हिंदू धर्म में गाय को पशु न मानकर माता के रुप में देखा जाता है. हिंदू धर्म में गौ माता का काफी महत्व है. न केवल गौ माता पूजनीय है बल्कि गायक का मूत्र और गोबर भी उपयोगी बताया गया है. कई लोग गाय के गोबर का व्यापार व्यवसाय करके अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं. गाय के गोबर से सालभर में 50 से 60 लाख रूपये की कमाई कर रहे है हरियाणा के डॉक्टर शिव दर्शन मलिक.
शिव दर्शन मलिक ने ऐसी पहल की है जिससे कि लोग गाय के गोबर की मदद से इको फ्रेंडली घर बना रहे हैं. वे गोबर से सीमेंट, पेंट और ईंट बना रहे हैं और लोगों को भी इसके लिए प्रेरित कर रहे हैं. इतना ही नहीं गाय के गोबर से इन चीजों को बनाने के लिए मलिक 100 से ज्यादा लोगों को ट्रेनिंग भी दे चुके हैं.
शिव दर्शन एक किसान परिवार से संबंधित है. वे किसान के बेटे हैं. वे यह काम करने से पहले एक कॉलेज में पढ़ाते थे लेकिन कुछ सालों पहले शिक्षक की नौकरी छोड़ दी और बीते करीब पांच से छह साल से गाय के गोबर से सीमेंट, पेंट, ईंट आदि का निर्माण कर रहे हैं. इस काम से वे हर साल 50 से 60 लाख रूपये की कमाई कर लेते हैं. उन्होंने बीकानेर में ट्रेनिंग सेंटर खोला है जहां वे गोबर से इन चीजों को बनाना सिखाते है और प्रशिक्षण फीस के रुप में 21 हजार रु लेते है.
इको फ्रेंडली घर बनाने और पर्यावरण को शुध्द बनाए रखने की प्रेरणा उन्हें विदेश से मिली थी. दरअसल सालों पहले काम के सिलसिले में उनका अमेरिका और इंग्लैंड जाना हुआ था जहां उन्होंने देखा कि विदेश में भी लोग इको फ्रेंडली घर बना रहे हैं. भारत आने के बाद वे भी इसे अमल में ले आए.
गोबर से बने घरों की सबसे ख़ास बात यह होती है कि इनमें गर्मी में ज्यादा गर्मी नहीं लगती है और न ही ठंड में ज्यादा ठंड महसूस होती है. सबसे पहले शिव दर्शन ने इसका उपयोग खुद शुरू किया. धीरे-धीरे यह आस-पास के लोगों के बीच भी लोकप्रिय होते गया. पहले गोबर से सीमेंट बनाई फिर गोबर से पेंट और ईंट भी बनाने लगे.
कई राज्यों में भेज रहे माल…
हरियाणा में तो उनका व्यापार व्यवसाय काफी लोगों के बीच पहुंच चुका है. वहीं वे अपने राज्य हरियाणा से बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में भी अपना माल भेज रहे हैं. हर साल वे करीब 60 लाख रूपये की कमाई 5 हजार टन सीमेंट की मार्केटिंग करने के अलावा पेंट और ईंट की बिक्री से भी कर लेते हैं.
इस तरह बनाते है इको फ़्रेंडली सीमेंट…
शिव दर्शन ने गाय के गोबर से इको फ्रेंडली सीमेंट बनाने का फॉर्मूला भी बताया है. उन्होंने कहा है कि गाय के गोबर में जिप्सम, ग्वारगम, चिकनी मिट्टी और नींबू पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है. इसे ‘वैदिक प्लास्टर’ नाम दिया गया है.
गरमा गरम कचोड़ी हर किसी को पसंद होती है। आमतौर पर लोग कचोड़ी खाने दुकान पर जाते हैं। लेकिन कुछ लोग घर-घर जाकर भी कचोड़ी बेचते हैं। आप ने भी कचोड़ी वाले भैया को साइकिल या मोटरसाइल पर घर-घर आवाज लगाते हुए कई बार देखा या सुना होगा। सामान्यतः ये कचोड़ी वाले हिन्दी या अपनी रिजनल भाषा में ही कचोड़ी बेचते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे दादाजी से मिलाने जा रहे हैं जो फर्राटेदार अंग्रेजी बोलकर कचोड़ी बेचते हैं।
75 साल के दादा गली-गली घूम बेचते हैं कचोड़ी
इनसे मिलिए। ये हैं 75 साल के श्री गोविंद मालवीय जी। गोविंद दादा मूल रूप से मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के डोंगी गांव के रहने वाले हैं। लेकिन वर्तमान में वे इंदौर शहर में कचोड़ी बेचते हैं। वे अपनी साइकिल पर अधिकतर कचोड़ियाँ इंदौर के मूसाखेड़ी इलाके में बेचते हैं। वह बीते 45 साल से ये काम करते आ रहे हैं।
गोविंद दादा रोज अपनी पत्नी के साथ मिलकर गली-गली कचोड़ी बेचते हैं। अब उनका ये काम करने का मन नहीं करता है। कोरोना के बाद उनके ग्राहक कम हो गए हैं। इसमें कोई खास मुनाफा भी नहीं रह गया है। लेकिन कोई बच्चे न होने की वजह से वे इसी काम से अपना पेट पालते हैं। इसके अलावा उनका कहना है की साइकिल चलाने से उनके हाथ पैर फिट भी रहते हैं। इसलिए वह अभी भी यही कचोड़ी का धंधा कर रहे हैं।
फर्राटेदार अंग्रेजी बोल बेचते हैं कचोड़ी
गोविंद दादा फर्राटेदार अंग्रेजी बोलकर कचोड़ी बेचते हैं। वे बताते हैं कि पहले में हिन्दी में ही कचोड़ी बेचा करता था। लेकिन अब जमाना बदल गया है। बच्चे भी अंग्रेजी मीडियम में पढ़ने लगे हैं। इसलिए उन्हें बुलाने के लिए मैंने एक दो बार अंग्रेजी बोल दी। फिर सब कहने लगे की दादा आप अंग्रेजी बोलते हुए बड़े प्यारे लगते हैं। इसलिए तब से मैं अंग्रेजी में ही कचोड़ी बेच रहा हूं।
