Category: Dharam

  • रावण का वो अनसुना रहस्य! सीता सेˈ पहले क्यों अपहरण किया था राम की माता कौशल्या का? जानकर उड़ जाएंगे होशˌ

    रावण का वो अनसुना रहस्य! सीता सेˈ पहले क्यों अपहरण किया था राम की माता कौशल्या का? जानकर उड़ जाएंगे होशˌ

    रावण का वो अनसुना रहस्य! सीता सेˈ पहले क्यों अपहरण किया था राम की माता कौशल्या का? जानकर उड़ जाएंगे होशˌ

    रामायण की कथा के अनुसार आप इस बात को जानते हैं कि लंकापति रावण ने अपनी बहन शूर्पणखा के अपमान का बदला लेने के लिए माता सीता का अपहरण किया था.

    लेकिन क्या आप जानते हैं कि माता सीता पहली स्त्री नहीं थीं जिनका रावण ने बलपूर्वक अपहरण किया था. बल्कि माता सीता के अपहरण से पहले रावण ने भगवान श्रीराम की माता कौशल्या का भी अपहरण किया था.

    आखिर दशानन रावण ने श्रीराम की माता कौशल्या का अपहरण क्यों किया था. चलिए उस प्रकरण के बारे में हम आपको बताते हैं.

    मौत की भविष्यवाणी सुनकर किया अपहरण

    आनंद रामायण के अनुसार सीता से पहले रावण ने श्रीराम की माता कौशल्या का अपहरण किया था. रामायण की एक कथा के मुताबिक रावण अपनी मौत की भविष्यवाणी को सुनकर डर गया था और अपनी मौत को टालने के लिए उसने माता कौशल्या का अपहरण कर लिया था.

    भगवान ब्रह्मा ने रावण को पहले ही बता दिया था कि दशरथ और कौशल्या का पुत्र ही उसकी मौत का कारण बनेगा. अपनी मौत की भविष्यवाणी को टालने के लिए दशरथ और कैकेयी के विवाह के दिन ही रावण ने कौशल्या का अपहरण कर लिया था.

    दशरथ ने बचाई थी कौशल्या की जान

    अपहरण करने के बाद रावण कौशल्या को डब्बे में बंद करके उन्हें एक सुनसान द्वीप पर छोड़ आया था. रावण के द्वारा किए गए इस कृत्य के बारे में नारद ने राजा दशरथ को बताया. इसके साथ ही उन्होंने उस स्थान के बारे में भी बताया जहां कौशल्या को रखा गया था.

    जैसे ही नारद ने इस अपहरण की जानकारी दी वैसे ही राजा दशरथ रावण से युद्ध करने के लिए अपनी सेना लेकर उस द्वीप पर पहुंच गए.

    हालांकि रावण की शक्तिशाली सेना के सामने दशरथ की सेना ढ़ेर हो गई थी. लेकिन दशरथ ने हार नहीं मानी और एक लकड़ी के तख्ते की मदद से समुद्र में तैरते हुए उस बक्से तक पहुंचे जिसमें कौशल्या को बंद करके रखा गया था.

    वहां जाकर दशरथ ने कौशल्या को उस बक्से से बंधनमुक्त किया और सकुशल अपने महल ले गए. माता कौशल्या का अपहरण करके रावण ने श्रीराम के जन्म से पहले ही अपनी मौत को टालने की कोशिश की थी. लेकिन इसमें रावण असफल रहा.

    गौरतलब है कि लाख कोशिशों के बावजूद भी रावण अपनी मौत की भविष्यवाणी को टाल नहीं सका. आखिरकार कौशल्या और राजा दशरथ के पुत्र श्रीराम ने रावण का अंत कर इस भविष्यवाणी को सही साबित कर दिखाया.

  • गांधारी का अनसुना सच! पिता ने पहलाˈ विवाह बकरे से क्यों कराया? आंखों पर पट्टी बांधने की वजह जानकर रह जाएंगे दंगˌ

    गांधारी का अनसुना सच! पिता ने पहलाˈ विवाह बकरे से क्यों कराया? आंखों पर पट्टी बांधने की वजह जानकर रह जाएंगे दंगˌ

    गांधारी का अनसुना सच! पिता ने पहलाˈ विवाह बकरे से क्यों कराया? आंखों पर पट्टी बांधने की वजह जानकर रह जाएंगे दंगˌ

    अभी तक हम सभी यही जानते थे कि गांधारी का विवाह हस्तिनापुर के महाराज धृतराष्ट्र से हुआ था.

    लेकिन लेकिन यह बहुत कम लोगों को मालूम है कि गांधारी की दो शादी हुई थी. बहुत से लोंगों ने गांधारी के पहले विवाह की यह कहानी नहीं सुनी होगी कि गांधारी का विवाह पहले हस्तिनापुर के महाराज धृतराष्ट्र के साथ नहीं बल्कि एक बकरे के साथ हुआ था.

    ये तो हम सभी जानते ही हैं कि गांधारी गांधार के सुबल नामक राजा की बेटी थीं. गांधार की राजकुमारी होने के कारण उनका नाम गांधारी पड़ा. यह हस्तिनापुर के महाराज धृतराष्ट्र की पत्नी और दुर्योधन आदि कौरवों की माता थीं.

