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  • सिर्फ 7 दिनों में दूर होगी मर्दोंˈ की कमजोरी, आचार्य बालकृष्ण ने बताए आयुर्वेदिक रामबाण नुस्खेˌ

    सिर्फ 7 दिनों में दूर होगी मर्दोंˈ की कमजोरी, आचार्य बालकृष्ण ने बताए आयुर्वेदिक रामबाण नुस्खेˌ

    सिर्फ 7 दिनों में दूर होगी मर्दोंˈ की कमजोरी, आचार्य बालकृष्ण ने बताए आयुर्वेदिक रामबाण नुस्खेˌ

    Sex Problems: आजकल लोगों की जिंदगी बहुत भागदौड़ भरी हो गई है. ऐसे में लोगों के पास खुद के लिए समय नहीं है, जिससे कई बीमारियां होती हैं.

    Sexual Problems: आजकल लोग कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जो खराब जीवनशैली और खान-पान की आदतों के कारण होती हैं. आचार्य बालकृष्ण ने इसका एक उपाय सुझाया है. आजकल बहुत से लोग बैठे-बैठे काम करते हैं, जिससे उन्हें कई तरह की परेशानियां होती हैं. दरअसल, लोग अक्सर खाना खाते ही वापस बैठ जाते हैं और काम पर लग जाते हैं. इसके लिए आचार्य बालकृष्ण ने एक फल खाने की सलाह दी है. आइए आपको बताते हैं.

    शारीरिक कमजोरी

    खान-पान का ठीक से ध्यान न रखने के कारण युवाओं के शरीर में कई तरह की समस्याएं देखने को मिलती हैं. युवाओं में सबसे आम समस्याओं में से एक है शारीरिक कमजोरी. आयुर्वेद में ऐसी कई चीजों के बारे में बताया गया है जिनसे पुरुषों की शारीरिक कमजोरी दूर की जा सकती है. आचार्य बालकृष्ण ने एक ऐसी चीज के बारे में बताया है जो आपको किराने की दुकान में आसानी से मिल जाएगी.

    वायु प्रदूषण

    वायु प्रदूषण ने लोगों के जीवन के साथ-साथ उनके वैवाहिक जीवन को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है. दिल्ली-एनसीआर में कई कपनल कई प्रयासों के बावजूद गर्भधारण नहीं कर पा रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे जोड़ों पर किए गए अध्ययनों से पता चला है कि पर्यावरण प्रदूषण का पुरुष प्रजनन क्षमता पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है. यह गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में गर्भपात का भी एक प्रमुख कारण है. अत्यधिक प्रदूषण के प्रभाव से पुरुषों में शुक्राणुओं की गुणवत्ता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

    पीली शतावरी की जड़

    आचार्य बालकृष्ण ने सूखी पीली शतावरी की जड़ लेकर उसे ओखली और मूसल की मदद से पीसकर चूर्ण बनाने की सलाह दी है. उन्होंने इस चूर्ण को रोज सुबह और शाम दूध में मिलाकर सेवन करने की सलाह दी है. इससे धातु रोग और धातु दुर्बलता से राहत मिलेगी.

    इस तरह सेवन करें

    आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि इस चूर्ण का सेवन एक हफ्ते या 10 से 15 दिन तक करने से पुरुषों को अच्छे परिणाम मिलेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि गोखरू और शतावर का मिश्रण पीने से गुर्दे की पथरी की समस्या में काफी आराम मिलता है. उन्होंने यह भी बताया कि इस मिश्रण का नियमित सेवन गुर्दे की पथरी और गुर्दे की अन्य समस्याओं के इलाज में बहुत मददगार हो सकता है.

    Disclaimer : प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है.

  • 25–30 साल के युवा बन रहे हैंˈ नामर्द: ये बीमारियां चुपके से कर रही हैं सेक्स पावर को प्रभावित, अभी जानना जरूरीˌ

    25–30 साल के युवा बन रहे हैंˈ नामर्द: ये बीमारियां चुपके से कर रही हैं सेक्स पावर को प्रभावित, अभी जानना जरूरीˌ

    25–30 साल के युवा बन रहे हैंˈ नामर्द: ये बीमारियां चुपके से कर रही हैं सेक्स पावर को प्रभावित, अभी जानना जरूरीˌ

    Men’s Sexual Health: आजकल युवा पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या तेजी से बढ़ रही है. 25 से 30 वर्ष की आयु के पुरुष खराब जीवनशैली, हार्मोनल असंतुलन, मधुमेह, अवसाद, प्रदर्शन संबंधी चिंता और धूम्रपान जैसे कारणों से इस समस्या से पीड़ित हैं. इस लेख में हम इरेक्टाइल डिसफंक्शन के कारणों पर चर्चा करेंगें.

    Men’s Sexual Health: इरेक्टाइल डिसफंक्शन पुरुषों में एक आम समस्या है. पहले यह समस्या 40 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों में होती थी, लेकिन अब यह 25 से 30 वर्ष की आयु के युवाओं में भी देखी जा रही है. इसका एक प्रमुख कारण उनकी जीवनशैली है, जो मधुमेह सहित विभिन्न बीमारियों के समय से पहले विकास में योगदान देती है. इसके कारण संभोग के दौरान पर्याप्त इरेक्शन प्राप्त नहीं हो पाता है, जिससे उन्हें अपने साथी के सामने शर्मिंदगी उठानी पड़ती है. इसका मुख्य कारण लिंग में पर्याप्त रक्त प्रवाह का न होना है.

    युवा पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन

    एनसीबीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, 20 से 29 वर्ष की आयु के लगभग 8% पुरुष इस समस्या से पीड़ित हैं. इस बीच, 30 से 39 वर्ष की आयु के लगभग 11% पुरुष इस समस्या से प्रभावित हैं.

