Author: me.sumitji@gmail.com

  • कुंवारों को अगर ऐसे सपने आएं तोˈ समझ लीजिये कि जल्द होने वाली है उनकी शादीˌ

    कुंवारों को अगर ऐसे सपने आएं तोˈ समझ लीजिये कि जल्द होने वाली है उनकी शादीˌ

    कुंवारों को अगर ऐसे सपने आएं तोˈ समझ लीजिये कि जल्द होने वाली है उनकी शादीˌ

    इसमें कोई दोराय नहीं कि शादी का दिन लड़का और लड़की दोनों के लिए बेहद खास होती है और यही वजह है कि शादी होने से कुछ दिन पहले लड़का और लड़की दोनों के मन में कई तरह के विचार आते जाते रहते है। हालांकि जो लोग कुंवारे होते है उनके मन में भी अपने पार्टनर को लेकर कुछ न कुछ इच्छाएं तो जरूर होती है, लेकिन बहुत कम लोग ऐसे होते है जिन्हे अपनी पसंद का जीवनसाथी मिल पाता है। वैसे आपको बता दे कि अगर कुंवारों को ऐसे सपने आएं तो इसका मतलब ये है कि उनकी जल्दी ही शादी होने वाली है। तो चलिए आपको भी इन सपनों के बारे में विस्तार से बताते है, क्यूकि अगर आपकी भी शादी नहीं हुई और आपको भी ये सपने आते है, तो ये जानकारी आपके लिए काफी दिलचस्प रहेगी।

    अगर कुंवारों को ऐसे सपने आएं तो समझे बजने वाली है शादी की शहनाई :

    सपने में शहद दिखना : बता दे कि सपने में शहद का दिखना काफी शुभ माना जाता है। मगर फिर भी यदि लड़की और लड़का दोनों सपने में खुद को शहद खाते हुए देखे, तो इसका मतलब ये है कि उनकी शादी जल्दी ही होने वाली है।

    सपने में मोर पंख दिखना : गौरतलब है कि अगर आपकी शादी होने में कई रुकावटें सामने आ रही है और आपका रिश्ता तय नहीं हो पा रहा है, तो ऐसे में आपको घबराने की जरूरत नहीं है। वही ऐसी स्थिति में जिन लोगों को सपने में लहराते हुए मोर पंख दिखाई दे, तो इसका मतलब ये है कि अब उनकी शादी जल्दी ही हो जाएगी।

    इन सपनों का दिखना होता है बेहद शुभ :

    सपने में खुद को डांस करते देखना : आपको जान कर हैरानी होगी कि अगर आप सपने में खुद को डांस करते हुए देखते है, तो इसका मतलब ये है कि शादी के बाद आपका वैवाहिक जीवन काफी खुशहाल रहेगा। जी हां इसका मतलब ये है कि शादी के बाद अगर आपके जीवन में कुछ समस्या होगी तो आप और आपका लाइफ पार्टनर उन सभी समस्याओं को आसानी से हल कर लेंगे।

    सपने में फूलों का दिखना : अब यूँ तो हर किसी के मन में अपने जीवनसाथी को लेकर बहुत सी इच्छाएं होती है, लेकिन हर किसी को अपनी पसंद का जीवनसाथी मिले, ये जरूरी नहीं। फिर भी स्वप्नशास्त्र के अनुसार जिन लोगों को सपने में रंग बिरंगे फूल और हरियाली से भरे बाग़ दिखाई दे, तो इसका मतलब ये है कि आपको अपनी पसंद का जीवनसाथी मिलेगा।

    शादी होने का शुभ संकेत देते है ये सपने :

    सपने में इंद्रधनुष दिखना : वही जिन लोगों को सपने में इंद्रधनुष दिखाई दे, तो ये सपना इस तरह संकेत करता है कि आपकी शादी से जुडी सभी इच्छाएं पूरी हो जाएँगी।

    सपने में सोने की चीज गिफ्ट में मिलना : बता दे कि जो लोग सपने में किसी के द्वारा खुद को सोने की कोई चीज गिफ्ट करते हुए देखे तो इसका मतलब ये है कि उसका जीवनसाथी काफी अमीर होगा। जी हां इसका मतलब ये है कि शादी के बाद आपको किसी भी चीज की कमी नहीं होगी और आपकी जिंदगी एकदम खुशहाल होगी। यानि अगर कुंवारों को ऐसे सपने आएं तो समझ लीजिये कि जल्दी ही आपके जीवन में शादी की शहनाई बजने वाली है।

  • कभी भूखे पेट सोते थे ये एक्टर्सˈ कोई बेचता था अखबार तो कोई बना बस कंडक्टरˌ

    कभी भूखे पेट सोते थे ये एक्टर्सˈ कोई बेचता था अखबार तो कोई बना बस कंडक्टरˌ

    कभी भूखे पेट सोते थे ये एक्टर्सˈ कोई बेचता था अखबार तो कोई बना बस कंडक्टरˌ

    Actors: मुंबई को मायानगरी सिर्फ़ इसलिए नहीं कहा जाता कि यह भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा औद्योगिक शहर है, बल्कि इसलिए भी कहा जाता है क्योंकि यहाँ आने वाले ज़्यादातर लोग बड़े सपने लेकर आते हैं. इस जगह की चमक-दमक और ग्लैमर देखकर लोग उनमें से एक बनना चाहते हैं.

