Author: me.sumitji@gmail.com

  • आटे को कीड़ों से बचाने के लिएˈ किचन में मौजूद इन चीजों का करें इस्तेमालˌ

    आटे को कीड़ों से बचाने के लिएˈ किचन में मौजूद इन चीजों का करें इस्तेमालˌ

    Aate Ko Kide Lagne Se Kaise Bachaye: बारिश के मौसम में एक गृहिणी के लिए सबसे परेशानी होती है किचन में मौजूद आटा, दाल चावल को कीड़ों से बचाना. अगर आप भी इस परेशानी से बचना चाहते हैं, तो अपनाएं ये उपाय.

    आटे को कीड़ों से बचाने के लिएˈ किचन में मौजूद इन चीजों का करें इस्तेमालˌ

    Insect Prevention Tips: बारिश में आटे को कीड़ों से कैसे बचाएं.

    How to Prevent Bugs In Aata:  बारिश का मौसम गर्मी से तो हमें राहत देता है लेकिन,अपने साथ कई तरह के संक्रमण और बीमारियां लेकर आता है. इस मौसम में सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है. लेकिन इन सबके साथ एक गृहिणी के लिए सबसे ज्यादा परेशानी हो जाती है मानसून में किचन की चीजों को सुरक्षित रखना. मौसम में बदलाव होते ही किचन की कई चीजें खराब होने लगती हैं. जैसे नमक का गीला होना, मसाले खराब होना, चावल आटे में कीड़े लगना आदि. अगर आप भी आटे को कीड़ों से बचाना चाहते हैं तो इन आसान उपायों को अपना सकते हैं.

    आटे को खराब होने से कैसे बचाएं- (Aate Ko Kide Se Kaise Bachaye)

    1. तेज पत्ता-

    बारिश में आटे को खराब होने से बचाने के लिए आप आटे में तेज पत्ते डालकर रख सकते हैं. इससे आटा खराब नहीं होगा.

    2. दालचीनी-

    चिकन में मौजूद दालचीनी एक ऐसा मसाला है जिसे कई तरह से डाइट में शामिल किया जा सकता है. अगर आप भी बारिश में आटे को खराब होने से बचाना चाहते हैं,तो इसमें दालचीनी को डालकर सकते हैं.

    3. एयर टाइट कंटेरनर-

    बारिश में आटे को खराब होने और कीड़े से बचाने के लिए आप एयर टाइट कंटेनर का इस्तेमाल करें. इससे आटे में नमी नहीं पहुंचेगी और इसे कीड़े लगने से बचा सकते हैं.

    4. कपूर-

    कपूर को पूजा-पाठ में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि कपूर को आटे में रखने से आटा को बारिश में खराब होने से बचा सकते हैं. क्योंकि इसमें एक तेज सुगंध होती है.

  • भयंकर ठंड, ऊपर से रात का समय,ˈ फिर भी छोटे कपड़ों में महिलाओं को नहीं लगती ठंड, जाने क्या है वजहˌ

    भयंकर ठंड, ऊपर से रात का समय,ˈ फिर भी छोटे कपड़ों में महिलाओं को नहीं लगती ठंड, जाने क्या है वजहˌ

    भयंकर ठंड, ऊपर से रात का समय,ˈ फिर भी छोटे कपड़ों में महिलाओं को नहीं लगती ठंड, जाने क्या है वजहˌ

    लड़कियां जब कम कपड़े पहनती है तो हॉट लगती हैं। वे अपने लुक और फैशन को लेकर बहुत जागरूक रहती हैं। खासकर जब उन्हें किसी पार्टी में जाना हो तो ऊपर से लेकर नीचे तक वह अपने शरीर के हर हिस्से को सजाती है। अब गर्मी और बारिश जैसे मौसम में लड़कियों का छोटे कपड़े पहनना समझ में आता है। लेकिन यदि आप ने गौर किया हो तो ठंड के दिनों में भी कई लड़कियां पार्टी या फंक्शन में छोटे कपड़े पहनती हैं।

    ऐसे में क्या आप ने कभी सोचा है कि लड़कियों को इन छोटे कपड़ों में ठंड नहीं लगती क्या? वह तो बड़े आराम से घूमती फिरती और एन्जॉय करती हैं। वहीं दूसरी तरफ पुरुष और अन्य महिलाएं ठंड के कपड़ों से ढके रहते हैं। तो आखिर वह क्या वजह है जो छोटे कपड़ों में भी लड़कियों को सर्दी के सीजन में ठंड नहीं लगती है। चलिए जानते हैं।

    वैज्ञानिकों ने की रिसर्च

    इस टॉपिक पर वैज्ञानिकों ने बकायदा रिसर्च भी की है। इस रिसर्च में इस बात का खुलसा हुआ है कि महिलाओं को रात में कम कपड़े पहनने पर भी ठंड क्यों नहीं लगती है। इसका जवाब ब्रिटिश जर्नल ऑफ सोशल साइकोलॉजी में पब्लिश हुआ है। इस रोपोर्ट में बताया गया कि जब आप हॉट दिखते हैं तो इसका ये मतलब नहीं है कि आपको ठंड ही नहीं लगती है। यहां ये चीज ज्यादा मायने रखती है कि जब आप बाहर निकलते हैं तो आपका फोकस किस पर ज्यादा होता है।

    इसलिए महिलाओं को छोटे कपड़ों में नहीं लगती ठंड

    वैज्ञानकों ने पाया कि जब महिलाएं ठंड या रात में छोटे कपड़े पहनकर बाहर निकलती हैं तो उनका पूरा फोकस हॉट दिखने पर होता है। पूरे समय उनका ध्यान इसी बात पर होता है कि वह सबके सामने कैसी दिख रही हैं। रिसर्च से जुड़े हुए लेखकों में से एक रोक्सैन फेलिग ने इसे टिकटॉक पर बताया है। उन्होंने कहा कि जब कोई इस बात पर अधिक फोकस करता है कि आप बाहर से कैसे दिख रहे हैं तो उनके लिए बाकी चीजें जैसे ठंड इत्यादि सेकेंडरी हो जाती है।

