Author: me.sumitji@gmail.com

  • पत्नी या गर्लफ्रेंड… किसे संभालना ज़्यादा मुश्किलˈ है? मर्दों, जवाब दो….ˌ

    पत्नी या गर्लफ्रेंड… किसे संभालना ज़्यादा मुश्किलˈ है? मर्दों, जवाब दो….ˌ

    पत्नी या गर्लफ्रेंड… किसे संभालना ज़्यादा मुश्किलˈ है? मर्दों, जवाब दो….ˌ

    रिलेशनशिप टिप्स: इंसान की ज़िंदगी में रिश्तों का बहुत महत्व होता है। खासकर जब बात प्यार के रिश्ते की हो, तो ये इंसान की ज़िंदगी को पूरी तरह से बदल देते हैं। आमतौर पर हर किसी की ज़िंदगी में इन्हीं दो अहम किरदारों की सबसे ज़्यादा चर्चा होती है। गर्लफ्रेंड और पत्नी, इन दोनों ही रिश्तों की अपनी-अपनी चुनौतियाँ और अटूट बंधन होते हैं। तो, दोनों में से किसे निभाना ज़्यादा मुश्किल है? आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

    गर्लफ्रेंड के साथ रिश्ता होने
    का मतलब है कि उससे प्यार करने वाले लड़कों के चेहरे खिल उठेंगे… क्योंकि गर्लफ्रेंड प्यार के नएपन, सपनों, शायरी और उत्साह का प्रतीक होती है। इस रिश्ते में रोमांटिक पलों पर ज़्यादा ज़ोर दिया जाता है। आपको अपनी गर्लफ्रेंड को खुश करने के लिए हमेशा नए-नए प्रयास करने होते हैं। बार-बार छोटे-छोटे तोहफ़े, सरप्राइज़ प्लान, डेट्स—ये सब रिश्ते को मज़बूत बनाते हैं।

    लेकिन इस रिश्ते में संवेदनशीलता बहुत ज़रूरी है। क्योंकि एक प्रेमिका छोटी-सी बात पर भी नाराज़ हो सकती है। अगर आप उसके मैसेज का तुरंत जवाब नहीं देते या छोटी-मोटी गलतियाँ भी कर देते हैं, तो उसे ठेस पहुँचती है। ऐसे में आपको धैर्य रखना होगा। इतना ही नहीं, उसे अपने शब्दों से सुरक्षा देना भी ज़रूरी है। अगर आप उसे यह एहसास नहीं दिला पाएँगे कि “तुम मेरे लिए महत्वपूर्ण हो”, तो रिश्ता आसानी से खत्म हो जाएगा। एक प्रेमिका के लिए, रिश्ते में प्यार और भावनाओं पर ज़ोर होता है। लेकिन यह रिश्ता ज़िंदगी भर का होगा या नहीं, यह तो भविष्य ही तय करता है।

    पत्नी का रिश्ता
    प्रेमिका से बिल्कुल अलग होता है। शादी के बाद, यह सिर्फ़ प्यार का रिश्ता नहीं, बल्कि ज़िंदगी भर का साथ और ज़िम्मेदारियों का संगम होता है। यहाँ सिर्फ़ दो लोगों के फ़ैसले ही नहीं, बल्कि दो परिवारों के फ़ैसले भी अहम होते हैं।

    शादी के बाद अपनी पत्नी का ख्याल रखने का मतलब सिर्फ़ उसकी भावनाओं को समझना ही नहीं, बल्कि घर की ज़रूरतों, पारिवारिक समस्याओं, आर्थिक ज़िम्मेदारियों, हर चीज़ में उसका साथ देना भी है। इस रिश्ते में आपसी विश्वास बहुत ज़रूरी है। इसके साथ ही रोज़मर्रा की मुश्किलों, आर्थिक तनाव और पारिवारिक उलझनों के बावजूद एक-दूसरे का साथ देना शादी को मज़बूत बनाता है। अपनी पत्नी को भावनात्मक सहारा देना भी बहुत ज़रूरी है। उसकी बात सुनना, उसे अपने फैसलों में शामिल करना और उसकी भावनाओं का सम्मान करना; ये सभी बातें दोनों के बीच के रिश्ते को मज़बूत बनाती हैं। अपनी पत्नी के साथ रिश्ता सिर्फ़ प्यार का नहीं होता, यह अंत तक विश्वास और संतुलन पर टिका होता है।

