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  • सांप के बिल से लेकर तोता तकˈ अच्छे भाग्य और बेशुमार दौलत का संकेत देते हैं ये 7 सपनेˌ

    सांप के बिल से लेकर तोता तकˈ अच्छे भाग्य और बेशुमार दौलत का संकेत देते हैं ये 7 सपनेˌ

    सपने सभी को आते हैं। हर कोई इन्हें बंद आँखों से देखता है। ये सपने अच्छे, बुरे या डरावने हो सकते हैं। जब भी हमे कोई सपना आता है तो मन में विचार जरूर आता है कि आखिर इस सपने का क्या मतलब है। कहीं ये सपना हमे किसी बात का संकेत तो नहीं दे रहा है। स्वप्न शास्त्र की माने तो सपने में कुछ खास चीजों का दिखना अच्छी या बुरी किस्मत का संकेत होता है। आज हम आपको उन चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें सपने में देखने का मतलब है आपको भाग्य और पैसा मिलने वाला है।

    सांप के बिल से लेकर तोता तकˈ अच्छे भाग्य और बेशुमार दौलत का संकेत देते हैं ये 7 सपनेˌ

    तोता

    स्वप्न शास्त्र की माने तो सपने में तोता दिखना काफी शुभ माना जाता है। यदि ये सपने में दिख गया तो समझ जाइए कि आपके करियर में उछाल आने वाला है। आपको नौकरी में प्रमोशन मिलने वाला है। आपको बीजनेस में बड़ा मुनाफा होने वाला है। आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आने वाली है।

    जलता हुआ दीपक

    दीपक को हिंदू धर्म में काफी शुभ और पवित्र चीज माना जाता है। किसी भी देवी या देवता को प्रसन्न करने के लिए हम इसे प्रज्वलित करते हैं। यह घर में पॉजिटिव एनर्जी भी बढ़ाता है। सपने में दीपक देखना काफी शुभ माना जाता है। इसे देखने का मतलब है कि आपको जल्द कोई बड़ा धन लाभ होने वाला है।

    सांप का बिल

    सपने में सांप का बिल देखना भी शुभ संकेत होता है। सांप को शिवजी से जोड़ा जाता है। इसे सपने में देखने का अर्थ है कि आपको जल्द कोई बड़ा धन लाभ होने वाला है। आपको उधार का पैसा मिल जाएगा। पैसा निवेश करने पर लाभ होगा। रिश्तेदारों से पैसों की प्राप्ति होगी। घर बैठे पैसा मिलेगा।

    गुलाब का फूल

    सपने में गुलाब का फूल दिखाई देना भी शुभ माना जाता है। गुलाब के फूल को मां लक्ष्मी से जोड़कर देखा जाता है। लाल रंग का गुलाब मां लक्ष्मी का प्रिय होता है। इसे सपने में देखने का अर्थ है कि मां लक्ष्मी की कृपा आपके ऊपर बरसने वाली है। आपके घर खुशियों की बहार आने वाली है।

    फल से लदा पेड़

    सपने में यदि आप फल से भरा हुआ पेड़ देख लें तो ये भी बड़ा शुभ माना जाता है। इस सपने का अर्थ है कि आपको जल्द धन की बड़ी प्राप्ति होने वाली है। आपका अटका हुआ पैसा वापस मिलने वाला है। बिगड़े हुए काम बनने वाले हैं। घर में पैसों की आवक बढ़ने वाली है।

    गोल्ड

    सपने में सोना यानि गोल्ड देखने भी शुभ माना जाता है। इसका मतलब है कि आपके ऊपर मां लक्ष्मी की कृपा आने वाली है। आप जल्द अमीर बनने वाले हैं। आपकी तिजोरी धन से भरने वाली है। आपको घर बैठे कहीं से बड़े धन की प्राप्ति होने वाली है।

    देवी देवता

    सपने में देवी-देवताओं को देखना अत्यंत शुभ होयता है। इसका मतलब है कि आपको जल्द कोई बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है। आपको भविष्य में बड़े धन की प्राप्ति होने वाली है। आपकी लाइफ में सुख बढ़ने वाला है। भगवान का आशीर्वाद आपके ऊपर रहने वाला है। सभी काम अच्छे से होने वाले हैं।

  • जिंदगी प्यारी है तो आज ही छोड़ˈ दे गेहूं की रोटी वरना हो जाएंगे इन बीमारियों के शिकारˌ

    जिंदगी प्यारी है तो आज ही छोड़ˈ दे गेहूं की रोटी वरना हो जाएंगे इन बीमारियों के शिकारˌ

    जिंदगी प्यारी है तो आज ही छोड़ˈ दे गेहूं की रोटी वरना हो जाएंगे इन बीमारियों के शिकारˌ

    उत्तर भारत के ज्यादातर घरों में रोजाना रोटी बनाई और खाई जाती है. जो कि गेहूं की रोटी होती है. वहीं गेहूं की रोटी के जितने फायदे है उतने ही उसके नुकसान है. वहीं उत्तर भारत में रोटी खाने का ज्यादा चलन है.लेकिन रोटी खाना आपके लिए कितना नुकसानदायक है ये आप नहीं जानते होंगे. आइए आपको बताते हैं कि रोजाना गेहूं की रोटी खाना आपके लिए कितना ज्यादा नुकसानदाय साबित हो सकता है.

