Author: me.sumitji@gmail.com

  • चाय के लिए इतना पागल था येˈ एक्टर कि शूटिंग के बीच सेट पर ही बंधवा दी 5 भैंसें. जानिए कौन है ये दूध-प्रेमी सिताराˌ

    चाय के लिए इतना पागल था येˈ एक्टर कि शूटिंग के बीच सेट पर ही बंधवा दी 5 भैंसें. जानिए कौन है ये दूध-प्रेमी सिताराˌ

    चाय के लिए इतना पागल था येˈ एक्टर कि शूटिंग के बीच सेट पर ही बंधवा दी 5 भैंसें. जानिए कौन है ये दूध-प्रेमी सिताराˌ

    Amjad Khan: हिंदी सिनेमा में अगर किसी विलेन की बात की जाए तो जेहन में सबसे पहला नाम गब्बर सिंह का ही आता है। आज भले ही एक्टर हमारे बीच मौजूद नहीं हैं लेकिन उन्हें विलेन के रूप में आज भी याद किया जाता है। यूं तो अमजद खान (Amjad Khan) यानी गब्बर ने फिल्मों में अलग-अलग तरह के रोल किए, लेकिन उनका सबसे फेमस रोल शोले फिल्म में गब्बर का था।

    आज हम इस आर्टिकल में आपको उनसे जुड़ा एक ऐसा ही किस्सा बताने जा रहे हैं जिसके बारे में शायद आप नहीं जानते होंगे।

    इस चीज के दीवाने थे Amjad Khan

    आपने अक्सर लोगों को शराब, सिगरेट की लत के बारे में सुना होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं हिंदी सिनेमा में गब्बर के नाम से फेमस विलेन अमजद खान (Amjad Khan) को एक अलग ही आदत थी। वो ना तो शराब थी और ना ही सिगरेट। उन्हें नशा था तो सिर्फ एक चीज का वो थी चाय। उन्हें चाय इतनी पसंद थी कि वो दिन भर में कम से कम 30-40 कप तक चाय पी जाते थे।

    चाय के बिना वह रह नहीं सकते थे। एक दिन जब सेट पर उन्हें चाय नहीं मिली तो वह बहुत परेशान हो गए। वह चाय के बिना काम तक नहीं कर पा रहे थे। जिसके बाद उन्होंने ऐसा कदम उठाया जिसके बारे सुनकर हर कोई दंग रह गया।

    Amjad Khan सेट पर ले आए थे भैंस

    Amjad Khan
    Amjad Khan

    एक बार जब थिएटर में रिहर्सल चल रही थी जिसका हिस्सा अमजद खान (Amjad Khan) भी थे। इस दौरान उन्होंने जब चाय मांगी तो उन्हें बताया गया कि दूध खत्म हो गया है और आने में टाइम लगेगा। उस दिन जैसे तैसे तो एक्टर ने वो एक दिन काट लिया लेकिन उसके अगले दिन उन्होंने कुछ ऐसा कर दिया जिसे देख सबके होश उड़ गए।

    अगले दिन एक्टर जब शूटिंग पर पहुंचे थे तो वह अकेले नहीं थे बल्कि उनके साथ दो भैंसे भी थी। जी हां सेट पर कभी चाय के लिए दूध कम ना पड़े इस वजह से अमजद ने भैंस खरीद ली थी जिन्हें वो सेट पर ले आए थे। उस समय एक्टर ने वो भैंस हजारों रुपए में खरीदी थी।

    शोले के एक डायलॉग के लिए Amjad Khan ने लिए 40 टेक

    Amjad Khan
    Amjad Khan

    अमजद खान (Amjad Khan) एक ऐसे एक्टर थे जो परफेक्शन में विश्वास रखते थे तभी तो उन्होंने अपने हर किरदार से वाहवाही लूटी। खासतौर पर शोले में जब उन्होंने गब्बर के किरदार को जीया तो पर्दे पर ऐसा विलेन देख हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए। क्योंकि उस समय ऐसा डाकू शायद ही किसी ने देखा था। वहीं फिल्म से जुड़ा अमजद खान का एक किस्सा काफी फेमस है। यूं तो अमजद ने फिल्म में कई आइकॉनिक डायलॉग बोले थे लेकिन उनमें से एक था – कितने आदमी थे, कहा जाता है कि इस तीन शब्दों के डायलॉग को बोलने में अमजद ने 40 टेक लिए थे। दोस्तों इस लेख के बारे में आपके क्या विचार है कमेंट करके जरूर बताएं और हिमाचली खबर को फॉलो करना न भूलें।

  • आगरा घूमने के लिए गए थे पति-पत्नीˈ तब वहां उन्हें मिला एक गाइड बोला चलिए घुमा देता हूं फिर बोला…ˌ

    आगरा घूमने के लिए गए थे पति-पत्नीˈ तब वहां उन्हें मिला एक गाइड बोला चलिए घुमा देता हूं फिर बोला…ˌ

    आगरा घूमने के लिए गए थे पति-पत्नीˈ तब वहां उन्हें मिला एक गाइड बोला चलिए घुमा देता हूं फिर बोला…ˌ

    जब महिला ने गाइड से जोधाबाई पैलेस, पंच महल. अनुप तालाब, रंग महल और हिरन मीनार घूमाने को कहा तो कथित गाइड ने यह कहकर टाल दिया कि वो सब ढह चुका है.

    उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में हर रोज हजारों पर्यटक घूमने आते हैं, जहां उन्हें घूमाने के लिए गाइड मौजूद रहते हैं.

    लेकिन इस बीच एक हैरान कर देने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहां एक दंपत्ति फतेहपुर सीकरी घूमने गया तो उनसे एक झूठा गाइड टकराया गया. पहले तो दंपति उसे पहचान नहीं पाए और फिर उसे घूमाने के लिए हायर कर लिया. खुद को गाइड बताकर युवक ने दंपति से पहले 500 रुपये ले लिए और फिर शेख सलीम चिश्ती की दरगाह पर चादर चढ़ाने के नाम पर 1100 रुपये भी ऐंठ लिए.

    इस दौरान जब महिला ने गाइड से जोधाबाई पैलेस, पंच महल. अनुप तालाब, रंग महल और हिरन मीनार घूमाने को कहा तो कथित गाइड ने यह कहकर टाल दिया कि वो सब ढह चुका है. जाते समय कपल को पता चला कि उनके साथ धोखा हुआ है, जिसको लेकर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और पता चला कि वह महल परिसर अब भी वहीं हैं और वहां लोग घूमने जाते हैं.

    मूल रूप से बिहार के रहने वाले और बुलंदशहर के एक बैंक में कार्यरत राहुल सिंह ने अपनी पत्नी प्रीति और अपने पांच साल के बच्चे के साथ साइट का दौरा किया. दोपहर डेढ़ बजे उन्होंने बुलंद दरवाजे के पास 500 रुपये में एक गाइड की व्यवस्था की. गाइड ने उन्हें बुलंद दरवाजा, शेख सलीम चिश्ती की दरगाह और बादशाही गेट दिखाया, लेकिन जब पत्नी ने महल में दिलचस्पी दिखाई तो गाइड ने झूठा दावा किया कि अकबर का किला खंडहर हो चुका है. फिर उसने शुल्क लेकर भागने से पहले उन पर दरगाह पर चादर चढ़ाने का दबाव डाला.

    जब दंपति ने बस स्टैंड के अधिकारियों रामगोपाल और शिव सिंह माहुरा से कथित खंडहरों के बारे में पूछताछ की, तो उन्हें बताया गया कि महल पूरी तरह से बरकरार है. जोड़े इस धोखे से हैरान रह गए और स्मारक पर लौट आए. फतेहपुर सीकरी पुलिस और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने कहा है कि उन्हें घटना के बारे में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है. अधिकारियों के मुताबिक अगर शिकायत दर्ज करायी गयी तो उचित कार्रवाई की जायेगी.

  • रात में पानी पीना और पेशाब केˈ लिए उठना — ये एक गलती आपकी जान ले सकती है! सावधान रहें!ˌ

    रात में पानी पीना और पेशाब केˈ लिए उठना — ये एक गलती आपकी जान ले सकती है! सावधान रहें!ˌ

    रात में पानी पीना और पेशाब केˈ लिए उठना — ये एक गलती आपकी जान ले सकती है! सावधान रहें!ˌ

    क्या आपको भी रात में प्यास लगती है और आप उठकर पानी पीते हैं? या फिर पेशाब के लिए उठते हैं?

    तो ज़रा रुकिए!
    ये एक छोटी सी आदत आपकी ज़िंदगी के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। एक युवक की मौत सिर्फ इस गलती के कारण हुई — इसलिए यह जानकारी आखिर तक ज़रूर पढ़ें, ये आपके और आपके प्रियजनों की जान बचा सकती है।

     नमस्कार,
    आज हम एक बहुत महत्वपूर्ण विषय पर बात करने वाले हैं — रात में पानी पीने और पेशाब के लिए उठने की आदत। ये आम सी दिखने वाली आदत कई बार शरीर के लिए बेहद ख़तरनाक बन जाती है।

    रात में पानी पीना — सही तरीका और घातक गलती

    हमारे शरीर का लगभग 70% हिस्सा पानी से बना है। पानी कब, कितना और कैसे पिया जाता है — इस पर हमारे 80% रोग निर्भर करते हैं। रात में प्यास लगने पर पानी पीना ज़रूरी है, लेकिन अगर गलत तरीके से पिया जाए तो यह जानलेवा भी हो सकता है।

    क्या नहीं करना चाहिए:

    • आधी नींद में पानी न पिएं।
    • उठते ही तुरंत पानी न पिएं।
    • ठंडा पानी बिल्कुल न पिएं।

    सही तरीका:

    • उठने के बाद पहले 2-3 मिनट बैठें और पूरी तरह जाग जाएं।
    • फिर सामान्य या हल्का गुनगुना पानी पिएं।
    • पानी पीने के बाद 4-5 मिनट बैठकर आराम करें, फिर जाकर सो जाएं।

    इससे शरीर में रक्तसंचार और पाचन क्रिया सही रहती है,
    साथ ही कोलेस्ट्रॉल, एसिडिटी और एलर्जी जैसी समस्याओं का ख़तरा कम होता है।

    रात में पेशाब के लिए उठना — ये सावधानी ज़रूर बरतें!