    इरेक्टाइल डिसफंक्शन के मुख्य लक्षण

    • इरेक्शन में परेशानी
    • इरेक्शन बनाए रखने में कठिनाई
    • सेक्स में रुचि की कमी
    • आत्मविश्वास की कमी

    मुख्य कारण

    हार्मोनल असंतुलन

    टेस्टोस्टेरोन की कमी से इरेक्टाइल डिसफंक्शन हो सकता है. प्रोलैक्टिन हार्मोन के उच्च स्तर या थायरॉइड की समस्याओं के कारण भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन हो सकता है.

    डायबिटीज

    उच्च रक्त शर्करा तंत्रिकाओं और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुँचाता है, जिससे स्तंभन संबंधी समस्याएँ होती हैं.

    डिप्रेशन

    मस्तिष्क यौन इच्छा का प्राथमिक स्रोत है. अवसाद मस्तिष्क में रासायनिक असंतुलन पैदा करता है, जिससे यौन इच्छा कम हो सकती है.

    सेक्स से पहले परफॉर्मेंस की चिंता

    युवा पुरुष अक्सर सेक्स से पहले अपने परफॉर्मेंस को लेकर तनाव का अनुभव करते हैं, जिससे स्तंभन प्राप्त करने में कठिनाई हो सकती है.

    स्मोकिंग से रक्त संचार भी प्रभावित होता है

    निकोटीन शरीर में रक्त संचार को भी प्रभावित करता है, जिससे स्तंभन में बाधा आ सकती है.

    Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है.

  • शारीरिक संबंध के बाद महिलाएं न करेंˈ ये 5 गलतियां, वरना पार्टनर का मूड हो सकता है खराबˌ

    शारीरिक संबंध के बाद महिलाएं न करेंˈ ये 5 गलतियां, वरना पार्टनर का मूड हो सकता है खराबˌ

    शारीरिक संबंध के बाद महिलाएं न करेंˈ ये 5 गलतियां, वरना पार्टनर का मूड हो सकता है खराबˌ
    Mistakes after Sex

    Mistakes after Sex : सेक्सुअल एक्विटिज के बाज आपके द्वारा की गई कुछ गलतियों की वजह से आपके पार्टनर का मूड खराब हो सकता है। आइए जानते हैं इस बारे में-

    Mistakes after Sex: सेक्स केवल शारीरिक संबंध का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे भावनात्मक जुड़ाव और आपसी समझ को भी मजबूती मिलती है। सेक्स के बाद का समय उतना ही महत्वपूर्ण होता है, जितना कि खुद अनुभव। इस दौरान महिलाओं द्वारा की गई कुछ गलतियां साथी का मूड खराब कर सकती हैं और रिश्ते में दूरी पैदा कर सकती हैं। आइए जानते हैं ऐसी 5 गलतियां, जिनसे महिलाओं को बचना चाहिए।

    सेक्स के बाद का समय रिश्ते को और मजबूत बनाने का एक महत्वपूर्ण मौका होता है। अगर आप तुरंत उठकर दूर चली जाती हैं या साथी की बातों को अनदेखा करती हैं, तो इससे वह अलग-अलग सा महसूस कर सकते हैं। इस समय साथ में आराम करना, बात करना या बस एक-दूसरे के करीब रहना आपके रिश्ते को गहरा बनाने में मदद करता है

    साथी की भावनाओं को न समझना

    कई बार सेक्स के बाद साथी अपनी भावनाएं शेयर करना चाहते हैं। यदि आप उनकी बातों को अनसुना करती हैं या खुद में व्यस्त हो जाती हैं, तो इससे उनका मूड खराब हो सकता है। उनकी बातों को ध्यान से सुनें और अपने विचार शेयर करें। यह आपको और करीब लाएगा।

    सफाई को नजरअंदाज करना

    सेक्स के बाद व्यक्तिगत साफ-सफाई बहुत जरूरी है। अगर आप इस बात को अनदेखा करती हैं, तो यह आपके स्वास्थ्य के साथ-साथ साथी को भी असहज महसूस करा सकता है। दोनों को सेक्स के बाद अपने शरीर को साफ रखना चाहिए ताकि कोई संक्रमण या बदबू न हो।

    शिकायत करना

    सेक्स के बाद की गई शिकायत आपके पार्टनर को आहत पहुंचा सकती है। यह समय खुशी और सुकून का है, न कि किसी कमी को लेकर चर्चा करने का। अगर आपको किसी चीज़ से परेशानी हो, तो उसे बाद में शांत मन से बातचीत के दौरान शेयर करें।

    अपने फोन में व्यस्त हो जाना

    सेक्स के तुरंत बाद फोन में लग जाना साथी को अलग सा महसूस करा सकता है। यह समय साथी के साथ बिताने और उस खास पल का आनंद लेने का है। फोन और सोशल मीडिया को बाद में संभालें और इस समय को पूरी तरह से साथी के लिए समर्पित करें।

    सेक्स के बाद का समय रिश्ते को और मजबूत बनाने का मौका देता है। इन 5 गलतियों से बचकर और सही व्यवहार अपनाकर आप न केवल अपने साथी का मूड अच्छा रख सकती हैं, बल्कि अपने रिश्ते को भी गहरा और खुशनुमा बना सकती हैं। ध्यान रखें कि सेक्स केवल एक क्रिया नहीं, बल्कि प्यार और जुड़ाव का प्रतीक है।

  • क्या संबंध बनाते वक्त बढ़ जाता हैˈ हार्ट अटैक का खतरा? डॉक्टरों ने बताई असली वजहˌ

    क्या संबंध बनाते वक्त बढ़ जाता हैˈ हार्ट अटैक का खतरा? डॉक्टरों ने बताई असली वजहˌ

    क्या संबंध बनाते वक्त बढ़ जाता हैˈ हार्ट अटैक का खतरा? डॉक्टरों ने बताई असली वजहˌ

    Sexual Health: क्या सेक्स के दौरान दिल का दौरा पड़ सकता है? हेल्थ एक्सपर्टस का कहना है कि यह संभव है, लेकिन सभी के लिए नहीं,आइए समझें विस्तार से इसके बारे में.

