Author: me.sumitji@gmail.com

  • जब 1500 वर्ष पुरानी मूर्ति का हुआˈ CT Scan तो रिपोर्ट देख कर डॉक्टर्स की आँखें भी रह गई फटीˌ

    जब 1500 वर्ष पुरानी मूर्ति का हुआˈ CT Scan तो रिपोर्ट देख कर डॉक्टर्स की आँखें भी रह गई फटीˌ

    जब 1500 वर्ष पुरानी मूर्ति का हुआˈ CT Scan तो रिपोर्ट देख कर डॉक्टर्स की आँखें भी रह गई फटीˌ

    हमारी धरती पर ऐसी करोड़ों चीज़ें हैं, जिनके अंदर कोई ना कोई राज़ छिपा हुआ है. इन रहस्यों पर से आज तक कोई भी पर्दा नहीं उठा पाया है. दुनिया जितनी गोल है, उतने ही इसमें झोल हैं. धरती पर आज भी ऐसी लाखों चीज़ें हैं, जिनके बारे में मनुष्य अनजान हैं. ऐसे में विज्ञान भी हार मानने को तैयार नहीं है और अपनी रिसर्च में जुड़ कर आए दिन हमे हैरान कर देने वाले राज़ बयाँ कर रहा है. इनमे से कुछ राज़ तो ऐसे भी हैं, जिनपर एक बार में विश्वास करना मुश्किल ही नहीं बल्कि ना-मुमकिन लगता है.  विज्ञान की मदद से देश और दुनिया में आय दिन रहस्मयी जगहों पर खुदाई की जा रही है और इनके रहस्यों से पर्दा हटाया जा रहा है. इन रिसर्च के परिणाम जान कर कोई भी सन्न रह सकता है.

    ऐसे में आज हम आपको एक ऐसे ही रहस्य के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे जानकर आपके पैरों तले से ज़मीन ही खिसक जाएगी. दरअसल, आज हम बौध धर्म के भिक्षु के बारे में आपको रूबरू करवाने जा रहे . बौध भिक्षु को लेकर हाल ही में विज्ञान ने हैरान कर देने वाले दावे किए हैं जिन पर एक बार में यकीन कर पाना मुश्किल है. मगर इससे पहले हम आपको बता दें कि बौध धर्म के अनुयायी भारत समेत दुनिया के अन्य कई देशों में भी मौजूद है. हमारे एशिया में लाखों की गिनती में बौध धर्म के लोग रहते आ रहे हैं. एशिया में खासकर चीन, थाइलैंड और वियतनाम जैसे देशों में इनकी संख्या अधिक है.

    ऐसे में इन जगहों पर विज्ञान अपनी नई नई खोज करने में जुटा रहता है और कईं बार रिसर्च में वैज्ञानिकों के हाथ कुछ ऐसी अजीबो गरीब चीज़ें  लग जाती हैं जोकि अपने अंदर कईं रहस्य समेटे हुए रहती हैं. हाल ही में वैज्ञानिकों को अपनी रिसर्च के दौरान एक ऐसी चीज़ हाथ लगी है जिसे देख कर हर कोई हैरान है. दरअसल, यह चीज़ कोई और नहीं बल्कि बौध धर्म के गुरु की एक मूर्ति है. इस मूर्ति की तसवीरें इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं और काफी वायरल जा रही है. विज्ञानिकों द्वारा ऐसा दावा किया जा रहा है कि यह मूर्ती करीब 1500 साल या उससे भी अधिक पुरानी है.

    आपकी जानकारी के लिए हम आपको  बता दें कि इस मूर्ती की खोज नीदरलैंड के कुछ वैज्ञानिकों ने मिल कर की है. मूर्ती को देखने के बाद सभी वैज्ञानिकों का यह दावा है कि यह मूर्ती आम मूर्तियों की तरह नहीं है बल्कि इसमें कुछ ना कुछ अलग और खास जरुर है. वहीं जब इस मूर्ति की सच्चाई जानने के लिए वैज्ञानिकों ने सीटी स्कैन कराने का फैसाल लिया, जिसके बाद जांच के दौरन जो सच्चाई सामने आई उसने वैज्ञानिकों को भी हैरत में डाल दिया. शोध के दौरान पता चला कि इस मूर्ती के अंदर एक मम्मी है जो कि पिछले सैन्दों सालों से ध्यान में बैठी है. इ बीच  और सच्चाई सामने आई कि बौध भिक्षु  लोग खुद को ज़मीन के अंदर लीन कर लेते थे और वहां सांस लेने के लिए बांस की लकड़ियों का इस्तेमाल किया करते थे.

    आपको ये जानकर हैरानी होगी कि यह पहली बार नहीं है जब वैज्ञानिको ने गड़े मुर्दों का रहस्य उजागर किया हो. क्यूंकि इससे पहले भी विज्ञान अपनी अजीबो गरीब खोजों को लेकर चर्चा में रह चुका है.

  • जाड़े के लिए रामबाण है यह सूप,ˈ पी लें तो हड्डियां हो जाएंगी सुपर स्ट्रांग, जानें बनाने का सही तरीकाˌ

    जाड़े के लिए रामबाण है यह सूप,ˈ पी लें तो हड्डियां हो जाएंगी सुपर स्ट्रांग, जानें बनाने का सही तरीकाˌ

    जाड़े के लिए रामबाण है यह सूप,ˈ पी लें तो हड्डियां हो जाएंगी सुपर स्ट्रांग, जानें बनाने का सही तरीकाˌ

    Kharode Soup Recipe: आपनें अक्सर वीडियो में खरोड़े का सूप (Paya Soup) बनते देखा होगा, जो आए दिन सोशल मीडिया पर वायरल होते रहता है. खासकर नॉनवेज के शौकीन अक्सर इसकी तलाश में इधर उधर भटकते रहते हैं.

