हमारे देश मे कई सारी ऐसी जगह हैं जहां पर अरबों रूपये का खजाना छिपा है। हमने कई बार अपने बडे बुजुर्गों से भी यह सुना है कि जमीन में कई सारा खजाना है। इसी के साथ कहीं कहीं ऐसी घटनाएं भी हमारे सामने जहां पर हमारे सामने धन निकला है। इसी क्रम में आज मैं आप लोगों को एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहा हैं जहां पर एक झील में काफी सारा खजाना छिपा है।
इस खजाने का जो रखवाला है इसके बारे में सुनकर आपका दिमाग खराब हो जाएगा। क्योंकि इस खजाने की रखवाली एक बहुत बड़ा नाग करता है। यह झील हिमाचल प्रदेश की दुर्गम पहाड़ों पर स्थित हैं। हिमाचल प्रदेश की मण्डी से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जो रोहांडा के घने जंगलों में स्थित हैं। हालांकि यहां पर पहुंचना कोई आसान काम नहीं है।
यहां पर बने प्रसिद्ध मंदिर के पास में ही एक कमरुनाग झील हैं इस झील में भक्त लोग सोनें और चांदी की चीजे डालते हैं। दोस्तों बता दें कि यह परम्परा सदियों से चली आ रही हैं बताया जाता है कि इस झील के नीचे खरबों रूपयों का खजाना छिपा हुआ है।
कहा जाता है कि खजाने का मालिक देवताओं को माना जाता है। पौराणिक कथाओं के मुताबिक इस खजाने की निगरानी एक बड़ा नाग कर रहा है। साथ ही कहा जाता है कि यहां पर आकर कोई भी मनोकामना मांगने भगवान उसकी सारी इच्छाए पूरी करते है। जब इन लोगों की मनोकामना पूरी होती है तो लोग यहां पर आकर सोने चांदी के आभूषण इस झील मे चढ़ाते हैं।
हेल्थ डेस्क: महिलाएं अपने प्रेग्नेंसी के बारे में जानने के लिए डॉक्टर के पास जाने से पहले कुछ घरेलू उपायों का सहारा ले सकती हैं। हालांकि, ये घरेलू उपाय पूरी तरह से मेडिकल टेस्ट के समान नहीं होते, लेकिन ये संकेत दे सकते हैं कि आप गर्भवती हैं या नहीं। यदि आपको लगता है कि आप प्रेग्नेंट हैं, तो इन उपायों से आप अपने शरीर में बदलावों का पता लगा सकती हैं।
हालांकि, इन घरेलू उपायों से मिलने वाले संकेत 100% सही नहीं होते और इनका परिणाम अक्सर गलत भी हो सकता है। यदि आप इन टेस्टों में से कोई भी टेस्ट करते हैं और परिणाम सकारात्मक दिखाई देता है, तो यह सलाह दी जाती है कि आप डॉक्टर से सलाह लें और एक मेडिकल प्रेग्नेंसी टेस्ट कराएं।
1. विनेगर (Vinegar) से टेस्ट
विनेगर का उपयोग प्रेग्नेंसी टेस्ट के लिए एक पुराने और आसान तरीके के रूप में किया जाता है। इस प्रक्रिया में आपको विनेगर में थोड़ा सा यूरिन मिलाना होता है। अगर विनेगर और यूरिन के मिश्रण में रंग में बदलाव होता है, तो यह प्रेग्नेंसी के संकेत हो सकते हैं। अगर विनेगर का रंग बदल जाता है, तो यह आपके गर्भवती होने का संकेत हो सकता है।
2. कांच के ग्लास (Glass Test)
यह एक सरल और प्रभावी तरीका है। एक साफ कांच के ग्लास में थोड़ी सी पेशाब डालें। अगर आप गर्भवती हैं तो कुछ समय बाद इस ग्लास पर सफेद परत दिखाई देगी। यह परत आपके प्रेग्नेंसी का संकेत हो सकती है। यदि यह परत न दिखे तो इसका मतलब आप प्रेग्नेंट नहीं हैं।
3. ब्लीच का प्रयोग (Bleach Test)
ब्लीच के साथ यूरिन मिलाकर प्रेग्नेंसी टेस्ट किया जा सकता है। एक बर्तन में थोड़ी ब्लीच लें और इसमें अपनी पेशाब मिलाएं। अगर इस मिश्रण में बुलबुले दिखाई देते हैं तो यह संकेत हो सकता है कि आप गर्भवती हैं। अगर बुलबुले न बनें तो इसका मतलब आप प्रेग्नेंट नहीं हैं।
4. चीनी से टेस्ट (Sugar Test)
चीनी का प्रयोग भी प्रेग्नेंसी का पता लगाने का एक घरेलू तरीका है। किसी बर्तन में चीनी डालें और इसमें थोड़ी सी पेशाब मिलाएं। अगर चीनी आपस में चिपक जाती है तो यह गर्भवती होने का संकेत हो सकता है। दूसरी ओर, अगर चीनी घुल जाती है तो आप प्रेग्नेंट नहीं हैं।
