Author: me.sumitji@gmail.com

  • सौतेली मां को लेकर भाग गया बेटाˈ शादी भी की पिता का छलका दर्द बोले- मेरे सारे अरमान अधूरे रह गएˌ

    सौतेली मां को लेकर भाग गया बेटाˈ शादी भी की पिता का छलका दर्द बोले- मेरे सारे अरमान अधूरे रह गएˌ

    सौतेली मां को लेकर भाग गया बेटाˈ शादी भी की पिता का छलका दर्द बोले- मेरे सारे अरमान अधूरे रह गएˌ

    मां-बेटे का रिश्ता बेहद पवित्र होता है, मगर कुछ लोग इसे शर्मसार करने में भी परहेज नहीं करते. हरियाणा के नूंह से ऐसा ही एक मामला सामने आया है. यहां एक शख्स की बीवी की मौत हो गई तो उसने दूसरी शादी कर ली. लेकिन शख्स के होश तब फाख्ता हो गए, जब उसे पता चला कि नई बीवी को उसी का बेटा भगा ले गया है. पीड़ित ने थाने में जाकर तहरीर दी. पुलिस इस केस की जांच में जुटी है. उधर, पूरे गांव में इस लव स्टोरी की चर्चा हो रही है.

    जानकारी के मुताबिक, पहले बेटा अपनी सौतेली मां को कोर्ट लेकर गया. वहां दोनों ने कोर्ट मैरिज की. उसके बाद दोनों फरार हो गए. पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है, लेकिन पुलिस का कहना है कि दोनों बालिग हैं.

    पीड़ित ने बताया- मेरी पत्नी की मौत हो गई थी. पहली पत्नी की मौत के बाद मैंने दूसरी शादी की. फिर अपने नाबालिग बेटे के साथ घर में रहने लगा. इस दौरान नाबालिग बेटे और सौतेली मां में प्रेम संबंध बन गए. इसके बाद दोनों ने घर से भागकर शादी कर लेने का फैसला किया. और हमें इसकी भनक तक नहीं लगी. दोनों घर से गहनें और कई कीमती सामान लेकर फरार हो गए और कोर्ट में शादी कर ली.

    शख्स ने बताया कि उनका बेटा अपनी सौतेली मां के पैर छूता था, लेकिन पता नहीं कब दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गया और दोनों घर से फरार हो गए. पिता ने पुलिस को बताया कि दोनों घर से 30 हजार रुपए, गहने और कई कीमती सामान लेकर भागे हैं.

    मामले पर क्या बोली पुलिस?

    जब शख्स अपनी पत्नी और बेटे की शिकायत लेकर पहुंचा तो पुलिस को बताया कि बेटा नाबालिग है. ऐसे में दोनों की कोर्ट में हुई शादी गैरकानूनी है. हालांकि, पुलिस ने शख्स के दावे को खारिज करते हुए कहा कि दोनों कोर्ट में अपने बालिग होने के सबूत दिए हैं और अब दोनों की शादी हो गई है. पुलिस ने कहा है कि इस मामले की जांच की जाएगी.

  • गरीब के घर की डॉक्टर गिलोय सभीˈ बुखार/ज्वर से लेकर अस्थमा, बवासीर, मधुमेह तक 10 रोगों की चमत्कारी औषिधि

    गरीब के घर की डॉक्टर गिलोय सभीˈ बुखार/ज्वर से लेकर अस्थमा, बवासीर, मधुमेह तक 10 रोगों की चमत्कारी औषिधि

    गरीब के घर की डॉक्टर गिलोय सभीˈ बुखार/ज्वर से लेकर अस्थमा, बवासीर, मधुमेह तक 10 रोगों की चमत्कारी औषिधि

    गिलोय को क्यों कहा जाता है ‘गरीब के घर की डॉक्टर’, आयुर्वेद में बताए गए इसके कई संभावित फायदे – गिलोय एक औषधीय बेल मानी जाती है जो भारत के कई हिस्सों में आसानी से देखने को मिल जाती है। इसके पत्ते आमतौर पर पान के पत्तों जैसे दिखाई देते हैं और यह पेड़ों या दीवारों पर चढ़कर तेजी से फैलती है। आयुर्वेद में गिलोय को एक महत्वपूर्ण जड़ी-बूटी माना गया है और इसे “अमृता” नाम से भी जाना जाता है, जिसका अर्थ है जीवन देने वाली।

    आयुर्वेदिक ग्रंथों के अनुसार गिलोय में ऐसे कई गुण बताए गए हैं जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। इसमें कैल्शियम, फॉस्फोरस, प्रोटीन और कई प्रकार के प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं। यही वजह है कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में इसे लंबे समय से उपयोग किया जाता रहा है।

    गिलोय को अक्सर शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली जड़ी-बूटी के रूप में जाना जाता है। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट तत्व शरीर को हानिकारक कणों से बचाने में मदद कर सकते हैं। कई लोग इसे शरीर को मजबूत रखने और सामान्य स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए भी उपयोग करते हैं।

