सुहागरात की सेज सजी थी। दुल्हन दूध का गिलास लेकर सेज पर पहुंच गई। लेकिन कुछ देर बाद ही दुल्हन का मूड बिगड़ गया। आधी रात को दुल्हन ने शोर मचाया तो परिवार के लोग दौड़ पड़े। दुल्हन चीख-चीखकर कह रही थी कि मेरा पति नपुंसक है। मैं इसके साथ नहीं रहूंगी। रात साढ़े तीन बजे दुल्हन ने फोन करके मायके पक्ष के लोगों को भी बुला लिया। पहले घर में समझौते के प्रयास हुए। इसके बाद मामला थाने पहुंच गया।
मामला कोल्हापुर थाना क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मीपुर से जुड़ा है। यहां के निवासी अमन पुत्र राकेश वर्मा की शादी पूजा पुत्री धर्मपाल वर्मा निवासी सूर्यनगर से हुई थी। शादी के बाद अमन दुल्हन पूजा को विदा कराकर घर ले आया। रात में 11:30 बजे तक संगीत का कार्यक्रम चला। इसके बाद 12 बजे के करीब पूजा पति के पास कमरे में पहुंच गई और उसने हंगामा शुरू कर दिया। उसने मायके फोन किया तो 20-22 लोग सुबह तड़के ससुराल पहुंच गए और पूजा को जबरन ले जाने लगे।
समझौते के बाद मायके गई दुल्हन
सूचना पाकर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आयी। जहां समझौते के प्रयास हुए। लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद अमन और दुल्हन के पिता धर्मपाल ने पुलिस को लिखित में तहरीर दी और आभूषणों के साथ दुल्हन के मायके जाने की बात कही। कहा गया कि अब इस मामले का बाद में समाधान किया जाएगा। थाना प्रभारी ने कहा कि दोनों पक्षों की रजामंदी के बाद दुल्हन को मायके पक्ष के साथ भेज दिया गया है। कोई तहरीर आएगी तो कार्रवाई की जाएगी।
आज के इस दौर में रिश्ते नातों की कोई अहमियत नहीं रह गई है. प्यार में कब किसके कदम बहक जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है और प्यार में डूबा इंसान इसके चलते यह भी नहीं देखता है कि सामने वाला कौन है. उससे उसका क्या रिश्ता है और यह उसके लिए सही नहीं है. इन सब बातों के बीच अक्सर लोग रिश्तेदारी और घर परिवार में ही गलत कदम उठा लेते हैं. ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले से सामने आया है. जिसके बारे में सुनकर हर किसी के होश उड़ रहे हैं. यहां के एक देवर और भाभी को आपस में प्यार हो गया और दोनों ने साथ जीने मरने तक की कसमें भी खा ली.
बता दें कि, हाल ही में यह होश उड़ाने वाला मामला प्रकाश में आया है. एक महिला अपने पति के होते हुए उसके छोटे भाई यानी कि अपने देवर के साथ रंगरलियां मना रही थी. पति को भी इसकी भनक लग चुकी थी और वह दोनों के खिलाफ थाने पहुंच गया. थाने में जब पति की दास्तां सुनी तो पुलिस भी हैरान रह गई और पुलिस ने फिर थाने में देवर भाभी को बुलाया. देवर भाभी थाने पहुंचे तो वो सब बातें सच साबित हुई जो पति ने पहले ही पुलिस को बता दी थी.
जानकारी के मुताबिक, यह मामला उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के श्यामदेउरवां थानाक्षेत्र के एक गांव से जुड़ा हुआ है. यहां एक देवर और भाभी दोनों एक दूसरे पर दिल को अपना दे बैठे और जल्द ही दोनों का प्यार परवान चढ़ने लगा. भाभी तो देवर के प्यार में इस कदर पागल हुई कि उसने अपने पति से भी दूरी बना ली और देवर के साथ ही जिंदगी गुजारने का मन बना लिया. वहीं देवर का भी यही हाल है.
