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  • घर में कितना रख सकते हैं सोना?ˈ लिमिट से बाहर रिजर्व करने पर होगी कार्रवाईˌ

    घर में कितना रख सकते हैं सोना?ˈ लिमिट से बाहर रिजर्व करने पर होगी कार्रवाईˌ

    क्या आप जानते हैं कि घर में कितना सोना रखना कानूनी है? ज़रा सी चूक आपको बड़ी मुश्किल में डाल सकती है! अगर आप तय लिमिट से ज़्यादा सोना रखते हैं और उसका वैध सबूत नहीं है, तो इनकम टैक्स विभाग बड़ी कार्रवाई कर सकता है। जानिए, सरकारी नियम क्या कहते हैं और कौन सी जादूई लिमिट आपको हर तरह की कार्रवाई से बचा सकती है!

    घर में कितना रख सकते हैं सोना?ˈ लिमिट से बाहर रिजर्व करने पर होगी कार्रवाईˌ

    भारत में सोना खरीदना बेहद शुभ माना जाता है, यह न केवल महिला की सुंदरता को बढ़ाता है, बल्कि निवेश के लिए भी काफी फायदेमंद है। लगातार सोने की मांग बढ़ रही है, इसलिए लोग अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए सोने को अधिक खरीद रहे है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप घर पर कितना सोना रख सकते हैं? अगर आप तय सीमा से अधिक सोना अपने पास रखते है, तो आयकर विभाग आपको नोटिस भेज सकता है . इसलिए हर व्यक्ति को यह जानना जरुरी है कि इनकम टैक्स की जाँच से बचने के लिए घर में कितना सोना रख सकते है।

    भारत में सोना रखने के नियम

    भारत में सोना रखने की सीमा पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग तय की गई है। क़ानूनी तौर पर , विवाहित महिलाएँ अपने पास 500 ग्राम तक सोना रख सकती हैं। वहीं अविवाहित महिलाएँ 250 ग्राम और पुरुष 100 ग्राम तक सोना अपने पास रख सकते हैं। यह नियम सोने की खरीद और स्टोरेज दोनों पर लागू होता है।

    सोना रखने के लिए जरुरी डाक्यूमेंट्स

    नियमों के अनुसार, अगर आप बिना किसी डाक्यूमेंट्स के तय सीमा से अधिक सोना रखते है, तो आयकर विभाग आप पर करवाई कर सकती है। आयकर विभाग के द्वारा सोना रखने की लिमिट तय होती है, लेकिन अगर आप इस लिमिट से ज़्यादा सोना रखते हैं, तो आपको उसके लिए सोने का बिल या इनकम टैक्स रिटर्न में उसका डिक्लेरेशन दिखाना होगा। इसका मतलब है कि आप जितना चाहे उतना सोना रख सकते है, बशर्ते आपके पास उसका वैध प्रमाण (Valid Proof) होना ज़रूरी है।

    सोने के गहनों पर टैक्स और नियम

    अगर आपके पास सोना आपकी घोषित आय से खरीदा हुआ है, या वह कर-मुक्त आय से आया है, या आपको विरासत में कानूनी तौर पर मिला है, तो उस सोने पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। साथ ही, अगर आप तय सीमा (Fixed Limit) के भीतर सोना रखते हैं, या सीमा से ज़्यादा होने पर भी आपके पास उसका वैध प्रमाण (Valid Proof) है, तो छापेमारी के समय आपके गहने जब्त नहीं किए जा सकते। ध्यान रहे, घर में सोना रखने पर टैक्स नहीं लगता, लेकिन जब आप इसे बेचते हैं, तो आपको टैक्स चुकाना पड़ता है।

  • SIP Investment Plan: सिर्फ ₹5,500 की SIPˈ से 20 साल तक पाएं ₹80,000 मंथली इनकम! पूरा कैलकुलेशन समझिएˌ

    SIP Investment Plan: सिर्फ ₹5,500 की SIPˈ से 20 साल तक पाएं ₹80,000 मंथली इनकम! पूरा कैलकुलेशन समझिएˌ

    अगर आप रिटायरमेंट के बाद हर महीने नियमित इनकम चाहते हैं, तो ₹5,500 की SIP से लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। 25 साल तक निवेश करने पर करीब ₹93 लाख का कॉर्पस बनता है, जिसे SWP में डालकर 20 साल तक हर महीने ₹80,000 निकाला जा सकता है। यह प्लान कम निवेश में मजबूत रिटायरमेंट इनकम का आसान रास्ता है।

    SIP Investment Plan: सिर्फ ₹5,500 की SIPˈ से 20 साल तक पाएं ₹80,000 मंथली इनकम! पूरा कैलकुलेशन समझिएˌ

    निजी सेक्टर में नौकरी करने वालों की सबसे बड़ी टेंशन होती है, रिटायरमेंट के बाद पैसा कहां से आएगा? ना तो पेंशन की गारंटी होती है और ना ही ज्यादातर लोग इतनी सेविंग कर पाते हैं कि रिटायरमेंट के बाद आराम से जिंदगी जी सकें। लेकिन अगर प्लानिंग सही हो, तो आप 60 की उम्र में मंथली इनकम का मजबूत सोर्स तैयार कर सकते हैं, वो भी बिना अधिक मेहनत के। जी हाँ, यहाँ हम आपको एक ऐसा आसान फॉर्मूला बता रहे हैं जिसे आप 35 साल की उम्र से अपनाएं, तो 60 की उम्र तक एक बड़ा फंड तैयार होगा और उसके बाद हर महीने ₹80,000 की आय मिलती रहेगी।

    तो चलिए जानते हैं और समसझते हैं ऐसे SIP Investment Plan के बारे में जो आपको बेहतर रिटर्न प्रदान करने के साथ-साथ आपके भविष्य को पूरी तरह सुरक्षित रखेगा।

    रिटायरमेंट प्लानिंग कब से करें शुरू?