    उन्हें लगता है कि इसे बनाना कठिन या फिर मेहनत का काम है. इसलिए वे स्ट्रीट साइड में इसे खाना ज्यादा पसंद करते हैं. खासकर ठंड के मौसम में. क्योंकि माना जाता है कि यह शरीर को गर्माहट देने के साथ-साथ एनर्जी भी देता है. तो आज हम इस लेख में जानने की कोशिश करेंगे कि इसे हम घर पर कैसे आसानी से बना सकते हैं वह भी बेहद आसान तरीके से.

    क्या होता है खरोड़ा?

    रिजनल लैंग्वेज में खरोड़ा का मतलब बकरी या भेड़ का पांव से होता है. बकरी के पांव को साफ करके लंबे समय तक पकाया जाता है, जिससे हड्डियों और नसों से निकलने वाला नैचुरल रस इस सूप को स्वादिष्ट के साथ साथ पौष्टिक बनाता है. ग्रामीणों का मानना है कि खरोड़े का सूप न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है बल्कि यह शरीर में गर्मी देने के साथ साथ ताकत और एनर्जी का भी बढ़िया स्रोत है.

    खरोड़े का सूप बनाने की सामग्री

    • खरोड़े / पाया – 2-3
    • प्याज- 1 बारीक कटा
    • अदरक-लहसुन पेस्ट- 1 बड़ा चम्मच
    • हल्दी- ½ चम्मच
    • नमक- स्वादानुसार
    • काली मिर्च- ½ चम्मच
    • तेज पत्ता- 1
    • साबुत मसाले (अगर चाहें)- लौंग, दालचीनी
    • पानी- 4-5 कप
    • थोड़ा धनिया/नींबू

    क्या बनाने का सही तरीका

    • खरोड़े का सूप बनाने के लिए सबसे पहले बकरी के पैर के बाल को चूल्हे या गैस पर जलाकर अच्छी तरह से चाकू की मदद से हटा लें. फिर पानी में धोकर फिर से आग में सेंक ले. इससे जो बचा हुआ बाल है वह पूरी तरह हट जाएगा. इसके बाद इसे फिर से पानी से अच्छी तरह धो लें.
    • अब कूकर में खरोड़े, हल्दी, नमक, तेजपत्ता और पानी डालें.
    • फिर तेज आंच पर 4-5 सीटी लगने के छोड़ दें. फिर इसे बेहद आंच पर 30-35 मिनट पकने दें.
    • अब एक कड़ाही में तेल डालकर इसे गर्म होने के लिए छोड़ दें.
    • जब तेल गर्म हो जाएं तो इसमें प्याज, अदरक-लहसुन का पेस्ट सुनहरा होने तक भून लें. फिर इसमें साबुत मसाले को डालें.
    • अब उबले हुए खरोड़े का स्टॉक डालकर, इसमें काली मिर्च डालें. ऊपर से धनिया, नींबू निचोड़ दें, इससे स्वाद बढ़ जाएगा.

    विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

    कई विशेषज्ञ और आयुर्वेद की मानें तो खरोड़े के सूप को नैचुरल प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है. क्योंकि इसमें कैल्शियम, कोलेजन और मिनरल्स की अच्छी मात्रा पाई जाती है. सर्दियों में जोड़ों के दर्द, कमजोरी और थकान के साथ साथ हड्डियों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. हालांकि हाई बीपी या कोलेस्ट्रॉल वाले मरीजों को इसका सेवन सीमित मात्रा करने की ही सलाह दी जाती है. कई लोग इसे सर्दी-जुकाम में राहत देने वाला पेय पदार्थ के रूप में भी देखते हैं. यही वजह है कि ठंड शुरू होते ही खरोड़े की मांग और इसके स्वाद की चर्चा हर घर में बढ़ जाती है.

  • ये आदमी था दुनिया का पहला इंसानˈ जिससे हुई थी सृष्टि की रचना जानिए पूरी कहानीˌ

    ये आदमी था दुनिया का पहला इंसानˈ जिससे हुई थी सृष्टि की रचना जानिए पूरी कहानीˌ

    ये आदमी था दुनिया का पहला इंसानˈ जिससे हुई थी सृष्टि की रचना जानिए पूरी कहानीˌ

    दुनिया में विज्ञान कितनी भी तरक्की कर लें मगर अभी तक यह पता नहीं लगा पाया है कि इस संसार को किसने बनाया है और संसार में मुनष्य की उत्पती किस प्रकार से हुई है। यह सवाल कई बार हमारे मन में आता है। मगर इसका उत्तर हमें कई धार्मिक पुस्तकें और विज्ञान द्वारा खोजे गए तथ्य देते तो जरूर है मगर वह आधे अधूर होते हैं।

    किसने बनाया हमें

    हिन्दू मान्यताओं के अनुसार हमारे संसार को ईश्वर ने ही बनाया है मगर एक युग के विकास के बाद किस तरह से मनुष्य जाति का जन्म हुआ और कैसे इस जाति ने धरती पर अपने रहन सहन का तरीका बनाया यह हमारे लिए सबसे अहम सवाल है। मगर वो कौन सा इसान था जो हमें धरती पर लेकर आया।

    कौन था पहला मानव

    मगर इस सवाल से भी उपर एक ओर सवाल यह भी है कि आखिरकार पहला मनुष्य कौन था । वो कहां से आया था और उसे बनाने वाला यानी उसका रचिता कौन था। उसका संसार में आना और किस समय पर आना यह सभी कुछ ऐसे सवाल है जिनका जवाब हर इसान जानना चाहता है। क्योंकि हम सब का वहीं आधार है जिसके कारण हम सब की उत्पती हुई है।

    क्या कहता है पुराण

    हमारे हिंदू धर्म के अनुसार संसार में सबसे पहले जन्म लेने वाला मनुष्य मनु था। या फिर पश्चिम सभ्यता के अनुसार एडेम था और उनके आने बाद ही मनुष्य जाति का आंरभ हुआ। मगर इन दोनों को बनाने वाला कौन था।

