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  • सहजन (Moringa) 300 रोगों की चमत्कारी रामबाणˈ औषिधि है, 100 ग्राम सहजन में 5 गिलास दूध के बराबर शक्ति होती है, जरूर पढ़े और शेयर करे

    सहजन (Moringa) 300 रोगों की चमत्कारी रामबाणˈ औषिधि है, 100 ग्राम सहजन में 5 गिलास दूध के बराबर शक्ति होती है, जरूर पढ़े और शेयर करे

    सहजन (Moringa) 300 रोगों की चमत्कारी रामबाणˈ औषिधि है, 100 ग्राम सहजन में 5 गिलास दूध के बराबर शक्ति होती है, जरूर पढ़े और शेयर करे

    दक्षिण भारत में साल भर फली देने वाले पेड़ होते है. इसे सांबर में डाला जाता है। वहीँ उत्तर भारत में यह साल में एक बार ही फली देता है. सर्दियां जाने के बाद इसके फूलों की भी सब्जी बना कर खाई जाती है. फिर इसकी नर्म फलियों की सब्जी बनाई जाती है। इसके बाद इसके पेड़ों की छटाई कर दी जाती है। आप जान कर हैरान हो जाएंगे की 100 ग्राम सहजन 5 गिलास दूध के बराबर शक्ति रखती है। हर रोग की औषिधि है सहजन।

    आयुर्वेद में 300 रोगों का सहजन से उपचार बताया गया है। इसकी फली, हरी पत्तियों व सूखी पत्तियों में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन-ए, सी और बी कॉम्पलैक्स प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

    इसके फूल उदर रोगों व कफ रोगों में, इसकी फली वात व उदरशूल में, पत्ती नेत्ररोग, मोच, शियाटिका, गठिया आदि में उपयोगी है।

    जड़ दमा, जलोधर, पथरी, प्लीहा रोग आदि के लिए उपयोगी है तथा छाल का उपयोग शियाटिका, गठिया, यकृत आदि रोगों के लिए श्रेयस्कर है।

    सहजन के विभिन्न अंगों के रस को मधुर, वातघ्न, रुचिकारक, वेदनाशक, पाचक आदि गुणों के रूप में जाना जाता है।

    सहजन के छाल में शहद मिलाकर पीने से वात व कफ रोग शांत हो जाते हैं। इसकी पत्ती का काढ़ा बनाकर पीने से गठिया, साइटिका, पक्षाघात (लकवा), वायु विकार में लाभ पहुंचता है। शियाटिका के तीव्र वेग में इसकी जड़ का काढ़ा प्रभाव दिखाता है।

    मोच इत्यादि आने पर सहजन की पत्ती की लुगदी बनाकर सरसों तेल डालकर आंच पर पकाएं तथा मोच के स्थान पर लगाने से लाभ मिलता है।

    सहजन को अस्सी प्रकार के दर्द व 72 प्रकार के वायु विकारों का शमन करने वाला बताया गया है।

    इसकी सब्जी खाने से पुराने गठिया, जोड़ों के दर्द, वायु संचय, वात रोगों में लाभ होता है।

    सहजन के ताज़े पत्तों का रस कान में डालने से दर्द में राहत मिलती है।

    इसकी जड़ की छाल का काढ़ा सेंधा नमक और हींग डालकर पीने से पित्ताशय की पथरी में लाभ बताया जाता है।

    इसके पत्तों का रस बच्चों के पेट के कीड़े निकालने में सहायक माना जाता है और उल्टी-दस्त में भी उपयोगी बताया जाता है।

    इसका रस सुबह-शाम पीने से उच्च रक्तचाप में लाभ बताया जाता है।

    इसकी पत्तियों के रस के सेवन से मोटापा धीरे-धीरे कम होने लगता है।

    इसकी छाल के काढ़े से कुल्ला करने पर दांतों के कीड़े नष्ट होते हैं और दर्द में आराम मिलता है।

    इसके कोमल पत्तों का साग खाने से कब्ज दूर होती है।

    इसकी जड़ का काढ़ा सेंधा नमक और हींग के साथ पीने से मिर्गी के दौरों में लाभ बताया जाता है।

    इसकी पत्तियों को पीसकर लगाने से घाव और सूजन में राहत मिलती है।

    सिर दर्द में इसके पत्तों को पीसकर गर्म कर सिर में लेप लगाया जाता है या इसके बीज घिसकर सूंघे जाते हैं।

  • सुहागरात पर बीवी ने पति को बतायाˈ ऐसा सच सुनते ही छोड़ दिया पत्नी को और टूट गई शादीˌ

    सुहागरात पर बीवी ने पति को बतायाˈ ऐसा सच सुनते ही छोड़ दिया पत्नी को और टूट गई शादीˌ

    सुहागरात पर बीवी ने पति को बतायाˈ ऐसा सच सुनते ही छोड़ दिया पत्नी को और टूट गई शादीˌ