    रात में नींद से उठते ही अचानक खड़े हो जाना — यह सबसे बड़ी गलती है।
    नींद के दौरान मस्तिष्क की ओर जाने वाला रक्तप्रवाह धीमा हो जाता है।
    अचानक उठने से कुछ क्षण के लिए दिमाग को रक्त की आपूर्ति रुक जाती है —और इससे ब्रेन स्ट्रोक या हार्ट अटैक तक आ सकता है।

    क्या करना चाहिए:

    • पेशाब की इच्छा महसूस होते ही पहले धीरे-धीरे बैठें।
    • अपने हाथों से हाथ और पैरों को हल्के से रगड़ें — इससे रक्तप्रवाह बढ़ता है।
    • दोनों कानों के पीछे ऊपर-नीचे हल्के से मसाज करें — इससे मस्तिष्क तक रक्त प्रवाह संतुलित होता है।
    • फिर धीरे-धीरे उठें और जाएं।

    यह साधारण सी सावधानी ब्रेन स्ट्रोक का जोखिम लगभग शून्य कर देती है।

    अंत में — आपकी ज़िंदगी आपके हाथ में है

    इंसान गलती करता है क्योंकि उसे उसके परिणाम का अंदाज़ा नहीं होता।
    यह जानकारी भले ही छोटी लगे, लेकिन यह जीवनरक्षक साबित हो सकती है।
    इसलिए कृपया इसे अपने परिवार के हर सदस्य तक पहुँचाएँ —ताकि सभी लोग सुरक्षित और जागरूक रहें।

  • UP के इस मंदिर में होती हैˈ कुत्ते की पूजा, यहां के जादुई तालाब का रहस्य जान रह जाएंगे हैरानˌ

    UP के इस मंदिर में होती हैˈ कुत्ते की पूजा, यहां के जादुई तालाब का रहस्य जान रह जाएंगे हैरानˌ

    UP के इस मंदिर में होती हैˈ कुत्ते की पूजा, यहां के जादुई तालाब का रहस्य जान रह जाएंगे हैरानˌ

    UP Worship Dog: दुनियाभर में अलग-अलग जाति और धर्म के लोग रहते हैं. हर तरफ हजारों ऐसी जातियां है जो किसी न किसी को अपना देवता मानती हैं. वहीं भारत में तो सूर्य से लेकर पेड़ों तक को देवता के रूप में देखा जाता है.

    आज हम आपको यूपी के ही एक ऐसे ही मामले की जानकारी देने जा रहे हैं जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे. दरअसल, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के चिपियाना बुजुर्ग गांव में भैरव बाबा मंदिर के प्रांगण में कुत्ते की मूर्ति लंबे समय से लोगों की आस्था का केंद्र बनी हुई है. मान्यता है कि कुत्ते के काटने पर अगर मंदिर प्रांगण के पास बने तालाब में स्नान किया जाए तो कुत्ते के काटने का असर वहां कम हो जाता है. बताया जा रहा है कि इस मंदिर की मान्यता इतनी है कि लोग दूर-दूर से कुत्ते की मूर्ति की पूजा करने आते हैं और प्रसाद भी चढ़ाते हैं. वहीं कहा जा रहा है कि इलाके के रहने वाले लाखा बंजारे नाम के एक व्यक्ति ने अपने कुत्ते की मौत के बाद उसे यहीं दफनाया था. बाद में गांव वालों ने कुत्ते की कब्र पर एक मंदिर का निर्माण करवा दिया, जिसे आज देवता के रूप में देखा जाता है.

    जादुई तालाब की कहानी

    आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चिपियाना गांव में भैरव मंदिर के पास मौजूद इस कुत्ते की समाधि की कहानी काफी हैरान कर देगी. वहीं कुत्ते की समाधि के पास एक तालाब बनाया गया है. कहा जाता है कि तालाब में नहाने से कुत्ते के काटने का असर खत्म हो जाता है. इतना ही नहीं हर शनिवार यहां श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ आती है. आज भी मान्यता है कि कुत्ते के काटने के बाद मंदिर परिसर के पास स्थित तालाब में नहाने से रेबीज का असर कम हो जाता है. दिलचस्प बात ये है कि मंदिर के बाहर एक कुंड भी बनाया गया है. जो लोग तालाब में नहीं नहाते, वो कुंड में जाकर नहा लेते हैं.

    जानिए इसके पीछे का रहस्य

    ऐसे ही वहां के लोग कुत्ते की पूजा नहीं करते बल्कि इसके पीछे एक दिलचस्प कहानी है. ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 150 साल पहले, लाखा नाम के एक खानाबदोश ने अपने कुत्ते के लिए एक मकबरा बनवाया था. कहानी के पीछे की कहानी यह है कि खानाबदोश के पास एक कुत्ता था. उसने एक व्यापारी से कुछ पैसे उधार लिए थे. समय पर कर्ज न चुका पाने पर, उसने अपना कुत्ता व्यापारी के पास गिरवी रख दिया. कुछ दिनों बाद, व्यापारी के घर चोरी हो गई. इस दौरान, कुत्ते ने न तो लुटेरों पर भौंका और न ही अपने मालिक को जगाया. सुबह जब व्यापारी को चोरी का पता चला, तो वो कुत्ते पर भड़क उठा. कुछ ही देर बाद, कुत्ते ने अपने मालिक की धोती पकड़ ली और उसे उस जगह ले गया जहां लुटेरों ने चोरी का सामान छिपा रखा था.