    इन दोनों रिश्तों में से कौन सा रिश्ता निभाना ज़्यादा मुश्किल है…?
    एक तरफ़, प्रेमिका के रिश्ते में प्यार का नयापन, रोमांच और आश्चर्य अहम होते हैं, वहीं जब वही प्रेमिका पत्नी बन जाती है, तो ज़िम्मेदारी, सहनशीलता और विश्वास अहम हो जाते हैं। दोनों रिश्तों की प्रकृति अलग-अलग होती है, और दोनों को निभाना आसान नहीं होता। लेकिन दोनों को निभाने के लिए यही रास्ता अपनाना होगा। यानी प्रेमिका के साथ रिश्ता भावना और प्यार से निभाया जाए, और पत्नी के साथ रिश्ता ज़िम्मेदारी, विश्वास और जीवन में संतुलन के साथ निभाया जाए।

    अंततः, क्या अधिक कठिन है यह व्यक्ति की जीवनशैली, मानसिकता और मूल्यों पर निर्भर करता है। लेकिन विश्वास और संवाद दोनों ही रिश्तों की जीवनरेखा हैं। खुला संवाद और आपसी समझ किसी भी रिश्ते को सफल बना सकते हैं।

  • खुल गया राज: इसलिए कुल्फी वाला बर्फˈ में मिलाता है नमक, जानकार नहीं होगा यकीनˌ

    खुल गया राज: इसलिए कुल्फी वाला बर्फˈ में मिलाता है नमक, जानकार नहीं होगा यकीनˌ

    खुल गया राज: इसलिए कुल्फी वाला बर्फˈ में मिलाता है नमक, जानकार नहीं होगा यकीनˌ

    गर्मी का मौसम आ गया है। खासकर अब दोपहर में बहुत ज्यादा गर्मी लगने लगी है। जैसे जैसे गर्मी पास आते जाती है हमारी ठंडी चीजें खाने की इच्छाएं भी प्रबल होती जाती है। ठंड में कुल्फी खाने का शौक हर किसी को होता है। बाजार जाने में आलसी आए तो गली मोहल्लों में कुल्फी बेचने वाले आ जाते हैं। जैसे ही मोहल्ले में घंटी की आवाज सुनाई देती है हम तुरंत समझ जाते हैं कि कुल्फी वाला आ गया है।

    कुल्फी वाले के पास एक ठेला रहता है। इसमें बर्फ के अंदर वह अपनी सभी कुल्फियां रखता है। ताज्जुब की बात ये होती है कि भीषण गर्मी में घूमने के बावजूद उसकी कुल्फी पिघलती नहीं है। ऐसा इसलिए होता है कि वह कुल्फी को बर्फ के एक बॉक्स में रखता है। अब कायदे से यह बर्फ भी जल्दी पिघल जानी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं होता क्योंकि वह बर्फ में नमक मिला देता है।

    अब आप में से बहुत से लोग सोच रहे होंगे कि बर्फ और नमक का आपस में क्या लॉजिक है? तो चलिए इसके पीछे का विज्ञान ही विस्तार से जान लेते हैं। बर्फ और नमक का कान्सेप्ट समझने के पहले आपको हिमांक (Freezing point), क्वथनांक (Boiling point) और हिमांक में अवनमन (Deprression in freezing point) समझना होगा। आप में से बहुत से लोग स्कूल की विज्ञान क्लास में ये चीजें पढ़ भी चुके हैं। यदि भूल गए हैं तो अब याद दिला देते हैं।

    हिमांक (Freezing) वह तापमान होता है जिस पर कोई द्रव पदार्थ ठोस अवस्था में बदलता है। उदाहरण के लिए पानी का हिमांक 0 डिग्री सेंटीग्रेड है। इस तापमान पर पानी जमकर बर्फ बन जाता है। वहीं क्वथनांक (Boiling point) वह तापमान होता है जिस पर कोई द्रव उबलता है। जैसे पानी का क्वथनांक 100 डिग्री सेंटीग्रेड है। इस तापमान पर वह उबलने लगता है।

    हिमांक में अवनमन (Depression in freezing point) का मतलब है जब किसी पदार्थ में कोई अवाष्पशील पदार्थ (जो भाप बनकर नहीं उड़ सकते, Nonvolatile) मिलाया जाता है तो उस पदार्थ का वाष्प दाब (vapour pressure) कम हो जाता है। इसके साथ ही हिमांक भी कम होता है। वहीं क्वथनांक बढ़ जाता है।

    अब इसे आसान शब्दों में समझाए तो बर्फ में नमक मिलाने से उसका क्वथनांक बढ़ जाता है, जिसके चलते वह जल्दी पिघलती नहीं है। इसलिए जब कुल्फी वाला बर्फ में नामक मिला देता है तो उसे डबल फायदा होता है। उसकी न तो बर्फ पिघलती है और न ही कुल्फी।

