Category: Dharam

  • बागेश्वर धाम के पंडित जी हर महीनेˈ कितनी कमाई करते हैं? धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कुल संपत्ति जानकर दंग रह जाएंगे आपˌ

    बागेश्वर धाम के पंडित जी हर महीनेˈ कितनी कमाई करते हैं? धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कुल संपत्ति जानकर दंग रह जाएंगे आपˌ

    बागेश्वर धाम के पंडित जी हर महीनेˈ कितनी कमाई करते हैं? धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कुल संपत्ति जानकर दंग रह जाएंगे आपˌ

    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) आए दिन किसी न किसी वजह से चर्चा में छाए रहते हैं। वर्तमान में सभी बाबा लोगों में उनका नाम भी टॉप लिस्ट में शुमार है। उनके दरबार में सैकड़ों भक्तों की समस्याओं का निराकरण होता है। सिर्फ 26 साल की उम्र में उन्होंने अपने करोड़ों भक्तों के दिल में जगह बना ली है। उनके दरबार में कई बड़े-बड़े वीआईपी और नेता-मंत्री भी माथा टेकने आते हैं।

    बाबा कि संपत्ति को लेकर उठते हैं सवाल

    बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के इतने फेमस होने की वजह से लोग उनका पूरा बायोडेटा छान मारते हैं। उनके सैकड़ों चाहने वाले हैं तो कुछ उनसे जलने और नफरत करने वाले भी हैं। ये अक्सर बाबा के ऊपर उंगली उठाते रहते हैं। हालांकि बाबा भी सभी आरोपों का बेबाकी से जवाब देते रहते हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर बाबा की संपत्ति को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है। लोग ये जानने को उत्सुक रहते हैं कि बाबा आखिर कितनी संपत्ति के मालिक हैं।

    बाबा से मीडिया ने कई बार उनकी कमाई और संपत्ति को लेकर सवाल पूछे। इस पर बाबा ने बताया कि वह भक्तों से कोई फीस नहीं लेते हैं। अब ये बात अलग है कि शिष्य उन्हें गुरु परंपरा के नाम पर दान दे जाते हैं। बाबा कहते हैं कि हमारी कोई फिक्स कमाई नहीं है। हम कोई कंपनी या बीजनेस नहीं चलाते हैं। हमारे पास है तो करोड़ों सनातनियों का प्यार, लाखों करोड़ों लोगों की दुआएं और अनगिनत संतों का आशीर्वाद। यही हमारी असली कमाई है।

    गुरु होने के नाते शिष्य से लेते हैं दक्षिणा

    बाबा के इस जवाब पर उनसे पलट सवाल किया गया था। पूछा गया कि कोई हिसाब किताब तो रखता होगा ना कि कितना पैसा आया? इस पर धीरेंद्र शास्त्री चतुराई से जवाब देते हुए बोले ‘जितने सनातनी उतनी कमाई, अब आप खुद हिसाब आप लगा लो।’ बाबा आगे कहते हैं हम सिर्फ भक्तों से दक्षिणा लेते हैं। इसे लेने में कोई बुराई नहीं है। इसकी उपयोगिता अच्छी या बुरी होती है। हम इसका सदुपयोग करते हैं या दुरुपयोग यह मायने रखता है।

    बाबा आगे कहते हैं यदि कोई कुछ दान करता है तो हम गुरु होने के नाते उसे स्वीकार करते हैं। हम उस परंपरा से आते हैं जहां शिष्य ने गुरु को दान में अपना अंगूठा तक दे दिया था। यदि कोई हमे अपना शिष्य और मुझे गुरु मानता है तो इस गुरु-शिष्य परंपरा के चलते हमे वह कुछ भी दे सकता है।

    हर महीने कमाते हैं इतना

    वैसे खबरों की माने तो बाबा हार महीने लगभग साढ़े तीन लाख रुपए महिना कमाते हैं। हालांकि इस आकडे की कोई अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बाबा एक पुराने घर के मालिक भी हैं। उनके पास एक गदा, और एक प्याला हमेशा रहता है।

  • जिस व्यक्ति के मोबाइल नंबर का अंतिमˈ अंक होता है ये, उसके पास कभी पैसों की कमी नहीं होती!ˌ

