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  • किस्मत की लकीरें पलट देने वाला चांदीˈ का छल्ला जिसे पहनकर भिखारी भी बन जाता है राजा। जानिए इसके चमत्कारिक लाभˌ

    किस्मत की लकीरें पलट देने वाला चांदीˈ का छल्ला जिसे पहनकर भिखारी भी बन जाता है राजा। जानिए इसके चमत्कारिक लाभˌ

    किस्मत की लकीरें पलट देने वाला चांदीˈ का छल्ला जिसे पहनकर भिखारी भी बन जाता है राजा। जानिए इसके चमत्कारिक लाभˌ

    ज्योतिष शास्त्र में हमारे भाग्य को चमकाने के लिए कई तरह के उपाय बताए गए हैं। इसमें कुछ खास चीजों को पहनने की सलाह भी दी जाती है। चांदी का छल्ला भी ऐसी ही एक चीज है। इसके बहुत सारे फायदे होते हैं। चांदी के छल्ले को यदि आप हाथ में पहन ले तो आपकी किस्मत बदल सकती है। लाल किताब में भी चांदी के छल्ले को काफी अहमियत दी गई है। आपको बगैर जोड़ें वाला चांदी का छल्ला पहनना चाहिए। लड़कियों को बाएं हाथ में तो लड़कों को दाएं हाथ में चांदी का छल्ला पहनना चाहिए। तो चलिए बिना किसी देरी के जानते हैं कि चांदी का छल्ला पहनने से हमें क्या क्या लाभ होते हैं।

    चांदी का छल्ला पहनने के फायदे

    1. ज्योतिष शास्त्र की मानें तो चांदी का छल्ला हमारी किस्मत चमकाने का काम करता है। यदि आपका भाग्य हमेशा कमजोर रहता है तो आप अपने हाथ में चांदी का छल्ला पहन सकते हैं। इससे किस्मत आपका भरपूर साथ देगी। भाग्य के दम पर आपके बहुत सारे काम आसानी से हो जाएंगे। आप जिस भी काम में हाथ डालेंगे उसमें सफलता जरूर मिलेगी।

    2. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की शांति के लिए भी आपको चांदी का छल्ला जरूर पढ़ना चाहिए। चांदी का छल्ला चंद्र ग्रह का कारक माना जाता है। आपकी कुंडली में चंद्र ग्रहण की स्थिति में सुधार आने पर शुक्र ग्रह की स्थिति भी अपने आप सुधर जाती है। वही शुक्र ग्रह की स्थिति सुधरने से बुध ग्रह भी आपको अच्छा खासा फल प्रदान करता है।

    3. यदि आपकी कुंडली में चंद्र, शुक्र, सूर्य राहु, बुध शनि इत्यादि ग्रहों का दोष हो तो आपको चांदी का छल्ला जरूर बनना चाहिए। चांदी का छल्ला पहनने के बाद आपकी कुंडली में मौजूद सभी ग्रहों के दोष दूर हो जाएंगे। इससे आपकी लाइफ में सारी चीजें अच्छी होगी। इन ग्रहों के मजबूत होने से आपके जीवन में सुख शांति और समृद्धि आएगी। एक तरह से आप कह सकते हैं कि आपके जीवन के सभी दुख समाप्त हो जाएंगे।

    4. यदि आप कमजोर आर्थिक स्थिति से गुजर रहे हैं तो हाथ में चांदी का छल्ला जरूर करना चाहिए। इससे पैसों के मामले में आपका भाग्य सुधर जाता है। आपको पैसा कमाने के कई मौके मिलते हैं। नौकरी में आपका प्रमोशन होता है तो बिजनेस में लाभ ही लाभ होता है। यह चांदी का छल्ला पहनने के बाद बेरोजगार लोगों को भी नौकरी मिल जाती है। इतना ही नहीं छात्रों को भी चांदी का छल्ला पहनने से बड़ा लाभ होता है।

    तो देखा दोस्तों आपने चांदी का छल्ला पहनने के कितने सारे फायदे होते हैं। इसलिए देर मत कीजिए और आज ही दुकान से चांदी का छल्ला ले आए। इसे पहनने के बाद आपकी लाइफ की 90% समस्याएं यूं ही समाप्त हो जाएगी। इतना ही नहीं यदि पति पत्नी के बीच झगड़ा होता है तो दोनों चांदी का छल्ला साथ में पहन सकते हैं। इससे दोनों के बीच में प्यार मोहब्बत बढ़ती है। इनका रिश्ता मधुर होता है। यदि आपको यह खबर पसंद आई तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करना ना भूले। इस तरह वे भी चांदी के छल्ले के लाभ जान सकेंगे।

  • अंतिम संस्कार बना तमाशा: चिता जलाने हीˈ वाले थे पर धुआं उठते ही भाग खड़ा हुआ मुर्दा. रिश्तेदारों की फटी की फटी रह गईं आंखेंˌ

    अंतिम संस्कार बना तमाशा: चिता जलाने हीˈ वाले थे पर धुआं उठते ही भाग खड़ा हुआ मुर्दा. रिश्तेदारों की फटी की फटी रह गईं आंखेंˌ

    अंतिम संस्कार बना तमाशा: चिता जलाने हीˈ वाले थे पर धुआं उठते ही भाग खड़ा हुआ मुर्दा. रिश्तेदारों की फटी की फटी रह गईं आंखेंˌ

    देश-दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से कई बार आपने मरकर दोबारा जिंदा हुए लोगों की कहानियां सुनी होंगी. इनमें से कुछ लोग यह भी बताते हैं कि मरने के बाद उनके साथ क्या हुआ, या फिर उन्होंने क्या देखा.

