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  • पीरियड्स के दौरान क्यों बदलता है महिलाओंˈ का मूड? क्या इस समय सेक्स करना है सही या गलत? जानिए पूरा सचˌ

    पीरियड्स के दौरान क्यों बदलता है महिलाओंˈ का मूड? क्या इस समय सेक्स करना है सही या गलत? जानिए पूरा सचˌ

    पीरियड्स के दौरान क्यों बदलता है महिलाओंˈ का मूड? क्या इस समय सेक्स करना है सही या गलत? जानिए पूरा सचˌ

    Periods Facts: कुछ महिलाओं को मासिक धर्म शुरू होते ही अजीबोगरीब एहसास होने लगते हैं. इस दौरान, महिलाएं अक्सर इस बात को लेकर असमंजस में रहती हैं कि इस दौरान सेक्स करना सही है या गलत. आइए जानतें हैं इसके बारें में

    Periods Facts: मासिक धर्म को लेकर कई तरह की अफवाहें फैलती हैं. ज्यादातर महिलाएं इसे लेकर असमंजस में रहती हैं, फिर भी वे इस बारे में खुलकर बात करने से हिचकिचाती हैं, यही वजह है कि वे सुनी-सुनाई बातों पर आसानी से यकीन कर लेती हैं. महिलाओं के बीच मासिक धर्म को लेकर एक आम सवाल यह होता है कि ये क्यों होते हैं और इस दौरान सेक्स करना सही है या गलत. यहाँ इससे जुड़े कुछ तथ्य दिए गए हैं जो आपकी उलझन को आसानी से दूर कर देंगे.

    मासिक धर्म क्यों होते हैं?

    महिलाओं के ओवरी में एक अंडा होता है जो समय के साथ परिपक्व होता है. यह किसी भी अंडाशय में हो सकता है. परिपक्व होने के बाद, यह गर्भाशय नली से होते हुए गर्भाशय तक जाता है. अगर इसे यहां कोई शुक्राणु मिलता है, तो यह उसे निषेचित कर देता है. इस दौरान, गर्भाशय गर्भधारण की तैयारी शुरू कर देता है. यह निषेचित अंडे का स्वागत करने के लिए कोमल कोशिकाओं का निर्माण शुरू कर देता है. हालाँकि, जब शुक्राणु नहीं मिलते, तो इन कोशिकाओं की जरूरत नहीं रहती, इसलिए इन कोशिकाओं और अंडे को शरीर से बाहर निकालना पड़ता है. यही मासिक धर्म होता है.

    मासिक धर्म कैसे होता है?

    मासिक धर्म के दौरान शरीर में विभिन्न हार्मोनों में उतार-चढ़ाव होता है. इनमें से चार सबसे आम हार्मोन एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन, एलएच और एफएसएच हैं. अंडे के अंडाशय से निकलकर गर्भाशय में प्रवेश करने से ठीक पहले, शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर तेजी से बढ़ता है. इससे गर्भाशय में नई कोशिकाओं का निर्माण होता है, और यही कारण है कि हम अचानक ऊर्जावान महसूस करते हैं. अंडे के अंडाशय से निकलने के बाद, प्रोजेस्टेरोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे गर्भाशय में बनने वाले ऊतक सुरक्षित रहते हैं. इस दौरान, यह एस्ट्रोजन से लड़कर और अधिक ऊतक बनने से रोकता है, अन्यथा यह कैंसरकारी हो सकता है. एस्ट्रोजन में वृद्धि को देखकर, एलएच भी सक्रिय हो जाता है. एक तरह से, एलएच अंडे को धक्का देता है ताकि वह अंडाशय से निकलकर गर्भाशय तक पहुँच सके. इसके बाद, एफएसएच अपना काम शुरू करता है और एक नया अंडा बनाना शुरू करता है. इससे एस्ट्रोजन की मात्रा फिर से बढ़ जाती है, और गर्भाशय की कोशिकाओं में भी.

    मासिक धर्म के दौरान मूड स्विंग क्यों होते हैं?

    कई लड़कियों को हार्मोन के कारण प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (पीएमएस) का अनुभव होता है. कुछ लड़कियों को स्तनों में दर्द, मुंहासे, थकान, रोने की इच्छा और चिड़चिड़ापन महसूस होता है. ये सब हार्मोन्स के कारण होता है. इस दौरान पेट फूलना और गैस होना आम बात है, जबकि कई महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पेट खराब होने का भी अनुभव होता है.

    क्या पीरियड्स के दौरान पार्टनर के साथ सेक्स करना सुरक्षित है?

    पीरियड्स को लेकर कई मिथक हैं. कुछ लोगों का मानना है कि इस दौरान सेक्स करने से पुरुष नपुंसक हो सकते हैं. हालाँकि, यह पूरी तरह से गलत है. हाँ, असुरक्षित यौन संबंध बनाने पर आपको संक्रमण हो सकता है. हालांकि, यह सामान्य पीरियड्स के दौरान भी संभव है.

    आप अपने पीरियड्स के दौरान क्या कर सकती हैं? 

    कुछ महिलाओं को इस दौरान बहुत तेज़ दर्द होता है. हालांकि, अगर आप इस दौरान पूरी तरह से ठीक हैं, तो आप पढ़ने, दोस्तों से मिलने, काम करने, जॉगिंग करने, फिल्में देखने और सेक्स करने जैसे सभी काम कर सकती हैं.

    Disclaimer : प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है.