    Sexual Haalth Tips: कई लोग पूछते हैं कि क्या सेक्स के दौरान दिल का दौरा पड़ सकता है. हेल्थ एक्सपर्टस का कहना है कि यह संभव है, लेकिन सभी के लिए नहीं. सेक्स एक प्रकार का शारीरिक व्यायाम है जो शरीर की ऊर्जा, और हर्ट बीट को बढ़ाता है. इसलिए, पहले से दिल की बीमारी से ग्रस्त लोगों के लिए यह खतरनाक हो सकता है.

    सेक्स और दिल की बीमारी

    डॉक्टरों के अनुसार, सेक्स के दौरान शरीर की गतिविधियां एरोबिक्स, दौड़ने, सीढ़ियां चढ़ने या तैराकी के दौरान जितनी सक्रिय होती हैं, उतनी ही सक्रिय होती हैं. इस दौरान, हार्ट अधिक रक्त पंप करता है, ऑक्सीजन की मांग बढ़ाता है और मांसपेशियों पर दबाव डालता है. स्वस्थ के लिए, यह शारीरिक व्यायाम का एक प्राकृतिक रूप है और हार्ट को नुकसान नहीं पहुंचाता है. लेकिन अगर किसी व्यक्ति को दिल की बीमारी, रक्तचाप, मधुमेह या मोटापा है, तो ऐसी शारीरिक गतिविधि उसके हार्ट पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है. यही कारण है कि इन लोगों को संभोग के दौरान दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है.

    किसे ज्यादा खतरा है?

    हार्ट के रोगी

    जिन लोगों को पहले दिल का दौरा या एनजाइना (सीने में दर्द) हो चुका है, उन्हें संभोग के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए.

    सर्जरी या स्टेंट वाले मरीज

    जिन लोगों की हाल ही में बाईपास सर्जरी हुई है या जिन्हें स्टेंट डाला गया है, उन्हें डॉक्टर से सलाह लिए बिना संभोग से बचना चाहिए.

    हाई ब्लड प्रेशर और शुगर वाले लोग

    ये स्थितियां दिल की क्षमता को कमजोर करती हैं, जिससे खतरा बढ़ जाता है.

    मोटे लोग

    ये लोग जल्दी थक जाते हैं और ऑक्सीजन की कमी का अनुभव कर सकते हैं, जिससे हार्ट पर दबाव बढ़ जाता है.

    डॉक्टर की सलाह जरूरी है

    अगर आपको हार्ट से संबंधी कोई समस्या है, तो सेकस करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बहुत ज़रूरी है. आपके डॉक्टर आपकी हार्ट की क्षमता और शारीरिक स्थिति के आधार पर आपको सलाह दे सकते हैं कि यह सुरक्षित है या नहीं. सेक्स से पहले अत्यधिक शराब या भारी भोजन से बचें, क्योंकि ये आपके दिल की गति को और प्रभावित कर सकते हैं. अपने शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालने से बचने के लिए एक शांत वातावरण और मानसिक शांति बनाए रखना भी जरूरी है.

  • उम्र भले बढ़ जाए, जोश नहीं! जानिएˈ क्यों 70 की उम्र में भी पुरुष लेते हैं सेक्स का भरपूर मजाˌ

    उम्र भले बढ़ जाए, जोश नहीं! जानिएˈ क्यों 70 की उम्र में भी पुरुष लेते हैं सेक्स का भरपूर मजाˌ

    उम्र भले बढ़ जाए, जोश नहीं! जानिएˈ क्यों 70 की उम्र में भी पुरुष लेते हैं सेक्स का भरपूर मजाˌ

    Sex After 70: ब्रिटेन में बुजुर्ग दंपत्तियों पर किए गए एक सर्वेक्षण से पता चलता है कि 65-74 वर्ष की आयु के 39% ब्रिटिश पुरुषों ने पिछले चार हफ्तों में यौन संबंध बनाए हैं. पिछले चार हफ्तों में यौन संबंध बनाने वाली इसी आयु वर्ग की महिलाओं की संख्या 23% थी.

    Sex After 70: सेक्स और बुढ़ापा,आप शायद इन दोनों को एक साथ नहीं सोचते होंगे, लेकिन हकीकत कुछ और ही है. सेक्स टॉयज ने सिल्विया (81) की सेक्स लाइफ में अहम भूमिका निभाई है. उनके 73 वर्षीय पति पॉल के साथ उनका रिश्ता अब 32 साल पुराना हो गया है. द गार्जियन की एक रिपोर्ट के अनुसार, दोनों लगभग एक दशक से बेडरूम में वाइब्रेटर का इस्तेमाल कर रहे हैं. पॉल “सेक्स” की जगह “लवमेकिंग” शब्द का इस्तेमाल करने पर जोर देते हैं. उनके अनुसार, यह पूरी तरह से शारीरिक क्रिया है. हालांकि, सिल्विया काफी मुखर हैं. उनकी यौन इच्छा हमेशा जागृत रहती है. वे हर 10 दिन में एक बार सेक्स करते हैं. अंतरंगता उनके रिश्ते का एक महत्वपूर्ण पहलू है. सिल्विया और पॉल अकेले नहीं हैं; ऐसे कई जोड़े हैं जो बुढ़ापे में भी यौन रूप से सक्रिय रहते हैं.