    जिस व्यक्ति के मोबाइल नंबर का अंतिमˈ अंक होता है ये, उसके पास कभी पैसों की कमी नहीं होती!ˌ

    जिस व्यक्ति के मोबाइल नंबर का अंतिमˈ अंक होता है ये, उसके पास कभी पैसों की कमी नहीं होती!ˌ

    आपने अंक ज्योतिष (Numerology) के बारे में तो सुना ही होगा। माना जाता है कि मोबाइल नंबर का आखिरी अंक भी जीवन में खास महत्व रखता है। इस अंक के जरिए व्यक्ति के जीवन और भविष्य से जुड़ी कई बातें जानी जा सकती हैं। आपके मोबाइल नंबर का अंतिम अंक बताता है कि आपका आने वाला समय कैसा होगा। आइए जानते हैं, मोबाइल नंबर का अंतिम अंक आपके बारे में क्या राज़ खोलता है –

    • अंतिम अंक 1 वाले लोग
      ऐसे लोगों को बहुत कम कॉल्स आते हैं और जो भी कॉल आते हैं, वे ज्यादातर करियर से जुड़े होते हैं।
    • अंतिम अंक 2 वाले लोग
      इन लोगों को काफी फोन कॉल आते हैं। लोग आपसे भावनात्मक बातें साझा करना पसंद करते हैं।
    • अंतिम अंक 3 वाले लोग
      ऐसे लोग ज्ञान से भरपूर होते हैं और जीवन में खूब धन कमाते हैं।
    • अंतिम अंक 4 वाले लोग
      इन लोगों को तरह-तरह के कॉल्स आते रहते हैं, खासकर घमंडी स्वभाव के लोगों के फोन ज़्यादा आते हैं।
    • अंतिम अंक 5 वाले लोग
      ये लोग हर चीज़ को जानने के लिए उत्सुक रहते हैं। इनके पास पैसे कमाने का एक अलग ही अनोखा तरीका होता है।
    • अंतिम अंक 6 वाले लोग
      ये लोग मीठी बातें करने में माहिर होते हैं और बिज़नेस के मामले में बहुत स्मार्ट माने जाते हैं।
    • अंतिम अंक 7 वाले लोग
      ये लोग बहुत अच्छे स्वभाव के होते हैं और हमेशा दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहते हैं।
    • अंतिम अंक 8 वाले लोग
      ऐसे लोगों को बहुत कम कॉल आते हैं और ये लोग फोन पर केवल काम की ही बातें करना पसंद करते हैं।
  • पत्नी की नियत अच्छी है या बुरी?ˈ ऐसे करें चेक, तुरंत पकड़ी जाएगी चोरीˌ

    पत्नी की नियत अच्छी है या बुरी?ˈ ऐसे करें चेक, तुरंत पकड़ी जाएगी चोरीˌ

    कहते हैं हर सफल आदमी के पीछे एक औरत का हाथ होता है। लेकिन कई बार इसका उल्टा भी हो जाता है। यानि किसी आदमी की बर्बादी के पीछे भी एक औरत हो सकती है। दरअसल ये सभी बातें इस बात पर निर्भर करती है कि उस महिला की नियत क्या है? एक अच्छी नियत वाली महिला नरक जैसे घर को भी स्वर्ग बना सकती है। वहीं बुरी नियत वाली महिला महल को भी खंडहर में तब्दील कर देती है।

    पत्नी की नियत अच्छी है या बुरी?ˈ ऐसे करें चेक, तुरंत पकड़ी जाएगी चोरीˌ

    आचार्य चाणक्य ने अपनी चाणक्य नीति (Chanakya Niti) में महिलाओं के गुणों और अवगुणों का जिक्र किया है। इसमें ये भी बताया गया है कि कैसे आप किसी महिला की नियत परख सकते हैं। आज हम इसी बात पर चर्चा करने वाले हैं। नीचे बताई गई बातों के आधार पर आप किसी भी महिला की नियत का अंदाजा लगा सकते हैं।