    कहते हैं पति और पत्नी का रिश्ता भरोसे पर टिका होता है। हालांकि अपने जीवन का कौन सा सच लाइफ पार्टनर को बताना चाहिए या नहीं, ये खुद को ही तय करना होता है। मध्य प्रदेश में एक लड़की को अपने जीवन का एक सच बताना बहुत भारी पड़ गया। पति ने उसका सच जाना तो फौरन ही पत्नी को छोड़ दिया और शादी टूट गई।

    दोनों के तलाक का मामला भी तीन साल से कोर्ट में लंबित चल रहा था। इस बीच कई बार प्रयास किए गए कि पत्नी को पति वापस अपने साथ घर ले जाए लेकिन वो तैयार नहीं हुआ। आखिरकार तीन साल बाद दोनों का विवाह शून्य घोषित कर दिया गया और दोनों की शादी टूट गई। आखिर वो सच क्या था, आइए हम आपको बताते हैं।

    ये मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सामने आया है। यहां रहने वाले 25 साल के युवक ने इसी शहर की लड़की से शादी की थी। लड़की की उम्र 21 साल की थी। दोनों की शादी परिवार की रजामंदी से की गई थी। शादी के दोनों की पहली रात थी। हालांकि इसी बीच लड़की ने अपने जीवन का सच बताना चाहा।

    सुहागरात पर जब दोनों अकेले में थे तब पत्नी और पति में बातें हो रही थीं। दोनों ही अपनी जिन्दगी के कुस किस्से सुना रहे थे। पत्नी ने भी पति को अपने जीवन का कुछ सच बताना चाहा। इसी दौरान उसने एक ऐसा सच बता दिया जिसको सुनने के बाद लड़का सन्न रह गया और फौरन ही कमरे से बाहर निकलकर आ गया।

     ये था वो सच जो बीवी ने पति को बताया

    अब हम आपको वो सच बताते हैं जो बीवी ने सुहागरात पर अपने पति को बताया। पत्नी ने पति को बताया कि उसका रेप हो चुका है। उसने बताया कि उसी के मामा के लड़के ने उसके साथ शादी से पहले दुष्कर्म किया था। लड़की ने जैसे ही इस सच को बताया, पति हैरान रह गया और गुस्से में कमरे से बाहर निकल आया।

    पत्नी का सच जानने के बाद पति फौरन ही रूम से बाहर आया। इसके बाद उसने परिवार वालों को इकट्ठा कर सारी बात बता दी। इसके अगले दिन वो बीवी को वापस मायके छोड़ आया। इस फैसले में उसके परिवार ने भी उसका साथ दिया। कई बार मनाने के बाद भी वो बीवी को वापस ससुराल लेकर नहीं आया।

    कोर्ट पहुंच गया मामला, हो गया तलाक

    पति ने फैमिली कोर्ट में भी तलाक के लिए आवेदन दे दिया। इसी बीच पत्नी ने आरोपी मामा के लड़के पर रेप का केस दर्ज करवा दिया। हालांकि तब भी पति उसको रखने के लिए राजी नहीं हुआ। लड़की के परिवार वालों ने उसको बहुत समझाने की कोशिश की। इसके बाद भी उसने शादी को तोड़ने की बात ही की।

    लड़के के परिवार वाले भी दुष्कर्म पीड़िता बहू को अपने घर में दोबारा नहीं लाना चाहते थे। इसी वजह से वे लोग भी बेटे के फैसले में उसका साथ दे रहे थे। कोर्ट ने कई बार लड़की को उसका पक्ष रखने के लिए बुलाया लेकिन वो कोर्ट नहीं आई। इसके बाद कोर्ट ने दोनों का विवाह शून्य घोषित कर दिया।

  • जिन्हें कचरा समझकर फेंक देते हैं लोगˈ वही बीज बन सकते हैं आपकी सेहत की सबसे बड़ी ताकत… जानिए कौन सा फल है येˌ

    जिन्हें कचरा समझकर फेंक देते हैं लोगˈ वही बीज बन सकते हैं आपकी सेहत की सबसे बड़ी ताकत… जानिए कौन सा फल है येˌ

    जिन्हें कचरा समझकर फेंक देते हैं लोगˈ वही बीज बन सकते हैं आपकी सेहत की सबसे बड़ी ताकत… जानिए कौन सा फल है येˌ

    Papaya Seeds Benefits In Hindi: पपीता एक ऐसा फल है जिसे आमतौर पर सभी लोग खाना पसंद करते हैं. पपीते को वजन घटाने के लिए काफी अच्छा माना जाता है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि पपीते के बीज भी सेहत के लिए कमाल हैं.

