Author: me.sumitji@gmail.com

  • कुदरत का अद्भुत करिश्मा: 3 प्राइवेट पार्टˈ के साथ पैदा हुआ बच्चा, जाने कब होता है ऐसाˌ

    कुदरत का अद्भुत करिश्मा: 3 प्राइवेट पार्टˈ के साथ पैदा हुआ बच्चा, जाने कब होता है ऐसाˌ

    कुदरत का अद्भुत करिश्मा: 3 प्राइवेट पार्टˈ के साथ पैदा हुआ बच्चा, जाने कब होता है ऐसाˌ

    इराक में एक बड़े ही अनोखे बच्चे ने जन्म लिया है। इस बच्चे के पास तीन जननांग हैं। जब डॉक्टरों ने तीन जननांगों के साथ पैदा हुए इस बच्चे को देखा तो वे भी हैरान रह गए। उनका कहना है कि हमने ऐसा मामला पहली बार देखा है जिसमें किसी बच्चे के एक से अधिक प्राइवेट पार्ट हैं। सामान्यतः हाथ और पैर की उंगलियों की संख्या घट या बढ़ जाती है, लेकिन जननांगों के केस में ऐसा पहली बार देखा जा रहा है।

    इस अनोखे बच्चे का जन्म इराक के उत्तरी हिस्से में मोसुल के नजदीक हुआ है। डॉक्टर्स का कहना है कि बच्चे के साथ हुई यह सिचूऐशन किसी चमत्कार से कम नहीं है। बच्चे के तीन जननांगों में से एक 2 सेमी लंबा है जबकि दूसरा एक सेमी बड़ा है। ये दो जननांग मुख्य जननांगों से अलग थे। ऐसी घटना को सामान्य नहीं कहा जा सकता है। मतलब ये किसी भी शारीरिक कार्य में हिस्सा नहीं ले सकते हैं।

    डॉक्टरों ने बताया कि हम इन दो अतिरिक्त अतिरिक्त जननांगों को ऑपरेशन कर हटा देंगे। इस तरह की समस्या प्रेग्नेंसी के दौरान कोई दिक्कत आने पर होती है। या फिर ये परिवाराकि अनुवांशिक इतिहास के चलते भी हो सकता है।

    तीन जननांगों के साथ पैदा हुए बच्चे का यह मामला बेशक दुर्लभ है, हालांकि ये कोई पहला मामला भी नहीं है। ऐसे मामलों को सुपरनूमेररी (Supernumerary penises occur) कहा जाता है। ऐसे मामले दुनियाभर में 50 से 60 लाख बच्चों के जन्म में से किसी एक बच्चे में देखने को मिलता है। पूरी दुनिया में अभी तक दो जननांगों के साथ पैदा हुए बच्चों के 100 मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि तीन जननांगों के साथ पैदा हुआ बच्चे का यह पहला मामला है।

    इराक में तीन जननांगों के साथ पैदा हुए बच्चे के इस केस को वैज्ञानिकों द्वारा ट्राइफालिया (triphallia) नाम दिया गया है। यह केस इंटरनेशनल केस स्टडी में भी पब्लिश हो चुका है। इसे इंटरनेशनल जर्नल ऑफ सर्जरी में छापा गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस तरह का मामला साल 2015 में भारत में भी देखने को मिला था। हालांकि उस समय मामले को लेकर अधिक डॉक्टरी सबूत नहीं मिल पाए थे।

    वैसे इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है? क्या आप ने पहले कभी ऐसी अनोखी चीज देखी या सुनी है? जननांगों के अलावा क्या किसी बच्चे में कोई एक्स्ट्रा बॉडी पार्ट का मामला देखने को मिला है? अपने जवाब हमे कमेंट बॉक्स में जरूर दें। साथ ही खबर पसंद आई हो तो शेयर भी करें।

  • पथरी बनाकर शरीर का नाश कर देतीˈ हैं ये 5 चीजें जानना है तो अब जान लीजिए वरना भुगतना पड़ेगा भारी नुकसानˌ

    पथरी बनाकर शरीर का नाश कर देतीˈ हैं ये 5 चीजें जानना है तो अब जान लीजिए वरना भुगतना पड़ेगा भारी नुकसानˌ

    पथरी बनाकर शरीर का नाश कर देतीˈ हैं ये 5 चीजें जानना है तो अब जान लीजिए वरना भुगतना पड़ेगा भारी नुकसानˌ

    Gallbladder Stone Causes: पित्त की थैली में पथरी की समस्या होने पर इसका केवल सर्जरी के द्वारा ही इलाज किया जा सकता है. गॉल ब्लैडर स्टोन खान-पान की गलतियों की वजह से होता है. कुछ चीजों का सेवन करने से गॉलब्लैडर स्टोन का खतरा अधिक होता है.

