Author: me.sumitji@gmail.com

  • इस खूबसूरत एक्ट्रेस को देखकर बेकाबू होˈ गए थे विनोद खन्ना शूटिंग के बहाने 10 मिनट तक कुतरते रहे होंठˌ

    इस खूबसूरत एक्ट्रेस को देखकर बेकाबू होˈ गए थे विनोद खन्ना शूटिंग के बहाने 10 मिनट तक कुतरते रहे होंठˌ

    इस खूबसूरत एक्ट्रेस को देखकर बेकाबू होˈ गए थे विनोद खन्ना शूटिंग के बहाने 10 मिनट तक कुतरते रहे होंठˌ

    Vinod Khanna: आज के दौर में बड़े पर्दे पर किसिंग सीन दिखाना आम बात हो गई है। लेकिन सालों पहले दर्शकों को यह बिल्कुल पसंद नहीं आता था। ऐसे में जब माधुरी दीक्षित ने अपनी दूसरी ही फिल्म में हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता के साथ लिपलॉक किया था. इसलिए खूब हंगामा हुआ। इतना ही नहीं, जब दोनों का यह सीन शूट हो रहा था तो विनोद खन्ना (Vinod Khanna) इतना बेकाबू हो गया कि उसने माधुरी के होंठ तक काट लिए।

    इस फिल्म ने मचाया धमाल

    माधुरी दीक्षित ने महज 16-17 साल की उम्र में फिल्म ‘अबोध’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद एक्ट्रेस ने अपनी दूसरी फिल्म विनोद खन्ना के साथ की. इस फिल्म को लेकर माधुरी दीक्षित को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। हम बात कर रहे हैं विनोद खन्ना (Vinod Khanna) , फिरोज खान और माधुरी दीक्षित की फिल्म ‘दयावान’ की जो साल 1988 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर हंगामा मचा दिया था।

    एक्ट्रेस के काटे होंठ

    दरअसल, इस फिल्म में माधुरी ने विनोद खन्ना (Vinod Khanna) की पत्नी का किरदार निभाया था और फिल्म में दोनों ने इंटीमेट सीन दिए थे। फिल्म में दोनों के बीच एक लंबा लिपलॉक सीन भी था। जिसने बड़े पर्दे पर आग लगा दी थी। लेकिन बहुत कम लोग जानते होंगे कि जब माधुरी एक्टर विनोद खन्ना के साथ इस सीन की शूटिंग कर रही थीं तो उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। दरअसल, इस सीन की शूटिंग के दौरान एक्टर इतने बेकाबू हो गए थे कि उन्होंने एक्ट्रेस के होंठ तक काट लिए थे।

    किसिंग सीन को लेकर हुआ था विवाद

    आपको जानकर हैरानी होगी कि इस फिल्म के लिए माधुरी को 1 करोड़ रुपए की मोटी फीस दी गई थी। कहा जाता है कि फिल्म के निर्देशक फिरोज खान को इस बात का अंदाजा था कि यह सीन बवाल मचाने वाला है। ऐसे में माधुरी को इतनी ज्यादा फीस इसलिए दी गई ताकि वो ज्यादा सीन क्रिएट न करें। जब ये फिल्म पर्दे पर रिलीज हुई तो सुपरहिट रही। लेकिन फिल्म में माधुरी और विनोद खन्ना (Vinod Khanna) के बीच किसिंग सीन को लेकर काफी विवाद हुआ था। खबरों की मानें तो विवाद बढ़ने के बाद फिरोज खान को फिल्म से उस सीन को हटाने के लिए नोटिस भी भेजा गया था, लेकिन उन्होंने कोई सीन नहीं काटा।

  • विकलांग माँ और बुजुर्ग बाप को बेटोंˈ ने किया घर से बेदखल, 15 साल बाद बाप ने ऐसे सिखाया सबक

    विकलांग माँ और बुजुर्ग बाप को बेटोंˈ ने किया घर से बेदखल, 15 साल बाद बाप ने ऐसे सिखाया सबक

    विकलांग माँ और बुजुर्ग बाप को बेटोंˈ ने किया घर से बेदखल, 15 साल बाद बाप ने ऐसे सिखाया सबक

    माता-पिता अपनी कई संतानों को एक साथ रखकर उनका पालन-पोषण कर लेते हैं लेकिन कई बच्चे अपने माता पिता को नहीं रख पाते. शहर के चखली चौक में पांच कलयुगी बेटों ने अपने बुजुर्ग मां और 86 साल के पिता को झोपड़ी में रहने पर मजबूर कर दिया. उसके माता-पिता पिछले 15 सालों से झोपड़ी में गुजारा कर रहे थे. पिता का नाम हीरालाल साहू है और उन्होंने बताया कि खरीदी जमीन पर उनके पांच बेटे सुमरन लाल, हुकूम साहू, प्रमोद साहू, उमांशकर और कीर्तन साहू ने मिलकर एक मकान बना लिया है और विकलांग माँ और बुजुर्ग बाप को बेटों ने किया घर से बेदखल, इस केस के सात ही हीरालाल साहू ने ऐसा कदम उठाया जो हर माता-पिता और बच्चों के लिए सबक है.

