अगर आपके घर शादी है या कोई अन्य त्यौहार है और आपको ₹10 के नए नोटों की गड्डी की आवश्यकता है, तो आप इस लेख को पढ़कर आसानी से नए नोट प्राप्त कर सकते हैं।
शादी के सीजन में शगुन में देने के लिए 10 रूपए के छोटे नोट की डिमांड काफी बढ़ जाती है। कई रस्मों में 10 रूपए के करारे और नए नोट लिफ़ाफ़े में दिए जाते हैं। इन नोटों की शुभ अवसर पर जरूरत अधिक बढ़ जाती है लेकिन ये बाजार या ATM में आसानी से नहीं मिल पाते हैं। अगर आप भी इस समस्या से चिंतित है तो अब आपको चिंता की जरूरत नहीं है बैंक में जाकर आप ₹10 के नए नोटों की गड्डी सुरक्षित और आधिकारिक रूप से प्राप्त कर सकते हैं। आइए इसके लिए आरबीआई के नियमों को जानते हैं।
RBI के नियमों के तहत नोट प्राप्त करने के नियम!
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के तहत सभी बैंकों को अपने ग्राहकों को नए और साफ सुथरे नोट देने का अधिकार है। यानी की यह नियम सभी बैंकों के लिए अनिवार्य है।
इसके लिए आपको सबसे पहले अपने बैंक में जाना है जहाँ पर आपका खाता खुला हो। बैंक अपने ग्राहकों को पहले प्राथमिकता देता है।
आपको बैंक में जाकर एडवांस में 10 रूपए के नोट की गड्डी के लिए मांग दर्ज करानी है अगर नोटों की कमी है। बैंक अधिकारी आपको नोट से जुड़ी जानकारी के लिए सूचित करेंगे।
बैंक में वितरण सीमा निर्धारित की गई है। यह कालाबाजारी को रोकने के लिए किया गया है।
₹10 के नोट नहीं मिले तो
अगर आपको ₹10 के नोट की गड्डिया कम मिल रही है तो आप इसके बदले 20, 50 अथवा 100 रूपए के नोटों की गड्डियां ले सकते हैं। ये आपको आसानी से मिल जाएंगी। आप किसी भी बैंक में जाकर पुराने और फ़टे नोट चेंज कराकर नए नोट ले सकते हैं।
नोट प्राप्त करने का अन्य तरीका
अगर बैंक में करेंसी चेस्ट की सुविधा होती है वहां पर आरबी नोट भेजता है। आपको यहाँ से आसानी से नोट प्राप्त हो जाएंगे।
ऑनलाइन तरीके अथवा बाजारों में उच्च दाम पर 10 रूपए के नोट बेचे जाते हैं लेकिन यह गैरकानूनी काम माना जाता है। आप धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं इसलिए अंक से ही नोट प्राप्त करें।
ड्रग्स के अवैध कारोबार का जाल इतना लंबा और बड़ा फैला हुआ है, जिसका अंदाजा लगाना भी काफी मुश्किल काम है। दुनिया भर में ऐसे कई ड्रग्स माफिया है, जिन पर पूरी दुनिया में ड्रग्स माफिया चलाने का आरोप लगता है। लिहाजा आज हम आपको दुनिया के मशहूर ड्रग्स माफिया की कहानी बताने जा रहे हैं, जिसने अपने रास्ते में आने वाले उन सभी लोगों को मौत के घाट उतार दिया जो उसके बिजनेस में खलल डालते थे।
जानिए कौन था किंग ऑफ कोकेन…
दरअसल आज हम जिस ड्रग्स माफिया की बात कर रहे हैं, उसका नाम है पाब्लो एमिलियो एस्कोबार गैविरिया। पाब्लो को पूरी दुनिया में किंग ऑफ कोकेन के नाम से भी जाना जाता है। इसके बारे में अमेरिका के ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन के एजेंट रहे स्टीव मर्फी ने एक इंटरव्यू में कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे। उन्होंने कहा था कि पाब्लों के पास पैसों का भंडार है और पाब्लो को मारने के लिए उसके दुनिया भर के दुश्मनों ने तकरीबन 16 करोड़ रूपए खर्च कर दिए थे।
कोलंबिया का राष्ट्रपति बनने की थी चाहत
बता दें कि पूरी दुनिया का किंग ऑफ कोकेन यानी पाब्लो एस्कोबार को कोलंबिया की पुलिस ने 2 दिसंबर 1993 को मार गिराया था, लेकिन उसको मारने के लिए पुलिस के साथ साथ सेना को भी काफी जद्दोजहद करनी पड़ी थी। पाब्लो सेना और पुलिस से बचने के लिए भागता रहा, उसने पूरे कोलंबिया में भीषण आतंक फैला रखा था। किसी बड़े नेता को मारना हो या किसी का कार उड़ाना हो, उसके लिए ये सब आम बात था। दरअसल उसकी चाहत कोलंबिया के राष्ट्रपति बनने की थी।
पाब्लो ने खुद के लिए बनवाया था स्पेशल जेल…
