(Aadhaar Card Photo Update) अगर आपसे पूछा जाए कि आपके पास आधार कार्ड है? तो आपका जवाब शायद हां में ही होगा। लगभग हर किसी के पास आधार कार्ड है जिसका इस्तेमाल लोग जरूरत पड़ने पर करते हैं। (Aadhar card latest update) भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी UIDAI द्वारा भारत के नागरिकों को आधार कार्ड जारी किया जाता है।
आधार में कार्डधारक का नाम, जन्मतिथि पिता/पति का नाम, पता, फोटो जैसी कई बायोमेट्रिक और डेमोग्राफिक जानकारी होती है। वहीं, बैंक में खाता खुलवाना हो या लोन लेना हो या फिर आपको सिम कार्ड लेना हो आदि। आपको ऐसे ही अन्य कामों के लिए आधार कार्ड (UIDAI latest updates)चाहिए होता है। दूसरी तरफ कई लोगों के आधार कार्ड पर जो फोटो होती है वो काफी पुरानी होती है जिसकी वजह से वो उसे बदलवाना चाहते हैं। ऐसे में आप अपने आधार कार्ड की फोटो बदलवाना चाहते हैं तो आप यहां जान सकते हैं कि ऐसा हो सकता है या नहीं। अगली स्लाइड्स में आप इस बारे में विस्तार से जान सकते हैं…
क्या कहता है नियम? (UIDAI new rule)
अगर आप भी अपने आधार कार्ड की फोटो को बदलवाना चाहते हैं तो जान लें कि आप यूआईडीएआई के नियम के तहत आधार कार्ड की फोटो को बदलवाकर नई फोटो लगवा सकते हैं। ये काम आधार केंद्र से होता है और इसके लिए आपको शुल्क भी देना पड़ता है।
ऐसे बदलवा सकते हैं आधार कार्ड की फोटो:- (Aadhar Card photo change process)
स्टेप 1
अगर आप भी चाहते हैं कि आप अपने आधार कार्ड की फोटो को अपडेट करवा लें तो इसके लिए आपको अपने नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर जाना होता है यहां जाकर आपको करेक्शन फॉर्म लेना है और इसे भरना है इस फॉर्म में आपको अपनी जानकारी भरनी है जिसमें अपना 12 अंकों का आधार नंबर, पूरा नाम आदि भरना है
स्टेप 2
फॉर्म में वो जानकारी भी देनी होती है जो आपको अपडेट करवानी है इसके बाद आपको फॉर्म लेकर अपनी बारी का इंतजार करना है अब आपकी बारी आ जाए तो अधिकारी से मिलें और उन्हें फॉर्म दें फिर अधिकारी द्वारा आपके आधार नंबर को सिस्टम में दर्ज किया जाता है जिसके बाद आपकी सारी जानकारी सामने आती है
स्टेप 3
इसके बाद आपके बायोमेट्रिक लिए जाते हैं और फिर आपकी तस्वीर क्लिक की जाती है फिर आपको एक स्लिप दी जाती है जो बताती है कि आपने अपने आधार कार्ड में फोटो अपडेट करवाई है फिर कुछ दिनों के भीतर आपके आधार कार्ड में नई फोटो अपडेट हो जाती है।
अब से टोल टैक्स देना बंद! फ्री पास ऐसे बनवाएं, फिर टोल पर पैसे नहीं देने पड़ेंगे!