    लेकिन क्या आपने कभी अपनी आंखों के सामने किसी को मरकर जिंदा होते हुए देखा है? अगर नहीं देखा तो इस वीडियो को जरूर देखिए. इस वीडियो में आप देखेंगे कि एक बुजुर्ग शख्स की मौत हो गई. उसके अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू हो गई थी.

    चिता पर उसे लिटा दिया गया और आग लगा दी गई. लेकिन जैसे ही चिता की लकड़ी में आग लगी और धुंआ निकलना शुरू हुआ, वैसे ही वो मुर्दा शख्स जिंदा होकर भाग खड़ा हुआ. इस दौरान वहां मौजूद उसके रिश्तेदार मुंह ताकते रह गए.

    यहां पर बहुत सारे लोग इकट्ठे हुए हैं. चिता पर शख्स को लिटा दिया गया है. इसके बाद उसे लकड़ी और उपले से ढंक दिया गया. फिर घरवालों ने उसे अंतिम विदाई देने के बाद आग जला दिया.

    लेकिन जैसे ही चिता में आग जली और धुंआ उठा, वैसे ही मर चुका शख्स जिंदा हो गया. वो तुंरत अपने ऊपर लदी हुई लकड़ियों को उठाकर फेंक देता है और चिता से उठकर भाग जाता है. मुर्दे को जिंदा होकर भागते देख रिश्तेदार भी मुंह ताकते रह गए. उन्हें भी शायद समझ नहीं आया कि ये क्या हो रहा है.

    हालांकि, सोशल मीडिया पर यह वीडियो भले ही वायरल हो रहा है, लेकिन इसको लेकर जेहन में सवाल भी उठते हैं. आखिर मुर्दे को कफन की जगह धोती-कुर्ते में कब से लिटाया जाने लगा? हो सकता है ये वीडियो सिर्फ मनोरंजन के लिए बनाया गया हो. लेकिन ये घटना कहां की है, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है.

  • एक तुलसी के इतने कमाल 26 रोगोंˈ को जड़ से करे साफ़, बड़े काम के है ये आयुर्वेदिक उपाय जो हर किसी को होने चाहिए पता

    एक तुलसी के इतने कमाल 26 रोगोंˈ को जड़ से करे साफ़, बड़े काम के है ये आयुर्वेदिक उपाय जो हर किसी को होने चाहिए पता

    एक तुलसी के इतने कमाल 26 रोगोंˈ को जड़ से करे साफ़, बड़े काम के है ये आयुर्वेदिक उपाय जो हर किसी को होने चाहिए पता

    1. लिवर की समस्या
    तुलसी की 10–12 पत्तियों को गर्म पानी से धोकर रोज सुबह खाने से लिवर संबंधी समस्याओं में लाभ मिलता है।

    2. पेट दर्द
    एक चम्मच तुलसी की पिसी पत्तियों को पानी में मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बनाएं। पेट दर्द होने पर इसे नाभि और पेट के आसपास लगाने से आराम मिलता है।

    3. पाचन संबंधी समस्या
    दस्त, गैस आदि में एक गिलास पानी में 10–15 तुलसी की पत्तियां उबालकर काढ़ा बनाएं। इसमें चुटकी भर सेंधा नमक डालकर पीएं।

    4. बुखार
    दो कप पानी में एक चम्मच तुलसी पाउडर और एक चम्मच इलायची पाउडर डालकर काढ़ा बनाएं। दिन में 2–3 बार पीएं।

    5. खांसी-जुकाम
    तुलसी की कोमल पत्तियां अदरक के साथ चबाने से राहत मिलती है। तुलसी का काढ़ा या चाय गले की खराश में फायदेमंद है।

    6. सर्दी से बचाव
    ठंड या बारिश के मौसम में 10–12 तुलसी की पत्तियां दूध में उबालकर पीएं। यह पौष्टिक पेय भी है।

    7. श्वास संबंधी समस्या
    शहद, अदरक और तुलसी से बना काढ़ा दमा, ब्रोंकाइटिस और कफ में राहत देता है।

    8. गुर्दे की पथरी
    तुलसी का अर्क शहद के साथ नियमित लेने से गुर्दे मजबूत होते हैं और पथरी में लाभ मिलता है।

    9. हृदय रोग
    तुलसी खून में कोलेस्ट्रॉल कम करती है, जिससे हृदय रोगियों को फायदा होता है।

    10. तनाव
    तुलसी की पत्तियों में तनावरोधी गुण होते हैं। रोज 12 पत्ते दो बार सेवन करें।

    11. मुंह का संक्रमण
    रोज तुलसी की कुछ पत्तियां चबाने से अल्सर और मुंह के संक्रमण में राहत मिलती है।

    12. त्वचा रोग
    दाद, खुजली व अन्य त्वचा रोगों में तुलसी का अर्क प्रभावित स्थान पर लगाने से लाभ होता है।

    13. सांसों की दुर्गंध
    सूखी तुलसी की पत्तियों को सरसों के तेल में मिलाकर दांत साफ करने से बदबू दूर होती है।

    14. सिर दर्द
    तुलसी का काढ़ा पीने से सिर दर्द में आराम मिलता है।

    15. आंखों की समस्या
    आंखों की जलन में श्यामा तुलसी के अर्क की 2 बूंदें रात में डालने से लाभ होता है।

