Author: me.sumitji@gmail.com

  • रोटी पर घी लगाकर खाना चाहिए याˈ नहीं? Acharya Balkrishna ने बताया घी में चुपड़ी हुई रोटी खाने से क्या होता हैˌ

    रोटी पर घी लगाकर खाना चाहिए याˈ नहीं? Acharya Balkrishna ने बताया घी में चुपड़ी हुई रोटी खाने से क्या होता हैˌ

    रोटी पर घी लगाकर खाना चाहिए याˈ नहीं? Acharya Balkrishna ने बताया घी में चुपड़ी हुई रोटी खाने से क्या होता हैˌ

    Roti Par Ghee Lagana Chahiye Ya Nahi: घी भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है. यह न केवल खाने का स्वाद बढ़ाता है बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. खासकर देसी घी को आयुर्वेद में अमृत समान बताया गया है.

    अब, घी का इस्तेमाल सबसे ज्यादा रोटी के साथ किया जाता है. ज्यादातर लोग रोटी के ऊपर घी लगाकर खाते हैं. लेकिन क्या ऐसा करना सही है? अक्सर लोगों के मन में यह सवाल होता है कि रोटी पर घी लगाकर खाना चाहिए या नहीं. अगर आप भी इन्हीं लोगों में से एक हैं, तो आइए पतंजलि योगपीठ के प्रमुख आचार्य बालकृष्ण (Acharya Balkrishna) से जानते हैं इस सवाल का जवाब.

    क्या है रोटी खाने का सही तरीका?

    मामले को लेकर अपने यूट्यूब चैनल पर शेयर किए गए एक वीडियो में आचार्य बालकृष्ण बताते हैं, घी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है. घी खाने से आपको एक साथ कई फायदे मिल जाते हैं. खासकर इसमें मौजूद फैटी एसिड्स, विटामिन A, D, E और K हमारे शरीर के लिए जरूरी होते हैं. लेकिन तमाम फायदों के बावजूद रोटी पर घी लगाकर नहीं खाना चाहिए.

    क्यों नहीं करना चाहिए ऐसा?

    आचार्य बालकृष्ण के अनुसार, रोटी पर घी लगाने से एक परत बन जाती है, जो पाचन क्रिया में बाधा पैदा कर सकती है. यह परत भोजन को ठीक से पचने नहीं देती है, जिससे आपको गैस, अपच या भारीपन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. ऐसे में रोटी पर घी लगाने से बचें. इससे अलग आप रोटी के साथ जो भी सब्जी या दाल खा रहे हैं, उसमें घी डाल सकते हैं. यानी दाल और सब्जी में घी डालकर उसके साथ रोटी खाएं लेकिन रोटी पर घी न लगाएं.

    आचार्य बालकृष्ण आगे बताते हैं, कई लोग रोटी को सॉफ्ट बनाने के लिए उसपर घी लगाते हैं. ऐसे में अगर आपकी रोटियों टाइट हो जाती हैं, तो आप आटा गूंथते समय उसमें घी डाल सकते हैं. ऐसा करने से भी रोटी सॉफ्ट रहेंगी, साथ ही आसानी से डाइजेस्ट भी हो जाएगी. इस तरह आप बिना सेहत को नुकसान पहुंचाएं घी का सेवन कर सकते हैं.

    अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. 

  • पिता ने अपने 10 साल के बेटेˈ की इजाजत के बिना पढ़ा उसका लेटर कोर्ट ने सुनाई 2 साल की सजाˌ

    पिता ने अपने 10 साल के बेटेˈ की इजाजत के बिना पढ़ा उसका लेटर कोर्ट ने सुनाई 2 साल की सजाˌ

    पिता ने अपने 10 साल के बेटेˈ की इजाजत के बिना पढ़ा उसका लेटर कोर्ट ने सुनाई 2 साल की सजाˌ

    एक पिता को अपने बेटे की मर्जी के बिना उसका निजी पत्र पढ़ना काफी भारी पड़ा और ऐसा करने के लिए पिता को दो साल की सजा दी गई है। इतना ही नहीं सजा के साथ-साथ पिता पर  2.33 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। कोर्ट के अनुसार इस पिता ने अपने बेटे की निजता का उल्लंघन किया है और इस उल्लंघन के कारण ये सजा सुनाई गई है।

    क्या है पूरा मामला

    ये घटना स्पेन के सेविले शहर की है। बताया जा रहा है कि एक 10 साल के लड़के की मौसी ने उसे पत्र लिखा था और इस पत्र में मौसी ने बच्चे को इस बात की जानकारी दी थी कि उसका पिता उसकी मां के साथ बुरा व्यवहार किया करता था। इसके अलावा मौसी ने पत्र में ये भी लिख रखा था कि वो कैसे पिता के खिलाफ जुर्म साबित कर सकता है। बच्चे को लिखा गया ये पत्र पिता के हाथ लग गया और पिता ने अपने बेटे को बताए बिना इस पत्र को पढ़ लिया।