    ‘यौनता का युवावस्था से कोई लेना-देना नहीं है’

    यौन प्रवृत्तियों और जीवनशैली पर राष्ट्रीय सर्वेक्षण में पाया गया कि 65-74 वर्ष की आयु के 39% ब्रिटिश पुरुषों ने पिछले चार हफ़्तों में यौन संबंध बनाए. सर्वेक्षण में शामिल 23% महिलाओं ने इस अवधि के दौरान यौन संबंध बनाने की बात स्वीकार की. द गार्जियन से बात करते हुए, मनो-यौन चिकित्सक केट मोयल ने कहा, “लंबे समय से, हम कामुकता को युवावस्था से जोड़ते आए हैं, जो कि सच नहीं है. ” उन्होंने आगे कहा कि इच्छाएँ जीवन भर रहती हैं. मोयल ने कहा, “हमने पाया है कि जिस तरह से हम पहले उत्तेजित होते थे, वह बदल गया है, हमारे शरीर की क्षमताएँ प्रभावित हुई हैं, लेकिन हम अपनी ज़रूरतों के अनुसार खुद को ढाल सकते हैं. “

    बुज़ुर्ग अपने बच्चों से बेहतर यौन संबंध बना रहे हैं

    71 वर्षीय मोयल ने कहा कि उनकी मुलाकात अपनी साथी लिंडी से दो साल पहले हुई थी. अब, वह अपने जीवन के “सर्वश्रेष्ठ यौन संबंध” का आनंद ले रही हैं. उन्होंने कहा, “अब कोई बहाना नहीं है. हमारे जीवन के सारे उतार-चढ़ाव, सारे अनुभव, एक आग की तरह हैं जो बेकार चीज़ों को जला देती है. मुझे लगता है कि यह समझना कि यह हमारे पास आखिरी चीज़ है, इसलिए हमें इसका पूरा लाभ उठाना है, बहुत मददगार है. ” मोयल का मानना है कि वह अपने बच्चों से बेहतर सेक्स कर रही हैं. बच्चे अपने बच्चों और करियर में व्यस्त हैं.

    उम्र के साथ यौन पैटर्न बदलने ज़रूरी हैं

    यौन स्वास्थ्य ब्रांड LELO ने 1,000 लोगों का सर्वेक्षण किया और पाया कि 50 से ज़्यादा उम्र के लोग पहले की तुलना में कम सेक्स कर रहे हैं. एक-तिहाई ने कहा कि हाल के वर्षों में सेक्स की गुणवत्ता में सुधार हुआ है. मोयल ने कहा कि उम्र सेक्स को प्रभावित करती है. उम्र के साथ सेक्स हार्मोन कम होते जाते हैं, और पुरुषों और महिलाओं पर इसका असर अलग-अलग होता है. महिलाओं को योनि में सूखापन या कम लचीलापन महसूस हो सकता है, जिससे सेक्स मुश्किल हो सकता है. पुरुषों को इरेक्टाइल डिसफंक्शन का अनुभव हो सकता है. हालाँकि, मोयल ऐसे तरीके खोजने का सुझाव देती हैं जो कारगर हों. उन्होंने कहा कि कई जोड़ों को लुब्रिकेंट के इस्तेमाल से फ़ायदा हुआ है.

  • 3 साल तक प्रेग्नेंसी की कोशिश, हरˈ बार फेल, मह‍िला को याद आई शादी से पहले की 1 भूल, बोली-सोचा फर्क नहीं पड़ेगा मगरˌ

    3 साल तक प्रेग्नेंसी की कोशिश, हरˈ बार फेल, मह‍िला को याद आई शादी से पहले की 1 भूल, बोली-सोचा फर्क नहीं पड़ेगा मगरˌ

    3 साल तक प्रेग्नेंसी की कोशिश, हरˈ बार फेल, मह‍िला को याद आई शादी से पहले की 1 भूल, बोली-सोचा फर्क नहीं पड़ेगा मगरˌ

    ​कभी-कभी प्रेग्नेंसी न होने की वजह ऐसी निकलकर आती है, जो हर किसी को हैरान कर देती है। कुछ ऐसा ही हुआ एक मह‍िला के साथ हुआ, जो पिछले तीन सालों से लगातार कोशिश कर रहा था, लेकिन हर बार फेल हो रही थी, जब जांच हुई तो असली वजह जानकर सब हैरान रह गए।आजकल कई कपल्स को प्रेग्नेंट होने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार सालों तक कोशिश करने के बाद भी सफलता नहीं मिलती। ऐसे में कपल्स तनाव में आ जाते हैं और अक्सर किसी पुराने बात या गलती को याद करने लगते हैं, मानो उसी ने आज की परेशानी खड़ी की हो। कुछ ऐसा ही हुआ एक महिला के साथ भी। वह तीन सालों से प्रेग्नेंसी की कोशिश कर रही थी, लेकिन हर बार नाकाम रही। जब उसने डॉक्टर को दि‍खाया तो उसने बोला क‍ि ‘मुझे लगा था फर्क नहीं पड़ेगा… मगर।

    मह‍िला की यह बात सुनने के बाद अब सवाल ये था क‍ि आखिर शादी से पहले की वो ‘एक बात’ या ‘भूल’ क्या थी और क्या सच में उसी के कारण महिला प्रेग्नेंट नहीं हो पा रही थी या फिर इसके पीछे कोई और मेडिकल वजह छिपी थी? चलिए जानते हैं, इस केस को संभाल रही फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ. महिमा से।

    इंस्‍टाग्राम वीड‍ियो में फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉक्‍टर. महिमा बताती हैं कि हाल ही में उनके पास एक कपल आया था, जि‍सकी उम्र 28 साल थी। ये कपल पिछले तीन सालों से प्रेग्नेंसी के लिए कोशिश कर रहे थे, लेकिन हर बार नाकाम रहे।
    मह‍िला ने खाई थी अबॉर्शन प‍िल 

