Author: me.sumitji@gmail.com

  • सिंगल रहना Vs शादी करना। जाने क्याˈ है बेस्ट। कौन रहता है ज्यादा सुखी। दिमाग घुमा देगी सच्चाईˌ

    सिंगल रहना Vs शादी करना। जाने क्याˈ है बेस्ट। कौन रहता है ज्यादा सुखी। दिमाग घुमा देगी सच्चाईˌ

    सिंगल रहना Vs शादी करना। जाने क्याˈ है बेस्ट। कौन रहता है ज्यादा सुखी। दिमाग घुमा देगी सच्चाईˌ

    इस दुनिया में बहुत से ऐसे लोग हैं जो अपने सिंगल होने से दुखी हैं। उन्हें इस बात की शिकायत रहती है कि उन्हें कोई पार्टनर नहीं मिल रहा। लेकिन जनाब आप उन लोगों का हाल जान लें जो किसी तरह की रिलेशनशिप में हैं। चाहे आप शादी कर लो या गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड बना लो, झंझट दोनों में ही है। दूसरी ओर यदि आप सिंगल हो तो फायदे में हो। यदि आपको हमारी बातों पर यकीन नहीं तो अभी हम आपको गलत साबित कर देते हैं। आज हम आपको सिंगल होने के ऐसे-ऐसे फायदे बताएंगे कि जो लोग पहले से मिंगल हैं, वह भी सिंगल बनने पर विचार करने लगेंगे।

    सिंगल रहने के हैं गजब के फायदे

    1. सिंगल रहने पर आपके पास बहुत समय होता है। रिलेशनशिप वालों की आधी जिंदगी अपने पार्टनर की जरूरतें पूरी करने में ही बीत जाती है। वहीं सिंगल लोग खाली समय होने पर अपने शौक पूरे कर सकते हैं। इतना ही नहीं आप इस समय का इस्तेमाल अपने करियर पर फोकस करने में कर सकते हैं। अक्सर देखा जाता है कि सिंगल लोग ज्यादा तेजी से तरक्की करते हैं।

    2. सिंगल रहने का दूसरा सबसे बड़ा फायदा है आपका खर्चा बहुत कम होता है। कोई महंगे बर्थडे गिफ्ट नहीं देने पड़ते। कहीं बाहर महंगी जागह खाना खाने या फिल्म देखने नहीं जाना पड़ता। एक तरह से आपकी अच्छी खासी सेविंग हो जाती है। यह बचत के पैसे आपके फ्यूचर में बहुत काम आते हैं। आप आर्थिक रूप से स्ट्रॉंग रहते हैं।

    3. सिंगल लोगों को लगता है कि पार्टनर मिलने के बाद वह ज्यादा खुश रहेंगे। जबकि ऐसा नहीं है। बल्कि रिलेशन में आने के बाद आप और भी तनाव में रहने लगेंगे। फिर आपको पार्टनर की हर छोटी मोटी बातों का बुरा लगने लगेगा। वहीं आपके ऊपर मेंटल प्रेशर भी बढ़ जाएगा। रिलेशन में आने के बाद की खुशी बस कुछ दिनों की होती है। बाद में दुख और तनाव आपको घेर लेते हैं। वहीं सिंगल लोग अपनी मर्जी के मालिक होते हैं। इसलिए वह कम तनाव में रहते हैं।

    4. सिंगल लोग ज्यादा सेहतमंद भी रहते हैं। तनाव कम होने से वह अच्छी नींद भी लेते हैं। घंटों फोन में देर रात लगे नहीं रहते हैं। उनकी भाग दौड़ भी कम रहती है। वह अपने खान-पान पर भी अधिक ध्यान दे पाते हैं। अधिकतर घर का खाते हैं। बाहर का कम खाते हैं। ये सभी चीजें आपकी ओवरऑल हेल्थ पर पॉजिटिव असर डालती है।

    5. सिंगल लोग अपने दोस्तों संग ज्यादा समय बीता पाते हैं। यह दोस्त उनके सुख और दुख में काम आते हैं। वहीं रिलेशन में आने के बाद आपकी दोस्तों से दूरी बढ़ जाती है। कई बार आपका पार्टनर भी नहीं चाहता कि आप अपने दोस्तों संग ज्यादा समय बिताओं। वह चाहता है आप उसके साथ अधिक टाइम स्पेन्ड करो।

    6. सिंगल लोग मेंटली स्ट्रॉंग होते हैं। वह अपनी भावनाओं पर अच्छे से काबू रख पाते हैं। उन्हें इमोशनल स्ट्रेस कम होता है। वह कम गुस्सा करते हैं। कम चिढ़चिढ़े होते हैं। हमेशा हंसते और खिलखिलाते रहते हैं। वहीं मिंगल लोग अपने पार्टनर के साथ रहते-रहते भावनात्मक रूप से टूट जाते हैं। अक्सर दुखी रहते हैं। जल्दी इमोशनल हो जाते हैं।

  • शर्मीली और खर्चीली होती हैं फरवरी मेंˈ जन्मी लड़कियां, जानें इनकी खूबियां एवं अन्य रहस्यˌ

    शर्मीली और खर्चीली होती हैं फरवरी मेंˈ जन्मी लड़कियां, जानें इनकी खूबियां एवं अन्य रहस्यˌ

    शर्मीली और खर्चीली होती हैं फरवरी मेंˈ जन्मी लड़कियां, जानें इनकी खूबियां एवं अन्य रहस्यˌ

    हर इंसान में एक अलग खासियत होती है और इसी अलग खूबी की वजह से हर किसी को दूसरे से अलग पहचान मिलती है। बता दें कि आपके नेचर पर आपकी राशि, जन्म तारीख व जन्म के महीने का बहुत असर पड़ता है। बहरहाल, साल 2021 का दूसरा महीना शुरू हो गया है और यह महीना प्यार के महीने के रूप में जाना जाता है क्योंकि इस महीने में वैलेंटाइन डे आता है।