5. साबुन टेस्ट (Soap Test)
साबुन का उपयोग यूरिन के साथ मिलाकर किया जाता है। एक साबुन का टुकड़ा लें और उसमें यूरिन डालें। अगर इससे बुलबुले बनते हैं तो यह प्रेग्नेंसी के पॉजिटिव होने का संकेत हो सकता है। यह तरीका भी आसान है और घर पर किया जा सकता है।
6. डेटॉल टेस्ट (Dettol Test)
डेटॉल का उपयोग प्रेग्नेंसी टेस्ट करने के लिए भी किया जा सकता है। एक कांच के बर्तन में डेटॉल और यूरिन मिला लें। अगर यूरिन और डेटॉल मिलकर घुल जाते हैं तो इसका मतलब आप प्रेग्नेंट नहीं हैं। लेकिन अगर यूरिन की परत ऊपर तैरने लगती है, तो यह संकेत हो सकता है कि आप गर्भवती हैं।
7. टूथपेस्ट टेस्ट (Toothpaste Test)
इसमें आपको सफेद टूथपेस्ट का उपयोग करना होता है। थोड़ी सी पेशाब को सफेद टूथपेस्ट में डालें। अगर टूथपेस्ट का रंग नीला हो जाता है, तो यह गर्भवती होने का संकेत हो सकता है। यह एक बहुत ही सरल और आसान तरीका है, जिसे आप घर पर कर सकती हैं।
ज्योतिष शास्त्र में राशि और नाम के आधार पर लोगों का भविष्य और उनका व्यवहार बताया जाता है। आज हम आपको R नाम वाली लड़कियों के बारे में बताएंगे। यदि आप इस नाम वाली किसी लड़की को जानते हैं तो इस खबर के आधार पर उनके बारे में बहुत कुछ जानकारी हासिल कर सकते हैं। इस तरह उन्हें डेट करने या उनसे शादी करने से पहले आप उनके बारे में बहुत कुछ जान सकते हैं।
ऐसा होता है R नाम वाली लड़कियों का स्वभाव
1. R नाम वाली लड़कियां स्वभाव में बड़ी सुंदर और स्वीट होती है। इनकी बोली में एक मिठास होती है। इनका दिल बहुत खूबसूरत होता है। इनका व्यक्तित्व आकर्षक होता है। ये जिन भी लोगों से मिलती हैं उनका दिल जीत लेती हैं।
2. R नाम वाली लड़कियां मिलनसार स्वभाव को होती है। ये जल्दी लोगों से घुलमिल जाती हैं। यह अपने ग्रुप में सबसे पॉपुलर होती हैं। इनका फ्रेंड सर्कल बहुत बड़ा होता है। ये अपने ग्रुप की लीडर भी होती हैं। लोग इन्हें। पसंद करते हैं।
3. R नाम वाली लड़कियां बड़ी क्रिएटिव माइंड वाली होती हैं। इनकी सोच और विचार दूसरों से काफी अलग और हटकर होती है। इनके काम करने का तरीका बड़ा रचनात्मक होता है। इनकी ये क्रिएटिविटी इन्हें करियर में बड़ा आगे ले जाती है।
4. R नाम वाली लड़कियों को गुस्सा बहुत जल्दी आता है। गुस्सा उनकी नाक पर बैठा रहता है। इनका अपने गुस्से पर कोई काबू नहीं रहता है। इसलिए ये कई बार गुस्से में ऐसा कुछ बोल जाते हैं जिसके चलते इन्हें बाद में पछतावा होता है।
5 इस नाम वाली लड़कियों को शादी से पहले और बाद में दोनों टाइम दिक्कत आती है। इन्हें अपने वैवाहिक जीवन में काफी संघर्षों का सामना करना पड़ता है। ये अपने ससुराल में शांति से नहीं रह पाती है। इन्हें कोई न कोई दुख जरूर रहता है।
6 इस नाम वाली लड़कियां बड़े दयालु नेचर की होती है। इनके दिल में दया का दीपक हमेशा जलता रहता है। यह दूसरों की मदद को हमेशा आगे रहती हैं। ये किसी को दुख में नहीं देख सकती हैं। इनका दिल भी बहुत बड़ा होता है। यह किसी की मदद से मुंह नहीं मोड़ती हैं।
7 इस नाम की लड़कियां बड़ी कंजूस होती है। इनकी जेब से आसानी से पैसे नहीं निकलते हैं। ये दूसरों के लिए ज्यादा खर्चा नहीं करती हैं। यह पैसे बड़ा सोच समझकर यूज करती हैं। इनकी सेविंग भी बड़ी तगड़ी होती है।
उम्मीद करते हैं कि आपको ये जानकारी पसंद आई होगी। कृपया इसे R नाम वाली लड़कियों के साथ जरूर शेयर करें।
न्यूक्लियर बम हवा में फटे या ज़मीन पर – कहां होती है ज़्यादा तबाही? जानिए सबसे खतरनाक सच
भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में बढ़ते सैन्य तनाव और ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा के बीच “Nuclear Bomb Explosions” एक बार फिर सुर्खियों में है। पाकिस्तान की ओर से यह आरोप लगाया गया कि भारत ने इस ऑपरेशन के तहत उसके न्यूक्लियर स्टोरेज साइट किराना हिल्स को निशाना बनाया। हालांकि भारत सरकार ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर का मकसद सिर्फ आतंकी ठिकानों को खत्म करना था, न कि किसी परमाणु सुविधा को।
इस विवाद के बीच यह सवाल भी उठने लगा है कि अगर कभी परमाणु हथियारों का इस्तेमाल हुआ, तो ज्यादा विनाशकारी असर कब होगा जब न्यूक्लियर बम हवा में फटेगा या जब वह जमीन पर ब्लास्ट होगा? इस लेख में हम इसी विषय की गहराई से पड़ताल करेंगे और इससे जुड़े अन्य पहलुओं को समझने की कोशिश करेंगे।
भारत की No First Use पॉलिसी: परमाणु हमले में संयम का परिचय
भारत और पाकिस्तान दोनों ही परमाणु शक्ति से संपन्न देश हैं, लेकिन दोनों की न्यूक्लियर पॉलिसी में एक बड़ा फर्क है। भारत ने “No First Use Policy” यानी पहले परमाणु हमला न करने की नीति को अपनाया है। इसका मतलब साफ है कि भारत तब तक किसी देश पर न्यूक्लियर अटैक नहीं करेगा जब तक उस पर पहले न्यूक्लियर हमला न हो।
भारत यह मानता है कि परमाणु हथियार रक्षा का अंतिम विकल्प हैं और इनका उपयोग केवल तभी होगा जब उसकी संप्रभुता और सुरक्षा पर सीधा खतरा मंडराए। इसके उलट पाकिस्तान ने ऐसी किसी भी नीति को औपचारिक रूप से नहीं अपनाया है। वह स्थिति के अनुसार परमाणु हमले का विकल्प खुले रखता है।
पाकिस्तान के Tactical nuclear weapons: छोटे बम, बड़ी चिंता
पाकिस्तान ने बीते वर्षों में पारंपरिक न्यूक्लियर बमों के अलावा छोटे आकार के न्यूक्लियर डिवाइसेज़, जिन्हें टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन्स कहा जाता है, का भी विकास किया है। इन हथियारों का मकसद है सीमित दायरे में उच्च प्रभाव डालना।
टैक्टिकल वेपन्स का इस्तेमाल खास तौर पर ग्राउंड ऑपरेशन्स में दुश्मन के सैन्य काफिलों या ठिकानों पर किया जा सकता है। हालांकि, इनका विनाशकारी असर हिरोशिमा या नागासाकी जैसे बड़े हमलों की तुलना में कम होता है, लेकिन जहां ये गिरते हैं, वहां रेडिएशन और पर्यावरणीय असर बेहद गंभीर होता है।
एयर बर्स्ट डिटोनेशन: जब बम हवा में फटता है
Nuclear Bomb Explosions को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि वे हवा में फटें। इसे “Air Burst Detonation” कहा जाता है। इस तरह के ब्लास्ट में बम को ज़मीन से कुछ सौ मीटर ऊपर फटाया जाता है जिससे रेडिएशन और विस्फोट की लहरें चारों ओर बड़े क्षेत्र में फैलती हैं।
हवा में ब्लास्ट होने का सबसे बड़ा असर यह होता है कि बम का ताप और शॉक वेव्स बड़ी आबादी वाले इलाकों को प्रभावित करती हैं। यही रणनीति अमेरिका ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर अपनाई थी। इन हमलों में लगभग 2 लाख लोग मारे गए और आज भी इन शहरों पर उसका असर देखा जा सकता है।
ग्राउंड ब्लास्ट: जब तबाही ज़मीन के नीचे तक पहुंचती है
इसके विपरीत अगर न्यूक्लियर बम ज़मीन पर या ज़मीन के नज़दीक फटता है तो इसका असर सीमित क्षेत्र में लेकिन कहीं अधिक तीव्र होता है। इसे ग्राउंड बर्स्ट कहा जाता है। इस तरह के हमलों का मुख्य उद्देश्य होता है दुश्मन के बंकर, मिसाइल बेस या गुप्त कमांड सेंटर्स को नष्ट करना।
ग्राउंड बर्स्ट से ज़मीन के नीचे तक रेडिएशन पहुंचता है और उस क्षेत्र को वर्षों तक रहने योग्य नहीं छोड़ा जा सकता। हालांकि इसका प्रभाव सीमित क्षेत्र में होता है, लेकिन रेडिएशन फैलाव अधिक तीव्र होता है जिससे स्थानीय पर्यावरण और आबादी गंभीर रूप से प्रभावित होती है।
कौन सा ब्लास्ट है ज्यादा खतरनाक?