    जितनी जल्दी शुरुआत करेंगे, उतना अच्छा। लेकिन अगर आप 30–35 साल की उम्र में भी शुरू करते हैं, तो भी एक शानदार कॉर्पस जमा किया जा सकता है। SIP (Systematic Investment Plan) और SWP (Systematic Withdrawal Plan) रिटायरमेंट से पहले SIP और रिटायरमेंट के बाद SWP यही है आपके प्लान की सबसे बड़ी नीव।

    35 की उम्र से SIP शुरू करने के फायदे

    मान लीजिए आपकी उम्र अभी 35 साल है और आप अपनी सैलरी से हर महीने सिर्फ ₹5,500 SIP में इन्वेस्ट करते हैं। इसमें अगर आपको औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है (जो कि इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में लंबे समय में काफी नॉर्मल है), तो 25 साल में आपको ₹93,62,136 फंड मिलेगा। जिसमें आपको ₹16,50,000 कुल निवेश करने होंगे और आपकी कुल ब्याज कमाई ₹77,12,136 होगी, इस तरह आप कम बचत करके भी बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं।

    रिटायरमेंट (60 साल) के बाद SWP शुरू करें

    अब 60 की उम्र में आपके पास लगभग ₹93 लाख का फंड है। यदि इस पूरी रकम को आप म्यूचुअल फंड में SWP के जरिए इन्वेस्ट कर देते हैं, तो यह प्लान आपको औसतन 9% सालाना रिटर्न देता रहेगा इससे आप हर महीने ₹80,000 निकालते रहेंगे। 20 साल तक हर महीने ₹80,000 निकालने से 20 सालों में आपके हाथ में कुल ₹1,92,00,000 आएंगे। वहीं सबसे अच्छी बात यह है की 20 साल बाद भी आपके पास ₹10,12,884 बचे रहेंगे।

  • शादी में चाहिए ₹10 के नए नोटोंˈ की गड्डी? ऐसे मिलेगा आसानी सेˌ

    शादी में चाहिए ₹10 के नए नोटोंˈ की गड्डी? ऐसे मिलेगा आसानी सेˌ

    अगर आपके घर शादी है या कोई अन्य त्यौहार है और आपको ₹10 के नए नोटों की गड्डी की आवश्यकता है, तो आप इस लेख को पढ़कर आसानी से नए नोट प्राप्त कर सकते हैं।

    शादी के सीजन में शगुन में देने के लिए 10 रूपए के छोटे नोट की डिमांड काफी बढ़ जाती है। कई रस्मों में 10 रूपए के करारे और नए नोट लिफ़ाफ़े में दिए जाते हैं। इन नोटों की शुभ अवसर पर जरूरत अधिक बढ़ जाती है लेकिन ये बाजार या ATM में आसानी से नहीं मिल पाते हैं। अगर आप भी इस समस्या से चिंतित है तो अब आपको चिंता की जरूरत नहीं है बैंक में जाकर आप ₹10 के नए नोटों की गड्डी सुरक्षित और आधिकारिक रूप से प्राप्त कर सकते हैं। आइए इसके लिए आरबीआई के नियमों को जानते हैं।

    शादी में चाहिए ₹10 के नए नोटोंˈ की गड्डी? ऐसे मिलेगा आसानी सेˌ

    RBI के नियमों के तहत नोट प्राप्त करने के नियम!

    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के तहत सभी बैंकों को अपने ग्राहकों को नए और साफ सुथरे नोट देने का अधिकार है। यानी की यह नियम सभी बैंकों के लिए अनिवार्य है।

    • इसके लिए आपको सबसे पहले अपने बैंक में जाना है जहाँ पर आपका खाता खुला हो। बैंक अपने ग्राहकों को पहले प्राथमिकता देता है।
    • आपको बैंक में जाकर एडवांस में 10 रूपए के नोट की गड्डी के लिए मांग दर्ज करानी है अगर नोटों की कमी है। बैंक अधिकारी आपको नोट से जुड़ी जानकारी के लिए सूचित करेंगे।
    • बैंक में वितरण सीमा निर्धारित की गई है। यह कालाबाजारी को रोकने के लिए किया गया है।

    ₹10 के नोट नहीं मिले तो

    अगर आपको ₹10 के नोट की गड्डिया कम मिल रही है तो आप इसके बदले 20, 50 अथवा 100 रूपए के नोटों की गड्डियां ले सकते हैं। ये आपको आसानी से मिल जाएंगी। आप किसी भी बैंक में जाकर पुराने और फ़टे नोट चेंज कराकर नए नोट ले सकते हैं।

    नोट प्राप्त करने का अन्य तरीका

    • अगर बैंक में करेंसी चेस्ट की सुविधा होती है वहां पर आरबी नोट भेजता है। आपको यहाँ से आसानी से नोट प्राप्त हो जाएंगे।
    • ऑनलाइन तरीके अथवा बाजारों में उच्च दाम पर 10 रूपए के नोट बेचे जाते हैं लेकिन यह गैरकानूनी काम माना जाता है। आप धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं इसलिए अंक से ही नोट प्राप्त करें।
  • Loan Fraud Alert: आपके नाम पर किसीˈ और ने तो नहीं लिया Loan? ये हो सकती है बड़ी वजह, Credit Score चुटकियों में ऐसे करें चेकˌ

