Author: me.sumitji@gmail.com

  • मंडप में लेट पहुंचा दूल्हा तो गुस्साईˈ दुल्हन ने दूसरे से कर ली शादी सिर पकड़कर बैठ गया दूल्हाˌ

    मंडप में लेट पहुंचा दूल्हा तो गुस्साईˈ दुल्हन ने दूसरे से कर ली शादी सिर पकड़कर बैठ गया दूल्हाˌ

    मंडप में लेट पहुंचा दूल्हा तो गुस्साईˈ दुल्हन ने दूसरे से कर ली शादी सिर पकड़कर बैठ गया दूल्हाˌ

    अपने जीवन में हम सभी कभी न कभी लेट जरूर हुए होंगे। कभी घर पहुंचने में देरी हो जाती है तो कभी ऑफिस आने में लेट हो जाता है। इसकी कई वजहें होती हैं। रास्ते का ट्रैफिक से लेकर घर की कई समस्याएं देरी करवा देती हैं। मगर क्या आपने सुना है कि कोई अपनी शादी में ही लेट हो जाए।

    जी हां महाराष्ट्र से ऐसा दिलचस्प मामला सामने आया है। यहां दूल्हेराजा अपनी ही शादी में घंटों देरी से पहुंचे। मंडप में इंतजार करते-करते जब दुल्हन थक गई तो उसको गुस्सा आ गया। इसके बाद उसने ऐसा कदम उठा लिया कि दूल्हे राजा को सिर पकड़कर बैठना पड़ा। आइए जानते हैं पूरी घटना क्या है।

    महाराष्ट्र के बुलढाणा की है घटना

    शादी में लेट लतीफी का ये मामला महाराष्ट्र के बुलढाणा से सामने आया है। ये घटना 22 अप्रैल की है जहां मलकापुर पंगरा गांव में शादी हो रही थी। यहां शादी की सारी तैयारियां हो चुकी थीं। बस बारात का इंतजार हो रहा था। दूल्हा बारात लेकर विवाह स्थल पर पहुंच गया था। जिससे सबको तसल्ली हो गई थी।

    विवाह के लिए शुभ मुहूर्त 4 बजे शाम का निकाला गया था। मंडप सज गया था और दुल्हन भी समय से ही मंडप में विवाह की रस्मों के लिए बैठ गई थी। हालांकि इसके बाद शुरू हुआ इंतजार जो खत्म ही नहीं हो रहा था। धीरे-धीरे समय बीतता जा रहा था और शाम 4 बजे की जगह 8 बज गए लेकिन दूल्हा मंडप तक नहीं पहुंचा।

    शराब पीकर नाचता रहा, दुल्हन ने ले लिया बड़ा फैसला

    दुल्हन मंडप पर अपने दूल्हे का शाम 4 बजे से इंतजार कर रही थी। वहीं दूल्हे को इसकी कोई फिक्र ही नहीं थी। वो आराम से अपने दोस्तों के साथ मजे कर रहा था। उनके साथ शराब पीकर डांस करने में बिजी दूल्हे को इतना भी ध्यान नहीं रहा कि शुभ मुहूर्त निकल जाने से पहले वो मंडप में पहुंच जाए।

    दूसरी ओर लड़की और उसके घरवाले मंडप में बैठकर इंतजार करते रहे। घंटों इंतजार करने के बाद भी दूल्हा मंडप पर नजर ही नहीं आ रहा था। वो स्टेज पर ही नाच गाने और हंगामा करने में बिजी था। इसके बाद गुस्साई दुल्हन ने बड़ा फैसला ले लिया। उसने शराबी लड़के के साथ शादी करने से ही मना कर दिया।

    उठाया ऐसा कदम, सिर पकड़कर बैठ गया दूल्हा

    दुल्हन के इनकार करने के बाद वहां हड़कंप मच गया। लड़की के पिता भी सोच में डूब गए कि सारी तैयारी हो चुकी है, अब क्या होगा। इसके बाद उन्होंने अपने रिश्तेदार के लड़के से शादी करवाने का फैसला किया। हैरानी की बात है कि इस प्रस्ताव को लड़की ने भी मान लिया। उसी मंडप में दोनों की शादी करवा दी गई।

    वहीं शराब के नशे में रात 8 बजे जब दूल्हा शादी करने मंडप पर पहुंचा तो हैरान रह गया। वहां दुल्हन नहीं थी और न ही पंडित दिख रहा था। लड़की के पिता ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी रिश्तेदार के लड़के से कर दी है। इतना सुनकर दूल्हा वहीं सिर पकड़कर बैठ गया। ये घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • पति की जीभ काटकर खाई और खूनˈ भी पिया फिर भाग गई पत्नी… पुलिस से बोला- उसमें कोई तो शक्ति जरूर हैˌ

    पति की जीभ काटकर खाई और खूनˈ भी पिया फिर भाग गई पत्नी… पुलिस से बोला- उसमें कोई तो शक्ति जरूर हैˌ

    पति की जीभ काटकर खाई और खूनˈ भी पिया फिर भाग गई पत्नी… पुलिस से बोला- उसमें कोई तो शक्ति जरूर हैˌ

    बिहार के गयाजी से अजीबोगरीब और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर ने सभी को चौंका कर रख दिया है. यहां एक महिला ने अपने ही पति की जीभ काटकर उसे निगल लिया. पति खून से लथपथ तड़पने लगा तो उसने सारा खून भी पी लिया. फिर भाग गई. पति को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती करवाया गया. इसके बाद पति ने जो कुछ भी पुलिस को बताया वाकई हैरान करने वाला था, जिसे सुन वो भी सन्न रह गए.