महराजगंज की एक लड़की की शादी श्यामदेउरवां थानाक्षेत्र के एक गांव के युवक से हुई थी. शादी के कुछ दिनों बाद ही महिला को अपने देवर से प्यार हो गया और देवर भी खुद को भाभी की तरफ आकर्षित होने से रोक नहीं पाया. दोनों के बीच अफ़ेयर शुरू हो गया और फिर दोनों का प्यार जोर शोर से परवान चढ़ने लगा. महिला के पति को भी इसकी भनक लग गई और पति पत्नी के बीच झगड़े हो गए. अपने पति से वाद विवाद कर महिला अपने मायके चली गई. धीरे धीरे बात फैलने लगी और महिला ने साफ़ साफ़ कह दिया कि वो अपने देवर के साथ रहना चाहती है. उसे बहुत समझा गया लेकिन उसने किसी की एक न सुनी.
महिला ने परिजनों से साफ़ कह दिया कि वो अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती है और देवर के साथ रहने की उसने जिद पकड़ ली. आखिर में महिला अपने देवर के साथ अपने घर चली गई. इससे पहले महिला ने पति पर मारपीट का आरोप लगाया था. पति को इस आधार पर पुलिस ने थाने बुलाया और उसके बाद देवर भाभी को भी थाने बुलाया गया. इस दौरान थाने में महिला को पुलिस ने भी काफी समझाया लेकिन उस पर किसी का कोई असर नहीं हुआ. अंततः भाभी अपनी जिद के साथ देवर की हो गई.
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से दिल दहला देने वाली एक घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है. जहां शहर के मैनाठेर थाना क्षेत्र में एक लड़की अपनी चाची के साथ खेत में घास काटने गई. इस बीच चाची मगरिब की नमाज पढ़ने चली गई और नाबालिग लड़की खेत की ओर जा रही थी और अचानक गायब हो गई. अगली सुबह जब नाबालिग मिली तो जो उसकी हालत थी वो डरा देने वाली थी. चलिए आपको बताते हैं पूरा मामला क्या है.
घटना रविवार की शाम की बताई जा रही है. नाबालिग की चाची रोज की तरह जंगल में घास काटने जा रही थी. घरवालों ने मासूम बेटी को भी घास लाने के लिए उसके पीछे भेज दिया. दोनों के बीच महज कुछ मिनटों का फासला था, लेकिन किसे पता था कि ये चंद मिनटें ही एक खौफनाक कहानी का कारण बन जाएंगी. चाची मगरिब की नमाज के वक्त घर लौट आई, लेकिन नाबालिग लड़की वापस नहीं पहुंची. जब काफी देर तक बच्ची का कुछ अता-पता नहीं चला, तो परिवार को चिंता सताने लगी.
रातभर नहीं आई नाबालिग जब बच्ची रात तक नहीं लौटी, तो उसकी मां खुद जंगल की ओर निकल पड़ी. उसने चारों ओर बेटी को आवाजें दीं, मक्के के खेतों में जाकर तलाश की, लेकिन जवाब नहीं मिला. काफी देर की तलाश के बाद मक्का के खेत में बच्ची की एक चप्पल मिली, जो उनके डर को और पुख्ता कर गई.
प्राइवेट पार्ट पार्ट पर चाकू से वार अगली सुबह जब खेतों में दोबारा खोज शुरू की गई तो मां ने बच्ची को एसी भयानक हालत में देखा की उसका सीना छल्ली-छल्ली हो गया. बच्ची का शव खेत में निर्वस्त्र पड़ा था. चेहरा और प्राइवेट पार्ट पर गहरे जख्म थे. शव पर 40 से अधिक घाव थे. शव को देखकर साफ था कि नाबालिग के साथ पहले दरिंदगी की गई और फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई.
जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही मैनाठेर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. खुद मुरादाबाद के SSP सतपाल आंतिल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया. उन्होंने बताया कि मामला बेहद गंभीर है और हर एंगल से जांच की जा रही है. SSP ने बताया कि पीड़िता के परिजन घटना के पीछे कुछ परिचितों के नामों का जिक्र कर रहे हैं, इसलिए पारिवारिक रंजिश या अंदरूनी झगड़े की भी जांच की जा रही है. वहीं पुलिस ने बताया कि बच्ची के लापता होने की सूचना समय रहते थाने को नहीं दी गई थी. अगर तुरंत सूचना मिलती, तो शायद कार्रवाई और जल्द शुरू हो सकती थी. फिर भी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फॉरेंसिक टीम को बुलाया और सबूत जुटाने का काम शुरू कर दिया गया है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार फिलहाल पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ था या नहीं. हालांकि शव की स्थिति देखकर यह आशंका जताई जा रही है कि नाबालिग के साथ पहले बलात्कार किया गया और फिर किसी धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी गई. SSP सतपाल आंतिल ने कहा है कि पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं और जल्द ही हत्या का पर्दाफाश कर दिया जाएगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि आरोपी चाहे जो भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा.
सहारनपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां हावड़ा-अमृतसर मेल ट्रेन के स्लीपर कोच में आधी रात महिला अपने पति और दो साल की बेटी के साथ चढ़ती है. ट्रेन में चढ़ते ही दोनों सो जाते हैं साथ में मासूम भी सो रही होती है. तभी अचानक रात 12:30 बजे पूरी ट्रेन में हड़कंप मचने लगता है. जिसके बाद ट्रेन में घूम रही जीआरपी दंपत्ती से पूछती हैं कि क्या हुआ… यहां क्या कर रहे हो? तब वह बताते हैं कि कोई ट्रेन से मेरी 2 साल की बच्ची को किडनैप करके ले गया. उन्होंने जीआरपी को जानकारी दी कि ट्रेन के स्लीपर कोच में मेरे पति और मैं सो रही थी, साथ में मेरी 2 साल की बेटी थी जिसका नाम नायरा था. ट्रेन जब सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची, तभी बुर्का पहने दो महिलाओं ने मेरी मासूम बच्ची का अपहरण कर लिया. जैसे ही पुलिसवाले सुनते हैं, तो वह भागकर सहारनपुर रेलवे स्टेशन पहुंच पूरी जानकारी देते हैं.
पूरा मामला ट्रेन नंबर 13005 हावड़ा मेल का है. जहां धामपुर से चढ़े दंपत्ति की 2 साल की बच्ची चोरी करके कोई ले जाता है. वारदात देर रात की है जब दंपती धामपुर से हावड़ा मेल ट्रेन में सवार होकर पंजाब जा रहे थे, तभी उनके पास सो रही 2 साल की बच्ची कोई चुरा कर ले जाता है. जब दोनों पति-पत्नी जगाधरी स्टेशन पर सोकर उठे, तो उन्होंने देखा उनकी बच्ची उनके पास नहीं है. तभी तुरंत उन्होंने इसकी सूचना जगाधरी रेलवे पुलिस स्टेशन को दी. जिसके बाद छानबीन और आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि उनकी बेटी को सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर 2 बुर्का पहने महिला उठा कर ले गईं थी. जिसकी पुष्टि पीड़ित महिला ने सहारनपुर रेलवे स्टेशन पहुंच कर सीसीटीवी वीडियो के आधार पर की है.
पीड़ित महिला ने बताया कि उसका नाम नेहा है और वह पंजाब की रहने वाली है. वह अपने पति और बेटी के साथ रात 11 बजे धामपुर से ट्रेन में चढ़े. पीड़ित महिला ने बताया कि हम गलती से रिजर्वेशन कोच में चढ़ गए थे. सीट भी मिल गई थी आराम से हम उसी पर लेट गए और बेटी के साथ सो गए. मेरे पति फोन चला रहे थे, अचानक उन्हें भी नींद आ गई वो भी सो गए. रात लगभग 12:30 बजे आंख खुली तब मेरी बेटी नायरा मेरे पास थी. मगर जब अंबाला से पहले जब मेरी आंख खुली तो मैंने देखा कि मेरी बच्ची सीट पर नहीं थी. जिसके बाद पूरी ट्रेन में हमने अपनी बच्ची ढूढ़ी पर मेरी बच्ची नहीं मिली.
महिला ने बताया कि फिर दो पुलिसवाले मिले उन्हें मैंने सबकुछ बताया. पूछताछ में मेरी ही सीट के पास बैठे एक शख्स ने बताया कि एक महिला आई थी उसने पहले बच्ची के सर पर हाथ रखा और फिर उसे गोद में लेकर सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर उतर गई. तब पुलिसवालों ने सहारनपुर में फोन कर सारी जानकारी दी. फिर मैं और मेरे पति पुलिसवालों के साथ सहारनपुर स्टेशन पहुंचे वहां हमने सीसीटीवी देखा जिसमें दो महिलाएं बुर्का पहनकर मेरी बेटी को लेकर जा रहीं थी.
