जानते हैं उन 5 हिंदू क्रिकेटर्स के बारे में, जो कि बांग्लादेश (Hindu Cricketers) के लिए खेलते हैं.
1. लिटन दास (Litton Das)
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए बांग्लादेश क्रिकेट की कप्तानी हिंदू क्रिकेटर लिटन दास को दी गई थी. लिटन एक बांगाली हिंदू क्रिकेटर (Hindu Cricketers) हैं, जो कि तीनों फॉर्मेट में बल्लेबाज और विकेटकीपर के रूप में खेलते हैं. लिटन दास अब तक बांग्लादेश के लिए 50 से ज्यादा टेस्ट, 90 से ज्यादा वनडे और 100 से ज्यादा टी-20 मुकाबले खेल चुके हैं. उन्होंने साल 2019 में हिंदू रीति-रिवाजों से संचिता से शादी रचाई थी.
2. सौम्या सरकार (Soumya Sarkar)
बांग्लादेश के सलामी बल्लेबाज सौम्य सरकार लिटन दास (Hindu Cricketers) की तरह बंगाली-हिंदू क्रिकेटर हैं, जो कि हर फॉर्मेट में अपना करिश्मा बिखेर चुके हैं. सौम्य सरकार ने अपने करियर में बांग्लादेश के लिए अहम पारियां खेली हैं. उन्होंने अब तक बांग्लादेश क्रिकेट के लिए 16 टेस्ट, 79 वनडे और 87 टी20i मुकाबले खेले हैं. वहीं, बांग्लादेशी क्रिकेटर सौम्य सरकार ने प्रियोन्ती देबनाथ पूजा (Priyontee Debnath Puja) से 27 फरवरी 2020 को शादी की थी.
3. आलोक कपाली (Alok Kapali)
आलोक कपाली एक बांग्लादेशी क्रिकेटर (Hindu Cricketers) हैं, जो कि एक बेस्ट ऑलराउंडर है. आलोक बांग्लादेश के लिए निचले क्रम में बल्लेबाजी और लेग स्पिन गेंदबाजी करते हैं. उनका जन्म एक हिंदू परिवार में हुआ था. बता दें कि आलोक कपाली ने एकमात्र शतक भारत के खिलाफ वनडे फॉर्मेट में जड़ा था. इसके बाद वह बागी क्रिकेट लीग ICL (इंडियन क्रिकेट लीग) के साथ जुड़ गए. जिसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने उनपर बैन भी लगाया.
4. तपश बैस्य (Tapash Baisya)
तपश बैश्य एक पूर्व बांग्लादेशी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं. जिन्होंने ने टेस्ट और वनडे में बांग्लादेश में प्रतिनिधित्व किया था. हालांकि, कभी भी उन्होंने खुलकर हिंदू धर्म को नहीं अपनाया. लेकिन उनकी पृष्ठभूमि को अक्सर हिंदू समुदाय से जोड़ा गया है. बता दें कि तपशय बैस्य 2000 दशक में अपनी टीम के प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज थे.
5. धिमन घोष (Dhiman Ghosh)
लिस्ट में पांचवा और आखिरी नंबर पर बांग्लादेश के क्रिकेटर धिमन घोष का नाम शामिल है. हालांकि, उनका करियर बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज बेहद छोटा रहा. गौरतलब है कि धिमन घोष ने 2008 में बांग्लादेश के लिए 14 वनडे और एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला. जिसमें उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था.
Indian Army: क्रिकेटर्स को भारत में भगवान माना जाता है. हर एक खिलाड़ी मैदान पर अपने देश को जीताने के लिए जी-जान लगा देता है. बेशक से बॉर्डर पर खड़े होकर लड़ाई नहीं लड़ते हैं. लेकिन दुश्मनों के खिलाफ भारत को विजयी बनानी में उनकी अहम भूमिका होती है. वहीं, कुछ इंडियन क्रिकेटर्स ऐसे भी हैं, जो कि भारती आर्मी (Indian Army) में अपनी सेवा दे रहे हैं. उन्होंने क्रिकेट के साथ देश की सेवा करने की भी ठानी है. चलिए तो आगे जानते हैं उन 5 क्रिकेटर्स (Indian Army) के बारे में जो कि भारतीय आर्मी में हैं……
Indian Army में हैं यह 5 खिलाड़ी
1.सचिन तेंदुलकर (ग्रुप कैप्टन)
लिस्ट में पहला नाम मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का है.सचिन तेंदुलकर भारतीय सेना (थल सेना) का नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) में हैं. सालों तक क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन दिखा चुके मास्टर ब्लास्टर को 2010 में वायुसेना में मानद ग्रुप कैप्टन (Honorary Group Captain) पर से सम्मानित किया गया था. बता दें कि वह पहले खिसाड़ी हैं, जिन्हें एयरफोर्स में सेवा करने का मौका मिला.
2.महेंद्र सिंह धोनी (लेफ्टिनेंट कर्नल)
लिस्ट में दूसरा नाम पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का है. वह भारतीय प्रादेशिक सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर तैनात हैं. उन्हें यह सम्मान साल 2011 में मिला था. इसके अलावा एमएस धोनी क्वालीफाइड पैराट्रूपर भी हैं. उन्होंने साल 2019 में जम्मू-कश्मीर में सेना के साथ वक्त बिताया था. धोनी ने पैराशूट रेजिमेंट (106 पैरा टीए बटालियन) की टेरिटोरियल आर्मी यूनिट के साथ ट्रेनिंग भी की थी.