    80 के दशक में एक लड़का कुछ करने के इरादे से यहां आया था, लेकिन उसका लक्ष्य तय नहीं था. तो इस बीच आइए जानें कौन हैं वो एक्टर्स (Actors) किसी ने अखबार बेचा, कोई भूखा सोया तो कोई बस कंडक्टर बना?

    कभी भूखे पेट सोते थे ये Actor

    हम बात कर रहे हैं राजीव भाटिया की, जिन्हें लोग अक्षय कुमार के नाम से जानते हैं। अक्षय कुमार को फिल्म इंडस्ट्री में ‘खिलाड़ी कुमार’ के नाम से भी जाना जाता है. अक्षय कुमार एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं और उनके पिता ने इधर-उधर से पैसे इकट्ठा करके उन्हें बैंकॉक भेजा था। यहाँ गुज़ारा करने के लिए अक्षय ने एक होटल में वेटर का काम किया और वह उसी होटल के सर्वेंट क्वार्टर में कुछ लड़कों के साथ रहते थे.

    एएनआई को दिए इंटरव्यू में एक्टर (Actors) अक्षय ने बताया था कि वह दिल्ली के चांदनी चौक में एक कमरे में 24 लोगों के साथ रहते थे. इस इंटरव्यू में अक्षय ने यह भी बताया कि कभी-कभी उन्हें भूखे पेट भी सोना पड़ता था।

    इन्होनें अखबार बेचकर हासिल की मंजिल

    सबसे लोकप्रिय एक्टर (Actors) रवि किशन जिन्होंने न केवल भोजपुरी में बल्कि बॉलीवुड और साउथ सिनेमा में भी अपनी पहचान बनाई है।रवि किशन जब संघर्ष कर रहे थे, तब वह घर-घर जाकर अखबार बेचा करते थे।

    इससे वह अपने परिवार को आर्थिक मदद दे पाए। आज रवि किशन करोड़पति हैं और फिल्मों के लिए लाखों रुपये चार्ज करते हैं। रवि किशन ने हिंदी फिल्म ‘गिरफ्त’ (1992) से डेब्यू किया था, जबकि उनकी पहली भोजपुरी फिल्म ‘सइयां हमार’ (2003) थी।

    ये महान हीरो थे बस कंडक्टर

    एक्टर (Actors) सुनील दत्त ने सिनेमा को पांच दशक दिए हैं और 80 से ज़्यादा फ़िल्मों में अपने शानदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीता है। जब वे फ़िल्मों में आए तो उन्होंने अपनी दिलकश अदाओं से बड़े पर्दे पर एक अलग छाप छोड़ी। उनका अंदाज़ ही कुछ अलग था। उनका आकर्षक व्यक्तित्व और शानदार अभिनय सोने पर सुहागा जैसा था। लेकिन शायद आपको पता न हो कि फिल्मों में स्टारडम पाने से पहले उन्होंने पैसों के लिए कई छोटे-मोटे काम भी किए थे.

    वह बस कंडक्टर भी रह चुके थे। पिता की मृत्यु के बाद, वह अपनी माँ के साथ पाकिस्तान से लखनऊ आए और फिर मुंबई आ गए। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने छोटे-मोटे काम करके पैसे कमाए। एक बार उन्होंने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था।

  • ट्रेन में फंसाई दुल्हन, 1 लाख मेंˈ किया सौदा और… बनारस में दूल्हे के साथ मिलकर अल्ताफ कर गया कांडˌ

    ट्रेन में फंसाई दुल्हन, 1 लाख मेंˈ किया सौदा और… बनारस में दूल्हे के साथ मिलकर अल्ताफ कर गया कांडˌ

    ट्रेन में फंसाई दुल्हन, 1 लाख मेंˈ किया सौदा और… बनारस में दूल्हे के साथ मिलकर अल्ताफ कर गया कांडˌ

    Varanasi News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक युवती को शादी के लिए 1 लाख रुपये में बेचने का मामला सामने आया है. युवती ने अल्ताफ नामक शख्स पर शादी के लिए बेचने का आरोप लगाया है. मामले में तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है. .

    पीड़िता ने बताया कि उसे शादी के लिए कोर्ट ले जाने की कोशिश की गई, किसी तरह युवती थाने पहुंची और पुलिस को तहरीर दी. पीड़िता नेहा (बदला हुआ नाम) ने बताया- मैं अपनी दीदी के घर जाने के लिए निकली थी. मुझे ट्रेन में अल्ताफ र मिला. उसने मुझसे बातचीत शुरू की. फिर हमारे बीच दोस्ती हो गई.