    एक्सपर्ट बताती हैं कि उस महिला ने शादी से पहले अबॉर्शन पिल ली थी। उसे यकीन था कि जब भी चाहेगी, प्रेग्नेंट हो जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हर महीने प्रेग्‍नेंसी टेस्ट नेगेटिव आता रहा और उसके साथ बढ़ती गई उसकी चिंता और डिप्रेशन। धीरे-धीरे परिवार में कानाफूसी शुरू हो गई। लोगों की बातें, ताने और सवालों ने उसे अंदर तक तोड़ दिया। इसी वजह से उसने फैम‍िली फंक्‍शन में जाना बंद कर द‍िया।
    क्‍या आप बेबी प्‍लान कर रही हैं ?​ ​
    कपल पहले ही कई डॉक्‍टर को द‍िखा चुका था 

    डॉ. महिमा बताती हैं कि वो कपल उनसे मिलने से पहले कई डॉक्टरों को दिखा चुका था। लेकिन हर जगह से कोई सही जवाब नहीं मिला। उन्‍होंने जब कपल की र‍िपोर्ट देखी तो मह‍िला का एमएच लेवल नॉर्मल, अल्ट्रासाउंड र‍िपोर्ट्स भी ठीक थीं। पति की सीमेन जांच भी ब‍िल्‍कुल सही थी। लेक‍िन फिर भी प्रेग्नेंसी नहीं हो रही थी। हर बार उम्मीद लेकर टेस्ट कराते, और हर बार निराशा मिलती।
    महि‍ली की आंखें और मुंह हमेशा सूखे रहते थे 

    एक्सपर्ट आगे बताती हैं कि उस महिला ने कहा ‘डॉक्टर, मेरी आंखें और मुंह हमेशा बहुत ड्राई रहते हैं। मुझे करीब छह साल पहले एक ऑटोइम्यून बीमारी हुई थी और तब से लोग कहते हैं ‘तुम्हारी जैसीऔरतें कभी मां नहीं बन सकतीं।’ ये बात उसे सालों तक भीतर से खाती रही थी। लेकिन मैं जानती थी, चीजें हमेशा वैसी नहीं होतीं जैसी दिखती हैं खैर , जब मैंने जांच की, तो आखिरकार हमें मिल गया वो कारण, जो अब तक सबकी नजरों से छिपा हुआ था।
    मह‍िला को था ये स‍िंड्रोम डॉक्‍टर कहती हैं क‍ि जांच में पता चला कि उसे Sjögren’s सिंड्रोम है। यह एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर। इस कंडीशन में आंखों, त्वचा और यहां तक कि योनि में भी ड्राइनेस रहती है, जिससे नैचुरली कंसीव करना मुश्किल हो सकता है।

    10 से 15 फीसदी कपल्स अनएक्सप्लेंड इनफर्टिलिटी से जूझते हैं

    वे अंत में कहती हैं लगभग 10 से 15% कपल्स ऐसी अनएक्सप्लेंड इनफर्टिलिटी से जूझते हैं, जहां सारे टेस्ट नॉर्मल होते हैं, फिर भी गर्भधारण नहीं हो पाता। ऐसे ही केस में कई बार Sjögren’s सिंड्रोम जैसी छिपी हुई कंडीशन कारण बन जाती है। लेकिन अच्छी बात ये है कि अगर समय पर डायग्नोस और सही ट्रीटमेंट मिले, तो प्रेग्नेंसी पूरी तरह संभव है। और यही हुआ इस कपल के साथ भी।

    ड‍िस्‍केलमर इस लेख में दी गई सूचना पूरी तरह इंस्‍टाग्राम रील पर आधार‍ित है।

  • अगर आपने भी लंबे समय से नहींˈ बनाया है फिजिकल रिलेशन तो जानिए क्या होते हैं इसके नुकसान?ˌ

    अगर आपने भी लंबे समय से नहींˈ बनाया है फिजिकल रिलेशन तो जानिए क्या होते हैं इसके नुकसान?ˌ

    Sex Side Effects: सेक्स का जिक्र आते ही लोग अक्सर चुप हो जाते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि लंबे समय तक शारीरिक संबंध न बनाने पर क्या होता है?

    अगर आपने भी लंबे समय से नहींˈ बनाया है फिजिकल रिलेशन तो जानिए क्या होते हैं इसके नुकसान?ˌ

    Sex Na Karne Ke Nuksan: जब भी सेक्स या शारीरिक संबंधों का जिक्र होता है, तो लोग अक्सर इस विषय पर चुप रहते हैं. दरअसल, आज भी भारत में इसे शर्म का विषय माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि लंबे समय तक सेक्स न करने पर क्या हो सकता है? हाल ही में एक शोध में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं, और अगर इस विषय पर चर्चा ही न की जाए, तो इस समस्या का समाधान कैसे हो सकता है? यह नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) का एक अध्ययन है, जो लंबे समय तक यौन संबंध न बनाने के संभावित प्रभावों को समझाता है.

    क्या कहता है विज्ञान?

    इस अध्ययन में 17,744 लोगों से डेटा एकत्र किया गया, जिनमें 15.2% पुरुष और 26.7% महिलाएं शामिल थीं, जिन्होंने एक साल से शारीरिक संबंध नहीं बनाए थे. वहीं, 8.7% पुरुष और 17.5% महिलाएं पांच साल से शारीरिक संबंध बना रही थीं. सच तो यह है कि इस शोध में खुशी के स्तर से लेकर शारीरिक गतिविधियों तक, कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं.

    शोध बताते हैं कि अगर लंबे समय तक शारीरिक संबंध न बनाए जाएं, तो ये समस्याएं पैदा हो सकती हैं:

    चिंता बढ़ सकती है

    शोध के अनुसार, यह प्रभाव तनाव से भी जुड़ा है. नियमित सेक्स करने से तनाव कम होता है. शोध बताते हैं कि नियमित सेक्स न करने से कभी-कभी चिंता हो सकती है. हालांकि इसका सीधा संबंध नहीं है, लेकिन शोध बताते हैं कि नियमित यौन गतिविधि के दौरान निकलने वाले हार्मोन चिंता के स्तर को काफी कम कर देते हैं.

