Author: me.sumitji@gmail.com

  • विधवा के प्यार में अंधा हुआ दोˈ बच्चों का बाप. शादी से मना किया तो बीच सड़क पर तेजाब से नहलाया बूंद-बूंद ने पिघलाया पूरा जिस्मˌ

    विधवा के प्यार में अंधा हुआ दोˈ बच्चों का बाप. शादी से मना किया तो बीच सड़क पर तेजाब से नहलाया बूंद-बूंद ने पिघलाया पूरा जिस्मˌ

    विधवा के प्यार में अंधा हुआ दोˈ बच्चों का बाप. शादी से मना किया तो बीच सड़क पर तेजाब से नहलाया बूंद-बूंद ने पिघलाया पूरा जिस्मˌ

    नई दिल्ली: यूपी के कानपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां शादी से इनकार करने पर दो साल पहले एक हैवान ने विधवा को तेजाब से नहला दिया। इस घटना के बाद सोमवार को कोर्ट ने सजा सुनाते हुए आरोपी को 30 साल की सजा और 1 लाख का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही कोर्ट ने पीड़िता को योजनाओं के तहत मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। साक्ष्यों और गवाहों को देखते हुए कोर्ट ने सख्त सजा सुनाई है। पुलिस की सजा तक पहुंचाने में अहम भूमिका रही।

    बीच सड़क पर तेजाब से जलाया

    जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला यूपी का बताया जा रहा है। यहां रहने वाली प्रियंका उर्फ खुशबू के पति की जनवरी 2022 में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद प्रियंका बच्चे के साथ अपने मायके बिधनू में रहने लगी थी। रोज की तरह समाधि पुलिया स्थित रस्सी की फैक्ट्री में वह 4 मई 2022 की सुबह 9:30 बजे काम करने जा रही थी और इसी दौरान इकतरफा प्यार में पागल अजय नाम का दरिंदा वहां आकर शादी के लिए प्रियंका पर दबाव बनाने लगा। कल्याणपुर मवइया का रहने वाला अजय रास्ता रोककर प्रियंका को शादी का प्रस्ताव देने लगा। जब इस बात का प्रियंका ने विरोध किया तो उसने प्रियंका को दबोचने का प्रयास किया, प्रियंका उसकी सुनने को तैयार नहीं हुई और आगे बढ़ गई। इस बात से झल्लाए अजय ने तेजाब से भरे डिब्बे से प्रियंका को नहला दिया और मौके से भाग निकला।

    इलाज चल रहा है

    इस मामले को लेकर अपर जिला जज तृतीय कंचन सागर का कहना है कि-विधवा को तेजाब से जलाने वाले अजय पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह पूरी रकम पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। मुकदमे को इस अंजाम तक लाने के पीछे भी विधवा का हौसला और हिम्मत है। उन्होंने आगे बताया कि- पीड़िता ने कोर्ट में भी बयान दिया था कि अजय के घर वाले समझौते के लिए दबाव बनाते थे। समझौता न करने पर धमकी देते थे कि अजय छूटकर आएगा तो जान से मार डालेगा। मगर पीड़िता पीछे नहीं हटी…डटी रही। इस हमले के बाद पूरी हिम्मत से लड़ाई लड़ी। न तो दबाव में आई, न किसी धमकी से डरी।

    दोषी को सजा सुनाई

    बता दें कि दोषी करार दिया गया दो बच्चों का बाप अजय वास्तव में दरिंदा ही था। पीड़िता के शादी करने से मना करने की बात को लेकर उसने तेजाब की बोतल उसके ऊपर उड़ेल दी। इस घटना के बाद पड़ोसियों ने पुलिस और उसके पिता को सूचना दी। पीड़िता का उर्सला और लखनऊ के केजीएमयू में इलाज चला। एडीजीसी ओमेंद्र दीक्षित ने बताया कि 14 सितंबर 2022 को कोर्ट में आरोप तय हुए थे। अभियोजन की ओर से पीड़िता और उसके पिता सहित सात गवाह कोर्ट में पेश हुए।

    आरोप तय होने के बाद सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने अजय को दोषी मानकर सजा सुनाई। इस घटना के बाद फैसले में कोर्ट ने भी कहा कि पीड़िता ने न सिर्फ अपनी चोटों को सहन किया बल्कि खुद न्यायालय में गवाही देकर बहादुरी से पूरी अपनी आपबीती सुनाई। इस घटना का भार पीड़िता को पूरे जीवन उठाना होगा, इसलिए अजय को 30 साल की कठोर कारावास देने से ही न्याय की मंशा पूरी होगी।

  • भिंडी के साथ ये चीजें कभी नˈ खाएं! वरना हो सकता है नुकसान, खुद भी पढ़ें और औरों को भी जाकरूक करेंˌ

    भिंडी के साथ ये चीजें कभी नˈ खाएं! वरना हो सकता है नुकसान, खुद भी पढ़ें और औरों को भी जाकरूक करेंˌ

    भिंडी के साथ ये चीजें कभी नˈ खाएं! वरना हो सकता है नुकसान, खुद भी पढ़ें और औरों को भी जाकरूक करेंˌ

    दोस्तों, आयुर्वेद के अनुसार बहुत सारी ऐसी खाने-पीने की चीजें हैं
    जिन्हें आपको साथ में मिलाकर कभी नहीं खाना चाहिए।

    आज हम बात करेंगे भिंडी (Lady Finger) के बारे में और बताएंगे कौन-कौन सी चीजें हैं जो भिंडी के साथ खाने से नुकसान पहुंचा सकती हैं।

    भिंडी के साथ अगर इन चीजों को आप मिलाकर खाते हैं तो इससे हो सकते हैं:

    • सफेद दाग (Leucoderma)
    • एलर्जी
    • डाइजेशन की समस्या
    • पेट फूलना
    • या स्किन पर रिएक्शन

    तो चलिए जानते हैं वो चीजें जो आपको भिंडी के साथ कभी नहीं खानी चाहिए 👇

    🌿 भिंडी के साथ दूध (Milk + Bhindi)

    आप सोच रहे होंगे — “दूध तो हेल्दी होता है, फिर भिंडी के साथ क्यों नहीं?”

