Author: me.sumitji@gmail.com

  • ऑटो में भूल गई सोने के गहनोंˈ से भरा बैग सवारी फिर रिक्शा चालक ने जो किया वह हैरान करने वाला थाˌ

    ऑटो में भूल गई सोने के गहनोंˈ से भरा बैग सवारी फिर रिक्शा चालक ने जो किया वह हैरान करने वाला थाˌ

    ऑटो में भूल गई सोने के गहनोंˈ से भरा बैग सवारी फिर रिक्शा चालक ने जो किया वह हैरान करने वाला थाˌ

    आज के महंगाई के जमाने में ईमानदारी बची ही नहीं है। ऐसा बहुत कम होता है जब हमे ईमानदारी का कोई बड़ा किस्सा सुनने को मिलता है। यहां हर कोई कम समय में अधिक से अधिक पैसा कमाने की फिराक में रहता है। फिर चाहे उसे इसके लिए बेईमानी की राह पर ही क्यों न चलना पड़े। जरा सोचिए यदि आपको कहीं से सोने से भर बैग मिल जाए तो आप क्या करेंगे?

    आप में से बहुत से लोगों की इस बैग को देख नियत डोल जाएगी। हालांकि आज हम आपको एक ऐसे ऑटोरिक्शा चालक से मिलाने जा रहे हैं जिसने सोने से भरा बैग मिलने पर कुछ ऐसा किया कि हर कोई हैरान रह गया।

    ऑटो में बैग भूल गई सवारी

    मामला गुरुवार 18 नवंबर का है। मुंबई के रहने वाले रोहित विश्वकर्मा बस के माध्यम से इंदौर आए हुए थे। यहां तीन इमली चौराहा पर वह मोहम्मद सलीम नाम के शख्स के ऑटो रिक्शा में सवार हुए। हालांकि अपने गंतव्य पर पहुंचने के बाद वह ऑटो से बैग उठाना भूल गए। ऑटो चालक ने भी इस बात पर ध्यान नहीं दिया और वह चला गया।

    बैग में था सोना और जरूरी कागजात

    Auto rickshaw

    इस बैग में सोने के जेवरात और कुछ डॉक्यूमेंट्स एवं दवाइयां भी थी। ऐसे में परेशान रोहित विश्वकर्मा दिनभर अपने बैग को पूरे शहर में ढूंढते रहे। हालांकि लाख कोशिश के बाद उन्हें बैग और ऑटो चालक का कोई सुराग नहीं मिला। रोहित अपने बैग के मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ ही चुके थे। लेकिन फिर उन्हें पुलिस की एक कॉल आई और जो बात उन्होंने सुनी उस पर यकीन नहीं हुआ।

    ऐसे मिला बैग

    रोहित अपने गुमशुदा बैग की शिकायत पहले ही पुलिस में कर चुके थे, उधर पुलिस को ये बैग गुरुवार रात तक मिल भी गया। दिलचस्प बात ये रही कि इसे पुलिस ने नहीं खोजा, बल्कि खुद ऑटो चालक इसे पुलिस को सौंप गया। पुलिस ने बताया कि ऑटो रिक्शा चालक मोहम्मद सलीम अपने काम के बाद जब घर लौटे तो उन्हें अपने वाहन में बैग मिला। ऐसे में वह यह बैग आजाद नगर के क्षेत्रीय थाने में जमा करा गए।

    ऑटो चालक ने बैग खोला तक नहीं

    50 वर्षीय ऑटो रिक्शा चालक मोहम्मद सलीम ने बताया कि उसने यह बैग खोलकर देखा तक नहीं। उसने कहा कि मैंने गुरुवार को कई सवारियों को उनकी मंजिल तक छोड़ा था। इसलिए मुझे याद नहीं रहा कि यह बैग किस शख्स का है। इसलिए मैंने इसे पुलिस ठाने में जमा करा दिया। मैं बहुत खुश हूं कि बैग उसके सही मालिक को मिल गया। अल्लाह मुझे ईमानदारी की राह पर चलाता रहे।

    ऑटो चालक ने ईमानदारी की जो मिसाल पेश की है वह काबिलेतारीफ है। यदि सभी लोग इनके जैसे ईमानदार बन जाए तो ये दुनिया स्वर्ग से कम नहीं होगी।

  • ऊंटनी का दूध इन 20 गंभीर बीमारीˈ को करता है जड़ से खत्म अगर किसी मंद बुध्दि को इसका दूध पिला दिया जाए तो दिमाग कंप्यूटर से भी तेज़ हो जाता हैˌ

    ऊंटनी का दूध इन 20 गंभीर बीमारीˈ को करता है जड़ से खत्म अगर किसी मंद बुध्दि को इसका दूध पिला दिया जाए तो दिमाग कंप्यूटर से भी तेज़ हो जाता हैˌ

    ऊंटनी का दूध इन 20 गंभीर बीमारीˈ को करता है जड़ से खत्म अगर किसी मंद बुध्दि को इसका दूध पिला दिया जाए तो दिमाग कंप्यूटर से भी तेज़ हो जाता हैˌ

    यदि आप ऊंटनी के दूध (camel milk) से परहेज करते हैं तो उसके फायदे जान लीजिए। ऊंटनी का दूध अनेक रोगों में फायदेमंद तो होता ही है, साथ यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। ऊंटनी का दूध दिमागी बीमारी में रामबाण सिद्ध हो सकता है।