Husband Lodge Room: बेंगलुरु की एक आईटी कंपनी में करने वाली महिला को उनके पति घुमाने के बहाने कुन्नूर ले गया. दोनों ने लॉज में एक कमरा लिया और फिर ऐसा कांड हुआ जिसपर यकीन करना मुश्किल.
चेन्नई. भारतीय परंपरा में पति-पत्नी के रिश्ते को काफी पवित्र माना जाता है, लेकिन जब इन दोनों के बीच ही अविश्वास की भावना पनप जाए तो फिर परिवार का टूटना तय हो जाता है. कई बार तो कलह इस कदर बढ़ जाता है कि जिंदगी नरक से भी खराब लगने लग जाती है. कुछ मामलों में पति या पत्नी की तरफ से ऐसा कदम उठा लिया जाता है, जिसके बारे में यकीन करना मुश्किल होता है. चेन्नई में ऐस ही एक मामला सामने आया है. पति के कहने पर पत्नी उसके साथ घूमने गई. लॉज में कमरा बुक कराया गया, जहां एक विचित्र घटना को अंजाम दिया गया. अब इस मामले में पुलिस को दखल देना पड़ा है.
जानकारी के अनुसार, एक 28 साल की IT प्रोफेशनल महिला ने मंगलवार रात चेन्नई के वानागारम स्थित अपने घर में पति को कमरे में बंद कर पुलिस को इसकी सूचना दी. महिला ने शिकायत दर्ज कराई है कि उसका पति उसे धमकी दे रहा था कि वह उसकी नग्न तस्वीरें (जो उसने चोरी-छिपे ली थीं) सोशल मीडिया पर अपलोड कर देगा. महिला और आरोपी पति की शादी 2023 में हुई थी. शादी के कुछ ही महीनों बाद पति ने शराब के नशे में महिला के साथ मारपीट शुरू कर दी थी. इसके चलते जुलाई 2024 में महिला अपने मायके बेंगलुरु लौट गई.
लॉज में कमरा, फिर बड़ा कांड
बाद में जब आरोपी को पता चला कि उसकी पत्नी तलाक देने की अर्जी देने की तैयारी कर रही है, तो उसने उसे माफी मांगते हुए मिलने की गुजारिश की. दो महीने पहले वह बेंगलुरु गया और महिला से माफी मांगते हुए दोबारा शराब न पीने का वादा भी किया. उसने महिला को बाइक से कुन्नूर घुमाने भी ले गया. वहां दोनों एक लॉज में ठहरे. वहां उसने चुपके से महिला की अश्लील तस्वीरें खींच ली थीं.
मारपीट के बाद धमकी
घर लौटने के बाद पति ने फिर से महिला के साथ मारपीट शुरू कर दी और जब महिला ने पुलिस में शिकायत की धमकी दी, तो उसने उसकी तस्वीरें इंटरनेट पर डालने और परिजनों व मित्रों को भेजने की धमकी दी. इसके बाद महिला ने सूझबूझ दिखाते हुए आरोपी को घर के एक कमरे में बंद कर दिया और खुद घर से निकल कर पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी. वानागारम थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया. पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है.
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां के वेव सिटी क्षेत्र की आदित्य वर्ल्ड सिटी कॉलोनी में रहने वाले पति-पत्नी से एक युवक प्यारी-प्यारी बातें करता था. फिर उनसे सौ, हजार और लाखों रुपये तक की कमाई भी कर लेता. जब पुलिस को इस बारे में पता चला तो उनके पसीने छूट गए. आइए बताते हैं पूरा मामला… आदित्य वर्ल्ड सिटी कॉलोनी में रहने वाले मनोज उपाध्याय और उनकी पत्नी अंजली शर्मा को ऑनलाइन ठगों ने बड़ा झांसा देकर 3.68 लाख रुपये की ठगी कर ली. ठगों ने टेलीग्राम पर पार्ट टाइम काम का लालच देकर उन्हें टास्क के नाम पर निवेश कराते हुए ठगा. इस धोखाधड़ी के बाद पीड़ित दंपति ने वेव सिटी थाने में मुकदमा दर्ज कराया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
मनोज और अंजली पहले नोएडा की एक कंपनी में काम करते थे, लेकिन बीते महीने उनकी नौकरी छूट गई थी. नौकरी छूटने के बाद दोनों ऑनलाइन पार्ट टाइम काम की तलाश में थे. इस दौरान उन्हें टेलीग्राम पर एक ग्रुप में जोड़ा गया, जिसमें मीशो ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर टास्क पूरा करने के बदले कमीशन देने का वादा किया गया.
