गाजीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के बहेरी गांव में एक पिता ने अपने बेटे की चाकू घोंप कर हत्या कर दी। घटना नहाने को लेकर हुए विवाद के दौरान हुआ।
जानकारी के मुताबिक, शहाबुद्दीन की पत्नी नहा रही थी। सलमान नट (32) ने स्नान कर रही अपनी मां से कहा जल्दी करो, क्या पूरी रात तुम्हीं नहाओगी। इसी बात को लेकर पिता-पुत्र में कहासुनी हो गई। तैश में आकर शहाबुद्दीन ने पास में रखे चाकू को सलमान के पेट में घोंप दिया।
घायल सलमान को परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। जहां चिकित्सकों ने सलमान को मृत घोषित कर दिया।
मृतक चार भाइयों में सबसे बड़ा था। घटना के बाद से उसकी मां ताहिरा और पत्नी अफसाना समेत पूरा परिवार शोक में डूबा है। खानपुर थानाध्यक्ष शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
बिहार में एक दिल दलहाने वाला मामला सामने आया है. प्रेमी के बेवफाई कर दूसरी लड़की से शादी करने की खबर से प्रेमिका बौखला गई और उसने अपने प्रेमी की नई नवेली दुल्हन पर हमला बोल दिया. उसने पहले तो दुल्हन के बाल काट दिए और फिर उसकी आंखों में फेवीक्विक डाल दिया. मंगलवार देर रात इस घटना की सूचना मिली. लड़की अपने प्रेमी गोपाल राम की शादी से नाराज थी.
शादी समारोह के बाद गोपाल राम अपनी पत्नी और अन्य रिश्तेदारों के साथ अपने मोरा तालाब गांव लौट आए. प्रेमी की शादी से गुस्साई प्रेमिका, जो गोपाल राम की बहन का दोस्त भी है, वह उसने उनके घर में एक दोस्त के तौर पर प्रवेश किया. परिवार के अधिकांश सदस्यों के थकान के कारण सो जाने के बाद उसने बेडरूम में प्रवेश किया और नवविवाहिता के बाल काट दिए. इसके बाद उसने उसकी आंखों में फेवीक्विक डाल दी.
पीड़िता दर्द में चिल्लाती रही, जिससे परिवार के अन्य सदस्य जाग गए. इसके बाद लड़की भागने की कोशिश करने लगी, मगर परिवार के सदस्य उसे पकड़ने में कामयाब रहे. आरोपी लड़की को रातभर बंधक बनाकर पीटा गया. जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो उन्होंने लड़की को पुलिस के हवाले कर दिया.
एक अधिकारी ने कहा, ‘पीड़िता इस समय गंभीर रूप से जख्मी होने के कारण अस्पताल में भर्ती है. हो सकता है कि वह अपनी आंखों की रोशनी खो दे. उसकी हालत फिलहाल स्थिर है.’ पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है. घटना के बाद गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए पुलिस गांव में डेरा डाले हुए है.
जैसे ही सर्दियों का मौसम शुरू होता है, बहुत से लोगों की स्किन अचानक ड्राई और रफ दिखने लगती है। चेहरे की चमक कम होने लगती है और कई बार स्किन बेजान सी लगने लगती है। यह समस्या लगभग हर उम्र के लोगों में देखने को मिलती है।
सर्दियों में ठंडी हवा और कम नमी के कारण स्किन की बाहरी परत कमजोर होने लगती है। इसी वजह से स्किन का नेचुरल मॉइस्चर धीरे-धीरे कम होने लगता है और स्किन खिंची हुई और सूखी महसूस होती है।
अक्सर इस समस्या से राहत पाने के लिए लोग महंगी क्रीम या केमिकल प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं। लेकिन कई बार ये प्रोडक्ट्स सिर्फ ऊपर से नमी देते हैं और लंबे समय तक स्थायी फायदा नहीं दे पाते।
असल में सर्दियों में स्किन ड्राई होने की सबसे बड़ी वजह स्किन का नेचुरल मॉइस्चर बैरियर कमजोर होना होता है। जब यह बैरियर कमजोर हो जाता है, तो स्किन तेजी से नमी खोने लगती है।
इसी कारण कई बार स्किन को बाहर से मॉइस्चर देने के साथ-साथ अंदर से पोषण देना भी जरूरी होता है। नीचे कुछ आसान घरेलू उपाय बताए गए हैं, जो स्किन को नेचुरली हाइड्रेट और nourish करने में मदद कर सकते हैं।
Milk और Honey Moisture Mask
दूध में मौजूद नेचुरल फैट और प्रोटीन स्किन को गहराई से पोषण देते हैं। इसमें मौजूद लैक्टिक एसिड स्किन की हल्की सफाई और dead cells हटाने में मदद करता है। शहद एक नेचुरल humectant होता है, जो स्किन में नमी को बनाए रखने में मदद करता है।