    चोरी का सामान पाकर व्यापारी बहुत खुश हुआ. उसने इनाम के तौर पर कुत्ते को आज़ाद किया और लाखा को लौटा दिया. गाँव वालों का कहना है कि जैसे ही कुत्ता लाखा के पास पहुँचा, खानाबदोश को लगा कि कुत्ते ने व्यापारी से किया वादा तोड़ दिया है. गुस्से में आकर उसने कुत्ते को गोली मार दी. जब उसे सच्चाई पता चली, तो उसे बहुत पछतावा हुआ. पश्चाताप के प्रतीक के रूप में उन्होंने भैरव बाबा मंदिर में कुत्ते के लिए समाधि बनवाई.

  • मर्दों की यौन शक्ति दस गुना तकˈ बढ़ा देता है पान का पत्ता, दूर करता है ये बीमारियांˌ

    मर्दों की यौन शक्ति दस गुना तकˈ बढ़ा देता है पान का पत्ता, दूर करता है ये बीमारियांˌ

    भारत में पान (Betel) खाना बहुत से लोगों को पसंद होता है। आपको हर गली-मोहल्ले के नुक्कड़ पर एक पान की दुकान मिल जाएगी। लोग पान सिर्फ शौक से ही नहीं खाते, बल्कि शादी ब्याह और पूजा पाठ में भी पान या इसके पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है। पान को बेहद शुभ माना जाता है। कई घरों में भोजन के बाद मेहमानों को पान परोसा जाता है। पान खाने से सेहत को बहुत से लाभ भी होते हैं।

    पुरुषों में मर्दानगी बढ़ाए

    पान (Betel) खाने से पुरुषों की यौन शक्ति बढ़ती है। खासकर शादीशुदा पुरुषों को तो इसे जरूर खाना चाहिए। पान के पत्तों के अंदर एंटी-डायबिटिक, एंटी-इंफ्लामेटरी, एंटी-इंफेक्टिव, एंटी-सेप्टिक और दुर्गंध दूर करने वाले गुण रहते हैं।

    मर्दों की यौन शक्ति दस गुना तकˈ बढ़ा देता है पान का पत्ता, दूर करता है ये बीमारियांˌ

    जब हम पान को खाते हैं तो टेस्टोस्टोरोन (Testosterone) हार्मोन का लेव बढ़ जाता है। इससे मर्दों में लिबिडो बढ़ता है। नतिजन पुरुषों की यौन शक्ति में जबरदस्त बदलाव देखने को मिलता है। इसलिए तो कई शादीशुदा मर्दों को रात में सोने से पहले पान खाने की सलाह दी जाती है।

    पाचन क्रिया मजबूत करे

    यदि आप कमजोर पाचन प्रक्रिया के शिकार हैं तो आज से ही पान के पत्तों को चबाना शुरू कर दें। ये शरीर में मौजूद खाने को पचाने में बहुत मदद करता है। यदि भोजन के बाद पान का एक पत्ता खाया जाए तो पेट में दर्द, गैस और सीने में जलन जैसी समस्याएं नहीं होती है। इसलिए देश में कई जगहों पर भोजन के बाद पान खिलाने की परंपरा है।

    घाव जल्दी भरे

    कहा जाता है कि पान के पत्तों से घाव भी जल्दी भर जाते हैं। इसकी वजह ये है कि पान के पत्ते में एंटीऑक्सीडेंट तत्व उपस्थित रहते हैं। ये घाव को जल्द भरने में हेल्प करते हैं। चोट लगने की स्थिति में पान के पत्ते का रस निकालकर घाव पर लगाना चाहिए। इसके बाद उस घाव को पान के पत्ते से ढक कर पट्टी बांध लेना चाहिए। आप देखेंगे कि कुछ समय बाद आपका घाव भरना शुरू हो जाएगा।

    कब्ज दूर करे

    आज की गलत खान पान और आलस भरी लाइफ के चलते लोगों में कब्ज की समस्या अधिक देखी जाती है। इस स्थिति में भोजन के बाद रोज पान के पत्तों का सेवन कर आप कब्ज की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। या फिर पान के पत्ते के टुकड़े कर उसे एक पानी से भरे गिलास में रातभर रख दें। सुबह खाली पेट इसका पानी पी लें। आपको बहुत फायदा होगा।

    नोट: यह सारे फायदे पान के पत्तों को खाने से होते हैं। यदि आप पान में तंबाकू मिलाकर खाएंगे तो वह नुकसान ही करेगा।

  • जानिए 2 बच्चों के बीच कितना होनाˈ चाहिए उम्र का अंतराल? जल्दी मां बनने के होते हैं ये नुकसानˌ

    जानिए 2 बच्चों के बीच कितना होनाˈ चाहिए उम्र का अंतराल? जल्दी मां बनने के होते हैं ये नुकसानˌ

    जानिए 2 बच्चों के बीच कितना होनाˈ चाहिए उम्र का अंतराल? जल्दी मां बनने के होते हैं ये नुकसानˌ

    किसी भी विवाहित जोड़े के लिए माता-पिता बनना उनकी जिंदगी का सबसे खूबसूरत पल होता है। कुछ कपल एक ही बच्चे के साथ पूरी जिंदगी बिताते हैं तो कुछ कपल दो बच्चे की चाहत रखते हैं। ऐसे में सवाल ये उठता है कि, पहले बच्चे के जन्म के बाद दूसरे बच्चे के लिए कितना अंतराल रखना सही होगा जिससे परिवार का पालन पोषण सही हो सके, वहीं माता-पिता और बच्चे को भी किसी तरह की परेशानी न आए। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से बताने जा रहे हैं कि, 2 बच्चों के जन्म के बीच का अंतराल कितना होना चाहिए?