    पुराण में मनु

    एक पौराणिक कथा के अनुसार मनु की रचना स्वयं भगवान ब्रहा ने की थी। ऐसा कहा जाता है कि मानव जाति की रचना के लिए भगवान ब्रहमा ने दो लोगों को बनाया था। एक तो पुरूष और दूसरा स्त्री। क्योंकि मानव जाति को आगे बढाने के लिए ब्रहमा के लिए जरूरी था कि वह पुरूष ओर स्त्री की भी रचना करें।

    ब्रह्मा द्वारा हुई रचना

    भगवान ब्रहमा द्वारा बनाए गए पुरूष थे मुन और स्त्री। आज हमारी सांसारिक दुनिया में जितने भी लोग मौजूद हैं यह सभी मनु से उत्पन्न हुए हैं।

    मनु से बना मानव

    संसार में आने वाला सबसे पहला इंसान मुन था इसलिए इस जाति का नाम मानव पडा था। संस्कृत में इसे मुनष्य कहा जाने लगा और अंग्रेजी भाषा में भी मिलते जुलते नाम मैन का प्रयोग हुआ। आपको बता दे कि यह सभी नाम पहले मुनष्य मनु से ही जुडे हुए हैं।

    पौराणिक कथा

    पुराणों में दर्ज एक कथा के अनुसार एक समय था जब भगवान ब्रहा देवों और असरों तथा पत्रिं का निर्माण करने के काफी शक्तिहीन महसूस करने लगे थे। इसके आगे उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि अब किसकी रचना की जाए। जिसके बाद उन्होंने काफी विचार करके मन तथा मस्तिक को कुछ शांति हासिल हो सके।

    क्या थी वो काया

    उस क्षण ब्रहा जी अपने कुछ कार्यो में व्यस्थ ही थे कि अचानक उनके अंदर एक काया उत्पन्न हुइ्र ओर उनके सामने आकर खडी हो गई । जिसे देखने के बाद उन्हे काफी अंचभा हो रहा था कि वह कोई मामूली काया नहीं बल्कि बिल्कुल उनके ही जैसे दिखाई देने वाली थी।

    भगवान ब्रह्मा हुए हैरान

    उस परछाई को देख कर कुछ देर तक तो भगवान ब्रहमा समझ नहीं सके कि उनके साथ आखिरकार हुआ क्या है। आपको बता दें कि यही मानव संसार का पहला मुनष्य था जिसे स्वयंभु मनुष्य के नाम से जाना जाता है। अब इसके बाद एक और सवाल मन में आता है कि यदि हिंनू मान्यताओं कें अनुसार मनु पहला मनुष्य था तो पश्चिमी सयता के अनुसार पहला मानव कौन था।

    बाइबल और मनु

    अगर हम बाइबल की बात करें तो जिस तरह से पौराणिक कथा में भगवान ब्रहा के शरीर से मनु ने जन्म लिया था उसी प्रकार बाइबल में भी ईश्वर के शरीर की परछाई ने जन्म लिया था और यही परछाई मुन की तरह ईश्वर की छाया थी और उनकी तरह ही दिखाई भी देती थी।

    एडेम का जन्म

    बाइबल में इस परछाई का नाम एडेम दिया गया है। बताया जा रहा है कि बाइबल में एडेम के जन्म पर एक वाक्या भी लिखा गया है। मैन वाज क्रिएटेड इन दि इमेज ऑफ हिज मेकर जिसका मतलब होता है कि भगवान की परछाई में मनुष्य ने जन्म लिया है। इन दोनों कथाओं से यह साबिता होता है। कि मुन ही वह पहला इंसान है जिसने मनुष्य के रूप में धरती पर जन्म लिया।

    मनु और वह स्त्री

    मनु के साथ इस संसारिक दुनिया में भगवान ब्रहा द्वारा एक स्त्री शतरूपा की भी रचना की गई थी। जहां पर पुराणों के अनुसार वर्णित कथाओं के अनुसार शतरूपा का जन्म हुआ था और बाइबल के अनुसार एडेम के साथ एम्बेला का जन्म हुआ था।

    लेकिन हैं कुछ अंतर

    मगर इन सभी तथ्यों को जानने के बाद यह साबित होता है कि हिन्दू इतिहास तथा पश्चिमी सभ्यता की बाते काफी हद तक समान है। मगर इसके बावजूद भी दोनों सभ्यताओं में काफी भिन्नता है।

    बाइबल में मनु का जन्म

    बाइबल में लिखी गई कहानी के अनुसार एडेम का निर्माण खुद ईश्वर ने किया था मगर दूसरी और मनु तो स्वयं भगवान ब्रहमा के शरीर से काया बनकर बाहर आए थे। दूसरी ओर मुनष्य का पहला स्त्री रूप बाइबल के अनुसार मुन की पसली से बनाया गया था। मगर पुराणों के अनुसार शतरूपा का जन्म भी भगवान ब्रहमा की निकली काया से ही हुआ था।

    जन्म के बाद समानता

    पुराण के अनुसार मनु तथा शतरूपा के जन्म के बाद भगवान ब्रह्मा द्वारा उन्हें धरती पर मानवीय संसार को स्थापित करने का आदेश दिया गया था। ठीक इसी तरह बाइबल में भी इस तरह की घटना का वर्णन है।

    पूर्ण विकसित रूप से जन्म

    इसके साथ ही बाइबल में एडेम के बिना किसी गर्भ द्वारा इस संसार में आने की बात पुराण के तथय से मिलती है। जिस प्रकार मनु की उत्पती ब्रहमा के भीतर से निकली काया से हुआ है ठीक उसी प्रकार एडेम की उत्पती भी ईश्वर के शरीर से हुई है।

    एक से ज्यादा मनु

    हिन्दू पुराण के अनुसार बताया गया है कि केवल एक ही नहीं बल्कि एक से भी ज्यादा मनु ने जन्म लिया था। यदि पुराण में दर्ज आंकडे यह बताते हैं कि उस समय एक नहीं 10 मनु ने जन्म लिया था।

