Sex Power Booster: मेथी में दो प्रकार के फाइबर होते हैं: घुलनशील और अघुलनशील. ये फाइबर न केवल रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करते हैं, बल्कि रक्त कोलेस्ट्रॉल को भी कम करते हैं.
Benfites Of Fenugreek: मेथी न केवल खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि इसमें कई अन्य गुण भी होते हैं जो आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकते हैं. यहां, हम इनमें से कुछ लाभों के बारे में बताएंगे. मेथी में दो प्रकार के फाइबर होते हैं: घुलनशील और अघुलनशील. ये फाइबर न केवल रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करते हैं, बल्कि रक्त कोलेस्ट्रॉल को भी कम करते हैं. मेथी के कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी हो सकते हैं.
कोलेस्ट्रॉल कम करता है
भीगी हुई मेथी कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद कर सकती है. ऐसा करने का सबसे अच्छा तरीका है कि 10 ग्राम मेथी को रात भर पानी में भिगोकर रखें और सुबह इसका सेवन करें. मेथी में लगभग 2.5 ग्राम फाइबर और 77 मिलीग्राम पोटैशियम होता है.
बाल भी अच्छे रहेंगे
पुराने जमाने में लोग मेथी से हेयर जेल बनाते थे, जिससे बाल मुलायम रहते थे. इससे बालों की सेहत भी बेहतर होती थी. मेथी में आयरन और प्रोटीन दोनों होते हैं. इसमें सूजन-रोधी और फंगल-रोधी गुण होते हैं, जो बालों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. मेथी को रात भर भिगोकर उसका पेस्ट बनाकर बालों में लगाया जा सकता है.
स्तनपान बढ़ाता है
प्रसव के बाद, नई मांए अक्सर स्तन दूध की कमी की शिकायत करती हैं. उन्हें अक्सर घर पर मेथी के लड्डू, मेथी की सब्जी और कई अन्य खाद्य पदार्थ खाने की सलाह दी जाती है. इससे स्तन दूध की आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिलती है.
शुक्राणुओं की संख्या में सुधार
2017 के एक अध्ययन के अनुसार, मेथी का सेवन करने वाले पुरुषों के शुक्राणुओं की गुणवत्ता में सुधार हुआ और शुक्राणुओं की संख्या में भी वृद्धि हुई. इसलिए, अगर आपको बांझपन की समस्या है, तो अपने आहार में हरी मेथी और मेथी के बीज जरूर शामिल करें.
जब भी कोई लड़की शादी कर ससुराल जाती है तो उसे अच्छे से पता होता हैं कि वहां एक औरत ऐसी होगी जिसे खुश रखने के लिए उसे हमेशा ही कुछ ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी. जी हाँ हम यहां सासूजी की बात कर रहे हैं. एक बहू और सास आपस में सबके सामने कितने भी अच्छे से रह ले लेकिन पीठ पीछे दोनों एक दुसरे की बुराई जरूर करते हैं. खासकर जब नई नवेली बहू शादी के बाद अपने दोस्तों से मिलती हैं तो सास की बुराइयों के पूल बाँध देती हैं. इनमे से ज्यादातर बहुए कुछ कॉमन बुराइयां करती हैं जो इस प्रकार हैं.
उसकी बेटी कर सकती हैं लेकिन मैं नहीं
हर घर में कुछ नियम कायदे होते हैं, जिसे यदि उनकी बहू ने जरा सा भी तोड़ दिया तो घर में महाभारत छिड़ जाती हैं. लेकिन वही काम यदि उनकी लाडली बेटी कर दे तो सब कुछ माफ़ होता हैं. वो सलमान खान का गाना हैं ना “मैं करू तो साला करैक्टर ढीला हैं.” बस यही बात यहां पर भी लागू होती हैं. बहुओं को इसी बात की शिकायत रहती हैं कि घर में बेटियों की तरह उन्हें पूरी आजादी नहीं होती है और ना ही उस लेवल का प्यार मिलता हैं.
सास का बदलता व्यवहार
कई बहुए इस बात की शिकायत करती हैं कि उसकी सास सबके सामने तो अच्छे से पेश आती हैं लेकिन जब वे दोनों घर में अकेले होते हैं तो उसका रोद्र और अलग रूप देखने को मिलता हैं. समाज और रिश्तेदारों के सामने वो मीठी होती हैं लेकिन अकेले में करेले के सामान कड़वी होती हैं.
हर काम में नुस्ख निकालना
एक सास घर में कई सालों से कामकाज कर रही होती हैं. इसलिए वो सभी कामो में माहिर होती हैं. ऐसे में जब एक नई नवेली बहू घर में कोई भी काम करती हैं तो उसके परफेक्ट ना होने पर सास बार बार उसकी गलतियाँ निकालती रहती हैं. बहू को यही बात चुभ जाती हैं और वो दूसरों के सामने बुराइयां करने भीड़ जाती हैं.