    ऐसे परखें महिला की नियत

    1. चाणक्य नीति की माने तो इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि महिला दिखने में कितनी सुंदर या सिंपल है। वह कितनी पढ़ी लिखी या अनपढ़ है। असल में जो चीज सबसे अधिक मायने रखती है वह उसके संस्कार हैं। एक पुरुष को महिला के संस्कारों पर गौर करना चाहिए। यदि आपको महिला के व्यवहार में अच्छे संस्कार दिखते हैं तो वह आपके घर को स्वर्ग बना देगी। वहीं जिन महिला में संस्कार नाम की चीज नहीं होती है वह आपका घर बर्बाद कर देगी।

    2. चाणक्य नीति के अनुसार कोई महिला कितनी भरोसेमंद है, इससे भी आप उसकी नियत का अंदाजा लगा सकते हैं। यदि महिला ईमानदार है, अपने सभी काम जवाबदारी से करती है, दूसरों का विश्वास नहीं तोड़ती है तो वह एक गुणी और अच्छी नियत वाली महिला है। वहीं एक बेईमान, झूठ बोलने वाली, फरेबी और लापरवाह महिला की नियत कभी अच्छी नहीं हो सकती है। आपको ऐसी महिलाओं के दूर रहना चाहिए।

    3. सुख और दुख जीवन का हिस्सा होते हैं। एक सच्चा जीवनसाथी वही होता है जो हर सुख और दुख में आपका साथ दे। कंधे से कंधा मिलाकर मुसीबतों का सामना करे। यदि कोई महिला आपके सुख में खुश रहती है, जलन नहीं करती और दुख में आपका साथ देती है तो उसकी नियत अच्छी होती है। वहीं आपके सुख में जलने वाली, या दुख में पल्ला झाड़ने वाली महिला की नियत कभी अच्छी नहीं हो सकती है।

    4. पैसा एक ऐसी चीज है जो अच्छे-अच्छे लोगों की नियत खराब कर देता है। इसलिए आप किसी भी महिला की नियत चेक करने के लिए उसका धन के प्रति लालच देखे। यदि कोई महिला पैसों के पीछे पागल रहती है तो वह आपको कभी भी धोखा दे सकती है। वहीं पैसों का लालच ना करने वाली महिला अच्छी नियत रखती है। घर को अच्छे से चलाती है।

  • तो इस वजह से पीरियड्स के दौरानˈ महिलाओं को किचन में जाने के लिए किया जाता है मनाˌ

    तो इस वजह से पीरियड्स के दौरानˈ महिलाओं को किचन में जाने के लिए किया जाता है मनाˌ

    तो इस वजह से पीरियड्स के दौरानˈ महिलाओं को किचन में जाने के लिए किया जाता है मनाˌ

    पीरियड्स औरत की जिंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है इसे ना तो गलत माना जाना चाहिए और ना ही गलत समझना चाहिए। हर महीने आने वाला पीरियड औरत की जिंदगी का एक महत्वपूर्ण पहलू है। जो लोग पीरियड को गलत समझते हैं उन्हें अपनी यह मानसिकता बदलनी चाहिए।

    पीरियड्स को लेकर आपने बहुत सारी बाते सुनी होंगी। उनमें से एक है पीरियड्स के दौरान महिलाओं का किचन में एंट्री न करना। पीरियड्स के दौरान महिलाओं को किचन में जाने से रोक लगा दी जाती है परंतु क्या आप जानते हैं इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं आज हम आपको बताएंगे समाज में चली आ रही एंड मान्यताओं का कारण तो आइए जानते हैं फिर क्यों मना किया जाता है पीरियड के दौरान किचन में घुसने से।

    पीरियड्स में महिलाओं की किचन में एंट्री पर रोक – पीरियड्स में महिलाओं को किचन में नहीं जाने दिया जाता है। इसका मुख्य रूप से यह कारण है कि पीरियड्स के दौरान महिलाओं की बॉडी में हारमोनल चेंज होते हैं जिस वजह से उनके पूरे शरीर में तेज दर्द होता है।इसीलिए इस दर्द से बचने के लिए महिलाओं को किचन में काम करने से मना किया जाता है ताकि उनको आगे और कोई दिक्कत ना हो।