    ठंड लगना आपकी प्राथमिकता पर निर्भर करता है

    दक्षिण फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी के सामाजिक मनोविज्ञान स्नातक छात्र रौक्सैन ने कहा कि ये रिसर्च काफी हद तक रैपर कार्डी बी के 2014 के दावे पर बेस्ड है। उनके अनुसार ठंड लगना आपकी प्रॉयोरिटी पर भी निर्भर करता है। इसलिए जब महिलाएं खुद को अच्छा दिखाने में व्यस्त होती हैं तो उन्हें इस बात की परवाह नहीं होती कि वह कितनी भूखी है या उन्हें कितनी ठंड लग रही है।

    महिलाओं ने खुद की इस पर बात

    इस टॉपिक पर रिसर्च करने वाली टीम ने फ्लोरिडा में महिलाओं का इंटरव्यू भी लिया। यहां महिलाएं फ्लोरिडा की ठंड वाली रातों में क्लब जाने की तैयारी कर रही थी। टेंम्परेचर 4 डिग्री सेल्सियस और 10 डिग्री सेल्सियस के मध्य था। ऐसे में जब उनसे ठंड न लगने वाला सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि उनका सेल्फ ऑब्जेक्टिफिकेशन पर ज्यादा फोकस रहता है। ऐसे में वैज्ञानिक इस नतीजे पर पहुंचे कि खुद को ऑब्जेक्ट के रूप में पेश करने वाली महिलाओं को सर्दी का अहसास नहीं या कम हो रहा था।

  • ये बीज नहीं बल्कि मुनाफे की हैˈ खान! जिसकी मार्केट में है जबरदस्त मांग। होगी बम्पर 6 लाख तक की कमाईˌ

    ये बीज नहीं बल्कि मुनाफे की हैˈ खान! जिसकी मार्केट में है जबरदस्त मांग। होगी बम्पर 6 लाख तक की कमाईˌ

    ये बीज नहीं बल्कि मुनाफे की हैˈ खान! जिसकी मार्केट में है जबरदस्त मांग। होगी बम्पर 6 लाख तक की कमाईˌ

    इस बीज की खेती किसान भाइयों के लिए बहुत लाभकारी साबित होती है क्योकि इसकी डिमांड बाजार में सालभर बहुत ज्यादा मात्रा में होती है तो चलिए जानते है कौन से बीज की खेती है।

    पैसे छापने की मशीन है ये बीज की खेती

    आज हम आपको एक ऐसी फसल की खेती के बारे में बता रहे है जो किसानों के लिए बहुत लाभ की मानी जाती है इस बीज की मांग देश विदेशों में भी खूब होती है क्योकि ये बीज सेहत के लिए बहुत लाभकारी होते है इसलिए लोग इसका सेवन करना बहुत पसंद करते है इसकी खेती में बहुत कम खर्चा आता है और कमाई बहुत ज्यादा होती है। आप इसकी खेती से बहुत ज्यादा शानदार मुनाफा कमा सकते है। हम बात कर रहे है चिया सीड्स की खेती की चिया सीड्स की खेती बहुत फायदेमंद होती है तो चलिए जानते है चिया सीड्स की खेती कैसे की जाती है।

    चिया सीड्स की खेती

    अगर आप चिया सीड्स की खेती करना चाहते है तो आपको इसकी खेती के बारे में अच्छे से जानना होगा जिससे आपको खेती करने में कोई परेशानी नहीं होगी और पैदावार भी जबरदस्त होगी। चिया सीड्स की खेती के लिए जल निकासी वाली मध्यम हल्की से मध्यम भारी मिट्टी सबसे अच्छी होती है इसकी बुवाई से पहले खेत की अच्छी जुताई करनी चाहिए और मिट्टी में गोबर की खाद डालनी चाहिए। इसके पौधे बीज के माध्यम से लगाए जाते है। इसकी खेती में जैविक खाद का इस्तेमाल करना चाहिए। बुवाई के बाद चिया सीड्स की फसल करीब 100-115 दिन में पककर तैयार हो जाती है।

    कितनी होगी कमाई

    अगर आप चिया सीड्स की खेती करते है तो आपको इसकी खेती से बहुत जबरदस्त कमाई देखने को मिलेगी क्योकि चिया सीड्स की डिमांड मार्केट में बहुत होती है। एक एकड़ में चिया सीड्स की खेती करने से करीब 10 से 12 क्विंटल तक की पैदावार मिल सकती है। आप इसकी खेती से एक एकड़ में करीब 6 लाख रूपए की कमाई कर सकते है। चिया सीड्स की खेती बहुत लाभकारी साबित होती है। इसकी खेती जरूर करनी चाहिए।

  • गरीब लड़के को सड़क पर मिले 38ˈ लाख रुपए से भरा बैग मालिक को ढूंढ कर लौटाए पूरे पैसे मिला ये इनामˌ

    गरीब लड़के को सड़क पर मिले 38ˈ लाख रुपए से भरा बैग मालिक को ढूंढ कर लौटाए पूरे पैसे मिला ये इनामˌ

    गरीब लड़के को सड़क पर मिले 38ˈ लाख रुपए से भरा बैग मालिक को ढूंढ कर लौटाए पूरे पैसे मिला ये इनामˌ

    आज के जमाने में ईमानदार लोग बहुत कम देखने को मिलते हैं। 100-200 रुपए के लिए भी लोग बेईमानी पर उतर आते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे लड़के से मिलाने जा रहे हैं जिसने बेहद गरीब होने के बावजूद सड़क पर मिले 38 लाख रुपये उसके मालिक को लौटा दिए। इतने सारे पैसे देख लड़के का मन एक बार भी नहीं डोला। कई लोगों ने उसे पैसे रखने की सलाह भी दी। लेकिन उसने सिर्फ ईमानदार का रास्ता चुना। अंत में उसे अपनी ईमानदारी का शानदार इनाम भी मिला।