    रोजाना रोटी खाना

    रोजाना रोटी का सेवन करना ठीक नहीं है. इससे सेहत को कई तरह के नुकसान हो सकता है. रोटी के आटे में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं लेकिन रोजाना इसका सेवन करना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है.
    डायबिटीज

    गेहूं की रोटी में ग्लूटेन पाया जाता है जो कि शरीर में ब्लड शुगर को बढ़ा सकता है जिस वजह से डायबिटीज होने का खतरा बना रहता है. अगर आप लगातार गेहूं की रोटी खाते हैं तो यह सेहत के लिए अच्छा नहीं होता है. मौसम के अनुसार गेहूं की जगह दूसरे आटे से बनी रोटी का सेवन करना चाहिए.
    पाचन तंत्र

    रोजाना गेहूं की रोटी खाने से पाचन क्रिया में दिक्कत आ सकती है. गेहूं में मौजूद ग्लूटेन की वजह से इसे पचाना मुश्किल होता है. रोजाना गेहूं की रोटी खाने से गैस की समस्या हो सकती है.

    वजन बढ़ना

    गेहूं में मौजूद कार्बोहाइड्रेट्स से शरीर में कैलोरी का इनटेक बढ़ा देता है जिस वजह से मोटापे की समस्या आने लगती है. रोजाना गेहूं के आटे का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल की समस्या भी हो सकती है.
    गेहूं की रोटी की जगह ट्राई करें ये रोटी

    गेहूं के आटे की जगह आप रागी, बाजरा, जौ और मक्का के आटे का सेवन कर सकते हैं. मिलेट्स गेहूं के आटे का सबसे बेस्ट रिप्लेसमेंट है.

  • मां का मंगलसूत्र बेचकर पिता के ऑटोˈ का चालान भरने आया बेटा फिर RTO ने जो किया बन गया मिसालˌ

    मां का मंगलसूत्र बेचकर पिता के ऑटोˈ का चालान भरने आया बेटा फिर RTO ने जो किया बन गया मिसालˌ

    मां का मंगलसूत्र बेचकर पिता के ऑटोˈ का चालान भरने आया बेटा फिर RTO ने जो किया बन गया मिसालˌ

    जैसा कि हम लोग जानते हैं दुनिया में हर तरह के इंसान रहते हैं। कुछ अच्छे होते हैं, तो कुछ बुरे भी होते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इंसान के अंदर भगवान और शैतान दोनों ही मौजूद होता है। चाहे इंसान ऊंचा उठकर भगवान बन जाए, चाहे नीचे गिरकर शैतान बन जाए। वैसे तो इस घोर कलयुग में इंसान के शैतान बनने की मिसाल तो भरी पड़ी हुई है। लेकिन आज हम आपको इस लेख के माध्यम से इंसान से भगवान की तरफ बढ़ने की मिसाल बताने जा रहे हैं।

    दरअसल, उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के एआरटीओ आरसी भारती का एक ऐसा मानवीय चेहरा सामने आया है जिसे देख कर उनमें लोग भगवान का रूप देख सकते हैं। जी हां, हल ही में एआरटीओ कार्यालय में कुछ ऐसा हुआ, जिसे, जिसने भी सुना वह द्रवित हो गया और एआरटीओ की प्रशंसा करते हुए नहीं थके।

    पिता जी के ऑटो का हुआ था चलाना

    मिली जानकारी के अनुसार, पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के सिंहपुर ताल्ही गांव में विजय कुमार नाम का युवक रहता है। उसके पिताजी का नाम राजकुमार है, जो ऑटो चलाते हैं। कुछ दिनों पहले ही उनका ARTO ने 24,500 रुपए का चालान काट दिया था। लेकिन राजकुमार के पास इतने पैसे नहीं थे, कि वह चालान की राशि भर पाते। ऐसी स्थिति में उनका बेटा विजय कुमार अपने पिताजी के चालान के पैसे भरने के लिए एआरटीओ कार्यालय पहुंच गया।

    मां का मंगलसूत्र बेचकर बेटा पहुंचा चालान भरने

    आर्थिक रूप से कमजोर युवक के ऑटो चालक पिता का जब 24,500 रुपए का चालान कट गया था, तब उसने अपनी मां का मंगलसूत्र बेच दिया लेकिन इसके बावजूद भी विजय के पास रुपए कम पड़ रहे थे। एआरटीओ कार्यालय में सिंहपुर ताल्ही गांव के विजय पहुंचे तो उन्हें परेशान देख एआरटीओ ने पास बुलाकर परेशानी का कारण पूछने लगे।

