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  • वाशिंग मशीन में आखिर क्यों होती हैंˈ ये लाइनें? कोई नहीं जानता होगा इसका जवाब

    वाशिंग मशीन में आखिर क्यों होती हैंˈ ये लाइनें? कोई नहीं जानता होगा इसका जवाब

    आज के समय में लगभग हर किसी के घर में आपको वाशिंग मशीन देखने को मिल ही जाएगा। आपके घर में भी वाशिंग मशीन जरूर होगा तो फिर आपको हम वाशिंग मशीन से जुड़ी एक गजब की जानकारी देने वाले हैं।

    वाशिंग मशीन में आखिर क्यों होती हैंˈ ये लाइनें? कोई नहीं जानता होगा इसका जवाब
    Image Source : IG/JAISWALELECTRONICS_वाशिंग मशीन में क्यों होती हैं ये लाइनें?

    हर दिन इंसान कई सारी चीजों को देखता है और उन्हें यूज करता है मगर उन्हीं चीजों से जुड़ी कुछ जानकारियां इंसान को नहीं होती है। अकसर लोग उसे डिजाइन समझकर ऐसे ही इग्नोर कर देते हैं और जब कोई तीसरा आदमी उसके बारे में बताता है तो फिर वो आदमी हैरान हो जाता है कि अरे यह तो मुझे पता ही नहीं था। आपके साथ भी ऐसा कभी न कभी या फिर कई बार हुआ होगा और आज एक बार फिर से होगा। दरअसल एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और उस वीडियो में शख्स वाशिंग मशीन को लेकर कुछ ऐसा बताया जो आपको पता नहीं होगा। आइए फिर आपको बताते हैं कि उसमें ऐसा क्या है।

    वाशिंग मशीन में क्या होती हैं लाइनें?

    अभी जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें शख्स ने वाशिंग मशीन को लेकर कुछ ऐसा बताया जो किसी को नहीं पता होगा। वायरल वीडियो में शख्स सेमी-ऑटोमैटिक वाशिंग मशीन दिखाता है। इसके बाद वो उन लाइनों को दिखाता है जो बीच में बनी हैं और लोगों से पूछता है कि क्या कोई यह जानता है कि वो क्यों होते हैं। इसके बाद वो खुद बताता भी है। वो बोलता है कि कई बार कपड़े ज्यादा गंदे हो जाते हैं जैसे कॉलर और हाथ के कब्जे तो वो वाशिंग मशीन में सीधे डालने पर वो साफ नहीं होते हैं। ऐसे में उन्हें इन लाइनों पर रगड़ सकते हैं जिससे मैल ढीली हो जाएगी और फिर कपड़े अच्छे से साफ हो जाएंगे।

  • मां का मंगलसूत्र बेचकर पिता के ऑटोˈ का चालान भरने आया बेटा फिर RTO ने जो किया बन गया मिसालˌ

    मां का मंगलसूत्र बेचकर पिता के ऑटोˈ का चालान भरने आया बेटा फिर RTO ने जो किया बन गया मिसालˌ

    मां का मंगलसूत्र बेचकर पिता के ऑटोˈ का चालान भरने आया बेटा फिर RTO ने जो किया बन गया मिसालˌ

    जैसा कि हम लोग जानते हैं दुनिया में हर तरह के इंसान रहते हैं। कुछ अच्छे होते हैं, तो कुछ बुरे भी होते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इंसान के अंदर भगवान और शैतान दोनों ही मौजूद होता है। चाहे इंसान ऊंचा उठकर भगवान बन जाए, चाहे नीचे गिरकर शैतान बन जाए। वैसे तो इस घोर कलयुग में इंसान के शैतान बनने की मिसाल तो भरी पड़ी हुई है। लेकिन आज हम आपको इस लेख के माध्यम से इंसान से भगवान की तरफ बढ़ने की मिसाल बताने जा रहे हैं।

    दरअसल, उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के एआरटीओ आरसी भारती का एक ऐसा मानवीय चेहरा सामने आया है जिसे देख कर उनमें लोग भगवान का रूप देख सकते हैं। जी हां, हल ही में एआरटीओ कार्यालय में कुछ ऐसा हुआ, जिसे, जिसने भी सुना वह द्रवित हो गया और एआरटीओ की प्रशंसा करते हुए नहीं थके।

    पिता जी के ऑटो का हुआ था चलाना

    मिली जानकारी के अनुसार, पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के सिंहपुर ताल्ही गांव में विजय कुमार नाम का युवक रहता है। उसके पिताजी का नाम राजकुमार है, जो ऑटो चलाते हैं। कुछ दिनों पहले ही उनका ARTO ने 24,500 रुपए का चालान काट दिया था। लेकिन राजकुमार के पास इतने पैसे नहीं थे, कि वह चालान की राशि भर पाते। ऐसी स्थिति में उनका बेटा विजय कुमार अपने पिताजी के चालान के पैसे भरने के लिए एआरटीओ कार्यालय पहुंच गया।