    एक स्टडी के अनुसार, यदि आप पहले बच्चे के बाद दूसरे बच्चे के बारे में सोच रहे हैं तो कम से कम आपको डेढ़ साल से 2 साल का अंतराल तो रखना ही चाहिए। यदि आप इससे पहले ही दूसरे बच्चे के बारे में सोचने लगते हैं तो इससे आपके नवजात बच्चे का वजन कम हो सकता है साथ ही वह समय से पहले भी पैदा हो सकता है। इसके अलावा पहले बच्चे पर भी इसका असर होता है।

    दरअसल एक साथ दो छोटे बच्चे की परवरिश करना आपको परेशानी में डाल सकता है। न सिर्फ आपके दोनों बच्चों पर साथ ही माता-पिता पर भी इसका बुरा असर होता है और एक साथ उनके ऊपर अधिक जिम्मेदारी बढ़ जाती है, जिसके कारण वह तनाव में रहते हैं।

    मां को भी होते हैं कई नुकसान

    यदि आप 1 साल से भी कम समय के अंदर ही दूसरे बच्चे की प्लानिंग करते हैं तो आपको डिलीवरी में भी खतरा बढ़ सकता है। इसके साथ ही आप कई बड़ी बीमारियों से भी घिर सकती हैं। कुछ स्टडीज के मुताबिक, मां की जान जाने का खतरा भी बढ़ जाता है। दरअसल पहली डिलीवरी में लगे गए टांके अगर अच्छे से नहीं सूखते हैं तो दूसरी बार हुई डिलीवरी में टांके खुलने की आशंका रहती है। ऐसे में आप कोशिश करें कि, दूसरे बच्चे की प्लानिंग 2 साल बाद ही करें।

    18 से 23 महीने का होना चाहिए अंतराल

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, पहले बच्चे के जन्म के बाद माता-पिता को करीब दूसरे बच्चे को जन्म देने के लिए कम से कम 18 या 23 महीने का इंतजार करना चाहिए। ऐसा करने से मां और पहले बच्चे के साथ दूसरे बच्चे की भी सेहत अच्छी रहेगी और तीनों को किसी भी प्रकार का खतरा नहीं होगा। बता दें,  यदि कोई महिला 30 से अधिक की है तो ऐसे में उनकी फर्टिलिटी यानी कि बच्चा पैदा करने की क्षमता कम होने लगती है। यदि किसी महिला को पहला बच्चा 30 की उम्र में हुआ है तो ऐसे में उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि, पहले बच्चे के बाद कम से कम 1 साल का इंतजार करें। इसके बाद ही दूसरे बच्चे की प्लानिंग करें ताकि डिलीवरी सुरक्षित तरीके से हो सके। 

  • यह अनोखा सवाल UPSC इंटरव्यू में पूछाˈ गया कौन सा पक्षी सिर्फ बरसात का पानी पीता है और कभी भी किसी और स्रोत से नहीं? जानिए इसका चौंकाने वाला जवाबˌ

    यह अनोखा सवाल UPSC इंटरव्यू में पूछाˈ गया कौन सा पक्षी सिर्फ बरसात का पानी पीता है और कभी भी किसी और स्रोत से नहीं? जानिए इसका चौंकाने वाला जवाबˌ

    यह अनोखा सवाल UPSC इंटरव्यू में पूछाˈ गया कौन सा पक्षी सिर्फ बरसात का पानी पीता है और कभी भी किसी और स्रोत से नहीं? जानिए इसका चौंकाने वाला जवाबˌ

    नमस्कार दोस्तों सवालों भरे लेख मैं आपका स्वागत है आज हम आपके सामने कुछ नए प्रश्न लेकर आए हैं जिनका उत्तर आप जान सकेंगे। बचपन में अपने पक्षियों को तो बहुत पानी पिलाया होगा किंतु क्या आप जानते हैं कि पृथ्वी पर एक ऐसा भी पक्षी है जो केवल बरसात का ही पानी पीता है किसी और पानी को नहीं पीता। यदि आपको उसका उत्तर पता है तो हमें उसका जवाब कमेंट में दीजिए अन्यथा हमारे इस लेख के माध्यम से आप इसका उत्तर जान सकेंगे आइए जानते हैं वह कौन सा पक्षी है जो केवल बरसात का ही पानी पीता है।

    1. किस देश ने 918 किलो की खिचड़ी के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाया है ?
    जवाब – भारत ने ये रिकॉर्ड बनाया हुआ है।

    2. सबसे बड़ी आँखें किस स्तनधारी प्राणी की होती है ?
    जवाब – हिरण की सबसे बड़ी आँखे होती है।

    3. अमेरिका द्वारा प्रथम परमाणु बम कब गिराया गया था ?
    जवाब – 6 अगस्त, 1945 ई. में गिराया गया था।

    4. विद्युत प्रेस का आविष्कार किसने किया था ?
    जवाब – क्रोम्पटन ने विद्युत प्रेस का आविष्कार किया था।