  • Relationship Tips : पैसे समेत इन 7ˈ कारणों से लड़कियों को पसंद आते हैं बड़ी उम्र के मर्दˌ

    Relationship Tips : पैसे समेत इन 7ˈ कारणों से लड़कियों को पसंद आते हैं बड़ी उम्र के मर्दˌ

    Relationship Tips : पैसे समेत इन 7ˈ कारणों से लड़कियों को पसंद आते हैं बड़ी उम्र के मर्दˌ

    लड़की जब लाइफ टाइम के लिए पार्टनर चुनती है तो वो खुद से बड़ी उम्र का पार्टनर (life partner tips) चुनती है। क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों?लड़कियां बड़ी उम्र के मर्दों की समझदारी और व्यक्तित्व से कई बार इतनी आकर्षित हो जाती है कि उन्हीं के साथ जिंदगी बिताने का सपना देखने लगती हैं। आईये आपको कुछ और कारण भी बताते हैं जिनकी वजह से लड़कियां बड़ी उम्र के मर्दों को डेट (Relationship) करना पसंद करती हैं । 


    ज्यादा अनुभव 

    पहला कारण तो ये है कि बड़ी उम्र के व्यक्ति को जीवन के लगभग सभी अनुभव होते हैं क्योंकि उम्र के साथ वो उन सभी हालातों से गुजर चुके होते हैं जो जीवन में बाधाएं डालने का काम करती हैं। इस कारण वो बाकी लोगों से ज्यादा समझदार और परिस्थितियों से संभालने में भी भी हो जाते है, इसी वजह से लड़कियां उनके साथ रहना पसंद करती हैं और रिलेशन (Relation) में आती हैं। 


    Relationship में मैच्योरिटी

    बढ़ती उम्र के साथ लोग मैच्योर भी हो जाते है और समझदारी की बातें भी करने लगते हैं। इतना ही नहीं ये लोग रिश्तों को काफी काफी गंभीरता से लेते हैं इसलिए उनके साथ रिलेशनशिप (Relationship Tips) को लंबे समय तक निभाना आसान हो जाता है।  ये न केवल मैच्योर बाते करते हैं बल्कि सोच को भी उसी तरह बना लेते हैं। अपने भविष्य और साथी को साथ लेकर चलना पसंद करते हैं, इसलिए भी लड़कियों को बड़ी उम्र के मर्द अट्रेक्ट करते हैं।


    अच्छे लिस्नर

    बड़ी उम्र के पुरुष अच्छे लिस्नर भी होते है। ये पहले अपने पार्टनर को बातों को अच्छे से समझते हैं, फिर उनका जवाब देते हैं। और लड़कियां अपने पार्टनर में इस तरह की क्वालिटी ही चाहती हैं। इसलिए ऐसे मर्द उनको जल्दी आकर्षित कर लेते हैं क्योंकि वो उनकी बातों को अच्छे से सुनते और समझते हैं ।

    खुद लेते हैं सारे फैसले

    बड़ी उम्र के मर्द एक पड़ाव पर आकर अपने निर्णय खुद लेते हैं ना कि मां के बच्चे की तरह बर्ताव करते । इसलिए वो अपने विचार या निर्णय लेने के लिए बिल्कुल स्वतंत्र होते हैं और घर संभालने से लेकर अपने फैसले लेने तक हर चीज अपने बलबूते पर करते हैं। बस पुरुषों की यही खूबी लड़कियों को झट से इम्प्रेस कर देती है।

    अधिक पैसा

    ये कारण भी सबसे महत्वपूर्ण है, बड़ी उम्र के पुरुष आर्थिक तौर से भी स्वतंत्र होते हैं क्योंकि उम्र के एक पड़ाव पर आकर वो अपने करियर के उस मुकाम पर पहुंच गए होते हैं जो वो करना चाहते हैं।  इसलिए वो फाइनेंशली खुद पर डिपेंड (financially dependent) होते हैं। लड़कियों की पहली ख्वाहिश भी यहीं होती है कि उनका पार्टनर उन्हें बेहतर लाइफ एन्जॉय करवाए। 
     

    स्वभाव में केयरिंग

     बड़ी उम्र के पुरुष अनुभवी होने के साथ ही केयरिंग भी होते हैं। ऐसे मर्द पार्टनर की केयर बिल्कुल मां-बाप की तरह करते हैं। सही और गलत की सलाह देते हैं और गलतियों को सुधारने का मौका भी। बात-बात पर पार्टनर (life partner) की केयर करना लड़कियों को खूब पसंद होता । इसलिए लड़कियां खुद से ज्यादा उम्र के पुरुषों को को अपना लाइफपार्टनर बनाती हैं। 

  • सुहागरात की सेज पर पहुंचते ही चीखˈ पड़ी दुल्हन, बहू की आवाज सुनकर कमरे की तरफ दौड़ पड़े ससुराल वालेˌ

    सुहागरात की सेज पर पहुंचते ही चीखˈ पड़ी दुल्हन, बहू की आवाज सुनकर कमरे की तरफ दौड़ पड़े ससुराल वालेˌ

    सुहागरात की सेज पर पहुंचते ही चीखˈ पड़ी दुल्हन, बहू की आवाज सुनकर कमरे की तरफ दौड़ पड़े ससुराल वालेˌ

    सुहागरात की सेज सजी थी। दुल्हन दूध का गिलास लेकर सेज पर पहुंच गई। लेकिन कुछ देर बाद ही दुल्हन का मूड बिगड़ गया। आधी रात को दुल्हन ने शोर मचाया तो परिवार के लोग दौड़ पड़े। दुल्हन चीख-चीखकर कह रही थी कि मेरा पति नपुंसक है। मैं इसके साथ नहीं रहूंगी। रात साढ़े तीन बजे दुल्हन ने फोन करके मायके पक्ष के लोगों को भी बुला लिया। पहले घर में समझौते के प्रयास हुए। इसके बाद मामला थाने पहुंच गया।