यह सवाल अब भी बना हुआ है कि हवा में फटा बम ज्यादा खतरनाक है या ज़मीन पर? इसका उत्तर इस पर निर्भर करता है कि टारगेट क्या है। अगर किसी बड़े शहर या सिविलियन एरिया को लक्ष्य बनाना हो तो एयर बर्स्ट ज़्यादा प्रभावी होता है, जबकि अगर सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना हो तो ग्राउंड बर्स्ट अधिक कारगर है।
यानी दोनों ही प्रकार के ब्लास्ट अपने-अपने परिप्रेक्ष्य में अत्यंत विनाशकारी हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि एक ज्यादा लोगों को प्रभावित करता है और दूसरा ज्यादा गहराई तक तबाही लाता है।
न्यूक्लियर हथियार: अब भी 9 देश हैं इसके मालिक
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अब तक किसी युद्ध में न्यूक्लियर हथियारों का प्रयोग नहीं हुआ है। फिलहाल दुनिया में 9 देश ऐसे हैं जिनके पास परमाणु हथियार हैं, अमेरिका, रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान, ब्रिटेन, फ्रांस, इज़राइल और उत्तर कोरिया।
हर देश की अपनी परमाणु नीति है, लेकिन इन सभी के पास इतना स्टॉक है कि एक बड़े युद्ध की स्थिति में दुनिया का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है।
भाई, सीधी बात है। आज के जमाने में हर आदमी यह सोचता है कि कौन सा ऐसा धंधा है जिसमें न पढ़ाई लिखाई की टेंशन हो, न ज्यादा पैसा लगाना पड़े, और फिर भी जल्दी हाथ में कमाई आ जाए।
अगर आप बहुत पढ़े-लिखे नहीं भी हैं और एकदम साधारण ज़िंदगी जीते हैं, तब भी कुछ काम ऐसे हैं जिनमें बस थोड़ा सा धैर्य और लगन चाहिए, बाक़ी सब अपने आप आसान होता चला जाता है।
पहला रास्ता है दूध और दही का छोटा कारोबार। गांव-कस्बे से लेकर शहर तक दूध-दही रोज़ हर घर में चाहिए ही चाहिए। यहां न कोई बड़ी पढ़ाई की ज़रूरत है, न ही बड़ी पूंजी। बस शुरुआत में 2–4 भैंस या गाय से शुरू करें और धीरे-धीरे अपने ग्राहकों से सीधा जुड़ते जाएं। सबसे बड़ा फायदा ये है कि इस धंधे में नकद पैसा रोज़ के रोज़ आता है।
दूसरा काम है घर-घर टिफिन और खाना पहुंचाना। आजकल लोग बाहर काम पर जाते हैं, पढ़ाई करने वाले बच्चे हैं, या नौकरी करने वाले अकेले रहते हैं—सबको घर का सादा खाना चाहिए। यहां पर आपको कोई रसोइया जैसा मास्टर नहीं बनना, बस साफ-सुथरा और सादा स्वाद बनाना है। इसमें न बड़ी दुकान चाहिए, न बड़ा दिमाग। बस मेहनत ईमानदारी से करनी है।
तीसरा धंधा है सब्ज़ी और फल का। यह सबसे आसान और रोज़ कमाई वाला काम है। सुबह मंडी से सामान उठाओ और दिन भर मोहल्लों, गलियों या ठेले पर बेचो।
इस काम में न कोई भारी इन्वेस्टमेंट है और न ज्यादा दिमाग लगाना पड़ता है। लोग रोज़ सब्ज़ी-फल लेते ही हैं, और आप मेहनत के हिसाब से कमाई कर सकते हैं।
चौथा तरीका है मोबाइल रिपेयरिंग या छोटे-छोटे इलेक्ट्रॉनिक काम। आज गांव-शहर हर जगह मोबाइल ही मोबाइल है। इस धंधे में बस एक-दो महीने का छोटा कोर्स करना पड़ेगा, उसके बाद आप खुद की दुकान खोल सकते हैं। इन्वेस्टमेंट बहुत कम है, लेकिन रोज़ का ग्राहक मिलता ही है।
पांचवां काम है देसी नाश्ते-पकौड़ी, चाय-नाश्ता का ठेला। सुबह-शाम लोग फुर्सत में कुछ खाने-पीने के लिए रुकते ही हैं। इस काम में बड़ा होटल खोलने की ज़रूरत नहीं, बस साफ-सुथरा और स्वादिष्ट सामान दें। ग्राहक खुद-ब-खुद बार-बार लौटकर आएगा।