    अब दिलचस्प बात ये होती है कि यह विज्ञान खुद कुल्फी वाले को भी नहीं पता होता है कि वह रोजाना बर्फ का कितना क्वथनांक (Boiling point) बढ़ाता है।

  • एक माह तक करें इन तीन चीज़ोˈ का सेवन शरीर ऐसा बनेगा कि लोग पूछने लगेंगेˌ

    एक माह तक करें इन तीन चीज़ोˈ का सेवन शरीर ऐसा बनेगा कि लोग पूछने लगेंगेˌ

    एक माह तक करें इन तीन चीज़ोˈ का सेवन शरीर ऐसा बनेगा कि लोग पूछने लगेंगेˌ

    अधिकतर देखा गया है लोग अपने दुबलेपन की वजह से बहुत ही अलग सा महसूस करते है खुद को और सोचते है खुद को औरो से अलग कर लेते है और मोटे न होने की वजह से ये लोग कई बार मानसिक तौर पर भी खुद को बहुत बीमार कर है। कई लोगो का तो ये मानना है की मोटा होना बहुत ही आसान काम है और पतला होना बहुत मुश्किल लेकिन आपको बता देते है की मोटा होना बहुत मुश्किल काम होता है कई लोग के लिए बहुत कुछ करने के बाद भी मोटे नहीं होते है।

    आइये आज हम आपको कुछ ऐसी चीज़ो के बारे में बताएंगे जिसके सेवन से आप अपने वजन को आसानी से बढ़ा लेंगे और आप भी मोटे हो जाएंगे जितना आप चाहते है

    अंडा

    अंडे की जर्दी में प्रचूर मात्रा में वसा पाया जाता है वसा हमारे शरीर की माशपेशियों के विकास के लिए काफी मदद करता है। एथलीट अपने शरीर की माशपेशियों को मज़बूत बनाये रखने के लिए रोज़ छः अंडे खाते है क्योकि इनके लिए माशपेशियों का मज़बूत होना बहुत जरुरी है। आपको भी अपनी मश्पेशिया मज़बूत करनी है तो आप भी रोज़ कम से कम तीन अंडे रोज़ाना खाये।

    केला और दूध

    केला शरीर के वजन को बढ़ने में बहुत मदद करता है केले के अंदर बहुत सारा कार्बोहैड्रेट पाया जाता है जिसके कारण आपके शरीर को बहुत ऊर्जा प्राप्त होती है। वजन को तेज़ी से बढ़ाने के लिए रोज़ सुबह थोड़ी सी कसरत करके एक गिलास दूध और दो केले खाने चाहिए आपके शरीर का वजन जरूर बढ़ेगा।

    पनीर

    ऐसे बहुत से लोग होंगे जो मॉस और अंडे का सेवन नहीं करते है उन लोगो के लिए पनीर सबसे अच्छा है पनीर को खाने से भी आपका वजन बहुत तेज़ी से बढ़ता है। पनीर में वसा, कैल्शियम और प्रोटीन उपलब्ध होता है पनीर को आप कच्चा खाये ऐसा करने से आपका वजन अधिक तेज़ी से बढ़ेगा।

  • बीड़ी पिलाई, फिर शराब पीने को कियाˈ मजबूर… भूत भगाने के नाम पर युवती के साथ हैरान कर देने वाली हरकतˌ

    बीड़ी पिलाई, फिर शराब पीने को कियाˈ मजबूर… भूत भगाने के नाम पर युवती के साथ हैरान कर देने वाली हरकतˌ

    बीड़ी पिलाई, फिर शराब पीने को कियाˈ मजबूर… भूत भगाने के नाम पर युवती के साथ हैरान कर देने वाली हरकतˌ

    केरल से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां एक युवती को उसके साथी और उसके परिवार वालों ने काला जादू के नाम पर घंटों तक शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी. आरोपियों का दावा था कि युवती पर किसी आत्मा का साया है और उसे निकालने के लिए झाड़-फूंक करना जरूरी है.

    क्या हुआ था?
    पुलिस के अनुसार, आरोपी युवक , उसके पिता और एक तांत्रिक को गिरफ्तार किया गया है. यह घटना पिछले हफ्ते की है. बताया गया कि युवक के परिवार ने तांत्रिक को घर बुलाया और युवती पर काला जादू की रस्म शुरू कर दी. युवती ने बताया कि यह प्रक्रिया सुबह 11 बजे शुरू हुई और देर रात तक चलती रही.