    5. विजय स्तंभ कहाँ स्थित है ?
    जवाब – चित्तौड़गढ़ में स्तिथ है।

    6. कौन-सा शहर चोल राजाओं की राजधानी था ?
    जवाब – तंजौर का सेहर चोल राजाओ की राजधानी था।

    7. रानी पद्मनी का नाम खिलजी की चित्तौड़ विजय से जोड़ा जाता है रानी पद्मनी किसकी पत्नी थीं ?
    जवाब – राणा रतन सिंह की पत्नी थी महारानी पद्मावती।

    8. एक रुपये का नोट कौन जारी करता है ?
    जवाब – वित्त मंत्रालय जारी करता है।

    9. ऐसा कौन सा पक्षी है जो केवल बरसात का ही पानी पीता है ?
    जवाब – चातक एक ऐसा पक्षी है जो केवल बरसात का ही पानी पीता है।

    10. वह कौन सा देश है जिसने पहली बार फीफा विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया है ?
    नोट:- इस सवाल का उत्तर हमें नीचे कमेंट में अवश्य दें हम आशा करते हैं कि हमारे द्वारा लिखा गया लेख आपके लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगा एवं आप हमारे लेखों से रुचि लेकर पढ़ते हैं आप अपना सहयोग हमारे साथ बनाए रखें धन्यवाद।

  • 1 गाय से 6 एकड़ जमीन कोˈ कर सकते हैं उपजाऊ, गाय के गोबर व गोमूत्र से तैयार हुई अनोखी खादˌ

    1 गाय से 6 एकड़ जमीन कोˈ कर सकते हैं उपजाऊ, गाय के गोबर व गोमूत्र से तैयार हुई अनोखी खादˌ

    1 गाय से 6 एकड़ जमीन कोˈ कर सकते हैं उपजाऊ, गाय के गोबर व गोमूत्र से तैयार हुई अनोखी खादˌ

    उत्तर प्रदेश के हापुड़ में रहने वाले एक व्यक्ति ने देसी गाय के गोबर और मूत्र से जैविक खाद तैयार की है। जिसकी मदद से 35 बीघा यानी छह एकड़ जमीन पर आराम से खेती की जा सकती है। इस फार्मूले की चर्चा खूब की जा रही है और ये जैविक खाद बनाने वाले गुरमीत सिंह (35) को राज्य स्तरीय पुरस्कार भी मिल सकता है। गुरमीत सिंह उत्तर प्रदेश के हापुड़ के रसूलपुर गांव के रहने वाले हैं और एक किसान परिवार से नाता रखते हैं।

    गुरमीत सिंह पांच साल से जैविक खाद से गन्ने की खेती कर रहे हैं। इतना ही नहीं इस खाद का प्रयोग अन्य तैयार की खेती के दौरान भी किया जा रहा है। जिससे की खेती अच्छी हो रही है। इस खाद से ये गेहूं, धान सहित कई सब्जियों को प्रचुर मात्र में पैदा कर रहे हैं।

    रासायनिक मुक्त खाद के बारे में गुरमीत ने बताया कि इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है और इसकी मदद से अच्छी खासी खेती हो सकती है। गुरमीत के अनुसार देसी नस्ल की एक गाय के गोबर और गोमूत्र से 25 एकड़ तक की खेती आसानी से की जा सकती है। एक एकड़ के लिए 10 किलो गोबर और पांच किलो गोमूत्र की जरूरत पड़ती है।

    इस तरह से बनती है खाद

    गोबर और गोमूत्र का मिश्रण बनाने के बाद उसमें तीन किलो गुड़ और दो किलो बेसन मिलाया जाता है। फिर इसे  बरगद के पेड़ के नीचे की दो किलो मिट्टी डालकर 200 लीटर पानी मिलाया जाता है। गर्मियों में इस खाद को तैयार होने में कम समय लगता है और ये महज 15 दिन में तैयार हो जाती है। जबकि सर्दियों में ये खाद बनने में 30 से 40 दिनों का समय लग जाता है। एक बार जब ये बनकर तैयार हो जाती है, तो आप इसका इस्तेमाल आसानी से कर सकते हैं। इसे आप सिंचाई करते हुए पानी की नाली में ही डाल सकते हैं और खाद के मिश्रण को धीरे-धीरे छोड़ा जा सकता है। ऊपर से फसल में कीड़ों से बचाव के लिए नीम, भांग का छिड़काव किया जाता है।

    इस खाद के बारे में अधिक जानकारी देते हुए गुरमीत सिंह ने कहा कि लोग आज दूध न देने वाली गाय को बेसहारा छोड़ देते हैं। ये गलत है। यदि किसान गाय के गोबर और गोमूत्र को एकत्र करके बेचें तो भी मुनाफा कमा सकते हैं। वहीं गुरमीत सिंह द्वारा बनाई गई इस खाद के बारे में जैसे ही लोगों को जानकारी लग रही है। वो इनसे मिलने पहुंच रहे हैं और इस तरह की खाद बनाने की प्रक्रिया का पता कर रहे हैं।

    किसान सुखवीर ने बताया कि गुरमीत असल तरीके से खेती करते हैं। जैविक खाद के इस्तेमाल से न केवल जमीन की उपजाऊ क्षमता बढ़ती। साथ में ही इससे उगने वाली फसल भी सेहतमंद होती है। एक अन्य किसान ने इस खाद के बारे में कहना कि जैविक खाद के इस्तेमाल से रासायनिक खाद का खर्च बचता है।