    विकलांग माँ और बुजुर्ग बाप को बेटों ने किया घर से बेदखल

    86 साल के हीरालाल अपनी पत्नी के साथ पिछले 15 सालों से एक झोपड़ी में रह रहे हैं. उन्होंने कई बार अपने बेटों से मिन्नतें कीं कि वो उन्हें उस घर में रखें लेकिन बेटे नहीं माने. मानना तो दूर कोई भी बेटा बात करने को भी तैयार नहीं था और जैसे-तैसे हीरालाल ने हिम्मत जुटाकर अपने बेटों के खिलाफ चिखली थाने में अपने पांचों बेटों के साथ मामला दर्ज कराया है. चिखली पुलिस ने वरिष्ठ नागरिक सुरक्षा अधिनियम 2007 की धारा 24 के अंतर्गत पांचों बेटों पर मामला दर्ज कर लिया और कार्यवाही शुरु कर दी है. हीरालाल पहले शासकीय प्रेस के कर्मचारी थे और उन्होंने नौकरी के दौरान ही अपने नाम जमीन ये सोचकर खरीदा कि भविष्य में बेटों और पोतों के साथ जिंदगी फिर से बिताएंगे. मगर इसी जमीन पर बेटों ने उनकी असहमति से मकान बनवा लिया और परिवार के बुजुर्ग माता-पिता को घर से बाहर का रास्ता दिखा दिया. कार्यवाही होने के बाद अब हीरालाल अपने जमीन पर बने मकान में जीवन बिता पाएंगे जबकि पिछले 15 साल से बेटों की वजह से झोपड़ी में रह रहे थे.

    पुलिस में शिकायत के बाद उनके चारों बेटों को गिरफ्तार कर लिया गया है. हीरालाल का एक बेटा भोपाल में रहता है जिसके चलते पुलिस नहीं पहुंच पाई लेकिन बाकी बेटों को गिरफ्तार किया गया और इन सबमें अहम बात ये है कि बेटों को अब जमानत भी मिल गई है. जमानत के बाद चारों बेटे ने अपने माता को घर ले जाने की बात में हामी भरी है.

    हीरालाल ने किया था बाढ़ पीड़ित को दान

    15 सालों से झोपड़ी में रहने वाले हीरालाल ने भी कई अच्छे काम किए हैं लेकिन उनका सबसे बड़ा परोपकार का काम तब हुआ जब उन्होंने केरल बाढ़ पीड़ितों को 70 हजार रुपये का दान किया था. जिला प्रशासन के माध्मय से उन्होंने अपने नौकरी के दौरान जुटाई रकम को बाढ़ पीड़ितो को दान दिया. माता-पिता इंसान की सबसे बड़ी प्रॉपर्टी होते हैं और उन्हें किसी भी हाल में खुश रखना चाहिए. इस खबर में आज के नौजवानों को कुछ सीखना चाहिए और इसके अलावा ऐसे बुजुर्गों से खुलकर सामने आने की अपील करते हुए उन दंपत्ति को ये नसीहत दी गई कि अगर आप भी अपने बच्चों के सताए हुए हैं तो उन्हें कानून के मुताबकि हक मिलेगा.

  • ये है दुनिया की सबसे अमीर औरˈ सुंदर क्रिकेटर 5 साल में टूटी शादी। कम उम्र के खिलाड़ी से है संबंध

    ये है दुनिया की सबसे अमीर औरˈ सुंदर क्रिकेटर 5 साल में टूटी शादी। कम उम्र के खिलाड़ी से है संबंध

    ये है दुनिया की सबसे अमीर औरˈ सुंदर क्रिकेटर 5 साल में टूटी शादी। कम उम्र के खिलाड़ी से है संबंध

    क्रिकेट में वैसे तो अक्सर पुरुषों का ही बोलबाला रहता है। लेकिन महिला प्रीमियर लीग (WPL) के बाद महिलाओं की वैल्यू भी बढ़ गई है। कमाई के मामले में अब महिला क्रिकेटर भी पुरुष खिलाड़ियों को टक्कर दे रही हैं। अब ऑस्ट्रेलिया की धुरंधर बल्लेबाज एलिसे पेरी (Ellyse Perry) को ही देख लीजिए। एलिसे का नाम दुनिया की सबसे अमीर महिला क्रिकेट खिलाड़ियों में टॉप पर आता है।

    115 करोड़ की मालकिन है ये क्रिकेटर

    आपको जान हैरानी होगी कि एलिसे की कुल संपत्ति 14 मिलियन डॉलर (करीब 115 करोड़ रुपये) है। वह न सिर्फ बेहद अमीर हैं, बल्कि दिखने में भी बड़ी सुंदर हैं। वह अपनी निजी लाइफ को मीडिया के सामने लाना पसंद नहीं करती हैं। लेकिन लोग इसमें बड़ी दिलचस्पी लेते हैं। वह इन दिनों फिर से रिलेशनशिप में है। इसके पहले 2020 में उनका अपने पति और रग्बी खिलाड़ी मैट टूमुआ से तलाक हो गया था। दोनों 2015 में शादी के बंधन में बंधे थे। शादी के 5 साल बाद ही दोनों अलग हो गए।