    ऐसे में इन फूड्स को खाने से बचना चाहिए. आइए जानते हैं उन फूड्स के बारे में जिसका सेवन करने से पित्त की थैली में पथरी बनती है.

    फैटी फूड्स
    ज्यादा मात्रा में फैटी फूड्स खाने से पित्त की थैली में पथरी बनने का खतरा अधिक होता है. ऐसे में ऑयली स्नैक्स, फास्ट फूड, जंक फूड्स और हैवी क्रीम को खाने से बचना चाहिए.

    रिफाइंड कार्ब्स
    रिफाइंड काब्स जैसे सफेद ब्रेड, पास्ता, रिफाइंड कार्बोहाइडेट्स का सेवन करने से पित्त की थैली में पथरी बन सकती है. लंबे समय तक रिफाइंड कार्ब्स का सेवन करने से पित्त की थैली में पथरी बनने का जोखिम बढ़ जाता है.

    रेड मीट
    रेड मीट की वजह से कोलेस्ट्रॉल लेवल भी बढ़ता है साथ ही पित्त की थैली में पथरी होने का भी खतरा बढ़ जाता है.

    शुगर ड्रिंक
    ज्यादा मात्रा में शुगर ड्रिंक या कोल्ड ड्रिंक का सेवन करने से भी पथरी बन सकती हैं. ज्यादा मात्रा में शुगर वाली ड्रिंक का सेवन करने से शरीर में इंसुलिन का लेवल बढ़ता है जो कि पथरी का कारण बन सकता है.

    डेयरी प्रोडक्ट्स
    डेयरी प्रोडक्ट्स में फैट की मात्रा काफी ज्यादा होती है. ऐसे में डेयरी प्रोडक्ट्स का ज्यादा मात्रा में सेवन करने से पित्त की थैली में पथरी की समस्या हो सकती है. फुल फैट जैसे आइसक्रीम, चीज, फुल फैट वाला दूध खाने से पथरी हो सकती है.

    Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

  • हजारों में सिर्फ एक इंसान के प्राइवेटˈ पार्ट पर होता है तिल जानिए क्या कहता है ज्योतिष और इसका असरˌ

    हजारों में सिर्फ एक इंसान के प्राइवेटˈ पार्ट पर होता है तिल जानिए क्या कहता है ज्योतिष और इसका असरˌ

    हजारों में सिर्फ एक इंसान के प्राइवेटˈ पार्ट पर होता है तिल जानिए क्या कहता है ज्योतिष और इसका असरˌ

    इंटरनेट डेस्क। आपने कई बार देखा होगी की लोगों शरीर पर कई जगहों पर तिल होते है। लेकिन क्या आपको पता हैं कि तिल होने के क्या संकेत हैं और किस हिस्से पर तिल का क्या मतलब होता है। तो आज जानने की कोशिश करेंगे की शरीर के प्राइवेट पार्ट वाले हिस्से पर तिल होने का क्या मतलब होता है।

    योनि पर तिल अगर किसी महिला के योनि की बाईं ओर तिल है तो महिला बहुत ही कामुक स्वभाव की होती है और कई लोगों से उसके अफेयर भी हो सकते हैं। दाईं ओर तिल होने पर महिलाओं की सेक्स ड्राइव कमजोर होती है और उन्हें पार्टनर के साथ रिश्ते में दिक्कतें आ सकती हैं। योनि के ठीक ऊपर तिल होने पर महिला दिखने में आकर्षक होती है और जल्दी ही लोगों को अपने व्यवहार से मोहित कर लेती है।

    ब्रेस्ट पर तिल तिल अगर लेफ्ट ब्रेस्ट पर है तो इसका अर्थ है कि महिला कामुक स्वभाव की है। अगर लेफ्ट ब्रेस्ट पर एक से अधिक तिल होते हैं, तो ऐसी महिलाएं स्वभाव से बहुत ही चालाक और तेज बुद्धि की भी हो सकती हैं। तिल का रंग भी अलग-अलग महत्व रखता है। अगर तिल लाल रंग कहा है, तो महिला का स्वभाव अच्छा होगा। तिल शहद के रंग का है तो महिला चालाक होगी। काला तिल होने पर महिला स्वाभिमानी हो सकती है।

  • Delhi में महिलाओं को इन जगहों परˈ फ्री मिलती है शराब रात का माहौल रहता है बेहद रंगीनˌ

    Delhi में महिलाओं को इन जगहों परˈ फ्री मिलती है शराब रात का माहौल रहता है बेहद रंगीनˌ

    Delhi में महिलाओं को इन जगहों परˈ फ्री मिलती है शराब रात का माहौल रहता है बेहद रंगीनˌ