मेरे जैसा खाना बना वरना बेटे को पसंद नहीं आएगा
एक सास बहू पर लगातार यही प्रेशर डालती हैं कि वो घर में उसकी तरह ही खाना पकाए. कुछ भी अलग ना करे. सास बहू को बार बार ये एहसास दिलाती हैं कि मेरे लाडले बेटे को तो मेरे ही हाथ का खाना ज्यादा भाता हैं. बहू को ये बात बुरी लग जाती हैं और फिर होती हैं मोहल्ले में उनकी बुराइयां.
बात बात पर ताने मारना
एक सास अपनी बहू को ताने मारे बिना ही उस से बात कर ले ऐसा हो ही नहीं सकता हैं. ताने मारना तो उसका जन्मसिद्ध अधिकार हैं. ये तो बहू को सुनना ही पड़त हैं. ‘तेरे माँ बाप ने यही सिखाया हैं?’ ‘तेरे परिवार में ऐसा होता होगा लेकिन हमारी फैमिली में ये नहीं होता.’ इसी तरह के और भी कई ताने बहू को रोजाना सुनने पड़ते हैं. फिर वो इन्हें जमा कर सब दूर बुराई के रूप में बाटती हैं
शादी के बाद तूने मेरे बेटे को बदल दिया
एक सास को हमेशा इस बात की चिंता सताते रहती हैं कि कहीं बहू उसके लाडले बेटे को मुझ से छीन ना ले. वो मुझ से ज्यादा उसकी ना सुनने लगे. फिर वो कई बार तो ये भी कह देती हैं कि पता नहीं मेरे बेटे पर कौन सा काला जादू कर दिया हैं जो वो मेरी तो सुनता ही नहीं हैं. बेटे को लेकर सास अपनी बहू से अक्सर लड़ती रहती हैं.
यदि आप भी समसायिक विषयों के अच्छे जानकार है या किसी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे है तो आज जो प्रश्न आपसे पूछने जा रहे है उनके उत्तर तो आपको मालूम ही होंगे। ये सभी प्रश्न समसायिक अथवा करंट अफेयर्स पर आधारित है। साथ ही इन प्रश्नों के उत्तर देकर आप अपनी तैयारी को और भी बेहतर कर सकते है तथा आपका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और अगर आप भी गवर्नमेंट जॉब की प्रिपरेशन कर रहे है तो आपको ये ज्ञात होगा कि इसके लिए करेंट अफेयर्स का अहम योगदान होता है।
इसके लिए डेली करेंट अफेयर्स से रूबरू होना होता है। इसे डेली हैबिट्स मेंं डालने से कम वक्त में आपको बहुत ज्यादा ज्ञान मिल जाता है। वहीं कुछ लोग ज्ञान के लिए भी करेंट अफेयर्स पढ़ना बेहद ज्यादा पसंद करते है। आज हम आपको मध्यप्रदेश से जुड़े 10 महत्वपूर्ण क्वेश्चन और उनके आन्सर बता रहे है, जिन्हें जानना आपके लिए काफी ज्यादा आवश्यक है।
सवाल 1: वह कौन सा कुत्ता है जो इंसानों को नहीं काटता लेकिन इंसान उसे काटता है ?
जवाब- इसका जवाब नीचे दिया गया है।
सवाल : गांधीजी किसे अपना राजनितिक गुरू मानते थे? जवाब- गोपालकृष्ण गोखले
सवाल : अन्तराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा को बनाए रखने की जिम्मेदारी संयुक्त राष्ट्र संघ के किस अंग की है? जवाब- सुरक्षा परिषद्
सवाल : भारतीय राष्ट्रीय कलेंडर का पहला माह कौन सा है? जवाब- चैत्र
सवाल : फलों को पकाने में कौन सी गैस उपयोग में लाई जाती है? जवाब- ऐथिलीन
सवाल : प्याज में खाद्य भाग कौनसा है? जवाब- तना
सवाल : कम्प्यूटर का पिता किसे कहा जाता है? जवाब- चार्ल्स बेबेज
सवाल : अन्तरिक्ष में जाने वाले प्रथम व्यक्ति कौन थे? जवाब- यूरी गगारिन (रूस)
सवाल : दूरबीन का आविष्कार किसने किया था? जवाब- गैलिलियो ने
सवाल : भारत में पहली रेल कहां तक चली? जवाब- कोलकाता
जो बेटी अपने पिता के साथ रिश्ता नहीं रखना चाहती है, उस बेटी का अपने पिता की प्रोपर्टी पर कोई अधिकार नहीं है। रिश्ता नहीं रखने पर बेटी अपनी शिक्षा और शादी के लिए भी पिता से किसी तरह के पैसे की डिमांड नहीं कर सकती है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने एक विवाहित जोड़े के तलाक के केस में सुनवाई के दौरान ये फैसला सुनाया।
ये है पूरा मामला