    इनका तलाक किस कारण हुआ इसकी वजह आज तक खुलकर सामने नहीं आई। पति से अलग होने के तीन साल बाद एलिसे खुद से एक साल छोटे फूटबॉल प्लेयर एलएफ स्टार नैट फाइफ को डेट कर रही हैं। नैट फाइफ महिला बिग बैश लीग (WBBL) में एलिस के लिए चीयर करते नजर आए थे। इस दौरान उनके चेहरे की खुशी सांतवे आसमान पर थी। दूसरी ओर एलिसे भी हॉथोर्न के खिलाफ नैट फाइफ के 200वें गेम के बाद खिलाड़ी संग डॉकर्स चेंज-रूम में देखी गई थी।

    तलाक के बाद ढूंढ लिया नया साथी

    इनके लव अफेयर की खबरें साल 2022 में आई थी। तब बताया गया कि दोनों बस अच्छे दोस्त हैं। लेकिन अब दोनों लव बर्ड्स बन चुके हैं। एलिस पेरी अभी 32 साल की हैं। महिला प्रीमियर लीग (WPL 2023) में वह रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की ओर से खेल रही हैं। कमाल की बात ये है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम ने जब-जब टी20 विश्व कप खिताब जीता तब-तब हर मैच 2010, 2012, 2014, 2018, 2020, 2023 में एलिसे शामिल रही हैं। उन्होंने 8 बार महिला टी20 विश्व कप में भाग लिया था।

    अपने क्रिकेट करियर में एलिस पेरी ने 8 वर्ल्ड कप, 6 टी20 वर्ल्ड कप और दो वनडे वर्ल्ड कप अपनी टीम के नाम किए हैं। वह 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम में भी शामिल थी। वह क्रिकेट के आलवा फुटबॉल में भी अपने देश का नाम चमका चुकी हैं। उन्होंने महज 16 की उम्र में राष्ट्रीय क्रिकेट टीम और राष्ट्रीय फुटबॉल टीम दोनों में डेब्यू कर लिया था। वह ऐसा कर इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाली सबसे कम उम्र की ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भी हैं।

    एलिसे आईसीसी और फीफा वर्ल्ड कप दोनों का हिस्सा बनने वाली पहली महिला खिलाड़ी भी हैं। वह धुरंधर बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजी दोनों की माहिर खिलाड़ी हैं। आप उन्हें ऑलराउंडर कह सकते हैं। क्रिकेट और फुटबॉल के अलावा वह स्कूल लाइफ में टेनिस, एथलेटिक्स और गोल्फ भी खेलती थी। वह कपिल देव और वसीम अकरम के क्लब में शामिल हैं।

  • महिलाओं में स्तनों की मजबूती, कसाव औरˈ सुंदर आकार के लिए असरदार आयुर्वेदिक देखभाल और घरेलू नुस्खे

    महिलाओं में स्तनों की मजबूती, कसाव औरˈ सुंदर आकार के लिए असरदार आयुर्वेदिक देखभाल और घरेलू नुस्खे

    महिलाओं में स्तनों की मजबूती, कसाव औरˈ सुंदर आकार के लिए असरदार आयुर्वेदिक देखभाल और घरेलू नुस्खे

    महिलाओं के शरीर में स्तनों का विकास और उनका सही आकार होना हार्मोनल संतुलन, पोषण और जीवनशैली पर निर्भर करता है। कई महिलाओं को स्तनों का अविकसित रहना, ढीलापन आना या आकार में असंतुलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिससे आत्मविश्वास पर भी असर पड़ सकता है।

    आयुर्वेद में ऐसी समस्याओं के लिए कुछ प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय बताए गए हैं, जिन्हें नियमित रूप से अपनाने पर स्तनों के पोषण, मजबूती और आकार में सुधार देखा जा सकता है।

    स्तनों से जुड़ी सामान्य समस्याओं के लिए घरेलू आयुर्वेदिक उपाय

    1. बादाम के तेल से मालिश

    यदि स्तन अविकसित या छोटे हैं, तो शुद्ध बादाम के तेल से नियमित रूप से हल्की मालिश करने से रक्त संचार बेहतर होता है और ऊतकों को पोषण मिलता है। इससे स्तनों की वृद्धि और मजबूती में सहायता मिलती है।

    2. अश्वगंधा और शतावरी का सेवन

    अश्वगंधा और शतावरी दोनों ही आयुर्वेद में स्त्री स्वास्थ्य के लिए उपयोगी मानी जाती हैं।

    • दोनों को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें।
    • सुबह और शाम एक-एक चम्मच चूर्ण गुनगुने दूध के साथ लें।
    • इसका सेवन 45 से 60 दिनों तक नियमित रूप से करें।