    गरीब ने लौटाए 38 लाख रुपए

    इमैनुएल टुलो 19 साल का है। वह पश्चिमी अफ्रीकी देश लाइबेरिया में रहता है। पेट पालने के लिए मोटरबाइक टैक्सी ड्राइवर का काम करता है। इस काम से उसकी कमाई इतनी भी नहीं होती कि रोज का खर्चा उठा सके। एक दिन टुलो को सड़क किनारे पैसों से भरा बैग मिल गया। इस बैग में 38 लाख रुपये कीमत के लाइबेरियन और अमेरिकी नोट भरे थे।

    अपनी गरीबी को देखते हुए टुलो ये पैसे रख सकता था। इससे उसकी जिंदगी पलट जाती। लाइफ की कई दिक्कतें दूर हो जाती। लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। उसने अपनी चाची से कहा कि यदि सरकारी रेडियो पर कोई इन पैसों की अपील करता है तो वह इसे लौटा देगा। उसकी ईमानदारी देख लोगों ने खूब मजाक उड़ाया। उसे पैसे रखने के लिए भड़काया भी। लेकिन टुलो अपनी सच्चाई और ईमानदारी पर अड़ा रहा।

    ईमानदारी का मिला बड़ा इनाम

    हालांकि तब टुलो नहीं जानता था कि उसकी ईमानदारी का एक बड़ा इनाम उसकी राह देख रहा है। जब उसने पैसे लौटाए तो वह दुनियाभर में फेमस हो गया। टुलो की ईमानदार से उनके देश के राष्ट्रपति जॉर्ज विया भी इंप्रेस हुए। उन्होंने टुलो को 8 लाख रुपये का इनाम दिया। साथ ही उसका एडमिशन देश के सबसे प्रतिष्ठित स्कूल में करवाया। वहीं टुलो की ईमानदारी देख अमेरिकी कॉलेज ने उसे ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए फुल स्कॉलरशिप का ऑफर दिया।

    एक लोकल मीडिया के मालिक ने भी टूलो को कुछ कैश दिया। ये पैसे व्यूअर्स और लिसनर्स ने उसकी ईमानदारी से इंप्रेस होकर उसे भेजे थे। वहीं टूलो ने जिस शख्स को पैसे लौटाए उसने भी 1 लाख रुपए का इनाम दिया। इमैनुएल टूलो जब 9 साल का था तो उसके पिता का देहांत हो गया था। वह चाची के साथ रहता था। पेट पालने के लिए पढ़ाई छोड़  मोटरबाइक टैक्सी चलाने लगा।

    हालांकि अपनी ईमानदारी के चलते इमैनुएल टूलो को फिर से पढ़ाई का मौका मिलेगा। वह पहले सेकंडरी स्कूल की पढ़ाई करेगा। इसमें उसे 6 साल लगेंगे। मतलब वह 25 की उम्र तक ग्रेजुएट हो जाएगा। उसकी इच्छा ही कि आगे चलकर वह यूनिवर्सिटी में अकाउंटिंग की पढ़ाई करे। ऐसा कर वह देश की अर्थव्यवस्था को संभालने में अपना योगदान देना चाहता है।

  • क्या आप भी मस्सों से परेशान हैˈ तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे, जानिए मस्सों को ठीक करने के आयुर्वेदिक उपचारˌ

    क्या आप भी मस्सों से परेशान हैˈ तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे, जानिए मस्सों को ठीक करने के आयुर्वेदिक उपचारˌ

    क्या आप भी मस्सों से परेशान हैˈ तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे, जानिए मस्सों को ठीक करने के आयुर्वेदिक उपचारˌ

    आज लाखों लोग त्वचा की समस्याओं से ग्रसित रहते हैं। इनमे से कुछ समस्याएँ गंभीर होती हैं, और कुछ गौण समझी जाती हैं, और इन गौण समस्याओं में से एक समस्या होती है, मस्से। यह सिर्फ गौण ही नहीं बल्कि आम समस्याओं में गिनी जाती है। मस्से त्वचा पर एक उपज की तरह होते हैं, और सुसाध्य समझे जाते हैं, यानि कि वे कैंसरयुक्त नहीं होते। इसके बावजूद इनसे ग्रसित कई लोग इन्हें निकालने के लिए आतुर रहते हैं, क्योंकि उनके अनुसार मस्से त्वचा पर अच्छे नहीं दिखते। पर क्या आपको पता है ये मस्से ‘ह्युमन पैपिल्लोमा वाइरस’ के कारण विकसित होते हैं। 

    मस्सों को ठीक करने के आयुर्वेदिक उपचार

    बरगद के पेड़ के पत्तों का रस मस्सों के उपचार के लिए बहुत ही असरदार होता है। इस प्रयोग से त्वचा सौम्य हो जाती है और मस्से अपने आप गिर जाते हैं।

    बंगला, मलबारी, कपूरी, या नागरबेल के पत्ते के डंठल का रस मस्से  पर लगाने से मस्से झड़ जाते हैं। अगर तब भी न झड़ें, तो पान में खाने का चूना मिलाकर घिसें।

    कच्चे आलू का एक स्लाइस नियमित रूप से दस मिनट तक मस्से पर लगाकर रखने से मस्सों से छुटकारा मिल जायेगा।

    केले के छिलके को अंदर की तरफ से मस्से पर रखकर उसे एक पट्टी से बांध लें। और ऐसा दिन में दो बार करें और लगातार करते रहें जब तक कि मस्से ख़तम नहीं हो जाते।

