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  • Petrol Pump पर तेल डालने वाले इनˈ 5 तरीकों से लगता है चूना आप देखते रह जाते हो जीरो

    Petrol Pump पर तेल डालने वाले इनˈ 5 तरीकों से लगता है चूना आप देखते रह जाते हो जीरो

    Petrol Pump पर तेल डालने वाले इनˈ 5 तरीकों से लगता है चूना आप देखते रह जाते हो जीरो

    Fuel Pump Tips: कई बार आपको पेट्रोल भरवाने के बाद ऐसा महसूस हो सकता है कि आपने जितने रुपये का पेट्रोल भरवाया, उस हिसाब से आपकी गाड़ी ने माइलेज नहीं दी। ऐसे में आपके साथ पेट्रोल पंप पर कोई ठगी न हो इसके लिए आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स (petrol pump charges) के बारे में बताने जा रहे है, जिन्हें अपनाकर आप सुरक्षित रह सकते हैं. 

    रेट में गड़बड़ी-

    कुछ-कुछ पेट्रोल पंप के कर्मचारी या मालिक पेट्रोल या फ्यूल की कीमतों में हेरा-फेरी करके ठगी कर सकते हैं। इसलिए जब भी गाड़ी में फ्यूल भराएं, तो मीटर जरूर चेक करें। ताकि आप इस तरह की ठगी से बच सकें। 

    फीलिंग मशीन में चिप से खिलवाड़- 

    कई बार कम तेल भरने के लिए फ्यूल पंप मालिक और कर्मी मशीन में एक इलेक्ट्रॉनिक चिप (electronic chip) लगा देते हैं. जिससे मीटर पर पूरी मात्रा में तेल दिखाएगा, लेकिन ग्राहक को कम फ्यूल मिलता है.

    बिना अनुमति के सिंथेटिक तेल भरना-

    कुछ पेट्रोल पंपों (petrol pump) पर ग्राहकों के वाहन में बिना पूछे रेगुलर फ्यूल की जगह सिंथेटिक तेल (synthetic oil) भर दिया जाता है. सिंथेटिक तेल, सामान्य तेल से करीब 5 से 10 प्रतिशत महंगा होता है, इसलिए ग्राहकों को अधिक राशि चुकानी पड़ती है. इसलिए तेल भराने से पहले पंप अटेंडेंट को इस बारे में साफ निर्देश देना न भूलें. 

    खराब फ्यूल क्वालिटी-

    यदि आपको अपने वाहन में भरे जा रहे फ्यूल की क्वालिटी पर शक है, तो आप इंजन फिल्टर पेपर टेस्ट की डिमांड कर सकते हैं. कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 1986 के अनुसार हर पेट्रोल पंप पर फिल्टर पेपर (filter paper) होना चाहिए और जरूरत पड़ने पर ग्राहक को दिया जाना चाहिए.

    पेट्रोल मिलावटी है या नहीं यह जानने के लिए फिल्टर पेपर पर पेट्रोल की कुछ बूंदे डालें, अगर फिल्टर पेपर पर दाग छूटता है तो पेट्रोल मिलावटी है और अगर ऐसा नहीं है तो पेट्रोल शुद्ध है. खराब क्वालिटी का फ्यूल आपके वाहन को भी नुकसान पहुंचा सकता है. 

    पेट्रोल का दाम-

    जब भी आप पेट्रोल पंप पर जाएं तो पेट्रोल के कीमत (petrol price) की जांच जरूर कर लें. कोई भी पेट्रोल पंप डीलर, फ्यूल के लिए अधिक कीमत नही ले सकता है. इसलिए मशीन पर दिखने वाले फ्यूल के कीमत की जांच जरूर कर लें.

  • न अमेरिका-चीन न जर्मनी-जापान… भारत कैसे करˈ गया ये काम इस रफ्तार से हर कोई हैरान

    न अमेरिका-चीन न जर्मनी-जापान… भारत कैसे करˈ गया ये काम इस रफ्तार से हर कोई हैरान

    न अमेरिका-चीन न जर्मनी-जापान… भारत कैसे करˈ गया ये काम इस रफ्तार से हर कोई हैरान

    अमेरिका, चीन हो या जर्मनी और जापान, कोई भारत की तरक्की की रफ्तार के आसपास भी नहीं है। मुश्किल समय में भी भारत ने अपनी आर्थिक तेजी को कायम रखा है। इस ग्रोथ ने दुनिया को हैरान कर दिया है।

    विश्व बैंक का कहना है कि आने वाले सालों में भी भारत की तरक्की की रफ्तार अच्छी रहेगी। भले ही दुनिया की बाकी अर्थव्यवस्थाएं थोड़ी धीमी पड़ जाएं। लेकिन, भारत की चाल बनी रहेगी।

    विश्व बैंक की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की तरक्की थोड़ी कम होकर 6.3% रह सकती है। पहले जनवरी में अनुमान लगाया गया था कि यह 6.7% रहेगी। फिर भी भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा। भारत 2015 में चीन को पीछे छोड़ सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बन गया था। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उस समय तेल की कीमतें कम थीं। देश में आर्थिक स्थिति स्थिर थी। सरकार ने कई बड़े सुधार किए थे।