  • इंसान के शरीर में माता आने केˈ पीछे की सचाई, जानिए क्यों आती है माताˌ

    इंसान के शरीर में माता आने केˈ पीछे की सचाई, जानिए क्यों आती है माताˌ

    इंसान के शरीर में माता आने केˈ पीछे की सचाई, जानिए क्यों आती है माताˌ

    जब भी भारत में कोई बड़ी माता की पूजा होती है तो किसी ना किसी के अंदर माता तो जरूर आती ही है। आपमें से बहुत से लोगों ने यह खुद अपनी आँखों से देखा होगा और बहुत से लोग इस बात पर यकीन भी करते हैं कि माता सच में आती है। ज्यादातर ऐसी घटनाएं जगराते के समय होती है, और हममे में से बहुत लोगो ने यह देखा भी है। लोगो का कहना है कि माता खुद अपने दर्शन देने किसी के ज़रिये अति है और हमारी समस्या का समाधान भी करती है।

    ज्यादातर माता औरतों के अंदर ही आती है, जब किसी औरत के अंदर माता आती है तो वह भगति में इतनी लीं होजाती है जिससे वह अपना सर ज़ोर ज़ोर से हिलने लगती है और जीब भी अंदर बहार करने लगती है। बहुत से लोग इस बात पे यकीन करते हैं पर कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इस बात पर यकीन नहीं करते, कुछ लोग बोलते हैं कि लोग ढोंग करते हैं तो कुछ लोग बोलते हैं कि इसके पीछे भी वज्ञान का हाथ है।

    विज्ञान की नज़र से अगर देखा जाए तो यह सब एक दिमागी बीमारी के कारन होता है, डॉक्टर इसे मनोवज्ञानिक बीमारी कहते हैं। विज्ञान का मानना यह है कि जब कोई व्यक्ति जिसका दिमाग कमज़ोर होता है वह एक ही चीज़ के बारे में सोचता रहता है, जैसे कि जगराते के समय अगर वह माता के बारे में ही सोचता रहेगा इतने समय तक तो उसका दिमाग यही सोचने लग जाता है कि वह खुद माता है।

    इसके बारे में भारत की एक मशहूर फिल्म ‘भूल भुलैया’ में भी दर्शाया गया था, जिसमे फिल्म की अभिनेत्री अपने आप को मंजुलिका समझने लग जाती है और माता आने जैसी ही हरकते करती है। अगर आप बड़े बड़े विज्ञान छेत्र में चले जाएँ तो इस घटना की वजह आपको यह ही मिलेगी।

    हम जानते हैं कि कुछ लोग विज्ञान पे विश्वास नहीं करते तो कुछ ऐसी बातों पे विश्वास नहीं करते पर कुछ लोग ऐसा भी कहते हैं कि इस बात का फायदा उठाने के लिए थोड़ी महिलाएं जान बूझकर ऐसा नाटक भी करती हैं कभी कभी, जिसने लोगों को लगता है कि माता ने उन्हें चुना है। इस बात की अभी भी खोज जारी है।

  • सोने से पहले अगर आप भरेंगे बाल्टीˈ तो सुबह होगा यह चमत्कारˌ

    सोने से पहले अगर आप भरेंगे बाल्टीˈ तो सुबह होगा यह चमत्कारˌ

    सोने से पहले अगर आप भरेंगे बाल्टीˈ तो सुबह होगा यह चमत्कारˌ

    वास्तु शास्त्र को हम सब लोग जानते ही हैं, और यह भी जानते हैं कि वह हमारी रोज़ की ज़िन्दगी के लिए कितना माईने रखता है। पूरी दुनिया में बहुत से लोग वास्तु शास्त्र को मानते हैं और अपने घरों को भी इसी हिसाब से बनते हैं जिससे घरों में वास्तु दोष पैदा नहीं होता है। वास्तु के आधार से अगर आप अपना घर बनते हैं और अपने सरे काम वास्तु के आधार पर करते हैं तो आपको हर काम में सफलता मिलेगी और आपके घर में खुशियां आएंगी।

    वास्तु के बहुत से लाभ होते हैं, वास्तु के नज़रिये से देखा जाए तो हर चीज़ जो भी हमारे घर में है वह कुछ ना कुछ असर आपकी ज़िन्दगी में डालती ही है। इसीलिए अगर आप वास्तु का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं तो आपको वास्तु के हिसाब से ही अपने घर में हर वास्तु को रखना चाहिए। आपमें से बहुत से लोगों ने यह बात सुनी होगी कि आपको रात को बाथरूम में बाल्टी के अंदर पानी भर के सोना चाहिए पर आपमें से बहुत ही कम लोग इस बात का अर्थ जानते होंगे।