    एक चम्मच कोथमीर के रस में एक चुटकी हल्दी डालकर सेवन करने से मस्सों से राहत मिलती है।

    लहसून के एक टुकड़े को पीस लें, लेकिन बहुत महीन नहीं, और इस पीसे हुए लहसून को मस्से पर रखकर पट्टी से बांध लें। इससे भी मस्सों के उपचार में सहायता मिलती है।

    त्वचा पर बेडौल और रुखी सतह का विकास होना, मस्सों के लक्षण होते हैं। मस्से अपने आप विकसित होकर अपने आप ही गायब हो जाते हैं, पर इनमे से कई मस्से अत्याधिक पीड़ादायक होते हैं। यह तेज़ी से फैलते हैं, और इनमे से कई मस्से बरसों तक बने रहते हैं जिनका इलाज कराना ज़रूरी होता है।

    अरंडी का तेल नियमित रूप से मस्सों पर लगायें। इससे मस्से नरम पड़ जायेंगे, और धीरे धीरे गायब हो जायेंगे। अरंडी के तेल के बदले कपूर के तेल का भी प्रयोग कर सकते हैं।

    एक बूँद ताजे  मौसमी का रस मस्से पर लगा दें, और इसे भी पट्टी से बांध लें। ऐसा दिन में लगभग 3 या 4 बार करें। ऐसा करने से मस्से गायब हो जायेंगे।

    अम्लाकी को मस्सों पर तब तक मलते रहें जब तक मस्से उस रस को सोख न लें। या अम्लाकी के रस को मस्से पर मल कर पट्टी से बांध लें।

    कसीसादी तेल मस्सों पर रखकर पट्टी से बांध लें।मस्सों पर नियमित रूप से प्याज़ मलने से भी मस्से गायब हो जाते हैं।पपीता के क्षीर को मस्सों पर लगाने से भी मस्सों के गायब होने में मदद मिलती है।थूहर का दूध या कार्बोलिक एसिड सावधानीपूर्वक लगाने से मस्से निकल जाते हैं।

  • घर के आटे में चुपचाप डाल देˈ ये चीजे पैसो की होगी ऐसी बारिश कि आप संभाल नहीं पाएंगेˌ

    घर के आटे में चुपचाप डाल देˈ ये चीजे पैसो की होगी ऐसी बारिश कि आप संभाल नहीं पाएंगेˌ

    घर के आटे में चुपचाप डाल देˈ ये चीजे पैसो की होगी ऐसी बारिश कि आप संभाल नहीं पाएंगेˌ

    कई परिवारों में लोग अक्सर ये शिकायत करते है, कि घर के सदस्य जितना कमाते है, उससे कभी पूरा नहीं पड़ता. इतना कमाने के बावजूद भी उन्हें तंगहाल जीवन ही व्यतीत करना पड़ता है. वैसे आज हम आपको एक ऐसा उपाय बताने वाले है, जिससे आपकी ये शिकायत हमेशा के लिए दूर हो जाएगी. आपको बता दे कि हम आपको तुलसी का ऐसा रामबाण उपाय बताने वाले है, जिसे आजमाने के बाद आपको कभी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा.

    गौरतलब है, कि इस उपाय को करना जितना आसान है, इसका असर भी उतनी ही तेजी से दिखता है. इसके इलावा यह उपाय आर्थिक तंगी तो दूर करेगा ही, पर साथ ही परिवार के सदस्यों में हो रहे कलेश को खत्म करने में भी सहायता करेगा. तो चलिए अब हम आपको बताते है, कि आखिर यह चमत्कारी उपाय क्या है.

    1. इस उपाय के अनुसार शनिवार को आटा पिसवाने के लिए जाते समय थोड़े से गेहूं में 100 ग्राम काले चने, 11 पत्ते तुलसी और दो दाने केसर के मिला दे. फिर इसे बाकी गेहूं में मिला कर पिसवा ले. इसके इलावा आप आटा पिसवाने शनिवार को ही जाए. इस उपाय का असर आपको बहुत जल्दी दिखने लगेगा.

    2. इसके अतिरिक्त शनिवार को काले कुत्ते को सरसो के तेल से चुपड़ी रोटी खिलाने से भी धन में वृद्धि होती है.

    3. वही तुलसी के पौधे पर हर रोज सुबह और शाम दीपक जलाने से भी व्यक्ति की मनोकामनाएं पूरी होती है. इसके इलावा शनिवार को पीपल के पेड़ में देसी घी का दीपक जलाने से व्यक्ति की सभी इच्छाएं पूरी होती है.

  • ज्यादा सुंदर दिखने की चाहत में चेहराˈ बिगाड़ बैठीं ये हसीनाएं किसी के सूजे होंठ किसी का बिगड़ा माथाˌ

    ज्यादा सुंदर दिखने की चाहत में चेहराˈ बिगाड़ बैठीं ये हसीनाएं किसी के सूजे होंठ किसी का बिगड़ा माथाˌ

    ज्यादा सुंदर दिखने की चाहत में चेहराˈ बिगाड़ बैठीं ये हसीनाएं किसी के सूजे होंठ किसी का बिगड़ा माथाˌ

    Bollywood Actress: बॉलीवुड की दुनिया ग्लैमर और परफेक्शन से भरी हुई है। यहां हर अभिनेत्री चाहती है कि वो सबसे खूबसूरत, सबसे यंग और सबसे परफेक्ट दिखे। लेकिन सुंदरता की इस दौड़ में कई बार एक्ट्रेसेज़ कुछ ऐसे फैसले ले लेती हैं जो उनके लिए भारी पड़ जाते हैं।

    कुछ ने प्लास्टिक सर्जरी करवाई, किसी ने बोटॉक्स या लिप फिलर्स का सहारा लिया, लेकिन नतीजा रहा उल्टा। आइए जानते हैं उन बॉलीवुड अभिनेत्रियों (Bollywood Actress) के बारे में जो ज्यादा सुंदर दिखने की चाह में अपना चेहरा ही बिगाड़ बैठीं।