    Loan Fraud Alert: आपके नाम पर किसीˈ और ने तो नहीं लिया Loan? ये हो सकती है बड़ी वजह, Credit Score चुटकियों में ऐसे करें चेकˌ

    लोन फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और कई बार लोगों को तब पता चलता है जब उनके नाम पर किसी ने फर्जी लोन ले लिया होता है। ऐसी स्थिति में आपका क्रेडिट स्कोर भी खराब हो सकता है। इसलिए समय-समय पर अपने CIBIL या क्रेडिट रिपोर्ट की जांच करना बेहद जरूरी है। कुछ आसान स्टेप्स से आप मिनटों में अपना स्कोर चेक कर सकते हैं और फ्रॉड से बच सकते हैं।

    Loan Fraud Alert: आपके नाम पर किसीˈ और ने तो नहीं लिया Loan? ये हो सकती है बड़ी वजह, Credit Score चुटकियों में ऐसे करें चेकˌ

    आज के समय में बढ़ते साइबर फ्रॉड्स के खतरे ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है, आधार कार्ड हो या पैनकार्ड यदि आप अपने जरुरी दस्तावेजों को सुरक्षित नहीं करते हैं तो इनके गलत इस्तेमाल से आप बड़ी समस्या में पड़ सकते हैं। खासतौर पर आज के डिजिटल दौर में पैनकार्ड के गलत इस्तेमाल से फर्जी लोन लेना सबसे तेजी से बढ़ते साइबर फ्रॉड्स में से एक बन गया है। ऐसे में परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि अब आप घर बैठे मिनटों में अपना क्रेडिट स्कोर चेक कर यह पता लगा सकते हैं की आपके नाम पर कोई लोन लिया गया है या नहीं।

    आपके नाम पर कोई लोन चल रहा है या नहीं ऐसे करें चेक

    पैनकार्ड को लेकर बढ़ रहे फ्रॉड्स का एक कारण यह भी माना जा रहा है की डिजिटल बैंकोंग और ऑनलाइन वेरिफिकेशन के इस दौर में पैनकार्ड छोटे-बड़े वित्तीय लेनदेन का आधार बन गया है। जिसके चलते फर्जी वेबसाइट या साइबर अपराधी अक्सर लोगों के पैनकार्ड की डिटेल चुराकर फ्री लोन, जॉब एप्लीकेशन के नाम पर पैनकार्ड नंबर दर्ज कर देते हैं जिसकी आमलोगों को जानकारी भी नहीं होती।

    ऐसे में कगी आपके नाम पर भी कोई लोन लिया गया है या नहीं यह जानने के लिए आप भारत में चार प्रमुख क्रेडिट ब्यूरो CIBIL, Experian, Equifax और CRIF Highmark जैसी वेबसाइट पर साल में एक बार फ्री में अपनी क्रेडिट रिपोर्ट डाउनलोड कर सकते हैं। इस रिपोर्ट में आपके सभी एक्टिव और क्लोजेद लोन की डिटेल्स दर्ज होती है, इसके अलावा आपका लोन कब से चल रहा है और आपने अब तक कितनी ईएमआई दी है, इसके साथ यदि कोई फर्जी लोन आपके पैन से जुड़ा है वह भी रिपोर्ट में दिख जाएगा।

    फर्जी लोन मिलने पर करें ये काम

    यदि आपकी रिपोर्ट में ऐसा कोई लोन दिखा रहा है जो आपने कभी लिया ही नहीं, तो सबसे पहले आप उस बैंक या संस्थान से सम्पर्क करें। अब कस्टमर केयर में जाकर उन्हें बताएं की ये फर्जी लोन है जिसके लिए आपने आवेदन नहीं किया, साथ ही उसी ब्यूरो की वेबसाइट पर जाकर “Dispute Section” में अपनी शिकायत दर्ज कर लें। अगर आपको बैंक से सहयोग न मिले तो cybercrime.gov.in पर जाकर फ्रॉड की ऑनलाइन शिकायत करें। आप चाहने तो अपने नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन में भी FIR दर्ज करवा सकते हैं।

    पैन दुरूपयोग रोकने के लिए करें ये सेटिंग एक्टिवेट

    अगर आप अपने पैन को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो इसके लिए आपको CIBIL, Experian, Equifax और CRIF Highmark जैसी एजेंसियों द्वारा दी जाने वाले Credit Monitoring Alert सुविधा का उपयोग कर सकते हैं। इससे यदि कोई गलत तरीके से आपके पैन नंबर का इस्तेमाल करता यही तो आपको तुरंत एसएमएस या अलर्ट मिल जाएगा। इस फीचर की वार्षिक फीस केवल 100 से 200 रूपये के बीच है, जो आपके बड़े साइबर फ्रॉड से बचने में मदद करती है।

  • पैसा कमाने का मौका! ये शेयर देˈ रहे मोटा डिविडेंड, फटाफट चेक करें रिकॉर्ड डेटˌ

    पैसा कमाने का मौका! ये शेयर देˈ रहे मोटा डिविडेंड, फटाफट चेक करें रिकॉर्ड डेटˌ

    पैसा कमाने का मौका! ये शेयर देˈ रहे मोटा डिविडेंड, फटाफट चेक करें रिकॉर्ड डेटˌ

    शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए अगला सप्ताह काफी हलचल भरा और मुनाफे वाला साबित हो सकता है. बाजार की 9 प्रमुख कंपनियों ने अपने निवेशकों को लाभांश (डिविडेंड) देने की घोषणा की है.

