Author: me.sumitji@gmail.com

  • बेटी को लग रही थी ठंड, जलाˈ दिए 14 करोड़ रुपये, हर साल अरबों तो खा जाते थे चूहे, इस सनकी को दुनिया जानती हैˌ

    बेटी को लग रही थी ठंड, जलाˈ दिए 14 करोड़ रुपये, हर साल अरबों तो खा जाते थे चूहे, इस सनकी को दुनिया जानती हैˌ

    बेटी को लग रही थी ठंड, जलाˈ दिए 14 करोड़ रुपये, हर साल अरबों तो खा जाते थे चूहे, इस सनकी को दुनिया जानती हैˌ

    कहते हैं कि पिता को बेटियों से एक अलग ही लगाव होता है, यही कारण है कि एक बाप अपनी बेटी की खुशियों के लिए किसी भी हद तक जा सकता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक पिता, बेटी को ठंड लगने पर 14 करोड़ रुपये में आग लगा दे? जी हां, सही पढ़ा आपने ये कोई कहानी नहीं, बल्कि सच्ची घटना है जहां एक बाप ने 14 करोड़ रुपये पर आग लगा दी थी, वो भी केवल इसलिए क्योंकि उसकी बेटी को ठंड लग रही थी. इस महान आदमी का नाम था- पाब्लो एस्कोबार. चलिए आपको बताते हैं इस महान आदमी के बारे में.

    कौन था पाब्लो एस्कोबार?
    दुनिया के अपराध जगत में कई नाम ऐसे हुए हैं जो अपने काले कारनामों के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गए. लेकिन इन सबमें अगर किसी का नाम सबसे ऊपर लिया जाए, तो वो है पाब्लो एस्कोबार. कोलंबिया का यह शख्स सिर्फ एक ड्रग माफिया नहीं था, बल्कि अपराधों का ‘किंग’ माना जाता था, जिसकी दौलत, हैसियत और दहशत, तीनों के किस्से दुनिया भर में मशहूर थीं.

    बेटी को लग रही था ठंड, फिर…
    पाब्लो सिर्फ क्राइम के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि उसके दौलत उड़ाने के तरीके भी दुनिया को हैरान कर देने वाले थे. एक बार पाब्लो की बेटी को बेहद ठंड लग रही थी. चारों ओर बर्फीली हवाएं चल रही थीं, पाब्लो से बेटी की सिहरती हालत देखी नहीं गई. उसके पास दो मिलियन डॉलर (लगभग 14 करोड़ रुपये) नकद पड़े थे. उसने बिना एक पल की झिझक के उन नोटों में आग लगा दी, ताकि उसकी बेटी को ठंड न लगे.

    जब चूहे खा जाते थे अरबों
    पाब्लो की कमाई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसकी रोज की कमाई 400 करोड़ रुपये से ज़्यादा थी. इतना पैसा था कि उसे रखने के लिए सुरक्षित जगहें कम पड़ गईं थीं. उसने कई गोदाम बनाए, जहां नोटों के बंडल बोरियों में भरकर रखे जाते थे. लेकिन वहां भी सुरक्षा नहीं थी हर साल करीब 1 अरब रुपये के नोट चूहे कुतर जाते थे. यह भी कहा जाता है कि पाब्लो अपने पैसों को बांधने के लिए हर हफ्ते 1000 डॉलर की रबर बैंड खरीदता था.

    फोर्ब्स की लिस्ट में क्रिमिनल
    साल 1989 में फोर्ब्स मैगजीन ने पाब्लो एस्कोबार को दुनिया का सातवां सबसे अमीर व्यक्ति बताया. उसकी कुल संपत्ति उस समय 25 अरब डॉलर से ज्यादा आंकी गई थी. पाब्लो का ड्रग कारोबार इतना बड़ा हो चुका था कि उसने दुनिया के 80% कोकीन व्यापार पर कब्जा कर लिया था. इतना ही नहीं उसने अपने कारोबार को बढ़ाने और दुश्मनों को मिटाने के लिए न केवल पुलिस, बल्कि जजों, नेताओं और पत्रकारों तक को खरीद लिया था. उसकी वजह से करीब 15,000 लोगों की जान गई थी.

    कैसे हुई मौत?
    2 दिसंबर 1993 को एस्कोबार की कहानी हमेशा के लिए खत्म हो गई. कोलंबिया पुलिस से भागते वक्त, छत पर गोलियों की बौछार में उसकी मौत हो गई. हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि उसने खुद को गोली मार ली, क्योंकि वह कभी गिरफ्त में नहीं आना चाहता था. एक तीसरी थ्योरी यह भी है कि उसके अपने भाई ने, सत्ता हासिल करने के लिए उसे धोखे से मौत के घाट उतार दिया था.