गोविंद दादा बताते हैं कि पहले वह गांव से अनाज लेकर भोपाल जाकर बेचा करते थे। लेकिन फिर उन्हें इस धंधे में बड़ा नुकसान हो गया। फिर वह इंदौर काम की तलाश में आए। यहां एक सेठजी ने उन्हें सलाह दी कि कोई नौकरी करने की बजाय खुद का धंधा करो। कचोड़ी बेचो। तब से दादा कचोड़ी बेचने लगे। पहले शुरुआत में 1 रुपए की 1 कचोड़ी बेचते थे। लेकिन अब महंगाई बढ़ने की वजह से ये दाम वर्तमान में 10 रुपए की एक कचोड़ी हो गए हैं।
अंग्रेजी में कचोड़ी बेचने वाले दादा की ये स्टोरी आमची इंदौर नाम के एक यूट्यूब चैनल ने साझा की है। लोग इस स्टोरी को बहुत पसंद कर रहे हैं। भावुक होकर दादा की मदद की पेशकश कर रहे हैं। आमची इंदौर ने भी लोगों से विनती की है कि वे दादा को शादी पार्टी के ऑर्डर दें। ताकि वे घर बैठे-बैठे ही कमाई कर सके। इस उम्र में उन्हें गली-गली घूमना न पड़े।
कटहल की सब्जी कई लोगों को खाना पसंद होता है। सिर्फ सब्जी ही नहीं कई लोग तो कटहल का अचार, पकौड़े जैसे व्यंजन भी बड़े चाव के साथ खाते हैं। कटहल में अन्य सब्जियों की तुलना में प्रोटीन की मात्रा भी अधिक पाई जाती है। प्रोटीन के अलावा इसमें विटामिन ए, सी, थाइमिन, पोटैशियम, कैल्शियम, राइबोफ्लेविन, आयरन, नियासिन और जिंक जैसे पौष्टिक तत्व भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसलिए कटहल एक तरह से शरीर को बहुत फायदा पहुंचता है।
कटहल में बहुत से बीज भी होते हैं। कई लोग कटहल के बीजों को उबालकर उसकी सब्जी बना खा जाते हैं। वहीं कुछ सामान्य कटहल की सब्जी में भी बीज रहने देते हैं और इसे शौक से खाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये कटहल के बीज आपके शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। ऐसे में आज हम आपको कटहल के बीज खाने के नुकसान के बारे में बताने जा रहे हैं।
1. पतला खूनः कटहल के बीज खाने से आपका खून पतला हो सकता है। यदि आप इसे ज्यादा खाते हैं तो ये पतला खून चोट लगने पर आपको दिक्कत दे सकता है। इससे रक्त का थक्का देर से बनेगा और आपका खून बहता ही जाएगा। वहीं जो लोग पहले से खून पतला करने की गोली खाते हैं उन्हें भी डॉक्टर की सलाह के बाद ही कटहल के बीजों का सेवन करना चाहिए।
2. स्किन एलर्जीः जिन लोगों की स्किन सेंसीटिव होती है उन्हें कटहल के बीज कहकर स्किन एलर्जी भी हो सकती है। कटहल के बीज आपकी त्वचा पर रैशेज बना सकते हैं। इसलिए इन्हें सोच समझकर ही खाएं।
3. शुगर लेवल: कटहल के बीज खाने से शरीर का शुगर लेवल कम हो जाता है। ऐसे में जो लोग डायबिटीज के मरीज हैं और पहले से ही शुगर लेवल कम करने की दवाइयां खा रहे हैं वे कटहल के बीज डॉक्टर की सलाह के बाद ही खाएं।
4. ब्लड प्रेशरः कटहल के बीज बलाड प्रेशर को कम करने का काम भी करते हैं। ऐसे में लो बीपी के मरीज इसे न खाएं। वहीं हाई बीपी वाले मरीज यदि गोलियों का सेवन कर रहे हैं तो इसे डॉक्टर की सलाह के बाद ही खाएं।
5. पेटः कटहल के बीज कमजोर पाचन शक्ति वाले लोगों को नहीं खाना चाहिए। इन बीजों में कुछ ऐसे तत्व भी होते हैं जो आपको उलटी, पेट दर्द की समस्या पैदा कर सकते हैं। इसलिए इन बीजों का ज्यादा मात्रा में सेवन करने से हर हाल में बचना चाहिए।
दुनिया में बहुत सारी ऐसी ज्योतिष विद्या है जिसके जरिए हम अपने भविष्य के बारे में जान सकते हैं. जिसमें अंक ज्योतिष, टैरो कार्ड और कई ऐसी चीजें होती हैं जिनके बारे में हम अपनी पसंद और नापसंद की बातों से अपना स्वभाव और कुछ तरीके जान पाते हैं. इसी तरह आज हम आपको एक तस्वीर दिखाएंगे जिसमें कुछ गिलास रखे हुए हैं. इन गिलासों को आप अपनी पंसद के अनुसार चुनिए और फिर आगे चलकर आपको इन छ गिलासों के बारे में कुछ खास बातें पता चलेंगी. हर गिलास की खासियत यही है कि वो आपके व्यक्तित्व के बारे में कुछ बातें कहता है और आपको यह तर्क बहुत पसंद आएगा. पानी पीने के लिए चुन लीजिए कोई एक ‘ग्लास’, यह च्वाइस आप नहीं बल्कि आपकी आत्मा करती है और उसका कनेक्शन जिससे बनता है आप उसी गिलास को चुनते भी हैं.
पानी पीने के लिए चुन लीजिए कोई एक ‘ग्लास’
तस्वीर में दिखाए गए हर गिलास की छवि कुछ ना कुछ कहती है बस यह ऐसी ही तस्वीर भी हैं. इसमें बहुत से गिलास मौजूद हैं, आप इनमें से अपने लिए कौन सा गिलास चुनते हैं ये बात आपके में एक खास बात बताएगी.