शुरुआत में जब दंपति ने 100 रुपये का टास्क किया, तो उन्हें 200 रुपये वापस मिले. फिर उन्होंने 500 रुपये लगाए और एक हजार रुपये मिले. इससे उनका भरोसा बढ़ गया और वे लगातार टास्क के लिए पैसा निवेश करते गए. धीरे-धीरे टास्क की संख्या बढ़ती गई और निवेश की राशि भी. लेकिन कुछ समय बाद बहाने बनाकर भुगतान रोक दिया गया.
जब उन्होंने टेलीग्राम ग्रुप पर मौजूद कस्टमर केयर से संपर्क किया, तो बताया गया कि उन्हें 20 टास्क पूरे करने होंगे, तभी सारा पैसा वापस मिलेगा. लेकिन जब वे 17 टास्क तक पहुंचे, तब टास्क आना ही बंद हो गए. बार-बार शिकायत करने पर भी कोई मदद नहीं मिली. इस दौरान दंपति कुल 3 लाख 68 हजार 100 रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर चुके थे.
आखिरकार जब उन्हें ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने वेव सिटी थाने में जाकर रिपोर्ट दर्ज करवाई. पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 418(4) (अपराधिक विश्वासघात) और आईटी एक्ट की धारा 66डी (कम्प्यूटर संसाधनों का दुरुपयोग कर ठगी) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है.
बेंगलुरु के बांदीपल्या में रहने वाली हरिणी (बदला हुआ नाम) को एक व्हाट्सएप ग्रुप में एक मैसेज मिला. इस ग्रुप में देश भर के प्रशिक्षक शामिल थे जिसमें अक्सर नौकरी के अवसरों की जानकारी शेयर की जाती थी. एक दिन ग्रुप में मैसेज आया कि बेंगलुरु का आर्मी पब्लिक स्कूल (एपीएस) में अनुशासन और संचार कौशल के लिए एक प्रशिक्षक की तलाश में है. साथ ही एक एक फोन नंबर भी दिया गया था.
हरिणी ने उत्साह में उस नंबर पर कॉल किया. दूसरी ओर से एक व्यक्ति ने खुद को एपीएस का प्रशासनिक कर्मचारी बताया. उसने नौकरी की आवश्यकताओं को समझाया और हरिणी की फीस पर चर्चा की दो घंटे के काम के लिए प्रति घंटे 5,000 रुपये. उसने वादा किया कि स्कूल का प्रभारी जल्द ही उनसे संपर्क करेगा. हरिणी को यह अवसर सुनहरा लगा.
जल्द ही एक और नंबर से व्हाट्सएप वॉयस कॉल आया. कॉल करने वाले ने दावा किया कि वह एमजी रोड पर स्थित एपीएस कैंपस से बोल रहा है. उसने हरिणी की प्रोफाइल की तारीफ की और कहा कि स्कूल उनकी सेवाएं लेना चाहता है. लेकिन उसने एक ‘प्रोटोकॉल’ की बात की. चूंकि यह एक सैन्य संस्थान था हरिणी को वेंडर के रूप में पंजीकरण करना होगा. विश्वास में आकर हरिणी ने अपनी आधार नंबर शेयर कर दी. इसके बाद ठग ने अगला कदम बताया डिजिटल भुगतान पंजीकरण. उसने कहा कि हरिणी को अपना यूपीआई आईडी लिंक करना होगा और एक ओटीपी प्रक्रिया पूरी करनी होगी. हरिणी ने निर्देशों का पालन किया और ओटीपी के साथ अपना पिन डाला. कुछ ही सेकंड में उनके खाते से 26,000 रुपये निकाल लिए गए.