    पीड़ित शख्स का नाम मुकेश दास है, जो 36 साल के हैं. जीभ कट जाने के बाद अब वो कुछ भी बोल नहीं पा रहे. मामला खिजरसराय इलाके का है. मुकेश की पत्नी आशा वर्कर है. मुकेश की मानें तो उसकी पत्नी ने चिकनी-चुपड़ी बातों में फंसाकर ये कांड किया. मुकेश ने बताया- सोमवार की शाम मैं घर आया. आकर मैंने जलजीरा पिया. तभी पत्नी सुनीता मेरे पास आई और कहने लगी कि तुमने जहर पी लिया है. मैंने उसे समझाया कि ऐसा नहीं है.

    मुकेश की मानें तो सुनीता जिद करने लगी कि तुम अपनी जीभ दिखाओ. पहले मैंने अपनी जीभ नहीं दिखाई. जिसके बाद सुनीता मुकेश से बड़े प्यार से जीभ बाहर करने के लिए कहने लगी. इस पर मैंने भी उसकी बात मान ली. पहले थोड़ी जीभ मुंह से बाहर निकाली. सुनीता ने कहा- थोड़ा और बाहर करो. जैसे ही मैंने जीभ थोड़ी और बाहर निकाली, सुनीता ने झट से जीभ काटकर उसे निगल लिया. जीभ से काफी ज्यादा खून निकल रहा था, जिसे सुनीता ने चाट लिया.

    पहले सुनाई झूठी कहानी

    पीड़ित मुकेश पहले सच्चाई नहीं बताना चाहते थे. शुरुआत में मुकेश ने कहा कि मैं घर में पंखा ठीक कर रहा था. टेबल पर चढ़ा था. मैं टेबल से मुंह के बल गिर गया, इस कारण मेरी जीभ कट गई. मगर मुकेश से जब सच्चाई बोलने के लिए कहा गया तो उसने फिर बड़ी देर बाद पूरी कहानी बताई.

    मुकेश ने कहा कि पत्नी सुनीता अजीब हरकतें करती है. मुकेश का कहना है कि एक बार तो सुनीता बेटी को लेकर पहली मंजिल से कूद गई थी, पर मैं देखकर हैरान रह गया कि दोनों को कुछ भी नहीं हुआ. मुझे लगता है कि उसमें कोई तो शक्ति जरूर है. एक बार सुनीता ने बेटी को गोद में उठाया था. दरवाजा बंद था, ताला लगा हुआ था. सुनीता बिना ताला खोले ही बाहर निकल गई. मैंने पत्नी की हरकतों का कभी भी किसी से जिक्र नहीं किया. क्योंकि मुझे लगा लोग मुझे ही बेवकूफ कहकर मेरा मजाक उड़ाएंगे.

    मुकेश-सुनीता के तीन बच्चे हैं

    मुकेश के 2 बेटे हैं और एक बेटी. तीनों की उम्र 12 साल के अंदर है. तीनों अभी दादा-दादी के पास रह रहे हैं. वहीं, पत्नी सुनीता का कुछ पता नहीं. घटना के बाद से वो घर से फरार है. पुलिस अभी आरोपी पत्नी की तलाश में है. उनका कहना है कि जल्द ही महिला को ढूंढकर गिरफ्तार किया जाए.

  • ये 2 चीजें दांतों पर जमी पीलीˈ परत को करेंगी साफ, दांतों को मिलेगी मजबूती, एक्सपर्ट ने बताया कैसे करें इस्तेमालˌ

    ये 2 चीजें दांतों पर जमी पीलीˈ परत को करेंगी साफ, दांतों को मिलेगी मजबूती, एक्सपर्ट ने बताया कैसे करें इस्तेमालˌ

    ये 2 चीजें दांतों पर जमी पीलीˈ परत को करेंगी साफ, दांतों को मिलेगी मजबूती, एक्सपर्ट ने बताया कैसे करें इस्तेमालˌ

    भारत में पिछले कुछ समय से ओरल हेल्थ को लेकर स्थिति चिंताजनक हो गई है। कम उम्र में ही पीले दांत, कमजोर मसूड़े, सांसों की बदबू और पायरिया जैसी समस्याएं बढ़ती देखी जा रही हैं। ये समस्याएं न केवल बाहरी रूप को प्रभावित करती हैं, बल्कि पूरी हेल्थ को भी प्रभावित करती हैं। अनहेल्दी लाइफस्टाइल, गलत खानपान और खराब मौखिक स्वच्छता के कारण अक्सर दांतों के पीलेपन की समस्या बढ़ जाती है। चाय, कॉफी, तंबाकू या कोल्ड ड्रिंक्स का अधिक सेवन इसके पीछे मुख्य कारण है।

    कई लोग इस समस्या के लिए तरह-तरह के रासायनिक टूथपेस्ट और माउथ फ्रेशनर का इस्तेमाल करते हैं। शुरुआत में तो यह फायदेमंद लगता है, लेकिन समय के साथ दांत और मसूड़े कमजोर होने लगते हैं। ऐसे में प्राकृतिक उपचार सबसे सुरक्षित और कारगर होते हैं। आयुर्वेद में कई ऐसे तत्वों का जिक्र किया गया है, जो दांतों को चमकदार बनाए रखते हैं और मसूड़ों को मजबूत बनाते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट सुभाष गोयल ने बताया कि त्रिफला, हल्दी और सरसों का तेल ओरल हेल्थ के लिए महत्वपूर्ण तिकड़ी हैं।

