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  • प्रेम कहें या सनक! सालों तक पड़ोसीˈ लड़के के कमरे में छुपकर रही प्रेमिका परिवार को नहीं लगी भनकˌ

    प्रेम कहें या सनक! सालों तक पड़ोसीˈ लड़के के कमरे में छुपकर रही प्रेमिका परिवार को नहीं लगी भनकˌ

    प्रेम कहें या सनक! सालों तक पड़ोसीˈ लड़के के कमरे में छुपकर रही प्रेमिका परिवार को नहीं लगी भनकˌ

    यह कहावत तो अपने कई बार सुनी होगी कि प्यार और जंग में सब जायज है। लेकिन सवाल यही क्या कभी असल ज़िन्दगी में इस कहावत को चरितार्थ होते हुए देखा है। अगर नहीं, तो हम आपको जिस शख़्स के बारे में बताने जा रहे हैं, उसकी मोहब्बत का किस्सा पढ़ने के बाद आप भी सिर पकड़ लेंगे और सोच में पड़ जाएंगे कि क्या कभी ऐसा भी हो सकता है। कहते हैं न! कि प्यार दुनिया की सबसे खूबसूरत चीज है, जिसका एहसास आपको एक बेहतर इंसान बनाता है। लेकिन केरल के एक प्रेमी जोड़े ने प्यार की सभी हदें पार कर दी, क्योंकि प्रेमी ने अपनी प्रेमिका को पूरे 10 सालों तक घर में छिपाए रखने का अनोखा कारनामा कर दिखाया है। जी हाँ पूरे दस साल आस पडोस के लोगों से अपनी प्रेमिका को छिपाए रखा। आइए जानते हैं क्या है पूरी कहानी…

    यकीन मानिए आज तक आपने एक से बढ़कर एक प्रेमी कहानियाँ देखी और सुनी होगी, लेकिन केरल की इस प्रेम कहानी के आगे बॉलीवुड फ़िल्में भी फेल हैं। केरल के पलक्कड ज़िले (Palakkad) में रहने वाले एक लड़के ने अपनी प्रेमिका को पूरे 10 सालों तक अपने घर में छिपा कर रखा , जिसकी भनक न तो आस पड़ोस वालों को लगी और न ही लड़के के परिवार को भी इसके बारे में पता चला। बता दें कि इस अनोखी प्रेम कहानी की शुरुआत आज से 10 साल पहले हुई थी, जब आईलूर गाँव के रहने वाले 24 वर्षीय रहमान (Rahman) को सजिथा (Sajitha) नामक लड़की से प्यार हो गया। सजिथा और रहमान एक ही गाँव के थे, लेकिन उनके प्रेम सम्बंध के बारे में परिवार, दोस्तों या गांव वालों को कोई जानकारी नहीं थी।

    रहमान और सजिथा जानते थे कि एक ही गाँव में प्रेम प्रसंग का उनका यह मामला सफल नहीं हो पाएगा, इसलिए उन्होंने साथ रहने का एक अलग ही प्लान बना लिया। उस प्लान के मुताबिक सजिथा अपने घर से कोई बहाना बनाकर बाहर आई और बिना किसी को कुछ बताए रहमान के घर में रहने लगी।

    10 सालों तक घरवालों को ऐसे देती रही धोखा…

    अब आप सोच रहे होंगे कि 10 सालों तक एक ही छत के नीचे रहने के बावजूद भी लड़के के घरवालों को सजिथा के बारे में कुछ पता कैसे नहीं चला, तो इसका सीधा साधा सा जवाब रहमान का हुनर। दरअसल रहमान पेशे से एक इलेक्ट्रिशियन है, जिसने अपने हुनर के जरिए एक ख़ास तरह का लॉक तैयार किया। उसने अपने कमरे के दरवाजे में बाहर की तरफ़ बिजली की तारें लटका दी, जिसे छूने पर घरवालों को करंट के झटके लगते थे। इतना ही नहीं रहमान अपने घर पर पागल होने का नाटक रचता था, ताकि उसके घर वाले उसे मानसिक रूप से बीमार समझे और उसके बिजली वाले कारनामे के बारे में कुछ न पूछे।

    ऐसे में रहमान के कमरे के बाहर बिजली की तारों की वज़ह से परिवार का कोई भी सदस्य उसके कमरे में एंट्री नहीं कर सकता था, लेकिन उन्हें कभी यह शक नहीं हुआ कि उसने कमरे में सजिथा को छिपाया है। रहमान और सजिथा जब से साथ रहने लगे थे, तब से वह अपने कमरे में ही खाना खाता था। उसकी डाइट भी पहले से ज़्यादा बढ़ गई थी, जाहिर-सी बात है उसे अपने साथ-साथ सजिथा के खाने का भी ध्यान रखना पड़ता था। वहीं सजिथा पूरा दिन कमरे में बंद रहने के बाद सिर्फ़ रात के समय ही वॉशरूम के लिए बाहर आती थी, क्योंकि उस समय घर के सभी लोग सो जाते थे।

    घरवालों के लिए मर चुकी थी सजिथा…

    वहीं फरवरी 2010 में सजिथा अपने प्लान के मुताबिक घर से बाहर निकली और अचानक लापता हो गई। सजिथा अपने घर वालों को यह बता कर निकली थी कि वह पास में किसी रिश्तेदार के घर जा रही है, लेकिन वह न तो रिश्तेदार के घर पहुँची और न ही अपने घर वापस लौटी। ऐसे में सजिथा के घरवालों ने शाम तक उसके घर लौटने का इंतज़ार किया, लेकिन जब देर रात तक वह वापस नहीं लौटी तो उन्होंने पुलिस में सजिथा के गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज करवा दी। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद सजिथा को तलाश करने की बहुत कोशिश की, लेकिन पुलिस सजिथा या उससे जुड़ा कोई सुराग नहीं खोज पाई।