    मुश्‍क‍िलों के बीच भी बनाए रखी रफ्तार
    2015 से 2018 के बीच भारत की जीडीपी 7.5% से 8% के बीच बढ़ी। वहीं, चीन की तरक्की 6.5% से 6.7% तक धीमी हो गई थी क्योंकि वह निवेश की जगह लोगों के खर्च पर ज्यादा ध्यान दे रहा था। इस दौरान सरकार ने ‘मेक इन इंडिया’ जैसे कई कार्यक्रम शुरू किए, एफडीआई के नियमों को आसान बनाया और पैसे के मामले में सुधार किए। 2017 में जीएसटी लागू किया गया। इससे पूरे देश में एक जैसा टैक्स सिस्टम बना।

    हालांकि, 2019 और 2020 में भारत को कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 2018 के अंत और 2019 में बैंकों और NBFC में परेशानी आने लगी। लोगों ने कम चीजें खरीदीं और निजी कंपनियों ने भी कम निवेश किया। वित्त वर्ष 2019-20 में GDP की वृद्धि दर गिरकर 5% हो गई, जबकि पिछले साल यह 6.1% थी। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि दुनिया की आर्थिक स्थिति खराब थी। कंस्ट्रक्शन का काम धीमा हो गया था। लोगों ने कम चीजें खरीदीं और बैंकों को भी दिक्कतें हो रही थीं।

    2020 में कोरोना महामारी आई। इससे अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा नुकसान हुआ। वित्त वर्ष 2020-21 में GDP 7.3% तक गिर गई, जो आजादी के बाद सबसे खराब प्रदर्शन था। लेकिन, भारत ने वित्त वर्ष 2021-22 में जोरदार वापसी की और 8.7% की ग्रोथ हासिल की। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि लोगों ने खूब खरीदारी की, सरकार ने भी खूब खर्च किया और सेवाओं और निर्यात में भी सुधार हुआ। 2022 से भारत लगातार 6-7% की दर से बढ़ रहा है, जबकि दुनिया के कई बड़े देशों के साथ चीन की अर्थव्यवस्था धीमी हो गई है। विश्व बैंक, IMF और UN ने भी कहा है कि 2021 से भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था है। वित्त वर्ष 2025-26 तक यह इसी तरह आगे बढ़ता रहेगा।

    आने वाले सालों में भी सबसे तेजी से बढ़ेगा भारत
    यूएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत आने वाले सालों में भी सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा। यह चीन, अमेरिका, यूरोप और जर्मनी जैसे देशों से भी आगे रहेगा। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि भारत की आर्थिक स्थिति कितनी मजबूत है।

    दुनिया की अर्थव्यवस्था धीमी पड़ रही है, लेकिन भारत स्थिर है। अनुमान है कि 2025 में दुनिया की अर्थव्यवस्था सिर्फ 2.3% की दर से बढ़ेगी, जो पहले के अनुमान से कम है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कई देशों के बीच व्यापार को लेकर तनाव है। अमेरिका और चीन के बीच भी रिश्ते ठीक नहीं हैं, जिससे व्यापार में दिक्कतें आ रही हैं। विश्व बैंक का कहना है कि 2025 में दुनिया का व्यापार 2% से भी कम बढ़ेगा, जबकि पहले यह 4-5% की दर से बढ़ता था।

    दुनिया के कई बड़े बैंकों ने ब्याज दरें बढ़ा दी हैं। इससे लोगों का खर्च और कंपनियों का निवेश कम हो गया है। यूक्रेन में युद्ध जारी है। अमेरिका और चीन के बीच तनाव है। साथ ही ऊर्जा की आपूर्ति में भी दिक्कतें आ रही हैं। इससे निवेशकों का भरोसा कम हुआ है। जर्मनी और जापान जैसे देशों में बूढ़े लोगों की संख्या बढ़ रही है। उत्पादन कम हो रहा है। नई चीजें भी कम बन रही हैं। इससे उनकी अर्थव्यवस्था धीमी हो गई है।

    अमेर‍िका, चीन, यूरोप… सब पड़ गए हैं ठंडे
    विश्व बैंक के अनुसार, अमेरिका की अर्थव्यवस्था 2025 में 1.4% की दर से बढ़ेगी, जो जनवरी में अनुमानित 2.3% से कम है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ब्याज दरें बढ़ने का असर अब दिख रहा है। महंगाई की वजह से लोग कम चीजें खरीद रहे हैं। चुनाव की वजह से सरकार भी कम निवेश कर रही है।

    चीन की अर्थव्यवस्था 2025 में 4.5% की दर से बढ़ेगी, जो पहले जितनी तेज नहीं है। हालांकि, सरकार के पास अभी भी कई तरीके हैं जिनसे वह अर्थव्यवस्था को सुधार सकती है। लेकिन, चीन को रियल एस्टेट में दिक्कतें आ रही हैं। काम करने वाले लोगों की संख्या कम हो रही है। दूसरे देशों के साथ उसके रिश्ते भी खराब हो रहे हैं, जिससे लोग चीन में निवेश करने से डर रहे हैं।

    यूरोप की अर्थव्यवस्था सिर्फ 1% की दर से बढ़ने के आसार हैं। रूस पर प्रतिबंध लगने के बाद ऊर्जा की कमी हुई है। चीजों के दाम बढ़ गए हैं। इससे उत्पादन कम हो रहा है। जर्मनी ज्यादातर चीन को चीजें बेचता है, लेकिन चीन की अर्थव्यवस्था धीमी होने की वजह से जर्मनी को भी नुकसान हो रहा है। जर्मनी ने अभी तक पर्यावरण को बचाने के लिए ज्यादा निवेश नहीं किया है। इससे आने वाले समय में उसे और भी नुकसान हो सकता है।

