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  • पर्सनल लोन नहीं चुकाया तो क्या जानाˈ पड़ेगा जेल? जान लो कानून और बचने के तरीकेˌ

    पर्सनल लोन नहीं चुकाया तो क्या जानाˈ पड़ेगा जेल? जान लो कानून और बचने के तरीकेˌ

    पर्सनल लोन नहीं चुकाया तो क्या जानाˈ पड़ेगा जेल? जान लो कानून और बचने के तरीकेˌ
    Personal Loan Default

    आजकल मोबाइल ऐप्स और वेबसाइटों से पर्सनल लोन लेना बहुत आसान और जल्दी हो गया है। लेकिन जब लोन चुकाने की बारी आती है, तो कई लोग पैसे की कमी या दूसरी वजहों से किस्तें नहीं दे पाते। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या पर्सनल लोन न चुकाने पर जेल भी हो सकती है?

    क्या पर्सनल लोन डिफॉल्ट करना अपराध है?

    भारतीय कानून के तहत, किसी भी पर्सनल लोन का डिफॉल्ट करना स्वतः आपराधिक मामला नहीं होता. इसे एक सिविल विवाद माना जाता है, न कि आपराधिक अपराध. इसका अर्थ यह है कि केवल EMI चुकाने में असफल रहने पर किसी को जेल नहीं भेजा जा सकता. हां, इससे आपकी क्रेडिट स्कोर (Credit Score) खराब हो सकता है और भविष्य में लोन लेना कठिन हो सकता है.

    बैंक की प्रक्रिया और कानूनी कार्रवाई

    बैंक और NBFC (Non-Banking Financial Company) आमतौर पर डिफॉल्ट होने पर सबसे पहले नोटिस भेजते हैं. इसके बाद यदि लोनधारक प्रतिक्रिया नहीं देता, तो वे सिविल कोर्ट में वसूली के लिए मामला दायर कर सकते हैं. कोर्ट आदेश के तहत आपकी संपत्ति की जब्ती, वेतन से कटौती, या बैंक खातों को फ्रीज़ करने की कार्यवाही की जा सकती है.

    किन मामलों में बनता है आपराधिक केस?

    हालांकि पर्सनल लोन डिफॉल्ट स्वयं में अपराध नहीं है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में यह आपराधिक मामला बन सकता है. उदाहरण के लिए:

    1. चेक बाउंस होना – यदि आपने बैंक को भुगतान के लिए चेक दिया और वह बाउंस हो गया, तो यह नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत आपराधिक अपराध माना जाता है. इसमें दोष सिद्ध होने पर दो साल तक की सजा हो सकती है.
    2. फर्जी दस्तावेज देना या धोखाधड़ी करना – यदि आपने जानबूझकर झूठे दस्तावेजों के आधार पर लोन लिया है या गलत जानकारी दी है, तो आप पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के अंतर्गत केस चल सकता है, जिसमें जेल की सजा का प्रावधान है.

    RBI के नियम और ग्राहक की सुरक्षा

    RBI (Reserve Bank of India) द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देश यह सुनिश्चित करते हैं कि बैंक या लोन देने वाली संस्थाएं कर्जदारों के साथ अनुचित व्यवहार न करें. उन्हें नोटिस भेजना आवश्यक है और पुनर्भुगतान के लिए बातचीत का अवसर देना होता है. इसके अतिरिक्त, पुनर्गठन (Restructuring) की सुविधा भी दी जा सकती है जिससे ग्राहक आसान किश्तों में लोन चुका सकें.

    डिजिटल लोन ऐप्स और बढ़ती चिंताएं

    हाल के वर्षों में कई अवैध Digital Loan Apps सामने आए हैं, जो ग्राहकों को भारी ब्याज दरों पर लोन देकर धमकियों और डराने-धमकाने की रणनीति अपनाते हैं. सरकार ने ऐसे ऐप्स के खिलाफ सख्त कानून बनाने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें सात साल तक की जेल और भारी जुर्माना शामिल है. यह कदम उपभोक्ताओं की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

    यदि आप डिफॉल्ट की स्थिति में हैं तो क्या करें?

    अगर आप किसी कारणवश Personal Loan का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं, तो सबसे पहले घबराएं नहीं. बैंक या NBFC से तुरंत संपर्क करें, अपनी स्थिति स्पष्ट करें और पुनर्भुगतान की सुविधा या पुनर्गठन का अनुरोध करें. अगर आप पारदर्शी और सहयोगी रहते हैं, तो बैंक भी समाधान खोजने के लिए इच्छुक रहते हैं. लेकिन जानबूझकर टालमटोल या गलत जानकारी देने से बचें, क्योंकि तब मामला कानूनी और आपराधिक रूप ले सकता है.

  • अगर डॉलर और रुपया हो जाएं बराबर,ˈ तो ये चीजें मिलेंगी इतनी सस्ती कि आप यकीन नहीं कर पाएंगेˌ

    अगर डॉलर और रुपया हो जाएं बराबर,ˈ तो ये चीजें मिलेंगी इतनी सस्ती कि आप यकीन नहीं कर पाएंगेˌ

    अगर डॉलर और रुपया हो जाएं बराबर,ˈ तो ये चीजें मिलेंगी इतनी सस्ती कि आप यकीन नहीं कर पाएंगेˌ

    अगर डॉलर और रुपया हो जाएं बराबर, यानी 1 डॉलर = 1 रुपया हो जाए, तो यह केवल एक विनिमय दर का परिवर्तन नहीं होगा, बल्कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था की तस्वीर को पूरी तरह बदल सकता है। वर्तमान में एक अमेरिकी डॉलर लगभग ₹83 के बराबर है, और यही वजह है कि भारत को किसी भी विदेशी वस्तु को आयात करने में अधिक खर्च आता है। लेकिन यदि दोनों मुद्राएं बराबर हो जाएं, तो विदेशी वस्तुएं और सेवाएं इतनी सस्ती हो जाएंगी कि आम उपभोक्ता भी अंतरराष्ट्रीय जीवनशैली का अनुभव ले सकेंगे।