    हमारा बाथरूम वास्तु में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है, बाथरूम में बहुत सी ऐसी वास्तु होनी चाहिए जो हमारे जीवन पर फर्क डालती हैं

    कैसे रखनी चाहिए आपको वस्तुएं बाथरूम में वास्तु के आधार पर :

    1. आप एक चीज़ का जरूर ध्यान रखना कि बाथरूम में पानी का उपव्या ना हो वरना आपके जीवन में नकारात्मक ऊर्जा आजाएगी, जैसे कुछ घरों में नलका खराब होने की वजह से बून्द करके पानी गिरता रहता है, वो आपके घर में नहीं होना चाहिए।

    2. अगर आपके बाथरूम में लगातार पानी टपक रहा है तो आप उस नलके को बंद करें या फिर अगर ख़राब है तो ठीक कराएं क्यूंकि इस वजह से आपके घर में वास्तु दोष उत्पन होते हैं । जो आपके जीवन में दुःख के इलावा कुछ नहीं लेके आएंगे।

    3. आपने बहुत से घर में देखा होगा कि दीवारों पर सीलन होती है और नमी भी होती है, हम वह देखकर सोचते हैं कि इसमें हमारे गलती नहीं है और उसे छोड़ देते हैं । ऐसा हमे बिलकुल नहीं करना चाहिए अगर आपके घर में भी ऐसी ही हालत है तो जल्दी से इससे ठीक कराएं क्यूंकि यह आपके जीवन में ही सकत उत्पन करेगा।

    4. अगर अपने बाथरूम में दर्पण लगाया हुआ है तो आप यह ध्यान रखें कि वह दरवाज़े के सामने ना हो क्यूंकि वास्तु के हिसाब से घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा बाथरूम में जाती है अगर वहां दर्पण होगा तो वह टकरा के वापस आजाएगी । एक बात का और ध्यान रखें कि बाथरूम में खारा नमक भी जरूर रखें, एक कांच के बाउल में दाल के उसे कोने में रख दें।

    यह तो थे वास्तु के हिसाब से बाथरूम के कुछ उपाए, तो चलिए अब हम आपको बताते हैं कि रात को बाल्टी में पानी रखने से क्या होगा। ऐसा करने से आपके घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा चली जाएगी और नज़र भी नहीं लगेगी, और आपके जीवन में खुशियां आजाएंगी। आपको बाथरूम में नील रंग की बाल्टी रखनी है और हर रात को उसमे पानी भर के सोना है इससे सारी ख़राब ऊर्जा उस पानी में चली जाएगी। सुबह जब उठें तो उस पानी को फेंक दे या फिर सफाई करने के काम लगा दें पर उस पानी को आप खुद ना इस्तेमाल करें वरना वह गलत असर भी दिखा सकता है।

  • मंगलसूत्र पहनते समय भूलकर भी ना करेˈ ये गलतियाँ, परिवार पर पड़ सकता है मौत का सायाˌ

    मंगलसूत्र पहनते समय भूलकर भी ना करेˈ ये गलतियाँ, परिवार पर पड़ सकता है मौत का सायाˌ

    मंगलसूत्र पहनते समय भूलकर भी ना करेˈ ये गलतियाँ, परिवार पर पड़ सकता है मौत का सायाˌ

    भारत में धार्मिक रीति रिवाजों का प्राचीन और पौराणिक इतिहास रहा है और यहाँ जन्म से लेकर मृत्यु तक में रस्मों रिवाजों को परंपरागत तरीके से निभाया जाता है। हिन्दू धर्म में संस्कारों को बहुत महत्व दिया जाता और शास्त्रों में भी इनके महत्व को दर्शाया गया है। इसी प्रकार शादी को भी हिन्दू धर्म में एक पवित्र बंधन माना जाता है।