    16. कान दर्द
    तुलसी की पत्तियों को सरसों के तेल में भूनकर लहसुन रस मिलाकर कान में डालें।

    17. ब्लड प्रेशर
    तुलसी के पत्तों का नियमित सेवन ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है।

    18. वात रोग
    पांच तुलसी पत्ते और दो काली मिर्च साथ में खाने से वात रोग में राहत मिलती है।

    19. कैंसर रोग
    तुलसी की पत्तियां चबाकर ऊपर से पानी पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

    20. बच्चों का पेट फूलना
    तुलसी और पान के पत्तों का रस बराबर मात्रा में देने से पेट फूलना ठीक होता है।

    21. पोषण तत्व
    तुलसी का तेल विटामिन C, कैल्शियम और फॉस्फोरस से भरपूर होता है।

    22. मच्छर-मक्खी से बचाव
    तुलसी का तेल प्राकृतिक रूप से मच्छर और मक्खी को दूर रखता है।

    23. वायरल से बचाव
    मौसम बदलते समय चाय में तुलसी की पत्तियां डालकर पीने से वायरल से बचाव होता है।

    24. चक्कर आना
    शहद में तुलसी के रस को मिलाकर चाटने से चक्कर आना बंद होता है।

    25. खूनी बवासीर
    तुलसी के बीजों का चूर्ण दही के साथ लेने से खून आना बंद होता है।

    26. यौन कमजोरी
    तुलसी के बीजों का चूर्ण दूध के साथ लेने से यौन शक्ति में वृद्धि होती है।

  • BSNL का नया फैमिली प्लान रिचार्ज, 4ˈ SIM एक रिचार्ज से चलें, 75GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग, जानें सब कुछ

    BSNL का नया फैमिली प्लान रिचार्ज, 4ˈ SIM एक रिचार्ज से चलें, 75GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग, जानें सब कुछ

    BSNL का नया फैमिली प्लान रिचार्ज, 4ˈ SIM एक रिचार्ज से चलें, 75GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग, जानें सब कुछ
    BSNL का नया फैमिली प्लान रिचार्ज, 4 SIM एक रिचार्ज से चलें, 75GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग, जानें सब कुछ

    BSNL उपभोक्ता की जानकारी के लिए बता दे कि हाल ही में कंपनी ने एक एक शानदार फैमली पोस्टपेड प्लान लॉन्च किया है। और साथ ही बताया है, कि यह प्लान खासकर उन परिवारों के लिए लाभकारी है, जो अपने सभी सदस्यों के लिए एक साथ टेलीकॉम सेवाएं चाहते हैं। सभी कस्टमर को इस प्लान के थ्रो ₹999 में 4 सिम मिलते हैं। जिनमें से प्रत्येक सिम पर 75GB डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा भी दी जाती है। साथ ही, ग्राहकों को 100 एसएमएस रोज़ भेजने की अनुमति दी जाती है। इसके आलावा, इस इस प्लान में 225GB तक का डेटा रोलओवर बेनिफिट भी शामिल है।

    BSNL का ₹999 फैमिली पोस्टपेड प्लान एक खास ऑफर

    BSNL का यह नया पोस्टपेड प्लान ₹999 में एक प्राइमरी कनेक्शन और तीन फैमिली कनेक्शन प्रदान करता है। इस प्लान में हर एक कनेक्शन पर 75GB डेटा मिलेगा, जिससे ग्राहकों को बेहतर इंटरनेट अनुभव मिलेगा। साथ ही, इसमें अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा भी है, जिससे ग्राहक बिना किसी अतिरिक्त खर्च के लंबे समय तक बात कर सकते हैं। यह प्लान विशेष रूप से उन यूजर्स के लिए फायदेमंद है, जिन्हें हर दिन टेक्स्ट मैसेज भेजने की जरुरत पड़ती है, क्योंकि इसमें रोज़ाना 100 एसएमएस भेजने की सुविधा भी दी जा रही है।

    इस प्लान का सबसे बड़ा लाभ डेटा रोलओवर बेनिफिट है, जो ग्राहकों को अनयूज़्ड डेटा को अगले महीने ट्रांसफर करने की अनुमति भी देता है। इस प्रकार, ग्राहक 75GB डेटा के अलावा अगले महीने के लिए अतिरिक्त 225GB डेटा का भी उपयोग कर सकते हैं। यह सुविधा उपयोगकर्ताओं के लिए बेहद आकर्षक है, क्योंकि वे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अधिक डेटा का उपयोग कर सकते हैं।

    कस्टमरों के लिए क्यों है यह प्लान खास

    BSNL का यह फैमिली पोस्टपेड प्लान परिवारों के लिए डिज़ाइन किया गया है, क्योंकि इसमें 4 कनेक्शनों का एक साथ लाभ उठाया जा सकता है। यह प्लान उन ग्राहकों के लिए आदर्श है, जो एक ही टेलीकॉम प्रोवाइडर के तहत अपनी पूरी परिवार की टेलीकॉम जरूरतों को पूरा करना चाहते हैं। इस प्लान के तहत परिवार के सभी सदस्य एक साथ जुड़े रह सकते हैं और उन्हें अलग-अलग रिचार्ज करवाने की जरूरत नहीं पड़ती।