इस मामले में पति ने अपने वैवाहिक अधिकारों को लेकर एक याचिका दायर की थी। जिसे पंजाब और हरियाणा न्यायालय ने अस्वीकार कर दिया था। इसके बाद पति ने सुप्रीम कोर्ट में तलाक की गुहार लगाई। सुप्रीम कोर्ट के मध्यस्थता केंद्र में पति-पत्नी और पिता-पुत्री के रिश्तों में सुलह की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं बन पाई। बेटी अपने जन्म से ही मां के साथ रह रही थी और अब उसकी उम्र 20 साल की हो चुकी है, लेकिन इस उम्र में उसने अपने पिता को देखने तक से इंकार कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस संजय किशन कौल की बेंच ने फैसले में कहा कि बेटी 20 साल की है और अपना फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है। अगर वो पिता के साथ रिश्ता नहीं रखना चाहती है तो वह अपने पिता के किसी भी पैसे की हकदार नहीं है। न हीं शिक्षा और शादी के लिए भी पैसे की मांग कर सकती है।
पति को देना पड़ेगा गुजारा-भत्ता
सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा कि पत्नी के पास व्यावहारिक रूप से किसी भी तरह का पैसा और साधन नहीं है। वह अपने भाई के साथ रह रही है, जो उसका और उसकी बेटी का खर्चा उठा रहा है। इस कारण पति अपनी पत्नी के लिए स्थायी गुजारा-भत्ता देने का जिम्मेदार है। वर्तमान में 8000 रुपये हर महीने पति अपनी पत्नी को गुजारा-भत्ता के तौर पर देगा। या फिर वो अपनी पत्नी को एकमुश्त 10 लाख रुपये भी दे सकता है।
मां अपने पैसे से दे सकती है बेटी का साथ
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर मां चाहे तो अपनी बेटी की मदद कर सकती है। अगर वो बेटी का समर्थन करती है तो पति से मिलने वाले पैसे को अपनी बेटी को दे सकती है।
इस केस को पढ़ने और डिटेल में समझने के लिए बेटियों के अधिकार पर हमने बात की एडवोकेट सचिन नायक से बातचीत की है। इन सवालों के जवाब पढ़कर सारा आपका कुछ कंफ्यूजन दूर हो जाए।
सवाल- बेटी अपने फैसले लेने के लायक कब हो जाती है? जवाब- बेटा हो या फिर बेटी दोनों ही बालिग होने के बाद अपने फैसले खुद लेने के लिए स्वतंत्र हैं।
सवाल- क्या पिता बेटी से रिश्ता खत्म कर सकता है? जवाब- भारतीय कानून के अनुसार एक पिता अपनी बेटी से रिश्ता नहीं तोड़ सकता है। कई बार ऐसा जरूर होता है कि पिता अपनी बेटी की जिम्मेदारी नहीं लेता है। ऐसी स्थिति में पिता पर CrPC की सेक्शन 125 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
सवाल- पिता अगर मौखिक तौर पर ये कह दें कि मेरा अपनी बेटी से कोई रिश्ता नहीं है, तो क्या ऐसे में बेटी का पिता की संपत्ति पर कोई अधिकार होगा ? जवाब- पिता रिश्ता खत्म नहीं कर सकता है। बेटी ही कर सकती है। पिता रिश्ता तोड़ भी ले तब भी उसे अपनी बेटी को आर्थिक सहायता देनी पड़ेगी और बेटी का उसकी प्रोपर्टी पर पूरा अधिकार होगा।
सवाल- किन परिस्थितियों में बेटी संपत्ति की वारिस नहीं होती है? जवाब- सिर्फ दो परिस्थितियों में बेटी का अपने पिता की संपत्ति और पैसों पर अधिकार नहीं होता है।
पहला जब पिता ने अपनी वसीयत में बेटी को हिस्सा न दिया हो और अपनी पूरी संपत्ति बेटे, बहू, नाती, पोता, दोस्त, किसी संस्थान या ट्रस्ट के नाम कर दी हो।
दूसरा जब कोर्ट में इस बात का रिकॉर्ड हो कि बेटी और पिता का रिश्ता टूट चुका है।
सवाल- अगर वसीयत लिखे बिना पिता की मौत हो जाती है तब क्या होगा? जवाब- इस स्थिति में बेटा और बेटी को पिता की संपत्ति पर बराबर हिस्सा मिलेगा।
सवाल- साल 2005 से पहले बेटी पैदा हुई है, लेकिन पिता की मृत्यु हो चुकी है तो क्या होगा? जवाब- हिंदू उत्तराधिकार कानून में 9 सितंबर,साल 2005 में संशोधन हुआ। कानून बना कि बेटियों को पिता की संपत्ति पर बेटे की तरह बराबर का हक है। ऐसे में कोई फर्क नहीं पड़ता है कि बेटी कब पैदा हुई है। उसका पिता की संपत्ति पर पूरा अधिकार है। वो संपत्ति चाहे पैतृक हो या फिर पिता की स्वअर्जित।
ध्यान देने वाली बात- बेटी किस तारीख और साल में पैदा हुई इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है, लेकिन वो अपने पिता की संपत्ति पर तभी दावा कर सकती है जब उसके पिता 9 सितंबर, 2005 को जिंदा रहे हों। अगर पिता की मृत्यु इस तारीख से पहले हुई है तो बेटी का पैतृक संपत्ति (Ancestral Property Rights) पर कोई अधिकार नहीं होगा।