    मां का मंगलसूत्र बेचकर बेटा पहुंचा चालान भरने

    आर्थिक रूप से कमजोर युवक के ऑटो चालक पिता का जब 24,500 रुपए का चालान कट गया था, तब उसने अपनी मां का मंगलसूत्र बेच दिया लेकिन इसके बावजूद भी विजय के पास रुपए कम पड़ रहे थे। एआरटीओ कार्यालय में सिंहपुर ताल्ही गांव के विजय पहुंचे तो उन्हें परेशान देख एआरटीओ ने पास बुलाकर परेशानी का कारण पूछने लगे।

    ARTO ने खुद भरा जुर्माना

    विजय कुमार ने पूछने पर यह बताया कि उसके पिता राजकुमार ऑटो चलाते हैं और उन्हें एक आंख से कम नजर आता है। विजय ने यह बताया कि 24,500 रुपए ऑटो का चालान जमा करना है। मां का मंगलसूत्र बेचने के बाद भी सिर्फ ₹13000 ही जमा हो पाए। उसने बताया कि परिवार में 6 बहने हैं। जब विजय की पूरी कहानी एआरटीओ ने सुनी तो उनका दिल पिघल गया और एआरटीओ आरसी भारती ने चालान की राशि खुद अपनी सैलरी से भर दी और पढ़ाई छोड़ चुके युवक को पढ़ाई की पेशकश भी की।

    आपको बता दें कि विजय कुमार ने बताया कि वह मजदूरी करता है। फेल होने के बाद हाई स्कूल की पढ़ाई भी नहीं कर सका। जब एआरटीओ आरसी भारती ने उसकी पूरी कहानी सुनी तो उन्होंने खुद चालान की पूरी रकम स्वयं जमा करने के साथ ही टेंपो का इंश्योरेंस भी कराया। उन्होंने युवक की पढ़ाई का खर्च उठाने की भी पेशकश की। एआरटीओ की दरियादिली देखकर कार्यालय में मौजूद सभी कर्मी एवं अन्य लोगों ने उनकी सराहना की।

    हालांकि, इस मामले में एआरटीओ आरसी भारती ने मीडिया से ज्यादा बातचीत नहीं की, सिर्फ उन्होंने इतना ही कहा है कि मैंने उसकी पीड़ा सुनी और वह मुझे वाजिब लगी। इस वजह से मैंने उसका जुर्माना खुद ही भर दिया है।

  • प्रलय वाले दिन के लिए बनाई गईˈ है ये तिजोरी अंदर छिपी है खास चीज भारत ने भी दिया अपना हिस्साˌ

    प्रलय वाले दिन के लिए बनाई गईˈ है ये तिजोरी अंदर छिपी है खास चीज भारत ने भी दिया अपना हिस्साˌ

    दोस्तों आज हम आपको एक ऐसी तिजोरी के बारे में बताने जा रहे हैं जो बेहद बेशकीमती है। यह तिजोरी नॉर्वे में स्थित है। इसका नाम स्वालबार्ड ग्लोबल सीड वॉल्ट (Svalbard Global Seed Vault) है। यह एक बेहद खुफिया जगह पर है। इसकी जानकारी दुनिया में बेहद कम लोगों को है। कहा जाता है ये आर्कटिक में सबसे ऊंचे स्थान पर है। यह एक बर्फीले द्वीपसमूह पर परमाफ्रॉस्ट में गहरी दबी हुई है।

    प्रलय के दिन के लिए तैयार की गई है ये तिजोरी

    प्रलय वाले दिन के लिए बनाई गईˈ है ये तिजोरी अंदर छिपी है खास चीज भारत ने भी दिया अपना हिस्साˌ

    अब आप सोच रहे होंगे कि इस तिजोरी में बहुत सारा सोना, हीरा जैसी बेशकिशमती चीजें होंगी। लेकिन नहीं। इसमें इससे भी ज्यादा अहम और कीमती चीज है। इस तिजोरी में दुनिया भर का कृषि उपलब्धियों का भंडार जमा है। इसे आप एक तरह के दुर्घटनाग्रस्त अंतरिक्ष यान जैसा समझ सकते हैं। इसे फ्यूचर के लिए सिक्योरिटी के रूप में बनाया गया है। मतलब यदि कभी दुनिया का विनाश होता है या कोई प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदा (युद्ध) आती है तो इस तिजोरी में सभी कृषि संबंधित चीजों के बीज सुरक्षित रहेंगे।

    आसान शब्दों में कहे तो इस तिजोरी को “प्रलय का दिन” के लिए बनाया गया है। इसका इस्तेमाल साल 2008 से खाद्य फसलों के बीजों को संग्रहीत करने के लिए होता आ रहा है। यह जगह इतनी खुफिया है कि अधिकतर लोगों नए इसका अंदर का नजारा नहीं देखा है। बस इसकी बाहर के प्रवेश द्वार की कुछ तस्वीरें ही सामने आ पाई है। इस तिजोरी का मुख्य उद्देश्य यही है कि कोई भी बड़ी आपदा आने पर यदि सभी फसलें नष्ट होती है तो उन्हें इसमें रखे बीजों द्वारा पुनर्जीवित किया जा सके।