दोनों चीजों का मिश्रण सर्दियों में स्किन के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। इसे इस्तेमाल करने के लिए एक चम्मच फुल फैट कच्चा दूध और एक चम्मच शहद मिलाकर 15 मिनट तक चेहरे पर लगाएं। इसके बाद हल्के गुनगुने पानी से धो लें।
Cold Pressed Coconut Oil
नारियल तेल सिर्फ स्किन को ऊपर से मुलायम नहीं बनाता बल्कि स्किन बैरियर को मजबूत करने में भी मदद करता है। इसमें मौजूद फैटी एसिड स्किन की नमी को लॉक करने में मदद करते हैं।
नहाने के बाद या रात को सोने से पहले हल्का गर्म नारियल तेल पूरे शरीर पर लगाने से सर्दियों में ड्राई स्किन की समस्या कम हो सकती है। अगर आपकी स्किन ऑयली या acne prone है, तो चेहरे पर लगाने से बचना बेहतर होता है।
Aloe Vera और Glycerin Mix
यह उपाय खासकर sensitive और ज्यादा ड्राई स्किन वालों के लिए फायदेमंद माना जाता है। Aloe vera स्किन को ठंडक और आराम देता है।Glycerin स्किन में नमी को खींचकर रखने में मदद करता है, जिससे स्किन लंबे समय तक हाइड्रेट रहती है। दो चम्मच एलोवेरा जेल में एक चम्मच ग्लिसरीन मिलाकर 20 मिनट तक लगाएं और फिर गुनगुने पानी से धो लें।
Fresh Malai Natural Moisturizer
मलाई एक पारंपरिक लेकिन बहुत असरदार नेचुरल मॉइस्चराइजर माना जाता है। इसमें मौजूद मिल्क फैट स्किन की बाहरी परत को मजबूत करने में मदद करते हैं। इसे चेहरे और हाथों पर 5 मिनट मसाज करके 10 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद गुनगुने पानी से धो लें। फटे होठों पर रात में लगाने से भी अच्छा फायदा मिल सकता है।
Banana और Honey Natural Glow Mask
केला स्किन के लिए नेचुरल न्यूट्रिशन का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें मौजूद मिनरल्स स्किन को हेल्दी बनाने में मदद करते हैं। शहद स्किन की नमी को बनाए रखने में मदद करता है और स्किन को मुलायम बनाता है। आधा पका केला मैश करके उसमें एक चम्मच शहद मिलाएं और 15 मिनट तक लगाकर धो लें।
सर्दियों में स्किन के लिए सबसे जरूरी चीज नियमित देखभाल और सही हाइड्रेशन है। अगर स्किन को लगातार सही पोषण दिया जाए, तो ड्राईनेस की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। महंगी क्रीम इस्तेमाल करने से पहले इन आसान घरेलू उपायों को नियमित रूप से अपनाकर देखना फायदेमंद हो सकता है।
सिगरेट का नशा सबसे बड़ा नशा माना जाता है। इसकी एक बार आदत लग जाए तो आसानी से छुटती नहीं है। वैसे कई लोगों को ग्रुप में दोस्तों के साथ सिगरेट पीना भी पसंद होता है। आप ने भी देखा होगा कि कई बार दो लोग सिगरेट या दारू की वजह से आपस में अच्छे दोस्त बन जाते हैं। लेकिन क्या आप ने कभी सिगरेट की वजह से इंसान और कौए की दोस्ती के बारे में सुना है? आज हम आपको एक ऐसी ही अनोखी और अजीब घटना बताने जा रहे हैं।
सिगरेट ने कराई इंसान कौए की दोस्ती
यह मामला इंग्लैंड का है। यहां ईस्ट ससेक्स में रहने वाले पीट नाम के बंदे की एक कौए से गहरी दोस्ती हो गई। इस दोस्ती की वजह आश्चर्यजनक रूप से सिगरेट के कश थी। पीट और कौआ दोनों साथ में घंटों सिगरेट पिया करते थे। आलम ये था कि कौआ पीट के मुंह से सिगरेट छीनकर पीने लगता था। लेकिन फिर अचानक कुछ ऐसा हुआ जिसने पीट का दिल तोड़ दिया।
पीट और कौए की दोस्ती की शुरुआत साल 2020 में हुई। तब पूरी दुनिया में लॉकडाउन लगा था। जॉब वगैरह चल नहीं रही थी। हर कोई खाली रहता था। ऐसे में पीट भी अपना अधिकतर समय गार्डन में सिगरेट पीते हुए गुजारते थे। एक दिन वह सिगरेट पी रहे थे तभी वहाँ एक कौआ आ गया। उसका भी सिगरेट पीने को मन हुआ। फिर पीट ने उसे भी सिगरेट दे दी। ऐसे में वह भी मजे से सिगरेट पीने लगा।
अधिक सिगरेट पीने से हुई कौए की मौत?