    तनाव बढ़ सकता है

    शोध में पाया गया है कि जो लोग स्वस्थ यौन जीवन नहीं जीते, उन्हें स्पर्श की कमी, यानी अपने साथी के स्पर्श की कमी का अनुभव होता है. शोध में आश्चर्यजनक आंकड़े सामने आए, जिससे पता चला कि कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान लोगों को इसी तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा. अकेले रहने वाले लोग उदास महसूस करते थे, जिससे उनके मानसिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ.

    ब्लड प्रेशर की समस्या

    हालांकि हाई ब्लड प्रेशर की समस्या का सीधा संबंध यौन संबंधों से नहीं है, लेकिन अगर तनाव का स्तर बढ़ रहा है, तो तनाव भी काफी बढ़ सकता है. यह पाया गया है कि अगर ऐसी स्थितियों में तनाव बढ़ता है, तो ब्लड प्रेशर की समस्या भी काफी बढ़ सकती है.

    रिश्ते पर असर पड़ सकता हैं

    2015 में किए गए एक अन्य अध्ययन से पता चलता है कि खराब यौन संबंध रिश्तों को प्रभावित कर सकते हैं. यही कई विवाहों के टूटने का कारण है. शारीरिक संबंध रिश्तों की मधुरता बनाए रखते हैं और व्यक्तिगत खुशी का एहसास दिलाते हैं.

    Disclaimer : प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है.

  • पहली बार सेक्स को लेकर लड़कियों केˈ मन में होते हैं ऐसे-ऐसे वहम, जानिए आखिर क्या है सच?ˌ

    पहली बार सेक्स को लेकर लड़कियों केˈ मन में होते हैं ऐसे-ऐसे वहम, जानिए आखिर क्या है सच?ˌ

    पहली बार सेक्स को लेकर लड़कियों केˈ मन में होते हैं ऐसे-ऐसे वहम, जानिए आखिर क्या है सच?ˌ

    First Time Sex: दुनिया भर में किशोरावस्था से गुजर रही लड़कियों की यही हकीकत है. चाहे वे भारत के ग्रामीण इलाके में रहती हों या किसी आधुनिक मोहल्ले में, सबमें एक समानता है कि पहली बार सेक्स के दैरान दर्द होगा.

    सेक्स के दौरान खून का आना संभव है. यौन संचारित संक्रमण होने का भी लगातार डर बना रहता है. इसके अलावा, गर्भवती होने पर महिलाओं को प्रसव पीड़ा भी सहनी पड़ती है. हालांकि  प्रसव के दौरान महिलाओं के ऐसे वीडियो देखनें को मिलतें हैं जिनमें वे बिल्कुल भी नहीं चीखतीं, फिर भी इससे जुड़ा डर कम नहीं होता. दूसरी ओर, लड़कों के साथ ऐसी बातचीत नहीं होती. वे उत्तेजना और चरमसुख के बारे में बात करते हैं. इस बीच, महिलाओं में सेक्स को लेकर कई गलतफहमियां और डर पनपने लगते हैं. इससे एक साथी के लिए सेक्स के प्रति आशंकाएं पैदा हो जाती हैं. महिलाएं मान लेती हैं कि दर्द होना लाजमी है. ऐसा नहीं है कि उन्हें इस दर्द का डर सिर्फ़पहली बार यौन संबंध बनाने के दौरान ही होता है.

    क्या मासिक धर्म के दौरान सेक्स सही है या गलत?

    24 वर्षीय जेस कहती हैं कि उन्हें नहीं पता कि सेक्स के दौरान दर्द और उदासी से कैसे बचा जाए. उन्होंने कहा, “सेक्स के बारे में मैंने जो कुछ भी सुना था, उससे मैं बहुत तनाव में थी. मैं बहुत सतर्क थी. मुझे ऑर्गेज्म के बारे में कई मिथकों ने जकड़ रखा था. सेक्स के दौरान मुझे जो बताया जाता था, मैं उससे मुक्त भी नहीं हो पाती थी. मुझे बताया जाता था कि सेक्स दर्दनाक हो सकता है, और मुझे न चाहते हुए भी इसे स्वीकार करना पड़ता था.” उन्होंने आगे कहा, “मैंने एक सतर्क और विनम्र साथी चुना. मैंने खुद भी शारीरिक संबंधों के बारे में कई बातों पर शोध किया. अगर आपका साथी ठीक है, तो दर्द की बात पूरी तरह से गलत है.हन्नाह विटन अपने यूट्यूब चैनल पर सेक्स से जुड़ी हर बात पर चर्चा करती हैं. दर्दनाक सेक्स के बारे में, वह कहती हैं, “कई महिलाओं को सेक्स के दौरान दर्द इसलिए नहीं होता क्योंकि यह स्वाभाविक रूप से दर्दनाक होता है. बल्कि इसलिए होता है क्योंकि हम नहीं जानते कि अच्छा सेक्स कैसे किया जाता है.”

    सेक्स के दैरान दर्द

    कई बार सेक्स स्थितियां दर्दनाक हो सकती हैं. अगर आपको सेक्स के दौरान दर्द होता है, तो यह एक गंभीर समस्या है. “योनि में दर्द ,यौन संचारित रोगों (STI) के कारण हो सकता है. कभी-कभी, लेटेक्स कंडोम और साबुन भी जलन पैदा कर सकते हैं.” अगर दर्द बना रहे, तो आपको किसी यौन स्वास्थ्य क्लिनिक से संपर्क करना चाहिए.हालांकि, दर्दनाक संभोग पूरी तरह से मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारकों से जुड़ा है. 2017 में एक अध्ययन हुआ और पाया कि ब्रिटेन में 16 से 24 वर्ष की आयु की 10 प्रतिशत लड़कियों को दर्दनाक संभोग का अनुभव होता है .संयुक्त राज्य अमेरिका में एक अध्ययन किया गया, और शोधकर्ता सारा मैकलेलैंड ने महिलाओं और पुरुषों से पूछा कि उनके लिए कम यौन संतुष्टि का क्या मतलब है. पुरुषों ने इस सवाल का जवाब अपने साथी की उदासीनता बताया, जबकि महिलाओं ने दर्द बताया.