    आयुर्वेद में गिलोय को बुखार से जुड़ी समस्याओं में भी उपयोगी माना गया है। पारंपरिक चिकित्सा में इसका काढ़ा या रस लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है। माना जाता है कि यह शरीर को संक्रमण से लड़ने में सहायक हो सकता है और कमजोरी को कम करने में भी मदद कर सकता है।

    पाचन तंत्र के लिए भी गिलोय को लाभकारी बताया जाता है। कई लोग पाचन से जुड़ी समस्याओं जैसे गैस, अपच या पेट की गड़बड़ी में इसका उपयोग करते हैं। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार गिलोय पाचन प्रक्रिया को संतुलित करने में सहायक हो सकती है।

    कुछ पारंपरिक उपचारों में गिलोय का उपयोग बवासीर जैसी समस्याओं में भी किया जाता है। आमतौर पर इसे छाछ या अन्य आयुर्वेदिक मिश्रणों के साथ लेने की सलाह दी जाती है, हालांकि किसी भी गंभीर समस्या में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है।

    गिलोय को मधुमेह के संदर्भ में भी कई जगह उपयोग किया जाता है। आयुर्वेदिक मान्यता के अनुसार इसका नियमित सेवन रक्त में शुगर स्तर को संतुलित रखने में सहायक हो सकता है। हालांकि इस संबंध में किसी भी उपचार से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक होता है।

    उच्च रक्तचाप से जुड़ी समस्याओं में भी कुछ लोग गिलोय का उपयोग करते हैं। माना जाता है कि यह शरीर के संतुलन को बनाए रखने में मदद कर सकती है, हालांकि यह किसी भी प्रकार की दवा का विकल्प नहीं है।

    अस्थमा जैसी सांस से जुड़ी समस्याओं में भी आयुर्वेदिक चिकित्सा में गिलोय का उल्लेख मिलता है। पारंपरिक मान्यता है कि यह श्वसन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद कर सकती है और सांस लेने से जुड़ी परेशानियों को कम करने में सहायक हो सकती है।

    आंखों के स्वास्थ्य के लिए भी गिलोय का उपयोग बताया गया है। कुछ पारंपरिक उपायों में गिलोय के पत्तों को उबालकर उसके पानी का उपयोग आंखों के आसपास करने की सलाह दी जाती है, जिससे आंखों को ठंडक मिल सकती है।

    त्वचा की देखभाल में भी गिलोय का नाम लिया जाता है। माना जाता है कि इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण त्वचा को साफ रखने और मुंहासों जैसी समस्याओं को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके नियमित उपयोग से त्वचा में प्राकृतिक चमक आने की भी बात कही जाती है।

    इसके अलावा कुछ लोग गिलोय का उपयोग शरीर में खून की कमी और कमजोरी जैसी समस्याओं में भी करते हैं। पारंपरिक मान्यता के अनुसार यह शरीर को ताकत देने और रक्त को शुद्ध करने में सहायक हो सकती है।

    हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी भी जड़ी-बूटी का उपयोग सीमित मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए। यदि कोई गंभीर बीमारी हो या लंबे समय से स्वास्थ्य समस्या बनी हुई हो तो डॉक्टर से परामर्श लेना सबसे सुरक्षित विकल्प होता है।

  • बेटी की पहली जॉब से खुश थाˈ पिता, फिर हाथ लगी बॉस की चिट्ठी तो भड़क गया, छुड़वा दी नौकरीˌ

    बेटी की पहली जॉब से खुश थाˈ पिता, फिर हाथ लगी बॉस की चिट्ठी तो भड़क गया, छुड़वा दी नौकरीˌ

    बेटी की पहली जॉब से खुश थाˈ पिता, फिर हाथ लगी बॉस की चिट्ठी तो भड़क गया, छुड़वा दी नौकरीˌ

    पढ़ाई लिखाई खत्म करने के बाद हर कोई नौकरी की तलाश में भटकने लगता है। जब हमे पहली नौकरी मिलती है तो बहुत खुश होती है। हालांकि मन में ये भी सवाल रहता है कि ऑफिस का माहौल कैसा होगा, वहां के कर्मचारी और बॉस का व्यवहार कैसा रहेगा इत्यादि। कई दफ्तरों में कर्मचारियों के लिए अजीबो-गरीब नियम भी होते हैं।

    कुछ मामलों में ये नियम इतने अजीब होते हैं कि कर्मचारी अपनी जॉब छोड़ने पर मजबूर हो जाते हैं। अब इस महिला को ही ले लीजिए, जिसके बॉस ने उसे जॉब के पहले दिन ऐसी चिट्ठी थमा दी जिसे देख उसके पापा भड़क गए।

    बेटी के बॉस की चिट्ठी देखकर भड़के पिता

    न्यूज़ीलैंड (New Zealand) में रहने वाले एक पिता ने अपनी बेटी की पहली नौकरी लगने से बेहद खुश थे, लेकिन जब उनके हाथ बेटी को बॉस से मिल एक लेटर लगा तो उनकी खुशी गुस्से में बदल गई। इस लेटर में बॉस ने उनकी बेटी के लिए कुछ ऐसी बातें लिखी थी जिसे देख वे भड़क गए।