Toll Tax Free in 20km Radius: टोल प्लाजा से संबंधित नए नियमों के तहत अब ऐसे वाहन मालिकों को बड़ी राहत दी गई है, जिनका घर टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में स्थित है। सरकार की नई व्यवस्था के तहत अब इन लोगों को हर बार टोल टैक्स नहीं देना होगा, बल्कि मात्र ₹340 के एक मासिक पास के जरिए वे जितनी बार चाहें आ-जा सकते हैं। यह सुविधा सिर्फ प्राइवेट नॉन-कमर्शियल वाहनों के लिए उपलब्ध होगी।
“जितनी दूरी, उतना टोल” पॉलिसी से आई यह राहत
सितंबर 2024 में सरकार ने “जितनी दूरी, उतना टोल” नीति की घोषणा की थी। इसके तहत वाहन से तय की गई दूरी के आधार पर ही टोल शुल्क लिया जाएगा। इसी नीति के अंतर्गत टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के अंदर रहने वाले लोगों को टोल टैक्स फ्री यात्रा की सुविधा देने का प्रावधान किया गया। जुलाई 2024 से यह पॉलिसी कुछ नेशनल हाईवे पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू की गई है, जिसमें GNSS (Global Navigation Satellite System) आधारित लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है।
₹340 में बनवाएं एक महीने का टोल पास
अगर आपका निवास टोल प्लाजा से 20 किमी की परिधि में आता है, तो आप ₹340 का मासिक टोल पास बनवाकर बिना अतिरिक्त शुल्क दिए पूरे महीने जितनी बार चाहें टोल क्रॉस कर सकते हैं। इस पास के जरिए FASTag से कोई अतिरिक्त पैसा नहीं कटेगा, जिससे बार-बार टोल कटने की झंझट से छुटकारा मिलेगा।
यह सुविधा खास तौर पर उन लोगों के लिए लाभकारी है जो प्रतिदिन कार्यालय या अन्य आवश्यक कार्यों के लिए टोल क्रॉस करते हैं। यह पास एक महीने के लिए वैध होगा और इसकी समय-समय पर रिन्यूअल करानी होगी।
पास बनवाने के लिए आवश्यक दस्तावेज
मासिक टोल पास बनवाने के लिए आपको कुछ दस्तावेजों की जरूरत होगी। इसमें प्रमुख रूप से निवास प्रमाण पत्र (जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी, बिजली का बिल आदि), वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), पासपोर्ट साइज फोटो (यदि मांगा जाए), और एक वैध FASTag अकाउंट होना जरूरी है।
इन दस्तावेजों को लेकर आपको संबंधित टोल प्लाजा के प्रशासनिक कार्यालय जाना होगा, जहां आपको लोकल रेसिडेंट पास के लिए आवेदन फॉर्म मिलेगा। फॉर्म भरकर सभी दस्तावेजों के साथ ₹340 की फीस (कैश, कार्ड या डिजिटल पेमेंट) के माध्यम से जमा करनी होगी।
आवेदन प्रक्रिया और पास मिलने की प्रक्रिया
जब आप आवेदन फॉर्म भरकर दस्तावेज जमा करते हैं, तब टोल प्लाजा के अधिकारी आपके सभी कागजातों की जांच करेंगे। यदि आपके दस्तावेज सही पाए जाते हैं तो या तो आपका FASTag सीधे अपडेट कर दिया जाएगा या फिर आपको एक फिजिकल पास प्रदान किया जाएगा, जो टोल प्लाजा की व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
यह पास सिर्फ उसी टोल प्लाजा पर मान्य होगा जिससे आपने पास लिया है। दूसरे किसी टोल पर इसका उपयोग नहीं किया जा सकता। अगर आप पता या वाहन बदलते हैं, तो इसकी सूचना तुरंत टोल प्रशासन को देनी होगी ताकि रिकॉर्ड अपडेट किए जा सकें।
कमर्शियल वाहनों को इस सुविधा से बाहर रखा गया
सरकार की इस नई योजना का लाभ सिर्फ प्राइवेट नॉन-कमर्शियल गाड़ियों को मिलेगा। कमर्शियल गाड़ियों या ऐसे वाहन जो टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर से बाहर रजिस्टर्ड हैं, उन्हें यह ₹340 का पास नहीं दिया जाएगा। ऐसे में केवल स्थानीय निवासी ही इस योजना का फायदा उठा सकते हैं।
