Author: me.sumitji@gmail.com

  • ये आदमी हैं भयंकर लक्की पहले खुलीˈ थी 6 करोड़ की लॉटरी और अब मिला जमीन में गड़ा खजानाˌ

    ये आदमी हैं भयंकर लक्की पहले खुलीˈ थी 6 करोड़ की लॉटरी और अब मिला जमीन में गड़ा खजानाˌ

    ये आदमी हैं भयंकर लक्की पहले खुलीˈ थी 6 करोड़ की लॉटरी और अब मिला जमीन में गड़ा खजानाˌ

    किस्मत एक ऐसी चीज होती हैं जो रोडपति को भी करोड़पति बना देती हैं. ये बात आप ने कई बार सुनी होगी लेकिन आज हम आपको इसका एक ताज़ा उदहारण भी बताने जा रहे हैं. दुनियां में वैसे तो बहुत से लोग भाग्यशाली होते हैं, परंतु कुछ विशेष लोग इतने ज्यादा लक्की होते हैं कि हमे भी अपनी आँखों पर यकीन नहीं होता हैं. ऐसे ही एक भयंकर लक्की इंसान हैं बी. रत्नाकर पिल्लई. केरल के रहने वाले 66 वर्षीय रत्नाकर पिल्लई की किस्मत के किस्से सुनकर आप भी उनसे जलन करने लगेंगे.

    अब पिछले साल क्रिसमस की ही बात हैं. रत्नाकर पिल्लई ने एक लोटरी टिकट ख़रीदा था जिसके बाद उन्हें पुरे 6 करोड़ की लोटरी लगी थी. अब ये बड़ा भाग्य का चमत्कार काफी नहीं था कि हाल ही में उनके हाथ एक और खजाना लग गया. दरअसल रत्नाकर पिल्लई ने उन 6 करोड़ रुपए में से कुछ पैसो से तिरुअनंतपुरम से कुछ किलोमीटर दूर किलिमनूर में एक खेत खरीद लिया. वे इस खेत में शकरकंद की फसल करना चाहते थे. इसके लिए जब उन्होंने खेत में खुदाई का काम शुरू किया तो जमीन के अंदर उन्हें कुछ ऐसा दिखा कि अपनी किस्मत पर यकीन ही नहीं हुआ.

    जुताई में पिल्लई को एक मटका मिला जिसके अंदर कई प्राचीन मुद्राएं रखी हुई थी. जानकारी के अनुसार ये मटका करेब 100 साल पुराना हैं. इसके अंदर 2,595 प्राचीन सिक्के रखे हैं. इन सिक्कों का जब वजन किया गया तो ये 20 किलो 400 ग्राम निकला. दिलचस्प बात ये हैं कि सभी सिक्के ताम्बे की धातु के बने हुए हैं. सूत्रों के अनुसार ये सिक्के त्रावणकोर साम्राज्य के हैं.

    सिक्के मिलने के बाद इन्हें लैब में जांच के लिए भेज दिया गया हैं. इन सिक्कों पर जंग भी लगी हुई हैं. हालाँकि अभी तक ये बात अस्पष्ट नहीं हैं कि इन सिक्कों की कुल कीमत कितनी हैं. एक्सपर्ट्स इसकी जांच करने के बाद ही सही कीमत का आकलन कर पाएंगे. जानकारों के अनुसार ये सिक्के त्रावणकोर के दो महाराजाओं के शासनकाल के समय चलन में हुआ करते थे. पहले राजा का नाम मूलम थिरुनल राम वर्मा हैं जिनका शासन काल 1885 से 1924 के मध्य रहा. वहीं दुसरे राजा का नाम चिथिरा थिरुनल बाला राम वर्मा  हैं. इनका शासन काल 1924 से 1949 तक का था. ये त्रावणकोर के अंतिम शासक भी थे.

    उधर सोशल मीडिया पर जब लोगो को इस बात का पता लगा कि शख्स को पिछले साल 6 करोड़ की लोटरी लगी और इस साल प्राचीन सिक्कों का खजाना मिला तो उन्हें यकीन नहीं हुआ. आखिर कोई बन्दा इतना ज्यादा लक्की कैसे हो सकता हैं. यहाँ कुछ लोग तो लक छोड़िए इतने ज्यादा बदनसीबी हैं कि तिजोरी में रखा धन भी लूट जाता हैं. खैर ये सब ऊपर वाले का ही खेल हैं. वैसे इस पुरे मामले पर यदि आपकी कोई राय हैं तो हमें जरूर बताए. साथ ही ये जानकारी पसंद आई हो तो इसे दूसरों के साथ शेयर करे. वैसे क्या आप लोगो के साथ कभी कुछ ऐसा हुआ हैं कि आपको लगा हो आप दुनियां के सबसे लक्की इंसान हैं. अपने अनुभव हमारे साथ कमेंट में साझा अवश्य करे.