    इस अजीबो-गरीब चिट्ठी को भड़के हुए पिता ने @essjax नाम के अकाउंट से दुनिया के साथ शेयर किया है। न्यूज़ीलैंड के रीटेलर के यहां उनकी बेटी कर्मचारी बनकर गई थी जहां उसे 11 प्वाइंट की अजीबोगरीब चिट्ठी मिली। इसमें लिखे प्वाइंट देखकर आपक दिमाग भी खराब हो जाएगा।

    नियम-कानून की आड़ में घंघोर बेइज्जती

    job letter

    1. जीवन न्यायपूर्ण नहीं है, इसके लिए रेडी रहें।

    2. दुनिया आपके सेल्फ एस्टीम के बारे में नहीं सोचती। खुद के बारे में अच्छा फील करने से पूर्व भी आप से कुछ उम्मीदें रखी जाती हैं।

    3. हाईस्कूल से निकलते ही आपको करोड़ों की जॉब नहीं मिलती। आप कार और फोन के साथ वाइस प्रेसिडेंट नहीं बनाए जाते।

    4. यदि आपको लगता है कि आपके शिक्षक सख्त थे, तो बॉस के आने का इंतजार कीजिए।

    5. बर्गर पलटने की जॉब को भी कम न समझें, आपके दादा-दादी इस बात को समझते थे।

    6. यदि आप से गलती होती है तो ये आपके पेरेंट्स की गलती नहीं है। आप खुद इससे सीखें।

    7. आपके जन्म से पूर्व आपके पेरेंट्स इतने बोरिंग नहीं थे। वह ज़िम्मेदारियां उठाने के बाद वे ऐसे हुए हैं।

    8. स्कूल में जीत हार से भले फर्क न पड़ता हो, लेकिन लाइफ में पड़ता है।

    9. लाइफ में सेमेस्टर्स नहीं होते, यहां कोई आपकी हेल्प करने में रुचि भी नहीं लेता। आप खुद सोचें क्या करना है।

    10. टेलिविज़न असली जीवन नहीं है। रियल लाइफ में कॉफी शॉप पर नहीं काम पर जाना होता है।

    11. मूर्ख लोगों के साथ भी अच्छे से रहो, क्या पता कल को आपको उनके साथ काम करना पड़ जाए।

    लोगों ने ऐसे किया रिएक्ट

    इस अजीबोगरीब नियम वाली चिट्ठी पर लोगों के रिएक्शन आ रहे हैं। किसी ने कहा कि “इन चीज़ों को एक कर्मचारी को बताने की क्या ज़रूरत है?” वहीं कोई बिला “इनमें से कुछ सुझाव जिंदगी के लिए बहुत अहम है।” वैसे जिस लड़की को याह चिट्ठी मिली थी उसने यह जॉब छोड़ दी है।

  • पेट की गैस का रामबाण घरेलू इलाजˈ चुटकियों में निकलेगी सारी गैस फूला हुआ पेट हो जाएगा फुस्सˌ

    पेट की गैस का रामबाण घरेलू इलाजˈ चुटकियों में निकलेगी सारी गैस फूला हुआ पेट हो जाएगा फुस्सˌ

    पेट की गैस का रामबाण घरेलू इलाजˈ चुटकियों में निकलेगी सारी गैस फूला हुआ पेट हो जाएगा फुस्सˌ

    Pet Ki Gas Se Chutkara Kaise Paye: पेट की गैस कई बार इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि न सिर्फ पेट दर्द होने लगता बल्कि पेट भी फूल जाता है. ऐसे में सबसे पहले हम गैस के लिए घरेलू उपाय तलाशते हैं.

    पेट में गैस बनना एक आम समस्या है, लेकिन जब यह हद से ज्यादा बढ़ जाती है तो असहजता, दर्द और शर्मिंदगी का कारण बन सकती है. फूला हुआ पेट, भारीपन और बार-बार डकार आना इसके सामान्य लक्षण हैं. पेट में गैस बनने से न तो कुछ खाने का मन होता है और न ही कुछ काम करने की हिम्मत. ऐसे में गैस से छुटकारा पाने के लिए क्या करें? आज हम आपको कुछ घरेलू नुस्खों के बारे में बता रहे हैं जो आपके किचन में मौजूद हैं. आपको जब भी गैस की दिक्कत हो तो इन नुस्खों को आजमाएं और पाएं अपच, एसिडिटी और पेट फूलने की दिक्कत से छुटकारा.

    पेट की गैस और ब्लोटिंग से कैसे छुटकारा पाएं? (How To Get Rid of Gas And Bloating)

    1. अजवाइन, काला नमक, हींग का चूर्ण

    • 1 चम्मच अजवाइन
    • आधा चम्मच काला नमक
    • 1 चुटकी हींग

    इसे गुनगुने पानी के साथ लें. ये उपाय अपनाने से पेट की गैस से राहत मिल सकती है और पेट हल्का महसूस होता है.

    2. अदरक का रस, शहद

    • 1 चम्मच अदरक का रस
    • आधा चम्मच शहद

    इन्हें खाने के बाद सेवन करें. पाचन तंत्र को एक्टिव करता है और गैस को कम करता है. अगर आपको गैस की दिक्कत है तो इस नुस्खे को जरूर आजमा लें.