3.कपिल देव (लेफ्टिनेट कर्नल)
लिस्ट में तीसरा और आखिरी नाम पूर्व इंडियन खिलाड़ी कपिल देव का शामिल हैं. वह भारत को विश्व कप जिताने वाले कप्तान के साथ भारतीय सेना में लेफ्टिनेट कर्नल के पद पर तैनात हैं. गौरतलब है कि साल 2008 में वह प्रादेशिक सेना में अपनी सेवा दे रहे थे. बाद में उनका प्रमोशन हुआ. जिसके बाद कपिल देव को कर्नल के पद से सम्मानित किया गया. इस तरह कपिल देव मानद अधिकारी के रूप में इंडियन आर्मी में शामिल होने वाले पहले क्रिकेटर रहे.
वेलेंटाइन डे वीक की शुरुआत हो चुकी है। जल्द ही 14 फरवरी को प्यार का यह पर्व मनाया जाएगा। ऐसे में आज हम आपको एक ऐसी लोव स्टोरी बताने जा रहे हैं जिसे पढ़ आपको बॉलीवुड की कोई फिल्म याद आ जाएगी। यह लव स्टोरी एक क्रिकेटर और वकील के बीच की है। जिन्हें जेल और कोर्ट के चक्कर लगाते हुए आपस में प्यार हो गया था।
हम यहां जिस क्रिकेटेर की बात कर रहे हैं वह एक जमाने में पाकिस्तान का सबसे शानदार गेंदबाज हुआ करता था। जी हाँ हम पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर (Mohammad Amir) की बात कर रहे हैं। मोहम्मद आमिर पाकिस्तान क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। वह इन दिनों PSL यानि Pakistan Super League खेलने को लेकर चर्चा का विषय बने हुए हैं।
मोहम्मद आमिर PSL के शुरुआती मैच खेलने के बाद चोटिल हो गए थे। ऐसे में वे कराची किंग्स की टीम के लिए बाकी मैचों में अभी तक नहीं खेल पाए हैं। मोहम्मद आमिर आए दिन किसी न किसी वजह से सुर्खियों का हिस्सा बने रहते हैं। वे अपनी निजी जिंदगी को लेकर खूब हेडलाइंस बटोरते हैं।
जेल में हुआ था प्यार
मोहम्मद आमिर ने साल 2016 में नर्जिस खातून से शादी रचाई थी। दोनों की पहली मुलाकात जेल में हुई थी। बात 2010 की है। तब मोहम्मद आमिर इंग्लैंड के दौरे के समय स्पॉट फिक्सिंग के दोषी पाए गए थे। इस जुर्म में उन्हें 6 महीने की जेल हुई थी। ऐसी मुसीबत की घड़ी में भी उन्हें नर्जिस खान से प्यार हो गया था।
दरअसल नर्जिस खातून तब पाकिस्तान मूल की इंग्लैंड में रहने वाली एक वकील थी। वह मोहम्मद आमिर का केस हैंडल कर रही थी। केस के सिलसिले में उनकी मोहम्मद आमिर से कई बार मुलाकात होती थी। इस दौरान दोनों को एक दूसरे से प्यार हो गया। मोहम्मद आमिर के लिए जेल में बिताए 6 महीने आसान नहीं थे, लेकिन इस दौरान नर्जिस खातून उनका हौंसला बढ़ाती रही।
सजा खत्म हुई तो किया निकाह
जेल में सजा खत्म होने के बाद मोहम्मद आमिर पाकिस्तान आए और नर्जिस खातून से निकाह कर लिया। हालांकि उनकी शादी की खबर मीडिया में बहुत दिनों बाद सामने आई। शादी के एक साल बाद यानि 2017 में नर्जिस खान ने पहली बेटी मिन्सा को जन्म दिया।
मोहम्मद आमिर अपनी बीवी नर्जिस खातून और बच्चों संग इंग्लैंड में रहते हैं। उन्होंने पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि वह शादी के बाद इंग्लैंड में रहना चाहते हैं। वे अपने बच्चों की पढ़ाई भी यहीं करवाना चाहते हैं। बताते चलें कि जब मोहम्मद आमिर पर बैन लगा था तब वह सिर्फ 18 साल के थे।
स्वामी विवेकानंद का नाम लेते ही हमारी आंखों के सामने एक महान और ओजस्वी आध्यात्मिक व्यक्तित्व की छवि आ जाती है। लेकिन शायद बहुत कम लोग जानते हों कि विवेकानंद क्रिकेट के शौकीन थे. और अपने शुरुआती जीवन में उन्होंने इस खेल में अपने हुनर भी दिखाए थे। वो कितने अच्छे गेंदबाज थे इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने एक कठिन मैच के दौरान समाने वाली टीम के आधे से ज्यादा खिलाड़ियों को पवैलियन भेज दिया था। स्वामी विवेकानंद के क्रिकेट से जुड़ी और बातें आपको आगे बताते हैं।
कोलकाता में दिखाया क्रिकेट का जौहर
1880 के दशक में स्वामी विवेकानंद क्रिकेट खेलते थे। तब वे नरेंद्रनाथ दत्त के नाम से जाने जाते थे। उस वक्त कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन मैदान पर खेलते हुए उन्होंने सात विकेट झटके थे। ये मुकाबला साल 1884 में कोलकाता क्रिकेट क्लब और टाउन क्लब के बीच में खेला गया था। स्वामी विवेकानंद यानि नरेंद्रनाथ दत्त उस वक्त टाउन क्लब की ओर से खेलते थे।