    ऐसे में फरवरी के महीने में जन्मीं लड़कियां बेहद रोमांटिक नेचर की होती हैं। इतना ही नहीं ये लड़कियां खुशमिजाज होती हैं, जिसकी वजह से इनकी फ्रेंड लिस्ट काफी लंबी होती हैं। तो आइए जानते हैं, फरवरी महीने में जन्मीं लड़कियों की कुछ अन्य खूबियां…

    खुशमिजाज

    फरवरी के महीने में जन्मी लड़कियां खुशमिजाज तो होती ही हैं, साथ ही साथ मिलनसार भी होती हैं। इनके इसी नेचर की वजह से लोग इनकी तरफ अट्रैक्ट होते हैं और हर कोई इनसे दोस्ती करना चाहता है।

    खर्चीली

    फरवरी के महीने में जन्मीं लड़कियां पैसे खर्च करने के मामले में बेहद बिंदास होती हैं। ये खर्चीली होती हैं और इन्हें नई नई चीजें खरीदना पसंद होता है। इतना ही नहीं इन्हें घूमने फिरने का भी बहुत शौक होता है और ये अक्सर अपने दोस्तों के साथ हिल स्टेशन पर घूमने जाती रहती हैं।

    खुद पर कंट्रोल
    इस महीने में जन्मीं लड़कियों में सेल्फ कंट्रोल होता है और ये कठिन से कठिन परिस्थितियों में खुद को बेहद आसानी से ढाल लेती हैं। ऐसे में ये कहा जाना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि ये लड़कियां बेहद जुझारू और परिश्रमी होती हैं।

    भावुक

    फरवरी में जन्मी लड़कियां काफी इमोशनल होती हैं और ये छोटी छोटी बातों को दिल में ले लेती हैं।

    शर्मीली

    फरवरी में जन्म लेने वाली लड़कियां बहुत ही ज्यादा शर्मीली होती हैं। ऐसे में ये अपने दिल की बात जल्दी से किसी को नहीं कह पाती हैं। यानी अगर इन्हें किसी से प्यार हो जाता है तो ये उसे इजहार करने में काफी ज्यादा समय लगा देती हैं।

    रोमांटिक

    फरवरी का महीना प्यार और रोमांस का महीना होता है। ऐसे में इस महीने में जन्मी लड़कियां भी बेहद रोमांटिक किस्म की होती हैं। ये अपने पार्टनर के साथ जिंदगी के हर पल को बेहद अच्छे से एन्जॉय करती हैं।

    ईमानदार

    खुशमिजाज और रोमांटिक होने के साथ साथ ये लड़कियां प्यार में पूरी तरह से ईमानदार भी होती हैं। ये एक बार जिस किसी के साथ रिश्ते में आ जाती हैं तो पूरी जिंदगी साथ निभाती हैं। इतना ही नहीं ये प्यार में किसी को धोखा देने का सोचती भी नहीं है।

    आकर्षक

    रोमांटिक होने के साथ साथ ये लड़कियां दिखने में भी बहुत आकर्षक और सुंदर होती हैं। ऐसे में लोग बहुत जल्दी इनकी खूबसूरती पर फिदा हो जाते हैं।

    तेज दिमाग की मालिकन

    ये लड़कियां न सिर्फ दिखने में सुंदर होती हैं बल्कि दिमाग से भी काफी तेज होती हैं। ऐसे में ये बड़ी से बड़ी परेशानी को चुटकियों में हल कर लेती हैं। साथ ही साथ ये अपने करियर में भी बुलंदियों के शिखर पर पहुंचती हैं।

    रहस्यवादी
    इन लड़कियों को बिना मतलब के किसी से बातचीत करना या रिश्ता बनाना बिल्कुल भी पसंद नहीं होता है। लिहाजा इन्हें किसी अनजान से बात करना बिल्कुल पसंद नहीं होता है। ये ज्यादा बातचीत नहीं करती हैं, ऐसे में इनके स्वभाव को समझ पाना बेहद कठिन होता है।

  • ये हैं वो 8 इन्वेस्टमेंट जिसमे नहींˈ लेती सरकार कोई भी टैक्स। रिटर्न भी मिलता हैं 20 प्रतिशत तक। ITR भरने से पहले देख लिया तो बच जाएगा पैसाˌ

    ये हैं वो 8 इन्वेस्टमेंट जिसमे नहींˈ लेती सरकार कोई भी टैक्स। रिटर्न भी मिलता हैं 20 प्रतिशत तक। ITR भरने से पहले देख लिया तो बच जाएगा पैसाˌ

    ये हैं वो 8 इन्वेस्टमेंट जिसमे नहींˈ लेती सरकार कोई भी टैक्स। रिटर्न भी मिलता हैं 20 प्रतिशत तक। ITR भरने से पहले देख लिया तो बच जाएगा पैसाˌ

    साल का अंत आते ही टैक्सपेयर्स में टैक्स सेविंग को लेकर हलचल बढ़ जाती है। अगर आपने अभी तक अपनी टैक्स सेविंग की योजना नहीं बनाई है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यहां हम आपको ET Wealth की एनुअल रैंकिंग के आधार पर 10 सबसे पॉपुलर टैक्स सेविंग इंस्ट्रूमेंट्स के बारे में जानकारी देंगे।

    इस रैंकिंग में इन विकल्पों का मूल्यांकन रिटर्न, सेफ्टी, फ्लेक्सिबिलिटी, लिक्विडिटी, कॉस्ट, ट्रांसपेरेंसी, इन्वेस्टमेंट में आसानी और टैक्सबिलिटी के आधार पर किया गया है।

    ELSS (Equity Linked Savings Scheme): सबसे लोकप्रिय विकल्प

    • रिटर्न (5 साल का औसत): 19.39%
    • लॉक-इन पीरियड: 3 साल
    • खासियत: कम लॉक-इन पीरियड, हाई रिटर्न और टैक्स फ्री गेन।