    बताया जाता है कि जब गंगापुत्र भीष्म नेत्रहीन धृतराष्ट्र के साथ गांधारी के विवाह का प्रस्ताव लेकर गंधार पहुँचे, तो वहां के राजा सुबल ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया.

    बहराल, शादी के बाद जब धृतराष्ट्र को गांधारी की पहले विवाह और उसके विधवा होने की बात का पता चली तो वह आगबबूला हो गया और पूरे गांधार राज्य को समाप्त करने के लिए उस पर आक्रमण कर दिया.

    बताया जाता है कि गांधारी की जन्म के समय जब उसकी कुंडली बनाई गई तो उसकी कुंड़ली में एक दोष सामने आया. पंड़ितों ने गांधारी के पिता सुबल को बताया कि शादी के बाद उनकी पुत्री विधवा हो जाएगी. क्योंकि जिस व्यक्ति से गांधारी की शादी होगी उसकी मौत निश्चित है. गांधारी का सुहाग बचा रहे इस समस्या का हल निकालने के लिए उसके पिता ने  पंडितों की सलाह पर उसका विवाह एक बकरे से करवाकर उसकी बलि दे दी.

    ऐसा करने के बाद गांधारी की कुंड़ली से विधवा होने का दोष हट गया. बाद में गांधारी का विवाह हस्तिानपुर के धृतराष्ट्र से करवाया गया. विवाह से पूर्व गांधारी को नहीं पता था कि धृतराष्ट्र दृष्टिहीन है लेकिन अपने माता-पिता की लाज रखने के लिए उसने शादी कर ली.

    जैसे ही भगवान शिव में विशेष आस्था रखने वाली गांधारी को यह पता चला कि जिस व्यक्ति से गांधारी का विवाह हो रहा है.  वह नेत्रहीन है तो तभी से गांधारी ने भी अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली. क्योंकि गंधारी का मानना था कि यदि उसके पति नेत्रहीन हैं, तब उसे संसार को देखने का अधिकार नहीं है.

    लेकिन से सब गंधारी के भाई शकुनि को अच्छा नहीं लगा. शकुनि नहीं चाहता था कि उसकी बहन की शादी एक दृष्टिहीन से हो. उसने इसका विरोध भी किया.

    डिस्क्लेमर: यह जानकारी इंटरनेट पर मौजूद स्रोतों से ली गई है। हमारा मकसद सिर्फ जानकारी देना है, इसमें दी गई बातों से हमारी अपनी कोई राय नहीं है। किसी भी जानकारी को अपनाने से पहले खुद सोच-समझकर फैसला लें

  • इन 4 आदतों वाली लड़कियों बनती हैंˈ बेकार पत्नियां कर देती हैं घर और परिवार को बर्बादˌ

    इन 4 आदतों वाली लड़कियों बनती हैंˈ बेकार पत्नियां कर देती हैं घर और परिवार को बर्बादˌ

    इन 4 आदतों वाली लड़कियों बनती हैंˈ बेकार पत्नियां कर देती हैं घर और परिवार को बर्बादˌ

    आप सभी जानते हैं कि हर व्यक्ति अपने जीवन में शादी करता है क्योंकि यह कई समय से परंपरा चलती हुई आ रही है और जिस भी इंसान की शादी होती है वह अवश्य है अपने मन में यह सोचता है कि शादी के बाद उसके जीवन में बहार आ जाएगी और वह अपने दांपत्य जीवन में बहुत सारी खुशियां व्यतीत करेगा। किंतु आज कल की दुनिया में देखा गया है कि शादी के बाद कई लोगों की जिंदगी नर्क से भी बदतर हो जाती है क्योंकि उनके जीवन से हर प्रकार की खुशियों की समाप्ति हो जाती है और वह अपने पुराने जीवन को जीना तो दूर चेहरे पर मुस्कुराहट भी नहीं ला पाते हैं। इन चीजों के पीछे क्या कारण होते हैं वह किसी को बताते भी नहीं है किंतु मुख्यता देखा गया है कि इसका मुख्य कारण उनके पत्नी की होती है।

    तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि जिन लड़कियों में यह 4 आदतें देखने को मिलती है उनसे आप शादी ना करें तो चलिए जानते हैं वह कौन सी आदत है।

    लड़ाकू किस्म की लड़कियां:- वैसे तो आजकल के जमाने में लड़कियों को बोलने का पूरा हक प्राप्त है किंतु जो लड़कियां स्वभाव से ही लड़ाकू होती है छोटी या बड़ी बात किसी पर भी अपने पति या अन्य लोगों से लड़ने को तैयार रहती है उन लड़कियों से कभी शादी नहीं करनी चाहिए क्योंकि यदि इस प्रकार की लड़की से शादी कर लेते हैं तो उनका दांपत्य जीवन से खुशियां नष्ट हो जाती है क्योंकि वह अपने स्वभाव से हमेशा लड़ने-झगड़ने में ही भरोसा रखती है। परिवार के बारे में बिलकुल नहीं सोचती।