  • क्या आप मोटापे से परेशान हैं? तोˈ ये है मोटापा कम करने का जादुई बीज जो आपके पेट की चर्बी पिघला कर कर देगा आपको पतला

    क्या आप मोटापे से परेशान हैं? तोˈ ये है मोटापा कम करने का जादुई बीज जो आपके पेट की चर्बी पिघला कर कर देगा आपको पतला

    क्या आप मोटापे से परेशान हैं? तोˈ ये है मोटापा कम करने का जादुई बीज जो आपके पेट की चर्बी पिघला कर कर देगा आपको पतला

    आज के समय में मोटापा और पेट की चर्बी बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है। बहुत लोग डाइट प्लान, एक्सरसाइज और हेल्दी ड्रिंक्स ट्राय करते हैं, लेकिन फिर भी मनचाहा रिजल्ट नहीं मिल पाता। ऐसे में लोग नेचुरल उपाय ढूंढने लगते हैं।

    कलौंजी एक ऐसा छोटा बीज है जिसका इस्तेमाल हजारों सालों से पारंपरिक चिकित्सा में किया जाता रहा है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर के कई सिस्टम को सपोर्ट कर सकते हैं।

    कलौंजी का इस्तेमाल पुराने समय से किया जाता रहा है

    आयुर्वेद, यूनानी और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में कलौंजी का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। इसे शरीर की इम्युनिटी और डाइजेशन को सपोर्ट करने वाला माना जाता है। आधुनिक रिसर्च में भी इसके कुछ फायदे सामने आए हैं, खासकर मेटाबॉलिज्म और ब्लड शुगर कंट्रोल से जुड़े मामलों में।

    कलौंजी शरीर पर किस तरह असर कर सकती है

    कलौंजी में मौजूद फाइटोकेमिकल्स शरीर की भूख कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। इससे बार-बार खाने की इच्छा कम हो सकती है। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट कर सकती है, जिससे शरीर एनर्जी बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सकता है। साथ ही यह ब्लड शुगर कंट्रोल में मदद कर सकती है, जिससे फैट स्टोरेज कम हो सकता है।

    वजन कंट्रोल के लिए कलौंजी इस्तेमाल के आसान तरीके

    कलौंजी को हल्का कूटकर पानी में डालकर नींबू और थोड़ा शहद मिलाकर सुबह लिया जा सकता है। यह शरीर को एक्टिव रखने में मदद कर सकता है। कलौंजी को नींबू के रस में मिलाकर सुखाकर भी लिया जा सकता है। इससे क्रेविंग कम करने में मदद मिल सकती है।

    कलौंजी चाय भी एक अच्छा विकल्प हो सकती है

    कलौंजी को पानी में उबालकर चाय की तरह पीया जा सकता है। चाहें तो इसमें थोड़ा नींबू या शहद मिलाया जा सकता है। कुछ लोग कलौंजी तेल का भी इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसे सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए।

    सिर्फ कलौंजी से वजन कम नहीं होगा

    यह समझना जरूरी है कि सिर्फ कोई एक चीज खाने से वजन कम नहीं होता। अगर इसे हेल्दी डाइट और एक्टिव लाइफस्टाइल के साथ लिया जाए, तो बेहतर रिजल्ट मिल सकते हैं। वजन कम करने में नींद, एक्सरसाइज और तनाव कम करना भी जरूरी होता है।

    किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए

    जिन लोगों को डायबिटीज, थायरॉइड या दूसरी स्वास्थ्य समस्या है, उन्हें इसे लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान भी बिना सलाह के इसका ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए।

    निष्कर्ष: कलौंजी एक पोषक और उपयोगी बीज है, जो शरीर के कई फंक्शन को सपोर्ट कर सकता है। लेकिन इसे किसी चमत्कारी इलाज की तरह नहीं लेना चाहिए। अगर इसे संतुलित डाइट और सही लाइफस्टाइल के साथ लिया जाए, तो यह वजन कंट्रोल करने में मदद कर सकता है।

    Health Disclaimer: यह जानकारी केवल सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। किसी भी घरेलू उपाय को नियमित रूप से शुरू करने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

  • हथकड़ी लगाकर एक दूसरे साथ ये कामˈ कर रहा था कपल, जिसके कारण सीधे पहुंचना पड़ा अस्पतालˌ

    हथकड़ी लगाकर एक दूसरे साथ ये कामˈ कर रहा था कपल, जिसके कारण सीधे पहुंचना पड़ा अस्पतालˌ

    एक कपल ने शौक-शौक में एक-दूसरे को हथकड़ियां बांध दी। लेकिन ये शौक इनपर इतना भारी पड़ा की इन्हें सीधा अस्पताल जाना पड़ा। ये मामला यूक्रेन का है। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों यूक्रेन में रहने वाले एक कपल ने एक-दूसरे को हथकड़ी बांध दी। लेकिन ये हथकड़ी इनके लिए मुसीबत बन गई। खबर के अनुसार इस कपल ने 24 घंटे हथकड़ी बांधी रखी। जिसके कारण लड़की हाथ में फोड़े और अल्सर हो गए।