    ये है तिजोरी की खासियत

    इस तिजोरी को वर्जिन ठोस चट्टान से बनाया गया है। इसमें पहाड़ के अंदर 100 मीटर से अधिक की गहराई पर बीज भंडारण क्षेत्र बनाया गया है। यह तिजोरी 40 से 60 मीटर मोटी चट्टानों की परतों के बीच स्थित है। इसमें जो भी बीज जमा किये जाते हैं उन्हें बीज जमा करने वाली संस्था और नार्वेजियन कृषि और खाद्य मंत्रालय के बीच जमाकर्ता समझौते के मुताबिक जमा किया जाता है। इन्हें कथित “ब्लैक बॉक्स शर्तों” के अंतर्गत डिपाजिट किया जाता है। मतलब इस तिजोरी में रखे बॉक्स और कंटेनर को खोलने की अनुमति नहीं है।

    यह सीड वॉल्ट 26 फरवरी 2008 को खोला गया था। इसमें तीन हॉल हैं। इन सभी का आधार लगभग 9.5 x 27 मीटर है। हर हॉल में करीब 1.5 मिलियन बीज के नमूने रखने की क्षमता है। इस तरह इस तिजोरी में 4.5 मिलियन बीज प्राप्तियों को संग्रहीत किया जा सकता है। इसमें अभी तक करीब 900,000 बीज के नमूने रखे हैं। अभी सिर्फ 3 में से एक ही हॉल का इस्तेमाल हुआ है। इस हाल का तापमान माइनस 18 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा रखा जाता है।

    दरअसल यह तिजोरी जिस पहाड़ में स्थित है उसमें पहले से माइनस 3 और 4 डिग्री सेल्सियस तापमान होता है। लेकिन तिजोरी में एक एक्स्ट्रा कूलिंग सिस्टम भी लगाया गया है। यह सिस्टम यहां का तापमान शून्य से 18 डिग्री सेल्सियस निचे रखने में हेल्प करता है। इस तापमान में बीज लंबे अरसे तक सुरक्षित रहते हैं। वह खराब नहीं होते हैं। इस तिजौरी में एक जनरेटर भी है जो बिजली जाने की स्थिति में काम आता है।

    भारत का है तिजोरी पर सबसे ज्यादा हिस्सा

    सबसे खास बात ये है कि इस तिजोरी में बीजों का भंडार रखने वाले देशों की लिस्ट में इंडिया पहले नंबर पर आता है। भारत ने अपनी फ़ूड सिक्योरिटी को मजबूत बनाने के लिए इस तिजोरी में अभी तक रखे कुल बीजों का 15% हिस्सा अपने नाम कर रखा है। मेक्सिको इसमें दूसरे स्थान पर 6.1 प्रतिशत के साथ आता है। वहीं अमेरिका कप 3.8% बीजों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त है।

  • कभी लाल बत्ती वाली गाड़ी में चलाˈ करती थीं ये महिला, आज बकरी चराकर कर रही है अपना गुजारा

    कभी लाल बत्ती वाली गाड़ी में चलाˈ करती थीं ये महिला, आज बकरी चराकर कर रही है अपना गुजारा

    कभी लाल बत्ती वाली गाड़ी में चलाˈ करती थीं ये महिला, आज बकरी चराकर कर रही है अपना गुजारा

    जिंदगी कब कैसी करवट लेती है ये कभी कोई नहीं जान पाता, फिर वो जितने हाथ-पैर मार ले होता वही है जो ऊपरवाले ने किस्मत में लिख दिया हो. जब किस्मत अच्छी होती है तो छोटे से छोटा इंसान बड़ी बुलंदियों को छू सकता है और अगर किस्मत अच्छी ना हो तो वे जितना अच्छा काम कर ले उनका भला नहीं हो पाता. कुछ ऐसा ही हुआ गांव में रहने वाली एक महिला के साथ, जिसके साथ कभी एक काफिला चलता था आज वो बिल्कुल अकेली और बेसहारा है.

    कभी लाल बत्ती वाली गाड़ी में घूमती थी ये महिला, मगर आज उस महिला को कोई भी पूछने वाला ही नहीं है. उसके बच्चे पढ़ाई नहीं बल्कि मजदूरी में अपनी मां का हाथ बंटाते हैं. मगर इतनी उपलब्धियां पाने के बाद उस महिला का ये हाल ऐसा कैसे हो गया, चलिए बताते हैं आपको इस पूरे आर्टिकल में.