पहला गिलास
अगर आप पहला गिलास चुनते हैं तो इसका मतलब होता है कि आपके पास दूसरों की परेशानियों को सुलझाने की बहुत ज्यादा ताकत है. आप आध्यात्मिक रूप से बहुत मजबूत हैं और आप अपने जीवन को बहुत गंभीरता के साथ लेते हैं.
दूसरा गिलास
अगर आप दूसरा गिलास चुनते हैं तो आप जटिल से जटिल समस्याओं को भी आसानी से सुलझा सकते हैं. जिंदगी में आपको या फिर किसी को अगर उसमें थोड़ी भी समस्या होती है तो आप उन्हें सुलझा पाने की पूरी कोशिश करते हैं और आपका दिमाग पूरी तरह से अनुशासित रहता है.
तीसरा गिलास
अगर आप तीसरे गिलास को चुनते हैं तो ईश्वर आप पर विशेष दृष्टि रखते हैं और आपके धरती पर आने की खास वजह होती है. धरती पर आने का उद्देश्य वो अपेक्षाकृत जल्दी ही पूरा हो सकता है. आप मानवता और दैवीय शक्तियों के बीच का रिश्ता बखूबी समझते हैं.
चौथा गिलास
अगर आप चौथा गिलास चुनते हैं तो आप जीवन के गहरे से गहरे समझने कीकी भरपूर कोशिश करते हैं और हर बात को आप समझ भी सकते हैं. यह अत्याधिक कल्पनाशील स्वभाव होते हैं जो अपनी सपनों की दुनिया को बेहतर समझते हैं.
पांचवा गिलास
अगर आप पांच नंबर के गिलास को चुनते हैं तो आप पारलौकिक शक्तियों को समझते हैं. आप संदेश को मनुष्य तक पहुंचा सकते हैं. आपको अपनी इस ताकत को जानने की जरूरत है बस आपको मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी कुछ पाने के लिए.
छठा गिलास
अगर आप छठा प्याला चुनते हैं तो यह बात साबित होती है कि आप प्रकृति से बहुत प्रेम करने वाले हैं. आप जितने भी निराश होते हैं लेकिन प्रकृति की गोद में जाकर ही आपको संतुष्टि मिलती है. आपको एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि आपके द्वारा बनाए किसी संबंध में कोई आंच नहीं आए.
बॉलीवुड एक्टर अनुपम खेर ने 7 को अपना 64वां जन्मदिन मनाया। अनुपम खेर का जन्म 7 1955 को शिमला, हिमाचल प्रदेश के में हुआ था। आप शायद ही जानते होंगे की अनुपम ने अपने पिता पुष्करनाथ खेर का निधन पर आंसू नहीं बहाए थे। बल्कि अनुपम और उनके भाई राजू खेर ने पिता की मौत पर जश्न मनाया था। अनुपम के पिता का निधन 10 2012 को हुआ था। उस समय अनुपम डायरेक्टर डेविड धवन के बेटे की शादी अटेंड करने गोवा जा रहे थे। लेकिन पिता के निधन की खबर मिलते ही वे वापस मुंबई लौट आए थे।
जानिए विस्तार से –
अनुपम ने स्टेटमेंट जारी कर बताई थी जश्न की वजह
पिता के निधन के बाद अनुपम ने एक स्टेटमेंट जारी कर जश्न की वजह का खुलासा किया था।
अनुपम ने कहा था, ‘हमें अपने पिता की मौत का कोई गम नहीं है। क्योंकि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी जीने के बाद दुनिया को अलविदा कहा है। और उन्होंने अपने जीवनकाल में उन्होंने कई खुशियां देखी है। ऐसे में हम उनकी मौत का जश्न मना रहे है। मुझे यकीन है की इस वक्त स्वर्ग में भी वे सभी को हंसा रहे होंगे।’
दोस्तों से की थी कलरफुल कपड़े पहनने की अपील
अनुपम ने अपने दोस्तों से अपील की थी की वे उनके पिता की प्रेयर मीट में कलरफुल कपडे पहनकर आए। बकौल अनुपम, ‘जैसा की मैंने कहा हम पिता की मौत का जश्न मना रहे है। इसलिए मैं अपने दोस्तों से अपील कीकरता हूं की कृपया ब्लैक या व्हाइट कपड़ों में आकर दुख न जताएं। प्लीज कलरफुल कपडे पहनकर आए। क्योंकि पिता ने हमें जिंदगी में सबकुछ दिया है।
राजस्थान के अलवर में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि उसने सगाई के बाद दुल्हन से चोरी-छिपे जबरन संबंध बनाए. वो छिपते-छिपाते अपनी मंगेतर के घर पहुंचा था. लड़की के परिजनों ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया, जिसके बाद उसके खिलाफ एक्शन लिया गया.
राजस्थान के अलवर में शादी से पहले ही एक युवक पर पुलिस ने एक्शन लिया है. मंगेतर के साथ उसने ऐसी हरकत की, जिसके लिए उसे गिरफ्तार किया गया है. मंगनी के बाद वो अचानक दुल्हन के घर आ धमका. फिर उससे जोर जबरदस्ती कर संबंध बनाए. लड़की के घर वालों को जब इसकी भनक लगी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी. मामला दर्ज कर पुलिस ने युवक को अरेस्ट किया.
आदर्श नगर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है. पुलिस ने बताया- गिरफ्तार युवक पर रेप का आरोप है, वो भी अपनी होने वाली दुल्हन से. जब युवक ने इस वारदात को अंजाम दिया तब दुल्हन के घर वाले घर पर नहीं थे. बाद में किशोरी के परिजन लौटे और उनको सच का पता चला तो केस दर्ज किया गया और आरोपी को अरेस्ट कर लिया गया.
पुलिस ने बताया कि घटना 23 जून की है. आदर्श नगर थाना पुलिस ने बताया कि थाना क्षेत्र में स्थित एक गांव का यह पूरा मामला है. गांव में रहने वाली एक नागालिग किशोरी की कुछ दिन पहले सगाई हुई थी. परिवार का कहना था कि जल्द ही बेटी बालिग होने वाली थी, उसके बाद उसकी शादी करने वाले थे. इस दौरान किशोरी अपने होने वाले पति से फोन पर भी बातचीत करती थी और परिवार को इस बारे में जानकारी थी.