    हथकड़ी लगाकर एक दूसरे साथ ये कामˈ कर रहा था कपल, जिसके कारण सीधे पहुंचना पड़ा अस्पतालˌ

    हाथों में फोड़े और अल्सर होने के कारण इन्हें फौरन डॉक्टरों के पास जाना पड़ा। 28 साल की विक्टोरिया ने सपने में भी ये सोचा नहीं होगा की उसके साथ ये सब होगा। विक्टोरिया की स्किन पर हथकड़ी से हुए रिएक्शन को देख डॉक्टर भी हैरान रहे गए। डॉक्टरों ने कई तरह की दवाई इन्हें दी, लेकिन अल्सर ठीक नहीं हो पाया।

    इस पूरी घटना के बारे में विक्टोरिया के प्रेमी एलेक्जेंडर ने कहा कि विक्टोरिया के हाथ अधिकतर समय मेटल के संपर्क में रहे। इसलिए उसे इस समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। विक्टोरिया की स्किन पर लगातार इलाज कराने के बावजूद भी उनका अल्सर ठीक नहीं हो पाया। विक्टोरिया अक्सर छोटी-छोटी बातों पर घर से चली जाती थी। जिसके लिए मैंने सोचा की क्यों न हम हथकड़ियां बांध लें। ताकि दूर न हो सकें।

    ये खबर काफी चर्चा का विषय बनीं हुई है। यूक्रेन की स्थानीय मीडिया के अनुसार ये कपल हर समय एक साथ ही रहता था। एलेक्जेंडर के हवाले से खबर छापते हुए लिखा गया है कि विक्टोरिया अक्सर छोटी-छोटी बातों पर घर से चली जाती थी। इसलिए एक दिन एलेक्जेंडर ने मजाक में ही कह दिया था कि तुम्हें मैं बांध दूंगा और कभी अकेले नहीं जाने दूंगा। इसके बाद से ही दोनों ने तीन महीनों तक हथकड़ी से बंधने का फैसला किया था। लेकिन हथकड़ी बांधने के 24 घंटे के अंदर ही विक्टोरिया को मुसीबत का सामना करना पड़ा और अब ये डॉक्टर के यहां चक्कर काट रही है।

  • OOPS Moment का शिकार हुईं ये 3ˈ एक्ट्रेस एक का दिखा अंडरगारमेंट तो किसी का…ˌ

    OOPS Moment का शिकार हुईं ये 3ˈ एक्ट्रेस एक का दिखा अंडरगारमेंट तो किसी का…ˌ

    OOPS Moment का शिकार हुईं ये 3ˈ एक्ट्रेस एक का दिखा अंडरगारमेंट तो किसी का…ˌ

    Actresses: बॉलीवुड की ग्लैमरस दुनिया जितनी खूबसूरत नजर आती है, उतनी ही असहज स्थितियों से भी भरी होती है। बड़े-बड़े इवेंट्स, रेड कारपेट और मीडिया के बीच जरा सी चूक भी एक एक्ट्रेस (Actresses) को शर्मिंदा कर सकती है। इसी कड़ी में आज हम आपको बॉलीवुड की उन तीन एक्ट्रेसेस के बारे में बताने जा रहे जो OOPS Moment का शिकार हुई है, और जिनके वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुई है।

    OOPS Moment का शिकार हुई ये 3 Actresses

    Actresses
    Actresses

    1. आलिया भट्ट

    इस लिस्ट में सबसे पहला नाम बॉलीवुड की मोस्ट टैलेंटेड एक्ट्रेस (Actresses) आलिया भट्ट का है। आपको बता दें, फिल्म “बद्रीनाथ की दुल्हनिया” के प्रमोशनल इवेंट के दौरान आलिया एक OOPS Moment का शिकार हो गई थीं। दरअसल इस इवेंट में आलिया अपने को स्टार वरुण के साथ फिल्म का प्रमोशन करने आई थी।

    जहां एक्साइटमेंट में वरुण आलिया को गोद में उठा लेते है। ट्रांसपेरेंट सलवार होने के कारण उनका अंडरगारमेंट कैमरे में कैद हो गया।

    2. उर्वशी रौतेला

    Cannes Film Festival 2025 के रेड कारपेट पर उर्वशी रौतेला (Actresses) एक बेहद ग्लैमरस ड्रेस में पहुंचीं। सबकी नजरें उन पर टिकी थीं, लेकिन जैसे ही वो कैमरों के सामने पोज देने लगीं, उनकी ड्रेस के अंडरआर्म हिस्से में हल्का सा फटाव साफ नजर आया। हालांकि उर्वशी ने मुस्कान के साथ पोज जारी रखे, लेकिन फोटोग्राफर्स की तेज नजरों से वो पल बच नहीं सका।

    यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ। Reddit और ट्विटर पर यूज़र्स ने उन्हें ट्रोल करते हुए लिखा – “पहली भारतीय एक्ट्रेस जिसकी ड्रेस कान्स में फटी”। कई लोगों ने उनकी स्टाइल को लेकर सवाल भी उठाए, जबकि कुछ फैंस ने उनके आत्मविश्वास की तारीफ की।

    3. दिशा पटानी

    अपनी बोल्डनेस के लिए जाने जानी वाली बॉलीवुड एक्ट्रेस (Actresses) दिशा पटानी का नाम भी इसमें शामिल है। आपको बता दें, एक अवॉर्ड शो के दौरान दिशा पटानी ने एक डीप नेक और बैकलेस गाउन पहना था। जैसे ही वह रेड कारपेट पर पोज़ दे रही थीं, हवा के हल्के झोंके और कैमरे के फ्लैश के कारण उनकी ड्रेस का डीप नेक थोड़ा ज्यादा ओपन लगने लगा। इस दौरान कैमरों ने कुछ ऐसे एंगल से तस्वीरें क्लिक कीं, जिससे वह सोशल मीडिया पर “Oops Moment” का शिकार हो गईं।

  • उसने मेरा जेंडर चेंज कराया फिर महीनोंˈ तक बनाता रहा संबंध जब सब खत्म हुआ तो छोड़कर चला गया रोते-रोते सुनाई पूरी दास्तांˌ

    उसने मेरा जेंडर चेंज कराया फिर महीनोंˈ तक बनाता रहा संबंध जब सब खत्म हुआ तो छोड़कर चला गया रोते-रोते सुनाई पूरी दास्तांˌ

    उसने मेरा जेंडर चेंज कराया फिर महीनोंˈ तक बनाता रहा संबंध जब सब खत्म हुआ तो छोड़कर चला गया रोते-रोते सुनाई पूरी दास्तांˌ

    नर्मदापुरम: मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम से एक प्यार में पड़ा लड़का पुलिस के पास अपनी फरियाद लेकर पहुंचा है. हैरान कर देने वाली बात ये है कि इस लड़के को एक लड़के से प्यार हुआ, पर जिस लड़के से उसे प्यार हुआ उसने इस लड़के का हाल बेहाल कर दिया. चलिए आपको बताते हैं पूरा मामला क्या है.

    यह कहानी शुरू होती है औबेदुल्लागंज के एक 27 साल के युवक से, जिसकी बहन का ससुराल नर्मदापुरम में है. बहन के ससुराल में आने-जाने के दौरान उसकी मुलाकात शुभम यादव से हुई. शुभम ग्वालटोली में रहता था और दोनों की जान-पहचान धीरे-धीरे दोस्ती में बदल गई. साल 2021-22 में यह दोस्ती इतनी गहरी हो गई कि दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए.

    बार-बार बनाया शारीरिक संबंध
    युवक का कहना है कि शुभम ने उसे अपने प्यार के जाल में फंसाया. उसने नर्मदापुरम के एक होटल में कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए. शुभम ने उसका भरोसा जीतने के लिए उसके बैंक खाते में 6 लाख रुपये भी भेजे. फिर उसके साथ कुछ ऐसा किया, जो किसी के लिए मौत से भी भयंकर हो सकता है.

    करवा दिया जेंडर चेंज
    युवक ने बताया कि शुभम ने उसे इंदौर के खजराना इलाके में एक अस्पताल में ले जाकर 18 नवंबर को सर्जरी करवाई. इस सर्जरी में शुभम ने युवक का जेंडर चेंज कराया. इतना ही नहीं जेंडर चेंज करवाने के बाद 25 दिसंबर को शुभम ने उसे नर्मदापुरम बुलाया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया.

    नशीली दवा देकर तंत्र-मंत्र
    वहीं युवक का आरोप है कि शुभम ने उसे नशीली दवाएं दीं और उसके शरीर के साथ छेड़छाड़ की है. उसने बताया कि शुभम ने उसे 18 दिन तक अपने घर में कैद रखा. इस दौरान वह रात में तंत्र-मंत्र करता और फिर गलत हरकतें करता. युवक ने यह भी कहा कि शुभम ने उसे मीनाक्षी चौक के पास एक जीएनपी होटल में चार बार ले जाकर गलत काम किया.

    देने लगा धमकी…
    शुभम की हरकतें यहीं नहीं रुकीं. उसने युवक को डराने-धमकाने की कोशिश की और उससे 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी. युवक ने बताया कि जब उसने शुभम की बात मानने से इनकार किया, तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई. शुभम ने कहा, ‘अगर तू नर्मदापुरम आया, तो मैं तुझे खत्म कर दूंगा. आग लगा दूंगा,’ डर और परेशानी से तंग आकर युवक ने आखिरकार भोपाल के गांधी नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई.