    🔬 वैज्ञानिक कारण:

    • दूध और भिंडी दोनों में कैल्शियम होता है।
    • लेकिन भिंडी में ऑक्सलेट्स (Oxalates) भी पाए जाते हैं।
    • जब दोनों साथ लिए जाते हैं, तो कैल्शियम ऑक्सलेट नाम का कंपाउंड बनता है जो शरीर में absorb नहीं होता।
    • इससे किडनी स्टोन बनने का खतरा बढ़ जाता है।

    🌿 आयुर्वेदिक दृष्टिकोण:

    • दूध और भिंडी दोनों की प्रकृति शीत (cooling) होती है।
    • भिंडी में मौजूद चिपचिपा पदार्थ (mucilage) कफ दोष बढ़ाता है।
    • दोनों को साथ खाने से कफ दोष अत्यधिक बढ़ जाता है, जिससे heaviness, gas, और sluggish digestion जैसी समस्याएँ होती हैं।

    👉 निष्कर्ष: भिंडी और दूध एक साथ या एक-दूसरे के तुरंत बाद कभी न लें।

    ☕ भिंडी के साथ चाय

    खाना खाने के बाद चाय पीने की आदत आम है, लेकिन अगर आपने भिंडी खाई है —
    तो चाय बिल्कुल न पिएं।

    🔬 वैज्ञानिक कारण:

    • चाय में टैनिन्स (Tannins) होते हैं, जो प्रोटीन और न्यूट्रिएंट्स से बाइंड होकर
      उनके absorption को रोक देते हैं।
    • यानी भिंडी के पोषक तत्व आपके शरीर में पूरी तरह absorb नहीं होते।

    🌿 आयुर्वेदिक दृष्टिकोण:

    • चाय वात दोष बढ़ाती है (क्योंकि यह ड्राइंग और एस्ट्रिंजेंट होती है)।
    • भिंडी कफ दोष बढ़ाती है।
    • जब दोनों साथ लिए जाते हैं तो वात और कफ दोनों दोष असंतुलित हो जाते हैं।

    👉 निष्कर्ष: भिंडी खाने के तुरंत बाद या पहले चाय न पिएं।

    🍖 भिंडी के साथ रेड मीट

    अगर आप नॉन-वेजिटेरियन हैं तो ध्यान दीजिए भिंडी और रेड मीट का कॉम्बिनेशन बहुत हानिकारक हो सकता है।

    🔬 वैज्ञानिक कारण:

    • रेड मीट डाइजेस्ट होने में हैवी होता है।
    • भिंडी का mucilaginous नेचर digestion को और धीमा कर देता है।
    • दोनों को साथ खाने से indigestion, heaviness, और गैस की समस्या हो सकती है।

    🌿 आयुर्वेदिक दृष्टिकोण:

    • रेड मीट पित्त और कफ दोष बढ़ाता है।
    • भिंडी भी कफ बढ़ाती है।
    • दोनों मिलकर तीनों दोषों में imbalance ला सकते हैं,
      जिससे स्किन प्रॉब्लम्स, एलर्जी, और सफेद दाग तक हो सकते हैं।

    👉 निष्कर्ष: रेड मीट और भिंडी को कभी साथ न खाएं।

    🥬 भिंडी के साथ मूली (Bhindi + Radish)

    मूली सलाद या सब्जी के रूप में खूब खाई जाती है,
    लेकिन भिंडी के साथ इसका कॉम्बिनेशन हानिकारक है।

    🔬 वैज्ञानिक कारण:

    • मूली में सल्फर कंपाउंड्स होते हैं जो गैस बनाते हैं।
    • भिंडी के साथ लेने पर ये कंपाउंड्स ज्यादा मात्रा में गैस और पेट दर्द पैदा करते हैं।

    🌿 आयुर्वेदिक दृष्टिकोण:

    • मूली वात दोष बढ़ाती है।
    • भिंडी कफ दोष बढ़ाती है।
    • दोनों मिलकर शरीर के वात-कफ संतुलन को बिगाड़ देते हैं।

    👉 निष्कर्ष: भिंडी और मूली को कभी साथ न खाएं।

    🍃 भिंडी के साथ करेला

    करेला डायबिटीज के लिए फायदेमंद है,
    लेकिन भिंडी के साथ इसका कॉम्बिनेशन नुकसानदायक हो सकता है।

    🔬 वैज्ञानिक कारण:

    • दोनों ही कूलिंग प्रकृति के फूड्स हैं।
    • साथ खाने पर ये शरीर में कफ दोष को अत्यधिक बढ़ा देते हैं,
      जिससे lethargy, heaviness और digestion slow हो जाता है।

    🌿 आयुर्वेदिक दृष्टिकोण:

    • यह कॉम्बिनेशन खासकर उन लोगों के लिए भारी हो सकता है
      जिन्हें पहले से गैस या indigestion की समस्या है।

    👉 निष्कर्ष: करेला और भिंडी को भी साथ में न खाएं।

    ✅ सारांश:

    भिंडी के साथ ये 5 चीजें कभी न खाएं:

    1. दूध
    2. चाय
    3. रेड मीट
    4. मूली
    5. करेला

    इन सभी कॉम्बिनेशन से शरीर में दोष असंतुलन, indigestion, एलर्जी और स्किन प्रॉब्लम्स हो सकती हैं।
    भिंडी को अलग-अलग खाएं, ताकि इसके सारे फायदे आपको मिलें।

  • सिर्फ 22 इंच की ये खास नस्लˈ की दो गायें बनीं इंटरनेट सेंसेशन देखने के लिए उमड़ पड़ा गांव से शहर तक का मेलाˌ