उन्होंने टाउन क्लब की ओर से शानदार गेंदबाजी करते हुए कोलकाता क्रिकेट क्लब के 7 बल्लेबाजों को पवैलियन का रास्ता दिखा दिया था। आपको बता दें कि उस वक्त अंग्रेजों का गढ़ माने जाने वाले कोलकाता में यह खेल काफी प्रचलित हो गया था।
ईडन गार्डन से जुड़ी किताबों में उल्लेख
कोलकाता के ईडन गार्डन मैदान से जुड़ी कुछ किताबों में भी स्वामी विवेकानंद के इस क्रिकेट मैच का ज़िक्र किया गया है। ईडन गार्डन को भारत में क्रिकेट का मक्का माना जाता है। अंग्रेज़ों के शासन के दौरान इसे ब्रिटेन के बाहर सबसे बड़ा क्रिकेट डेस्टिनेशन माना जाता था। ब्रिटिश राज के दौरान ही यहां पर कोलकाता क्रिकेट क्लब की शुरुआत हुई, जिसके जवाब में बंगाली समुदाय के लोगों ने वहां पर टाउन क्लब की शुरुआत की।
सत्यजीत रे के दादा(चाचा) ने टाउन क्लब बनाया
स्वामी विवेकानंद जिस टाउन क्लब की ओर से क्रिकेट खेलते थे उसकी शुरुआत शारदारंजन रे ने की थी, जो भारत के प्रसिद्ध फिल्म डायरेक्टर सत्यजीत रे के दादा (चाचा) थे। मौजूदा वक्त में भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा मोहम्मद शमी भी कोलकाता के टाउन क्लब से खेल चुके हैं।
हालांकि, नरेंद्रनाथ दत्त ने क्रिकेट फील्ड में अपना करियर नहीं बनाया। अपने गुरु स्वामी रामकृष्ण परमहंस की प्रेरणा से उन्होंने आध्यात्मिक जगत में प्रवेश लिया। नरेंद्र नाथ ने स्वामी विवेकानंद बनकर पूरी दुनिया में भारत की संस्कृति और ज्ञान का परचम लहराया और इतिहास में अमर हो गये।
गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक अजीब मामला सामने आया है। जिले के देवभोग थाना क्षेत्र के माडागांव में रहने वाले एक एक साधारण किसान के बेटे को गलती से भारतीय क्रिकेटर रजत पाटीदार का पुराना मोबाइल नंबर अलॉट हो गया। इसके बाद जो हुआ, वह किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। उस लड़के के पास विराट कोहली , यश दयाल और दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज एबी डिविलियर्स जैसे खिलाड़ियों को कॉल आने लगे।
ऐसे मिला क्रिकेटर का नंबर गांव के छोटे किसान गजेंद्र बीसी के 21 वर्षीय बेटे मनीष बीसी ने 28 जून को देवभोग के एक मोबाइल सेंटर से अपने लिए सिम कार्ड खरीदा। मोबाइल संचालक शिशुपाल ने सामान्य प्रक्रिया के तहत उसे एक नंबर अलॉट कर दिया। मनीष ने कुछ दिनों बाद इस नंबर पर व्हाट्सएप इंस्टॉल किया तो डीपी में उन्हें भारतीय क्रिकेटर रजत पाटीदार की तस्वीर दिखाई दी। पहले तो उसे लगा कि यह डिफाल्ट से लग गई होगी।
स्टार खिलाड़ियों के आने लगे फोन इसके दो दिन बाद इस नंबर पर अंजान कॉल्स आने लगीं। कॉल करने वाले खुद को विराट कोहली, यश दयाल और एबी डिविलियर्स बता रहे थे। क्रिकेट के शौकीन मनीष को लगा कि गांव के दोस्त उनके साथ मजाक कर रहे हैं। जब क्रिकेटरों के कॉल लड़के पर आते तो लड़के भी उनके साथ जमकर मजे लेता। लेकिन कॉल करने वाले बार-बार उसे रजत पाटीदार कहकर पुकारते रहे।
रजत पाटीदार ने फोन लगाकर मांगी सिम यह सिलसिला करीब 15 दिनों तक चलता रहा। उसके बाद एक दिन बाद खुद रजत पाटीदार ने मनीष को कॉल किया और सिम वापस करने का अनुरोध किया। पहले तो युवकों ने इसे भी मजाक समझा, लेकिन जब रजत पाटीदार ने कहा कि मैंने थाने में शिकायत की है सिम वापस कर दो नहीं पुलिस आ जाएगी। उसके बाद गांव में पुलिस पहुंच गई। युवक को पुलिस ने मामले की पूरी जानकारी दी जिसके बाद युवक ने पुलिस को सिम लौटा दी।
पुलिस ने बताया ऐसा क्यों हुआ देवभोग थाना प्रभारी फैजुल शाह होदा ने बताया कि किसी कारणवश रजत पाटीदार का यह नंबर 90 दिनों तक बंद था। जिसके बाद टेलीकॉम कंपनी की प्रक्रिया के अनुसार, लंबे समय तक निष्क्रिय रहने पर नंबर को दोबारा अलॉट किया जा सकता है। इस मामले में मध्य प्रदेश साइबर सेल ने मनीष के पिता से संपर्क कर सिम वापस करने का अनुरोध किया, जिस पर उन्होंने सहमति जताई।
युवक ने कहा मेरी तो लॉटरी लग गई गांव के किराना दुकान चलाने वाले 22 वर्षीय खेमराज और मानसिक रूप कमजोर मनीष ने कहा कि यह घटना हमें जिंदगी भर याद रहेगी। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए किसी लॉटरी से कम नहीं है। हमने अपने देश के क्रिकेटरों से बात कर ली। उन्होंने कहा कि हम विराट कोहली के फैन हैं। एक गलती की वजह से अपने क्रिकेट आइडल से सीधे बात करने का मौका मिला। दोनों युवकों का कहना है कि वे चाहते तो सिम अपने पास रख सकते थे, लेकिन खिलाड़ियों और पुलिस के अनुरोध पर उन्होंने सिम वापस कर दी।