    किया कोर्ट में केस दर्ज

    पिता के लेटर पढ़ने की बात जैसे ही बच्चे की मौसी को पता चली, तो मौसी ने बच्चे के पिता पर केस कर दिया। और पिता पर अपने बेटे की निजता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। साथ में ही बच्चेे की मौसी ने अदालत से मांग की कि ऐसा करने के लिए उसे दो साल की सजा दी जाए। वहीं इस केस की सुनवाई करते हुए  कोर्ट ने इस मामले में पिता को दोषी करार दिया और बच्चे के पिता को  2 साल की सजा सुनाई। इसके अलावा पिता पर अच्छा खासा जुर्मान भी लगाया गया। कोर्ट के अनुसार पत्र को खोलने का अधिकार पिता के पास नहीं था और इस पत्र को खोलने से पहले बच्चे से इजाजत लेनी चाहिए थी।

    पिता ने दी अपने पक्ष में ये दलील

    पिता ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए जज से कहा कि वो पत्र गलती से खुल गया था और इन्हें नहीं पता था कि वो पत्र निजी है। पिता ने कोर्ट में कहा कि पत्र पढ़ने के बाद मैंने सबसे पहले अपने बेटे को इस बात की जानकारी दी थी। साथ में ही पिता ने मौसी पर बच्चे को भड़काने का आरोप भी लगाया और कोर्ट से कहा कि मौसी गवाही के लिए उनके बेटे पर दबाव बना रही है। जबिक पिता के वकील ने जज से कहा कि अभिभावक होने के नाते उनका अधिकार है कि वो अपने बच्चे की इजाजत के बिना उसका पत्र खोल सकते है। हालांकि कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज कर दिया और अपना फैसला सुनाते हुए पिता को दो साल की सजा दी और जुर्माने को तौर पर 2.33 लाख रुपए वसूले।

    साल 2012 में पत्नी ने किया था केस

    इस बच्चे की मां इसके साथ नहीं रहती है और इसकी मां ने साल 2012 में अपने पति के खिलाफ कोर्ट में केस दायर किया था और अपने पति पर निजी जानकारी को सार्वजनिक रूप से खुलासा करने का आरोप लगाया था।

  • सुनार सोना-चांदी को गुलाबी कागज में क्योंˈ लपेटते हैं? वजह जानकर हैरान रह जाएंगेˌ

    सुनार सोना-चांदी को गुलाबी कागज में क्योंˈ लपेटते हैं? वजह जानकर हैरान रह जाएंगेˌ

    सोना-चांदी के गहने खरीदते समय आपने हमेशा देखा होगा कि सोनार इन आभूषणों को गुलाबी रंग के कागज में रखते हैं। गुलाबी रंग के कागज में गहने और भी सुंदर दिखाई देते हैं।

    सुनार सोना-चांदी को गुलाबी कागज में क्योंˈ लपेटते हैं? वजह जानकर हैरान रह जाएंगेˌ

    अक्सर आप जब भी सोना-चांदी खरीदते हैं तो सोनार हमेशा गहनों को गुलाबी कागज में लपेटते हैं लेकिन हम उससे ये पूछना भूल जाते हैं कि इसी रंग के कागज का इस्तेमाल क्यों किया जाता है जबकि और रंग भी हैं। तो आज हम आपको इस रहस्य के बारे में बताने जा रहें हैं आखिर क्यों ऐसा किया जाता गए, क्या इसके पीछे कोई बड़ी और खास वजह है।

    चमक बढ़ाने के लिए गुलाबी रंग का इस्तेमाल

    इस रहस्य को सुलझाने के लिए हम नव निधि ज्वैलर्स के मालिक धीरज भाई की बात सुनते हैं। उनका कहना है कि सोने और चांदी के गहनों को गुलाबी कागज में लपेटने के पीछे कोई भी पुरानी परम्परा अथवा रहस्य नहीं है, बल्कि इस कागज में गहनों की चमक और भी बढ़ जाती है इसलिए इसे रखा जाता है।

    वे कहते हैं कि गुलाबी रंग चांदी के रंग के साथ मेल खाता है इससे आभूषणों और भी चमकदार और आकर्षक दिखाई देते हैं।

    दूसरा रंग क्यों नहीं?