    मामला कोल्हापुर थाना क्षेत्र के ग्राम लक्ष्मीपुर से जुड़ा है। यहां के निवासी अमन पुत्र राकेश वर्मा की शादी पूजा पुत्री धर्मपाल वर्मा निवासी सूर्यनगर से हुई थी। शादी के बाद अमन दुल्हन पूजा को विदा कराकर घर ले आया। रात में 11:30 बजे तक संगीत का कार्यक्रम चला। इसके बाद 12 बजे के करीब पूजा पति के पास कमरे में पहुंच गई और उसने हंगामा शुरू कर दिया। उसने मायके फोन किया तो 20-22 लोग सुबह तड़के ससुराल पहुंच गए और पूजा को जबरन ले जाने लगे।

    समझौते के बाद मायके गई दुल्हन

    सूचना पाकर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आयी। जहां समझौते के प्रयास हुए। लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद अमन और दुल्हन के पिता धर्मपाल ने पुलिस को लिखित में तहरीर दी और आभूषणों के साथ दुल्हन के मायके जाने की बात कही। कहा गया कि अब इस मामले का बाद में समाधान किया जाएगा। थाना प्रभारी ने कहा कि दोनों पक्षों की रजामंदी के बाद दुल्हन को मायके पक्ष के साथ भेज दिया गया है। कोई तहरीर आएगी तो कार्रवाई की जाएगी।

  • अंडे छोडो ये 7 शाकाहारी फूड्स खाओ,ˈ मिलेगी अंडे से 2x ज्यादा पावर, जानकारी को शेयर जरूर करना

    अंडे छोडो ये 7 शाकाहारी फूड्स खाओ,ˈ मिलेगी अंडे से 2x ज्यादा पावर, जानकारी को शेयर जरूर करना

    अंडे छोडो ये 7 शाकाहारी फूड्स खाओ,ˈ मिलेगी अंडे से 2x ज्यादा पावर, जानकारी को शेयर जरूर करना

    बहुत लोग मानते हैं कि अगर आप अंडा नहीं खाते, तो शरीर को पर्याप्त प्रोटीन मिलना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि जिम और फिटनेस की दुनिया में अंडे को प्रोटीन का सबसे अच्छा सोर्स माना जाता है।

    लेकिन सच्चाई यह है कि कई ऐसे वेजिटेरियन फूड्स मौजूद हैं, जिनमें प्रोटीन की मात्रा काफी ज्यादा होती है। सही जानकारी और सही फूड कॉम्बिनेशन से वेजिटेरियन लोग भी पर्याप्त प्रोटीन पा सकते हैं।

    अंडे को प्रोटीन का अच्छा सोर्स क्यों माना जाता है

    अंडे में हाई क्वालिटी प्रोटीन होता है और इसमें सभी जरूरी अमीनो एसिड मौजूद होते हैं। इसकी absorption क्षमता भी अच्छी होती है, जिससे शरीर इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकता है। इसी वजह से मसल रिपेयर, इम्युनिटी और शरीर की ताकत के लिए अंडे को अच्छा माना जाता है। लेकिन हर व्यक्ति अंडा नहीं खा सकता।

    सोया चंक्स सबसे ज्यादा प्रोटीन वाले वेज फूड्स में से एक है

    सोया चंक्स को वेजिटेरियन प्रोटीन का पावरहाउस माना जाता है। इसमें प्रोटीन की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। कम मात्रा में भी यह अच्छा प्रोटीन दे सकता है। यही कारण है कि मसल बिल्डिंग डाइट में इसका इस्तेमाल किया जाता है।

    कद्दू के बीज पोषण से भरपूर होते हैं

    पंपकिन सीड्स में प्रोटीन के साथ मैग्नीशियम और जिंक जैसे जरूरी मिनरल्स भी पाए जाते हैं। थोड़ी मात्रा में भी यह शरीर को अच्छा पोषण दे सकते हैं और स्नैक के रूप में आसानी से खाए जा सकते हैं।

    मूंगफली सस्ता और अच्छा प्रोटीन स्रोत है

    मूंगफली आसानी से मिलने वाला और किफायती प्रोटीन स्रोत है। रोज एक मुट्ठी मूंगफली लेने से शरीर को अच्छा प्रोटीन और एनर्जी मिल सकती है।

    दालें रोज के प्रोटीन के लिए जरूरी मानी जाती हैं

    मूंग दाल और मसूर दाल दोनों ही अच्छे प्रोटीन स्रोत हैं। ये आसानी से पच जाती हैं और रोज के खाने में आसानी से शामिल की जा सकती हैं।

    राजमा लंबे समय तक एनर्जी देने में मदद करता है

    राजमा में मौजूद प्रोटीन धीरे-धीरे पचता है, जिससे शरीर को लंबे समय तक एनर्जी मिलती है। यह एक्टिव लाइफस्टाइल और मसल रिकवरी के लिए अच्छा माना जाता है।

    रोस्टेड चना आसान और हेल्दी स्नैक है

    रोस्टेड चना प्रोटीन से भरपूर होता है और इसे कहीं भी आसानी से खाया जा सकता है। यह वेजिटेरियन लोगों के लिए अच्छा डेली प्रोटीन स्नैक माना जाता है।

    पनीर प्रोटीन और कैल्शियम दोनों देता है

    पनीर सिर्फ स्वाद के लिए नहीं बल्कि पोषण के लिए भी अच्छा होता है। इसमें प्रोटीन के साथ कैल्शियम और हेल्दी फैट भी होते हैं, जो हड्डियों और मसल्स के लिए फायदेमंद होते हैं।

    वेज प्रोटीन को लेकर कुछ गलतफहमियां

    बहुत लोग सोचते हैं कि वेज प्रोटीन अधूरा होता है। लेकिन सही फूड कॉम्बिनेशन से यह पूरा हो सकता है। यह भी जरूरी नहीं कि मसल बनाने के लिए अंडा या चिकन जरूरी हो। सही वेज प्रोटीन से भी अच्छे रिजल्ट मिल सकते हैं।