हरिणी ने जब विरोध किया तो ठग ने उन्हें कॉल पर बनाए रखा. अपनी बात को विश्वसनीय बनाने के लिए उसने एक नकली सैन्य आईडी भेजी और बार-बार देशभक्ति का सहारा लिया. ‘जय हिंद’, ‘जय इंडियन आर्मी’ इस बात से हरिणी को उस आदमी पर पूरा भरोसा हो गया. इसके बाद ठग ने एक वैकल्पिक फोन नंबर मांगा. हरिणी ने अपने पति दिनेश का नंबर दे दिया. लेकिन ठगों ने वही चाल दिनेश के साथ दोहराई. देशभक्ति की भावनाओं का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने दिनेश को भी उसी प्रक्रिया में फंसाया. इस बार चार लेनदेन में उनके खाते से लगभग 1.9 लाख रुपये निकाल लिए गए.
एक घंटे के भीतर दंपति ने 2.1 लाख रुपये से अधिक गंवा दिए. सदमे में डूबे दिनेश ने शुक्रवार को बांदीपल्या पुलिस में शिकायत दर्ज की. दंपति ने अपने बैंक और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन (1930) से भी संपर्क किया. पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत मामला दर्ज किया और ठगों के खातों को फ्रीज करने की कोशिश शुरू की.
माता-पिता अपनी कई संतानों को एक साथ रखकर उनका पालन-पोषण कर लेते हैं लेकिन कई बच्चे अपने माता पिता को नहीं रख पाते. शहर के चखली चौक में पांच कलयुगी बेटों ने अपने बुजुर्ग मां और 86 साल के पिता को झोपड़ी में रहने पर मजबूर कर दिया. उसके माता-पिता पिछले 15 सालों से झोपड़ी में गुजारा कर रहे थे. पिता का नाम हीरालाल साहू है और उन्होंने बताया कि खरीदी जमीन पर उनके पांच बेटे सुमरन लाल, हुकूम साहू, प्रमोद साहू, उमांशकर और कीर्तन साहू ने मिलकर एक मकान बना लिया है और विकलांग माँ और बुजुर्ग बाप को बेटों ने किया घर से बेदखल, इस केस के सात ही हीरालाल साहू ने ऐसा कदम उठाया जो हर माता-पिता और बच्चों के लिए सबक है.
विकलांग माँ और बुजुर्ग बाप को बेटों ने किया घर से बेदखल
86 साल के हीरालाल अपनी पत्नी के साथ पिछले 15 सालों से एक झोपड़ी में रह रहे हैं. उन्होंने कई बार अपने बेटों से मिन्नतें कीं कि वो उन्हें उस घर में रखें लेकिन बेटे नहीं माने. मानना तो दूर कोई भी बेटा बात करने को भी तैयार नहीं था और जैसे-तैसे हीरालाल ने हिम्मत जुटाकर अपने बेटों के खिलाफ चिखली थाने में अपने पांचों बेटों के साथ मामला दर्ज कराया है. चिखली पुलिस ने वरिष्ठ नागरिक सुरक्षा अधिनियम 2007 की धारा 24 के अंतर्गत पांचों बेटों पर मामला दर्ज कर लिया और कार्यवाही शुरु कर दी है. हीरालाल पहले शासकीय प्रेस के कर्मचारी थे और उन्होंने नौकरी के दौरान ही अपने नाम जमीन ये सोचकर खरीदा कि भविष्य में बेटों और पोतों के साथ जिंदगी फिर से बिताएंगे. मगर इसी जमीन पर बेटों ने उनकी असहमति से मकान बनवा लिया और परिवार के बुजुर्ग माता-पिता को घर से बाहर का रास्ता दिखा दिया. कार्यवाही होने के बाद अब हीरालाल अपने जमीन पर बने मकान में जीवन बिता पाएंगे जबकि पिछले 15 साल से बेटों की वजह से झोपड़ी में रह रहे थे.
पुलिस में शिकायत के बाद उनके चारों बेटों को गिरफ्तार कर लिया गया है. हीरालाल का एक बेटा भोपाल में रहता है जिसके चलते पुलिस नहीं पहुंच पाई लेकिन बाकी बेटों को गिरफ्तार किया गया और इन सबमें अहम बात ये है कि बेटों को अब जमानत भी मिल गई है. जमानत के बाद चारों बेटे ने अपने माता को घर ले जाने की बात में हामी भरी है.