युवाओं को रजत पाटीदार से उम्मीद दोनों युवाओं ने कहा कि उम्मीद है कि उनकी इस मदद के लिए रजत पाटीदार कभी न कभी उनसे व्यक्तिगत रूप से जरूर संपर्क करेंगे। अब यह घटना पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि पुलिस ने युवक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
आज के समय में हर दूसरा आदमी अच्छी लाइफस्टाइल चाहता है और इसके लिए उन्हें दिन-रात कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. जहां फिल्म सितारे फिल्मों के अलावा विज्ञापन में नाम कमाते हैं वहीं भारतीय क्रिकेट टीम के कुछ बेहतरीन क्रिकेटर भी इन्हीं राहों पर चल रहे हैं. इन क्रिकेटर्स ने अपना रंग सिर्फ क्रिकेट के मैदान तक ही नहीं जमाया बल्कि इन्होंने अपने शेड्युल से समय निकालकर विज्ञापन पर भी अपना ध्यान लगाते हैं. कुछ क्रिकेटर जिम, स्पोर्ट्स क्लब जैसे कामों में अपना बिजनेस जमाए हैं तो कोई विज्ञापन से ही अपनी आमदनी को बढ़ा रहे हैं. भारत टीम के कप्तान कोहली ने हाल ही में अपना वन8 लॉन्च किया है इस लॉन्चिंग के कुछ दिन पहले ही विराट ने प्यूमा के लिए स्नीकर्स डिजाइन भी किए थे. ऐसे में आपको सिर्फ इनका ही नहीं बल्कि क्रिकेट में ही नहीं बिजनेस में भी माहिर हैं ये 5 क्रिकेटर के बारे में भी बताएंगे.
क्रिकेट में ही नहीं बिजनेस में भी माहिर हैं ये 5 क्रिकेटर
विराट कोहली
अपने लुक और स्टाइल के लिए हमेशा सुर्खियों में रहने वाले भारतीय क्रिकेट के कप्तान विराट कोहली अपनी फिटनेस पर ज्यादा ध्यान देते हैं, इसलिए उन्हें भारत बेस्ट एथलीट माना गया है. इसी को ध्यान में रखकर विराट ने जिम और फिटनेस सेंटर की एक चेन चिलज लॉन्च की है, जिसे विराट कोहली ने फ्रेंचाइज इंडिया की मदद शुरु किया है और स्पोर्ट्स कॉन्वो एक लंदन पर आधारित स्टार्ट अप है जो विराट का दूसरा बिजनेस है. साल 2015 में विराट ITPL में यूएई रॉयल्स टीम के को-ऑनर बने और इसमें उन्होंने पैसा भी लगाया है. विराट ने मात्र 25 साल की की उम्र में ही आईएसएल टीम एफसी गोवा के भी को-ऑनर रह चुके हैं. इन्हें इससे साल में करोड़ो रुपये का मुनाफा होता है. कोहली अपने लुक और स्टाइल की वजह से भी बहुत पॉपुलर हैं. विराट कोहली को एक समय तक पंजाबी खाने का बहुत शौक रहा है और इसी के चलते उन्होंने दिल्ली के आरकेपुरम में ‘नुएवा’ नाम का एक रेस्टोरेंट भी खोला था.
महेंद्र सिंह धोनी
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी पॉपुलर बैट्समैन रहे हैं और इनकी कप्तानी को आज भी लोग याद करते हैं. धोनी अभिषेक बच्चन और विता दानी के साथ आईएल के फुटबॉल क्लब चेन्नइयन एफसी के को-ऑनर हैं. धोनी हॉकी इंडिया लीग के क्लब रांची रेंज में भी को-ऑनर हैं. इसके अलावा धोनी स्पोर्ट्स फिट वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी को भी लॉन्च कर चुके हैं. इस कंपनी की पूरे भारत में लगभग 200 से ज्यादा सेंटर्स खोलने की योजना बनाई जा रही है. इसके अलावा धोनी स्पोर्ट्सवियर ब्रांड सेवन के भी पार्टनर हैं.
सचिन तेंदुलकर
मास्टर ब्लास्टर सचिन ने भले ही क्रिकेट से रिटायरमेंट ली हो लेकिन क्रिकेट की दुनिया में उनका चेहरा बड़े चेहरों में से एक है. इसी वजह से कई ब्रांड्स और कंपनी ने उन्हें अपने साथ जोड़ा है इसके अलाव सचिन ने साल 2015 में ऑनलाइन ट्रेवेल एजेंसी मुसाफिर.कॉम में भी इनवेस्ट किया था. सचिन की स्पोर्ट्स सेमुलेशन कंपनी में भी पार्टनरशिपिंग है. सचन मुंबई में तेंदुलकर्स और बैंगलुरू में सचिन्स नाम के रेस्टोरेंट भी चलाते हैं.
युवराज सिंह
भारतीय क्रिकेट टीम के बेहतरीन बल्लेबाज युवराज सिंह भले ही इस समय टीम से बाहर हो लेकिन वो कई एनजीओ और अपने बिजनेस में बहुत बिजी रहते हैं. कैंसर की बीमारी से ठीक होने के बाद युवराज ने यूवीकैन नाम के एक संस्था की शुरुआत की थी. जहां कैंसर के प्रति जागरुकता फैलाने का काम किया जाता है. इसके अलावा युवराज ई-कॉमर्स स्टोर के भी हिस्सेदार हैं जो फिटनेस का सामान बनाती और बेचती है.