    त्रिफला चूर्ण

    त्रिफला आयुर्वेद की एक प्राचीन और विश्वसनीय औषधि है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो दांतों से प्लाक और टार्टर हटाने में मदद करते हैं। यह मुंह के बैक्टीरिया को मारकर कैविटी और सांसों की दुर्गंध को रोकता है। इसके नियमित सेवन से दांत प्राकृतिक रूप से सफेद होते हैं। यह मसूड़ों को भी मजबूत बनाता है और पायरिया जैसी समस्याओं को कम करता है। त्रिफला न केवल मौखिक स्वास्थ्य के लिए, बल्कि पूरे पाचन तंत्र के लिए भी अच्छा है, इसलिए इसके लाभ दोगुने हैं।

    हल्दी

    भारतीय रसोई में आसानी से मिलने वाली हल्दी दांतों के स्वास्थ्य के लिए वरदान है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन तत्व बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकता है और सूजन को कम करता है। यह मसूड़ों में सूजन, रक्तस्राव या दर्द को कम करने में कारगर है। नियमित उपयोग से दांतों पर जमी पीली परत हट जाती है और प्राकृतिक चमक लौट आती है। पायरिया या मसूड़ों की अन्य समस्याओं में हल्दी का प्रयोग लाभकारी होता है। यह मुंह को साफ रखता है और स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।

    सरसों के तेल के फायदे

    सरसों का तेल न केवल खाना पकाने में, बल्कि दांतों और मसूड़ों की देखभाल के लिए भी उपयोगी है। इसके रोगाणुरोधी गुण दांतों को कीटाणुओं से बचाते हैं। मसूड़ों की मालिश करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे वे मजबूत बनते हैं। हल्दी और त्रिफला के साथ इस्तेमाल करने पर यह दांतों को साफ और सफेद करने में मदद करता है।

    वहीं, एसिडिटी, गैस और पेट फूलने की समस्या को आम मानकर अनदेखा करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि लंबे समय तक ऐसा होना सेहत के साथ-साथ पेट के कैंसर का कारण बन सकता है।

  • आचार्य चाणक्य अनुसार हर मनुष्य को कुत्तेˈ से लेनी चाहिए ये 4 सीख जीवन में होंगे कामयाबˌ

    आचार्य चाणक्य अनुसार हर मनुष्य को कुत्तेˈ से लेनी चाहिए ये 4 सीख जीवन में होंगे कामयाबˌ

    आचार्य चाणक्य अनुसार हर मनुष्य को कुत्तेˈ से लेनी चाहिए ये 4 सीख जीवन में होंगे कामयाबˌ

    आचार्य चाणक्य जी अपने समय के सबसे बड़े विद्वान और एक अच्छे नीतिकार हुआ करते थे इन्होंने मनुष्य से जुड़ी हुई बहुत सी बातें बताई हैं जो आजकल के समय में सत्य होती नजर आ रही है इनके द्वारा बताई गई हर बात कलयुग में सच साबित हो रही है आचार्य चाणक्य जी ने “चाणक्य नीति” नामक एक पुस्तक लिखी है जिसमें मनुष्य के जीवन पर आधारित बहुत सी बातें बताई गई है अगर मनुष्य इन सभी बातों को अपने जीवन में अपनाता है तो वह अपने जीवन में एक सफल व्यक्ति बन पाएगा आचार्य चाणक्य जी ने एक साधारण से बालक को मगध का राजा बना दिया था इन्होंने जिस बालक को राजा बनाया था उसका नाम चंद्रगुप्त मौर्य था इन्होंने अपनी बुद्धिमानी से चंद्रगुप्त मौर्य को मगध का राजा बनाया था।

    आचार्य चाणक्य जी द्वारा बताई गई बातें जो मनुष्य अपने जीवन में उतार लेता है उसका जीवन अवश्य सफल होता है आज हम आपको इस लेख के माध्यम से आचार्य चाणक्य अनुसार कौन सी चार सीख कुत्ते से लेनी चाहिए इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं।

    आइए जानते हैं कौन सी 4 सीख कुत्ते से लेना चाहिए

    थोड़े में संतुष्ट हो जाना

    जैसा कि आप लोग जानते हैं कुत्ता एक बुद्धिमान प्राणी होता है उसके अंदर संतुष्ट होने का गुण बहुत महत्वपूर्ण माना गया है कुत्ते को अधिक भूख लगने के बावजूद भी उसको जितना अन्न खाने को मिलता है वह अपने आपको उतने में ही संतुष्ट कर लेता है यहां आचार्य चाणक्य इस बात को बताना चाहते हैं कि मनुष्य को अपनी मेहनत का जितना फल प्राप्त होता है उसको उतने ही फल में संतुष्ट हो जाना चाहिए।

    सतर्क रहना

    आचार्य चाणक्य अनुसार कुत्ता चाहे कितनी भी गहरी नींद में सो रहा हो परंतु वह हमेशा सतर्क रहता है अगर कुत्ते को किसी भी तरह की थोड़ी भी आवाज सुनाई देती है तो वह तुरंत उठ कर बैठ जाता है इसलिए कुत्ते का यह गुण हर मनुष्य को जरूर सीखना चाहिए क्योंकि आचार्य चाणक्य अनुसार जो व्यक्ति अपने जीवन में हमेशा सतर्क रहता है वह अपने जीवन में कभी भी धोखा नहीं खाता है।

    स्वामी भक्ति

    आप लोग जानते हैं कि कुत्ते को सबसे वफादार माना गया है आचार्य चाणक्य जी का कहना है कि मनुष्य जिस व्यक्ति के लिए काम करता है और उससे धन प्राप्त करता है तो उस व्यक्ति को कभी भी धोखा नहीं देना चाहिए मनुष्य को अपनी पूरी निष्ठा के साथ कार्य को ईमानदारी पूर्वक करना चाहिए।