    3. सौंफ का पानी

    1 चम्मच सौंफ को 1 कप पानी में उबालें. छानकर गुनगुना पी लें. ये घरेलू तरीका पेट की सूजन और गैस में तुरंत राहत दिला सकता है.

    4. लहसुन का सेवन

    1 कली लहसुन को घी में भूनकर खाएं. गैस और कब्ज दोनों में असरदार. अगर आपको अक्सर पेट में गैस और कब्ज होती है तो ये नुस्खा भी आपके काम आ सकता है.

    5. नींबू, बेकिंग सोडा

    1 गिलास गुनगुने पानी में आधा नींबू का रस, एक चौथाई चम्मच बेकिंग सोडा का सेवन करने से एसिडिटी और गैस को चुटकियों में राहत मिल सकती है.

    बरतें ये सावधानियां

    • तली-भुनी चीज़ें, कोल्ड ड्रिंक्स और देर रात खाना खाने से बचें.
    • खाना धीरे-धीरे और चबा कर खाएं.
    • दिनभर पर्याप्त पानी पिएं.

    अगर आप भी बार-बार गैस की समस्या से परेशान रहते हैं, तो ये घरेलू उपाय आपके लिए रामबाण साबित हो सकते हैं. नियमित रूप से इनका सेवन करने से न सिर्फ गैस की समस्या दूर होगी, बल्कि पाचन तंत्र भी मजबूत बनेगा.

  • घर में जब भी लाए नमक तोˈ जरूर अपनाएं ये टोटका फिर देंखे इसका चमत्कारˌ

    घर में जब भी लाए नमक तोˈ जरूर अपनाएं ये टोटका फिर देंखे इसका चमत्कारˌ

    घर में जब भी लाए नमक तोˈ जरूर अपनाएं ये टोटका फिर देंखे इसका चमत्कारˌ

    नमक के बिना खाने का आनंद हम कभी उठा नहीं सकते. जब तक खाने में स्वादानुसार नमक ना डाला जाए, तब तक भोजन करने का मजा ही नहीं आता है. इसलिए इस मामले में तो नमक बेहद जरूरी है। डॉक्टर की राय में भी नमक हमारे शरीर के लिए जरूरी है. क्योंकि इसमें आयोडीन होता है जो हमारे शरीर के मैटाबॉलिज्म को नियंत्रित रखता है.

    साथ ही यदि शरीर में नमक की कमी हो जाए तो हमारा रक्तचाप गिरने लगता है, हम कमजोर महसूस करने लगते हैं. इसलिए नमक का महत्व हमारे जीवन में काफी अधिक पाया गया है. लेकिन ज्योतिष शास्त्र में भी नमक महत्वपूर्ण है, यह आपने पहले कभी नहीं जाना होगा.ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नमक में गजब की शक्ति होती है जो न सिर्फ आपके घर को सकारात्मक उर्जा से भर देती है. बल्कि आपके घर में सुख समृद्धि भी बढ़ाने का काम करती है.

    आज ऐसा ही उपाय हम आपको बताने जा रहे हैं जिससे आपको लाभ ही लाभ होगा. जब भी आप अपने घर में नमक खरीद कर लाते हैं तो आप यह उपाय जरूर करें इसके करने से आपको बहुत लाभ होगा. आप जब नमक लाते हैं तो उसमें सबसे पहले आप एक लौंग मिलाकर रख दें और दूसरा उपाय यह है कि उसे परमात्‍मा के समक्ष भोग लगाए.

    नम‍क में लौंग रखने का कारण यह है कि परिवार के जितने भी सदस्‍य उस नमक का सेवन करेंगे उनकी बॉडी को पोजिटिव वाइबरेशन मिलेगी. परमात्‍मा के भोग लगाने का कारण यह है कि ये नमक भोग लगाने के बाद प्रसाद बन जाता है.

  • जब गरीब घर की लड़की को मिलाˈ अमीर दूल्हा शादी बाद पहुंची ससुराल नजारा देख ससुर से बोली- ये तोˌ

    जब गरीब घर की लड़की को मिलाˈ अमीर दूल्हा शादी बाद पहुंची ससुराल नजारा देख ससुर से बोली- ये तोˌ

    जब गरीब घर की लड़की को मिलाˈ अमीर दूल्हा शादी बाद पहुंची ससुराल नजारा देख ससुर से बोली- ये तोˌ

    जींद. हरियाणा में जींद जिले के नरवाना विधानसभा क्षेत्र के गांव फुलैया के एक परिवार ने अपने बेटे की शादी में केवल 1 रुपए दहेज लिया है. परिवार ने समाज की सबसे बड़ी कुरीति दहेज प्रथा को मिटाने के लिए यह कदम उठाया है. परिवार पढ़ी-लिखी बहू पाकर प्रसन्न है. जींद जिले के विधानसभा क्षेत्र नरवाना के गांव फुलैया में एक शादी चर्चा का विषय बनी हुई है. वहीं जब शादी बाद दुल्हन जब अपने ससुराल पहुंची तो उसने कहा कि ये तो मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे ससुर मिले हैं जो दहेज के खिलाफ है.