    सुंदर दिखने की चाह में चेहरा बिगाड़ बैठी है ये हसीनाएं

    1. अनुष्का शर्मा

    फिल्म ‘बॉम्बे वेलवेट’ में बॉलीवुड एक्ट्रेस (Bollywood Actress) अनुष्का शर्मा का लुक चर्चा का विषय बन गया था। उनके होंठ काफी सूजे हुए नजर आए और लोगों ने तुरंत समझ लिया कि कुछ तो कॉस्मेटिक बदलाव हुआ है। बाद में अनुष्का ने खुद स्वीकार किया कि उन्होंने लिप एन्हांसमेंट ट्रीटमेंट करवाया था।

    2. प्रियंका चोपड़ा

    प्रियंका चोपड़ा (Bollywood Actress) ने अपनी किताब ‘Unfinished’ में लिखा कि एक बार उनकी नाक की सर्जरी गलत हो गई थी। इससे न सिर्फ उनका चेहरा बदला बल्कि उन्हें मानसिक तनाव भी झेलना पड़ा। हालांकि बाद में उन्होंने सही ट्रीटमेंट लेकर लुक ठीक करवाया।

    3. मौनी रॉय

    टीवी की नागिन से लेकर बॉलीवुड की हॉट एक्ट्रेस (Bollywood Actress) तक का सफर तय करने वाली मौनी रॉय अपनी खूबसूरती और स्टाइल के लिए हमेशा चर्चा में रही हैं। लेकिन हाल के दिनों में मौनी रॉय का लुक इतना बदल गया है कि फैंस तक हैरान रह गए हैं।

    कभी अपनी नैचुरल सुंदरता और मासूमियत से दिल जीतने वाली मौनी अब इतनी बदल चुकी हैं कि लोग उन्हें पहचानने में तक मुश्किल महसूस कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौनी ने अपनी सुंदरता को और निखारने के लिए कई कॉस्मेटिक सर्जरीज़ करवाई हैं, जिनमें लिप फिलर्स, नोज जॉब और फेस टाइटनिंग जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। हाल ही में उनकी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिनमें उनके होंठ काफी सूजे हुए नजर आ रहे थे।

    4. कोएना मित्रा

    एक्ट्रेस (Bollywood Actress) कोएना मित्रा ने अपने करियर की शुरुआत में नाक की सर्जरी करवाई थी। लेकिन यह सर्जरी इतनी खराब हो गई कि उनका पूरा चेहरा असंतुलित दिखने लगा। उन्हें इसके कारण फिल्में मिलनी बंद हो गईं और उनका करियर डूब गया।

    5. राखी सावंत

    राखी सावंत हमेशा अपनी अजीब हरकतों और बयानों को लेकर सुर्खियों में रहती हैं। उन्होंने खुद माना है कि उन्होंने कई बार कॉस्मेटिक सर्जरी करवाई है — जिसमें ब्रेस्ट इम्प्लांट, होंठ और चेहरे के बदलाव शामिल हैं। हालांकि कई बार उनके लुक्स सोशल मीडिया पर ट्रोल भी हो चुके हैं।

  • कपल को आया कॉल कहा- जय हिंदˈ जय भारतीय सेना… फिर अकाउंट से गायब हो गए 200000ˌ

    कपल को आया कॉल कहा- जय हिंदˈ जय भारतीय सेना… फिर अकाउंट से गायब हो गए 200000ˌ

    कपल को आया कॉल कहा- जय हिंदˈ जय भारतीय सेना… फिर अकाउंट से गायब हो गए 200000ˌ

    बेंगलुरु के बांदीपल्या में रहने वाली हरिणी (बदला हुआ नाम) को एक व्हाट्सएप ग्रुप में एक मैसेज मिला. इस ग्रुप में देश भर के प्रशिक्षक शामिल थे जिसमें अक्सर नौकरी के अवसरों की जानकारी शेयर की जाती थी. एक दिन ग्रुप में मैसेज आया कि बेंगलुरु का आर्मी पब्लिक स्कूल (एपीएस) में अनुशासन और संचार कौशल के लिए एक प्रशिक्षक की तलाश में है. साथ ही एक एक फोन नंबर भी दिया गया था.

    हरिणी ने उत्साह में उस नंबर पर कॉल किया. दूसरी ओर से एक व्यक्ति ने खुद को एपीएस का प्रशासनिक कर्मचारी बताया. उसने नौकरी की आवश्यकताओं को समझाया और हरिणी की फीस पर चर्चा की दो घंटे के काम के लिए प्रति घंटे 5,000 रुपये. उसने वादा किया कि स्कूल का प्रभारी जल्द ही उनसे संपर्क करेगा. हरिणी को यह अवसर सुनहरा लगा.

    जल्द ही एक और नंबर से व्हाट्सएप वॉयस कॉल आया. कॉल करने वाले ने दावा किया कि वह एमजी रोड पर स्थित एपीएस कैंपस से बोल रहा है. उसने हरिणी की प्रोफाइल की तारीफ की और कहा कि स्कूल उनकी सेवाएं लेना चाहता है. लेकिन उसने एक ‘प्रोटोकॉल’ की बात की. चूंकि यह एक सैन्य संस्थान था हरिणी को वेंडर के रूप में पंजीकरण करना होगा. विश्वास में आकर हरिणी ने अपनी आधार नंबर शेयर कर दी. इसके बाद ठग ने अगला कदम बताया डिजिटल भुगतान पंजीकरण. उसने कहा कि हरिणी को अपना यूपीआई आईडी लिंक करना होगा और एक ओटीपी प्रक्रिया पूरी करनी होगी. हरिणी ने निर्देशों का पालन किया और ओटीपी के साथ अपना पिन डाला. कुछ ही सेकंड में उनके खाते से 26,000 रुपये निकाल लिए गए.