क्रिकेट के इतिहास में वैसे तो कई महान बल्लेबाज हुए। कई खिलाड़ी ऐसे भी रहे जिनका रिकॉर्ड कोई तोड़ ही नहीं सका। जिनके फैन्स भी बहुत थे लेकिन इनमें से कोई ‘गॉड ऑफ क्रिकेट’ या ‘क्रिकेट के भगवान’ का दर्जा नहीं मिल सका। ये दर्जा सिर्फ भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के पास ही है।
सचिन तेंदुलकर भारतीय टीम के वो खिलाड़ी हुआ करते थे, जिनके टीम में होने से ही दूसरे प्लेयर का हौसला बना रहता था। मुश्किल से मुश्किल दौर में भी वो टीम इंडिया को बाहर निकाल लाते थे। वैसे क्या आपको पता है कि एक बार भारतीय टीम के खिलाफ वो पाकिस्तान की ओर से मैदान में उतरे थे।
आज है सचिन का जन्मदिन
सचिन तेंदुलकर आज यानि 24 अप्रैल को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। वो पूरे 49 साल के हो गए हैं। 24 अप्रैल 1973 को मुंबई में जन्मे इस महान खिलाड़ी ने सिर्फ 16 साल में ही अपना क्रिकेट करियर शुरू कर दिया था। बचपन से ही उन्होंने दिखा दिया था कि वो आगे चलकर महान बल्लेबाज बनने वाले हैं।
सचिन ने शतकों का शतक लगाकर ऐसा रिकॉर्ड बनाया है जो आजतक कोई छू भी नहीं सका। उन्होंने 24 सालों तक 664 इंटरनेशनल मैच खेले और 34 हजार से ज्यादा रन बनाए। सचिन ने बल्ले से ही नहीं बल्कि गेंद से भी कमाल दिखाया था। उन्होंने कुल 201 विकेट लेकर अपनी गेंदबाजी का जलवा भी दिखाया।
एयरपोर्ट पर हुई थी अंजलि से पहली मुलाकात
सचिन तेंदुलकर और उनकी पत्नी की लव स्टोरी भी बेहद दिलचस्प है। दोनों की पहली मुलाकात साल 1990 में हुई थी। उस दौरान सचिन विदेशी दौरे से लौट रहे थे। वहीं अंजलि अपनी मम्मी को लेने के लिए एयरपोर्ट आई हुई थीं। यहीं पर पहली बार दोनों ने एक दूसरे को देखा। दोनों को पहली नजर में ही प्यार हो गया।
अंजलि पेशे से डॉक्टर थीं और मशहूर बिजनेसमैन अशोक मेहता उनके पिता थे। सचिन और अंजलि इसके बाद अपने दोस्त के घर मिले। दोनों में बातें हुईं और फिर 5 साल बाद दोनों ने शादी कर ली। अंजलि अपने पति से 6 साल बड़ी हैं। दोनों ने 5 साल डेट करने के बाद साल 1995 में शादी कर ली थी। दोनों के दो बच्चे सारा और अर्जुन हैं।
जानें क्यों पाकिस्तान की ओर से खेलने उतरे सचिन
ये बात 1987 की है। इसका जिक्र सचिन ने अपनी किताब ‘प्लेइंग इट माई वे’ में किया है। उन्होंने बताया कि उस समय वो इंटरनेशनल मैच नहीं खेले थे और बस 13 साल के थे। पाकिस्तान और भारत के बीच कई मैच होने थे। इससे पहले दोनों देशों में 40-40 ओवरों का प्रदर्शनी मैच खेला जाना था।
मैच के दौरान लंच में पाकिस्तान के अब्दुल कादिर और जावेद मियादाद बाहर चले गए थे। ऐसे में 13 साल के सचिन को पाकिस्तान की ओर से फील्डिंग के लिए मैदान में सब्स्टीट्यूट फील्डर बना दिया गया।
वो मैच में कपिल देव का कैच पकड़ने के लिए दौड़े भी थे लेकिन नहीं पकड़ पाए। इस मैच को भारत ने जीत लिया था। सचिन ने किताब में लिखा है कि उस समय के पाक कप्तान इमरान खान को तो ये बात याद भी नहीं होगी।
दुनिया में कैप्टन कूल के नाम से मशहूर महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट के मैदान पर चौके-छक्कों की बारिश करते हुए तो देखा ही होगा, लेकिन प्यार के पिच पर भी वे लंबी लंबी पारियां खेल चुके हैं। जी हां, महेंद्र सिंह धोनी ने न सिर्फ क्रिकेट के मैदान पर चौके-छक्के जड़ते नज़र आते हैं, बल्कि प्यार के मैदान पर भी अपना जलवा बिखेर चुके हैं। महेंद्र सिहं धोनी ने साक्षी से शादी करने से पहले कई लड़कियों से दिल लगाया, जिसकी वजह से उनका दिल कई बार टूटा भी है। तो चलिए जानते हैं कि साक्षी से पहले महेंद्र सिंह धोनी का नाम किन किन लड़कियों के साथ जुड़ा, जिनसे अफेयर ने खूब सुर्खियां बटोरी।
स्वाति
महेंद्र सिंह ने एक इवेंट में खुलासा किया था कि उनकी पहली क्रश का नाम स्वाति है, जिनसे उन्हें प्यार 12वीं कक्षा में ही हो गया था। उस समय स्वाति ने खूब अच्छी लगती थी, लेकिन किसी कारणों की वजह से दोनों के बीच प्यार पनप नहीं पाया और फिर दोनों के रास्ते जुदा हो गए। बता दें कि इस बारे में धोनी ने पिछले साल ही खुलासा किया था।
प्रियंका झा