    चलो मान लिया कि गुलाबी रंग में गहने ज्यादा आकर्षक लगते हैं लेकिन और दूसरे रंगों को इस्तेमाल क्यों नहीं होता है जिसमें ये चमकदार लगे। इस पर धीरज भाई कहते हैं कि केवल गुलाबी रंग ही है जिसमें गहनों को चमक साफ साफ दिखाई देती है और ग्राहक इसकी चमक की ओर आकर्षित होते हैं। वही अगर इसके बजाय सफ़ेद रंग अथवा अन्य रंग के कागज में आभूषण रखते हैं तो इससे उसकी चमक फीकी दिखाई देती है, इसलिए गुलाबी रंग का इस्तेमाल होता है।

  • दुनिया के इस शहर में मिलती हैˈ 20 मिनट के लिए 10 रुपये में गर्लफ्रेंड जानिएˌ

    दुनिया के इस शहर में मिलती हैˈ 20 मिनट के लिए 10 रुपये में गर्लफ्रेंड जानिएˌ

    दुनिया के इस शहर में मिलती हैˈ 20 मिनट के लिए 10 रुपये में गर्लफ्रेंड जानिएˌ

    अक्सर ऐसा होता है कि जब कोई अपनी शादीशुदा या लव लाइफ से परेशान होना शुरु होता है तो उसकी नजरें इधर-उधर भटकने लगती हैं. वो बाहरी दुनिया में अपने लिए नये पार्टनर की तलाश शुरु कर देते हैं. ऐसा दुनिया के हर कोने में होता है जब हमें कुछ इसी तरह के अजीबो गरीब किस्से सुनाई देते हैं. अगर हम आपसे कहें कि आपके खालीपन को दूर करने के लिए आपको 10 रुपये में गर्लफ्रेंड मिल सकती है तो आपका क्या रिएक्शन होगा ? लेकिन ये सच है, चलिए बताते हैं इस बारे में पूरी बात…

    ऐसे मिल सकती है 10 रुपये में गर्लफ्रेंड

    चीन के गुआंडोंग इलाके में स्थित द वाइटेलिटी सिटी इन ह्यूआन सिटी मॉल के एक स्टोर में बेहद खूबसूरत मॉडल्स पोडियम में खड़ी रहती हैं. जिन्हे भी खालीपन लगता है तो उनमें से किसी एक को चुनते हैं 10 रुपये का भुगतान करते हैं और ले जाते हैं उन्हें अपना खालीपन दूर करने के लिए. यहां पुरुष आकर अपनी मनपसंद मॉडल चुनते हैं और 20 मिनट के लिए 10 रुपये में गर्लफ्रेंड ले जाते हैं. इतना ही नहीं अगर कोई 20 मिनट से ज्यादा उनके साथ समय बिताना चाहता है तो उसके लिए वे दोबारा पेमेंट कर सकते हैं.

    इसमें भी हैं नियम और शर्तें

    पुरुष उनमें से किसी भी महिला को गर्लफ्रेंड बनाकर ले जा सकते हैं लेकिन उससे पहले उन्हें उनकी शर्तें भी माननी होती हैं. दरअसल, आप उन्हें 10 रुपये में गर्लफ्रेंड तो बना सकते हैं लेकिन सिर्फ उसी मॉल या शॉपिंग कॉम्पलैक्स तक ही घूमाने की इजाजत होती है. इतना ही नहीं आप उन मॉडल्स को घूमा सकते हैं, शॉपिंग करा सकते हैं और बातें कर सकते हैं लेकिन उन्हें उनकी मर्जी के बिना छू नहीं सकते और ना ही किसी और जगह ले जाने का प्रस्ताव ही दे सकते हैं. तो अगर आपको भी चाहिए 10 रुपये ऐसी गर्लफ्रेंड तो चीन जाइए और एंजॉय करिए.

  • चेहरे पर जरूरत से ज्यादा तिल सेˈ पाएं रातोंरात निजात, 2 लहसुन का करें इस तरह इस्तेमालˌ

    चेहरे पर जरूरत से ज्यादा तिल सेˈ पाएं रातोंरात निजात, 2 लहसुन का करें इस तरह इस्तेमालˌ

    चेहरे पर जरूरत से ज्यादा तिल सेˈ पाएं रातोंरात निजात, 2 लहसुन का करें इस तरह इस्तेमालˌ

    चेहरे पर जरूरत से ज्यादा तिल उसकी खूबसूरती बढ़ाने की जगह उसे बिगाड़ देते हैं। ऐसे में मन करता है कि कैसे भी करके इन अनचाहे तिलों से छुटकारा मिल जाए। इन तिलों को हटाने के लिए लोग कई तरह की कॉस्मेटिक सर्जरी का भी सहारा लेते हैं।

    चेहरे पर जरूरत से ज्यादा तिल उसकी खूबसूरती बढ़ाने की जगह उसे बिगाड़ देते हैं। ऐसे में मन करता है कि कैसे भी करके इन अनचाहे तिलों से छुटकारा मिल जाए। इन तिलों को हटाने के लिए लोग कई तरह की कॉस्मेटिक सर्जरी का भी सहारा लेते हैं। जो कि काफी महंगी होने के साथ साइड इफेक्ट्स से भरी होती है। अगर आपके शरीर में भी कई अनचाहे तिलों ने अपना घर बनाया हुआ है तो उन्हें हटाने के लिए इनके दुश्मन लहसुन की मदद लीजिए। आइए जानते हैं कैसे….   