    अधिक लव अफेयर:- आप आज के जमाने में देख सकते हैं कि लड़कियों के कई सारे लड़कों के साथ अफेयर एक ही समय पर चलते हैं। यदि इस प्रकार की महिलाएं शादी के बाद भी यही स्वभाव रखती हैं तो उनके जीवन में हमेशा ही दुखी रहती हैं और वह एक अच्छी पत्नी नहीं बन पाती हैं इसीलिए इस प्रकार की लड़कियों से शादी ना करें।

    स्वार्थी लड़कियां:- जो महिलाएं अपने जीवन में स्वार्थी होती हैं या उनकी आदत होती है वह एक बहुत ही बेकार पत्नियां बन कर सामने आती है क्योंकि इस प्रकार की सोच रखने वाली महिलाएं कभी भी अपने पति या अपने परिवार के बारे में नहीं सोचती हैं केवल यदि उनको कोई काम होगा तभी वह रिश्तो की अहमियत को समझेंगे अन्यथा उनके लिए यह सब व्यर्थ है केवल अपनी ही खुशी के लिए यह कोई भी कार्य करना पसंद करती है।

    अपने पति को प्यार ना करने वाली:- आजकल के जमाने में अधिकतर यह देखा गया है कि यह लड़कियां अपने पुराने प्रेमी से ही शादी करना पसंद करती हैं किंतु घरवालों के नाम आने के बाद वह जबरदस्ती किसी और के साथ शादी कर लेती हैं किंतु यह महिलाएं शादी के बाद जिसके साथ पति पत्नी के संबंध में आई है उसे अपना पति तक स्वीकार नहीं करती हैं और ना ही पति कहना भी उन्हें पसंद होता है इसीलिए इस प्रकार की स्त्रियों के साथ कभी भी आप शादी ना करें अन्यथा आपकी शादी के बाद जीवन से खुशियां समाप्त हो जाएंगी।

  • निधिवन का डरावना सच 99 साल कीˈ महिला बोली- ‘श्री कृष्ण…’ सुन खड़े हो जाएंगे रोंगटेˌ

    निधिवन का डरावना सच 99 साल कीˈ महिला बोली- ‘श्री कृष्ण…’ सुन खड़े हो जाएंगे रोंगटेˌ

    निधिवन का डरावना सच 99 साल कीˈ महिला बोली- ‘श्री कृष्ण…’ सुन खड़े हो जाएंगे रोंगटेˌ

    मथुरा. वृंदावन का निधिवन एक ऐसी रहस्यमई जगह, जहां आज भी कई लोगों का दावा हैं कि शाम ढलने के बाद भगवान श्री कृष्ण और राधारानी रास करने आते हैं. निधिवन के पड़ोस में रहने वालों का कहना है कि मैंने महसूस किया है बांसुरी और पायल की रात को आवाज सुनी है. निधिवन के पड़ोस में बने ज्यादातर घरों में खिड़कियां नहीं है, क्योंकि मान्यता है कि अगर जो भी राधा-रानी को देखता है वह या तो पागल हो जाता है या उसके साथ कुछ इससे भी ज्यादा बुरा हो सकता है. वहीं इन सब के बीच वृंदावन में रहने वाली निधिवन के पड़ोसी घर की एक बुजुर्ग महिला ने कई रहस्यमई खुलासे किए हैं. बुजुर्ग महिला की उम्र लगभग 99 साल बताई जा रही है.

    पड़ोस की बुजुर्ग महिला सेवा देवी का दावा है कि रात को राधिका जी आती है और श्रंगार करती हैं, उनके कपड़े बिखरे हुए मिलते हैं, पान चबा हुआ मिलता है. उनका यह भी दावा है कि रात को उन्होंने अक्सर घुंघरू, पायल और बंसुरी की आवाज सुनी है. जिसके बाद बुजुर्ग महिला अपनी छत पर गई जहां की दिवआल निधिवन से लगी हुई थी. छत पर बुजुर्ग महिला की बहु भी पहुंची. बुजुर्ग महिला ने यह भी दावा किया कि राधा-रानी के चलने की आवाज आती है लेकिन वह दिखते किसी को नहीं है.

    वहीं बुजुर्ग महिला की बहु राज कुमारी ने दावा किया है कि रात में यह पेड़ सखी बन जाते हैं और इन पेड़ों में कालापन आ जाता है और शाम होते ही सभी जानवर पक्षी यहां से बाहर निकल जाते हैं. राज कुमारी ने यह भी दावा किया कि अगर कोई यहां भगवान को देख ले वह खत्म हो जाता है, 2 साल पहले एक परदेशी निधिवन में रुकने आया था लेकिन सुबह तक वह खत्म हो गया था. बता दें यह दावा निधिवन के पड़ोस में रहने वालों का है न्यूज18 इस बात की किसी भी तरह से पुष्टि नहीं करता है.