    विदेशी वस्तुएं बन जाएंगी सस्ती और सुलभ

    डॉलर और रुपया बराबर होने से सबसे बड़ा फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा, क्योंकि लगभग हर विदेशी प्रोडक्ट भारत में सस्ता हो जाएगा। जैसे iPhone, जो अभी $999 यानी ₹83,000 तक का आता है, उसकी कीमत ₹999 हो सकती है। यही नहीं, ब्रांडेड कपड़े, विदेशी चॉकलेट्स, गाड़ियां, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे प्रोडक्ट आम भारतीयों की पहुंच में आ जाएंगे। पेट्रोल और डीज़ल, जिनकी कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के आधार पर तय होती हैं, वो भी बहुत सस्ते हो सकते हैं। इससे परिवहन, सामान की ढुलाई और उत्पादन की लागत भी कम हो जाएगी।

    विदेश यात्रा और उच्च शिक्षा का सपना होगा साकार

    डॉलर और रुपया बराबर हो जाने पर विदेश जाना, पढ़ाई करना या मेडिकल ट्रीटमेंट कराना बेहद किफायती हो जाएगा। आज भारतीय स्टूडेंट्स अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में पढ़ाई करने के लिए लाखों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन विनिमय दर समान होने पर वही खर्च कुछ हजार में सीमित रह जाएगा। टूरिज्म सेक्टर में भी भारी उछाल देखा जा सकता है क्योंकि आम भारतीय नागरिक अब आराम से यूरोप या अमेरिका जैसे देशों की यात्रा कर सकेंगे।

    निर्यात, निवेश और रोजगार पर पड़ेगा असर

    हालांकि इस स्थिति के कुछ गंभीर नुकसान भी हैं। जब डॉलर और रुपया बराबर होंगे, तो भारतीय उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगे हो जाएंगे। इसका सीधा असर निर्यात पर पड़ेगा, जिससे भारत का विदेशी व्यापार घाटा बढ़ सकता है। भारत एक निर्यात प्रधान देश है, और ऐसी स्थिति में निर्यात घटने से उत्पादन कम होगा, जिससे फैक्ट्रियों और उद्योगों में नौकरियां प्रभावित होंगी। साथ ही, विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार महंगा लगने लगेगा, जिससे इन्वेस्टमेंट फ्लो भी धीमा हो सकता है।

    आईटी और आउटसोर्सिंग सेक्टर पर संकट

    आईटी-IT और बीपीओ-BPO इंडस्ट्री भारत की बड़ी ताकत हैं, लेकिन डॉलर और रुपया बराबर होने पर इनका लाभ भी घट सकता है। आज इन कंपनियों को डॉलर में पेमेंट मिलता है, जिससे वे मुनाफा कमाते हैं। अगर एक डॉलर की वैल्यू ₹1 हो गई, तो उनका मुनाफा 80% तक गिर सकता है। इससे हजारों युवाओं की नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं, और भारत की सेवाएं सस्ती होने का लाभ जो अब तक दुनिया उठा रही थी, वो खत्म हो सकता है।

  • सस्ता लोन लेने के लिए अपनाएं येˈ टिप्स झटपट होगा पास, क्लिक करके जाने पूरी खबरˌ

    सस्ता लोन लेने के लिए अपनाएं येˈ टिप्स झटपट होगा पास, क्लिक करके जाने पूरी खबरˌ

    सस्ता लोन लेने के लिए अपनाएं येˈ टिप्स झटपट होगा पास, क्लिक करके जाने पूरी खबरˌ

    किसी इमरजेंसी में या फिर कोई महंगा सामान लेने में अचानक पैसे की जरूरत पड़ जाए तो व्यक्ति लोन का ही सहारा लेता है। ऐसी स्थिती में पर्सनल लोन (Personal Loan)  बहुत काम का साबित हो सकता है, लेकिन इसमें इंटरेस्ट (Interest Rate)  रेट ज्यादा होते हैं ।  अगर आपको कम ब्याज दर पर लोन चाहिए तो ये खबर आपके लिए ही है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से कुछ ऐसे टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे आप बेहद सस्ती दर पर पर्सनल लोन पा सकेंगे। 

    क्रेडिट स्कोर को रखें मेंटेन-

    जब भी आप कभी सस्ती दर पर लोन के लिए अप्लाई कर रहे हैं तो सबसे ज्यादा जरूरी ये है कि आप अच्छा क्रेडिट स्कोर मेंटेन करें। अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा होता है तो आपको उतनी ही बेहतर दर पर लोन (tips to get personal loan) मिल सकता है। इसके लिए आपको दिक्कतों का सामना भी नहीं करना पड़ता । एक अच्छे क्रेडिट स्कोर का अर्थ है कि आप अपने बिल को समय से चुकता कर रहे हैं और कोई डिफॉल्ट नहीं करते हैं। ऐसे में बैंकों को ये आश्चासन मिल जाता है कि आप उनके पैसे समय पर चुका देंगे।

    लोन लेने से पहले कई बैंकों की करें तुलना-

    अगर आपको अपनी जरूरतों के लिए छोटा-मोटा लोन चाहिए तो आप बिना तुलना किए भी ऐसा लोन ले सकते हैं, क्योंकि उसमें काफी समय लगता है। वहीं, अगर आप बड़े लोन (Sasta Loan kaise milega)के लिए अप्लाई कर रहे हैं तो इसके लिए आपको पहले कुछ बैंकों की तुलना कर लेनी चाहिए। तुलना करते वक्त आपको ब्याज दरों के साथ दूसरे हिडन चार्ज भी देखने चाहिए। ध्यान रखें कि बैंक कितनी प्रोसेसिंग फीस ले रहा है, यानी की ध्यान रखें की ब्याज दर फिक्स है या रिड्यूसिंग बैंलेंस पर है या कोई दूसरा चार्ज तो नहीं लग रहा है। 