महेंद्र सिंह धोनी की बायोपिक में प्रियंका झा नाम की एक लड़की का ज़िक्र किया गया, जिसका किरदार दिशा पाटनी ने निभाया है। प्रियंका झा के साथ धोनी काफी ज्यादा सीरियस थे, लेकिन ये प्यार भी मंजिल तक नहीं पहुंच पाया। दरअसल, प्रियंका झा की मौत एक एक्सीडेंट में हो गई थी, जिसके बाद धोनी काफी ज्यादा टूट गये थे।
दीपिका पादुकोण
दीपिका पादुकोण का नाम युवराज सिंह के बाद महेंद्र सिंह धोनी के साथ जुड़ने लगा था। महेंद्र सिंह धोनी और दीपिका पादुकोण को एक साथ कई जगह स्पॉट किया जाता था, जिसकी वजह से उन दिनों इन दोनों के अफेयर की खबरें आती थी। हालांकि, महेंद्र सिंह धोनी और दीपिका पादुकोण ने इस मामले पर हमेशा चुप्पी ही साधी रही, लेकिन जानकारों की माने तो दोनों ने एक दूसरे को थोड़े समय तक डेट किया था।
राय लक्ष्मी
महेंद्र सिंह धोनी का नाम राय लक्ष्मी के साथ भी जुड़ चुका है। बताया जाता है कि लक्ष्मी और धोनी एक दूसरे को साल 2008 के आईपीएल के दौरान डेट कर रहे थे, लेकिन दोनों ही इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोलते हैं। हालांकि, जब धोनी की बायोपिक रिलीज हुई थी, तब लक्ष्मी भड़क गई थी और उन्होंने कहा था कि वे और धोनी आगे निकल चुके हैं, लेकिन पता नहीं क्यों लोग उसी पर अटके हुए हैं। लक्ष्मी ने कहा कि धोनी टीम का हिस्सा थे, जिसकी वजह से हम साल भर से भी कम वक्त ही एक साथ बिता पाए थे।
असिन
बॉलीवुड की खूबसूरत अभिनेत्रियों में शुमार असिन का नाम भी धोनी से जुड़ा। साल 2010 में जब असिन और धोनी ने एक साथ विज्ञापन में काम किया, तो इनके अफेयर की चर्चा शुरु हो गई। माना जाता है कि आईपीएल 2010 के सेमीफाइनल में असिन और धोनी को एक साथ डिनर डेट पर देखा गया था, लेकिन दोनों ने कभी कुछ नहीं कहा।
भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी अक्सर अपने गेम और फिटनेस की वजह से चर्चाओं में रहते हैं। क्रिकेट जगत के यह खिलाड़ी खाने पीने के भी खूब शौकीन है। अपने खान- पान को लेकर भी यह खिलाड़ी खूब सुर्खियों बटोरते है।ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे भारतीय क्रिकेटर (Cricketer) के बारे में बताने जा रहे है, जो हिन्दू होने के बावजूद बीफ और सूअर के मांस का सेवन करते हैं। कई भारतीय क्रिकेटर्स के लिए तो यह भी दावा किया गया है कि वह शराब के नशे में चकनाचूर रहते है।
हिंदू होने के बावजूद बीफ और सूअर का मांस खाते है ये Cricketer
1. रोहित शर्मा
इस लिस्ट में सबसे पहला नाम भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा (Cricketer) का है। आपको बता दें, कई मीडिया रिपोर्ट्स में रोहित को लेकर दावा किया गया है कि वह बीफ और सूअर के मांस के शौकीन है। आपको बता दें, कोरोना के ठीक बाद भारतीय टीम बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई थी।
इस दौरान भारतीय टीम के खिलाड़ियों के खाने का एक बिल वायरल हुआ था, जिसमें दावा किया गया था कि हिटमैन ने बीफ और सूअर के मांस का सेवन किया था। जिसके बाद फैंस ने उन्हें जमकर ट्रोल किया था।
2. पृथ्वी शॉ
इस लिस्ट में दूसरा नाम टीम इंडिया के युवा सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ (Cricketer) का है। आपको बता दें, शॉ लंबे समय से अपनी खराब फिटनेस के चलते भारतीय टीम से बाहर चल रहे है। सोशल मीडिया पर शॉ की कई वीडियो और फोटोज वायरल हुई है, जिसमें वह नशे में चकनाचूर नजर आगे है।
इसके अलावा कई मीडिया रिपोर्ट्स में शॉ को लेकर दावा किया गया है कि उन्हें नशे की बुरी आदत है, और वह क्रिकेट मैदान से ज्यादा क्लबिंग और पार्टी करना ज्यादा पसंद करते है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो शॉ नॉन वेज खाने के काफी शौकीन है। उन्हें लेकर कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा जाता है कि वह हर रोज अपनी डाइट में किसी तरह का मांस शामिल करना पसंद करते है।
3.नवदीप सैनी
भारतीय टीम (Team India) के तेज गेंदबाज नवदीप सैनी (Navdeep Saini) इन दिनों चोट की वजह से बाहर चल रहे हैं। भारतीय टीम के लिए 11 t20 मुकाबला खेल चुके नवदीप सैनी भी बीफ खाने की वजह से चर्चाओं में आ चुके हैं। साल 2021 में जब वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ श्रृंखला खेलने पहुंचे थे। तब इस दौरान नवदीप सैनी का नाम इस मामले में सामने आया था। वह टीम के दूसरे साथी खिलाड़ियों के साथ बीफ खाने के लिए रेस्टोरेंट में पहुंचे थे।