    यह वह समय होता है जब कंपनियां अपने मुनाफे का एक हिस्सा सीधे अपने शेयरधारकों के बैंक खातों में भेजती हैं. इस सूची में क्रिसिल और टाटा समूह की कई कंपनियों जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जिनका अपने निवेशकों को फायदा पहुंचाने का एक लंबा इतिहास रहा है. अगर आपके पास इन कंपनियों के शेयर हैं, या आप इनमें निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है. इन सभी कंपनियों ने डिविडेंड पाने के लिए ‘रिकॉर्ड डेट’ यानी एक कट-ऑफ तारीख तय कर दी है.

    कौन सी कंपनी दे रही कितना डिविडेंड

    इस बार डिविडेंड देने वाली कंपनियों की सूची काफी मजबूत है, जिसमें टेक्नोलॉजी, फाइनेंस और कंज्यूमर सेक्टर के दिग्गज शामिल हैं. सबसे बड़ा लाभांश टाटा समूह की कंपनी टाटा एल्क्सी की तरफ से आ रहा है, जो अपने प्रत्येक शेयर पर ₹60 का शानदार डिविडेंड दे रही है. यह निवेशकों के लिए एक बड़ी कमाई का मौका है.

    टाटा समूह की अन्य कंपनियां भी पीछे नहीं हैं. टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्प ₹27 प्रति शेयर और टाटा केमिकल्स ₹17.50 प्रति शेयर का लाभांश दे रही है. वहीं, टाटा कंज्यूमर ने ₹8.45 प्रति शेयर की घोषणा की है. टाटा मोटर्स और टाटा मोटर्स डीवीआर (DVR) दोनों ही ₹2 प्रति शेयर का डिविडेंड दे रहे हैं.

    इनके अलावा, रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (CRISIL) ₹10, ब्रोकरेज फर्म एंजल वन ₹12.70 और सरकारी कंपनी आरईसी लिमिटेड (REC Ltd) ₹3.25 प्रति शेयर का डिविडेंड दे रही हैं. यह दिखाता है कि अलग-अलग सेक्टर की मजबूत कंपनियां अपने लाभ को निवेशकों के साथ साझा कर रही हैं.

    कंपनी का नामडिविडेंड (प्रति शेयर)रिकॉर्ड डेट
    CRISIL₹10.0029 अक्टूबर 2025
    REC Ltd₹3.2529 अक्टूबर 2025
    Angel One₹12.7029 अक्टूबर 2025
    Tata Chemicals₹17.5029 अक्टूबर 2025
    Tata Investment Corp₹27.0029 अक्टूबर 2025
    Tata Elxsi₹60.0029 अक्टूबर 2025
    Tata Consumer₹8.4529 अक्टूबर 2025
    Tata Motors DVR₹2.0029 अक्टूबर 2025
    Tata Motors₹2.0029 अक्टूबर 2025

    डिविडेंड पाने के लिए इस तारीख को न भूलें

    डिविडेंड की घोषणा में सबसे महत्वपूर्ण होती है ‘रिकॉर्ड डेट’. यह वह तारीख है जो तय करती है कि लाभांश किसे मिलेगा और किसे नहीं. सरल शब्दों में, कंपनी रिकॉर्ड डेट के दिन देखती है कि उसके रजिस्टर में किन-किन लोगों के नाम शेयरधारक के तौर पर दर्ज हैं. जिन निवेशकों का नाम उस दिन कंपनी के रिकॉर्ड में होता है, वे ही डिविडेंड पाने के हकदार बनते हैं.

    सभी नौ कंपनियां- क्रिसिल, आरईसी, एंजल वन और टाटा समूह की सभी छह कंपनियों (टाटा केमिकल्स, टाटा इन्वेस्टमेंट, टाटा एल्क्सी, टाटा कंज्यूमर, टाटा मोटर्स और टाटा मोटर्स डीवीआर) के लिए रिकॉर्ड डेट 29 अक्टूबर 2025 रखी गई है. अगर आप इन कंपनियों से लाभांश पाना चाहते हैं, तो यह जरूरी है कि 29 अक्टूबर को ये शेयर आपके पोर्टफोलियो में मौजूद हों. विशेषज्ञों की सलाह है कि डिविडेंड का लाभ उठाने के लिए हमेशा रिकॉर्ड डेट से पहले ही शेयरों की खरीदारी पूरी कर लेनी चाहिए.

    निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?

    डिविडेंड की यह घोषणाएं सिर्फ तात्कालिक लाभ नहीं हैं, बल्कि ये कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य का भी एक बड़ा संकेत होती हैं. जब कोई कंपनी, विशेषकर इंफोसिस और टाटा जैसी दिग्गज, नियमित रूप से डिविडेंड देती है, तो यह बाजार को संदेश देता है कि कंपनी स्थिर है और लगातार मुनाफा कमा रही है. यह शेयरधारकों का कंपनी पर भरोसा मजबूत करता है.