    यह परिवार एक रिटायर्ड तहसीलदार का है. इस परिवार ने गरीब परिवार की पढ़ी-लिखी बेटी से केवल 1 रुपए दहेज लेकर अपने बेटे की शादी की है. आसपास क्षेत्र के लोग इस कदम की सराहना कर रहे हैं और भविष्य में सभी परिवारों को अपने बेटों की शादी बिना दहेज के करने की बात कह रहे हैं. नरेंद्र के पिता शमशेर सिंह ने बताया कि वह शुरू से दहेज प्रथा के खिलाफ थे उनका परिवार धार्मिक विचारों का सत्संगी परिवार है, महापुरुषों के बताए रास्ते पर चलते हुए उन्होंने अपने बेटे की शादी गरीब परिवार की लड़की से बिना दहेज की की है.

    उन्होंने कहा कि माता-पिता बेटियों को पढ़ा लिखाकर काबिल बनाते हैं लेकिन शादी के समय उन्हें मोटा दहेज भी देना पड़ता है, जिस लड़की के परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है, मैं सभी से कहना चाहता हूं कि अपने बेटों की शादी बिना दहेज के करें और इस दहेज की बुराई को समाज से समाप्त करने का प्रण ले. वहीं विवाहिता गीतू ने कहा कि वह इस परिवार में आकर बहुत खुश है मेरे माता-पिता दहेज देने में असमर्थ थे, लेकिन इस परिवार ने बिना दहेज की मुझे अपने घर की उत्तर वधू बनाया है, मैं इस परिवार में काफी खुश हूं समाज से दहेज जैसी बुराई को मिटाने के लिए सभी युवाओं को और कदम उठाना चाहिए.

  • पति ने बनाया अश्लील वीडियो रखी घिनौनीˈ शर्त ससुर ने भी फिर… आगरा में शादी के 7 महीने बाद नवविवाहिता पहुंची थानेˌ

    पति ने बनाया अश्लील वीडियो रखी घिनौनीˈ शर्त ससुर ने भी फिर… आगरा में शादी के 7 महीने बाद नवविवाहिता पहुंची थानेˌ

    पति ने बनाया अश्लील वीडियो रखी घिनौनीˈ शर्त ससुर ने भी फिर… आगरा में शादी के 7 महीने बाद नवविवाहिता पहुंची थानेˌ

    उत्तर प्रदेश के आगरा से दहेज उत्पीड़न, यौन शोषण और गैर मर्द से संबंध बनाने का दबाव डालने का मामला सामने आया है. शादी के 7 महीने बाद विवाहिता के पिता ने दामाद और बेटी के ससुरालियों के खिलाफ केस दर्ज करवाया है. इस मामले की जांच अभी जारी है.

    मामला कमला नगर इलाके का है. पीड़िता के पिता ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी की शादी नवंबर 2024 में हुई थी. शादी में करीब 1.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जिसमें सोने के जेवरात, 40 लाख रुपये नकद, एक गाड़ी और फर्नीचर शामिल था. लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वालों ने दो करोड़ रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी. मांग पूरी न होने पर विवाहिता का शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न शुरू हो गया.

    बेडरूम में खुफिया कैमरा और पति की धमकी

    पीड़िता का आरोप है कि उसके पति ने उसे डंडे से बेरहमी से पीटा और उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य भी किया. इससे भी बढ़कर, उसने कमरे में एक खुफिया कैमरा लगा रखा था, जिससे उसने पीड़िता के आपत्तिजनक वीडियो बना लिए. इन वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर वह लगातार उसे ब्लैकमेल करता रहा. जब पीड़िता ने इस बारे में अपनी सास और ससुर को बताया, तो उन्होंने भी उसे धमकाना शुरू कर दिया.

    ससुर ने रेप, पति ने किया गला घोंटने का प्रयास

    पीड़िता ने बताया कि एक दिन उसका पति उसे एक ऐसे घर में ले गया जहां पहले से एक युवक मौजूद था. पति ने उस युवक के साथ संबंध बनाने का दबाव डाला और युवक ने भी उसे धमकाया. पीड़िता किसी तरह वहां से बचकर घर पहुंची, तो उसके ससुर ने उसके साथ दुष्कर्म किया. जब पीड़िता ने इस घिनौनी करतूत की शिकायत अपने पति से की, तो उसने कथित तौर पर उसका गला घोंटने की कोशिश की. अगले ही दिन वह किसी तरह अपने मायके पहुंची और परिवार को आपबीती सुनाई. एसीपी छत्ता, पीयूष कांत राय ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच की जा रही है.

  • अमरूद की पत्तियां मधुमेह, मोटापा व शुक्राणुˈ कमी आदि 10 बड़े रोगों में रामबाण औषिधि है.

    अमरूद की पत्तियां मधुमेह, मोटापा व शुक्राणुˈ कमी आदि 10 बड़े रोगों में रामबाण औषिधि है.