    युवती ने पुलिस को बताया कि रस्म के दौरान उसे बीड़ी पीने और शराब पीने के लिए मजबूर किया गया. उसे सिंदूर मिली राख (भस्म) खिलाई गई और उसके शरीर को जलती धूप से दागा गया. लगातार यातना के कारण युवती की हालत बहुत खराब हो गई और आखिर में वह बेहोश हो गई. जब युवती की तबीयत बिगड़ने लगी तो उसके पिता को शक हुआ. उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने जांच की और तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि युवक की मां, जिसने तांत्रिक को बुलाया था, अभी फरार है.

  • 26 लाख कमाकर भी घर नहीं चलता… जबˈ एक शख्स ने बताई अपनी सैलरी का सच, तो लोग रह गए हैरानˌ

    26 लाख कमाकर भी घर नहीं चलता… जबˈ एक शख्स ने बताई अपनी सैलरी का सच, तो लोग रह गए हैरानˌ

    26 लाख कमाकर भी घर नहीं चलता… जबˈ एक शख्स ने बताई अपनी सैलरी का सच, तो लोग रह गए हैरानˌ

    ज़रा सोचिए, अगर किसी की सैलरी 26 लाख रुपये सालाना हो, तो उसकी ज़िंदगी कितनी शानदार होगी? बड़ी-सी गाड़ी, आलीशान घर, हर वीकेंड पार्टी… यही सब हमारे दिमाग में आता है, है न? लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर एक शख्स की कहानी वायरल हो गई है, जिसने इस सोच को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है।

    इस शख्स ने जब अपनी 26 लाख की सैलरी का हिसाब-किताब लोगों के सामने रखा और अपनी परेशानियां गिनाईं, तो हर कोई हैरान रह गया। उसकी कहानी हम सभी को यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि क्या पैसा सच में सारी खुशियां खरीद सकता है?

    क्या थी उस शख्स की शिकायत?

    उसने बताया कि सुनने में तो 26 लाख का पैकेज बहुत बड़ा लगता है, लेकिन असलियत इससे कोसों दूर है। उसने अपनी महीने की सैलरी का जो ब्रेकडाउन दिया, वो कुछ ऐसा था:

    1. इनकम टैक्स की भारी मार: उसने बताया कि 26 लाख में से लगभग 30% हिस्सा, यानी करीब 6-7 लाख रुपये तो सीधे-सीधे इनकम टैक्स में ही कट जाते हैं।
    2. महंगे शहर का किराया: वह बेंगलुरु जैसे एक बड़े मेट्रो शहर में रहता है, जहाँ एक ठीक-ठाक  2BHK फ्लैट का किराया ही 50,000-60,000  रुपये महीना है।
    3. बच्चों की स्कूल फीस: उसके दो बच्चे हैं, जिनकी अच्छी स्कूलिंग पर हर महीने 30-40 हज़ार रुपये का खर्च आता है।
    4. घर और कार की EMI: उसने घर और गाड़ी लोन पर ले रखी है, जिसकी EMI महीने के 60-70 हज़ार रुपये और ले जाती है।
    5. परिवार की जिम्मेदारियां: इसके अलावा माता-पिता का स्वास्थ्य खर्च, घर के बाकी खर्चे, ग्रोसरी, पेट्रोल और छोटी-मोटी बचत…

    उसने बताया कि महीने के आखिर में उसके हाथ में मुश्किल से कुछ हज़ार रुपये ही बचते हैं। उसे लगता है कि वह सिर्फ एक मशीन बनकर रह गया है, जो कमा तो बहुत रहा है, लेकिन ज़िंदगी को जी नहीं पा रहा।

    यह कहानी उन हज़ारों-लाखों युवाओं की है जो बड़े शहरों में अच्छी सैलरी तो कमा रहे हैं, लेकिन बढ़ते खर्चों, टैक्स और जिम्मेदारियों के बोझ तले दबे हुए हैं। यह हमें सिखाता है कि सिर्फ सैलरी का आंकड़ा ही सब कुछ नहीं होता, असल में आपकी जेब में कितना बचता है और आप उससे कितने खुश हैं, यह ज़्यादा मायने रखता है।