    नेहा ने बताया- बातचीत के दौरान अल्ताफ ने मुझे कहा कि मेरे साथ फर्रुखाबाद चलो. मैं भी उसकी बातों में आ गई. फिर हम आगरा उतर गए. लेकिन आगरा से कोई गाड़ी नहीं मिली तो अल्ताफ के साथ मैं कायमगंज जाने के लिए मैनपुरी आ गई, मैनपुरी में अल्ताफ रिश्तेदार के यहां जाने की बात कहकर मुझे लेकर उतर गया. वहां से वह मुझे करहल थाना क्षेत्र ले आया. जहां वो हृदेश नाम के लड़के से शादी की बात करने लगा.

    हृदेश का रिश्तेदार रामनिवास पाल निवासी शहादतपुर भी शादी की बात करने का दबाव बनाने लगा. ये तीनों मुझे कोर्ट में शादी कराने के लिए करहल तहसील ले आए. पीड़िता का कहना है कि वह शादी नहीं करना चाहती. इसलिए उसने शादी का विरोध किया. तब रामनिवास पाल ने कहा कि अल्ताफ एक लाख रुपये में तुम्हें बेचा है. युवती किसी तरह वहां से उन्हें चकमा देकर भाग निकली. फिर सीधे थाने पहुंची.

    युवती का करवाया मेडिकल

    पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर आरोपी अल्ताफ, रामनिवास पाल और हृदेश के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है. तीनों आरोपी फिलहाल फरार हैं. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है. अभी तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है. पुलिस ने कहा कि जल्द ही आरोपी गिरफ्त में होंगे. पीड़िता का भी मेडिकल कराया जा रहा है. उसे मेडिकल के बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा.

  • पत्नी के कपड़े पहनता था पति पहलेˈ समझी मजाक. फिर करवाते दिखा कुछ ऐसा हुई बेहोशˌ

    पत्नी के कपड़े पहनता था पति पहलेˈ समझी मजाक. फिर करवाते दिखा कुछ ऐसा हुई बेहोशˌ

    पत्नी के कपड़े पहनता था पति पहलेˈ समझी मजाक. फिर करवाते दिखा कुछ ऐसा हुई बेहोशˌ

    गाजियाबादः उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक हैरान और परेशान करने वाला मामला सामने आया. जहां शादी के 11 साल बाद महिला ने पति से तलाक मांगा है. महिला का मैकेनिकल इंजीनियर पति अब अपना जेंडर चेंज कर महिला बनना चाहता है. यहां तक कि पति ने मेडिसिन लेना भी शुरू कर दिया है. वह महिलाओं की तरह श्रृंगार करता है, साड़ी पहनता है. इतना ही नहीं उसने आधार कार्ड में भी अपना नाम बदलवा लिया है. परिवार के लोगों समझाने पर भी जब वह नहीं माना तो पत्नी ने तलाक मांगा.

    जब बात आगे बड़ी तो पति-पत्नी ने आपसी सहमति होने पर परिवार न्यायालय में तलाक के लिए अर्जी दी है. इसी महीने फैमिली कोर्ट दोनों की तलाक की अर्जी पर फैसला करेगी. इंजीनियर ने समझौते के तहत पत्नी को 18 लाख रुपए भी दे दिए हैं. इस मामले में वकील शबनम खान ने बताया कि कोर्ट में वाद दायर है. इस दौरान जब मैंने महिला से बात की तो उन्होंने बताया कि पहले दिन यह देखकर मुझे लगा कि शायद मेरे पति ने हंसी मजाक में ऐसा किया होगा.

    मगर वह रोज ही साड़ी पहनने लगा और मेकअप करने लगा. तब मैंने उससे ऐसा करने के पीछे कारण पूछा, इस पर मेरे पति ने जवाब दिया कि वह रोज ही साड़ी पहनेगा क्योंकि उसे महिला बनना है. इस पर मैं शॉक हो गई. मैंने उसे समझाया, मगर वह नहीं माना. घरवालों से बोला-मुझे पुरुष नहीं औरत समझा जाए इसके बाद मैंने घरवालों को यह बात बताई. घर वालों ने भी समझाया, मगर वह नहीं माने और बोला-मुझे पुरुष नहीं औरत समझा जाए. पति ने जब किसी की नहीं सुनी तो उसने तलाक लेने का फैसला किया.

    पहले तो उसका पति तलाक के लिए राजी नहीं हुआ, मगर बाद में वह तैयार हो गया. दोनों ने कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी दी है. इसी महीने फैमिली कोर्ट दोनों की तलाक की अर्जी पर फैसला करेगी. आपको बता दें, दोनों की शादी 2013 में हुई थी. उसका पति मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता है. दोनों का शादी के चार साल बाद 2017 में बेटा हुआ. 2021 तक दोनों का वैवाहिक जीवन ठीक चल रहा था. जब वह बैंगलुरु से लौटा तो उसका व्यवहार बदल गया.