    हरिणी ने जब विरोध किया तो ठग ने उन्हें कॉल पर बनाए रखा. अपनी बात को विश्वसनीय बनाने के लिए उसने एक नकली सैन्य आईडी भेजी और बार-बार देशभक्ति का सहारा लिया. ‘जय हिंद’, ‘जय इंडियन आर्मी’ इस बात से हरिणी को उस आदमी पर पूरा भरोसा हो गया. इसके बाद ठग ने एक वैकल्पिक फोन नंबर मांगा. हरिणी ने अपने पति दिनेश का नंबर दे दिया. लेकिन ठगों ने वही चाल दिनेश के साथ दोहराई. देशभक्ति की भावनाओं का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने दिनेश को भी उसी प्रक्रिया में फंसाया. इस बार चार लेनदेन में उनके खाते से लगभग 1.9 लाख रुपये निकाल लिए गए.

    एक घंटे के भीतर दंपति ने 2.1 लाख रुपये से अधिक गंवा दिए. सदमे में डूबे दिनेश ने शुक्रवार को बांदीपल्या पुलिस में शिकायत दर्ज की. दंपति ने अपने बैंक और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन (1930) से भी संपर्क किया. पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत मामला दर्ज किया और ठगों के खातों को फ्रीज करने की कोशिश शुरू की.

  • 10 की उम्र में छोड़ा घर। सड़कोंˈ पर बेचे गोलगप्पे। आज है टीम इंडिया का बेहतरीन खिलाडी

    10 की उम्र में छोड़ा घर। सड़कोंˈ पर बेचे गोलगप्पे। आज है टीम इंडिया का बेहतरीन खिलाडी

    10 की उम्र में छोड़ा घर। सड़कोंˈ पर बेचे गोलगप्पे। आज है टीम इंडिया का बेहतरीन खिलाडी

    मेहनत, लगन और जज्बा, यह तीन ऐसी चीजें है जो आपका हर सपना साकार कर सकती है। फिर इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि आप अमीर हैं या गरीब। अब युवा क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) की स्टोरी ही ले लीजिए। यशस्वी एक जमाने में गोलगप्पे बेचा करते थे। उन्होंने कई रातें टेंट में भूखे पेट सोकर गुजारी। लेकिन वह इन चुनौतियों से निराश नहीं हुए। बल्कि मेहनत कर हर मुसीबत का डटकर सामना किया। इनकी सफलता की कहानी आपको भी प्रेरणा से भर देगी।

    10 साल की उम्र में छोड़ा घर

    यशस्वी जायसवाल उत्तर प्रदेश के भदोही के रहने वाले हैं। उनके पिता की एक छोटी सी दुकान है। मां हाउसवाइफ हैं। यशस्वी घर में सबसे छोटे हैं। उनका सपना एक क्रिकेटर बनने का था। इस सपने को पंख देने के लिए वह महज 10 साल की उम्र में घर छोड़कर मुंबई आ गए थे। उनके पिता ने भी उन्हें रोका नहीं। क्योंकि उनके पास बेटे के सुनहरे भविष्य के लिए कोई पैसे भी नहीं थे।

    मुंबई में यशस्वी के एक रिश्तेदार संतोष पहले से रहते हैं। हालांकि उनका घर इतना बड़ा नहीं कि वह यशस्वी को भी रख लेते। ऐसे में यशस्वी ने एक डेयरी पर काम करना शुरू किया और वहीं रात को रहने लगे। लेकिन एक दिन डेयरी वाले ने उन्हें निकाल दिया। फिर उनके रिश्तेदार और मुस्लिम यूनाइटेड क्लब के मैनेजर संतोष ने वहां के मालिक से गुजारिश कर यशस्वी की रुकने की व्यवस्था ग्राउंड्समैन के साथ टेंट में करवा दी।

    ठेले पर बेचता था गोलगप्पे

    यहां दिन में यशस्वी आजाद मैदान में राम लीला के दौरान पानी-पूरी (गोलगप्पे) और फल के ठेले पर काम करने लगे। वह इस दौरान कभी-कभी लड़कों के साथ क्रिकेट खेलने भी जाते थे। इस दौरान वह भगवान से यही प्रार्थना करते थे कि उनकी टीम का कोई सदस्य गोलगप्पे के ठेले पर न आ जाए। वरना उन्हें बड़ी शर्म आएगी। क्रिकेट में अच्छे रन बनाकर वह हफ्ता निकालने के लिए 200-300 रुपए कमा लेते थे।

    यशस्वी के दिन तो अच्छे गुजरते थे लेकिन रातें मुश्किल बड़ी होती थी। कई बार वह घरवालों को याद कर घंटों रोया करते थे। टेंट में रहने वाले लड़के आपस में लड़ा करते थे। उनकी खाना बनाने को लड़ाई होती थी। यहां रोटी बनाने की जिम्मेदारी यशस्वी की होती थी। क्रिकेट मैदान में बाकी लड़के घर का बना लंच बॉक्स लाते थे। लेकिन यशस्वी को खुद बनाकर ले जाना पड़ता था। कई बार वह ऐसा नहीं कर पाते तो दूसरे लड़कों से नाश्ता करवाने की गुजारिश करते थे।

    ऐसे बदली जिंदगी

    आजाद मैदान में अक्सर जब कोई मैच होता था तो बॉल खो जाती थी। यशस्वी पैसों के लिए इस बॉल को ढूँढने का काम भी करते थे। एक बार जब वह मैदान में खेल रहे थे तो कोच ज्वाला सिंह का ध्यान उन पर गया। उत्तर प्रदेश के रहने वाले ज्वाला सिंह ने यशस्वी का हुनर देख उसे क्रिकेट की कोचिंग दी। जल्द उसका टैलेंट निखर गया और वह एक शानदार क्रिकेटर बन गया। इस चीज के लिए यशस्वी अपने कोच के हमेशा शुक्रगुजार रहते हैं।