    ARTO ने खुद भरा जुर्माना

    विजय कुमार ने पूछने पर यह बताया कि उसके पिता राजकुमार ऑटो चलाते हैं और उन्हें एक आंख से कम नजर आता है। विजय ने यह बताया कि 24,500 रुपए ऑटो का चालान जमा करना है। मां का मंगलसूत्र बेचने के बाद भी सिर्फ ₹13000 ही जमा हो पाए। उसने बताया कि परिवार में 6 बहने हैं। जब विजय की पूरी कहानी एआरटीओ ने सुनी तो उनका दिल पिघल गया और एआरटीओ आरसी भारती ने चालान की राशि खुद अपनी सैलरी से भर दी और पढ़ाई छोड़ चुके युवक को पढ़ाई की पेशकश भी की।

    आपको बता दें कि विजय कुमार ने बताया कि वह मजदूरी करता है। फेल होने के बाद हाई स्कूल की पढ़ाई भी नहीं कर सका। जब एआरटीओ आरसी भारती ने उसकी पूरी कहानी सुनी तो उन्होंने खुद चालान की पूरी रकम स्वयं जमा करने के साथ ही टेंपो का इंश्योरेंस भी कराया। उन्होंने युवक की पढ़ाई का खर्च उठाने की भी पेशकश की। एआरटीओ की दरियादिली देखकर कार्यालय में मौजूद सभी कर्मी एवं अन्य लोगों ने उनकी सराहना की।

    हालांकि, इस मामले में एआरटीओ आरसी भारती ने मीडिया से ज्यादा बातचीत नहीं की, सिर्फ उन्होंने इतना ही कहा है कि मैंने उसकी पीड़ा सुनी और वह मुझे वाजिब लगी। इस वजह से मैंने उसका जुर्माना खुद ही भर दिया है।

  • ‘गैर मर्दों के साथ सो जाओ!’ बीवीˈ नहीं बन पा रही थी मां, तांत्रिक के पास लेकर पहुंचा पति, फिर जो हुआ…ˌ

    ‘गैर मर्दों के साथ सो जाओ!’ बीवीˈ नहीं बन पा रही थी मां, तांत्रिक के पास लेकर पहुंचा पति, फिर जो हुआ…ˌ

    ‘गैर मर्दों के साथ सो जाओ!’ बीवीˈ नहीं बन पा रही थी मां, तांत्रिक के पास लेकर पहुंचा पति, फिर जो हुआ…ˌ

    लगभग हर पति-पत्नी का सपना होता है कि उनके बच्चे हो और खुश परिवार हो, लेकिन इसका मतलब ये नहीं होता कि बच्चे के चक्कर में आप कुछ भी कर बैठो… हैना? लेकिन दुनिया में कई ऐसे लोग हैं जो कई बार अंधविश्वास और अपने फायदे के चक्कर में कुछ भी कर बैठते हैं. इसका जीता-जागता उदाहरण है उत्तर प्रदेश का ये पति जिसने बच्चे की चाह में अपनी पत्नी के साथ कुछ ऐसा घिनौना काम किया, जिसे जान आपके भी सांसे अटक जाएंगी. चलिए आपको बताते हैं कि आखिर ये मामला क्या है.

    मामला उत्तर प्रदेश का है, जहां एक विवाहित महिला पुलिस के पास फरियाद लेकर पहुंची है. महिला का कहना है कि उसकी शादी को डेढ़ साल हो गए है. शादी के कुछ समय तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया और महिला को संतान नहीं हुई, ससुराल वालों का व्यवहार बदलता गया.

    तांत्रिक के पास ले गया पति
    महिला का आरोप है कि डेढ़ साल तक बच्चा न होने पर पति उसका मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करने लगा. वह गालियां देता, पीटता और कई बार जबरन संबंध बनाता. यही नहीं, महिला ने आरोप लगाया कि पति उसे यह कहकर असद नगर स्थित, एक तांत्रिक के पास ले गया कि वहां इलाज से संतान मिलती है.

    नशीली दवा खिलाया, फिर…
    पीड़िता ने बताया कि उसका पति उसे असद नगर में रहने वाले एक तांत्रिक गिरधारी के पास ले गया. वहां पहले से ही उसके पति के जानकार कुछ लोग मौजूद थे. तांत्रिक ने कहा कि संतान प्राप्ति के लिए उसे किसी और पुरुष के साथ संबंध बनाना होगा. इसके बाद उसे एक नशीली दवा दी गई, जिससे वह बेहोश हो गई. जब होश आया, तब उसे एहसास हुआ कि दो अजनबियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया है. जब पीड़िता ने अपने साथ हुई इस आपबीती को सास और ननद को बताया, तो उसे उम्मीद थी कि वे उसकी मदद करेंगी. लेकिन इसके उल्टा सास और ननद ने उसे गालियां दीं, भरोसा नहीं किया और उल्टा पीटकर घर से निकाल दिया.

    मायके वाले पहुंचे पुलिस के पास
    इसके बाद महिला अपने मायके गई और वहां माता-पिता को सब कुछ बताया. फिर उन्होंने थाने जाकर इसकी लिखित शिकायत की. पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर तांत्रिक गिरधारी, उसके पति और अन्य चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है.