  • जानिये कैसे विक्स वेपोरब घटा सकती हैˈ आप के पेट की चर्बी और स्ट्रेच मार्क्सˌ

    जानिये कैसे विक्स वेपोरब घटा सकती हैˈ आप के पेट की चर्बी और स्ट्रेच मार्क्सˌ

    जानिये कैसे विक्स वेपोरब घटा सकती हैˈ आप के पेट की चर्बी और स्ट्रेच मार्क्सˌ

    हम विक्स वेपोरब का उपयोग काफी समय से करते आए हैं। ज़्यादार हम इसका इस्तेमाल सर्दी ज़ुखाम या सिर दर्द में करते हैं। लेकिन शायद आपको यह जानकार हैरानी होगी कि इसको इस्तेमाल करने के और भी बहुत सारे तरीके हैं। विक्स वेपोरब कपूर, देवदार के तेल, नीलगिरी अर्क और पेट्रोलियम जेल जैसे शक्तिशाली दवाओं का एक संयोजन है। यह हमारी कई स्वास्थ्य समस्याओं के खिलाफ बहुत प्रभावी है।

    स्ट्रेच मार्क्स के निशान हटाने के लिए विक्स का प्रयोग

    हालांकि विक्स वेपोरब ने कभी दावा नहीं किया है कि यह खिंचाव के निशान को कम करने या त्वचा रोगों के लिए उपयोग है, लेकिन इस उत्पाद में नीलगिरी द्वारा सूजन को कम करने का गुण है। कई लोगों ने पुष्टि की है कि उन्होंने अपने स्ट्रेच मार्क्स के निशान पर विक्स वेपोरब को लगाया और बस कुछ ही दिनों में उल्लेखनीय अंतर महसूस किया।

    खिंचाव के निशान को दूर करने के लिए, विक्स की थोड़ी सी अतिरिक्त राशि लें और अपने स्ट्रेच मार्क्स वाली त्वचा पर धीरे से रगड़ें। यह 5 से 6 मिनट के लिए हर रोज़ करें और आपकी त्वचा स्ट्रेच मार्क्स से मुक्त और चिकनी हो जाएगी।

    वज़न घटाने के लिए विक्स वेपोरब का प्रयोग

    • 2 चम्मच विक्स 
    • आधा चम्मच कपूर पाउडर 
    • 1 चम्मच बेकिंग सोडा 
    • 2 चम्मच शराब का एक मिश्रण बना लें।

    एक छोटी कटोरी में इन सभी सामग्री को मिलाएं और इस पेस्ट को अपने पेट पर लगाएं। 5 मिनट के लिए धीरे मालिश करें और फिर अपने पेट को प्लास्टिक शीट से लपेट लें। इसे 1-2 घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दें। यह विधि बहुत जल्दी परिणाम नहीं देती है, सकारात्मक परिणाम देखने के लिए 15 दिनों के लिए यह करने की आवश्यकता हो सकती है।

  • बड़ी मुश्किल से मिलती है ये खासˈ जड़, जो कंगालों को भी मालामाल बना देती है, बस करें ये उपाय..!ˌ

    बड़ी मुश्किल से मिलती है ये खासˈ जड़, जो कंगालों को भी मालामाल बना देती है, बस करें ये उपाय..!ˌ

    बड़ी मुश्किल से मिलती है ये खासˈ जड़, जो कंगालों को भी मालामाल बना देती है, बस करें ये उपाय..!ˌ

    भारत देश को मान्यताओं का देश कहा जाता है. माना जाता है कि यहां पर हर राज्य में अलग अलग मान्यताएं हैं. सिर्फ इतना ही नही, इसके अलावा हम पुरातन काल से चली आ रही मान्यताओं पर भी अटूट विश्वास रखते हैं. ऐसे में आज हम आपको एक ऐसे ही बेहद चमत्कारी पौधे की जड़ के बारे में बताने वाले हैं, जिसके बारे में मान्यता है कि ये जड़ जिसे मिल जाये उसे मालामाल कर देती है. जी हाँ, ज्यादा जानकारी के लिए बताएं तो ये जड़ मध्य प्रदेश के जंगलों में पाई जाती है. ये एक खास किस्म का दुर्लभ पौधा है जिसका नाम है हत्था जोड़ी.

    सिर्फ इतना ही नहीं बताया जाता है कि इसकी जड़ ज्योतिषों के काम आती है. हत्था जोड़ी के बारे में बात करें तो ये दिखने में इंसानों के हाथों की तरह दिखाई देती है. जी हाँ, सिर्फ इंसानी हाथ ही नहीं बल्कि इस जड़ में दो पंजे दिखाई देते हैं और उंगलियां भी साफ़-साफ़ दिखाई देती है. जानकारी के लिए बताएं तो हत्था जोड़ी की जड़ में पंजों की आकृति ठीक इसी तरह की होती है जैसे मुट्ठी बंधी हुई हो.

    ये पौधा खास तौर से मध्य प्रदेश के जंगलों में पाया जाता है. इस चमत्कारी जड़ के बारे में बताया जाता है कि आमतौर पर जंगलों में रहने वाले लोग इसको बेचते हैं. इस जड़ का प्रयोग ज्योतिष में बहुत ज्यादा किया जाता है. ज्योतिषियों के मुताबिक ये जड़ बहुत चमत्कारी होती है और किसी कंगाल को भी मालामाल बना सकती है. इस जड़ के असर से मुकदमा, दुश्मन और धन से जुड़ी समस्याएं दूर हो सकती हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, इस जड़ के बारे में बताया तो ये भी जाता है कि ये जड़ इतनी चमत्कारी है कि इससे वशीकरण भी किया जा सकता है.