    सामग्री:-

    • एक लहसुन की फांक
    • कॉटन का कपड़ा

    विधि:-

    • सबसे पहले लहसुन की फांक को पीसकर उसका पेस्ट तैयार कर लें। 
    • लहसुन के इस पेस्ट को उस जगह लगाएं जहां से आप तिल हटाना चाहते हैं। 
    • तिल पर पेस्ट लगाने के बाद उस पर सूती का कपड़ा बांध दें। 
    • इस कपड़े को रातभर बंधा रहने दें।

    अच्छे रिजल्ट पाने के लिए इस उपाय को दिन में 2-3 बार करें और हफ्ते में 3 बार जरूर दोहराएं। ध्यान दें लहसुन के पेस्ट की वजह से पहले दिन तिल पर पपड़ी बनेगी। धीरे-धीरे इसका आकार छोटा होकर गायब हो जाएगा। याद रखें आपको तिल पर बनने वाली पपड़ी को अपने हाथों से नहीं हटाना है। 

    इसके अलावा आप तिल हटाने के लिए सेब के सिरके का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आपको सेब का सिरका, रूई, डॉक्टरी टेप चाहिए। तिल हटाने के लिए सबसे पहले रूई को सिरके में डालकर उसे तिल पर लगाएं। उसके बाद सिरके में भिगी हुई रूई को तिल पर चिपकाए रखने के लिए डॉक्टरी टेप का इस्तेमाल करें। अब इसे करीब 5-6 घंटे तक लगा रहने दें। 

    जब तक तिल पर पपड़ी न बन जाएं उस जगह को साफ करके सेब के सिरके को तिल पर लगाते रहें। बता दें सेब के सिरके में मौजूद एसिड तिल को ड्राई कर देता है। जिसकी वजह से तिल पर पपड़ी जमने लगती है और धीरे-धारे वो गायब हो जाता है।

  • आपको बर्बाद कर सकती हैं स्त्रियों केˈ अंदर की यह बुराइयां जिंदगी हो जाएगी तबाहˌ

    आपको बर्बाद कर सकती हैं स्त्रियों केˈ अंदर की यह बुराइयां जिंदगी हो जाएगी तबाहˌ

    आपको बर्बाद कर सकती हैं स्त्रियों केˈ अंदर की यह बुराइयां जिंदगी हो जाएगी तबाहˌ

    आप सभी लोगों ने आचार्य चाणक्य जी के बारे में तो पढ़ा ही होगा यह पाटलिपुत्र के महान विद्वान थे इनका आचरण बहुत ही न्याय प्रिय था इसी वजह से यह जाने जाते हैं यह बहुत बड़े साम्राज्य के मंत्री होते हुए भी एक साधारण सी कुटिया में रहते थे यह बहुत ही सादा जीवन व्यतीत करते थे आचार्य चाणक्य जी ने अपने जीवन से मिले अनुभव को चाणक्य नीति में जगह दी है चाणक्य नीति में कुछ ऐसी बातें बताई गई हैं जिन बातों पर अगर कोई व्यक्ति अमल करता है तो उसको अपने जीवन में सफल होने से कोई भी नहीं रोक पाएगा सफलता उसके पीछे दौड़ी दौड़ी चली आएगी इसमें ऐसी बातें बताई गई है जिनका पालन करने से व्यक्ति अपने जीवन में कभी मात नहीं खा सकता इन नीतियों में सुखी जीवन का राज छुपा हुआ है।

    आचार्य चाणक्य जी द्वारा बताई गई नीतियां भले ही कड़वी लग सकती है परंतु इनकी नीतियों में सच्चाई छुपी हुई है आज हम आपको इस लेख के माध्यम से चाणक्य नीति में लिखी हुई कुछ ऐसी बातों के बारे में जानकारी देने वाले हैं जिससे हमारा जीवन बदल सकता है यह नीतियां जीवन जीने का सही मार्ग दिखाती है और इन नीतियों में यह बताया गया है कि हमको जीवन में क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए? आचार्य चाणक्य ने स्त्रियों से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बातों की व्याख्या की है स्त्रियों के मन में कब क्या चलता है इस बात का पता लगाना बहुत ही मुश्किल है क्योंकि खुद भगवान भी स्त्रियों को नहीं समझ पाया है हम तो एक सामान्य से मनुष्य हैं आचार्य चाणक्य जी ने अपनी चाणक्य नीति की किताब में इन सभी बातों की व्याख्या की है जो हर स्त्री में पाई जाती है यह सभी बातें उनके स्वभाव में पहले से ही मौजूद होती हैं।