    भारत क्यों अलग है?अनुमान है कि भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2025-26 में 6.3% की दर से बढ़ेगी। यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनी रहेगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारत की अर्थव्यवस्था दूसरे देशों से अलग है। भारत दूसरे देशों को चीजें बेचने पर ज्यादा निर्भर नहीं है, बल्कि यहां लोग खुद ही खूब खरीदारी करते हैं। भारत में मध्यम वर्ग के लोगों की संख्या बढ़ रही है, शहर बढ़ रहे हैं और लोगों की आमदनी भी बढ़ रही है। इससे लोग खूब खरीदारी करते हैं और अर्थव्यवस्था को नुकसान नहीं होता है।

    भारत में युवाओं की संख्या ज्यादा है। यहां के लोगों की औसत उम्र 29 साल है। इससे काम करने वाले लोगों की संख्या के साथ उत्पादन भी बढ़ रहा है। वहीं, यूरोप, चीन और जापान में बूढ़े लोगों की संख्या ज्यादा है। इससे उनकी अर्थव्यवस्था धीमी हो रही है। सरकार सड़कें, रेलवे, ऊर्जा और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी चीजों पर खूब पैसा खर्च कर रही है। इससे अर्थव्यवस्था को बहुत फायदा हो रहा है। इस निवेश की वजह से निजी कंपनियां भी आगे आ रही हैं। चीजें बनाने और उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में निवेश कर रही हैं।

  • फ्रिंगरप्रिंट में छिपे है हर इंसान केˈ गहरे राज, जानिये कौन लोग होते हैं झूठ बोलने में माहिर

    फ्रिंगरप्रिंट में छिपे है हर इंसान केˈ गहरे राज, जानिये कौन लोग होते हैं झूठ बोलने में माहिर

    फ्रिंगरप्रिंट में छिपे है हर इंसान केˈ गहरे राज, जानिये कौन लोग होते हैं झूठ बोलने में माहिर

    यूं तो आजकल किस पर भरोसा किया जाए या किस पर नहीं…ये तो भगवान भी नहीं जानते हैं। झूठ फऱेब की इस दुनिया में लोग अपने फायदे के लिए किसी भी हद से गुजरने के लिए तैयार होते हैं। आपका भरोसा कोई भी बड़ी ही आसानी से तोड़ देता है, जिसकी वजह से आपको बहुत बुरा भी लगता है। अब ऐसे में सबसे बड़ी समस्या ये होती है कि आप किस पर भऱोसा करें या किस पर नहीं। कई बार तो ऐसा भरोसा टूटता है, जिसके बाद तो आपको भरोसे शब्द से भी नफऱत होने लगती है। तो चलिए आज हम आपको एक ऐसा तरीका बताने जा रहे हैं, जिससे आप यह पता लगा सकते हैं कि आप जिस इंसान पर भरोसा कर रहे हैं, वो भरोसे के लायक है भी या नहीं?

    यूं तो हाथ की लकीरें भाग्य के लिए होती है। लोगों के हाथों की लकीरों से उनका भाग्य बताया जाता है, लेकिन अगर हम कहें कि हाथ से ही आप यह पता लगा सकते हैं कि सामने वाला फरेबी या सच्चा, तो आपको कैसा लगेगा? अरे भई इसके लिए आपको कुछ नहीं करना है, बल्कि आपको सिर्फ और सिर्फ फिंगरप्रिंट चेक करना होगा। तो चलिए हम आपको बताते हैं कि आखिर किस तरह से आप फिंगरप्रिंट से यह जान सकते हैं कि आप जिस पर भरोसा कर रहे हैं, वो कहीं आपको धोखा तो नहीं दे रहा है।

    1.अंगूठे में छल्ले का निशान

    जिस इंसान के अंगूठे पर छल्ले का निशान होता है, वो इंसान अक्सर दूसरों पर अपनी मर्जी चलाता है। ऐसे में अगर आपके पास भी ऐसा कोई है, तो आपको थोड़ा सा सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि वो सिर्फ आप अपना ऑर्डर थोपना जानता है। ऐसे लोगों को किसी की भी रोक टोक पसंद नहीं होती है, जिसकी वजह से लोग इनसे काफी परेशान रहते हैं।

    2.अंगूठे में दोहरे गांठ का निशान

    जिस इंसान के अंगूठे में दोहरा गांठ का निशान होता है, वो धोखेबाज होता है। अपने मतलब के लिए ये लोगों के साथ आते हैं। जब इनका मतलब पूरा हो जाता है, तो ये उस इंसान को धोखा दे देते हैं। इतना ही नहीं, ये ऐसे होते हैं कि लालच के लिए कुछ भी कर गुजरने के लिए तैयार रहते हैं। ऐसे इंसान से आपको बचकर रहना चाहिए, क्योंकि ये बिल्कुल भी भरोसे के पात्र नहीं होते हैं। ये आसानी से कोई भी झूठ बोलने के लिए तैयार रहते हैं।