    सिर्फ 22 इंच की ये खास नस्लˈ की दो गायें बनीं इंटरनेट सेंसेशन देखने के लिए उमड़ पड़ा गांव से शहर तक का मेलाˌ

    सिर्फ 22 इंच की ये खास नस्लˈ की दो गायें बनीं इंटरनेट सेंसेशन देखने के लिए उमड़ पड़ा गांव से शहर तक का मेलाˌ

    नूंह | हरियाणा के नूंह के रहने वाले राजेश जिंदल (Rajesh Jindal) ने दुर्लभ प्रजाति की दो गायों को खरीदा है, जो अब आसपास के क्षेत्र में चर्चा का विषय बन चुकी है. तावडू के रहने वाले राजेश जिंदल ने कुछ दिनों पहले ही फेसबुक पर एक पोस्ट देखी थी, जिसमें डेढ़ फुट से 2 फुट के गोवंश के बारे में जिक्र किया गया था, उनकी हाइट मात्र 22 इंच थी. उन्होंने इसके बाद सोशल मीडिया के माध्यम से पता लगाया कि खुद प्रधानमंत्री मोदी भी इस दुर्लभ पुंगनूर गोवंश प्रजाति को बचाने की अपील कर चुके हैं.

    6 लाख रूपए में खरीदी गाय

    उन्होंने निर्णय लिया कि वह भी इसी नस्ल के गौवंश को घर लाएंगे. वह एक साथी को लेकर आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में पहुंच गए और वहां से एक गौशाला में पल रहे अद्भुत नस्ल के गोवंश को 6 लाख रूपए में खरीद लिया.

    राजेश जिंदल ऐसा दावा करते हैं कि दुर्लभ पुंगनूर नस्ल की गोवंश को लाने का प्रदेशभर में यह ऐसा पहला मामला है. इन गोवंशों की उम्र महज 19 महीने है. इनकी चर्चा आसपास के इलाकों में इतनी ज्यादा हो चुकी है कि रेवाड़ी गोकुलपुरा धाम के महंत धीरज गिरी महाराज, पूर्व राज्य मंत्री कुंवर संजय सिंह, मनोनीत पार्षद सतपाल सहरावत समेत तमाम लोग इनके दर्शन करने आ चुके हैं. स्वयं महंत धीरज गिरी महाराज ने भी इसी नस्ल के गौवंशों को मंगवाने की मांग की है.

    गुणों से भरपूर हैं ये गौवंश

    यह नल शारीरिक रूप से बेहद छोटी होती है, लेकिन यह अब विलुप्त होने की कगार पर पहुंच चुकी है. छोटे कद और दुर्लभ गुणों के चलते यह काफी प्रसिद्ध प्रजाति मानी जाती है. इस नस्ल के गौवंशों का मूत्र और गोबर बेचकर भी अच्छे खासे पैसे कमाए जा सकते हैं.

  • बिस्तर पर बनें चैम्पियन, इन घरेलू नुस्खोंˈ से जानें बेडरूम में स्टैमिना बढ़ाने के राज़ˌ

    बिस्तर पर बनें चैम्पियन, इन घरेलू नुस्खोंˈ से जानें बेडरूम में स्टैमिना बढ़ाने के राज़ˌ

    बिस्तर पर बनें चैम्पियन, इन घरेलू नुस्खोंˈ से जानें बेडरूम में स्टैमिना बढ़ाने के राज़ˌ

    Increase Sex Stamina: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सेक्स टाइमिंग की समस्या बहुत आम हो गई है. पुरुष तनाव, थकान, मोटापा या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से बिस्तर में जल्दी थक जाते हैं या प्रीमैच्योर इजैक्युलेशन का सामना करते हैं.इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर सेक्शुअल मेडिसिन के मुताबिक, यह समस्या 30–40% पुरुषों को कभी न कभी प्रभावित करती है. इसका असर सिर्फ शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक तनाव और रिश्तों पर भी पड़ सकता है.

    जर्नल ऑफ सेक्शुअल मेडिसिन की रिपोर्ट के अनुसार

    2005 में जर्नल ऑफ सेक्शुअल मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, दुनियाभर में पेनिट्रेटिव सेक्स का औसत समय 5–7 मिनट होता है. लेकिन भारत में स्ट्रेस और अनहेल्दी लाइफस्टाइल की वजह से यह समय और कम हो सकता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर फोरप्ले को मिलाया जाए, तो एक बेहतर समय 35–40 मिनट होना चाहिए ताकि दोनों पार्टनर संतुष्ट महसूस कर सकें.

    आइए जानतें हैं सेक्स टाइमिंग और स्टैमिना बढ़ाने के कुछ असरदार उपाय

    आजकल की लाइफस्टाइल में सेक्स टाइमिंग कम होना बहुत आम समस्या है. पर अच्छी खबर ये है कि सही लाइफस्टाइल चेंज और डाइट हैक्स से आप बिस्तर पर फिर से चैम्पियन बन सकते हैं. आइए जानते हैं वो 10 पॉवरफुल टिप्स जिनसे आपकी परफॉर्मेंस में आएगा जबरदस्त सुधार –

    नियमित व्यायाम और फिटनेस

    जर्नल ऑफ सेक्शुअल मेडिसिन के अनुसार, हफ्ते में 3 घंटे एक्सरसाइज करने से ईडी का रिस्क 30% कम हो जाता है.कार्डियो (जैसे दौड़ना, तैरना) और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग दोनों ही पेनिस में ब्लड फ्लो सुधारते हैं.भारतीयों के लिए रोज 30 मिनट ब्रिस्क वॉक या जिम काफी है.

    भरपुर नींद

    नींद की कमी से टेस्टोस्टेरोन लेवल 10–15% तक गिर सकता है, जिससे लिबिडो डाउन हो जाता रोजाना 7–9 घंटे की गहरी नींद से टेस्टोस्टेरोन लेवल बैलेंस रहता है. टीवी/मोबाइल का स्क्रीन टाइम रात को कम करें.