    यह प्लान न केवल आर्थिक रूप से किफायती है, बल्कि ग्राहकों को एक ही बिल के साथ सभी सेवाओं का भुगतान करने का भी अवसर प्रदान करता है। इसके अलावा, यदि कोई ग्राहक अपने 75GB डेटा की सीमा पार करता है, तो उसे 1 पैसा प्रति MB के हिसाब से अतिरिक्त शुल्क चुकाना होगा। यह सुविधा उन उपयोगकर्ताओं के लिए है जो नियमित रूप से अधिक डेटा का उपयोग करते हैं।

    BSNL की योजना प्राइवेट कंपनियों से कर रही है मुकाबला

    BSNL का यह कदम प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों के मुकाबले अपनी स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस प्लान के जरिए BSNL अपने ग्राहकों को सस्ती दरों पर अधिक डेटा और कॉलिंग सेवाएं प्रदान करने का प्रयास कर रहा है। यह प्लान विशेष रूप से उन परिवारों के लिए है जो एक ही टेलीकॉम प्रोवाइडर के तहत सभी सेवाएं चाहते हैं, साथ ही एक साझा बिल के साथ उन्हें एक किफायती और सुलभ समाधान प्रदान करना है।

    इस प्लान का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है, कि यह एक पोस्टपेड प्लान होने के बावजूद, इसमें ग्राहकों को पहले से तय खर्चों पर कड़ी निगरानी रखने का अवसर मिलता है। चूंकि यह पोस्टपेड है, इसलिए ग्राहकों को किसी भी प्रकार के छिपे हुए शुल्क या सरचार्ज का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्हें हर महीने केवल निर्धारित शुल्क ही चुकाना होगा, जिससे उनके लिए प्लान को समझना और उसका प्रबंधन करना आसान हो जाता है।

  • Petrol Pump पर तेल डलवाते वक्त इनˈ 5 बातों का रखें ध्यान वरना लग जाएगा चूना

    Petrol Pump पर तेल डलवाते वक्त इनˈ 5 बातों का रखें ध्यान वरना लग जाएगा चूना

    Petrol Pump पर तेल डलवाते वक्त इनˈ 5 बातों का रखें ध्यान वरना लग जाएगा चूना

    कार या बाइक चलाने वाले लोगों को अक्सर पेट्रोल पंप जाना होता है, जहां वो अपनी जरूरत के हिसाब से तेल डलवाते हैं. लेकिन कई पेट्रोल पंप वाले इसकी आड़ में धोखाधड़ी भी करते हैं. ऐसे कई मामले हैं जिनमें पेट्रोल पंप पर ग्राहकों के साथ फ्रॉड हुआ है.

    ऐसे में आज हम आपको अपनी इस खबर में कुछ ऐसे कारणों के बारे में बताते हैं, जिनके चलते कई बार आपकी जेब को चपत लग जाती है. कुछ धोखेबाज पेट्राेल पंप मालिक कई तरह से लोगों को धोखा देते हैं. कई मामलों में वे कम तेल भरते हैं, तो कभी-कभी वे तेल के ज्यादा पैसे वसूलते हैं. आप थोड़ी सी सावधानी रखकर इस तरह के नुकसान से बच सकते हैं. 

    पेट्रोल पंप पर ठगी से बचने के तरीके-

    यहां हम पेट्रोल पंपों पर होने वाली धोखाधड़ी के तरीके और उनसे बचने के टिप्स बता रहे हैं-

     तेल भरवाने से पहले ‘0’ चेक करें-

    हो सकता है आपको बातों में लगाकर पेट्रोल पंपकर्मी जीरो तो दिखाए, लेकिन मीटर में आपके द्वारा मांगा गया पेट्रोल का मूल्य नहीं सेट करे. आजकल सभी पेट्रोल पंप पर डिजिटल मीटर होते हैं. इनमें आपकी ओर से मांगा गया पेट्रोल फीगर और मूल्य पहले ही भरा जाता है. इससे पेट्रोलपम्प कर्मी की मनमानी और चीटिंग करने की गुंजाइश बेहद कम हो जाती है. 

     तेल की रकम सेट करें-

     पेट्रोल पंप पर जब भी तेल भरवाने जाएं तो 100, 200 या 500 रुपये का पेट्रोल-डीजल भरवाने से बचना चाहिए. इस तरह के आंकड़े बेहद आम होते हैं. कई बार पेट्रोल पंप मशीन में इस तरह के अमाउंट के लिए तेल की क्वांटिटी पहले से सेट रहती है.

    मान लीजिए आपने 1,000 रुपये का तेल भरवाया तो पहले से सेट क्वांटिटी में तेल आएगा. इसलिए 109, 575, 1,253 रुपये जैसी रकम के साथ तेल भरवाना चाहिए.

     तेल का टाइप चेक करें-

     पेट्रोल पंप वाले गाड़ियों में ज्यादातर हाई ऑक्टेन फ्यूल भरते हैं. यह काम आपसे बिना पूछे किया जाता है. साधारण गाड़ियों में इस तरह का तेल भरवाने का कोई मतलब नहीं है. इसलिए पेट्रोल पंप वाले से नॉर्मल यानी रेगुलर तेल ही भरवाएं क्योंकि हाई ऑक्टेन फ्यूल महंगा होता है.

     भरोसेमंद पेट्रोल पंप पर जाएं-

    पेट्रोल-डीजल भरवाना तो लगातार चलता रहता है. इसलिए हमेशा ऐसे पेट्रोल पंप (Petrol Pump) से तेल भरवाएं जिसपर आपको भरोसा हो. इधर-उधर पेट्रोल पंप पर जाना ठीक नहीं है, क्योंकि दूसरे पेट्रोल पंप पर धोखाधड़ी होने का खतरा रहता है.