  • बांग्लादेश के लिए क्रिकेट खेलते हैं येˈ 5 हिंदू क्रिकेटर्स, लिस्ट में शिव भक्त भी शामिल

    बांग्लादेश के लिए क्रिकेट खेलते हैं येˈ 5 हिंदू क्रिकेटर्स, लिस्ट में शिव भक्त भी शामिल

    बांग्लादेश के लिए क्रिकेट खेलते हैं येˈ 5 हिंदू क्रिकेटर्स, लिस्ट में शिव भक्त भी शामिल

    जानते हैं उन 5 हिंदू क्रिकेटर्स के बारे में, जो कि बांग्लादेश (Hindu Cricketers) के लिए खेलते हैं.

    1. लिटन दास (Litton Das)

    आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए बांग्लादेश क्रिकेट की कप्तानी हिंदू क्रिकेटर लिटन दास को दी गई थी. लिटन एक बांगाली हिंदू क्रिकेटर (Hindu Cricketers) हैं, जो कि तीनों फॉर्मेट में बल्लेबाज और विकेटकीपर के रूप में खेलते हैं. लिटन दास अब तक बांग्लादेश के लिए 50 से ज्यादा टेस्ट, 90 से ज्यादा वनडे और 100 से ज्यादा टी-20 मुकाबले खेल चुके हैं. उन्होंने साल 2019 में हिंदू रीति-रिवाजों से संचिता से शादी रचाई थी.

    2. सौम्या सरकार (Soumya Sarkar)

    बांग्लादेश के सलामी बल्लेबाज सौम्य सरकार लिटन दास (Hindu Cricketers) की तरह बंगाली-हिंदू क्रिकेटर हैं, जो कि हर फॉर्मेट में अपना करिश्मा बिखेर चुके हैं. सौम्य सरकार ने अपने करियर में बांग्लादेश के लिए अहम पारियां खेली हैं. उन्होंने अब तक बांग्लादेश क्रिकेट के लिए 16 टेस्ट, 79 वनडे और 87 टी20i मुकाबले खेले हैं. वहीं, बांग्लादेशी क्रिकेटर सौम्य सरकार ने प्रियोन्ती देबनाथ पूजा (Priyontee Debnath Puja) से 27 फरवरी 2020 को शादी की थी.

    3. आलोक कपाली (Alok Kapali) 

    आलोक कपाली एक बांग्लादेशी क्रिकेटर (Hindu Cricketers) हैं, जो कि एक बेस्ट ऑलराउंडर है. आलोक बांग्लादेश के लिए निचले क्रम में बल्लेबाजी और लेग स्पिन गेंदबाजी करते हैं. उनका जन्म एक हिंदू परिवार में हुआ था. बता दें कि आलोक कपाली ने एकमात्र शतक भारत के खिलाफ वनडे फॉर्मेट में जड़ा था. इसके बाद वह बागी क्रिकेट लीग ICL (इंडियन क्रिकेट लीग) के साथ जुड़ गए. जिसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने उनपर बैन भी लगाया.

    4. तपश बैस्य (Tapash Baisya)

    तपश बैश्य एक पूर्व बांग्लादेशी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं. जिन्होंने ने टेस्ट और वनडे में बांग्लादेश में प्रतिनिधित्व किया था. हालांकि, कभी भी उन्होंने खुलकर हिंदू धर्म को नहीं अपनाया. लेकिन उनकी पृष्ठभूमि को अक्सर हिंदू समुदाय से जोड़ा गया है. बता दें कि तपशय बैस्य 2000 दशक में अपनी टीम के प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज थे.

    5. धिमन घोष (Dhiman Ghosh)

    लिस्ट में पांचवा और आखिरी नंबर पर बांग्लादेश के क्रिकेटर धिमन घोष का नाम शामिल है. हालांकि, उनका करियर बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज बेहद छोटा रहा. गौरतलब है कि धिमन घोष ने 2008 में बांग्लादेश के लिए 14 वनडे और एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला. जिसमें उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था.

  • सफ़ेद बालो को काला करने का शर्तियाँˈ अचूक रामबाण उपाय, यक़ीन कीजिए डाई करना भूल जाओगे आप

    सफ़ेद बालो को काला करने का शर्तियाँˈ अचूक रामबाण उपाय, यक़ीन कीजिए डाई करना भूल जाओगे आप

    सफ़ेद बालो को काला करने का शर्तियाँˈ अचूक रामबाण उपाय, यक़ीन कीजिए डाई करना भूल जाओगे आप

    आजकल कम उम्र में ही बालों का सफेद होना एक आम समस्या बन गई है। गलत खान-पान, तनाव, प्रदूषण और शरीर में पोषक तत्वों की कमी के कारण बाल जल्दी सफेद होने लगते हैं। कई लोग बालों को काला करने के लिए बार-बार केमिकल डाई का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इससे बाल और ज्यादा कमजोर हो जाते हैं।