पीट बताते हैं कि कौए ने जैसे ही पहली बार सिगरेट पी तो उसे उसका स्वाद अच्छा लगा। फिर उसे लत लग गई। वह जब भी बगीचे में सिगरेट पीते थे कौआ उनके पास आ जाता था। फिर दोनों साथ में सिगरेट के कश लेते थे। इस तरह सिगरेट ने दोनों को अच्छा दोस्त बना दिया था। पीट ने उसक कौए का नाम क्रैग रख दिया था। पीट और कौए की दोस्ती की महीनों तक ऐसे ही चलती रही। फिर अचानक कौए ने आना बंद कर दिया।
जब कौआ गार्डेन में नहीं दिखा तो पीट डर गए। उन्हें शक है कि अधिक सिगरेट पीने की वजह से कौए की मौत हो गई है। पीट जब अपने कौए के साथ सिगरेट पीते थे तो कई तस्वीरें भी क्लिक करते थे। उन्होंने अपने अनोखे स्मोकिंग पार्टनर के साथ 6 हजार से अधिक तस्वीरें खींची है। वे इन तस्वीरों को क्रैग नाम के ट्विटर अकाउंट पर भी डालते थे।
पथरी का इलाज ( Pathri ka Ilaaj ) : आपने अक्सर ही देखा होगा की आज के समय में हमारी दिनचर्या इतनी ज्यादा बिगड़ चुकी है की हम ना चाहते हुए भी ऐसे ऐसे बीमारियों के शिकार हो जा रहे है जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते और ऐसा सिर्फ हमारी व्यस्त दिनचर्या और बिगड़ी हुई आदतों की वजह से होता है.
जैसे की कोई भी कम करने मे आलस करना, शॉर्टकट तरीके से काम को निपटने की कोशिश करना, समय पर आराम नहीं करना, समय से खाना नहीं खाना, उचित डाइट नहीं लेना तथा और भी इस तरह की तमाम सारी बातें जो निश्चित रूप से हमे मानसिक रूप से तो परेशान करती ही है साथ ही साथ शारीरिक रूप से भी कई तरह की तकलीफ बढ़ती है।
आपको बता दे कई बार कुछ अच्छा और चटपटा खाने के लालच में बाहर से कुछ भी खा लेते हैं मगर उसका प्रभाव हमे बाद में दिखता है। बता दें की इस तरह के खान पान और गलत दिनचर्या की वजह से हम कई तरह की गंभीर बीमारी से ग्रस्त हो जाते है, जैसे की पथरी। फिलहाल अगर आपको भी पथरी जैसी भयानक समस्या है तो आज हम आपको इस बीमारी से संबन्धित कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण खबर लेकर आए हैं जो निश्चित रूप से आपके लिए बहुत ही फायदेमंद हो सकती है और अगर आप यहाँ बताई गयी जानकारी का इस्तेमाल करते हैं तो यकीनन आप पथरी जैसी गंभीर समस्या से बहुत ही जल्दी निजात पा सकते हैं।
पथरी का इलाज (Pathri ka ilaj, gharelu Upay)
सबसे पहले तो आपको बता दें की आपको अपने रोजाना के जीवन में कुछ आदतों को बदलना होगा जिसमे सबसे जरूरी है आलस को छोड़ना जो निश्चित रूप से आज कल के लोगों के लिए एक बहुत ही मुश्किल काम है, इसके अलावा यह भी काफी जरूरी है की आप अपने खान-पान की गलत आदतों को त्याग दें।
आजकल अक्सर ही यह देखने मे आता ही की हर व्यक्ति अपनी खाने की इच्छा पर जल्दी नियंत्रण नहीं रख पाता है और नतीजा कई सारी बीमारियों को अपने साथ ले आता है। अपने अक्सर ही कई लोगों से और यहाँ तक की डॉक्टर से भी सुना होगा की हमे ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जी खाना चाहिए जो की हमारे सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होता है मगर ज़्यादातर लोग इसकी तरफ कम और फास्टफूड की तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं।
पथरी को खत्म करने का घरेलू और आसान उपाय (Pathri ka ilaj )