    निष्कर्ष: अगर सही तरीके से वेजिटेरियन डाइट प्लान की जाए, तो शरीर को पर्याप्त प्रोटीन मिल सकता है। जरूरी है कि डाइट में अलग-अलग प्रोटीन स्रोत शामिल किए जाएं।

  • LIC की इस स्कीम ने बदल दीˈ किस्मत – सिर्फ ₹93000 के निवेश पर मिलेगा ₹5.45 लाख जानिए पूरी प्लानिंग और फायदाˌ

    LIC की इस स्कीम ने बदल दीˈ किस्मत – सिर्फ ₹93000 के निवेश पर मिलेगा ₹5.45 लाख जानिए पूरी प्लानिंग और फायदाˌ

    LIC की इस स्कीम ने बदल दीˈ किस्मत – सिर्फ ₹93000 के निवेश पर मिलेगा ₹5.45 लाख जानिए पूरी प्लानिंग और फायदाˌ

    “जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी”। जीवन बीमा निगम यानि LIC की टैग लाइन यही है। कई मायनों में वह इसके साथ न्याय करते हैं। इस संस्था ने अब तक लाखों-करोड़ों लोगों को नई-नई योजनाओं के माध्यम से आर्थिक स्थिरता प्रदान की है।

    आज हम आपको LIC की एक ऐसी फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें निवेश करके आप मालमाल हो जाएंगे। यदि आप भी FD करने में रुचि रखते हैं तो यह लेख अंत तक जरुर पढ़िए, क्योंकि आगे इसकी सभी विस्तृत जानकारी दी गई है जो आपके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

    LIC की FD स्कीम में निवेश करना है बेहद फायदेमेंद

    अगर आप भी ऐसी स्कीम की तलाश कर रहे हैं, जिसमें निवेश करके आपको जबरदस्त मुनाफा हो, तो हम आपके लिए लेकर आए हैं LIC की फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम। इस स्कीम की मदद से आप रातों-रात लखपति बनने के अपने सपने को पूरा कर पाएंगे। इसमें आपको बस एक बार निवेश करना होता है।

    इस स्कीम में अगर आपने एक बार निवेश कर दिया, उसके बाद आपको मोटी रकम मिल सकती है। इस पॉलिसी की खास बात ये है कि 90 दिन के बच्चे से लेकर 65 वर्ष की आयु के व्यक्ति इसका लाभ उठा सकते हैं। साथ ही आपको बता दें कि आप इसे 10 साल से लेकर 25 साल के पॉलिसी टर्म के लिए ले सकते हैं।

    LIC की इस स्कीम में इतने रुपये करने होंगे निवेश

    LIC की फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम में 2 लाख के सम एस्योर्ड की पॉलिसी पर सिंगल प्रीमियर जीएसटी के साथ 93,193 रुपये होंगे। इस पॉलिसी के 25 साल पूरे जैसे ही हो जाएंगे, वैसे ही आपको मैच्योरिटी के 5.45 लाख रुपये मिल जाएंगे। इसमें न्यूनतम सम एस्योर्ड 50 हजार रुपये है।

    साथ ही इस पॉलिसी में अधिकतम राशि की कोई तय सीमा नहीं है। साथ ही आपको बताते चलें कि आपने अगर किसी बच्चे के लिए यह पॉलिसी ली, तो जैसे ही उसकी उम्र 8 साल या इससे अधिक होगी, पैसों की कवरेज शुरु हो जाएगी। पॉलिरी धार की अगर मृत्यु हो जाती है, तो सारे पैसे उसके नॉमिनी को मिल जाएंगे। दोस्तों इस लेख के बारे में आपके क्या विचार है कमेंट करके जरूर बताएं।

  • बड़े भाई की शादी में छोटे भाईˈ की खुल गई किस्‍मत और दूल्हा पहुंचा जेल और छोटे ने ले लिए 7 फेरेˌ

    बड़े भाई की शादी में छोटे भाईˈ की खुल गई किस्‍मत और दूल्हा पहुंचा जेल और छोटे ने ले लिए 7 फेरेˌ

    बड़े भाई की शादी में छोटे भाईˈ की खुल गई किस्‍मत और दूल्हा पहुंचा जेल और छोटे ने ले लिए 7 फेरेˌ

    कहते हैं न कि जोड़ियां ऊपर वाला बनाता है। जी हां इसी बात को एक बार फ़िर पुख़्ता रूप से मज़बूती मिली है। ऐसा ही एक मामला बिहार से निकलकर आया है। जहां शादी तो किसी और के साथ तय हुई, लेकिन शादी के पहले कुछ ऐसा हुआ कि दुल्हन ने फेरे किसी और से लिए। जी हाँ पूरा मामला सिगोड़ी थाने के मोरारचक का है। जहां दूल्हा मंडप में बैठा है। घर में मंगलगीत गाएं जा रहे हैं। चहुंओर खुशी का महौल है। दुल्हन मंडप की ओर धीरे-धीरे कदम बढ़ा रही है, तभी आंगन में होती है पुलिस की एंट्री। इतने में लोग कुछ समझ पाएं कि इसके पहले ही सारा दृश्य बदल जाता है।

    सबसे पहले पुलिस मंडप के पास से दूल्हे को उठाती है और अपने साथ लेकर निकल जाती है। यह सब देख दुल्हन के पैर ठिठक जाते हैं और वह वापस लौट जाती है। अभी भी किसी को कुछ समझ नहीं आता कि आख़िर यह चल क्या रहा है। इतने में ही फ़िल्मी स्टाइल में एंट्री लेता है सरपंच। पंचायत बैठती है। काफी जद्दोजहद के बाद यह तय होता है कि दुल्हन की शादी दूल्हे के छोटे भाई से करा दी जाए। पंचायत की बात बाराती और घराती दोनों तरफ के लोग मान लेते हैं। आनन-फानन में दूल्हे के छोटे भाई को तैयार किया जाता है और फिर उसी मंडप में दुल्हन के साथ छोटे भाई की शादी करा दी जाती है।