छठा धंधा है छोटे लेवल पर मुरमुरा, भुना चना, या मसालेदार मूंगफली का पैक बनाना और मोहल्लों, दुकानों या हाट-बाज़ार में सप्लाई करना। ये सामान हर जगह बिकता है, और इनकी मांग कभी खत्म नहीं होती। इसमें बस थोड़ा सा होशियार रहना है कि सामान हमेशा ताज़ा और स्वादिष्ट बने।
यानी, बात सीधी है। अगर आप बहुत बड़े सपने देखकर भारी-भरकम धंधा शुरू करने की सोचोगे, तो टेंशन भी बड़ी मिलेगी। लेकिन अगर इन छोटे-छोटे और देसी कामों में से कोई पकड़ लोगे, तो बिना ज्यादा पढ़ाई, बिना ज्यादा पैसा और बिना ज्यादा दिमाग लगाए भी अच्छा-खासा कमा सकते हो।
शादी के पहले या बाद में दुल्हन का भाग जाना जैसी बातें अब सिर्फ फिल्मों तक ही सिमित नहीं रही हैं. आप लोगो ने भी कई सारी ऐसी ख़बरें पढ़ी या देखी होगी जिसमे दुल्हन शादी वाले दिन, उसके पहले या बाद में घर से भाग जाती हैं. आमतौर पर जब दुल्हन ऐसा करती हैं तो उसकी दो वजहें होती हैं. पहली कि वो घर वालो द्वारा तय किये रिश्तें से खुश नहीं हैं या फिर दूसरी ये कि उसका पहले से किसी और के साथ अफेयर चल रहा हैं. लेकिन क्या आप ने कभी ये सूना हैं कि दुल्हन उसकी शादी करवाने वाले पंडित के साथ ही भाग गई हो? यक़ीनन इस तरह की ख़बरें कभी सुनने को नहीं मिलती हैं. इस पर यकीन करना भी मुश्किल हो जाता हैं. लेकिन ये सच हैं. मध्यप्रदेश के सिरोंज के टोरी बारगोद में रहने वाली 21 साल की सुषमा (परिवर्तित नाम) अपनी शादी करवाने वाले पंडित के साथ ही भाग निकली. तो चलिए विस्तार से जानते हैं ऐसा कैसे और क्यों हुआ?
पंडित संग भागी दुल्हन
दरअसल 7 मई को सुषमा की शादी बासौदा के आसठ गाँव के रहने वाले एक व्यक्ति से हुई थी. इस शादी को कराने के लिए विनोद महाराज नाम के एक पंडित को बुलाया गया था. विनोद गाँव के ही एक मंदिर में पंडित का काम करता हैं. विनोद ने सुषमा और युवक के सात फेरे करवाए और फिर वो विदा होकर अपने ससुराल भी चली गई. शादी के 3 दिन बाद सुषमा अपने मायके रहने आई. इसी बीच यहाँ 23 मई को एक दूसरी शादी होना थी. ये शादी भी पंडित विनोद महाराज करवाने वाले थे. हालाँकि शादी वाली रात वे नहीं आए. ऐसे में सभी ने उन्हें बहुत ढूँढा, लेकिन वो फिर भी नहीं मिले. इधर सुषमा भी घर से गायब थी. ऐसे में लोगो को शक हुआ और उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करवा दी.
पहले से शादीशुदा हैं पंडित
यानी 7 मई को जिस पंडित ने सुषमा की शादी करवाई थी 23 मई को वो उसी के साथ भाग गई. यदि आपको ये बात सुन आश्चर्य हो रहा हैं तो जरा ठहरिए. दुल्हन जिस पंडित के साथ भागी हैं वो पहले से शादीशुदा हैं और उसके दो बच्चे भी हैं. इतना ही नहीं पंडित की पत्नी को इसकी पहले से ही जानकारी थी. इसलिए जब सुषमा के भागने पर पंडित के परिवार को ढूँढा गया तो वो भी गायब था. जांच पड़ताल में पुलिस को पता चला कि विनोद पंडित और सुषमा का पिछले दो सालो से लव अफेयर चल रहा था. मतलब ये पुराने प्रेम प्रसंग का मामला था.
ससुराल से ले उड़ी गहने और नगदी
अब ये किस्सा यहीं ख़त्म नहीं होता हैं. दुल्हन जब घर से भागी तो वो अपने साथ 1.5 लाख कीमत के गहने और 30 हजार रुपए की नगदी भी ले उड़ी. इस खबर ने गाँव वालो को काफी अचंभे में डाल रखा हैं. इसके पहले कभी किसी ने इस तरह का किस्सा नहीं सूना था. वैसे आप लोगो का इस अजीब खबर के ऊपर क्या कहना हैं? अपने जवाब कमेंट में जरूर लिखे. सोशल मीडिया पर कुछ सिंगल लड़के अब मजाक में ये भी लिख रहे हैं कि ‘अब तो हमें भी पंडित बनना पड़ेगा’.