    इस जड़ से वशीकरण के अलावा इस जड़ से भूत-प्रेत जैसी समस्याओं को भी खत्म किया जा सकता है. हत्था जोड़ी में चमत्कारी प्रभाव होते हैं. विश्वास की बात करें तो इस जड़ को साक्षात्वी चामुंडा देवी का प्रतिरूप भी जाता है, ऐसे में जायज़ है कि ये जिसके पास भी रहेगा वो आश्चर्यजनक रूप से शक्तिशाली होगा. कड़ी मेहनत के बाद भी आपके पास पैसों की कमी रहती है और आपको आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है तो किसी मंगलवार या शनिवार को हत्था जोड़ी अपने घर ले आएं. इसे लाल रंग के कपड़े में बांधकर किसी सुरक्षित स्थान या तिजोरी में रख दें. अगर तिजोरी में सिन्दूर लगाकर हत्था जोड़ी रखा है तो बेहद फायदा होता है.

  • इस खूबसूरत एक्ट्रेस को देखकर बेकाबू होˈ गए थे विनोद खन्ना शूटिंग के बहाने 10 मिनट तक कुतरते रहे होंठˌ

    इस खूबसूरत एक्ट्रेस को देखकर बेकाबू होˈ गए थे विनोद खन्ना शूटिंग के बहाने 10 मिनट तक कुतरते रहे होंठˌ

    इस खूबसूरत एक्ट्रेस को देखकर बेकाबू होˈ गए थे विनोद खन्ना शूटिंग के बहाने 10 मिनट तक कुतरते रहे होंठˌ

    Vinod Khanna: आज के दौर में बड़े पर्दे पर किसिंग सीन दिखाना आम बात हो गई है। लेकिन सालों पहले दर्शकों को यह बिल्कुल पसंद नहीं आता था। ऐसे में जब माधुरी दीक्षित ने अपनी दूसरी ही फिल्म में हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता के साथ लिपलॉक किया था. इसलिए खूब हंगामा हुआ। इतना ही नहीं, जब दोनों का यह सीन शूट हो रहा था तो विनोद खन्ना (Vinod Khanna) इतना बेकाबू हो गया कि उसने माधुरी के होंठ तक काट लिए।

    इस फिल्म ने मचाया धमाल

    माधुरी दीक्षित ने महज 16-17 साल की उम्र में फिल्म ‘अबोध’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद एक्ट्रेस ने अपनी दूसरी फिल्म विनोद खन्ना के साथ की. इस फिल्म को लेकर माधुरी दीक्षित को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। हम बात कर रहे हैं विनोद खन्ना (Vinod Khanna) , फिरोज खान और माधुरी दीक्षित की फिल्म ‘दयावान’ की जो साल 1988 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर हंगामा मचा दिया था।

    एक्ट्रेस के काटे होंठ

    दरअसल, इस फिल्म में माधुरी ने विनोद खन्ना (Vinod Khanna) की पत्नी का किरदार निभाया था और फिल्म में दोनों ने इंटीमेट सीन दिए थे। फिल्म में दोनों के बीच एक लंबा लिपलॉक सीन भी था। जिसने बड़े पर्दे पर आग लगा दी थी। लेकिन बहुत कम लोग जानते होंगे कि जब माधुरी एक्टर विनोद खन्ना के साथ इस सीन की शूटिंग कर रही थीं तो उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। दरअसल, इस सीन की शूटिंग के दौरान एक्टर इतने बेकाबू हो गए थे कि उन्होंने एक्ट्रेस के होंठ तक काट लिए थे।

    किसिंग सीन को लेकर हुआ था विवाद

    आपको जानकर हैरानी होगी कि इस फिल्म के लिए माधुरी को 1 करोड़ रुपए की मोटी फीस दी गई थी। कहा जाता है कि फिल्म के निर्देशक फिरोज खान को इस बात का अंदाजा था कि यह सीन बवाल मचाने वाला है। ऐसे में माधुरी को इतनी ज्यादा फीस इसलिए दी गई ताकि वो ज्यादा सीन क्रिएट न करें। जब ये फिल्म पर्दे पर रिलीज हुई तो सुपरहिट रही। लेकिन फिल्म में माधुरी और विनोद खन्ना (Vinod Khanna) के बीच किसिंग सीन को लेकर काफी विवाद हुआ था। खबरों की मानें तो विवाद बढ़ने के बाद फिरोज खान को फिल्म से उस सीन को हटाने के लिए नोटिस भी भेजा गया था, लेकिन उन्होंने कोई सीन नहीं काटा।

  • विकलांग माँ और बुजुर्ग बाप को बेटोंˈ ने किया घर से बेदखल, 15 साल बाद बाप ने ऐसे सिखाया सबक