    धूम्रपान और शराब से दुरी

    Medical News Today के अनुसार, स्मोकिंग छोड़ने के 6 महीने बाद स्टैमिना 20–30% तक सुधर जाता है. सिगरेट हमारे ब्लड वेसल्स को सिकोड़ती है और सेक्स टाइमिंग को कम करती है. शराब का ज्यादा सेवन भी टेस्टोस्टेरोन गिराता है.

    वजन पर कंट्रोल

    Harvard Health कि रिपोर्ट के अनुसार वजन घटाने से सेक्शुअल फंक्शन 30% बेहतर हो सकता है.भारतीय डाइट में कार्ब्स ज्यादा होते हैं, इसलिए बैलेंस्ड डाइट और कैलोरी कंट्रोल जरूरी है. हफ्ते में 1–2 किलो वजन घटाना काफी है.

    योग और ध्यान

    एक स्टडी में पाया गया कि योग से स्टैमिना 25% तक बढ़ सकता है. केगेल और पेल्विक फ्लोर जै सी एक्सरसाइज इजैकुलेशन कंट्रोल में मदद करते हैं. रोजाना 20 मिनट प्राणायाम और ध्यान जरुर करें.

    पोषक तत्वों से भरपूर फूड्स का सेवन

    अपने खानें में दाल-सब्जी के साथ जिंक-रिच फूड्स (कद्दू के बीज, बादाम, दालें) को शामिल करें यह टेस्टोस्टेरोन बढ़ाते हैं.

    सही सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल

    विटामिन D और जिंक की कमी से सेक्स टाइमिंग पर असर पड़ता है. ऐसे में लोग दवाओं का सेवन करतें हैं क्योंकि सप्लीमेंट लेने से स्टैमिना सुधरता है और स्पर्म क्वालिटी भी बेहतर होती है. लेकिन ओवरडोज से साइड इफेक्ट हो सकते हैं, इसलिए डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

    अश्वगंधा और शिलाजीत का सेवन

    अश्वगंधा टेस्टोस्टेरोन 15% तक बढ़ा सकता है और स्ट्रेस कम करता है. व शिलाजीत फर्टिलिटी और एनर्जी के लिए फायदेमंद है. NCBI स्टडी में अश्वगंधा को सेक्स हेल्थ के लिए असरदार पाया गया है.

  • 15 से 35 की उम्र वाले जरूरˈ जाने ये बातें, वरना बड़ी मुसीबत में पड़ जाएंगेˌ

    15 से 35 की उम्र वाले जरूरˈ जाने ये बातें, वरना बड़ी मुसीबत में पड़ जाएंगेˌ

    15 से 35 की उम्र वाले जरूरˈ जाने ये बातें, वरना बड़ी मुसीबत में पड़ जाएंगेˌ

    युवाओं के बीच आजकल गजब का क्रेज देखने को मिलता है। जीवन में कुछ उम्र ऐसे होते हैं, जहां से युवा भटक जाता है। वो अपने लक्ष्य से भटक कर कहीं और ही चला जाता है। इसके पीछे फिल्मों का बड़ा योगदान तो है ही, लेकिन आजकल सोशल मीडिया ने आग में घी डालने का काम कर रखा है। हर कोई उम्र से पहले ही बड़ा होने की चाह रखता है, जिसकी वजह से कई बार वो कुछ ऐसे काम कर बैठता है, जिसकी वजह से सिर्फ पछतावा ही बचती है, ऐसे में आज हम कुछ ऐसी बाते बताने जा रहे हैं, जिनसे आपको दूर रहना चाहिए।

    आजकल की लाइफस्टाइल बच्चों को उम्र से पहले ही बड़ा बना देती है। उनका बचपन कहीं खो जाता है। ऐसे में आज हम उन गलतियों को लेकर आएं है, जो अक्सर 15 से लेकर 30 उम्र के लोग करते हैं, जिनकी वजह से वो ताउम्र पछताते हैं। इतना ही नहीं, वो अपने लक्ष्य को भी पाने में असमर्थ हो जाते हैं, ऐसे में आपको यह बात जरूर जान लेनी चाहिए कि आपको कौन से काम नहीं करने चाहिए?

    तेजी से किसी काम को करने के चलते बहुत से लोग कई गलतियां भी कर देतें हैं, जिसकी वजह से मामला बहुत ही ज्यादा नाजुक हो जाता है। आपकी इसी परेशानी को समझते हुए हम आपके लिए कुछ ऐसी जानकारी लेकर आएं है, जिसे जानकर आप खुद को सावधान रख सकते हैं। युवा पीढ़ी बहुत एडवांस हो चुकी है, लेकिन इतनी भी नहीं कि उससे गलती न हो। आज उसकी गलती की वजह सिर्फ उसका एडवांसपन ही है।

    करते हैं ये गलतियां

    तो चलिए अब हम आपको उन गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हे आप जरूर करते हैं, और उससे आपकी लाइफ डैमेज हो जाती है।

    1.जल्दी पैसा कमाने की चाह

    कुछ लोगों को पैसा कमाने की बहुत ही जल्दी  होती  है। ऐसे में कई बार बिना सोचे समझे किसी भी फ्रॉड कंपनी में निवेश करने के लिए चले जाते हैं। अंजाम ये होता है कि आपकी पूंजी तो डूबती ही है। कंपनियां आपको लूट के चली जाती है। और फिर सारी उम्र इस अवसाद से बाहर नहीं निकल पाते हैं।

    2.सोशल मीडिया पर व्यस्त रहना

    इस उम्र के लोग सोशल मीडिया पर अपना कीमती समय बर्बाद करते है। इतना ही नहीं, ये सोशल मीडिया पर जब वक्त बिताते हैं, तो यह भूल जाते हैं कि इनके साथ यहां कोई अपराध हो सकता है। यही वजह है कि देश भर में साइबर क्राइम बढ़ता जा रहा है। युवा तेजी से साइबर क्राइम के चंगुल में फंसते जा रहे हैं।