    वीरता

    कुत्ता एक बहुत ही बहादुर प्राणी माना जाता है अगर उसके स्वामी पर किसी प्रकार की विपत्ति आती है तो वह अपनी जान को खतरे में डालकर दुश्मनों पर आक्रमण करता है और अपने स्वामी की रक्षा करता है इससे कुत्ते की वीरता का प्रदर्शन होता है आचार्य चाणक्य जी का कहना है कि वीरता की सीख हमें कुत्ते से लेनी चाहिए हर किसी मनुष्य को परिवार में संकट पर एक वीर की भांति सबसे आगे खड़ा होना चाहिए।

    उपरोक्त जो चार बातें हमने आचार्य चाणक्य जी के अनुसार बताई है अगर यह बातें कोई व्यक्ति अपने जीवन में अपनाता है तो वह हमेशा अपने जीवन में सफलता हासिल करता है उसको अपने जीवन में कामयाबी के मार्ग खुद-ब-खुद हासिल होने लगते हैं।

  • जिन्हें भारत ने सर आंखों पर बैठायाˈ पाकिस्तान में मिली सजा! आखिर कहां गायब हो गईं ये 2 लड़कियां?ˌ

    जिन्हें भारत ने सर आंखों पर बैठायाˈ पाकिस्तान में मिली सजा! आखिर कहां गायब हो गईं ये 2 लड़कियां?ˌ

    Pakistan: आजकल लोगों को रील्स देखना इतना पसंद हो गया है की वे जब भी फ़ोन उठाते हैं सबसे पहले इंस्टा रील देखना शुरू करते हैं. आए दिन कई ऐसे वीडियो वायरल होते रहते हैं. पाकिस्तान (Pakistan) में अगर कोई वीडियो वायरल हो जाए तो भारत में भी उसका खूब मजाक उड़ाया जाता है. तो चलिए आगे जानते हैं कि आखिर कहां गायब हो गईं वो दो लड़कियां जिनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

    “ये हमारी पॉवरी हो रही है”

    कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था जिसमें एक लड़की पाकिस्तान (Pakistan) में एक लड़की पार्टी कर रही थी उसने बहुत ही स्टाइलिश तरीके से एक डायलॉग बोला जो सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड करने लगा था. उस वीडियो में लड़कियां एक कार के पास सड़क पर डांस कर रही हैं.

    नीर सेल्फी लेते हुए वीडियो बनाती हैं. वह कहती हैं, ‘ये हमारी कार है और ये हम हैं और ये हमारी Pawri है.’ इस पर भारतीय यूजर्स ने भी मजेदार मीम्स बनाने शुरू कर दिए.

    जानें कौन हैं ये Pakistani गर्ल?

    जिन्हें भारत ने सर आंखों पर बैठायाˈ पाकिस्तान में मिली सजा! आखिर कहां गायब हो गईं ये 2 लड़कियां?ˌ
    Pakistan’S ‘Pawri Ho Rahi Hai Girl’

    बता दें की 19 साल की पाकिस्तानी (Pakistan) स्पेशल मीडिया इंफ्ल्यूंसर का नाम ‘दानानीर मोबिन या गीना’ है, जो पाकिस्तान की मशहूर कंटेंट क्रिएटर है. यशराज मुखाटे के मैशअप के बाद मूल ‘हमारी पावरी होरी है’ क्लिप को इंस्टाग्राम पर 3.5 मिलियन से अधिक बार देखा गया है और इसे अनगिनत स्पूफ, पैरोडी और मीम्स में बदल दिया गया है.

    उसका मकसद कामयाब रहा और लोगों ने मीम बनाना शुरू कर दिया है। दानानीर के #PawriHoRahiHai वीडियो ने उन्हें रातोंरात प्रसिद्धि दिलाई और उनके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या 5 लाख को पार कर गई।

    “मेरा दिल ये पुकारे आजा”

    Mera Dil Ye Pukare Aaja
    Mera Dil Ye Pukare Aaja

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक ऐसी चीज है जो एक आम आदमी को भी रातों-रात स्टार बना सकती है. पिछले कुछ दिनों से लता मंगेशकर के गाने ‘मेरा दिल ये पुकारे आजा’ पर एक पाकिस्तानी (Pakistan) लड़की का डांस वीडियो वायरल हो रहा है. इस पाकिस्तानी लड़की का नाम आयशा बताया जा रहा है.

    उसने एक शादी समारोह में डांस किया,हर कोई उसके डांस की तारीफ कर रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आयशा टिक टॉक पर काफी एक्टिव रहती हैं और अक्सर अपने वीडियो बनाकर शेयर करती रहती हैं, जिन्हें उनके फैंस काफी पसंद करते हैं।

    कहां गायब हुई ये पाक हसीना

    ये दोनों लड़कियां पाकिस्तान (Pakistan) से लेकर भारत तक वायरल हो गईं. इनका डांस पाकिस्तान ही नहीं बल्कि भारत में भी वायरल हुआ. हर कोई इनके बारे में जानने को उत्सुक था. जब लोगों को पता चला कि ये पाकिस्तान से हैं, तब भी लोगों का इनके प्रति प्यार कम नहीं हुआ. वीडियो वायरल होते ही आयशा पाकिस्तान से लेकर भारत तक सभी के लिए आइकॉन बन गई. जहां लड़कियां उनके डांस के साथ-साथ उनके लुक और सूट की भी नकल कर रही थीं, वहीं लड़के भी उनके डांस की नकल कर रहे थे.