  • अब चूहे आपके घर में कभी नहींˈ घुसेंगे – जानिए चूहे भगाने का अब तक का सबसे कारगर और रामबाण देसी उपाय एक बार आज़माकर देखिएˌ

    अब चूहे आपके घर में कभी नहींˈ घुसेंगे – जानिए चूहे भगाने का अब तक का सबसे कारगर और रामबाण देसी उपाय एक बार आज़माकर देखिएˌ

    अब चूहे आपके घर में कभी नहींˈ घुसेंगे – जानिए चूहे भगाने का अब तक का सबसे कारगर और रामबाण देसी उपाय एक बार आज़माकर देखिएˌ

    चूहे नाम सुनकर ही समझ आता है की कितना तंग करने वाला जानवर है जितना चूहे तंग करते है उतना ही कोई और जानवर तंग करता होगा। चूहों से तो बहुत लोग परेशान रहते है क्योकि चूहे कही भी मॉल कर देते है और पुरे घर में बदबू फैल जाती है और अजीब सा लागत है। चूहे यही तक नहीं रुकते है है चूहे घर के किसी कोने में एक सुरंग बना लेते है और वही रहने लग जाते है

    घर के सामानो को भी बहुत नुक्सान पहुंचते है घर में राखी कॉपी किताबे कुतर देते है और कॉपी किताबे क्या कई बार तो अलमारी में रखे कपडे और कई जरुरी कागजात भी कुतर कर ख़राब कर देते है जिससे बहुत सारा नुक्सान हो जाता है नए नए कपडे भी कुतर देते है और महंगे कपडे बर्बाद हो जाते है। ये चूहे यही तक नहीं रुकते है ये तो खाने को भी नहीं छोड़ते है ये खाना भी झूठा कर देते है और आप जानते ही है की चूहों का झूठा खा लेने से रेबीज नाम की जानलेवा बीमारी हो जाती है।

    यदि आपके घर में चूहे है आपने भी कई कोशिश करी होगी की इनको घर से भगा दिया जाए लेकिन कई कोशिश करने के बाद भी आपके हाथ सिर्फ नाकामी ही हासिल हुई होगी। हम आपके दर्द को समझ सकते है की चूहे घर में कितना नुकसान और आतंक मचा के रखते है वो बस कुतरते जाते है जो चीज़ मिले वो कुतर देते है। आज हम आपके एक ऐसा उपाय बताएँगे जिससे आप के घर से चूहों का नमो निशान हैट जाएगा और कभी आएँगे भी नहीं वापस।

    आइये जानते है क्या है वो रामबाण उपाय

    आपने वो कहावत तो सुनी ही होगी लोहा लोहे को काटता है ठीक उसी प्रकार अगर आप चूहों को भागने के उपाय करके थक गए है तो आप को ये तरीका अपनाये। अपने घर में एक पालतू चूहा मतलब सफ़ेद चूहा लेकर आये आप देख लेंगे कोई और चूहा नहीं रहेगा आपके घर में। दूसरे चूहे जितने होंगे वो सब भाग जानेगे क्योकि जो कुतरने वाला चूहा होता है वो भूरे या काले रंग के होते है और ये चूहे सफ़ेद चूहों से डरते है।

    सफ़ेद चूहा पालतू होने की वजह से आपके घर में चीज़ो का नुकसान नहीं करेगा जो आप इसको खाने के लिए देंगे ये वही खाएगा। इस उपाय को अपनाकर देखिये फायदा तुरंत दिख जाएगा।

  • ताश के पत्तों में 3 बादशाह कीˈ मूंछ होती है आखिर चौथे बादशाह की मूंछ क्यों होती है गायब ? पत्तों की अनकही कहानी जो शायद ही किसी ने सुनी होˌ

    ताश के पत्तों में 3 बादशाह कीˈ मूंछ होती है आखिर चौथे बादशाह की मूंछ क्यों होती है गायब ? पत्तों की अनकही कहानी जो शायद ही किसी ने सुनी होˌ

    ताश के पत्तों में 3 बादशाह कीˈ मूंछ होती है आखिर चौथे बादशाह की मूंछ क्यों होती है गायब ? पत्तों की अनकही कहानी जो शायद ही किसी ने सुनी होˌ

    ताश एक ऐसा खेल है जो दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नियम कानूनों के साथ खेला जाता है. खेल के प्रकार भले ही अलग हों, मगर कार्ड एक ही तरह के होते हैं. कार्ड के एक डेक में 52 पत्ते होते हैं.

    इन 52 पत्तों में 4 बादशाह होते हैं. हालांकि, वो अलग-अलग प्रकार के हैं. पर इन बादशाहों में एक खास बात है. वो ये कि 3 बादशाहों की मूंछ (Why King of Hearts dont have Moustache) है, जबकि 1 की नहीं है. क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर इसकी असल वजह क्या होगी? चलिए हम आपको बता देते हैं.

    सबसे पहले ताश के पत्तों के बारे में जरूरी बातें जान लीजिए. जैसा हमने पहले भी बताया, ताश (Only 3 kings have moustache in cards why) में 52 पत्ते होते हैं. इसमें इक्के से लेकर दहले तक 10 पत्ते, उसके अलावा बादशाह, बेगम और गुलाम होते हैं. ये पत्ते 4 प्रकार के होते हैं, जो हैं- पान, चिड़ी, ईंट और हुकुम. यानी 4 प्रकार के 13-13 पत्ते, जो कुल मिलाकर 52 बनते हैं. चारों प्रकार में 4 राजा होते हैं. पर लाल पान के बादशाह का लुक बाकी तीनों से बिल्कुल अलग होता है. उसकी मूंछ नहीं होती है.

    लाल पान के बादशाह की मूंछ नहीं है और हाथ में खंजर दिखता है.

    बादशाह की नहीं है मूंछ
    लगभग हर ताश के पत्तों में आपको लाल पान के बादशाह का ऐसा ही लुक देखने को मिलेगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक जब ताश का खेल शुरू हुआ था, तब लाल पान के बादशाह (King of Hearts moustache) की मूंछ हुआ करती थी. Technology.org वेबसाइट के मुताबिक आज जो पत्ते अस्तित्व में हैं, उनका डिजाइन 15वीं सदी के फ्रांस में बनाया गया था.