  • पूजा घर से आज ही हटा लेंˈ ये चीजें वरना हो जाएंगे कंगाल छीन जाएगी सुख-शांति भी घर कीˌ

    पूजा घर से आज ही हटा लेंˈ ये चीजें वरना हो जाएंगे कंगाल छीन जाएगी सुख-शांति भी घर कीˌ

    पूजा घर से आज ही हटा लेंˈ ये चीजें वरना हो जाएंगे कंगाल छीन जाएगी सुख-शांति भी घर कीˌ

    हमारे घर में स्थित पूजा घर सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र होता है। शास्त्रों में बताया गया है कि इसी स्थान से मिलने वाली ऊर्जा से घर संचालित होता है। हमारे घर का मंदिर वह स्थान होता है जहां से सबसे अधिक सकारात्मक ऊर्जा निकलती है, जिसका प्रभाव घर के सभी सदस्य और घर की बरकत पर पड़ता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा घर में रखी हर एक चीज का विशेष महत्व है। देवी-देवताओं के इस घर में यदि छोटी सी भी गलती हो जाए तो जीवन में कई बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

    अगर पूजा घर में कोई भी गड़बड़ी होती है, तो इससे बड़ा नुकसान हो सकता है। ऐसी स्थिति में बहुत ही आवश्यक है कि पूजा घर से जुड़े कुछ जरूरी वास्तु नियमों को जान लीजिए। वास्तु के अनुसार, पूजा घर में कभी भी कोई ऐसी चीज नहीं रखनी चाहिए जिससे नकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है। आज हम आपको पूजा घर से कौन सी चीजें तुरंत हटा देनी चाहिए, इसके बारे में बताने जा रहे हैं।

    पूजा घर से हटा दें ये चीजें

    रौद्र रूप वाली मूर्ति-तस्वीरें

    वास्तु शास्त्र में इस बात का जिक्र मिलता है कि पूजा घर में कभी भी देवी-देवताओं की रौद्र रूप वाली तस्वीरों या मूर्तियों को नहीं रखना चाहिए। माना जाता है कि तस्वीर या मूर्ति रखने से अनिष्ट होता है। अगर आप यह गलती करते हैं, तो इसके कारण घर की सुख-शांति छिन जाती है। ऐसा करने से घर में लड़ाई झगड़े बढ़ने लगते हैं। घर में हमेशा अशांति का वातावरण ही फैला रहता है। अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में कोई कलह ना हो और सुख-शांति बनी रहे, तो इसके लिए पूजा घर में हमेशा देवी देवताओं के सौम्य रूप वाली आशीर्वाद देती हुई मूर्ति व तस्वीरें ही रखें।

    खंडित मूर्तियां

    वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मंदिर में कभी भी टूटी या खंडित मूर्ति नहीं रखना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि ऐसी मूर्तियां रखने से पूजा का फल प्राप्त नहीं हो पाता है और नकारात्मक ऊर्जा अधिक फैलती है। आपको हमेशा पूजा घर में भगवान की अच्छी और सुंदर मूर्तियां या तस्वीरें ही रखना चाहिए ताकि उनके दर्शन करके सकारात्मक और सुकून का एहसास हो सके।

    एक से अधिक मूर्तियां

    अक्सर देखा गया है कि लोग घर के मंदिर में एक ही देवी-देवता की कई तस्वीरें या मूर्ति रख लेते हैं परंतु ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि ऐसा करने से बुरा असर पड़ता है। विशेष तौर पर पूजा घर में दो शिवलिंग भूलकर भी नहीं रखना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति ऐसी गलती करता है तो इसकी वजह से घर की सुख-समृद्धि छिन जाती है।

    आमने-सामने ना रखें देवी-देवताओं की तस्वीरें

    वहीं भूलकर भी देवी-देवताओं की मूर्ति या तस्वीर आमने-सामने नहीं रखना चाहिए क्योंकि इसके कारण घर में झगड़े-कलह होने लगते हैं। इसके अलावा देवी-देवता को कभी भी खंडित अक्षत यानि टूटे हुए चावल नहीं चढ़ाने चाहिए। अगर मंदिर में ऐसे चावल हैं, तो उन्हें हटाकर साबुत चावल रख दें। वहीं पूजा घर में पितरों की तस्वीर लगाने से अशुभ प्रभाव पड़ता है।

  • महिलाओं के पायल पहनने के पीछे भीˈ छुपा है गहरा राज़ जिसे हर कोई नहीं जनताˌ

    महिलाओं के पायल पहनने के पीछे भीˈ छुपा है गहरा राज़ जिसे हर कोई नहीं जनताˌ

    महिलाओं के पायल पहनने के पीछे भीˈ छुपा है गहरा राज़ जिसे हर कोई नहीं जनताˌ

    पैरों में पहनी जानी वाली पायल 16 श्रृंगार में से एक ये भी माना गया हैं, पायल पैरों की खूबसूरती तो बढ़ाती ही हैं साथ ही साथ ये स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी हैं !   वास्तुशास्त्र के मुताबिक भी पायल पहनाना शुभ माना गया हैं , कहा जाता हैं की पायल के स्वर से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो  जाती हैं ! पुराने  समय से  ही पायल को महिलाओं के लिए विशेष माना गया हैं ! इसका अर्थ पुराने समय में ये  होता था की  पायल के संकेत  से पता चल जाता था की वो कही जा रही हैं !