    जी हां आपने बिल्कुल सही सुना. जिन बीज को हममें से ज्यादातर लोग बेकार समझ कर फेंक देते हैं. दरअसल वो गुणों का खजाना हैं. आपको बता दें कि पपीते के बीज में भरपूर मात्रा में विटामिन, जिंक, फॉस्फोरस, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फाइबर और ही एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो शरीर को कई तरह की समस्याओं से बचाने में मददगार हैं. मार्केट में पपीते के बीज की कीमत लगभग 2000 रुपये किलो से भी ज्यादा है. तो चलिए जानते हैं पपीता के बीज से होने वाले लाभ.

    पपीता का बीज खाने के फायदे- (Papita Ke Beej Ke Fayde)

    1. डायबिटीज-

    डायबिटीज आज के समय की एक बड़ी समस्या में से एक है. इसका कोई ज्ञात इलाज नहीं है इसको लाइफस्टाइल और खान-पान में बदलाव करके काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है. पपीते के बीज में एंटीऑक्सीडेंट और फ्लावोनोइड होते हैं, जो डायबिटीज को कंट्रोल करने में मददगार हैं. डायबिटीज के मरीज पपीते के बीज को डाइट में शामिल कर सकते हैं.

    Photo Credit: Ians

    2. कब्ज-

    पपीता के बीजों को पेट की लिए काफी अच्छा माना जाता है. कई अध्ययनों का मानना है कि पपीता के बीज में प्रोटियोलिटिक एंजाइम होते हैं, जो आंतों में रहने वाले बैक्टीरिया को मारते हैं और इससे पेट को हेल्दी रखने और कब्ज की समस्या से राहत पाने में मदद मिल सकती है.

    3. कोलेस्ट्रॉल-

    अगर आप शरीर में बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करना चाहते हैं, तो आप पपीते के बीजों का सेवन कर सकते हैं. क्योंकि पपीता के बीजों में ओलेक एसिड सबसे ज्यादा पाया जाता है. ये खराब कोलेस्ट्रॉल को कम कर बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है.

    4. किडनी-

    किडनी के मरीजों के लिए फायदेमंद पपीते के बीज का सेवन. पपीता के बीज किडनी में मौजूद टॉक्सिन्स को साफ करता है. जिससे किडनी में सूजन नहीं होती है और इंफेक्शन भी नहीं होता है.

  • पूजा घर से आज ही हटा लेंˈ ये चीजें वरना हो जाएंगे कंगाल छीन जाएगी सुख-शांति भी घर कीˌ

    पूजा घर से आज ही हटा लेंˈ ये चीजें वरना हो जाएंगे कंगाल छीन जाएगी सुख-शांति भी घर कीˌ

    पूजा घर से आज ही हटा लेंˈ ये चीजें वरना हो जाएंगे कंगाल छीन जाएगी सुख-शांति भी घर कीˌ

    हमारे घर में स्थित पूजा घर सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र होता है। शास्त्रों में बताया गया है कि इसी स्थान से मिलने वाली ऊर्जा से घर संचालित होता है। हमारे घर का मंदिर वह स्थान होता है जहां से सबसे अधिक सकारात्मक ऊर्जा निकलती है, जिसका प्रभाव घर के सभी सदस्य और घर की बरकत पर पड़ता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा घर में रखी हर एक चीज का विशेष महत्व है। देवी-देवताओं के इस घर में यदि छोटी सी भी गलती हो जाए तो जीवन में कई बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

    अगर पूजा घर में कोई भी गड़बड़ी होती है, तो इससे बड़ा नुकसान हो सकता है। ऐसी स्थिति में बहुत ही आवश्यक है कि पूजा घर से जुड़े कुछ जरूरी वास्तु नियमों को जान लीजिए। वास्तु के अनुसार, पूजा घर में कभी भी कोई ऐसी चीज नहीं रखनी चाहिए जिससे नकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है। आज हम आपको पूजा घर से कौन सी चीजें तुरंत हटा देनी चाहिए, इसके बारे में बताने जा रहे हैं।

    पूजा घर से हटा दें ये चीजें

    रौद्र रूप वाली मूर्ति-तस्वीरें

    वास्तु शास्त्र में इस बात का जिक्र मिलता है कि पूजा घर में कभी भी देवी-देवताओं की रौद्र रूप वाली तस्वीरों या मूर्तियों को नहीं रखना चाहिए। माना जाता है कि तस्वीर या मूर्ति रखने से अनिष्ट होता है। अगर आप यह गलती करते हैं, तो इसके कारण घर की सुख-शांति छिन जाती है। ऐसा करने से घर में लड़ाई झगड़े बढ़ने लगते हैं। घर में हमेशा अशांति का वातावरण ही फैला रहता है। अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में कोई कलह ना हो और सुख-शांति बनी रहे, तो इसके लिए पूजा घर में हमेशा देवी देवताओं के सौम्य रूप वाली आशीर्वाद देती हुई मूर्ति व तस्वीरें ही रखें।