आपको बताना चाहेंगे की अगर आप पथरी जैसी समस्या से पीड़ित हैं तो इसके इलाज के लिए आपको कहीं भी किसी महेंगे अस्पताल आदि का चक्कर लगाने से पहले कुछ आसान और घरेलू उपाय कर लीजिये। ऐसे में आप पपीते की जड़ का इस्तेमाल कर सकते हैं जो काफी कारगर है, इसके लिए सबसे पहले आप 6 ग्राम पपीते के जड़ को अच्छी तरह से सुखा लीजिये और फिर उसका बढ़िया से पीस लीजिये।
इसके बाद आप पिसे हुए मिश्रण को एक कप हल्का गर्म पानी लेकर उसमें मिला लीजिये और फिर उसे छानकर प्रतिदिन में दो बार सेवन करें। बता दें की यदि आप हर रोज ऐसा करते है तो इससे आपकी पथरी गल जाएगी और मूत्रमार्ग के द्वारा बाहर निकल जाएगी। इसके अलावा और भी उपाय है जैसे की आप नारियल पानी पीकर भी अपनी पथरी की समस्या दूर कर सकते हैं या फिर आप नियमित रूप से गाजर के रस का सेवन दिन में कम से कम तीन बार करते हैं तो आपकी पथरी की समस्या निश्चित रूप से दूर हो जाएगी।
भारतीय संस्कृति में बहुत ही परंपराएं प्राचीन काल से ही चली आ रही हैं, जिनको भारतीय संस्कृति में आज तक निभाया जाता है। इन्हीं परंपराओं में से एक चरण स्पर्श करना है। ऐसी मान्यता है कि अगर व्यक्ति अपने दिन की शुरुआत बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर करता है, तो इससे उसका पूरा दिन बहुत ही अच्छा बीतता है।
भारतीय संस्कृति में बड़े बुजुर्गों के पैर छूने की महान परंपरा है, जो शिष्टाचार और दूसरों का सम्मान करने का प्रतीक होता है। लेकिन वैदिक शास्त्र में ऐसा बताया गया है कि कुछ लोगों के पैर छूना वर्जित होता है। अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता है, तो उसे पाप लगता है और अशुभ फलों का भागी भी बनना पड़ता है। आखिर किन लोगों के और किन जगहों पर दूसरों के पैर नहीं छूने चाहिए, चलिए हम आपको इस विषय में बताते हैं।
मंदिर में नहीं छूना चाहिए किसी के पैर
हम सभी अक्सर मंदिर में भगवान की पूजा अर्चना करने जाते हैं। अगर आप कभी मंदिर में पूजा करने के लिए गए हों और वहां पर आपको कोई सम्मानित व्यक्ति या बड़ा बुजुर्ग मिल जाए तो आप उनके पैर गलती पर भी ना छुएं। जी हां, इसके पीछे का कारण यह है कि मंदिर में भगवान से बड़ा कोई भी व्यक्ति नहीं होता है। ऐसे में अगर आप भगवान के सामने किसी मनुष्य के पैर छूते हैं, तो यह ईश्वर और मंदिर दोनों का अपमान माना जाता है। इससे दोनों को ही पाप लगता है। इसलिए आपको इस बात का ध्यान रखना होगा।
सोते हुए व्यक्ति के चरण स्पर्श नहीं करना चाहिए
ऐसा व्यक्ति जो सो रहा हो या फिर लेटा हो, तो उसके बिल्कुल भी चरण स्पर्श ना करें क्योंकि ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से उस व्यक्ति की उम्र घट जाती है। वैदिक शास्त्र के अनुसार देखा जाए तो सिर्फ मृत व्यक्ति के ही लेटे हुए अवस्था में चरण स्पर्श किया जा सकता है। इसलिए आप ऐसी गलती भूल कर भी मत कीजिए अन्यथा पाप के भागी बन जाएंगे।
श्मशान से लौटे व्यक्ति के पैर छूना नहीं चाहिए
श्मशान में या शमशान घाट से लौट रहे व्यक्ति के पैर भूलकर भी नहीं छूना चाहिए क्योंकि अंतिम संस्कार से लौटने पर व्यक्ति अशुद्ध हो जाता है। ऐसे में उसके पैर छूना वर्जित है। जब वह व्यक्ति स्नान कर ले, तो उसके बाद आप उसके पैर छू सकते हैं।
पत्नी के पैर नहीं छूना चाहिए