    ELSS फंड्स निवेशकों के लिए सबसे बेहतर विकल्प हैं। बाजार में हाल के सुधारों के कारण इनमें निवेश का आकर्षण बढ़ा है। निवेशकों को SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए निवेश करने की सलाह दी जाती है, लेकिन समय की कमी में एकमुश्त निवेश भी किया जा सकता है।

    NPS (National Pension System): रिटायरमेंट के लिए बेहतरीन विकल्प

    • रिटर्न (5 साल का औसत): 7.5-16.9%
    • लॉक-इन पीरियड: रिटायरमेंट तक
    • खासियत: एक्स्ट्रा टैक्स डिडक्शन और फ्लेक्सिबल एसेट एलोकेशन।

    NPS निवेशकों को टैक्स सेविंग के तीन बड़े फायदे देता है – सेक्शन 80C के तहत ₹1.5 लाख, 80CCD(1B) के तहत ₹50,000 और एंप्लॉयर कंट्रीब्यूशन पर 14% तक की टैक्स छूट।

    रिटायरमेंट म्युचुअल फंड: लो रिस्क, लॉन्ग टर्म रिटर्न

    • रिटर्न (5 साल का औसत): 9-19%
    • लॉक-इन पीरियड: 5 साल
    • खासियत: हाइब्रिड इन्वेस्टमेंट, लो रिस्क।

    ये फंड्स उन निवेशकों के लिए अच्छे हैं जो सुरक्षित विकल्प के साथ बेहतर रिटर्न चाहते हैं। हालांकि, इन पर ELSS की तरह टैक्स छूट नहीं मिलती।

    ULIPs (Unit Linked Insurance Plans): इंश्योरेंस और इन्वेस्टमेंट का कॉम्बिनेशन

    • रिटर्न (5 साल का औसत): 7-18%
    • लॉक-इन पीरियड: 5 साल
    • खासियत: टैक्स फ्री रिटर्न और पोर्टफोलियो रिबैलेंसिंग।

    ULIPs में इंश्योरेंस और इन्वेस्टमेंट का मिश्रण होता है। इसमें टैक्स फ्री गेन और फ्लेक्सिबल इन्वेस्टमेंट का विकल्प मिलता है।

    सुकन्या समृद्धि योजना: बेटियों के भविष्य के लिए

    • रिटर्न: 8.2%
    • लॉक-इन पीरियड: बच्ची के 18 साल तक
    • खासियत: टैक्स फ्री रिटर्न और गारंटीड सेविंग्स।

    ये योजना बेटियों के भविष्य के लिए एक सुरक्षित और टैक्स फ्री इन्वेस्टमेंट का विकल्प है।

    सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS): बुजुर्गों के लिए बेस्ट विकल्प

    • रिटर्न: 8.2%
    • लॉक-इन पीरियड: 5 साल
    • खासियत: सुरक्षित और नियमित आय का स्रोत।

    यह योजना वरिष्ठ नागरिकों के लिए टैक्स सेविंग का सबसे भरोसेमंद विकल्प है।

    PPF (Public Provident Fund): गारंटीड टैक्स फ्री रिटर्न

    • रिटर्न: 7.1%
    • लॉक-इन पीरियड: 15 साल
    • खासियत: टैक्स फ्री रिटर्न और सुरक्षित इन्वेस्टमेंट।

    PPF लंबी अवधि के लिए टैक्स फ्री रिटर्न प्रदान करता है।

    NSC (National Savings Certificate): सुरक्षित निवेश विकल्प

    • रिटर्न: 7.25-8%
    • लॉक-इन पीरियड: 5 साल
    • खासियत: सुरक्षित निवेश और टैक्स बचत।

    यह योजना उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है जो सुरक्षित और स्थिर रिटर्न चाहते हैं।

    लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी: टैक्स सेविंग और सुरक्षा

    • रिटर्न: 5-6%
    • लॉक-इन पीरियड: मैच्योरिटी तक
    • खासियत: लाइफ कवर और टैक्स सेविंग।

    हालांकि, रिटर्न कम होने के कारण ये निवेश का मुख्य विकल्प नहीं होना चाहिए।

    टैक्स सेविंग स्कीम्स की तुलना

    इंस्ट्रूमेंटरिटर्न (%)लॉक-इन पीरियडटैक्स छूटजोखिम
    ELSS19.393 सालहांउच्च
    NPS7.5-16.9रिटायरमेंट तकहांमध्यम
    ULIP7-185 सालहांमध्यम
    सुकन्या योजना8.218 सालहांकम
    SCSS8.25 सालहां (सीमित)कम
    PPF7.115 सालहांकम
    NSC7.25-85 सालहांकम
    लाइफ इंश्योरेंस5-6मैच्योरिटी तकहांकम

    हर इंस्ट्रूमेंट का अपना उद्देश्य और लाभ है। ELSS, NPS, और ULIPs बेहतर रिटर्न और टैक्स बचत का मौका देते हैं, जबकि सुकन्या योजना, SCSS, और PPF सुरक्षित और स्थिर विकल्प हैं।

  • जितनी उम्र उतने ही लो इस देसीˈ चीज के दाने फिर देखिए कैसे जड़ से खत्म हो जाते हैं 18 बड़ी बीमारियाँˌ

    जितनी उम्र उतने ही लो इस देसीˈ चीज के दाने फिर देखिए कैसे जड़ से खत्म हो जाते हैं 18 बड़ी बीमारियाँˌ

    जितनी उम्र उतने ही लो इस देसीˈ चीज के दाने फिर देखिए कैसे जड़ से खत्म हो जाते हैं 18 बड़ी बीमारियाँˌ

    Benefits of Fenugreek Seeds: मेथी (Fenugreek), एक साधारण और आसानी से उपलब्ध होने वाली औषधीय वनस्पति है, जो भारतीय रसोई में आमतौर पर मसाले के रूप में उपयोग होती है।

    लेकिन क्या आप जानते हैं कि मेथी के छोटे-छोटे दाने स्वास्थ्य के लिए कितने फायदेमंद हो सकते हैं? यह सिर्फ खाने में स्वादिष्ट नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी एक अमूल्य रत्न साबित हो सकती है।