    दोनों ही सोशल मीडिया और टिक-टॉक पर काफी एक्टिव रहते हैं और अपनी खूबसूरत तस्वीरें और वीडियो शेयर करते रहते हैं, जिन्हें काफी पसंद किया जाता है. इसके अलावा आयशा कुछ पाकिस्तानी ब्रैंड्स के लिए भी काम करते हैं, जिनके प्रोडक्ट्स वे वीडियो में दिखाते हैं।

  • मां नींद से उठ नहीं रही। नकलीˈ पापा ने सारी रात… लिव इन में मां का हाल देख सहमे बच्चेˌ

    मां नींद से उठ नहीं रही। नकलीˈ पापा ने सारी रात… लिव इन में मां का हाल देख सहमे बच्चेˌ

    मां नींद से उठ नहीं रही। नकलीˈ पापा ने सारी रात… लिव इन में मां का हाल देख सहमे बच्चेˌ

    एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। यहां 30 वर्षीय महिला को उसके लिव-इन पार्टनर ने मार-पीट कर और गला दबाकर हत्या कर दी।

    पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, मृत महिला सरोज और संदीप के बीच पिछले कुछ दिनों से झगड़ा चल रहा था। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के अनुसार, सरोज की पांच साल की बेटी शनिवार सुबह अपने नाना के पास पहुंची और रोते हुए बताया कि “अंकल ने मम्मी को बहुत मारा, गला दबाया, अब सुबह नहीं उठ रही।”

    ये सुनकर सरोज के पिता मोतीलाल तुरंत बेटी के कमरे में पहुंचे और वहां सरोज को चारपाई पर मृत पाया। पुलिस को सूचना मिलने के बाद उन्होंने शव को सिविल अस्पताल भेजा और सरोज की मां की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज किया।

    मृत महिला सरोज का जन्म बिहार के गोपालगंज जिले में हुआ था और उसकी शादी ओमप्रकाश राम के साथ लगभग दस साल पहले हुई थी। शादी के बाद उनके तीन बेटियाँ हुईं, लेकिन सरोज ने पिछले चार साल से संदीप नाम के व्यक्ति के साथ लिव-इन में रहना शुरू कर दिया था। संदीप एक स्थानीय कंपनी में काम करता था और दोनों डाडौला रोड पर लेबर क्वार्टर में रहते थे।

    झगड़े की वजह

    सरोज के मौसा बच्चा राम ने बताया कि पिछले तीन दिनों से दोनों के बीच झगड़ा चल रहा था। शुक्रवार को भी उनकी लड़ाई हुई थी और इसी दौरान संदीप ने गुस्से में आकर सरोज को मार डाला।

  • 51 खतरनाक बीमारियों को जड़ से खत्मˈ कर सकता है, ये रहस्यमयी पौधाˌ

    51 खतरनाक बीमारियों को जड़ से खत्मˈ कर सकता है, ये रहस्यमयी पौधाˌ

    51 खतरनाक बीमारियों को जड़ से खत्मˈ कर सकता है, ये रहस्यमयी पौधाˌ

    आयुर्वेद में ऐसी कई जड़ी-बूटियां हैं जिनका इस्तेमाल विभिन्न प्रकार के रोगों के इलाज में किया जाता है। हम आपको एक ऐसी ही जड़ी बूटी के बारे में बता रहे हैं, जिसके बारे में आज तक आपको शायद किसी ने नहीं बताया होगा।यह कोई मामूली पौधा नहीं, बल्कि एक ऐसा पौधा है जिसके बारे में यदि आपको पूरा ज्ञान हो गया, तो आप कई प्रकार की बीमारियों को भी पूरी तरह से समाप्त कर सकते है। इस पौधे का नाम है अतिबाला (Abutilon indicum)। यह सुनहरे-पीले फूलों वाला एक औषधीय पौधा है।

    इसका उपयोग आयुर्वेद, सिद्ध और यूनानी चिकित्सा पद्धति में कई दवाओं की तैयारी के लिए किया जाता है। इस पौधे में एंटी डायबिटिक, एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं और यह लैक्साटिव ब्लड टॉनिक के रूप में भी काम करता है। परंपरागत रूप से इस पौधे के सभी हिस्सों का उपयोग औषधीय रूप से कुष्ठ, मूत्र रोग, पीलिया, बवासीर, प्यास से राहत देने, घावों को साफ करने, अल्सर, योनि में संक्रमण, दस्त, गठिया, कण्ठमाला, टीबी, ब्रोंकाइटिस, एलर्जी, पेचिश, दुर्बलता, तंत्रिका विकार, सिरदर्द, मांसपेशियों की कमजोरी, हृदय रोगों, रक्तस्राव विकारों, लकवाग्रस्त विकारों और कान की समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है।

    1) मसूढ़ों की सूजन हेल्थबेनेफिट्सटाइम्स डॉट कॉम के अनुसार, अतिबला के पत्तों का काढ़ा बनाकर यदि आप प्रतिदिन दिन में 3 से 4 बार कुल्ला करें तो रोजाना के इस प्रयोग करने से मसूढ़ों की सूजन व मसूढ़ों का ढीलापन दूर हो सकता है।

    2) पेशाब का बार-बार आना हेल्थबेनेफिट्सटाइम्स डॉट कॉम के अनुसार, अतिबला की जड़ की छाल का पाउडर यदि चीनी के साथ लें तो बार-बार पेशाब आने की बीमारी से छुटकारा मिल सकता है।