    खंडित मूर्तियां

    वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मंदिर में कभी भी टूटी या खंडित मूर्ति नहीं रखना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि ऐसी मूर्तियां रखने से पूजा का फल प्राप्त नहीं हो पाता है और नकारात्मक ऊर्जा अधिक फैलती है। आपको हमेशा पूजा घर में भगवान की अच्छी और सुंदर मूर्तियां या तस्वीरें ही रखना चाहिए ताकि उनके दर्शन करके सकारात्मक और सुकून का एहसास हो सके।

    एक से अधिक मूर्तियां

    अक्सर देखा गया है कि लोग घर के मंदिर में एक ही देवी-देवता की कई तस्वीरें या मूर्ति रख लेते हैं परंतु ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि ऐसा करने से बुरा असर पड़ता है। विशेष तौर पर पूजा घर में दो शिवलिंग भूलकर भी नहीं रखना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति ऐसी गलती करता है तो इसकी वजह से घर की सुख-समृद्धि छिन जाती है।

    आमने-सामने ना रखें देवी-देवताओं की तस्वीरें

    वहीं भूलकर भी देवी-देवताओं की मूर्ति या तस्वीर आमने-सामने नहीं रखना चाहिए क्योंकि इसके कारण घर में झगड़े-कलह होने लगते हैं। इसके अलावा देवी-देवता को कभी भी खंडित अक्षत यानि टूटे हुए चावल नहीं चढ़ाने चाहिए। अगर मंदिर में ऐसे चावल हैं, तो उन्हें हटाकर साबुत चावल रख दें। वहीं पूजा घर में पितरों की तस्वीर लगाने से अशुभ प्रभाव पड़ता है।

  • लेनी है कार की बढ़िया माइलेज तोˈ अपना ले ये टिप्स, क्लिक करके जाने पूरी खबर

    लेनी है कार की बढ़िया माइलेज तोˈ अपना ले ये टिप्स, क्लिक करके जाने पूरी खबर

    लेनी है कार की बढ़िया माइलेज तोˈ अपना ले ये टिप्स, क्लिक करके जाने पूरी खबर

    Car tips in Hindi : दिन प्रतिदिन बढ़ती महंगाई को देख हर कोई गाड़ी खरीदने से पहले इसकी माइलेज के बारे में जानना चाहता है। अगर आप भी वाहन चालक है और आपकी गाड़ी बढ़िया माइलेज नहीं दे रही है तो आज की यह खबर आपके लिए बड़े ही काम की है क्योंकि आज की इस खबर के माध्यम से हम आपके साथ शेयर करने जा रहे हैं उन टिप्स को जिन्हें अपनाने के बाद आपकी गाड़ी देने लगे बढ़िया माइलेज।

    आजकल कार में अच्छी माइलेज का होना उतना ही जरूरी हो गया है, जितना कि शरीर के लिए अच्छा और पौष्टिक खाना। दोनों मन की तंदुरुस्ती के लिए जरूरी है और लोग इससे चिंतामुक्त भी रहते हैं। इसी बात का ध्यान रखते हुए कार कंपनियां अब एसयूवी को भी बेहतर माइलेज के साथ पेश कर रही हैं। लेकिन किसी भी गाड़ी की बेहतर माइलेज के लिए बहुत सी बातें जरूरी होती हैं और इनमें चलाने के तरीके, इंजन का ध्यान रखना, समय-समय पर सर्विसिंग समेत काफी सारी और भी बातें हैं। आज हम आपको ऐसी अहम जानकारियां देने वाले हैं, जिनको फॉलो करने पर आपको निश्चित रूप से कार माइलेज बेहतर करने में फायदा मिलेगा।

    ड्राइविंग स्टाइल – कार चलाते समय ब्रेक, क्लच या स्टीरियरिंग को बार-बार बेवजह दबाना या घुमाना आपकी कार की सेहत के साथ ही माइलेज के लिहाज से भी ठीक नहीं होता है। ऐसें में सही ड्राइविंग बिहेवियर जरूरी है। आप अगर रश ड्राइविंग या फास्ट ड्राइविंग की बजाय 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे या 100 ही मान लें, की स्पीड से कार चलाते हैं तो आपकी कार की माइलेज में इजाफा हो जाता है।

    इंजन पर ज्यादा लोड – इंजन पर ज्यादा लोड पड़ता है तो फिर माइलेज बेहतर नहीं मिलेगी। कोशिश करें कि कार के बूट स्पेस में गैर जरूरी सामान न रखें। कार में लोगों को ठूस-ठूसकर न भरें। कार में अगर लोग ज्यादा बैठे होंगे तो फिर इंजन पर ज्यादा लोड पड़ेगा और ऐसे में आपकी कार ज्यादा तेल पिएगी।

    अच्छी क्वॉलिटी का फ्यूल – बहुत से लोगों की आदत होती है कि वह जहां-तहां कार में फ्यूल डलवा लेते हैं और बाद में अफसोस जताते रहते हैं। आप ऐसा बिल्कुल न करें। कार को हमेशा अच्छे पेट्रोल पंप पर ही रीफ्यूल कराएं, क्योंकि अच्छी क्वॉलिटी के डीजल या पेट्रोल का आपकी कार की माइलेज पर सीधा असर पड़ता है।


