Author: me.sumitji@gmail.com

  • शनिदेव का नाम लेकर करें घोड़े कीˈ नाल के टोटके गरीब बन जाएगा अमीर बीमार हो जाएगा ठीकˌ

    शनिदेव का नाम लेकर करें घोड़े कीˈ नाल के टोटके गरीब बन जाएगा अमीर बीमार हो जाएगा ठीकˌ

    शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है। वह लोगों को उनके कर्मों के आधार पर फल देते हैं। कहते हैं शनिदेव की बुरी दशा जितनी हानिकारक होती है, उनकी कृपा उतनी ही फलदायी होती है। ऐसे में हर कोई शनिदेव को प्रसन्न करने में लगा रहता है। इसके लिए लोग कई तरह के उपाय करते हैं। ऐसा ही एक उपाय के घोड़े की लोहे की नाल। शनिदेव को यह नाल अतिप्रिय होती है। इसके उपायों को करने से बहुत सारे लाभ होते हैं। आज हम इन्हीं फायदों के बारे में जानेंगे।

    शनिदेव का नाम लेकर करें घोड़े कीˈ नाल के टोटके गरीब बन जाएगा अमीर बीमार हो जाएगा ठीकˌ

    घोड़े की नाल के टोटके

    1. यदि आप धन से जुड़ी दिक्कतें खेल रहे हैं तो घोड़े की नाल आपको मालामाल बना सकती है। आपको बस एक घोड़े की नाल लेना है और उसे काले कपड़े में बंद कर अपनी तिजोरी में रखना है। ऐसा करने से आपको पैसों की कभी कोई कमी नहीं होगी। आपके घर बरकत बनी रहेगी। पैसों के मामले में भाग्य मजबूत रहेगा।
    2. यदि आपके घर कोई हमेशा बीमार रहता है और उसे इलाज के बाद भी आराम नहीं लगता तो आप यह उपाय अपना सकते हैं। घोड़े की नाल, उड़द की दाल और सुखा नारियल लें। अब इसे मरीज के ऊपर से 7 बार घुमाएं। इसके बाद इसे बहती हुई नदी में प्रवाहित कर दें। मरीज जल्द ठीक होने लगेगा। उसके ऊपर से बुरी बला टल जायेगी।
    3. शनि दोष कुंडली में हो तो कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसे घर में नकारात्मक ऊर्जा भी बढ़ जाती है। इस स्थिति में आप घर के मुख्य द्वार पर घोड़े की नाल लटका सकते हैं। यह आपको बुरी नजर से बचाएगी। इसके अलावा आपकी कुंडली में मौजूद शनि दोष भी शांत हो जाएगा।
    4. जिस व्यक्ति पर शनि की महादशा रहती है उसका बहुत नुकसान होता है। दुर्भाग्य उसके पीछे हाथ धोकर पड़ जाता है। इस स्थिति से निपटने के लिए आपको शमी के पेड़ के नीचे काले घोड़े की नाल और सरसो के तेल को दबाना होगा। इससे शनि की महादशा खत्म हो जाएगी। आपके ऊपर चल रहे दुख भी खत्म होंगे।
    5. यदि आप करियर, जॉब और बिजनेस में तरक्की चाहते हैं तो घोड़े की नाल से बनी अंगूठी, छल्ला या ताबीज पहनना शुरू कर दें। आपको व्यापार में बड़ा लाभ होगा। जॉब में प्रमोशन मिलेगा। करियर में तरक्की पर तरक्की होगी। इस उपाय से छात्रों को भी परीक्षा में अच्छा परिणाम मिलता है। वह एग्जाम में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। वहीं भाग्य भी पढ़ाई में साथ देता है।
  • रिलीज़ के वक्त कोई नहीं गया देखने…ˈ लेकिन आज ये 3 फिल्में मानी जाती हैं बॉलीवुड की कल्ट क्लासिकˌ

    रिलीज़ के वक्त कोई नहीं गया देखने…ˈ लेकिन आज ये 3 फिल्में मानी जाती हैं बॉलीवुड की कल्ट क्लासिकˌ

    रिलीज़ के वक्त कोई नहीं गया देखने…ˈ लेकिन आज ये 3 फिल्में मानी जाती हैं बॉलीवुड की कल्ट क्लासिकˌ

    Bollywood: कुछ फ़िल्में अपने समय से आगे होती हैं. मेरे कहने का मतलब ये है कि कुछ फ़िल्में ऐसी होती हैं जिन्हें रिलीज़ के समय पसंद नहीं किया जाता। लेकिन जब यह टीवी या किसी अन्य माध्यम से दर्शकों की नज़रों में आती है, तो या तो इसे क्लासिक फिल्म कहा जाता है या फिर कल्ट फिल्म बन जाती है। ऐसी फिल्मों की संख्या एक-दो नहीं, बल्कि दस से भी ज़्यादा है.

    जिन्हें लोगों ने सिल्वर स्क्रीन पर पसंद नहीं किया। तो चलिए, इस बीच जानते हैं वो तीन फ़िल्में कौन सी हैं जिन्हें बॉलीवुड (Bollywood) की कल्ट क्लासिक्स माना जाता है.

    जानें भी दो यारों

    1983 में रिलीज़ हुई बॉलीवुड (Bollywood) फिल्म ‘जाने भी दो यारो’ आज भी लोगों को पसंद है. इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह, रवि बासवानी, सतीश कौशिक और सतीश शाह जैसे सितारों ने अहम भूमिकाएँ निभाई थीं. इस फिल्म की खास बात यह थी कि इसमें सभी किरदारों की एक्टिंग बेहतरीन थी. हालाँकि, उस समय ये सभी संघर्षरत कलाकार थे। किसी ने सोचा भी नहीं था कि मात्र 6.84 लाख के बजट में बनी ‘जाने भी दो यारो’ इतना कमाल कर देगी। हैरानी की बात यह है कि इस फिल्म को निर्माताओं ने नहीं, बल्कि एक सरकारी संस्था ने फंड किया था।

    फिल्म की स्टारकास्ट को फीस के तौर पर बहुत कम पैसे मिले। नसीरुद्दीन शाह को सबसे ज़्यादा 15 हज़ार रुपये मिले। बाकी स्टार्स को 3 से 5 हज़ार रुपये मिले। यह एक ऐसी फिल्म है जो सरकारी भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करती है।