    3) गीली खांसी अतिबला के साथ कंटकारी, बृहती, वासा के पत्ते और अंगूर को बराबर मात्रा में लेकर काढ़ा बना लेते हैं। इसे 14 से 28 मिलीमीटर की मात्रा में 5 ग्राम शर्करा के साथ मिलाकर दिन में दो बार लेने से गीली खांसी बिल्कुल पूरी तरह से ठीक हो सकती है।

    4) बवासीर अतिबला के पत्तों को पानी में उबालकर उस्का अच्छी तरह से काढ़ा बना लें। इस काढ़े में उचित मात्रा में ताड़ का गुड़ मिलाकर पीयें। इससे बवासीर में बेहतरीन लाभ हो सकता है।

    5) दस्त और पेशाब के साथ खून आना अतिबला के पत्तों को देशी घी में मिलाकर दिन में 2 बार पीने से दस्त में काफी लाभ हो सकता है। इसकी जड़ का 40 मिलीलीटर की मात्रा में काढ़ा सुबह-शाम पीने से पेशाब में खून का आना पूरी तरह से बंद हो सकता है।

    6) पेट में दर्द होने पर अतिबला के साथ पृश्नपर्णी, कटेरी, लाख और सोंठ को मिलाकर दूध के साथ पीने से पित्तोदर यानी पित्त के कारण होने वाले पेट के दर्द में बहुत ही लाभ मिल सकता है।

    7) मूत्ररोग अतिबला के पत्तों या जड़ का काढ़ा लेने से मूत्रकृच्छ (सुजाक) रोग पूरी तरह से दूर होता है। ये काढ़ा सुबह-शाम 40 मिलीलीटर लें। यदि इसके बीज 4 से 8 ग्राम रोज लें तो काफी लाभ हो सकता है।

    8) शरीर को शक्तिशाली बनाना अगर अप हमेशा थकान और कमजोरी महसूस करते हैं, तो आपको इस पौधे का इस्तेमाल करना चाहिए। शरीर में कमजोरी होने पर अतिबला के बीजों को पकाकर खाने से शरीर की ताकत काफी बढ़ जाती है।

    इनके अलावा इसका इस्तेमाल बुखार, छाती का संक्रमण, सूजाक, रक्तमेह, मूत्रकृच्छ, कुष्ठ रोग, सूखी खाँसी, ब्रोंकाइटिस, गाउट, बहुमूत्रता, गर्भाशय, मूत्र त्यागना, मूत्रमार्गशोथ, रेचक, गठिया, सिफलिस, मूत्राशय की सूजन, कैटरियल बाइलियस डायरिया आदि के लिए भी किया जाता है। लेकिन ध्यान रहे कि इसका इस्तेमाल करने से पहले एक्सपर्ट या डॉक्टर से सलाह लें।

    Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में घरेलू नुस्खों और सामान्य जानकारियों की मदद ली है. आप कहीं भी कुछ भी अपनी सेहत से जुड़ा पढ़ें तो उसे अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

  • जानिए क्यों होती है लड़कियों की अंडरवियरˈ में अंदर की तरफ छोटी सी पॉकेटˌ

    जानिए क्यों होती है लड़कियों की अंडरवियरˈ में अंदर की तरफ छोटी सी पॉकेटˌ

    जानिए क्यों होती है लड़कियों की अंडरवियरˈ में अंदर की तरफ छोटी सी पॉकेटˌ

    इस दुनिया में तकरीबन-तकरीबन हर मुद्दे पर ही सवाल बन सकता है, कि आखिर ये चीज़ ऐसी क्यों है? ये वैसी क्यों है? पेड़ सीधे क्यों होते हैं? फल मीठे क्यों होते हैं? वगैरह-वगैरह. हम आपके हर उन सवालों का जवाब तो शायद नहीं दी सकते लेकिन इनके अलावा भी कई ऐसे सवाल होते हैं जिनके जवाब होते इसी दुनिया में हैं लेकिन हमें पता नहीं होते, बस आज ऐसे ही एक सवाल का जवाब हम आपको यहाँ देने आये हैं. सवाल है कि महिलाओं के अंतर्वस्त्र (पैंटी) में एक छोटी सी जेब होती है, लेकिन वो किस वजह से होती है?

    जानिए इसका हैरान कर देने वाला जवाब:

    शर्ट में जेब, पेंट में जेब, शॉर्ट्स में जेब, ड्रेस में जेब यहाँ तक की कुर्ता-सलवार में जेब तो आपने सुनी होगी लेकिन अगर हम आप से कहें कि महिलाओं के अंतर्वस्त्र में भी एक जेब होती है तो यकीनन आप भी सोचने पर मजबूर हो जायेंगे कि भाई वहां जेब का क्या काम? तो हम आपको बताते हैं कि दरअसल वो जेब वहां क्यों बनायीं जाती है. दरअसल लड़कियों की पेंटी का अंदर का भाग काफी सॉफ्ट बनाया जाता है और पेंटी की सिलाई से स्किन के घिसने और कई परेशानी आती है इस कारण के जेब बनाई जाती है.

    पूरी बात समझने के लिए ये जानना है ज़रूरी

    दरअसल होता ये है कि लड़कियों की पेंटी को ऐसे बनाया जाता है की पॉकेट के दोनों तरफ से अंत में सिल दिया जाए लेकीन इसमें एक को सिलकर एक पॉकेट नुमा जेब को ऐसे ही छोड़ दिया जाता है जिसे वो पॉकेट जैसी लगती है.

    हाँ लेकिन ये जेब नुमा चीज़ हर पैंटी में नहीं होती है. अमूमन तौर पर ये ब्रांडेड कपड़ों में ही पाई जाती है.