    विवाह में अनेक रस्में निभाई जाती है और इसी में से एक है मंगल सूत्र जिसे पहनना सुहागन की निशानी माना जाता है। जब तक स्त्री के का पति उसके साथ रहता है वह मंगलसूत्र गले में पहने रखती है मंगर जब उसके पति की मृत्यु हो जाती है तो वह मंगलसूत्र उतरवा दिया जाता है।

    आज हम आपको मंगलसूत्र से जुड़ी कुछ ऐसे रहस्य बाते बताएंगे जो आपने पहले कभी नहीं पढ़े या सुने होंगे. यदि आप इन तरीको से मंगलसूत्र ग्रहण कर रही हैं तो आपको यह आदतें बदलनी होंगी वरना आपके सिर से आपके सुहाग का साया हमेशा के लिए उठ भी सकता है.

    इन बातों का रखें ध्यान

    1. किसी भी स्त्री को अन्य किसी स्त्री से मंगलसूत्र मांगकर धारण नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से पति की आयु कम होती है अथवा दुखो का आगमन होता है.

    2. जिस प्रकार एक सुहागन स्त्री के जीवन में सिंदूर बिछिया का महत्व है उसी प्रकार स्त्रियां मंगलसूत्र का भी धारण करती है जो उनके सुहाग को लंबी आयु एवं बुरी नजर से उनके पति की रक्षा करता है.

    3. मंगलसूत्र का निर्माण काले मोती से होता है. सभी मंगलसूत्र में काले मोती अवश्य होने चाहिए यही काले मोती बुरी नज़रों से पति की रक्षा करते हैं.

    4. विवाह के समय पत्नी जिस वक़्त से गले में मंगलसूत्र धारण करती है उसी वक़्त से उसका मंगलसूत्र का उतारना वर्जित हो जाता है. यदि ऐसी कोई स्थिति उत्पन्न हो तो स्त्री अपने गले में काला धागा आवश्य बाँध कर रखे.

    5. सभी मंगलसूत्र में सोने का रहना आवश्यक होता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि स्वर्ण गुरु के प्रभावों को कम करता है और वैवाहिक जीवन में सुख एवं ऊर्जा प्रदान करता है. इसलिए शुद्ध सोने से बना मंगलसूत्र आपके खुशहाल वैवाहिक जीवन का प्रतीक है.

    अगर आप इनमें से किसी भी आदत के शिकार हैं या आपके मंगलसूत्र में किसी भी चीज की कमी है तो तुरंत इन पर सुधार करे. छोटी सी आदत आपके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।

  • तो इसलिए महाभारत युद्ध के एक भीˈ योद्धा का शव नहीं मिला आज तकˌ

    तो इसलिए महाभारत युद्ध के एक भीˈ योद्धा का शव नहीं मिला आज तकˌ

    तो इसलिए महाभारत युद्ध के एक भीˈ योद्धा का शव नहीं मिला आज तकˌ

    महाभारत का युद्ध कुरुक्षेत्र की भूमि में पर लड़ा गया था और ये आज तक का सबसे बड़ा युद्ध हुआ है इस युद्ध को लेकर बहुत सारी कथाए और रहस्यो से जुडी बाते है इस रहस्यो के बारे में वैज्ञानिक पता लगा रहे है किन्तु आजतक पता नहीं लगा पाए है।

    कुरुक्षेत्र की भूमि ही वही जगह है जहा पर महाभारत का महासंग्राम हुआ था और इस लड़ाई में हज़ारो लाखो की संख्या में शूरवीरो ने अपने प्राण गवाए थे और यहाँ मानो खून का सैलाब आ गया हो जिस कारण आज भी यहाँ की मिटटी का रंग लाल है।

    महाभारत के संग्राम से जुड़ा एक रहस्य है जिसके बारे में लोगो को नहीं पता है। वैसे कभी आपने ये सोचा है की इस युद्ध में यदि लाखो की संख्या में लोग मारे गए थे तो इनके शव क्यों नहीं मिले आजतक या फिर इतने लोगो का अंतिम संस्कार किस प्रकार किया गया था।

    तो आइये हम आपको बताते है आखिर इस रहस्य के पीछे का सच

    आप सब इस बात से भली भांति परिचित तो है की बेशक उस वक़्त में लोग कितने भी बुरे क्यों ना हो लेकिन युद्ध में वो मारे गए लोगो का अपमान नहीं करते थे किसी भी प्रकार का अनुचित व्यवहार शवों के साथ नहीं किया जाता था पूरा सम्मान दिया जाता था।