    आइए जानते हैं आचार्य चाणक्य ने स्त्रियों के बारे में क्या बताया है

    बात बात पर झूठ बोलने की आदत

    आचार्य चाणक्य जी ने अपनी नीतियों में यह बताया है कि ज्यादातर महिलाओं को बात बात पर झूठ बोलने की आदत होती है वह कभी-कभी छोटी सी छोटी बातों पर भी झूठ बोलने लगती है उनकी इसी आदत की वजह से वह कई बार मुसीबत में आ जाती है।

    बिना सोचे समझे काम करना

    आचार्य चाणक्य जी का कहना है ज्यादातर महिलाएं कोई भी काम करने से पहले सोच विचार नहीं करती हैं वह कभी भी अचानक से कुछ भी करने लगती हैं जिसका परिणाम उनको आगे चलकर भुगतना पड़ता है।

    बात-बात पर नखरे दिखाना

    आचार्य चाणक्य अनुसार महिलाएं बात-बात पर नखरे दिखाती हैं नखरे दिखाना इनका जन्म सिद्ध अधिकार होता है परंतु कुछ महिलाएं अपना प्रभाव बनाए रखने के लिए नखरे दिखाती हैं वह अपने नखरों से अन्य व्यक्तियों का ध्यान अपनी ओर खींचना चाहती हैं।

    अधिक आत्मविश्वास रखती हैं

    व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास का होना बहुत ही अच्छा माना जाता है परंतु कुछ महिलाएं जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास रखती हैं उन महिलाओं को यह लगता है कि वह कभी भी कोई गलत काम नहीं कर सकती हैं उनका यही आत्मविश्वास उनको परेशानी में डाल देता है अधिक आत्मविश्वास होने की वजह से कई बार यह ऐसे कार्य कर देती हैं जो इनके लिए मुसीबत खड़ा कर देता है।

    धन का लालच

    आचार्य चाणक्य जी का कहना है कि बहुत सी महिलाएं धन की लालची होती हैं उन्हें सबसे अधिक धन से प्यार होता है उनके ऊपर धन का भूत इस तरह सवार हो जाता है कि वह अच्छे और गलत में अंतर भी भूल जाती है।

  • प्रेमी से वीडियो कॉल पर पकडी बीवीˈ तो बेलन मार-मारकर पति का तोड डाला ये अंगˌ

    प्रेमी से वीडियो कॉल पर पकडी बीवीˈ तो बेलन मार-मारकर पति का तोड डाला ये अंगˌ

    प्रेमी से वीडियो कॉल पर पकडी बीवीˈ तो बेलन मार-मारकर पति का तोड डाला ये अंगˌ

    मुजफ्फरपुर। दांपत्य जीवन में यदि एक-दूसरे के प्रति विश्वास खत्म हो जाए तो सबकुछ तबाह हो जाता है। अहियापुर थाना क्षेत्र की बड़ा जगन्नाथ पंचायत निवासी रवि कुमार के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ।

    उनका दांपत्य जीवन सामान्य चल रहा था। कुछ दिन पहले उन्होंने अपनी पत्नी के व्यवहार में बदलाव नोटिस किया। बाद में उन्हें अपनी पत्नी के विवाहेतर संबध होने का शक होने लगा। उसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी पर नजर रखना शुरू कर दिया।

    ऐसा ही सबकुछ चल रहा था। बीती रात की बात है। जब रवि घर लौटे तो उन्होंने देखा कि उनकी पत्नी वीडियो काल पर लगी है। किसी पुरुष से बात कर रही थी। वह संभवतः उसका प्रेमी था। जब रवि ने अपनी पत्नी से पूछा कि वह किससे बात कर रही थी? पत्नी ने इसका कोई जवाब नहीं दिया।

    रवि की उत्सुकता बढ़ती जा रही थी। वे जानना चाह रहे थे कि आखिर रात में वीडियो काल पर किससे बात करती है। रवि ने पत्नी से फोन छीनने का प्रयास किया, जिससे उसकी पत्नी भड़क गई। उसने किचन से बेलन उठाकर रवि पर हमला कर दिया।

    इस अचानक हमले की रवि को आशा नहीं थी। उनका सिर फट गया और उसकी नाक की हड्डी टूट गई। इसके बाद रवि ने शोर मचाना शुरू किया। आवाज सुन आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। जब लोग वहां पहुंचे तो उन्होंने दोनों को अलग किया और मामला शांत हुआ।