    फिल्म स्वदेश

    पहले की एक बॉलीवुड (Bollywood) फिल्म ने दर्शकों का दिल जीत लिया था. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर तो कामयाब नहीं रही, लेकिन इसकी कहानी लोगों के दिलों में ज़रूर बस गई. यही वजह है कि फिल्म ने डेढ़ दर्जन अवॉर्ड जीते। उस फिल्म का नाम है ‘स्वदेस’. ‘स्वदेस’ 2004 में एक अनोखी कहानी के साथ बड़े पर्दे पर रिलीज़ हुई थी। इसमें शाहरुख खान ने मुख्य भूमिका निभाई थी। गायत्री जोशी नायिका की भूमिका में थीं। इसके अलावा राजेश विवेक, दयाशंकर पांडे और फारुख जफर जैसे सितारे भी फिल्म का हिस्सा थे. फिल्म ‘स्वदेश’ का निर्देशन आशुतोष गोवारिकर ने किया था। उन्होंने इसकी कहानी भी लिखी थी।

    हालाँकि, शाहरुख खान की फिल्म ‘स्वदेस’ बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के अनुसार, इसने भारत में 16.31 करोड़ का कारोबार किया। वहीं, दुनिया भर में 33.98 करोड़ की कुल कमाई के साथ ‘स्वदेस’ फ्लॉप साबित हुई। लेकिन बाद में यह फिल्म एक कल्ट साबित हुई।

    मूवी लक्ष्य

    बॉलीवुड (Bollywood) मूवी “लक्ष्य” 2004 में रिलीज़ हुई और इसे एक कल्ट क्लासिक माना जाता है। इस फ़िल्म का निर्देशन फरहान अख्तर ने किया था, इसकी कहानी जावेद अख्तर ने लिखी थी और इसका निर्माण रितेश सिधवानी ने किया था. फिल्म में अमिताभ बच्चन, ऋतिक रोशन और प्रीति जिंटा मुख्य भूमिकाओं में हैं। “लक्ष्य” एक ऐसे लड़के की कहानी है जो भारतीय सेना में भर्ती होता है और बड़ा होकर एक युद्ध नायक बनता है. हालाँकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन बाद में इसे पंथ क्लासिक का दर्जा प्राप्त हुआ।

  • 15 लाख का कर्जा लेकर पत्नी कोˈ पढ़ाया रेलवे में नौकरी लगते ही पत्नी ने बोला गेट आउटˌ

    15 लाख का कर्जा लेकर पत्नी कोˈ पढ़ाया रेलवे में नौकरी लगते ही पत्नी ने बोला गेट आउटˌ

    15 लाख का कर्जा लेकर पत्नी कोˈ पढ़ाया रेलवे में नौकरी लगते ही पत्नी ने बोला गेट आउटˌ

    एक बार फिर प्यार करने के बदले एक पति को धोखा मिला है। राजस्थान से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक शख्स ने अपनी पत्नी का सपना के सपने पूरे करने के लिए कर्ज लेकर उसे पढ़ाया। पत्नी की नौकरी भी लग गई लेकिन फिर पत्नी ने अपने पति को छोड़ दिया। जिसके बाद शख्स ने पत्नी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई कि उसकी पत्नी ने धोखाधड़ी करके नौकरी पाई है। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    15 लाख का कर्जा लेकर पत्नी को पढ़ाया

    पति का दावा है कि उसने 15 लाख रुपए खर्च करके पत्नी को पढ़ाया। इसके लिए उसने जमीन भी गिरवी रख दी। लेकिन नौकरी लगने के दो महीने बाद ही पत्नी ने छोड़ दिया। पति ने शिकायत में बताया कि रेलवे ग्रुप डी की भर्ती के लिए पत्नी ने अप्लाई किया था। परीक्षा पास करने के लिए अपने रिश्तेदार के जरिए एग्जाम में डमी कैंडिडेट को बैठाया था। इस वजह से उसका सिलेक्शन हो गया। जब ट्रेनिंग के बाद वापस आई तो उसने मनीष के साथ रहने से मना कर दिया।

    रेलवे ने सस्पेंड किया 

    पत्नी ने पति से कहा कि वह उसके साथ नहीं रहना चाहती। इससे परेशान होकर पति ने रेलवे महाप्रबंधक और विजिलेंस को पत्नी की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद रेलवे ने पत्नी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे सस्पेंड कर दिया। साथ ही मामले की जांच भी शुरू कर दी है। पति की मांग है कि उसकी पत्नी सपना के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

  • सिर्फ दिनों के लिए चीनी छोड़ करˈ तो देखो फिर देखो क्या होता है चमत्कार, रिजल्ट देख कर आप भी कहेंगे वाहˌ

    सिर्फ दिनों के लिए चीनी छोड़ करˈ तो देखो फिर देखो क्या होता है चमत्कार, रिजल्ट देख कर आप भी कहेंगे वाहˌ

    सिर्फ दिनों के लिए चीनी छोड़ करˈ तो देखो फिर देखो क्या होता है चमत्कार, रिजल्ट देख कर आप भी कहेंगे वाहˌ

    सोचिए अगर आप सिर्फ 14 दिन के लिए शुगर यानी चीनी खाना छोड़ दें तो क्या होगा?
    ना आपकी चाय में चीनी, ना मिठाई और ना ही कोल्ड ड्रिंक।
    सिर्फ 14 दिन के लिए complete sugar detox!

    रिसर्च कहती है कि आज एक इंसान जितनी शुगर सिर्फ एक साल में खा लेता है,
    उतना अब से 50 साल पहले के लोग 20 साल में भी नहीं खाते थे!
    सोचिए — आपके शरीर पर इसका कितना बुरा असर पड़ रहा होगा।

    🍬 शुगर छोड़ना नामुमकिन नहीं है

    अक्सर लोगों को लगता है कि शुगर छोड़ना उनके लिए नामुमकिन है।
    लेकिन दोस्तों, आज के टाइम में आपके पास scientifically proven alternatives हैं, जो taste भी बनाए रखते हैं और blood sugar levels भी नहीं बढ़ाते।

    इसके बारे में हम आगे बात करेंगे, पर अभी के लिए इतना समझ लीजिए
    शुगर छोड़ना अब नामुमकिन नहीं रहा।

    👨‍⚕️आज मैं आपको step by step बताऊंगा
    अगर आप सिर्फ 14 दिन शुगर छोड़ दें, तो आपकी बॉडी में दिन-ब-दिन क्या बदलाव आते हैं।
    साथ ही long-term benefits और जरूरी precautions भी।