    मेथी के फायदे:

    1. डायबिटीज के नियंत्रण में मदद:मेथी के दानों में कार्बोहाइड्रेट और फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो रक्त में शर्करा (ब्लड शुगर) को नियंत्रित करने में मदद करती है। खासतौर पर टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए यह लाभकारी हो सकता है। मेथी में पाए जाने वाले हाइड्रोक्सी-आईसोलेनोट्रिल्स (Hydroxyisoleucine) शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाते हैं, जिससे ब्लड शुगर लेवल बेहतर होता है।

    2. पाचन तंत्र को सुधारें:मेथी के दाने पाचन क्रिया को सुधारने में मदद करते हैं। इसके सेवन से कब्ज (Constipation) की समस्या दूर होती है और पेट की गैस और एसिडिटी भी कम होती है। इसके अलावा, मेथी का सेवन आंतों के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।

    3. वजन घटाने में सहायक:अगर आप वजन घटाने की सोच रहे हैं, तो मेथी आपके लिए मददगार साबित हो सकती है। मेथी के दाने शरीर में जमा वसा को कम करने में मदद करते हैं और पेट की भूख को नियंत्रित करते हैं, जिससे अधिक खाने की इच्छा कम होती है। यह वजन को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है।

    4. कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करें:मेथी के दाने रक्त में कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने में मददगार होते हैं। यह “खराब” कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करके “अच्छे” कोलेस्ट्रॉल (HDL) के स्तर को बढ़ाता है, जिससे हृदय रोगों का खतरा कम होता है।

    5. हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा:मेथी में मौजूद फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट्स दिल के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। यह रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है और दिल के दौरे के जोखिम को भी कम करता है।

    6. त्वचा की समस्याओं में राहत:मेथी का उपयोग त्वचा की समस्याओं जैसे मुंहासे, झुर्रियां, और खुजली में किया जा सकता है। मेथी में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा की सूजन को कम करने में मदद करते हैं और उसे निखारने का काम करते हैं।

    7. बालों के लिए फायदेमंद:मेथी के दानों का तेल बालों के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। यह बालों के झड़ने को रोकने में मदद करता है और उन्हें मजबूत बनाता है। मेथी में विटामिन और मिनरल्स की प्रचुरता होती है, जो बालों की वृद्धि को बढ़ावा देते हैं।

    8. हड्डियों को मजबूत बनाए:मेथी में कैल्शियम और आयरन की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होती है। नियमित रूप से मेथी का सेवन हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।

    9. मासिक धर्म की समस्याओं में राहत:मेथी का सेवन महिलाओं के मासिक धर्म से जुड़ी समस्याओं जैसे दर्द, असमान चक्र, और अत्यधिक रक्तस्राव में भी सहायक हो सकता है। मेथी में एंटी-इंफ्लेमेटरी और दर्द निवारक गुण होते हैं जो इन समस्याओं में राहत दिलाते हैं।

    10. शरीर की गर्मी को नियंत्रित करें:गर्मियों में शरीर में अत्यधिक गर्मी हो सकती है, लेकिन मेथी के सेवन से शरीर की आंतरिक गर्मी को नियंत्रित किया जा सकता है। यह शरीर को ठंडा करने का काम करता है और डिहाइड्रेशन को भी रोकता है।

    11. स्तनपान में सहायक:मेथी का सेवन स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए फायदेमंद हो सकता है। यह दूध उत्पादन को बढ़ाता है और स्तनपान को प्रोत्साहित करता है।

    12. हैवी मेटल्स के प्रभाव को कम करें:मेथी में एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं जो शरीर में जमा होने वाले हानिकारक भारी धातुओं (heavy metals) के प्रभाव को कम करते हैं और शरीर से इन्हें बाहर निकालने में मदद करते हैं।

    13. कैंसर की रोकथाम:कुछ अध्ययन बताते हैं कि मेथी के दाने में एंटी-कैंसर गुण होते हैं, जो शरीर में कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोक सकते हैं। विशेष रूप से, यह आंतों और स्तन कैंसर के खिलाफ सुरक्षा प्रदान कर सकता है।

    14. शरीर की इन्फ्लेमेशन कम करें:मेथी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर में सूजन और जलन को कम करने में मदद करते हैं। यह गठिया और अन्य सूजन संबंधी बीमारियों के इलाज में सहायक हो सकता है।

    15. शारीरिक थकान को दूर करें:मेथी का सेवन शारीरिक थकान को कम करने और ऊर्जा स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। यह शरीर को ताजगी और स्फूर्ति प्रदान करता है।

    16. ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करें:मेथी का सेवन उच्च रक्तचाप (high blood pressure) को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसके नियमित सेवन से रक्तचाप संतुलित रहता है और हृदय रोगों का खतरा कम होता है।

    17. वजन बढ़ाने में सहायक:कुछ लोग वजन बढ़ाने के लिए मेथी का उपयोग करते हैं। मेथी के दानों में पोटेशियम, आयरन और अन्य मिनरल्स होते हैं, जो शरीर को मजबूती देते हैं और वजन बढ़ाने में मदद करते हैं।

    18. नसों और मांसपेशियों के दर्द में राहत:मेथी का सेवन नसों और मांसपेशियों के दर्द में राहत दिलाने में सहायक हो सकता है। इसके सेवन से सूजन कम होती है और दर्द से आराम मिलता है। मेथी के दाने छोटे होते हुए भी असीमित स्वास्थ्य लाभों से भरपूर होते हैं। इसका सेवन न केवल शरीर के विभिन्न अंगों और तंत्रों को स्वस्थ रखता है, बल्कि यह विभिन्न रोगों से बचाव करने में भी मदद करता है। तो अगली बार जब आप मेथी का उपयोग करें, तो सोचिए कि आप अपने स्वास्थ्य को एक बहुमूल्य उपहार दे रहे हैं!