    सर्विसिंग और टायर प्रेशर – आपकी कार के टायर में एयर प्रेशर का संतुलित होना बेहद जरूरी है, ऐसे में समय-समय पर टायर प्रेशर को मॉनिटर करते रहें। आजकल बहुत सी गाड़ियां टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम से लैस होकर आने लगी हैं। इसके साथ ही इंजन की समय-समय पर सर्विसिंग कराते रहें, जिससे कि इंजन में किसी प्रकार की खराबी न आए और आपको अच्छी माइलेज मिलती रहे।

  • गोलमाल है भाई सब गोलमाल है, वायरलˈ Video देख आपको भी पता चल जाएगा सारा मामला

    गोलमाल है भाई सब गोलमाल है, वायरलˈ Video देख आपको भी पता चल जाएगा सारा मामला

    अभी सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसे देखने के बाद आप खुद कहेंगे कि यहां तो गजब गोलमाल चल रहा है। आइए फिर आपको वीडियो के बारे में बताते हैं।

    गोलमाल है भाई सब गोलमाल है, वायरलˈ Video देख आपको भी पता चल जाएगा सारा मामला
    Image Source : IG/LITTLESUNSHINETALESवायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट

    आज के समय में ऐसे बहुत कम लोग मिलेंगे जो सोशल मीडिया पर एक्टिव नहीं हो वरना बच्चे तक आपको सोशल मीडिया पर मिल जाएंगे और वो भी दिन में कुछ देर स्क्रोलिंग में बिताते ही हैं। आप भी सोशल मीडिया पर जरूर एक्टिव रहते होंगे और अगर ऐसा है तो फिर आपकी फीड पर हर दिन एक से बढ़कर एक और कमाल के वीडियो आते ही होंगे। कई सारे वीडियो ऐसे भी आते होंगे जो सबसे हटके होते हैं और उसी कारण वायरल भी होते हैं। अभी भी एक वीडियो वायरल हो रहा है। आइए आपको बताते हैं कि वीडियो में ऐसा क्या है।

    वायरल वीडियो में क्या नजर आया?

    अभी जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें नजर आता है कि एक महिला पानी के दो बोतल को दिखाती है। इसके बाद वीडियो में शुरू से कहानी शुरू होती है। वीडियो में दिखता है कि पहले बोतल को धोकर अच्छे से सुखाया गया। इसके बाद उन बोतलों में पानी की जगह स्नैक्ट्स वाले आइटम भरे गए और यह सब इसलिए किया गया ताकि वो हॉल के अंदर उस बोतल को ले जा सकें और फिल्म देखते हुए आराम से उन्हें खा सकें क्योंकि बाहर से सीधे तौर पर कुछ ले जाने नहीं देंगे और वहां तो सब कुछ महंगा ही बिकता है। ये लोग अपने प्लान में सफल भी हो जाते हैं।

    यहां देखें वायरल वीडियो

    आपने अभी जो वीडियो देखा उसे इंस्टाग्राम पर littlesunshinetales नाम के अकाउंट से पोस्ट किया गया है। खबर लिखे जाने तक वीडियो को 12 हजार से अधिक लोगों ने लाइक किया है। वीडियो देखने के बाद एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा- वाटर बोतल चेक नहीं किया क्या? दूसरे यूजर ने लिखा- अच्छा आइडिया है। तीसरे यूजर ने लिखा- मगर हमारे यहां तो बोतल खोलकर चेक करते हैं। वहीं बहुत सारे यूजर्स ने हंसने वाला रिएक्शन दिया है।

  • क्या 50 की उम्र के बाद संबंधˈ बनाना होता है फायदेमंद? शोध में हुआ ये बड़ा खुलासाˌ

    क्या 50 की उम्र के बाद संबंधˈ बनाना होता है फायदेमंद? शोध में हुआ ये बड़ा खुलासाˌ

    क्या 50 की उम्र के बाद संबंधˈ बनाना होता है फायदेमंद? शोध में हुआ ये बड़ा खुलासाˌ

    उम्र के साथ शारीरिक और मानसिक सेहत में परिवर्तन आते हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं कि ये परिवर्तन नकरात्मक हों। विशेष रूप से, 50 के बाद शारीरिक संबंध बनाने के कई स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं, जो आपकी सेहत को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।शोध के अनुसार, इस उम्र के बाद शारीरिक संबंध बनाने से शारीरिक और मानसिक सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।50 के बाद ‘शारीरिक संबंध’ बनाना फायदेमंद

    तनाव और बेचैनी में कमी:

    शारीरिक संबंधों से शरीर में ‘ऑक्सीटोसिन’ और ‘एंडोर्फिन’ जैसे हार्मोन का स्राव होता है, जो तनाव को कम करने में मदद करते हैं। यह हार्मोन मानसिक शांति और खुशी प्रदान करने में सहायक होते हैं। खासकर 50 के बाद, शारीरिक संबंधों के दौरान इन हार्मोनों का स्राव शरीर को राहत देने और मानसिक स्थिति को बेहतर बनाने में सहायक होता है।