    गायब हो गई मूंछ
    उस दौरान राजाओं की मूंछें हुआ करती थीं. तब कार्ड की डिजाइन को लकड़ी के स्टांप के जरिए कॉपी करते थे. उसके बाद हाथों से उकेरा जाता था. समय के साथ लकड़ी के ब्लॉक खराब हो जाते और डिजाइन भी धुंधला हो जाता. ऐसा ही लाल पान के बादशाह वाले ब्लॉक के साथ भी हुआ. समय के साथ लकड़ी पर से मूंछ का निशान गायब हो गया और डिजाइनर ने इस पत्ते को बिना मूंछ के ही डिजाइन कर दिया. ये सिलसिला जारी रहा. यूं तो कई देशों ने अपने अनुसार डिजाइन को बदल लिया, पर मूल डिजाइन यही चलता रहा. रूस में किंग ऑफ हार्ट की मूंछ बनाई जाती है.

    कुल्हाड़ी बनी खंजर
    आप एक चीज और गौर करेंगे. राजा के हाथ का खंजर. ये भी लकड़ी के ब्लॉक की वजह से ही ऐसा है. लकड़ी के ब्लॉक का असर मूंछ के साथ बादशाह की कुल्हाड़ी पर भी पड़ गया. शुरुआत में, लाल पान के बादशाह के हाथ में एक कुल्हाड़ी थी. मगर कार्ड को ब्लॉक से कॉपी किया गया, तो कुल्हाड़ी का अगला हिस्सा धुंधला होने लगा और हाथ में सिर्फ चाकू की तरह लकड़ी दिखने लगी. तब से कुल्हाड़ी, खंजर का रूप लेने लगी. अब इस डिजाइन को देखकर लग रहा है कि बादशाह खुद को चाकू घोंप रहा है. इस वजह से किंग ऑफ हार्ट को सुसाइड किंग भी कहते हैं. दोस्तों इस लेख के बारे में आपके क्या विचार है कमेंट करके जरूर बताएं और हिमाचली खबर को फॉलो करना न भूलें।

  • इन शहरों में मुंह के बल गिरेˈ प्रोपर्टी के रेट सस्ता घर खरीदने का शानदार मौकाˌ

    इन शहरों में मुंह के बल गिरेˈ प्रोपर्टी के रेट सस्ता घर खरीदने का शानदार मौकाˌ

    इन शहरों में मुंह के बल गिरेˈ प्रोपर्टी के रेट सस्ता घर खरीदने का शानदार मौकाˌ

    हर कोई अपना घर खरीदने का सपना देखता है। कुछ लोग इस सपने को पूरा करने के लिए लोन लेते हैं तो कुछ लोग प्रोपर्टी के दाम गिरने का इंतजार करते हैं। ऐसे में आपको बता दें कि इस समय कई शहरों में प्राेपर्टी के रेट काफी गिरे चुके (property rates in big cities) हैं, जिससे यहां पर प्राेपर्टी में लेन-देन भी काफी बढ़ गया है। कई शहरों में रियल एस्टेट में मंदा आने से इस मौके का फटाफट फायदा उठाकर लोग सस्ती प्रोपर्टी लेकर बचत भी कर रहे हैं। वहीं कुछ शहरों में रेट तेजी से बढ़े भी हैं।

    इन शहरों में प्राेपर्टी के रेट में हुई गिरावट –

    हाउस प्राइस इंडेक्स की रिपोर्ट के अनुसार कुछ शहराें के दाम(sabse saste flat kaha hai) कम हुए हैं, तो कुछ शहरों में प्राेपर्टी के दामों में आश्चर्यजनक वृद्धि देखने को मिल रही है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का कहना है कि पिछली दो तिमाही में लखनऊ में 3.55 प्रतिशत और साथ ही  कानपुर में 4.32 प्रतिशत प्रोपर्टी के दामों में बढ़ोत्तरी(kon se sahar mein ghar kharidna chahiye) हुई है। जबकि तीसरी तिमाही में कानपुर में प्रोपर्टी में 2 प्रतिशत का घटाव देखने को मिला है। लखनऊ सहित तीन अलग शहरों में इसी समय के दौरान नाम मात्र की वृद्धि हुई है। बंगलुरू में तो प्रोपर्टी के रेटों ने सबको हैरान कर दिया था, क्याेंकि यहां 8 प्रतिशत कि बढ़ोत्तरी हुई है, जो कानपुर से लगभग दो गुना ज्यादा है।

    इन शहरों में बढ़ गए प्रोपर्टी के रेट – 

    इस साल की दूसरी तिमाही में हाउस प्राइस इंडेक्स (HPI) में 4.3 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो पिछली तिमाही में 3.3 प्रतिशत थी। एक साल पहले यह वृद्धि 3.5 प्रतिशत रही थी। इस दौरान, अलग-अलग शहरों में संपत्ति की कीमतों (property rates in India) में काफी अंतर था। बंगलूरू में सबसे ज्यादा 8.8 प्रतिशत का इजाफा हुआ, जबकि कानपुर में कीमतें 2 प्रतिशत कम हो गईं। अहमदाबाद, लखनऊ, (property rates in Lucknow) कोलकाता और चेन्नई (property rates in chennai) में भी मामूली 0.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। दिलचस्प यह है कि पहली तिमाही में लखनऊ की तुलना में कानपुर में कीमतों में सात गुना ज्यादा वृद्धि हुई थी। पहले स्थान पर कोलकाता था और बंगलुरु दूसरे नंबर पर था, लेकिन इस बार बंगलुरु ने पहले स्थान पर कब्जा किया है।