1970 में पाब्लो कोकेन के अवैध कारोबार के इंडस्ट्री में आया और माफियाओं के साथ मिलकर उसने मेडेलिन कार्टेल बनाया था। उसको ड्रग्स के कारोबार से खूब मुनाफा होने लगा और वो धीरे धीरे अमीर बनता गया। एक वक्त आया, जब उसके पास पैसों के साथ साथ पावर भी आ गया। उसके ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसने सरकार पर दबाव बनावकर खुद के लिए एक स्पेशल जेल का निर्माण करवाया था। इतना ही नहीं उसकी शर्त थी कि जेल परिसर के कुछ किलोमीटर तक पुलिस नहीं आ सकती है।
आपको जानकर हैरानी होगी कि पाब्लो के पास 800 से ज्यादा मकान थे। उसके पास 6500 वर्गफीट का एक बंगला अमेरिका में था, जो फ्लोरिडा के मियामी बीच पर स्थित था। यही नहीं बल्कि उसने आइला गांद्रे नामक एक पूरा कोरल द्वीप ही खरीद रखा था।
फोर्ब्स मैगजीन में भी आ चुका था नाम…
पाब्लो कोकेन के अवैध धंधे से दुनिया के टॉप अमीर लोगों में शामिल हो गया था। ड्रग्स से उसकी कमाई इतनी अधिक हो गई थी कि फोर्ब्स मैगजीन ने उसे विश्व के 10 सबसे अमीर लोगों में शामिल किया था। कहा जाता है कि पाब्लो के पास अथाह पैसा था, उसके घर में इतने पैसे थे कि चूहे कुतर देते थे। यही नहीं उसके नोटों की गड्डियों को दीमक चाट जाते थे।
लहसुन का प्रयोग लगभग सभी घर के किचन में किया जाता है लहसुन का प्रयोग करके खाने को स्वादिष्ट बनाया जा सकता है बिना लहसुन के खाने में स्वाद अधूरा रहता है लहसुन से धमनियां साफ होती हैं और हमारे ब्लड को शुद्ध करती है लहसुन से हमें एलिसिन प्राप्त होता है जो लहसुन में सबसे शक्तिशाली योगिक माना गया है लहसुन से बहुत सी बीमारियां दूर होती हैं आपको बता दें कि लहसुन का संबंध वास्तु शास्त्र से होता है अब आपके मन में यह विचार आ रहा होगा कि लहसुन का संबंध वास्तु शास्त्र से कैसे हो सकता है आज हम आपको इस लेख के माध्यम से लहसुन के ऐसे फायदों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं जिसकी जानकारी आपके लिए जरूरी है।
आइए जानते हैं इसके बारे में:-
बहुत से व्यक्ति लहसुन को सोने से पहले अच्छी नींद लेने के लिए अपने तकिए के नीचे रखते हैं और बहुत से लोग सौभाग्य के लिए अपनी जेब में रखते हैं इन्हीं सब कारणों से आपको लहसुन को अपनी जेब या अपने तकिए के नीचे रहना चाहिए यदि आप अच्छी नींद लेना चाहते हैं और अपने आसपास के नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त कर देना चाहते हैं तो आप इस उपाय को अपनाएं।
यदि आप अपने घर को बुरे साए से बचाना चाहते हैं तो लहसुन का जावा आप अपने कमरे में रखिए यदि आप ऐसा करते हैं तो इससे बुरी बलाएँ आपसे कोसों दूर रहती है और आपके घर में खुशहाली बनी रहती है सोने से पहले हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ कीजिए और फिर उसे अपने सिरहाने के निचे रख कर सोएं यदि आप नियमित रूप से रोजाना ऐसा करते हैं तो आप तनाव मुक्त रहेंगे और आपकी सभी परेशानियां दूर होंगी और आपको बुरे सपनों से भी छुटकारा प्राप्त होगा।
यदि हम वास्तु शास्त्र के अनुसार देखे तो लहसुन को सौभाग्य का प्रतीक माना गया है यदि लहसुन को व्यक्ति अपनी जेब में रखता है तो उसे कभी भी किसी चीज की कमी नहीं होती है और व्यक्ति की जेब में हमेशा पैसे रहते हैं।
बता दे कि ज्योतिष शास्त्र में हर काम के लिए शुभ दिन और शुभ समय जरूर निर्धारित होता है, जिसके आधार पर व्यक्ति अपना कार्य संपन्न करता है। जी हां अगर शुभ दिन और शुभ समय के अनुसार काम किया जाएं तो उस कार्य का अच्छा फल जरूर मिलता है। बहरहाल पैसों का लेन देन करने के लिए भी ज्योतिष शास्त्र में शुभ दिन बताया गया है, जिसके अनुसार ही आपको इंवेस्टमेंट करनी चाहिए। वैसे भी पैसों के मामले में किसी भी तरह का रिस्क लेना सही नहीं है, इसलिए ये जरूरी है कि पैसों से संबंधित कोई भी काम शुभ समय देख कर ही करना चाहिए।
पैसों का लेन देन इस दिन न करे :
यहां गौर करने वाली बात ये है कि ज्योतिष शास्त्र में पैसों का लेन देन करने के लिए शुभ समय, नक्षत्र, तिथि और सूर्य सक्रांति का दिन शुभ माना जाता है। तो चलिए अब आपको इस बारे में विस्तार से बताते है। गौरतलब है कि ज्योतिष के अनुसार अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, स्वाती, अनुराधा, चित्रा, विशाखा और रेवती इन बारह नक्षत्रों में पैसों का व्यापार करना बेहद शुभ माना जाता है। जब कि इनमें से चर संज्ञक मेष, कर्क, तुला और मकर में लग्न से पांच, आठ और नौ स्थान शुभ हो तो इसमें पैसों से संबंधित लेन देन करना, निवेश करना, पैसे जमा करना आदि सब करना शुभ माना जाता है।