    नेगोशिएशन कर मिल सकता बेहतर दर पर लोन –

    लोन लेते समय में आपको कुछ बातों में जरूर गौर (personal loan lete samay kin bato ka dhyan rkhna chiye)करना चाहिए। गौर करें कि आप तमाम बैंकों से लोन की तुलना कर रहे हों, तो उस समय में ब्याज दर को लेकर बैंकों से नेगोशिएट कर सकते हैं। जब आप लोन के लिए बैंक से मोलभाव कर रहे हैं तो उस समय में बिल्कुल ना हिचकें। ऐसा हो सकता है कि नेगोशिएट(Negotiation se mil skt hai km byaj daro pr loan) कर के आपको एक बेहतर दर पर लोन मिल जाए।

    सही टाइप के लोन का करें चुनाव-

    अगर आप पर्सनल लोन के लिए अप्लाई कर रहे हैं तो इस बात पर ध्यान दें कि आप सही टाइप का लोन ही लें। आपको बता दें कि सिक्योर्ड लोन के तहत ब्याज दरें अनसिक्योर्ड से कम रहती हैं। यानी की पोसिबलिटी हो तो आप सिक्योर्ड लोन ही लें, ताकि आपके लोन पर ब्याज दरें (lowest interest rate personal loan) कम लग सकें। सिक्योर्ड लोन को आप आसानी से ले सकते हैं। ये लोन आप अपनी एफडी पर, म्यूचुअल फंड पर या किसी दूसरे निवेश के तहत ले सकते हैं।

    लोन की अवधि का खास रखें ध्यान-

    आप जब भी लोन लेते हैं तो आपने गौर किया होगा कि अधिक दिन के लिए ईएमआई बनवाने पर आपको बैंक की ओर से कम ब्याज ऑफर की जाती है तो इसका ये अर्थ बिल्कुल नहीं है कि आप कम ब्याज चुका रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि आप कई दिनों तक ब्याज का भुगतान करते हैं, ना कि कम ब्याज (personal loan ke time period ka rkhe dhyan) चुकाते हैं। ऐसी स्थिती में आप  कोशिश करें की आपके लोन की अवधि आपकी अफॉर्डेबिलिटी के हिसाब से कम ही रहे, ताकि आप आसानी से लोन का भुगतान कर सकें और आपकी जेब पर कोई भार ना पड़े।

  • OYO Rooms: 30 रुपए जेब में पड़ेˈ थे, फिर बंदे ने महज 8 साल में खड़ी कर दी 75 हजार करोड़ की कंपनीˌ

    OYO Rooms: 30 रुपए जेब में पड़ेˈ थे, फिर बंदे ने महज 8 साल में खड़ी कर दी 75 हजार करोड़ की कंपनीˌ

    OYO Rooms: 30 रुपए जेब में पड़ेˈ थे, फिर बंदे ने महज 8 साल में खड़ी कर दी 75 हजार करोड़ की कंपनीˌ

    ‘OYO रूम्स’ कपल्स के बीच काफी फेमस है। 2013 में शुरू हुई इस कंपनी ने महज 8 साल में 75 हजार करोड़ का बिजनेस खड़ा कर लिया है। इसके संस्थापक रितेश अग्रवाल हैं। एक जमाना था जब रितेश की जेब में सिर्फ 30 रुपए थे। उनका पहला स्टार्टअप ओरावेल स्टेज बुरी तरह फैल हो गया था। वहीं आगे उन्हें अपने करियर का कोई अंदाजा नहीं था। लेकिन फिर भी उन्होंने ‘OYO रूम्स’ जैसी बड़ी कंपनी खड़ी कर दी। तो आखिर ये ‘OYO रूम्स’ इतना बड़ा ब्रांड कैसे बना? आइए जानते हैं।

    ओडिशा के रायगढ़ जिले के भीषमकटक में पैदा हुए रितेश अग्रवाल जब स्कूल में थे तभी से उन्होंने एंटरप्रेन्योर बनने की ठान ली थी। घरवालों की जिद पर वे IIT एंट्रेंस की तैयारी के लिए कोटा चले गए। लेकिन यहाँ उनका पढ़ाई में मन नहीं लगा। ऐसे में उन्होंने सफर करना शुरू कर दिया। इस दौरान वे कई होटलों में जाते और उनसे कहते कि ‘मैं होटल इंडस्ट्री की एक बड़ी प्रॉब्लम सॉल्व करना चाहता हूं। कृपया मुझे अपने यहां रुकने दें।’ उनकी इस रिक्वेस्ट पर कोई उन्हें डिस्काउंट दे देता तो कोई दुत्कार कर भगा देता।

    अपने इस सफर में उन्होंने लगभग 100 जगहों के 200 होटल्स में स्टे किया। इस दौरान उन्होंने होटल इंडस्ट्री की सबसे बड़ी प्रॉब्लम पकड़ ली। फिर अपने आइडिया पर काम करते हुए उन्होंने 2012 में ओरावेल स्टेज नाम का स्टार्टअप शुरू किया। वे सस्ते होटलों में जाते और वहाँ के कमरे का लुक एंड फील अच्छा बना देते। इसके साथ ही वे उन होटलों के लिए ग्राहक भी सर्च करते। हालांकि तब ये काम कुछ खास नहीं चला और उन्हें भारी नुकसान हुआ। अब उनकी जेब में सिर्फ 30 रुपए बचे थे। वे दिल्ली की मोठ मार्केट में बैठे भविष्य के बारे में चिंतन कर रहे थे।

    फिर 2013 में रितेश को थिएल फेलोशिप के लिए चुना गया। दो साल के इस प्रोग्राम में फेलो को 1 लाख डॉलर मतलब लगभग 75 लाख रुपए मिलने थे। ये वही साल था जब रितेश ने OYO रूम्स स्टार्ट किया था। OYO रूम्स ने सस्ते होटल्स को अपने साथ जोड़ा। वे उनकी ब्रांडिंग, मार्केटिंग, टेक्नोलॉजी सपोर्ट, कस्टमर मैनेजमेंट और उसके लुक एंड फील जैसी चीजों को बेहतर बनाते थे। इसका नतीजा ये हुआ कि होटल वालों का व्यापार 2 गुना बढ़ गया। जल्द ही ये कॉन्सेप्ट पॉपुलर हुआ और OYO रूम्स को और भी फंडिंग मिलने लगी।