शास्त्रों में इस बात का उल्लेख किया गया है कि पत्नी को अपने पति के चरण स्पर्श करने चाहिए। ऐसा माना जाता है कि जो पत्नी ऐसा करती है, इससे उसके परिवार का सौभाग्य बढ़ता है। लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखें कि पति को भूलकर भी पत्नी के पैर नहीं छूना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से परिवार पर संकट के बादल छाने की संभावना रहती है। इतना ही नहीं बल्कि परिवार को आर्थिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ता है।
बेटी से नहीं छुआना चाहिए पैर
किसी भी पिता को अपनी बेटियों से पैर नहीं छूआना चाहिए। धार्मिक विद्वानों के मुताबिक, किसी भी पिता को अपनी बेटी, भतीजी, नतिन या पोती से पैर नहीं छूआने चाहिए क्योंकि यह सब देवियों का बाल रूप होती हैं। इससे पिता को पाप लगता है।
उपभोक्ता फोरम ने ‘फेयर एंड हैंडसम’ क्रीम बनाने वाली कंपनी इमामी पर ₹15 लाख का जुर्माना ठोंका है। यह जुर्माना गलत प्रचार पर ठोंका गया है।
उपभोक्ता फोरम ने ‘फेयर एंड हैंडसम’ क्रीम बनाने वाली कंपनी इमामी पर ₹15 लाख का जुर्माना ठोंका है।
यह जुर्माना गलत प्रचार पर ठोंका गया है। इस कंपनी के खिलाफ एक ग्राहक ने मामला दायर किया था। ग्राहक इस बात से नाराज था कि कंपनी के दावे के अनुसार वह क्रीम लगाने से तीन सप्ताह के भीतर गोरा क्यों नहीं हुआ।
फोरम ने आदेश दिया है कि इमामी कंपनी शिकायत करने वाले ग्राहक को ₹50 हजार का हर्जाना दे और साथ ही में ₹14.5 लाख की धनराशि दिल्ली के उपभोक्ता कल्याण विभाग में जमा करवाए। फोरम ने इमामी को यह भी आदेश दिया है कि वह शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति को ₹10 हजार अलग से दे। यह धनराशि मुकदमे में हुए खर्चे के लिए दी गई है। फोरम ने पाया कि इमामी क्रीम को लेकर जो दावा कर रही थी, वह भ्रामक था और विज्ञापन में किए गए दावे भी सही नहीं थे।
क्या था मामला?
दिल्ली रहने वाले निखिल जैन ने ब्यूटी प्रोडक्ट बनाने वाली कम्पनी इमामी के खिलाफ यह मामला फरवरी, 2013 में दायर किया था। निखिल जैन ने आरोप लगाया कि उन्होंने अक्टूबर में ₹79 की फेयर एंड हैंडसैम मेंस क्रीम खरीदी थी। इसको लेकर इमामी का दावा था कि यदि यह दिन में दो बार लगातार तीन सप्ताह तक लगाई जाए तो इससे वह गोरे हो जाएँगे।
निखिल जैन ने बताया कि इमामी ने इस क्रीम पर लिखा, “तेजी से चमकते गोरेपन के लिए चेहरे और गर्दन पर दिन में दो बार साफ करने के बाद लगाएँ। अच्छे परिणामों के लिए नियमित उपयोग की सलाह दी जाती है।” निखिल जैन ने आरोप लगाया कि जैसा कम्पनी ने क्रीम के पैक पर जैसा बताया गया था, वैसा ही उन्होंने किया।
निखिल जैन ने आरोप लगाया कि इसके बाद भी उनको ऐसा कोई फायदा नहीं हुआ, जैसा कंपनी का दावा था। निखिल जैन ने बताया कि दावे के अनुसार, उन्हें 3 सप्ताह में कोई भी संतोषजनक परिणाम हासिल नहीं हुआ। निखिल जैन ने आरोप लगाया कि यह झूठे दावे उपभोक्ता संरक्षण कानूनों का उल्लंघन हैं।
उन्होंने कहा कि ना सिर्फ क्रीम पर बल्कि ऐसे ही दावे क्रीम को लेकर वेबसाईट और टीवी पर भी किए। निखिल जैन ने आरोप लगाया कि इस मामले में परिणाम ना पाने के बाद उन्होंने इमामी कम्पनी को तमाम इमेल लिखे लेकिन कोई भी जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद बाद उन्होंने कम्पनी पर केस कर दिया।
निखिल जैन ने इमामी पर झूठा प्रचार करने का आरोप लगाते हुए ₹20 लाख के हर्जाने की माँग की थी। निखिल जैन का यह मामला 2013 से ही से ही चल रहा था। निखिल जैन ने इस मामले में अपनी तरफ से फेयर एंड हैंडसम क्रीम के प्रचार की सीडी समेत बाकी सबूत भी रखे।
इमामी ने क्या कहा?