    यही एक वजह है की आजतक महाभारत युद्ध में मारे गए किसी भी योद्धा का शव नहीं मिला युद्ध का एक नियम होता था की युद्ध को सिर्फ दिन के उजाले में ही लड़ा जाएगा सूरज के ढलने के बाद युद्ध को रोक दिया जाएगा और जो लोग मारे गए है उनके शरीर को उठा कर उनके परिवार को सौंप दिया जाएगा जिससे वो अपने मृत परिजन का पूरी रीती रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कर सके।

    वैसे महाभारत से जुडी हुई ऐसे कई सारी बाते है जो आज भी रहस्य है ऐसे बहुत सारे लोग भी है जो महाभारत के हुए युद्ध के होने पर सवाल उठाते है और कहते है की ये सिर्फ एक कहानी है ये सच्चाई नहीं है लेकिन हम आपको बताना चाहते है की महाभारत के युद्ध होने के बहुत सारे सबूत भी मिल चुके है और उनसे साफ़ पता लगता है की महाभारत का युद्ध केवल एक कहानी मात्र नहीं है ये सच्चाई है जिसमे पांडव पुत्रो ने धृतराष्ट्र के 100 पुत्रो पर विजय पाई थी हिन्दू मान्यता में शव को जलाया जाता है और शव जलने के बाद केवल उसकी रख ही बचती है यही सब उन सभी योद्धाओ के साथ हुआ था जो उस युद्ध में मारे गए थे सभी का शव कुरुक्षेत्र के मैदान में ही जला दिया गया था ताकि उन सभी लोगो को स्वर्ग में जगह मिले और शुद्धिकरण हो।

  • यदि आपको भी गूंथा हुआ आटा फ्रिजˈ में रखने की आदत है तो, हो जाएँ सावधानˌ

    यदि आपको भी गूंथा हुआ आटा फ्रिजˈ में रखने की आदत है तो, हो जाएँ सावधानˌ

    यदि आपको भी गूंथा हुआ आटा फ्रिजˈ में रखने की आदत है तो, हो जाएँ सावधानˌ

    आम तौर पर खाने पीने की चीजों को अगले दिन तक सुरक्षित रखने के लिए हम फ्रिज का इस्तेमाल करते है. जैसे यदि पहले दिन खाना बच जाए तो उसे अगले दिन तक ताजा और ठंडा रखने के लिए हम उसे फ्रिज में रख देते है. इसी तरह गुंथे हुए आटे को अगले दिन इस्तेमाल करने के लिए भी हम उसे फ्रिज में रख देते है. बरहलाल इससे आपका समय तो जरूर बच जाता है, पर साथ ही इससे आपके घर में भूत प्रेतों को आने का निमंत्रण भी मिल जाता है.

    जी हां ये सब सुन कर आपको थोड़ा अजीब तो लग रहा होगा, पर ये सच है. दरअसल फ्रिज में गूँथ कर रखा हुआ आटा उस पिंड के समान होता है, जो पिंड मृत्यु के बाद मृतात्मा के लिए रखे जाते है. गौरतलब है, कि यदि आपको गुंथा हुआ आटा फ्रिज में रखने की आदत पड़ जाए तो वो भूत इस पिंड का भक्षण करने के लिए आपके घर में प्रवेश करना शुरू कर देते है, जो मृत्यु के बाद पिंड पाने से वंचित रह जाते है.

    बता दे कि इस तरह से भूत प्रेत फ्रिज में रखे इस पिंड से तृप्ति पाने की कोशिश करते है. इसके इलावा आपके लिए ये भी जान लेना जरुरी है, कि जिन घरो में ये आदत होती है, वहां किसी न किसी तरह के रोग, शोक, क्रोध और आलस्य का प्रवेश रहता ही है.

    इसके साथ ही शास्त्रों में भी ये कहा गया है, कि बासी भोजन भूत के समान होता है. ऐसे में इस भोजन को ग्रहण करने वाला व्यक्ति जीवन में रोग और परेशानियों से घिरा रहता है.