    OYO ने लोकेशन, क्वालिटी और प्राइस पर फोकस करने की रणनीति अपनाई। उन्होंने ने होटल्स न बनाते हुए पहले से मौजूद होटलों के साथ पार्टनरशिप की। वे होटल सर्च, आसान बुकिंग, बिना रुकावट के चेक-इन और चेक-आउट और कस्टमर सेटिस्फैक्शन जैसी चीजों पर ध्यान देने लगे। इस एग्रीगेटर बिजनेस मॉडल में टेक्नोलॉजी ने कस्टमर और पार्टनर दोनों का काम आसान कर दिया। अब सिर्फ तीन क्लिक और पांच सेकेंड में कमरा बुक हो जाता था। ओयो ने मौजूदा स्टाफ पर ही भारी पैसा खर्च कर उन्हें स्टाफ ट्रेनिंग भी दी।

    Ritesh Agarwal

    OYO जरूरत के मुताबिक अपनी रणनीति बनाता जाता था। जैसे भारत में कपल्स को रूम मिलने में बहुत परेशानी होती है, ऐसे में OYO ने कपल्स फ्रेंडली होटल के रूप में खुद को प्रमोट किया। वर्तमान में OYO Rooms 80 देशों के 800 शहरों में अपना बिजनेस चल रहा है। इस स्टार्टअप ने रितेश अग्रवाल को दुनिया का दूसरा सबसे युवा सेल्फ मेड बिलेनियर बना दिया।

    इन दिनों OYO Rooms IPO की वजह से चर्चा में है। वह अगले सप्ताह तक IPO लॉन्च के लिए आवेदन कर सकता है। खबरों की माने तो कंपनी 2021 के अंत तक लगभग 8 हजार करोड़ रुपए के IPO जारी कर सकती है। वर्तमान में इंडिया में OYO रूम्स के 68 फीसदी मार्केट शेयर्स हैं। वहीं हुरुन रिच लिस्ट 2020 के अनुसार OYO रूम्स के फाउंडर रितेश अग्रवाल की नेटवर्थ लगभग 7 हजार करोड़ रुपए है। भविष्य में OYO Rooms ओयो टाउनहॉल, ओयो वेडिंग्स, ओयो वर्कस्पेस जैसे हॉस्पिटैलिटी से जुड़े बिजनेस में भी अपने पैर पसारेगा।

  • आज से ही लहसुन के छिलके एकत्रˈ करना शुरू कर दें, घर बैठे बनाये ये आयुर्वेदिक दवां और कमाएं लाखोंˌ

    आज से ही लहसुन के छिलके एकत्रˈ करना शुरू कर दें, घर बैठे बनाये ये आयुर्वेदिक दवां और कमाएं लाखोंˌ

    आज से ही लहसुन के छिलके एकत्रˈ करना शुरू कर दें, घर बैठे बनाये ये आयुर्वेदिक दवां और कमाएं लाखोंˌ

    देश को कोरोना का प्रकोप देखते-देखते और उससे लड़ते-लड़ते एक साल से ज्यादा का समय बीत चुका है. इस दौरान कई लोगों ने अपने करीबियों को खो दिया है. कई लोगों के कामकाज बंद पड़ गए है. इस बार तो क्या आम आदमी और क्या सेलिब्रिटी सभी ने कोरोना के प्रकोप का सामना किया है. हालांकि कोरोना का असर उन लोगों पर बहुत अधिक देखा गया है जिनकी इम्युनिटी कमजोर है. ऐसे में पिछले एक साल से लोगों ने अपनी इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किया है.

    लोगों ने जहां एक तरफ व्यायाम शुरू किया तो वहीं दूसरी तरफ उन्होंने अपने खान-पान को ही पूरी तरह से बदल डाला. हमारे घरों में भी कई ऐसी चीज़े है जो हमारी इम्युनिटी को बढ़ाने का काम करती है. इसमें सबसे महत्वपूर्ण है घर में पाया जाने वाला लहसुन. इसके अलावा भी आपने सेहत सम्बन्धी (Health related) कई परेशानियों को दूर करने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया होगा. लहसुन एक सब्जी होने के साथ साथ एक औषधी का काम भी करता है. लेकिन क्या आपको पता है लहसुन के छिलकों (Garlic Peels) को भी कई काम में इस्तेमाल किया जाता है.

    अब आप सोच रहे होंगे कि इसके छिलके आखिर किस काम आते होंगे. आपको बता दें कि लहसुन की तरह ही उसके छिलके में भी एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-फंगल गुण मौजूद रहते है. साथ ही लहसुन की तरह ही इसके छिलके भी सेहत और सौंदर्य (Health and beauty) को संवारने में काफी अहम् किरदार निभाते है. आज हम आपको इस आर्टिकल में लहसुन के छिलके के बारे में ही बताने वाले है.

    पैरों की सूजन में काम आता है

    अगर आपके पैर सूज गए है तो पैरों की सूजन कम करने के लिए आप सबसे पहले लहसुन के छिलकों को पानी में उबाल लें. इसके बाद पानी गुनगुना रह जाने पर इस पानी में अपने पैरों को डुबाकर कुछ देर बैठे रहे.

    सर्दी-ज़ुकाम से भी राहत देते है छिलके

    सर्दी-ज़ुकाम से राहत पाने के लिए भी सबसे पहले आप लहसुन के छिलकों को पानी में डालकर अच्छे से उबाल ले. इस पानी को धीरे-धीरे पीते रहे. इस पानी का सेवन करने से सर्दी-ज़ुकाम में भी जल्द ही राहत मिलती है. इसके साथ ही अगर आपको अपनी स्किन पर खुजली आ रही है तो उस समय भी आप इन छिलको का इस्तेमाल कर सकते है. इसके लिए लहसुन के छिलकों को उबालने के बाद उस पानी को जहां खुजली हो रही है उस जगह पर लगा लें.