हीरालाल ने किया था बाढ़ पीड़ित को दान
15 सालों से झोपड़ी में रहने वाले हीरालाल ने भी कई अच्छे काम किए हैं लेकिन उनका सबसे बड़ा परोपकार का काम तब हुआ जब उन्होंने केरल बाढ़ पीड़ितों को 70 हजार रुपये का दान किया था. जिला प्रशासन के माध्मय से उन्होंने अपने नौकरी के दौरान जुटाई रकम को बाढ़ पीड़ितो को दान दिया. माता-पिता इंसान की सबसे बड़ी प्रॉपर्टी होते हैं और उन्हें किसी भी हाल में खुश रखना चाहिए. इस खबर में आज के नौजवानों को कुछ सीखना चाहिए और इसके अलावा ऐसे बुजुर्गों से खुलकर सामने आने की अपील करते हुए उन दंपत्ति को ये नसीहत दी गई कि अगर आप भी अपने बच्चों के सताए हुए हैं तो उन्हें कानून के मुताबकि हक मिलेगा.
भारत में शादी करना बहुत जरूरी माना जाता है फिर आप चाहें नहीं चाहे, अगर शादी की उम्र हो गई है तो कुछ अपने आप शादी करना चाहते हैं तो कुछ की रिश्तेदार पकड़कर करवा देते हैं. यहां पर शादी एक जुआं माना जाता है क्योंकि हिंदू धर्म के हिसाब से एक बार शादी हो गई तो उसे निभाना ही पड़ता है लेकिन अगर शादी आप उस शादी मे खुश नहीं है तो भी समाज के डर से उसे सहना ही पड़ता है. कुछ ऐसा ही हाल हुआ मध्यप्रदेश के इंदौर में जब नर्क से भी बदतर बन गई नवविवाहिता की ज़िंदगी, उसके पति और सास ने उसके साथ ऐसा-ऐसा बर्ताव किया कि कोई कमजोर लड़की होती तो शायद सुसाइड कर लेती लेकिन उसने हिम्मत दिखाई और अपनी उस परेशानी का खुलकर सामना किया.
नर्क से भी बदतर बन गई नवविवाहिता की ज़िंदगी
ये घटना है इंदौर की जहां पर द्वारकापुरी में रहने वाली 25 साल की युवती खुशबू मिश्रा ने अपने पति सौरभ और सास रेणुका की दहेज प्रताड़ना को लेकर केस दर्ज कराया. शादी के 6 महीने के बाद से पति उसके साथ मारपीट करता था, सास ने दहेज की मांग को लेकर बहू को गर्म तवे से जलाया. टीआई आरएन भदौरिया ने बताया कि महिला की शादी को 6 महीने हुआ है कुछ दिनों तक सब ठीक चला लेकिन बाद में उसका पति उससे मारपीट करने लगा. पति का किसी और से अफेयर था जिसके चलते वो उससे कहता था कि तुम ना उसके जैसी सुंदर हो और ना ही पढ़ी-लिखी हो. महिला को ये सब करीब 5 महीनों से सहना पड़ रहा था. खुशबू ने बताया, ” शादी के सिर्फ 6 महीने ही हुए और इन महीनों में मैंने सारे नर्क देख लिये हैं. पति से ज्यादा हैवानियत सास ने दिखाई.”
खुशबू ने आगे बताया कि उसकी सास ने उसे गर्म तवे से जलाया और घर से ये कहते हुए निकाला कि ऊपर का मकान बनाने के लिए अपने पिता से डेढ़ लाख रुपये लेकर आन, तभी घर में घुसना नहीं तो वापस आने की जरूरत नहीं है. इस पर वह मायके चली गई और फिर वहां हिम्मत दिखाई और सीधे द्वारिकापुरी पुलिस स्टेशन पहुंच गई. अन्नपूर्णा पुलिस ने खुशबू के पिता राम तलरेजा निवासी सच्चिदानंद नगर की शिकायत पर उसके ससुराल पक्ष के राम, पूनम, कैलाश और रुपाली के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कर लिया है. ये सभी खुशबू को दहेज के लिए बारी-बारी प्रताडित करते थे.