    3.दूसरों के आगे पीछे भागना

    इस उम्र के लोगों के बीच यह क्रेज रहता है कि वो दूसरों को कैसे इंप्रेस करे। और यही वजह है कि लड़के लड़कियां इस चक्कर में अपना पूरा का पूरा फ्यूचर दांव पर लगा देते हैं। ऐसे में उनकी ये गलती ताउम्र भारी पड़ती है।

  • होटल में इस्तेमाल हुआ साबुन आखिर जाताˈ कहां है? जानिए उस राज़ को जो 90% लोग नहीं जानतेˌ

    होटल में इस्तेमाल हुआ साबुन आखिर जाताˈ कहां है? जानिए उस राज़ को जो 90% लोग नहीं जानतेˌ

    होटल में इस्तेमाल हुआ साबुन आखिर जाताˈ कहां है? जानिए उस राज़ को जो 90% लोग नहीं जानतेˌ

    आमतौर पर सभी बड़े होटल्स में व्यक्ति की रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल होने वाली सभी चीजें उपलब्ध होती है। यानि साबुन से लेकर टूथपेस्ट तक हर चीज का प्रबंध होता है। अब कुछ होटल्स में तो शैम्पू और साबुन हर रोज बदले जाते है, लेकिन कुछ होटल्स में ऐसा नहीं होता। मगर क्या आपने कभी ये सोचा है कि होटल में बचे हुए साबुन का आखिर क्या किया जाता है। जी हां होटल में जो शैम्पू और साबुन आदि का हम इस्तेमाल नहीं करते या थोड़ा सा इस्तेमाल करके छोड़ देते है, उनका हमारे होटल से जाने के बाद क्या किया जाता है। बहरहाल आज हम आपको इसी जानकारी से रूबरू करवाना चाहते है। अब अगर हम इसका सीधा और साफ जवाब दे तो ऐसा हो सकता है कि जो चीजें हम आधी इस्तेमाल करते है, उन्हें हमारे जाने के बाद फेंक दिया जाता है।

    होटल में बचे हुए साबुन का ऐसे होता है इस्तेमाल :

    तो वही जिन चीजों का हम इस्तेमाल नहीं करते और जो पैक्ड होती है उन्हें दूसरे मेहमानो को दे दिया जाता है। मगर आपको जान कर हैरानी होगी कि ये पूरा सच नहीं है। दरअसल एक रिपोर्ट के अनुसार यह सच सामने आया है कि जहाँ एक तरफ इन चीजों को कूड़े के ढेर में मिला दिया जाता है, वही ये चीजें कई गरीब लोगों की स्वच्छता की समस्या को दूर करने में मदद कर सकती है। इसका मतलब ये है कि जो गरीब लोग ऐसी चीजें नहीं खरीद सकते और गंदगी के कारण कई बीमारियों का सामना करते है, उन्हें ये चीजें दी जा सकती है। बता दे कि साल 2009 में कुछ एनजीओ ने इस मुद्दे को लेकर मुहिम भी चलाई थी।

    रिसाइकल किया जाता है बचे हुए सभी प्रोडक्ट्स को :

    इसके इलावा अगर रिपोर्ट की माने तो भारत में हर रोज लाखों की गिनती में ऐसे प्रोडक्ट्स होटल्स के कमरों से बाहर निकाले जाते है, जिनसे गरीबों का भला हो सकता है। गौरतलब है कि इस समस्या को खत्म करने के लिए पूरी दुनिया में क्लीन द वर्ल्ड और कई संस्थाओं ने ग्लोबल सोप प्रोजक्ट के साथ मिल कर एक मुहिम शुरू की थी। जिसके तहत आधे इस्तेमाल किए गए साबुन को नया साबुन बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके इलावा बाकी प्रोडक्ट्स के साथ भी ऐसा ही होता है। फिर इन रिसाइकल किए गए प्रोडक्ट्स को विकासशील देशों में भेज दिया जाता है। यहाँ तक कि इस मुहिम का लाभ उन क्षेत्रों में रह रहे लोग भी उठा पाते है, जिनके पास स्वच्छ पानी, साबुन और सैनिटेशन की सुविधाएँ उपलब्ध नहीं होती।

    गरीबों की स्वच्छता का रखा जाता है ध्यान :

    यहाँ गौर करने वाली बात ये है कि स्थानीय स्तर पर ऐसे कई एनजीओ काम करते है जो बड़े बड़े होटल्स से हर रोज कई तरह के प्रोडक्ट्स इकट्ठे करते है और उन्हें गरीबों में बाँट देते है। हालांकि जरूरतमंद लोगों को देने से पहले इन्हे रिसाइकल जरूर किया जाता है। जी हां रिसाइकल के दौरान बचे हुए साबुन और सभी प्रोडक्ट्स को कीटाणुरहित किया जाता है, ताकि लोग बिना किसी दिक्क्त के इनका इस्तेमाल कर सके। यहाँ तक कि इनकी शुद्धता की जांच भी की जाती है। अब यूँ तो होटल में बचे हुए साबुन का दोबारा इस्तेमाल करने का यह सबसे बढ़िया तरीका है, लेकिन अब भी ऐसे बहुत से होटल्स है, जिनमें बचे हुए साबुन को कचरे के रूप में फेंक दिया जाता है।

    दोस्तों हम तो आपसे यही कहेंगे कि जिस चीज का इस्तेमाल दोबारा किया जा सकता है, उन्हें फेंकने की बजाय जरूरतमंद लोगों की जरूरतें पूरी करने में उनका इस्तेमाल करे।

  • भारत के इस पड़ोसी देश में गायˈ भैंस नहीं बल्कि लोग घरों में पालते हैं खूंखार मगरमच्छ, इसका मांस बेच करते हैं मोटी कमाईˌ