    सर की जूं को भी दूर करता है ये

    लहसुन के छिलकों को सर में हो रही जूं से राहत पाने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके लिए छिलकों को थोड़े से पानी में डाल कर पीस लें और एक अच्छा पेस्ट बना लें. इसमें कुछ बूंदें नींबू के रस की मिलाकर बालों की जड़ों पर मसाज करें. इसके साथ ही ये बालों की कई समस्याओं को भी दूर करता है. बालों की ड्राइनेस, रूसी जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए लहसुन के छिलकों को पानी में डालकर उबाल लें. बाद में इसके ठंडा हो जाने पर इससे हेयर वाश करें.

  • गाय के गोबर से हर साल 60ˈ लाख रु कमा रहा किसान का बेटा नौकरी छोड़कर शुरू किया अनोखा बिजनेसˌ

    गाय के गोबर से हर साल 60ˈ लाख रु कमा रहा किसान का बेटा नौकरी छोड़कर शुरू किया अनोखा बिजनेसˌ

    गाय के गोबर से हर साल 60ˈ लाख रु कमा रहा किसान का बेटा नौकरी छोड़कर शुरू किया अनोखा बिजनेसˌ

    हिंदू धर्म में गाय को पशु न मानकर माता के रुप में देखा जाता है. हिंदू धर्म में गौ माता का काफी महत्व है. न केवल गौ माता पूजनीय है बल्कि गायक का मूत्र और गोबर भी उपयोगी बताया गया है. कई लोग गाय के गोबर का व्यापार व्यवसाय करके अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं. गाय के गोबर से सालभर में 50 से 60 लाख रूपये की कमाई कर रहे है हरियाणा के डॉक्टर शिव दर्शन मलिक.

    शिव दर्शन मलिक ने ऐसी पहल की है जिससे कि लोग गाय के गोबर की मदद से इको फ्रेंडली घर बना रहे हैं. वे गोबर से सीमेंट, पेंट और ईंट बना रहे हैं और लोगों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं. इतना ही नहीं गाय के गोबर से इन चीजों को बनाने के लिए मलिक 100 से ज्यादा लोगों को ट्रेनिंग भी दे चुके हैं.

    शिव दर्शन एक किसान परिवार से संबंधित है. वे किसान के बेटे हैं. वे यह काम करने से पहले एक कॉलेज में पढ़ाते थे लेकिन कुछ सालों पहले शिक्षक की नौकरी छोड़ दी और बीते करीब पांच से छह साल से गाय के गोबर से सीमेंट, पेंट, ईंट आदि का निर्माण कर रहे हैं. इस काम से वे हर साल 50 से 60 लाख रूपये की कमाई कर लेते हैं. उन्होंने बीकानेर में ट्रेनिंग सेंटर खोला है जहां वे गोबर से इन चीजों को बनाना सिखाते है और प्रशिक्षण फीस के रुप में 21 हजार रु लेते है.

    इको फ्रेंडली घर बनाने और पर्यावरण को शुध्द बनाए रखने की प्रेरणा उन्हें विदेश से मिली थी. दरअसल सालों पहले काम के सिलसिले में उनका अमेरिका और इंग्लैंड जाना हुआ था जहां उन्होंने देखा कि विदेश में भी लोग इको फ्रेंडली घर बना रहे हैं. भारत आने के बाद वे भी इसे अमल में ले आए.

    shiv darshan malik

    गोबर से बने घरों की सबसे ख़ास बात यह होती है कि इनमें गर्मी में ज्यादा गर्मी नहीं लगती है और न ही ठंड में ज्यादा ठंड महसूस होती है. सबसे पहले शिव दर्शन ने इसका उपयोग खुद शुरू किया. धीरे-धीरे यह आस-पास के लोगों के बीच भी लोकप्रिय होते गया. पहले गोबर से सीमेंट बनाई फिर गोबर से पेंट और ईंट भी बनाने लगे.

    कई राज्यों में भेज रहे माल…

    shiv darshan malik

    हरियाणा में तो उनका व्यापार व्यवसाय काफी लोगों के बीच पहुंच चुका है. वहीं वे अपने राज्य हरियाणा से बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में भी अपना माल भेज रहे हैं. हर साल वे करीब 60 लाख रूपये की कमाई 5 हजार टन सीमेंट की मार्केटिंग करने के अलावा पेंट और ईंट की बिक्री से भी कर लेते हैं.

    इस तरह बनाते है इको फ़्रेंडली सीमेंट…

    शिव दर्शन ने गाय के गोबर से इको फ्रेंडली सीमेंट बनाने का फॉर्मूला भी बताया है. उन्होंने कहा है कि गाय के गोबर में जिप्सम, ग्वारगम, चिकनी मिट्टी और नींबू पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है. इसे ‘वैदिक प्लास्टर’ नाम दिया गया है.