    यह उपाय हार्मोनल संतुलन बनाने और स्तनों के विकास में सहायक माना जाता है।

    3. महानारायण तेल से मालिश

    महानारायण तेल से हल्के हाथों से नियमित मालिश करने पर स्तनों की त्वचा में कसाव आता है और ढीलापन कम होने में मदद मिलती है।

    4. आयुर्वेदिक चूर्ण का उपयोग

    स्तनों के पोषण के लिए निम्न सामग्री से बना मिश्रण उपयोगी माना जाता है—

    • पीपरी चूर्ण
    • काली मिर्च चूर्ण
    • अश्वगंधा चूर्ण
    • सोंठ चूर्ण

    इन सभी को शुद्ध घी में हल्का भूनकर पुराने गुड़ की चाशनी में मिलाया जाता है। इस मिश्रण को प्रतिदिन सीमित मात्रा में गुनगुने दूध के साथ लेने से शरीर को पोषण मिलता है और स्तनों की मजबूती में सहायता मिल सकती है।

    (ध्यान दें: किसी भी आयुर्वेदिक मिश्रण को लेने से पहले विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित होता है।)

    5. संतुलित और पोषक आहार

    स्तनों के अच्छे विकास और स्वास्थ्य के लिए आहार का सही होना बहुत जरूरी है। अपने भोजन में शामिल करें—

    • ताजे फल और हरी सब्जियां
    • दालें और प्रोटीन युक्त आहार
    • दूध, दही और घी
    • काजू, बादाम जैसे सूखे मेवे
    • नारियल और नींबू

    यह सभी पोषक तत्व शरीर को आवश्यक ऊर्जा और हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।

    महत्वपूर्ण सलाह

    ये उपाय धीरे-धीरे असर दिखाते हैं, इसलिए धैर्य और नियमितता जरूरी है। किसी भी प्रकार की असहजता या समस्या होने पर आयुर्वेदिक चिकित्सक या डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

  • अब मिलेगा ₹1.08 लाख तक सोलर सब्सिडी!ˈ जानिए कौन दे रहा कितना और कैसे मिलेगा फायदा

    अब मिलेगा ₹1.08 लाख तक सोलर सब्सिडी!ˈ जानिए कौन दे रहा कितना और कैसे मिलेगा फायदा

    अब मिलेगा ₹1.08 लाख तक सोलर सब्सिडी!ˈ जानिए कौन दे रहा कितना और कैसे मिलेगा फायदा
    अब मिलेगा ₹1.08 लाख तक सोलर सब्सिडी! जानिए कौन दे रहा कितना और कैसे मिलेगा फायदा

    दिल्ली सरकार ने Renewable Energy को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 3 किलोवाट (kW) क्षमता वाले रूफटॉप सोलर पैनल की स्थापना पर ₹30,000 की अतिरिक्त सब्सिडी देने की मंजूरी दी गई है। यह सब्सिडी केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना (PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana) के तहत दी जा रही ₹78,000 की सब्सिडी के अतिरिक्त होगी। इस प्रकार, दिल्ली में 3 kW सोलर सिस्टम लगाने पर कुल ₹1.08 लाख की वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी ।

    ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत दिल्ली सरकार का राज्य टॉप-अप

    दिल्ली सरकार ने ‘PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana State Top-Up’ नामक योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य केंद्र सरकार की योजना को और अधिक प्रभावी बनाना है। इस योजना के तहत, दिल्ली सरकार ₹10,000 प्रति किलोवाट की दर से अधिकतम ₹30,000 की अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान करेगी। इससे दिल्ली के निवासी बिना किसी प्रारंभिक लागत के सोलर पैनल स्थापित कर सकेंगे और मासिक बिजली बिल में औसतन ₹4,200 की बचत कर सकेंगे ।

    वित्तीय सहायता और आसान ऋण विकल्प

    दिल्ली सरकार ने सोलर पैनल की स्थापना के लिए आवश्यक शेष राशि (लगभग ₹90,000) के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ साझेदारी की है। इसके तहत, नागरिकों को आसान और सुलभ ऋण विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे बिना किसी प्रारंभिक निवेश के सोलर पैनल स्थापित कर सकें। यह कदम विशेष रूप से मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए लाभकारी होगा, जो बिजली की बढ़ती लागत से परेशान हैं ।

    योजना का बजट और लक्ष्य

    दिल्ली सरकार ने इस योजना के लिए ₹50 करोड़ का बजट आवंटित किया है। इसका उद्देश्य अगले तीन वर्षों में 2.3 लाख आवासीय इकाइयों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करना है। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होगी, बल्कि दिल्ली को स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में अग्रसर करेगी ।

    पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

    इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को दिल्ली का निवासी होना चाहिए और उसके पास वैध बिजली कनेक्शन होना आवश्यक है। इसके अलावा, घर की छत पर सोलर पैनल स्थापित करने के लिए पर्याप्त स्थान होना चाहिए। आवेदन प्रक्रिया के लिए नागरिकों को ‘PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana’ की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के बाद, सरकार द्वारा अधिकृत विक्रेता सोलर पैनल की स्थापना करेंगे, और सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाएगी।