    अब ऐसे में आप सब सोच रहें होंगे कि आख़िर फ़िल्मी स्टाइल में यह सब घटनाक्रम क्यों हुआ। तो आइए जानते हैं पूरे मामले को विस्तार से…

    बता दें कि पालीगंज थाने के सियारामपुर निवासी संजय यादव के बेटे अनिल कुमार की शादी सिगोड़ी थाने के मुरारचक गांव के भीम यादव उर्फ पंकज की लड़की से तय हुई थी। सभी कार्यक्रम पहले से निर्धारित तिथि के अनुसार चल रहे थे। 15 जून को जब बारात मुरारचक गांव में पहुंची तो गांव वालों ने बारात की अच्छी तरीक़े से खातिरदारी की। बारात इसके बाद जनमसे में आकर बैठ गयी। बारातियों को नाश्ता भोजन कराया जा रहा था। जैसे ही दूल्हे की पहली पत्नी होने का दावा करने वाली लड़की को यह बात पता चली कि अनिल की आज बारात गई है, वह सिगोडी थाने पहुंची और पुलिस को सबकुछ बताते हुए अनिल की दूसरी शादी को तत्काल रुकवाने की अपील की। लड़की ने पुलिस को अनिल के साथ शादी की अनेकों तस्वीरें दिखाई, जिसके बाद पुलिस ने भी लड़की का साथ दिया।

    इसी बीच गांव के मुखिया अशोक यादव के पास सिगोड़ी थानाध्यक्ष ने फोन कर जानकारी दी कि आप के गांव में जो बारात आई हुई है, वो लड़का पहले से ही रूबी नाम की लड़की से शादी कर चुका है। लड़की हमारे पास आई हुई है। अभी आप जाकर शादी रुकवा दें। हम लोग आ रहे है। यह बात सुन मुखिया ने लड़की के पिताजी को सारी बातों से अवगत करा दिया। यह बात सुन लड़की के पिता और गांव वाले हक्के बक्के रह गए। गांव में यह खबर आग की तरह फैल गई। इसी बीच वहां लड़की सिगोड़ी थाने के पुलिस को लेकर पहुंच गई। सबूत के तौर पर लड़की ने परिवार व गांव वालों को कई फोटो दिखलाई।

    दूल्हे की पहली पत्नी ने आकर सबके बीच कहा कि एक साल पहले ही हम दोनों ने शादी कर ली है। जिसके बाद पुलिस लड़के को लेकर थाने चली गई। इधर लड़के को थाने जाने के बाद गांव वालों ने बारात पार्टी को बंधक बना लिया। तब गांव के मुखिया ने प्रतिष्ठा का हवाला देते हुए दोनों पक्षों को बीच का रास्ता निकालने को कहा। काफी मंथन के बाद यह तय हुआ कि लड़के के छोटे भाई से दुल्हन की शादी करा दी जाए। सुबह में दोनों पक्षों के मौजूदगी में शादी सम्पन्न करा दी गई। तब जाकर मामला शांत हुआ। उधर पुलिस ने बड़े भाई अनिल को पत्नी रूबी के साथ रहने व उसकी देख रेख करने सम्बंधित “बन्ध पत्र” लिखवाकर छोड़ दिया।

  • सिर्फ 3 मिनट में एल्युमिनियम फॉयल सेˈ पाएं पीले दांतो से हमेशा के लिए निजातˌ

    सिर्फ 3 मिनट में एल्युमिनियम फॉयल सेˈ पाएं पीले दांतो से हमेशा के लिए निजातˌ

    सिर्फ 3 मिनट में एल्युमिनियम फॉयल सेˈ पाएं पीले दांतो से हमेशा के लिए निजातˌ

    हमारे चेहरे  में सुन्दरता के साथ साथ अगर हमारे दांत सफ़ेद और चमकदार हो तो क्या बात है और हर खूबसूरत मुस्कान के पीछे हमारे दांतों की अहम भूमिका होती है। खिलखिलाती मुस्कान के लिए मोतियों जैसे सफेद दांतों की जरूरत पड़ती है। यह सिर्फ खाना खाने में ही मददगार नहीं होते बल्कि इससे हमारी पर्सनैलिटी कोभी नई पहचान मिलती है लेकिन बहुत सारे लोगों के दांत पीले होते हैं, जिसकी बहुत सारी वजहें हो सकती हैं।

    गलत खान-पीन की वजह से भी दांतों में पीलापन आता है। फास्ट फूड, मीठा हमारे दांतों पर चिपक जाता हैं जो दांतों को पीला बनाता है| अगर दात का रंग पिला हो जाये तो आप किसी के भी सामने खुल के मुस्कुराने से कतराते है और आपको शर्मिंदगी महसूस होती है|पानी में मौजूद कैमिकल्स,तंबाकू और कलर्ड फूड्स के ज्यादा इस्तेमाल से दांतों में पीलापन आ जाता है।

    आपको बता दे की इन्हें चमकाने के लिए बाजार में तरह तरह के प्रोडक्ट्स भी मिलते है जो ये दावा करते है की इसके इस्तेमाल से आपके दात बिलकुल सफ़ेद हो जायेंगे| ये प्रॉडक्ट्स काफी महंगे भी होते है और उनमें मौजूद कैमिकल्स से मसूड़ों को नुकसान भी पहुचता है। लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत नही है आज हम आपके लिए ऐसा उपाय लेकर आये है जिसके इस्तेमाल से आपके दात दूध की तरह चमकने लगेंगे|

    इसके लिए आपको एक चीज़ की आवश्यकता पड़ेगी जो की हर किसी के घर में आसानी से मिल जाता है वो है जिसमें चीजों को गर्म रखने का काम करने वाला एल्युमिनियम फॉयल| ये आपके दांतो को आसानी से सफेद कर सकता है। जानिेये  कैसे इसका इस्तेमाल करके आप सिर्फ 3 मिनट में पीले दांतो से निजात पा सकते है। इसके लिए आपको 3 चीजो की जरूरत है जो है 