ऐसी संपत्ति से पिता बेटा बेटी को नहीं कर सकता बेदलख
अक्सर आपने अखबारों में बेदखली की सूचना देखी होगी। कई बार अनचाही परिस्तिथियों के कारण मां-बाप अपने बेटा बेटी को प्रोपर्टी (Property) से बेदखल कर देते हैं। इसके बाद उस औलाद का अपने माता-पिता की संपत्ति (father’s property) पर कोई अधिकार नहीं रहता। लेकिन एक संपत्ति ऐसी भी होती है जिससे मां बाप द्वारा बच्चों बेदखल नहीं किया जा सकता है। इसे पैतृक संपत्ति (Ancestral Property) कहते हैं। तो अगर आपने अपनी संतान कहीं से बेदखल किया भी है तो तब भी वह पैतृक संपत्ति में हिस्सा लेने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं। इसमें लगभग शत प्रतिशत संभावना है कि कोर्ट का फैसला (court decision)संतान के ही पक्ष में होगा। हालांकि, कई बार कोर्ट ऐसे में मामलों में मां-बाप का समर्थन कर देते हैं लेकिन ये उस निर्धारित केस की डिटेल्स और जज के विवेक पर निर्भर करता है। ये बहुत कम ही होता है। इसके अलावा कोर्ट भी माता-पिता की इस मामले में कोई मदद नहीं कर सकता।
पैतृक संपत्ति की जानकारी
जो प्रोपर्टी दादा, परदादा से मिली हो वो संपत्ति पैतृक कहलाती है। पैतृक संपत्ति (Ancestral Property) कम से कम चार पुश्तें पुरानी होनी चाहिए। इस बीच परिवार में कोई बंटवारा नहीं होना चाहिए, अगर बंटवारा होता है तो वह प्रॉपर्टी पैतृक नहीं रहती। पैतृक संपत्ति पर बेटा और बेटी का बराबर का हक होता है। पैतृक संपत्ति को विरासत में मिली संपत्ति भी कहा जा सकता है। हालांकि, विरासत में मिली हर प्रोपर्टी पैतृक नहीं होती। पैतृक संपत्ति के बारे में हिंदू उत्तराधिकार कानून 1956 की धारा 4, 8 व 19 में बात की गई है। अगर संपत्ति में बंटवारा हो जाता है तो वो पैतृक की जगह खुद से जुटाई गई संपत्ति में तब्दील हो जाती है और इसके बाद माता-पिता अपनी संतान को उस प्रॉपर्टी से बेदखल कर सकते है।
हम सभी ने कभी न कभी सपना देखा होगा कि हमको कोई तिजोरी मिल गई। उसके अंदर खजाने या रुपये भरे हुए थे जिसके बाद हम अमीर हो गए। वैसे तो ये सपना ही है लेकिन कभी-कभी ये हकीकत में बदल जाता है। कुछ ऐसा ही इंग्लैंड के पिता-पुत्र के साथ हुआ है। उनके चुंबक में तिजोरी चिपक गई थी।
तिजोरी को दोनों बाप-बेटों ने खोलने का फैसला किया। जब उन्होंने काफी मेहनत के बाद उसे खोला तो अंदर रखी चीज को देखकर दोनों हैरान हो गए। इसके बाद उन दोनों ने बड़ा फैसला ले लिया। इस तिजोरी को उसके असली मालिक के पास भेज दिया। अब दोनों की ही खूब तारीफ हो रही है।
विटहैम नदी में मिली तिजोरी
इंग्लैंड के रहने वाले जॉर्ज टिंडले 15 साल के हैं। वो अपने पिता केविन जो कि 52 साल के हैं, उनके साथ लिंकनशायर के ग्रैंथम में रहते हैं। दोनों को मछलियां पकड़ने का बहुत शौक है। इसके अलावा दोनों एक अजीब शौक भी रखते हैं। ये लोग नदी में चुंबक डाला करते हैं और रहस्यमयी चीजों की तलाश किया करते हैं।
हाल ही में दोनों पिता-पुत्र विटहैम नदी में मछलियां पकड़ने के लिए गए हुए थे। ये लोग अपने साथ चुंबक भी ले गए थे ताकि कुछ अनोखी चीजों को नदी से चिपकाकर बाहर निकाल सकें। दोनों ने चुंबक को जब नदी में डाला तो अचानक ही उनके चुंबक से कोई भारी चीज चिपक गई। जब बाहर निकाला तो वो तिजोरी थी।
तिजोरी को खोला तो उड़ गए होश
दोनों को समझ में नहीं आया कि उनके चुंबक से तिजोरी कैसे चिपक गई। इसके बाद दोनों को जिज्ञासा होने लगी कि आखिर इस तिजोरी के अंदर क्या है। इसके बाद दोनों ने उस तिजोरी को खोलने का फैसला किया। हालांकि तिजोरी को खोलना इतना आसान नहीं था। फिर भी दोनों ने कोशिश करके तिजोरी खोल दी।