    पर्यावरणीय लाभ और ऊर्जा स्वतंत्रता

    सोलर पैनल की स्थापना से न केवल बिजली बिल में बचत होगी, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है। सौर ऊर्जा एक स्वच्छ और नवीकरणीय स्रोत है, जो कार्बन उत्सर्जन को कम करने में सहायक है। इसके अलावा, सोलर पैनल की स्थापना से नागरिक ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बन सकेंगे, जिससे उन्हें बिजली कटौती जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।

  • गाड़ी का नंबर डालकर कर सकते हैंˈ फास्टैग रीचार्ज जान लें पूरा प्रोसेस

    गाड़ी का नंबर डालकर कर सकते हैंˈ फास्टैग रीचार्ज जान लें पूरा प्रोसेस

    गाड़ी का नंबर डालकर कर सकते हैंˈ फास्टैग रीचार्ज जान लें पूरा प्रोसेस

    Fastag Recharge: एक समय था जब लोगों को टोल टैक्स चुकाने के लिए लंबी लाइन में लगना पड़ता था। इससे न केवल समय बर्बाद होता था, बल्कि उन्हें कई परेशानियों का भी सामना करना पड़ता था। लेकिन अब पूरे भारत में फास्टैग का उपयोग किया जाने लगा है, जो कि टोल भुगतान (toll payment) को आसान बनाता है। फास्टैग की सहायता से लोग बिना किसी लाइन में लगे, तुरंत टोल चुकता कर सकते हैं। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि यात्रा भी सुगम हो जाती है। इसके साथ ही, कैश रखने की जरूरत खत्म हो जाती है, जिससे यात्रियों को और भी सुविधा मिलती है।

    फास्टैग एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (electronic toll coleection) सिस्टम है, जिसे प्रीपेड अकाउंट या बचत खाते से जोड़ा जाता है। इसे गाड़ी की विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है, और टोल प्लाजा पर स्कैन किया जाता है। जैसे ही फास्टैग स्कैन होता है, टोल राशि आपके अकाउंट से स्वतः काट ली जाती है।

    फास्टैग को नियमित रूप से रिचार्ज (recharge) करना पड़ता है, जिसे आप गाड़ी के नंबर से कर सकते हैं। इसके लिए Google Pay, Amazon Pay, या Phone Pay जैसे ऑनलाइन पेमेंट ऐप्स का उपयोग किया जा सकता है। इन ऐप्स में प्रवेश करने के बाद, फास्टैग रिचार्ज का विकल्प चुनें और आवश्यक राशि जमा करें।

    इसके बाद फास्टैग खरीदने के लिए प्रोवाइडर (provider) चुनें, वाहन नंबर दर्ज करें, राशि चुनें और प्रक्रिया पूरी करें। ध्यान रखें, वाहन नंबर फास्टैग खाते से लिंक होना चाहिए।

    आप फास्टैग को रिचार्ज करने के लिए फास्टैग नंबर (fastag number) का इस्तेमाल कर सकते हैं। सबसे पहले, ऑनलाइन पेमेंट ऐप खोलें और ‘FASTag रिचार्ज’ सेक्शन पर जाएं। यहां, अपना लिंक किया हुआ फास्टैग अकाउंट (fastag account) चुनें और आवश्यक अमाउंट डालकर रिचार्ज करें। इसके अलावा, आप अपने बैंक ऐप्स और नेट बैंकिंग के माध्यम से भी रिचार्ज कर सकते हैं।

    यदि आपको किसी अन्य विकल्प की आवश्यकता हो, तो फास्टैग की आधिकारिक वेबसाइट (website) पर जाकर भी रिचार्ज किया जा सकता है। सरल प्रक्रिया और विभिन्न विकल्पों के कारण फास्टैग रिचार्ज करना बहुत सुविधाजनक है।

  • PM मोदी के बाद कौन बनेगा प्रधानमंत्री?ˈ ज्योतिष के अनुसार इन 3 नेताओं की किस्मत चमक रही है

    PM मोदी के बाद कौन बनेगा प्रधानमंत्री?ˈ ज्योतिष के अनुसार इन 3 नेताओं की किस्मत चमक रही है

    PM मोदी के बाद कौन बनेगा प्रधानमंत्री?ˈ ज्योतिष के अनुसार इन 3 नेताओं की किस्मत चमक रही है

    भारत की सियासत में इन दिनों एक सवाल हर किसी के मन में कौंध रहा है- नरेंद्र मोदी के बाद देश की बागडोर कौन संभालेगा? जहां राजनीति के जानकार अपने-अपने कयास लगा रहे हैं, वहीं ज्योतिष की दुनिया भी इस रहस्य को सुलझाने में पीछे नहीं है।