    हाउस प्राइस इंडेक्स की 10 शहरों की रिपोर्ट-

    अहमदाबाद 8.65 प्रतिशत

    कानपुर 4.08 प्रतिशत

    बंगलूरू 8.46 प्रतिशत 

    कोच्चि 5.59 प्रतिशत

    दिल्ली 1.72 प्रतिशत

    कोलकाता 8.92 प्रतिशत

    चेन्नई 5.26 प्रतिशत

    लखनऊ 0.78 प्रतिशत

    जयपुर 2.46 प्रतिशत

    मुंबई 0.38 प्रतिशत।

    क्या है मूल्य सूचकांक (HPI) रिपोर्ट-

    आरबीआई द्वारा आवास मूल्य सूचकांक (एचपीआई) तैयार किया जाता है, जिसमें उपयोग निवेशक व्यापक आर्थिक घटनाओं और शेयर बाजार के संभवित बदलावों पर नजर रखी जाती है। अभी आई आरबीआई की आवास मूल्य(sasti property konse sahar mein hai) सूचकांक (एचपीआई) की रिपोर्ट के अनुसार अहमदाबाद, कोच्चि, बंगलूरू(property rates in bangluru), कानपुर, मुंबई, कोलकाता, दिल्ली,(property rates in delhi) लखनऊ, चेन्नई, और जयपुर का औसत गृह मूल्य सूचकांक तैयार किया है। यह सूचकांक संपत्ति मूल्य लेनदेन के आधिकारिक आंकड़ों पर आधारित है, जिसे राज्य सरकारों के अधिकारियों द्वारा लिया जाता है।

  • महिला ने दिया 5.2 KG के बच्चेˈ को जन्म, देखकर डॉक्टर्स भी बोले- पहले नहीं देखा ऐसा बच्चाˌ

    महिला ने दिया 5.2 KG के बच्चेˈ को जन्म, देखकर डॉक्टर्स भी बोले- पहले नहीं देखा ऐसा बच्चाˌ

    मां बनने का सुख दुनिया का सबसे बड़ा सुख माना जाता है। जब कोई महिला गर्भवती होती है तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहता है। उसे अपने होने वाले बच्चे का बेसब्री से इंतजार रहता है। प्रेग्नेंसी के दौरान महिला अपने खान पान का अच्छे से ध्यान रखती है। उसकी कोशिश यही होती है कि उसका होने वाला बच्चा सेहतमंद और हेल्थी पैदा हो। आमतौर पर जब कोई बच्चा पैदा होता है तो उसका वजह ढाई किलो से साढ़े तीन किलों के बीच ही रहता है। एक अच्छा हेल्थी बच्ची पैदा होने पर माता पिता भी खुश हो जाते हैं।

    लेकिन आज हम आपको एक ऐसे बच्चे से मिलाने जा रहे हैं जिसका वजह पैदा होते ही पूरे 5 किलो है। पांच किलो वजन एक नवजात बच्चे के लिए बहुत ज्यादा होता है। ऐसे केस कम ही देखने को मिलते हैं जिसमें बच्चे का वजन पांच किलो या उससे अधिक हो। इतने हेवी बच्चे को पैदा करने में थोड़ी दिक्कतें भी आती है। अब असम के कछार जिले की इस महिला को ही ले लीजिए। महिला ने हाल ही में 5.2 किलो वजन के बच्चे को जन्म दिया है।

    महिला ने दिया 5.2 KG के बच्चेˈ को जन्म, देखकर डॉक्टर्स भी बोले- पहले नहीं देखा ऐसा बच्चाˌ

    बच्चे का इतना अधिक वजन देख परिवारवालों के साथ साथ डॉक्टर्स भी हैरान है। 5.2 किलो के बच्चे को जन्म देने वाली महिला का नाम जया दास है। 27 साल की यह महिला 17 जून को कछार जिले के सतींद्र मोहन देव सिविल अस्पताल में एडमिट हुई थी। अस्पताल के डॉक्टर्स का कहना है कि महिला को डिलीवरी की तारीख 29 मई दी गई थी, हालांकि कुछ कारणों से परिवार हॉस्पिटल देरी से आया।

    डॉक्टर हनीफ बताते हैं कि मैं इस महिला को स्टार्टिंग से देख रहा हूँ। मैंने उसे 29 मई को अस्पताल में एडमिट होने का सजेशन दिया था। लेकिन वह 17 जून को प्रसव पीड़ा के साथ हॉस्पिटल आई। ये महिला का दूसरा बच्चा है। इसके पहले उसने पहले बच्चे को सिजेरियन से जन्म दिया था। महिला ने लास्ट सोनोग्राफी भी नहीं कराई थी। यह एक इमरजेंसी थी जिसके चलते उसे हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। इसके बाद डॉक्टरों की एक टीम द्वारा सरकारी अस्पताल में मंगलवार को महिला का सिजेरियन ऑपरेशन किया गया।

    born baby

    ऑपरेशन के बाद जब महिला के बच्चे का वजन चेक किया गया तो डॉक्टर्स हैरान रह गए। बच्चे 5.2 किलोग्राम का हुआ। डॉक्टर हनीफ बताते हैं कि हमे भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि बच्चा 5.2 किलो वजनी होगा। ये एक अनोखा मामला है। यह एक देर से प्रसव का मामला भी है। फिलहाल मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। डॉक्टर बताते हैं कि असं में सामान्यतः नवजात बच्चे 2.5 से 3 किलो वजन के साथ पैदा होते हैं। ऐसा बहुत कम ही होता है जब किसी बच्चे का वजन 5 किलो हो।

    डॉक्टर आगे कहते हैं कि मैंने इस बारे में कई डॉक्टरों से बात की लेकिन किसी ने इसके पहले ऐसा केस नहीं देखा। जया दास और बादल दास के पहले बच्चे का वजन जन्म के समय 3.8 किलो था। इस बार उनकी दूसरी संतान 5.2 किलो की निकली। उधर सोशल मीडिया पर भी लोग इस खबर से हैरान है।

    वैसे क्या आप ने इसके पहले इतना वजनी बच्चा देखा है?