    मौजूदा वक्त में नाइट पार्टी का चलन तो बढ़ ही रहा है, लेकिन खास बात ये है की महिलाओं की संख्या भी काफी बढ़ने लगी है। अगर आप भी लेडीज के साथ कहीं नाइट पार्टी करना चाहती हैं, तो यहां हम आपको दिल्‍ली के कुछ ऐसे ही पब और बार (Pubs and Bars) के बारे में बता रहे हैं जहां आपको एक बेहतरीन नाईट लाइफ का आनंद मिलेगा। 


    मैच बॉक्‍स क्‍लब (Matchbox Club) 

    हौज खास विलेज में मैच बॉक्‍स क्‍लब एक रेस्‍ट्रो पब और लाउंज है। यहां आपको एक अच्‍छे माहौल में कई फ्लेवर के ड्रिंक्‍स एन्जॉय करने को मिलेंगीं। दिलचस्‍प बात है कि यहां रविवार महिलाओं की पसंद के अनुसार मेन्‍यू सेट किया जाता है, जिसमें मोजिटो, व्हिस्की सॉर्स शामिल होते हैं। मैच बॉक्‍स में शुक्रवार की रात महिलाओं को फ्री में शराब भी सर्व की जाती है।


    ​Levels HKV

    नई दिल्ली (New Delhi) के हौज खास विलेज में मौजूद Levels HKV एक ऐसी जगह है, जहां महिलाएं सबसे अच्‍छी लेडीज नाइट एन्‍जॉय कर सकती हैं। ड्रिंक्‍स और कराओके जैसे लाइव एंटरटेनमेंट का मजा लेते हुए यहां पर अपने फ्रेंड्स के साथ क्वालिटी टाइम स्‍पेंड किया जा सकता है। इसमें डांस फ्लोर और लाइव म्‍यूजिक की बेहतरीन सुविधा है। यहां आप नॉर्थ इंडियन , इटेलियन, एशियन, मैक्सीकन और यूरोपीय डिशेज का भी आनंद ले सकती हैं ।
     

    ​फोर्क यू (Fork You)

    ​अगर अगर दिल्‍ली में रहकर लेडीज नाइट को एन्‍जॉय करना चाहती हैं, तो फोर्क यू भी एक बेहतरीन जगह है। ये एक मॉडर्न स्‍टाइल का लाउंज है, जो बिग साइज बर्गर को असेंबल करने के लिए पॉपुलर है। यहां पर आप अपने गर्ल गैंग के साथ मेक्सिकन, इटालियन और अमेरिकन डिशेज के अलावा मॉकटेल और कॉकटेल के विभिन्न फलेवर्स का आनंद ले सकते हैं।

    समर हाउस कैफे (Summer House Cafe)

    हौज खास में अरविंदो मार्केट (Aurobindo Market) के ऊपर बना कैफे लेडीज नाइट के लिए बेस्‍ट है। कैफे में लेबनान, इटेलियन और अमेरिकन डिशेज की कई वैरायटी देखने को मिलती है। कुल मिलाकर कैफे अपने कस्‍टमर्स को एक आरामदायक माहौल देता है ।
     

    ​क्यूबिटो कैफे

    क्यूबिटो एक टेरेस कैफ़े है। यहां शुक्रवार की रात महिलाओं के नाम होती है। यहां देर रात तक महिलाओं को शॉटर्स सर्व किए जाते हैं। राजौरी गार्डन में स्थित ये सुंदर सा कैफे है, जहां हर महिला खुली हवा में एक रात जरूर बिताना चाहेंगी।
     

    मूनशाइन रेस्‍टोरेंट (Moonshine)

    नाईट पार्टी के लिए आप अपने फ्रेंड्स ग्रुप के लिए आप मूनशाइन रेस्‍टोरेंट को बुक कर सकती हैं। इसकी गिनती Delhi के पॉपुलर बार और रेस्‍टोरेंट में होती है। रात के समय पुरुषों के अलावा ये महिलाओं की भीड़ से खचाखच भरा रहता है। यहां वीरवार को महिलाओं की एंट्री फ्री है और एक कॉकटेल पर एक कॉकटेल फ्री दिया जाता है। Delhi में लेडीज नाइट का अनुभव करने के लिए ये जगह बेहद खास है।

  • ट्रेन के AC कोच में सो रहेˈ थे पति-पत्नी GRP ने पूछा “तुम दोनों क्या कर रहे हो?” पता चलते ही फूले हाथ पैर तुरंत भागे अफसरˌ

    ट्रेन के AC कोच में सो रहेˈ थे पति-पत्नी GRP ने पूछा “तुम दोनों क्या कर रहे हो?” पता चलते ही फूले हाथ पैर तुरंत भागे अफसरˌ