पैसों से संबंधित निवेश करने के लिए ये दिन माना जाता है शुभ :
हालांकि अगर आप पैसे उधार ले रहे है तो इसके लिए मंगलवार का दिन भूल कर न चुने, वो इसलिए क्योंकि इस दिन दिया गया उधार जल्दी वापिस नहीं मिलता, लेकिन कर्ज चुकाने के लिए मंगलवार का दिन शुभ जरूर माना जाता है। जी हां ऐसा माना जाता है कि इस दिन कर्ज या बैंक लोन आदि चुकाने से कर्ज से मुक्ति मिलती है।
ज्योतिष शास्त्र में बताई गई इन बातों का रखे ध्यान :
बता दे कि ज्योतिष का ज्ञान रखने वालों का कहना है कि बुधवार के दिन किसी भी व्यक्ति को पैसे उधार नहीं देने चाहिए, क्योंकि इस दिन पैसे देना अशुभ माना जाता है और ऐसा माना जाता है कि बुधवार के दिन दिया गया पैसा जल्दी वापिस नहीं मिलता। इसके साथ ही किसी भी तरह का निवेश करने के लिए बुधवार का दिन बेहद शुभ माना जाता है और इस दिन निवेश करने से चार गुना ज्यादा लाभ भी होता है। बहरहाल अब तो आपको पता चल गया होगा कि किस दिन पैसों से संबंधित कार्य करना उचित और शुभ माना जाता है। दोस्तों आपको ये जानकारी कैसी लगी, इस बारे में हमें अपनी राय जरूर दीजियेगा।
कहते हैं इंसान का जब वक्त बदलता है तो देर नहीं लगती और ना ही उसे पता चलता है। सफलता यह नहीं देखती है कि इंसान गरीब है या अमीर बस जिसे सफलता मिलनी होती है वह रातों रात सफलता पा लेता है, और एक चमकते सितारे की तरह आसमान पर छा जाता है। जी हां आज हम आपको एक ऐसी औरत के बारे में बताने जा रहे हैं जो बेहद बुजुर्ग है लेकिन उनकी पॉपुलैरिटी किसी बॉलीवुड स्टार से कम नहीं है , भले ही चेहरे पर चमक ना हो पर उनकी किस्मत बेहद चमकदार है. शायद इसलिए आज बॉलीवुड स्टार उनके यहां जा कर जमीन पर बैठकर चाय का मजा लेते हैं। जी हाँ, बहुत से बॉलीवुड स्टार्स को उनकी चाय बेहद पसंद है इसलिए उनके पास जाकर चाय पिया करते हैं तो आइए जानते हैं आखिर यह बजुर्ग महिला कौन है और इसकी चाय इतनी मशहूर क्यूँ हैं-
चाय का कमाल तो आप देख ही चुके हैं बात करें हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की तो ऐसा कहा जाता है कहां किया जाता है शायद सच ही है कि वह पहले चाय बनाया करते थे और सबको चाय पिया करते थे लेकिन आज उनकी किस्मत ऐसी चमकी कि वह आज भारत देश के प्रधानमंत्री बन कर बैठे है। आज नरेंद्र मोदी जी ने अपनी पहचान देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी इस कदर बना ली है कि लोग उनके नाम से ही उनके काम को पहचानते हैं।
लेकिन आज हम श्री नरेंद्र मोदी जी के बारे में बात नहीं कर रहे हैं मुद्दा तो चाय का है चाय से इंसान कितना मशहूर हो सकता है वह इस बुजुर्ग महिला की चमक देखकर आप जान सकते हैं। जिस बुजुर्ग महिला को आप इन तस्वीरों में देख रहे हैं यह कोई मामूली महिला नहीं है बल्कि एक ऐसी महिला है जिसके यहां पर बड़े-बड़े सेलेब्रिटीज आकर जमीन पर बैठकर चाय का लुफ्त उठाते हैं। जी हां आप भी यह सुनकर हैरान तो हो गए होंगे लेकिन यह सच है।
दरअसल जिस महिला को आप देख रहे हैं इस महिला की पिक्चर शेखर कपूर ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर की थी और इस महिला की तस्वीर देखकर सभी सेलेब्रिटीज ने जानना चाहा कि आखिर यह महिला है कौन जहां पर बड़े-बड़े बॉलीवुड स्टार्स जा कर जमीन पर बैठ कर चाय पीते हैं जबकि इस बुजुर्ग महिला के पास तो इतने पैसे भी नहीं हैं जितने दूसरे चाय वालों के पास होंगे। एक टूटी फूटी झोपड़ी में रहने वाली यह महिला चाय बनाने का काम करती है और सब को चाय पिलाते हैं।