    भारत के इस पड़ोसी देश में गायˈ भैंस नहीं बल्कि लोग घरों में पालते हैं खूंखार मगरमच्छ, इसका मांस बेच करते हैं मोटी कमाईˌ

    भारत के इस पड़ोसी देश में गायˈ भैंस नहीं बल्कि लोग घरों में पालते हैं खूंखार मगरमच्छ, इसका मांस बेच करते हैं मोटी कमाईˌ

    Crocodile Farming in Thailand: थाईलैंड भारत का पड़ोसी देश है जो समुद्र से घिरा हुआ। क्या एक खूबसूरत देश है जहां बड़े पैमाने पर लोग घूमने जाते हैं। वैसे तो हमारे यहां गाय भैंस पाला जाता है और गाय का दूध बेचकर लोग पैसा कमाते हैं लेकिन थाईलैंड में मगरमच्छ की खेती की जाती है। आपको सुनकर थोड़ी हैरानी होगी लेकिन यह बिल्कुल सच है।

     यहां के लोग मगरमच्छ का खाल खून और उसका मांस बेचकर काफी अच्छी कमाई करते हैं। मगरमच्छ की खेती करने से थाईलैंड की अर्थव्यवस्था काफी मजबूत हुई है। थाईलैंड में बड़े पैमाने पर लोग मगरमच्छ पलते हैं और मगरमच्छ  से अच्छी कमाई भी करते हैं।

    थाईलैंड में मगरमच्छ पालन कोई नई बात नहीं है. यहां यह काम कई पीढ़ियों से हो रहा है। थाईलैंड में मगरमच्छ पालन और उसका पालन करना भी काफी फायदे का सौदा साबित हो रहा है। स्थानीय किसानों से लेकर बड़े व्यापारी तक इस उद्योग से जुड़े हुए हैं और खूब लाभ कमा रहे हैं।

     थाईलैंड में मगरमच्छ के खल का काफी ज्यादा डिमांड देखने को मिलता है। इससे बेल्ट और कई तरह की चीज बनाई जाती है जो की काफी महंगा मिलता है और विदेशी बाजार में भी इसको सप्लाई किया जाता है। बड़े पैमाने पर लोग यहां मगरमच्छ के मांस का सेवन भी करते हैं इसलिए यहां बड़े पैमाने पर मगरमच्छ का मांस दिखता है। टूरिस्ट भी मगरमच्छ का मांस खाना पसंद करते हैं। मगरमच्छ का मांस और खून अच्छी कीमत पर बिकता है यही वजह है कि छोटे-छोटे लोग भी इस व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और खूब मगरमच्छ का मांस खाते हैं।

    थाई सरकार ने मगरमच्छ पालन को नियमों के तहत वैध बनाया है. इसके लिए लाइसेंस प्रणाली लागू है और फार्म चलाने वालों को स्वास्थ्य व देखभाल से जुड़े निर्देश दिए जाते हैं. प्रशिक्षित कर्मचारी मगरमच्छों का खाना, सफाई और इलाज का ध्यान रखते हैं. 

  • 68 साल की दादी को हुआ खुदˈ से आधी उम्र के लड़के संग प्यार, 17 लाख की चपत लगा भाग गया प्रेमीˌ

    68 साल की दादी को हुआ खुदˈ से आधी उम्र के लड़के संग प्यार, 17 लाख की चपत लगा भाग गया प्रेमीˌ

    68 साल की दादी को हुआ खुदˈ से आधी उम्र के लड़के संग प्यार, 17 लाख की चपत लगा भाग गया प्रेमीˌ

    प्यार कभी भी, कहीं भी और किसी से भी हो सकता है। हालांकि कई बार हम प्यार में इतने अंधे हो जाते हैं कि सामने वाले के दिल में छिपा फरेब नहीं देख पाते हैं। ऐसा ही कुछ यूके में रहने वाली 68 वर्षीय बेथ हैनिंग के साथ हुआ। उम्र के इस पड़ाव में अकेली बेथ को अपने से आधी उम्र वाले रॉडनी से प्यार हो गया। रॉडनी घाना का रहने वाला है और वहां म्यूजिक कॉन्सर्ट करता था। इसके अलावा वह सोशल वर्क से भी जुड़ा था। वहीं 68 साल की बेथ भी बहुत सोशल वर्क करती है। वे घाना के लोगों के लिए फंड एकत्रित करती थी। बस इसी दौरान उनकी मुलाकात रॉडनी से हुई थी। 

     दोनों ने 2014 में फेसबुक पर बातचीत स्टार्ट की थी। धीरे धीरे दोनों में फ़्लर्ट होने लगा और फिर बात प्यार मोहब्बत तक जा पहुंची। बेथ हैनिंग बताती है कि पहले जब किसी बुजुर्ग महिला को यंग लड़के से प्यार हो जाता था तो वह उसका मजाक उड़ाया करती थी, लेकिन जब उसके साथ भी ऐसा हुआ तो दिमाग ने काम करना बंद कर दिया। 

    दोनों में जैसा ही रोमांस शुरू हुआ तो रॉडनी ने बेथ से कुछ पैसे मांग लिए। यह रकम बहुत कम थी इसलिए बेथ ने पैसे दे दिए। हालांकि इसके कुछ दिन बाद रॉडनी ने दोबारा अपना मुंह फाड़ा और पैसों की मांग करने लगा। बेथ ने दोबारा उसकी मदद कर दी। 

     अब इन दोनों की फेसबुक पर रोजाना बात होती थी। एक बार बेथ अपने बॉयफ्रेंड से मिलने घाना भी गई। यहाँ पहुँचने पर रॉडनी ने उसे बहुत स्पेशल फ़ील कराया। जल्द ही उसने शादी के लिए प्रपोज किया और बेथ ने उससे शादी भी कर ली। इस शादी से बेथ के बच्चे खुश नहीं थे। हालांकि बेथ बुढ़ापे में अकेलेपन की शिकार थी इसलिए उन्होंने शादी करने का फैसला सही