  • आठ सालों से नाक में नहीं आˈ रही थी गंध, डॉक्टर ने अंदर देखा तो उड़ गए होशˌ

    आठ सालों से नाक में नहीं आˈ रही थी गंध, डॉक्टर ने अंदर देखा तो उड़ गए होशˌ

    आठ सालों से नाक में नहीं आˈ रही थी गंध, डॉक्टर ने अंदर देखा तो उड़ गए होशˌ

    ये दुनिया बहुत बड़ी है और इसमें आए दिन अजीब अजीब घटनाएं भी होती रहती है। अब 15 साल के इस बच्चे को ही ले लीजिए। इस बच्चे को पिछले 8 सालों से कोई गंध नहीं आती थी। हाल ही में इसकी नाक से बदबूदार तरल पदार्थ बहने लगा। ऐसे में जब इसके पेरेंट्स से डॉक्टर के पास रह गए तो बेटे की नाक की तकलीफ का कारण जान हैरान रह गए। दरअसल डाक्टरों ने पाया कि इस बच्चे की नाक में बंदूक की एक गोली फंसी हुई है। हैरत की बात तो ये थी ये यह गोली बच्चे की नाक में पिछले 8 सालों से थी। बच्चे या पेरेंट्स को इसकि जानकारी तक नहीं थी।

    एक बच्चे की नाक में आठ साल तक गोली फंसे रहने की बात नामुमकिन सी लगती है, लेकिन ये मामला JAMA ओटोलैरिंजोलॉजी-हेड एंड नेक सर्जरी जर्नल में पब्लिश हुआ है। इसमें छपी खबर के मुताबिक बच्चे की नाक में बंदूक की गोली 8 सालों तक रही। इसकी वजह से उसे कोई गंध भी नहीं आती थी। हाल ही में नाक में फंसी गोली के चलते उसकी नाक से बदबूदार तरल पदार्थ बाहर बहने लगा था।

    जब बच्चा अपनी परेशानी लेकर पहली बार डॉक्टर पास पहुंचा तो उन्होंने बच्चे की नाक में टयूब कैमरा लगाकर जांच शुरू की। उन्होंने पाया कि नाक में कुछ तो समस्या है। इसे टरबिनेट हाइपरट्रॉफी (Terbinate Hypertrophy) कहा जाता है जिसमें नाक सूज जाती है। इसके बाद डॉक्टरों ने जब बच्चे का सीटी स्कैन किया तो नाक की कैविटी में 9mm की गोलाकार सरंचना दिखाई दी। इसे नाक की सर्जरी कर बाहर निकाल गया।

    बच्चे के घरवालों ने बताया कि जब उनका बेटा 8 या 9 साल का था तब उसे बंदूक की गोली लगी थी। तब ऐसे कोई लक्षण दिखे नहीं थे तो हमने किसी डॉक्टर को नहीं दिखाया था। हालांकि अब गोली फंसे होने के कारण कई लक्षण दिख रहे हैं। वैसे नाक के बीच गोली को खोजना डाक्टरों के लिए भी बहुत मुश्किल था। गोली के ऊपर नए टिश्यू पूरी तरह घेरा बना चुके थे। ऐसे में डॉक्टर को इन हेल्दी दिखने वाले टिश्यू को ऑपेरशन के जरिए हटाना पड़ा और तब जाकर उन्हें गोली की सही लोकैशन पता चली। इसके बाद उन्होंने बच्चे की नाक से गोली बाहर निकाल दी।

    यह पूरा मामला बहुत चौंकाने वाला है। ऐसा कम ही सुनने को मिलता है कि किसी के शरीर में बंदूक की गोली है और उसे कई सालों तक इसकि भनक तक नहीं है।

  • परफ्यूम लगाते हैं शरीर के हर हिस्सेˈ पर? इन 4 जगहों पर लगाने से हो सकती है स्किन की बड़ी परेशानीˌ

    परफ्यूम लगाते हैं शरीर के हर हिस्सेˈ पर? इन 4 जगहों पर लगाने से हो सकती है स्किन की बड़ी परेशानीˌ

    परफ्यूम लगाते हैं शरीर के हर हिस्सेˈ पर? इन 4 जगहों पर लगाने से हो सकती है स्किन की बड़ी परेशानीˌ
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    परफ्यूम का उपयोग हर कोई अपनी पर्सनल ग्रूमिंग का हिस्सा मानता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि परफ्यूम को शरीर के हर हिस्से पर लगाना सुरक्षित नहीं होता? गलत जगहों पर परफ्यूम लगाने से त्वचा में जलन, एलर्जी और कभी-कभी गंभीर संक्रमण तक हो सकते हैं। यह लेख आपको बताएगा कि किन स्थानों पर परफ्यूम लगाना खतरनाक हो सकता है और किन जगहों पर इसके इस्तेमाल से खुशबू लंबे समय तक बनी रहती है।

    अंडरआर्म्स (बगल) में परफ्यूम लगाने से क्यों बचें?