  • किडनी स्टोन को जड़ से तोड़ने वालेˈ 8 फूड्स और 5 ज़हर जैसे खाने, जिन्हें आज ही छोड़ देंˌ

    किडनी स्टोन को जड़ से तोड़ने वालेˈ 8 फूड्स और 5 ज़हर जैसे खाने, जिन्हें आज ही छोड़ देंˌ

    किडनी स्टोन को जड़ से तोड़ने वालेˈ 8 फूड्स और 5 ज़हर जैसे खाने, जिन्हें आज ही छोड़ देंˌ

    किडनी स्टोन का दर्द जिसने भी एक बार झेला है — वो ज़िंदगी भर भूल नहीं पाता।और अगर एक बार हो जाए, तो इसके दोबारा होने का खतरा हमेशा बना रहता है।

    लेकिन अगर आप कुछ खास चीज़ें खाएंगे तो न सिर्फ गुर्दे की पथरी टूटकर निकलना आसान हो जाएगा, बल्कि इसके दोबारा बनने के चांसेस भी बहुत कम हो जाएंगे।

    आज हम जानेंगे —
    8 ऐसे फूड्स जो किडनी स्टोन को तोड़ते हैं और 5 ऐसे फूड्स जिन्हें खाने से किडनी स्टोन बन सकता है

    और हाँ, आखिर में जानेंगे कि —
    क्या बियर सच में किडनी स्टोन में फायदेमंद है या नुकसानदेह?

    पहले जानते हैं — किडनी स्टोन तोड़ने वाले फूड्स

    नींबू पानी (Lemon Water):
    नींबू में होता है सिट्रेट, जो कैल्शियम के साथ मिलकर स्टोन बनने से रोकता है। यह बने हुए स्टोंस को छोटे टुकड़ों में तोड़कर यूरिन के रास्ते बाहर निकालता है।
    रोज़ सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़कर पिएँ।

    इसमें चीनी न डालें — सिर्फ सेंधा नमक या काला नमक डाल सकते हैं।

    तुलसी का जूस (Tulsi Juice):
    आयुर्वेद में तुलसी को मूत्रविरेचक औषधि कहा गया है।
    इसमें मौजूद एसीटिक एसिड यूरिक एसिड और कैल्शियम ऑक्सिलेट जैसे मिनरल्स को तोड़ता है।
    रोज़ाना तुलसी की चाय बनाकर 15 दिन पिएँ, फिर 1 हफ्ते का ब्रेक लेकर दोबारा शुरू करें।

    अनार का रस (Pomegranate Juice):
    अनार किडनी को डिटॉक्स करता है, इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स और पोटेशियम होता है। रोज़ सुबह 11 बजे या शाम 4 बजे एक गिलास फ्रेश अनार जूस पिएँ (बिना चीनी)।

    पैक्ड जूस जैसे Real, Tropicana आदि से बचें।

    नारियल पानी (Coconut Water):
    यह एक नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक है जो शरीर को हाइड्रेट रखती है और स्टोन बनने वाले तत्वों को बाहर निकालती है।
    रोज़ सुबह या दोपहर में एक गिलास नारियल पानी पिएँ।

    दही (Curd):
    कैल्शियम के बावजूद, दही किडनी स्टोन को रोकने में मदद करता है। कैल्शियम ऑक्सिलेट को बॉडी में अवशोषित नहीं होने देता।
    रोज़ाना एक कटोरी प्लेन दही लंच या ब्रेकफास्ट में लें।

    फ्लेवर्ड या मीठा दही न खाएँ।

    जौ का पानी (Barley Water):
    जौ एक नेचुरल डायरेटिक है जो किडनी और ब्लैडर को साफ रखता है। 2 चम्मच जौ को 2 गिलास पानी में 15 मिनट उबालें और ठंडा कर के रोज़ पिएँ।

    खीरा (Cucumber):
    खीरे में 95% पानी होता है — यह यूरिन आउटपुट बढ़ाकर स्टोन फ्लश करने में मदद करता है। लंच या डिनर में रोज़ एक खीरा खाइए।

    टेबल साल्ट की जगह काला नमक और नींबू डालिए।

    फूलगोभी (Cauliflower):
    लो ऑक्सिलेट, हाई फाइबर और विटामिन C से भरपूर — यह किडनी को डिटॉक्स करती है। हफ्ते में 2-3 बार सब्ज़ी या सूप में शामिल करें।

    अब जानिए — 5 फूड्स जो किडनी स्टोन को बढ़ाते हैं

    पालक:
    ऑक्सिलेट से भरपूर — कैल्शियम के साथ मिलकर स्टोन बनाता है।

    चुकंदर:
    हाई ऑक्सिलेट फूड — स्टोन के मरीजों को बिल्कुल नहीं खाना चाहिए।

    टमाटर:
    इसके बीजों में कैल्शियम ऑक्सिलेट अधिक होता है — स्टोन बढ़ा सकते हैं।

    हाई सोडियम फूड्स:
    नमकीन, चिप्स, पापड़, अचार आदि से बचें — ये कैल्शियम यूरिन में बढ़ाते हैं।

    कोला ड्रिंक्स (Coke, Pepsi, ThumsUp):
    इनमें फॉस्फोरिक एसिड होता है जो यूरिक एसिड स्टोन का रिस्क बढ़ाता है।

    क्या बियर किडनी स्टोन में फायदेमंद है?