    शादी के बाद दोनों साथ रहने लगे। इनके बीच फिर लड़ाईयां होने लगी। रॉडनी ने बेडरूम की बजाए सोफ़े पर सोना शुरू कर दिया। वह बेथ को उसकी आर्थिक स्थिति को लेकर ताने भी मारता था। बेथ के घर रहकर उसी से कई बार पैसे मांगता था। जब बेथ पैसे न दे पाती तो बहुत गालियां देता। 

    जल्द ही बेथ के दिमाग की बत्ती जली और वे समझ गई कि रॉडनी ने मुझ से सिर्फ पैसों के लिए ही शादी की थी। उन्हें इस बात का भी पता चला कि रॉडनी की असली उम्र 30 है लेकिन उसने बेथ को 40 कहा था। 17 लाख के कर्ज में डूबी बेथ अब बस इस रिश्ते को खत्म कर अपने बच्चों संग रहना चाहती है। उन्होंने अपनी स्टोरी सोशल मीडिया पर साझा कर अन्य महिलाओं को भी इस तरह के धोखे से दूर रहने की सलाह दी है।

  • कैंसर और हार्ट अटैक जैसी 10 बीमारियोंˈ से बचाती है रम। बस पीने का सही तरीका सीख लोˌ

    कैंसर और हार्ट अटैक जैसी 10 बीमारियोंˈ से बचाती है रम। बस पीने का सही तरीका सीख लोˌ

    कैंसर और हार्ट अटैक जैसी 10 बीमारियोंˈ से बचाती है रम। बस पीने का सही तरीका सीख लोˌ

    रम पीने के फायदे बहुत सुनकर आपको थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन रम सिर्फ दारू नहीं दवा भी है। रम पीने से जहां इंसान को थोड़ा सुरूर मिलता है वहीं हमारी सेहत को सुकून भी। इसलिए आज हम आपको रम पीने के फायदे बताएंगे जिन्हें जानकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी।दुनिया भर में सबसे ज्यादा पिया जाने वाला एल्कॉहल रम सेहत के लिए काफी फायदेमंद है।

    क्या है रम : रम गन्ने के रस से बनती है जो मुख्य रूप से कैरीबियाई एल्कॉहल है। मध्य अमेरिका और मेक्सिको सहित कई अन्य क्षेत्रों में भी इसका उत्पादन किया जाता है। रम एक ग्लूटेन-फ्री एल्कोहल है स्वाद में मीठे के साथ थोड़ा कड़वी भी होती है। रम का स्वाद एक बारगी आपको थोड़ा फायर्ड यानि ज्वलनशील जैसा लगता है। रम पुरानी हो जाए तो यह हल्के भूरे और काले रंग में हो सकती है। रम का रंग ब्लड रेड या यलो होता। हालांकि रम का कोई सटीक इतिहास ज्ञात नहीं है लेकिन यह कैरिबियन में 500 से ज्यादा सालों से बड़े स्तर पर उत्पादित की जा रही है।

    क्या आप जानते हैं रम पीने के फायदों के बारे में : रम का ब्रैंड ‘ओल्ड मॉन्क’ काफी चर्चित है। कपिल मोहन ने ‘ओल्ड मॉन्क’ रम को बनाया था और इस ब्रैंड ने दुनिया भर में धूम मचाई हुई है।कपिल मोहन ने 1954 में ‘ओल्ड मॉन्क’ रम को लॉन्च किया था। कपिल मोहन की मृत्यु 6 जनवरी, 2018 को हुई थी।

    रम में एल्कोहल की मात्रा 40 से 60% तक होती है। रम वाइन के तौर पर तो पिया ही जाता है बल्कि यह कहीं-कहीं आम पेय भी है। जैसे कि रम और कोक बहुत लोकप्रिय हैं। रम अगर सही मात्रा में ली जाए तो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं होती है। रम का अत्यधिक सेवन ही सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है वरना रम के फायदे आपको चौंका देंगे। मोहन ने भी रम के पीने फायदे बताकर लोगों को जागरूक किया था। डॉक्टर्स ने भी रम पीने के फायदे बताए हैं। डॉक्टरों के मुताबिक एक सही मात्रा में रम पीने के फायदे होते हैं। यह सेहत के लिए बहुत लाभदायक है साथ ही कुछ बीमारियों में दवा की तरह है। इसलिए अब आप जान जाइए रम सिर्फ शराब नहीं है।

    रम पीने के फायदे यह भी हैं कि व्यक्ति जोड़ों के दर्द से निजात पाता है। हम आपको बता दें कि रम का सेवन बॉडी पेन और जोड़ों के दर्द को काफी कम करता है। रम पीने से मांसपेशियों में होने वाले दर्द से राहत मिलती है। खासतौर पर बुढ़ापे में रम का सेवन मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है। रम पीने के फायदे यह भी हैं कि यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है जिससे बीमारियों का खतरा कम होता है। रम पीने से आपसे कुछ बीमारियां कोसों दूर भागती हैं। रम के जरूरी पोषक तत्व शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ाते हैं। परंतु इसके सेवन में मात्रा का ध्यान अवश्य रखें।

    रम की तासीर गर्म होती है इसलिए यह शरीर को उर्जा के साथ गर्मी प्रदान करती है। रम पीने से शरीर में गर्माहट आती है। अगर कोई व्यक्ति अत्यधिक ठंड महसूस कर रहा हो तो वह रम का सेवन करें। सर्दियों में मौसम के तापमान से संतुलन बनाने के लिए रम पी लेना बेहतर होता है। रम के सेवन से शरीर को गर्माहट मिलती है।

    रम पीने से मौसमी सर्दी-जुकाम बिल्कुल दूर रहता है। रम के सेवन से ठंड लगने की समस्या नहीं होती और सर्दी जुकाम ठीक हो जाता है। खासतौर पर सर्दियों में रम पीने से सर्दी-जुकाम जल्दी नहीं होता है।