     क्वांटिटी चेक करें-

     अगर आपको लगता है कि तेल की क्वांटिटी में गड़बड़ी है तो आप इसे चेक कर सकते हैं. आप पेट्रोल पंप वाले से क्वांटिटी चेक करने के लिए कहें. पंप वाला एक कंटेनर में उसी अमाउंट का फ्यूल भरकर दिखाएगा, फिर आप आसानी से उसका तौल चेक कर सकते हैं.

    इस तरह आप पेट्रोल पंप पर धोखाधड़ी (fraud at petrol pump) का शिकार होने से बच सकते हैं. ध्यान रहे कि पेट्रोल पंप पर फ्रॉड से बचने के लिए चौकन्ना रहना जरूरी है.

  • प्रियंका गांधी को जब सिर्फ 13 सालˈ की उम्र हो गया था प्यार: इस शख्स को देखते ही दे बैठी थी दिल

    प्रियंका गांधी को जब सिर्फ 13 सालˈ की उम्र हो गया था प्यार: इस शख्स को देखते ही दे बैठी थी दिल

    कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के जीवन से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से शायद आप में से कई लोगों ना जानते हों। उन्हीं में एक है उनकी वो लव स्टोरी जो सिर्फ 13 साल की उम्र में शुरू हो गई थी। भारत की पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की बेटी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पोती बचपन से ही बेहद खूबसूरत रही हैं। बचपन की बेबी डॉल जब स्कूल में पहुंची तो एक हैंडसम ब्वॉय उन पर इतना मोहित हुआ कि वो प्रियंका को प्रपोज किए बिना नहीं रह पाया। प्रियंका को प्रपोज करने वाला वो लड़का कौन था और प्रियंका ने उसके प्रपोजल पर किया जवाब दिया आपको आगे बताएंगे।

    प्रियंका गांधी को जब सिर्फ 13 सालˈ की उम्र हो गया था प्यार: इस शख्स को देखते ही दे बैठी थी दिल

    स्कूल में शुरू हुई प्रियंका की लव स्टोरी – प्रियंका गांधी को प्रपोज करने वाले लड़के के नाम के बारे में सस्पेंस खत्म करते हैं, और आपको बताते हैं उस लकी ब्वॉय का नाम। स्कूल में प्रियंका गांधी को प्रपोज करने वाले लड़के का नाम था- रॉबर्ट वाड्रा। जी हां वही राबर्ट वाड्रा जो अब प्रियंका गांधी के पति हैं. और दोनों के दो बच्चे भी हैं। आगे आपको बताएंगे कि प्रियंका के लिए दीवाने हो चुके रॉबर्ट ने उन्हें कैसे प्रपोज किया।

    मुझसे शादी करोगी? स्कूल में एक साथ पढ़ने के दौरान जब रॉबर्ट और प्रियंका की एक दूसरे के लिए अच्छी समझ बन गई, तो दोनों के मुलाकातों का दौर शुरू हो गया। लेकिन प्रियंका के प्यार में दीवाने बनते जा रहे रॉबर्ट से ज्यादा इंतजार नहीं करते बना और उन्होंने एक दिन खुद प्रियंका गांधी के सामने सीधे ही शादी करोगी वाला सवाल पूछा लिया।

    फिर क्या था रॉबर्ट की दीवानगी और उनके प्रपोज करने के अंदाज को देखकर प्रियंका कैसे ना कर सकती थीं, उन्होंने भी तुरंत हामी भर दी। फिर 18 फरवरी 1997 में दोनों ने मां सोनिया गांधी के घर दस जनपथ पर सात फेरे लिए। आगे आपको बताएंगे कि प्रियंका गांधी ने रॉबर्ट वाड्रा की तारीफ में क्या कहा।

    प्रियंका को भा गई थी रॉबर्ट की सादगी – रॉबर्ट देश के किसी बहुत बड़े बिजनेसमैन या राजनीतिक परिवार से नहीं जुड़े थे, लेकिन उन्होंने अपनी सादगी से प्रियंका का दिल जीत लिया था। प्रियंका गांधी अक्सर कहती भी हैं कि “जब मैं रॉबर्ट से पहली बार मिली तो उन्होंने मुझे अलग तरह से ट्रीट नहीं किया जो मुझे बेहद अच्छा लगा। आपस में यही समझ आज भी हर समय दोनों को एक-दूसरे के साथ खड़ा रखती है। आगे आपको रॉबर्ट वाड्रा के बैकग्राउंड के बारे में भी बताएंगे।

    मुरादाबाद से ताल्लुक रखते हैं रॉबर्ट वाड्रा – प्रियंका गांधी से करीब तीन साल बड़े रॉबर्ट वाड्रा का जन्म 18 अप्रैल 1969 को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में हुआ था। राजनीतिक पृष्ठभूमि से दूर-दूर तक नाता नहीं रखने वाले रॉबर्ट वाड्रा के परिवार का पीतल और आर्टिफिशल ज्वैलरी का बिजनेस है। वाड्रा परिवार वैसे तो मूलत: पाकिस्तान के सियालकोट से है, लेकिन भारत विभाजन के दौरान उनका परिवार यहां आकर बस गया था।

    दिलचस्प बात यह है कि गांधी परिवार में लव मैरिज करने की परंपरा रही है। उनके पिता राजीव गांधी और मां सोनिया गांधी की लव स्टोरी भी काफी चर्चा में रही थी। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए प्रियंका गांधी ने भी लव मैरिज को ही चुना। आज प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा अपने दो बच्चों-मिराया वाड्रा और रेहान वाड्रा- के साथ सामाजिक जीवन की जिम्मेदारियां निभाते हुए खुशहाल परिवारिक जीवन भी व्यतीत कर रहे हैं।