  • आंवला और शहद मिला कर खाओ, जड़ˈ से खत्म होंगे ये रोग। जानिए क्यों आंवला और शहद का कॉम्बिनेशन माना जाता है आयुर्वेद में खास

    आंवला और शहद मिला कर खाओ, जड़ˈ से खत्म होंगे ये रोग। जानिए क्यों आंवला और शहद का कॉम्बिनेशन माना जाता है आयुर्वेद में खास

    आंवला और शहद मिला कर खाओ, जड़ˈ से खत्म होंगे ये रोग। जानिए क्यों आंवला और शहद का कॉम्बिनेशन माना जाता है आयुर्वेद में खास

    आंवला और शहद दोनों ही प्राकृतिक रूप से पोषक तत्वों से भरपूर माने जाते हैं। जब इन दोनों का सेवन एक साथ किया जाता है, तो यह शरीर को कई तरह से सपोर्ट कर सकता है। आयुर्वेद में भी इस कॉम्बिनेशन को शरीर के लिए काफी फायदेमंद माना गया है।

    आंवला में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। वहीं शहद में एंटीमाइक्रोबियल और पोषण देने वाले तत्व होते हैं, जो शरीर की इम्युनिटी और एनर्जी को सपोर्ट कर सकते हैं।

    इम्युनिटी मजबूत करने में मदद मिल सकती है

    आज के समय में कमजोर इम्युनिटी कई स्वास्थ्य समस्याओं की वजह बन सकती है। आंवला में मौजूद विटामिन C शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है।

    शहद शरीर को ऊर्जा देने के साथ बैक्टीरिया से लड़ने में भी मदद कर सकता है। नियमित रूप से इसका सेवन करने से सर्दी-खांसी जैसी समस्याओं में फायदा मिल सकता है।

    डाइजेशन सिस्टम को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है

    अगर आपको गैस, कब्ज या एसिडिटी की समस्या रहती है, तो आंवला और शहद का सेवन डाइजेशन को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। आंवला का फाइबर आंतों की मूवमेंट को बेहतर बनाता है, जबकि शहद डाइजेस्टिव सिस्टम को शांत करने में मदद कर सकता है। इससे पेट हल्का महसूस हो सकता है।

    स्किन और बालों के लिए फायदेमंद माना जाता है

    आंवला और शहद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में फ्री रेडिकल्स को कम करने में मदद करते हैं। इससे स्किन को हेल्दी रखने में मदद मिल सकती है। नियमित सेवन से बालों की जड़ों को भी पोषण मिल सकता है, जिससे बाल मजबूत हो सकते हैं और स्किन पर नेचुरल ग्लो आ सकता है।

    वजन कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है

    आंवला शरीर के मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट करता है। शहद शरीर को नेचुरल एनर्जी देता है, जिससे शरीर एक्टिव बना रहता है। अगर इसे सही डाइट और एक्सरसाइज के साथ लिया जाए, तो यह वजन कंट्रोल करने में मदद कर सकता है।

    हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद हो सकता है

    आंवला कोलेस्ट्रॉल बैलेंस करने में मदद कर सकता है। इससे हार्ट हेल्थ को सपोर्ट मिल सकता है। शहद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।

    आंखों और ब्रेन हेल्थ को सपोर्ट कर सकता है

    आंवला में मौजूद पोषक तत्व आंखों की सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। लंबे समय तक स्क्रीन देखने वाले लोगों के लिए यह उपयोगी हो सकता है।शहद शरीर को एनर्जी देता है और ब्रेन फंक्शन को सपोर्ट करने में मदद कर सकता है।

    सेवन करने के आसान तरीके

    ताजा कद्दूकस किया हुआ आंवला और एक चम्मच शहद सुबह खाली पेट लिया जा सकता है। आंवला पाउडर और शहद मिलाकर भी लिया जा सकता है। आंवला जूस में शहद मिलाकर पीना भी एक अच्छा तरीका माना जाता है।

    किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए

    डायबिटीज वाले लोगों को शहद का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। छोटे बच्चों को देने से पहले भी सावधानी रखनी चाहिए। किसी भी चीज का ज्यादा सेवन नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए सीमित मात्रा में ही लेना सही होता है।

    निष्कर्ष: आंवला और शहद का सेवन शरीर को कई तरह से सपोर्ट कर सकता है। लेकिन इसे किसी चमत्कारी इलाज की तरह नहीं लेना चाहिए। अगर इसे संतुलित डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ लिया जाए, तो इसके फायदे ज्यादा बेहतर तरीके से मिल सकते हैं।

    Health Disclaimer: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए है। किसी भी घरेलू उपाय को नियमित रूप से शुरू करने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

  • खुदाई के दौरान मजदूरों के हाथ लगीˈ 216 स्‍वर्ण मुद्राएं, बेचने गए बाजार तो हो गया ये कांडˌ

    खुदाई के दौरान मजदूरों के हाथ लगीˈ 216 स्‍वर्ण मुद्राएं, बेचने गए बाजार तो हो गया ये कांडˌ

    खुदाई के दौरान मजदूरों के हाथ लगीˈ 216 स्‍वर्ण मुद्राएं, बेचने गए बाजार तो हो गया ये कांडˌ