    अंडरआर्म्स की त्वचा बेहद नाजुक और संवेदनशील होती है। यहां की पसीने की ग्रंथियां अत्यधिक सक्रिय रहती हैं और अगर इस क्षेत्र में परफ्यूम लगाया जाए, तो वहां केमिकल्स से रैशेज, खुजली और जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यह प्रभाव और भी तीव्र हो जाता है यदि आपने हाल ही में शेविंग की हो।

    चेहरे और आंखों के पास परफ्यूम का खतरा

    परफ्यूम में मौजूद अल्कोहल और सुगंधित तत्व अगर आंखों या चेहरे की त्वचा के संपर्क में आते हैं तो इससे जलन, सूजन और एलर्जी हो सकती है। आंखों के पास की त्वचा बेहद पतली होती है, इसलिए यहां परफ्यूम लगाना बिल्कुल भी उचित नहीं है।

    प्राइवेट पार्ट्स में परफ्यूम? बिल्कुल नहीं!

    इन क्षेत्रों की त्वचा अत्यधिक संवेदनशील होती है और यहां परफ्यूम लगाने से जलन, खुजली और इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। किसी भी प्रकार के सुगंधित उत्पाद का प्रयोग इन हिस्सों पर डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए।

    बालों और स्कैल्प पर परफ्यूम लगाने का दुष्प्रभाव

    परफ्यूम में मौजूद अल्कोहल बालों को रूखा बना सकता है और लंबे समय तक उपयोग करने से बालों का झड़ना बढ़ सकता है। स्कैल्प पर परफ्यूम लगाना डैंड्रफ और खुजली जैसी समस्याओं को जन्म दे सकता है।

    नाभि और पेट के आसपास परफ्यूम का इस्तेमाल न करें

    यह क्षेत्र भी संवेदनशील होता है और यहां परफ्यूम लगाने से एलर्जी या जलन हो सकती है। विशेष रूप से अगर आपकी त्वचा ड्राई या संवेदनशील है, तो यह समस्या और अधिक बढ़ सकती है।

    परफ्यूम लगाने के उपयुक्त स्थान कौन से हैं?

    अगर आप चाहते हैं कि आपकी खुशबू पूरे दिन बनी रहे और साथ ही आपकी त्वचा भी सुरक्षित रहे, तो परफ्यूम को पल्स पॉइंट्स पर लगाना चाहिए। इन क्षेत्रों में शरीर की गर्मी अधिक होती है, जिससे परफ्यूम की सुगंध लंबे समय तक बनी रहती है। इन स्थानों में शामिल हैं:

    • कलाई
    • गर्दन के दोनों ओर
    • कान के पीछे
    • कोहनी के अंदरुनी भाग
    • घुटनों के पीछे

    इन जगहों पर परफ्यूम लगाने से न केवल खुशबू बेहतर फैलेगी, बल्कि इसकी टिकाऊपन भी बढ़ेगी।

    परफ्यूम का सही तरीके से इस्तेमाल कैसे करें?

    परफ्यूम लगाने से पहले त्वचा को मॉइस्चराइज़ करें, इससे खुशबू अधिक समय तक बनी रहती है और त्वचा की जलन से भी बचा जा सकता है। नया परफ्यूम इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट ज़रूर करें, ताकि एलर्जी की संभावना को परखा जा सके।

    कपड़ों पर सीधे स्प्रे न करें, इससे दाग पड़ सकते हैं और कपड़े खराब हो सकते हैं। साथ ही, कलाई रगड़ने की आदत छोड़ें, क्योंकि इससे परफ्यूम की टॉप नोट्स जल्दी उड़ जाती हैं और खुशबू कम हो जाती है।

  • पत्नी के गर्भ में था बच्चा, प्रेमीˈ बन गया पापा, पति ने ले लिया ऐसा फैसलाˌ

    पत्नी के गर्भ में था बच्चा, प्रेमीˈ बन गया पापा, पति ने ले लिया ऐसा फैसलाˌ

    पत्नी के गर्भ में था बच्चा, प्रेमीˈ बन गया पापा, पति ने ले लिया ऐसा फैसलाˌ

    सोशल मीडिया की दुनिया में कभी-कभी ऐसी सच्ची कहानियां उभरकर सामने आती हैं जो सालों बाद भी लोगों के दिलो-दिमाग पर छाप छोड़ जाती हैं. क्वोरा (Quora) प्लेटफॉर्म पर एक पुरानी पोस्ट इन दिनों फिर से सुर्खियां बटोर रही है. ये घटना लगभग पांच साल पुरानी है, लेकिन आज भी लोग इसे पढ़कर स्तब्ध हैं, भावुक हैं और अपनी राय दे रहे हैं.