  • पत्नी के मां न बन पाने परˈ पति ने करवाया मेडिकल टेस्ट, रिपोर्ट आई तो खुली ऐसी सच्चाई जिसने पूरे रिश्ते की नींव हिला दी

    पत्नी के मां न बन पाने परˈ पति ने करवाया मेडिकल टेस्ट, रिपोर्ट आई तो खुली ऐसी सच्चाई जिसने पूरे रिश्ते की नींव हिला दी

    पत्नी के मां न बन पाने परˈ पति ने करवाया मेडिकल टेस्ट, रिपोर्ट आई तो खुली ऐसी सच्चाई जिसने पूरे रिश्ते की नींव हिला दी

    पत्नी के मां न बन पाने की वजह जानने के लिए करवाया टेस्ट, सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई: गुजरात से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने रिश्तों में भरोसे और पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शादी के कुछ समय बाद जब दंपति को संतान नहीं हुई तो पति ने मेडिकल जांच कराने का फैसला किया। लेकिन जांच की रिपोर्ट आने के बाद जो सच्चाई सामने आई, उसने पूरे परिवार को हैरान कर दिया।

    जानकारी के अनुसार यह मामला अहमदाबाद जिले के सरखेज क्षेत्र का बताया जा रहा है। यहां एक युवक की शादी परिवारों की सहमति से एक महिला के साथ हुई थी। शुरुआत में सब कुछ सामान्य चल रहा था और दोनों परिवार इस रिश्ते से खुश थे।

    शादी के बाद शुरू हुई नई जिंदगी

    विवाह के बाद दंपति ने सामान्य तरीके से अपनी वैवाहिक जिंदगी शुरू की। कुछ समय बाद दोनों ने परिवार बढ़ाने की योजना बनाई। लेकिन कई महीनों तक जब पत्नी गर्भवती नहीं हुई तो परिवार में चिंता बढ़ने लगी।

    इसके बाद पति-पत्नी ने डॉक्टर से परामर्श लेने का निर्णय लिया। शुरुआत में एक स्थानीय महिला डॉक्टर से इलाज शुरू किया गया और कुछ दवाइयां भी दी गईं, लेकिन स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ।

    मेडिकल जांच में सामने आई अहम जानकारी

    जब लंबे समय तक कोई परिणाम नहीं मिला तो पति ने आगे की जांच कराने का फैसला किया। इसके बाद पत्नी की विस्तृत मेडिकल जांच और सोनोग्राफी करवाई गई।

    जांच रिपोर्ट में डॉक्टरों ने बताया कि महिला की वास्तविक उम्र बताई गई उम्र से अधिक हो सकती है। साथ ही रिपोर्ट में यह भी संकेत मिला कि उसके गर्भाशय से जुड़ी कुछ स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जिनकी वजह से गर्भधारण में कठिनाई हो रही है।

    बताया जाता है कि दूसरी राय लेने के लिए पति ने एक अन्य डॉक्टर से भी जांच करवाई, जहां भी लगभग इसी तरह की जानकारी सामने आई।

    सच्चाई सामने आने पर बढ़ा विवाद

    रिपोर्ट सामने आने के बाद पति ने अपनी पत्नी से इस बारे में बातचीत की। शुरुआत में महिला ने इस विषय पर ज्यादा जानकारी नहीं दी, लेकिन बाद में दोनों के बीच इस मुद्दे को लेकर विवाद बढ़ गया।

    पति का आरोप है कि शादी से पहले उसकी पत्नी और उसके परिवार ने उम्र और स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी साझा नहीं की थी। वहीं दूसरी ओर महिला पक्ष का कहना है कि मामला आपसी गलतफहमी का भी हो सकता है।

    पुलिस तक पहुंचा मामला

    विवाद बढ़ने के बाद पति ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों से पूछताछ की जा रही है और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

    इस मामले ने एक बार फिर यह चर्चा शुरू कर दी है कि विवाह जैसे महत्वपूर्ण निर्णय से पहले पारदर्शिता और सही जानकारी का होना कितना जरूरी है।

    समाज में उठे कई सवाल

    ऐसे मामलों के सामने आने के बाद समाज में कई तरह की बहस शुरू हो जाती है। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत विवाद मानते हैं, जबकि कई विशेषज्ञों का कहना है कि विवाह से पहले स्वास्थ्य और अन्य जरूरी जानकारी साझा करना रिश्ते के लिए बेहतर होता है।

    विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि संतान न होना हमेशा किसी एक व्यक्ति की वजह से नहीं होता। कई बार यह समस्या दोनों पक्षों के स्वास्थ्य या अन्य कारणों से भी जुड़ी हो सकती है।

    कुल मिलाकर यह मामला रिश्तों में भरोसे, संवाद और पारदर्शिता की अहमियत को एक बार फिर सामने लाता है।

  • बिस्तर पर मिनटों में ही हांफने लगतेˈ हैं? ये 3 बीज बढ़ाएंगे अंदर की ताकत. नहीं होगी थकान..ˌ

    बिस्तर पर मिनटों में ही हांफने लगतेˈ हैं? ये 3 बीज बढ़ाएंगे अंदर की ताकत. नहीं होगी थकान..ˌ