  • केवल 80 रुपए से बनाया 800 करोड़ˈ का कारोबार जानिए कैसे हुआ यह करिश्माˌ

    केवल 80 रुपए से बनाया 800 करोड़ˈ का कारोबार जानिए कैसे हुआ यह करिश्माˌ

    केवल 80 रुपए से बनाया 800 करोड़ˈ का कारोबार जानिए कैसे हुआ यह करिश्माˌ

    अगर आपका जन्म 90 के दशक में हुआ होगा तो आपको याद होगा कि उस समय किसी-किसी के पास ही टीवी हुआ करती थी। अगर किसी के घर पर टीवी थी भी तो वो ब्लैक एंड वाइट टीवी हुआ करती थी। टीवी पर आने वाली फ़िल्म और धारावाहिकों के बीच में आने वाले विज्ञापनों में एक ऐसा विज्ञापन भी था जो काफ़ी चर्चित था। “कर्रम कुर्रम-कुर्रम कर्रम” के जिंगल के साथ लिज्जत पापड़ का एड आता था। लिज्जत पापड़ के बारे में किसी को बताने की ज़रूरत नहीं है। यह एक ऐसा पापड़ है जिसके बारे में देश का हर व्यक्ति जानता है।

    जिस समय देश आर्थिक उदारीकरण के आग़ोश में था, उस समय देश की जनता लिज्जत पापड़ का स्वाद चख रही थी। इसका स्वाद हर घर तक पहुँच रहा था। देखते ही देखते यह बेजान सा पापड़ एक बड़ा ब्राण्ड बन गया। आपकी जानकारी के लिए बता दें गुज़राती में लिज्जत का मतलब होता है स्वाद। लिज्जत पापड़ ब्राण्ड के एक नया कीर्तिमान हासिल किया है। आज हम आपको बताएँगे कि किस तरह से 80 रुपए का लोन लेकर शुरू किया गया यह बिज़नेस आज 800 करोड़ तक पहुँच गया है।

    मेहनत और हुनर से चल पड़ी कम्पनी:

    इसकी शुरुआत होती है 1950 से, जब गुज़ारत की सात महिलाओं ने पापड़ बनाने का काम शुरू किया। पापड़ बनाने पर सहमति इसलिए बनी, क्योंकि ये महिलाएँ केवल यही करना जानती थीं। उनके पास सबसे बड़ी समस्या यह थी कि उनके पास इस बिज़नेस को चलाने के लिए पैसे नहीं थे। इस वजह से उन्होंने एक सामाजिक कार्यकर्ता छगनलाल कमरसी पारेख से 80 रुपए उधार लेकर काम शुरू करना पड़ा। इस पैसे से पापड़ को एक उद्योग में बदलने के लिए ज़रूरी चीज़ें ख़रीदी गयी। मेहनत और हुनर की वजह से काम चल पड़ा और कम्पनी खड़ी हो गयी।

    15 मार्च 1959 को मशहूर व्यापारी भूलेश्वर मुंबई के एक मशहूर बाज़ार में इस पापड़ को बेचने जाने लगे। उस समय महिलाएँ दो ब्राण्ड के पापड़ बनाया करती थीं। एक पापड़ सस्ता था और दूसरा थोड़ा महँगा था। उस समय छगनलाल ने महिलाओं को सलाह दी कि वो अपनी गुणवत्ता के साथ समझौता ना करें। महिलाओं ने उनकी बात मानते हुए केवल गुणवत्ता वाले पापड़ बनाने पर ही अपना ध्यान लगाना शुरू किया। लिज्जत ने सहकारी योजना के तहत विस्तार करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते इस बिज़नेस में 25 लड़कियाँ काम करने लगीं। पहले साल कम्पनी ने 6196 रुपए का बिज़नेस किया।

    43 हज़ार महिलाओं को मिला काम:

    धीरे-धीरे लोगों के प्रचार और समाचार पत्रों में लिखे जाने वाले लेखों के माध्यम से यह मशहूर होने लगा। काम का आलम यह तह कि दूसरे ही साल इस कम्पनी में कुल 300 महिलाओं ने काम करना शुरू कर दिया। वर्ष 1962 में पापड़ का नाम लिज्जत और संगठन का नाम श्री महिला उद्योग लिज्जत पापड़ रखा गया था। आज बाज़ार में इस ब्राण्ड के पापड़ के साथ ही कई अन्य चीज़ें भी मौजूद हैं। याहू की एक रिपोर्ट की मानें तो लिज्जत पापड़ के सफल सहकारी रोज़गार ने लगभग 43 हज़ार महिलाओं को काम दिया है।

  • देश में इन 5 जगहों पर सबसेˈ ज्यादा हैं प्रोपर्टी के रेट 1 गज जमीन खरीदने में भी अमीरों के छूट जाते हैं पसीनेˌ

    देश में इन 5 जगहों पर सबसेˈ ज्यादा हैं प्रोपर्टी के रेट 1 गज जमीन खरीदने में भी अमीरों के छूट जाते हैं पसीनेˌ

    Property Rates In India : देश में पिछले कुछ ही समय में प्रोपर्टी के दाम तेजी से उछले हैं। अधिकतर शहरों में प्रोपर्टी के रेट (property rates) सातवें आसमान पर पहुंच चुके हैं। देश में 5 जगह तो ऐसी हैं, जहां पर 1 गज जमीन लेने में भी अमीरों के पसीने छूट जाते हैं। आइये जानते हैं इन जगहों के बारे में-

    देश में इन 5 जगहों पर सबसेˈ ज्यादा हैं प्रोपर्टी के रेट 1 गज जमीन खरीदने में भी अमीरों के छूट जाते हैं पसीनेˌ

    (property rates Hike) हर दिन बढ़ते प्रोपर्टी रेट्स के कारण अब घर-फ्लैट या जमीन खरीदना (property purchasing tips) आम आदमी के बस की बात नहीं रही है। देश में 5 जगह ऐसी हैं, जहां के प्रोपर्टी रेट (property rate hike) सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे। यहां पर 1 गज जमीन खरीदने के लिए भी अमीरों को अपनी जेब की तरफ बार बार देखना पड़ता है। इन जगहों पर केवल धनकुबेर ही प्रोपर्टी (property knowledge) लेने की सोच सकते हैं। खबर में जानिये देश की सबसे महंगी जगह कौन सी हैं-


    1. दिल्ली के गोल्फ लिंक्स एरिया में रेट-


    दिल्ली में वैसे तो अधिकतर जगह ही प्रोपर्टी महंगी है, लेकिन दिल्ली गोल्फ लिंक्स एरिया में प्रोपर्टी के रेट (Delhi Golf Links Area property rates) काफी ऊंचे हैं। यहां पर एक वर्ग फीट जमीन के दाम 1 लाख 65 हजार रुपये तक हैं। दिल्ली (delhi property rates) के सबसे पॉश इलाकों में शुमार इस एरिया में आपको हर तरह की आधुनिक सुविधाएं देखने को मिलेंगी। 