    अमरूद की पत्तियां मधुमेह, मोटापा व शुक्राणुˈ कमी आदि 10 बड़े रोगों में रामबाण औषिधि है.

    अमरूद एक ऐसा फल है जिसे लगभग हर व्यक्ति पसंद करता है। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पोषक तत्वों से भी भरपूर माना जाता है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि अमरूद के पेड़ की पत्तियां भी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में उपयोग की जाती रही हैं। कई जगह इन पत्तियों को प्राकृतिक औषधि के रूप में भी माना जाता है।

    अमरूद की पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और कई प्रकार के पौधों से मिलने वाले सक्रिय तत्व पाए जाते हैं। यही वजह है कि पारंपरिक चिकित्सा में इनका उपयोग अलग-अलग स्वास्थ्य समस्याओं में किया जाता रहा है। कई लोग इन पत्तियों को उबालकर काढ़े या चाय के रूप में भी पीते हैं।

    कुछ शोधों में यह भी पाया गया है कि अमरूद की पत्तियां रक्त में ग्लूकोज के स्तर को संतुलित रखने में सहायक हो सकती हैं। इसी कारण कई लोग इसे मधुमेह से जुड़ी जीवनशैली को संतुलित रखने के लिए इस्तेमाल करते हैं। हालांकि किसी भी प्रकार के उपचार से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है।

    कोलेस्ट्रॉल के संदर्भ में भी अमरूद की पत्तियों के बारे में कई अध्ययन किए गए हैं। कुछ शोधों में यह संकेत मिला है कि नियमित रूप से इनका सीमित सेवन करने से खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिल सकती है, जबकि अच्छे कोलेस्ट्रॉल पर इसका ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ता।

    पाचन तंत्र के लिए भी अमरूद की पत्तियों को लाभकारी माना जाता है। पारंपरिक घरेलू उपायों में इन्हें उबालकर तैयार किए गए पानी का उपयोग पेट की कुछ सामान्य समस्याओं में किया जाता है। यह पेट को साफ रखने और पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है।

    डायरिया और पेचिश जैसी समस्याओं में भी कई लोग अमरूद की पत्तियों का काढ़ा इस्तेमाल करते हैं। आयुर्वेदिक मान्यता के अनुसार इन पत्तियों में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो पेट में मौजूद कुछ हानिकारक बैक्टीरिया को कम करने में मदद कर सकते हैं।

    वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए भी अमरूद की पत्तियां उपयोगी मानी जाती हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह शरीर में कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे अनावश्यक कैलोरी बनने की संभावना कम हो सकती है।

    श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्याओं में भी इन पत्तियों का उपयोग बताया जाता है। पारंपरिक चिकित्सा के अनुसार अमरूद की पत्तियां कफ को कम करने और श्वसन मार्ग को साफ रखने में मदद कर सकती हैं।

    दांतों और मसूड़ों की सेहत के लिए भी अमरूद की पत्तियों का उपयोग किया जाता रहा है। कुछ लोग इन पत्तियों को पीसकर पेस्ट बनाते हैं और इसका इस्तेमाल मसूड़ों की सूजन कम करने के लिए करते हैं। इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण मुंह की सफाई में भी मदद कर सकते हैं।

    डेंगू जैसे बुखार के दौरान भी कई जगह अमरूद की पत्तियों का काढ़ा उपयोग में लाया जाता है। पारंपरिक मान्यता है कि यह शरीर की सामान्य ताकत बनाए रखने में मदद कर सकता है, हालांकि गंभीर बीमारी में डॉक्टर की देखरेख बेहद जरूरी होती है।

    इसके अलावा कुछ लोग मानते हैं कि अमरूद की पत्तियां पुरुष स्वास्थ्य से जुड़े कुछ पहलुओं में भी सहायक हो सकती हैं। हालांकि इस विषय पर अभी और वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता बताई जाती है।

    कुल मिलाकर देखा जाए तो अमरूद की पत्तियां पारंपरिक चिकित्सा में कई तरह से उपयोग की जाती रही हैं। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका होता है।

  • आखिर क्यों अपनी पत्नी के साथ सालोंˈ अंधा बनकर रहा उसका पति, वजह जानकर नहीं रोक पाएंगे अपने आंसू

    आखिर क्यों अपनी पत्नी के साथ सालोंˈ अंधा बनकर रहा उसका पति, वजह जानकर नहीं रोक पाएंगे अपने आंसू

    आखिर क्यों अपनी पत्नी के साथ सालोंˈ अंधा बनकर रहा उसका पति, वजह जानकर नहीं रोक पाएंगे अपने आंसू