  • महिलाओं का इंटिमेट होना सिर्फ सुख नहीं,ˈ सेहत का राज भी है, जानिए वो फायदे जिनके बारे में कोई खुलकर नहीं बताता!ˌ

    महिलाओं का इंटिमेट होना सिर्फ सुख नहीं,ˈ सेहत का राज भी है, जानिए वो फायदे जिनके बारे में कोई खुलकर नहीं बताता!ˌ

    इंटिमेट होने के कई शारीरिक और मानसिक लाभ हैं, जो अक्सर छुपाए जाते हैं। जानिए कैसे सेक्स आपकी त्वचा, दिल, तनाव और वजन पर असर डालता है। इन फायदों के बारे में कम ही लोग बात करते हैं, लेकिन ये आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं!

    महिलाओं का इंटिमेट होना सिर्फ सुख नहीं,ˈ सेहत का राज भी है, जानिए वो फायदे जिनके बारे में कोई खुलकर नहीं बताता!ˌ
    महिलाओं का इंटिमेट होना सिर्फ सुख नहीं, सेहत का राज भी है, जानिए वो फायदे जिनके बारे में कोई खुलकर नहीं बताता!

    महिलाओं के लिए सेक्स के कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज किया जाता है। यह न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। कई शोधों में यह पाया गया है कि सेक्स से महिलाओं को न सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य के लाभ मिलते हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार आता है। जानिए महिलाओं के लिए सेक्स के वो छुपे फायदे जो आपके स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं।

    महिलाओं में सेक्स दर्द से राहत

    सेक्स महिलाओं के लिए एक प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में काम करता है। जब महिलाएं सेक्स करती हैं, तो उनके शरीर में ऑक्सीटॉसिन नामक हार्मोन रिलीज होता है, जो दर्द को कम करने में मदद करता है। यह हार्मोन सिरदर्द से लेकर पीरियड्स के दर्द तक को कम कर सकता है। इसके अलावा, यह मांसपेशियों की अकड़न और अन्य शारीरिक दर्द को भी दूर करता है।

    खूबसूरत और स्वस्थ त्वचा

    महिलाओं के लिए सेक्स एक प्राकृतिक ब्यूटी ट्रीटमेंट भी हो सकता है। ऑर्गेज़म के दौरान शरीर में डीएचए (DHEA) नामक हार्मोन रिलीज होता है, जो स्किन की चमक को बढ़ाता है और मुंहासों से लड़ने में मदद करता है। यह हार्मोन त्वचा को न केवल स्वस्थ बनाए रखता है, बल्कि उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को भी धीमा कर सकता है।

    दांतों की सेहत

    क्या आप जानते हैं कि सेक्स से दांतों की सेहत भी बेहतर हो सकती है? दरअसल, सीमेन में जिंक और कैल्सियम जैसे मिनिरल्स पाए जाते हैं, जो सेक्स के दौरान शरीर द्वारा अवशोषित होते हैं। ये मिनिरल्स दांतों को कैविटीज से बचाते हैं और दांतों की मजबूती को बढ़ाते हैं।

    कैंसर से सुरक्षा

    महिलाओं के लिए एक और महत्वपूर्ण लाभ यह है कि सेक्स सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान कर सकता है। ऑर्गेज़म के दौरान, शरीर के अंदर की कुछ शारीरिक प्रक्रियाएं होती हैं जो सर्वाइकल कैंसर की संभावना को कम कर सकती हैं। इसी तरह, पुरुषों में इजैक्युलेशन से प्रोस्टेट कैंसर का खतरा कम होता है।

    मानसिक स्वास्थ्य और तनाव कम करना

    सेक्स महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। यह तनाव और डिप्रेशन को कम करने में मदद करता है क्योंकि सेक्स के दौरान ऑक्सीटॉसिन और एंडोर्फिन नामक ‘फील-गुड’ हार्मोन रिलीज होते हैं। यह हार्मोन मानसिक शांति और खुशी प्रदान करते हैं, जिससे महिलाओं को तनाव से राहत मिलती है।

    बेहतर नींद

    अगर आपको नींद में समस्या रहती है, तो सेक्स आपके लिए एक प्राकृतिक समाधान हो सकता है। सेक्स के बाद शरीर में जो हार्मोन रिलीज होते हैं, वे नींद को बढ़ावा देते हैं। यही कारण है कि सेक्स के बाद पुरुषों और महिलाओं दोनों को गहरी और शांत नींद आने लगती है।

    इम्यून सिस्टम की मजबूती

    सेक्स से शरीर का इम्यून सिस्टम भी मजबूत होता है। जब आप सेक्स करते हैं, तो आपके शरीर में डीएचए (DHEA) जैसे हॉर्मोन रिलीज होते हैं, जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देते हैं। इससे आपकी शरीर की बीमारी से लड़ने की क्षमता बेहतर होती है और आप सामान्य बीमारियों से जल्दी उबर पाते हैं।

    दिल की बीमारी और रक्त संचार

    स्वस्थ दिल के लिए सेक्स फायदेमंद हो सकता है। नियमित रूप से सेक्स करने से दिल की बीमारियों का खतरा कम हो सकता है, क्योंकि यह ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है। अच्छे रक्त संचार से शरीर की सभी कोशिकाओं को ऑक्सीजन मिलती है, जो शरीर की सेहत को बनाए रखने के लिए जरूरी है।