    कभी लाल बत्ती वाली गाड़ी में घूमती थी ये महिला

    किस्मत सच में बहुत ही अजीब खेल खेलती है इंसानों के साथ, वो किसी को भी नहीं छोड़ती. अगर बुरा करने में आ जाए तो बहुत कुछ कर जाती है और अगर सही करना चाहे तो रंक भी राजा बन सकता है. उदाहरण के तौर पर आप इस महिला को ही ले लीजिए. ये कहानी मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले की बदरवास में रहने वाली जूली आदिवासी की है जो कभी जिला पंचायत अध्यक्ष हुआ करती थीं. तस्वीरों में दिखाई गईं जूली आज बकरी चराकर और मजदूरी करके अपना और अपने बच्चों का पेट भर रही हैं.

    मगर एक समय था जब इनका रुतबा ऐसा था जब बड़े-बड़े अधिकारी इन्हें मैडम कहकर बुलाते थे, और सभी का इनके सामने सिर झुका ही रहता था. इनके बच्चे भी अच्छे स्कूल में पढ़ते और अच्छे से जीवन यापन कर रहे थे लेकिन बाद में समय ने ऐसी करवट ली कि सबकुछ बदल गया. इनका रुतबा ऐसा हो गया कि इनका प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उठाने के लिए जूली जब दफ्तर पहुंची तो वहां से इन्हें भगा दिया गया.

    जब मीडिया ने उन अफसरों से ऐसे बर्ताव की वजह पूछी तो उन्होंने बताया कि जूली के पास सरकारी मकान है इसलिए उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल सकता. जबकि जूली के अनुसार एक समय था जब उनके पास सरकारी आवास हुआ करता था उनकी एक कार के साथ कारों का पूरा काफिला निकलता था लेकिन अब उनके पास कोई सरकारी आवास नहीं है. सब उनसे छीन लिया गया आज वे एक छोटे से घर में अपने बच्चों और एक बकरी के साथ जी रही हैं और बकरी का दूध बेचने के साथ-साथ मजदूरी भी कर रही हैं.

    जूली के साथ ऐसा कैसे हो गया इस बारे में जूली ने कुछ नहीं बताया लेकिन ये बात तो तय है कि उनके साथ कुछ गलत हुआ ही होगा. ऐसे में क्या सरकार को उनका साथ नहीं देना चाहिए ? उनकी इस तकलीफ को समझते हुए कम से कम उन्हें रहने के लिए एक पक्का मकान और दो वक्त की रोटी के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष के तौर पर ही पेंशन भी मिलनी चाहिए. अगर ऐसा हो जाए तो जूली आदिवासी का जीवन आसान हो जाए और उसके बच्चे भी स्कूल जाने के लिए सक्षम हो जाएं.

  • सांप ने किसान को काटा तो गुस्सेˈ में किसान ने सांप को ही काटकर खा गया फिर जो हुआ सोच भी नहीं सकतेˌ

    सांप ने किसान को काटा तो गुस्सेˈ में किसान ने सांप को ही काटकर खा गया फिर जो हुआ सोच भी नहीं सकतेˌ

    सांप ने किसान को काटा तो गुस्सेˈ में किसान ने सांप को ही काटकर खा गया फिर जो हुआ सोच भी नहीं सकतेˌ

    कई बार सोशल मीडिया पर हमें ऐसी खबरें पढ़ने को मिल जाती हैं, जिन्हें पढ़ने के बाद हम अपनी हंसी को कंट्रोल नहीं कर पाते हैं. अभी हाल ही में यूपी के बांदा से एक अजीबो-गरीब खबर सामने आई है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, यहां सांप ने एक किसान को काट लिया था, बदले में किसान ने भी सांप को काट लिया. इतना ही नहीं, सांप को काट कर दांत से ही कच्चा चबाने लगा. जब ये ख़बर घरवालों को पता चली तो आनन-फानन में किसान को अस्पताल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों के अनुसार, किसान ख़तरे से बाहर है.

    जानकारी के मुताबिक, 55 साल के मातबदल यादव किसान है. वो अपने गांव स्योहट गांव में खेती करते हैं. वह अपने घर में चारपाई पर आराम से लेटे हुए थे, तभी एक सांप ने उनके हाथ में काट लिया. जिससे मातबल यादव को बहुत तेज़ गुस्सा आया. सांप से नाराज़ होकर उन्होंने  सांप को हाथ से पकड़ा और काटकर खा गए. जब ये मामला घरवालों को पता चला तो उन्होंने अस्पताल में भर्ती करवाई.

    सोशल मीडिया पर कई लोग इस ख़बर को शेयर भी कर रहे हैं. देखा जाए तो सांप बहुत ही ख़तरनाक होता है. कोई भी इंसान सांप के बिल्कुल नज़दीक नहीं जाना चाहता है, ऐसे में मातलब यादव ने गज़ब का कारनामा कर दिखाया है. 