    ट्रेन के AC कोच में सो रहेˈ थे पति-पत्नी GRP ने पूछा “तुम दोनों क्या कर रहे हो?” पता चलते ही फूले हाथ पैर तुरंत भागे अफसरˌ

    सहारनपुर जंक्शन रेलवे स्टेशन से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां हावड़ा-अमृतसर मेल ट्रेन के स्लीपर कोच में आधी रात महिला अपने पति और दो साल की बेटी के साथ चढ़ती है. ट्रेन में चढ़ते ही दोनों सो जाते हैं साथ में मासूम भी सो रही होती है. तभी अचानक रात 12:30 बजे पूरी ट्रेन में हड़कंप मचने लगता है. जिसके बाद ट्रेन में घूम रही जीआरपी दंपत्ती से पूछती हैं कि क्या हुआ… यहां क्या कर रहे हो? तब वह बताते हैं कि कोई ट्रेन से मेरी 2 साल की बच्ची को किडनैप करके ले गया. उन्होंने जीआरपी को जानकारी दी कि ट्रेन के स्लीपर कोच में मेरे पति और मैं सो रही थी, साथ में मेरी 2 साल की बेटी थी जिसका नाम नायरा था. ट्रेन जब सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची, तभी बुर्का पहने दो महिलाओं ने मेरी मासूम बच्ची का अपहरण कर लिया. जैसे ही पुलिसवाले सुनते हैं, तो वह भागकर सहारनपुर रेलवे स्टेशन पहुंच पूरी जानकारी देते हैं.

    पूरा मामला ट्रेन नंबर 13005 हावड़ा मेल का है. जहां धामपुर से चढ़े दंपत्ति की 2 साल की बच्ची चोरी करके कोई ले जाता है. वारदात देर रात की है जब दंपती धामपुर से हावड़ा मेल ट्रेन में सवार होकर पंजाब जा रहे थे, तभी उनके पास सो रही 2 साल की बच्ची कोई चुरा कर ले जाता है. जब दोनों पति-पत्नी जगाधरी स्टेशन पर सोकर उठे, तो उन्होंने देखा उनकी बच्ची उनके पास नहीं है. तभी तुरंत उन्होंने इसकी सूचना जगाधरी रेलवे पुलिस स्टेशन को दी. जिसके बाद छानबीन और आसपास के लोगों से पूछताछ में पता चला कि उनकी बेटी को सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर 2 बुर्का पहने महिला उठा कर ले गईं थी. जिसकी पुष्टि पीड़ित महिला ने सहारनपुर रेलवे स्टेशन पहुंच कर सीसीटीवी वीडियो के आधार पर की है.

    पीड़ित महिला ने बताया कि उसका नाम नेहा है और वह पंजाब की रहने वाली है. वह अपने पति और बेटी के साथ रात 11 बजे धामपुर से ट्रेन में चढ़े. पी‌ड़ित महिला ने बताया कि हम गलती से रिजर्वेशन कोच में चढ़ गए थे. सीट भी मिल गई थी आराम से हम उसी पर लेट गए और बेटी के साथ सो गए. मेरे पति फोन चला रहे थे, अचानक उन्हें भी नींद आ गई वो भी सो गए. रात लगभग 12:30 बजे आंख खुली तब मेरी बेटी नायरा मेरे पास थी. मगर जब अंबाला से पहले जब मेरी आंख खुली तो मैंने देखा कि मेरी बच्ची सीट पर नहीं थी. जिसके बाद पूरी ट्रेन में हमने अपनी बच्ची ढूढ़ी पर मेरी बच्ची नहीं मिली.

    महिला ने बताया कि फिर दो पुलिसवाले मिले उन्हें मैंने सबकुछ बताया. पूछताछ में मेरी ही सीट के पास बैठे एक शख्स ने बताया कि एक महिला आई थी उसने पहले बच्ची के सर पर हाथ रखा और फिर उसे गोद में लेकर सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर उतर गई. तब पुलिसवालों ने सहारनपुर में फोन कर सारी जानकारी दी. फिर मैं और मेरे पति पुलिसवालों के साथ सहारनपुर स्टेशन पहुंचे वहां हमने सीसीटीवी देखा जिसमें दो महिलाएं बुर्का पहनकर मेरी बेटी को लेकर जा रहीं थी.