  • काशी को जलाकर भस्म करने वाला वोˈ रहस्य! जब श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र ने ली थी भयानक प्रतिशोध की अग्निˌ

    काशी को जलाकर भस्म करने वाला वोˈ रहस्य! जब श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र ने ली थी भयानक प्रतिशोध की अग्निˌ

    काशी को जलाकर भस्म करने वाला वोˈ रहस्य! जब श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र ने ली थी भयानक प्रतिशोध की अग्निˌ

    श्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्र – देवों के देव महादेव की नगर काशी को हिंदू धर्म में आस्था का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है.

    मान्यता है कि इस पावन नगरी को स्वयं भगवान शिव ने बनाया था और यह नगरी भगवान शिव के त्रिशूल पर थमी हुई है.

    भगवान शिव इस नगरी में काशी विश्वनाथ के रुप में आज भी विराजमान है जिनके दर्शन के लिए देश और दुनिया से भक्त खींचे चले आते हैं. लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि भगवान शिव की इस नगरी को एक बार भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण ने अपने सुदर्शन चक्र से जलाकर राख कर दिया था.

    आखिर श्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्र जिससे इस नगरी को जलाकर भस्म क्यों कर दिया, इसके पीछे द्वापर युग की एक कथा बेहद प्रचलित है.

    श्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्र –

    जरासंध ने अपनी बेटियों की शादी कराई थी कंस से

    पौराणिक कथा के अनुसार द्वापर युग में मगध पर राजा जरासंध का राज हुआ करता था उनके आतंक के चलते उनकी पूरी प्रजा डर के साये में जीने को मजबूर थी. राजा जरासंध की क्रूरता और उसकी विशाल सेना से आसपास के ज्यादातर राजा खौफ खाते थे. यही वजह है कि जरासंध ने अपनी दोनों बेटियों अस्थि और प्रस्थि का विवाह मथुरा के दुष्ट राजा और श्रीकृष्ण के मामा कंस से करा दी.

    विष्णु अवतार श्रीकृष्ण के मामा थे कंस  

    पौराणिक कथा के अनुसार राजा कंस को ये श्राप मिला था कि उसकी बहन देवकी की आठवीं संतान ही कंस की मौत का कारण बनेगी. जैसे ही कंस को इसका पता चला उसने अपनी बहन देवकी और उसके पति वासुदेव को बंदी बनाकर रखा. कंस ने अपनी बहन के सभी संतानों का वध कर दिया लेकिन उनकी आठवीं संतान को जीवित रहने से कोई नहीं रोक पाया. कृष्ण के जन्म के तुरंत बाद अपनी संतान को कंस से बचाने के लिए वासुदेव ने उसे यशोदा के घर में छोड़ा, जिसके बाद माता यशोदा ने ही श्रीकृष्ण का पालन पोषण किया.

    श्रीकृष्ण ने किया था अपने मामा कंस का वध

    जब श्रीकृष्णा बड़े हुए तो वही अपने मामा की मौत का कारण बनें. श्रीकृष्ण द्वारा कंस की हत्या किए जाने की खबर जब मगध के राजा जरासंध को मिली तो क्रोध में आकर उन्होंने श्रीकृष्ण को मारने की योजना बनाई, लेकिन वो अकेले इस काम में सफल न हो पाए.

    इसलिए जरासंध ने काशी के राजा के साथ मिलकर कृष्ण को मारने की फिर से योजना बनाई और कई बार मथुरा पर आक्रमण किया. इन आक्रमणों से भी मथुरा और भगवान कृष्ण को कुछ नहीं हुआ लेकिन इन आक्रमणों के दौरान काशी नरेश की मृत्यु हो गई.

    काशी नरेश के पुत्र ने मांगा श्रीकृष्ण के वध का वरदान

    अपने पिता की मौत का बदला लेने के लिए काशी नरेश के पुत्र ने काशी के रचयिता भगवान शिव की कठोर तपस्या की. जब भगवान शिव ने प्रसन्न होकर दर्शन दिया तो काशी नरेश के पुत्र ने शिवजी से श्रीकृष्ण का वध करने का वर मांगा.

    हालांकि भगवान शिव ने उन्हें काफी समझाया बावजूद इसके वो अपनी जिद पर अड़े रहे जिसके चलते भगवान शिव को यह वर देना पड़ा. वरदान के रुप में भगवान शिव ने काशी नरेश के पुत्र को एक कृत्या दी और कहा कि इसे जहां मारोगे वह स्थान नष्ट हो जाएगा. लेकिन किसी ब्राह्मण भक्त पर उसे फेंकने पर इसका प्रभाव निष्फल हो जाएगा.

    श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र से जलकर राख हुई काशी

    भगवान शिव से वरदान में मिली कृत्या से काशी नरेश के पुत्र ने द्वारका में श्रीकृष्ण  पर प्रहार किया लेकिन वो ये भूल गए कि श्रीकृष्ण खुद एक ब्राह्मण भक्त हैं. जिसके चलते वह कृत्या द्वारका से वापस होकर काशी गिरने के लिए लौट गई. हालांकि इसे रोकने के लिए श्रीकृष्ण ने अपना सुदर्शन चक्र कृत्या के पीछे छोड़ दिया.

    काशी तक सुदर्शन चक्र ने कृत्या का पीछा किया और काशी पहुंचते ही उस कृत्या को भस्म कर दिया. लेकिन सुदर्शन चक्र का वार अभी शांत नहीं हुआ था, यही वजह है कि सुदर्शन चक्र से काशी नरेश के पुत्र के साथ-साथ पूरी काशी जलकर राख हो गई.

    श्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्र – सुदर्शन चक्र से जलकर भस्म हुई भगवान शिव की इस नगरी को फिर से बसाया गया. बताया जाता है कि वारा और असि नदियों के बीच में होने के कारण इस नगरी का नाम वाराणसी रखा गया और इसे ही काशी नगरी का पुनर्जन्म माना जाता है.