मिलने के बहाने आया था
23 जून को दोपहर के समय परिवार के लोग खेत पर चले गए थे. इस दौरान किशोरी का मंगेतर मिलने के बहाने उसके घर आया और उसके साथ जबरन संबंध बनाए. कुछ देर में ही किशोरी के परिवार वाले खेत से लौट आए तो मंगेतर डर गया और वहां से भाग गया. बाद में इसकी सूचना उसके परिवार को दी गई और फिर केस दर्ज कराया गया. पुलिस ने अब आरोपी को अरेस्ट कर लिया है.
अगर आपकी दिनचर्या अनियमित है और आप रोजाना व्यायाम नहीं करते हैं तब आपके लिए चैन की नींद लेना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। तो आइये आज हम आपको बताने जा रहे है एक ऐसा तरीका जिसे आजमाने से आपके दिमाग़ की सभी नसे खुल जाएगी जिससे न केवल चैन की नींद आयेगी बल्कि आप पूरे दिन एनर्जेटिक भी बने रहेंगे।आइए जाने पहले इस औषधि को बनाने में उपयोग आने वाली आवश्यक सामग्री शहद और काला नमक अर्थात सेंधा नमक के गुणो के बारे में…
शहद में पोटैशियम होता है, जो रोग के कीटाणुओं का नाश करता है। कीटाणुओं से होने वाले रोग- जैसे आंतरिक बुखार (टायफायड) ब्रान्कोनिमानियां आदि अनेक रोगों के कीटाणु शहद से खत्म हो जाते हैं। यदि किसी मनुष्य की त्वचा पीली है, तो इसका कारण होता है खून में आयरन की कमी होना। शहद में लौह तत्त्व अधिक होता है। सुबह-शाम भोजनोपरान्त (भोजन के बाद) नींबू के रस में शहद मिलाकर अथवा दूध में शहद मिलाकर सेवन करना लाभकारी होता है।
आयुर्वेद के अनुसार काला नमक अपने आहार में शामिल करने से शरीर के कई रोग दूर होते हैं। रोज सुबह काला नमक और पानी मिला कर पीना शुरु करें यह कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह, हाई बीपी, डिप्रेशन और पेट की तमाम बीमारियों से मुक्ती दिलाता है क्योंकि इसमें 80 प्रकार के खनिज शामिल हैं। जिससे आपकी ब्लड शुगर – ब्लड प्रेशर – ऊर्जा में सुधार – मोटापा और अन्य तरह की बीमारियां झट से ठीक हो जाएंगी !
5 चम्मच जैविक कच्चा शहद (बाजार का मिलावटी शहद प्रयोग न करें), 1 चम्मच सेंधा नमक,
इन दोनों तत्वों को अच्छे से मिलाकर एक कांच के जार में रख दीजिए। आप चाहें तो अधिक मात्रा में भी इन सामग्रियों को ले सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे इनका अनुपात 5:1 का ही होना चाहिए।
आपने जो मिश्रण बनाया है उसका एक चम्मच रात में सोने से पहले सेवन करें। इसे अपनी जीभ के नीचे रखें और इसे धीरे-धीरे अपने आप मुंह में घुलने दें। सेंधा नमक में 80 से अधिक मिनरल (मैग्नीशियम सहित) होते हैं, जिससे शरीर को आराम मिलता है और यह तनाव भी दूर करता है।
इन दोनों के मिश्रण का प्रयोग एक साथ करने से शरीर के लिए जरूरी लगभग सभी पौष्टिक तत्व मिल जाते हैं। इनके कारण ही लीवर के साथ शरीर के दूसरे अंग सही तरीके से कार्य करते हैं। इनके अलावा अच्छी और सुकून भरी नींद के लिए जरूरी है कि आप तनाव से दूर रहें, स्वस्थ दिनचर्या का पालन करें और नियमित रूप से व्यायाम करें।
बिस्तर में पेशाब करना : कुछ बच्चे रात में सोते समय बिस्तर में ही मूत्र (पेशाब) कर देते हैं। यह एक बीमारी होती है। सोने से पहले रात में शहद का सेवन कराते रहने से बच्चों का निद्रावस्था में मूत्र (पेशाब) निकल जाने का रोग दूर हो जाता है। एक चम्मच शुद्ध शहद शीतल पानी में मिलाकर पीने से पेट के दर्द को आराम मिलता है। एक गिलास पानी में एक चम्मच नींबू का रस तथा आधा चम्मच शहद मिलाकर लेना चाहिए। इससे अजीर्ण का रोग नष्ट हो जाता है। शहद में सौंफ, धनिया तथा जीरा का चूर्ण बनाकर मिला लें और दिन में कई बार चाटें। इससे दस्त में लाभ मिलता है। अनार दाना चूर्ण शहद के साथ चाटने से दस्त बंद हो जाते हैं। अजवायन का चूर्ण एक चुटकी को एक चम्मच शहद के साथ लेना चाहिए। दिन में तीन बार यह चूर्ण लेने से पेट के कीड़े मर जाते हैं। एक दो कालीमिर्च तथा दो लौंग को पीसकर शहद के साथ चाटना चाहिए। धनिया तथा जीरा लेकर चूर्ण बना लें और शहद मिलाकर धीरे-धीरे चाटना चाहिए। इससे अम्लपित्त नष्ट होता है। सौंफ, धनियां तथा अजवायन इन तीनों को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें। फिर इस चूर्ण में से आधा चम्मच चूर्ण को शहद के साथ सुबह, दोपहर और शाम को इसका सेवन करना चाहिए। इससे कब्ज दूर होती है। रात्रि को सोते समय एक चम्मच त्रिफला-चूर्ण या एरण्ड का तेल एक गिलास दूध के साथ लेना चाहिए। इससे कब्ज दूर हो जाती है। त्रिफला का चूर्ण शहद के साथ सेवन करें। इससे पीलिया का रोग नष्ट हो जाता है। गिलोय का रस 12 ग्राम शहद के साथ दिन में दो बार लें। नीम के पत्तों का रस आधा चम्मच शहद के साथ सुबह-शाम सेवन करना चाहिए। सिर पर शुद्ध शहद का लेप करना चाहिए। कुछ ही समय में सिर का दर्द खत्म हो जायेगा। आधा चम्मच शहद और एक चम्मच देशी घी मिलाकर सिर पर लगाना चाहिए। घी तथा शहद के सूखने के बाद दोबारा लेप करना चाहिए। शहद के साथ निबौंली (नीम का फल) का गूदा मिलाकर आंखों में काजल की तरह लगना चाहिए।