    विकलांग माँ और बुजुर्ग बाप को बेटोंˈ ने किया घर से बेदखल, 15 साल बाद बाप ने ऐसे सिखाया सबक

    विकलांग माँ और बुजुर्ग बाप को बेटोंˈ ने किया घर से बेदखल, 15 साल बाद बाप ने ऐसे सिखाया सबक

    माता-पिता अपनी कई संतानों को एक साथ रखकर उनका पालन-पोषण कर लेते हैं लेकिन कई बच्चे अपने माता पिता को नहीं रख पाते. शहर के चखली चौक में पांच कलयुगी बेटों ने अपने बुजुर्ग मां और 86 साल के पिता को झोपड़ी में रहने पर मजबूर कर दिया. उसके माता-पिता पिछले 15 सालों से झोपड़ी में गुजारा कर रहे थे. पिता का नाम हीरालाल साहू है और उन्होंने बताया कि खरीदी जमीन पर उनके पांच बेटे सुमरन लाल, हुकूम साहू, प्रमोद साहू, उमांशकर और कीर्तन साहू ने मिलकर एक मकान बना लिया है और विकलांग माँ और बुजुर्ग बाप को बेटों ने किया घर से बेदखल, इस केस के सात ही हीरालाल साहू ने ऐसा कदम उठाया जो हर माता-पिता और बच्चों के लिए सबक है.

    विकलांग माँ और बुजुर्ग बाप को बेटों ने किया घर से बेदखल

    86 साल के हीरालाल अपनी पत्नी के साथ पिछले 15 सालों से एक झोपड़ी में रह रहे हैं. उन्होंने कई बार अपने बेटों से मिन्नतें कीं कि वो उन्हें उस घर में रखें लेकिन बेटे नहीं माने. मानना तो दूर कोई भी बेटा बात करने को भी तैयार नहीं था और जैसे-तैसे हीरालाल ने हिम्मत जुटाकर अपने बेटों के खिलाफ चिखली थाने में अपने पांचों बेटों के साथ मामला दर्ज कराया है. चिखली पुलिस ने वरिष्ठ नागरिक सुरक्षा अधिनियम 2007 की धारा 24 के अंतर्गत पांचों बेटों पर मामला दर्ज कर लिया और कार्यवाही शुरु कर दी है. हीरालाल पहले शासकीय प्रेस के कर्मचारी थे और उन्होंने नौकरी के दौरान ही अपने नाम जमीन ये सोचकर खरीदा कि भविष्य में बेटों और पोतों के साथ जिंदगी फिर से बिताएंगे. मगर इसी जमीन पर बेटों ने उनकी असहमति से मकान बनवा लिया और परिवार के बुजुर्ग माता-पिता को घर से बाहर का रास्ता दिखा दिया. कार्यवाही होने के बाद अब हीरालाल अपने जमीन पर बने मकान में जीवन बिता पाएंगे जबकि पिछले 15 साल से बेटों की वजह से झोपड़ी में रह रहे थे.

    पुलिस में शिकायत के बाद उनके चारों बेटों को गिरफ्तार कर लिया गया है. हीरालाल का एक बेटा भोपाल में रहता है जिसके चलते पुलिस नहीं पहुंच पाई लेकिन बाकी बेटों को गिरफ्तार किया गया और इन सबमें अहम बात ये है कि बेटों को अब जमानत भी मिल गई है. जमानत के बाद चारों बेटे ने अपने माता को घर ले जाने की बात में हामी भरी है.

    हीरालाल ने किया था बाढ़ पीड़ित को दान

    15 सालों से झोपड़ी में रहने वाले हीरालाल ने भी कई अच्छे काम किए हैं लेकिन उनका सबसे बड़ा परोपकार का काम तब हुआ जब उन्होंने केरल बाढ़ पीड़ितों को 70 हजार रुपये का दान किया था. जिला प्रशासन के माध्मय से उन्होंने अपने नौकरी के दौरान जुटाई रकम को बाढ़ पीड़ितो को दान दिया. माता-पिता इंसान की सबसे बड़ी प्रॉपर्टी होते हैं और उन्हें किसी भी हाल में खुश रखना चाहिए. इस खबर में आज के नौजवानों को कुछ सीखना चाहिए और इसके अलावा ऐसे बुजुर्गों से खुलकर सामने आने की अपील करते हुए उन दंपत्ति को ये नसीहत दी गई कि अगर आप भी अपने बच्चों के सताए हुए हैं तो उन्हें कानून के मुताबकि हक मिलेगा.