जैसे ही तिजोरी खोली, उसके अंदर रखा सामान देखकर दोनों के होश ही उड़ गए। वो तिजोरी रुपयों से भरी हुई थी। उसके अंदर करीब डेढ़ लाख ऑस्ट्रेलियन मुद्रा पड़ी हुई थी। इतने रुपये देखकर वो हैरान हो गए। जब तिजोरी की और पड़ताल की तो उनको बैंक का कार्ड और एक सर्टिफिकेट भी नजर आया जिसको उन्होंने देखा।
दोनों ने दिखाई ईमानदारी, लौटा दी तिजोरी
पिता और पुत्र दोनों ने जब कागजातों को पढ़ा तो उसमें रॉब एवरेट व्यापारी का नाम लिखा था। इसके बाद दोनों ने फैसला किया कि वो इस तिजोरी को उसके असली मालिक तक पहुंचा देंगे। दोनों ही इसे लेकर सीथा रॉब के पास चले गए। जब रॉब ने अपनी तिजोरी और उसमें रखा धन देखा तो वो भी हैरान हो गए।
रॉब ने बताया कि उनकी ये तिजोरी ऑफिस में रखी हुई थी। साल 2000 में उनके कार्यालय से ही इसकी चोरी हो गई थी। इसके बाद से तिजोरी कहां थी, किसी को पता नहीं लगा था। आखिरकार 22 सालों बाद उनको तिजोरी मिल गई। रॉब ने दोनों की ईमानदारी की तारीफ की। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी एक वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी है जिसमें वो जब चाहें जॉब कर सकते हैं।
Benefits Of Moringa Powder: आयुर्वेद में सेहत को बेहतर बनाने के लिए कई जड़ी-बूटियों और पत्तियों के इस्तेमाल के बारे में बताया गया है। ऐसा ही एक पौधा है मोरिंगा, जिसे अंग्रेजी में ड्रमस्टिक कहते हैं।इस पेड़ की पत्तियां, फल, फूल और बीज सभी औषधीय गुणों से भरपूर हैं। खासकर मोरिंगा की पत्तियों का पाउडर सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। इसे पोषण का पावरहाउस कहा जाता है, क्योंकि इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन ए, सी, ई और बी-विटामिन भरपूर मात्रा में होते हैं। यह शरीर की कमजोरी को तो दूर करता ही है, साथ ही एनर्जी लेवल को भी बूस्ट करता है।
हड्डियां होंगी मजबूतमोरिंगा पाउडर में मौजूद पोषक तत्व हड्डियों, मांसपेशियों और नर्वस सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इसके नियमित सेवन से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है, जिससे कमजोरी दूर होती है और शरीर ज्यादा ऊर्जावान महसूस करता है। बुजुर्गों के लिए यह किसी संजीवनी से कम नहीं है, क्योंकि यह बढ़ती उम्र के असर को धीमा कर सकता है।
ब्लड प्रेशर-कोलेस्ट्रॉल रहेगा नियंत्रितअगर आप हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की समस्या से परेशान हैं, तो मोरिंगा पाउडर इसका प्राकृतिक समाधान हो सकता है। यह रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखता है और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। कई अध्ययनों में यह साबित हो चुका है कि मोरिंगा की पत्तियां ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मददगार हैं, जिससे हार्ट अटैक और अन्य हृदय रोगों का खतरा कम हो सकता है।
शरीर हो जायेगा डिटॉक्समोरिंगा की पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाकर डिटॉक्स करने में मदद करते हैं। इससे शरीर में जमा विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं, जिससे त्वचा की चमक बढ़ती है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी होती है। यह इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करता है और कई बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है।
पेट की समस्याओं को करता है खत्ममोरिंगा पाउडर पाचन तंत्र के लिए भी वरदान है। यह कब्ज, गैस और पेट फूलने जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मददगार है। इसके नियमित सेवन से आंत साफ होती हैं और पाचन क्रिया बेहतर होती है। पेट की समस्याओं से पीड़ित लोगों के लिए यह किसी औषधि से कम नहीं है।
शुगर के लिए रामबाणमधुमेह रोगियों के लिए मोरिंगा किसी वरदान से कम नहीं है। इसमें मौजूद बायोएक्टिव यौगिक रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। शोध के अनुसार, मोरिंगा के नियमित सेवन से शरीर की इंसुलिन के प्रति संवेदनशीलता बढ़ती है, जिससे रक्त शर्करा नियंत्रण में रहती है और मधुमेह का खतरा कम होता है।