छोटी इलायची को पीसकर बारीक चूर्ण बना लें। फिर शहद में मिलाकर छालों पर लगायें। मुलहठी का चूर्ण शहद के साथ चाटना चाहिए। मसूढ़ों तथा दांतों पर शुद्ध शहद की मालिश करके गुनगुने पानी से कुल्ला करना चाहिए। एक कप दूध में एक चम्मच शहद मिलाकर सुबह के समय पीने से ताकत बढ़ती है। शहद और अदरक का रस एक-एक चम्मच मिलाकर सुबह-शाम दिन में दो बार पीने से जुकाम खत्म हो जाता है और भूख बढ़ जाती है। गुड़ को शहद में मिलाकर सेवन करने से उल्टी बंद हो जाती है। दो चम्मच शहद और नींबू का रस एक चम्मच मिलाकर सुबह-शाम दिन में दो से तीन बार सेवन करने से हाई बल्डप्रेशर में लाभ होता है। बच्चों के दांत निकलते समय मसूढ़ों पर शहद मलने से दांत निकलते समय दर्द में आराम रहता है। 9 भाग छोटी मक्खी का शहद, 1 भाग अदरक का रस, 1 भाग नींबू का रस और 1 भाग सफेद प्याज का रस इन सबको मिलाकर और छानकर एक बूंद सुबह और शाम आंखों में डालते रहें इससे मोतियाबिंद दूर हो जाता है। इसमे 12 भाग गुलाब जल डालकर रोजाना इसी प्रकार डालने से आंखों की रोशनी बढ़ती है और चश्मा हट जाता है। स्वस्थ आंखों में असली शहद की एक सलाई हफ्ते मे 1 से 2 बार डालने से आंखों की रोशनी कभी कम नही होगी, बल्कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ तेज होती चली जायेगी। साथ ही खाने के लिए चार बादाम रात को पानी में भिगो कर रख लें और सुबह उठते ही चार काली मिर्च के साथ पीसकर मिश्री के साथ चाटे या वैसे ही चबा जाऐं और ऊपर से दूध पी लें। निमोनिया रोग में रोगी के शरीर की पाचन-क्रिया प्रभावित होती है इसलिए सीने तथा पसलियों पर शुद्ध शहद की मालिश करें और थोड़ा सा शहद गुनगुने पानी में डालकर रोगी को पिलाने से इस रोग में लाभ होता है। लगभग 20 से 25 दिन तक रोजाना लगभग 150 ग्राम शहद शुद्ध पानी में मिलाकर रोगी को देने से शरीर का लकवा ठीक हो जाता है। लगभग 28 मिलीलीटर पानी को उबालें और इस पानी के ठंडा होने पर उसमें दो चम्मच शहद डालकर पीड़ित व्यक्ति को पिलाने से कैल्शियम की मात्रा शरीर में उचित रूप में आ जाती है जोकि लकवे से पीड़ित भाग को ठीक करने में मददगार होती है। शहद और सेंधानमक को मिलाकर बत्ती बनायें। बत्ती को नासूर में रखने से भगन्दर रोग में आराम मिलता है। 120 ग्राम से लेकर 240 ग्राम शहद को 100 से 200 मिलीलीटर गुनगुने पानी में मिलाकर दिन में 3 बार खुराक के रूप में सेवन करें। शहद का रोज दूध में मिलाकर सेवन करने से मोटापा बढ़ता हैं। शहद के साथ लगभग 1-2 ग्राम पोस्ता पीसकर इसको शहद में घोलकर रोजाना सोने से पहले रोगी को देने से अच्छी नींद आती है। इससे रोगी को आराम से नींद आ जाती है। एक-एक चम्मच नींबू का रस और शहद को मिलाकर रात को सोने से पहले दो चम्मच पीने से नींद आ जाती है। जब नींद खुले तब दो चम्मच पुन: लेने पर नींद आ जाती है और यदि केवल पानी के गिलास में शहद की दो चम्मच डालकर पीने से नींद आ जाती है। दो चम्मच शहद को 250 मिलीलीटर पानी में डालकर दिन में दो बार सुबह और शाम पीने से लाभ होता है। थोड़ी मात्रा में सेवन करने से भी पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं। इस रोग में सूर्य उगने के साथ दर्द का बढ़ना और ढलने के साथ सिर दर्द का कम होना होता है, तो जिस ओर सिर में दर्द हो रहा हो उसके दूसरी ओर के नाक के नथुने में एक बूंद शहद डालने से सिर के दर्द में आराम मिलता है। रोजाना भोजन के समय दो चम्मच शहद लेते रहने से आधे सिर में दर्द व उससे होने वाली उल्टी आदि बंद हो जाती हैं। शहद के साथ लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग से लगभग 1 ग्राम सुहागे की खील (लावा) को चटाने से आक्षेप और मिर्गी में बहुत आराम आता है। शहद के साथ लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग जटामांसी का चूर्ण सुबह और शाम रोगी को देने से आक्षेप के दौरे ठीक हो जाते हैं। शहद का प्रयोग करने से खाना खाने के बाद होने वाले पेट दर्द समाप्त होते है। शहद और पानी मिलाकर पीने से पेट के दर्द में राहत मिलती है। शहद हृदय को शक्ति देने के लिए विश्व की समस्त औषधियों से सर्वोत्तम हैं इससे हृदय इतना शक्तिशाली हो जाता है जैसे घोड़ा हरे जौ खाकर शक्ति प्राप्त करता है। शहद के प्रयोग से हृदय के पुट्टों की सूजन दूर हो जाती है। जहां यह रोग-ग्रस्त हृदय को शक्ति देता है वहां स्वस्थ हृदय को पुष्ट और शक्तिशाली बनाता है, हृदय फेल होने से बचाता है। जब रक्त में ग्लाइकोजन के अभाव से रोगी