    बॉलीवुड फिल्म का गाना गोरे रंग पे तो इतना गुमां ना कर गोरा रंग दो दिन में ढल जाएगा। हालांकि कि ये एक गाना हैं लेकिन है बिल्कुल सहीं, क्योंकि अच्छी सूरत, गोरी रंगत हमेशा आपके साथ नहीं रहती है। बढ़ती उम्र के साथ ये सारी खूबसूरती एक किनारे रखी रह जाती है और बाकी बचती है तो सिर्फ सीरत। इसीलिए कहा जाता है कि इंसान की सूरत नहीं बल्कि उसकी सूरत देखकर प्यार करना चाहिए। क्योंकि इंसान का व्यवहार कभी नहीं बदलता लेकिन उसकी खूबसूरती एक उम्र के बाद ढलने लगती है। और सच्चा प्यार वही होता है जो शक्ल देखकर नहीं बल्कि इंसान का व्यवहार देखकर किया जाए।  तो आज हम आपको एक ऐसी ही लव स्टोरी के बारे में बताएंगे जिसे सुनकर आप भी कहेंगे कि प्यार हो तो ऐसा।

    ये लव स्टोरी है बैंगलोर के एक रहीस और एक किसान की बेटी की। शिवम बैंगलोर की एक रहीस परिवार का लड़का था एक दिन उसने एक लड़की को देखा और उसे देखते ही वो उसपर अपना दिल दे बैठा। शिवम ने जब उस लड़की का पता लगाया तो पता लगा कि उसके पिता एक किसान हैं। लड़की दिखने में बेहद खूबसूरत और समझदार थी। हालांकि शिवम भले ही पैसे वाले घर का हो लेकिन उस लड़की को मनाना शिवम के लिए आसान काम नहीं था।

    जब पहली बार शिवम उस लड़की के पास गया और उसको प्रपोज किया तो लड़की ने साफ इंकार कर दिया। लड़की ने सोचा कि वो एक गरीब किसान की बेटी है और लड़का इतना पैसे वाला, ऐसे में इन दोनों का मिलना कभी मुमकिन नहीं हो सकता था। लेकिन शिवम ने भी हार नहीं मानी और वो शादी का रिश्ता लेकर सीधे लड़की वालों के घर जा पहुंचा। लड़की के घर वाले शादी के लिए राजी हो गए और दोनों की शादी हो गई।

    दोनों अपनी शादीशुदा जिंदगी में बहुत खुश थे और सबकुछ बहुत अच्छे से चल रहा था कि तभी अचानक से लड़की को स्किन डिसीज हो गई। हालांकि लड़की ने काफी इलाज कराया लेकिन उसका कोई भी फायदा नहीं हुआ, उसकी वो बीमारी ठीक नहीं हो पाई और लड़की की खूबसूरती दिन बा दिन कम होने लगी। और वो बीमार पड़ने लगी। अपनी इस हालत के चलते लड़की को लगा कि कही उसकी खूबसूरती कम होने के कारण उसका पति उसको छोड़ ना दें। लड़की इसी चिंता में और कमजोर हुई जा रही थी।

    फिर एक दिन पता लगा कि लड़के का एक्सीडेंट हो गया है और इस वजह से उसकी दोनों आंखो की रोशनी चली गई है। लड़के का एक्सीडेंट होने के बाद से वो लड़की उसकी और देखभाल करने लगी और उसकी आंखों की रोशनी जाने की वजह से लड़की के मन से ये डर भी चला गया कि अब उसके कम सुंदर दिखने पर भी लड़का उसको छोड़ेगा नहीं।

    इसके बाद दोनों एक बार फिर से अच्छे से अपनी जिंदगी बिताने लगे, लेकिन लड़की की तबीयत दिन बा दिन खराब होती जा रही थी और कुछ समय बाद लड़की का निधन हो गया। जिसके बाद वो लड़का बिल्कुल अकेला हो गया और उसने शहर छोड़कर जाने का मन बना लिया।

    जब शिवम शहर छोड़कर जा रहा था तो उसके पड़ोसी ने उससे पूछा कि अब तुम इस हालत में कैसे अपना जीवन यापन करोगे, तुम्हें तो कुछ दिखाई भी नहीं देता है।इस पर लड़के ने जो जवाब दिया वो सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे और आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी। लड़के ने अपने पड़ोसी की चिंता जताने के लिए शुक्रियादा करते हुए कहा कि – मैं कभी अँधा हुआ ही नहीं था, बस अंधा होने का नाटक कर रहा था। मैं नहीं चाहता था कि मेरी पत्नी को उसकी बीमारी और बदसूरती के कारण ये लगे कि अब मैं उस से प्यार नहीं करता हूँ. इसलिए मैं कुछ सालो से अँधा होने का नाटक कर रहा था जिससे वो खुश रह सके। इतना कह कर शिवम वहां से चला गया लेकिन उसका ये सालों का त्याग और पत्नी के लिए प्यार देखकर उसके पड़ोसी के आंखो से आंसू निकल आए।

    इस कहानी से यही सीख मिलती है कि अगर आप किसी से दिल से प्यार करते हो तो उसकी शक्ल सूरत इतना मायने नहीं रखती है, मायने रखता है तो उस व्यक्ति का आचरण जो हमेशा उसके साथ रहता है।

  • पीरियड्स के दौरान क्यों बदलता है महिलाओंˈ का मूड? क्या इस समय सेक्स करना है सही या गलत? जानिए पूरा सचˌ

    पीरियड्स के दौरान क्यों बदलता है महिलाओंˈ का मूड? क्या इस समय सेक्स करना है सही या गलत? जानिए पूरा सचˌ