बालों -त्वचा के लिए लाभकारीमोरिंगा पाउडर न केवल शरीर के अंदर बल्कि बालों और त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसमें मौजूद विटामिन ए, सी और ई त्वचा को निखारने और बालों के विकास को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। यह रूसी और स्कैल्प की समस्याओं को दूर करके बालों को घना और मजबूत बनाता है। घर पर मोरिंगा पाउडर कैसे तैयार करें?ताजा मोरिंगा के पत्ते लें और उन्हें अच्छी तरह से धोकर सुखा लें। जब पत्ते पूरी तरह से सूख जाएं, तो उन्हें मिक्सर में पीसकर बारीक पाउडर बना लें। इसे एक एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें और रोजाना एक चम्मच पानी या शहद के साथ सेवन करें।
प्राकृतिक सुपरफूड है मोरिंगामोरिंगा पाउडर एक प्राकृतिक सुपरफूड है, जो बढ़ती उम्र की थकान को दूर करके शरीर को जवां बनाए रख सकता है। दिल, पाचन, हड्डियों और त्वचा के लिए फायदेमंद होने के अलावा यह मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं को भी नियंत्रित कर सकता है। अगर आप अपनी सेहत को बेहतर बनाना चाहते हैं तो इसे अपनी रोजाना की डाइट में जरूर शामिल करें।
Disclaimer:इस आलेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है। पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। इन खबर इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है।
हमारे शरीर पर तिल का होना एक आम बात है. हर एक शख़्स के शरीर पर कोई न कोई तिल होता ही होता है. किसी के शरीर पर तिल छोटा तो किसी के शरीर पर बड़ा तिल होता है, लेकिन तिल होता जरूर है. आपके भी शरीर पर किसी न किसी हिस्से पर तिल जरूर होगा. लेकिन आप शायद यह नहीं जानते हैं कि ये छोटे से तिल अपने भीतर बहुत बड़ी बात समेटे हुए रहते हैं. इन तिल का बहुत की विशेष महत्व होता है. ये तिल फ़ायदेमंद होने के साथ ही नुकसानदायक भी होते हैं. इसे लेकर समुद्र शास्त्र में काफी कुछ बताया गया है.
आपको जानकारी के लिए बता दें कि, हमारे शरीर पर मौजूद कई तिल हमारे भविष्य को लेकर काफी कुछ कहते हैं. भविष्य के साथ ही तिल मानव के स्वभाव और उसके व्यवहार के बारे में भी बताते हैं. शरीर के कई तिल अलग अलग चीजों की ओर इशारा करते हैं, जिनके बारे में जानकारी बहुत ही आवश्यक है. समुद्र शास्त्र की बात करें तो इसमें तिल को काफी अहमियत दी गई है. मानव के शरीर पर होने वाले तिल को लेकर समुद्र शास्त्र में कुछ ऐसी बातें बताई गई है जिसके बारे में जानकर आप हैरत में भी पड़ सकते हैं. इसके मुताबिक़, शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर होने वाले तिल हमारे भाग्य के बारे में भी कई अहम खुलासे करते हैं. ये हमे भविष्य की परिस्थितियों में होने वाले बदलाव से अवगत करने में भी बड़ी भूमिका निभाते हैं. ऐसे में शरीर के तिल के बारे में जानकारी आवश्यक है.
बता दें कि, तिल कई तरह के होते हैं. आकार में बड़े, छोटे, मोटे, पतले आदि. कुछ लोगों को जन्म के साथ ही तिल ईश्वर के तोहफ़े के रूप में मिल जाता है जो कि अंत तक उनके साथ रहता है. वहीं जन्म के कई सालों बाद भी लोगों को तिल होते हैं और एक समय के बाद ये स्वतः ही चले जाते हैं. जबकि कई तिल समय के साथ साथ बढ़ते भी रहते हैं और कई तिल का आकार लोगों की उम्र बढ़ने के साथ साथ घटते भी रहता है. जबकि बाद में तिल शरीर से पूरी तरह गायब भी हो जाता है. समुद्र शास्त्र की माने तो बड़े और ठीक से नज़र आने वाले तिल ही मानव जीवन को प्रभावित करते हैं. इनकी तुलना में अस्पष्ट रूप से दिखने वाले और छोटे तिल प्रभावहीन होते हैं. आज हम आपको मानव शरीर के उस अंग के तिल के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे व्यक्ति की कामुकता के बारे में पता चलता है.