  • ये है दुनिया की सबसे अमीर औरˈ सुंदर क्रिकेटर 5 साल में टूटी शादी। कम उम्र के खिलाड़ी से है संबंध

    ये है दुनिया की सबसे अमीर औरˈ सुंदर क्रिकेटर 5 साल में टूटी शादी। कम उम्र के खिलाड़ी से है संबंध

    ये है दुनिया की सबसे अमीर औरˈ सुंदर क्रिकेटर 5 साल में टूटी शादी। कम उम्र के खिलाड़ी से है संबंध

    क्रिकेट में वैसे तो अक्सर पुरुषों का ही बोलबाला रहता है। लेकिन महिला प्रीमियर लीग (WPL) के बाद महिलाओं की वैल्यू भी बढ़ गई है। कमाई के मामले में अब महिला क्रिकेटर भी पुरुष खिलाड़ियों को टक्कर दे रही हैं। अब ऑस्ट्रेलिया की धुरंधर बल्लेबाज एलिसे पेरी (Ellyse Perry) को ही देख लीजिए। एलिसे का नाम दुनिया की सबसे अमीर महिला क्रिकेट खिलाड़ियों में टॉप पर आता है।

    115 करोड़ की मालकिन है ये क्रिकेटर

    आपको जान हैरानी होगी कि एलिसे की कुल संपत्ति 14 मिलियन डॉलर (करीब 115 करोड़ रुपये) है। वह न सिर्फ बेहद अमीर हैं, बल्कि दिखने में भी बड़ी सुंदर हैं। वह अपनी निजी लाइफ को मीडिया के सामने लाना पसंद नहीं करती हैं। लेकिन लोग इसमें बड़ी दिलचस्पी लेते हैं। वह इन दिनों फिर से रिलेशनशिप में है। इसके पहले 2020 में उनका अपने पति और रग्बी खिलाड़ी मैट टूमुआ से तलाक हो गया था। दोनों 2015 में शादी के बंधन में बंधे थे। शादी के 5 साल बाद ही दोनों अलग हो गए।

    इनका तलाक किस कारण हुआ इसकी वजह आज तक खुलकर सामने नहीं आई। पति से अलग होने के तीन साल बाद एलिसे खुद से एक साल छोटे फूटबॉल प्लेयर एलएफ स्टार नैट फाइफ को डेट कर रही हैं। नैट फाइफ महिला बिग बैश लीग (WBBL) में एलिस के लिए चीयर करते नजर आए थे। इस दौरान उनके चेहरे की खुशी सांतवे आसमान पर थी। दूसरी ओर एलिसे भी हॉथोर्न के खिलाफ नैट फाइफ के 200वें गेम के बाद खिलाड़ी संग डॉकर्स चेंज-रूम में देखी गई थी।

    तलाक के बाद ढूंढ लिया नया साथी

    इनके लव अफेयर की खबरें साल 2022 में आई थी। तब बताया गया कि दोनों बस अच्छे दोस्त हैं। लेकिन अब दोनों लव बर्ड्स बन चुके हैं। एलिस पेरी अभी 32 साल की हैं। महिला प्रीमियर लीग (WPL 2023) में वह रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की ओर से खेल रही हैं। कमाल की बात ये है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम ने जब-जब टी20 विश्व कप खिताब जीता तब-तब हर मैच 2010, 2012, 2014, 2018, 2020, 2023 में एलिसे शामिल रही हैं। उन्होंने 8 बार महिला टी20 विश्व कप में भाग लिया था।

    अपने क्रिकेट करियर में एलिस पेरी ने 8 वर्ल्ड कप, 6 टी20 वर्ल्ड कप और दो वनडे वर्ल्ड कप अपनी टीम के नाम किए हैं। वह 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम में भी शामिल थी। वह क्रिकेट के आलवा फुटबॉल में भी अपने देश का नाम चमका चुकी हैं। उन्होंने महज 16 की उम्र में राष्ट्रीय क्रिकेट टीम और राष्ट्रीय फुटबॉल टीम दोनों में डेब्यू कर लिया था। वह ऐसा कर इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने वाली सबसे कम उम्र की ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भी हैं।

    एलिसे आईसीसी और फीफा वर्ल्ड कप दोनों का हिस्सा बनने वाली पहली महिला खिलाड़ी भी हैं। वह धुरंधर बल्लेबाजी और तेज गेंदबाजी दोनों की माहिर खिलाड़ी हैं। आप उन्हें ऑलराउंडर कह सकते हैं। क्रिकेट और फुटबॉल के अलावा वह स्कूल लाइफ में टेनिस, एथलेटिक्स और गोल्फ भी खेलती थी। वह कपिल देव और वसीम अकरम के क्लब में शामिल हैं।

  • महिलाओं में स्तनों की मजबूती, कसाव औरˈ सुंदर आकार के लिए असरदार आयुर्वेदिक देखभाल और घरेलू नुस्खे

    महिलाओं में स्तनों की मजबूती, कसाव औरˈ सुंदर आकार के लिए असरदार आयुर्वेदिक देखभाल और घरेलू नुस्खे

    महिलाओं में स्तनों की मजबूती, कसाव औरˈ सुंदर आकार के लिए असरदार आयुर्वेदिक देखभाल और घरेलू नुस्खे

    महिलाओं के शरीर में स्तनों का विकास और उनका सही आकार होना हार्मोनल संतुलन, पोषण और जीवनशैली पर निर्भर करता है। कई महिलाओं को स्तनों का अविकसित रहना, ढीलापन आना या आकार में असंतुलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिससे आत्मविश्वास पर भी असर पड़ सकता है।

    आयुर्वेद में ऐसी समस्याओं के लिए कुछ प्राकृतिक और सुरक्षित उपाय बताए गए हैं, जिन्हें नियमित रूप से अपनाने पर स्तनों के पोषण, मजबूती और आकार में सुधार देखा जा सकता है।

