Author: me.sumitji@gmail.com

  • ब्यूटीफुल थी बेटे की दुल्हनियां प्यार मेंˈ गिर गया ससुर टच करने की हुई चुल फिर बेटे के साथ जो किया…ˌ

    ब्यूटीफुल थी बेटे की दुल्हनियां प्यार मेंˈ गिर गया ससुर टच करने की हुई चुल फिर बेटे के साथ जो किया…ˌ

    ब्यूटीफुल थी बेटे की दुल्हनियां प्यार मेंˈ गिर गया ससुर टच करने की हुई चुल फिर बेटे के साथ जो किया…ˌ

    Sasur Bahu Love Crime News: आए दिन कई अजीबो-गरीब लव स्टोरियां देखने और सुनने को मिलती रहती हैं. उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का सास-दामाद केस तो आपको याद ही होगा. अपनी होने वाला सास से प्यार की पींगे बढ़ाने वाला दामाद उसको लेकर रफूचक्कर हो गया. इस लव स्टोरी जैसी ही गजब मामला यूपी के आगरा में भी देखने को मिला. यहां अधेड़ उम्र के शख्स ने बेटे का रिश्ता जिस लड़की से करवाया, उसे खुद भी दिल दे बैठा. ससुर को अपनी बहू से ही प्यार हो गया. प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि अपने ही बेटी की जान ले ली. आइए जानते हैं पूरा मामला…

    आगरा के गांव लड़ामदा (जगदीशपुरा) में इस साल 14 मार्च को होली वाले दिन 26 साल के पुष्पेंद्र चौहान की घर में हत्या की गई थी. इस हत्या में लगातार कई अलग-अलग पहलू सामने आ रहे थे. मगर, जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई तो सब हैरान रह गए. रिपोर्ट में चाकू से हत्या की पुष्टि हुई. साथ ही जांच में सामने आया कि हत्या किसी और ने नहीं बल्कि खुद के पिता ने ही की थी. अब आरोपी पिता को जेल भेज दिया.

    पुलिस ने बताया कि होली वाले दिन पुष्पेंद्र और उसके पिता चरन सिंह के बीच कुछ बात को लेकर बहस हो गई थी. विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में पिता ने अपने बेटे को ही लोहे की रोड मारकर मौत के घाट उतार दिया. इतना ही नहीं गुमराह करने के लिए सीने में हुए जख्म में पिता ने कारतूस रख दिया.

    इधर पुलिस चार महीने तक जांच पड़ताल करती रही. कभी पिता कुछ बयान देता तो कभी कुछ. हालांकि, अब सारी सच्चाई सामने आ चुकी है. ससुर का अपनी ही बहू पर दिल आ गया था. इस बात का जब बेटे को पता चला तो उसने लड़ाई की. इस पर विवाद बढ़ गया. गुस्से में पिता ने अपने बेटे की हत्या कर दी.

  • मौत को छोड़ कर हर मर्ज कीˈ दवाँ है साधारण सा दिखने वाला कलौंजी, इसके फायदे ऐसे की डॉक्टर भी रह जाते हैं हैरान

    मौत को छोड़ कर हर मर्ज कीˈ दवाँ है साधारण सा दिखने वाला कलौंजी, इसके फायदे ऐसे की डॉक्टर भी रह जाते हैं हैरान

    मौत को छोड़ कर हर मर्ज कीˈ दवाँ है साधारण सा दिखने वाला कलौंजी, इसके फायदे ऐसे की डॉक्टर भी रह जाते हैं हैरान

    कलौंजी का तेल हृदय रोग, ब्लड प्रेशर, डाइबिटीज, अस्थमा, खांसी, नजला, जोड़ों के दर्द, बदन दर्द, कैंसर, किडनी, गुर्दे की पत्थरी, मूत्राशय के रोग, मर्दाना कमजोरी, बालों के रोगों, मोटापे, याददाश्त बढाने, मुंहासे, सुंदर चेहरा, अजीर्ण, उल्टी, तेज़ाब, बवासीर, लयुकोरिया आदि गंभीर बीमारियों से एक साथ निजात दिलाने में सक्षम है।

    यह अनमोल चमत्कारिक दवा ब्लैैक सीड ऑइल, जिसे कलौंजी का तेल भी कहा जाता है यह आसानी से उपलब्ध होने वाली बेहद प्रभावी और उपयोगी साबित हो सकती है। कलौंजी के तेल में मौजूद दो बेहद प्रभावकारी तत्व थाइमोक्विनोन और थाइमोहाइड्रोक्विनोन में विशेष हीलींग प्रभाव होते हैं। ये दोनों तत्व मिलकर इन सभी बीमारियों से लड़ने और शरीर को हील करने में मदद करते हैं।

    किडनी के लिये

    किडनी में स्‍टोन ना बनने के लिये ½ चम्‍मच कलौंजी तेल, 1 कप गरम पानी, 2 चम्‍मच शहद को मिला कर, इस मिश्रण को दिन में दो बार लें। किडनी के दर्द से छुटकारा पाने के लिये कलौंजी और शहद का सेवन करना चाहिये। इसके लिये 250 ग्राम कलौंजी और ½ कप शहद मिक्‍स कर के पेस्‍ट बनाएं और फिर 2 चम्‍मच मिश्रण को आधे कप पानी के साथ लें।

    मुंहासों से निजात
    2 चम्‍मच नींबू के रस में आधा चम्‍मच कलौंजी का तेल मिक्‍स कर के सुबह और रात को चेहरे पर लगाएं। इसेस त्‍वचा में निखार आएगा, गाले धब्‍बे मिटेंगे तथा मुंहासों से सुरक्षा मिलेगी। आप चाहें तो नींबू की जगह पर एप्‍पल साइडर वेनिगर भी प्रयोग कर सकती हैं।

    मधुमेह से बचाव
    1 कप काली चाय बना कर उसमें आधा चम्‍मच कलौंजी का तेल मिक्‍स कर के सुबह और रात में सोने से पहले पियें। आपको एक महीने में असर दिखेगा।