दरअसल कुछ वर्षों पूर्व इस बुजुर्ग महिला के पति का देहांत हो गया था जिसके बाद घर को चलाने के लिए इन्होंने अपनी झोपड़ी के बाहर ही छोटी सी जगह में चाय बनाने का काम शुरू कर दिया। एक बार जब जैकी श्रॉफ वहां से गुजर रहे थे तब उन्होंने उस बुजुर्ग महिला के हाथ की चाय पी वह भी जमीन पर बैठकर, उसके बाद से वह उनकी चाय के इस कदर कायल हो गए. फिलहाल इस महिला की पॉपुलैरिटी इतनी बढ़ चुकी हैं कि बड़े बड़े स्टार्स भी इनके आगे पानी भरते हैं।
उत्तर प्रदेश के कानपुर में बीएससी के एक छात्र ने अपने पिता की पैसा कमाने को लेकर दिए गए ताना को इतनी गंभीरता से ले लिया ह पकि उसने बैंक लूटने का प्लान बना दिया। युवक ने यूट्यूब पर बैंक लूट के वीडियो देखकर प्लान तैयार किया। इसके अलावा उसने रील्स से भी काफी कुछ सीखने की कोशिश की। इसके बाद अकेले दम पर बैंक लूटने पहुंच गया। युवक ने यूट्यूब पर बैंक लूट की उन वारदातों को गंभीरता से देखा, जिसमें अकेले वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि, बैंककर्मियों की सतर्कता और साहस के चलते युवक को समय रहते को पकड़ लिया गया।
क्या है पूरा मामला? घटना शनिवार सुबह करीब 10 बजे की है, जब घाटमपुर के पतारा स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में एक युवक साइकिल से पहुंचा। उसने तमंचा, चाकू, सर्जिकल ब्लेड और सूजा लेकर बैंक में प्रवेश किया। गार्ड ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन उसने चाकू से गार्ड पर हमला कर दिया। युवक की हरकत को देखकर बैंक मैनेजर, कैशियर और अन्य कर्मचारियों ने बहादुरी दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और रस्सी से बांध दिया।
हाथापाई के दौरान बैंक मैनेजर समेत तीन लोग घायल हो गए। आरोपी युवक को भी हल्की चोटें आईं, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस की पूछताछ और मोबाइल फोन की जांच में लूट कांड को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है।
बीएससी-आईटीआई का है छात्र पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी लविश मिश्रा बीएससी के साथ-साथ आईटीआई का छात्र है। उसने यूट्यूब पर बैंक लूटने के 50 से ज्यादा वीडियो देखकर इस योजना को अंजाम देने की कोशिश की। लविश ने उन वीडियो पर खास ध्यान दिया, जिनमें बदमाशों ने अकेले के दम पर बैंक लूटा था।
किसान का बेटा है लविश लविश मिश्रा के पिता अवधेश मिश्रा किसान हैं। आर्थिक रूप से उनका परिवार गरीब है। लविश जब पैसे की मांग करता था तो पिता खुद पैसा कमाने की सलाह देते थे। लविश एकदम से पैसा कमाना चाहता था। इसलिए, उसने बैंक लूट की योजना बनाई।
दरअसल, लविश ने पिता की सलाह को गलत दिशा में ले लिया और पैसा कमाने का शॉर्टकट अपनाने का सोचा। आरोपी ने अपने हाथों में सर्जिकल ब्लेड और पैरों में बोरा सिलने वाला सूजा बांधा। उसने एक बैग भी साथ रखा, जिसमें वह पैसे भरने का प्लान बना चुका था।
लविश ने सबसे पहले गार्ड को डराने की योजना बनाई ताकि बैंककर्मी दहशत में आ जाएं। पुलिस पूछताछ में लविश ने पहले कहा कि कुछ लोगों ने उसे धमकी देकर बैंक लूटने भेजा था। हालांकि, पुलिस ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उसके मोबाइल फोन से मिले वीडियो और उसकी तैयारी से साफ हो गया कि यह पूरी योजना उसने खुद बनाई थी।
लविश को नहीं है पछतावा लविश मिश्रा ने पकड़े जाने के बाद कोई खास अफसोस नहीं जताया। पुलिस थाने में भी उसकी अकड़ कम नहीं हुई। वह आराम से थाने में टहलता रहा और जेल जाते समय भी ठसक दिखाता नजर आया। पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया है। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि युवाओं को सही दिशा देने और गलत रास्ते से बचाने की जिम्मेदारी किसकी है।
ऑस्ट्रेलिया में डेनियल नाम का एक आदमी भारत की देसी खटिया 990 ऑस्ट्रेलियन डॉलर जो हमारे लगभग 64 हजार रुपए है में बेच रहा है और हम है कि इसे आउट ओफ फॅशन मान कर इसकी खटिया खडी कर रहे हैं । इसके फायदे फॅशन के आगे बौने बन गए हैं ।