  • Relationship Tips : पैसे समेत इन 7ˈ कारणों से लड़कियों को पसंद आते हैं बड़ी उम्र के मर्दˌ

    Relationship Tips : पैसे समेत इन 7ˈ कारणों से लड़कियों को पसंद आते हैं बड़ी उम्र के मर्दˌ

    Relationship Tips : पैसे समेत इन 7ˈ कारणों से लड़कियों को पसंद आते हैं बड़ी उम्र के मर्दˌ

    लड़की जब लाइफ टाइम के लिए पार्टनर चुनती है तो वो खुद से बड़ी उम्र का पार्टनर (life partner tips) चुनती है। क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों?लड़कियां बड़ी उम्र के मर्दों की समझदारी और व्यक्तित्व से कई बार इतनी आकर्षित हो जाती है कि उन्हीं के साथ जिंदगी बिताने का सपना देखने लगती हैं। आईये आपको कुछ और कारण भी बताते हैं जिनकी वजह से लड़कियां बड़ी उम्र के मर्दों को डेट (Relationship) करना पसंद करती हैं । 


    ज्यादा अनुभव 

    पहला कारण तो ये है कि बड़ी उम्र के व्यक्ति को जीवन के लगभग सभी अनुभव होते हैं क्योंकि उम्र के साथ वो उन सभी हालातों से गुजर चुके होते हैं जो जीवन में बाधाएं डालने का काम करती हैं। इस कारण वो बाकी लोगों से ज्यादा समझदार और परिस्थितियों से संभालने में भी भी हो जाते है, इसी वजह से लड़कियां उनके साथ रहना पसंद करती हैं और रिलेशन (Relation) में आती हैं। 


    Relationship में मैच्योरिटी

    बढ़ती उम्र के साथ लोग मैच्योर भी हो जाते है और समझदारी की बातें भी करने लगते हैं। इतना ही नहीं ये लोग रिश्तों को काफी काफी गंभीरता से लेते हैं इसलिए उनके साथ रिलेशनशिप (Relationship Tips) को लंबे समय तक निभाना आसान हो जाता है।  ये न केवल मैच्योर बाते करते हैं बल्कि सोच को भी उसी तरह बना लेते हैं। अपने भविष्य और साथी को साथ लेकर चलना पसंद करते हैं, इसलिए भी लड़कियों को बड़ी उम्र के मर्द अट्रेक्ट करते हैं।


    अच्छे लिस्नर

    बड़ी उम्र के पुरुष अच्छे लिस्नर भी होते है। ये पहले अपने पार्टनर को बातों को अच्छे से समझते हैं, फिर उनका जवाब देते हैं। और लड़कियां अपने पार्टनर में इस तरह की क्वालिटी ही चाहती हैं। इसलिए ऐसे मर्द उनको जल्दी आकर्षित कर लेते हैं क्योंकि वो उनकी बातों को अच्छे से सुनते और समझते हैं ।

    खुद लेते हैं सारे फैसले

    बड़ी उम्र के मर्द एक पड़ाव पर आकर अपने निर्णय खुद लेते हैं ना कि मां के बच्चे की तरह बर्ताव करते । इसलिए वो अपने विचार या निर्णय लेने के लिए बिल्कुल स्वतंत्र होते हैं और घर संभालने से लेकर अपने फैसले लेने तक हर चीज अपने बलबूते पर करते हैं। बस पुरुषों की यही खूबी लड़कियों को झट से इम्प्रेस कर देती है।

    अधिक पैसा

    ये कारण भी सबसे महत्वपूर्ण है, बड़ी उम्र के पुरुष आर्थिक तौर से भी स्वतंत्र होते हैं क्योंकि उम्र के एक पड़ाव पर आकर वो अपने करियर के उस मुकाम पर पहुंच गए होते हैं जो वो करना चाहते हैं।  इसलिए वो फाइनेंशली खुद पर डिपेंड (financially dependent) होते हैं। लड़कियों की पहली ख्वाहिश भी यहीं होती है कि उनका पार्टनर उन्हें बेहतर लाइफ एन्जॉय करवाए। 
     

    स्वभाव में केयरिंग

     बड़ी उम्र के पुरुष अनुभवी होने के साथ ही केयरिंग भी होते हैं। ऐसे मर्द पार्टनर की केयर बिल्कुल मां-बाप की तरह करते हैं। सही और गलत की सलाह देते हैं और गलतियों को सुधारने का मौका भी। बात-बात पर पार्टनर (life partner) की केयर करना लड़कियों को खूब पसंद होता । इसलिए लड़कियां खुद से ज्यादा उम्र के पुरुषों को को अपना लाइफपार्टनर बनाती हैं। 

  • Relationship Tips : इन 5 कारणों सेˈ लड़कियों को पसंद आते हैं बड़ी उम्र के पुरुषˌ

    Relationship Tips : इन 5 कारणों सेˈ लड़कियों को पसंद आते हैं बड़ी उम्र के पुरुषˌ

    Relationship Tips : इन 5 कारणों सेˈ लड़कियों को पसंद आते हैं बड़ी उम्र के पुरुषˌ

    ना उम्र की सीमा हो और ना जन्म का हो बंधन, जब प्यार करे कोई तो देखे केवल मन… जी हां, जब कोई इंसान प्यार में होता है तो वो पार्टनर की उम्र नहीं देखता। बस प्यार करता है। बॉलीवुड की बड़ी बड़ी एक्ट्रेस को आपने देखा होगा की वो अपने से कहीं ज्यादा उम्र के पुरुषों से रिलेशन (Relationship) में होती हैं।