    दिमाग बढ़ाए
    10 ग्राम पुदीने की पत्‍ती को पानी में ½ tsp कलौंजी तेल के साथ उबालें। इस मिश्रण को 20-25 दिनों तक दिन में दो बार नियमित रूप से लें और रिजल्‍ट देखें।

    सिरदर्द से निजात
    तेजी का सिरदर्द हो रहा हो तो, माथे और कान के पास आधा चम्‍मच कलौंजी का तेल लगाएं। अगर माइग्रेन का दर्द है तो कलौंजी के तेल का नियमित सेवन करें।

    अस्‍थमा का इलाज

    अस्‍थमा या किसी तरीके की सांस की समस्या होने पर 1 कप गरम पानी, 1 चम्‍मच शहद, ½ चम्‍मच कलौंजी का तेल मिक्‍स कर के सुबह शाम सेवन करें। ऐसा करने से कफ और एलर्जी से भी छुटकारा मिलेगा।

    हृदय के लिये
    जब कलौंजी का तेल और बकरी का दूध एक साथ पिया जाता है तो हृदय मजबूत बनता है और हार्ट अटैक की बीमारी नहीं होती। इसके लिये आपको 1 कप बकरी का दूध और आधा चम्‍मच कलौंजी का तेल मिक्‍स कर के हफ्ते भर पीना होगा।

    जोड़ों के दर्द से आराम दिलाए
    घुटनों में दर्द हो तो आधा चम्‍मच कलौंजी का तेल, सिरका 1 कप और 2 चम्‍मच शहद मिक्‍स कर के दिन में दो बार लगा कर हल्‍के हाथों से मालिश करें।

    कैंसर से बचाव

    कलौंजी के तेल और अंगूर के जूस को मिला कर पीने से ब्‍लड कैंसर, आंत और गले का कैंसर नहीं होता। ½ चम्‍मच कलौंजी तेल और 1 कप अंगूर का जूस मिला कर दिन में तीन बार पियें।

    आंखों की रौशनी के लिये
    आंखों में लालिम, कैटरेक्‍ट और आंखों से पानी आने की समस्‍या को दूर करने के लिये ½ चम्‍मच कलौंजी का तेल और गाजर का रस दिन में दो बार पियें।

    ब्‍लड प्रेशर को कम करने के लिये

    ½ चम्‍मच कलौंजी के तेल को गरम चाय में डाल कर दिन में दो बार पियें।

    सर्दी-जुखाम के लिये
    ½ चम्‍मच कलौंजी तेल, 1 कप गरम पानी और उसमें 2 चम्‍मच शहद मिला कर दिन में दो बार पियें। यह मिश्रण साइनस के मरीजों को भी लाभ पहुंचाता है।

    चमकदार त्‍वचा के लिये

    50 ग्राम जैतून के तेल में 50 ग्राम कलौंजी का तेल मिक्‍स करें। फिर नाश्‍ते करने से पहले आधे चम्‍मच का सेवन करें। ऐसा एक हफ्ते तक नियमित करने पर आपकी त्‍वचा चमक उठेगी।

    फटी एडियों को ठीक करे
    2 चम्‍मच नींबू के रस में ½ चम्‍मच कलौंजी का तेल मिक्‍स कर के दिन में दो बार फटी एडियों पर लगाएं।

    वजन घटाने के लिये

    ½ चम्‍मच कलौंजी के तेल में 2 चम्‍मच शहद मिला कर इसे हल्‍के गरम पानी के साथ पियें। इस मिश्रण को दिन में तीन बार लें।

    बुखार का चढ़ना व उतरना

    यदि बार-बार बुखार चढ़ता-उतरता है तो इस समस्या से निजात पाने के लिए कलौंजी को पीसकर चूर्ण बना लें और उसमें गुड मिलाकर लड्डू की तरह बनाकर सेवन करें। आपको इस समस्या से फायदा होगा।

    गंजेपन से मुक्ति
    कलौंजी के पाउडर को सरसों के तेल के साथ मिलाकर सिर पर नियमित लगाने से गंजापन दूर होता है।

    सूजन में राहत
    कलौंजी के तेल को नियमित लगाने से पैरों और हाथों की सूजन दूर होती है। साथ ही यह चर्म रोग को भी दूर करता है।

    शरीर में ऊर्जा भरे
    थकान और कमजोरी दूर करने के लिये संतरे के 1 गिलास जूस में आधा चम्‍मच कलौंजी तेल मिक्‍स कर के रोज पियें। आपके शरीर में ताकत भर उठेगी।

    पथरी से राहत

    कलौंजी पथरी से निजात दिलावाने की अचूक औषधि है। पथरी को गलाने के लिए पानी में कलौंजी को पीस लें और इसे शहद के साथ मिलाकर सेवन करें।

    बाल झड़ने से रोके

    यदि बाल झड़ रहे हों तो कलौंजी को अच्छे से पीसकर उसका बारीक लेप बना लें और इस लेप को पूरे सिर पर अच्छे से लगायें। कुछ दिनों तक नियमित इस प्रयोग को करने से बाल गिरने कम हो जाएगें।

    बवासीर में कलौंजी
    बवासीर की परेशानी होने पर कलौंजी को अच्छे से जलाकर राख बना लें। और उस राख को बवासीर के मस्सों पर लगा लें।

    पेट दर्द के लिये
    ½ कलौंजी का तेल, थोडा सा काला नमक और आधा गिलास गरम पानी ले कर दिन में दो या तीन बार पियें।

  • पति बोला- तुम जाओ बच्चों को मैंˈ पाल लूंगा… फिर बॉयफ्रेंड से करा दी पत्नी की शादी पूरा गांव बना गवाहˌ

    पति बोला- तुम जाओ बच्चों को मैंˈ पाल लूंगा… फिर बॉयफ्रेंड से करा दी पत्नी की शादी पूरा गांव बना गवाहˌ

    पति बोला- तुम जाओ बच्चों को मैंˈ पाल लूंगा… फिर बॉयफ्रेंड से करा दी पत्नी की शादी पूरा गांव बना गवाहˌ

    उत्तर प्रदेश के संत कबीरनगर में एक महिला ने दो बच्चों और पति को छोड़कर अपने प्रेमी का हाथ थाम लिया और शादी रचा ली. लेकिन बड़ी बात तो ये है कि ये शादी महिला के पति ने ही कराई है और खुद अपने हाथों से अपनी पत्नी को उसके प्रेमी को सौंप दिया है.