    2. कोलकाता में इस जगह प्रोपर्टी के रेट सबसे हाई-  


    कोलकाता शहर अंग्रेजों के समय में देश की राजधानी था। यहां पर एक जगह ऐसी है जहां प्रोपर्टी (property rates in kolkata) लेने में बड़े बड़ों के पसीने छूट जाते हैं। इस शहर का न्यू अलीपुर (new alipur property rates) एरिया सबसे महंगी प्रोपर्टी के लिए फेमस है। एक वर्ग फीट जमीन के लिए आपको 80 हजार रुपये चुकाने पड़ेंगे। इसके बाद ही कोई सौदा तय हो सकता है।

    3. मुंबई में इतने हैं प्रोपर्टी के दाम –


    मुंबई फिल्म स्टारों की नगरी है, यहां पर शुरू से ही प्रोपर्टी (property rates in Mumbai) महंगी है। मालाबार हिल्स (malabar hills property rates) एरिया में 77 हजार 800 रुपये एक वर्ग फीट जमीन का रेट है। इसके अलावा ताड़देव (taardev property rates) में 55000 रुपये प्रति वर्ग फीट तक जमीन के रेट पहुंच गए हैं। यहां 3 BHK फ्लैट की की कीमत 5 करोड़ से ऊपर ही है।


    4. बेंगलुरु में प्रोपर्टी का भाव –


    बेंगलुरु शहर में प्रोपर्टी के दाम (property rates in Bengluru) पिछले कुछ ही समय में हाई हो गए हैं। बेंगलुरु का सदाशिव नगर प्रोपर्टी के मामले में सबसे महंगा है। यहां पर प्रोपर्टी के रेट 47 हजार रुपये प्रति वर्ग फीट तक जा पहुंचे हैं।

    5. हरियाणा के गुरुग्राम में प्रोपर्टी के रेट –


    गुरुग्राम वैसे तो दिल्ली एनसीआर (delhi NCR property rates) का सबसे मेन शहर है लेकिन यह हरियाणा राज्य में स्थित है। यहां पर प्रोपर्टी के रेट (gurugram propery rates) दिल्ली से भी महंगे हैं। शहर के अंदर डीएलएफ फेज-3 (DLF Phase-3 property rates) में जमीन का रेट 50 हजार रुपए प्रति वर्ग गज है।

  • 1 लाख के निवेश से तैयार करˈ सकते हैं 1 करोड़ का फंड बस जान लें निवेश का ये फॉर्मूलाˌ

    1 लाख के निवेश से तैयार करˈ सकते हैं 1 करोड़ का फंड बस जान लें निवेश का ये फॉर्मूलाˌ

    Investment Tips: अगर आप भी अपने निवेश पर मोटा फंड चाहते है तो ये खबर आपके लिए है। दरअसल आपको बता दें कि आप एक लाख के निवेश पर एक करोड़ रुपये का फंड तैयार कर सकते है… लेकिन इसके लिए जरूरी है निवेश के इस सही फॉर्मूले को जान लेना-

    1 लाख के निवेश से तैयार करˈ सकते हैं 1 करोड़ का फंड बस जान लें निवेश का ये फॉर्मूलाˌ

     निवेश में कितनी राशि लगाते हैं, यह जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण है कि आप कितने समय तक निवेश करते हैं। कंपाउंडिंग की शक्ति (Power of compounding) तभी काम करती है जब आप लंबे समय तक निवेशित रहते हैं। आपके निवेश पर मिलने वाला रिटर्न मूलधन में जुड़ता जाता है, जिससे हर साल अधिक रिटर्न मिलता है। इस तरह, लंबी अवधि में कंपाउंडिंग आपके निवेश को कई गुना बढ़ा देती है। (Investment tips)

    जल्द निवेश शुरू करने के फायदें-

    इसे एक उदाहरण से आसानी से समझा जा सकता है। मान लीजिए आप एक लाख रुपये का निवेश करते हैं, जिस पर आपको सालाना 12 फीसदी रिटर्न मिलेगा। आप इस पैसे को बढ़ने का मौका देते हैं, इसमें से एक रुपया भी नहीं निकालते हैं। आप किस उम्र में यह निवेश करते हैं, उससे काफी बड़ा फर्क देखने को मिलेगा।

    20 साल की उम्र में निवेश करने पर ज्यादा फायदा-

    गर आप 20 साल की उम्र में 1 लाख रुपये का निवेश करते हैं, तो 60 साल की उम्र तक, 40 सालों में यह राशि 1 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है – यानी आपके शुरुआती निवेश का लगभग 100 गुना। यह इसलिए होता है क्योंकि आपका पैसा हर साल तेजी से बढ़ता रहता है, जिससे ब्याज पर भी ब्याज मिलता है।

    30 साल की उम्र में निवेश करने पर कम फायदा-

    अब हम यह मान लेते हैं कि आपने 10 साल देर से यानी 30 साल की उम्र में यह निवेश किया। तो आपके 60 साल के होने तक यह पैसा सिर्फ 30 गुना होगा। इसका मतलब है कि आपका 1 लाख रुपये का निवेश 30 लाख रुपये हो जाएगा। सिर्फ 10 साल देर से निवेश शुरू करने से 70 लाख रुपये वेल्थ कमाने का मौका आपके हाथ से निकल गया।

    40 साल की उम्र में निवेश करने पर काफी कम फायदा-

    अब हम देखते हैं कि 40 साल की उम्र में निवेश शुरू करने पर क्या होता है। 40 साल की उम्र में निवेश शुरू करने पर इनवेस्टमेंट को बढ़ने के लिए सिर्फ 20 साल का समय मिलता है। तब आपका एक लाख रुपये का इनवेस्टमेंट (investment) सिर्फ 10 गुना बढ़ता है यानी यह सिर्फ 10 लाख रुपये होता है। यह रिटर्न खराब नहीं है, लेकिन उस रिटर्न से काफी कम है, जो आपको 20 साल की उम्र में इनवेस्टमेंट करने पर मिलता है।