    अगर आप प्राकृतिक तरीके से बालों को काला करना चाहते हैं, तो कुछ घरेलू नुस्खे बेहद फायदेमंद साबित हो सकते हैं। पुराने समय से ही आयुर्वेद में आंवला और कढ़ी पत्ते को बालों के लिए बेहद लाभकारी माना गया है। इनका सही तरीके से उपयोग करने से बालों को पोषण मिलता है और धीरे-धीरे सफेद बाल काले होने लगते हैं।

    सबसे पहले कढ़ी पत्ते का तेल तैयार किया जा सकता है। इसके लिए कढ़ी पत्तों का एक गुच्छा लेकर उसे अच्छी तरह धो लें और धूप में सुखा लें, जब तक कि पत्ते पूरी तरह सूखकर सख्त न हो जाएं। इसके बाद इन पत्तों को पीसकर पाउडर बना लें। अब लगभग 200 मिली नारियल तेल या जैतून के तेल में 4 चम्मच कढ़ी पत्ते का पाउडर मिलाकर हल्की आंच पर उबाल लें।

    लगभग 2 मिनट बाद गैस बंद कर दें और तेल को ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद इसे छानकर किसी साफ एयरटाइट बोतल में भरकर रख लें। इस तेल को सप्ताह में 1 या 2 बार सिर पर लगाएं और हल्के हाथों से मसाज करें। बाल धोने से लगभग 40 मिनट पहले इस तेल का इस्तेमाल करें। नियमित उपयोग से बालों को मजबूती मिलती है और सफेद बाल धीरे-धीरे काले होने लगते हैं।

    आंवला भी बालों के लिए एक प्राकृतिक टॉनिक माना जाता है। पहले के समय में महिलाएं आंवले का इस्तेमाल बालों को काला और घना बनाने के लिए करती थीं। आंवला तेल बनाने के लिए ताजे आंवले लेकर उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें और उनका बारीक पेस्ट बना लें। चाहें तो इसमें थोड़ा सा गुलाब जल भी मिला सकते हैं।

    अब इस पेस्ट को अपने सामान्य हेयर ऑयल में मिलाकर किसी बर्तन में अच्छी तरह बंद करके रख दें। लगभग एक सप्ताह में आंवले के गुण तेल में अच्छी तरह मिल जाएंगे। इसके बाद इस तेल को छानकर किसी साफ बोतल में भर लें।

    इस तेल का इस्तेमाल रात को सोने से पहले करना ज्यादा फायदेमंद होता है। तेल को हल्का गुनगुना करके सिर में लगाएं और अच्छे से मसाज करें। सुबह उठकर बालों को शैंपू से धो लें। अगर इस प्रक्रिया को रोज या हर दूसरे दिन किया जाए तो कुछ ही समय में बालों की चमक बढ़ती है और सफेद बालों की समस्या धीरे-धीरे कम होने लगती है।

    इसके अलावा खान-पान का भी बालों पर काफी असर पड़ता है। अगर आप चाहते हैं कि बाल लंबे समय तक काले और मजबूत रहें, तो अपने भोजन में कढ़ी पत्ता जरूर शामिल करें। साथ ही ज्यादा तनाव लेने से भी बचें, क्योंकि तनाव बालों को जल्दी सफेद कर सकता है। आयुर्वेद के अनुसार सुबह खाली पेट और रात को सोने से पहले एक चम्मच त्रिफला चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लेने से भी शरीर को फायदा मिलता है और बालों के स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है।

    अगर इन प्राकृतिक उपायों को नियमित रूप से अपनाया जाए, तो धीरे-धीरे बालों की सेहत में सुधार दिखाई देने लगता है और बार-बार डाई करने की जरूरत भी कम हो सकती है।

  • जुड़वा बहनों और जुड़वा भाइयों ने आपसˈ में रचाई शादी, बच्चे पैदा हुआ तो दिखी ये अनोखी चीजˌ

    जुड़वा बहनों और जुड़वा भाइयों ने आपसˈ में रचाई शादी, बच्चे पैदा हुआ तो दिखी ये अनोखी चीजˌ

    जुड़वा लोगों (Twins) को देखने में बड़ा मजा आता है। इन जुड़वाओं से जुड़ी कई तरह की अनोखी खबरें भी आए दिन सामने आती रहती है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी जुड़वा फैमिली से मिलाने जा रहे हैं जिसे देख आपका भी सिर चकरा जाएगा।

    जुड़वा बहनों और जुड़वा भाइयों ने आपसˈ में रचाई शादी, बच्चे पैदा हुआ तो दिखी ये अनोखी चीजˌ