    पायल पैरों की खूबसूरती तो बढ़ाती ही हैं साथ ही साथ पायल पहनने से महिलाओं के  शरीर को भी लाभ मिलता हैं ! अगर महिलाएं सोने,चाँदी की चीजें पहनती हैं जिससे चलने या हिलने के कारण शरीर से रगड़ती हैं ! तो शरीर की हड्डियाँ काफी मजबूत हो जाती हैं ! परन्तु पायल हमेशा चाँदी की ही पहने ये अधिक शुभ मानी  जाती हैं और साथ ही साथ वास्तुशास्त्र के अनुसार सोने को पैरों में कभी भी नही पहनना चाहिए ! सोना हमेशा हाथों या गले में ही पहने ये शुभ माना जाता हैं !

     चांदी  ठंडी धातु  होती है,  आयुर्वेद के मुताबिक इंसान का सिर ठंडा और पैर गर्म होना चाहिए !इसलिए शरीर के ऊपरी हिस्से में सोना और पैरों में चांदी पहनी जाती है ! इससे सिर से उत्पन्न गर्म ऊर्जा पैरों में और पैरों से पैदा हुई ठंडी ऊर्जा सिर में चली जाती है जिससे पूरे शरीर का तापमान संतुलित रहता है !

    हिंदू धर्म की मान्यताओं के  अनुसार पायल पहनना काफी शुभ माना जाता हैं , जबकि वास्तुशास्त्र के अनुसार पायल की आवाज से घर की नकारात्मक शक्तियां कम हो जाती है और दैवीय शक्तियां सक्रिय हो जाती हैं, इसलिए घर की नकारात्मकता को दूर भगाने के लिए भी पायल पहनना जरूरी होता है !

    महिलाओं के पैरों में पायल पहनने की यह परंपरा सदियों से चली आ रही है, कहा जाता है कि पायल की आवाज से घर के पुरुषों को पहले ही पता चल जाता था कि घर की कोई महिला उनकी तरफ आ रही है और वो उनके आने से पहले सतर्क हो जाते थे !

    महिलाओं के पायल की आवाज पुरुषों को किसी भी असहज होने वाली स्थिति से बचा लेती थी!

    पुराने समय में स्त्रियों को पति के घर में कहीं आने-जाने के लिए पूरी स्वतंत्रता नहीं रहती थी !साथ ही, वह किसी से खुलकर बात भी नहीं कर पाती थी ! ऐसे में जब वह घर में कही आती-जाती तो बिना उसके बताए भी पायल की आवाज से सभी सदस्य समझ जाते थे कि उनकी बहु वहां आ रही है या कहीं जा रही है!

    आधुनिक युग में भी महिलाएं और कुवारी लड़कियाँ पायल पहनती हैं !आज भी ये परम्परा निभाई जा रही हैं ! कई लडकियाँ फ़ैशन के तौर से एक पैर में भी पायल पहनती हैं !

  • भूलकर भी इन 5 लोगों के पैरˈ मत छूना ऐसा करने से लगता है पाप बर्बाद हो जाएंगेˌ

    भूलकर भी इन 5 लोगों के पैरˈ मत छूना ऐसा करने से लगता है पाप बर्बाद हो जाएंगेˌ

    भूलकर भी इन 5 लोगों के पैरˈ मत छूना ऐसा करने से लगता है पाप बर्बाद हो जाएंगेˌ

    भारतीय संस्कृति में बहुत ही परंपराएं प्राचीन काल से ही चली आ रही हैं, जिनको भारतीय संस्कृति में आज तक निभाया जाता है। इन्हीं परंपराओं में से एक चरण स्पर्श करना है। ऐसी मान्यता है कि अगर व्यक्ति अपने दिन की शुरुआत बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर करता है, तो इससे उसका पूरा दिन बहुत ही अच्छा बीतता है।

    भारतीय संस्कृति में बड़े बुजुर्गों के पैर छूने की महान परंपरा है, जो शिष्टाचार और दूसरों का सम्मान करने का प्रतीक होता है। लेकिन वैदिक शास्त्र में ऐसा बताया गया है कि कुछ लोगों के पैर छूना वर्जित होता है। अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता है, तो उसे पाप लगता है और अशुभ फलों का भागी भी बनना पड़ता है। आखिर किन लोगों के और किन जगहों पर दूसरों के पैर नहीं छूने चाहिए, चलिए हम आपको इस विषय में बताते हैं।

    मंदिर में नहीं छूना चाहिए किसी के पैर

    हम सभी अक्सर मंदिर में भगवान की पूजा अर्चना करने जाते हैं। अगर आप कभी मंदिर में पूजा करने के लिए गए हों और वहां पर आपको कोई सम्मानित व्यक्ति या बड़ा बुजुर्ग मिल जाए तो आप उनके पैर गलती पर भी ना छुएं। जी हां, इसके पीछे का कारण यह है कि मंदिर में भगवान से बड़ा कोई भी व्यक्ति नहीं होता है। ऐसे में अगर आप भगवान के सामने किसी मनुष्य के पैर छूते हैं, तो यह ईश्वर और मंदिर दोनों का अपमान माना जाता है। इससे दोनों को ही पाप लगता है। इसलिए आपको इस बात का ध्यान रखना होगा।