    बीकानेर के राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र ने हाल ही में एक स्टडी कराई है। इसमें पाया गया है कि ऊंटनी का दूध मंद बुद्धि बच्चों के लिए अमृत के समान है। राज्य सरकार ने भी ऊंट को राज्य पशु भी घोषित किया है। उधर राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र ने ऊंटनी के दूध से बने अनेक प्रॉडक्ट को भी बाजार में उतारा है और लोगों तक इस फायदेमंद दूध पहुंचाने के लिए किसानों को मोटिवेट भी कर रहा है।केंद्र के डायरेक्टर एनवी पाटिल ने बताया कि पंजाब के फरीदकोट में स्पेशल चिल्ड्रन के एक केंद्र में तीन महीने लगातार करीब 10 मंद बुद्धि बच्चों को रोजाना 300 एमएल सुबह और 300 एमएल शाम को ऊंटनी का दूध दिया गया। इन बच्चों में दूसरे मंदबुद्धि बच्चों के मुकाबले ज्यादा ग्रोथ पाई गई।

     ऊंटनी के दूध के फायदे :

    1. इसका नियमित इस्तेमाल करने वाले बच्चों का मस्तिष्क सामान्य बच्चों की तुलना में तेजी से विकसित होता है। इतना ही नहीं उसकी सोचने-समझने की झमता में भी सामान्य लोग बहुत पीछे होते हैं। कुल मिलाकर यह बच्चों को एक ओर कुपोषण से बचाता है तो दूसरी ओर उसमें बौद्धिक क्षमता के विकास में भी सहायक है।
    2. ऊंटनी का दूध बहुत ही जल्दी पच जाने वाला होता है। इसमें दुग्ध शर्करा, प्रोटीन, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट,सुगर, फाइबर, लैक्टिक अम्ल, आयरन, मैग्निशियम, विटामिन ए, विटामिन ई, विटामिन बी 2, विटामिन सी, सोडियम, फास्फोरस, पोटैशियम, जिंक, कॉपर, मैग्नीज जैसे बहुत सारे तत्व पाए जाते हैं जो कि हमारे शरीर को सुंदर और निरोगी बनाते हैं।
    3. ऊंटनी के दूध में कैल्शियम बड़ी मात्रा में पाया जाता है। जिससे इसके सेवन से हड्डियां मजबूत हो जाती हैं। तो वहीं इसमें लेक्टोफेरिन नामक तत्व पाए जाने से कैंसर जैसी घातक बीमारी से भी लड़ने की क्षमता शरीर में तैयार होती है। इतना ही नहीं यह खून से टॉक्सिन्स दूर करता है और लिवर को साफ करता है। पेट से जुड़ी समस्याओं में आराम पाने के लिए भी लोग इसका सेवन करते हैं। यह वायरल संक्रमणों से लड़ने में भी मददगार है।
    4. ऊंटनी के एक लीटर दूध में लगभग 52 यूनिट इंसुलिन की मात्रा पायी जाती है। जो कि अन्य पशुओं के दूध में पायी जाने वाली इंसुलिन की मात्रा से बहुत ज्यादा होता है। इंसुलिन शरीर में प्रतिरोधक क्षमता तैयार करने का काम करती है।
    5. ऊंटनी का दूध विटामिन और खनिज तत्वों से भरपूर होता है। इसमें एंटीबॉडी भी मौजूद होता है जो शरीर को संक्रामक रोगों से बचाता है। नियमित इस्तेमाल करने से ब्लड सुगर से राहत मिलती है, इंफेक्शन रोकने में भी मददगार है। तपेदिक, आंत में जलन होने पर भी इसका इस्तेमाल गुणकारी है। यह छोटी-मोटी बीमारियों के लिए लाभकारी तो है ही, गैस्ट्रिक कैंसर की घातक कोशिकाओं को रोकने में भी मदद करता है। इसमें हैपेटाइटिस सी, एड्स, मधुमेह, अल्सर, हृदय रोग, गैंगरीन, किडनी संबंधी, बीमारियों से शरीर की बचाव की प्रतिरोधी क्षमता होती है। यह शरीर में ऐसी कोशिकाओं के निर्माण में भी मदद करता है जो संक्रामक रोगों के खिलाफ एंटीबॉडी के रूप में काम करती हैं।
    6. ऊंटनी के दूध में अल्फा हाइड्रोक्सिल अम्ल पाया जाता है। जो कि त्वचा को निखारने का काम करता है। इसीलिए इसका इस्तेमाल सौंदर्य संबंधी सामग्री बनाने में किया जाता है। यह कुपोषण से ग्रसित बच्चों के लिए संतुलित आहार का काम करता है। यह उन लोगों में दिनभर काम करने की क्षमता पैदा कर देता है जो थोड़ा काम करने के बाद थक जाते हैं।
    7. ऊंटनी के दूध से बनी क्रीम त्वचा में निखार लाती है।
    8. ऊंटनी का दूध (camel milk) मधुमेह, दमा, ऑटिज्म, बच्चों में दूध की एलर्जी, ब्लड प्रेशर सहित विभिन्न रोगों से लड़ने में कारगर साबित हो रहा है। इसके अलावा मलेरिया के लिए भी यह दूध काफी कारगर है। ऊंटनी के दूध में प्रतिरोधक क्षमता बहुत ज्यादा होता है जिसे पीने के बाद लोगों को अनेक रोगों से लड़ने की क्षमता मिलती है।
  • क्या आपको पता है बुरा वक्त आनेˈ से पहले भगवान देते हे ये 8 संकेतˌ

    क्या आपको पता है बुरा वक्त आनेˈ से पहले भगवान देते हे ये 8 संकेतˌ

    क्या आपको पता है बुरा वक्त आनेˈ से पहले भगवान देते हे ये 8 संकेतˌ

    दोस्तों क्या आप जानते हैं आने वाला समय हमें संकेत के रूप में अवश्य पहले दिखाई देता है किंतु हम उन संकेतों को समझ नहीं पाते हैं और नहीं जान पाते हैं कि आने वाला भविष्य हमारे सामने किस प्रकार से आने वाला आज हम आपके सामने आने से संकेतों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसको यदि आप अपनी जिंदगी में देखते हैं तो समझ जाइए कि आने वाला समय आपके लिए बुरा साबित होगा इन संकेतों पर हमेशा ध्यान रखिए क्योंकि यदि आप ध्यान रखते हैं तो इन चीजों से बचकर निकल सकते हैं और अपने आने वाले समय को अच्छा बना सकते हैं तो चलिए पढ़ते हैं आखिर वह कौन से संकेत है।

    यह है 8 को संकेत जो बुरे समय को दर्शाते हैं !