    मंदिर में कराई अपनी पत्नी की शादी

    दरअसल, पूरा ममला उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में धनघटा थाना क्षेत्र के एक गांव का है जहां पति ने अपनी पत्नी की शादी उसके प्रेमी से करा दी. पहले पति ने अपनी पत्नी के साथ कोर्ट से नोटरी बनायी और उसके बाद एक मंदिर में अपनी पत्नी की शादी उसके प्रेमी के साथ करा दी. यह बात जंगल में बड़ी तेजी से आग लगने जैसी थी और इलाके में चर्चा का विषय बन गई.

    तोड़ी 9 साल की शादी और छोड़ दिए दो बच्चे

    जानकारी के मुताबिक लोगों ने बताया कि महिला की शादी 2017 में हुई थी. महिला और उसके पति के दो बच्चे भी हुए. इसी बीच महिला की गांव के रहने वाले एक युवक से आंखें चार हो गईं. यह रिश्ता धीरे-धीरे गांव में चर्चा का विषय हो गया. जब यह बात महिला के पति को पता लगी तो उसने पहले पत्नी को समझाने का प्रयास किया. जब इससे बात नहीं बनी तो उसने गांव वालों के सामने यह बात रखी कि मेरी पत्नी तय करेगी कि वह मेरे साथ रहना चाहती है या फिर अपने प्रेमी के? महिला ने जवाब में प्रेमी के साथ रहने की इच्छा जताई तो तो सारा समाज दंग रह गया.

    ‘…बच्चों को मैं खुद पाल लूंगा’

    पति ने कहा ठीक है हम तुम्हारी शादी तुम्हारे प्रेमी के साथ करा देते हैं और बच्चों को मैं खुद पाल लूंगा. महिला बच्चों को छोड़ने के लिए भी राजी हो गई तो समाज ने उसका और उसके प्रेमी का जयमल करा दिया। पति इन सब का साक्षी बना रहा.

    दरअसल, धनघटा थाना क्षेत्र के कटार जोत गांव के बबलू पुत्र कल्लू की शादी साल 2017 में गोरखपुर जिले के बेल घाट थाना क्षेत्र के भूलनचक गांव निवासी तौली राम की बेटी राधिका के साथ हुई थी. दोनों पति-पत्नी खुशी-खुशी अपना जीवन यापन कर रहे थे. शादी के आठ सालों के दौरान उनके दो बच्चे भी हुए. बड़ा बच्चा सात साल का आर्यन और दो साल की बेटी शिवानी हैं.

    पत्नी को उसके प्रेमी को सौंपा और चल पड़ा

    बबलू रोजी-रोटी कमाने के लिए अक्सर घर से बाहर रहता था.इसी बीच गांव के रहने वाले एक युवक से राधिका का संबंध हो गया और यह लंबे समय तक चलता रहे. जब इसकी जानकारी परिवारवालों को हुई तो उन्होंने बबलू को बताया. वह घर लौटा तो तमाम घटनाओं को नजर में रखते हुए उसने पत्नी की शादी कराने का फैसला लिया और उसे उसके प्रेमी के हवाले कर दिया. इसके बाद वह खुद अपने दो बच्चों के साथ जीवन की नई पारी की ओर चल पड़ा.

    यह बड़ी अजीब बात है कि जहां समाज में ऐसे मामलों में हत्या जैसी घटनाएं देखने और सुनने को मिलती है. वहीं इन सब को दरकिनार करते हुए बबलू ने एक मिसाल कायम की है. यह समाज के लिए एक संदेश है , एक आईना है कि दो प्यार करने वालों के बीच इन दो मासूमों का क्या कसूर था जिनकी जिंदगी से मां शब्द इतना दूर चला गया.

  • 3 साल तक प्रेग्नेंसी की कोशिश, हरˈ बार फेल, मह‍िला को याद आई शादी से पहले की 1 भूल, बोली-सोचा फर्क नहीं पड़ेगा मगरˌ

    3 साल तक प्रेग्नेंसी की कोशिश, हरˈ बार फेल, मह‍िला को याद आई शादी से पहले की 1 भूल, बोली-सोचा फर्क नहीं पड़ेगा मगरˌ

    3 साल तक प्रेग्नेंसी की कोशिश, हरˈ बार फेल, मह‍िला को याद आई शादी से पहले की 1 भूल, बोली-सोचा फर्क नहीं पड़ेगा मगरˌ

    ​कभी-कभी प्रेग्नेंसी न होने की वजह ऐसी निकलकर आती है, जो हर किसी को हैरान कर देती है। कुछ ऐसा ही हुआ एक मह‍िला के साथ हुआ, जो पिछले तीन सालों से लगातार कोशिश कर रहा था, लेकिन हर बार फेल हो रही थी, जब जांच हुई तो असली वजह जानकर सब हैरान रह गए।आजकल कई कपल्स को प्रेग्नेंट होने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार सालों तक कोशिश करने के बाद भी सफलता नहीं मिलती। ऐसे में कपल्स तनाव में आ जाते हैं और अक्सर किसी पुराने बात या गलती को याद करने लगते हैं, मानो उसी ने आज की परेशानी खड़ी की हो। कुछ ऐसा ही हुआ एक महिला के साथ भी। वह तीन सालों से प्रेग्नेंसी की कोशिश कर रही थी, लेकिन हर बार नाकाम रही। जब उसने डॉक्टर को दि‍खाया तो उसने बोला क‍ि ‘मुझे लगा था फर्क नहीं पड़ेगा… मगर।