    सोते हुए व्यक्ति के चरण स्पर्श नहीं करना चाहिए

    ऐसा व्यक्ति जो सो रहा हो या फिर लेटा हो, तो उसके बिल्कुल भी चरण स्पर्श ना करें क्योंकि ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से उस व्यक्ति की उम्र घट जाती है। वैदिक शास्त्र के अनुसार देखा जाए तो सिर्फ मृत व्यक्ति के ही लेटे हुए अवस्था में चरण स्पर्श किया जा सकता है। इसलिए आप ऐसी गलती भूल कर भी मत कीजिए अन्यथा पाप के भागी बन जाएंगे।

    श्मशान से लौटे व्यक्ति के पैर छूना नहीं चाहिए

    श्मशान में या शमशान घाट से लौट रहे व्यक्ति के पैर भूलकर भी नहीं छूना चाहिए क्योंकि अंतिम संस्कार से लौटने पर व्यक्ति अशुद्ध हो जाता है। ऐसे में उसके पैर छूना वर्जित है। जब वह व्यक्ति स्नान कर ले, तो उसके बाद आप उसके पैर छू सकते हैं।

    पत्नी के पैर नहीं छूना चाहिए

    शास्त्रों में इस बात का उल्लेख किया गया है कि पत्नी को अपने पति के चरण स्पर्श करने चाहिए। ऐसा माना जाता है कि जो पत्नी ऐसा करती है, इससे उसके परिवार का सौभाग्य बढ़ता है। लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पति को भूलकर भी पत्नी के पैर नहीं छूना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से परिवार पर संकट के बादल छाने की संभावना रहती है। इतना ही नहीं बल्कि परिवार को आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है।

    बेटी से नहीं छुआना चाहिए पैर

    किसी भी पिता को अपनी बेटियों से पैर नहीं छूआना चाहिए। धार्मिक विद्वानों के मुताबिक, किसी भी पिता को अपनी बेटी, भतीजी, नतिन या पोती से पैर नहीं छूआने चाहिए क्योंकि यह सब देवियों का बाल रूप होती हैं। इससे पिता को पाप लगता है।

  • सांप के बिल से लेकर तोता तकˈ अच्छे भाग्य और बेशुमार दौलत का संकेत देते हैं ये 7 सपनेˌ

    सांप के बिल से लेकर तोता तकˈ अच्छे भाग्य और बेशुमार दौलत का संकेत देते हैं ये 7 सपनेˌ

    सपने सभी को आते हैं। हर कोई इन्हें बंद आँखों से देखता है। ये सपने अच्छे, बुरे या डरावने हो सकते हैं। जब भी हमे कोई सपना आता है तो मन में विचार जरूर आता है कि आखिर इस सपने का क्या मतलब है। कहीं ये सपना हमे किसी बात का संकेत तो नहीं दे रहा है। स्वप्न शास्त्र की माने तो सपने में कुछ खास चीजों का दिखना अच्छी या बुरी किस्मत का संकेत होता है। आज हम आपको उन चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें सपने में देखने का मतलब है आपको भाग्य और पैसा मिलने वाला है।

    सांप के बिल से लेकर तोता तकˈ अच्छे भाग्य और बेशुमार दौलत का संकेत देते हैं ये 7 सपनेˌ

    तोता

    स्वप्न शास्त्र की माने तो सपने में तोता दिखना काफी शुभ माना जाता है। यदि ये सपने में दिख गया तो समझ जाइए कि आपके करियर में उछाल आने वाला है। आपको नौकरी में प्रमोशन मिलने वाला है। आपको बीजनेस में बड़ा मुनाफा होने वाला है। आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आने वाली है।

    जलता हुआ दीपक

    दीपक को हिंदू धर्म में काफी शुभ और पवित्र चीज माना जाता है। किसी भी देवी या देवता को प्रसन्न करने के लिए हम इसे प्रज्वलित करते हैं। यह घर में पॉजिटिव एनर्जी भी बढ़ाता है। सपने में दीपक देखना काफी शुभ माना जाता है। इसे देखने का मतलब है कि आपको जल्द कोई बड़ा धन लाभ होने वाला है।

    सांप का बिल

    सपने में सांप का बिल देखना भी शुभ संकेत होता है। सांप को शिवजी से जोड़ा जाता है। इसे सपने में देखने का अर्थ है कि आपको जल्द कोई बड़ा धन लाभ होने वाला है। आपको उधार का पैसा मिल जाएगा। पैसा निवेश करने पर लाभ होगा। रिश्तेदारों से पैसों की प्राप्ति होगी। घर बैठे पैसा मिलेगा।

    गुलाब का फूल

    सपने में गुलाब का फूल दिखाई देना भी शुभ माना जाता है। गुलाब के फूल को मां लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है। लाल रंग का गुलाब मां लक्ष्मी का प्रिय होता है। इसे सपने में देखने का अर्थ है कि मां लक्ष्मी की कृपा आपके ऊपर बरसने वाली है। आपके घर खुशियों की बहार आने वाली है।

    फल से लदा पेड़

    सपने में यदि आप फल से भरा हुआ पेड़ देख लें तो ये भी बड़ा शुभ माना जाता है। इस सपने का अर्थ है कि आपको जल्द धन की बड़ी प्राप्ति होने वाली है। आपका अटका हुआ पैसा वापस मिलने वाला है। बिगड़े हुए काम बनने वाले हैं। घर में पैसों की आवक बढ़ने वाली है।