इमामी ने फोरम में दावा किया कि निखिल जैन का क्रीम खरीदने का दावा झूठा है। इमामी के वकील ने कहा कि निखिल जैन यह नहीं सिद्ध कर सके कि उन्होंने खुद ही यह क्रीम खरीदी क्योंकि बिल पर कोई सीरियल नंबर नहीं है। इमामी ने कहा कि दुनिया में किसी भी क्रीम का परिणाम कई कारकों पर निर्भर करता है।
इमामी ने कहा कि सही परिणाम पाने के लिए क्रीम का उचित उपयोग और पौष्टिक आहार, व्यायाम, स्वस्थ आदतें, स्वच्छ रहने की स्थिति आदि कारक भी जरूरी हैं। इमामी ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि निखिल जैन ने अपनी त्वचा की स्थिति के लिए नियमित रूप से क्रीम का इस्तेमाल किया या इससे कोई सुधार नहीं हुआ।
इमामी ने कहा कि निखिल जैन का दावा त्वचा विशेषज्ञ से उचित मेडिकल सलाह के बिना किया गया है। इमामी ने कहा कि निखिल जैन ने अपनी जीवनशैली के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। ऐसे में यह शिकायत ठीक नहीं है। इमामी ने यह भी दलील दी कि यह मुकदमा कंपनी की छवि बिगाड़ने के लिए दायर किया गया है।
क्या बोला उपभोक्ता फोरम?
उपभोक्ता फोरम ने इस मामले में सुनवाई के बाद 9 दिसम्बर, 2024 को फैसला दिया। फोरम ने कहा कि इमामी फेयर एंड हैंडसम क्रीम की पैकेजिंग और लेबलिंग पर थोड़े से निर्देशों के साथ यह कह रही है कि इसके तीन सप्ताह तक नियमित उपयोग से किसी पुरुष की त्वचा में गोरापन आ जाएगा, यह जानते हुए भी कि इस पर दिए गए निर्देश अधूरे हैं।
फोरम ने कहा कि अगर क्रीम खरीदने वाला बाकी चीजों का पालन नहीं करता, तो वह गोरा नहीं हो पाएगा, इसके बाद भी कोई निर्देश नहीं दिया गया। फोरम ने कहा कि ऐसे में कोई भी सामान्य बुद्धि वाला व्यक्ति यही मानेगा कि यदि वह तीन सप्ताह तक क्रीम लगाए तो गोरा हो जाएगा। फोरम ने कहा कि यह भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यवहार है।
फोरम ने कहा कि इमामी ने ऐसा प्रचार अपनी बिक्री बढ़ाने के लिए अपनाई थी। फोरम ने गलत प्रचार करने के चलते इमामी पर ₹15 लाख का जुर्माना ठोंका। इसमें से ₹14.5 लाख की धनराशि राज्य उपभोक्ता कल्याण कोष दिल्ली और बाकी ₹50 हजार शिकायतकर्ता निखिल जैन को देने का आदेश दिया गया है। फोरम ने कहा है कि यह पैसा 45 दिन के भीतर देना होगा। निखिल जैन को इसके साथ ही ₹10 हजार भी मिलेंगे। यह धनराशि मुकदमे में खर्च की भरपाई के रूप में दी जाएगी।
सोशल मीडिया पर दोस्ती करना आजकल बहुत आम बात हो गई है, पर यह भी एक कड़वा सच है कि सोशल मीडिया पर की गई दोस्ती और मोहब्बत अक्सर ऐसा रंग लेकर आती है जो कि किसी अपराध को जन्म देती है. ऐसा ही एक मामला सामने आया है बिहार से जहां पर एक लड़की ने लड़के का मर्डर कर दिया, आइए जानते हैं क्या था यह पूरा मामला
दरअसल एक लड़की जो कि फेसबुक पर लड़कों को अपने प्यार के जाल में फंस आती थी और फिर उनकी हत्या कर पैसा और नगदी लेकर भाग जाती थी, फिलहाल लड़की को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच पड़ताल कर रही है.