    ऐसे में काफ़ी दिनों तक खोजबीन जारी रखने के बाद सजिथा के लापता होने का केस बंद हो गया और सजिथा के घरवालों ने उसे मरा मान लिया। फ़िर जब बाद में सजिथा की लव स्टोरी का खुलासा हुआ, तो उसके अचानक लापता होने का कारण भी सबको समझ आ गया। सजिथा के परिवार वाले हैरान हैं कि जिस लड़की को उन्होंने 10 साल पहले मरा हुआ मान लिया था, वह आज भी ज़िंदा है और अपने प्रेमी के घर में उसके साथ छिपकर कर रही थी।

    ऐसे खुल गई प्यार की पोल-पट्टी…

    सजिथा लगभग 10 सालों तक रहमान के साथ उसके कमरे में छिपकर रही, इस दौरान उन दोनों को कभी किसी ने नहीं पकड़ा। क्योंकि रहमान और सजिथा को घरवालों का रूटीन अच्छी तरह से पता चल चुका था, हालांकि उनकी यह चोरी अपनी ही गलती से जल्द पकड़ी जानी थी। दरअसल रहमान ने 10 साल सजिथा को अपने घर में छिपाए रखने के बाद अलग रहने का फ़ैसला किया, जिसकी वज़ह से वह एक दिन अचानक घर छोड़कर चला गया। रहमान के घरवाले 3 महीने तक उसकी तलाश करते रहे, लेकिन किसी को कुछ पता नहीं चला।इसके बाद एक दिन रहमान का भाई बशीर किसी काम से शहर गया था, जहाँ उसने रहमान को सड़क पर बाइक चलाते हुए देखा। बशीर पेशे से एक ट्रक ड्राइवर है, जब उसने अपने भाई को देखा तो उसे रोकने के लिए बहुत आवाज़ लगाई लेकिन रहमान बशीर को देखते ही वहाँ से नौ दो ग्यारह हो गया।

    बशीर को रहमान की इस हरकत पर शक हुआ और उसने रहमान को ढूँढ़ने के लिए पुलिस की मदद ली। कुछ दिनों तक खोजबीन करने के बाद आखिरकार पुलिस ने रहमान को पकड़ लिया, जिसके बाद रहमान ने बताया कि वह शहर में एक लडकी के साथ किराए के मकान में रहता है।

    पुलिस ने जब इस प्रेमी जोड़े को कोर्ट में पेश किया, तो इनकी अजब प्रेम की ग़ज़ब कहानी सुनकर जज भी हैरान रह गए। जब उनसे इस हरकत की वज़ह पूछी गई, तो उन्होंने बताया कि वह दोनों एक दूसरे से प्यार करते हैं और एक साथ रहना चाहते थे। लेकिन उन्हें डर था कि कहीं घरवाले उनका रिश्ता न तोड़ दे, इसलिए मजबूरी में रहमान और सजिथा ने यह क़दम उठाया। ऐसे में यह प्रेम कहानी पढ़कर घूम गया न आपका सिर। क्या अजीबोगरीब प्रेम कहानी है यह। प्यार की यह अजीब दास्ताँ आपको कैसी लगी। हमें कमेंट कर अवश्य बताएं।

  • विधवा से प्यार में अंधा हुआ दोˈ बच्चों का बाप. शादी से मना किया तो बीच सड़क पर तेजाब से नहलाया बूंद-बूंद ने पिघलाया पूरा जिस्मˌ

    विधवा से प्यार में अंधा हुआ दोˈ बच्चों का बाप. शादी से मना किया तो बीच सड़क पर तेजाब से नहलाया बूंद-बूंद ने पिघलाया पूरा जिस्मˌ

    विधवा से प्यार में अंधा हुआ दोˈ बच्चों का बाप. शादी से मना किया तो बीच सड़क पर तेजाब से नहलाया बूंद-बूंद ने पिघलाया पूरा जिस्मˌ

    यूपी से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां शादी से इनकार करने पर दो साल पहले एक हैवान ने विधवा को तेजाब से नहला दिया। इस घटना के बाद सोमवार को कोर्ट ने सजा सुनाते हुए आरोपी को 30 साल की सजा और 1 लाख का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही कोर्ट ने पीड़िता को योजनाओं के तहत मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। साक्ष्यों और गवाहों को देखते हुए कोर्ट ने सख्त सजा सुनाई है। पुलिस की सजा तक पहुंचाने में अहम भूमिका रही।

    बीच सड़क पर तेजाब से जलाया

    यहां रहने वाली खुशबू के पति की जनवरी 2022 में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद खुशबू बच्चे के साथ अपने मायके में रहने लगी थी। सुबह 9:30 बजे काम करने जा रही थी और इसी दौरान इकतरफा प्यार में पागल अजय नाम का दरिंदा वहां आकर शादी के लिए प्रियंका पर दबाव बनाने लगा। अजय रास्ता रोककर खुशबू को शादी का प्रस्ताव देने लगा। जब इस बात का खुशबू ने विरोध किया तो उसने प्रियंका को दबोचने का प्रयास किया, खुशबू उसकी सुनने को तैयार नहीं हुई और आगे बढ़ गई। इस बात से झल्लाए अजय ने तेजाब से भरे डिब्बे से खुशबू को नहला दिया और मौके से भाग निकला।