  • महिलाओं का इंटिमेट होना सिर्फ सुख नहीं,ˈ सेहत का राज भी है, जानिए वो फायदे जिनके बारे में कोई खुलकर नहीं बताता!ˌ

    महिलाओं का इंटिमेट होना सिर्फ सुख नहीं,ˈ सेहत का राज भी है, जानिए वो फायदे जिनके बारे में कोई खुलकर नहीं बताता!ˌ

    इंटिमेट होने के कई शारीरिक और मानसिक लाभ हैं, जो अक्सर छुपाए जाते हैं। जानिए कैसे सेक्स आपकी त्वचा, दिल, तनाव और वजन पर असर डालता है। इन फायदों के बारे में कम ही लोग बात करते हैं, लेकिन ये आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं!

    महिलाओं का इंटिमेट होना सिर्फ सुख नहीं,ˈ सेहत का राज भी है, जानिए वो फायदे जिनके बारे में कोई खुलकर नहीं बताता!ˌ
    महिलाओं का इंटिमेट होना सिर्फ सुख नहीं, सेहत का राज भी है, जानिए वो फायदे जिनके बारे में कोई खुलकर नहीं बताता!

    महिलाओं के लिए सेक्स के कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज किया जाता है। यह न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। कई शोधों में यह पाया गया है कि सेक्स से महिलाओं को न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य के लाभ मिलते हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार आता है। जानिए महिलाओं के लिए सेक्स के वो छुपे फायदे जो आपके स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं।

    महिलाओं में सेक्स दर्द से राहत

    सेक्स महिलाओं के लिए एक प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में काम करता है। जब महिलाएं सेक्स करती हैं, तो उनके शरीर में ऑक्सीटॉसिन नामक हार्मोन रिलीज होता है, जो दर्द को कम करने में मदद करता है। यह हार्मोन सिरदर्द से लेकर पीरियड्स के दर्द तक को कम कर सकता है। इसके अलावा, यह मांसपेशियों की अकड़न और अन्य शारीरिक दर्द को भी दूर करता है।

    खूबसूरत और स्वस्थ त्वचा

    महिलाओं के लिए सेक्स एक प्राकृतिक ब्यूटी ट्रीटमेंट भी हो सकता है। ऑर्गेज़म के दौरान शरीर में डीएचए (DHEA) नामक हार्मोन रिलीज होता है, जो स्किन की चमक को बढ़ाता है और मुंहासों से लड़ने में मदद करता है। यह हार्मोन त्वचा को न केवल स्वस्थ बनाए रखता है, बल्कि उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को भी धीमा कर सकता है।

    दांतों की सेहत

    क्या आप जानते हैं कि सेक्स से दांतों की सेहत भी बेहतर हो सकती है? दरअसल, सीमेन में जिंक और कैल्सियम जैसे मिनिरल्स पाए जाते हैं, जो सेक्स के दौरान शरीर द्वारा अवशोषित होते हैं। ये मिनिरल्स दांतों को कैविटीज से बचाते हैं और दांतों की मजबूती को बढ़ाते हैं।

    कैंसर से सुरक्षा

    महिलाओं के लिए एक और महत्वपूर्ण लाभ यह है कि सेक्स सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान कर सकता है। ऑर्गेज़म के दौरान, शरीर के अंदर की कुछ शारीरिक प्रक्रियाएं होती हैं जो सर्वाइकल कैंसर की संभावना को कम कर सकती हैं। इसी तरह, पुरुषों में इजैक्युलेशन से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा कम होता है।

    मानसिक स्वास्थ्य और तनाव कम करना

    सेक्स महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। यह तनाव और डिप्रेशन को कम करने में मदद करता है क्योंकि सेक्स के दौरान ऑक्सीटॉसिन और एंडोर्फिन नामक ‘फील-गुड’ हार्मोन रिलीज होते हैं। यह हार्मोन मानसिक शांति और खुशी प्रदान करते हैं, जिससे महिलाओं को तनाव से राहत मिलती है।

    बेहतर नींद

    अगर आपको नींद में समस्या रहती है, तो सेक्स आपके लिए एक प्राकृतिक समाधान हो सकता है। सेक्स के बाद शरीर में जो हार्मोन रिलीज होते हैं, वे नींद को बढ़ावा देते हैं। यही कारण है कि सेक्स के बाद पुरुषों और महिलाओं दोनों को गहरी और शांत नींद आने लगती है।

    इम्यून सिस्टम की मजबूती

    सेक्स से शरीर का इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है। जब आप सेक्स करते हैं, तो आपके शरीर में डीएचए (DHEA) जैसे हॉर्मोन रिलीज होते हैं, जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देते हैं। इससे आपकी शरीर की बीमारी से लड़ने की क्षमता बेहतर होती है और आप सामान्य बीमारियों से जल्दी उबर पाते हैं।

    दिल की बीमारी और रक्त संचार

    स्वस्थ दिल के लिए सेक्स फायदेमंद हो सकता है। नियमित रूप से सेक्स करने से दिल की बीमारियों का खतरा कम हो सकता है, क्योंकि यह ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है। अच्छे रक्त संचार से शरीर की सभी कोशिकाओं को ऑक्सीजन मिलती है, जो शरीर की सेहत को बनाए रखने के लिए जरूरी है।