    इसके बाद घायल रवि को इलाज के लिए एसकेएमसीएच में भर्ती कराया। फिलहाल रवि का उपचार चल रहा है और उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। इस घटना के संबंध में अहियापुर थानाध्यक्ष ने बताया कि पीड़ित की ओर से कोई आवेदन नहीं दिया गया है। यदि आवेदन मिलेगा तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना इस बात का प्रमाण है कि पारिवारिक संबंधों में विश्वास और संवाद की कितनी अहमियत होती है। जब एक साथी का दूसरे पर से भरोसा खत्म हो जाता है तो रिश्ते में दरार आना स्वाभाविक है। इस प्रकार के मामलों में अक्सर देखा गया है कि संवाद की कमी और विश्वास की कमी के कारण रिश्ते में तनाव उत्पन्न होता है।

  • ये चमत्कारी फल किडनी की सेहत केˈ लिए है रामबाण फल, पोस्ट को शेयर करें अपने जान पहचान वालों के साथˌ

    ये चमत्कारी फल किडनी की सेहत केˈ लिए है रामबाण फल, पोस्ट को शेयर करें अपने जान पहचान वालों के साथˌ

    ये चमत्कारी फल किडनी की सेहत केˈ लिए है रामबाण फल, पोस्ट को शेयर करें अपने जान पहचान वालों के साथˌ

    दोस्तों, अगर आप किडनी की किसी भी समस्या से परेशान हैं तो एक फल ऐसा है जो आपके लिए वरदान साबित हो सकता है।
    यह फल है सफेद पेठा (एश गार्ड) – जिसे आयुर्वेद में एक पावरफुल कूलिंग और डिटॉक्सिफ़ाइंग फल माना गया है।
    आइए जानते हैं इसके फायदे, सेवन का तरीका और ज़रूरी सावधानियां।

    एश गार्ड (सफेद पेठा) क्या है?

    • बड़े आकार का हरे रंग का फल, मोटी लौकी जैसा दिखता है।
    • स्वाद हल्का मीठा और न्यूट्रल, इसलिए कई तरह के व्यंजन और जूस में उपयोग किया जाता है।

    किडनी के लिए बड़े फायदे

    1. किडनी डिटॉक्स और हाइड्रेशन इसमें लगभग 96% पानी होता है, जो शरीर को हाइड्रेट रखता है और टॉक्सिन्स को पेशाब के जरिए बाहर निकालता है। लो-कैलोरी होने से वजन नहीं बढ़ता।
    2. नेचुरल डायरिटिक प्रभाव यूरिन प्रोडक्शन बढ़ाता है, जिससे एक्स्ट्रा साल्ट्स और फ्लूइड बाहर निकलते हैं। वाटर रिटेंशन और एडिमा (सूजन) में राहत देता है।
    3. किडनी स्टोन से बचाव यूरिन में ऑक्सलेट्स और अन्य स्टोन बनाने वाले कंपाउंड्स को कम करता है। नियमित सेवन से किडनी स्टोन बनने का खतरा घटता है।
    4. एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण क्रॉनिक इंफ्लेमेशन कम करता है और किडनी सेल्स को डैमेज से बचाता है। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम कर किडनी फंक्शन को बेहतर करता है।
    5. लो पोटेशियम और सोडियम क्रॉनिक किडनी डिज़ीज़ (CKD) मरीजों के लिए सुरक्षित, क्योंकि इनमें पोटेशियम और सोडियम बहुत कम मात्रा में होते हैं।
    6. अल्कलाइन गुण शरीर की एसिडिटी कम करता है, पेशाब की जलन और किडनी पर प्रेशर कम करता है।
    7. वजन नियंत्रण लो-कैलोरी और हाई-वाटर कंटेंट के कारण पेट लंबे समय तक भरा रहता है,
      जिससे वजन नियंत्रण में मदद मिलती है।

    सेवन का तरीका

    • जूस बनाकर पीना सबसे अच्छा तरीका है।
    • मध्यम आकार का पेठा लें, छिलका उतारें, छोटे टुकड़ों में काटें।
    • ब्लेंडर में थोड़ा पानी डालकर ब्लेंड करें और छानकर ताज़ा जूस बनाएं।
    • सुबह खाली पेट पीना सबसे फायदेमंद है।
    • रोज़ाना 1 बार या हफ्ते में 3-4 बार डॉक्टर की सलाह के अनुसार सेवन करें।
    • हमेशा फ्रेश जूस ही पिएं।

    सावधानियां

    • यदि आपको एडवांस्ड किडनी डिज़ीज़ है या पुरानी बीमारी के लिए दवाइयां चल रही हैं,
      तो सेवन से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।
    • ज्यादा मात्रा में सेवन करने से इलेक्ट्रोलाइट (सोडियम-पोटेशियम) असंतुलन हो सकता है।
    • बासी या लंबे समय तक रखा जूस नुकसानदेह हो सकता है।