    🍭 शुगर सिर्फ मीठी नहीं, ये ज़हर है

    शुगर अंदर से आपकी बॉडी को धीरे-धीरे खत्म करती रहती है।
    लोग सोचते हैं कि शुगर छोड़ने का मतलब सिर्फ वेट लॉस है। लेकिन ये तो आधी जानकारी है।

    ⚠️ सच जानिए —

    • बार-बार शुगर खाने से इंसुलिन रेजिस्टेंस होता है, जिससे डायबिटीज होती है।
    • शुगर से chronic inflammation होता है, जिससे heart blockage का खतरा बढ़ता है।
    • एक कैन कोला (9 चम्मच शुगर) रोज पीने से हार्ट डिजीज का रिस्क 20–30% बढ़ जाता है।
    • और हां — शुगर छोड़ना सिगरेट या अल्कोहल छोड़ने से भी कठिन है!

    क्योंकि ये दिमाग के addiction centers को उसी तरह एक्टिवेट करता है जैसे तंबाकू या शराब।

    🔄 शुगर छोड़ने के बाद दिन-ब-दिन बदलाव

    🍫 पहले 3 दिन

    • शुगर की cravings सबसे ज्यादा होती हैं।
    • सिरदर्द, मूड स्विंग्स और गुस्सा आ सकता है।
    • लेकिन ये phase temporary होता है।
    • अगर 3 दिन निकाल लिए — आप जीत गए 💪

    🍎 चौथे दिन से

    • Energy stable हो जाती है।
    • Mood बेहतर होता है।
    • Taste buds reset होने लगते हैं।
    • Fruits और natural sweets और भी मीठी लगने लगती हैं।

    ✨ दूसरे हफ्ते में

    • पेट की सूजन और bloating कम होने लगती है।
    • Skin glow करती है।
    • नींद गहरी होती है।
    • काम में focus बढ़ता है।
    • कई लोगों का वज़न 2–3 किलो तक कम हो जाता है।

    🌿 लॉन्ग टर्म बेनिफिट्स

    1. डायबिटीज से बचाव:
      इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है, ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है।
    2. हार्ट हेल्थ बेहतर:
      ट्राइग्लिसराइड्स कम होते हैं, आर्टरीज फ्लेक्सिबल रहती हैं ❤️
    3. बेली फैट घटता है:
      पेट की चर्बी सबसे पहले melt होती है।
    4. स्किन और कोलेजन:
      झुर्रियाँ कम होती हैं, स्किन यंग दिखती है।
    5. लिवर और इम्यूनिटी मजबूत:
      Detox तेज़ होता है, immunity बढ़ती है।
    6. मेंटल हेल्थ:
      Anxiety कम होती है, concentration और positivity बढ़ती है।

    ☕ मिठास छोड़नी नहीं, बस समझदारी से बदलनी है

    अगर आप सोचते हैं कि “बिना मिठास के जिंदगी कैसी,”
    तो इसका भी हल है 👇

    🌸 ISugar Free Gold Plus

    इसमें है Sucralose और Chromium, जो ब्लड शुगर नहीं बढ़ाते।
    आप डायबिटिक हों, प्री-डायबिटिक हों या फिटनेस लवर,
    अपनी चाय, कॉफी, हलवा, खीर — सबका मजा guilt-free लें। Scientifically tested & 100% safe. देता है वही स्वाद — बिना extra calories के!

    अब smart choice यही है —
    शुगर को पूरी तरह replace करें Sugar Free Gold Plus से।

    आपको ये अपने नजदीकी स्टोर या ऑनलाइन दोनों जगह मिल जाएगा।
    ⚠️ कुछ जरूरी सावधानियां

    • Packaged foods और processed items से बचें — इनमें hidden sugar होती है।
    • Refined carbs (मैदा, बेकरी आइटम्स) से दूर रहें।
    • Packaged fruit juices को “healthy” समझकर न पिएं — इनमें भी added sugar होती है।
    • Fruits खाएं moderation में।
    • और अगर आपको डायबिटीज या कोई मेडिकल कंडीशन है, तो डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।

    💪 अब फैसला आपका है

    क्या आप सिर्फ 14 दिन के लिए शुगर क्विट करके अपने शरीर में यह बदलाव देखना चाहेंगे? या फिर जैसे चल रहा है, वैसे ही चलने देंगे?

    इस पोस्ट को अपने दोस्तों और फैमिली के साथ शेयर कीजिए —
    क्योंकि शायद उनका एक छोटा सा decision उनकी पूरी जिंदगी बदल दे।

  • ये भविष्यवाणी टलेगी नहीं चाहे कोई कुछˈ भी कर ले – अब सब बदलने वाला है, सारी दुनिया एक दिन कर लेगी हिन्दू धर्म स्वीकारˌ

    ये भविष्यवाणी टलेगी नहीं चाहे कोई कुछˈ भी कर ले – अब सब बदलने वाला है, सारी दुनिया एक दिन कर लेगी हिन्दू धर्म स्वीकारˌ

    ये भविष्यवाणी टलेगी नहीं चाहे कोई कुछˈ भी कर ले – अब सब बदलने वाला है, सारी दुनिया एक दिन कर लेगी हिन्दू धर्म स्वीकारˌ

    फ्रांस के भविष्‍यवक्ता मिशेल द नोस्त्रदाम, भारत के भविष्य वक्ता संद अच्युतानंद दास और बुल्गारिया की भविष्‍यवक्ता बाबा वेंगा की भष्यिवाणी तो सभी ने पढ़ी और सुनी होगी, लेकिन बहुत कम लोगों ने एक भविष्यवाणी पर ध्यान दिया होगा।

    इसके अलावा भी देश और विदेश के लोगों ने भी यह कहा है। आखिर वह भविष्वाणी क्या है?