    • जब कोई भी शादीशुदा महिला नहाने के बाद सिंदूर लगा रही होती है तो किसी भी वजह से उसके हाथ से सिंदूर की डिब्बी यदि गिर जाती है तो यह एक बहुत बुरा आने वाला समय है। इसका मतलब यह हो सकता है कि आपके पति को किसी प्रकार का नुकसान हो सकता है अथवा उसके कारोबार में या नौकरी में कोई भी समस्या उत्पन्न हो सकती है और साथ ही आपके पति का बुरे स्वास्थ्य को भी दर्शाती है।
    • कभी-कभी आपके घर में रखा हुआ दूध जो बाला नहीं होता है वह फट जाता है वह एक बुरा समय आने का संकेत देता है इसका मतलब होता है कि आपके घर में कोई वाद विवाद चढ़ने वाला है और साथ ही परिवार की सुख शांति भंग होने वाली है।
    • रातों को सपने आना नॉर्मल सी बात है यदि आपको रात्रि के समय सपने में भयानक सपने देखते हैं तो इसका अर्थ होता है कि आपके परिवार में किसी सदस्य के साथ कुछ बुरा अवश्य होने वाला है एवं उसके ऊपर किसी प्रकार की दुविधा आने वाली है।
    • यदि आपके घर में पाले गए कुत्ते या बिल्ली अन्य पालतू जानवर कुछ दिनों से किसी प्रकार की अजीब हरकतें कर रहे हो या फिर अजीब अजीब आवाजें में चिल्ला रहे हो तो समझ जाइए आपके घर में या फिर आपके मोहल्ले में किसी प्रकार की कोई बुरी खबर आने वाली है और साथ ही आपके घर में या आपके मोहल्ले में नकारात्मक शक्तियां घूम रही है इससे बचने के लिए आप अपने घर के अंदर सुंदरकांड का पाठ कराना सबसे उचित माना जाता है।
    • यदि किसी भी महिला का मंगलसूत्र किसी कारणवश भी टूट जाता है तो समझ जाइए कि उनका पति है उनके ऊपर कोई बड़ी समस्या आने वाली है इस समस्या से बचने के लिए महिला को तुलसी की पूजा करनी चाहिए।
    • जब आप घर से बाहर निकलते हैं तो मोहल्ले में किसी की भी लड़ाई झगड़ा दिखाई देता है तो समझ जाइए कि आपके रिश्तेदारों से कई मनमुटाव हो सकते हैं।
    • जब आप खाना खाने बैठते हैं पहला निवाला खाते ही आपको वह कड़वापन का महसूस होता है और बाकी निवाले सामान्य लगे तो समझ जाइए सरदारों की तरफ से किसी ने कोई ना कोई बुरी ख़बर अवश्य आने वाली है।
    • भगवान की पूजा करते समय यदि आपकी पूजा की थाली गिर जाती है तो समझ जाइए आपसे कोई देवता नाराज है इसके लिए आपको अपने घर में पूजा अथवा हवन अवश्य कराना चाहिए।
  • छाती पर बाल होना या न होनाˈ बताते है व्यक्ति के चरित्र की कहानी, जानें पुरुषों की छाती से जुड़े गुप्त संकेतˌ

    छाती पर बाल होना या न होनाˈ बताते है व्यक्ति के चरित्र की कहानी, जानें पुरुषों की छाती से जुड़े गुप्त संकेतˌ

    छाती पर बाल होना या न होनाˈ बताते है व्यक्ति के चरित्र की कहानी, जानें पुरुषों की छाती से जुड़े गुप्त संकेतˌ

    हमने महिलाओ के शरीर की बनावट के बारे मैं काफी चीजों को जाना है | जैसे उनका भाग्य, उनका चरित्र, उनकी मानसिक प्रवृति आदि | लेकिन आज हम आपको पुरुषो के बारे मैं बताने जा रहे है | पुरुषो के सीने की बनाबट से हम पुरुषो के भाग्य और उनकी प्रवृति के बारे मैं जानेंगे | पुरुषो के सीने से हम पुरुषो के व्यक्तित्व को पहचान सकते है | समुद्रशास्त्र के अनुसार पुरुषो की शारीरिक बनावट पुरुषो की कई सारी बाते हमें दर्शाती है आईये जानते है पुरुषो के बारे मैं उनके सीने की बनावट से…

    1 .