    पीरियड्स के दौरान क्यों बदलता है महिलाओंˈ का मूड? क्या इस समय सेक्स करना है सही या गलत? जानिए पूरा सचˌ

    Periods Facts: कुछ महिलाओं को मासिक धर्म शुरू होते ही अजीबोगरीब एहसास होने लगते हैं. इस दौरान, महिलाएं अक्सर इस बात को लेकर असमंजस में रहती हैं कि इस दौरान सेक्स करना सही है या गलत. आइए जानतें हैं इसके बारें में

    Periods Facts: मासिक धर्म को लेकर कई तरह की अफवाहें फैलती हैं. ज्यादातर महिलाएं इसे लेकर असमंजस में रहती हैं, फिर भी वे इस बारे में खुलकर बात करने से हिचकिचाती हैं, यही वजह है कि वे सुनी-सुनाई बातों पर आसानी से यकीन कर लेती हैं. महिलाओं के बीच मासिक धर्म को लेकर एक आम सवाल यह होता है कि ये क्यों होते हैं और इस दौरान सेक्स करना सही है या गलत. यहाँ इससे जुड़े कुछ तथ्य दिए गए हैं जो आपकी उलझन को आसानी से दूर कर देंगे.

    मासिक धर्म क्यों होते हैं?

    महिलाओं के ओवरी में एक अंडा होता है जो समय के साथ परिपक्व होता है. यह किसी भी अंडाशय में हो सकता है. परिपक्व होने के बाद, यह गर्भाशय नली से होते हुए गर्भाशय तक जाता है. अगर इसे यहां कोई शुक्राणु मिलता है, तो यह उसे निषेचित कर देता है. इस दौरान, गर्भाशय गर्भधारण की तैयारी शुरू कर देता है. यह निषेचित अंडे का स्वागत करने के लिए कोमल कोशिकाओं का निर्माण शुरू कर देता है. हालाँकि, जब शुक्राणु नहीं मिलते, तो इन कोशिकाओं की जरूरत नहीं रहती, इसलिए इन कोशिकाओं और अंडे को शरीर से बाहर निकालना पड़ता है. यही मासिक धर्म होता है.

    मासिक धर्म कैसे होता है?

    मासिक धर्म के दौरान शरीर में विभिन्न हार्मोनों में उतार-चढ़ाव होता है. इनमें से चार सबसे आम हार्मोन एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन, एलएच और एफएसएच हैं. अंडे के अंडाशय से निकलकर गर्भाशय में प्रवेश करने से ठीक पहले, शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर तेजी से बढ़ता है. इससे गर्भाशय में नई कोशिकाओं का निर्माण होता है, और यही कारण है कि हम अचानक ऊर्जावान महसूस करते हैं. अंडे के अंडाशय से निकलने के बाद, प्रोजेस्टेरोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे गर्भाशय में बनने वाले ऊतक सुरक्षित रहते हैं. इस दौरान, यह एस्ट्रोजन से लड़कर और अधिक ऊतक बनने से रोकता है, अन्यथा यह कैंसरकारी हो सकता है. एस्ट्रोजन में वृद्धि को देखकर, एलएच भी सक्रिय हो जाता है. एक तरह से, एलएच अंडे को धक्का देता है ताकि वह अंडाशय से निकलकर गर्भाशय तक पहुँच सके. इसके बाद, एफएसएच अपना काम शुरू करता है और एक नया अंडा बनाना शुरू करता है. इससे एस्ट्रोजन की मात्रा फिर से बढ़ जाती है, और गर्भाशय की कोशिकाओं में भी.

    मासिक धर्म के दौरान मूड स्विंग क्यों होते हैं?

    कई लड़कियों को हार्मोन के कारण प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (पीएमएस) का अनुभव होता है. कुछ लड़कियों को स्तनों में दर्द, मुंहासे, थकान, रोने की इच्छा और चिड़चिड़ापन महसूस होता है. ये सब हार्मोन्स के कारण होता है. इस दौरान पेट फूलना और गैस होना आम बात है, जबकि कई महिलाओं को पीरियड्स के दौरान पेट खराब होने का भी अनुभव होता है.

    क्या पीरियड्स के दौरान पार्टनर के साथ सेक्स करना सुरक्षित है?

    पीरियड्स को लेकर कई मिथक हैं. कुछ लोगों का मानना है कि इस दौरान सेक्स करने से पुरुष नपुंसक हो सकते हैं. हालाँकि, यह पूरी तरह से गलत है. हाँ, असुरक्षित यौन संबंध बनाने पर आपको संक्रमण हो सकता है. हालांकि, यह सामान्य पीरियड्स के दौरान भी संभव है.

    आप अपने पीरियड्स के दौरान क्या कर सकती हैं? 

    कुछ महिलाओं को इस दौरान बहुत तेज़ दर्द होता है. हालांकि, अगर आप इस दौरान पूरी तरह से ठीक हैं, तो आप पढ़ने, दोस्तों से मिलने, काम करने, जॉगिंग करने, फिल्में देखने और सेक्स करने जैसे सभी काम कर सकती हैं.

    Disclaimer : प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है.