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जो निवेशक छोटी अवधि के बजाय लंबी अवधि (लॉन्ग टर्म) के लिए निवेश की योजना बनाते हैं, उनके लिए डिविडेंड देने वाली कंपनियां एक बहुत बेहतर विकल्प होती हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि शेयर की कीमत बढ़ने से होने वाले लाभ के अलावा, उन्हें डिविडेंड के रूप में एक नियमित आय भी मिलती रहती है. यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे किसी प्रॉपर्टी से किराया आना.

    Disclaimer:ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

  • 1 गाय से 6 एकड़ जमीन कोˈ कर सकते हैं उपजाऊ, गाय के गोबर व गोमूत्र से तैयार हुई अनोखी खादˌ

    1 गाय से 6 एकड़ जमीन कोˈ कर सकते हैं उपजाऊ, गाय के गोबर व गोमूत्र से तैयार हुई अनोखी खादˌ

    1 गाय से 6 एकड़ जमीन कोˈ कर सकते हैं उपजाऊ, गाय के गोबर व गोमूत्र से तैयार हुई अनोखी खादˌ

    उत्तर प्रदेश के हापुड़ में रहने वाले एक व्यक्ति ने देसी गाय के गोबर और मूत्र से जैविक खाद तैयार की है। जिसकी मदद से 35 बीघा यानी छह एकड़ जमीन पर आराम से खेती की जा सकती है। इस फार्मूले की चर्चा खूब की जा रही है और ये जैविक खाद बनाने वाले गुरमीत सिंह (35) को राज्य स्तरीय पुरस्कार भी मिल सकता है। गुरमीत सिंह उत्तर प्रदेश के हापुड़ के रसूलपुर गांव के रहने वाले हैं और एक किसान परिवार से नाता रखते हैं।

    गुरमीत सिंह पांच साल से जैविक खाद से गन्ने की खेती कर रहे हैं। इतना ही नहीं इस खाद का प्रयोग अन्य तैयार की खेती के दौरान भी किया जा रहा है। जिससे की खेती अच्छी हो रही है। इस खाद से ये गेहूं, धान सहित कई सब्जियों को प्रचुर मात्र में पैदा कर रहे हैं।

    रासायनिक मुक्त खाद के बारे में गुरमीत ने बताया कि इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है और इसकी मदद से अच्छी खासी खेती हो सकती है। गुरमीत के अनुसार देसी नस्ल की एक गाय के गोबर और गोमूत्र से 25 एकड़ तक की खेती आसानी से की जा सकती है। एक एकड़ के लिए 10 किलो गोबर और पांच किलो गोमूत्र की जरूरत पड़ती है।

    इस तरह से बनती है खाद

    गोबर और गोमूत्र का मिश्रण बनाने के बाद उसमें तीन किलो गुड़ और दो किलो बेसन मिलाया जाता है। फिर इसे  बरगद के पेड़ के नीचे की दो किलो मिट्टी डालकर 200 लीटर पानी मिलाया जाता है। गर्मियों में इस खाद को तैयार होने में कम समय लगता है और ये महज 15 दिन में तैयार हो जाती है। जबकि सर्दियों में ये खाद बनने में 30 से 40 दिनों का समय लग जाता है। एक बार जब ये बनकर तैयार हो जाती है, तो आप इसका इस्तेमाल आसानी से कर सकते हैं। इसे आप सिंचाई करते हुए पानी की नाली में ही डाल सकते हैं और खाद के मिश्रण को धीरे-धीरे छोड़ा जा सकता है। ऊपर से फसल में कीड़ों से बचाव के लिए नीम, भांग का छिड़काव किया जाता है।

    इस खाद के बारे में अधिक जानकारी देते हुए गुरमीत सिंह ने कहा कि लोग आज दूध न देने वाली गाय को बेसहारा छोड़ देते हैं। ये गलत है। यदि किसान गाय के गोबर और गोमूत्र को एकत्र करके बेचें तो भी मुनाफा कमा सकते हैं। वहीं गुरमीत सिंह द्वारा बनाई गई इस खाद के बारे में जैसे ही लोगों को जानकारी लग रही है। वो इनसे मिलने पहुंच रहे हैं और इस तरह की खाद बनाने की प्रक्रिया का पता कर रहे हैं।

    किसान सुखवीर ने बताया कि गुरमीत असल तरीके से खेती करते हैं। जैविक खाद के इस्तेमाल से न केवल जमीन की उपजाऊ क्षमता बढ़ती। साथ में ही इससे उगने वाली फसल भी सेहतमंद होती है। एक अन्य किसान ने इस खाद के बारे में कहना कि जैविक खाद के इस्तेमाल से रासायनिक खाद का खर्च बचता है।

    लखनऊ में 27 फरवरी को राज्य स्तरीय दो दिवसीय गुड़ महोत्सव का आयोजन होना है। जिले से महोत्सव में शामिल होने के लिए जिले की एकमात्र खांडसारी इकाई का चयन किया गया है। जिसके संचालक गुरमीत सिंह हैं। खांडसारी के निरीक्षक रविंद्र कुमार सिंह ने इस गुड़ महोत्सव के बारे में अधिक जानकारी देते हुए कहा कि ये पहली बार है जब जनपद से किसी गुड़ उत्पादक का नाम राज्य स्तरीय महोत्सव के लिए चुना गया है।

  • किराएदार के साथ मकान मालिक नहीं करˈ सकते जबरदस्ती, सरकार ने किराएदारों को दिया विशेष अधिकार, देखें ˌ

    किराएदार के साथ मकान मालिक नहीं करˈ सकते जबरदस्ती, सरकार ने किराएदारों को दिया विशेष अधिकार, देखें ˌ