    समतल सीना :- जिन लोगो के सीने समतल होते है वो लोग बहुत ही संपन्न और धनवान होते है | ऐसे लोग दुसरो की परेशानियों को नहीं समझते है और सिर्फ अपने फायदे के बारे मैं सोचते है | उन्हें किसी से कोई मतलब नहीं होता है | ये लोग सामाजिक न होकर व्यवहारिक होते है | इन लोगो मैं मौलिकता न के बराबर होती है |

    2 . उभरा हुआ सीना :- जिन लोगो का सीना उभरा हुआ होता है ऐसे लोग बहुत ही भाग्यशाली होते है | ऐसे लोग आर्थिक रूप से मजबूत होते है और ये लोग बहुत ही साहसी और निडर होते है |

    3 . बाल वाला सीना :- जिन व्यक्तियों के सीने पर बाल होते है वो व्यक्ति बहुत ही आकर्षक होते है | ऐसे व्यक्ति महिलाओ को बहुत ज्यादा पसंद आते है और ऐसे व्यक्ति बहुत ही सौभाग्यशाली होते है | उनके सीने पर बाल होना बहुत ही शुभ लक्षण माना गया है |

    4 . चौड़ा सीना :- जिन लोगो का सीना चौड़ा होता है वो लोग बहुत ही कठोर परिश्रमी होते है | ऐसे लोग अपने लक्ष्य को पाने के लिए भरपूर कोशिश करते है और जब तक लक्ष्य को पा न ले हार नहीं मानते है | ऐसे लोग बहुत ही वीर, साहसी प्रवृति के होते है | ऐसे लोगो को अपने जीवन मैं बहुत ही कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है |

    5 . कठोर सीना :- जिन व्यक्तियों का सीना कठोर होता है उन लोगो को हर प्रकार का सुख मिलता है | ऐसे व्यक्ति सिर्फ अपने आप से मतलब रखते है | उन्हें दुसरो के बारे मैं सोचना पसंद नहीं होता है और ऐसे लोगो की मृत्यु अचानक से हो जाती है | ये लोग अकाल मृत्यु मरते है ज्यादातर |

  • शॉपिंग बिल चुकाने के लिए महिला केˈ पर्स में नहीं थे पैसे, आंसू छलकने ही वाले थे कि कैशियर ने..

    शॉपिंग बिल चुकाने के लिए महिला केˈ पर्स में नहीं थे पैसे, आंसू छलकने ही वाले थे कि कैशियर ने..

    शॉपिंग बिल चुकाने के लिए महिला केˈ पर्स में नहीं थे पैसे, आंसू छलकने ही वाले थे कि कैशियर ने..

    आज के इस फ़ास्ट फॉरवर्ड समय में मनुष्य काफी लालची हो चुका है. ऐसे हर कोई किसी न किसी स्वार्थ के चलते ही एक दुसरे की मदद करता है. लेकिन अमेरिका के टेक्सास शहर की एक स्टोरी इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है. इस स्टोरी को पढ़ कर हर कोई कैशियर पर गर्व महसूस कर रहा है जिसने बिना किसी स्वार्थ के इंसानियत की अनोखी मिसाल कायम कर दी. वहीँ दूसरी और घटना के सुर्खियाँ बटोरने के बाद से ही वालमार्ट शॉपिंग सेंटर काफी प्रसिद्ध हो गया है और लोग इस कैशियर की तारीफों के पुल बांधते नजर आ रहे हैं.

    ख़बरों के अनुसार टेक्सास के वालमार्ट शॉपिंग सेंटर में एक महिला अपनी बेटी के साथ घर का कुछ जरूरी सामान खरीदने के लिए पहुंची थी. राशन और अन्य जरूरत की चीज़ें लेने के बाद जब वह महिला बिल चुकाने के लिए कैश काउंटर की लाइन में लगी तो बिल की रकम देख कर दंग रह गई. दरअसल, महिला का जितना बिल बना था, उसके पर्स में उतने पैसे नहीं थे. कैशियर महिला की आँखों में आंसू देख कर उसकी पूरी परेशानी समझ ग्फ्या और चुपके से उसके कानों में एक ऐसी बात कह दी कि हर कोई हैरान रह गया.

    महिला हुई इमोशनल

    अपने पास मौजूद राशी से दुगुना बिल देख कर महिला काफी परेशां हो गई और सोच में पड़ गई. उसके चेहरे से साफ़ प्रतीत हो रहा था कि वह कुछ ही पलों में रोने वाली है. लेकिन तभी कैशियर ने महिला को साइड में होने का इशारा किया और कहा कि चिंता मत कीजिये, मैं समझ गया हूँ. कैशियर के इस जवाब का मतलब वह महिला ठीक से नहीं समझ पाई तो कैशियर ने आगे बोलते हुए कहा कि, “मैडम आप चिंता मत कीजिये मैं आपकी परेशानी समझ चुका हूँ बिल बनाने के बाद मैं खुद आपका पूरा बिल चुका दूंगा आप सामान लेकर जा सकती हैं”.

    समझ गया था आर्थिक स्तिथि 

    महिला की आँखों और भावों से वह कैशियर समझ गया था कि महिला की आर्थिक स्तिथि ठीक नहीं है. ऐसे में जब उसने महिला की ट्राली में झाँका तो वहां खाने पीने का राशन देख कर वह समझ गया कि वह अपने बच्चों का पेट पालना चाहती है लेकिन पैसों की कमी के कारण अंदर से दुखी है और बिल चुकाने में असमर्थ है. ऐसे में महिला को सबके सामने शर्मिंदा ना होना पड़े इसलिए कैशियर ने खुद पूरी रकम चुकता कर दी. इस पूरी घटना को कैशियर के पास खड़ा एक अन्य व्यक्ति देख रहा था. ज्सिके बाद उसने घटना किस स्टोरी सोशल मीडिया पर शेयर कर दी.