  • दुश्मन चाटेगा धूल तिजोरी होगी पैसों सेˈ फुल बस आजमा लें कपूर के ये चमत्कारी टोटकेˌ

    दुश्मन चाटेगा धूल तिजोरी होगी पैसों सेˈ फुल बस आजमा लें कपूर के ये चमत्कारी टोटकेˌ

    घर की सुख शांति और समृद्धि बढ़ाने के लिए ज्योतिष शास्त्र में कई तरह के उपाय बताए गए हैं। इस उपाय से आप न सिर्फ अपने दुख दर्द दूर कर सकते हैं बल्कि अपनी कुंडली में मौजूद कई तरह के दोष भी दूर कर सकते हैं। आज के आर्टिकल में हम आपको कपूर के कुछ शानदार उपाय बताने जा रहे हैं। कपूर हिंदू धर्म की पूजा पाठ में सबसे ज्यादा यूज की जाने वाली पूजा सामग्री है। इसका उपयोग आरती और हवन के समय सबसे अधिक किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कपूर पितृ और कालसर्प दोष भी दूर कर सकता है। इतना ही नहीं कपूर के उपाय आपको झटपट मालामाल बना सकते हैं।

    कपूर के चमत्कारी टोटके

    1. आपने नोटिस किया होगा कि कई बार इंसान बार-बार बीमार होता रहता है। वह चिड़चिड़ा हो जाता है। दुर्भाग्य उसके पीछे हाथ धोकर पड़ जाता है। कुल मिलाकर उसके साथ हर चीज नेगेटिव हो रही होती है। इसकी वजह उस शख्स को बुरी नजर लगना है। इस बुरी नजर को दूर करने के लिए कपूर आपके काम में आ सकता है।

    आपको बस कपूर का एक टुकड़ा लेना है और उसे पीड़ित शख्स के ऊपर सिर से लेकर पांव तक एंटी क्लाक वाइज सात बार घुमाना है। इसके बाद कपूर को फर्श पर रखकर जला देना है। देखते ही देखते उस शख्स की बुरी नजर हमेशा के लिए मिट जाएगी।

    दुश्मन चाटेगा धूल तिजोरी होगी पैसों सेˈ फुल बस आजमा लें कपूर के ये चमत्कारी टोटकेˌ

    2. घर में हमेशा लड़ाई झगड़े होना, धन की कमी होना या फिजूल के खर्च होना। इन सभी चीजों का कारण घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा हो सकती है। ऐसे में आप कपूर के उपाय से घर में पॉजिटिव एनर्जी का लेवल बढ़ा सकते हैं। इसके लिए आपको एक चांदी की कटोरी लेना है।

    इसके बाद घर में जहां सबसे ज्यादा लड़ाई झगड़े होते हैं जैसे कि किचन या हॉल या बेडरूम वहां पर इसे रख देना है। अब इस कटोरी में लौंग और कपूर को जला देना है। इससे आपके घर में सुख शांति और समृद्धि आएगी। आपके घर की बरकत कभी नहीं जाएगी। आपको जीवन में कभी पैसे की कमी नहीं होगी।

    3. यदि आपको कुंडली में पितृ दोष और कालसर्प दोष हैं तो आपको लाइफ में कई दुख और संकट होंगे। ऐसे में आप कपूर के टोटके से इन दोषों से मुक्ति प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए आपको घर में पूजा स्थल पर सुबह, दोपहर और शाम तीन समय कपूर जलाना होगा। इस दौरान आप भगवान के सामने हाथ जोड़कर अपनी प्रॉब्लम उन्हें बता सकते हैं। 1 महीने तक लगातार ऐसा करने से आपको पॉजिटिव रिजल्ट देखने लगेगा।

    4. यदि आप अपने शत्रु से परेशान हैं तो इस समस्या के समाधान के लिए कपूर का यह टोटका आजमा सकते हैं। इसके लिए आपको शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के पास रात को जाना होगा। यहां पीपल के पेड़ से पत्ता लेकर उस पर अपने शत्रु का नाम लिखना होगा। अब कपूर को इस पीपल के पत्ते पर रखकर जला देना है। ऐसा करने से शत्रु की हर चाल आपके सामने फेल हो जाएगी। वह चाह कर भी आपका कुछ बुरा नहीं कर पाएगा।