को बेहोश होने का डर हो तो शहद खिलाकर रोगी को बेहोश होने से बचाया जा सकता हैं शहद मिनटों में रोगी में शक्ति व उत्तेजना पैदा करता हैं। सर्दी या कमजोरी के कारण जब हृदय की धड़कन अधिक हो जाये, दम घुटने लगे तो दो चम्मच शहद सेवन करने से नवीन शक्ति मिलती है। हृदय की दुर्बलता, दिल बैठना आदि कोई कष्ट हो तो शहद की एक चम्मच पानी में डालकर पिलायें। एक चम्मच शहद प्रतिदिन लेने से हृदय सबल व मजबूत बनता है। शुरू में दो दिन तक एक चम्मच मधु की खुराक दो बार दें फिर चार दिन आधे चम्मच के साथ मधु और आंवले का चूर्ण मिलाकर तीन बार दें। अगले चार दिन आधा चम्मच मधु और लौह चूर्ण मिलाकर तीन बार दें। शरीर को शक्तिशाली बनाना : शहद 10 ग्राम, 5 ग्राम घी और 3 ग्राम आंवलासार गन्धक को लेकर इसमें थोड़ी सी शक्कर मिलाकर सेवन करने से शरीर को मजबूती मिलती है।
पाचन दुरस्त करे और कब्ज मिटाए : नमक वाला पानी मुंह में लार वाली ग्रंथी को सक्रिय करने में मदद करता है। पेट के अंदर प्राकृतिक नमक, हाइड्रोक्लोरिक एसिड और प्रोटीन को पचाने वाले इंजाइम को उत्तेजित करने में मदद करता है। इससे खाया गया भोजन टूट कर आराम से पच जाता है। जिससे कब्ज की समस्या से निजात मिलती है और सुबह-सुबह पेट खुल कर साफ होता हैं। यह पाचन को दुरस्त कर के शरीर की कोशिकाओं तक पोषण पहुंचाता है, जिससे मोटापा कंट्रोल करने में मदद मिलती है। समुंद्री नमक छोड़ कर आपको इस नमक को अपने आहार में शामिल करना चाहिये। जोड़ों के दर्द में आराम दिलाए : मासपेशियों के दर्द और जोड़ों के दर्द से यह नमक आराम दिलाता है। आपको एक कपड़े में 1 कप काला नमक डाल कर उसे बांध कर पोटली बनानी है। इसके बाद उसे किसी पैन में गरम करें और उससे जोड़ों की सिकाई करें। इसे दुबारा गरम कर के फिर से दिन में दो बार सिकाई करें। अगर गैस से छुटकारा पाना है तो एक कॉपर का बरतन गैस पर चढाएं, फिर उसमें काला नमक डाल कर हल्का चलाएं और जब उसका रंग बदल जाए तब गैस बंद कर दें। फिर इसका आधा चम्मच ले कर एक गिलास पानी में मिक्स कर के पियें। क्षारीय प्रकृति होने के नाते यह पेट में जा कर वहां बनने वाले एसिड को काटता है और सीने की जलन तथा एसिडिटी को ठीक करता है। काला नमक खाने से रक्त पतला होता है जिससे वह पूरे शरीर में आराम से पहुंचता है। ऐसे में आपका हाई कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर ठीक होता है। हाइ बीपी है तो साधारण नमक की जगह पर खाएं काला नमक।काला नमक में पोटैशिमय होता है जो कि हमारी मासपेशियों को ठीक से काम करने में मदद करता है। इसलिये काले नमक को रोजाना खाने में शामिल करें जिससे मसल स्पैजम और क्रैंप ना हो। रिसर्च मे पाया गया है कि काला नमक ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है। काला नमक छोटे बच्चों के लिए सबसे अच्छा है। यह अपच और कफ की जमावट को सीने से हटाता है। अपने शिशु के भोजन में थोड़ा सा काला नमक रोजाना मिलाएं क्योंकि इससे उनका पेट भी ठीक रहेगा और कफ आदि से भी छुटकारा मिलेगा। अपरिष्कृत नमक में मौजूदा खनिज हमारी तंत्रिका तंत्र को शांत करता है। नमक, कोर्टिसोल और एड्रनलाईन, जैसे दो खतरनाक सट्रेस हार्मोन को कम करता है। इसलिये इससे रात को अच्छी नींद लाने में मदद मिलती है। अगर आपको रूसी और बाल झड़ने की समस्या है तो काला नमक और टमाटर का जूस हफ्ते में एक दिन सिर में लगाएं। यह रूसी को दूर करेगा और बालों की ग्रोथ को भी बढ़ाएगा। नमक में काफी खनिज होने की वजह से यह एंटीबैक्टीरियल का काम भी करता है। इसकी वजह से शरीर में मौजूद खतरनाक बैक्टीरिया का नाश होता है। नमक में मौजूद क्रोमियम एक्ने से लड़ता है और सल्फर से त्वचा साफ और कोमल बनती है। इसके अलावा नमक वाला पानी पीने से एग्जिमा और रैश की समस्या दूर होती है। सौंदर्य के लिये बड़ा ही फायदेमंद है सेंधा नमक।
सोशल मीडिया पर झारखंड के आदिवासी बाजार से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है. वीडियो में दिखाया गया कि इस मार्केट में लाल पनीर भी बनाया जाता है. ये पनीर दूध से नहीं, बल्कि बकरे के ताजा खून से बनाया जाता है. ना सिर्फ इसकी बिक्री होती है, बल्कि लोग इसे खरीद कर बाजार में बैठी महिलाओं से ही इसे बनवा कर खाते भी हैं.
यह लाल रंग का खूनी पनीर देखने में डरावना लगता है, लेकिन स्थानीय संथाली, मुंडा और ओरांव ट्राइब्स इसे बड़े चाव से खाते हैं. झारखंड के रांची, गुमला, लोहरदगा और खूंटी के हाट-बाजारों में यह डिश मिलती है, जहां दूर-दूर से लोग इसका स्वाद चखने आते हैं. वीडियो में एक आदिवासी महिला को इस लाल पनीर को झारखंडी स्टाइल में बनाते दिखाया गया. वीडियो में शुरू से अंत तक का पूरा प्रॉसेस शेयर किया गया.