    3.अंगूठे में चक्राकार छल्ला

    जिन लोगों के अंगूठे में इस तरह का छल्ला होता है, वो लोग बहुत ही ज्यादा विश्वसनीय होते हैं। ऐसे लोग किसी को भी चाहकर धोखा नहीं देते हैं। इनका मान सम्मान समाज में खूब होता है। ये लोग स्वभाव से ही मेहनती होते हैं, जिसकी वजह से इन्हें हर काम में सफलता मिलता है। नाम और फेम बनाने में माहिर होते हैं। अगर आपके पास भी कोई ऐसा इंसान हो तो आपको ऐसे इंसान को अपने पास ही रखना चाहिए।

    4.अंगूठे में तंबू का निशान

    जिन लोगों के पास ऐसा निशान होता है, वो मार्डन होने का सिर्फ दिखावा ही करते हैं। सच में तो ये पूरी तरह से पुराने ख्यालातों से ही घिरे होते हैं। ये अपने उसूलों के पक्के होते हैं। इनकी सोच को कोई भी नहीं बदल सकता है क्योंकि इन्हें पुरानी परंपरा ही सबसे अच्छी लगती है और उसी में जीना चाहते हैं।

  • क्या सेक्स करतें समय सच में आˈ सकता हार्ट अटैक है? जानिए शारीरिक संबंध और दिल के बीच की सच्चाई.ˌ

    क्या सेक्स करतें समय सच में आˈ सकता हार्ट अटैक है? जानिए शारीरिक संबंध और दिल के बीच की सच्चाई.ˌ

    क्या सेक्स करतें समय सच में आˈ सकता हार्ट अटैक है? जानिए शारीरिक संबंध और दिल के बीच की सच्चाई.ˌ

    Heart Problem: सेक्स एक शारीरिक क्रिया है, इसलिए जब दिल के मरीज से पीड़ित लोग संभोग करते हैं, तो दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है.

    Heart Problem: हाल ही में आई एक खबर ने लोगों को चौंका दिया है. मुंबई में एक व्यक्ति की नाबालिग के साथ यौन संबंध बनाते समय दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. इससे यह चिंता पैदा हो गई है कि क्या संभोग के दौरान दिल का दौरा पड़ना वाकई संभव है. इस मामले में स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय लेना ज़रूरी है. आइए जानें कि क्या संभोग के दौरान दिल का दौरा पड़ने का खतरा ज़्यादा होता है.

    क्या संभोग के दौरान दिल का दौरा पड़ सकता है?

    हां, संभोग के दौरान दिल का दौरा पड़ सकता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जब शरीर ज्यादा सक्रिय होता है, तो दिल का दौरा पड़ने का खतरा काफी बढ़ जाता है. डॉक्टरों का कहना है कि संभोग वास्तव में एक प्रकार का व्यायाम है. जब आप संभोग करते हैं, तो आप एरोबिक्स, दौड़ना, सीढ़ियां चढ़ना या तैराकी जैसा व्यायाम कर रहे होते हैं. ऐसे में, जब शरीर ज़्यादा सक्रिय होता है, तो दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है.

    इन लोगों को होता है दिल का दौरा पड़ने का ज्यादा खतरा

    जिन लोगों को पहले से ही दिल की बीमारी है, उन्हें सेक्स के दौरान दिल का दौरा पड़ने का ज्यादा खतरा होता है. डॉक्टरों का कहना है कि हृदय रोगियों या जिनकी सर्जरी हुई है, उन्हें सेक्स के दौरान दिल का दौरा पड़ने का खतरा ज्यादा होता है. इसका मतलब है कि अगर आपको दिल की बीमारी है, तो आपको सेक्स के बारे में ज्यादा सावधान रहना चाहिए कि क्योंकि दिल से जुड़ी बीमारियां हार्ट की कार्य करने की क्षमता को प्रभावित करती हैं. इसलिए, जब आप सेक्स करते हैं, तो आपकी हृदय गति बढ़ जाती है. सेक्स एक प्रकार की शारीरिक गतिविधि है, और इसके दौरान रक्त संचार बढ़ने से हृदय गति बढ़ सकती है, पसीना बढ़ सकता है, सांस लेने में तकलीफ हो सकती है और थकान हो सकती है.

    Disclaimer : प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है.

  • हरी मिर्च काटने के बाद होती हैˈ हाथों में जलन तो अपनाएं ये 3 आसान घरेलू उपाय झट से मिलेगा आरामˌ

    हरी मिर्च काटने के बाद होती हैˈ हाथों में जलन तो अपनाएं ये 3 आसान घरेलू उपाय झट से मिलेगा आरामˌ

    हरी मिर्च काटने के बाद होती हैˈ हाथों में जलन तो अपनाएं ये 3 आसान घरेलू उपाय झट से मिलेगा आरामˌ

    Tricks To Prevent Burning Green Chilli: मिर्च किसी भी खाने को चटपटा बनाने का काम करती है. हरी मिर्च में ‘कैप्साइसिन’ नाम का एक कंपाउंड होता है, जो मिर्च को उसका तीखापन देता है. किचन में मौजूद मिर्च को न सिर्फ खाने के स्वाद को बढ़ाने बल्कि, सेहत के लिए भी कमाल मानी जाती है. क्योंकि इसमें विटामिन ए, विटामिन सी विटामिन के, साथ ही फाइबर, पोटैशियम, आयरन और कॉपर जैसे गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को कई समस्याओं से बचाने में मदद कर सकते हैं. लेकिन हरी मिर्च को काटते समय अक्सर हाथ में जलन शुरू हो जाती है. अगर आप भी इस परेशानी को दूर करना चाहते हैं, तो इन घरेलू उपाय को अपना सकते हैं. तो चलिए बिना किसी देरी के जानते हैं.