    स्तनों से जुड़ी सामान्य समस्याओं के लिए घरेलू आयुर्वेदिक उपाय

    1. बादाम के तेल से मालिश

    यदि स्तन अविकसित या छोटे हैं, तो शुद्ध बादाम के तेल से नियमित रूप से हल्की मालिश करने से रक्त संचार बेहतर होता है और ऊतकों को पोषण मिलता है। इससे स्तनों की वृद्धि और मजबूती में सहायता मिलती है।

    2. अश्वगंधा और शतावरी का सेवन

    अश्वगंधा और शतावरी दोनों ही आयुर्वेद में स्त्री स्वास्थ्य के लिए उपयोगी मानी जाती हैं।

    • दोनों को बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें।
    • सुबह और शाम एक-एक चम्मच चूर्ण गुनगुने दूध के साथ लें।
    • इसका सेवन 45 से 60 दिनों तक नियमित रूप से करें।

    यह उपाय हार्मोनल संतुलन बनाने और स्तनों के विकास में सहायक माना जाता है।

    3. महानारायण तेल से मालिश

    महानारायण तेल से हल्के हाथों से नियमित मालिश करने पर स्तनों की त्वचा में कसाव आता है और ढीलापन कम होने में मदद मिलती है।

    4. आयुर्वेदिक चूर्ण का उपयोग

    स्तनों के पोषण के लिए निम्न सामग्री से बना मिश्रण उपयोगी माना जाता है—

    • पीपरी चूर्ण
    • काली मिर्च चूर्ण
    • अश्वगंधा चूर्ण
    • सोंठ चूर्ण

    इन सभी को शुद्ध घी में हल्का भूनकर पुराने गुड़ की चाशनी में मिलाया जाता है। इस मिश्रण को प्रतिदिन सीमित मात्रा में गुनगुने दूध के साथ लेने से शरीर को पोषण मिलता है और स्तनों की मजबूती में सहायता मिल सकती है।

    (ध्यान दें: किसी भी आयुर्वेदिक मिश्रण को लेने से पहले विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित होता है।)

    5. संतुलित और पोषक आहार

    स्तनों के अच्छे विकास और स्वास्थ्य के लिए आहार का सही होना बहुत जरूरी है। अपने भोजन में शामिल करें—

    • ताजे फल और हरी सब्जियां
    • दालें और प्रोटीन युक्त आहार
    • दूध, दही और घी
    • काजू, बादाम जैसे सूखे मेवे
    • नारियल और नींबू

    यह सभी पोषक तत्व शरीर को आवश्यक ऊर्जा और हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।

    महत्वपूर्ण सलाह

    ये उपाय धीरे-धीरे असर दिखाते हैं, इसलिए धैर्य और नियमितता जरूरी है। किसी भी प्रकार की असहजता या समस्या होने पर आयुर्वेदिक चिकित्सक या डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

  • अब मिलेगा ₹1.08 लाख तक सोलर सब्सिडी!ˈ जानिए कौन दे रहा कितना और कैसे मिलेगा फायदा

    अब मिलेगा ₹1.08 लाख तक सोलर सब्सिडी!ˈ जानिए कौन दे रहा कितना और कैसे मिलेगा फायदा

    अब मिलेगा ₹1.08 लाख तक सोलर सब्सिडी!ˈ जानिए कौन दे रहा कितना और कैसे मिलेगा फायदा
    अब मिलेगा ₹1.08 लाख तक सोलर सब्सिडी! जानिए कौन दे रहा कितना और कैसे मिलेगा फायदा

    दिल्ली सरकार ने Renewable Energy को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 3 किलोवाट (kW) क्षमता वाले रूफटॉप सोलर पैनल की स्थापना पर ₹30,000 की अतिरिक्त सब्सिडी देने की मंजूरी दी गई है। यह सब्सिडी केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना (PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana) के तहत दी जा रही ₹78,000 की सब्सिडी के अतिरिक्त होगी। इस प्रकार, दिल्ली में 3 kW सोलर सिस्टम लगाने पर कुल ₹1.08 लाख की वित्तीय सहायता उपलब्ध होगी ।

    ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत दिल्ली सरकार का राज्य टॉप-अप

    दिल्ली सरकार ने ‘PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana State Top-Up’ नामक योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य केंद्र सरकार की योजना को और अधिक प्रभावी बनाना है। इस योजना के तहत, दिल्ली सरकार ₹10,000 प्रति किलोवाट की दर से अधिकतम ₹30,000 की अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान करेगी। इससे दिल्ली के निवासी बिना किसी प्रारंभिक लागत के सोलर पैनल स्थापित कर सकेंगे और मासिक बिजली बिल में औसतन ₹4,200 की बचत कर सकेंगे ।