    रम पीने के फायदे में हम आपके सबसे पहले बता दें कि यह दिल को एकदम स्वस्थ रखती है। दिल की बीमारियों से दूर रहने के लिए रम लाभदायक है। हार्ट अटैक से लेकर कैंसर तक की बीमारियों का खतरा रम कम कर देती है। रम पीने के फायदे यह भी हैं कि इसके सेवन के तुरंत बाद से आपको अच्छी नींद आती है। बहुत से लोग बॉडी को रिलेक्स करने के लिए रम का सेवन करते हैं। रम में कुछ ऐसे तत्व होते हैं जिनसे व्यक्ति को अच्छी नींद आती है। गहरी नींद में सोने के बाद सुबह उठने पर आप तरोताजा फील करते हैं। रात को रम पीने से सोने में कोई परेशानी नहीं होती और बॉडी रिलेक्स हो जाती है।

    रम के सेवन से डायबिटीज के लक्षण पहले ही दिख जाते हैं अगर आपको शुगर की समस्या हो तो रम इसको कम करने में काफी मददगार साबित हो सकती है। इसके साथ ही रम गैलस्टोन (पित्ताशय की थैली) से जुड़ी समस्याएं दूर करती है।

    रम के सेवन से मानसिक शांति मिलती है लेकिन इसका सेवन कम मात्रा में ही करें वरना एल्कॉहल के नशे से हंगामा भी हो सकता है। इसलिए हम आपको बता दें कि रम के सेवन से मानसिक रोग जैसे अल्जाइमर और पार्किंसन रोग में फायदा होता है।

  • अपनी जन्म तारीख से जानें आपके इष्टˈ देवता कौन हैं जिनकी पूजा से दूर होंगे सभी दुखˌ

    अपनी जन्म तारीख से जानें आपके इष्टˈ देवता कौन हैं जिनकी पूजा से दूर होंगे सभी दुखˌ

    अपनी जन्म तारीख से जानें आपके इष्टˈ देवता कौन हैं जिनकी पूजा से दूर होंगे सभी दुखˌ

    अंक ज्योतिष में जन्म तारीख के अंकों का जोड़ हमें हमारा मूलांक प्रदान करता है। मूलांक न केवल हमारे व्यक्तित्व और स्वभाव को दर्शाता है, बल्कि यह हमारे इष्ट देव को पहचानने में भी मदद करता है।

    आइए, जानते हैं 1 से 9 तक के सभी मूलांकों और उनके इष्ट देवों के बारे में।

    मूलांक 1: सूर्य देव

    जिनका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 और 28 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 1 होता है। सूर्य देव इनके इष्ट देव होते हैं। 

    उपाय:

    • नियमित रूप से सूर्य देव को अर्घ्य दें।
    • सूर्य नमस्कार करें।
    • लाल या केसरिया रंग के वस्त्र धारण करें।

    मूलांक 2: भगवान शिव

    जिनका जन्म 2, 11, 20 और 29 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 2 होता है। इनके इष्ट देव भगवान शिव हैं। उपाय:

    • शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाएं।
    • “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें।
    • सोमवार का व्रत रखें।

    मूलांक 3: भगवान विष्णु

    जिनका जन्म 3, 12, 21 और 30 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 3 होता है। इनके इष्ट देव भगवान विष्णु हैं। 

    उपाय:

    • विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
    • तुलसी के पौधे की पूजा करें।
    • गुरुवार का व्रत रखें।

    मूलांक 4: मां दुर्गा और देवी सरस्वती

    जिनका जन्म 4, 13, 22 और 31 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 4 होता है। इनके इष्ट देव मां दुर्गा और देवी सरस्वती हैं। उपाय:

    • मां दुर्गा को लाल पुष्प चढ़ाएं।
    • सरस्वती वंदना करें।
    • नवरात्रि में उपवास रखें।

    मूलांक 5: भगवान श्री कृष्ण

    जिनका जन्म 5, 14 और 23 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 5 होता है। इनके इष्ट देव भगवान श्री कृष्ण हैं। 

    उपाय:

    • श्री कृष्ण की मूर्ति के सामने माखन और मिश्री का भोग लगाएं।
    • “ॐ क्लीं कृष्णाय नमः” मंत्र का जाप करें।
    • जन्माष्टमी का व्रत रखें।

    मूलांक 6: मां लक्ष्मी

    जिनका जन्म 6, 15 और 24 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 6 होता है। इनके इष्ट देव मां लक्ष्मी हैं। 

    उपाय:

    • शुक्रवार को मां लक्ष्मी की पूजा करें।
    • “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र का जाप करें।
    • घर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

    मूलांक 7: भगवान गणेश

    जिनका जन्म 7, 16 और 25 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 7 होता है। इनके इष्ट देव भगवान श्री गणेश हैं। 

    उपाय:

    • श्री गणेश को दूर्वा (दूब) अर्पित करें।
    • “ॐ गण गणपतये नमः” मंत्र का जाप करें।
    • बुधवार का व्रत रखें।

    मूलांक 8: हनुमान जी और शनि देव

    जिनका जन्म 8, 17 और 26 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 8 होता है। इनके इष्ट देव हनुमान जी और शनि देव हैं। 

    उपाय:

    • हनुमान चालीसा का पाठ करें।
    • शनि मंदिर में तेल का दीपक जलाएं।
    • शनिवार का व्रत रखें।

    मूलांक 9: हनुमान जी

    जिनका जन्म 9, 18 और 27 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 9 होता है। इनके इष्ट देव हनुमान जी हैं। उपाय:

    • मंगल वार को हनुमान जी की पूजा करें।
    • सुंदरकांड का पाठ करें।
    • लाल रंग के वस्त्र पहनें।

    मूलांक और इष्ट देव का सही ज्ञान आपके जीवन को सरल और सुखद बना सकता है। अपनी पूजा पद्धति और नियमित उपायों के द्वारा आप अपने इष्ट देव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं और जीवन में आने वाली समस्याओं से बच सकते हैं।