    कॉमन भविष्यवाणी:

    नास्त्रेदमस और अच्युतानंद दोनों ही कहते हैं कि अंतरिक्ष से गिरेगा विशालकाय उल्कापिंड जो कई देशों को समुद्र में डूबो देगा। दोनों की भविष्यवाणी में भारत में किसी महान नेता के जन्म की बात कही है जो कि दुनिया को बदल कर रख देगा। तीनों भविष्यवक्ता कहते हैं कि तीसरा विश्व युद्ध होगा। बाबा वेन्गा के अनुसार महान युद्ध होगा जिसमें ड्रेगन दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति बन जाएगा, लेकिन हम इस भविष्यवाणी की चर्चा नहीं कर रहे हैं। यह एक अगल की भविष्यवाणी है।

    इस भविष्यवाणी को कोई टाल नहीं सकता

    नास्त्रेदम: ‘सागरों के नाम वाला धर्म चांद पर निर्भर रहने वालों के मुकाबले तेजी से पनपेगा और उसे भयभीत कर देंगे, ‘ए’ तथा ‘ए’ से घायल दो लोग।’ (x-96)… ‘सांप्रदायिकता और श‍त्रुता के एक लंबे दौर के बाद सभी धर्म तथा जातियां एक ही विचारधारा को मानने लगेंगी।’ (6-10)। ‘तीन ओर घिरे समुद्र क्षेत्र में वह जन्म लेगा, जो बृहस्पतिवार को अपना अवकाश दिवस घोषित करेगा। उसकी प्रसंशा और प्रसिद्धि, सत्ता और शक्ति बढ़ती जाएगी और भूमि व समुद्र में उस जैसा शक्तिशाली कोई न होगा।’ (सेंचुरी 1-50वां सूत्र). ‘लाल के खिलाफ एकजुट होंगे लोग, लेकिन साजिश और धोखे को नाकाम कर दिया जाएगा।’ ‘पूरब का वह नेता अपने देश को छोड़कर आएगा, पार करता हुआ इटली के पहाड़ों को और फ्रांस को देखेगा। वह वायु, जल और बर्फ से ऊपर जाकर सभी पर अपने दंड का प्रहार करेगा।’बलूचिस्तान के बारे में 5 खास बातें, भविष्यवाणी- पाकिस्तान से होगा अलग?

    अच्युदानंद: सभी श्रीकृष्‍ण के भक्त होंगे। रूस एक हिन्दू देश बन जाएगा। रशिया से सैंकड़ों लोग जगन्नाथजी के दर्शन करने आएंगे और ढेर सारा सोना अर्पित करेंगे। भविष्यवाणी के अनुसार एक संत के हाथों में होगी देश की बागडोर जो अविवाहित होगा। वही संपूर्ण क्षत्रप होगा। वहीं दुनिया में सनातन धर्म की स्थापना करेगा। यह तब होगा जब गगन गादी पर होंगे और ओड़िसा के दिव्यसिंह राजा गादी पर होंगे।

    एनी वेसेंट: एनी वेसेंट ने हिन्दू धर्म को विश्व का सर्वोच्च धर्म बतलाया। उन्होंने उसे सभी मत-पंथों की जननी कहा। उसने हिन्दू धर्म में पूर्णत: विज्ञान तथा धर्म में सामंजस्य पाया। उसका कथन है कि बिना हिन्दुत्व के भारत का कोई भविष्य नहीं है।…इसका यह मतलब है कि यदि कुछ लोग यह सोचते हैं कि धर्मन्तरण करके या अपना पितृधर्म छोड़कर उसे खतरे में डाल देंगे तो यह भी तय है कि उनका अस्तित्व भी खतरे में ही होगा। विदे‍शी आक्रमणकारियों और धर्माचायों के कारण अपना धर्म बदलने वाले जितनी जल्दी इस बात को समझ लें तो अच्‍छा है।

    रोमां रोला : फ्रांस के नोबल पुरस्कार विजेता दार्शनिक रोमां रोला ने विश्व में हिन्दू धर्म को सर्वश्रेष्ठ माना है। उन्होंने लिखा, ‘मैंने यूरोप और मध्य एशिया के सभी मतों का अध्ययन किया है, परंतु मुझे उन सब में हिन्दू धर्म ही सर्वश्रेष्ठ दिखाई देता है…मेरा विश्वास है कि इसके सामने एक दिन समस्त जगत को झुकना पड़ेगा। पृथ्वी पर केवल एक स्थान है जहां के जीवित व्यक्तियों ने प्राचीन काल में अपने स्वप्नों को साकार किया, वह है भारत।- (प्रोफेट्स ऑफ द न्यू इंडिया, प्रील्यूड, पृ. 51)

    क्या Nuclear की मौत मरेगा पाकिस्तान, जानिए भविष्यवाणी का सच

    भविष्यवक्ता ऑर्थर चाल्‍​र्स क्लार्क: ‘जिस प्रकार इस समय संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय अमेरिका में है। उसी प्रकार संयुक्त ग्रह राज्य संघ का मुख्यालय मंगल ग्रह या गुरु पर हो सकता है। सन् 1981 तक भारत अपने आप में शक्तिशाली हो जाएगा तथा वहां से एक ऐसी जबरदस्त विचार क्रांति उठेगी, जो पूरे विश्व को प्रभावित करेगी। भारत का धर्म और अध्यात्म पूरा विश्व स्वीकार करेगा।’ 20वीं सदी के अन्त से पहले एक देश विज्ञान की उन्नति में सब देशों को पछाड़ देगा परन्तु भारत की प्रतिष्ठा विषेशकर इसके धर्म और दर्शन से होगी, जिसे पूरा विश्व अपना लेगा। यह धार्मिक क्रान्ति 21वीं सदी के प्रथम दशक में सम्पूर्ण विश्व को प्रभावित करेगी और मानव को आध्यात्मिकता पर विवश कर देगी।

    पीटर हरकौस: इस शताब्दी के महानतम भविष्यवक्ता पीटर हरकौस ने अपनी भविष्यवाणी में लिखा है कि ‘भारत में आध्यात्मिकता तथा धार्मिकता की जो लहर उठेगी, वह सारे विश्व में छा जाएगी।’

    क्रूजर: फ्रांस के प्रसिद्ध विद्वान क्रूजर ने भारत के बारे में कहा था, ‘यदि पृथ्वी पर कोई ऐसा देश है, जो स्वयं को मानव जाति का पालना होने की घोषणा करने का अधिकारी है अथवा प्रारंभिक सभ्यता का द्रष्टा है, जिसकी सभ्यता की किरणों ने प्राचीन विश्व के सभी भागों को आलोकित किया है, जिसने ज्ञान के वरदान से मनुष्य को द्विज बनाया है, प्राकृत से संस्कृत किया है, तो वह देश वास्तव में भारतवर्ष है।’