    किराएदार के साथ मकान मालिक नहीं करˈ सकते जबरदस्ती, सरकार ने किराएदारों को दिया विशेष अधिकार, देखें ˌ

    Big Breaking : अक्सर ऐसा देखा जाता है कि अतिरिक्त कमाई के लिए मकान मालिक अपना मकान किराए पर  देते हैं लेकिन कई बार मकान मालिक और किराएदार में नोक झोक हो जाती है। अधिकतर मामलों में देखा जाता है कि मकान मालिक किराएदार पर मनमर्जी करते हैं।


    मकान मालिक को क्या मनमर्जी रोकने के लिए सरकार ने किरायेदारों को 4  अधिकार दिए हैं। इन अधिकारों के बारे में हर किराएदार को पता होना चाहिए। तो आईए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से…


     प्रॉपर्टी मलिक व किराएदार के अधिकारों की रक्षा के लिए 1948 में केंद्रीय किराया नियंत्रण अधिनियम सरकार ने बनाया। इसमें प्रॉपर्टी मलिक के द्वारा किराए पर प्रॉपर्टी देने और किराएदार के रहने के नियम भी बनाए गए हैं। यह अलग-अलग राज्यों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

     निजता का अधिकार


     किराएदार को सरकार ने निजता का अधिकार दिया है। मकान मालिक किराएदार से की पूछे बिना उसके कमरे में नहीं घुस सकता है।

     अचानक प्रॉपर्टी खाली नहीं करवा सकता है मकान मालिक


     रेट एग्रीमेंट बनवाकर किराए पर रह रहे हैं तो मकान मालिक आपको अचानक मकान खाली करने के लिए नहीं कह सकता है। अगर मकान मालिक रूम खाली करने के लिए कहता है तो किराएदार से मकान मालिक को कोई लीगल कारण बताना होगा।


     मूलभूत सुविधा लेने का अधिकार


     किसी भी किराएदार को अपने मकान मालिक से मूलभूत सुविधा लेने का हक होता है। इसके लिए कोई मकान मालिक मन नहीं कर सकता है। मूलभूत सुविधाओं में बिजली का कनेक्शन,पानी का कनेक्शन, शौचालय जैसी सुविधा शामिल है।


     किराएदार के परिवार की सुरक्षा 


     किराएदार के परिवार की सुरक्षा का जिम मकान मालिक को लेना रहता है। अगर किसी की तबीयत खराब हो जाती है तो मकान मालिक को उसके जिम्मा लेना होगा और अगर घर में कोई नहीं है तो उसे इलाज के लिए ले जाना होगा।

  • भारत के इस पड़ोसी देश में गायˈ भैंस नहीं बल्कि लोग घरों में पालते हैं खूंखार मगरमच्छ, इसका मांस बेच करते हैं मोटी कमाईˌ

    भारत के इस पड़ोसी देश में गायˈ भैंस नहीं बल्कि लोग घरों में पालते हैं खूंखार मगरमच्छ, इसका मांस बेच करते हैं मोटी कमाईˌ

    भारत के इस पड़ोसी देश में गायˈ भैंस नहीं बल्कि लोग घरों में पालते हैं खूंखार मगरमच्छ, इसका मांस बेच करते हैं मोटी कमाईˌ

    Crocodile Farming in Thailand: थाईलैंड भारत का पड़ोसी देश है जो समुद्र से घिरा हुआ। क्या एक खूबसूरत देश है जहां बड़े पैमाने पर लोग घूमने जाते हैं। वैसे तो हमारे यहां गाय भैंस पाला जाता है और गाय का दूध बेचकर लोग पैसा कमाते हैं लेकिन थाईलैंड में मगरमच्छ की खेती की जाती है। आपको सुनकर थोड़ी हैरानी होगी लेकिन यह बिल्कुल सच है।

     यहां के लोग मगरमच्छ का खाल खून और उसका मांस बेचकर काफी अच्छी कमाई करते हैं। मगरमच्छ की खेती करने से थाईलैंड की अर्थव्यवस्था काफी मजबूत हुई है। थाईलैंड में बड़े पैमाने पर लोग मगरमच्छ पलते हैं और मगरमच्छ  से अच्छी कमाई भी करते हैं।

    थाईलैंड में मगरमच्छ पालन कोई नई बात नहीं है. यहां यह काम कई पीढ़ियों से हो रहा है। थाईलैंड में मगरमच्छ पालन और उसका पालन करना भी काफी फायदे का सौदा साबित हो रहा है। स्थानीय किसानों से लेकर बड़े व्यापारी तक इस उद्योग से जुड़े हुए हैं और खूब लाभ कमा रहे हैं।

     थाईलैंड में मगरमच्छ के खल का काफी ज्यादा डिमांड देखने को मिलता है। इससे बेल्ट और कई तरह की चीज बनाई जाती है जो की काफी महंगा मिलता है और विदेशी बाजार में भी इसको सप्लाई किया जाता है। बड़े पैमाने पर लोग यहां मगरमच्छ के मांस का सेवन भी करते हैं इसलिए यहां बड़े पैमाने पर मगरमच्छ का मांस दिखता है। टूरिस्ट भी मगरमच्छ का मांस खाना पसंद करते हैं। मगरमच्छ का मांस और खून अच्छी कीमत पर बिकता है यही वजह है कि छोटे-छोटे लोग भी इस व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और खूब मगरमच्छ का मांस खाते हैं।

    थाई सरकार ने मगरमच्छ पालन को नियमों के तहत वैध बनाया है. इसके लिए लाइसेंस प्रणाली लागू है और फार्म चलाने वालों को स्वास्थ्य व देखभाल से जुड़े निर्देश दिए जाते हैं. प्रशिक्षित कर्मचारी मगरमच्छों का खाना, सफाई और इलाज का ध्यान रखते हैं. 