    ग्रह-नक्षत्रों की चाल और कुंडली के खेल के आधार पर तीन बड़े नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं, जिनके सितारे इस वक्त बुलंदी पर नजर आते हैं। आइए, इस रोचक सवाल का जवाब तलाशते हैं और जानते हैं कि ज्योतिष की नजर में अगला प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में कौन सबसे आगे है।

    सियासत और सितारों का अनोखा मेल

    भारतीय राजनीति में ज्योतिष का दखल कोई नई बात नहीं है। प्राचीन काल से ही राजा-महाराजा अपने फैसलों के लिए ज्योतिषियों की सलाह लेते थे, और आज भी यह परंपरा कायम है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने पिछले एक दशक में शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन अब सवाल यह है कि उनके बाद पार्टी किसे अपना चेहरा बनाएगी? ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि ग्रहों की स्थिति और नक्षत्रों की चाल कुछ खास नेताओं के पक्ष में है। इनमें से तीन नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं, जिनकी कुंडली में सत्ता और सफलता के योग बनते दिख रहे हैं।

    पहला दावेदार: योगी आदित्यनाथ

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम इस सूची में सबसे ऊपर लिया जा रहा है। ज्योतिषियों के मुताबिक, उनकी कुंडली में शनि और गुरु की मजबूत स्थिति उन्हें नेतृत्व के लिए मजबूत दावेदार बनाती है। योगी की सख्त छवि और हिंदुत्व की राजनीति उन्हें बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रिय बनाती है। ग्रहों की दशा बताती है कि अगले कुछ साल उनके लिए सुनहरे हो सकते हैं, और अगर सितारे मेहरबान रहे तो वह देश के शीर्ष पद तक पहुंच सकते हैं। क्या योगी का कद अब राष्ट्रीय स्तर पर और बड़ा होने वाला है? यह सवाल हर किसी के मन में है।

    दूसरा नाम: नितिन गडकरी

    बीजेपी के कद्दावर नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी इस दौड़ में पीछे नहीं हैं। उनकी कुंडली में सूर्य और मंगल की शुभ स्थिति उन्हें एक कुशल प्रशासक और दूरदर्शी नेता के रूप में पेश करती है। गडकरी ने सड़क परिवहन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में शानदार काम किया है, जिसकी वजह से उनकी साख पार्टी के अंदर और बाहर दोनों जगह मजबूत है। ज्योतिषियों का मानना है कि उनकी मेहनत और ग्रहों का साथ उन्हें अगले प्रधानमंत्री की कुर्सी तक ले जा सकता है। क्या गडकरी का सादगी भरा अंदाज सत्ता की सीढ़ी चढ़ेगा? यह देखना दिलचस्प होगा।

    तीसरा दावेदार: अमित शाह

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बीजेपी का चाणक्य कहा जाता है। उनकी रणनीति और संगठन कौशल ने पार्टी को कई बड़ी जीत दिलाई हैं। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार, उनकी कुंडली में राहु और चंद्रमा की स्थिति उन्हें सत्ता के करीब रखती है। शाह की मेहनत और मोदी के साथ उनकी करीबी उन्हें इस दौड़ में मजबूत बनाती है। हालांकि, कुछ ज्योतिषी मानते हैं कि उनकी राह में कुछ ग्रह बाधा भी डाल सकते हैं। क्या शाह का सियासी दांव उन्हें पीएम की कुर्सी तक पहुंचाएगा? यह वक्त ही बताएगा।

    सितारों का खेल या मेहनत का फल?

    ज्योतिष भले ही भविष्य की एक झलक दिखाए, लेकिन सियासत में मेहनत, रणनीति और जनता का भरोसा ही असली जीत दिलाता है। इन तीनों नेताओं के पास अनुभव, लोकप्रियता और संगठन की ताकत है, लेकिन कौन बाजी मारेगा, यह कहना अभी मुश्किल है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल बदलती रहती है, और राजनीति का मिजाज भी। फिर भी, यह चर्चा हर किसी को उत्साहित कर रही है कि आने वाले दिनों में भारत का नेतृत्व किसके हाथों में होगा। आपकी राय में इनमें से कौन सबसे मजबूत दावेदार है?

  • हमारे नाखूनों पर क्यों बनते हैं सफेदˈ निशान? अगर आपके भी है तो आज जान लीजिए कारण

    हमारे नाखूनों पर क्यों बनते हैं सफेदˈ निशान? अगर आपके भी है तो आज जान लीजिए कारण

    क्या आपके भी नाखूनों पर, जहां से नाखून निकलते हैं, वहां पर सफेद निशान बने हुए हैं। अगर ऐसा है तो फिर आज जान लीजिए कि यह क्यों बनते हैं वरना बाद में पछताएंगे।

    हमारे नाखूनों पर क्यों बनते हैं सफेदˈ निशान? अगर आपके भी है तो आज जान लीजिए कारण
    Image Source : PEXELSप्रतीकात्मक फोटो