    खूब वायरल हो रही है ये घटना 

    आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें की वालमार्ट शॉपिंग मॉल के इस कैशियर का नाम लोपोज है जोकि पिछले कईं सालों से यहाँ काम कर रहे हैं. लोपोज अपनी दयालुता के कारण हमेशा सुर्खियों में बने ही रहते हैं. वहीँ उनके महिला के प्रति सम्मान को देख कर हर कोई भावुक हो रहा है. बता दें कि सोशल मीडिया पर इस स्टोरी को लाखों शेयर मिल चुके हैं. हर कोई लोपोज की तारीफों के पुल बाँध रहा है.

  • पिता बनने में दिक्कत आ रही है?ˈ रोज खाएं ये 4 फूड्स. बढ़ेगी स्पर्म क्वालिटी और फर्टिलिटीˌ

    पिता बनने में दिक्कत आ रही है?ˈ रोज खाएं ये 4 फूड्स. बढ़ेगी स्पर्म क्वालिटी और फर्टिलिटीˌ

    पिता बनने में दिक्कत आ रही है?ˈ रोज खाएं ये 4 फूड्स. बढ़ेगी स्पर्म क्वालिटी और फर्टिलिटीˌ

    पुरुषों में नपुंसकता आजकल एक आम बात हो गई है. हमारी अस्वास्थ्यकर जीवनशैली और अस्वास्थ्यकर खान-पान की आदतें इसके लिए ज़िम्मेदार हैं. इसके बारे में क्या किया जा सकता है?

     Sex Power Booster Foods : शादी के बाद, ज़्यादातर पुरुष पिता बनने की ख्वाहिश रखते हैं और अपने परिवार को बढ़ाने की योजना बनाते हैं. लेकिन कभी-कभी, अगर उनके शुक्राणुओं की संख्या या गुणवत्ता कम हो, तो यह उनके लिए और उनकी पत्नियों के लिए गर्भधारण की प्रक्रिया को कठिन बना सकता है. बांझपन सिर्फ शारीरिक चुनौती नहीं है, बल्कि यह मानसिक और भावनात्मक असर भी डाल सकता है. ऐसे पुरुष अक्सर सामाजिक तानों, परिवार या दोस्तों की तुलना, शर्मिंदगी और खुद पर कम आत्मविश्वास जैसी समस्याओं का सामना करते हैं. यह स्थिति न केवल दंपति के रिश्ते को प्रभावित कर सकती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालती है. इसलिए पुरुषों के लिए अपनी फर्टिलिटी और शुक्राणुओं की गुणवत्ता पर ध्यान देना बेहद जरूरी है, ताकि वे न केवल पिता बनने की अपनी ख्वाहिश पूरी कर सकें बल्कि आत्मविश्वास और मानसिक शांति भी बनाए रख सकें.

    शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने के लिए ये खाद्य पदार्थ खाएं

    सीप

    सीप को कामोत्तेजक माना जाता है. इसमें किसी भी अन्य खाद्य पदार्थ की तुलना में अधिक ज़िंक होता है. इस पोषक तत्व से भरपूर खाद्य पदार्थ खाने से शुक्राणुओं की संख्या, वीर्य की मात्रा, शुक्राणुओं की गतिशीलता और पुरुष प्रजनन क्षमता बढ़ती है. अगर आपको शंख पसंद नहीं है, तो आप ज़िंक प्राप्त करने के लिए मुर्गी, डेयरी उत्पाद, मेवे, अंडे, साबुत अनाज और फलियाँ भी खा सकते हैं.

    कद्दू के बीज

    कद्दू के बीजों में जिंक और ओमेगा-3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो शुक्राणुओं की गुणवत्ता में सुधार और पुरुष प्रजनन क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं. आप ओमेगा-3 फैटी एसिड के लिए अलसी, चिया बीज और सूरजमुखी के बीज भी खा सकते हैं, जिनमें विटामिन ई और अन्य एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शुक्राणुओं की मात्रा और गतिशीलता में सुधार करने में मदद कर सकते हैं.

    अनार का जूस

    एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थों की सूची में अनार भी शामिल है. पुरुष प्रजनन क्षमता में सुधार के लिए आपको अनार के जूस का सेवन ज़रूर करना चाहिए. अनार का जूस शुक्राणुओं की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करता है.

    वसायुक्त मछली

    बेहतर प्रजनन क्षमता वाले पुरुषों के शुक्राणुओं में ओमेगा-3 फैटी एसिड का स्तर अधिक होता है. इस पोषक तत्व को प्राप्त करने के लिए, आप सैल्मन, हेरिंग, सार्डिन और एंकोवीज़ सहित विभिन्न प्रकार की वसायुक्त मछलियों का सेवन कर सकते हैं.

  • इस चीज़ को अपने शैम्पू में मिलाएंˈ और एक हफ्ते में पाएं लंबे, घने और सिल्की बालˌ

    इस चीज़ को अपने शैम्पू में मिलाएंˈ और एक हफ्ते में पाएं लंबे, घने और सिल्की बालˌ

    इस चीज़ को अपने शैम्पू में मिलाएंˈ और एक हफ्ते में पाएं लंबे, घने और सिल्की बालˌ

    हर कोई व्यक्ति ये चाहता है कि उसके बाल अच्छे व घने हो जिसके लिए वो तरह के उपाय भी करते हैं. चाहे वो लड़का हो या लड़की सभी को अपने बालों से बहुत ज्यादा प्यार होता है. क्योंंकि खूबसूरत दिखने का सबसे बड़ा राज हमारे बाल होते हैं. जिस व्यक्ति सिर पर बाल कम होते है उसकी सुंदरता भी फिकी पड़ने लगती है. वहीं आज हम आपके लिए ऐसा नुस्खा लेकर आए हैं, जिसे अपनाने से आपके बाल बहुत लंबे, काले और घने हो जाएंगे.