    फरार है शुभम
    मामला नर्मदापुरम से जुड़ा होने की वजह से शिकायत को नर्मदापुरम कोतवाली थाने में स्थानांतरित कर दिया गया. एसडीओपी पराग सैनी ने इस मामले को गंभीरता से लिया और शुभम की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमें बनाई हैं. पुलिस लगातार शुभम की तलाश कर रही है, लेकिन वह अभी तक फरार है।

  • प्यार के पिच पर धोनी ने जड़ेˈ हैं खूब चौके-छक्के इन 5 खूबसूरत लड़कियों से रहा अफेयर

    प्यार के पिच पर धोनी ने जड़ेˈ हैं खूब चौके-छक्के इन 5 खूबसूरत लड़कियों से रहा अफेयर

    प्यार के पिच पर धोनी ने जड़ेˈ हैं खूब चौके-छक्के इन 5 खूबसूरत लड़कियों से रहा अफेयर

    दुनिया में कैप्टन कूल के नाम से मशहूर महेंद्र सिंह धोनी को क्रिकेट के मैदान पर चौके-छक्कों की बारिश करते हुए तो देखा ही होगा, लेकिन प्यार के पिच पर भी वे लंबी लंबी पारियां खेल चुके हैं। जी हां, महेंद्र सिंह धोनी ने न सिर्फ क्रिकेट के मैदान पर चौके-छक्के जड़ते नज़र आते हैं, बल्कि प्यार के मैदान पर भी अपना जलवा बिखेर चुके हैं। महेंद्र सिहं धोनी ने साक्षी से शादी करने से पहले कई लड़कियों से दिल लगाया, जिसकी वजह से उनका दिल कई बार टूटा भी है। तो चलिए जानते हैं कि साक्षी से पहले महेंद्र सिंह धोनी का नाम किन किन लड़कियों के साथ जुड़ा, जिनसे अफेयर ने खूब सुर्खियां बटोरी।

    स्वाति

    महेंद्र सिंह ने एक इवेंट में खुलासा किया था कि उनकी पहली क्रश का नाम स्वाति है, जिनसे उन्हें प्यार 12वीं कक्षा में ही हो गया था। उस समय स्वाति ने खूब अच्छी लगती थी, लेकिन किसी कारणों की वजह से दोनों के बीच प्यार पनप नहीं पाया और फिर दोनों के रास्ते जुदा हो गए। बता दें कि इस बारे में धोनी ने पिछले साल ही खुलासा किया था।

    प्रियंका झा

    महेंद्र सिंह धोनी की बायोपिक में प्रियंका झा नाम की एक लड़की का ज़िक्र किया गया, जिसका किरदार दिशा पाटनी ने निभाया है। प्रियंका झा के साथ धोनी काफी ज्यादा सीरियस थे, लेकिन ये प्यार भी मंजिल तक नहीं पहुंच पाया। दरअसल, प्रियंका झा की मौत एक एक्सीडेंट में हो गई थी, जिसके बाद धोनी काफी ज्यादा टूट गये थे।

    दीपिका पादुकोण

    दीपिका पादुकोण का नाम युवराज सिंह के बाद महेंद्र सिंह धोनी के साथ जुड़ने लगा था। महेंद्र सिंह धोनी और दीपिका पादुकोण को एक साथ कई जगह स्पॉट किया जाता था, जिसकी वजह से उन दिनों इन दोनों के अफेयर की खबरें आती थी। हालांकि, महेंद्र सिंह धोनी और दीपिका पादुकोण ने इस मामले पर हमेशा चुप्पी ही साधी रही, लेकिन जानकारों की माने तो दोनों ने एक दूसरे को थोड़े समय तक डेट किया था।

    राय लक्ष्मी

    महेंद्र सिंह धोनी का नाम राय लक्ष्मी के साथ भी जुड़ चुका है। बताया जाता है कि लक्ष्मी और धोनी एक दूसरे को साल 2008 के आईपीएल के दौरान डेट कर रहे थे, लेकिन दोनों ही इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोलते हैं। हालांकि, जब धोनी की बायोपिक रिलीज हुई थी, तब लक्ष्मी भड़क गई थी और उन्होंने कहा था कि वे और धोनी आगे निकल चुके हैं, लेकिन पता नहीं क्यों लोग उसी पर अटके हुए हैं। लक्ष्मी ने कहा कि धोनी टीम का हिस्सा थे, जिसकी वजह से हम साल भर से भी कम वक्त ही एक साथ बिता पाए थे।

    असिन

    बॉलीवुड की खूबसूरत अभिनेत्रियों में शुमार असिन का नाम भी धोनी से जुड़ा। साल 2010 में जब असिन और धोनी ने एक साथ विज्ञापन में काम किया, तो इनके अफेयर की चर्चा शुरु हो गई। माना जाता है कि आईपीएल 2010 के सेमीफाइनल में असिन और धोनी को एक साथ डिनर डेट पर देखा गया था, लेकिन दोनों ने कभी कुछ नहीं कहा।