    मिर्च काटने के बाद हाथ की जलन कैसे कम करें- (Mirch Kadtne Ke Bad Hath Ki Jalan Kaise Kam Kare)

    1. घी- (Ghee)

    अगर आप भी मिर्च काटने के बाद होने वाली जलन से बचना चाहते हैं, तो मिर्च को काटने से पहले हाथ में घी लगा लें. क्योंकि घी एक परत बना देता है, जिससे कैप्साइसिन सीधे स्किन के संपर्क में नहीं आ पाता है और जलन से बचा जा सकता है.

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    1. ठंडा पानी- (Cold Water)

    मिर्च से होने वाली जलन को कम करने के लिए आप हाथों को ठंडे पानी में डुबोएं. चाहें तो ठंडे पानी में थोड़ा सा नमक या सिरका भी मिला सकते हैं. इससे हाथ में होने वाली जलन को कम करने में मदद मिल सकती है.

    1. कैंची- (Canchi)

    अगर आपको मिर्च काटने से होती है जलन तो आप हरी मिर्च को कैंची की मदद से काट सकते हैं. इससे मिर्च सीधे हाथ के संपर्क में नहीं आएगी और जलन से बच सकते हैं.

  • बच्चों को कान पकड़कर उठक-बैठक क्यों लगवाईˈ जाती है? जाने इसके पीछे का वैज्ञानिक कारणˌ

    बच्चों को कान पकड़कर उठक-बैठक क्यों लगवाईˈ जाती है? जाने इसके पीछे का वैज्ञानिक कारणˌ

    अपने पूरे जीवन को खंगलों तो लगता है कि स्कूल के दिन सबसे बेस्ट होते थे। ये वह दिन थे जब हमे दुनियादारी की कोई टेंशन नहीं होती थी। हम अपनी लाइफ अच्छे से इन्जॉय करते थे। आज स्कूल की हर यादें हमे याद आती है। फिर वह दोस्तों के साथ मस्ती मजाक हो, टीचर का पढ़ाना हो या फिर कोई गलती करने पर टीचर का सजा देना हो। वैसे टीचर अधिकतर बच्चों को कान पकड़कर उठक-बैठक लगाने की सजा ही देते थे। आप में से कई लोगों को भी ये सजा जरूर मिली होगी। लेकिन क्या आप ने कभी सोचा है कि आखिर बच्चों को यही पनिशमेंट क्यों दी जाती थी?

    बच्चों को कान पकड़कर उठक-बैठक क्यों लगवाईˈ जाती है? जाने इसके पीछे का वैज्ञानिक कारणˌ

    सिर्फ बच्चे ही नहीं बल्कि इस कोरोना काल में आप ने कई पुलिसवालों को नियम तोड़ने पर नागरिकों को उठक बैठक लगवाते देखा होगा। इस तरह की सजा आज भी कई जगहों पर दी जाती है। ऐसे में क्या आप इस सजा को देने के पीछे की वजह जानते हैं? आप में से कई लोगों को इसका अंदाजा भी नहीं होगा। आपको जान हैरानी होगी कि इस सजा के पीछे एक वैज्ञानिक करण भी छिपा हुआ है।

    कान पकड़कर उठक बैठक का इस्तेमाल कई लोग प्रार्थना के समय भी करते हैं। दक्षिण भारत के मंदिरों में यह प्रथा काफी प्रचलित है। वहीं कुछ लोग कसरत और व्यायाम के दौरान उठक-बैठक करना पसंद करते हैं। दरअसल ऐसा कहा जाता है कि उठक-बैठक करने से ध्यान केंद्रित करने में हेल्प मिलती है। ऐसा कर हमारी याद्दाश्त अच्छी रहती है। इसके अलावा नियमित रूप से उठक-बैठक करने से पेट के आसपास की चर्बी भी कम होती है। मतलब ये उठक-बैठक न सिर्फ आपका दिमाग शार्प करती है बल्कि आपकी तोंद को कम करने में भी मदद करती है।

    आपको जान अचंभा होगा कि उठक बैठक के ऊपर ही कई वैज्ञानिक बहुत से अध्ययन कर चुके हैं। इनमें से एक रिसर्च की माने तो 1 मिनट तक कान पकड़कर उठक-बैठक लगाने से अल्फा वेव्स की एक्टिविटी बढ़ने लगती है। जब हम कान पकड़ते हैं तो लोब्स दबते हैं। इससे एक्यूप्रेशर का लाभ हमे मिलता है। इस एक्यूप्रेशर थ्योरी के अनुसार ब्रेन का दायां और बायां हिस्सा कान पकड़ने से एक्टिवेट हो जाता है। एक अन्य रिसर्च में वैज्ञानिकों ने पता लगाया कि पकड़कर उठक-बैठक लगाने से ब्रेन की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी में बढ़ोतरी होती है।