1. नींबू और गुलाब जलनींबू और गुलाब जल का 1 चम्मच लें और मिलाएं। फिर इस घोल को रूई की मदद से काली गर्दन पर लगाएं और रातभर के लिये छोड़ दें। यह तरीका हर तहर की त्वचा पर आजमाया जा सकता है।
2. नींबू और शहद ताजा नींबू और शुद्ध शहद ले कर मिलांए और गर्दन पर लगाएं। 20-25 मिनट तक छोड़ दें और बाद में हल्के गरम पानी से धो लें। इस विधि से आपकी गर्दन साफ हो जाएगी।
3. नींबू और हल्दी पावडर 1 नींबू निचोड़ कर उसमें चुटकी भर हल्दी मिलाएं। फिर इसे गर्दन और आस पास के स्थान पर लगाएं। 20 मिनट के बाद हल्के गरम पानी से धो लें। इस विधि को नियमित रूप से करें, जिससे गर्दन साफ हो जाए।
4. नींबू और टमाटर टमाटर के रस में कुछ बूंद नींबू की मिलाएं। फिर इस मिश्रण को गर्दन और अन्य जगह पर लगाएं। जब यह सूख जाए तब इसे साफ कर लें। इसे आप दिन में दो बार भी कर सकती हैं।
5. नींबू, जैतून तेल और शहद ये तीन चीज़ें गर्दन को नमी पहुंचाएंगी और उस पर से डेड स्किन भी हटाएंगी। 1 चम्मच शहद में कुछ बूंद जैतून तेल और 2 चम्मच नींबू का रस मिलाएं। इसेस अपने गर्दन की मसाज करें और फिर 30 मिनट के बाद धो लें।
इन मूर्तियों का घर पर मौजूद होना। एक सही मूर्ती से पड़ सकता है आपके जीवन में साकारात्मक प्रभाव, आ सकती है धन दौलत और समृद्धि। तो आइए जानें कि किन मूर्तियों को घर पर विराजमान करना है अति आवश्यक।
पहला है हाथी की मूर्ती
वास्तु के अनुसार, हाथी को ऐश्वर्य का प्रतीक माना जाता है। इस कारण घर पर चांदी या पीतल के हाथी की प्रतिमा रखना शुभ माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बेडरूम में चांदी के हाथी की मूर्ति रखने से राहु से संबंधित सभी दोष दूर हो सकते है।घर पर हाथी की तस्वीर या प्रतिमा रखने से पॉजिटिव एनर्जी का वास होता है और धन-समृद्धि में वद्धि होती है।
दूसरा है उल्लू की मूर्ती का होना।
घर में उल्लू की मूर्ति लगाने से पॉजिटिव एनर्जी मिलती है। जिस घर में घर में उल्लू की मूर्ति होती है उस घर में कभी भी धन की कमी नहीं होती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, परिवार में किसी का स्वास्थ्य भी खराब नहीं होता है। उल्लू के दर्शन को भी शुभ माना जाता है। पौराणिक कथाओं में उल्लू को चतुर पक्षी माना गया है। उल्लू की मूर्ति रखना घर के लिए शुभ प्रतीक होता है। इसलिए अरबपति अपने घर में उल्लू की प्रतिमा जरूर रखते हैं।
तीसरे नंबर पर है पिरामिड का घर पर होना।
क्रिस्टल को अक्सर सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए शक्तिशाली उपकरण के रूप में देखा जाता है और क्रिस्टल पिरामिड अपने अद्भुत आकार और गुणों के लिए जाना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि यदि किसी के घर में क्रिस्टल पिरामिड है तो घर में समृद्धि के द्वार खुल सकते हैं।इसका संबंध जल तत्व से माना जाता है, ऐसा माना जाता है कि यदि घर की एक निश्चित दिशा में क्रिस्टल पिरामिड स्थापित हैं तो इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। यही नहीं ये सद्भाव, शांति और आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा देने में भी मदद करता है।
तो वही कामधेनु गाय का घर पर होना भी बहुत शुभ होता है।
वास्तु शास्त्र में भी कामधेनु गाय को धन और सुख-समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है। कहा जाता है कि, कामधेनु गाय में मां दुर्गा, देवी लक्ष्मी और देवी सरस्वती के गुण मौजूद होते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर पर कामधेनु की मूर्ति रखने से धन-संपत्ति में वृद्धि होती है। कामधेनु गाय और नंदिनी बछड़े की मूर्ति रखना और पूजा करना बहुत लाभकारी होता है। इससे घर पर सुख-शांति आती है, जीवन की समस्याएं दूर होती हैं, बीमारियों से भी छुटकारा मिलता है। इसके अलावा संतान सुख की इच्छा रखने वाली महिलाओं को कामधेनु गाय और बछड़े की मूर्ति की पूजा करनी चाहिए। इससे गर्भधारण करने में लाभ होता है।