    मह‍िला की यह बात सुनने के बाद अब सवाल ये था क‍ि आखिर शादी से पहले की वो ‘एक बात’ या ‘भूल’ क्या थी और क्या सच में उसी के कारण महिला प्रेग्नेंट नहीं हो पा रही थी या फिर इसके पीछे कोई और मेडिकल वजह छिपी थी? चलिए जानते हैं, इस केस को संभाल रही फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉ. महिमा से।

    इंस्‍टाग्राम वीड‍ियो में फर्टिलिटी एक्सपर्ट डॉक्‍टर. महिमा बताती हैं कि हाल ही में उनके पास एक कपल आया था, जि‍सकी उम्र 28 साल थी। ये कपल पिछले तीन सालों से प्रेग्नेंसी के लिए कोशिश कर रहे थे, लेकिन हर बार नाकाम रहे।
    मह‍िला ने खाई थी अबॉर्शन प‍िल 

    एक्सपर्ट बताती हैं कि उस महिला ने शादी से पहले अबॉर्शन पिल ली थी। उसे यकीन था कि जब भी चाहेगी, प्रेग्नेंट हो जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। हर महीने प्रेग्‍नेंसी टेस्ट नेगेटिव आता रहा और उसके साथ बढ़ती गई उसकी चिंता और डिप्रेशन। धीरे-धीरे परिवार में कानाफूसी शुरू हो गई। लोगों की बातें, ताने और सवालों ने उसे अंदर तक तोड़ दिया। इसी वजह से उसने फैम‍िली फंक्‍शन में जाना बंद कर द‍िया।
    क्‍या आप बेबी प्‍लान कर रही हैं ?​ ​
    कपल पहले ही कई डॉक्‍टर को द‍िखा चुका था 

    डॉ. महिमा बताती हैं कि वो कपल उनसे मिलने से पहले कई डॉक्टरों को दिखा चुका था। लेकिन हर जगह से कोई सही जवाब नहीं मिला। उन्‍होंने जब कपल की र‍िपोर्ट देखी तो मह‍िला का एमएच लेवल नॉर्मल, अल्ट्रासाउंड र‍िपोर्ट्स भी ठीक थीं। पति की सीमेन जांच भी ब‍िल्‍कुल सही थी। लेक‍िन फिर भी प्रेग्नेंसी नहीं हो रही थी। हर बार उम्मीद लेकर टेस्ट कराते, और हर बार निराशा मिलती।
    महि‍ली की आंखें और मुंह हमेशा सूखे रहते थे 

    एक्सपर्ट आगे बताती हैं कि उस महिला ने कहा ‘डॉक्टर, मेरी आंखें और मुंह हमेशा बहुत ड्राई रहते हैं। मुझे करीब छह साल पहले एक ऑटोइम्यून बीमारी हुई थी और तब से लोग कहते हैं ‘तुम्हारी जैसीऔरतें कभी मां नहीं बन सकतीं।’ ये बात उसे सालों तक भीतर से खाती रही थी। लेकिन मैं जानती थी, चीजें हमेशा वैसी नहीं होतीं जैसी दिखती हैं खैर , जब मैंने जांच की, तो आखिरकार हमें मिल गया वो कारण, जो अब तक सबकी नजरों से छिपा हुआ था।
    मह‍िला को था ये स‍िंड्रोम डॉक्‍टर कहती हैं क‍ि जांच में पता चला कि उसे Sjögren’s सिंड्रोम है। यह एक ऑटोइम्यून डिसऑर्डर। इस कंडीशन में आंखों, त्वचा और यहां तक कि योनि में भी ड्राइनेस रहती है, जिससे नैचुरली कंसीव करना मुश्किल हो सकता है।

    10 से 15 फीसदी कपल्स अनएक्सप्लेंड इनफर्टिलिटी से जूझते हैं

    वे अंत में कहती हैं लगभग 10 से 15% कपल्स ऐसी अनएक्सप्लेंड इनफर्टिलिटी से जूझते हैं, जहां सारे टेस्ट नॉर्मल होते हैं, फिर भी गर्भधारण नहीं हो पाता। ऐसे ही केस में कई बार Sjögren’s सिंड्रोम जैसी छिपी हुई कंडीशन कारण बन जाती है। लेकिन अच्छी बात ये है कि अगर समय पर डायग्नोस और सही ट्रीटमेंट मिले, तो प्रेग्नेंसी पूरी तरह संभव है। और यही हुआ इस कपल के साथ भी।

    ड‍िस्‍केलमर इस लेख में दी गई सूचना पूरी तरह इंस्‍टाग्राम रील पर आधार‍ित है।

  • पेट्रोल पंप पर फ्री मिलती है येˈ 9 चीजें तेल भरवाने के साथ जरूर जान लें कार-बाइक सवारˌ

    पेट्रोल पंप पर फ्री मिलती है येˈ 9 चीजें तेल भरवाने के साथ जरूर जान लें कार-बाइक सवारˌ

    पेट्रोल पंप पर फ्री मिलती है येˈ 9 चीजें तेल भरवाने के साथ जरूर जान लें कार-बाइक सवारˌ

    पेट्रोल-डीजल डलवाने के लिए आप भी पेट्रोल पंप कई बार गए होंगे. लेकिन क्या आपको पता है कि यहां पर पेट्रोल, डीजल के अलावा भी कई ऐसी सुविधाएं हैं जो फ्री में मिलती हैं, ज्यादातर लोगों को इनके बारे में नहीं पता होता.

    हवा – पेट्रोल पंप पर आप अपनी गाड़ियों में हवा भरवा सकते हैं. इसके लिए आपको कोई पैसा नहीं देना होगा. यह एकदम फ्री है. पेट्रोल पंप पर इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक हवा भरने वाली मशीने लगी होती हैं. जिसके लिए एक कर्मचारी होता है.

    पानी – पेट्रोल पंप पर पानी पीने के लिए फ्री इंतजाम किया जाता है. इसके लिए पेट्रोल पंप पर आरओ या वाटर कूलर लगाए जाते हैं.