4.शुभमन गिल
भारतीय टीम (Team India) के युवा बल्लेबाज शुभमन गिल (Shubhman Gill) भी उन खिलाड़ियों में से एक है जो बड़े ही चाव के साथ बीफ खाना पसंद करते हैं। शुभमन गिल को भी उन खिलाड़ियों के साथ में देखा गया था जो सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ श्रृंखला खेलने पहुंचे थे। यहीं पर उनके खाने की लिस्ट जब सामने आई थी तब उसमें बीफ भी शामिल था। लंबे समय तक लोगों ने शुभमन गिल को इसी वजह से खरी-खोटी सुनाई थी और यह कहा था कि उन्हें हिंदू होकर इन गलत चीजों को नहीं खाना चाहिए।
सचिन तेंदुलकर को कौन नहीं जानता है। क्रिकेट के भगवान कहें जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने 16 साल की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेला था। वह भी धुर-विरोधी टीम पाकिस्तान के खिलाफ। आज हम क्रिकेट के भगवान के उस करिश्में की बात नहीं करने वाले। जिसको बच्चा-बच्चा जानता है, बल्कि आज हम सचिन तेंदुलकर के जीवन से जुड़ी कुछ ऐसी चर्चा करने जा रहें। जिसे जानने की रुचि हर कोई रखता है। जी हां भले सचिन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सोलह वर्ष की उम्र में खेला, लेकिन उन्होंने अपने हाथ में क्रिकेट का बल्ला 11 वर्ष की उम्र में ही थाम लिया था। ऐसे में क्या सचिन ने कभी क्रिकेट से हटकर भी जीवन में कुछ सोचा? क्या कभी किसी से उनको मोहब्बत हुई। जो अमूमन हर टीनएजर करता है। उसी के बारे में हम आपको बताने जा रहें।
आप सभी को जानकर काफ़ी हैरानी होगी कि क्रिकेट के मैदान में बेहद कम उम्र में अनोखा रोमांच पैदा करने वाले सचिन तेंदुलकर की लव स्टोरी उससे भी कहीं ज़्यादा रोमांचित करने वाली है। सचिन को सिर्फ़ क्रिकेट का भगवान होने के नाते ही नहीं याद किया जाता, बल्कि वह अपनी लव स्टोरी के लिए भी जाने जाते हैं। उनकी प्रेम कहानी बेहद दिलचस्प है। 17 साल की उम्र से अंजलि के साथ उनके प्रेम संबंध रहे और 22 साल की उम्र में उन्होंने शादी भी कर ली। उनकी पत्नी अंजलि उनसे छह साल बड़ी हैं। ऐसे में आइए जानते हैं सचिन-अंजलि की अनोखी प्रेम कहानी के बारे में विस्तार से…
पहली नज़र में हुआ प्यार…
सचिन और अंजलि को पहली नजर में प्यार हो गया था। दोनों ने पहली बार एक-दूसरे को एयरपोर्ट पर देखा था। ये बात क़रीब 1990 की है। जब सचिन इंग्लैंड के दौरे से लौट रहे थे और अंजलि अपनी मां को रिसीव करने के लिए एयरपोर्ट गई हुई थी। इस दौरान एक-दूसरे की नजरें आपस मे टकराई। तो ऊपर वाले की ऐसी लीला हुई कि एक बार जो अंख लड़ी तो उसके बाद तो दोनों पति-पत्नी बन गए। बता दें उस दौरान अंजलि एक मेडिकल स्टूडेंट थी और सचिन के क्यूट लुक्स पर वह फिदा हो गई थी।
आप सभी को पता ही होगा कि सचिन ने अपनी एक ऑटोबायोग्राफी लिखी है,’प्लेइंग इट माय वे’ (Playing It My Way) है। जिसमें उन्होंने अपनी अनूठी प्रेम- कहानी से जुड़े किस्सों को गूथा है। वह अपनी क़िताब में लिखते है कि, ” जब अंजलि ने मुझे एयरपोर्ट पर देखा। तो वह सचिन-सचिन चिल्लाते हुए मेरे पीछे दौड़ पड़ी थी।” उस दौरान सचिन की उम्र महज 17 साल थी, जबकि अंजलि 23 साल की थी। अंजलि सचिन को लेकर इतनी दीवानी हो चुकी थी कि वो अपनी मां को रिसीव करना ही भूल गई। एक रिपोर्ट की मानें तो अंजलि ने खुद इसके बारे में बताया था कि, “जब मैं मां को लेने गई थी, तभी मैंने उन्हें यानी सचिन को देखा। मेरी दोस्त ने बताया कि वह भारतीय क्रिकेट टीम का अनोखा प्लेयर है। मैंने दोस्त से कहा अच्छा! वह काफी क्यूट है। इसके बाद मैं अपनी मां को भूलकर सचिन के पीछे दौड़ पड़ी।”
सचिन ने शर्म के मारे पीछे मुड़कर भी नहीं देखा…