समुद्र शास्त्र में कामुकता से संबंधित तिल के बारे में बताया गया है. जिन लोगों के ऊपरी होंठ पर तिल होता है, वे लोग कामुक स्वभाव के होते हैं. बता दें कि, जिन लोगों के ऊपर होंठ पर बाईं दिशा में तिल पाया जाता है ऐसे लोग बहुत कामुक होते हैं और इन्हें शारीरिक संबंध बनाने की ज्यादा इच्छा होती है.
वहीं ऐसे लोगों को लेकर यह भी कहा गया है कि, इस तरह के लोग एक-दो नहीं बल्कि कई प्रेम संबंध में बंधे होते हैं. जबकि जिन लोगों के ऊपरी होंठ पर दाईं ओर तिल होता है, वे बहुत भाग्यशाली माने जाते हैं. ऐसे लोगों को लेकर कहा जाता है कि इन लोगों के पास धन का अभाव नहीं होता है. इनके पास हमेशा धन रहता है.
Salman khan: बॉलीवुड के दबंग अभिनेता सलमान खान (Salman khan) अक्सर अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। इसी बीच एक बार फिर भाईजान अपनी एक एक्स गर्लफ्रेंड को लेकर चर्चा में आ गए हैं. जी हां, जिस अभिनेत्री की हम बात कर रहे हैं, उन्होंने एक बार सलमान खान के बारे में दावा किया था कि सलमान द्वारा उनके साथ वन नाइट स्टैंड करने से वह हैरान रह गई थीं. तो चलिए आपको बताते हैं कि पूरा मामला क्या है?
आखिर कौन है वो एक्ट्रेस?
दरअसल, हम जिनकी बात कर रहे हैं वो हैं सोमी अली जो एक समय बॉलीवुड की उभरती हुई अभिनेत्री थीं। सुपरस्टार सलमान खान (Salman khan) के साथ सोमी के अफेयर के चर्चे खूब रहे थे. लेकिन ब्रेकअप के बाद सोमी अली ने सलमान खान पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें वन नाइट स्टैंड और मानसिक व शारीरिक शोषण जैसी बातें शामिल हैं।
वन नाइट स्टैंड
हाल ही में एक रेडिट थ्रेड में जब एक यूज़र ने सोमी अली से पूछा कि उन्होंने बॉलीवुड क्यों छोड़ दिया, तो उन्होंने जवाब दिया, “क्योंकि मैं सलमान खान (Salman khan) के 8 वन-नाइट स्टैंड से तंग आ चुकी थी। मुझे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में शारीरिक और मौखिक दुर्व्यवहार भी पसंद नहीं है.” उन्होंने आगे कहा, “मैंने बॉलीवुड तब छोड़ा जब मेरा बॉयफ्रेंड ‘ऐश’ नाम की एक नई लड़की लेकर आया। मेरी पढ़ाई पूरी हो चुकी थी और मैं इन सब चीज़ों से बहुत परेशान थी।”
सलमान के साथ करियर बर्बाद
सोमी अली का यह भी कहना है कि सलमान खान (Salman khan) के साथ उनके रिश्ते ने उनके करियर को प्रभावित किया। उन्होंने ‘आंदोलन’, ‘आयो प्यार करें’, ‘यार गद्दार’ और ‘कृष्णा अवतार’ जैसी फिल्मों में काम किया, लेकिन कुछ सालों बाद उन्होंने इंडस्ट्री से दूरी बना ली। फिलहाल सोमी बॉलीवुड से पूरी तरह दूर हैं और सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं।
उत्तर प्रदेश से एक बड़ी सनसनीखेज़ घटना सामने आ रही है। यहां की राजधानी में अपने ही घर में लोग सुरक्षित नहीं हैं। पता नहीं कब कौन आप पर नज़र रख रहा हो। आपके घर में हो सकता है कोई छेद हो और आपको जानकारी भी न हो। ये सुराख आपकी कमाई और सारी इज़्ज़त एक पल में नीलाम कर सकता है।
यहां एक पति-पत्नी अब थाने के चक्कर में लगे हुए हैं। आइए बताते हैं पूरा मामला…
छह करोड़ रुपये की रंगदारी
यहां एक दंपत्ति के मोबाइल फोन पर एक मैसेज आया, जिससे उनकी रातों की नींद और दिन का चैन छिन गया। रात करीब 11 बजे पति-पत्नी के पास अनजान नंबर से मैसेज आया। जैसे ही मैसेज खोला तो दंपत्ति की आंखें चकरा गईं। मैसेज में एक वीडियो भेजकर 6 करोड़ रुपये मांगे गए थे।
फॉल्स सीलिंग में दिखा सुराख
दरअसल, इस वीडियो में पति-पत्नी बाथरूम में नहाते हुए दिख रहे थे। ये वीडियो उनके घर के बाथरूम का ही था। जैसे ही वीडियो खोला तो दंपत्ति भागकर बाथरूम चेक करने गए। जांच करने पर बाथरूम की फॉल्स सीलिंग में एक सुराख मिला। अज्ञात युवक दंपत्ति को लगातार फोन करके परेशान कर रहा है। उसने मैसेज में छह करोड़ रुपये की मांग की है।
बर्बाद करने की धमकी
परेशान दंपत्ति पुलिस से मदद मांगने पहुंचा। दंपत्ति ने पुलिस को बताया कि किसी ने बाथरूम में छिपे कैमरे से उनका नहाते हुए वीडियो बना लिया है। अगर पैसे नहीं दिए तो बर्बाद करने की धमकी दी गई है। इस पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, अज्ञात युवक का कुछ पता नहीं लग सका है।
Ghutno ki Greece Kaise Badhaye: बढ़ती उम्र के साथ घुटनों का दर्द, अकड़न या चलते-फिरते समय घुटनों से खट-खट की आवाजे आना आम समस्या बन जाती हैं. हालांकि, आज के समय में बुजुर्गों से अलग कम उम्र के लोग भी इस तरह घुटनों में जकड़न या दर्द जैसी परेशानियों से जूझ रहे हैं.