    इलाज चल रहा है

    विधवा को तेजाब से जलाने वाले अजय पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह पूरी रकम पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। मुकदमे को इस अंजाम तक लाने के पीछे भी विधवा का हौसला और हिम्मत है। पीड़िता ने कोर्ट में भी बयान दिया था कि अजय के घर वाले समझौते के लिए दबाव बनाते थे। समझौता न करने पर धमकी देते थे कि अजय छूटकर आएगा तो जान से मार डालेगा। मगर पीड़िता पीछे नहीं हटी…डटी रही। इस हमले के बाद पूरी हिम्मत से लड़ाई लड़ी। न तो दबाव में आई, न किसी धमकी से डरी।

    दोषी को सजा सुनाई

    बता दें कि दोषी करार दिया गया दो बच्चों का बाप अजय वास्तव में दरिंदा ही था। पीड़िता के शादी करने से मना करने की बात को लेकर उसने तेजाब की बोतल उसके ऊपर उड़ेल दी। इस घटना के बाद पड़ोसियों ने पुलिस और उसके पिता को सूचना दी।

    आरोप तय होने के बाद सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने अजय को दोषी मानकर सजा सुनाई। इस घटना के बाद फैसले में कोर्ट ने भी कहा कि पीड़िता ने न सिर्फ अपनी चोटों को सहन किया बल्कि खुद न्यायालय में गवाही देकर बहादुरी से पूरी अपनी आपबीती सुनाई। इस घटना का भार पीड़िता को पूरे जीवन उठाना होगा, इसलिए अजय को 30 साल की कठोर कारावास देने से ही न्याय की मंशा पूरी होगी।

  • करंट लगने पर करे ये आसान उपाय,ˈ आपकी समझदारी किसी की जान बचा सकती है, जरूर पढ़े और शेयर करे

    करंट लगने पर करे ये आसान उपाय,ˈ आपकी समझदारी किसी की जान बचा सकती है, जरूर पढ़े और शेयर करे

    करंट लगने पर करे ये आसान उपाय,ˈ आपकी समझदारी किसी की जान बचा सकती है, जरूर पढ़े और शेयर करे

    इलेक्ट्रिक शॉक लगने पर शरीर के अंदर से करंट गुजरता है, जिससे दिल, दिमाग और नसों पर गंभीर असर पड़ सकता है। कुछ मामलों में हार्ट बीट रुकना, बेहोशी या शरीर पर जलने के निशान भी देखे जाते हैं। इसलिए ऐसी स्थिति में तुरंत और सही कदम उठाना बेहद जरूरी होता है।

    सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि अगर किसी व्यक्ति को करंट लगा है, तो बिना सोचे-समझे उसे छूना खतरनाक हो सकता है। अगर आप सीधे उसे पकड़ लेते हैं, तो करंट आपके शरीर में भी आ सकता है। इसलिए मदद करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आसपास कोई बिजली का स्रोत सक्रिय तो नहीं है। अगर संभव हो तो तुरंत मेन स्विच बंद करें या बिजली का कनेक्शन काट दें।

    अगर बिजली बंद करना संभव न हो, तो व्यक्ति को सीधे हाथ से छूने की बजाय किसी सूखी लकड़ी, प्लास्टिक या रबर जैसी चीज की मदद से अलग करने की कोशिश करें। ध्यान रखें कि गीली जगह, पानी या लोहे की चीजों के पास खड़े होकर यह काम बिल्कुल न करें, क्योंकि ये करंट को तेजी से पास करते हैं।

    जब व्यक्ति करंट के संपर्क से अलग हो जाए, तो तुरंत उसकी स्थिति को जांचें। अगर वह होश में है और सांस ले रहा है, तो उसे आराम से एक करवट लिटा दें ताकि सांस लेने में आसानी रहे। अगर शरीर पर जलन या हल्का घाव है, तो ठंडे पानी से उस हिस्से को साफ किया जा सकता है। अगर कहीं से खून बह रहा है, तो साफ कपड़े से दबाकर उसे रोकने की कोशिश करें।

    सबसे गंभीर स्थिति तब होती है जब व्यक्ति सांस नहीं ले रहा हो या कोई हरकत नजर न आए। ऐसी स्थिति में तुरंत CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) शुरू करना जान बचाने में मदद कर सकता है। हालांकि, यह तभी करें जब आपको सही तरीका आता हो। अगर व्यक्ति सांस ले रहा है, तो CPR बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

    इन सभी प्राथमिक उपायों के साथ-साथ सबसे जरूरी है कि तुरंत एम्बुलेंस या मेडिकल हेल्प को कॉल किया जाए। कई बार व्यक्ति बाहर से ठीक दिखता है, लेकिन अंदरूनी चोट या दिल और दिमाग पर असर हो सकता है। इसलिए डॉक्टर द्वारा जांच करवाना बेहद जरूरी होता है।

    अंत में यही कहा जा सकता है कि करंट लगने की स्थिति में घबराने के बजाय समझदारी से काम लेना चाहिए। सही समय पर उठाया गया एक छोटा कदम किसी की जान बचा सकता है। जागरूकता और सावधानी ही इस तरह की दुर्घटनाओं से बचने और दूसरों की मदद करने का सबसे बड़ा हथियार है।

  • बुरी से बुरी नज़र से बचाएगा फिटकरीˈ और रुई का उपाय ऐसे करें इसक उपयोगˌ

    बुरी से बुरी नज़र से बचाएगा फिटकरीˈ और रुई का उपाय ऐसे करें इसक उपयोगˌ

    बुरी से बुरी नज़र से बचाएगा फिटकरीˈ और रुई का उपाय ऐसे करें इसक उपयोगˌ

    जब घर में किसी को नजर लग जाती है तो उस नजर को उतारने के लिए घर वाले बहुत सारे अलग आलग घरेलु उपाए करते है. नजर लगना किसी के लिए भी अच्छा नही होता क्युकी नजर एक ऐसा दोष है जिससे हमारे शारीर से लेकर घर परिवार में बहुत सारी परेशानिया आ सकती है. अगर किसी व्यक्ति को नजर लग जाती है तो ऐसे में उसकी आंख का निचला पलक सूज जाता है, शारीर में थकन और बीमारी भी लग जाती है. धन हानि भी हो जाती है कुल मिलकर हमे बुरी से बुरी नजर से खुदको बचाना चाहिए जिससे हम और हमारा परिवार धन सम्पत्ति सब ठीक रहे.

    आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलु उपाए बताने वाले है जिससे बुरी से बुरी नजर आपका कुछ भी नही बिगाड़ पायेगी. ये उपाए फिटकिरी और रुई से किया जाता है. जिसे करना का तरीका हम आपको बता रहे है.

    जानिए इन नजर को खत्म करने का उपाय

    सबसे पहले आप रुई ले और उसकी एक बाती बना ले फिर उस बाती को तेल में डूबा के भिगो ले और फिर उस बत्ती को ले और जिस इंसान को नजर लगी है उसके ऊपर सात बार उतारे और फिर उस बाती को जला दे.

    इस प्रकार बत्ती जलने लगेगी आपको बता दे की अगर किसी व्यक्ति को नजर लगी है तो वह रुई की बत्ती बहुत तेज भभक भाभक के जलने लगेगी और फिर कुछ देर बाद बत्ती जैसे जैसे जलना बंद होगी वैसे वैसे उस व्यक्ति की बाजार उतन्रने लगेगी.

    इसी प्रकार आप फिटकरी से भी बुरी से बुरी नजर उतार सकते है उसके लिए आपको एक फिटकरी का टुकड़ा लेना है और फिर उस टुकड़े को नजर लगे हुए व्यक्ति के ऊपर सात बार गुमाना है और फिर वह टुकड़ा जलती हुयी आग में फेक देना है ऐसा करने से नजर लगे व्यक्ति की नजर बहुत जल्दी उतर जाएगी.

  • इस बूढ़े एक्टर संग 12 साल सेˈ लिव इन में रहती है यह एक्ट्रेस शादी किए बिना ही पति मान चुकी हैˌ

    इस बूढ़े एक्टर संग 12 साल सेˈ लिव इन में रहती है यह एक्ट्रेस शादी किए बिना ही पति मान चुकी हैˌ

    इस बूढ़े एक्टर संग 12 साल सेˈ लिव इन में रहती है यह एक्ट्रेस शादी किए बिना ही पति मान चुकी हैˌ

    बॉलीवुड में पिछले कई दिनों से सेलेब्स के तलाक और ब्रेकअप की खबरें सामने आ रही हैं। इंडस्ट्री में कई ऐसे भी कपल है, जो सालों से एक दूसरे के प्यार में है। लेकिन इन कपल्स ने अबतक शादी नहीं की है। इसी कड़ी में आज हम आपको एक ऐसी हसीना (Actress) के बारे में बताने जा रहे है। जो पिछले 12 सालों से अपने बॉयफ्रेंड के साथ लिवइन में रह रही हैं और काफी खुश भी है।

    12 साल से इस एक्टर के साथ लिव इन में रह रही है एक्ट्रेस

    Actress
    Actress

    दरअसल हम जिस एक्ट्रेस (Actress) की बात कर रहे है, वो मुग्धा गोडसे है। आपको बता दें, मुग्धा साल 2013 से एक्टर राहुल देव के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही है, दोनों ने आधिकारिक तौर पर शादी नहीं की है। राहुल की पत्नी रीना देव के निधन के बाद उन्होंने मुग्धा के साथ नया जीवन शुरू किया था। दोनों कई बार पब्लिक के बीच यह बात खुलकर कह चुके हैं कि उनकी शादी कि फिलहाल कोई योजना नहीं है। उनका मानना है कि वे पहले से ही एक-दूसरे के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं।

    12 साल का मनाया जश्न

    आपको बता दें, एक्टर राहुल देव और एक्ट्रेस (Actress) मुग्धा गोडसे ने गुरुवार को अपनी ’12 साल की जर्नी’ को खास अंदाज में सेलिब्रेट किया है। इस खास मौके पर दोनों ने सोशल मीडिया पर एक रोमांटिक फोटो शेयर की, जिसमें वे एक-दूसरे की आंखों में खोए नजर आ रहे है।

    एक्ट्रेस मुग्धा गोडसे ने इंस्टाग्राम पर राहुल के साथ रोमांटिक फोटो शेयर की, जिसमें दोनों एक बेंच पर बैठे हुए एक-दूसरे की आंखों में आंखे डाले बैठे हुए हैं। तस्वीर के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा, 12 साल… (कौन गिन रहा है) राहुल देव।

    कई भाषाओं में कर चुके है काम

    राहुल और मुग्धा अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़ी अपडेट्स फैंस के साथ शेयर करते रहते हैं। राहुल देव मॉडल के साथ ही एक शानदार एक्टर भी हैं। वह फिल्मों के साथ ही टीवी शोज में काम कर चुके है। वह हिंदी के साथ ही तेलुगू, तमिल, कन्नड़, मलयालम और पंजाबी समेत अन्य भाषाओं की फिल्मों में भी काम कर चुके हैं।