    लखनऊ में 27 फरवरी को राज्य स्तरीय दो दिवसीय गुड़ महोत्सव का आयोजन होना है। जिले से महोत्सव में शामिल होने के लिए जिले की एकमात्र खांडसारी इकाई का चयन किया गया है। जिसके संचालक गुरमीत सिंह हैं। खांडसारी के निरीक्षक रविंद्र कुमार सिंह ने इस गुड़ महोत्सव के बारे में अधिक जानकारी देते हुए कहा कि ये पहली बार है जब जनपद से किसी गुड़ उत्पादक का नाम राज्य स्तरीय महोत्सव के लिए चुना गया है।

  • लखपति हैं इस गौशाला की 28 गायेंˈ बैंक में है 1-1 लाख की एफडी जाने कैसे अमीर बनीˌ

    लखपति हैं इस गौशाला की 28 गायेंˈ बैंक में है 1-1 लाख की एफडी जाने कैसे अमीर बनीˌ

    आप ने लखपति लोगों के बारे में कई बार देखा और सुना होगा। लेकिन क्या आप कभी लखपति गायों से मिले हैं? राजस्थान (Rajasthan) के झुंझुनू (Jhunjhunu) की एक गोशाला में एक या दो नहीं बल्कि पूरी 28 लखपति गायें हैं। इन सभी गायों के पास एक-एक लाख रूपए की एफडी भी है। तो चलिए इस अनोखी गोशाला और लखपति गायों के बारे में थोड़ा और विस्तार से जानते हैं।

    लखपति है इस गौशाला की गायें

    लखपति हैं इस गौशाला की 28 गायेंˈ बैंक में है 1-1 लाख की एफडी जाने कैसे अमीर बनीˌ

    गुढ़ागौड़जी के भोड़की गांव में बनी श्री जमवाय ज्योति गौशाला इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। यह गौशाला कमेटी अपनी गायों की अच्छे से देखरेख करने के लिए जिस तरह का काम कर रही है, उसकी मिसालें दी जा रही हैं। अब वैसे तो पूरे देश में लोग गौसेवा के नाम पर कई तरह के कार्य कर रहे हैं। लेकिन यहां गौवंश के संरक्षण के लिए एक अलग ही परंपरा शुरू हुई है।

    इस गौशाला में भक्त गायों को गोद लेकर उनके नाम की 1 लाख की एफडी करवा रहे हैं। इन गायों का जो बैंक बैलेंस और ब्याज होता है उसी से इनकी देखभाल की जाती है। गांव के पूर्व सरपंच शिवराम सिंह के मुताबिक इस गौशाला में वर्तमान में 983 गायें है, जिनमें से 28 गायों को लोगों ने 1 लाख की एफडी करवा गोद लिया हुआ है।

    अनोखी स्कीम से होती है गौसेवा

    इस गौशाला में गायों की सेवा को लेकर बहुत अच्छे इंतजाम देखने को मिलते हैं। आप अलग-अलग स्कीम के माध्यम से गाय की सेवा कर पुण्य कमा सकते हैं। इन स्कीमों से गौशाला को हर माह करीब 2 लाख रुपए की इनकम होती है। इसका अधिकतर पैसा गायों की देखकरेख में ही खर्च होता है।

    इस गौशाला की शुरुआत दो बीघा जमीन से हुई थी। अब ये 60 बीघा से अधिक हो गई है। यहां 18 से 20 लोग गायों की देखरेख के लिए काम करते हैं। बढ़ती गायों की संख्या देख यहां पशु अस्पताल का निर्माण कार्य भी चल रहा है। इस गौशाला से रोज लगभग 100 लीटर दूध निकलता है। इसका घी भी बनाया जाता है।

    गौशाला परिसर के अंदर जैविक खाद निर्माण का प्लांट भी बना है। इसमें केंचुए की खाद बनाई जाती है। ये रासायनिक खाद की तुलना में फसलों के लिए अधिक लाभकारी होती है। गायों को गोद लेने की ये अनोखी परंपरा गौ संरक्षण और अन्य गौशालाओ के लिए प्रेरणा हैं। इससे और भी कई गायों की जिंदगी सुधर सकती है।

  • एक सप्ताह में कितनी शराब पीनी चाहिएˈ एक्सपर्ट ने बताई लिमिट, क्लिक करके जाने पूरी खबरˌ

    एक सप्ताह में कितनी शराब पीनी चाहिएˈ एक्सपर्ट ने बताई लिमिट, क्लिक करके जाने पूरी खबरˌ

    एक सप्ताह में कितनी शराब पीनी चाहिएˈ एक्सपर्ट ने बताई लिमिट, क्लिक करके जाने पूरी खबरˌ

    सुरक्षित और कम मात्रा में शराब पीने से भी कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के अनुसार, यूरोपीय क्षेत्र में कैंसर के प्रमुख कारणों में अल्कोहल शामिल है। चाहे शराब का सेवन हल्का या मध्यम हो, जैसे प्रति सप्ताह 1.5 लीटर वाइन, 3.5 लीटर बीयर या 450 मिलीलीटर स्पिरिट, ये सभी प्रकार के अल्कोहल कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। 