इसका मुख्य कारण घुटनों की ‘ग्रीस’ यानी लुब्रिकेशन का कम हो जाना है. जब जोड़ों के बीच की ग्रीस खत्म होने लगती है, तो घर्षण बढ़ता है, जिससे असहनीय दर्द और ऐंठन की परेशानी भी बढ़ जाती है. अब, अगर आप भी इस तरह की समस्याओं से परेशान रहते हैं, तो ये आर्टिकल आपके लिए मददगार हो सकता है. यहां हम आपको घुटनों की ‘ग्रीस’ बढ़ाने का नेचुरल तरीका बता रहे हैं.
मामले को लेकर एक पॉडकास्ट के दौरान नेचुरोपैथी डॉक्टर एन के शर्मा ने बताया, घुटने की परेशानी दो मुख्य कारणों से हो सकती है, एक है कैल्सिफिक ओस्टियो फैट का जमा होना, जिससे ब्लड सप्लाई कमजोर हो जाती है और दूसरा है कार्टिलेज का घिसना, जिससे साइनोवियल फ्लूइड (Synovial Fluid)कम होने लगता है. साइनोवियल फ्लूइड जोड़ों को चिकनाई देता है और घिसाव को कम करता है. जब यह कम हो जाता है, तो घुटने में दर्द, सूजन और अकड़न हो सकती है.
कैसे दूर करें घुटनों की परेशानी?
इस सवाल को लेकर डॉ. बताते हैं, कम उम्र में इस तरह की परेशानी का मुख्य कारण फिजिकल एक्टिविटी में कमी और गलत खानपान होता है. आज के समय में लोग जरूरत से ज्यादा स्टार्च, प्रोटीन या प्रोसेस्ड फूड खाने लगे हैं. ये शरीर में एसिड बनाने का काम करते हैं. ये एसिड खून को गाढ़ा कर देता है. गाढ़ा खून शरीर की महीन नसों (कैपिलरीज) तक नहीं पहुंच पाता, जिससे घुटनों में खून की सप्लाई कम हो जाती है. इससे धीरे-धीरे वहां पोषण की कमी हो जाती है और घुटने जवाब देने लगते हैं.
क्या है इलाज?
नेचुरोपैथी डॉक्टर कहते हैं, घुटनों से जुड़ी परेशानी को ठीक करने के लिए आपको सर्कुलेशन बढ़ाना होगा और इसके लिए आपको अपना खानपान सुधारना होगा.
डॉक्टर एन के शर्मा डाइट में ठोस खाना जैसे अन्न, दाल, नॉनवेज का सेवन कम कर फलों, सलाद, अंकुरित दालों और मेवों का सेवन बढ़ाने की सलाह देते हैं. इससे अलग डॉ. रोजाना हल्की वॉक करने और शरीर को किसी भी रूप में 30 मिनट मूवमेंट देने की सलाह देते हैं. इसके लिए आप रोज थोड़ी देर डांस कर सकते हैं, योग कर सकते हैं या सीढ़ियां भी चढ़ सकते हैं. डॉ. के मुताबिक, सही डाइट लेने से खून गाढ़ा नहीं होता है, वहीं रोज हल्की मूवमेंट से ब्लड सप्लाई ठीक तरह होती है.
नेचुरोपैथी डॉक्टर बताते हैं, जिस तरह खराब आदतें घुटने से जुड़ी परेशानी को बढ़ा देती हैं, वैसे ही अच्छी आदतों को अपनाने से शरीर खुद उन्हें ठीक कर सकता है. शरीर में खुद को हील करने की शक्ति होती है. आपको बस सही वातावरण देना है. इसके लिए हेल्दी डाइट लें और फिजिकल एक्टिविटी को भी बढ़ाएं.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.