सोने के लिए खटिया हमारे पूर्वजों की सर्वोत्तम खोज है । हमारे पूर्वजों को क्या लकडी को चीरना नही आता होगा? वो भी लकडी चीरके उसकी पट्टीयां बना कर डबल बॅड बना सकते थे । डबल बॅड बनाना कोइ रोकेट सायंस नही है । लकडी की पट्टीयों को किलें ही ठोकनी होती है । खटिया भी भले कोइ सायन्स नही हो लेकिन एक समजदारी है कि कैसे शरीर को अधिक आराम मिल सके । खटिया बनाना एक कला है उसे रस्सी से बूनना पडता है और उस में दिमाग लगता है ।
जब हम सोते हैं तब माथा और पांव के मुकाबले पेट को अधिक खून की जरूरत होती है क्योंकि रात हो या दोपरहर हो लोग अक्सर खाने के बाद ही सोते थे । पेट को पाचनक्रिया के लिए अधिक खून की जरूरत होती है । इसलिए सोते समय खटिया की जोली ही इस स्वास्थ का लाभ पहुंचा सकती है ।
दुनिया में जीतनी भी आराम कुुर्सियां देख लो उसमें भी खटिया की तरह जोली बनाई जाती है । बच्चों का पूराना पालना सिर्फ कपडे की जोली का था, लकडी का सपाट बनाकर उसे भी बिगाड दिया है । खटिया पर सोने से कमर का दर्द और सांधे का दर्द नही होता है ।
डबलबेड के नीचे अंधेरा होता है, उसमें रोगके किटाणु पनपते है, वजन में भारी होता है तो रोज रोज सफाई नही हो सकती । खटिया को रोज सुबह खडा कर दिया जाता है और सफाई भी हो जाती है, सुरज की धुप बहुत बढिया किटनाशक है, खटिए को धुप में रखने से खटमल इत्यादी भी नही पडते हैं ।
भारत के गाँव में अब भी इसी पर सोया जाता है : किसानो के लिए खटिया बनाना बहुत सस्ता पडता है, मिस्त्री को थोडी मजरूरी ही देनी पडती है । कपास खूद का होता है तो खूद रस्सी बना लेते हैं और खटिया खूद बून लेते हैं । लकडी भी अपनी ही दे देते हैं । अन्य को लेना हो तो दो हजार से अधिक खर्च नही हो सकता । हां, कपास की रस्सी के बदले नारियल की रस्सी से काम चलाना पडेगा है । आज की तारीख में कापूस की रस्सी मेहंगी पडेगी । सस्ते प्लास्टिक की रस्सी और पट्टी आ गयी है लेकिन वो सही नही है, असली मजा नही आएगा । दो हजार की खटिया के बदले हजारों रूपए की दवा और डॉक्टर का खर्च बचाया जा सकता है ।
खटिया पुराण : सन 1970 में ओबरा में सुपरवाइजर के पद पर ज्वाइन करने बाद मित्र गुलाटी जी के घर पर 3 माह रहा परन्तु 5 सुपरवाइजर को एक साथ क्वार्टर न० A.E.T – 34 ( जो उस समय Diploma holder’s hell कहा जाता था) मिल जाने कारण अपने सोने की व्यवस्थ स्वयं करनी पड़ी।उस ज़माने में 7 रु में एक बांस खटिया के हिसाब से मैंने दो खटिया खरीद ली जिस कारण पाँच आदमियों में छः खटिया हो गयी । छठी किसी अथिति के लिये , जो कई वर्षो तक काम आई।
बंगाल में बांस की खटिया पर सोना अशुभ माना जाता था शायद च्युकि बांस का एक उपयोग मृतदेह के काठी के लिए भी होता था और मृत व्यक्ति को इसपर ही सुलाया जाता था। परन्तु ओबरा में सोने के लिए एक मात्र उपलब्ध साधन बांस खटिया ही मेरी विवशता थी।
राजा हो या रंक सभी नए नियुक्त कर्मचारी से अधिकारी तक को इसी बांस खटिया से गुजारा करना मजबूरी थी क्योकि ओबरा बाज़ार में कम पूंजी वालो के लिए इस के अतरिक्त कुछ भी उपलब्ध न था।इस खाट के अनेक फायदे थे इसका बिना किसी परिश्रम के स्थान परिवर्तन किया जा सकता था, भीषण गर्मी में सीलिंग फेन जो क्वार्टर में उपलव्ध था चला कर ऊपर गीली चादर डाल कर खाट के नीचे फर्श पर सोने से गर्मी से कुछ राहत मिलती थी एवं किसी भी साथ रहने वाले से असंतोष होने पर उसकी खाट खड़ी कर बिताड़ित किया जा सकता था।
इसके अतिरिक्त इस खटिया का उपयोग निकटवर्ती ग्राम वासिओं द्वारा खटिया की पालकी बनाकर मरीज को ओबरा अस्पताल में लाने के लिए होता देखा गया था।ओबरा में उस समय कोई बृक्ष नहीं थे सिर्फ पथरीली जमीन थी जिस कारण दिन में अत्यधिक गर्मी रहती थी। एक वर्ष बाद मुझे जुगाड़ पद्धति से एक रेमिंग्टन रैंग टाइपराइटर का ढक्कन मिल गया जिससे एक साइकिल की वाल्व बॉडी एवं रबर की पतली ट्यूब(तब प्लास्टिक का घरेलु उपयोग नहीं था) से पानी प्रवाहित कर खिड़की पर खस की टट्टी गीला कर अन्दर उसके सामने टेबल फैन लगाकर कूलर बनाया। जो सात वर्षो तक चला। टेबल फैन उस समय मेरे एक माह की सैलरी 325 रु में मिला था।तब जाकर खाट के ऊपर गीली चादर डालने से राहत मिली।