    फिल्मों में कर चुके है काम

    राहुल देव के करियर की बात करे तो उन्होंने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत साल 2000 में हिंदी फिल्म ‘चैंपियन’ से की थी, जिसमें उन्होंने खलनायक की भूमिका निभाई और साल 2001 में राहुल फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ खलनायक पुरस्कार के लिए नॉमिनेट हुए। इसके बाद उन्होंने मलयालम फिल्मों में कदम रखा और 2009 की फिल्म ‘सागर अलियास जैकी रीलोडेड’ में ‘शेख इमरान’ की भूमिका निभाई। इसके अलावा, वह कई सफल फिल्मों का हिस्सा रह चुके हैं। राहुल रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ के 10वें सीजन का भी हिस्सा रह चुके हैं।

  • देवर की शर्मनाक हरकत, भाभी ने पहलेˈ दबाया मामला, बेटी की इज़्ज़त लगी दांव पर, दर्दनाक कहानी सुनकर रूह कांप जाएगी, पटना में शर्मसार करने वाली वारदातˌ

    देवर की शर्मनाक हरकत, भाभी ने पहलेˈ दबाया मामला, बेटी की इज़्ज़त लगी दांव पर, दर्दनाक कहानी सुनकर रूह कांप जाएगी, पटना में शर्मसार करने वाली वारदातˌ

    देवर की शर्मनाक हरकत, भाभी ने पहलेˈ दबाया मामला, बेटी की इज़्ज़त लगी दांव पर, दर्दनाक कहानी सुनकर रूह कांप जाएगी, पटना में शर्मसार करने वाली वारदातˌ

    Patna Crime:पटना की गलियों में इंसानियत को शर्मसार करने वाली सनसनीखेज़ वारदात ने हर किसी को हिला दिया है। दर्दनाक कहानी सुनकर रूह कांप जाती है। यह कहानी है 36 साल की विधवा मां की, जिसने पति की मौत के बाद तीन मासूम बच्चों की परवरिश का बोझ अकेले उठाया।

    लेकिन उसकी ज़िन्दगी में रिश्तों और अजनबियों ने जो ज़हर घोला, वह समाज को झकझोर देने वाला है।

    साल 2023 में पति के निधन के बाद महिला को उम्मीद थी कि परिवार उसका सहारा बनेगा। लेकिन उसका अपना देवर ही दरिंदगी पर उतर आया। रात के अंधेरे में कमरे में घुसकर उसने महिला के जिस्म को गलत तरीके से छूने की कोशिश की। विरोध करने पर मामला रफ़ा-दफ़ा कर दिया गया। ससुराल वालों ने भी इसे मज़ाक बनाकर टाल दिया। बोला गया।’देवर-भाभी के बीच ये सब चलता रहता है’।

    महिला ने 1 अगस्त को थाने में FIR दर्ज करवाई, लेकिन पुलिस ने चुप्पी साध ली। यही खामोशी दरिंदे को और हौसला देती रही। वो बार-बार महिला की इज़्ज़त से खेलने लगा। पीड़िता ने अपने बच्चों की परवरिश और इज़्ज़त के नाम पर खामोशी ओढ़ ली।

    लेकिन हद तब हुई जब महज 7 साल की मासूम बेटी को भी दरिंदों ने नहीं छोड़ा। किराएदार ने बच्ची के प्राइवेट पार्ट की तस्वीर खींच ली। उस दिन मां अस्पताल में थी और बेटी घर पर। बच्ची ने डरी सहमी आवाज़ में बताया- ‘अंकल ने धमकी दी थी, अगर किसी को बताया तो मार डालेंगे’।

    बेटी की मासूमियत पर हमला सुनकर मां टूट गई। उसका कहना है ‘अब खून का घूंट पीना नामुमकिन है, मेरी बेटी की इज़्ज़त दांव पर है’। लेकिन दर्द यह भी है कि बेटी की बदनामी के डर से वह खुलकर FIR दर्ज नहीं करवाना चाहती।

    महिला आयोग की सदस्य रश्मि रेखा सिन्हा ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए कहा है कि पीड़िता ने महिला थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। DM को भी पत्र लिखा गया है। लेकिन पुलिसिया कार्रवाई अभी भी ठंडी पड़ी है। अगली सुनवाई 20 अक्टूबर को तय है।

    यह घटना सिर्फ़ एक मां-बेटी की त्रासदी नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था पर सवालिया निशान है। सवाल ये उठता है कि आखिर कब तक मासूम बेटियों की चीख़ें, माओं की सिसकियां और समाज की शर्मिंदगी इस तरह दबाई जाती रहेगी?

  • जब स्वामी विवेकानंद ने ईडन गार्डन मेंˈ झटके थे 7 विकेट, क्रिकेट के बेहतरीन खिलाड़ी थे स्वामी

    जब स्वामी विवेकानंद ने ईडन गार्डन मेंˈ झटके थे 7 विकेट, क्रिकेट के बेहतरीन खिलाड़ी थे स्वामी

    जब स्वामी विवेकानंद ने ईडन गार्डन मेंˈ झटके थे 7 विकेट, क्रिकेट के बेहतरीन खिलाड़ी थे स्वामी

    स्वामी विवेकानंद का नाम लेते ही हमारी आंखों के सामने एक महान और ओजस्वी आध्यात्मिक व्यक्तित्व की छवि आ जाती है। लेकिन शायद बहुत कम लोग जानते हों कि विवेकानंद क्रिकेट के शौकीन थे. और अपने शुरुआती जीवन में उन्होंने इस खेल में अपने हुनर भी दिखाए थे। वो कितने अच्छे गेंदबाज थे इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने एक कठिन मैच के दौरान समाने वाली टीम के आधे से ज्यादा खिलाड़ियों को पवैलियन भेज दिया था। स्वामी विवेकानंद के क्रिकेट से जुड़ी और बातें आपको आगे बताते हैं।