    पिछले साल सुष्मिता सेन और ललित मोदी के रिलेशन (Relation) को लेकर काफी सुर्खियां बनी थी। एक तरफ सुष्मिता सेन 46 साल की है तो वहीं, ललित मोदी की उम्र 62 साल से भी ज्यादा है।  ऐसे में सवाल ये है कि आखिर औरतें या लड़कियों को अपनी उम्र से ज्यादा बड़े आदमियों की ओर क्यों आकर्षित होती हैं?  आईये नीचे जानते हैं इसका जवाब…..

    पहला कारण तो, मैच्योरिटी 

    सबसे पहले तो ये बात है कि लड़कियों की अपेक्षा लड़कों में मैच्योरिटी (Maturity) थोड़ी देर से आती है। हालांकि लड़कियों को मैच्योर मर्द ज्यादा पसंद होते हैं। ऐसे में वो अपनी उम्र से बड़े मर्दों को को डेट (Relationship Tips ) करना पसंद करती हैं और वो ऐसे पार्टनर्स के साथ सेफ फील करती हैं। लड़कियों को लगता है कि समझदार पार्टनर उन्हें आसानी से संभाल सकते हैं।

    एक्सपीरियंस 

    बड़ी उम्र के पुरूषों में एक्सपीरियंस काफी ज्यादा होता है और लड़कियों को अनुभवी मर्द (Seasoned Men) बहुत पसंद होते हैं। उनका सेंस ऑफ ह्यूमर बहुत अच्छा होता है इसलिए वो अपने से बड़े उम्र के मर्दों की ओर आकर्षित (Relation) हो जाती हैं।

    फाइनेंशियल स्टेबिलिटी

    लड़कियां अपने से बड़े उम्र के आदमियों की तरफ इसलिए आकर्षित होती है, क्योंकि वो फाइनेंशली इंडिपेंडेंट (financially independent) होते हैं और लड़कियों के खर्चों को आसानी से उठा सकते हैं। ऐसे में महिलाएं समझदारी दिखाते हुए Financially Independent आदमियों के करीब आ जाती है , ताकि वो लाइफ अच्छी तरह से अपनी लाइफ जी पाएं। 
     

    कॉन्फिडेंस  (Self-confidence)

    ज्यादा उम्र के पुरुषों का कॉन्फिडेंस (Confidence Man) का लेवल काफी ज्यादा होता है और अक्सर लड़कियों को ये काफी प्रभावित करता है।  ऐसे में कम उम्र की लड़कियां अक्सर अनुभव और आत्मविश्वास (Self-confidence) से भरे आदमियों को अपना दिल देना पसंद करती है।

  • Delhi में महिलाओं को इन जगहों परˈ फ्री मिलती है शराब रात का माहौल रहता है बेहद रंगीनˌ

    Delhi में महिलाओं को इन जगहों परˈ फ्री मिलती है शराब रात का माहौल रहता है बेहद रंगीनˌ

    Delhi में महिलाओं को इन जगहों परˈ फ्री मिलती है शराब रात का माहौल रहता है बेहद रंगीनˌ

    मौजूदा वक्त में नाइट पार्टी का चलन तो बढ़ ही रहा है, लेकिन खास बात ये है की महिलाओं की संख्या भी काफी बढ़ने लगी है। अगर आप भी लेडीज के साथ कहीं नाइट पार्टी करना चाहती हैं, तो यहां हम आपको दिल्‍ली के कुछ ऐसे ही पब और बार (Pubs and Bars) के बारे में बता रहे हैं जहां आपको एक बेहतरीन नाईट लाइफ का आनंद मिलेगा। 


    मैच बॉक्‍स क्‍लब (Matchbox Club) 

    हौज खास विलेज में मैच बॉक्‍स क्‍लब एक रेस्‍ट्रो पब और लाउंज है। यहां आपको एक अच्‍छे माहौल में कई फ्लेवर के ड्रिंक्‍स एन्जॉय करने को मिलेंगीं। दिलचस्‍प बात है कि यहां रविवार महिलाओं की पसंद के अनुसार मेन्‍यू सेट किया जाता है, जिसमें मोजिटो, व्हिस्की सॉर्स शामिल होते हैं। मैच बॉक्‍स में शुक्रवार की रात महिलाओं को फ्री में शराब भी सर्व की जाती है।