बहुत हिम्मत दिखाई खुशबू ने
भारत में खासकर हिंदू धर्म में शादी को एक ऐसा महान दर्जा दे दिया गया है जिसमें एक बार शादी कर लो तो पति को परमेश्वर ही मान लो. फिर वो आपको गाली दे मारे या फिर कुछ भी करे वो पति है कर सकता है ऐसी अवधारणा दी जाती है. आज भी बहुत से घरों में लड़कियां अपने ससुराल वालों की प्रताड़ना सह रही हैं. मगर आज का जमाना बदल गया है और अगर आपकी शादीशुदा जिंदी में ऐसी कोई परेशानी आ रही है तो आपको अवेयर होना चाहिए और खुशबू जैसा कदम उठाना चाहिए जिससे दहेज के लोभी लोगों को सबक मिल सके.
कई बार सऊदी जाना सबके लिए बहुत अच्छा संकेत नहीं होता, क्योंकि वहां के शेख लोग महिलाओ को तो छोड़ो पुरुषों को भी नहीं छोड़ते हैं. वे भारतीय लोगों का किसी ना किसी रूप में शोषण करते ही रहते हैं. इस बात पर पुख्ता सबूत तब मिले जब एक भारतीय महिला वहां के शेख की कैद से भागकर आई. सऊदी से वापस आकर महिला ने खोली शेखों की पोल, वहां से बहुत मुश्किल से उसे छुड़ाया गया और अब वो वापस आकर सऊदी अरब में अपने साथ हुए अत्याचारों को पुलिस के सामने स्वीकार की.
आज का समय इतना तेज और आगे चला गया है कि किसी पर भी भरोसा करना बहुत ही मुश्किल हो गया है. ऐसा करके उस महिला ने भी बहुत बड़ी गलती कर दी थी जब उसने अपने परिवार की खुशी के लिए अपने आपको ऐसे नरक में भेज दिया. एक ऐसी महिला जिसका परिवार आर्थिक रूप से जूझ रहा था और उसके पति को सऊदी जाना था लेकिन सेहत सही ना होने की वजह से वो जा नहीं सका.
इसलिए उसकी महिला ने जाने की जिद की, फिर एक एजेंट के जरिए वो सऊदी अरब पहुंच गई. वहां वो एक शेख के घर गई जहां उसे कुछ दिन तो ठीक से रखा गया वो अपने काम से काम रखती थी लेकिन कुछ समय के बाद उसका हर तरह से शोषण होने लगा. उस महिला ने वापस आकर अपनी सारी स्थिति कुछ इस तरह बताई कि वहां उसे लोगों के जूठे बर्तन में जूठे खाने को दिया जाता था फिर शेख लोग उसके साथ दिन-रात शोषण करते थे और 24 घंटे में सिर्फ 3 घंटे ही सोने देते थे.
कई बार वो अगर सुबह उठ नहीं पाती थी तो वहां की मैडम उसे लात मारकर उठाती थीं और शेख के अलावा उसके बच्चे भी उस महिला के साथ गलत काम करने की कोशिश किया करते थे. उस महिला का हाल बहुत ज्यादा खराब सा हो गया था और सभी उसे एक जानवर की तरह ही रखते थे और कुछ समय पहले से उसे उसके परिवार में बात भी नहीं करने देते थे. वो दिन रात रोती बिलखती लेकिन कोई वहां ऐसा नहीं था जो उसकी फरियाद सुन सके.
उस महिला की स्थिति जानने के लिए उसका पति एजेंट के पास गया और बताया कि कुछ दिनों से उसकी पत्नी से बात नहीं हो पा रही है तो क्या वो बता सकता है कि उसकी पत्नी कैसी है. उस एजेंट ने बहुत बार बात को टाल दिया लेकिन जब बात बढ़ी तो उस आदमी ने पुलिस का सहारा लिया. फिर छानबीन में पता चला कि वो एजेंट महिलाओं को झांसा देकर अरब भेजता है और वहां के शेखों से खूब पैसा बनाता था. जैसे ही पुलिस को इस सारी घटना के बारे में पता चला तो पुलिस ने उन शेखों का नंबर पता किया और उन नंबर के आधार पर भारतीय दूतावास की मदद से उस महिला को आजाद कराया गया.