    आज हम आपको बालों के लिए जो नुस्खा बताने जा रहे हैं उसे बनाने के लिए आपको अपने शैम्पू में केवल एक चीज मिलानी है. फिर उसके बाद आपके बाल काले, लंबे, घने और सिल्की हो जाएंगे तो आइए जानते है…

    आप जिस भी शैम्पू का इस्तेमाल करते है उसे एक कटोरी में डालें और इसमें एक चम्मच शहद मिला दें. इसके बाद इन दोनों को अच्छे से मिलाने के बाद आप इसे अपने बालों में शैम्पू की तरह लगा लें और अपना बालों को अच्छे से धो लें.

    इस तरह से आपको हफ्ते में 3 बार करना है, फिर देखना कैसे आपके बाल काले, लंबे, घने और सिल्की हो जाएंगे. साथ ही आपको बता दें कि ये एक घरेलू नुस्खा है, इससे आपको किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होगा.

  • शराब में पानी मिलाकर क्यों पीते हैंˈ लोग? इसके पीछे की वजह जानिएˌ

    शराब में पानी मिलाकर क्यों पीते हैंˈ लोग? इसके पीछे की वजह जानिएˌ

    शराब में पानी मिलाकर क्यों पीते हैंˈ लोग? इसके पीछे की वजह जानिएˌ

    शराब में पानी मिलाने का ये चलन हमारे देश में काफी आम है। हम भारतीय इसे पानी, सोडा, कोक, जूस और न जाने क्या-क्या मिलाकर पीते हैं। क्या इसलिए कि आम भारतीयों के लिए शुद्ध शराब को सीधे पचाना संभव नहीं है? हमारा हीरो व्हिस्की की बोतल (whiskey) सीधे मुंह में लेकर पीना मर्दानगी का प्रतीक क्यों बन जाता है? लेकिन लोग शराब में पानी क्यों मिलाकर पीते हैं। आइए जानते हैं…

    whiskey में क्यों मिलाते हैं पानी 

    घोष के मुताबिक, भारत में बहुत सारी व्हिस्की कंपनियां इसे तैयार करने में molasses या शीरे का इस्तेमाल करती हैं. इस शीरे से आम तौर पर रम बनती है. चूंकि, भारत में फिलहाल इसपर कानूनी रोक नहीं, इसलिए भारतीय मझोले व्हिस्की ब्रांड मॉल्ट के साथ-साथ molasses का भी इस्तेमाल करती हैं.

    दरअसल, यह गन्ने से चीनी तैयार करते समय बनने वाला एक गहरे रंग का उप-उत्पाद है। किण्वन की प्रक्रिया से गुजरने के बाद इस गुड़ को आसवित करके शराब तैयार की जाती है। माना जाता है कि ज्यादातर IMFL (इंडियन मेड फॉरेन लिकर) का बेस इसी से तैयार होता है.

    ऐसे में जब आप इस भारतीय व्हिस्की को बिना कोई तरल पदार्थ मिलाए सीधे ‘साफ-सुथरा’ पीते हैं तो ऐसा लगता है जैसे यह हमारे गले को चीरकर नीचे जा रही है। यानी इस कड़वाहट को पानी डालकर संतुलित करना एक बड़ी मजबूरी है. पीने वालों को अब समझ आ गया होगा कि महंगी विदेशी ब्रांड की शराब (whiskey with water) को बिना कुछ मिलाए सीधे गले से नीचे उतारना क्यों आसान है।

    ‘छक के पीने’ की मानसिकता भी वजह 

    घोष व्हिस्की-रम आदि में पानी मिलाने की एक वजह भारतीयों के खानपान की आदत को भी मानते हैं. उनके मुताबिक, भारत में शराब हमेशा मसालेदार चखने के साथ पिया जाता है. इस तीखेपन को बैलेंस करने के लिए पानी पीने की जरूरत होती है. वहीं, पानी मिली व्हिस्की एक तरह से पानी की तरह ही काम करती है और खाने के तीखेपन को बैलेंस करती है.


    भारतीयों के पानी मिलाने की इसी आदत की वजह से भारत में व्हिस्की-रम-वोदका आदि वाइन के मुकाबले ज्यादा पसंद की जाती हैं. दरअसल, वाइन में आइस, सोडा, पानी आदि मिलाने की कोई गुंजाइश नहीं होती.


    उसे सीधे ही पीना पड़ता है. एक बड़ी वजह यह भी है कि आम भारतीयों में शराब पीने को लेकर अनुशासन नहीं है। शराब को लेकर हमारा माइंडसेट कुछ ऐसा बन चुका है कि हम पीते वक्त मानों यही सोचते हैं कि ”क्या पता कल हो न हो”.यानी बोतल खुली है तो इसे खत्म करना एक बड़ी जिम्मेदारी है। इसलिए लिमिट से ज्यादा शराब पीने से बचने के लिए हम इसे पीने योग्य बनाते हैं और इसमें ढेर सारा पानी, सोडा, कोल्ड ड्रिंक आदि मिलाते रहते हैं। अगर कोई केवल 30 मिलीलीटर या 60 मिलीलीटर शराब पीना चाहता है। तो यह काम बिना पानी के भी किया जा सकता है।


    ऑन द रॉक्स, नीट का क्या है मतलब 

    शराब पीने और पिलाने की पूरी डिक्शनरी मौजूद है. हमारे फ़िल्मी नायकों ने इसे और भी ‘कूल’ बना दिया है. उदाहरण के लिए, वोदका मार्टिनी परोसना जेम्स बॉन्ड के संवाद ‘शेकेन, नॉट स्टिरर्ड’ द्वारा कालातीत बना दिया गया था। बहुत से शराब (alcolol) पीने वाले लोग ‘नीट’ का मतलब समझते हैं। ‘नीट’ यानी बिना कुछ मिलाए. किसी बार में जब आप नीट ऑर्डर करेंगे तो परोसने वाला शख्स 60 एमएल या 30 एमएल शराब गिलास में सीधे डालकर आपको दे देगा.