    हर इंसान सुबह से लेकर शाम तक ऐसी कई चीजों को देखता है जो नॉर्मल नहीं होता है मगर लोग उसके पीछे का कारण जानने की कोशिश नहीं करते हैं और उन्हें अनदेखा कर देता है। कई बार इंसान अपने शरीर को लेकर भी ऐसा करता है। शरीर में कुछ बदलाव या फिर कुछ ऐसा दिखता है जिसको लेकर उसके मन में सवाल उठने चाहिए और उसके जवाब भी उसको खोजने चाहिए मगर लोग ऐसा नहीं करते हैं और उसे इग्नोर कर देते हैं। आज हम आपको ऐसा ही कुछ बताने जा रहे हैं। आज हम आपको नाखूनों को लेकर कुछ ऐसा बताने जा रहे हैं जिसे आपने पहले शायद नोटिस तक नहीं किया होगा और अगर नोटिस किया होगा तब भी उसका कारण नहीं पता होगा।

    नाखूनों पर क्यों बनते हैं सफेद निशान?

    आपने देखा होगा कि कई लोगों के नाखूनों पर एक सफेद रंग का निशान होता है। जहां से नाखून निकलते हैं, अकसर वहां पर यह निशान देखने को मिलते हैं। शायद आपके नाखूनों पर भी यह निशान हो लेकिन क्या आप इसके पीछे का कारण जानते हैं? कोई बात नहीं, आज हम आपको इसके बारे में बताते हैं। दरअसल यह निशान ल्यूकोनीशिया के कारण होते हैं जो एक आम बिमारी है। जहां से नाखून निकलते हैं, वहां पर अगर सफेद निशान है तो यह ‘ट्रू ल्यूकोनीशिया’ के कारण है। वहीं अगर सफेद धब्बे नाखूनों के नीचे वाले स्किन में बने हैं तो यह ‘अपेरेंट ल्यूकोनीशिया’ के कारण होता है औ अगर यही धब्बे नाखून की सतह पर हैं तो यह स्यूडोल्यूकोनीशिया के कारण होते हैं।

    किन वजहों से होता है ल्यूकोनीशिया?

    अब आप यह जरूर जानना चाहते होंगे कि ल्यूकोनीशिया किस वजह से होता है तो आइए इसके बारे में बताते हैं। इसके पीछे एक कारण एलर्जी हो सकती है। नाखूनों पर इस्तेमाल होने वाले प्रोडक्ट्स के कारण एलर्जी हो सकता है और ऐसे धब्बे बन सकते हैं। इसके अलावा कोई चोट भी इन धब्बों के बनने का कारण बन सकता है। कभी-कभी किसी फंगल इंफेक्शन के कारण भी नाखूनों पर सफेद धब्बे बन सकते हैं। इसके अलावा कई बार दवाओं के साइडइफेक्ट के कारण भी ऐसा हो जाता है।

  • महिलाओं के शरीर में कितने दिन तकˈ जीवित रहते हैं स्पर्म? जानिए प्रेग्नेंसी से जुड़ा पूरा वैज्ञानिक सचˌ

    महिलाओं के शरीर में कितने दिन तकˈ जीवित रहते हैं स्पर्म? जानिए प्रेग्नेंसी से जुड़ा पूरा वैज्ञानिक सचˌ

    महिलाओं के शरीर में कितने दिन तकˈ जीवित रहते हैं स्पर्म? जानिए प्रेग्नेंसी से जुड़ा पूरा वैज्ञानिक सचˌ

    हेल्थ डेस्क। गर्भधारण से जुड़े सवालों में सबसे आम और जरूरी सवालों में से एक है: महिलाओं के शरीर में स्पर्म कितने दिन तक जीवित रह सकते हैं? यह जानकारी न सिर्फ प्रजनन से जुड़े निर्णयों में सहायक होती है, बल्कि परिवार नियोजन, फर्टिलिटी ट्रैकिंग और गर्भधारण की संभावनाओं को बेहतर ढंग से समझने के लिए भी आवश्यक है।

    स्पर्म की औसत जीवन अवधि

    वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, महिलाओं के प्रजनन तंत्र में एक बार प्रवेश करने के बाद स्पर्म औसतन 3 से 5 दिन तक जीवित रह सकते हैं। हालांकि, यह अवधि शरीर की आंतरिक स्थिति, हार्मोनल स्तर और ओवुलेशन के समय पर निर्भर करती है।

    यदि गर्भाशय ग्रीवा (cervical mucus) उस समय पर्याप्त मात्रा में पतली और शुक्राणु के अनुकूल हो, तो स्पर्म 5 दिनों तक सक्रिय रह सकते हैं। लेकिन यदि महिला का शरीर ओवुलेशन की स्थिति में नहीं है, तो यह अवधि घटकर 1–2 दिन भी हो सकती है।

    ओवुलेशन के समय सबसे ज्यादा

    फर्टिलिटी विशेषज्ञों का कहना है कि ओवुलेशन से ठीक पहले और ओवुलेशन के दिन संबंध बनाने से गर्भधारण की संभावना सबसे अधिक होती है। इसका कारण यही है कि उस दौरान स्पर्म ज्यादा लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं और अंडाणु (egg) से मिलने की संभावना अधिक होती है।

    क्यों जरूरी है ये जानकारी?