    जूल्स वर्ने : विज्ञान कथाकार जूल्स के अनुसार भारत और पाकिस्तान के बीच जंग छिड़ेगी। बांग्लादेश बनेगा। अंत में पाकिस्तान एक छोटे से टापू जैसा रह जाएगा। इसका कुछ भाग अफगानिस्तान ले लेगा और कुछ में स्वतंत्र बलूचिस्तान बन जाएगा। भारत, चीन की ली गई भूमि वापस ले सकेगा। इसी समय तक तिब्बत भी स्वतंत्र हो जाएगा। बाद में चीन एटम बम बनाएगा। संपन्न देशों को हर्षल, प्लूटो आदि ग्रहों की भी विस्तृत जानकारी मिल जाएगी और मनुष्य शुक्र तथा मंगल ग्रह तक पहुंच जाएगा। भारत अत्यधिक शक्तिशाली बनकर उभरेगा। विश्व में उसका सम्मान बढ़ता चला जाएगा।

    दुनिया में कितने मुस्लिम इस्लाम धर्म छोड़ रहे हैं?

    लियो टॉल्स्टॉय (1828-1910): हिन्दू और हिन्दुत्व ही एक दिन पूरी दुनिया पर राज करेगा क्योंकि इसी में ज्ञान और बुद्धि का संयोजन है।’

    अल्बर्ट आइंस्टीन (1879-1955): मैं समझता हूं कि हिंदुओं ने अपनी बुद्धि और जागरूकता के माध्यम से वह किया है जो यहूदी न कर सकें, हिन्दुत्व में ही वह शक्ति है जिससे शांति स्थापित हो सकती है।’

    जोहान गीथ (1749-1832): ‘हम सभी को अभी या बाद में हिन्दू धर्म स्वीकार करना ही होगा। यही असली धर्म है, मुझे कोई हिन्दू कहे तो मुझे बुरा नहीं लगेगा। मैं इस सही बात को स्वीकार करती हूं।

    हर्बर्ट वेल्स (1846-1946): हिन्दुत्व का प्रभावीकरण फिर होने तक अनगिणत पीढ़ियां अत्याचार सहेंगी। तभी एक दिन पूरी दुनिया इसकी ओर आकर्षित हो जाएगी और उसी दिन ही दिल शाद होंगे और उसी दिन दुनिया आबाद होगी सलाम हो उस दिन को।

    हसटन स्मिथ (1919-2016): ‘जो विश्वास हम पर है और हम से बेहतर कुछ भी दुनिया में है तो वो हिन्दुत्व है। अगर हम अपना दिल और दिमाग इसके लिए खोलें तो उसमें हमारी ही भलाई होगी।’

    माइकल नोस्टरीडाम (1503-1566): ‘हिन्दुत्व ही यूरोप में शासक धर्म बन जाएगा बल्कि यूरोप का प्रसिद्ध शहर हिन्दू राजधानी बन जाएगा।’

    बर्ट्रेंड रसेल (1872-1970): ‘मैंने हिन्दुत्व को पढ़ा और जान लिया कि यह सारी दुनिया और सारी मानवता का धर्म बनने के लिए है, हिन्दुत्व पूरे यूरोप में फैल जाएगा और यूरोप में हिन्दुत्व के बड़े विचारक सामने आएंगे। एक दिन ऐसा आएगा कि हिन्दू ही दुनिया की वास्तविक उत्तेजना होगा।

    ‘ईरान क्यों छोड़ रहा है इस्लाम?

    गोस्टा लोबोन (1841-1931): ‘हिन्दू ही सुलह और सुधार की बात करता है। सुधार ही के विश्वास की सराहना में ईसाइयों को आमंत्रित करता हूँ।’

    बर्नाड शॉ (1856-1950): ‘सारी दुनिया एक दिन हिन्दू धर्म स्वीकार कर लेगी, अगर यह वास्तविक नाम स्वीकार नहीं भी कर सकी तो रूपक नाम से ही स्वीकार कर लेगी। पश्चिम एक दिन हिन्दुत्व स्वीकार कर लेगा और हिन्दू ही दुनिया में पढ़े लिखे लोगों का धर्म होगा।

  • शारीरिक संबंध के बाद महिलाएं न करेंˈ ये 5 गलतियां, वरना पार्टनर का मूड हो सकता है खराबˌ

    शारीरिक संबंध के बाद महिलाएं न करेंˈ ये 5 गलतियां, वरना पार्टनर का मूड हो सकता है खराबˌ

    शारीरिक संबंध के बाद महिलाएं न करेंˈ ये 5 गलतियां, वरना पार्टनर का मूड हो सकता है खराबˌ
    Mistakes after Sex

    Mistakes after Sex : सेक्सुअल एक्विटिज के बाज आपके द्वारा की गई कुछ गलतियों की वजह से आपके पार्टनर का मूड खराब हो सकता है। आइए जानते हैं इस बारे में-

    Mistakes after Sex: सेक्स केवल शारीरिक संबंध का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे भावनात्मक जुड़ाव और आपसी समझ को भी मजबूती मिलती है। सेक्स के बाद का समय उतना ही महत्वपूर्ण होता है, जितना कि खुद अनुभव। इस दौरान महिलाओं द्वारा की गई कुछ गलतियां साथी का मूड खराब कर सकती हैं और रिश्ते में दूरी पैदा कर सकती हैं। आइए जानते हैं ऐसी 5 गलतियां, जिनसे महिलाओं को बचना चाहिए।

    सेक्स के बाद का समय रिश्ते को और मजबूत बनाने का एक महत्वपूर्ण मौका होता है। अगर आप तुरंत उठकर दूर चली जाती हैं या साथी की बातों को अनदेखा करती हैं, तो इससे वह अलग-अलग सा महसूस कर सकते हैं। इस समय साथ में आराम करना, बात करना या बस एक-दूसरे के करीब रहना आपके रिश्ते को गहरा बनाने में मदद करता है

    साथी की भावनाओं को न समझना

    कई बार सेक्स के बाद साथी अपनी भावनाएं शेयर करना चाहते हैं। यदि आप उनकी बातों को अनसुना करती हैं या खुद में व्यस्त हो जाती हैं, तो इससे उनका मूड खराब हो सकता है। उनकी बातों को ध्यान से सुनें और अपने विचार शेयर करें। यह आपको और करीब लाएगा।