    निवेश का समय नहीं, निवेश की अवधि अहम है-

    ऊपर के उदाहरण से पता चलता है कि इनवेस्टमेंट में यह महत्वपूर्ण नहीं है कि आप कब निवेश करते हैं बल्कि यह महत्वपूर्ण है कि आप कितना जल्द निवेश शुरू करते हैं। कंपाउंडिंग (compounding) का मैजिक तभी काम करता है, जब इनवेस्टमेंट को बढ़ने के लिए लंबा समय मिलता है। शुरुआती सालों में आपका पैसा धीर-धीरे बढ़ता है। लेकिन, बाद में खासकर आखिर में यह काफी तेजी से बढ़ता है। इसकी वजह कंपाउंडिंग है।

    कंपाउंडिंग तभी काम करती है जब निवेश लंबे समय के लिए होता है-

    इसका मतलब है कि आप जितनी कम उम्र में निवेश शुरू करेंगे, रिटायरमेंट तक उतना बड़ा फंड बना पाएंगे। 20-22 साल की उम्र से ही छोटी रकम का निवेश शुरू करने पर भी, कंपाउंडिंग के जादू और अनुशासन-धैर्य की बदौलत आप बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। याद रखें, आज का छोटा निवेश, जैसे कि 1 लाख रुपये, भविष्य में 1 करोड़ रुपये या उससे भी ज़्यादा बन सकता है।

  • PPF से सिर्फ सेविंग नहीं अब बनाएंˈ करोड़ों की संपत्ति… जानिए वो फार्मूला जो बदल देगा आपकी फाइनेंशियल लाइफˌ

    PPF से सिर्फ सेविंग नहीं अब बनाएंˈ करोड़ों की संपत्ति… जानिए वो फार्मूला जो बदल देगा आपकी फाइनेंशियल लाइफˌ

    PPF से सिर्फ सेविंग नहीं अब बनाएंˈ करोड़ों की संपत्ति… जानिए वो फार्मूला जो बदल देगा आपकी फाइनेंशियल लाइफˌ

    PPF Account : पब्लिक प्रॉविडेंट खंड सरकार के द्वारा चलाई जाने वाले सेविंग स्कीम है। जब फाइनेंशियल सिक्योरिटी और टैक्स बेनिफिट्स देता है। वही पीपीएफ में मेच्योरिटी पीरियड 15 वर्ष है। बता दे कि जिससे पांच-पांच वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है। वही यह लंबी अवधि में बड़ा कॉरपस बनाने और टैक्स फ्री इनकम पाने का बेहतरीन विकल्प होता है।

    PPF Account : जानिए PPF में निवेश सीमा और ब्याज दर

    बता दे की पीपीएफ में हर फाइनेंशियल ईयर में कम से कम ₹500 और अधिकतम 1.5 लख रुपए जमा कर सकेंगे। वहीं वर्तमान समय में इस पर 7.1% सालाना ब्याज दर दिए जा रहे हैं। जो कंपाउंडिंग के जरिए आपकी बचत को तीव्र गति से बढ़ाने में सहायता करते हैं। बता दे कि निवेश और ब्याज दोनों टैक्स फ्री होता है। जिससे यह स्कीम और आकर्षक बन जाता है।

    PPF Account : जानिए आप सभी एक करोड़ का फंड कैसे बना सकते हैं

    बता दे कि अगर आप 15+5+5 के फॉर्मूला को अपनाते हैं। और 25 वर्ष तक हर वर्ष 1.5 लाख रुपए का निवेश करते हैं। तो आपका टोटल निवेश 37.5 लाख रुपए होंगे। वही 7. 1% ब्याज दर पर यह फंड 25 वर्ष में एक करोड रुपए तक पहुंच सकते हैं। जिसमें 65. 58 लाख रुपए ब्याज के रूप में जडेगा।

    जानिए मैच्योरिटी के बाद के विकल्प

    बता दे कि मैच्योरिटी के बाद पीपीएफ को 5 वर्ष के लिए एक्सटेड कर सकते हैं। वहीं अगर निवेश जारी रखते हैं तो ब्याज पहले की तरह मिलते रहेंगे। वहीं बिना निवेश के भी जमा राशि पर ब्याज कमाए जा सकते हैं।

    टैक्स – फ्री इनकम

    बता दें कि एक करोड़ के फंड में 7.1% वार्षिक ब्याज यानी 7.31 लाख रुपए तक की इनकम हो सकते हैं। वही यह पूरी तरह टैक्स फ्री है। जिससे हर महीने ₹60000 तक की इनकम लिए जा सकते हैं।

    जानिए क्या है 15+5+5 का फार्मूला

    बता दें कि इस फार्मूला के हिसाब से आपको 15 वर्ष तक हर वर्ष 1.5 लाख रुपए जमा करने होंगे और मैच्योरिटी के बाद इस रकम को पांच-पांच वर्ष के लिए दो बार जमा करने होंगे। जिस समय में भी आपको 1. 5 लाख रुपया हर वर्ष जमा करने होंगे।

    • अधिकतम वर्ष निवेश: 150000 रुपए
    • ब्याज दर: 7.1% सालाना कंपाउंडिंग
    • 15 वर्ष में टोटल निवेश: 22 लाख 50 हजार रुपए
    • 15 वर्ष बाद यानी मैच्योरिटी पर कॉर्पस  4068209 रुपए
    • ब्याज का लाभ: 18 18 209 रुपए

    पीपीएफ अकाउंट को 5 + 5 वर्ष बढ़ाने पर

    • 25 वर्ष में कुल निवेश 3750000 रुपए
    • 25 वर्ष बाद कुल कॉर्पस 1.03 करोड रुपए
    • ब्याज का लाभ : 65 580 15 रुपए