    ​Levels HKV

    नई दिल्ली (New Delhi) के हौज खास विलेज में मौजूद Levels HKV एक ऐसी जगह है, जहां महिलाएं सबसे अच्‍छी लेडीज नाइट एन्‍जॉय कर सकती हैं। ड्रिंक्‍स और कराओके जैसे लाइव एंटरटेनमेंट का मजा लेते हुए यहां पर अपने फ्रेंड्स के साथ क्वालिटी टाइम स्‍पेंड किया जा सकता है। इसमें डांस फ्लोर और लाइव म्‍यूजिक की बेहतरीन सुविधा है। यहां आप नॉर्थ इंडियन , इटेलियन, एशियन, मैक्सीकन और यूरोपीय डिशेज का भी आनंद ले सकती हैं ।
     

    ​फोर्क यू (Fork You)

    ​अगर अगर दिल्‍ली में रहकर लेडीज नाइट को एन्‍जॉय करना चाहती हैं, तो फोर्क यू भी एक बेहतरीन जगह है। ये एक मॉडर्न स्‍टाइल का लाउंज है, जो बिग साइज बर्गर को असेंबल करने के लिए पॉपुलर है। यहां पर आप अपने गर्ल गैंग के साथ मेक्सिकन, इटालियन और अमेरिकन डिशेज के अलावा मॉकटेल और कॉकटेल के विभिन्न फलेवर्स का आनंद ले सकते हैं।

    समर हाउस कैफे (Summer House Cafe)

    हौज खास में अरविंदो मार्केट (Aurobindo Market) के ऊपर बना कैफे लेडीज नाइट के लिए बेस्‍ट है। कैफे में लेबनान, इटेलियन और अमेरिकन डिशेज की कई वैरायटी देखने को मिलती है। कुल मिलाकर कैफे अपने कस्‍टमर्स को एक आरामदायक माहौल देता है ।
     

    ​क्यूबिटो कैफे

    क्यूबिटो एक टेरेस कैफ़े है। यहां शुक्रवार की रात महिलाओं के नाम होती है। यहां देर रात तक महिलाओं को शॉटर्स सर्व किए जाते हैं। राजौरी गार्डन में स्थित ये सुंदर सा कैफे है, जहां हर महिला खुली हवा में एक रात जरूर बिताना चाहेंगी।
     

    मूनशाइन रेस्‍टोरेंट (Moonshine)

    नाईट पार्टी के लिए आप अपने फ्रेंड्स ग्रुप के लिए आप मूनशाइन रेस्‍टोरेंट को बुक कर सकती हैं। इसकी गिनती Delhi के पॉपुलर बार और रेस्‍टोरेंट में होती है। रात के समय पुरुषों के अलावा ये महिलाओं की भीड़ से खचाखच भरा रहता है। यहां वीरवार को महिलाओं की एंट्री फ्री है और एक कॉकटेल पर एक कॉकटेल फ्री दिया जाता है। Delhi में लेडीज नाइट का अनुभव करने के लिए ये जगह बेहद खास है।

  • चलती ट्रेन से लटककर स्टंट कर रहाˈ था लड़का, फिर जो हुआ वो उड़ा देगा होश, देखें Video

    चलती ट्रेन से लटककर स्टंट कर रहाˈ था लड़का, फिर जो हुआ वो उड़ा देगा होश, देखें Video

    कई बार सोशल मीडिया पर कुछ ऐसा दिख जाता है जो लोगों को हैरान कर देता है और अभी एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है। आइए आपको इस वीडियो के बारे में बताते हैं।

    चलती ट्रेन से लटककर स्टंट कर रहाˈ था लड़का, फिर जो हुआ वो उड़ा देगा होश, देखें Video
    Image Source : X/@HPHOBIAWATCHवायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट

    सोशल मीडिया आज के समय में बहुत ही कॉमन हो गया है। लगभग हर किसी के हाथ में आपको स्मार्ट फोन देखने को मिल जाएगा और जब लोग स्मार्ट फोन रखते हैं तो फिर सोशल मीडिया पर न हो, ऐसा बहुत ही कम होता है। कुल मिलाकर बात यह है कि आज के समय में लगभग हर कोई सोशल मीडिया का यूज करता है और आप भी करते ही होंगे। वहां आप तरह-तरह के खूब सारे वीडियो देखते होंगे और उन्हीं के बीच में कुछ वायरल वीडियो भी आते होंगे। अभी भी एक वीडियो वायरल हो रहा है। आइए आपको बताते हैं कि वीडियो में क्या नजर आया।

    वायरल वीडियो में क्या नजर आया?