यह लड़की झारखंड की रहने वाली है इसमें सोशल मीडिया के जरिए बिहार के युवक शमीम से दोस्ती कि दोनों की दोस्ती इतनी आगे तक बढ़ गई कि यह दोनों मिलने के लिए एक दूसरे से बेताब हो गए, लड़की आगे बढ़ते हुए शमीम से मिलने के लिए पटना पहुंच गई, दोनों दोनों ने काफी दिन तक मजे किए और 1 दिन ऐसा आया जमीन और सुधा दोनों दुकान के अंदर मजे कर रहे थे उसी दौरान सुधा ने देखा कि शमीम उसका एमएमएस बना रहा है यह देखकर सा ने जो किया उसका अंदाजा जमीन को नहीं था, सुधा ने शमीम को लोहे की रॉड से मारना शुरू कर दिया
जब तक महाराज अब तक उसकी जान ही निकल गई इसके बाद सुलझाने दुकान से नकदी चुराई और वह शमीम की बाइक से फरार हो गई पर उस कि यह घटना पास ही के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई ! इसके आधार पर पुलिस ने जब जांच की तो सुधा का नाम सामने आया उसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया, पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही हैजब तक महाराज अब तक उसकी जान ही निकल गई इसके बाद सुलझाने दुकान से नकदी चुराई और वह शमीम की बाइक से फरार हो गई पर उस कि यह घटना पास ही के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई ! इसके आधार पर पुलिस ने जब जांच की तो सुधा का नाम सामने आया उसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया, पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है
आजकल कब्ज़ की समस्या बहुत आम हो गई है। कई लोग महीनों या सालों तक इस समस्या से परेशान रहते हैं। शुरुआत में लोग घरेलू उपाय या दवाइयाँ लेते हैं, जिससे कुछ दिनों तक राहत मिलती है, लेकिन फिर समस्या वापस आ जाती है।
असल में कब्ज़ सिर्फ पेट साफ न होने की समस्या नहीं है। यह आंतों की मूवमेंट, पानी की कमी, खराब खान-पान और लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्या भी हो सकती है।
अगर कब्ज़ लंबे समय तक बनी रहती है, तो शरीर में भारीपन, गैस, पेट दर्द और सुस्ती जैसी समस्याएँ बढ़ सकती हैं। इसलिए सिर्फ तुरंत राहत नहीं, बल्कि लंबे समय का समाधान जरूरी होता है। नीचे एक ऐसा ओवरनाइट घरेलू तरीका बताया गया है, जो कई लोगों में अगले दिन पेट साफ करने में मदद कर सकता है।
ओवरनाइट घरेलू नुस्खा जो अगले सुबह असर दिखा सकता है
इस नुस्खे को बनाने के लिए एक गिलास हल्का गर्म दूध लें। अगर दूध सूट नहीं करता, तो गुनगुना पानी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ एक चम्मच इसबगोल की भूसी और एक चुटकी सेंधा नमक लें। दूध या पानी को हल्का गर्म करें, फिर उसमें इसबगोल और सेंधा नमक मिलाकर तुरंत पी लें। इसके बाद ऊपर से एक घूंट हल्का गर्म पानी भी पी सकते हैं।
इस ड्रिंक को पीने का सही समय रात में खाना खाने के 1 से 1.5 घंटे बाद और सोने से करीब 30 से 45 मिनट पहले माना जाता है। इस मिश्रण को बनाकर देर तक नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इसबगोल जल्दी गाढ़ा हो जाता है। इसबगोल आंतों में पानी खींचकर स्टूल को नरम बनाता है। सेंधा नमक आंतों में पानी बढ़ाने में मदद करता है और हल्का गर्म दूध पेट की मूवमेंट को सपोर्ट करता है।
किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है
अगर दूध हजम नहीं होता, तो यह नुस्खा पानी के साथ लेना बेहतर है। इसे लगातार कई दिनों तक इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर ही लेना सही रहता है। अगर तेज पेट दर्द, खून आना, उल्टी या हाल की सर्जरी जैसी समस्या है, तो इसे लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
कब्ज़ को दोबारा होने से रोकने के लिए जरूरी आदतें
सुबह उठते ही 2 गिलास गुनगुना पानी पीना आंतों को एक्टिव करने में मदद करता है। रोज एक ही समय पर टॉयलेट जाने की आदत डालना भी बहुत जरूरी होता है। यह आदत धीरे-धीरे बॉवेल मूवमेंट को नियमित बनाने में मदद करती है।
फाइबर और पानी का सही संतुलन जरूरी है
रोजाना करीब 25 से 30 ग्राम फाइबर लेना फायदेमंद माना जाता है। इसके साथ दिन में 2 से 3 लीटर पानी पीना भी जरूरी होता है। फाइबर के अच्छे स्रोतों में पपीता, अमरूद, सेब, नाशपाती, पालक, लौकी, ओट्स और दालें शामिल हैं।