    गोल्ड

    सपने में सोना यानि गोल्ड देखने भी शुभ माना जाता है। इसका मतलब है कि आपके ऊपर मां लक्ष्मी की कृपा आने वाली है। आप जल्द अमीर बनने वाले हैं। आपकी तिजोरी धन से भरने वाली है। आपको घर बैठे कहीं से बड़े धन की प्राप्ति होने वाली है।

    देवी देवता

    सपने में देवी-देवताओं को देखना अत्यंत शुभ होयता है। इसका मतलब है कि आपको जल्द कोई बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है। आपको भविष्य में बड़े धन की प्राप्ति होने वाली है। आपकी लाइफ में सुख बढ़ने वाला है। भगवान का आशीर्वाद आपके ऊपर रहने वाला है। सभी काम अच्छे से होने वाले हैं।

  • 100 साल से भी ज्यादा जिओगे बसˈ ये खास उपाय कर लो पंडित प्रदीप मिश्रा का बड़ा दावाˌ

    100 साल से भी ज्यादा जिओगे बसˈ ये खास उपाय कर लो पंडित प्रदीप मिश्रा का बड़ा दावाˌ

    100 साल से भी ज्यादा जिओगे बसˈ ये खास उपाय कर लो पंडित प्रदीप मिश्रा का बड़ा दावाˌ

    एक जमाना हुआ करता था जब इंसान 100 साल तक जीता था। लेकिन आज के जमाने में लोग 70 की उम्र पार कर जाए वही बड़ी बात होती है। हमारी खराब जीवनशैली और खान-पान ने हमारी आयु पर बड़ा बुरा असर डाला है। लेकिन यदि आप आज के जमाने में 100 साल तक जीने की इच्छा रखते हैं तो आपको ईश्वर की शरण में जाना होगा। उनकी भक्ति कर उनसे दीर्घायु का आशीर्वाद लेना होगा। ये बात हम नहीं कह रहे बल्कि सीहोर के रहने वाले आध्यात्मिक गुरु पंडित प्रदीप मिश्रा बोल रहे हैं।

    पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया 100 साल जीने का उपाय

    पंडित प्रदीप मिश्रा भक्तों के बीच बड़े पॉपुलर रहते हैं। वह शिव भगवान के बड़े भक्त हैं। वह जीवन की कई समस्याओं के निवारण के लिए शिवजी से जुड़े उपाय बताते हैं। लंबी आयु पाने के लिए भी उन्होंने कुछ खास उपाय बताए हैं। आज हम आपको उन्ही में से कुछ उपाय बताने जा रहे हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा यह दावा करते हैं कि इन उपायों को आजमाने के बाद आप 100 साल तक जी सकेंगे। तो चलिए जानते हैं कि आपको ऐसा क्या करना होगा।

    पंडित प्रदीप मिश्रा का कहना है कि दीर्घायु पाने के लिए आपको रोज शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव को जल चढ़ाना चाहिए। इस दौरान उनसे लंबी उम्र का वरदान मांगना चाहिए। शिवजी से ऐसी प्रार्थना करनी चाहिए कि वे हमारे शरीर को इस तरह बना दें कि वह इसी तरह 100 सालों तक भगवान को जल अर्पित करते रहें। आप महादेव से प्रार्थना करें कि उनके मंदिर में आप इसी तरह अगले 100 सालों तक भजन कीर्तन करते रहें। उनके गुणगान यूं ही गाते रहें।

    शिवजी के आगे लगानी होगी ऐसी अर्जी

    पंडित प्रदीप मिश्रा का कहना है कि आपको शिवजी से जल चढ़ाते समय ये भी मांगना होगा कि आपको वह शिव भक्ति करते रहने के लिए हमेशा निरोगी बनाए रखें। आप को कभी अस्पताल न जाना पड़े। आप किसी दुर्घटना का शिकार न बनें। पंडित प्रदीप मिश्रा का दावा है कि यदि एक बार आपकी अर्जी भगवान के दरबार में स्वीकृत हो गई तो आपको 100 सालों तक जीने से कोई नहीं रोक सकता है। आपको शिवजी की कृपा से दीर्घायु का वरदान प्राप्त हो जाएगा।

    जल अर्पित करने के अलावा आपको महादेव को जल, दूध, भांग, शहद, चंदन और बेलपत्र जैसी चीजें चढ़ानी चाहिए। आप जब भी महादेव से लंबी उम्र की प्रार्थना करें तो उन्हें ये सारी चीजें जरूर चढ़ाएं। इससे आपको उनका आशीर्वाद मिलेगा। आप इन चीजों को चढ़ाने के लिए सालों साल जीवित रहेंगे।

    अब पंडित प्रदीप मिश्रा का उपाय सोशल मीडिया पर बड़ा वायरल हो रहा है। इस पर लोग अपनी अलग अलग प्रातक्रियाएं भी दे रहे हैं। किसी को ये बात सच्ची लग रही है तो कोई कह रहा है कि 100 साल जीना संभव नहीं है। इसलिए लिए आपको हेल्थी लाइफ स्टाइल जीना होगा। वैसे इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है हमे कमेंट कर जरूर बताएं।