बाजार में ही ले मजा! आप रांची के इस आदिवासी बाजार में कई तरह के मीट खरीद सकते हैं. यहां चिकन से लेकर मटन, बत्तख, कई तरह की चिड़ियां, घोंघे और अनोखे तरह के मांस भी देख सकते हैं. इसी में से एक है बकरे के खून से बना पनीर. लोग इस पनीर को महंगे दाम में खरीदते हैं. उसके बाद बाजार में ही मिट्टी का चूल्हा बनाकर बैठी महिलाओं के पास ले जाकर इसे पकवाते हैं. महिलाओं को बस मीट और तेल देना होता है. इसके अलावा वो सारे मसाले खुद लेकर आती हैं. झटपट बाजार में ही डिश बन जाती है और लोग वहीं बैठकर इसका लुत्फ़ उठाते हैं.
ऐसे तैयार होता है लाल पनीर मार्केट में बकरा काटते ही खून का बर्तन में जमा किया जाता है. इस खून में फिर नींबू का रस या सिरका डालकर हिलाया जाता है. थोड़ी देर में खून फट जाता है और 10 मिनट में स्पंजी पनीर तैयार हो जाता है. इसे ‘रक्त पनीर’, ‘ब्लड चीज’ या ‘खूनी पनीर’ कहते हैं. खूनी पनीर की यह रेसिपी सदियों पुरानी है.
आदिवासी इसे प्रोटीन और आयरन का सोर्स मानते हैं. बकरे का खून गरमागरम इकट्ठा किया जाता है ताकि बैक्टीरिया ना पनपे. फिर एसिडिक चीज जैसे इमली, नींबू या फिटकिरी डालकर कोगुलेट किया जाता है. ऊपर की लेयर लाल पनीर बनती है जबकि नीचे पानी जमा हो जाता है. इस पनीर को काटकर करी में डाला जाता है या भूनकर खाया जाता है. इसका स्वाद मीट जैसा होता है लेकिन टेक्सचर पनीर सा होता है.
Sex Side Effects: सेक्स का जिक्र आते ही लोग अक्सर चुप हो जाते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि लंबे समय तक शारीरिक संबंध न बनाने पर क्या होता है?
Sex Na Karne Ke Nuksan: जब भी सेक्स या शारीरिक संबंधों का जिक्र होता है, तो लोग अक्सर इस विषय पर चुप रहते हैं. दरअसल, आज भी भारत में इसे शर्म का विषय माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि लंबे समय तक सेक्स न करने पर क्या हो सकता है? हाल ही में एक शोध में चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं, और अगर इस विषय पर चर्चा ही न की जाए, तो इस समस्या का समाधान कैसे हो सकता है? यह नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) का एक अध्ययन है, जो लंबे समय तक यौन संबंध न बनाने के संभावित प्रभावों को समझाता है.
क्या कहता है विज्ञान?
इस अध्ययन में 17,744 लोगों से डेटा एकत्र किया गया, जिनमें 15.2% पुरुष और 26.7% महिलाएं शामिल थीं, जिन्होंने एक साल से शारीरिक संबंध नहीं बनाए थे. वहीं, 8.7% पुरुष और 17.5% महिलाएं पांच साल से शारीरिक संबंध बना रही थीं. सच तो यह है कि इस शोध में खुशी के स्तर से लेकर शारीरिक गतिविधियों तक, कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं.
शोध बताते हैं कि अगर लंबे समय तक शारीरिक संबंध न बनाए जाएं, तो ये समस्याएं पैदा हो सकती हैं:
चिंता बढ़ सकती है
शोध के अनुसार, यह प्रभाव तनाव से भी जुड़ा है. नियमित सेक्स करने से तनाव कम होता है. शोध बताते हैं कि नियमित सेक्स न करने से कभी-कभी चिंता हो सकती है. हालांकि इसका सीधा संबंध नहीं है, लेकिन शोध बताते हैं कि नियमित यौन गतिविधि के दौरान निकलने वाले हार्मोन चिंता के स्तर को काफी कम कर देते हैं.
तनाव बढ़ सकता है
शोध में पाया गया है कि जो लोग स्वस्थ यौन जीवन नहीं जीते, उन्हें स्पर्श की कमी, यानी अपने साथी के स्पर्श की कमी का अनुभव होता है. शोध में आश्चर्यजनक आंकड़े सामने आए, जिससे पता चला कि कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान लोगों को इसी तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा. अकेले रहने वाले लोग उदास महसूस करते थे, जिससे उनके मानसिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ.
ब्लड प्रेशर की समस्या
हालांकि हाई ब्लड प्रेशर की समस्या का सीधा संबंध यौन संबंधों से नहीं है, लेकिन अगर तनाव का स्तर बढ़ रहा है, तो तनाव भी काफी बढ़ सकता है. यह पाया गया है कि अगर ऐसी स्थितियों में तनाव बढ़ता है, तो ब्लड प्रेशर की समस्या भी काफी बढ़ सकती है.
रिश्ते पर असर पड़ सकता हैं
2015 में किए गए एक अन्य अध्ययन से पता चलता है कि खराब यौन संबंध रिश्तों को प्रभावित कर सकते हैं. यही कई विवाहों के टूटने का कारण है. शारीरिक संबंध रिश्तों की मधुरता बनाए रखते हैं और व्यक्तिगत खुशी का एहसास दिलाते हैं.
Disclaimer : प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है.