स्थानीय यात्रियों के लिए राहत का बड़ा मौका
सरकार की यह पहल न सिर्फ आर्थिक दृष्टि से लाभदायक है, बल्कि इससे रोजाना यात्रा करने वालों के समय और टेंशन दोनों में कमी आएगी। बार-बार FASTag से पैसे कटने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा और एक पारदर्शी सिस्टम के तहत यात्रा आसान होगी।
यह पास हर महीने रिन्यू करवाना अनिवार्य होगा, ताकि आपकी पहचान और वाहन की जानकारी अप-टू-डेट बनी रहे। इस प्रक्रिया में ज्यादा समय नहीं लगता और एक बार डॉक्युमेंट्स वेरीफाई हो जाने के बाद यह काफी सुगम बन जाती है।
हम बचपन से यह सुनते आ रहे हैं कि एक समय पर भारत सोने की चिड़िया हुआ करता था। इसके पीछे की वजह ये है कि, बीतें सालों पहले हमारा देश सोने का भंडार था। पहले के राजा महाराजा के पास बेशुमार दौलत थी। लेकिन बाद में विदेशी आक्रमणों के लूट जाने के बाद भारत के कई भंडार खाली हो गए।
हालांकि आज भी भारत में ऐसे कई भंडारे जिनके बारे में कम ही लोग जानते हैं। इन्हीं में से एक राजा मानसिंह के सोने का भंडार था जिसे रातों-रात खुदवा दिया गया था। इतना ही नहीं बल्कि इस भंडार को खुदवाने के बाद पाकिस्तान ने भी अपने हिस्से की मांग कर ली थी। आइए जानते हैं राजा मानसिंह के सोने के खजाने के बारे में..
अकबर के नवरत्नों में से एक थे राजा मानसिंह
बता दें, राजा मान सिंह बादशाह अकबर के नवरत्नों में से एक थे। उन्हें प्यार से ‘राजा मिर्जा’ कहा जाता था। राजा मानसिंह ने अकबर को ऐतिहासिक युद्ध में जीत दिलाई थी। इसके अलावा उन्होंने अकबर और महाराणा प्रताप के बीच में हल्दीघाटी युद्ध में भी अहम भूमिका निभाई थी।
ना सिर्फ राजा मानसिंह ने बल्कि उनके पिता राजा भगवानदास ने भी अकबर के लिए कई युद्ध लड़े। ऐसे में राजा मानसिंह को अकबर ने भारत के बिहार बंगाल और उड़ीसा की सत्ता सौंपी। इस दौरान राजा मानसिंह ने कई रियासतों पर हमले किए जिसके बाद उनके पास अकूत संपत्ति जमा हुई हो गई थी।
राजा मानसिंह ने काबुल से लुटा था सोना
इसी बीच अकबर ने राजा मानसिंह को काबुल भेजा जहां पर उन्होंने लुटेरों से जमकर मुकाबला किया। लुटेरे से जंग लड़ने के दौरान बीरबल की मौत हो गई थी। इसी बीच राजा मानसिंह ने युसूफफजई कबीले के सरदार को मारकर बीरबल की मौत का बदला लिया। कहा जाता है कि राजा मानसिंह ने यहां के लुटेरे सरदारों से काफी खजाना लूटा था जिसमें कई हीरे जवाहरात, कई टन सोना और चांदी शामिल था। ऐसे में उन्होंने अकबर से छुपकर जयगढ़ के किले में यह खजाना छुपा दिया था।
अरबी भाषा में लिखी पुस्तक “हफ्त तिलिस्मत-ए-अंमेरी” के मुताबिक, “आमेर में छुपे सात खजाने, में अफगानिस्तान और भारत के अलग-अलग रियासतों से लूटे खजाने के बारे जिक्र किया गया है। इसमें राजा मानसिंह के जयगढ़ किले में छिपे खजाने के बारे में भी खुलासा करते हुए लिखा गया है कि राजा मानसिंह द्वारा जयपुर स्थित आमेर किले में इतना खजाना छिपाया गया है, जिससे कई रियासतें हजारों साल तक अपना पेट पाल सकती थीं।” इस किताब के मुताबिक, “जयगढ़ किले के नीचे पानी की सात विशालकाय टंकियां बनी हुई हैं जिसमें 6 मिलियन गैलन पानी संग्रहित करने की क्षमता है। राजा मानसिंह ने खजाना यहीं छिपाया था।”
इंदिरा गाँधी को लगी थी इस खजाने की भनक