    वित्तीय सहायता और आसान ऋण विकल्प

    दिल्ली सरकार ने सोलर पैनल की स्थापना के लिए आवश्यक शेष राशि (लगभग ₹90,000) के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ साझेदारी की है। इसके तहत, नागरिकों को आसान और सुलभ ऋण विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे बिना किसी प्रारंभिक निवेश के सोलर पैनल स्थापित कर सकें। यह कदम विशेष रूप से मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए लाभकारी होगा, जो बिजली की बढ़ती लागत से परेशान हैं ।

    योजना का बजट और लक्ष्य

    दिल्ली सरकार ने इस योजना के लिए ₹50 करोड़ का बजट आवंटित किया है। इसका उद्देश्य अगले तीन वर्षों में 2.3 लाख आवासीय इकाइयों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित करना है। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होगी, बल्कि दिल्ली को स्वच्छ और हरित ऊर्जा की दिशा में अग्रसर करेगी ।

    पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

    इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को दिल्ली का निवासी होना चाहिए और उसके पास वैध बिजली कनेक्शन होना आवश्यक है। इसके अलावा, घर की छत पर सोलर पैनल स्थापित करने के लिए पर्याप्त स्थान होना चाहिए। आवेदन प्रक्रिया के लिए नागरिकों को ‘PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana’ की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के बाद, सरकार द्वारा अधिकृत विक्रेता सोलर पैनल की स्थापना करेंगे, और सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाएगी।

    पर्यावरणीय लाभ और ऊर्जा स्वतंत्रता

    सोलर पैनल की स्थापना से न केवल बिजली बिल में बचत होगी, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी लाभकारी है। सौर ऊर्जा एक स्वच्छ और नवीकरणीय स्रोत है, जो कार्बन उत्सर्जन को कम करने में सहायक है। इसके अलावा, सोलर पैनल की स्थापना से नागरिक ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बन सकेंगे, जिससे उन्हें बिजली कटौती जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।

  • गाड़ी का नंबर डालकर कर सकते हैंˈ फास्टैग रीचार्ज जान लें पूरा प्रोसेस

    गाड़ी का नंबर डालकर कर सकते हैंˈ फास्टैग रीचार्ज जान लें पूरा प्रोसेस

    गाड़ी का नंबर डालकर कर सकते हैंˈ फास्टैग रीचार्ज जान लें पूरा प्रोसेस

    Fastag Recharge: एक समय था जब लोगों को टोल टैक्स चुकाने के लिए लंबी लाइन में लगना पड़ता था। इससे न केवल समय बर्बाद होता था, बल्कि उन्हें कई परेशानियों का भी सामना करना पड़ता था। लेकिन अब पूरे भारत में फास्टैग का उपयोग किया जाने लगा है, जो कि टोल भुगतान (toll payment) को आसान बनाता है। फास्टैग की सहायता से लोग बिना किसी लाइन में लगे, तुरंत टोल चुकता कर सकते हैं। इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि यात्रा भी सुगम हो जाती है। इसके साथ ही, कैश रखने की जरूरत खत्म हो जाती है, जिससे यात्रियों को और भी सुविधा मिलती है।

    फास्टैग एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (electronic toll coleection) सिस्टम है, जिसे प्रीपेड अकाउंट या बचत खाते से जोड़ा जाता है। इसे गाड़ी की विंडस्क्रीन पर लगाया जाता है, और टोल प्लाजा पर स्कैन किया जाता है। जैसे ही फास्टैग स्कैन होता है, टोल राशि आपके अकाउंट से स्वतः काट ली जाती है।

    फास्टैग को नियमित रूप से रिचार्ज (recharge) करना पड़ता है, जिसे आप गाड़ी के नंबर से कर सकते हैं। इसके लिए Google Pay, Amazon Pay, या Phone Pay जैसे ऑनलाइन पेमेंट ऐप्स का उपयोग किया जा सकता है। इन ऐप्स में प्रवेश करने के बाद, फास्टैग रिचार्ज का विकल्प चुनें और आवश्यक राशि जमा करें।

    इसके बाद फास्टैग खरीदने के लिए प्रोवाइडर (provider) चुनें, वाहन नंबर दर्ज करें, राशि चुनें और प्रक्रिया पूरी करें। ध्यान रखें, वाहन नंबर फास्टैग खाते से लिंक होना चाहिए।

    आप फास्टैग को रिचार्ज करने के लिए फास्टैग नंबर (fastag number) का इस्तेमाल कर सकते हैं। सबसे पहले, ऑनलाइन पेमेंट ऐप खोलें और ‘FASTag रिचार्ज’ सेक्शन पर जाएं। यहां, अपना लिंक किया हुआ फास्टैग अकाउंट (fastag account) चुनें और आवश्यक अमाउंट डालकर रिचार्ज करें। इसके अलावा, आप अपने बैंक ऐप्स और नेट बैंकिंग के माध्यम से भी रिचार्ज कर सकते हैं।

    यदि आपको किसी अन्य विकल्प की आवश्यकता हो, तो फास्टैग की आधिकारिक वेबसाइट (website) पर जाकर भी रिचार्ज किया जा सकता है। सरल प्रक्रिया और विभिन्न विकल्पों के कारण फास्टैग रिचार्ज करना बहुत सुविधाजनक है।