    एक जगह खुदाई के दौरान सोने के सिक्‍के दो लोगों के हाथ लगे। जिसे इन्होंने प्रशासन से छुपाकर बेचने की कोशिश की। लेकिन ये इसमें असफल रहे और इन्हें पुलिस ने पकड़ लिया। ये घटना महाराष्ट्र के पुणे में स्थित पिंपरी चिंचवाड़ के चिखली इलाके की है। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार कंस्ट्रक्शन साइट पर खुदाई के दौरान 216 स्‍वर्ण मुद्राएं बरामद हुई थी। जिसे इन्होंने छुपा लिया था। इन्होंने सोचा की ये सोने के सिक्के बाजार में बेचकर पैसे कमा लेंगे। लेकिन ऐसा हो न सका और ये पुलिस के हाथों चढ़ गए।

    पुलिस कमिश्नर कृष्ण प्रकाश ने इस मामले की जानकारी देते हुए कहा कि खुदाई के दौरान 216 स्‍वर्ण मुद्राएं बरामद हुई हैं। सिक्‍कों की जांच करने पर पता चला कि ये सिक्‍के मुगलकालीन हैं। इन सिक्‍कों की कीमत लगभग 70 हजार रुपये है। सिक्‍कों का कुल वजन 2357 ग्राम है। पुलिस नायक जमीर तंबोली को जानकारी मिली थी कि विठ्ठल नगर झुग्गी में रहने वाला सद्दाम खान पठान नाम का एक व्‍यक्ति कुछ सोने के सिक्‍कों को बाजार में बेचने की कोशिश कर रहा है। व्‍यक्ति पर शक होने पर तंबोली ने उसका पीछा किया और उसकी झोपड़ी की तलाशी ली। जिसमें काफी सारे सिक्‍के बरामद हुए। पूछताछ करने पर पठान ने पूरी बात पुलिस के बताई।

    पठान ने पुलिस को बताया कि उसके ससुर मुबारक शेख और साले मेवना इरफान शेख को पुणे की एक कंस्ट्रक्शन साइट पर खुदाई के दौरान ये सिक्के मिले थे। दोनों मजदूरी करते हैं। इन सिक्कों के बारे में किसी को पता नहीं था। ऐसे में इन्होंने किसी को इन सिक्कों के बारे में जानकारी नहीं दी। पठान के अनुसार मुबारक शेख और साले मेवना इरफान शेख के कहने पर ही वो सिक्‍कों को बाजार में बेचने की कोशिश कर रहा था। ये मजदूर इन्‍हें बाजार में बेचकर पैसा एकत्रित करना चाहते थे। इस मामले में दोनों आरोपियों सद्दाम पठान और मुबारक शेख को हिरासत में ले लिया गया है। जबकि एक अन्‍य आरोपी फरार है। जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।

    जानकारी के अनुसार ये मुगलकालीन स्‍वर्ण मुद्राएं बतायी जा रही हैं। ये सिक्के 1720 से 1750 यानी औरंगजेब के शासनकाल के हैं। ऐसी मुद्राएं राजस्‍थान के जयपुर में बनाई जाती थी। इन पर उर्दू और अरबी भाषा में लिखा हुआ है। इन मुद्राओं को पुरातत्‍व विभाग को सौंप दिया गया है। कंस्ट्रक्शन साइट की भी जांच की जा रही हैं जहां से ये मुद्राएं बरामद हुई थी।

  • मर्दाना कमजोरी और कम सेक्स ड्राइव सेˈ हैं परेशान? खाली पेट खाएं ये चीज और 5 फायदे पाएंˌ

    मर्दाना कमजोरी और कम सेक्स ड्राइव सेˈ हैं परेशान? खाली पेट खाएं ये चीज और 5 फायदे पाएंˌ

    मर्दाना कमजोरी और कम सेक्स ड्राइव सेˈ हैं परेशान? खाली पेट खाएं ये चीज और 5 फायदे पाएंˌ

    Kismis Ke Fayde: आप सभी जानते हैं कि सभी सूखे मेवों का सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है और सभी सूखे मेवों को सुपरफूड माना जाता है. ये ऊर्जा बढ़ाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करते हैं.

    हालाँकि, कुछ सूखे मेवे ऐसे भी हैं जो बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. किशमिश एक ऐसा सूखा मेवा है जो बहुत गर्म होती है. लोग मौसम के अनुसार किशमिश का सेवन करते हैं. गर्मियों में लोग इन्हें भिगोकर खाते हैं क्योंकि भिगोने से इनके गुण और प्रभाव दोनों बदल जाते हैं. इसके अलावा, भीगी हुई किशमिश खाने से दांतों और हड्डियों को पोषण मिलता है.

    एनीमिया

    खाली पेट किशमिश खाने से खून की कमी पूरी होती है. अगर आपको हीमोग्लोबिन की कमी है, तो आपको सुबह किशमिश खानी चाहिए.