    बस इतने सारे फ़ायदों को देखते हुए ही कई स्कूलों ने बच्चों को उठक बैठक लगाने की सजा देना शुरू कर दिया। देखते देखते सभी स्कूलों ने इतने अपना लिया। वैसे इस पनिशमेंट को देने का असल कारण शायद कई टीचरों को भी नहीं पता होगा। लेकिन अब आपको इसकी वजह पता है। तो अगली बार आप ये ज्ञान दूसरों को देकर इंप्रेस कर सकते हैं। और यदि टीचर या कोई और आपको उठक बैठक लगाने की सजा दे तो बुरा फिल करने की बजाय इसे फटाफट कर लें। इससे आपके शरीर को फायदा ही होगा।

    अमेरिका के स्कूलों में तो वर्कशॉप में बच्चों को उठक-बैठक लगवाई जाती है। ऐसा कर वे इसमें बच्चों की रुचि बढ़ाते हैं। वहां इसे ‘सुपर ब्रेन योग’ के नाम से जाना जाता है।

  • सरकार की इस खास स्कीम के तहतˈ लड़कियों को मिलते हैं सीधे ₹36000 — जानिए पात्रता आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजˌ

    सरकार की इस खास स्कीम के तहतˈ लड़कियों को मिलते हैं सीधे ₹36000 — जानिए पात्रता आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजˌ

    सरकार की इस खास स्कीम के तहतˈ लड़कियों को मिलते हैं सीधे ₹36000 — जानिए पात्रता आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजˌ

    Delhi Ladli Scheme : हमारे देश भारत में लड़कियों को आगे बढ़ने के लिए बहुत सारी स्कीम बनाई जाती है। भारत देश में लड़कियों को आगे बढ़ने के लिए हमेशा सरकार तत्पर पर दिखती है। लड़कियों को पढ़ाने के लिए हमेशा ऐसी परियोजनाएं लाई जाती है जिसके लोभ में आकर लड़कियां पढ़ें। ऐसी ही एक परियोजना राजधानी दिल्ली में भी बेटियों के लिए लाई गई है जिस स्कीम का नाम है लाडली योजना। इस योजना के तहत बेटियों की परवरिश के साथ-साथ उसकी पढ़ाई लिखाई तक आर्थिक मदद का प्रावधान है।

    चलिए जानते हैं लाडली योजना के बारे में :

    इस योजना के अंतर्गत दिल्ली में जो भी लड़कियां पैदा होगी उससे लाभ होगा। इस योजना का सबसे खास मकसद यह है कि लड़कियों के पढ़ाई लिखाई में किसी तरह की भी बाधा ना आए। क्योंकि लड़कियां अगर पड़ेगी लिखेगा तो अपने पैरों पर खड़ा हो सकेगी और उसे किसी की जरूरत नहीं होगी। इस योजना के अंतर्गत लड़कियों के पैदा होने के बाद पढ़ाई करने तक कई मकसद के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। आर्थिक मदद करने का महत्वपूर्ण मकसद यह है की लड़कियां अपने पैरों पर खड़ा हो जिससे कि भ्रूण हत्या पर लगाम लगाया जा सके।

    लाडली योजना के तहत कैसे मिलता है लाभ :

    • अगर कोई बच्ची राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में किसी अस्पताल नर्सिंग होम में पैदा होती है तो उसे ₹11000 का लाभ मिलता है।
    • यदि कोई लड़की घर या किसी अन्य इलाके के अस्पताल में पैदा होती है वह तो लाडली के तहत उसे ₹10000 लाभ पाने का मौका मिलेगा।
    • लाडली योजना में ₹5000 की सहायता कक्षा 1, कक्षा 6,कक्षा 9,कक्षा 10 और कक्षा 12 में बच्चों के नामांकन के साथ मिलती है।

    लाडली योजना के लिए योग्यता :

    • आवेदक दिल्ली का निवासी होना चाहिए।
    • बच्ची के परिवार की सालाना आय ₹100000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
    • लाडली योजना का लाभ परिवार में दो लड़कियों के होने पर ही मिल सकता है।
    • बच्चे की स्कूल में पढ़ती है वह स्कूल दिल्ली सरकार से मान्यता प्राप्त होना चाहिए।

    लाडली योजना में लगने वाले डॉक्यूमेंट

    • दिल्ली का निवास प्रमाण पत्र 3 साल का और राशन कार्ड।
    • आय प्रमाण पत्र (माता-पिता)।
    • जन्म प्रमाण पत्र (बालिका)।
    • पूरे परिवार की तस्वीर।
    • जाति प्रमाण पत्र (आवेदक)।
    • आधार कार्ड (बच्चे एवं माता पिता)।

    कहां करें योजना के लिए संपर्क :

    • आप भारतीय स्टेट बैंक से संपर्क कर सकते हैं।
    • सरकारी या मान्यता प्राप्त स्कूल से संपर्क करें।
    • सामाजिक कल्याण विभाग के कार्यालय में संपर्क करें।

    दिल्ली लाडली योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन :

    यह भी पढ़ें : इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना में निहित सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्स माध्यमों से संग्रहित कर ये जानकारी आप तक पहुंचाई गई हैं। स्कीम की सम्पूर्ण और सटीक जानकारी के लिए सम्बंधित विभाग से संपर्क करें

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    ये आदमी हैं भयंकर लक्की पहले खुलीˈ थी 6 करोड़ की लॉटरी और अब मिला जमीन में गड़ा खजानाˌ

    किस्मत एक ऐसी चीज होती हैं जो रोडपति को भी करोड़पति बना देती हैं. ये बात आप ने कई बार सुनी होगी लेकिन आज हम आपको इसका एक ताज़ा उदहारण भी बताने जा रहे हैं. दुनियां में वैसे तो बहुत से लोग भाग्यशाली होते हैं, परंतु कुछ विशेष लोग इतने ज्यादा लक्की होते हैं कि हमे भी अपनी आँखों पर यकीन नहीं होता हैं. ऐसे ही एक भयंकर लक्की इंसान हैं बी. रत्नाकर पिल्लई. केरल के रहने वाले 66 वर्षीय रत्नाकर पिल्लई की किस्मत के किस्से सुनकर आप भी उनसे जलन करने लगेंगे.