    हालांकि, भारतीय मौसम नीट पीने के लिए बहुत अनुकूल नहीं क्योंकि गर्मियों में व्हिस्की का सामान्य तापमान भी ज्यादा हो जाता है. इसलिए नीट पीते वक्त कुछ लोग इसमें ‘मेटल आइसक्यूब’ भी डालते हैं ताकि व्हिस्की का तापमान कुछ कम हो जाए. ये मेटल आइसक्यूब शराब के कंसनट्रेशन (alcohol concentration) में बदलाव नहीं करता, जिससे  उसका मौलिक स्वाद बना रहता है. वहीं, ‘ऑन द रॉक्स’ यानी ढेर सारी बर्फ के साथ व्हिस्की परोसा जाना. आदर्श स्थिति यह है कि गिलास को आधा बर्फ से भर दिया जाए और उस पर ऊपर से व्हिस्की डाली जाए. कुछ लोग पहले शराब डालकर बाद में बर्फ डालते हैं, जो सही नहीं है.  

    विदेशी लोग पानी क्यों नहीं मिलाते 

    विशेषज्ञों का मानना ​​है कि शराब में पानी या कोई अन्य तरल पदार्थ मिलाने से उसका मूल स्वाद खराब हो जाता है। प्रीमियम मिनरल वाटर आपकी महंगी व्हिस्की का स्वाद भी बिगाड़ देता है. शायद यही कारण है कि विदेशों में ज्यादातर लोग बिना किसी तरल पदार्थ मिलाए अपने प्राकृतिक स्वाद के साथ व्हिस्की का आनंद लेते हैं। वहीं भारत में भी महंगा सिंगल माल्ट पीने के लिए एक खास तरह का पानी बेचा जा रहा है. यह उत्पाद बाजार में ‘व्हिस्की ब्लेंडिंग वॉटर’ के नाम से (whiskey blending water) उपलब्ध है। कहा जाता है कि यह खास तरह का पानी शराब का स्वाद बढ़ा देता है.

  • घर की तिजोरी में कैश रखने कोˈ लेकर भी तय हुई लिमिट जान लें आयकर विभाग के नियमˌ

    घर की तिजोरी में कैश रखने कोˈ लेकर भी तय हुई लिमिट जान लें आयकर विभाग के नियमˌ

    घर की तिजोरी में कैश रखने कोˈ लेकर भी तय हुई लिमिट जान लें आयकर विभाग के नियमˌ

    (Cash Limit At Home) आज के समय में डिजिटल पेमेंट का दौर तेजी से बढ़ रहा है। लोग जेब में पैसे रखने से ज्यादा यूपीआई, डेबिट या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। ज्यादातर कामों के लिए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन किया जा रहा है। लेकिन आज भी कई लोग नकदी रखना पसंद करते हैं और बड़े पैमाने पर नकदी में ही लेन-देन करते हैं। लोग अभी भी एटीएम (ATM) से पैसे निकालते है और लेनदेन करते है। लेकिन क्या आपको पता है कि घर में कैश रखने की (Cash limit at home) लिमिट क्या है? अगर आप इन नियमों का (income tax rules) पालन नहीं करते हैं या कोई गलती करते हैं तो आप फंस सकते हैं। आपको जवाब देना पड़ सकता है। आपको जेल की सज़ा भी हो सकती है। 


    लोग घर में क्यों रखते हैं कैश?
    वैसे तो तेजी से बढ़ते डिजिटल युग (digital payment) में लोगों ने घर में नकदी रखना कम कर दिया है। लेकिन सबसे पहले आपको याद होगा कि आपकी दादी-नानी के समय में लोग किसी भी आपात स्थिति के लिए घर में नकदी रखने की सलाह देते थे। उससे पहले भी लोग बैंकों में पैसा जमा करने से मना कर देते थे और इकट्ठा किये गये पैसे को अपने घरों में कहीं छिपाकर रख देते थे। लेकिन अब समय बदल गया है और लोग डिजिटल वॉलेट के जरिए खर्च करते हैं। लेकिन इन सबके बीच क्या आप जानते हैं कि आप घर में अधिकतम कितनी नकदी रख सकते हैं?

    घर में कैश रखने की लिमिट –
    अगर आप भी ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की जगह कैश से लेनदेन (cash transactions) करते हैं तो सबसे पहले आपको इस बात की सही जानकारी होना बेहद जरूरी हैं कि आप घर में कितना कैश (Cash Limit At Home) रख सकते हैं? पैसे रखने पर कितना जुर्माना लगेगा? ऐसे कई सवाल हैं जो आपके मन में भी हो सकते हैं। लेकिन शायद ही आपको घर में कैश रखने की सीमा पता हो। लेकिन आपको बता दें कि इनकम टैक्स नियमों (Income Tax Rules) के मुताबिक आपको घर में कैश रखने की छूट है। यानी आप एक समय में घर पर कितना कैश रख सकते हैं? लेकिन अगर आपका पैसा जांच एजेंसी के हाथ लग जाता है तो आपको अपनी आय या उस पैसे का सोर्स बताना होगा। और इसके बाद ITR फाइल करें।