    एक बार यशस्वी बेंगलुरु में स्थित राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी गए। यहां उनकी दोस्ती क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन से हो गई। साल 2018 में अर्जुन यशस्वी को घर ले गए। यहां उन्होंने उसे अपने पिता से मिलवाया। सचिन यशस्वी के संघर्ष की कहानी सुनकर इतना प्रभावित हुए कि अपना बल्ला गिफ्ट कर दिया। कहा कि इससे अपना डेब्यू मैच खेलना।

    नाम दर्ज किए कई रिकॉर्ड्स

    यशस्वी मीडिया की नजरों में तब आए जब उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी 2019 में मुंबई की तरफ से खेलते हुए दोहरा शतक और तीन शतकों से पांच मैचों में कुल 504 रन बनाए। वह ऐसा करने वाले कम उम्र के दुनिया के पहले बल्लेबाज भी हैं। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी की एक पारी में 12 छक्के लगाए। ऐसा आजतक कोई नहीं कर पाया था। वहीं उन्होंने अंडर-19 एशिया कप में भी शानदार प्रदर्शन किया था।

    इसके बाद यशस्वी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2020 में एक शतक और 4 अर्धशतक के साथ 400 रन बनाकर सबका दिल जीत लिया। वह इसमें ‘मैन ऑफ द टूर्नामेंट’ भी चुने गए। इसका नतीजा ये हुआ कि साल 2020 की IPL नीलामी के दौरान राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 2.4 करोड़ में खरीदा। इन दिनों यशस्वी ईरानी ट्रॉफी में इतिहास रचने को लेकर चर्चा में है। इसमें उन्होंने रेस्ट ऑफ इंडिया की तरफ से खेलते हुए मप्र के खिलाफ पहली पारी में दोहरा शतक, जबकि दूसरी पारी में एक शतक जड़ा। वह ऐसा उन्होंने अपना नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज करा लिया।

  • यूरिक एसिड ने शरीर को जकड़ रखाˈ है तो चिंता ना करे, ये पोस्ट आपके लिए वरदान साबित होगी, जरूर पढ़े और शेयर करे

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    यूरिक एसिड का बढ़ने की समस्या बडी तेजी से बढ़ रही है। आयु बढ़ने के साथ-साथ यूरिन एसिड गाउट आर्थराइटिस समस्या का होना तेजी से आंका गया है। जोकि लाईफ स्टाईल, खान-पान, दिनचर्या के बदलाव से भोजन पाचन प्रक्रिया के दौरान बनने वाले ग्लूकोज प्रोटीन से सीधे यूरिन एसिड में बदलने की प्रक्रिया को यूरिन एसिड कहते हैं। भोजन पाचन प्रक्रिया दौरान प्रोटीन से ऐमिनो एसिड और प्यूरीन न्यूक्लिओटाइडो से यूरिक एसिड बनता है।

    यूरिक एसिड का मतलब है, जो भोजन खाया जाता है, उसमें प्यूरीन पोष्टिकता संतुलन की कमी से रक्त में असंतुलन प्रक्रिया है। जिससे प्यूरीन टूटने से यूरिक एसिड बनता है। यूरिक ऐसिड एक तरह से हड्डियों जोड़ों अंगों के बीच जमने वाली एसिड़ क्रिस्टल है। जोकि चलने फिरने में चुभन जकड़न से दर्द होता है। जिसे यूरिक एसिड कहते हैं। शोध में यूरिक एसिड को शरीर में जमने वाले कार्बन हाइड्रोजन आक्सीजन नाइट्रोजन सी-5, एच-4, एन-4, ओ-3 का समायोजक माना जाता है।

    यूरिक एसिड समय पर नियत्रंण करना अति जरूरी है। यूरिक एसिड बढ़ने पर समय पर उपचार ना करने से जोड़ों गाठों का दर्द, गठिया रोग, किड़नी स्टोन, डायबिटीज, रक्त विकार होने की संभावनाएं ज्यादा बढ़ जाती है। रक्त में यूरिक एसिड की मात्रा को नियत्रंण करना अति जरूरी है। 

    ➡ यूरिक एसिड (Uric Acid) के लक्षण :

    1. पैरो-जोड़ों में दर्द होना।
    2. पैर एडियों में दर्द रहना।
    3. गांठों में सूजन
    4. जोड़ों में सुबह शाम तेज दर्द कम-ज्यादा होना।
    5. एक स्थान पर देर तक बैठने पर उठने में पैरों एड़ियों में सहनीय दर्द। फिर दर्द सामन्य हो जाना।
    6. पैरों, जोड़ो, उगलियों, गांठों में सूजन होना।
    7. शर्करा लेबल बढ़ना। इस तरह की कोई भी समस्या होने पर तुरन्त यूरिक एसिड जांच करवायें।

    ➡ यूरिक एसिड (Uric Acid) नियत्रंण करने के आर्युवेदिक तरीके :