    किशमिश खाने के फायदे (Benefits of Eating Raisins)

    किशमिश को स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद और नुकसानदायक दोनों माना जाता है. रोजाना सुबह 5 से 10 किशमिश खाने से शारीरिक और मानसिक विकास अच्छा होता है.

    दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाता है

    किशमिश में कैलोरी, कार्बोहाइड्रेट, आयरन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, विभिन्न विटामिन, कॉपर, प्रोटीन और पोटैशियम प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं.

    Disclaimer : प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है.

  • 100 साल से भी ज्यादा जिओगे बसˈ ये खास उपाय कर लो पंडित प्रदीप मिश्रा का बड़ा दावाˌ

    100 साल से भी ज्यादा जिओगे बसˈ ये खास उपाय कर लो पंडित प्रदीप मिश्रा का बड़ा दावाˌ

    100 साल से भी ज्यादा जिओगे बसˈ ये खास उपाय कर लो पंडित प्रदीप मिश्रा का बड़ा दावाˌ

    एक जमाना हुआ करता था जब इंसान 100 साल तक जीता था। लेकिन आज के जमाने में लोग 70 की उम्र पार कर जाए वही बड़ी बात होती है। हमारी खराब जीवनशैली और खान-पान ने हमारी आयु पर बड़ा बुरा असर डाला है। लेकिन यदि आप आज के जमाने में 100 साल तक जीने की इच्छा रखते हैं तो आपको ईश्वर की शरण में जाना होगा। उनकी भक्ति कर उनसे दीर्घायु का आशीर्वाद लेना होगा। ये बात हम नहीं कह रहे बल्कि सीहोर के रहने वाले आध्यात्मिक गुरु पंडित प्रदीप मिश्रा बोल रहे हैं।

    पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया 100 साल जीने का उपाय

    पंडित प्रदीप मिश्रा भक्तों के बीच बड़े पॉपुलर रहते हैं। वह शिव भगवान के बड़े भक्त हैं। वह जीवन की कई समस्याओं के निवारण के लिए शिवजी से जुड़े उपाय बताते हैं। लंबी आयु पाने के लिए भी उन्होंने कुछ खास उपाय बताए हैं। आज हम आपको उन्ही में से कुछ उपाय बताने जा रहे हैं। पंडित प्रदीप मिश्रा यह दावा करते हैं कि इन उपायों को आजमाने के बाद आप 100 साल तक जी सकेंगे। तो चलिए जानते हैं कि आपको ऐसा क्या करना होगा।

    पंडित प्रदीप मिश्रा का कहना है कि दीर्घायु पाने के लिए आपको रोज शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव को जल चढ़ाना चाहिए। इस दौरान उनसे लंबी उम्र का वरदान मांगना चाहिए। शिवजी से ऐसी प्रार्थना करनी चाहिए कि वे हमारे शरीर को इस तरह बना दें कि वह इसी तरह 100 सालों तक भगवान को जल अर्पित करते रहें। आप महादेव से प्रार्थना करें कि उनके मंदिर में आप इसी तरह अगले 100 सालों तक भजन कीर्तन करते रहें। उनके गुणगान यूं ही गाते रहें।

    शिवजी के आगे लगानी होगी ऐसी अर्जी

    पंडित प्रदीप मिश्रा का कहना है कि आपको शिवजी से जल चढ़ाते समय ये भी मांगना होगा कि आपको वह शिव भक्ति करते रहने के लिए हमेशा निरोगी बनाए रखें। आप को कभी अस्पताल न जाना पड़े। आप किसी दुर्घटना का शिकार न बनें। पंडित प्रदीप मिश्रा का दावा है कि यदि एक बार आपकी अर्जी भगवान के दरबार में स्वीकृत हो गई तो आपको 100 सालों तक जीने से कोई नहीं रोक सकता है। आपको शिवजी की कृपा से दीर्घायु का वरदान प्राप्त हो जाएगा।

    जल अर्पित करने के अलावा आपको महादेव को जल, दूध, भांग, शहद, चंदन और बेलपत्र जैसी चीजें चढ़ानी चाहिए। आप जब भी महादेव से लंबी उम्र की प्रार्थना करें तो उन्हें ये सारी चीजें जरूर चढ़ाएं। इससे आपको उनका आशीर्वाद मिलेगा। आप इन चीजों को चढ़ाने के लिए सालों साल जीवित रहेंगे।

    अब पंडित प्रदीप मिश्रा का उपाय सोशल मीडिया पर बड़ा वायरल हो रहा है। इस पर लोग अपनी अलग अलग प्रातक्रियाएं भी दे रहे हैं। किसी को ये बात सच्ची लग रही है तो कोई कह रहा है कि 100 साल जीना संभव नहीं है। इसलिए लिए आपको हेल्थी लाइफ स्टाइल जीना होगा। वैसे इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है हमे कमेंट कर जरूर बताएं।

  • प्रलय वाले दिन के लिए बनाई गईˈ है ये तिजोरी अंदर छिपी है खास चीज भारत ने भी दिया अपना हिस्साˌ

    प्रलय वाले दिन के लिए बनाई गईˈ है ये तिजोरी अंदर छिपी है खास चीज भारत ने भी दिया अपना हिस्साˌ