    दिल स्वस्थ रहता है:

    शारीरिक संबंध शारीरिक व्यायाम का एक रूप माने जाते हैं। यह रक्त संचार को बढ़ावा देते हैं और दिल की धड़कन को नियमित करते हैं। नियमित शारीरिक संबंध दिल को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं, क्योंकि यह शरीर में रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है और हृदय के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।

    बेहतर नींद आएगी:

    शारीरिक संबंधों के दौरान शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिनमें ‘ऑक्सीटोसिन’ और ‘सेरोटोनिन’ शामिल हैं। ये हार्मोन आपको मानसिक शांति और राहत प्रदान करते हैं, जिससे नींद में सुधार होता है। अच्छी नींद की गुणवत्ता शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए आवश्यक है, और शारीरिक संबंध इस प्रक्रिया में मदद कर सकते हैं।

    मांसपेशियां मज़बूत होती हैं:

    शारीरिक संबंध शरीर के कई मांसपेशियों को सक्रिय करते हैं, खासकर उन मांसपेशियों को जो अक्सर अन्य शारीरिक गतिविधियों में नहीं काम करती हैं। यह मांसपेशियों को मज़बूती और लचीलापन प्रदान करता है। 50 के बाद मांसपेशियों को सक्रिय रखना और उनका सही तरीके से काम करना उम्र बढ़ने के साथ शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है।

    रक्तचाप में कमी:

    शारीरिक संबंधों से शरीर में तनाव कम होता है और रक्तचाप नियंत्रित रहता है। यह दिल और रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखने के लिए महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से 50 के बाद, उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन शारीरिक संबंध रक्तचाप को सामान्य रखने में सहायक हो सकते हैं।

    अकेलापन कम होता है:

    50 के बाद शारीरिक संबंध अकेलेपन को कम करने का एक प्राकृतिक तरीका हो सकते हैं। एक सशक्त और समझदार संबंध आपको साथी के साथ मानसिक और भावनात्मक जुड़ाव प्रदान करता है। यह न केवल अकेलेपन को कम करता है बल्कि आपके जीवन में खुशी और संतोष भी लाता है। शारीरिक संबंधों के जरिए आप साथी के साथ गहरे भावनात्मक बंधन महसूस कर सकते हैं, जो मानसिक सेहत के लिए भी अच्छा होता है।

  • किचन से कॉकरोच की हो जाएगी पर्मानेंटˈ छुट्टी बस करना होगा ये छोटा सा कामˌ

    किचन से कॉकरोच की हो जाएगी पर्मानेंटˈ छुट्टी बस करना होगा ये छोटा सा कामˌ

    किचन से कॉकरोच की हो जाएगी पर्मानेंटˈ छुट्टी बस करना होगा ये छोटा सा कामˌ

    कॉकरोच किसी को पसंद नहीं होते हैं। खासकर इनका किचन में आना बहुत बेकार लगता है। यह खाने पीने के सामान में घुस जाते हैं। इनसे कई बीमारियां भी फैलती है। यह एक बार घर में हो जाएं तो इनसे निजात पाना बड़ा कठिन होता है। बाजार में इन्हें भगाने के लिए तरह-तरह के केमिकल मिलते हैं। हालांकि इनसे कॉकरोच का तो पता नहीं लेकिन घर के लोग जरूर बीमार हो जाते हैं। ऐसे में आज हम आपको कॉकरोच भगाने के कुछ दमदार और कारगर घरेलू नुस्खे बताने जा रहे हैं।

    बेकिंग सोडा

    एक कप बेकिंग सोडा लें। इसमें एक कप पानी, आधा कप नमक और 100 ग्राम नीम का तेल मिला दें। अब इस मिश्रण को कॉकरोच के स्थान पर छिड़क दें। इसकी महक से कॉकरोच अपने आप दूर भाग जाएंगे। इस उपाय से आप सुरक्षित तरीके से घर के सारे कॉकरोच भगा सकते हैं।

    लौंग

    लौंग और नीम का तेल, यह दोनों चीजें आपके घर कॉकरोच नहीं होने देंगे। आपको बस कॉकरोच वाली जगह पर नीम का तेल छिड़कना है। फिर वहां कुछ लौंग रख देनी है। इन दोनों की महक से कॉकरोच आसपास भी नहीं भटकेंगे। यदि लौंग की महक कम हो जाए तो कुछ दिनों बाद इसे बदल दे।