  • 70 के बुड्ढे से घरवालों ने करवाˈ दी शादी दुल्हन ने फिर जो किया सोच भी नहीं सकते आप देखें Videoˌ

    70 के बुड्ढे से घरवालों ने करवाˈ दी शादी दुल्हन ने फिर जो किया सोच भी नहीं सकते आप देखें Videoˌ

    70 के बुड्ढे से घरवालों ने करवाˈ दी शादी दुल्हन ने फिर जो किया सोच भी नहीं सकते आप देखें Videoˌ

    शादी हर लड़की का सपना होता है। उसके मन में अपने सपनों के राजकुमार की अलग ही इमेज होती है। यदि आपने शादी के लिए कोई लड़की तलाशी है तो आप जानते होंगे कि उनके कितने नखरे होते हैं। किसी को अच्छा लुक चाहिए होता है, किसी को हाइट तो किसी को बढ़िया सैलरी। कुल मिलाकर एक लड़के को यंग और खूबसूरत लड़की से शादी करने के लिए कई पापड़ बैलने पड़ते हैं। ऐसे में कई बार लड़के ठीक ठाक लड़की के साथ समझौता कर सेटल हो जाते हैं।

    70 के दूल्हे को मिली 20 की सुंदर दुल्हन

    लेकिन आज हम आपको दूल्हा और दुल्हन की एक ऐसी जोड़ी दिखाने जा रहे हैं जिसे देख सिंगल लोग अपना सिर दीवार पर पीट लेंगे। पति और पत्नी के बीच उम्र का थोड़ा बहुत फासला तो चलता ही है। लेकिन क्या होगा जब एक 70 साल के बुजुर्ग की शादी 20 साल की लड़की से कर दी जाए? यकीनन शादी में 50 साल की उम्र का फासला बहुत अधिक होता है। लेकिन ऐसी शादियां आज भी होती है।

    दरअसल सोशल मीडिया पर इन दिनों एक बूढ़ा दूल्हा और यंग दुल्हन की शादी का वीडियो बड़ा वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि शादी का मंडप सजा है। इसमें एक बुजुर्ग दूल्हा और एक यंग दुल्हन बैठी है। दूल्हा शादी में चुपचाप बैठ है। वहीं आश्चर्यजनक रूप से दुल्हन इस शादी से बेहद खुश दिखाई दे रही है। यह चीज और भी हैरान कर देती है।

    जोड़ी देख लोग बोले- कोई जहर दे दो

    सोशल मीडिया पर लोगों को दोनों की जोड़ी बड़ी ही बेमेल लग रही है। शादी के इस वीडियो को bhutni_ke_memes नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट ने साझा किया है। यह शादी कब और कहां की है, फिलहाल इसकी कोई जानकारी नहीं है। वैसे लोग इस जोड़ी को देख अपनी जबरदस्त प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक यूजर ने कहा ‘कोई मुझे जहर ला दो।’ फिर दूसरे ने लिखा ‘दुनिया में लकड़ों का अकाल पड़ गया जो इस हड्डी के ढांचे से शादी कर रही हो।’

    यहां देखें वीडियो

  • दुल्हन को पसंद नहीं था काला दूल्हाˈ इसलिए कर दिया ऐसा कांड पूरा इलाका रह गया सन्नˌ

    दुल्हन को पसंद नहीं था काला दूल्हाˈ इसलिए कर दिया ऐसा कांड पूरा इलाका रह गया सन्नˌ

    दुल्हन को पसंद नहीं था काला दूल्हाˈ इसलिए कर दिया ऐसा कांड पूरा इलाका रह गया सन्नˌ

    दूल्हे का काला रंग होने की वजह से दुल्हन ने न सिर्फ शादी से इनकार कर दिया बल्कि घर छोड़कर भी फरार हो गई. जिसके बाद लड़की की मां ने बेटी की गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया है.

    मामला बांका के एक गांव की है. लड़की की मां ने थाने में अपनी बेटी की गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया है. लड़की की मां ने बताया कि उसकी बेटी की शादी तय हो गई थी. पर लड़की ने लड़के का फोटो देखकर शादी करने से इंकार कर दिया, क्योंकि लड़के का रंग काला था.

    हमने उसे समझाने का प्रयास किया था, पह वह राजी होने का नाम ही नहीं ले रही थी. बार-बार समझाने पर वह चुप हो गई. इसके बाद रात घर से बाहर निकल कर कहीं चली गई. हमने उसे बहुत खोजा पर कहीं उसका पता नहीं चल सका.

    जिसके बाद महिला ने पुलिस से बेटी की बरामदगी की गुहार लगायी है. पुलिस मामला दर्ज कर लड़की की तलाश में जुट गई है

  • हार्ट ब्लॉकेज खोलने की सबसे अच्छी औरˈ सबसे सच्ची अद्भुत जड़ी-बूटी परिणाम आप खुद बताओगे हमे, जरूर पढ़े

    हार्ट ब्लॉकेज खोलने की सबसे अच्छी औरˈ सबसे सच्ची अद्भुत जड़ी-बूटी परिणाम आप खुद बताओगे हमे, जरूर पढ़े

    हार्ट ब्लॉकेज खोलने की सबसे अच्छी औरˈ सबसे सच्ची अद्भुत जड़ी-बूटी परिणाम आप खुद बताओगे हमे, जरूर पढ़े

    हमारे शरीर का अनमोल अंग हृदय है, जो 24 घंटे अपने काम में लगा रहता है। लेकिन हमारी खराब लाइफस्टाइल और गलत खान-पान के तरीको की वजह से हार्ट ब्लॉकेज काफी आम समस्या बनती हुई नज़र आ रही है। अगर हृदय की नलियों में ब्लॉकेज होना शुरु हो रहा है तो इसका साफ मतलब है कि रक्त में एसिडिटी बढ़ गई है। एसिडिटी भी दो प्रकार की होती है जिसमें एक तो पेट की एसिडिटी होती है और दूसरी रक्त की।