    बिस्तर पर मिनटों में ही हांफने लगतेˈ हैं? ये 3 बीज बढ़ाएंगे अंदर की ताकत. नहीं होगी थकान..ˌ

    बिस्तर पर मिनटों में ही थकान और कमजोरी की वजह से सांस फूंलने लगता है तो आपको ऐसी चीजें अपनी डाइट में शामिल करनी चाहिए, जो स्टेमिना के साथ-साथ ताकत बढ़ाने में भी मदद कर सके. यौन संबंध बनाते समय यानी सेक्स के दौरान मिनटों में ही सांस फूल जाना, थकान के मारे शरीर का न उठना और शुक्राणुओं की कमी मर्दों की अंदरुनी कमजोरी का लक्षण होती है. भागदौड़ और स्ट्रेसफुल लाइफ की वजह से यह समस्याएं 30 के बाद बढ़ने लगती हैं. ऐसे में जो मर्द अपनी सेहत का ध्यान नहीं रखते हैं, उन्हें यह समस्याएं पहले भी हो सकती है यानी कुल मिलाकर कहें दतो बुढ़ापा आने से पहले ही सेक्स लाइफ से जवानी चली जाती है. लेकिन, समय रहते अपनी डाइट और लाइफस्टाइल को सुधार लें तो शरीर की अंदरुनी कमजोरी और थकान को दूर किया जा सकता है.

    30 की उम्र के बाद हर पुरुष को अपनी डाइट और लाइफस्टाइल का ध्यान रखना चाहिए. हेल्दी डाइट के लिए न्यूट्रिशिनिस्ट और एक्सपर्ट्स मानते हैं कि कुछ बीज का भी रोजाना सेवन करना शरीर और सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है.

    कमजोरी दूर करने में मदद कर सकते हैं ये 3 बीज

    अलसी के बीज

    अलसी के बीज को फ्लैक्स सीड्स भी कहा जाता है. इन बीजों को अपनी डाइट में शामिल करने से शरीर की अंदरुनी कमजोरी और थकान तो दूर होती ही है, साथ ही यह स्पर्म काउंट और मोटेलिटी बढ़ाने में भी मदद करते हैं. अलसी के बीज कई लोग सुबह खाली पेट खाने की गलती कर लेते हैं, लेकिन इन्हें दोपहर के खाने से करीब 30 मिनट पहले खाना फायदेमंद माना जाता है. 

    हलीम के बीज 

    हलीम के बीज को गार्डन क्रेस बीज या अलिव बीज भी कहा जाता है. यह देखने में छोटे लाल-भूरे रंग के होते हैं. इन बीजों में आयरन, फोलेट, विटामिन ए, सी और ई जैसे पोष्क तत्व होते हैं. इन बीजों को मर्दों की सेहत के लिए फायदेमंद माना गया है. कहा जाता है इन बीज का सेवन करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और स्टेमिना के साथ-साथ बिस्तर में परफॉर्मेंस में भी सुधार आ सकता है. 

    चिया सीड्स

    चिया सीड्स का ज्यादातर लोग वजन कम करने में इस्तेमाल करते हैं. लेकिन, यह पुरुषों की सेहत सुधारने में भी मदद कर सकते हैं. चिया सीड्स में ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है, जो कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल कर लिपिड प्रोफाइल सुधारने में मदद कर सकता है. बता दें, चिया सीड्स को सूखा नहीं खाया जाता है, इसे रात भर या 45 मिनट से 1 घंटा पहले पानी में भिगोकर ही खाना चाहिए. 

  • आटे को कीड़ों से बचाने के लिएˈ किचन में मौजूद इन चीजों का करें इस्तेमालˌ

    आटे को कीड़ों से बचाने के लिएˈ किचन में मौजूद इन चीजों का करें इस्तेमालˌ

    Aate Ko Kide Lagne Se Kaise Bachaye: बारिश के मौसम में एक गृहिणी के लिए सबसे परेशानी होती है किचन में मौजूद आटा, दाल चावल को कीड़ों से बचाना. अगर आप भी इस परेशानी से बचना चाहते हैं, तो अपनाएं ये उपाय.

    आटे को कीड़ों से बचाने के लिएˈ किचन में मौजूद इन चीजों का करें इस्तेमालˌ

    Insect Prevention Tips: बारिश में आटे को कीड़ों से कैसे बचाएं.

    How to Prevent Bugs In Aata:  बारिश का मौसम गर्मी से तो हमें राहत देता है लेकिन,अपने साथ कई तरह के संक्रमण और बीमारियां लेकर आता है. इस मौसम में सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है. लेकिन इन सबके साथ एक गृहिणी के लिए सबसे ज्यादा परेशानी हो जाती है मानसून में किचन की चीजों को सुरक्षित रखना. मौसम में बदलाव होते ही किचन की कई चीजें खराब होने लगती हैं. जैसे नमक का गीला होना, मसाले खराब होना, चावल आटे में कीड़े लगना आदि. अगर आप भी आटे को कीड़ों से बचाना चाहते हैं तो इन आसान उपायों को अपना सकते हैं.

    आटे को खराब होने से कैसे बचाएं- (Aate Ko Kide Se Kaise Bachaye)

    1. तेज पत्ता-

    बारिश में आटे को खराब होने से बचाने के लिए आप आटे में तेज पत्ते डालकर रख सकते हैं. इससे आटा खराब नहीं होगा.

    2. दालचीनी-

    चिकन में मौजूद दालचीनी एक ऐसा मसाला है जिसे कई तरह से डाइट में शामिल किया जा सकता है. अगर आप भी बारिश में आटे को खराब होने से बचाना चाहते हैं,तो इसमें दालचीनी को डालकर सकते हैं.