पांचवे नंबर पर नाम आता है कछुए की मूर्ती का
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मंदिर में किसी धातु का कछुआ रखना शुभ होता है। क्रिस्टल का कछुआ भी मंदिर में रख सकते हैं। इससे परिवार पर कुबेर व लक्ष्मी जी की कृपा हमेशा बनी रहती है। इसी के साथ घर में सकारात्मक ऊर्जा भी आती है। घर धन-धान्य से भर जाता है। कछुए को मंदिर में रखने से स्वास्थ्य संबंधी व धन प्राप्ति संबंधी रुकावट दूर होती हैं।
गणेश जी की मूर्ती रखना भी है शुभ
करोड़पति लोगों के घर में गणेश जी की मूर्ति जरूर रखी होती है। इसके पीछे कारण यह है कि गणेश जी को विघ्नहर्ता और प्रथम देवता के रूप में पूजा जाता है। साथ ही मंगल कार्यों की शुरुआत में सबसे पहले गणेश जी का नाम लिया जाता है इसलिए गणेश जी की मूर्ति घर में रखने से किसी भी कार्य में बाधा नहीं आती और तरक्की मिलती रहती है।
और अंतिम मूर्ती जिससे घर पर जरूर रखना चाहिए वह है लक्ष्मी जी की मूर्ती।
करोड़पति लोगों के घरों में देवी लक्ष्मी की मूर्ति भी जरूर होती है। पौराणिक मान्यता के अनुसार देवी लक्ष्मी की मूर्ति को हमेशा विष्णु जी के साथ ही स्थापित किया जाता है लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार देवी लक्ष्मी की मूर्ति को अकेले भी स्थापित किया जा सकता है। विशेषकर कारोबार या तिजोरी के पास देवी लक्ष्मी की मूर्ति रखी जाती है।
तो यह रही साथ ऐसी मूर्तियां की लिस्ट जिन्हें घर पर जरूर रखना चाहिए। इन मूर्तियों में से आपके घर कौन सी मूर्ति विराजमान है कमेंट कर हमें जरूर बताएं।
बॉलीवुड में जब भी दिग्गज कलाकारों की बात होती है अमिताभ बच्चन का नाम सबसे ऊपर आता है. अमिताभ को बॉलीवुड का महानायक और शहनशाह भी कहा जाता है. वह अपने अभिनय का लोहा हर फिल्म में मनवाते हैं. अब तक सैकड़ों फिल्मों में अभिनय कर चुके अमिताभ बच्चन ने देश नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी एक अलग पहचान बनाई है.
आज विदेश में भी उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग हैं. बच्चों से लेकर बड़ों के पसंदीदा कलाकारों में बिग बी का नाम जरूर शामिल होता है. हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म ‘102 नॉट आउट’ दर्शकों को बहुत पसंद आई थी. इस फिल्म में अमिताभ ने 102 साल के एक बूढ़े व्यक्ति का किरदार निभाया था जो जिंदगी खुलकर जीने में यकीन रखता है.
अपने फिल्मी करियर में वैसे तो अमिताभ बच्चन का नाम कई सारी अभिनेत्रियों के साथ जुड़ा लेकिन रेखा के साथ उनके अफेयर की ख़बरों ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी. ऑनस्क्रीन हिट होने के बाद वह रियल लाइफ में भी एक दूसरे के करीब आ गए थे. लेकिन मजबूरियों के चलते उन्हें अलग होना पड़ा. आज के इस पोस्ट में हम आपके लिए अमिताभ बच्चन से जुड़ा एक ऐसा किस्सा लेकर आये हैं जिसके बारे में शायद ही आपने कभी सुना होगा. ये किस्सा अमृता सिंह और अमिताभ बच्चन का है.
जब अमृता को भरा बाहों में
दरअसल, एक बार हुआ यूं कि अमिताभ बच्चन एक पार्टी में गए थे. इस पार्टी में अमृता सिंह और डैनी भी मौजूद थे. तभी कुछ ऐसा हुआ जिसे देखकर हर कोई चौंक गया. सभी पार्टी को एन्जॉय कर रहे थे तभी अमिताभ ने अमृता को अपनी तरफ खींचा और अपनी बाहों में भरकर उन्हें किस करने लगे. ये देखकर वहां मौजूद हर शख्स हैरान रह गया. ये आर्टिकल एक नामी मैगज़ीन में निकला था जिसे काफी लोगों ने सच बताया था.