रोजाना मूवमेंट और वॉक जरूरी है
कम से कम 30 मिनट रोज चलना पेट की मूवमेंट को बेहतर करता है। लंबे समय तक एक जगह बैठना कब्ज़ को बढ़ा सकता है। खाना खाने के बाद हल्की वॉक करने से डाइजेशन बेहतर होता है।
टॉयलेट के समय सही आदतें जरूरी हैं
टॉयलेट में मोबाइल या फोन इस्तेमाल करने से ध्यान बंटता है और पेट सही से साफ नहीं हो पाता। टॉयलेट में बैठते समय ज्यादा जोर लगाने से बचना चाहिए और शरीर को रिलैक्स रखना चाहिए।
किन चीजों को कम करना जरूरी है
मैदा, बेकरी आइटम, ज्यादा तला हुआ खाना, ज्यादा चाय-कॉफी और मीठा कब्ज़ बढ़ा सकते हैं। इन चीजों को सीमित करना जरूरी होता है।
लाइफस्टाइल और मानसिक स्थिति भी असर डालती है
नींद पूरी लेना और तनाव कम करना डाइजेशन के लिए बहुत जरूरी है। रोज कुछ समय डीप ब्रीदिंग या योग करना फायदेमंद होता है।
निष्कर्ष: कब्ज़ का स्थायी समाधान सिर्फ दवा लेने में नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल सुधारने और आंतों को मजबूत बनाने में छुपा होता है। अगर सही आदतें नियमित रूप से अपनाई जाएं, तो कब्ज़ की समस्या धीरे-धीरे कम हो सकती है।
हमें अपनी सेहत का ख्याल रखना बेहद जरूरी हो गया है। इसके लिए हमको खाना समय पर और ताजा खाना चाहिए। आजकर की भाग-दौड़ भरी लाइफ में ऐसा हो नहीं पा रहा है। हम लोग अक्सर रात का बचा खाना फ्रिज में रख देते हैं और उसको अगले दिन खा लेते हैं। हमको भले ही ये आम बात लगती है लेकिन हमारी ये आदत जानलेवा हो सकती है।
जी हां इंग्लैंड में रहने वाले युवक की उंगलियों और दोनों पैरों को सिर्फ इसलिए काटना पड़ गया क्योंकि उसने रात का बचा हुआ खाना फ्रिज में रख दिया था और उसको सुबह खाया था। बड़ी मुश्किल से उसकी जान तो बच गई लेकिन सारी उम्र के लिए वो अपंग हो गया।
दोस्त लेकर आया था होटल से खाना
न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन की रिपोर्ट के अनुसार जेसी नाम का युवक जो पढ़ाई करता है, उसने फ्रिज में रखा हुआ खाना खाया था। जिसके बाद उसकी हालत खराब हो गई। जानकारी के मुताबिक उसका दोस्त ये खाना रात में होटल से लेकर आया था। खाने में नूडल्स और चिकन था।
जेसी ने खाने को फ्रिज में रखने को बोला था और सो गया था। सुबह जब वो उठा तो नाश्ते में उसने इसी खाने को खा लिया और उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई। उसको बहुत तेज बुखार हो गया। जब उसकी हालत ज्यादा खराब होने लगी तब उसको अस्पताल ले जाया गया।
किडनी ने बंद कर दिया था काम
जब जेसी को अस्पताल ले जाया गया और उसकी जांच हुई तो उसकी त्वचा बैंगनी पड़ने लग गई थी। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी किडनी ने भी काम करना बंद कर दिया था। इससे उसके शरीर में जहर फैलता जा रहा था। जैसी की रिपोर्ट में बैक्टीरिया मिले जिससे डॉक्टरों को पता लगा कि उसको सेप्सिस हो गया था। 20 घंटे पहले तक सामान्य सा युवक अचानक इतना बीमार पड़ गया था कि उसकी जिन्दगी बचा पाना भी मुश्किल था।
काटने पड़े दोनों पैर और उंगलियां
रिपोर्ट में उसके शरीर में बैक्टीरियल इंफेक्शन का पता लगा था। सेप्सिस की वजह से उसके शरीर में जगह फैल रहा था। ऐसे में डॉक्टरों को इंफेक्शन रोकने के लिए उसकी उंगलियां काटनी पड़ीं।
इसके बाद उसके दोनों पैरों को भी घुटने के नीचे से काटना पड़ा। उसका खून भी जमने लगा था। इसके बाद से ही वो कोमा में चल रहा था। करीब 26 दिन बाद जेसी को होश तो आ गया लेकिन वो जिन्दगी भर के लिए अपंग हो चुका है।
जानें क्या होता है खतरनाक सेप्सिस
सेप्सिस एक गंभीर बीमारी होती है जो बैक्टीरियल इंफेक्शन यानि शरीर में संक्रमण की वजह से हो जाती है। अगर आपका शरीर किसी संक्रमण का शिकार हो जाए तो हमारी प्रतिरोधक क्षमता उस बीमारी से लड़ने के लिए कुछ रसायन छोड़ती है। हालांकि जब ये प्रतिक्रिया बेकाबू हो जाती है तो सेप्सिस हो जाता है।
इस बीमारी में सांस लेने में परेशानी, हार्ट बीट तेज होना आदि लक्षण होते हैं। वैसे डॉक्टरों को ये तो पता नहीं चला कि होटल के खाने में बैक्टीरिया कहां से आ गए लेकिन आप भी फ्रिज का खाना खाते हैं तो सतर्क हो जाएं। हमेशा ताजा और घर का बना भोजन ही करें।