    वॉशरूम की सुविधा – पंप पर वॉशरूम की सुविधा भी आम लोगों के लिए एकदम फ्री होती है. कोई भी इसका इस्तेमाल कर सकता है. इसके लिए कोई पैसा नहीं देना होता है.

    फ्री कॉल – इमरजेंसी में आप पेट्रोल पंस से फ्री कॉल कर सकते हैं. यह सुविधा पेट्रोल पंप मालिकों को देनी दोती है.

    फर्स्ट एड बॉक्स – इसके अलावा पेट्रोल पंप पर फर्स्ट एड बॉक्स भी रखना जरूरी होता है. जिसमें जरूरी दवाइयां और मरहम-पट्टी होती है. यह एक्सपायरी नहीं होनी चाहिए.

    फायर सेफ्टी डिवाइस – पेट्रोल पंप पर अगर फ्यूल डलवाते समय वाहन में आग लग जाती है तो आप यहां फायर सेफ्टी डिवाइस का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसका आपको कोई चार्ज नहीं देना होगा.

    नोटिस – पेट्रोल पंप पर नोटिस लगा होना चाहिए. जिस पर पंप के खुलने और बंद करने का समय लिखा हो. इस पर छुट्टी की भी जानकारी देनी होती है.

    पंप मालिक की डिटेल – पेट्रोल पंप मालिक, कंपनी का नाम और कॉन्टैक्ट नंबर भी यहां लिखना होता है. जिससे कि लोग जरूरत पड़ने पर पेट्रोल पंप से संबंधित शख्स से संपर्क कर सकें.

    बिल – गाड़ी में पेट्रोल और डीजल डलवाने के लिए आपको बिल देने से मना नहीं किया जा सकता है. बिल से फायदा होता है कि अगर कोई गड़बड़ी हुई तो उसको सुधारा जा सके.

    यहां करें शिकायत – अगर किसी पेट्रोल पंप पर ये सुविधाएं फ्री नहीं मिलती हैं या इनका चार्ज लिया जाता है तो आप इसकी शिकायत भी कर सकते हैं. आप pgportal.gov पोर्टल पर या पेट्रोल पंप मालिक से शिकायत कर सकते हैं. पेट्रोलियम कंपनी की वेबसाइट पर विजिट कर आप नंबर और मेल आईडी ले सकते हैं.

  • अपने बच्चों को इस दुनिया में लानेˈ के लिए पारस पत्थर का इस्तेमाल करती है ये पक्षी, जानिये कैसेˌ

    अपने बच्चों को इस दुनिया में लानेˈ के लिए पारस पत्थर का इस्तेमाल करती है ये पक्षी, जानिये कैसेˌ

    अपने बच्चों को इस दुनिया में लानेˈ के लिए पारस पत्थर का इस्तेमाल करती है ये पक्षी, जानिये कैसेˌ

    आज के समय में कौन नहीं चाहता है कि उसके पास ख़ूब सारा धन-दौलत हो। लेकिन सही कहा गया है कि केवल चाहने भर से सबकुछ नहीं मिल जाता है। इसके लिए व्यक्ति को ख़ूब मेहनत करनी पड़ती है। जो लोग जी-जान से मेहनत करते हैं, वह जीवन में ख़ूब पैसा कमाते हैं। हालाँकि कुछ ऐसे लोग भी होते हैं, जो जी-जान से मेहनत करने के बाद भी जीवनभर ग़रीबी में रहते हैं। ऐसे लोगों को अगर ख़ूब सारा धन मिल जाए तो सोचिए क्या होगा।

    जी हाँ यह मज़ाक़ की बात नहीं है। किसी को भी बहुत सारा धन मिल सकता है। लेकिन उसके लिए बस आपको इस एक पक्षी के ऊपर अपनी नज़र रखनी होगी। अब आप सोच रहे होंगे कि भला किसी पक्षी के ऊपर नज़र रखकर कोई कैसे करोड़पति बन सकता है? लेकिन जब आप इस पक्षी के बारे में सबकुछ जानेंगे तो शायद आपको भी यक़ीन हो जाएगा कि जो हम कह रहे हैं, वह सही है। इस पक्षी के ऊपर नज़र रखकर आप मिनटों में करोड़पति बन सकते हैं। तो क्या आप तैयार हैं एक मिनट में करोड़पति बनने के लिए?

    इस पक्षी की ख़ूबियाँ जानकार हो जाएँगे हैरान:

    इस दुनिया में कई अद्भुत चीज़ें हैं। प्रकृति की रचनाओं में सबसे ख़ूबसूरत रचना जीवन है। प्रकृति ने पशु-पक्षियों और इंसानों के रूप में इस पृथ्वी पर जीवन दिया है। पक्षियों की कई प्रजातियाँ पूरी दुनिया में फैली हुई हैं। इनमें से कई पक्षियाँ इतनी ख़ूबसूरत और इतनी विचित्र होती हैं, कि इसके बारे में जानकार आपके होश उड़ सकते हैं इन्ही में से एक सबसे विचित्र पक्षी है टिटहरी। आपको बता दें यह पक्षी दिखने में भले ही बहुत छोटी होती है, लेकिन इसकी ख़ूबियों के बारे में जानकार आप हैरान हो जाएँगे।

    टिटहरी पारस पत्थर से तोड़ती है अपने अंडे:

    ऐसा कहा जाता है कि टिटहरी जिस दिन पेड़ पर रहने लगेगी, उस दिन धरती पर भूकम्प आ जाएगा। टिटहरी कभी भी पेड़ पर अपना घोसला नहीं बनाती है। वह ज़मीन पर ही अपने अंडे देती है। कोई दूसरा पक्षी जब भी अंडे देता है तो उसपर बैठकर उसे गर्म करता है और बाद में उसे तोड़कर बच्चों को इस दुनिया में लाता है। लेकिन टिटहरी ऐसा नहीं करती है। कहा जाता है कि टिटहरी ज़मीन पर अंडा देने के बाद उसे तोड़ने के लिए पारस पत्थर का इस्तेमाल करती है। पारस पत्थर के बारे में कहा जाता है कि अगर इसे लोहे से छुला दिया जाए तो वह सोना बन जाता है।