    हृदय की नलियां ब्लॉक होने से हार्ट अटैक होता है इसलिये आज हम आपको आयुर्वेदिक उपचार बताने वाले हैं जो काफी सरल है। जब रक्त में अमलता एसिडिटी बढ़ जाती है, तो आप ऐसी चीजों का उपयोग करें जो छारीय होती हैं। छारीय चीज़ें खाने से रक्त में बढ़ी एसिडिटी कम हो जाती है और आप हार्ट ब्लॉकेज से हमेशा के लिये बचे रह सकते हैं।

    हार्ट 💝💖 अटैक से बचने के तरीके :

    आपने लोगों को कहते सुना होगा- ‘दिल पे मत ले यार’  इसके पीछे यह कारण है कि दिल शरीर का सबसे नाजुक अंग होता है और कोई भी चीज इसे आसानी से नुकसान पहुंचा सकती है। जब कोई व्यक्ति भावनात्मक तनाव महसूस करता है व्यक्ति का दिल सबसे पहले प्रभावित होता है जो कि हार्ट अटैक का कारण बनता है।

    इस इमोश्नल दर्द से होने वाले हार्ट अटैक से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप खुले दिमाग से तनाव रहित रहें। इसके अलावा हार्ट अटैक से बचने के कुछ और तरीके भी हैं जैसे कि ज्यादा कैलोरी वाले खाने से बचना और नियमित व्यायाम करना आदि। इसलिए अपने आपको फिट और तंदुरुस्त रखना हार्ट अटैक से बचने का सबसे अच्छा तरीका है। 

    1. नियमित व्यायाम करें हार्ट अटैक से बचने का सबसे बेहतर तरीका है कि आप रोजाना व्यायाम करें। आप कम से कम 15 मिनट तक शारीरिक कसरत करें। दिल को तंदुरुस्त रखने के लिए वॉक करना भी एक अच्छा व्यायाम
    2. ऑयली या ज्यादा चिकनाई वाले खाने से बचें जंक फूड में ज्यादा ऑयल होता है इसलिए ये हार्ट के लिए सही नहीं हैं। दिल के दौरे से बचने के लिए इस तरह के खाने से तौबा करें। 
    3. क्या आप मोटे तो नहीं यदि आप मोटे हैं तो आपको हार्ट अटैक का खतरा है। ज्यादा वजन होने से हार्ट को ज्यादा रक्त और ज्यादा ऊर्जा पंप करनी पड़ती है जिससे आपने नाजुक दिल पर ज्यादा दबाव पड़ता है।
    4. सही आहार लें सही डाइट लेना बेहद जरूरी है। हार्ट अटैक से बचने के लिए संतुलित आहार लेना जरूरी है।
    5. पेशाब और शौच को ना दबाएँ जब पेशाब और शौच का दबाव पड़ता है तो आपको जाना तो है ही पहले या बाद में। इसको दबाने से दिल पर प्रभाव पड़ता है और यह संक्रमण का कारण भी बनता है।

    स्वस्थ्य दिल 💝 के लिये आजमाएं ये अद्भुत जड़ी-बूटियां :

    1. आंवला : आंवला में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है। इसके सेवन से शरीर में कोलेस्ट्रॉल घटता है और एंटी-ऑक्सीडेंट की मात्रा बढ़ती है जिससे दिल सम्बंधी रोग दूर हो जाते हैं।
    2. हल्दी : हल्दी वाकई में चमत्कारी हर्ब है। इसमें दिल को दुरूस्त बनाएं रखने के भी बहुत सारे गुण होते हैं। इसके सेवन से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होता है।
    3. लहसुन : लहसुन के सेवन से हद्य सम्बंधी समस्याएं कम हो जाती हैं। इसमें शरीर में गर्मी पैदा करने वाले गुण होते हैं जो रक्त में गर्मी लाते हैं।
    4. अदरक : अदरक एक लाभकारी औषधि है जिसमें कई सारे गुण होते हैं। इसके सेवन से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है।
    5. बिलबेरी : बिलबेरी, कैनेबेरी का सिस्टर प्लांट है और इसमें गुण भी उसी समान होते हैं। इसके सेवन से धमनियों में रक्त का संचार सुचारू रूप से होता है।
    6. हॉथ्रोन बेरी : हॉथ्रोन बेरी, दिल की सुरक्षा करती है। इसमें ऐसे गुण होते हैं जो दिल को स्वस्थ बनाएं रखते हैं। 
    7. लाल मिर्च : लाल मिर्च का सेवन करने से मुंह और आंखों से पानी आ जाता है लेकिन यह दिल की सारी समस्याओं के छक्के छुड़ा देती है। आप चाहें तो आज़मा कर देख लें।
    8. गिकगो बीलोबा : यह एक प्रकार का चीनी पौधा है जो शरीर में रक्त के संचार को बेहतर बनाता है और शरीर में हद्य की गतिविधि को सुचारू बनाएं रखने में मददगार साबित होता है।
    9. ओरिगानो : यह अजवाइन की पत्ती होती है जिसे प्राकृतिक जड़ी बूटियों के साथ मिक्स कर के प्रयोग किया जाता है
    10. ग्रीन-टी : आजकल ग्रीन टी का क्रेज बहुत ज्यादा है क्योंकि यह बहुत लाभकारी होती है। इसे पीने से शरीर की कोशिकाएं और धमनियों में ऊर्जा और रक्त का संचार भली-भांति होता है।
  • 100 साल पहले हुई थी वाघ बकरीˈ चाय की स्थापना उच्च – नीच के भेदभाव के खिलाफ देती है संदेशˌ

    100 साल पहले हुई थी वाघ बकरीˈ चाय की स्थापना उच्च – नीच के भेदभाव के खिलाफ देती है संदेशˌ

    100 साल पहले हुई थी वाघ बकरीˈ चाय की स्थापना उच्च – नीच के भेदभाव के खिलाफ देती है संदेशˌ