चौंक गया हर शख्स
बता दें, ये पार्टी एक पियानो बार में चल रही थी जहां अमृता अपने कुछ दोस्तों के साथ पहुंची थीं. जब अमृता घर जाने के लिए निकलीं तो अमिताभ ने उन्हें रुकने के लिए कहा और वह मान गयीं. डैनी को वहां देखकर अमृता मजाक में उनसे फ़्लर्ट करने लगी और बाद में डांस फ्लोर पर उनके साथ डांस करने लगीं.
डैनी और अमृता सिंह के बीच इतनी नजदीकियां बिग बी से देखी नहीं गयीं और वह डांस फ्लोर पर गए और अमृता को अपनी तरफ खींचकर उन्हें किस कर लिया. अमृता उनकी बाहों में कई मिनट तक जकड़ी रहीं. ये वाक्या देखकर वहां मौजूद हर कोई चौंक गया था. अमृता को कुछ समझ नहीं आया कि ये उनके साथ क्या हुआ है और वह सहम कर रेस्ट रूम में चली गयीं और अमिताभ भी उस पार्टी से चले गए.
कहा जाता है कि उन दिनों निवोद खन्ना अमिताभ बच्चन के सबसे बड़े कम्पटीशन हुआ करते थे और अमृता विनोद की गर्लफ्रेंड. इसलिए विनोद से बदला लेने के लिए उन्होंने ऐसा किया. हालांकि इस बात में कितनी सच्चाई है ये हमें तो नहीं पता लेकिन एक मैगज़ीन की मानें तो ऐसा वाकई हुआ था और इस बात के गवाह आज भी मौजूद हैं.
कई बार सऊदी जाना सबके लिए बहुत अच्छा संकेत नहीं होता, क्योंकि वहां के शेख लोग महिलाओ को तो छोड़ो पुरुषों को भी नहीं छोड़ते हैं. वे भारतीय लोगों का किसी ना किसी रूप में शोषण करते ही रहते हैं. इस बात पर पुख्ता सबूत तब मिले जब एक भारतीय महिला वहां के शेख की कैद से भागकर आई. सऊदी से वापस आकर महिला ने खोली शेखों की पोल, वहां से बहुत मुश्किल से उसे छुड़ाया गया और अब वो वापस आकर सऊदी अरब में अपने साथ हुए अत्याचारों को पुलिस के सामने स्वीकार की.
आज का समय इतना तेज और आगे चला गया है कि किसी पर भी भरोसा करना बहुत ही मुश्किल हो गया है. ऐसा करके उस महिला ने भी बहुत बड़ी गलती कर दी थी जब उसने अपने परिवार की खुशी के लिए अपने आपको ऐसे नरक में भेज दिया. एक ऐसी महिला जिसका परिवार आर्थिक रूप से जूझ रहा था और उसके पति को सऊदी जाना था लेकिन सेहत सही ना होने की वजह से वो जा नहीं सका.
इसलिए उसकी महिला ने जाने की जिद की, फिर एक एजेंट के जरिए वो सऊदी अरब पहुंच गई. वहां वो एक शेख के घर गई जहां उसे कुछ दिन तो ठीक से रखा गया वो अपने काम से काम रखती थी लेकिन कुछ समय के बाद उसका हर तरह से शोषण होने लगा. उस महिला ने वापस आकर अपनी सारी स्थिति कुछ इस तरह बताई कि वहां उसे लोगों के जूठे बर्तन में जूठे खाने को दिया जाता था फिर शेख लोग उसके साथ दिन-रात शोषण करते थे और 24 घंटे में सिर्फ 3 घंटे ही सोने देते थे.
कई बार वो अगर सुबह उठ नहीं पाती थी तो वहां की मैडम उसे लात मारकर उठाती थीं और शेख के अलावा उसके बच्चे भी उस महिला के साथ गलत काम करने की कोशिश किया करते थे. उस महिला का हाल बहुत ज्यादा खराब सा हो गया था और सभी उसे एक जानवर की तरह ही रखते थे और कुछ समय पहले से उसे उसके परिवार में बात भी नहीं करने देते थे. वो दिन रात रोती बिलखती लेकिन कोई वहां ऐसा नहीं था जो उसकी फरियाद सुन सके.
उस महिला की स्थिति जानने के लिए उसका पति एजेंट के पास गया और बताया कि कुछ दिनों से उसकी पत्नी से बात नहीं हो पा रही है तो क्या वो बता सकता है कि उसकी पत्नी कैसी है. उस एजेंट ने बहुत बार बात को टाल दिया लेकिन जब बात बढ़ी तो उस आदमी ने पुलिस का सहारा लिया. फिर छानबीन में पता चला कि वो एजेंट महिलाओं को झांसा देकर अरब भेजता है और वहां के शेखों से खूब पैसा बनाता था. जैसे ही पुलिस को इस सारी घटना के बारे में पता चला तो पुलिस ने उन शेखों का नंबर पता किया और उन नंबर के आधार पर भारतीय दूतावास की मदद से उस महिला को आजाद कराया गया.