    कहानी है शादी में मिले विश्वासघात की, धैर्य की, बदले की और एक ऐसे फैसले की जो सामान्य नहीं था. इस कहानी में शख्स अपनी बीवी के प्रेग्नेंट होने पर खुश था. लेकिन उसकी ख़ुशी ज्यादा समय के लिए नहीं थी. दरअसल, पत्नी के पेट में उसके प्रेमी का बच्चा था. पति और पत्नी में अनबन थी लेकिन पति इस रिश्ते को बचाना चाहता था. लेकिन जब उसे बच्चे का पता चला तो वो टूट गया. उसने लोगों से इस बारे में राय मांगी थी. लेकिन अब जाकर उसने बताया कि आखिर ऐसी स्थिति में उसने क्या फैसला लिया था?

    टूट गया था दिल
    शख्स की शादी नॉर्मल थी. पति और पत्नी में झगड़े होते थे लेकिन ऐसा तो हर रिश्ते में होता है. पोस्ट करने वाले शख्स (नाम गोपनीय) की शादी को कई वर्ष हो चुके थे. पत्नी के साथ रिश्ता सामान्य चल रहा था, जब अचानक पत्नी ने खुशखबरी सुनाई कि वो गर्भवती है. पति ने खुशी मनाई और परिवार की कल्पना करने लगा. लेकिन कुछ समय बाद सच्चाई सामने आई जो दिल तोड़ने वाली थी. बच्चे का पिता वो नहीं था, बल्कि पत्नी का प्रेमी था. एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर कई महीनों से चल रहा था. प्रेमी कोई ऑफिस सहकर्मी या पुराना दोस्त था. इसका खुलासा खुद पत्नी ने किया था. प्रेमी बच्चे की जिंदगी का हिस्सा बना चाहता था. ऐसे में पति को समझ ही नहीं आया कि उसे क्या करना चाहिए.

    लिया ऐसा फैसला
    इस खबर के बाद पति को सदमा लगा. क्रोध, दर्द, अपमान– सब एक साथ महसूस कर रहा था. लेकिन उसने कोई हिंसा या जल्दबाजी नहीं दिखाई. उसने धैर्य रखा और फैसला किया कि बच्चे को सुरक्षित जन्म होने देगा. पूरे नौ महीने उसने पत्नी की देखरेख की, डॉक्टर अपॉइंटमेंट्स, पोषण, अस्पताल, सब संभाला. डिलीवरी हुई, बच्चा स्वस्थ पैदा हुआ. अब आता है चौंकाने वाला मोड़! जन्म के ठीक बाद पति ने तलाक की प्रक्रिया शुरू कर दी. पत्नी से साफ कहा – “यह बच्चा तुम्हारा और तुम्हारे प्रेमी का है, मैं इसकी जिम्मेदारी नहीं लूंगा.” प्रेमी को बुलाया, सभी सबूत (मैसेज, फोटो, कबूलनामा) दिखाए और बच्चे की कस्टडी उसे सौंप दी. कोर्ट में तलाक लिया, कोई संपत्ति या लड़ाई नहीं. बस चुपचाप अपनी राह चला गया. अब पांच साल बाद शख्स अपनी प्रेमिका, दो बेटियों के साथ अपने घर में खुश है. उसने लोगों से ही उसे स्पोर्ट करने के लिए थैंक्स कहा. ये स्टोरी लोगों को प्रेरणा दे रही है.

  • मेरा पति नपुंसक है, मुझे 90 लाख का गुजारा भत्ताˈ चाहिए… हाईकोर्ट ने पूछा- सबूत कहाँ है?ˌ

    मेरा पति नपुंसक है, मुझे 90 लाख का गुजारा भत्ताˈ चाहिए… हाईकोर्ट ने पूछा- सबूत कहाँ है?ˌ

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    पति-पत्नी के बीच विवाद के मामले अक्सर कोर्ट तक पहुँचते हैं, लेकिन तेलंगाना हाईकोर्ट में हाल ही में एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया, जिसने सबको हैरान कर दिया। एक पत्नी ने अपने पति पर ‘नपुंसक’ होने का गंभीर आरोप लगाया और इसके बदले में गुजारा भत्ता के तौर पर 90 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम की मांग कर डाली।

    लेकिन जब यह मामला कोर्ट में पहुँचा, तो एक सवाल ने पूरी बाजी ही पलट दी।

    क्या था पूरा मामला?