    कुछ लोग कहते हैं कि बियर पीने से पथरी निकल जाती है —
    लेकिन सच्चाई यह है कि बियर इलाज नहीं है!

    हाँ, यह पेशाब बढ़ा सकती है,
    पर इसमें मौजूद प्यूरिन्स और अल्कोहल शरीर को डिहाइड्रेट करते हैं।

    इससे किडनी और लीवर दोनों पर लोड पड़ता है।
    और बार-बार स्टोन बनने की संभावना और बढ़ जाती है।

    इसलिए बियर की जगह अपनाइए —
    नींबू पानी, जौ का पानी, तुलसी का जूस या नारियल पानी।

    निष्कर्ष:

    किडनी स्टोन से बचने के लिए सही डाइट ही आपकी सबसे बड़ी दवा है। प्रकृति ने हमें सब कुछ दिया है — बस जरूरत है समझदारी से चुनने की।

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  • 700 साल पुरानी मंदिर जहां हनुमान जीˈ की मूर्ति खाती है लड्डू पीती है दूध और जपती है राम नामˌ

    700 साल पुरानी मंदिर जहां हनुमान जीˈ की मूर्ति खाती है लड्डू पीती है दूध और जपती है राम नामˌ

    700 साल पुरानी मंदिर जहां हनुमान जीˈ की मूर्ति खाती है लड्डू पीती है दूध और जपती है राम नामˌ

    जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं हनुमान जी भगवान श्री राम जी के सबसे बड़े भक्त हैं और बजरंगबली का नाम सदैव चमत्कारों से जुड़ा रहता है। हनुमान जी ने अपने बल और बुद्धि से कई चमत्कार किए हैं। हनुमान जी की गाथा बहुत सारे चमत्कारों से भरी हुई है। वहीं भगवान राम जी के परम भक्त हनुमान जी के मंदिर भी देश में जगह जगह पर हैं। हर गली मोहल्ले में हनुमान जी का मंदिर देखने को मिल जाता है लेकिन कुछ मंदिर ऐसे भी हैं जो बेहद खास हैं और यह खास मंदिर अपने चमत्कारों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं।

    आज हम आपको हनुमान जी के ऐसे मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जो अपने आप में बेहद खास है। दरअसल, उत्तर प्रदेश के जनपद इटावा मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर दूर बीहड़ में प्रताप नगर ग्राम रुरा में यमुना नदी के किनारे पिलुआ बजरंगबली का मंदिर स्थापित है। हनुमान जी का यह मंदिर अपने आप में ही अनूठा है। मंदिर में स्थापित बाल रूप हनुमान जी की लेटी हुई प्रतिमा अपने आप में बहुत अद्भुत है।

    हनुमान जी की मूर्ति खाती है लड्डू, पीती है दूध

    दरअसल, पिलुआ हनुमान मंदिर में हनुमान जी की जो लेटी हुई प्रतिमा है, वह बहुत ही अद्भुत है। इस प्रतिमा का मुंह खुला हुआ है। यहां पर रोजाना ही बड़ी संख्या में भक्त भगवान के दर्शन करने के लिए आते हैं। भक्त जो भी लड्डू या दूध भोग लगाते हैं, वह सीधा भगवान के पेट में चला जाता है। जी हां, हनुमान जी की मूर्ति को जो भी भक्त गण प्रेम और स्नेह से भोग लगाता है, तो वह हनुमान जी के पेट में चला जाता है। अभी तक पुरातत्व विभाग के शोधकर्ता भी इस बात का पता लगाने में सफल नहीं हो पाए हैं कि आखिर यह चमत्कार क्या है। पिलुआ हनुमान मंदिर जिले के ही नहीं बल्कि देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

    हनुमान जी का यह मंदिर लगभग 700 वर्ष पुराना है। यह प्राचीन मंदिर सिद्ध पीठ के रूप में भी जाना जाता है। आपको बता दें पहले पिलुआ के पेड़ के नीचे हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित थी लेकिन आज यह मंदिर भव्य रूप ले चुका है और इस मंदिर का जीर्णोद्धार भी कराया जा रहा है। रुरा क्षेत्र में पिलुआ पेड़ अधिक संख्या में होने की वजह से यह मंदिर पिलुआ हनुमान मंदिर के नाम से जाना जाता है। आज यह प्राचीन मंदिर देश ही नहीं बल्कि विश्व भर में प्रसिद्ध है।

    हर समय रामधुन रटते रहते हैं हनुमान जी

    भगवान हनुमान जी की प्रतिमा स्थापत्य एवं मूर्ति कला की दृष्टि से अत्यधिक विस्मयकारी है। वैसे तो देश भर में ऐसे कई प्रमुख मंदिर है जहां पर हनुमान जी की लेटी हुई प्रतिमाएं हैं परंतु इस प्रतिमा की विशेषता यह है कि बाल रूप हनुमान जी लेटे हुए हैं और उनका मुंह खुला हुआ है। हनुमान जी भक्तों का प्रसाद ग्रहण करते हैं।

    ऐसी मान्यता है कि हनुमान जी की यह प्रतिमा हजारों टन लड्डू का प्रसाद ग्रहण कर चुकी है लेकिन आज तक उनका मुंह नहीं भरा। उनके मुखारबिन्द में जल और दूध हमेशा भरा रहता है और बराबर बुलबुले निकलते हुए नजर आते हैं। वहीं मंदिर के पुजारियों का इन बुलबुलों के बारे में ऐसा बताना है कि हनुमान जी हर समय रामधुन रटते रहते हैं। इतना ही नहीं बल्कि वह बराबर सांस लेते हैं।