    इस परिवार में दो जुड़वा बहने हैं। दोनों ने दो जुड़वा भाइयों से शादी रचाई है। अब जब इन दोनों बहनों को अलग-अलग बच्चे हुए तो दोनों की शक्लें भी एक जैसी है। इन बच्चों को देख लोग इन्हें भी जुड़वा समझ लेते हैं। वैसे टेक्निकली देखा जाए तो उन्हें जुड़वा कहा भी जा सकता है। यदि आप हमारी बातों से कन्फ्यूज हो रहे हैं तो टेंशन न लें। हम आपको इस जुड़वा परिवार के बारे में और विस्तार से बताते हैं।

    जुड़वा बहनों ने की जुड़वा भाइयों से शादी

    34 साल की ब्रिटनी और ब्रियाना (Brittany and Briana) जुड़वा बहनें हैं। वे अमेरिका (America) के वर्जीनिया की रहने वाली हैं। दोनों की शक्लों के अलावा पसंद और नापसंद भी एक जैसी है। दोनों वर्तमान में एक ही लॉ फार्म में बतौर वकील काम करती हैं।

    ब्रिटनी और ब्रियाना साल 2018 में ट्विंसबर्ग के एक Twin Fair (जुड़वा लोगों का मेला) में गई थीं। इस मेले में देश-विदेश से जुड़वा लोग आए थे। इसी दौरान उन्हें मेले में अपने जुड़वा लाइफ पार्टनर भी मिल गए। मेले में जुड़वा बहनों की मुलाकात जुड़वा भाइयों  जोश और जेर्मी (Josh and Jeremy) से हुई। जोश और जेर्मी की शक्लें भी हूबहू एक दूसरे से मिलती है।

    दोनों बहनों के बच्चे भी दिखते हैं एक जैसे

    इन जुड़वा बहनों को ये जुड़वा भाई पसंद आ गए। बस फिर क्या था चारों ने आपस में शादी रचा ली। अब दिलचस्प बात ये है कि शादी के बाद चारों एक ही घर में रहते हैं। शादी के बाद जोश और ब्रिटनी के बीते वर्ष जनवरी में एक बच्चा हुआ। फिर अप्रैल में जेर्मी और ब्रियाना के घर एक बेबी हुआ। इन दोनों के बच्चों की शक्ल एक दूसरे से बहुत मिलती है। लोग इन बच्चों को जुड़वा भाई तक समझ लेते हैं।

    इस परिवार के नए बच्चे जेनेटिक्ली एक जैसे ही हैं। परिवार का कहना है कि आगे भविष्य में भी वह सारी प्लानिंग एक साथ ही करेंगे। मतलब ये भी संभव है कि इनके बच्चे आगे चलकर किसी और जुड़वा बहनों से शादी कर लें। फिर इस परिवार में हर तरफ जुड़वा ही जुड़वा नजर आएंगे। ये सुनने और देखने दोनों में बड़ा दिलचस्प लगता है।

    सोशल मीडिया पर लोग इस जुड़वा परिवार को देख हैरान है। इस परिवार को निजी तौर पर जानने वाले लोग भी इतने जुड़वा लोगों को एक ही घर में एक साथ देखकर दंग रह जाते हैं।

  • सांप के ज़हर का सबसे बड़ा दुश्मनˈ है ये पौधा 10 मिनट में कर देता है ज़हर का खात्माˌ

    सांप के ज़हर का सबसे बड़ा दुश्मनˈ है ये पौधा 10 मिनट में कर देता है ज़हर का खात्माˌ

    सांप के ज़हर का सबसे बड़ा दुश्मनˈ है ये पौधा 10 मिनट में कर देता है ज़हर का खात्माˌ

    आपने अपने आसपास ऐसा बहुत बार देखा हुआ कि जब किसी व्यक्ति को किसी जहरीले सांप ने काट लिया होता है। तब हम उसका इलाज कराने के लिए सीधे हॉस्पिटल ले जाते हैं ।लेकिन कभी-कभी हॉस्पिटल ले जाने से पहले ही व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है।इसीलिए आज हम आपको एक ऐसे पौधे के बारे में बताने जा रही हैं अगर आप उस पौधे का रस सांप के काटने वाले स्थान पर लगाएंगे ।

    तो सांप का जहर पहले से बहुत कम हो जाएगा और फिर आप उस व्यक्ति का इलाज आसानी से करा सकते हैं।

    हम जिस पौधे के बारे में बात करने जा रहे हैं उस पौधे का नाम ककोड़ा है। यह पौधा आपको अपने घर के आस-पास आसानी से मिल जाएगा ।अगर आपके आसपास किसी को भी जहरीले सांप ने काट लिया है । तो आपको सिर्फ इस पौधे के फल का रस सांप के काटने वाले स्थान पर लगाना है। ऐसा करने से सांप का विष कुछ हद तक कम हो जाएगा।