    3. एयर टाइट कंटेरनर-

    बारिश में आटे को खराब होने और कीड़े से बचाने के लिए आप एयर टाइट कंटेनर का इस्तेमाल करें. इससे आटे में नमी नहीं पहुंचेगी और इसे कीड़े लगने से बचा सकते हैं.

    4. कपूर-

    कपूर को पूजा-पाठ में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि कपूर को आटे में रखने से आटा को बारिश में खराब होने से बचा सकते हैं. क्योंकि इसमें एक तेज सुगंध होती है.

  • भयंकर ठंड, ऊपर से रात का समय,ˈ फिर भी छोटे कपड़ों में महिलाओं को नहीं लगती ठंड, जाने क्या है वजहˌ

    भयंकर ठंड, ऊपर से रात का समय,ˈ फिर भी छोटे कपड़ों में महिलाओं को नहीं लगती ठंड, जाने क्या है वजहˌ

    भयंकर ठंड, ऊपर से रात का समय,ˈ फिर भी छोटे कपड़ों में महिलाओं को नहीं लगती ठंड, जाने क्या है वजहˌ

    लड़कियां जब कम कपड़े पहनती है तो हॉट लगती हैं। वे अपने लुक और फैशन को लेकर बहुत जागरूक रहती हैं। खासकर जब उन्हें किसी पार्टी में जाना हो तो ऊपर से लेकर नीचे तक वह अपने शरीर के हर हिस्से को सजाती है। अब गर्मी और बारिश जैसे मौसम में लड़कियों का छोटे कपड़े पहनना समझ में आता है। लेकिन यदि आप ने गौर किया हो तो ठंड के दिनों में भी कई लड़कियां पार्टी या फंक्शन में छोटे कपड़े पहनती हैं।

    ऐसे में क्या आप ने कभी सोचा है कि लड़कियों को इन छोटे कपड़ों में ठंड नहीं लगती क्या? वह तो बड़े आराम से घूमती फिरती और एन्जॉय करती हैं। वहीं दूसरी तरफ पुरुष और अन्य महिलाएं ठंड के कपड़ों से ढके रहते हैं। तो आखिर वह क्या वजह है जो छोटे कपड़ों में भी लड़कियों को सर्दी के सीजन में ठंड नहीं लगती है। चलिए जानते हैं।

    वैज्ञानिकों ने की रिसर्च

    इस टॉपिक पर वैज्ञानिकों ने बकायदा रिसर्च भी की है। इस रिसर्च में इस बात का खुलसा हुआ है कि महिलाओं को रात में कम कपड़े पहनने पर भी ठंड क्यों नहीं लगती है। इसका जवाब ब्रिटिश जर्नल ऑफ सोशल साइकोलॉजी में पब्लिश हुआ है। इस रोपोर्ट में बताया गया कि जब आप हॉट दिखते हैं तो इसका ये मतलब नहीं है कि आपको ठंड ही नहीं लगती है। यहां ये चीज ज्यादा मायने रखती है कि जब आप बाहर निकलते हैं तो आपका फोकस किस पर ज्यादा होता है।

    इसलिए महिलाओं को छोटे कपड़ों में नहीं लगती ठंड

    वैज्ञानकों ने पाया कि जब महिलाएं ठंड या रात में छोटे कपड़े पहनकर बाहर निकलती हैं तो उनका पूरा फोकस हॉट दिखने पर होता है। पूरे समय उनका ध्यान इसी बात पर होता है कि वह सबके सामने कैसी दिख रही हैं। रिसर्च से जुड़े हुए लेखकों में से एक रोक्सैन फेलिग ने इसे टिकटॉक पर बताया है। उन्होंने कहा कि जब कोई इस बात पर अधिक फोकस करता है कि आप बाहर से कैसे दिख रहे हैं तो उनके लिए बाकी चीजें जैसे ठंड इत्यादि सेकेंडरी हो जाती है।

    ठंड लगना आपकी प्राथमिकता पर निर्भर करता है

    दक्षिण फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी के सामाजिक मनोविज्ञान स्नातक छात्र रौक्सैन ने कहा कि ये रिसर्च काफी हद तक रैपर कार्डी बी के 2014 के दावे पर बेस्ड है। उनके अनुसार ठंड लगना आपकी प्रॉयोरिटी पर भी निर्भर करता है। इसलिए जब महिलाएं खुद को अच्छा दिखाने में व्यस्त होती हैं तो उन्हें इस बात की परवाह नहीं होती कि वह कितनी भूखी है या उन्हें कितनी ठंड लग रही है।

    महिलाओं ने खुद की इस पर बात

    इस टॉपिक पर रिसर्च करने वाली टीम ने फ्लोरिडा में महिलाओं का इंटरव्यू भी लिया। यहां महिलाएं फ्लोरिडा की ठंड वाली रातों में क्लब जाने की तैयारी कर रही थी। टेंम्परेचर 4 डिग्री सेल्सियस और 10 डिग्री सेल्सियस के मध्य था। ऐसे में जब उनसे ठंड न लगने वाला सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि उनका सेल्फ ऑब्जेक्टिफिकेशन पर ज्यादा फोकस रहता है। ऐसे में वैज्ञानिक इस नतीजे पर पहुंचे कि खुद को ऑब्जेक्ट के रूप में पेश करने वाली महिलाओं को सर्दी का अहसास नहीं या कम हो रहा था।