    डब्ल्यूएचओ ने द लांसेट पब्लिक हेल्थ में बताया कि शराब पीने की कोई सुरक्षित सीमा नहीं है। इसे इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर द्वारा ग्रुप 1 कार्सिनोजेन करार दिया गया है। शराब का सेवन आंत और ब्रेस्ट कैंसर सहित कम से कम सात प्रकार के कैंसर से जुड़ा है, क्योंकि इथेनॉल (अल्कोहल) शरीर में टूटने पर कैंसरकारक विषाक्त पदार्थ पैदा करता है। यह विशेष रूप से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले बढ़ाता है, और यूरोपीय संघ (ईयू) देशों में इसके मामले सबसे अधिक देखे गए हैं। शराब स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है, और इसे सीमित करने की आवश्यकता है।

    वहीं Healthdirect.gov.au के अनुसार, शराब के जोखिम से बचने के लिए (To avoid alcohol exposure) वयस्कों को एक सप्ताह में 10 से अधिक पेय नहीं और एक दिन में चार से अधिक ड्रिंक नहीं लेने चाहिए। एक मानक पेय का साइज 330 मिली बीयर और 30 मिली हार्ड अल्कोहल (व्हिस्की, जिन आदि) और 150 मिली वाइन (रेड और व्हाइट) है।

    अल्कोहल और कैंसर का संबंध-

    डब्ल्यूएचओ के नए बयान के मुताबिक “वर्तमान में उपलब्ध प्रूफ उस सीमा के अस्तित्व का संकेत नहीं दे सकते हैं जिस पर अल्कोहल (Alcohol Consumption Guidelines) के कार्सिनोजेनिक इफेक्ट मानव शरीर में दिखाई देने लगते हैं।” इसके अलावा ऐसा कोई भी अध्ययन नहीं है जिसमें यह पाया गया हो कि कम या मध्यम मात्रा में शराब का सेवन हृदय रोगों में लाभकारी है और टाइप 2 मधुमेह के अलग-अलग मरीजों के लिए शराब के समान स्तर से जुड़े कैंसर के जोखिम को कम करता हो।

    इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (PHFI) के प्रोफेसर, डॉ के श्रीनाथ रेड्डी कहते हैं, “व्यक्ति खुद अपना निर्णय ले सकता है कि क्या वह हेल्दी डाइट (healthy diet) के साथ थोड़ी सी मात्रा में शराब का सेवन कर सकता है? हालांकि इसके सेवन से ब्लड में घुलने वाले अल्कोहल से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों (The risks of drinking too much) के बारे में उसे पूरी तरह से अवगत होना चाहिए।”

    आगे उन्होंने कहा कि “शराब के सेवन के दुष्प्रभाव (which is better for your stomach wine or beer) कई प्रकार से शरीर के अंगों पर पड़ते हैं। कई जगह पर कैंसर के अलावा, हृदय से संबंधित रोग, लिवर से संबंधित रोग, पैंक्रियाज और तंत्रिका संबंधी और मानसिक स्वास्थय विकार, सड़क यातायात दुर्घटनाएं और हिंसा के अन्य रूप भी शराब से जुड़े हैं। शराब की थोड़ी मात्रा भी न्यूरोनल ट्रांसमिशन को प्रभावित करके मस्तिष्क के कार्य को बाधित कर सकती है। कुछ प्रभाव अस्थायी होते हैं लेकिन कई लंबे समय तक चलने वाले नुकसान का कारण बनते हैं।”

    शराब पीने से बढ़ सकता है इन बीमारियों का खतरा-

    डॉ. रेड्डी के अनुसार, भारत में शराब के प्रभाव अनेक कारकों पर निर्भर करते हैं, जैसे पिए जाने वाले पदार्थ का प्रकार और मात्रा। मेडिटेरेनियन डाइट में कुछ सकारात्मक प्रभाव होते हैं, जो शराब के हानिकारक प्रभावों का सामना करते हैं। हालांकि, भारत में किए गए शोध से पता चला है कि शराब हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद नहीं है (Alcohol is not beneficial for heart health)। शराब के सेवन से बढ़े हुए रक्तचाप और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ता है, जो चिंताजनक है। इसके अलावा, शराब का सेवन गंभीर कार्डियक अरेस्ट से भी संबंधित है। शराब में उच्च कैलोरी होती है, जो मोटापे का कारण बन सकती है। युवाओं में दुर्घटनाओं से होने वाली मौतें भी एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बन चुकी हैं।

    शराब पीने से शरीर को लाभ मिलता है?

    प्रोफेसर मोनिका अरोड़ा, जो PHFI की रिसर्च और हेल्थ प्रमोशन की वाइस प्रेसीडेंट हैं, ने बताया कि भारत ने नैशनल एनसीडी (गैर-संचारी रोग) योजना को अपनाया है। इस योजना के तहत भारत ने शराब की खपत में 2025 तक 10 प्रतिशत की कमी का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही, कन्सल्टन्ट डायबेटोलॉजिस्ट (Consultant Diabetologist) डॉ आरएम अंजना ने सलाह दी कि यदि किसी ने शराब पीना शुरू नहीं किया है, तो इसे शुरू करने का कोई प्रयास न करें क्योंकि इससे कोई अतिरिक्त लाभ नहीं होगा। साथ ही, यदि आप पहले से शराब का सेवन कर रहे हैं, तो इसे सीमित करने की आवश्यकता है। यह स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं जो समाज में जागरूकता बढ़ाने में मदद करेंगे।