  • बुरी नजर से परेशान है घर? जानिएˈ इसके 5 साफ़ संकेत और तुरन्त असरदार समाधान. Nazar Dosh Upayˌ

    बुरी नजर से परेशान है घर? जानिएˈ इसके 5 साफ़ संकेत और तुरन्त असरदार समाधान. Nazar Dosh Upayˌ

    बुरी नजर से परेशान है घर? जानिएˈ इसके 5 साफ़ संकेत और तुरन्त असरदार समाधान. Nazar Dosh Upayˌ

    Nazar Dosh Upay: बुरी नजर अच्‍छे-भले जीवन को तबाह कर सकती है. घर पर लगी बुरी नजर मुसीबतों का अंबार लगा देती है. जानिए, बुरी नजर के लक्षणों को कैसे पहचानें और कैसे उससे निजात पाएं.Nazar Dosh ke Lakshan and Upay: बुरी नजर लगना घर में, जीवन में नकारात्‍मक शक्तियों का प्रभाव बढ़ना है. ये आपके जीवन में मुसीबतों का अंबार लगा सकती है. बुरी नजर कई अनचाही घटनाओं का कारण बनती है. व्‍यक्ति की ऊर्जा कम हो जाती है, हमेशा थकान, उदासी महसूस होती है. बनते काम बिगड़ जाते हैं. चौतरफा हानि होती है. समय रहते बुरी नजर से निजात पाने के उपाय कर लेने चाहिए. आइए जानते हैं कि बुरी नजर या नजर दोष के लक्षण और उससे निजात पाने के उपाय.

    बुरी नजर या नजर दोष के लक्षण

    – यदि हर समय बिना किसी कारण के सिर में दर्द बना रहता है. भारीपन रहता है. बिना किसी बीमारी के यदि ऐसा हो तो यह बुरी नजर का लक्षण हो सकता है.

    – अचानक जीवन में निराशा महसूस होने लगे, हर समय उदासी लगे, तनाव रहे. नींद ना आए, बिना वजह घबराहट हो तो यह बुरी नजर लगने का संकेत है.

    – सकारात्‍मक व्‍यक्ति भी नजर दोष के कारण नकारात्‍मक हो जाता है. उसे कुछ अच्‍छा नहीं लगता है और हर समय थका व निराश महसूस करता है.

    – घर पर बुरी नजर का साया हो तो हर समय घर में झगड़े-कलह होते हैं. बिना वजह सदस्‍यों में वाद-विवाद होते रहते हैं.

    – घर के लोग कितनी भी मेहनत करें, उन्‍हें सफलता नहीं मिलती. काम बनते-बनते रह जाते हैं. तरक्‍की नहीं होती.

    – बीमारी, चोरी और कई बार बिना कारण ही धन हानि होती है.

    – बच्‍चे को नजर लग जाए तो वह बीमार पड़ जाता है. बच्‍चा कुछ खाता-पीता नहीं है और बिना बात के रोता रहता है.

    नजर दोष से निजात पाने के उपाय

    – नजर दोष से बचाव के लिए बुधवार को सप्त धान्य यानी सात प्रकार के अनाज का दान करना चाहिए. नजर दोष से बचाव के लिए घर में राहु यंत्र की स्‍थापना करके उसकी पूजा करें. इससे नकारात्‍मक शक्तियां दूर रहती हैं.

    – यदि बार-बार नजर लगती है तो नौ मुखी रुद्राक्ष धारण कर लें.

    – बुरी नजर उतारने के लिए या बचाव के लिए भैरव मंदिर में मिलने वाला काला धागा गले या हाथ में धारण करें.

    – जिस घर में रोजाना पूरे भक्ति-भाव से हनुमान चालीसा का पाठ होता है, वहां पर कभी नजर दोष नहीं ठहरता.

    – बुरी नजर उतारने के लिए हनुमान जी के मंदिर में जाकर उनके कंधों का सिंदूर माथे पर लगाएं.

    – तुरंत बुरी नजर उतारना हो तो एक रोटी बनाएं और उसे केवल एक तरफ से ही सेंकें. फिर उस रोटी के सिके हुए हिस्‍से पर तेल लगाकर उस पर लाल मिर्च और नमक डालें. फिर इस रोटी को नजर दोष से पीड़ित व्यक्ति के ऊपर से 7 बार घुमाकर चुपचाप से किसी चौराहे पर रख आएं.

    – नजर उतारने का सबसे प्रचलित तरीका है कि 2 लाल सूखी मिर्च, थोड़ा सेंधा नमक, थोड़े सरसो के बीज लें. फिर इसे नजर लगे व्‍यक्ति के सिर के ऊपर से 7 बार वारकर आग में जला दें. कुछ ही देर में राहत मिल जाएगी.

    – यदि आग से नहीं जला पा रहे हों तो थोड़ा सा नमक और राई के दाने लें. जिस व्‍यक्ति को नजर लगी हो, उसके सिर के ऊपर से 7 बार वार कर फ्लश कर दें. इसके बाद हाथ-पैर धोकर अपने ऊपर साफ पानी छिड़क लें.