    दरअसल, एक महिला ने अपने पति से तलाक के लिए अर्जी दी थी। उसने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि उसका पति नपुंसक है, जिसके कारण उनकी शादीशुदा ज़िंदगी ठीक नहीं चल रही है। इसी आरोप को आधार बनाते हुए महिला ने अपने और अपने बच्चे के भविष्य के लिए पति से 90 लाख रुपये के गुजारा भत्ते (Alimony) की मांग की।

    मामला फैमिली कोर्ट से होते हुए तेलंगाना हाईकोर्ट तक पहुँचा। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुना।

    सबूतों के अभाव में कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

    सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने महिला से उसके आरोप को साबित करने के लिए सबूत पेश करने को कहा। कोर्ट ने साफ-साफ पूछा कि क्या आपके पास कोई मेडिकल रिपोर्ट या कोई और ठोस सबूत है, जिससे यह साबित हो सके कि आपका पति सच में नपुंसक है?

    इस पर पत्नी कोई भी मेडिकल सबूत या ठोस प्रमाण कोर्ट के सामने पेश नहीं कर पाई।

    इसी को आधार बनाते हुए तेलंगाना हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ कह देने से कोई आरोप साबित नहीं हो जाता। नपुंसकता जैसा गंभीर आरोप लगाने के लिए आपके पास मज़बूत सबूत होने चाहिए। बिना किसी प्रूफ के, कोर्ट ऐसे आरोपों को सही नहीं मान सकता।

    नतीजतन, कोर्ट ने पत्नी की 90 लाख रुपये के गुजारे भत्ते की मांग को खारिज कर दिया और कहा कि निराधार आरोपों के आधार पर इतनी बड़ी रकम नहीं दी जा सकती।

  • मकान मालकिन घर पर अकेली…किरायेदारों ने खेलाˈ जानलेवा खेल, पति का आया कॅाल, मच गई चीख पुकारˌ

    मकान मालकिन घर पर अकेली…किरायेदारों ने खेलाˈ जानलेवा खेल, पति का आया कॅाल, मच गई चीख पुकारˌ

    मकान मालकिन घर पर अकेली…किरायेदारों ने खेलाˈ जानलेवा खेल, पति का आया कॅाल, मच गई चीख पुकारˌ

    मामले में एक दंपति को उनकी मकान मालकिन की हत्या और सोने का मंगलसूत्र चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. घटना उत्ताराहल्ली इलाके से सामने आई, जहां पीड़िता श्रीलक्ष्मी मंगलवार को न्यू मिलेनियम स्कूल रोड स्थित अपने निवास में मृत पाई गईं. वह हॉल में पड़ी मिलीं और उनके गले, होंठ और चेहरे पर चोटें थीं.

    साथ हीं, उनका सोने का मंगलसूत्र गायब था. रिपोर्ट के अनुसार, सबसे पहले उनके पति ने उनका शरीर देखा, जो कॉटनपेट में एक अगरबत्ती की दुकान में काम करते हैं. उन्होंने कई बार फोन करने के बावजूद जब पत्नी से संपर्क नहीं हो सका, तब शाम को घर पहुंचकर यह भयानक दृश्य देखा.

    पूछताछ में दंपति ने आरोप कबूला

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की और जल्द ही किरायेदारों, प्रसाद श्रीशैल माकाई और उनकी पत्नी साक्षी हनुमंत होड्डुर को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में दंपति ने हत्या और गहने लेकर भागने की बात कबूल की. मामले की जांच अभी जारी है. एक अन्य मामले में, बेंगलुरु पुलिस ने 32 साल के वासुदेव आर को गिरफ्तार किया. उस पर आरोप है कि उसने इंस्टाग्राम पर लोगों को व्यक्तिगत समस्याओं का तुरंत हल देने का झांसा देकर 24 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी की.

    वासुदेव बेंगलुरु के यशवंतपुर का रहने वाला है और सुनकदकट्टे के श्रीनिवास नगर में रह रहा था. गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके पास से चार मोबाइल फोन और 20,300 रुपये नकद जब्त किए, जिनकी कुल कीमत लगभग 1,60,300 रुपये है. आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.इन घटनाओं ने बेंगलुरु में सुरक्षा और धोखाधड़ी की चिंताओं को फिर से उजागर किया है, जबकि पुलिस मामले की गहन जांच में लगी हुई है.