70 के दशक में प्लास्टिक नहीं था फिर भी जन जीवन सुचारू रूप से चलता था कोई असुविधा नहीं होती थी किसी वस्तु का संग्रह डालडा के विभिन्न आकर के टीन के डब्बों में ही होता था।आज प्लास्टिक आने से कुछ सुविधा अवश्य हुई है परन्तु पर्यावरण को अत्यंत हानि पहुँच रही है विशेष कर प्लास्टिक के कैर्री बैग तो मनुष्य एवं पशुओं के लिए काल बन गए है। आधुनिकरण के युग में पुन: नारा है Avoid plastic bags अब सभी इस ओर प्रयासरत है।
अब तो विभिन्न प्रकार की लकड़ी की पाटी वाली मंजिया बाज़ार में उपलब्ध है अपने समर्थ अनुसार खरीद सकते है। मेरे जीवन के परिपेक्ष में खटिया ने कोई अशुभ संकेत नहीं दिया परन्तु अब तो खटिया की यादें ही शेष है प्रत्येक जानने वालों के घर प्लाई का डबल बेड और दीवान है।
जानिए ज़मीन पर सोने के फ़ायदे : दिनभर की थकान के बाद रात को हमें सोने के लिए मोटे गद्दे की जरूरत महसूस होती है जिस पर लेट कर हमारी थकान दूर हो सकें लेकिन क्या अापको पता है यह गद्दा कुछ पल के लिए तो हमें अाराम देता है लेकिन अागे के लिए कई बीमारियों को बुलावा दे रहा होता है। इसलिए एेसे में अाप जमीन पर सोने की अादत डालकर बहुत सी बीमारियों से छुटकारा पा सकते है।
1. अगर अापको नींद नहीं अाती है तो एक बार फर्श पर सोकर देखें। इस पर सोने से नींद बहुत अच्छी आती है।
2. फर्श पर सोने से ना केवल अापका रक्तसंचार ठीक होता है बल्कि इससे हमारे शरीर अौर दिमाग में तालमेल भी बनता है और दिमाग फ्रेश महसूस करता है।
3. जमीन पर सोकर अापको बहुत अच्छी नींद अाएगी अौर अपने अापको फिट महसूस करेंगे।
4. जमीन पर सोने का एक अौर फायदा है इससे अापको हिप्स दर्द की समस्या नहीं होगी। इसी के साथ कमर अौर कुल्हों में तालमेल बैठता, जिसकी वजह से कुल्हों का दर्द झट से दूर हो जाता है।
5. अापकी दिन भर की थकान भी झट से दूर हो जाती है।
6. फर्श पर सोने से बैक पेन भी ठीक रहती है अौर रीड़ की हड्डी भी मजबूत बनी रहती है।
7. अगर अपको बैचेनी रहती है तो जमीन पर सोने से राहत मिलती है।
घरों में अक्सर यह पूछा जाता है कि क्या एक पत्नी अपनी प्रॉपर्टी अपने पति से पूछे बिना बेच सकती है। यह बात हमारे समाज में बहुत समय से चल रही है, लेकिन इसको लेकर कई गलत बातें भी फैली हुई हैं। इस लेख में हम कानून के हिसाब से और आसान भाषा में इस सवाल का जवाब देंगे।
पत्नी की व्यक्तिगत संपत्ति पर उसका पूरा हक होता है
अगर कोई संपत्ति केवल पत्नी के नाम पर है और वह उसकी खुद की खरीदी हुई या उसे उपहार/विरासत में मिली है, तो उसे बेचने के लिए उसे किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है – न पति की और न परिवार के किसी अन्य सदस्य की। यह कानूनी अधिकार है जिसे भारतीय कानून और हाल ही में कलकत्ता हाईकोर्ट के एक फैसले ने भी पूरी तरह से मान्यता दी है।
ऐसी किसी संपत्ति को महिला जब चाहे बेच सकती है, ट्रांसफर कर सकती है या किसी को गिफ्ट में दे सकती है। पति का इस पर कोई हस्तक्षेप नहीं होता, क्योंकि यहां संपत्ति का मालिकाना हक पूरी तरह पत्नी का होता है।
संयुक्त संपत्ति में दोनों की सहमति अनिवार्य
यदि संपत्ति पति-पत्नी दोनों के नाम पर है यानी वह संयुक्त स्वामित्व वाली संपत्ति है, तो उसमें किसी एक पक्ष द्वारा स्वतंत्र रूप से निर्णय नहीं लिया जा सकता। ऐसी स्थिति में बेचने या ट्रांसफर करने के लिए दोनों की सहमति जरूरी होती है। चाहे संपत्ति के कागजों में कोई एक नाम प्रमुख हो, लेकिन वास्तविक स्वामित्व में दोनों का बराबर अधिकार होता है।
पति की संपत्ति पर पत्नी का अधिकार सीमित होता है
पति की स्वयं अर्जित संपत्ति पर पत्नी का तब तक कोई कानूनी अधिकार नहीं होता जब तक कि पति उसे अपनी वसीयत के माध्यम से नहीं दे देता या वह संपत्ति उपहार में नहीं दे। पत्नी को यह अधिकार केवल विशेष परिस्थितियों में मिलता है जैसे पति की मृत्यु या तलाक के बाद। हालांकि, पत्नी को पति की आय में जीवनयापन के लिए हिस्सा मिल सकता है और इसके लिए वह अदालत में गुजारा भत्ता (Maintenance) का दावा कर सकती है।
अलगाव की स्थिति में संपत्ति अधिकार कैसे बदलते हैं?