अंजलि ने बताया था कि उस दौरान सचिन इतने शरमा गए थे कि उनके आवाज़ लगाने के बाद पीछे मुड़कर भी नहीं देखा। बाद में अंजलि ने सचिन का नंबर तलाश किया और उन्हें फोन लगा दिया। सचिन के कॉल रिसीव करते ही उन्होंने कहा था कि, “मैं अंजलि हूं और मैंने आपको एयरपोर्ट पर देखा है।” उन्होंने जवाब दिया कि मैंने भी तुम्हें देखा। जब मैंने पूछा कि मैं किस रंग के कपड़े में थी तो सचिन ने सही-सही बता दिया ऑरेन्ज टी-शर्ट। ऐसे में ये बात तो साबित होती है कि सचिन सिर्फ़ क्रिकेट के ही नगीने नहीं, बल्कि प्रेम के एक सच्चे जौहरी भी है।
जब सचिन से मिलने झूठी पत्रकार बनकर अंजलि पहुँची उनके घर…
अंजली ने एक इंटरव्यू में बताया था कि एक बार सचिन से मुलाकात करने के लिए वह खुद को पत्रकार बताकर उनके घर पहुंच गई थी। हालांकि सचिन की मांं को शक था कि वो पत्रकार नहीं है, क्योंकि सचिन ने कभी किसी महिला पत्रकार को इंटरव्यू नहीं दिया था, ना ही कोई पत्रकार उनके घर आया था।
जब अपने प्यार की ख़ातिर 46 एकड़ रास्ता अंधेरे में पार किया अंजलि ने…
सचिन की बायोग्राफी ‘प्लेइंग इट माई वे’ की लॉन्चिंग के अवसर पर भी अंजलि ने अपनी लव स्टोरी से जुड़ी कई बातें शेयर की थी। उन्होंने उस दौरान बताया था कि, “वह सचिन को लेटर लिखती थीं ताकि इंटरनेशनल कॉल के खर्च से बचा जा सके। उस समय दोनों ही एक-दूसरे को लेटर लिखकर अपनी फीलिंग शेयर करते थे।” इसी दौरान उन्होंने बताया था कि, “न्यूजीलैंड दौरे पर सचिन से मिलने के लिए किस तरह उन्होंने दुस्साहसिक काम करते हुए अंधेरे में 46 एकड़ लंबा रास्ता पार किया था। इसके बाद दोनों ने न्यूजीलैंड में ही सगाई का फैसला किया।
जब अंजलि के लिए सचिन ने लगाई नकली दाढ़ी…
सचिन भले अंजलि के प्यार में पड़े हुए थे, लेकिन उनका क्रिकेट का करियर उनके इस प्यार में रोड़े अटका रहा था। एक बार की बात है जब उन्हें फ़िल्म देखने के लिए नकली दाढ़ी लगानी पड़ी थी। एक मैग्जीन को दिए इंटरव्यू में अंजलि ने एक पुराने दिनों को याद करते हुए बताया था कि, अपने दोस्तों के साथ वे फिल्म ‘रोजा’ देखने जा रहे थे, लेकिन उन्हें डर था कि अगर लोग सचिन को पहचान गए तो फिर मुसीबत खड़ी हो जाएगी।
इसलिए सचिन ने नकली दाढ़ी और चश्मा लगाकर अपना हुलिया बदल लिया था। तब फिल्म देखने गए। इतना ही नहीं, उन्होंने फिल्म शुरू होने के कुछ देर बाद थिएटर में एंट्री की, ताकि लोगों का ध्यान उन पर न जाए, लेकिन इंटरवल के दौरान अचानक उनका चश्मा गिर पड़ा और लोगों ने उनको पहचान लिया और घेर लिया। जिसके बाद उन्हें फिल्म बीच में ही छोड़कर निकलना पड़ा।
सचिन और अंजलि की शादी…
तमाम किस्सों और कहानियों को समेटते हुए आख़िर एक दिन ऐसा भी आया। जब यह प्रेमी जोड़ा शादी के पवित्र बंधन में बंध गया। मशहूर उद्योगपति अशोक मेहता की बेटी अंजलि और क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने मुलाकात के पांच साल बाद 24 मई,1995 को शादी की थी। तब सचिन 22 साल के थे। वहीं अंजलि 28 की थीं।
वह सचिन से उम्र में छह साल बड़ी हैं। उम्र के फासले पर इस कपल ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा। सचिन ने एक इंटरव्यू में कहा था कि, “अंजलि से असल में मुझे यह सीखने को मिला है कि ईश्वर ने जो दिया है, उसके लिए उनका शुक्रिया अदा करना चाहिए।”
जब सचिन ने अंजलि को बताया त्याग की मूरत…
बता दें कि सचिन अंजलि से जितना अधिक प्यार करते है। उससे कहीं अधिक उनका सम्मान भी करते है। सचिन ने अंजलि के त्याग और बलिदान को हमेशा मान सम्मान दिया है। उन्होंने अंजलि को हमेशा अपना सबसे बड़ा सपोर्ट सिस्टम माना है और इसीलिए उन्होंने अंजलि पर ही परिवार के हर फैसले की जिम्मेदारी छोड़ दी। उन्होंने अपनी बायोग्राफी ‘प्लेइंग इट माई वे’ में यह माना कि, भारतीय क्रिकेट टीम का कप्तान होने के दौरान जो चुनौतियां उनके सामने आईं, उनसे निपटने में अंजलि ने ही काफ़ी मदद की। सचिन के मुताबिक, “मैंने अंजलि से कहा था कि मैं हार के इस दर्द को झेल नहीं पाऊंगा। तब अंजलि ने कहा था कि आने वाले समय में चीजें बेहतर होंगी।”
तो यह कहानी है क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर की प्रेम कहानी। आशा करते है जैसे सचिन की बैटिंग आपको ख़ूब पसन्द आती थी। वैसे ही उनकी यह प्रेम कहानी भी पसन्द आएगी। पसंद आएगी क्यों नहीं? आख़िर क्रिकेट के भगवान की कहानी है वह भी रोमांच से भरपूर।