  • अमेरिका की नौकरी छोड़कर दूध बेचना कियाˈ शुरू, 20 गाय से बना लिया 44 करोड़ रुपए की कंपनीˌ

    अमेरिका की नौकरी छोड़कर दूध बेचना कियाˈ शुरू, 20 गाय से बना लिया 44 करोड़ रुपए की कंपनीˌ

    Kishor Indukari- यह तो आपने अपने आस-पड़ोस में लोगों को कई बार कहते हुए सुना होगा कि व्यक्ति का मन जिस काम में लगें वही करना चाहिए, लेकिन आज भी दुनिया में भेड़ चाल चलने वालों की कमी नहीं। वह बात चाहें करियर चुनने की हो या फ़िर कोई और। घर-परिवार वाले भी अपने बच्चों पर फ़ैसला थोप देते है, कि फ़लाँ कोर्स में एडमिशन ले लो। अब उसमें बच्चें का मन हो या नहीं, लेकिन उसे मन मारकर पढ़ना पडता। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी कहानी बताने जा रहें, जो यह बताएगी कि कैसे व्यक्ति अपने मन का काम करके सफ़लता के झंडे बुलंद कर सकता है। बशर्तें कि उसमें धैर्य और कठिन मेहनत करने का जज़्बा होना चाहिए।

    अमेरिका की नौकरी छोड़कर दूध बेचना कियाˈ शुरू, 20 गाय से बना लिया 44 करोड़ रुपए की कंपनीˌ

    आज के समय में हर माता-पिता का यह सपना होता है कि उनका लड़का डॉक्टर, इंजीनियर या फ़िर वैज्ञानिक बनें, लेकिन यह कहानी थोड़ा अलग है। बता दें कई सारे लोग ऐसे होते है। जो मन मारकर नौकरी करते है और पैसे भी कमाते हैं, लेकिन उनके मन में कुछ न कुछ मलाल हमेशा बना रहता है। ऐसा ही कुछ इस युवक के साथ भी हो रहा था। फिर इस आईआईटी के पूर्व छात्र ने नौकरी छोड़कर ऐसा काम करना चाहा। जिसे करने में आज़कल लोग शर्म तक महसूस करते हैं। चलिए अब आते हैं मुद्दे की बात पर। जी हां हम बात कर रहें किशोर इंदुकुरी (Kishor Indukari) की। जो अमेरिका में मोटी सैलरी वाली नौकरी कर रहे थे। मगर, अपनी खुशी के लिए एक दिन इन्होंने अपनी आरामदायक नौकरी छोड़ दी, ताकि अपना ख़ुद का कुछ शुरू कर सकें।

    स्वदेश लौटकर Kishor Indukari ने 20 गाय खरीदी और डेयरी फार्मिंग में अपनी किस्मत आजमाई। शुरुआती दिक्कतों के बाद उनकी मेहनत रंग लाई और आज इंदुकुरी की डेयरी 44 करोड़ रुपए की कंपनी बन गई। इंटेल की नौकरी छोड़कर किशोर ने हैदराबाद में ‘सिड्स फार्म’ के नाम से डेयरी फार्म शुरु किया और ग्राहकों को सब्सक्रिप्शन के आधार पर गैर मिलावटी दूध पहुंचाना शुरू किया। उनका यह आइडिया काम कर गया और कंपनी लगातार बड़ी होती गई। बता दें कि किशोर मूल रूप से कर्नाटक के रहने वाले हैं।

    Success Story Of Kishor Indukuri


    मैसाचुसेट्स यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई…

    मैसाचुसेट्स यूनिवर्सिटी से अपनी मास्टर्स और पीएचडी पूरी करने के बाद किशोर इंदुकुरी ने इंटेल में छह साल तक नौकरी की। इसके बावजूद नाखुश होने पर किशोर ने अपनी अमेरिकी नौकरी छोड़ दी और अपने गृहनगर कर्नाटक लौट आएं, लेकिन जीवन में हमेशा एक टर्निंग प्वाइंट होता है जहां किसी की भी जिंदगी बदल जाती है। वही हुआ इनके साथ भी।

    Success Story Of Kishor Indukuri

    इसके बाद जब किशोर हैदराबाद गए, तो वहां उन्होंने देखा कि शहर में लोगों के पास सुरक्षित और स्वास्थ्यकर दूध के कुछ ही विकल्प हैं। उन्होंने तुरंत एक बिजनेस आइडिया के बारे में सोचा और 2012 में सिर्फ 20 गायों के निवेश के साथ अपनी खुद की डेयरी शुरू की। उन्होंने और उनके परिवार ने खुद गायों का दूध निकालना शुरू किया और सीधे ग्राहकों के घर तक ऑर्गेनिक दूध पहुंचाया। आखिरकार, उन्होंने दूध देने के समय से लेकर अपने ग्राहकों तक पहुंचने तक दूध की लंबी उम्र सुनिश्चित करने के लिए एक इंस्टाल-फ्रीज-स्टोर सिस्टम में निवेश किया।