    सफाई को नजरअंदाज करना

    सेक्स के बाद व्यक्तिगत साफ-सफाई बहुत जरूरी है। अगर आप इस बात को अनदेखा करती हैं, तो यह आपके स्वास्थ्य के साथ-साथ साथी को भी असहज महसूस करा सकता है। दोनों को सेक्स के बाद अपने शरीर को साफ रखना चाहिए ताकि कोई संक्रमण या बदबू न हो।

    शिकायत करना

    सेक्स के बाद की गई शिकायत आपके पार्टनर को आहत पहुंचा सकती है। यह समय खुशी और सुकून का है, न कि किसी कमी को लेकर चर्चा करने का। अगर आपको किसी चीज़ से परेशानी हो, तो उसे बाद में शांत मन से बातचीत के दौरान शेयर करें।

    अपने फोन में व्यस्त हो जाना

    सेक्स के तुरंत बाद फोन में लग जाना साथी को अलग सा महसूस करा सकता है। यह समय साथी के साथ बिताने और उस खास पल का आनंद लेने का है। फोन और सोशल मीडिया को बाद में संभालें और इस समय को पूरी तरह से साथी के लिए समर्पित करें।

    सेक्स के बाद का समय रिश्ते को और मजबूत बनाने का मौका देता है। इन 5 गलतियों से बचकर और सही व्यवहार अपनाकर आप न केवल अपने साथी का मूड अच्छा रख सकती हैं, बल्कि अपने रिश्ते को भी गहरा और खुशनुमा बना सकती हैं। ध्यान रखें कि सेक्स केवल एक क्रिया नहीं, बल्कि प्यार और जुड़ाव का प्रतीक है।

  • बारिश के मौसम में साँपों को रखनाˈ है घर से दूर? तो करें इस चीज़ का छिड़काव, कौसों दूर भागेंगे सांपˌ

    बारिश के मौसम में साँपों को रखनाˈ है घर से दूर? तो करें इस चीज़ का छिड़काव, कौसों दूर भागेंगे सांपˌ

    बारिश के मौसम में साँपों को रखनाˈ है घर से दूर? तो करें इस चीज़ का छिड़काव, कौसों दूर भागेंगे सांपˌ

    इस दुनिया में अधिकतर लोग भूतों और साँपों से डरते हैं. भूत है या नहीं, इस बात का जवाब आज तक विज्ञान भी नहीं दे पाया है. लेकिन बात अगर साँपों की करें तो 99% लोग सांप के काटने से नहीं बल्कि उसके डर से हुए हार्ट अटैक से ही मर जाते हैं. सांप कई किस्मों के होते हैं. इनकी दहशत बच्चे से ल;एकर बड़े बजुर्गों में भी देखने को मिलती है. हालांकि हर सांप घातक नहीं होता लेकिन इसके बावजूद भी लोगों का डर ही उनकी मौत की वजह बन जाता है. एक रिसर्च के अनुसार हमारे भारत में केवल 10 ही ऐसे सांप हैं जो अगर इंसान को काट लें तो उसकी मौके पर मृत्यु हो जाती है.

    इन 10 किस्मों में काला नाग, कोबरा जैसे ख़तरनाक  सांप की प्रजातियाँ शामिल हैं जो कि अधिकतर जंगलों में ही पाई जाती हैं. बाकी अन्य साँपों के काटने पर यदि मरीज़ को तुरंत सही इलाज दिया जाए तो उसे आसानी से बचाया जा सकता है. सांप वर्षा ऋतू में सबसे अधिक दिखाई देते हैं और महाशिवरात्रि के बाद अपने बिलों में वापिस चले जाते हैं. बारिश के मौसम में घरों में सांप निकलने का मुख्य कारण उनके बिलों में पानी का भरना है. जब भी सांप की बिल पानी से भर जाती है तो वह उससे बाहर निकल कर ज़मीन पर रेंगने लगते हैं. जिसके चलते यह सांप इंसान के लिए खतरा बन जाते हैं. सांप के काटने पर यदि समय पर उपचार नहीं किया जाता तो इंसान अपनी जिंदगी से हाथ ही तो बैठता है.

    सांपों को परभक्षी माना जाता है इसलिए यह हर समय भोजन की तलाश में इधर उधर भटकते रहते हैं और अपना भोजन तलाशते हुए ही किसी न किसी के घर में घुस जाते हैं. दरअसल वर्षा ऋतु के कारण बहुत सारे कीड़े मकोड़ों के घर तबाह हो जाते हैं जिसके कारण वह इंसानों के घर में जलने वाली लाइट यानी रोशनी से आकर्षित होकर उनके घर की तरफ रुक कर लेते हैं और उन्हीं को अपना निवास स्थान बना लेते हैं. सांपों को छिपकलियां और कीड़े मकोड़े खाना बेहद पसंद होता है ऐसे में कई बार यह छिपकलियां लड़कों का पीछा करते हुए भी घर में घुस जाते हैं.

    लगभग हर परिवार बरसात के मौसम में अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए घर में किसी ना किसी तरह की सरकार करवाते रहते हैं ताकि कोई खतरनाक किराया जीवन के घर में बना सके. ऐसे में यदि आप भी अपने घर से सांपों को दूर रखना चाहते हैं तो हम आपको एक ऐसे छिड़काव के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके लिए रामबाण साबित होगा. दरअसल यह सिरका कोई और नहीं बल्कि कार्बोनिक एसिड और फिनाइल का है. सांप इन दोनों एसिड से काफी डरते हैं ऐसे में घर में एसिड के छिड़काव से वह कौसों डोर भाग जाते हैं. इसके इलावा सांपों को अपने घर से दूर रखने के लिए आप अमोनिया में भिगोया हुआ है कपड़े का टुकड़ा दे सकते हैं.

    इस कपड़े के टुकड़े को आप ऐसे स्थान पर रखें जहां आपने पहले सांप देखा हो. इस नुस्खे से ना केवल आप सांप बल्कि विभिन्न जानवरों को अपने घर के आस-पास भटकने से रोक सकते हैं. इसके इलावा मिट्टी का तेल भी सांपों को घर से दूर रखने के लिए असद का एक सिद्ध होता है. मिट्टी के तेल को आप कपड़े पर लगा कर घर के कोनों में रख सकते हैं या फिर सो घर के आंगन में छिड़क सकते हैं. मिट्टी के तेल की दुर्गंध सांपों को जरा भी नहीं भाती और वह घर से दूर अपने बिल में वापस घुस जाते हैं.