    कोलकाता में दिखाया क्रिकेट का जौहर

    1880 के दशक में स्वामी विवेकानंद क्रिकेट खेलते थे। तब वे नरेंद्रनाथ दत्त के नाम से जाने जाते थे। उस वक्त कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन मैदान पर खेलते हुए उन्होंने सात विकेट झटके थे। ये मुकाबला साल 1884 में कोलकाता क्रिकेट क्लब और टाउन क्लब के बीच में खेला गया था। स्वामी विवेकानंद यानि नरेंद्रनाथ दत्त उस वक्त टाउन क्लब की ओर से खेलते थे।

    उन्होंने टाउन क्लब की ओर से शानदार गेंदबाजी करते हुए कोलकाता क्रिकेट क्लब के 7 बल्लेबाजों को पवैलियन का रास्ता दिखा दिया था। आपको बता दें कि उस वक्त अंग्रेजों का गढ़ माने जाने वाले कोलकाता में यह खेल काफी प्रचलित हो गया था।

    ईडन गार्डन से जुड़ी किताबों में उल्लेख

    कोलकाता के ईडन गार्डन मैदान से जुड़ी कुछ किताबों में भी स्वामी विवेकानंद के इस क्रिकेट मैच का ज़िक्र किया गया है। ईडन गार्डन को भारत में क्रिकेट का मक्का माना जाता है। अंग्रेज़ों के शासन के दौरान इसे ब्रिटेन के बाहर सबसे बड़ा क्रिकेट डेस्टिनेशन माना जाता था। ब्रिटिश राज के दौरान ही यहां पर कोलकाता क्रिकेट क्लब की शुरुआत हुई, जिसके जवाब में बंगाली समुदाय के लोगों ने वहां पर टाउन क्लब की शुरुआत की।

    सत्यजीत रे के दादा(चाचा) ने टाउन क्लब बनाया

    स्वामी विवेकानंद जिस टाउन क्लब की ओर से क्रिकेट खेलते थे उसकी शुरुआत शारदारंजन रे ने की थी, जो भारत के प्रसिद्ध फिल्म डायरेक्टर सत्यजीत रे के दादा (चाचा) थे। मौजूदा वक्त में भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा मोहम्मद शमी भी कोलकाता के टाउन क्लब से खेल चुके हैं।

    हालांकि, नरेंद्रनाथ दत्त ने क्रिकेट फील्ड में अपना करियर नहीं बनाया। अपने गुरु स्वामी रामकृष्ण परमहंस की प्रेरणा से उन्होंने आध्यात्मिक जगत में प्रवेश लिया। नरेंद्र नाथ ने स्वामी विवेकानंद बनकर पूरी दुनिया में भारत की संस्कृति और ज्ञान का परचम लहराया और इतिहास में अमर हो गये।

  • कोलेस्ट्रॉल के टुकड़े टुकड़े कर देगी येˈ खास चीज़े, नसों से खुद बाहर आ जायेगा कोलेस्ट्रॉलˌ

    कोलेस्ट्रॉल के टुकड़े टुकड़े कर देगी येˈ खास चीज़े, नसों से खुद बाहर आ जायेगा कोलेस्ट्रॉलˌ

    कोलेस्ट्रॉल के टुकड़े टुकड़े कर देगी येˈ खास चीज़े, नसों से खुद बाहर आ जायेगा कोलेस्ट्रॉलˌ

    क्या आपने कभी सोचा था कि हार्ट अटैक जैसी बीमारी जो पहले सिर्फ 60–70 साल के बुज़ुर्गों में दिखती थी, आज 25–30 साल के युवाओं को भी अपनी चपेट में लेने लगी है?
    👉 इसका सबसे बड़ा कारण है – स्ट्रेस, गलत लाइफ़स्टाइल और खराब डाइट

    लेकिन खुशखबरी ये है कि अगर आप आज से अपनी डाइट और कुछ आसान उपाय बदल लें, तो न सिर्फ हार्ट को होने वाले नुकसान को रोक सकते हैं बल्कि उसे रिवर्स भी कर सकते हैं।

    हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षण 🚨

    अगर ये लक्षण बार-बार दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें:

    • लेफ़्ट साइड चेस्ट या बाजू में दर्द (हल्का या तेज़)
    • बहुत जल्दी थक जाना और सांस फूलना
    • चलते समय ढोकनी जैसी सांस चलना
    • सीने में भारीपन

    👉 ऐसे में तुरंत लिपिड प्रोफ़ाइल टेस्ट करवाना ज़रूरी है। इसमें कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स, HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) और LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल) का पता चलता है।

    हार्ट को बचाने के लिए परहेज ❌

    • नॉनवेज (खासकर मटन और अंडे की ज़र्दी)
    • घी, मक्खन, मलाई, तैलीय और फ्राइड खाना
    • अल्कोहल और स्मोकिंग
    • रिफ़ाइंड ऑयल (एकदम बंद कर दें)

    हार्ट हेल्थ के लिए सही तेल 🫒

    • सरसों का तेल
    • सूरजमुखी का तेल
    • तिल का तेल (सर्दियों में)
    • नारियल का तेल (साउथ इंडिया वालों के लिए)

    हार्ट और कोलेस्ट्रॉल के लिए 3 चमत्कारी शाकाहारी उपाय 🌿

    1. आंवला – कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स का दुश्मन

    • इसमें भरपूर Vitamin C और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं।
    • लेने का तरीका: सुबह खाली पेट 20ml आंवला जूस + 20ml पानी या 1 चम्मच आंवला पाउडर + मिश्री/खांड/गुड़ (चीनी नहीं)

    2. टमाटर – धमनियों की सफाई करने वाला

    • इसमें लाइकोपिन होता है, जो ब्लॉकेज कम करता है।
    • रात को सोते समय 4–5 पके टमाटर (बीज निकालकर) खाएं।
    • ऊपर से गुनगुना पानी पी लें।