    पूर्व इंजीनियर किशोर इंदुकुरी का डेयरी फार्म, जिसका नाम उन्होंने अपने बेटे सिद्धार्थ के नाम पर ‘सिड्स फार्म’ रखा। जिसके आज के समय मे क़रीब 10,000 ग्राहक हैं। साथ ही साथ यह कंपनी 44 करोड़ रुपये का सालाना आय प्राप्त कर रही है। वह सिर्फ दूध ही नहीं, बल्कि जैविक दूध उत्पाद दही और घी भी बेचते हैं। ऐसे में यह कहानी हमें बताती है कि कोई भी काम छोटा और बड़ा नहीं होता। काम सिर्फ़ काम होता है और मेहनत के अलावा लगन के साथ किया गया हर काम सफ़ल होता है।

  • पर्सनल लोन नहीं चुकाया तो क्या जानाˈ पड़ेगा जेल? जान लो कानून और बचने के तरीकेˌ

    पर्सनल लोन नहीं चुकाया तो क्या जानाˈ पड़ेगा जेल? जान लो कानून और बचने के तरीकेˌ

    पर्सनल लोन नहीं चुकाया तो क्या जानाˈ पड़ेगा जेल? जान लो कानून और बचने के तरीकेˌ
    Personal Loan Default

    आजकल मोबाइल ऐप्स और वेबसाइटों से पर्सनल लोन लेना बहुत आसान और जल्दी हो गया है। लेकिन जब लोन चुकाने की बारी आती है, तो कई लोग पैसे की कमी या दूसरी वजहों से किस्तें नहीं दे पाते। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या पर्सनल लोन न चुकाने पर जेल भी हो सकती है?

    क्या पर्सनल लोन डिफॉल्ट करना अपराध है?

    भारतीय कानून के तहत, किसी भी पर्सनल लोन का डिफॉल्ट करना स्वतः आपराधिक मामला नहीं होता. इसे एक सिविल विवाद माना जाता है, न कि आपराधिक अपराध. इसका अर्थ यह है कि केवल EMI चुकाने में असफल रहने पर किसी को जेल नहीं भेजा जा सकता. हां, इससे आपकी क्रेडिट स्कोर (Credit Score) खराब हो सकता है और भविष्य में लोन लेना कठिन हो सकता है.

    बैंक की प्रक्रिया और कानूनी कार्रवाई

    बैंक और NBFC (Non-Banking Financial Company) आमतौर पर डिफॉल्ट होने पर सबसे पहले नोटिस भेजते हैं. इसके बाद यदि लोनधारक प्रतिक्रिया नहीं देता, तो वे सिविल कोर्ट में वसूली के लिए मामला दायर कर सकते हैं. कोर्ट आदेश के तहत आपकी संपत्ति की जब्ती, वेतन से कटौती, या बैंक खातों को फ्रीज़ करने की कार्यवाही की जा सकती है.

    किन मामलों में बनता है आपराधिक केस?

    हालांकि पर्सनल लोन डिफॉल्ट स्वयं में अपराध नहीं है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में यह आपराधिक मामला बन सकता है. उदाहरण के लिए:

    1. चेक बाउंस होना – यदि आपने बैंक को भुगतान के लिए चेक दिया और वह बाउंस हो गया, तो यह नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत आपराधिक अपराध माना जाता है. इसमें दोष सिद्ध होने पर दो साल तक की सजा हो सकती है.
    2. फर्जी दस्तावेज देना या धोखाधड़ी करना – यदि आपने जानबूझकर झूठे दस्तावेजों के आधार पर लोन लिया है या गलत जानकारी दी है, तो आप पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के अंतर्गत केस चल सकता है, जिसमें जेल की सजा का प्रावधान है.

    RBI के नियम और ग्राहक की सुरक्षा

    RBI (Reserve Bank of India) द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देश यह सुनिश्चित करते हैं कि बैंक या लोन देने वाली संस्थाएं कर्जदारों के साथ अनुचित व्यवहार न करें. उन्हें नोटिस भेजना आवश्यक है और पुनर्भुगतान के लिए बातचीत का अवसर देना होता है. इसके अतिरिक्त, पुनर्गठन (Restructuring) की सुविधा भी दी जा सकती है जिससे ग्राहक आसान किश्तों में लोन चुका सकें.

    डिजिटल लोन ऐप्स और बढ़ती चिंताएं

    हाल के वर्षों में कई अवैध Digital Loan Apps सामने आए हैं, जो ग्राहकों को भारी ब्याज दरों पर लोन देकर धमकियों और डराने-धमकाने की रणनीति अपनाते हैं. सरकार ने ऐसे ऐप्स के खिलाफ सख्त कानून बनाने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें सात साल तक की जेल और भारी जुर्माना शामिल है. यह कदम उपभोक्ताओं की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

    यदि आप डिफॉल्ट की स्थिति में हैं तो क्या करें?

    अगर आप किसी कारणवश Personal Loan का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं, तो सबसे पहले घबराएं नहीं. बैंक या NBFC से तुरंत संपर्क करें, अपनी स्थिति स्पष्ट करें और पुनर्भुगतान की सुविधा या पुनर्गठन का अनुरोध करें. अगर आप पारदर्शी और सहयोगी रहते हैं, तो बैंक भी समाधान खोजने के लिए इच्छुक रहते हैं. लेकिन जानबूझकर टालमटोल या गलत जानकारी देने से बचें, क्योंकि तब मामला कानूनी और आपराधिक रूप ले सकता है.