    द्रोणपुष्पी- दोस्तों इस पौधे को लगभग सभी लोग जानते होगे। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे गुम्मा भी कहा जाता है। यह लगभग सभी क्षेत्रों में मिल जाता है और एक प्रकार का खरपतवार है। अगर किसी को सांप काट लें तो द्रोणपुष्पी का सवरस निकाल कर रोगी को पिला देने से रोगी का जहर सिर्फ दस मिनट में उतर जाता है। सबरस का मतलब होता है इसके सम्पूर्ण पौधे का रस। इसके अलावा भी मैं आपको और भी चीजे बताता हूँ जो सांप के जहर को उतार देतीं हैं।

    बिना बुझा चूना – अगर किसी व्यक्ति को सांप काट लेता है तो ,सबसे पहले उस स्थान पर एक प्लस के आकार का कट लगा दे। उसके बाद बिना बुझे हुए चूने को बारीक पीस कर उस स्थान पर लगा दें और उसपर एक से दो बूद पानी दाल दें। ऐसा करने से चूना सांप के जहर को खींच लेता है और रोगी ठीक हो जाता है।

    मोर पंख – कितना भी जहरीला सांप काट ले इसके लिए मोर पंख बहुत ही रामबाण उपाय हैं। आपको करना क्या है कि मोर के पंख के आँख वाले भाग को काट लें और उसे अच्छी तरह से पीस कर पानी के साथ पिलाने से सांप का जहर खत्म हो जाता है।

  • गधे से सीख लो ये 3 बातें,ˈ हर फील्ड में सफलता कदम चूमेगी! चाणक्य नीति का वो रहस्य जो बदल देगा आपकी ज़िंदगीˌ

    गधे से सीख लो ये 3 बातें,ˈ हर फील्ड में सफलता कदम चूमेगी! चाणक्य नीति का वो रहस्य जो बदल देगा आपकी ज़िंदगीˌ

    गधे से सीख लो ये 3 बातें,ˈ हर फील्ड में सफलता कदम चूमेगी! चाणक्य नीति का वो रहस्य जो बदल देगा आपकी ज़िंदगीˌ

    आचार्य चाणक्य, जिन्होंने अपनी नीतियों से एक साधारण चंद्रगुप्त मौर्य को सम्राट बनाया और भारत को एक सूत्र में पिरोया, उनका नाम आज भी सफलता और कूटनीति का पर्याय है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आचार्य चाणक्य ने अपनी एक नीति में एक ऐसे जानवर का ज़िक्र किया है, जिसके 3 गुण अपनाकर आप किसी भी क्षेत्र में कामयाबी हासिल कर सकते हैं?

    जी हाँ, हम बात कर रहे हैं गधे की! सुनकर शायद आपको अजीब लगे, लेकिन चाणक्य के अनुसार, गधे में कुछ ऐसे अद्भुत गुण होते हैं जो हमें सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ने में मदद कर सकते हैं।

    चाणक्य नीति का वो श्लोक और उसका गहरा अर्थ

    आचार्य चाणक्य ने अपने एक श्लोक में गधे के इन गुणों का वर्णन किया है:

    सुश्रान्तोऽपि वहेद् भारं शीतोष्णं न पश्यति। सन्तुष्टश्चरतो नित्यं त्रीणि शिक्षेच्च गर्दभात् ॥

    अर्थ: “आलस्य छोड़कर अपने लक्ष्य की ओर चलते रहना, सर्दी-गर्मी की परवाह किए बिना काम करते रहना और जो भी मिले उससे संतुष्ट हो जाना। गधे के ये 3 गुण जिसमें होते हैं उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।”

    आइए, जानते हैं क्या हैं ये 3 गुण और इन्हें कैसे अपनी ज़िंदगी में उतार सकते हैं:

    1. आलस्य छोड़ो, लक्ष्य की ओर बढ़ते रहो!

    चाणक्य कहते हैं कि अगर आपने कोई लक्ष्य तय कर लिया है, तो आलस्य को छोड़कर उसे पूरा करने में जुट जाएं। ठीक वैसे ही, जैसे एक गधा कितना भी भारी बोझ क्यों न ढो रहा हो, वह अपने तय स्थान पर पहुँचकर ही रुकता है। रास्ते में आने वाली समस्याओं के बारे में सोचने के बजाय, जो व्यक्ति सिर्फ अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर आगे बढ़ता है, वही अंत में सफल होता है। समस्याओं को किनारे कर, सिर्फ अपनी मंज़िल की तरफ़ देखें!

    2. परेशानियों की परवाह किए बिना काम करते रहें!

    जब आप किसी बड़े लक्ष्य को पाने के लिए प्रयास करते हैं, तो रास्ते में कई अड़चनें और परेशानियाँ आती हैं। लेकिन चाणक्य के अनुसार, उन परेशानियों पर ध्यान देने के बजाय, बस आगे बढ़ते रहें। जैसे गधा सर्दी-गर्मी या धूप-बारिश की परवाह किए बिना लगातार अपना काम करता रहता है, वैसे ही आपको भी हर मौसम और हर परिस्थिति में अपने काम में लगे रहना चाहिए। मौसम बदले, हालात बदले, पर आपका काम नहीं रुकना चाहिए!