अगर पति-पत्नी के बीच तलाक हो गया है या वे केवल अलग रह रहे हैं, तो भी संपत्ति अधिकार पूरी तरह खत्म नहीं होते। पत्नी, अगर बेरोजगार है या उसके पास आय का साधन नहीं है, तो वह पति से गुजारा भत्ता मांग सकती है। वहीं अगर पत्नी नौकरीपेशा है और पति बेरोजगार है, तो ऐसे दुर्लभ मामलों में पति भी गुजारा भत्ता मांग सकता है। कोर्ट दोनों पक्षों की आय और संपत्ति का गहन मूल्यांकन कर निर्णय देता है।
कौन-सी संपत्ति किसकी मानी जाती है?
यदि कोई व्यक्ति शादी से पहले कोई संपत्ति खरीदता है, तो वह उसकी व्यक्तिगत संपत्ति मानी जाती है। शादी के बाद अगर कोई संपत्ति दोनों की आय से खरीदी जाती है, भले ही वह सिर्फ पति या पत्नी के नाम पर हो, तब भी उसमें दूसरे पक्ष का हक साबित किया जा सकता है। वहीं, उपहार या विरासत में मिली संपत्ति पूरी तरह से प्राप्तकर्ता की मानी जाती है, और उसमें दूसरे जीवनसाथी का कोई दावा नहीं होता।
गलत धारणाएं और उनका समाधान
यह धारणा कि महिलाएं संपत्ति बेचने के लिए पति की इजाजत की मोहताज होती हैं, अब पुरानी सोच बन चुकी है। आज के कानून महिलाओं को हर तरह से संपत्ति पर समान अधिकार देते हैं। यह जरूरी है कि हम कानून की सही जानकारी रखें ताकि सामाजिक दबाव या अज्ञानता की वजह से कोई गलत निर्णय न लें।
विवादों से बचाव के लिए कानूनी सतर्कता जरूरी
अगर आप कोई संपत्ति बेच रहे हैं या खरीदने जा रहे हैं, तो जरूरी है कि सभी दस्तावेजों की जांच कर लें और संयुक्त संपत्तियों में सभी पक्षों की लिखित सहमति लें। किसी भी प्रकार के विवाद से बचने के लिए किसी अनुभवी वकील की सलाह अवश्य लें। यह न सिर्फ आपके हित की रक्षा करेगा बल्कि भविष्य में कानूनी उलझनों से भी बचाएगा।
पुरुषों और महलाओं के शरीर की कुछ चीजें एक दूसरे से काफी भिन्न होती है। ऐसे में इन्हें होने वाली बीमारियां या शारीरिक परेशानियों में भी थोड़ा अंतर आ जाता है। इसलिए यदि इनके घरेलू उपाय भी बताए जाएं तो वह भी मर्द और महिला दोनों के लिए थोड़े अलग हो सकते हैं। इस बात का ख्याल रखते हुए आज हम पुरुषों के लिए एक काम की ड्रिंक बताने जा रहे हैं।
रोज दूध और शहद का सेवन करें पुरुष
दूध शरीर के लिए अच्छा होता है। इसमें कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन ‘ए’, ‘बी’ और ‘डी’ एवं लैक्टिक एसिड जैसे पौषक तत्व पाए जाते हैं। वहीं शहद में आयरन, कैल्शियम, फॉस्फेट, फ्रूट ग्लूकोज, सोडियम, क्लोरीन, पोटेशियम होता है। इसके अलावा इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण भी होते हैं। इन दोनों को अलग अलग खाने पर शरीर को फायदा तो होता है ही, लेकिन यदि इन्हें साथ में मिलाकर खाया जाए तो और भी लाभकारी चीजें होती है।
दूध-शहद पीने का तरीका और समय
दूध शहद रात को सोने के एक घंटे पहले पीना चाहिए। इसकी ड्रिंक बनाने के लिए पहले दूध को गर्म कर लें। अब जब वह गुनगुना हो जाए तो उसमें एक चम्मच शहद मिला लें। कोशिश करें कि आपका शहद शुद्ध हो ताकि आप इसका अधिकतम लाभ उठा सकें।
शहद के साथ दूध पीने के फायदें
1. गर्म दूध में शहद मिलाकर पीने से पुरुषों की पौरुष शक्ति बढ़ती है। ये शरीर की कमजोरी दूर करता है। इसके नियमित सेवन से टेस्टोस्टेरोन नामक हॉर्मोन की वृद्धि होती है।
2. ये तनाव कम कर तंत्रिका तंत्र और तंत्रिका कोशिकाओं को आराम प्रदान करता है।