    महाभारत काल से जुड़ा है मंदिर का इतिहास

    वहीं ऐसा बताया जाता है कि इस मंदिर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। पुरातत्वविदों के लिए भगवान की यह प्रतिमा आज भी शोध का विषय बनी हुई है। इस मंदिर के पुजारियों का ऐसा बताना है कि इस सिद्ध पीठ पर जो भी भक्त सच्ची श्रद्धा के साथ आते हैं। हनुमान जी उनकी हर इच्छा को पूरी कर देते हैं। यहां पर मंगलवार और शनिवार के दिन भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। लेकिन बुढ़वा मंगल के दिन काफी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। मंदिर में लाखों की तादात में आज के दिन भक्त पहुंचते हैं और भगवान बजरंगबली के दर्शन कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

  • रेप सीन के बाद 3 दिन तकˈ रोती रहीं माधुरी दीक्षित से लेकर रवीना टंडन तक सेट पर 10 मर्द मिलकर….ˌ

    रेप सीन के बाद 3 दिन तकˈ रोती रहीं माधुरी दीक्षित से लेकर रवीना टंडन तक सेट पर 10 मर्द मिलकर….ˌ

    रेप सीन के बाद 3 दिन तकˈ रोती रहीं माधुरी दीक्षित से लेकर रवीना टंडन तक सेट पर 10 मर्द मिलकर….ˌ

    Rape Scene: आज की बात हो या 70 और 80 का दशक, लोगों को रेप सीन देखे बिना मजा नहीं आता. लेकिन दर्शकों और निर्देशकों को इस बात का अंदाजा नहीं है कि अभिनेत्रियों को ये दृश्य करते समय कितना बुरा लगता इस सीन के लिए निर्देशक अभिनेत्रियों पर काफी दबाव डालते हैं और कई बार वे कास्टिंग काउच का शिकार भी हो जाती हैं.

    तो चलिए आगे जानते हैं कि रेप सीन (Rape Scene) के बाद माधुरी दीक्षित और रवीना टंडन तीन दिन तक क्यों रोई थीं?

    Rape Scene के बाद क्यों रोईं माधुरी दीक्षित?

    माधुरी दीक्षित को एक फिल्म में रेप सीन (Rape Scene) शूट करने के लिए मजबूर किया गया था. एक्टर अन्नू कपूर ने एक बार अपने रेडियो शो ‘सुहाना सफर विद अन्नू कपूर’ में इस बात का खुलासा किया था. अन्नू कपूर ने बताया था कि एक फिल्म में माधुरी दीक्षित का रंजीत के साथ रेप सीन था।

    माधुरी ने उस सीन को करने से मना कर दिया था. लेकिन निर्देशक ने कथित तौर पर माधुरी को बलात्कार का दृश्य शूट करने के लिए मजबूर किया और कहा कि वह पीछे नहीं हट सकतीं. अन्नू कपूर ने बताया था कि माधुरी दीक्षित ने किसी तरह उस दृश्य को पूरा किया। वह स्पष्ट रूप से घबराई हुई और घबराई हुई थीं, जबकि निर्देशक और सेट पर मौजूद अन्य क्रू सदस्य जोर-जोर से तालियां बजा रहे थे।

    रवीना टंडन का भी हुआ बुरा हाल

    रवीना टंडन की फिल्म ‘मातृ: द मदर’ में कई रेप सीन (Rape Scene) हैं. रवीना ने एक इंटरव्यू में बताया था कि शूटिंग के दौरान वह फिल्म की कहानी से जुड़ गईं.इसमें महिलाओं के खिलाफ अत्याचार और हिंसा की कहानी दिखाई गई थी, जिससे वह खुद को अलग नहीं कर पाई थीं. रवीना टंडन ने कहा था कि फिल्म में कई रेप सीन हैं जो चौंका देने वाले हैं.

    लेकिन गैंगरेप सीन के बाद रवीना टंडन 3 रातों तक सो नहीं पाई थीं. रवीना की हालत तब खराब हो गई थी जब उन्हें उस गैंगरेप सीन की डबिंग करनी पड़ी थी. रवीना टंडन ने कहा था कि उस सीन ने उन्हें बुरी तरह परेशान कर दिया था और वह रोने लगी थीं।

    कास्टिंग काऊच क्या होता है?

    कास्टिंग काउच एक अनैतिक और गैरकानूनी प्रथा है जिसमें किसी व्यक्ति को काम दिलाने के बदले में दूसरे व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए कहा जाता है. फिल्म इंडस्ट्री में पुराने लोग नए आए जूनियर्स से ऐसी मांग करते हैं। वैसे तो कास्टिंग काउच की अवधारणा लोगों को फिल्म इंडस्ट्री में इससे जुड़ी घटनाओं के कारण पता चली, लेकिन यह किसी भी क्षेत्र में हो सकता है।

    अगर हम शाब्दिक अर्थ से जाएं तो इसे समझना आसान हो जाएगा। काउच का मतलब सोफा होता है।यह निर्देशक और निर्माता के कार्यालय में उस सोफे को संदर्भित करता है जहाँ महत्वाकांक्षी अभिनेता और अभिनेत्रियों का साक्षात्कार लिया जाता है। कास्टिंग का मतलब है किसी को कास्ट करना या उन्हें किसी फिल्म का हिस्सा बनाना।

  • बाथरूम में बहू को टुकुर-टुकुर निहारता था,ˈ फिर एक दिन… ससुर की घिनौनी करतूत का भंडाफोड़ˌ

    बाथरूम में बहू को टुकुर-टुकुर निहारता था,ˈ फिर एक दिन… ससुर की घिनौनी करतूत का भंडाफोड़ˌ

    बाथरूम में बहू को टुकुर-टुकुर निहारता था,ˈ फिर एक दिन… ससुर की घिनौनी करतूत का भंडाफोड़ˌ

    Kota Crime News: वो जब-जब बाथरूम जाती, पीछे से ससुर भी आ जाता. फिर बाथरूम से टुकुर-टुकुर बहू को निहारता. एक दिन तो ससुर ने हद ही पार कर दी. उसने अकेला पाकर बहू को पीछे से जकड़ लिया. फिर बेड पर धकेला और रेप की कोशिश की. बहू ने शोर मचाया और ससुर को धक्का मारकर वहां से भाग गई. उसके बाद सीधे पति को फोन किया और ससुर की करतूत बताई. बाद में थाने में जाकर बहू ने ससुर के खिलाफ FIR दर्ज करवाई. आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है.