  • मरने से चंद मिनटों पहले इंसानी दिमागˈ में क्या चलता है? वह किस बारे में सोचता है? जाने सही जवाबˌ

    मरने से चंद मिनटों पहले इंसानी दिमागˈ में क्या चलता है? वह किस बारे में सोचता है? जाने सही जवाबˌ

    मौत एक ऐसी चीज है जिसका रहस्य आज भी अनसुलझा है। इसे लेकर कई सवाल है जिनका जवाब वैज्ञानिक नहीं खोज पाए हैं। मौत के बाद क्या होता है, व्यक्ति कहां जाता है, उसके दिमाग में क्या क्या चलता है ये सब अनसुलझे राज ही हैं।

    मरने से चंद मिनटों पहले इंसानी दिमागˈ में क्या चलता है? वह किस बारे में सोचता है? जाने सही जवाबˌ

    ऐसे में क्या आप ने कभी सोचा है कि मौत से ठीक पहले के कुछ मिनट में इंसान के दिमाग में क्या क्या चलता है? इस बात का जवाब हाल ही में वैज्ञानिकों ने खोज निकाला है। इसका जवाब बहुत ही दिलचस्प है।

    मौत से ठीक पहले इंसानी दिमाग में चलता है ये सब

    वैज्ञानिकों की माने तो मारता हुआ दिमाग अपने अंतिम समय में जिंदगी की अच्छी यादों को याद करता है। इसका खुलासा 87 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत के बाद हुआ। दरअसल इस शख्स को मिर्गी के दौरे पड़ते थे। इसके इलाज के लिए वह अस्पताल में एडमिट हुआ था।

    यहां उसके इलाज के दौरान इलेक्ट्रोएन्सेफेलोग्राम EEG (electroencephalogram) हुआ। हालांकि ठीक इसी दौरान व्यक्ति को हार्ट अटैक आ गया और उसकी जान चली गई। लेकिन इस डायग्नोस्टिक टेस्ट की वजह से अनजाने में व्यक्ति के दिमाग की ब्रेन मैपिंग गो गई। इसमें उसके मरने से 15 मिनट पहले के विचार रिकॉर्ड हो गए।

    ब्रेन मैपिंग में जो रिकॉर्डिंग हुई उससे वैज्ञानिकों ने पाया कि शख्स मरने से पहले अपनी लाइफ के अच्छे पलों को याद कर रहा था। इइजी पर हुई इस रिकॉर्डिंग में शख्स की मौत के 30 सेकेंड के दौरान उसकी हार्ट बीट बड़ी तेजी से बढ़ने लगीं। इस दौरान वैज्ञानिकों ने एक यूनिक वेव कैप्चर की।

    इस वेव का नाम Gamma Oscillations है। यह शोध ले लुइसविले जेमर विश्वविद्यालय के न्यूरोसर्जन डॉ अजमल जेमर (Louisville Zemmar) ने किया। उन्होंने पाया कि अंतिम समय में हमारा दिमाग सपने देखने की स्थिति में आ जाता है। तब शरीर में जान नहीं रहती, हालांकि दिमाग अंतिम समय में तेजी से काम करता है।

    इस मामले पर भारत के डॉक्टर क्या बोलते हैं?

    न्यूरो एंड पेन केयर क्लीनिक गुडगांव के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. भुपेश कुमार ने भी इस मामले पर अपनी राय रखी। उन्होंने बताया कि जब मरीज मरा तो गामा वेव सबसे अधिक सक्रिय हुई। वहीं बीटा वेव भी एक्टिव थी। इससे मरीज को एंग्जायटी हुई।

    इसके बाद में एल्फा, थीटा भी एक्टिव हो गए। व्यक्ति की डेल्टा वेव एक्टिव होते ही वह गहरी नींद में चला गया। अब चुकी शख्स की गामा वेव अधिक हाई थी, इसलिए वह पुरानी अच्छी यादों को याद करने लगा।

  • सस्ता लोन लेने के लिए अपनाएं येˈ टिप्स झटपट होगा पास, क्लिक करके जाने पूरी खबरˌ

    सस्ता लोन लेने के लिए अपनाएं येˈ टिप्स झटपट होगा पास, क्लिक करके जाने पूरी खबरˌ

    सस्ता लोन लेने के लिए अपनाएं येˈ टिप्स झटपट होगा पास, क्लिक करके जाने पूरी खबरˌ

    किसी इमरजेंसी में या फिर कोई महंगा सामान लेने में अचानक पैसे की जरूरत पड़ जाए तो व्यक्ति लोन का ही सहारा लेता है। ऐसी स्थिती में पर्सनल लोन (Personal Loan)  बहुत काम का साबित हो सकता है, लेकिन इसमें इंटरेस्ट (Interest Rate)  रेट ज्यादा होते हैं ।  अगर आपको कम ब्याज दर पर लोन चाहिए तो ये खबर आपके लिए ही है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से कुछ ऐसे टिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे आप बेहद सस्ती दर पर पर्सनल लोन पा सकेंगे। 

    क्रेडिट स्कोर को रखें मेंटेन-

    जब भी आप कभी सस्ती दर पर लोन के लिए अप्लाई कर रहे हैं तो सबसे ज्यादा जरूरी ये है कि आप अच्छा क्रेडिट स्कोर मेंटेन करें। अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा होता है तो आपको उतनी ही बेहतर दर पर लोन (tips to get personal loan) मिल सकता है। इसके लिए आपको दिक्कतों का सामना भी नहीं करना पड़ता । एक अच्छे क्रेडिट स्कोर का अर्थ है कि आप अपने बिल को समय से चुकता कर रहे हैं और कोई डिफॉल्ट नहीं करते हैं। ऐसे में बैंकों को ये आश्चासन मिल जाता है कि आप उनके पैसे समय पर चुका देंगे।

    लोन लेने से पहले कई बैंकों की करें तुलना-

    अगर आपको अपनी जरूरतों के लिए छोटा-मोटा लोन चाहिए तो आप बिना तुलना किए भी ऐसा लोन ले सकते हैं, क्योंकि उसमें काफी समय लगता है। वहीं, अगर आप बड़े लोन (Sasta Loan kaise milega)के लिए अप्लाई कर रहे हैं तो इसके लिए आपको पहले कुछ बैंकों की तुलना कर लेनी चाहिए। तुलना करते वक्त आपको ब्याज दरों के साथ दूसरे हिडन चार्ज भी देखने चाहिए। ध्यान रखें कि बैंक कितनी प्रोसेसिंग फीस ले रहा है, यानी की ध्यान रखें की ब्याज दर फिक्स है या रिड्यूसिंग बैंलेंस पर है या कोई दूसरा चार्ज तो नहीं लग रहा है। 