    कई संत पारस पत्थर दे चुके हैं अपने भक्तों को:

    आपको बता दें पारस पत्थर एक रहस्यमयी पत्थर होता है, जो आसानी से नहीं मिलता है, लेकिन टिटहरी इस पत्थर को ढूँढ ही लेती है। यह बहुत ही क़ीमती पत्थर होता है जो बहुत ही दुर्लभ है। धार्मिक कहानियों में भी पारस पत्थर का ज़िक्र मिलता है। इसके अनुसार हिमालय के जंगलों में पारस मणि मिल जाती है। बस किसी व्यक्ति को उसकी पहचान करनी आती हो। हालाँकि आजतक यह किसी व्यक्ति को मिला नहीं है। कई कहानियों में यह भी ज़िक्र मिलता है कि कई संत पारस पत्थर लाकर अपने भक्तों को दे चुके हैं। पारस मणि हिमालय के आस-पास ही पायी जाती है।

  • गाय के गोबर से हर साल 60ˈ लाख रु कमा रहा किसान का बेटा नौकरी छोड़कर शुरू किया अनोखा बिजनेसˌ

    गाय के गोबर से हर साल 60ˈ लाख रु कमा रहा किसान का बेटा नौकरी छोड़कर शुरू किया अनोखा बिजनेसˌ

    गाय के गोबर से हर साल 60ˈ लाख रु कमा रहा किसान का बेटा नौकरी छोड़कर शुरू किया अनोखा बिजनेसˌ

    हिंदू धर्म में गाय को पशु न मानकर माता के रुप में देखा जाता है. हिंदू धर्म में गौ माता का काफी महत्व है. न केवल गौ माता पूजनीय है बल्कि गायक का मूत्र और गोबर भी उपयोगी बताया गया है. कई लोग गाय के गोबर का व्यापार व्यवसाय करके अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं. गाय के गोबर से सालभर में 50 से 60 लाख रूपये की कमाई कर रहे है हरियाणा के डॉक्टर शिव दर्शन मलिक.

    शिव दर्शन मलिक ने ऐसी पहल की है जिससे कि लोग गाय के गोबर की मदद से इको फ्रेंडली घर बना रहे हैं. वे गोबर से सीमेंट, पेंट और ईंट बना रहे हैं और लोगों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं. इतना ही नहीं गाय के गोबर से इन चीजों को बनाने के लिए मलिक 100 से ज्यादा लोगों को ट्रेनिंग भी दे चुके हैं.

    शिव दर्शन एक किसान परिवार से संबंधित है. वे किसान के बेटे हैं. वे यह काम करने से पहले एक कॉलेज में पढ़ाते थे लेकिन कुछ सालों पहले शिक्षक की नौकरी छोड़ दी और बीते करीब पांच से छह साल से गाय के गोबर से सीमेंट, पेंट, ईंट आदि का निर्माण कर रहे हैं. इस काम से वे हर साल 50 से 60 लाख रूपये की कमाई कर लेते हैं. उन्होंने बीकानेर में ट्रेनिंग सेंटर खोला है जहां वे गोबर से इन चीजों को बनाना सिखाते है और प्रशिक्षण फीस के रुप में 21 हजार रु लेते है.

    इको फ्रेंडली घर बनाने और पर्यावरण को शुध्द बनाए रखने की प्रेरणा उन्हें विदेश से मिली थी. दरअसल सालों पहले काम के सिलसिले में उनका अमेरिका और इंग्लैंड जाना हुआ था जहां उन्होंने देखा कि विदेश में भी लोग इको फ्रेंडली घर बना रहे हैं. भारत आने के बाद वे भी इसे अमल में ले आए.

    shiv darshan malik

    गोबर से बने घरों की सबसे ख़ास बात यह होती है कि इनमें गर्मी में ज्यादा गर्मी नहीं लगती है और न ही ठंड में ज्यादा ठंड महसूस होती है. सबसे पहले शिव दर्शन ने इसका उपयोग खुद शुरू किया. धीरे-धीरे यह आस-पास के लोगों के बीच भी लोकप्रिय होते गया. पहले गोबर से सीमेंट बनाई फिर गोबर से पेंट और ईंट भी बनाने लगे.

    कई राज्यों में भेज रहे माल…

    shiv darshan malik

    हरियाणा में तो उनका व्यापार व्यवसाय काफी लोगों के बीच पहुंच चुका है. वहीं वे अपने राज्य हरियाणा से बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में भी अपना माल भेज रहे हैं. हर साल वे करीब 60 लाख रूपये की कमाई 5 हजार टन सीमेंट की मार्केटिंग करने के अलावा पेंट और ईंट की बिक्री से भी कर लेते हैं.

    इस तरह बनाते है इको फ़्रेंडली सीमेंट…

    शिव दर्शन ने गाय के गोबर से इको फ्रेंडली सीमेंट बनाने का फॉर्मूला भी बताया है. उन्होंने कहा है कि गाय के गोबर में जिप्सम, ग्वारगम, चिकनी मिट्टी और नींबू पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है. इसे ‘वैदिक प्लास्टर’ नाम दिया गया है.