    मामला रामगंजमंडी कस्बे का है. आरोपी एक रिटायर्ड फौजी है. पीड़ित बहू ने पुलिस को बताया- साहब मेरी उम्र 22 साल है. मेरे पति जयपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं. मैं यहां ससुराल में रहती हूं. मेरी सास खैराबाद समिति की प्रधान हैं. वो अक्सर काम से बाहर रहती हैं. जबकि, 55 साल के ससुर सेना से रिटायर्ड हैं. वो घर पर ही रहते हैं. अमूमन घर पर मैं ससुर ही रहते हैं.

    पीड़िता ने बताया- मैंने काफी समय से ससुर से परेशान थी. कारण था उनकी गंदी हरकतें. जब भी मैं बाथरूम जाती, वो मुझे झांक-झांकर देखते. पहले तो मैंने उनकी हरकतों को नजरअंदाज किया. मगर दिन ब दिन उनकी हरकतें और भी ज्यादा गंदी होती जा रही थीं. हद तो तब पार हो गई जब उन्होंने मुझे अकेला पाकर रेप की कोशिश की. मैंने किसी तरह खुद को उनके चंगुल से आजाद किया. फिर वहां से भाग निकली.

    पुलिस की कार्रवाई से नाराज परिवार

    बहू ने फिर थाने जाकर मामला दर्ज करवाया. हालांकि, पीड़िता का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी में देरी हुई. घटना के बाद पीड़िता अपने मायके लौट गई और वहां से न्याय की मांग करती रही. उसका कहना है कि पिछले हफ्ते परिवार ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की थी. आरोपी की गिरफ्तारी में देरी से नाराज होकर पीड़िता और उसके परिवार ने मंगलवार को एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया था. दबाव बढ़ने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है.

  • बीवी खाने में पिरियड्स का खून मिलाकरˈ देती है, करती है जादू-टोना, पति शिकायत लेकर थाने पहुंचाˌ

    बीवी खाने में पिरियड्स का खून मिलाकरˈ देती है, करती है जादू-टोना, पति शिकायत लेकर थाने पहुंचाˌ

    बीवी खाने में पिरियड्स का खून मिलाकरˈ देती है, करती है जादू-टोना, पति शिकायत लेकर थाने पहुंचाˌ

    पति-पत्नी के बीच लड़ाई झगड़ा होना आम बात है। हालांकि कई बार लड़ाई की वजह इतनी बड़ी होती है कि बात सीधा थाने तक चली जाती है। कभी पत्नी अपने पति की शिकायत थाने में दर्ज कराती है तो कभी हसबैन्ड अपनी वाइफ की शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुँच जाता है। थाने में शिकायत की वजहें बड़ी आम होती है। जैसे पति की मारपीट, दहेज का लालच, लव अफेयर, धोखा इत्यादि। लेकिन उत्तर प्रदेश के गाजियाबद में एक पति अपनी पत्नी की ऐसी शिकायत लेकर पहुंचा जिसे सुन खुद पुलिस भी दंग रह गई।

    खाने में पीरियड्स का खून मिलाकर देती थी पत्नी

    गाजियाबाद में रहने वाले एक पति ने पत्नी पर आरोप लगाया कि वह उसे खाने में पीरियड्स का खून मिलाकर देती है। वह इस शिकायत को लेकर थाने भी जा पहुंचा। उसने पुलिस को बताया कि खाना खाने के बाद उसकी तबीयत खराब हो गई थी। फिर उसने अपना मेडिकल टेस्ट करवाया। टेस्ट में पता चला कि संक्रमण के चलते उसके शरीर में सूजन आई है। पति का कहना है कि उसकी तबीयत इसलिए ही खराब हुई थी क्योंकि उसकी पत्नी ने खाने में पीरियड्स का खून मिलाकर दिया था।

    पति ने दर्ज कराई शिकायत

    दरअसल ये मामला तो पुराना है, लेकिन जानकारी के मुताबिक पति ने जून में थाने में पति की शिकायत दर्ज कराई थी। तब पुलिस अफसरों ने जिला चिकित्सा अधिकारी को लेटर लिखकर इस केस की रिपोर्ट मांगी थी।

    शादी के बाद से ही झगड़ते थे पति-पत्नी

    पति की शिकायत के बाद कवि नगर पुलिस स्टेशन ने पीड़ित की पत्नी और उसकी परिवार के खिलाफ आईपीसी की धारा 328 और 120बी यानी आपराधिक साजिश के तहत केस दर्ज किया था। पति-पत्नी की शादी साल 2015 में हुई थी। दोनों का एक बेटा भी है। हालांकि शादी के बाद से ही पति-पत्नी की आपस में नहीं बनती है। दोनों आए दिन एक दूसरे से झगड़ते रहते हैं।

    पति बोला- पत्नी करती है जादू टोना

    पति ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि उसकी पत्नी अपने सास ससुर से अलग रहना चाहती है। इस बात को लेकर वह आए दिन पति से झगड़ा करती रहती थी। पति का यह भी कहना था कि उसकी पत्नी उसके ऊपर जादू-टोना भी करती थी। पति की शिकायत के बाद पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

    वैसे इस पूरे मामले में आपकी क्या राय है हमे कमेंट कर जरूर बताएं।