  • चलती ट्रेन से लटककर स्टंट कर रहाˈ था लड़का, फिर जो हुआ वो उड़ा देगा होश, देखें Video

    चलती ट्रेन से लटककर स्टंट कर रहाˈ था लड़का, फिर जो हुआ वो उड़ा देगा होश, देखें Video

    कई बार सोशल मीडिया पर कुछ ऐसा दिख जाता है जो लोगों को हैरान कर देता है और अभी एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है। आइए आपको इस वीडियो के बारे में बताते हैं।

    चलती ट्रेन से लटककर स्टंट कर रहाˈ था लड़का, फिर जो हुआ वो उड़ा देगा होश, देखें Video
    Image Source : X/@HPHOBIAWATCHवायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट

    सोशल मीडिया आज के समय में बहुत ही कॉमन हो गया है। लगभग हर किसी के हाथ में आपको स्मार्ट फोन देखने को मिल जाएगा और जब लोग स्मार्ट फोन रखते हैं तो फिर सोशल मीडिया पर न हो, ऐसा बहुत ही कम होता है। कुल मिलाकर बात यह है कि आज के समय में लगभग हर कोई सोशल मीडिया का यूज करता है और आप भी करते ही होंगे। वहां आप तरह-तरह के खूब सारे वीडियो देखते होंगे और उन्हीं के बीच में कुछ वायरल वीडियो भी आते होंगे। अभी भी एक वीडियो वायरल हो रहा है। आइए आपको बताते हैं कि वीडियो में क्या नजर आया।

    वायरल वीडियो में क्या नजर आया?

    अभी जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें नजर आता है कि एक लड़का ट्रेन के दरवाजे पर आ जाता है। वो चलती ट्रेन के दरवाजे पर खड़े होकर रील बनवाता है और वीडियो में आगे दिखता है कि ट्रेन के अंदर चेहरा करके लटक जाता है। कुछ देर बाद वो सीढ़ी पर उतरता है और लटकते हुए स्टंट करता है मगर तभी नजर आता है कि वो ट्रैक के बगल में लगे खंभे से टकरा जाता है और टकराने के कारण नीचे गिर जाता है। अब इसके बाद क्या हुआ, वह तो वीडियो में नहीं दिखा है मगर वीडियो अभी सोशल मीडिया पर जरूर वायरल हो रहा है।

    यहां देखें वायरल वीडियो

    आपने अभी जो वीडियो देखा उसे एक्स प्लेटफॉर्म पर @HPhobiaWatch नाम के अकाउंट से पोस्ट किया गया है। खबर लिखे जाने तक वीडियो को 13 हजार लोगों ने देख लिया है। वीडियो को देखने के बाद एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा- अब अस्पताल में स्टंट करेगा, नहीं तो ऊपर। दूसरे यूजर ने लिखा- बच गया। वहीं एक यूजर को यह फेक वीडियो लगा और उसने लिखा- यह फेक है, उसके पैर को देखो, आपको दो बार देखना पड़ेगा और समझ जाओगे। मेरे लिए फेक है। वहीं कई यूजर्स ने हंसने वाला रिएक्शन दिया है।

  • सप्ताह में कितनी बार करें सेक्स औरˈ क्यों जरूरी है टाइमिंग बढ़ाना? डॉक्टर ने दिए हर सवाल के जवाब..ˌ

    सप्ताह में कितनी बार करें सेक्स औरˈ क्यों जरूरी है टाइमिंग बढ़ाना? डॉक्टर ने दिए हर सवाल के जवाब..ˌ

    सप्ताह में कितनी बार करें सेक्स औरˈ क्यों जरूरी है टाइमिंग बढ़ाना? डॉक्टर ने दिए हर सवाल के जवाब..ˌ

    Sex Life Tips: पुरुष अपनी सेक्स टाइमिंग बढ़ाने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं. फिर भी, उनकी सेक्स टाइमिंग में कोई खास बदलाव नहीं आता, आइए जानतें हैं.

    Sex Life Tips: पुरुष अपनी सेक्स टाइमिंग बढ़ाने के लिए हर संभव कोशिश करते हैं. फिर भी, उनकी सेक्स टाइमिंग में कोई खास बदलाव नहीं आता. इससे तंग आकर, वे खुद को बीमार समझने लगते हैं और बोरिंग पार्टनर बन जाते हैं.लेकिन जब तक सही जवाब न मिल जाए, कोई समाधान नहीं है. भारतीय पुरुष 1-2 मिनट में ही स्खलित हो जाते हैं, जो सही समय नहीं है.” इससे महिलाएं चरमसुख का आनंद नहीं ले पातीं. अगर आप अपने पार्टनर को खुश रखना चाहते हैं, तो अपना सेक्स टाइम बढ़ाएं. आइए जानते हैं कुछ सवालों के बारे में .

    सप्ताह में कितनी बार सेक्स करना सही माना जाता है?

    सेक्स एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, इसलिए यह व्यक्ति और उसके मूड पर निर्भर करता है. हालांकि, आयुर्वेद और चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, यह मौसम के अनुसार बदलता रहता है. कुछ मौसमों में आप कम बार सेक्स कर सकते हैं, तो कुछ में ज़्यादा बार.