  • इस कचोड़ी वाले दद्दू को देश करˈ रहा नमन साइकिल पर फर्राटेदार अंग्रेजी बोल बेचते हैं टैस्टी कचोड़ीˌ

    इस कचोड़ी वाले दद्दू को देश करˈ रहा नमन साइकिल पर फर्राटेदार अंग्रेजी बोल बेचते हैं टैस्टी कचोड़ीˌ

    इस कचोड़ी वाले दद्दू को देश करˈ रहा नमन साइकिल पर फर्राटेदार अंग्रेजी बोल बेचते हैं टैस्टी कचोड़ीˌ

    गरमा गरम कचोड़ी हर किसी को पसंद होती है। आमतौर पर लोग कचोड़ी खाने दुकान पर जाते हैं। लेकिन कुछ लोग घर-घर जाकर भी कचोड़ी बेचते हैं। आप ने भी कचोड़ी वाले भैया को साइकिल या मोटरसाइल पर घर-घर आवाज लगाते हुए कई बार देखा या सुना होगा। सामान्यतः ये कचोड़ी वाले हिन्दी या अपनी रिजनल भाषा में ही कचोड़ी बेचते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे दादाजी से मिलाने जा रहे हैं जो फर्राटेदार अंग्रेजी बोलकर कचोड़ी बेचते हैं।

    75 साल के दादा गली-गली घूम बेचते हैं कचोड़ी

    इनसे मिलिए। ये हैं 75 साल के श्री गोविंद मालवीय जी। गोविंद दादा मूल रूप से मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के डोंगी गांव के रहने वाले हैं। लेकिन वर्तमान में वे इंदौर शहर में कचोड़ी बेचते हैं। वे अपनी साइकिल पर अधिकतर कचोड़ियाँ इंदौर के मूसाखेड़ी इलाके में बेचते हैं। वह बीते 45 साल से ये काम करते आ रहे हैं।

    गोविंद दादा रोज अपनी पत्नी के साथ मिलकर गली-गली कचोड़ी बेचते हैं। अब उनका ये काम करने का मन नहीं करता है। कोरोना के बाद उनके ग्राहक कम हो गए हैं। इसमें कोई खास मुनाफा भी नहीं रह गया है। लेकिन कोई बच्चे न होने की वजह से वे इसी काम से अपना पेट पालते हैं। इसके अलावा उनका कहना है की साइकिल चलाने से उनके हाथ पैर फिट भी रहते हैं। इसलिए वह अभी भी यही कचोड़ी का धंधा कर रहे हैं।

    फर्राटेदार अंग्रेजी बोल बेचते हैं कचोड़ी

    गोविंद दादा फर्राटेदार अंग्रेजी बोलकर कचोड़ी बेचते हैं। वे बताते हैं कि पहले में हिन्दी में ही कचोड़ी बेचा करता था। लेकिन अब जमाना बदल गया है। बच्चे भी अंग्रेजी मीडियम में पढ़ने लगे हैं। इसलिए उन्हें बुलाने के लिए मैंने एक दो बार अंग्रेजी बोल दी। फिर सब कहने लगे की दादा आप अंग्रेजी बोलते हुए बड़े प्यारे लगते हैं। इसलिए तब से मैं अंग्रेजी में ही कचोड़ी बेच रहा हूं।

    गोविंद दादा बताते हैं कि पहले वह गांव से अनाज लेकर भोपाल जाकर बेचा करते थे। लेकिन फिर उन्हें इस धंधे में बड़ा नुकसान हो गया। फिर वह इंदौर काम की तलाश में आए। यहां एक सेठजी ने उन्हें सलाह दी कि कोई नौकरी करने की बजाय खुद का धंधा करो। कचोड़ी बेचो। तब से दादा कचोड़ी बेचने लगे। पहले शुरुआत में 1 रुपए की 1 कचोड़ी बेचते थे। लेकिन अब महंगाई बढ़ने की वजह से ये दाम वर्तमान में 10 रुपए की एक कचोड़ी हो गए हैं।

    अंग्रेजी में कचोड़ी बेचने वाले दादा की ये स्टोरी आमची इंदौर नाम के एक यूट्यूब चैनल ने साझा की है। लोग इस स्टोरी को बहुत पसंद कर रहे हैं। भावुक होकर दादा की मदद की पेशकश कर रहे हैं। आमची इंदौर ने भी लोगों से विनती की है कि वे दादा को शादी पार्टी के ऑर्डर दें। ताकि वे घर बैठे-बैठे ही कमाई कर सके। इस उम्र में उन्हें गली-गली घूमना न पड़े।

    यहां देखें अंग्रेजी में कचोड़ी बेचने वाले दादा

  • शरीर में जाते ही तूफान मचा सकतेˈ हैं कटहल के बीज, करते हैं ये बड़ा नुकसानˌ

    शरीर में जाते ही तूफान मचा सकतेˈ हैं कटहल के बीज, करते हैं ये बड़ा नुकसानˌ

    कटहल की सब्जी कई लोगों को खाना पसंद होता है। सिर्फ सब्जी ही नहीं कई लोग तो कटहल का अचार, पकौड़े जैसे व्यंजन भी बड़े चाव के साथ खाते हैं। कटहल में अन्य सब्जियों की तुलना में प्रोटीन की मात्रा भी अधिक पाई जाती है। प्रोटीन के अलावा इसमें विटामिन ए, सी, थाइमिन, पोटैशियम, कैल्‍शियम, राइबोफ्लेविन, आयरन, नियासिन और जिंक जैसे पौष्टिक तत्‍व भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए कटहल एक तरह से शरीर को बहुत फायदा पहुंचता है।

    शरीर में जाते ही तूफान मचा सकतेˈ हैं कटहल के बीज, करते हैं ये बड़ा नुकसानˌ

    कटहल में बहुत से बीज भी होते हैं। कई लोग कटहल के बीजों को उबालकर उसकी सब्जी बना खा जाते हैं। वहीं कुछ सामान्य कटहल की सब्जी में भी बीज रहने देते हैं और इसे शौक से खाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये कटहल के बीज आपके शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। ऐसे में आज हम आपको कटहल के बीज खाने के नुकसान के बारे में बताने जा रहे हैं।

    1. पतला खूनः कटहल के बीज खाने से आपका खून पतला हो सकता है। यदि आप इसे ज्यादा खाते हैं तो ये पतला खून चोट लगने पर आपको दिक्कत दे सकता है। इससे रक्त का थक्का देर से बनेगा और आपका खून बहता ही जाएगा। वहीं जो लोग पहले से खून पतला करने की गोली खाते हैं उन्हें भी डॉक्टर की सलाह के बाद ही कटहल के बीजों का सेवन करना चाहिए।