    नेगोशिएशन कर मिल सकता बेहतर दर पर लोन –

    लोन लेते समय में आपको कुछ बातों में जरूर गौर (personal loan lete samay kin bato ka dhyan rkhna chiye)करना चाहिए। गौर करें कि आप तमाम बैंकों से लोन की तुलना कर रहे हों, तो उस समय में ब्याज दर को लेकर बैंकों से नेगोशिएट कर सकते हैं। जब आप लोन के लिए बैंक से मोलभाव कर रहे हैं तो उस समय में बिल्कुल ना हिचकें। ऐसा हो सकता है कि नेगोशिएट(Negotiation se mil skt hai km byaj daro pr loan) कर के आपको एक बेहतर दर पर लोन मिल जाए।

    सही टाइप के लोन का करें चुनाव-

    अगर आप पर्सनल लोन के लिए अप्लाई कर रहे हैं तो इस बात पर ध्यान दें कि आप सही टाइप का लोन ही लें। आपको बता दें कि सिक्योर्ड लोन के तहत ब्याज दरें अनसिक्योर्ड से कम रहती हैं। यानी की पोसिबलिटी हो तो आप सिक्योर्ड लोन ही लें, ताकि आपके लोन पर ब्याज दरें (lowest interest rate personal loan) कम लग सकें। सिक्योर्ड लोन को आप आसानी से ले सकते हैं। ये लोन आप अपनी एफडी पर, म्यूचुअल फंड पर या किसी दूसरे निवेश के तहत ले सकते हैं।

    लोन की अवधि का खास रखें ध्यान-

    आप जब भी लोन लेते हैं तो आपने गौर किया होगा कि अधिक दिन के लिए ईएमआई बनवाने पर आपको बैंक की ओर से कम ब्याज ऑफर की जाती है तो इसका ये अर्थ बिल्कुल नहीं है कि आप कम ब्याज चुका रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि आप कई दिनों तक ब्याज का भुगतान करते हैं, ना कि कम ब्याज (personal loan ke time period ka rkhe dhyan) चुकाते हैं। ऐसी स्थिती में आप  कोशिश करें की आपके लोन की अवधि आपकी अफॉर्डेबिलिटी के हिसाब से कम ही रहे, ताकि आप आसानी से लोन का भुगतान कर सकें और आपकी जेब पर कोई भार ना पड़े।

  • जानिये क्या होता है आर्गेनिक अंडे, बाज़ारˈ में बढ़ रही इन अंडों की मांगˌ

    जानिये क्या होता है आर्गेनिक अंडे, बाज़ारˈ में बढ़ रही इन अंडों की मांगˌ

    जानिये क्या होता है आर्गेनिक अंडे, बाज़ारˈ में बढ़ रही इन अंडों की मांगˌ

    ऑर्गेनिक फार्मिंग आजकल खूब की जा रही है और लोग ऑर्गेनिक फार्मिंग के जरिए लाखों रुपए कमा रहे हैं। कई लोग फल, तो कुछ लोग सब्जियों की ऑर्गेनिक फार्मिंग किया करते हैं। ऑर्गेनिक फार्मिंग के तहत बिना केमिकल का प्रयोग किए खेती की जाती है और केमिकल रहित फल और सब्जी उगाई जाती है। लेकिन राजस्थान के एक युवक ने ऑर्गेनिक अंडों की फार्मिंग शुरू की है और इसके जरिए ये युवक अच्छे खासे पैसे कमा रहा है।

    संजय कुमार ने उदयपुर-गोगुन्दा हाईवे पर चोर बावडी के समीप फार्म हाउस लिया है। जहां पर ये मुर्गी पालन कर ऑर्गेनिक अंडें बेचने का काम कर रहा है। संजय कुमार ने कई सारी मुर्गियां को पाल रखा है और इन मुर्गियों की सिर्फ ऑर्गेनिक खाना ही दिया जाता है।

    साथ में ही संजय कुमार ने मुर्गियों के लिए आरओ के पानी की व्यवस्था भी की हुई है। यानी संजय ने पूरी तरह से मुर्गियों के खाने व  पानी का ख्याल रखा है और इन्होंने केवल जैविक चीजें ही दी जा रही हैं। जिससे की मुर्गियों द्वारा दिए जाने वाले अंडे ऑर्गेनिक हो रहे हैं।

    25 रुपए आता है खर्चा

    संजय के अनुसार एक अंडे पर उसका करीब 25 रूपये का खर्चा आ जाता है। ये मुर्गियों को केवल अच्छा और सही खाना ही देता है। जिसकी वजह से इनके अंडों का वजन और आकार दूसरे अंडों के मुकाबले ज्यादा बड़ा होता है। ये पूरी तरह से ऑर्गेनिक अंडे होते हैं।

    मुर्गियों के लिए गुजरात के जामनगर से फीड लाया जाता है। जो कि उत्तम गुणवत्ता के ऑर्गेनिक फीड होता है और इसे खाने से मुर्गी ऑर्गेनिक अंडें देती हैं। इसके अलावा संजय मुर्गियों को खाने के लिए हरी सब्जियां भी देता है और ये सब्जियां भी पूरी तरह से ऑर्गेनिक होती हैं।

    खुले में रहती हैं मुर्गियां

    संजय का फार्म हाउस काफी बड़ा है और इस फार्म हाउस में मुर्गियां खुले में ही रहती हैं। मुर्गियां जहां चाहें वहां धूम सकती है। संजय के फार्म हाउस में करीब चार सौ स्वर्णधारा और वनराजा नस्ल की मुर्गियां हैं। जो करीब 100 से ज्यादा अंडे हर रोज देती हैं।

    संजय के अनुसार वो मुर्गियों का खासा ध्यान रखता है और प्रेस्टिसाइज, यूरिया और उससे उत्पादित की गई वस्तुओं का उपयोग नहीं करता हैं। वहीं ऑर्गेनिक अंडों को लोग खूब खरीद रहे हैं और लोग इन अंडो के लिए अधिक पैसे देने को भी तैयार होते हैं। उत्तम गुणवत्ता के अंडे बाजार में 6 गुना ज्यादा भाव पर आसानी से बिक जाते हैं।