    अभी जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें नजर आता है कि एक लड़का ट्रेन के दरवाजे पर आ जाता है। वो चलती ट्रेन के दरवाजे पर खड़े होकर रील बनवाता है और वीडियो में आगे दिखता है कि ट्रेन के अंदर चेहरा करके लटक जाता है। कुछ देर बाद वो सीढ़ी पर उतरता है और लटकते हुए स्टंट करता है मगर तभी नजर आता है कि वो ट्रैक के बगल में लगे खंभे से टकरा जाता है और टकराने के कारण नीचे गिर जाता है। अब इसके बाद क्या हुआ, वह तो वीडियो में नहीं दिखा है मगर वीडियो अभी सोशल मीडिया पर जरूर वायरल हो रहा है।

    यहां देखें वायरल वीडियो

    आपने अभी जो वीडियो देखा उसे एक्स प्लेटफॉर्म पर @HPhobiaWatch नाम के अकाउंट से पोस्ट किया गया है। खबर लिखे जाने तक वीडियो को 13 हजार लोगों ने देख लिया है। वीडियो को देखने के बाद एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा- अब अस्पताल में स्टंट करेगा, नहीं तो ऊपर। दूसरे यूजर ने लिखा- बच गया। वहीं एक यूजर को यह फेक वीडियो लगा और उसने लिखा- यह फेक है, उसके पैर को देखो, आपको दो बार देखना पड़ेगा और समझ जाओगे। मेरे लिए फेक है। वहीं कई यूजर्स ने हंसने वाला रिएक्शन दिया है।

  • जब गरीब बुढ़िया की मौत के बादˈ पढ़ी गई वसीयत तो गांववालो ने पकड़ लिया माथा नहीं हो रहा कानों पर यकीन- ‘आखिर ये कैसे हो गया?’ˌ

    जब गरीब बुढ़िया की मौत के बादˈ पढ़ी गई वसीयत तो गांववालो ने पकड़ लिया माथा नहीं हो रहा कानों पर यकीन- ‘आखिर ये कैसे हो गया?’ˌ

    जब गरीब बुढ़िया की मौत के बादˈ पढ़ी गई वसीयत तो गांववालो ने पकड़ लिया माथा नहीं हो रहा कानों पर यकीन- ‘आखिर ये कैसे हो गया?’ˌ

    कहा जाता है कि किसी को भी देखकर उसकी हस्ती की थाह नहीं लगाई जा सकती है. हम किसी शख्स के बारे में उतना ही जानते हैं, जितना दो-चार मुलाकातों में उसे समझ पाते हैं. इसके अलावा वो कैसा है और उसके पास क्या है, इस बात की खबर हमें नहीं होती है. ऐसे में जब कुछ ऐसा हो जाए, जो हमने बिल्कुल न सोचा हो, तो चौंकना लाज़मी है.

    जिस आदमी के पास संपत्ति ज्यादा होती है, वो अपनी वसीयत अक्सर पहले ही बना लेते हैं और इसे उनकी मौत के बाद ही खोलकर पढ़ा जाता है. हालांकि आज हम बात एक गरीब महिला की वसीयत की करेंगे. महिला का घर बुरी हालत में था और बगीचे की भी साफ-सफाई नहीं होती थी. मौत के बाद जब उसकी वसीयत पढ़ी गई, तो लोगों को अपने कानों पर यकीन नहीं हुआ. वे आपस में खुसुर-फुसुर करने लगे कि आखिर ये हो कैसे सकता है.

    गरीब बुढ़िया की वसीयत में था क्या?
    हिल्दा लेवी नाम की एक महिला केंट के व्हिसिलटेबल में रहती थी. वो 1970 के बने हुए एक सेमी डिटैच्ड घर में रहती थी, जिसकी मौत 98 साल की उम्र में हो गई. जब उसकी वसीयत पढ़ी गई, तो उसमें कुल 1.4 मिलियन पाउंड यानि लगभग 16 करोड़ रुपये का ब्यौरा था. इसमें से साढ़े 5 करोड़ रुपये उसके दोस्तों और कैंटरबरी अस्पताल को दिए गए थे. इसके अलावा करीब 3 करोड़ रुपये लंदन के Whitstable Healthcare and Moorfields Eye Hospital में उसके दोस्तों के नाम किए गए थे. चैरिटी में दिए गए पैसों के बारे में सुनकर लोग दंग रह गए क्योंकि महिला का घर काफी बुरी हालत में था, जिसे देखकर बिल्कुल नहीं लगता था कि वो करोड़ों की मालकिन है.

    आखिर कहां से आया इतना पैसा?
    जब हिल्दा लेवी के बारे में पता किया गया, तो जानकारी सामने आई कि वो जर्मनी से इंग्लैंड एक रिफ्यूजी के तौर पर 1930 के दशक में आई थी. उसके परिवार की मौत होलोकॉस्ट में हो चुकी थी. वो अनाथ थी, जिसे इंग्लैंड में एलन जेफरी नाम की महिला ने एडॉप्ट किया था. वो डॉक्टर फ्रीडरिक और मिसेज़ इर्मा लेवी की बेटी थी. उसने इंग्लैंड में अपना पूरा जीवन जिया. बात रही उसके पैसों की, तो पता चला कि ये उसके एक अंकल की प्रॉपर्टी में मिला हिस्सा था, जो अमेरिका में जाकर बस गए थे. उन्होंने अपनी 300 करोड़ से भी ज्यादा संपत्ति को भाई-बहनों के परिवारों और दूर के रिश्तेदारों में बांट दिया था. हिल्दा को भी वही प्रॉपर्टी मिली थी.