  • सुबह उठते ही खाएं ये 2 सुपरफूड,ˈ बीमार होने का डर खत्म!ˌ

    सुबह उठते ही खाएं ये 2 सुपरफूड,ˈ बीमार होने का डर खत्म!ˌ

    सुबह उठते ही खाएं ये 2 सुपरफूड,ˈ बीमार होने का डर खत्म!ˌ

    हेल्थ डेस्क। आज के तेजी से भागती हुई ज़िंदगी में सेहत का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी हो गया है। बीमारी से दूर रहने और इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए हमारी सुबह की शुरुआत सही खानपान से होनी चाहिए।विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह उठते ही अगर आप एक मुट्ठी अंकुरित मूंग और एक ताज़ा सेब खाएं, तो आपकी सेहत में अद्भुत सुधार होगा और आप बीमारियों से बचाव कर पाएंगे।

    अंकुरित मूंग: सेहत का प्राकृतिक खजाना

    अंकुरित मूंग (स्प्राउट्स) में प्रोटीन, विटामिन C, फाइबर, और कई आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये आपकी पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं और शरीर को ऊर्जा देते हैं। अंकुरित मूंग में एंटीऑक्सिडेंट गुण होते हैं जो शरीर से हानिकारक फ्री रेडिकल्स को दूर करते हैं और आपकी इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं। इसके नियमित सेवन से रक्त संचार सुधरता है और वजन नियंत्रण में मदद मिलती है।

    सेब: सेहत का साथी

    “एक सेब रोज़ डॉक्टर को दूर रखता है” यह कहावत आज भी सटीक है। सेब में फाइबर, विटामिन C, और कई एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो हृदय रोग, डायबिटीज और अन्य पुरानी बीमारियों के खतरे को कम करते हैं। सेब का सेवन पाचन क्रिया को सुधारता है और शरीर को हाइड्रेटेड रखता है। सुबह-सुबह एक सेब खाने से आपके दिमाग और शरीर दोनों को सक्रियता मिलती है।

    क्यों सुबह?

    सुबह उठते ही शरीर तरोताजा होता है और उस समय मिलने वाले पोषक तत्व जल्दी अवशोषित होते हैं। अंकुरित मूंग और सेब का संयोजन आपकी दिनभर की ऊर्जा और स्वास्थ्य के लिए आदर्श माना जाता है। इससे आपके शरीर की इम्यूनिटी बूस्ट होती है, जो वायरल और बैक्टीरियल संक्रमणों से लड़ने में मदद करती है।

  • मोबाइल के कवर में क्या आप भीˈ रखते हैं पैसे? तो जरूर पढ़ लें ये खबर

    मोबाइल के कवर में क्या आप भीˈ रखते हैं पैसे? तो जरूर पढ़ लें ये खबर

    मोबाइल के कवर में क्या आप भीˈ रखते हैं पैसे? तो जरूर पढ़ लें ये खबर

    हममें से ज़्यादातर लोग रोज़ाना मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल करते हैं—और कई लोग आदत या सुविधा के चलते अपने फ़ोन केस में पहचान पत्र, सिम कार्ड, छोटी रसीदें या पैसे जैसी ज़रूरी चीज़ें रखते हैं. हालाँकि यह हानिरहित लग सकता है, लेकिन यह वास्तव में आपके डिवाइस और आपकी व्यक्तिगत सुरक्षा दोनों के लिए बेहद ख़तरनाक हो सकता है.

    यहाँ बताया गया है कि यह जोखिम भरा क्यों है:

    ज़्यादा गरम होने और बैटरी फटने का जोखिम

    जब आप अपने फ़ोन के बैक पैनल और केस के बीच कागज़, करेंसी नोट या दूसरी चीज़ें रखते हैं, तो यह उचित गर्मी अपव्यय को रोकता है. इससे फ़ोन सामान्य से ज़्यादा गर्म हो जाता है—खासकर लंबे समय तक इस्तेमाल करने या चार्ज करते समय.

    ऐसे मामलों में, बैटरी ख़तरनाक तरीके से ज़्यादा गरम हो सकती है और चरम स्थितियों में, यह फट भी सकती है. अगर आपका फ़ोन फट जाता है या आग पकड़ लेता है, तो न सिर्फ़ डिवाइस नष्ट हो सकता है, बल्कि इससे गंभीर चोट भी लग सकती है.