    किस मौसम में कितनी बार सेक्स करना सही है?

    गर्मियों में 1-2 बार, सर्दियों में 4-5 बार और बरसात में 3-4 बार. अगर आपकी शारीरिक क्षमता और आपका साथी इसे ज्यादा बार करने को तैयार है, तो कोई समस्या नहीं है. हाँ, लेकिन हमेशा एक स्वस्थ यौन जीवन का आनंद लें, न कि केवल आकस्मिक रूप से.

    आपको सप्ताह में कितनी बार सेक्स करना चाहिए?

    अब, यह आपकी उम्र पर भी निर्भर करता है. इसलिए, अपनी उम्र पता करें. मान लीजिए कि आपकी उम्र 20 के दशक में है, तो सप्ताह में 3-4 बार सेक्स करें. हर दिन सेक्स करने से बचें.

    सेक्स का सही समय क्या माना जाता है?

    हर कोई अपनी सेक्स टाइमिंग बढ़ाना चाहता है क्योंकि बहुत कम पुरुष अपनी सेक्स टाइमिंग से खुश होते हैं. हालांकि, महिलाओं के लिए 8-10 मिनट का सेक्स ऑर्गेज्म के लिए उपयुक्त माना जाता है. इसलिए, जो पुरुष 2-3 मिनट में स्खलित हो जाते हैं, उन्हें समय बढ़ाकर कम से कम 8-10 मिनट कर देना चाहिए. यह बढ़ोतरी कोई बड़ी बात नहीं है.

    सेक्स टाइमिंग बढ़ाने के प्रभावी तरीके क्या हैं?

    • सेक्स टाइमिंग और सेक्स पावर में बहुत बड़ा अंतर है. हालांकि, पुरुष इसे समझे बिना बाजार से सेक्स टाइमिंग की दवाइयां खरीदने लगते हैं, जो ज्यादा असरदार नहीं होतीं. इसलिए, बिना कारण समझे दवाइयां न लें.
    • मन को सबसे बड़ा यौन अंग माना जाता है, न कि हमारे गुप्तांगों को. अगर आप यह समझ लेंगे, तो आप सेक्स टाइम बढ़ाने की समस्या से पार पा सकेंगे. ऐसा करने के लिए, बस दो बातें समझें:
    • अपने साथी के साथ शारीरिक संबंध बनाते समय अपनी सांसों पर नियंत्रण रखें.
    • उत्तेजना में अपना होश न खोएं; बल्कि शांत रहें और सभी काम करें.
    • नियमित व्यायाम करें.

    Disclaimer : प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है.

  • जूते के पीछे क्यों लगे होते हैंˈ ऐसे स्ट्राइप्स? पहनते तो सब हैं मगर नहीं जानते होंगे जवाब

    जूते के पीछे क्यों लगे होते हैंˈ ऐसे स्ट्राइप्स? पहनते तो सब हैं मगर नहीं जानते होंगे जवाब

    क्या आपने कभी अपने जूतों पर गौर किया है? अगर गौर किया है तो फिर आपने जूतों के पीछे जो स्ट्राइप्स लगे होते हैं, उन्हें भी देखा होगा। क्या आपने कभी यह जानने की कोशिश की है कि वो क्यों होते हैं?

    जूते के पीछे क्यों लगे होते हैंˈ ऐसे स्ट्राइप्स? पहनते तो सब हैं मगर नहीं जानते होंगे जवाब
    Image Source : PEXELSजूते की फोटो

    हर सर्कल में ऐसा एक इंसान जरूर मिल जाता है जिसे अलग-अलग जूते खरीदने और रोज अलग-अलग जूते पहनने का बहुत शौक होता है। लड़कों के ग्रुप में ऐसा कोई न कोई पक्का मिल जाएगा या फिर ऐसा भी हो सकता है कि ग्रुप के सभी लड़कों के पास एक से बढ़कर एक डिजाइन वाले जूते हों। आप भी शायद ऐसे लोगों की लिस्ट में शामिल हों और आपके पास भी मस्त से मस्त जूतों का गजब का कलेक्शन हो। अगर ऐसा है तो फिर हम आपके लिए जूतों से जुड़ी एक ऐसा जानकारी लेकर आए हैं जो शायद आपको भी नहीं पता हो। आइए फिर आपको उसके बारे में बताते हैं।

    जूतों में पीछे लगे होते हैं स्ट्राइप्स

    आप एक काम कीजिए। आपने अगर जूते पहने हुए हैं तो फिर जरा जूतों के पीछे नजर डालिए और नहीं पहने हैं तो फिर जूते निकालिए और फिर उनके पीछे देखिए। आपको दिखेगा कि जूतों के पीछे स्ट्राइप्स लगे होते हैं। जहां से हम जूते में पैर डालते हैं, ठीक उसी जगह पर सबसे पीछे दोनों जूतों में एक-एक स्ट्राइप लगा होता है। मगर क्या आप यह जानते हैं कि यह स्ट्राइप्स क्यों होते हैं और जूतों में इन्हें क्यों दिया जाता है? चलिए हम आपको इसके बारे में बताते हैं।

    आखिर क्यों होते हैं जूतों में ये स्ट्राइप्स?