    ‘वाघ बकरी चाय’ एक जाना माना ब्रांड है। देश में करोड़ों लोग ‘वाघ बकरी चाय’ पीया करते हैं। ‘वाघ बकरी’ कंपनी की शुरूआत साल 1934 में नारनदास देसाई ने की थी। नारनदास देसाई ने दक्षिण अफ़्रीका से गुजरात आकर इस व्यापार को शुरू किया था। दरअसल ये चाय का व्यापार करने के लिए दक्षिण अफ़्रीका गए थे और यहां पर इन्होंने 500 एकड़ का एक चाय का बागान खरीदा था। हालांकि अंग्रेज़ी हुकूमत और रंग व नस्ल भेदभाव के कारण ये भारत वापस आ गए।

    ये महात्मा गांधी को अपना आदर्श मानते थे और जब ये भारत लौटे तो इनके पास कुछ सामान और बापू की लिखी हुई एक चिट्ठी थी। जो कि प्रमाण पत्र था। इसकी मदद से ही ये गुजरात में आसानी से अपना चाय का व्यापार शुरू कर पाए थे। ये पत्र 12 फरवरी, 1915 को गांधी जी ने लिखा था। इस चिट्ठी में गांधी जी ने देसाई की तारीफ़ की थी और लिखा था कि ‘मैं नारनदास देसाई को दक्षिण अफ़्रीका में जानता था। जहां वो कई सालों से सफ़ल चाय बागान के मालिक रहे।

    गांधी जी का ये पत्र दिखाकर ही ये अपने सपने को पूरा कर सके और कम समय के अंदर ही गुजरात में इन्होंने चाय की अपनी कंपनी शुरू कर दी।

    खोली गुजरात टी डिपो कंपनी

    अपने जन्म राज्य गुजरात में आकर इन्होंने चाय के व्यापार को नए सिरे से शुरू किया। साल 1915 में भारत लौटे नारानदास देसाई ने गुजरात टी डिपो कंपनी की स्थापना की। वहीं 1934 में गुजरात टी डिपो कंपनी का नाम ‘वाघ बकरी’ रख दिया गया। फिर धीरे-धीरे ये ब्रांड पूरे भारत में प्रसिद्ध हो गया।

    नारनदास की कंपनी वाघ बकरी चाय का Logo काफी अलग था और उस दौरान इनकी कंपनी का ये लॉगो काफी फेमस हुआ था। चाय के पैकेट में बनें लॉगो में एक बाघ और एक बकरी बनीं हुई थी। ये दोनों एक ही प्याली से चाय पी रहे थे। इस लॉगो को नारनदास जी ने काफी सोच समझकर बनाया था। दरअसल गुजराती भाषा में बाघ को ‘वाघ’ कहते हैं। इसलिए चाय के पैकेट पर बाघ की जगह वाघ लिखा हुआ है।

    ये लॉगो एकता और सौहार्द का प्रतीक है। इस चिह्न में बाघ यानी उच्च वर्ग के लोग और बकरी यानी निम्न वर्ग के लोग दिखाए गए हैं। ये दोनों एक साथ चाय पी रहे हैं। जो कि सामाजिक एकता का प्रतीक है।

    भारत में ये कंपनी 15 चाय लाउंज का स्वामित्व और संचालन करती है। इसके उत्पाद अमेरिका, कनाडा, मध्य पूर्व, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फिजी, मलेशिया और सिंगापुर में भी बेचे जाते हैं। मार्च 2021 तक कंपनी द्वारा कुल बिक्री में निर्यात का योगदान 5% था।

    wagh bakri tea history

    आज ये ब्रांड 1,500 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार और 40 मिलियन किलोग्राम से अधिक की चाय पत्ति का वितरण करता है। राजस्थान, गोवा से लेकर कर्नाटक तक, पूरे भारत में, वाघ बकरी चाय का सेवन किया जाता है। इस कंपनी में पांच हजार लोग काम करते हैं और ये आज भारत का एक जाना माना ब्रांड बन गया है।

  • बॉडी फिट और पेट अंदर चाहिए? तोˈ रामदेव की तरह बदल डालिए ये 5 खाने की आदतें 59 में भी फौलाद बन जाएगा शरीरˌ

    बॉडी फिट और पेट अंदर चाहिए? तोˈ रामदेव की तरह बदल डालिए ये 5 खाने की आदतें 59 में भी फौलाद बन जाएगा शरीरˌ

    बॉडी फिट और पेट अंदर चाहिए? तोˈ रामदेव की तरह बदल डालिए ये 5 खाने की आदतें 59 में भी फौलाद बन जाएगा शरीरˌ

    सोचिए, अगर 59 साल की उम्र में भी कोई बिजली की रफ्तार से दौड़ रहा हो, बाल घने और काले हों, और शरीर में वही जोश-ओ-जुनून बरकरार हो-तो क्या आप जानना नहीं चाहेंगे कि इसका राज़ क्या है?

    योग गुरु स्वामी रामदेव की फिटनेस और ऊर्जा किसी रहस्य से कम नहीं। लेकिन इस रहस्य का जवाब खुद उन्होंने हाल ही में एक पॉडकास्ट में दिया, जहां उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली और खानपान से जुड़ी अहम बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि कुछ चीजें हमारी सेहत के लिए जहर से कम नहीं, जिनसे हर हाल में बचना चाहिए।इतना ही नहीं, दो ऐसी चीजें भी हैं, जिन्हें वे पूरी दुनिया की दौलत के बदले भी नहीं खाएंगे! तो अगर आप भी लंबी उम्र, जबरदस्त फिटनेस और बेहतरीन हेल्थ चाहते हैं, तो उनकी ये बातें ज़रूर जान लें।

    गेहूं-चावल से परहेज करने की सलाह

    स्वामी रामदेव ने एक पॉडकास्ट में कहा कि जो गेहूं और चावल खाएगा, वह जल्दी ऊपर जाएगा। उन्होंने इन अनाजों से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इनका अधिक सेवन करने से शरीर में कई तरह की बीमारियां जन्म ले सकती हैं।