    2. स्किन एलर्जीः जिन लोगों की स्किन सेंसीटिव होती है उन्हें कटहल के बीज कहकर स्किन एलर्जी भी हो सकती है। कटहल के बीज आपकी त्वचा पर रैशेज बना सकते हैं। इसलिए इन्हें सोच समझकर ही खाएं।

    3. शुगर लेवल: कटहल के बीज खाने से शरीर का शुगर लेवल कम हो जाता है। ऐसे में जो लोग डायबिटीज के मरीज हैं और पहले से ही शुगर लेवल कम करने की दवाइयां खा रहे हैं वे कटहल के बीज डॉक्टर की सलाह के बाद ही खाएं।

    4. ब्लड प्रेशरः कटहल के बीज बलाड प्रेशर को कम करने का काम भी करते हैं। ऐसे में लो बीपी के मरीज इसे न खाएं। वहीं हाई बीपी वाले मरीज यदि गोलियों का सेवन कर रहे हैं तो इसे डॉक्टर की सलाह के बाद ही खाएं।

    5. पेटः कटहल के बीज कमजोर पाचन शक्ति वाले लोगों को नहीं खाना चाहिए। इन बीजों में कुछ ऐसे तत्व भी होते हैं जो आपको उलटी, पेट दर्द की समस्या पैदा कर सकते हैं। इसलिए इन बीजों का ज्यादा मात्रा में सेवन करने से हर हाल में बचना चाहिए।

  • पानी पीने के लिए चुन लीजिए कोईˈ एक ‘ग्लास खुद के बारे में जान जाएंगे एक बेहद खास बातˌ

    पानी पीने के लिए चुन लीजिए कोईˈ एक ‘ग्लास खुद के बारे में जान जाएंगे एक बेहद खास बातˌ

    पानी पीने के लिए चुन लीजिए कोईˈ एक ‘ग्लास खुद के बारे में जान जाएंगे एक बेहद खास बातˌ

    दुनिया में बहुत सारी ऐसी ज्योतिष विद्या है जिसके जरिए हम अपने भविष्य के बारे में जान सकते हैं. जिसमें अंक ज्योतिष, टैरो कार्ड और कई ऐसी चीजें होती हैं जिनके बारे में हम अपनी पसंद और नापसंद की बातों से अपना स्वभाव और कुछ तरीके जान पाते हैं. इसी तरह आज हम आपको एक तस्वीर दिखाएंगे जिसमें कुछ गिलास रखे हुए हैं. इन गिलासों को आप अपनी पंसद के अनुसार चुनिए और फिर आगे चलकर आपको इन छ गिलासों के बारे में कुछ खास बातें पता चलेंगी. हर गिलास की खासियत यही है कि वो आपके व्यक्तित्व के बारे में कुछ बातें कहता है और आपको यह तर्क बहुत पसंद आएगा. पानी पीने के लिए चुन लीजिए कोई एक ‘ग्लास’, यह च्वाइस आप नहीं बल्कि आपकी आत्मा करती है और उसका कनेक्शन जिससे बनता है आप उसी गिलास को चुनते भी हैं.

    पानी पीने के लिए चुन लीजिए कोई एक ‘ग्लास’

    तस्वीर में दिखाए गए हर गिलास की छवि कुछ ना कुछ कहती है बस यह ऐसी ही तस्वीर भी हैं. इसमें बहुत से गिलास मौजूद हैं, आप इनमें से अपने लिए कौन सा गिलास चुनते हैं ये बात आपके में एक खास बात बताएगी.

    पहला गिलास

    अगर आप पहला गिलास चुनते हैं तो इसका मतलब होता है कि आपके पास दूसरों की परेशानियों को सुलझाने की बहुत ज्यादा ताकत है. आप आध्यात्मिक रूप से बहुत मजबूत हैं और आप अपने जीवन को बहुत गंभीरता के साथ लेते हैं.

    दूसरा गिलास

    अगर आप दूसरा गिलास चुनते हैं तो आप जटिल से जटिल समस्याओं को भी आसानी से सुलझा सकते हैं. जिंदगी में आपको या फिर किसी को अगर उसमें थोड़ी भी समस्या होती है तो आप उन्हें सुलझा पाने की पूरी कोशिश करते हैं और आपका दिमाग पूरी तरह से अनुशासित रहता है.

    तीसरा गिलास

    अगर आप तीसरे गिलास को चुनते हैं तो ईश्वर आप पर विशेष दृष्टि रखते हैं और आपके धरती पर आने की खास वजह होती है. धरती पर आने का उद्देश्य वो अपेक्षाकृत जल्दी ही पूरा हो सकता है. आप मानवता और दैवीय शक्तियों के बीच का रिश्ता बखूबी समझते हैं.

    चौथा गिलास

    अगर आप चौथा गिलास चुनते हैं तो आप जीवन के गहरे से गहरे समझने कीकी भरपूर कोशिश करते हैं और हर बात को आप समझ भी सकते हैं. यह अत्याधिक कल्पनाशील स्वभाव होते हैं जो अपनी सपनों की दुनिया को बेहतर समझते हैं.

    पांचवा गिलास

    अगर आप पांच नंबर के गिलास को चुनते हैं तो आप पारलौकिक शक्तियों को समझते हैं. आप संदेश को मनुष्य तक पहुंचा सकते हैं. आपको अपनी इस ताकत को जानने की जरूरत है बस आपको मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी कुछ पाने के लिए.

    छठा गिलास

    अगर आप छठा प्याला चुनते हैं तो यह बात साबित होती है कि आप प्रकृति से बहुत प्रेम करने वाले हैं. आप जितने भी निराश होते हैं लेकिन प्रकृति की गोद में जाकर ही आपको संतुष्टि मिलती है. आपको एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि आपके द्वारा बनाए किसी संबंध में कोई आंच नहीं आए.