    1. चोबचीनी का चूर्ण (यह आपको आयुर्वेदिक स्टोर या पंसारी की दुकान पर मिल जायेगा) आधा चम्मच सुबह खाली पेट और रात को सोने के समय पानी से लेने पर कुछ ही दिनों में यूरिक एसिड (Uric Acid) ख़त्म हो जाता है। यह उपाय बहुत चमत्कारी है क्योंकि की यह आजमाया हुआ है।
    2. यूरिक एसिड बढ़ने पर हाईड्रालिक फाइबर युक्त आहार खायें। जिसमें पालक, ब्रोकली, ओट्स, दलिया, इसबगोल भूसी फायदेमंद हैं।
    3. आंवला रस और एलोवेरा रस मिश्रण कर सुबह शाम खाने से 10 मिनट पहले पीने से यूरिक एसिड कम करने में सक्षम है। 
    4. टमाटर और अंगूर का जूस पीने से यूरिक एसिड तेजी से कम करने में सक्षम है।
    5. तीनो वक्त खाना खाने के 5 मिनट बाद 1 चम्मच अलसी के बीज का बारीक चबाकर खाने से भोजन पाचन क्रिया में यूरिक ऐसिड नहीं बनता।
    6. 1 चम्मच शहद और 1 चम्मच अश्वगन्धा पाउडर को 1 कप गर्म दूध के साथ घोल कर पीने से यूरिक एसिड नियत्रंण में आता है। 
    7. यूरिक एसिड बढ़ने के दौरान जैतून तेल का इस्तेमाल खाने तड़के-खाना बनाने में करें। जैतून तेल में विटामिन-ई एवं मिनरलस मौजूद हैं। जोकि यूरिक एसिड नियत्रंण करने में सहायक हैं।
    8. यूरिक एसिड बढ़ने पर खाने से 15 पहले अखरोट खाने से पाचन क्रिया शर्करा को ऐमिनो एसिड नियत्रंण करती है। जोकि प्रोटीन को यूरिक एसिड़ में बदलने से रोकने में सहायक है।
    9. विटामिन सी युक्त चीजें खाने में सेवन करें। विटामिन सी यूरिक एसिड को मूत्र के रास्ते विसर्ज करने में सहायक है।
    10. रोज 2-3 चैरी खाने से यूरिक एसिड नियत्रंण में रखने में सक्षम है। चेरी गांठों में एसिड क्रिस्टल नहीं जमने देती।
    11. सलाद में आधा नींबू निचोड़ कर खायें। दिन में 1 बार 1 गिलास पानी में 1 नींबू निचैंड कर पीने से यूरिक एसिड मूत्र के माध्यम से निकलने में सक्षम है। चीनी, मीठा न मिलायें।
    12. तेजी से यूरिक एसिड घटाने के लिए रोज सुबह शाम 45-45 मिनट तेज पैदल चलकर पसीना बहायें। तेज पैदल चलने से एसिड क्रिस्टल जोड़ों गांठों पर जमने से रोकता है। साथ में रक्त संचार को तीब्र कर रक्त संचार सुचारू करने में सक्षम है। पैदल चलना से शरीर में होने वाले सैकड़ों से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है। तेज पैदल चलना एसिड एसिड को शीध्र नियत्रंण करने में सक्षम पाया गया है।
    13. बाहर का खाना पूर्ण रूप से बन्द कर दें। घर पर बना सात्विक ताजा भोजन खायें। खाने में ताजे फल, हरी सब्जियां, सलाद, फाइबर युक्त संतुलित पौष्टिक आहर लें।
    14. रोज योगा आसान व्यायाम करें। योग आसान व्यायाय यूरिक एसिड को घटाने में मद्दगार है। साथ में योगा-आसान-व्यायाम करने से मोटापा वजन नियत्रंण रहेगा।
    15. ज्यादा सूजन दर्द में आराम के लिए गर्म पानी में सूती कपड़ा भिगो कर सेकन करें।
    16. यूरिक एसिड समस्या शुरू होने पर तुरन्त जांच उपचार करवायें। यूरिक एसिड ज्यादा दिनों तक रहने से अन्य रोग आसानी से घर बना लेते हैं।

    ➡ यूरिक ऐसिड (Uric Acid) बढ़ने पर खान-पान : 

    1. यूरिक एसिड बढ़ने पर मीट मछली सेवन तुरन्त बंद कर दें। नॉनवेज खाने से यूरिक एसिड तेजी से बढ़ता है। औषधि दवाईयां असर कम करती है।
    2. यूरिक एसिड बढ़ने पर अण्डा का सेवन पूर्ण रूप से बंद कर दें। अण्डा रिच प्रोटीन वसा से भरपूर है। जोकि यूरिक एसिड को बढ़ता है।
    3. बेकरी से बनी सही खाद्य सामग्री बंद कर दें। बेकरी फूड प्रीजरवेटिव गिला होता है। जैसेकि पेस्ट्री, केक, पैनकेक, बंन्न, क्रीम बिस्कुट इत्यादि।
    4. यूरिक एसिड बढ़ने पर तुरन्त जंकफूड, फास्ट फूड, ठंडा सोडा पेय, तली-भुनी चीजें बन्द कर दें। जंकफूड, फास्टफूड, सोडा ठंडा पेय पाचन क्रिया को और भी बिगाड़ती है। जिससे एसिड एसिड तेजी से बढता है।
    5. चावल, आलू, तीखे मिर्चीले, चटपटा, तले पकवानों का पूरी तरह से खाना बन्द कर दें। यह चीजें यूरिक एसिड बढ़ाने में सहायक हैं।
    6. बन्द डिब्बा में मौजूद हर तरह की सामग्री खाना पूरी तरह से बंद कर दें। बन्द डब्बे की खाने पीने की चीजों में भण्डारण के वक्त कैम्किल रसायन मिलाया जाता है। जैसे कि तरह तरह के प्लास्टिक पैक चिप्स, फूड इत्यादि। हजारों तरह के बन्द डिब्बों और पैकेट की खाद्य सामग्री यूरिक एसिड तेजी बढ़ाने में सहायक है। 
    7. एल्कोहन का सेवन पूर्ण रूप से बन्द कर दें। बीयर, शराब यूरिक एसिड तेजी से बढ़ती है। शोध में पाया गया है कि जो लोग लगातार बीयर शराब नशीली चीजों का सेवन करते हैं, 70 प्रतिशत उनको सबसे ज्यादा यूरिक एसिड की समस्या होती है। यूरिक एसिड बढ़ने पर तुरन्त बीयर, शराब पीना बन्द कर दें। बीयर शराब स्वस्थ्य व्यक्ति को भी रोगी बना देती है। बीयर, शराब नशीली चीजें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।