    अपर्याप्त कूलिंग

    कवर के अंदर की तंग जगह गर्मी का जाल बन जाती है. चूँकि कागज़ या नोट एक इन्सुलेटर के रूप में कार्य करते हैं, इसलिए यह वेंटिलेशन को अवरुद्ध करता है और फ़ोन को ठंडा होने का मौका नहीं मिलता है, जिससे ओवरहीटिंग की संभावना बढ़ जाती है।

    वायरलेस चार्जिंग और सिग्नल संबंधी समस्याएँ

    कागज़ या पैसे जैसी संग्रहीत वस्तुओं के साथ मोटे मोबाइल कवर वायरलेस चार्जिंग में बाधा डाल सकते हैं। यह मोबाइल नेटवर्क सिग्नल को भी कमज़ोर कर सकता है, जिससे कनेक्टिविटी संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं।

    पालन करने योग्य सुरक्षा युक्तियाँ:

    अपने मोबाइल कवर के अंदर कोई भी कागज़, पैसा या सिम कार्ड रखने से बचें।

    लंबे समय तक उपयोग के दौरान या चार्ज करने के बाद अपने फ़ोन को प्राकृतिक रूप से ठंडा होने दें।

    अतिरिक्त स्टोरेज वाले भारी फ़ोन कवर के बजाय पतले, गर्मी फैलाने वाले फ़ोन कवर का उपयोग करें।

  • खड़ी गाड़ी में गाने चलाने पर चालानˈ कट सकता है या नहीं? जान ले नए ट्रैफिक नियम

    खड़ी गाड़ी में गाने चलाने पर चालानˈ कट सकता है या नहीं? जान ले नए ट्रैफिक नियम

    traffic rules : ट्रैफिक पुलिस दिन प्रतिदिन अपने नियमों को सख्त करती जा रही है। अगर आप भी एक वाहन चालक है तो आपको हर नए ट्रैफिक नियमों का पता होना चाहिए। कई लोगों का मानना है की खड़ी गाड़ी में गाने चलाने पर ट्रैफिक पुलिस चालान काट सकती है। चलिए खबर में जानते हैं इससे जुड़े ट्रैफिक नियम के बारे में विस्तार से।

    खड़ी गाड़ी में गाने चलाने पर चालानˈ कट सकता है या नहीं? जान ले नए ट्रैफिक नियम

    (new traffic rules 2025) बदलते जमाने के साथ-साथ ट्रैफिक नियमों में भी हर रोज बदलाव होते रहते है। नई तकनीकी के इस दौर में अक्सर खुद की कार खरीदना हर किसी का सपना बन गया है। आप लोग जानते ही हैं कि गाड़ी चलाने को लेकर ट्रैफिक पुलिस द्वारा कई सारे रूल्स बनाए गए हैं। ड्राइविंग करने से पहले हमें हर नए ट्रैफिक नियम के बारे में जान लेना चाहिए। आइए आज आपको बताते हैं कि क्या खड़ी गाड़ी में म्यूजिक चलने पर भी कर सकता है चालान…

    ड्राइविंग करते समय तेज आवाज में गाने सुनना भी है ट्रैफिक नियमों के खिलाफ….


    ट्रैफिक पुलिस हर रोज अपने नियम सख्त करती जा रही है। मैं आपको बता दे की गाड़ी चलाते वक्त तेज आवाज में गाने बजाने पर भी एक गंभीर मामला हो सकता है और ट्रैफिक पुलिस ऐसे में आपका चालान भी काट सकती है।


    आपको जानकर शायद हैरानी हो लेकिन गाड़ी चलाते समय तेज आवाज में गाने सुनना ट्रैफिक नियमों (traffic rules) के खिलाफ माना जा सकता है। हालांकि, सीधे तौर पर तेज आवाज में म्यूजिक बजाने को लिए कोई स्पष्ट नियम नहीं है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस इसे यातायात नियमों के उल्लंघन (violation of traffic rules) के तहत आने वाला अपराध मान सकती हैं। इसलिए गाड़ी चलाते समय धीमी आवाज में गाना सुनें।

    इन कारणों से कट सकता है चालान


    तेज आवाज में गाना बजाने से आपका ध्यान सड़क से हट सकता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
    तेज आवाज में गाना बजाना आसपास के लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

    मोटर व्हीकल एक्ट के तहत नियम


    बता दें कि हर रोज सड़कों पर गाड़ियों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। इसलिए सरकार ने लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर गाड़ियों को चलाने को लेकर कई सारे नियम (new traffic rules 2025) बनाए हैं। जो मोटर व्हीकल एक्ट (motor vehicle act) के अंतर्गत आते हैं।  


    इतना ही नहीं गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना या हैंड्स फ्री डिवाइस का इस्तेमाल करना भी नियमों के खिलाफ है। लेकिन आप ड्राइव करते समय नेविगेशन के लिए अपना मोबाइल फोन यूज कर सकते हैं।

    कट जाएं चालान तो इतने दिनों के अंदर भरना होता है चालान


    अगर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन (traffic rules violation) करने पर आपका चालान कट गया है तो तय समय सीमा के अंदर आपको चालान की रकम भरनी होती है। आपको बता दें कि चालान की रकम 90 दिनों के अंदर जमा करानी होती है। वरना आपकी समस्या बढ़ सकती है।
    अगर आप अपने चालान की रकम 90 दिनों के अंदर नहीं भरते तो आपकी परेशानी बढ़ सकती है। आपकी गाड़ी को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।