    जूतों के पीछे ये जो स्ट्राइप्स लगे होते हैं उन्हें हील टैब या फिर पुल लूप कहते हैं। दरअसल जूतों के पीछे ये काम के लिए दिए जाते हैं। इनकी मदद से आपको जूते पहनने में आसानी होती है क्योंकि इन्हें पीछे की तरफ खींचकर आप आराम से जूते पहन सकते हैं और जूते के हील काउंटर को नुकसान नहीं पहुंचता है। इसके अलावा ये जूतों को सुखाने के लिए भी काम आते हैं। आप इन फीतों में जूता टांग सकते हैं। वहीं कुछ कंपनियां इसका इस्तेमाल ब्रांडिंग के लिए करते हैं क्योंकि इन पर उनकी कंपनी का नाम लिखा होता है।

  • पोटी वाली कमोड सफेद रंग की हीˈ क्यों होती है? लाल या नीली क्यों नहीं होती? वजह जान लगेगा झटकाˌ

    पोटी वाली कमोड सफेद रंग की हीˈ क्यों होती है? लाल या नीली क्यों नहीं होती? वजह जान लगेगा झटकाˌ

    पोटी वाली कमोड सफेद रंग की हीˈ क्यों होती है? लाल या नीली क्यों नहीं होती? वजह जान लगेगा झटकाˌ

    हमारे पेट में जब भी गड़बड़ होती है तो उसे हल्का करने के लिए हम कमोड का सहारा लेते हैं। आपने भी कमोड का इस्तेमाल कई बार किया होगा। कभी अपने घर में तो कभी होटल, पब्लिक टॉयलेट या ट्रेन में। आपने एक चीज नोटिस की होगी कि कमोड हर जगह सफेद रंग का ही होता है। ऐसे में क्या आपने कभी सोचा है कि इस कमोड को भला सफेद रंग ही क्यों दिया जाता है? यह हरा नीला या पीला क्यों नहीं होता है? चलिए जानते हैं।

    सफेद रंग का ही क्यों होता है कमोड?

    कमोड इंडियन हो या वेस्टर्न यह अधिकतर सफेद रंग का ही बनाया जाता है। समय के साथ इसमें कुछ अलग रंग भी देखने को जरूर मिल जाते हैं लेकिन 90% कमोड आपको सफेद रंग के ही देखने को मिलते हैं। इसके पीछे एक खास वजह है जिससे हर कोई अनजान है। अब कुछ लोग अपने अलग-अलग लॉजिक जरूर देते हैं लेकिन किसी को इसका असली कारण नहीं पता है।

    उदाहरण के लिए कुछ लोगों का मानना है कि सफेद रंग का कमोड बाथरूम में अच्छा लगता है। इससे बाथरूम की शोभा बढ़ती है। उसे एक रॉयल और रिच लुक मिलता है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि कमोड को सफेद रंग का इसलिए बनाया जाता है ताकि जब यह गंदा हो तो आसानी से नजर आ जाए। गंदा कमोड कई कीटाणुओं को जन्म देता है। यह सफेद रंग का होगा तो जल्दी पता चल जाएगा कि कितना गंदा है। फिर हम इसकी जल्दी साफ सफाई शुरू कर देंगे और इसे चमका देंगे।

    ये है असली वजह

    हालांकि सच्चाई यह है कि ऊपर बताए गए दोनों कारण बेबुनियाद हैं। इनका कमोड के सफेद रंग के होने से कोई लेना देना नहीं है। सच्चाई कुछ और ही है जिससे हर कोई अनजान है। असल में कमोड का सफेद रंग का होना उसके मटेरियल की वजह से है। कमोड बनाने के लिए सिरेमिक या पोर्सिलेन का इस्तेमाल किया जाता है। इसे हम आम बोलचाल की भाषा में चीनी मिट्टी भी कहते हैं।

    चीनी मिट्टी देखने में सफेद रंग की ही होती है। इसलिए कमोड को इस रंग से बनाना काफी आसान प्रक्रिया हो जाती है। यदि उसके कलर में बदलाव किया जाए तो प्रक्रिया थोड़ी कॉम्प्लेक्स हो जाती है। इसमें समय और पैसा दोनों ज्यादा लगते हैं। बस यही कारण है कि अधिकतर कंपनियां सफेद रंग के कमोड बनाना ही पसंद करती है। यह देखने में भी अच्छा लगता है और इसकी लागत भी कम आती है।