3. इसका नियमित सेवन करने से पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर होने के चांस कम हो जाते हैं।
4. दूध और शहद एक साथ लिया जाए तो ये आपकी इम्यूनिटी पावर (रोग प्रतिरोधक क्षमता) बढ़ाता है।
5. यदि आपको रात को नींद अच्छी नहीं आती तो सोने के एक घंटे पहले दूध शहद पी लें। नींद बढ़िया आएगी।
6. जिन लोगों को खाना पचाने में दिक्कत होती है उन्हें भी दूध शहद का सेवन शुरू कर देना चाहिए। इससे आपको कब्ज की समस्या भी नहीं होगी।
7. हड्डियां मजबूत करने के लिए दूध शहद एक शानदार ड्रिंक होती है।
8. अपने शरीर की शारीरिक और मानसिक क्षमता बढ़ाने के लिए रोजाना दूध और शहद का साथ में सेवन करना चाहिए।
9. सुबह सुबह यदि आप दूध और शहद पी लें तो दिनभर ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। शरीर में स्फूर्ति आएगी और आपका दिमाग भी तेज चलेगा। आलस दूर ही रहेगा।
10. आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए भी दूध और शहद एक अच्छी ड्रिंक मानी जाती है।
Parenting Tips: बच्चे की उम्र बढ़ने के साथ ही उसका वजन बढ़ना भी जरूरी होता है. अगर बच्चे का वजन नहीं बढ़ रहा है तो यह स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों को बढ़ा सकता है और इसीलिए माता-पिता के लिए बच्चे का वजन (Baby’s Weight) ना बढ़ना परेशानी का सबब बन जाता है.
इसपर पीडियाट्रिशियन यानी बच्चों के डॉक्टर संदीप गुप्ता का कहना है कि बच्चे का वजन ना बढ़ने की वजह मां के द्वारा की जाने वाली एक गलती हो सकती है. डॉ. संदीप ने बताया कि उनके पास अक्सर ही कई माता-पिता इस परेशानी को लेकर आते हैं कि उनका बच्चा 3 साल का हो गया है लेकिन वजन अब भी बस 8 किलो ही है. ऐसे में डॉक्टर ने पहचाना कि मां की किस गलती (Mistake) की वजह से बच्चे का वजन नहीं बढ़ता है. जान लीजिए कहीं आप भी तो यही गलती नहीं करते हैं.
क्यों नहीं बढ़ रहा बच्चे का वजन | Why Is Baby’s Weight Not Increasing
डॉ. संदीप गुप्ता ने बताया कि बच्चे का वजन ना बढ़ने की एक बड़ी वजह मां का उसे रोजाना चाय देना है. मां सुबह के समय बच्चे को चाय (Chai) रोटी खिलाती हैं या चाय बिस्कुट देती हैं. डॉक्टर बताते हैं कि चाय में मौजूद कैफीन से बच्चे की भूख कम होने लगती है.
चाय में टैनिन केमिकल मोजूद होता है जो आयरन के एब्जॉर्प्शन को कम कर देता है. आयरन की कमी से बच्चे को अनीमिया हो जाएगा और खून की कमी होने लगेगी.
डॉक्टर का कहना है कि 10 साल से छोटे बच्चे को चाय नहीं देनी चाहिए. चाय (Tea) एसिडिक होती है जिससे बच्चे के दांत खराब हो सकते हैं. इससे बच्चे की नींद भी प्रभावित होती है और बच्चे की नींद खराब होती है.
बच्चे का वजन बढ़ाने के लिए खिलाएं ये चीजें
अगर आप चाहते हैं कि बच्चे का वजन बढ़ने लगे तो इसके लिए बच्चे को अंडे खिलाए जा सकते हैं. विटामिन और प्रोटीन से भरपूर अंडे वजन बढ़ाने में मदद करते हैं.
केले के सेवन से भी वजन बढ़ सकता है. बच्चे को बनाना शेक या स्मूदी बनाकर भी खिला सकते हैं.
प्रोटीन का स्त्रोत बढ़ाने के लिए बच्चों की डाइट में चिकन शामिल करें. बच्चे को चिकन और मछली खिलाई जा सकती है.
सूखे मेवे और बीज भी बच्चों को खिलाने चाहिए. इनसे बच्चों को विटामिन, खनिज, फाइबर और हेल्दी फैट्स मिलते हैं.
बच्चे को शकरकंदी खिलाएं. इससे बच्चों को भरपूर फाइबर मिलता है और पेट भरता है सो अलग.