    गर्भधारण की योजना बनाने वालों के लिए: यदि आप संतान की योजना बना रहे हैं, तो यह जानना जरूरी है कि स्पर्म कब तक जीवित रहता है ताकि ओवुलेशन के नजदीक सही समय पर प्रयास किया जा सके।

    गर्भधारण से बचने वालों के लिए: नेचुरल फैमिली प्लानिंग या कैलेंडर मेथड अपनाने वालों के लिए यह जानना आवश्यक है कि स्पर्म लंबे समय तक शरीर में जीवित रह सकते हैं, इसलिए ओवुलेशन से पहले के दिन भी ‘सुरक्षित’ नहीं माने जा सकते।

  • अगर आपको भी लगती है बार बारˈ नजर, तो आजमाएं दादी-नानी के ये घरेलू नुस्खेˌ

    अगर आपको भी लगती है बार बारˈ नजर, तो आजमाएं दादी-नानी के ये घरेलू नुस्खेˌ

    अगर आपको भी लगती है बार बारˈ नजर, तो आजमाएं दादी-नानी के ये घरेलू नुस्खेˌ

    बीमारी चाहे कोई भी हो, घरेलू नुस्खों से हर बीमारी का इलाज संभव माना जाता है। चाहे वो सिरदर्द हो, बुखार हो, चोट हो या फिर किसी की बुरी नजर लग गई हो। वैसे तो आजकल लोग घरेलू नुस्खों का बहुत कम इस्तेमाल करते हैं, मगर पुराने जमाने की बात करें तो हमारी दादी-नानी इन्हीं नुस्खों के सहारे बड़ी से बड़ी बीमारी का इलाज कर देते थे।

    खैर, घर के छोटे बच्चों को अक्सर नजर लग जाने की समस्या होती है, जिसकी वजह से बच्चे काफी ज्यादा रोते हैं। लिहाजा बुरी नजर लग जाने से कुछ होते हैं, जो डॉक्टर के पास जाते हैं तो वहीं कुछ होते हैं जो ज्योतिष को बुलाते हैं।

    वहीं आपको जानकर हैरानी होगी कि दादी नानी के कुछ ऐसे नुस्खे हैं, जो आपको हमेशा के लिए बुरी नजरों से बचा सकते हैं। तो आज हम इस आर्टिकल में आपको उन्हीं नुस्खों के बारे में बताने वाले हैं। आइये जानते हैं, आखिर क्या हैं दादी नानी के वो नुस्खे….

    नुस्खा 1

    अगर आपके घर के किसी सदस्य को बुरी नजर लग जाए तो घर में ज्वार की रोटी बनाएं , मगर सेंकते समय ये ध्यान रखें कि रोटी को सिर्फ एक ही तरफ से सेंकना है। इसके बाद सेंके हुए भाग पर गाय का घी लगाएं और उसे पीले धागे से बांध लें, फिर इस रोटी को नजर लगे व्यक्ति पर 7 बार वार लें और किसी कुत्ते को खिला दें। माना जाता है कि ऐसा करने से नजर दोष खत्म होता है।

    नुस्खा 2

    दादी-नानी का ये सबसे सस्ता और अच्छा नुस्खा है। इसमें आपको गेहूं के आटे से कुछ दीया बनाना है और उस दीया में काले धागे की बत्ती जलाएं। इसके बाद उसमें दो लाल मिर्च रखें और उसे नजर लगे व्यक्ति पर उतार दें। माना जाता है कि ऐसा करने से नजर दोष दूर होता है।

    नुस्खा 3

    नजर उतारने के लिए गाय के गोबर का भी प्रयोग किया जा सकता है। जी हां, अगर आपके परिवार में किसी सदस्य को नजर लग गया हो तो ये नुस्खा आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। इसमें आपको गाय के गोबर से एक चौमुखी दीपक बनाना है।

    दीया बनाने के बाद उसमें तिल के तेल की एक बत्ती जला दें और उसमें थोड़ा गुड़ डाल लें। इसके बाद इस दीये को अपने घर के द्वार के सामने रख दें, माना जाता है कि ऐसा करने से नजर दोष खत्म होता है। साथ ही साथ घर में सकारात्मक उर्जा का प्रवेश होता है और सदस्यों के रिश्तों में मिठास भी बढ़ती है।

    नुस्खा 4

    वैसे तो बुरी नजर लगना आम बात है, मगर बच्चों को बुरी नजर लग जाए तो उन्हें काफी तकलीफ होती है। ऐसे में अगर आपके घर के छोटे बच्चों को बुरी नजर लगे तो शनिवार या रविवार के दिन एक कटोरी में थोड़ा सा दूध लें और उसे बच्चे के सिर पर तीन बार फेर दें।

    इसके बाद उस दूध को कुत्ते को दे दें। माना जाता है कि ऐसा करने से नजर उतर जाती है। ये उपाय आपको 3 से 4 हफ्तों तक अपनाना है, ताकि आपके बच्चे को दोबारा नजर न लगे।