    अब पिछले साल क्रिसमस की ही बात हैं. रत्नाकर पिल्लई ने एक लोटरी टिकट ख़रीदा था जिसके बाद उन्हें पुरे 6 करोड़ की लोटरी लगी थी. अब ये बड़ा भाग्य का चमत्कार काफी नहीं था कि हाल ही में उनके हाथ एक और खजाना लग गया. दरअसल रत्नाकर पिल्लई ने उन 6 करोड़ रुपए में से कुछ पैसो से तिरुअनंतपुरम से कुछ किलोमीटर दूर किलिमनूर में एक खेत खरीद लिया. वे इस खेत में शकरकंद की फसल करना चाहते थे. इसके लिए जब उन्होंने खेत में खुदाई का काम शुरू किया तो जमीन के अंदर उन्हें कुछ ऐसा दिखा कि अपनी किस्मत पर यकीन ही नहीं हुआ.

    जुताई में पिल्लई को एक मटका मिला जिसके अंदर कई प्राचीन मुद्राएं रखी हुई थी. जानकारी के अनुसार ये मटका करेब 100 साल पुराना हैं. इसके अंदर 2,595 प्राचीन सिक्के रखे हैं. इन सिक्कों का जब वजन किया गया तो ये 20 किलो 400 ग्राम निकला. दिलचस्प बात ये हैं कि सभी सिक्के ताम्बे की धातु के बने हुए हैं. सूत्रों के अनुसार ये सिक्के त्रावणकोर साम्राज्य के हैं.

    सिक्के मिलने के बाद इन्हें लैब में जांच के लिए भेज दिया गया हैं. इन सिक्कों पर जंग भी लगी हुई हैं. हालाँकि अभी तक ये बात अस्पष्ट नहीं हैं कि इन सिक्कों की कुल कीमत कितनी हैं. एक्सपर्ट्स इसकी जांच करने के बाद ही सही कीमत का आकलन कर पाएंगे. जानकारों के अनुसार ये सिक्के त्रावणकोर के दो महाराजाओं के शासनकाल के समय चलन में हुआ करते थे. पहले राजा का नाम मूलम थिरुनल राम वर्मा हैं जिनका शासन काल 1885 से 1924 के मध्य रहा. वहीं दुसरे राजा का नाम चिथिरा थिरुनल बाला राम वर्मा  हैं. इनका शासन काल 1924 से 1949 तक का था. ये त्रावणकोर के अंतिम शासक भी थे.

    उधर सोशल मीडिया पर जब लोगो को इस बात का पता लगा कि शख्स को पिछले साल 6 करोड़ की लोटरी लगी और इस साल प्राचीन सिक्कों का खजाना मिला तो उन्हें यकीन नहीं हुआ. आखिर कोई बन्दा इतना ज्यादा लक्की कैसे हो सकता हैं. यहाँ कुछ लोग तो लक छोड़िए इतने ज्यादा बदनसीबी हैं कि तिजोरी में रखा धन भी लूट जाता हैं. खैर ये सब ऊपर वाले का ही खेल हैं. वैसे इस पुरे मामले पर यदि आपकी कोई राय हैं तो हमें जरूर बताए. साथ ही ये जानकारी पसंद आई हो तो इसे दूसरों के साथ शेयर करे. वैसे क्या आप लोगो के साथ कभी कुछ ऐसा हुआ हैं कि आपको लगा हो आप दुनियां के सबसे लक्की इंसान हैं. अपने अनुभव हमारे साथ कमेंट में साझा अवश्य करे.

  • जानिये कैसे विक्स वेपोरब घटा सकती हैˈ आप के पेट की चर्बी और स्ट्रेच मार्क्सˌ

    जानिये कैसे विक्स वेपोरब घटा सकती हैˈ आप के पेट की चर्बी और स्ट्रेच मार्क्सˌ

    जानिये कैसे विक्स वेपोरब घटा सकती हैˈ आप के पेट की चर्बी और स्ट्रेच मार्क्सˌ

    हम विक्स वेपोरब का उपयोग काफी समय से करते आए हैं। ज़्यादार हम इसका इस्तेमाल सर्दी ज़ुखाम या सिर दर्द में करते हैं। लेकिन शायद आपको यह जानकार हैरानी होगी कि इसको इस्तेमाल करने के और भी बहुत सारे तरीके हैं। विक्स वेपोरब कपूर, देवदार के तेल, नीलगिरी अर्क और पेट्रोलियम जेल जैसे शक्तिशाली दवाओं का एक संयोजन है। यह हमारी कई स्वास्थ्य समस्याओं के खिलाफ बहुत प्रभावी है।