जयगढ़ किले में छिपे खजाने के बारे में कम ही लोग जानते थे। लेकिन अचानक साल 1976 में इसकी चर्चा होने लगी और इंदिरा गांधी को इसके बारे में पता चला। बता दें, जब इंदिरा गांधी को इसके बारे में पता चला था तब जयपुर राजघराने की महारानी गायत्री देवी से उनकी किरकिरी थी। दरअसल, गायत्री देवी ने स्वतंत्र पार्टी के टिकट पर लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवारों को तीन बार हराया था, ऐसे में गायत्री देवी और इंदिरा गांधी की बिल्कुल नहीं बनती थी।
इसी बीच इंदिरा गांधी ने 1975 में आपातकाल घोषित की घोषणा कर दी। इस दौरान कई लोगों ने सरकार के खिलाफ आवाज उठाई थी जिसमें महारानी गायत्री देवी का नाम भी शामिल था। ऐसे में गायत्री देवी को जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया। इसके बाद इंदिरा गांधी ने सोने की खदान का पता लगाया और उसे सेना की मदद से खुदवाया।
लेकिन बाद में उन्होंने इस बात से इंकार कर दिया कि वहां पर किसी प्रकार का सोना नहीं मिला। लेकिन कहा जाता है कि इंदिरा गांधी ने सोने को दिल्ली सरकार के बजाय अपना बना लिया था।
पाकिस्तान ने माँगा था हिस्सा
इन दिनों हर जगह खजाने की चर्चा होने लगी तो पड़ोसी मुल्क यानी कि पाकिस्तान भी इसमें अपना हिस्सा मांगने के लिए आ टपका। अगस्त 1976 में पाकिस्तान के पूर्नेव प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को खत लिखकर कहा कि, “आपके यहां खजाने की खोज का काम आगे बढ़ रहा है। मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि आप उस दौरान मिली संपत्ति के वाजिब हिस्से पर पाकिस्तान के दावे का ख्याल रखेंगी।”
इस खत के बाद भारत में हर जगह इस खजाने की चर्चा होने लगी। इतना ही नहीं बल्कि इंदिरा गाँधी भी कई सवालों के घेरे में घिर गई थी। ऐसे में उन्होंने तुरंत पाकिस्तान को खत लिखकर कहा कि, “हमने अपने कानूनी सलाहकारों से कहा था कि वह आपके द्वारा पाकिस्तान की तरफ से किए गए दावे का अध्ययन करें।
उनका साफ-साफ कहना है कि आपके द्वारा इस दावे का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। वैसे भी यहां कोई खजाना नहीं मिला है।” इसके बाद ये मामला ठंडा पड़ गया। वहीं भारत सरकार ने भी इस खजाने की छानबीन नहीं की। ऐसे में राजा मानसिंह का ये खजाना लोगों के लिए दोबारा से रहस्यमयी बन गया।
एक वीडियो अभी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें एक लड़के का ऐसा टैलेंट देखने को मिला जो आपने भी कभी नहीं देखा होगा। इसी वजह से वीडियो भी वायरल हो रहा है। आइए फिर आपको बताते हैं कि वीडियो में आखिर ऐसा क्या है।
Image Source : X/@RAREINDIANCLIPSवायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट
सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां आपको ऐसी-ऐसी चीजें और ऐसे-ऐसे वीडियो या फिर फोटो देखने को मिल जाती हैं जो आपने कभी सोची तक नहीं होती है। जो लोग सोशल मीडिया पर रेगुलर एक्टिव रहते हैं, वो इस बात से सहमत जरूर होंगे क्योंकि उनकी फीड पर भी हर दिन ऐसे तमाम पोस्ट आते होंगे जो यूनिक होने के कारण वायरल होते हैं। सोशल मीडिया पर जुगाड़, स्टंट, ड्रामा, लड़ाई, अतरंगी हरकत समेत लोगों की खूबियों के भी वीडियो वायरल होते हैं। अभी भी एक वीडियो वायरल हो रहा है। आइए उसके बारे में बताते हैं।
लड़ने ने ऐसा क्या किया?