    दोस्तों आज हम आपको एक ऐसी तिजोरी के बारे में बताने जा रहे हैं जो बेहद बेशकीमती है। यह तिजोरी नॉर्वे में स्थित है। इसका नाम स्वालबार्ड ग्लोबल सीड वॉल्ट (Svalbard Global Seed Vault) है। यह एक बेहद खुफिया जगह पर है। इसकी जानकारी दुनिया में बेहद कम लोगों को है। कहा जाता है ये आर्कटिक में सबसे ऊंचे स्थान पर है। यह एक बर्फीले द्वीपसमूह पर परमाफ्रॉस्ट में गहरी दबी हुई है।

    प्रलय के दिन के लिए तैयार की गई है ये तिजोरी

    प्रलय वाले दिन के लिए बनाई गईˈ है ये तिजोरी अंदर छिपी है खास चीज भारत ने भी दिया अपना हिस्साˌ

    अब आप सोच रहे होंगे कि इस तिजोरी में बहुत सारा सोना, हीरा जैसी बेशकिशमती चीजें होंगी। लेकिन नहीं। इसमें इससे भी ज्यादा अहम और कीमती चीज है। इस तिजोरी में दुनिया भर का कृषि उपलब्धियों का भंडार जमा है। इसे आप एक तरह के दुर्घटनाग्रस्त अंतरिक्ष यान जैसा समझ सकते हैं। इसे फ्यूचर के लिए सिक्योरिटी के रूप में बनाया गया है। मतलब यदि कभी दुनिया का विनाश होता है या कोई प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदा (युद्ध) आती है तो इस तिजोरी में सभी कृषि संबंधित चीजों के बीज सुरक्षित रहेंगे।

    आसान शब्दों में कहे तो इस तिजोरी को “प्रलय का दिन” के लिए बनाया गया है। इसका इस्तेमाल साल 2008 से खाद्य फसलों के बीजों को संग्रहीत करने के लिए होता आ रहा है। यह जगह इतनी खुफिया है कि अधिकतर लोगों नए इसका अंदर का नजारा नहीं देखा है। बस इसकी बाहर के प्रवेश द्वार की कुछ तस्वीरें ही सामने आ पाई है। इस तिजोरी का मुख्य उद्देश्य यही है कि कोई भी बड़ी आपदा आने पर यदि सभी फसलें नष्ट होती है तो उन्हें इसमें रखे बीजों द्वारा पुनर्जीवित किया जा सके।

    ये है तिजोरी की खासियत

    इस तिजोरी को वर्जिन ठोस चट्टान से बनाया गया है। इसमें पहाड़ के अंदर 100 मीटर से अधिक की गहराई पर बीज भंडारण क्षेत्र बनाया गया है। यह तिजोरी 40 से 60 मीटर मोटी चट्टानों की परतों के बीच स्थित है। इसमें जो भी बीज जमा किये जाते हैं उन्हें बीज जमा करने वाली संस्था और नार्वेजियन कृषि और खाद्य मंत्रालय के बीच जमाकर्ता समझौते के मुताबिक जमा किया जाता है। इन्हें कथित “ब्लैक बॉक्स शर्तों” के अंतर्गत डिपाजिट किया जाता है। मतलब इस तिजोरी में रखे बॉक्स और कंटेनर को खोलने की अनुमति नहीं है।

    यह सीड वॉल्ट 26 फरवरी 2008 को खोला गया था। इसमें तीन हॉल हैं। इन सभी का आधार लगभग 9.5 x 27 मीटर है। हर हॉल में करीब 1.5 मिलियन बीज के नमूने रखने की क्षमता है। इस तरह इस तिजोरी में 4.5 मिलियन बीज प्राप्तियों को संग्रहीत किया जा सकता है। इसमें अभी तक करीब 900,000 बीज के नमूने रखे हैं। अभी सिर्फ 3 में से एक ही हॉल का इस्तेमाल हुआ है। इस हाल का तापमान माइनस 18 डिग्री सेल्सियस तक ठंडा रखा जाता है।

    दरअसल यह तिजोरी जिस पहाड़ में स्थित है उसमें पहले से माइनस 3 और 4 डिग्री सेल्सियस तापमान होता है। लेकिन तिजोरी में एक एक्स्ट्रा कूलिंग सिस्टम भी लगाया गया है। यह सिस्टम यहां का तापमान शून्य से 18 डिग्री सेल्सियस निचे रखने में हेल्प करता है। इस तापमान में बीज लंबे अरसे तक सुरक्षित रहते हैं। वह खराब नहीं होते हैं। इस तिजौरी में एक जनरेटर भी है जो बिजली जाने की स्थिति में काम आता है।

    भारत का है तिजोरी पर सबसे ज्यादा हिस्सा

    सबसे खास बात ये है कि इस तिजोरी में बीजों का भंडार रखने वाले देशों की लिस्ट में इंडिया पहले नंबर पर आता है। भारत ने अपनी फ़ूड सिक्योरिटी को मजबूत बनाने के लिए इस तिजोरी में अभी तक रखे कुल बीजों का 15% हिस्सा अपने नाम कर रखा है। मेक्सिको इसमें दूसरे स्थान पर 6.1 प्रतिशत के साथ आता है। वहीं अमेरिका कप 3.8% बीजों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त है।