    3. लहसुन – खून पतला करने और ब्लड प्रेशर कंट्रोल का रामबाण

    • इसमें मौजूद Allicin कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स घटाता है।
    • लेने का तरीका: सुबह 1 कली कच्चे लहसुन की कुचलकर पानी से निगल लें। पका हुआ लहसुन उतना असरदार नहीं होता।

    एक्स्ट्रा टिप 💡

    अगर आपके पास समय कम है तो आप लिवर वॉश का इस्तेमाल कर सकते हैं। लिवर साफ होने से कोलेस्ट्रॉल की फैक्ट्री ही डिटॉक्स हो जाती है और बैड कोलेस्ट्रॉल घटने लगता है।

    निष्कर्ष ❤️

    अगर आप आंवला, टमाटर और लहसुन को अपनी डाइट में शामिल करें और साथ ही सही तेल का इस्तेमाल करें, तो

    • ब्लड प्रेशर कंट्रोल होगा
    • कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स कम होंगे
    • धमनियों की जकड़न खुलेगी
    • और सबसे बड़ी बात – आपका हार्ट मजबूत रहेगा

    👉 याद रखिए – हार्ट अटैक से बचाव दवाई से ज्यादा आपकी डाइट और लाइफ़स्टाइल पर निर्भर करता है।

  • बच्चों को लेकर कार चला रहे हैं?ˈ ये गलती की तो लगेगा डबल जुर्माना

    बच्चों को लेकर कार चला रहे हैं?ˈ ये गलती की तो लगेगा डबल जुर्माना

    बच्चों को लेकर कार चला रहे हैं?ˈ ये गलती की तो लगेगा डबल जुर्माना
    New Traffic Rules 2025: बच्चों को लेकर कार चला रहे हैं? ये गलती की तो लगेगा डबल जुर्माना!

    नई दिल्ली सड़क परिवहन मंत्रालय ने बच्चों के साथ गाडी चलाने वालों के लिए एक सख्त प्रस्ताव जारी किया है। जिसमें ट्रैफिक नियमों का पालन ना करने पर सीधा जुर्माना लगाया जाएगा। इस नए प्रस्ताव के माध्यम से सरकार ‘मेरिट और डिमेरिट पॉइंट सिस्टम को लागू करने की योजना बनाना चाहती है। इस स्कीम को शुरू का मुख्य उद्देश्य यह कन्फर्म करना है, कि सड़क पर चलने वाले सभी वाहन ट्रैफिक नियमों का पालन कर भी रहे है, या नहीं इसके अलावा इस तरह के सिस्टम से पूरी सड़क सुरक्षा और भी बढ़ जाएगी।

    बच्चों के साथ यात्रा करने वाले ड्राइवरों पर कड़ी नजर

    यह कदम उन ड्राइवरों के लिए है, जो बच्चों को लेकर सड़क पर गाड़ी चला रहे होते हैं। अक्सर देखा जाता है, कि ऐसे ड्राइवर ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करते, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। मंत्रालय का यह कदम सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए उठाया गया है। इस नियम के तहत, यदि ड्राइवर ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं, तो उन्हें अन्य वाहन चालकों की तुलना में दोगुना जुर्माना भरना पड़ेगा।

    मोटर वाहन अधिनियम में बदलाव

    सड़क परिवहन मंत्रालय का यह कदम मोटर वाहन अधिनियम में बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। मंत्रालय का लक्ष्य है, कि सड़कों को सुरक्षित बनाया जाए, और खासकर बच्चों के साथ यात्रा करने वाले ड्राइवरों पर नजर रखी जाए। यह नया नियम स्कूल बसों और अन्य वाहनों पर भी लागू होगा, जो अक्सर ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करते हैं। इसके अलावा, सरकार ‘मेरिट और डिमेरिट पॉइंट सिस्टम’ को लागू करेगी, जिससे ट्रैफिक नियमों का पालन करने वाले ड्राइवरों को पुरस्कार मिलेगा और नियम तोड़ने वालों को सजा दी जाएगी।

    कुछ विशेषज्ञों की चिंता

    इस नए प्रस्ताव को लेकर सड़क सुरक्षा के विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में ट्रैफिक पुलिस सिर्फ कुछ खास अपराधों पर ही चालान काटती है, जैसे कि तेज गति से गाड़ी चलाना, शराब पीकर गाड़ी चलाना, लाल बत्ती पर गाड़ी चलाना, फोन का उपयोग करना या सीट बेल्ट और हेलमेट न पहनना। वहीं, मोटर व्हीकल एक्ट में 100 से ज्यादा अपराध हैं जिन पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन ज्यादातर मामलों में कार्रवाई नहीं की जाती।

    नियमों के प्रभाव पर सवाल

    विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि ‘नए प्रस्ताव के तहत कैमरे कैसे यह पहचानेंगे कि कार की पिछली सीट पर कोई नाबालिग बैठा है या नहीं?’ और क्या पुलिस को गाड़ियों को रोककर अंदर बैठे लोगों की उम्र चेक करनी होगी? इस मुद्दे पर सवाल उठाए गए हैं कि क्या नए नियम को लागू करने में चुनौतियाँ आएंगी। कुछ का मानना है कि इस तरह के नियम केवल बड़े शहरों में लागू करना आसान होगा, लेकिन छोटे शहरों और गाँवों में यह लागू करना एक बड़ी चुनौती हो सकती है।