    • 2 चम्मच हल्दी पाउडर,
    • 2 चम्मच बेकिंग सोडा,
    • 5 चम्मच नारियल का तेल|

    इसके लिए सबसे पहले आपको बर्तन में ये सभी चीजें डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर लेना है और इसका स्मूद पेस्ट बना कर तैयार करना है इसके बाद इसे दांतो पर लगा ले कुछ देर बाद ब्रश की मदद से इसे साफ  कर ले| इसके आलावा आप बेकिंग सोड़ा और एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल कर आसानी से आप पीले दातों को सफ़ेद कर सकते है| इसके लिए सबसे पहले टूथपेस्ट में थोड़ा सा बेकिंग सोड़ा जालकर अपने दांतो पर लगा लें। इसके बाद ऊपर से फॉयल लगा लें।

    यह एक नेचुरल ब्लीच का काम करता है कम से कम 3 मिनट के बाद ब्रश की मदद से दांतो को साफ कर लें। सप्ताह में कम से कम 1 बार इसको जरूर करे आपको इसका असर दिखेगा| आप इस बात का ध्यान रखे की चाय, कॉफी या फिर वाइन पीने के बाद ब्रश जरुर करें। और 2-3 माह के बाद अपने ब्रश को बदलते रहे नहीं तो आपके मुंह में अधिक बैक्टीरिया जाएंगे।

    इसके आलावा आप कच्ची गाजर, सेब, पॉपकार्न आदि का सेवन करे ये सभी आपके दांतो को सफेद करने में मदद करता है।यह आपको नेचुरल दांत देगा। इन्हें खाने के बाद जरुर लें। इसके बाद दांतों पर खाने के बाद  ब्रश जरुर करें।

  • काले और जहरीले सांप के बराबर होतेˈ हैं ऐसे व्यक्ति, इनसे दूर रहेंगे तो होगा फायदा ही फायदाˌ

    काले और जहरीले सांप के बराबर होतेˈ हैं ऐसे व्यक्ति, इनसे दूर रहेंगे तो होगा फायदा ही फायदाˌ

    काले और जहरीले सांप के बराबर होतेˈ हैं ऐसे व्यक्ति, इनसे दूर रहेंगे तो होगा फायदा ही फायदाˌ

    आचार्य श्री चणक के शिष्य रहे आचार्य चाणक्य की बताई और कही गई बातें हर किसी के लिए काफी फायदेमंद साबित होती है. सदियों पहले आचार्य चाणक्य ने कई ऐसी बातें बताई थी जो आज भी लोगों के बहुत काम आती है. चाणक्य ने सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक आदि जीवन की हर परि​स्थिति का बारीकी से अध्ययन किया है.

    आचार्य चाणक्य चन्द्रगुप्त मौर्य के महामंत्री थे. आज भी उन्हें भारतीय इतिहास में प्रमुख स्थान प्राप्त है. आज की दुनिया के हिसाब से चाणक्य नीति में लिखे गए उनके विचार काफी हद तक सटीक साबित होते हैं. उन्होंने कई तरह की बातें बताई है और ऐसे ही उन्होंने बताया है कि किस तरह के व्यक्ति काले और जहरीले नाग से भी ज्यादा हानिकारक और खतरनाक होते हैं. चाणक्य नीति में चाणक्य ने इस तरह के लोगों से दूर रहने के लिए ही कहा है. जिससे कि सामने वाले व्यक्ति को कोई नुक्सान न हो. आइए जानते हैं कि चाणक्य ने किस तरह के लोगों से बचने की बात कही है.

    आचार्य चाणक्य ने जीवन भर के अनुभव के आधार पर अपने कुछ विचार और नीतियों को चाणक्य नीति में लिखा. चाणक्य नीति की चर्चा दुनियाभर में होती है. अपने बुद्धि कौशल के दम पर एक साधारण से बालक को सम्राट के पद पर पहुँचाने वाले चाणक्य ने कहा है कि, ”काले मन वाला काले नाग से भी बुरा होता है.” उनके इस कथन का अर्थ है कि, जो व्यक्ति मन में मैल रखता हो, वह व्यक्ति काले और जहरीले सांप के बराबर है.

    आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में इस तरह के लोगों को काले मन का बताया है जो दोहरा व्यक्तित्व जीते हैं. दोहरा व्यक्तित्व अर्थात जो लोग मुंह पर कुछ और होते हैं और पीठ पीछे कुछ और होते हैं. ऐसे लोगों से हमेशा ही बचकर रहना चाहिए. इस तरह के लोगों को दूसरे लोगों से जलन भी होती है. ऐसे लोग कभी किसी की तरक्की से खुश नहीं होते हैं और जब कोई इनसे आगे निकलता है तो ये उनसे सहन नहीं हो पाता है और उन्हें नीचे गिराने की कोशिश में ये लग जाते हैं. इनका जीवन सफल नहीं होता है और ये जीवन में कुछ ख़ास हासिल भी नहीं कर पाते हैं.

    आचार्य चाणक्य ने कहा है कि काला नाग किसी पर तब ही वार करता है या किसी व्यक्ति को तब ही परेशान करता हो जब उसे कोई छेड़ता है. वहीं काले मन वाले व्यक्ति काले नाग से भी एक कदम आगे रहते हैं. इस तरह के व्यक्ति बगैर किसी कारण ही आपके जीवन को बर्बाद कर लेते हैं. ये लोग किसी के जीवन को बर्बाद करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं और इसमें नुकसान उनका खुद का ही रहता है.

    जो लोग बहुत मीठी मीठी और चिकनी चुपड़ी बातें करते हैं उनसे भी बचकर रहना चाहिए. चाणक्य कहते हैं कि कुछ लोग मुंह पर मीठा बोलते हैं वहीं पीठ पीछे ये कुछ और होते हैं. ये लोग दो लोगों को आपस में लड़ाने का काम करते हैं और एक दूसरे के प्रति उनके मन में जहर घोल देते हैं.