    इतना ही नहीं चालान न भरने पर यह मामला कोर्ट में जा सकता है। और आपको यह बताने की जरूरत नहीं है कि कोर्ट में मामला जाने पर (traffic rules 2025) आपकी मुश्किलें और कितनी बढ़ सकती है। इसलिए सिर्फ जुर्माने से बचने के लिए ही नहीं अपनी और दूसरों की सेफ्टी के लिए गाड़ी चलाते वक्त सभी नियमों का पालन (follow traffic rules) करें।

  • कभी लाल बत्ती वाली गाड़ी में चलाˈ करती थीं ये महिला, आज बकरी चराकर कर रही है अपना गुजारा

    कभी लाल बत्ती वाली गाड़ी में चलाˈ करती थीं ये महिला, आज बकरी चराकर कर रही है अपना गुजारा

    कभी लाल बत्ती वाली गाड़ी में चलाˈ करती थीं ये महिला, आज बकरी चराकर कर रही है अपना गुजारा

    जिंदगी कब कैसी करवट लेती है ये कभी कोई नहीं जान पाता, फिर वो जितने हाथ-पैर मार ले होता वही है जो ऊपरवाले ने किस्मत में लिख दिया हो. जब किस्मत अच्छी होती है तो छोटे से छोटा इंसान बड़ी बुलंदियों को छू सकता है और अगर किस्मत अच्छी ना हो तो वे जितना अच्छा काम कर ले उनका भला नहीं हो पाता. कुछ ऐसा ही हुआ गांव में रहने वाली एक महिला के साथ, जिसके साथ कभी एक काफिला चलता था आज वो बिल्कुल अकेली और बेसहारा है.

    कभी लाल बत्ती वाली गाड़ी में घूमती थी ये महिला, मगर आज उस महिला को कोई भी पूछने वाला ही नहीं है. उसके बच्चे पढ़ाई नहीं बल्कि मजदूरी में अपनी मां का हाथ बंटाते हैं. मगर इतनी उपलब्धियां पाने के बाद उस महिला का ये हाल ऐसा कैसे हो गया, चलिए बताते हैं आपको इस पूरे आर्टिकल में.

    कभी लाल बत्ती वाली गाड़ी में घूमती थी ये महिला

    किस्मत सच में बहुत ही अजीब खेल खेलती है इंसानों के साथ, वो किसी को भी नहीं छोड़ती. अगर बुरा करने में आ जाए तो बहुत कुछ कर जाती है और अगर सही करना चाहे तो रंक भी राजा बन सकता है. उदाहरण के तौर पर आप इस महिला को ही ले लीजिए. ये कहानी मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले की बदरवास में रहने वाली जूली आदिवासी की है जो कभी जिला पंचायत अध्यक्ष हुआ करती थीं. तस्वीरों में दिखाई गईं जूली आज बकरी चराकर और मजदूरी करके अपना और अपने बच्चों का पेट भर रही हैं.

    मगर एक समय था जब इनका रुतबा ऐसा था जब बड़े-बड़े अधिकारी इन्हें मैडम कहकर बुलाते थे, और सभी का इनके सामने सिर झुका ही रहता था. इनके बच्चे भी अच्छे स्कूल में पढ़ते और अच्छे से जीवन यापन कर रहे थे लेकिन बाद में समय ने ऐसी करवट ली कि सबकुछ बदल गया. इनका रुतबा ऐसा हो गया कि इनका प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उठाने के लिए जूली जब दफ्तर पहुंची तो वहां से इन्हें भगा दिया गया.

    जब मीडिया ने उन अफसरों से ऐसे बर्ताव की वजह पूछी तो उन्होंने बताया कि जूली के पास सरकारी मकान है इसलिए उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल सकता. जबकि जूली के अनुसार एक समय था जब उनके पास सरकारी आवास हुआ करता था उनकी एक कार के साथ कारों का पूरा काफिला निकलता था लेकिन अब उनके पास कोई सरकारी आवास नहीं है. सब उनसे छीन लिया गया आज वे एक छोटे से घर में अपने बच्चों और एक बकरी के साथ जी रही हैं और बकरी का दूध बेचने के साथ-साथ मजदूरी भी कर रही हैं.

    जूली के साथ ऐसा कैसे हो गया इस बारे में जूली ने कुछ नहीं बताया लेकिन ये बात तो तय है कि उनके साथ कुछ गलत हुआ ही होगा. ऐसे में क्या सरकार को उनका साथ नहीं देना चाहिए ? उनकी इस तकलीफ को समझते हुए कम से कम उन्हें रहने के लिए एक पक्का मकान और दो वक्त की रोटी के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष के तौर पर ही पेंशन भी मिलनी चाहिए. अगर ऐसा हो जाए तो जूली आदिवासी का जीवन आसान हो जाए और उसके बच्चे भी स्कूल जाने के लिए सक्षम हो जाएं.