    हमेशा तैयार रखें ये दस्तावेज –
    ऐसे में सलाह दी जाती है कि आप नकदी प्रवाह का पूरा स्रोत जानें और अपनी आय का स्रोत भी जानें। इसके लिए आपके पास पूरे दस्तावेज होने चाहिए, जिन्हें आप जरूरत पड़ने पर दिखा सकें। अगर आप हर साल इनकम टैक्स रिटर्न (income tax return) दाखिल करते हैं तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। लेकिन कैश आपके आईटीआर (ITR) के हिसाब से ही होना चाहिए। ऐसा नहीं है कि आपका आईटीआर (ITR) सालाना 5 लाख रुपये का है और आपके पास 50 लाख रुपये कैश है।

    जानिए कैसे हो सकती है बड़ी मुसीबत –
    जब आपके घर पर लिमिट से ज्यादा पैसा पाया जाता हैं और अगर आप छापेमारी के दौरान आयकर अधिकारियों को कैश का हिसाब नहीं दे पाए तो परेशानी बढ़ सकती है। आपको आयकर विभाग (Income Tax Department Raid) की छापेमारी के दौरान अपनी आय के बारे में पुख्ता जानकारी देनी होगी। अगर आपके पास सही जानकारी है तो आपको किसी तरह का जुर्माना नहीं देना होगा। लेकिन अगर आप जानकारी नहीं दे पाए तो आपको मिलने वाली नकदी पर 137 फीसदी तक टैक्स (TAX) लगाया जा सकता है। यानी आपको कैश के साथ 37 फीसदी अतिरिक्त टैक्स भी देना होगा।

  • 33 की उम्र में 13वीं बार प्रेग्नेंटˈ हुई महिला बारबार प्रेग्नेंट होने के पीछे महिला ने बताई वजहˌ

    33 की उम्र में 13वीं बार प्रेग्नेंटˈ हुई महिला बारबार प्रेग्नेंट होने के पीछे महिला ने बताई वजहˌ

    33 की उम्र में 13वीं बार प्रेग्नेंटˈ हुई महिला बारबार प्रेग्नेंट होने के पीछे महिला ने बताई वजहˌ

    ‘हम दो हमारे दो’ ये कहावत आप ने जरूर सूनी होगी। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे कपल से मिलाने जा रहे हैं जो हम दो और हमारे 13 पर यकीन करता है। वैसे वो 13वें बच्चे पर भी रुकेगा या नई इसका भी डाउट बना हुआ है। दरअसल अमेरिका के न्यू मैक्सिको में एक महिला 13वीं बार मां बनने जा रही है। 33 साल की इस महिला के 12 बच्चे पहले से हैं। अब वह अगले साल मार्च में 13वां बच्चा पैदा करने वाली है।

    हर साल एक बच्चे की प्लानिंग करती है महिला

    ब्रिटनी चर्च नाम की ये महिला जब मार्च 2023 में बच्चे को जन्म देगी तो वह अपने सबसे बड़े भाई से 12 साल छोटा होगा। ब्रिटनी और उनके पति क्रिस रोजर्स हर साल एक बच्चे की प्लानिंग करते हैं। इतने बच्चों को पालना कोई आसान काम भी नहीं है। ऊपर से खर्चा भी खूब होता है। उदाहरण के लिए कपल का सिर्फ दूध का खर्च ही महीने का 16 हजार रुपए है।

    ब्रिटनी पेशे से एक ग्राहिणी हैं। उनके 6 बेटे और 6 बेटियां हैं। वहीं उनके पति क्रिस चर्च में पादरी हैं। उन्होंने अपने सभी बच्चों का नाम ‘सी’ अक्षर से ही रखा है। उनके 12 बच्चों में से दो जुड़वा हैं। वह अपनी 13वीं संतान का नाम भी ‘सी’ से रखने वाले हैं। ब्रिटनी इंस्टाग्राम पर भी बड़ी एक्टिव रहती हैं। यहाँ वे अपने बड़े से परिवार की तस्वीरें और वीडियोज साझा करती रहती हैं। कई लोग उन्हें इतने बच्चे पैदा करने के लिए ट्रोल भी करते हैं।

    16 की उम्र में पहली बार बनी थी मां

    ब्रिटनी जब 14 साल की थी तब पहली बार गर्भवती हुई थी। लेकिन तब उनका मिसकैरेज हो गया था। फिर वह 16 की उम्र में पहली बार मां बनी। इसके बाद हर साल उन्होंने एक बच्चा पैदा किया। इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि ‘मैं चाहती थी एक दर्जन बच्चे पैदा हो। ताकि हमारा परिवार भरा पूरा लगे। इसके अलावा हमारे खुद के बच्चे भी एक बच्चा पैदा होने के बाद दूसरे की मांग करते हैं। मुझ से कहते हैं मम्मी प्लीज एक और बेबी ला दो। फिर मैं उनकी मांग पूरी कर देती हूँ।’

    ब्रिटनी के परिवार के पास 12 एकड़ की जमीन है। यहां उनके 12 बच्चे और 140 जानवर साथ रहते हैं। वे अपने यहां सुअर, भेड़, कुत्ते और मुर्गियां पालते हैं। सभी बच्चों की पढ़ाई घर पर ही होती है। हालांकि अब वे अपने सबसे बड़े बच्चे को ऑनलाइन क्लासेस या डिस्टेंस लर्निंग कराने की योजना बना रहे हैं। इनके यहां इतने बच्चे होने की वजह से दूध भी बहुत आता है। इसका महीने का खर्चा लगभग 16 हजार रुपए पड़ता है। ब्रिटनी जब व्यस्त होती हैं तो उनके बड़े बच्चे छोटे बच्चों की देखरेख कर लेते हैं।