    वजन घटाना

    सेक्स एक प्रकार का कार्डियो वर्कआउट है, जो कैलोरी बर्न करने में मदद करता है। औसतन, सेक्स के एक घंटे में 170 कैलोरी बर्न होती हैं। यह न केवल वजन घटाने में मदद करता है बल्कि शरीर को फिट रखने में भी सहायक होता है। इसलिए सेक्स को भी एक एक्सरसाइज के रूप में देखा जा सकता है।

    मेटाबोलिज्म का सुधार

    सेक्स आपके शरीर के मेटाबोलिज्म को बेहतर बनाता है। जब आप सेक्स करते हैं, तो आपका हार्ट रेट और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है, जिससे शरीर का मेटाबोलिज्म सक्रिय हो जाता है। यह न केवल वजन घटाने में मदद करता है, बल्कि शरीर के कॉलेस्ट्रॉल स्तर को भी कम करता है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा घटता है।

    शरीर की मजबूती और खूबसूरती

    सेक्स के दौरान शरीर की कई मांसपेशियां काम करती हैं, जिससे शरीर की मजबूती बढ़ती है। यह मांसपेशियों के आकार को बेहतर बनाता है, और शरीर की खूबसूरती में भी योगदान देता है। विभिन्न सेक्स पोजिशन्स मांसपेशियों के विभिन्न समूहों को मजबूत करती हैं, जो आपके शरीर को आकार देती हैं।

    क्या सेक्स एक प्राकृतिक वर्कआउट

    सेक्स को एक वर्कआउट के रूप में भी देखा जा सकता है। अगर आप सेक्स के बाद पसीने से तरबतर हो जाते हैं और आपकी मांसपेशियों में हल्का दर्द होता है, तो यह उसी प्रकार है जैसे जिम में वर्कआउट करने के बाद होता है। यह शरीर को फिट रखता है, वजन घटाने में मदद करता है और आपकी मांसपेशियों को मजबूत करता है।

    मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का लाभ

    अंत में, सेक्स सिर्फ एक शारीरिक क्रिया नहीं है, बल्कि यह मानसिक और भावनात्मक रूप से भी जुड़ा हुआ है। सेक्स के दौरान रिलीज होने वाले हार्मोन और शारीरिक क्रियाएं महिलाओं को न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखती हैं। इसलिए सेक्स को अपनी दिनचर्या में शामिल करना आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।

  • कमजोर शरीर में ताकत भर देगा यहˈ फल, सिर चढ़कर बोलेगी मर्दानगी…पार्टनर भी कहेगी Awesome!ˌ

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    Nutmeg benefits for male: थकान और स्ट्रेस की वजह से बिस्तर पर अपना बेस्ट देना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में दवाइयों की जगह आप जायफल भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. जायफल सेक्स लाइफ को बेहतर बनाने के साथ-साथ शरीर में ताकत भी भर सकता है.

    Nutmeg benefits for sex life: ऑफिस से थककर आने के बाद कई बार इतनी ताकत और शरीर में जान नहीं बचती है कि बिस्तर पर अपना बेस्ट परफॉर्मेंस दिया जा सके. यह समस्या कभी-कभी तो चल जाती है लेकिन, अगर यह रोज की बात बन जाए तो सिर्फ सेक्स लाइफ नहीं खराब होती है, बल्कि रिश्तों में भी दूरियां आने लगती हैं. सेक्स लाइफ को बेहतर करने और शरीर में घोड़े जैसी फुर्ती के लिए पुरुष अलग-अलग नुस्खे ट्राई करने लगते हैं, कुछ तो दवाइयां भी लेना शुरू कर देते हैं. लेकिन, दवाइयों से पहले नेचुरल चीजों को डाइट में शामिल करना फायदेमंद साबित हो सकता है. 

    सेक्स पावर और डिजायर बढ़ाने के लिए अक्सर लोग शिलाजीत खाने की सलाह देते हैं. लेकिन, शिलाजीत के अलावा भी कई चीजें जो सेक्स लाइफ में चार चांद लगा सकती हैं. इन्हीं में से एक जायफल भी है. जायफल में ऐसे नेचुरल कामोत्तेजक गुण होते हैं, जो यौन स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं. 

    मर्दाना ताकत बढ़ाने के लिए जायफल कैसे फायदेमंद है?

    ब्लड सर्कुलेशन 

    जायफल को डाइट में शामिल करने से ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है, इससे यौन अंगों में बेहतर ब्लड फ्लो करता है, जिससे उत्तेजना यानी इरेक्शन बेहतर होता है.

    हार्मोनल बैलेंस

    शरीर में सेक्स हार्मोन यानी टेस्टोस्टेरोन का बैलेंस बिगड़ने से भी सेक्स पावर यानी मर्दाना ताकत में कमी आने लगती है. ऐसे में जायफल को डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है. कई रिसर्च में ऐसा सामने आया है कि जायफल खाने से हार्मोनल बैलेंस ठीक रहता है. 

    स्टेमिना और कामेच्छा 

    जायफल का एक लिमिट में सेवन करने से स्टेमिना बढ़ाने में मदद मिलती है. हालांकि, स्टेमिना के लिए इसे दूध के साथ लेना फायदेमंद माना गया है. जायफल स्टेमिना के साथ ही कामेच्छा यानी सेक्स करने की इच्छा में भी बढ़ोतरी कर सकता है. 

    कितना और कैसे करें जायफल का सेवन?

    जायफल की तासीर गर्म होती है, ऐसे में इसे लिमिट में ही लेना चाहिए. आप जायफल के पाउडर का एक चौथाई चम्मच ही अपने डेली रूटीन में शामिल करें. इसे रात को सोने से पहले गुनगुने दूध में मिलाकर पी सकते हैं, चाहें तो कुछ बूंद शहद भी स्वाद के लिए मिला सकते हैं. क्योंकि, ज्यादा जायफल लेने से मतली, उल्टी, चक्कर और सिर दर्द की समस्या हो सकती है.