    स्ट्रेच मार्क्स के निशान हटाने के लिए विक्स का प्रयोग

    हालांकि विक्स वेपोरब ने कभी दावा नहीं किया है कि यह खिंचाव के निशान को कम करने या त्वचा रोगों के लिए उपयोग है, लेकिन इस उत्पाद में नीलगिरी द्वारा सूजन को कम करने का गुण है। कई लोगों ने पुष्टि की है कि उन्होंने अपने स्ट्रेच मार्क्स के निशान पर विक्स वेपोरब को लगाया और बस कुछ ही दिनों में उल्लेखनीय अंतर महसूस किया।

    खिंचाव के निशान को दूर करने के लिए, विक्स की थोड़ी सी अतिरिक्त राशि लें और अपने स्ट्रेच मार्क्स वाली त्वचा पर धीरे से रगड़ें। यह 5 से 6 मिनट के लिए हर रोज़ करें और आपकी त्वचा स्ट्रेच मार्क्स से मुक्त और चिकनी हो जाएगी।

    वज़न घटाने के लिए विक्स वेपोरब का प्रयोग

    • 2 चम्मच विक्स 
    • आधा चम्मच कपूर पाउडर 
    • 1 चम्मच बेकिंग सोडा 
    • 2 चम्मच शराब का एक मिश्रण बना लें।

    एक छोटी कटोरी में इन सभी सामग्री को मिलाएं और इस पेस्ट को अपने पेट पर लगाएं। 5 मिनट के लिए धीरे मालिश करें और फिर अपने पेट को प्लास्टिक शीट से लपेट लें। इसे 1-2 घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दें। यह विधि बहुत जल्दी परिणाम नहीं देती है, सकारात्मक परिणाम देखने के लिए 15 दिनों के लिए यह करने की आवश्यकता हो सकती है।

  • बड़ी मुश्किल से मिलती है ये खासˈ जड़, जो कंगालों को भी मालामाल बना देती है, बस करें ये उपाय..!ˌ

    बड़ी मुश्किल से मिलती है ये खासˈ जड़, जो कंगालों को भी मालामाल बना देती है, बस करें ये उपाय..!ˌ

    बड़ी मुश्किल से मिलती है ये खासˈ जड़, जो कंगालों को भी मालामाल बना देती है, बस करें ये उपाय..!ˌ

    भारत देश को मान्यताओं का देश कहा जाता है. माना जाता है कि यहां पर हर राज्य में अलग अलग मान्यताएं हैं. सिर्फ इतना ही नही, इसके अलावा हम पुरातन काल से चली आ रही मान्यताओं पर भी अटूट विश्वास रखते हैं. ऐसे में आज हम आपको एक ऐसे ही बेहद चमत्कारी पौधे की जड़ के बारे में बताने वाले हैं, जिसके बारे में मान्यता है कि ये जड़ जिसे मिल जाये उसे मालामाल कर देती है. जी हाँ, ज्यादा जानकारी के लिए बताएं तो ये जड़ मध्य प्रदेश के जंगलों में पाई जाती है. ये एक खास किस्म का दुर्लभ पौधा है जिसका नाम है हत्था जोड़ी.

    सिर्फ इतना ही नहीं बताया जाता है कि इसकी जड़ ज्योतिषों के काम आती है. हत्था जोड़ी के बारे में बात करें तो ये दिखने में इंसानों के हाथों की तरह दिखाई देती है. जी हाँ, सिर्फ इंसानी हाथ ही नहीं बल्कि इस जड़ में दो पंजे दिखाई देते हैं और उंगलियां भी साफ़-साफ़ दिखाई देती है. जानकारी के लिए बताएं तो हत्था जोड़ी की जड़ में पंजों की आकृति ठीक इसी तरह की होती है जैसे मुट्ठी बंधी हुई हो.

    ये पौधा खास तौर से मध्य प्रदेश के जंगलों में पाया जाता है. इस चमत्कारी जड़ के बारे में बताया जाता है कि आमतौर पर जंगलों में रहने वाले लोग इसको बेचते हैं. इस जड़ का प्रयोग ज्योतिष में बहुत ज्यादा किया जाता है. ज्योतिषियों के मुताबिक ये जड़ बहुत चमत्कारी होती है और किसी कंगाल को भी मालामाल बना सकती है. इस जड़ के असर से मुकदमा, दुश्मन और धन से जुड़ी समस्याएं दूर हो सकती हैं. सिर्फ इतना ही नहीं, इस जड़ के बारे में बताया तो ये भी जाता है कि ये जड़ इतनी चमत्कारी है कि इससे वशीकरण भी किया जा सकता है.

    इस जड़ से वशीकरण के अलावा इस जड़ से भूत-प्रेत जैसी समस्याओं को भी खत्म किया जा सकता है. हत्था जोड़ी में चमत्कारी प्रभाव होते हैं. विश्वास की बात करें तो इस जड़ को साक्षात्वी चामुंडा देवी का प्रतिरूप भी जाता है, ऐसे में जायज़ है कि ये जिसके पास भी रहेगा वो आश्चर्यजनक रूप से शक्तिशाली होगा. कड़ी मेहनत के बाद भी आपके पास पैसों की कमी रहती है और आपको आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है तो किसी मंगलवार या शनिवार को हत्था जोड़ी अपने घर ले आएं. इसे लाल रंग के कपड़े में बांधकर किसी सुरक्षित स्थान या तिजोरी में रख दें. अगर तिजोरी में सिन्दूर लगाकर हत्था जोड़ी रखा है तो बेहद फायदा होता है.