कों की कीमत लगभग 70 हजार रुपये है। सिक्‍कों का कुल वजन 2357 ग्राम है। पुलिस नायक जमीर तंबोली को जानकारी मिली थी कि विठ्ठल नगर झुग्गी में रहने वाला सद्दाम खान पठान नाम का एक व्‍यक्ति कुछ सोने के सिक्‍कों को बाजार में बेचने की कोशिश कर रहा है। व्‍यक्ति पर शक होने पर तंबोली ने उसका पीछा किया और उसकी झोपड़ी की तलाशी ली। जिसमें काफी सारे सिक्‍के बरामद हुए। पूछताछ करने पर पठान ने पूरी बात पुलिस के बताई।

    पठान ने पुलिस को बताया कि उसके ससुर मुबारक शेख और साले मेवना इरफान शेख को पुणे की एक कंस्ट्रक्शन साइट पर खुदाई के दौरान ये सिक्के मिले थे। दोनों मजदूरी करते हैं। इन सिक्कों के बारे में किसी को पता नहीं था। ऐसे में इन्होंने किसी को इन सिक्कों के बारे में जानकारी नहीं दी। पठान के अनुसार मुबारक शेख और साले मेवना इरफान शेख के कहने पर ही वो सिक्‍कों को बाजार में बेचने की कोशिश कर रहा था। ये मजदूर इन्‍हें बाजार में बेचकर पैसा एकत्रित करना चाहते थे। इस मामले में दोनों आरोपियों सद्दाम पठान और मुबारक शेख को हिरासत में ले लिया गया है। जबकि एक अन्‍य आरोपी फरार है। जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।

    जानकारी के अनुसार ये मुगलकालीन स्‍वर्ण मुद्राएं बतायी जा रही हैं। ये सिक्के 1720 से 1750 यानी औरंगजेब के शासनकाल के हैं। ऐसी मुद्राएं राजस्‍थान के जयपुर में बनाई जाती थी। इन पर उर्दू और अरबी भाषा में लिखा हुआ है। इन मुद्राओं को पुरातत्‍व विभाग को सौंप दिया गया है। कंस्ट्रक्शन साइट की भी जांच की जा रही हैं जहां से ये मुद्राएं बरामद हुई थी।

  • हथकड़ी लगाकर एक दूसरे साथ ये कामˈ कर रहा था कपल, जिसके कारण सीधे पहुंचना पड़ा अस्पतालˌ

    हथकड़ी लगाकर एक दूसरे साथ ये कामˈ कर रहा था कपल, जिसके कारण सीधे पहुंचना पड़ा अस्पतालˌ

    एक कपल ने शौक-शौक में एक-दूसरे को हथकड़ियां बांध दी। लेकिन ये शौक इनपर इतना भारी पड़ा की इन्हें सीधा अस्पताल जाना पड़ा। ये मामला यूक्रेन का है। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों यूक्रेन में रहने वाले एक कपल ने एक-दूसरे को हथकड़ी बांध दी। लेकिन ये हथकड़ी इनके लिए मुसीबत बन गई। खबर के अनुसार इस कपल ने 24 घंटे हथकड़ी बांधी रखी। जिसके कारण लड़की हाथ में फोड़े और अल्सर हो गए।

    हथकड़ी लगाकर एक दूसरे साथ ये कामˈ कर रहा था कपल, जिसके कारण सीधे पहुंचना पड़ा अस्पतालˌ

    हाथों में फोड़े और अल्सर होने के कारण इन्हें फौरन डॉक्टरों के पास जाना पड़ा। 28 साल की विक्टोरिया ने सपने में भी ये सोचा नहीं होगा की उसके साथ ये सब होगा। विक्टोरिया की स्किन पर हथकड़ी से हुए रिएक्शन को देख डॉक्टर भी हैरान रहे गए। डॉक्टरों ने कई तरह की दवाई इन्हें दी, लेकिन अल्सर ठीक नहीं हो पाया।

    इस पूरी घटना के बारे में विक्टोरिया के प्रेमी एलेक्जेंडर ने कहा कि विक्टोरिया के हाथ अधिकतर समय मेटल के संपर्क में रहे। इसलिए उसे इस समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। विक्टोरिया की स्किन पर लगातार इलाज कराने के बावजूद भी उनका अल्सर ठीक नहीं हो पाया। विक्टोरिया अक्सर छोटी-छोटी बातों पर घर से चली जाती थी। जिसके लिए मैंने सोचा की क्यों न हम हथकड़ियां बांध लें। ताकि दूर न हो सकें।

    ये खबर काफी चर्चा का विषय बनीं हुई है। यूक्रेन की स्थानीय मीडिया के अनुसार ये कपल हर समय एक साथ ही रहता था। एलेक्जेंडर के हवाले से खबर छापते हुए लिखा गया है कि विक्टोरिया अक्सर छोटी-छोटी बातों पर घर से चली जाती थी। इसलिए एक दिन एलेक्जेंडर ने मजाक में ही कह दिया था कि तुम्हें मैं बांध दूंगा और कभी अकेले नहीं जाने दूंगा। इसके बाद से ही दोनों ने तीन महीनों तक हथकड़ी से बंधने का फैसला किया था। लेकिन हथकड़ी बांधने के 24 घंटे के अंदर ही विक्टोरिया को मुसीबत का सामना करना पड़ा और अब ये डॉक्टर के यहां चक्कर काट रही है।