  • बेटी को लग रही थी ठंड, जलाˈ दिए 14 करोड़ रुपये, हर साल अरबों तो खा जाते थे चूहे, इस सनकी को दुनिया जानती हैˌ

    बेटी को लग रही थी ठंड, जलाˈ दिए 14 करोड़ रुपये, हर साल अरबों तो खा जाते थे चूहे, इस सनकी को दुनिया जानती हैˌ

    बेटी को लग रही थी ठंड, जलाˈ दिए 14 करोड़ रुपये, हर साल अरबों तो खा जाते थे चूहे, इस सनकी को दुनिया जानती हैˌ

    कहते हैं कि पिता को बेटियों से एक अलग ही लगाव होता है, यही कारण है कि एक बाप अपनी बेटी की खुशियों के लिए किसी भी हद तक जा सकता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक पिता, बेटी को ठंड लगने पर 14 करोड़ रुपये में आग लगा दे? जी हां, सही पढ़ा आपने ये कोई कहानी नहीं, बल्कि सच्ची घटना है जहां एक बाप ने 14 करोड़ रुपये पर आग लगा दी थी, वो भी केवल इसलिए क्योंकि उसकी बेटी को ठंड लग रही थी. इस महान आदमी का नाम था- पाब्लो एस्कोबार. चलिए आपको बताते हैं इस महान आदमी के बारे में.

    कौन था पाब्लो एस्कोबार?
    दुनिया के अपराध जगत में कई नाम ऐसे हुए हैं जो अपने काले कारनामों के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गए. लेकिन इन सबमें अगर किसी का नाम सबसे ऊपर लिया जाए, तो वो है पाब्लो एस्कोबार. कोलंबिया का यह शख्स सिर्फ एक ड्रग माफिया नहीं था, बल्कि अपराधों का ‘किंग’ माना जाता था, जिसकी दौलत, हैसियत और दहशत, तीनों के किस्से दुनिया भर में मशहूर थीं.

    बेटी को लग रही था ठंड, फिर…
    पाब्लो सिर्फ क्राइम के लिए ही नहीं जाना जाता, बल्कि उसके दौलत उड़ाने के तरीके भी दुनिया को हैरान कर देने वाले थे. एक बार पाब्लो की बेटी को बेहद ठंड लग रही थी. चारों ओर बर्फीली हवाएं चल रही थीं, पाब्लो से बेटी की सिहरती हालत देखी नहीं गई. उसके पास दो मिलियन डॉलर (लगभग 14 करोड़ रुपये) नकद पड़े थे. उसने बिना एक पल की झिझक के उन नोटों में आग लगा दी, ताकि उसकी बेटी को ठंड न लगे.

    जब चूहे खा जाते थे अरबों
    पाब्लो की कमाई का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसकी रोज की कमाई 400 करोड़ रुपये से ज़्यादा थी. इतना पैसा था कि उसे रखने के लिए सुरक्षित जगहें कम पड़ गईं थीं. उसने कई गोदाम बनाए, जहां नोटों के बंडल बोरियों में भरकर रखे जाते थे. लेकिन वहां भी सुरक्षा नहीं थी हर साल करीब 1 अरब रुपये के नोट चूहे कुतर जाते थे. यह भी कहा जाता है कि पाब्लो अपने पैसों को बांधने के लिए हर हफ्ते 1000 डॉलर की रबर बैंड खरीदता था.

    फोर्ब्स की लिस्ट में क्रिमिनल
    साल 1989 में फोर्ब्स मैगजीन ने पाब्लो एस्कोबार को दुनिया का सातवां सबसे अमीर व्यक्ति बताया. उसकी कुल संपत्ति उस समय 25 अरब डॉलर से ज्यादा आंकी गई थी. पाब्लो का ड्रग कारोबार इतना बड़ा हो चुका था कि उसने दुनिया के 80% कोकीन व्यापार पर कब्जा कर लिया था. इतना ही नहीं उसने अपने कारोबार को बढ़ाने और दुश्मनों को मिटाने के लिए न केवल पुलिस, बल्कि जजों, नेताओं और पत्रकारों तक को खरीद लिया था. उसकी वजह से करीब 15,000 लोगों की जान गई थी.

    कैसे हुई मौत?
    2 दिसंबर 1993 को एस्कोबार की कहानी हमेशा के लिए खत्म हो गई. कोलंबिया पुलिस से भागते वक्त, छत पर गोलियों की बौछार में उसकी मौत हो गई. हालांकि, कुछ लोगों का कहना है कि उसने खुद को गोली मार ली, क्योंकि वह कभी गिरफ्त में नहीं आना चाहता था. एक तीसरी थ्योरी यह भी है कि उसके अपने भाई ने, सत्ता हासिल करने के लिए उसे धोखे से मौत के घाट उतार दिया था.