अभी जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें नजर आता है कि एक लड़का अपनी पीठ की हड्डी को अलग शेप में करता है और उस हड्डी से एक दीवार पर रखी ईंटों को उठाता है। वो उन ईंटों को अपने स्कैपुला के बीच में फंसाता है और वो ईंटों को इतने जोर से जकड़ता है कि वो ईंट गिरते नहीं हैं और आराम से उन्हें वो उठा लेता है। मतलब हाथों का इस्तेमाल किए बिना वो 4 ईंटों को उठा लेता है और इसी अनोखी खूबी के कारण वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
आपने अभी जो वीडियो देखा उसे एक्स प्लेटफॉर्म पर @rareindianclips नाम के अकाउंट से पोस्ट किया गया है और खबर लिखे जाने तक वीडियो को कई हजार लोगों ने देख लिया है। वीडियो देखने के बाद एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा- ये किस चीज की ट्रेनिंग कर रहा है। दूसरे यूजर ने लिखा- ये इंडिया से बाहर नहीं जाना चाहिए। तीसरे यूजर ने लिखा- इंडिया सच में बिगनर्स के लिए नहीं है। चौथे यूजर ने लिखा- जन्म के साथ स्किल। एक अन्य यूजर ने लिखा- मैं भी ऐसा कर सकता हूं।
ऐसा कई बार देखा गया है की पति पत्नी बहुत समय से बच्चे की चाह में शारीरिक संबंध बना रहे हैं लेकिन फिर भी औरत गर्भ धारण नहीं कर पा रही है ऐसे में लोगों को कुछ बीमारी होने या अनफर्टिलिटी की समस्या होने का शक होता है और सीधे डॉक्टर्स के पास भागते हैं लेकिन हर बार इस समस्या का समाधान सिर्फ डॉक्टर ही नहीं है आपके गलत ढंग से बनाये गये शारीरिक संबंध भी हो सकते हैं |अकसर कपल्स जानकारी के आभाव में ऐसा करते हैं आईये आज आपको बताते हैं की जल्दी से प्रेग्नेंट होने के लिए शारीरिक संबंध बनाते समय किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए.
शारीरिक संबंध बनाने के बाद भी अगर आप कंसीव नहीं कर पा रहीं हैं तो इसके पीछे कई तरह के कारण हो सकते हैं-
1. जल्दी प्रेंग्नेंसी के लिए जरूरी है कि संबंध बनाते वक्त पुरुष अपना स्पर्म महिला की वेजिना में ज्यादा से ज्यादा गर्भाशय के नजदीक स्खलित करे। इससे बहुत कम मात्रा में स्पर्म गर्भाशय में जाने से बच पाते हैं और गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है।
2. संबंध बनाने के बाद महिला को पीठ के बल लेट जाना चाहिए और अपने पीठ के निचले हिस्से के नीचे तकिया लगा लेना चाहिए और इस अवस्था में तकरीबन 20-30 मिनट तक बने रहना चाहिए। इससे वेजिना गर्भाशय की ओर झुक जाता है और वीर्य आसानी से गर्भाशय में पहुंच जाता है।
3. संबंध बनाने के तुरंत बाद खड़े नहीं हो जाना चाहिए। ऐसा इसलिए कि सेक्स के तुरंत बाद अगर महिला खड़ी हो जाए तो गुरुत्वाकर्षण की वजह से स्पर्म गर्भाशय में नहीं जा पाता।