  • PM मोदी के बाद कौन बनेगा प्रधानमंत्री?ˈ ज्योतिष के अनुसार इन 3 नेताओं की किस्मत चमक रही है

    PM मोदी के बाद कौन बनेगा प्रधानमंत्री?ˈ ज्योतिष के अनुसार इन 3 नेताओं की किस्मत चमक रही है

    PM मोदी के बाद कौन बनेगा प्रधानमंत्री?ˈ ज्योतिष के अनुसार इन 3 नेताओं की किस्मत चमक रही है

    भारत की सियासत में इन दिनों एक सवाल हर किसी के मन में कौंध रहा है- नरेंद्र मोदी के बाद देश की बागडोर कौन संभालेगा? जहां राजनीति के जानकार अपने-अपने कयास लगा रहे हैं, वहीं ज्योतिष की दुनिया भी इस रहस्य को सुलझाने में पीछे नहीं है।

    ग्रह-नक्षत्रों की चाल और कुंडली के खेल के आधार पर तीन बड़े नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं, जिनके सितारे इस वक्त बुलंदी पर नजर आते हैं। आइए, इस रोचक सवाल का जवाब तलाशते हैं और जानते हैं कि ज्योतिष की नजर में अगला प्रधानमंत्री बनने की दौड़ में कौन सबसे आगे है।

    सियासत और सितारों का अनोखा मेल

    भारतीय राजनीति में ज्योतिष का दखल कोई नई बात नहीं है। प्राचीन काल से ही राजा-महाराजा अपने फैसलों के लिए ज्योतिषियों की सलाह लेते थे, और आज भी यह परंपरा कायम है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने पिछले एक दशक में शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन अब सवाल यह है कि उनके बाद पार्टी किसे अपना चेहरा बनाएगी? ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि ग्रहों की स्थिति और नक्षत्रों की चाल कुछ खास नेताओं के पक्ष में है। इनमें से तीन नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं, जिनकी कुंडली में सत्ता और सफलता के योग बनते दिख रहे हैं।

    पहला दावेदार: योगी आदित्यनाथ

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम इस सूची में सबसे ऊपर लिया जा रहा है। ज्योतिषियों के मुताबिक, उनकी कुंडली में शनि और गुरु की मजबूत स्थिति उन्हें नेतृत्व के लिए मजबूत दावेदार बनाती है। योगी की सख्त छवि और हिंदुत्व की राजनीति उन्हें बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच लोकप्रिय बनाती है। ग्रहों की दशा बताती है कि अगले कुछ साल उनके लिए सुनहरे हो सकते हैं, और अगर सितारे मेहरबान रहे तो वह देश के शीर्ष पद तक पहुंच सकते हैं। क्या योगी का कद अब राष्ट्रीय स्तर पर और बड़ा होने वाला है? यह सवाल हर किसी के मन में है।

    दूसरा नाम: नितिन गडकरी

    बीजेपी के कद्दावर नेता और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी इस दौड़ में पीछे नहीं हैं। उनकी कुंडली में सूर्य और मंगल की शुभ स्थिति उन्हें एक कुशल प्रशासक और दूरदर्शी नेता के रूप में पेश करती है। गडकरी ने सड़क परिवहन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में शानदार काम किया है, जिसकी वजह से उनकी साख पार्टी के अंदर और बाहर दोनों जगह मजबूत है। ज्योतिषियों का मानना है कि उनकी मेहनत और ग्रहों का साथ उन्हें अगले प्रधानमंत्री की कुर्सी तक ले जा सकता है। क्या गडकरी का सादगी भरा अंदाज सत्ता की सीढ़ी चढ़ेगा? यह देखना दिलचस्प होगा।

    तीसरा दावेदार: अमित शाह

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बीजेपी का चाणक्य कहा जाता है। उनकी रणनीति और संगठन कौशल ने पार्टी को कई बड़ी जीत दिलाई हैं। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार, उनकी कुंडली में राहु और चंद्रमा की स्थिति उन्हें सत्ता के करीब रखती है। शाह की मेहनत और मोदी के साथ उनकी करीबी उन्हें इस दौड़ में मजबूत बनाती है। हालांकि, कुछ ज्योतिषी मानते हैं कि उनकी राह में कुछ ग्रह बाधा भी डाल सकते हैं। क्या शाह का सियासी दांव उन्हें पीएम की कुर्सी तक पहुंचाएगा? यह वक्त ही बताएगा।

    सितारों का खेल या मेहनत का फल?

    ज्योतिष भले ही भविष्य की एक झलक दिखाए, लेकिन सियासत में मेहनत, रणनीति और जनता का भरोसा ही असली जीत दिलाता है। इन तीनों नेताओं के पास अनुभव, लोकप्रियता और संगठन की ताकत है, लेकिन कौन बाजी मारेगा, यह कहना अभी मुश्किल है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल बदलती रहती है, और राजनीति का मिजाज भी। फिर भी, यह चर्चा हर किसी को उत्साहित कर रही है कि आने वाले दिनों में भारत का नेतृत्व किसके हाथों में होगा। आपकी राय में इनमें से कौन सबसे मजबूत दावेदार है?