    ‘मेरिट और डिमेरिट’ पॉइंट सिस्टम का असर

    इस नए प्रस्ताव के तहत सरकार ‘मेरिट और डिमेरिट पॉइंट सिस्टम’ को लागू करेगी, जिसके तहत ड्राइवरों को पॉजिटिव और नेगेटिव दोनों तरह के पॉइंट्स मिलेंगे। अगर किसी ड्राइवर के पास नेगेटिव पॉइंट्स की संख्या निर्धारित सीमा से अधिक हो जाती है, तो उनका ड्राइविंग लाइसेंस रद्द भी किया जा सकता है। इसका मतलब है कि अगर आप बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं, तो आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस रखने का अधिकार नहीं रहेगा। यह एक सख्त सजा हो सकती है।

    इंश्योरेंस प्रीमियम से जुड़ा ड्राइवरों का व्यवहार

    इसके अलावा, मंत्रालय ने ड्राइवरों के व्यवहार को इंश्योरेंस प्रीमियम से जोड़ने का प्रस्ताव भी रखा है। इसका मतलब यह है कि जो ड्राइवर सुरक्षित तरीके से गाड़ी चलाएंगे, उन्हें इंश्योरेंस प्रीमियम में छूट मिल सकती है। यह उन ड्राइवरों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन हो सकता है जो नियमों का पालन करते हैं और सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार हैं।

    लाइसेंस रिन्यूअल और ड्राइविंग टेस्ट

    इसके अलावा, सरकार ने यह भी प्रस्ताव किया है कि यदि किसी ड्राइवर ने ट्रैफिक नियम तोड़े हैं, तो उसे लाइसेंस रिन्यू कराने से पहले एक ड्राइविंग टेस्ट देना होगा। यह नियम उन ड्राइवरों पर लागू होगा जिनके लाइसेंस की अवधि समाप्त हो रही है। इसका मतलब है कि यदि आपने पहले नियमों का उल्लंघन किया है, तो आपको दोबारा यह साबित करना होगा कि आप एक सुरक्षित और जिम्मेदार ड्राइवर हैं।

    सड़क सुरक्षा पर सरकार का फोकस

    इन सभी प्रस्तावित बदलावों का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना और सड़क पर दुर्घटनाओं को कम करना है। सरकार चाहती है कि हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझे और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखें। सड़क सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है और इसके लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं ताकि सड़कें और सुरक्षित बन सकें।

    नियमों को लागू करने में चुनौतियाँ

    अंत में, इन नए नियमों से सड़क पर सुरक्षा बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, इन्हें लागू करने में कई चुनौतियाँ हो सकती हैं, और इन नियमों के सफल कार्यान्वयन के लिए सरकार को हर स्तर पर कार्रवाई करनी होगी। सड़क सुरक्षा के प्रति यह कदम एक सकारात्मक दिशा में बढ़ता हुआ प्रयास है, जो आने वाले समय में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मदद करेगा।

  • भारत में Hackers की कोई कमी नहींˈ है, आप भी देखें महिला के जुगाड़ का Video

    भारत में Hackers की कोई कमी नहींˈ है, आप भी देखें महिला के जुगाड़ का Video

    हमारे देश में जुगाड़ करने वाले लोगों की कमी नहीं है और ये बात हमें सोशल मीडिया बताता है क्योंकि यहां पर ऐसे तमाम वीडियो वायरल होते रहते हैं जिसमें जुगाड़ देखने को मिलते रहते हैं। अभी भी एक वीडियो वायरल हो रहा है।

    भारत में Hackers की कोई कमी नहींˈ है, आप भी देखें महिला के जुगाड़ का Video

    आज के समय में लोग अपने काम से समय निकालकर या फिर काम खत्म होने के बाद ही सही मगर सोशल मीडिया की गलियों में घूमने निकल जाते हैं। हर दिन सोशल मीडिया पर खूब सारे वीडियो पोस्ट होते हैं जिन्हें देखकर लोग अपना मनोरंजन करते हैं और आप भी जरूर ऐसा करते होंगे। हर दिन सोशल मीडिया पर खूब सारे वीडियो वायरल भी होते हैं जो आपकी फीड पर भी आते होंगे। अभी भी एक वीडियो वायरल हो रहा है जो जुगाड़ का है। आइए फिर आपको बताते हैं कि वीडियो में ऐसा क्या जुगाड़ देखने को मिला।

    महिला का जुगाड़ हुआ वायरल

    अभी जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें नजर आता है कि महिला प्रेस के तार को पहले तो उसके चारों तरफ लपेटती है। यह आमतौर पर हर कोई करता है। प्रेस का यूज करने के बाद उसके तार को इसी तरह लपेटकर लोग रख देते हैं मगर महिला उन तारों को सही से रखने का ही जुगाड़ वीडियो में बताती है। वो टूथपेस्ट के ट्यूब के नीचे से थोड़ा सा काट देती है। इसके बाद वो प्रेस के तार को उसके हैंडल से लपेटती है और फिर उस ट्यूब को उसके ऊपर रखकर उससे लॉक कर देती है। इसी जुगाड़ के कारण वीडियो वायरल हो रहा है।

    यहां देखें वायरल वीडियो

    आपने अभी जो वीडियो देखा उसे एक्स प्लेटफॉर्म पर @HasnaZaruriHai नाम के अकाउंट से पोस्ट किया गया है। खबर लिखे जाने तक वीडियो को ढाई लाख से अधिक लोगों ने देख लिया है। वीडियो देखने के बाद लोगों ने रिएक्ट भी किया है। एक यूजर ने लिखा- इससे अच्छा एक क्लिप से बांध देती। दूसरे यूजर ने लिखा- अच्छा भी लग रहा है देखने में। तीसरे यूजर ने लिखा- भारत में जुगाड़ की कमी नहीं है, सब कुछ जुगाड़ से चलता है।