  • गोल मटोल सा दिखने वाला यह फलˈ करेगा छमा छम पैसों की बरसात छोटे से जमीन के टुकड़े में बन जाओगे अंबानीˌ

    गोल मटोल सा दिखने वाला यह फलˈ करेगा छमा छम पैसों की बरसात छोटे से जमीन के टुकड़े में बन जाओगे अंबानीˌ

    गोल मटोल सा दिखने वाला यह फलˈ करेगा छमा छम पैसों की बरसात छोटे से जमीन के टुकड़े में बन जाओगे अंबानीˌ

    आज हम आपको एक ऐसी फसल की खेती के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी खेती आज के समय में बहुत सारे किसान करते हैं किसानों को कमाई के मामले में यह फल बहुत बेहतर लगता है। जिसकी वजह से लोग इसकी खेती करना ज्यादा पसंद करते हैं। किसानों को हमेशा एक ऐसी फसल की तलाश रहती है जो कि उनको कम समय में ज्यादा मुनाफा दे साथ ही कम से कम मेहनत में अच्छी कमाई करके दे।

    इस फसल के बारे में बहुत सी जानकारियां आज हम आपको इस पोस्ट के जरिए बताएंगे जो आपको आने वाले समय में इसकी खेती करने के लिए काम आएगी। आज हम आपको एक ऐसी फसल के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको केवल छोटे से जमीन के टुकड़े में छोटा अंबानी बना देगी। आइए इसकी खेती के बारे में विस्तार से जानते हैं।

    क्या है इस फल का नाम

    हम जिस फल के बारे में बात कर रहे हैं वह फल रोजाना मार्केट में धड़ल्ले से बेचा जाता है। इतना ही नहीं यह लोगों का बेहद पसंदीदा फल है आपको बता दे कि लोग इसको बहुत बड़ी मात्रा में खरीद कर इसका सेवन करते हैं। ऐसा इसीलिए क्योंकि यह सेहत के लिए भी बहुत ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। यह फल खेती के मामले में भी बहुत ज्यादा जबरदस्त माना जाता है। बहुत ज्यादा तगड़ी मात्रा में कमाई की जा सकती है आपको बता दे कि इस फल का नाम चीकू है। यह बिल्कुल आलू की तरह नजर आता है और गोल मटोल नजर आता है।

    चीकू की खेती कैसे करें

    चीकू की खेती करने के लिए आपको अलग से कुछ खास विधि अपनाने की जरूरत नहीं है। इसकी खेती करने के लिए आपको सबसे पहले इस बात का ध्यान देना है कि आपको इसकी खेती बलुई और दोमट मिट्टी में करनी है। इसके साथ ही आपको बता दे कि इस मिट्टी का पीएच मान लगभग 6 से 8 के बीच होना बहुत जरूरी है। आपको सबसे पहले इसकी खेती करने के लिए जमीन को अच्छे से तैयार कर लेना है आपको लगभग 2 से 3 बार खेत में गहरी जुताई कर लेना है।

    इसके बाद में इस खेत में अच्छे से गोबर खाद मिला लेना है ताकि जमीन अच्छे से उपजाऊ बन सके और आपको अच्छा उत्पादन दे सके। इसके बाद में आपको इस बात का ध्यान रखना है कि खेत में अच्छे से रोटावेटर मार देना है। इसके बाद चीकू के पौधे जो कि आप नर्सरी से ला सकते हैं। इनको खेत में लगाना है जिसके बीच में आपको दो-दो फीट का गैप रखना है। जिससे कि पौधे अच्छे से ग्रोथ कर सके।

    इसके बाद में आपको इस बात का ध्यान रखना है कि इसको समय-समय पर खाद पानी देते रहे और कीटनाशकों का इस्तेमाल करते रहे जिससे की फसल को किसी प्रकार का नुकसान ना हो। इस प्रकार आप चीकू की खेती कर सकते हैं और आपको बता दे कि इसको तैयार होने में 2 से 3 साल का समय आराम से लग जाता है।

    चीकू की खेती से कमाई

    चीकू की खेती से कमाई की अगर हम बात करते हैं तो आपको बता दे की एक एकड़ जमीन में इसकी खेती करने के लिए आपको 40 से ₹60000 का खर्चा आराम से आ जाता है जिसके बाद में आप एक एकड़ जमीन में लगभग 10 से 15 टन की पैदावार प्राप्त कर सकते हैं। इसके बाद आपको इस खेती से लगभग 7 से 8 लाख रुपए की कमाई हो जाती है।