    निष्कर्ष

    सफेद पेठा (एश गार्ड) एक नेचुरल डायरिटिक, डिटॉक्सिफ़ायर और किडनी-फ्रेंडली फल है।
    सही मात्रा और सही तरीके से सेवन करने पर यह आपकी किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ और एक्टिव रखने में मदद कर सकता है।

  • रात में दिल्ली की ये 5 जगहेंˈ नहीं देखी तो क्या देखा विदेशों जैसी रहती है चकाचौंधˌ

    रात में दिल्ली की ये 5 जगहेंˈ नहीं देखी तो क्या देखा विदेशों जैसी रहती है चकाचौंधˌ

    रात में दिल्ली की ये 5 जगहेंˈ नहीं देखी तो क्या देखा विदेशों जैसी रहती है चकाचौंधˌ

    मेट्रो सिटी दिल्ली की दिल की लाइफ तो आपने देखी होगी, लेकिन क्या आपने यहां की नाईट लाइफ देखी है। दिल्ली में कुछ ऐसी जगहें हैं जो अपनी नाईट लाइफ के कारण फेमस है। यहां की चमक धमक आपको विदेशों का अहसास कराएगी।  दिल्ली की इस नाइटलाइफ (Delhi Night Life) में जो जान डालती है वो है यहां के बार, रेस्टोरेंट (restaurant), पब (Pub) या फिर क्लब (Club)। 
    इन  जगहों पर युवा लड़के लड़कियां जाना काफी पसंद करते हैं। क्योंकि यहां म्यूजिक, लाइट और क्राउड तीनों ही चीजें उन्हें रोमांचित कर देती हैं। ऐसी ही कई जगहों के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं। यहां आप दोस्तों के साथ मौज-मस्ती कर सकतें हैं। 

    किट्टी सू, द ललित होटल 


    यहां बीच स्टेज पर कई इंटरनेशनल कलाकारों का एक समूह जब परफार्मेंस देता है तो उस वक्त kitty soo कैफे का माहौल बिल्कुल ही बदल जाता है और यही कारण है कि ये दिल्ली के सबसे हॉटेस्ट प्लेस में से एक माना जाता है। हाल ही में इस क्लब में ईडीएक्स ने परफार्म किया था। बाराखम्बा ऐवन्यू के पास मौजूद द ललित होटल में ये क्लब (Night Club) मौजूद है। 


    समर हाउस कैफे, अरविन्दे प्लेस मार्केट (Summer House Cafe)


    दिल्ली में संगीत के शौकिनों और संगीतकारों के पसंदीदा जगहों में से एक समर हाउस कैफे है। इस कैफे का इंटिरियर रंगीन है। यहां पर आप हिप हॉप, रेगे, ट्रैप से डीप हाउस तक जैसे अलग-अलग म्यूजिक का लुत्फ उठा सकते हैं। यहां भारतीय कलाकारों के अलावा कई इंटरनेशनल कलाकार भी परफार्म कर चुके हैं। ये कैफे अरविन्दे प्लेस मार्केट (Arvinde Place Market) में है। 

    द पियानो मैन जैज क्लब


    छोटी सी जगह आरामदायक होने के साथ-साथ यहां एक कोजी सा माहौल सेटअप किया गया है। ये एक ऐसी जगह है जहां आप स्कॉच और संगीत के साथ खुद को रिलैक्स कर सकते हैं। इस क्लब में भारत के ही नहीं बल्कि दुनियाभर से म्यूजिशिन आते हैं। इस क्लब में आप अपने दोस्तों के साथ म्यूजिक का लुत्फ उठा सकते हैं।  
    वहीं अगर आप दिल्ली में रात को शॉपिंग करना चाहते हैं तो दिल्ली के कुछ ऐसे बाजार हैं जो पूरी रात खुले रहते हैं।

    टॉय रूम, एरोसिटी 


    इसकी 8 देशों में शाखाएं हैं, और इसकी भारतीय शाखा Aerocity, दिल्ली में है, जो हिप हॉप, आर एंड बी और रॉक ‘एन’ रोल को समर्पित है।  अगर आप पार्टी या फिर दोस्तों के साथ नाइटलाइफ (Night Life) इन्जॉय करने की प्लानिंग कर रही हैं और ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां आप फुल मौज-मस्ती कर सकें, आपके लिए टॉय रूम क्लब से अच्छी जगह हो ही नहीं सकती।
    आप यहां अलग-अलग तरह के म्यूजिक इवेंट्स का मजा ले सकते हैं। साथ ही इसकी सजावट मुख्य रूप से ग्रैफिटी, पॉप कल्चर और कॉमिक्स से प्रेरित है।
     

    दिल्‍ली हाट (Delhi Haat)