    वजन घटाना

    सेक्स एक प्रकार का कार्डियो वर्कआउट है, जो कैलोरी बर्न करने में मदद करता है। औसतन, सेक्स के एक घंटे में 170 कैलोरी बर्न होती हैं। यह न केवल वजन घटाने में मदद करता है बल्कि शरीर को फिट रखने में भी सहायक होता है। इसलिए सेक्स को भी एक एक्सरसाइज के रूप में देखा जा सकता है।

    मेटाबोलिज्म का सुधार

    सेक्स आपके शरीर के मेटाबोलिज्म को बेहतर बनाता है। जब आप सेक्स करते हैं, तो आपका हार्ट रेट और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है, जिससे शरीर का मेटाबोलिज्म सक्रिय हो जाता है। यह न केवल वजन घटाने में मदद करता है, बल्कि शरीर के कॉलेस्ट्रॉल स्तर को भी कम करता है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा घटता है।

    शरीर की मजबूती और खूबसूरती

    सेक्स के दौरान शरीर की कई मांसपेशियां काम करती हैं, जिससे शरीर की मजबूती बढ़ती है। यह मांसपेशियों के आकार को बेहतर बनाता है, और शरीर की खूबसूरती में भी योगदान देता है। विभिन्न सेक्स पोजिशन्स मांसपेशियों के विभिन्न समूहों को मजबूत करती हैं, जो आपके शरीर को आकार देती हैं।

    क्या सेक्स एक प्राकृतिक वर्कआउट

    सेक्स को एक वर्कआउट के रूप में भी देखा जा सकता है। अगर आप सेक्स के बाद पसीने से तरबतर हो जाते हैं और आपकी मांसपेशियों में हल्का दर्द होता है, तो यह उसी प्रकार है जैसे जिम में वर्कआउट करने के बाद होता है। यह शरीर को फिट रखता है, वजन घटाने में मदद करता है और आपकी मांसपेशियों को मजबूत करता है।

    मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का लाभ

    अंत में, सेक्स सिर्फ एक शारीरिक क्रिया नहीं है, बल्कि यह मानसिक और भावनात्मक रूप से भी जुड़ा हुआ है। सेक्स के दौरान रिलीज होने वाले हार्मोन और शारीरिक क्रियाएं महिलाओं को न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखती हैं। इसलिए सेक्स को अपनी दिनचर्या में शामिल करना आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।

  • सुंदरता ही नहीं सेहत में भी चारˈ चांद लगाती है बिंदी जानिए बिंदी लगाने के 6 बड़े फायदेˌ

    सुंदरता ही नहीं सेहत में भी चारˈ चांद लगाती है बिंदी जानिए बिंदी लगाने के 6 बड़े फायदेˌ

    सुंदरता ही नहीं सेहत में भी चारˈ चांद लगाती है बिंदी जानिए बिंदी लगाने के 6 बड़े फायदेˌ

    भारतीय संस्कृति में माथे की बिंदिया सोलह श्रृंगार में से एक है। बिंदी लगाने से महिलाएं बेहद खूबसूरत दिखती हैं। शादी के बाद खासतौर से बिंदी लगाने का रिवाज है। लेकिन क्या आप जानते हैं बिंदी न सिर्फ सुंदरता बढ़ाती है बल्कि महिलाओं की सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद है। योग, आयुर्वेद और एक्यूप्रेशर में बिंदी को बहुत उपयोगी माना गया है। बिंदी लगाने से महिलाओं को सेहत से जुड़ी कई समस्याओं में आराम मिलता है। आज आपको बिंदी लगाने के 6 बड़े फायदे बताएंगे-

    मानसिक फायदे

    मांथे के बीच और दोनों भौंहों के बीच में बिंदी लगाई जाती है। इस स्थान को योग और आयुर्वेद में शरीर का सबसे महत्वपूर्ण चक्र अजना चक्र या आज्ञा चक्र कहा जाता है। आयुर्वेद के अनुसार इस चक्र को दबाने से मानसिक शांति और घबराहट कम होती है। बिंदी लगाते वक्त माथे के बीच में दबाया जाता है। इससे मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है।

    झुर्रियां देर में पड़ती हैं

    बिंदी लगाने से चेहरे की मसल्स मजबूत होती हैं। इससे मसल्स लचीली हो जाती हैं और खून का प्रवाह तेज होता है। जो महिलाएं रोज बिंदी लगाती हैं उनके चेहरे पर झुर्रियों भी अपेक्षाकृत देरी से आती है।

    सुनने की क्षमता बढाए

    माना जाता है कि मांथे के बीच में बिंदी लगे होने पर नसे हल्की उत्तेजित होती हैं। इससे कान की मसल्स को मजबूती मिलती है और सुनने की क्षमता बढ़ती है।

    सिर दर्द में राहत

    माथे पर बिंदी लगाने से सिर दर्द में आराम मिलता है। एक्यूप्रेशर विधि में माथे के बीच में दबाव बनाकर रखने पर सिरदर्द का दर्द दूर किया जा सकता है। इससे नसें और ब्लड सेल्स एक्टिव हो जाती हैं और सिर दर्द में राहत मिलती है।

    तनाव में राहत

    आयुर्वेद में माथे के बीच में जहां बिंदी लगाई जाती है उस स्थान को मानसिक शांति के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है। बिंदी लगाने वाली जगह पर दबाने से मन शांत रहता है और तनाव की समस्या में राहत मिलती है।

    अच्छी नींद में सहायक

    बिंदी लगाने से अच्छी नींद भी आती है। दिमाग शांत रहता है जिसका असर आपकी नींद पर पड़ता है। शिरोधरा विधि के अनुसार बिंदी लगाने वाली जगह पर दबाव बनाने से अनिद्रा की समस्या दूर हो जाती है।

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