    केरोसिन

    वैसे तो केरोसिन का इस्तेमाल ईंधन के रूप में किया जाता है। लेकिन इसकी महक इतनी तीखी होती है कि यह कॉकरोच को दूर भगा देता है। आपको बस केरोसिन की कुछ बुंदे कॉकरोच वाली जगहों पर डालनी है। आप चाहें तो इसमें थोड़ा सा पानी मिलकर इसका स्प्रे भी कर सकते हैं। बस इस बात का ध्यान रखे कि इसे छिड़कें के बाद आग इसके आसपास न हो। वरना मामला बिगड़ सकता है।

    रेड वाइन

    यदि आप में से कोई रेड वाइन पीने का शौकीन है तो ये उपाय आसानी से कर सकता है। आपको बस रेड वाइन की कुछ बुंदे किचन और अन्य कॉकरोच वाली जगह पर डालना है। इसकी स्मेल कॉकरोच को बिल्कुल पसंद नहीं आती है। वह आसानी से दूर चले जाएंगे। यदि आप रेड वाइन नहीं पीते तो इसे बाजार से ला सकते हैं।

    अंडे के छिलके

    आपको जान हैरानी होगी कि अंडे का छिलका भी कॉकरोच को भगाने में कारगर साबित होता है। कई रिसर्च ये दावा करती है कि कॉकरोच अंडे के छिलकों से डरते हैं। इन्हें आप कॉकरोच वाले स्थान पर रख सकते हैं। इन्हें देख कॉकरोच आपके घर घुसने की हिम्मत नहीं करेंगे।

    तेज पत्ता

    तेज पत्ता एक पॉपुलर गरम मसाला होता है। यह भी कॉकरोच भगाने में काम आता है। इसकी स्मेल बड़ी तीखी और तेज होती है। इसे कौनों में रख देने से कॉकरोच आसपास नहीं भटकते हैं। इसके अलावा आप बोरिक पाउडर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। यह दोनों उपाय घर से कॉकरोच की छुट्टी कर देंगे।

  • भारत के किस राज्य के लोग देतेˈ हैं सबसे ज्यादा गाली? टॉप-10 राज्यों की लिस्ट देखकर चौंक जाएंगे आपˌ

    भारत के किस राज्य के लोग देतेˈ हैं सबसे ज्यादा गाली? टॉप-10 राज्यों की लिस्ट देखकर चौंक जाएंगे आपˌ

    भारत के किस राज्य के लोग देतेˈ हैं सबसे ज्यादा गाली? टॉप-10 राज्यों की लिस्ट देखकर चौंक जाएंगे आपˌ

    भारत जैसे विविध भाषाओं और संस्कृतियों वाले देश में भाषा का व्यवहार एक गहरे सामाजिक संकेतक के रूप में देखा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि किस राज्य के लोग बातचीत में सबसे ज्यादा गालियां देते हैं?

    “गाली बंद घर अभियान” (Gaali Band Ghar Abhiyan) नामक एक सर्वे ने इस सवाल का जवाब खोजा है। यह अभियान 2014 से 2025 तक डॉ. सुनील जागलान द्वारा ‘सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन’ और महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी के तहत चलाया गया था। इसमें शहरी और ग्रामीण भारत से 70,000 लोगों से बातचीत कर डेटा इकट्ठा किया गया-जिसमें शिक्षक, छात्र, डॉक्टर, पुलिसकर्मी, ऑटो चालक और युवाओं को शामिल किया गया।

    टॉप पर है दिल्ली

    सर्वे के मुताबिक दिल्ली पहले स्थान पर है, जहां 80% लोगों ने स्वीकार किया कि वे रोज़मर्रा की बातचीत में गालियों का इस्तेमाल करते हैं। खास बात यह है कि महिलाओं को लेकर की जाने वाली गालियां भी आम हैं। ट्रैफिक, भीड़, प्रतिस्पर्धा और तेज़ रफ्तार ज़िंदगी दिल्लीवासियों को चिड़चिड़ा बनाती है।

    भारत के टॉप 10 राज्य जहां दी जाती हैं सबसे ज्यादा गालियां:

    स्थानराज्यप्रतिशत (%)
    1दिल्ली80%
    2पंजाब78%
    3उत्तर प्रदेश74%
    4बिहार74%
    5राजस्थान68%
    6हरियाणा62%
    7महाराष्ट्र58%
    8गुजरात55%
    9मध्य प्रदेश48%
    10उत्तराखंड45%
    11कश्मीरसबसे कम – सिर्फ 15%

    क्यों देते हैं लोग गालियां?

    • पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में गाली-गलौज कभी-कभी दोस्ती का मजाकिया हिस्सा होती है।
    • यूपी और बिहार में राजनीतिक, पारिवारिक और सड़क झगड़ों में गालियां आम हैं।
    • राजस्थान में गांवों में गुस्से और मज़ाक में हल्की-फुल्की गालियां बोलना साधारण माना जाता है।
    • महाराष्ट्र और गुजरात में शहरी तनाव और यंग जनरेशन का स्लैंग कल्चर कारण है।
    • कश्मीर में धार्मिक, पारिवारिक और भावनात्मक शांति संस्कृति के कारण गालियों का इस्तेमाल न्यूनतम है।

    महिलाओं में भी मानी गालियों की आदत

    सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि 30% महिला प्रतिभागियों ने भी गाली देने की बात मानी। यह इस बात को दर्शाता है कि गाली देना अब केवल मर्दाना व्यवहार नहीं रहा, बल्कि यह एक सामाजिक आदत बनती जा रही है।

    इस अभियान का उद्देश्य

    • सभ्य भाषा को बढ़ावा देना
    • घर में बातचीत को ट्रैक करना
    • बच्चों और युवाओं को शालीनता सिखाना

    “गाली देना” अब केवल झगड़े या गुस्से तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत में संवाद का हिस्सा बन चुका है। लेकिन ऐसे अभियान, जैसे “गाली बंद घर”, समाज को सोचने पर मजबूर करते हैं कि क्या यह भाषा आदत बन चुकी है या इसे बदला जा सकता है? आप किस राज्य से हैं और क्या आपको भी अपने आसपास गालियों का बढ़ता चलन दिखता है?

    11 साल में 70 हजार लोगों पर सर्वे

    सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन के फाउंडर और महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस डॉक्टर सुनील जागलान ने गाली बंद घर अभियान चलाया और उसी के तहत एक सर्वे किया. इस सर्वे में 11 साल में करीब 70 हजार लोगों को शामिल किया. इन लोगों में युवा, माता-पिता, टीचर, डॉक्टर, ऑटो ड्राइवर, स्कूल और कॉलेज के स्टूडेंट, पुलिसकर्मी, वकील, बिजनेसमैन, सफाईकर्मी, प्रोफेसर, पंचायत सदस्य शामिल थे.

    2014 में शुरु किया था गाली बंद घर अभियान

    डॉक्टर सुनील जागलान कहते हैं कि गाली देना कोई संस्कार नहीं, बल्कि एक बीमारी है. जब बच्चा बड़ा हो रहा होता है और वह फोन पर या आसपास गाली सुनता है तो वह उसके दिमाग में बैठ जाती है. फिर वही उसकी आदत में शुमार हो जाती है. उन्होंने गाली बंद घर अभियान की शुरुआत साल 2014 में की थी. इस अभियान के तहत पूरे देश की 60 हजार से ज्यादा जगहों पर गाली बंद घर के चार्ट भी लगाए जा चुके हैं. आज उनका ये अभियान विश्व स्तर पर चर्चित हो गया है.

  • एकाउंट खाली रहने पर भी नहीं कटेगाˈ पैसा SBI समेत इन छह बैकों ने खत्म किया मिनिमम बैलेंस चार्जˌ

    एकाउंट खाली रहने पर भी नहीं कटेगाˈ पैसा SBI समेत इन छह बैकों ने खत्म किया मिनिमम बैलेंस चार्जˌ

    एकाउंट खाली रहने पर भी नहीं कटेगाˈ पैसा SBI समेत इन छह बैकों ने खत्म किया मिनिमम बैलेंस चार्जˌ

    कई लोगों की परेशानी अक्सर यह रहती है कि एकाउंट में कम पैसे रहने पर बैंक की तरफ से एवरेज मिनिमम बैलेंस चार्ज काट लिया जाता है, लेकिन अब सेविंग्स एकाउंट्स के कस्टमर्स को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।

    एसबीआई समेत छह बड़े बैकों ने हाल ही में औसत मंथली बैलेंस के रूप में लगने वाले चार्ज को पूरी तरह से खत्म कर दिया है।

    यानी अब अगर आपका एकाउंट खाली भी रहता है, तो बैंक की तरफ से किसी तरह का कोई चार्ज नहीं काटा जाएगा। इन बैंकों में शामिल बैंक ऑफ बड़ोदा ने सभी स्टैंडर्ड सेविंग्स एकाउंट पर मिनिमम बैलेंस की शर्तों को पूरा नहीं करने पर लगने वाले चार्ज को खत्म कर दिया है। हालांकि प्रीमियम सेविंग्स एकाउंट स्कीम्स पर यह चार्ज खत्म नहीं किया गया है।

    इंडियन बैंक ने भी अपने यहां पर मिनिमम बैलेंस चार्ज को पूरी तरह से खत्म करने का ऐलान किया है। केनरा बैंक ने इस साल मई में ही यह फैसला ले लिया था। पीएनबी और एसबीआई ने भी अपने कस्टमर्स को राहत देते हुए सभी तरह के सेविंग्स एकाउंट पर मिनिमम एवरेज बैलेस चार्ज को खत्म कर दिया है।

    इसी तरह बैंक ऑफ इंडिया ने भी मिनिमम बैलेंस की शर्तों को पूरा नहीं करने पर अब कोई चार्ज बैंक कस्टमर्स से नहीं लेने का फैसला किया है। यह बदलाव बाजार की बदली परिस्थितियों और वित्तीय लचीलापन को बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है।