    3. जो मिले, उसी में संतुष्ट होकर काम में जुट जाना!

    सफलता की राह में कई बार अभावों का सामना भी करना पड़ता है। कभी पैसे की तंगी होती है, तो कभी खाने-पीने की दिक्कत। ऐसी स्थिति में आचार्य चाणक्य सिखाते हैं कि जो भी मिले, जैसा भी मिले, उसी से संतुष्ट होकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहें। जैसे गधा जहाँ भी उसे थोड़ी-बहुत घास मिल जाती है, उसी को खाकर अपना काम करता रहता है, वैसे ही आपको भी छोटी चीज़ों में संतुष्टि ढूंढकर अपने बड़े लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। शिकायतें छोड़ें, जो है उसी से शुरुआत करें!

    अस्वीकरण: यह लेख धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है। हम इसकी शत-प्रतिशत सटीकता का दावा नहीं करते।

    क्या आप इन गुणों को अपनी ज़िंदगी में अपनाने के लिए तैयार हैं? हमें बताएं, इनमें से कौन सा गुण आपको सबसे ज़्यादा प्रेरित करता है!

  • कभी दुनिया भर में मशहूर था पाकिस्तानˈ का ये अखबार, छाप दी ऐसी खबर, हर जगह उड़ गया मजाकˌ

    कभी दुनिया भर में मशहूर था पाकिस्तानˈ का ये अखबार, छाप दी ऐसी खबर, हर जगह उड़ गया मजाकˌ

    कभी दुनिया भर में मशहूर था पाकिस्तानˈ का ये अखबार, छाप दी ऐसी खबर, हर जगह उड़ गया मजाकˌ

    इन दिनों दुनिया के हर कोने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अपनी धमक बना रहा है. इसमें कंटेंट भी पीछे नहीं है. देश-दुनिया के तमाम मीडिया चैनल्स भी अब इसका जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं. लेकिन चूंकि है ये मशीनी ज्ञान, ऐसे में इसके इस्तेमाल में भी सावधानी जरुरी है. खासकर जब मीडिया लोगों के साथ ज्ञान के साथ साथ चिंतन के विषय पर भी जानकारी देता है. ऐसे में जरुरी हो जाता है कि जानकारियां इंसानी समझ के साथ शेयर की जाए ना कि मशीनी ज्ञान के जरिये.

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का ऐसा इस्तेमाल पाकिस्तानी अखबार ने कर दिया कि अब उसकी हर जगह बदनामी हो रही है. अपने कंटेंट की वजह से पाकिस्तानी अखबार डॉन दुनियाभर में मशहूर है. लेकिन 12 नवंबर को इस अखबार में एक आर्टिकल छापा गया. उस आर्टिकल के नीचे ऐसी चीज लिखी थी, जिसके बाद ये अखबार ट्रोल हो गया. हर जगह उसका मजाक उड़ने लगा. कई लोगों ने तो यहां तक लिखा कि अब वो इस अख़बार को नहीं पढ़ेंगे. आखिर क्या है पूरा मामला?

    गलती से हो गया खुलासा
    सोशल मीडिया पर एक शख्स ने डॉन अख़बार के 12 नवंबर के एक आर्टिकल की क्लिप शेयर की. इस क्लिप में अख़बार के कारोबार सेक्शन में छपा एक आर्टिकल नजर आया. आर्टिकल में कई तरह की जानकारियां दी थी. लोगों ने उसे बड़े ध्यान से पढ़ा. लेकिन इसके आखिर में छप गया था आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस का लिखा गया प्रांप्ट. जी हां, इसे पढ़ते ही समझ आ गया कि इस नामी अख़बार ने एआई का इस्तेमाल कर आर्टिकल लिखा था और उसे ही छाप दिया. किसी बिजनेस जर्नलिस्ट के ओपिनियन इसमें शामिल नहीं थे.

    लिखी थी ऐसी बात
    इस आर्टिकल के आखिरी में चैटजीपीटी का रिमार्क था. इसमें लिखा था- यदि आप कहें तो मैं आपके लिए पूरे फ्रंट पेज स्टाइल में भी आर्टिकल बना सकता हूं.कुछ आंकड़े दे सकता हूं और पूरा लेआउट इंफोग्राफ में तैयार कर सकता हूं. इससे रीडर्स प्रभावित होंगे. क्या आप चाहते हैं कि मैं ऐसा कोई बदलाव करूं. इसे पढ़ते ही लोग अख़बार को ट्रोल करने लगे. डॉन अख़बार पाकिस्तान का सबसे पुराना अख़बार है. 1941 में ये सबसे पहले दिल्ली से लॉन्च हुआ था. लेकिन पार्टीशन के बाद इसकी प्रिंटिंग लाहौर से होने लगी. पहले ये साप्ताहिक था लेकिन बाद में इसे दैनिक बना दिया गया. इस नामी अख़बार की एक मिस्टेक ने इसे ट्रोल कर दिया है.