    दिल्‍ली हाट आप शानदार एंटीक आइटम्‍स, क्राफ्ट, ज्‍वेलरी, लेदर बैग और एंटीक प्रोडक्‍ट खरीद सकते हैं। अगर आप कला के शौकीन हैं, तो आप यहां मधुबनी पेंटिंग खरीद सकते हैं। यहां पर आप रात में भी खुले बाजार में सुरक्षित रूप से घूम सकते हैं और जायकेदार स्‍ट्रीट फूड का मजा ले सकते हैं।
     

    मंगल बाजार (Mangal Market)


    आपके पास दिन में शॉपिंग करने का समय नहीं है तो आप लक्ष्‍मी नगर (Lakshmi Nagar) में स्थित मंगल बाजार में रात को जाकर शॉपिंग कर सकते हैं। इस मार्केट में आपको आपकी जरूरत का लगभग हर सामान मिल जाएगा। लोग यहां यहां कपड़े, जंक ज्‍वेलरी और फुटवियर खरीदने के लिए ज्यादा आते हैं।   
     

    बुद्ध बाजार दिल्ली (Buddha Bazar)


    ये बाजार मंडावली में है। दिल्ली के पूर्वी हिस्‍से में बसे इस बाजार में कई शॉपिंग स्‍टोर्स पर आपको ट्राइबल कपड़े, हैंडबैग और जूतों की बहुत अच्‍छी वैरायटी कम दामों पर मिल जाएगी। इस बाजार में आपको इंडियन से लेकर इटालियन, थाई और चाइनीज फूड परोसने वाले रेस्‍टोरेंट भी मिलेंगे। ये मार्केट दोपहर 3 बजे से रात लगभग 12 बजे तक ऑपन रहती है।

  • भारत में 300-500 तो अमेरिका में मजदूरˈ को मिलती है इतनी दिहाड़ी, जानकर यकीन नहीं होगाˌ

    भारत में 300-500 तो अमेरिका में मजदूरˈ को मिलती है इतनी दिहाड़ी, जानकर यकीन नहीं होगाˌ

    क्या आप जानते हैं कि भारत में एक मजदूर को दिनभर काम करने के लिए ₹500 मिलते हैं, तो वहीं अमेरिका में इसी काम के लिए उसे ₹10,000 से भी ज़्यादा मिलते हैं? दोनों देशों की दिहाड़ी में इतना बड़ा अंतर क्यों है, और यह जानकर आपको यकीन नहीं होगा कि वहां के मजदूर कितनी कमाई करते हैं!

    भारत में 300-500 तो अमेरिका में मजदूरˈ को मिलती है इतनी दिहाड़ी, जानकर यकीन नहीं होगाˌ

    क्या कभी आपने भारत और अमेरिका में मजदूरों की दिहाड़ी की तुलना की है. यदि आप दोनों में अंतर निकलेंगे तो हैरान करने वाले रिजल्ट सामने आएंगे. भारत में जहां एक मजदूर को दिनभर काम करने के लिए 300-500 रुपए मिलते हैं, वहीं अमेरिका में यही काम करने के लिए 5,000 -10,000 रुपए मिलते है. इस अंतर से देश के जीवन स्तर और अर्थव्यवस्था का पता चलता है.

    भारत की दिहाड़ी

    भारत में मजदूरों को मिलने वाली दिहाड़ी कई चीजों पर निर्भर करती है, जैसे -अगर वह निर्माण क्षेत्र में काम करता है तो उसे हर दिन 300-500 रुपए मिलते है. यह दर बड़े और छोटे शहरों में थोड़ी बहुत अलग हो सकती है. विशेष काम करने वालों दिहाड़ी अधिक मिलती है, जैसे -प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, वेल्डर को. भारत में आमतौर पर एक मजदूर एक महीने में लगभग 8,000 से 15,000 रुपए की कमाई कर सकता है. वहीं अमेरिका में इसका उल्टा होता है.

    अमेरिका में मजदूरी की स्थिति

    अमेरिका में ज्यादातर मजदूरों को घंटे के हिसाब से पेमेंट मिलती है. यहां न्यूनतम मजदूरी दर सभी राज्यों में अलग -अलग होती है, लेकिन औसतन यह $15 प्रति घंटा होती है. हालंकि कई शहरों में यह दर ज्यादा भी होती है. अगर अमेरिका में एक मजदूर दिन में 8 घंटे काम करता है, तो उसे कम से कम $60 से $120 यानी 5,000 से 10,000 रुपए मिल सकते हैं. इसके अलावा अमेरिका में मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा और अन्य लाभ भी मिलते हैं.

    भारत और अमेरिका में मजदूरी का अंतर

    देशऔसत दिहाड़ीप्रति माह आय
    भारत₹300 – ₹500 प्रति दिन₹8,000 – ₹15,000
    अमेरिका$15 प्रति घंटा (₹1200-₹1500)$2000 – $3000 (₹1.5 लाख – ₹2.25 लाख)