जीवन में हर पिता अपने बच्चों को कुछ न कुछ सीख देना चाहता है। वे चाहते हैं कि उनके बच्चे जीवन में सफल हों और किसी से धोखा न खाएं। एक पिता की सीख बहुत कीमती होती है, जो बच्चों के लिए जीवन भर काम आती है।
आज हम आपको कुछ ऐसी ही सीख के बारे में बताएंगे जो एक पिता अपने बच्चों को देता है।
ये सीख न केवल बच्चों के लिए बल्कि हर किसी के लिए उपयोगी हो सकती है। इन बातों को ध्यान में रखकर आप जीवन में कई मुश्किलों से बच सकते हैं और सफलता की राह पर आगे बढ़ सकते हैं। तो आइए जानते हें एक पिता की वो 15 अनमोल सीख जो आपके जीवन को बदल सकती हैं।
पिता की 15 अनमोल सीख एक पिता अपने जीवन के अनुभवों से बहुत कुछ सीखता है। वह चाहता है कि उसके बच्चे उन गलतियों को न दोहराएं जो उसने की थीं। इसलिए वह अपने बच्चों को कुछ महत्वपूर्ण बातें सिखाता है। आइए जानें वो कौन सी 15 बातें हैं जो एक पिता अपने बच्चों को सिखाता है:
1. ईमानदारी से जीवन जियो एक पिता हमेशा अपने बच्चों को ईमानदारी से जीने की सीख देता है। वह कहता है कि चाहे कितनी भी मुश्किल परिस्थिति आए, कभी भी अपनी ईमानदारी से समझौता मत करना। ईमानदारी से जीने वाले व्यक्ति को लोग सम्मान देते हैं और उस पर भरोसा करते हैं। इससे जीवन में आगे बढ़ने में मदद मिलती है।
2. मेहनत का कोई विकल्प नहीं पिता हमेशा कहते हैं कि जीवन में सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। मेहनत का कोई शॉर्टकट नहीं होता। अगर आप अपने लक्ष्य को पाना चाहते हैं तो दिन-रात एक करके मेहनत करनी होगी। मेहनत से ही सफलता मिलती है।
3. समय का सही इस्तेमाल करो समय बहुत कीमती होता है। एक बार जो समय निकल गया वो वापस नहीं आता। इसलिए पिता हमेशा कहते हैं कि अपने समय का सही इस्तेमाल करो। व्यर्थ की बातों में समय बर्बाद मत करो। हर पल का सदुपयोग करो ताकि जीवन में कुछ हासिल कर सको।
4. पैसे की कीमत समझो पैसा कमाना आसान नहीं होता। इसलिए पिता अपने बच्चों को पैसे की कीमत समझने की सीख देते हैं। वे कहते हैं कि पैसे को व्यर्थ में खर्च मत करो। जरूरत के हिसाब से ही खर्च करो और बचत करना सीखो। भविष्य के लिए पैसे बचाना बहुत जरूरी है।
5. रिश्तों की कदर करो जीवन में रिश्ते बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। पिता हमेशा कहते हैं कि अपने रिश्तों की कदर करो। परिवार और दोस्तों का साथ हमेशा निभाओ। मुश्किल समय में यही लोग आपके काम आएंगे। रिश्तों में प्यार और विश्वास बनाए रखो।
6. अपने सिद्धांतों पर डटे रहो पिता अपने बच्चों को सिखाते हैं कि अपने सिद्धांतों और मूल्यों पर हमेशा डटे रहो। चाहे कोई कितना भी लालच दे या डराए, अपने सिद्धांतों से समझौता मत करो। अपने विचारों पर दृढ़ रहो लेकिन दूसरों के विचारों का भी सम्मान करो।
7. दूसरों की मदद करो पिता हमेशा कहते हैं कि जब भी मौका मिले दूसरों की मदद करो। किसी की मदद करने से आत्मसंतुष्टि मिलती है। इससे आपके अच्छे कर्म बनते हैं जो भविष्य में आपके काम आते हैं। दूसरों की मदद करने से आपको भी जरूरत पड़ने पर मदद मिलेगी।
8. अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखो स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है। पिता हमेशा कहते हैं कि अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखो। नियमित व्यायाम करो, संतुलित आहार लो और पर्याप्त नींद लो। अच्छे स्वास्थ्य से ही आप जीवन में आगे बढ़ सकते हैं।
9. गुस्से पर काबू रखो गुस्सा एक ऐसी चीज है जो आपके रिश्तों को खराब कर सकती है। पिता हमेशा कहते हैं कि अपने गुस्से पर काबू रखना सीखो। गुस्से में कोई फैसला मत लो। शांत दिमाग से सोच-समझकर ही कोई कदम उठाओ।
10. अपने शब्दों का ध्यान रखो बोले गए शब्द वापस नहीं लिए जा सकते। इसलिए पिता हमेशा कहते हैं कि अपने शब्दों का ध्यान रखो। किसी को ऐसा कुछ मत कहो जिससे उसे दुख पहुंचे। अपनी जुबान पर लगाम रखो और सोच-समझकर बोलो।
11. किसी पर अंधा भरोसा मत करो पिता अपने अनुभव से जानते हैं कि दुनिया में हर कोई अच्छा नहीं होता। इसलिए वे कहते हैं कि किसी पर भी अंधा भरोसा मत करो। सावधान रहो और अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करो। किसी की बातों में आकर अपना नुकसान मत करो।
12. अपने अधिकारों के लिए लड़ो पिता हमेशा कहते हैं कि अपने अधिकारों के लिए लड़ना सीखो। अगर कोई आपका शोषण कर रहा है या आपके साथ अन्याय हो रहा है तो चुप मत रहो। अपनी आवाज उठाओ और अपने हक के लिए लड़ो।
13. जीवन में संतुलन बनाए रखो जीवन में हर चीज का संतुलन बहुत जरूरी है। पिता कहते हैं कि काम और निजी जीवन में संतुलन बनाए रखो। सिर्फ पैसे के पीछे मत भागो, अपने परिवार और दोस्तों के लिए भी समय निकालो। जीवन का आनंद लेना भी जरूरी है।
14. अपने सपनों को पूरा करो पिता हमेशा अपने बच्चों को प्रेरित करते हैं कि अपने सपनों को पूरा करो। वे कहते हैं कि अपने लक्ष्य तय करो और उन्हें पाने के लिए कड़ी मेहनत करो। कभी हार मत मानो। असफलता से घबराओ मत, उससे सीख लो और आगे बढ़ो।
15. अच्छा इंसान बनो सबसे महत्वपूर्ण बात जो एक पिता अपने बच्चों को सिखाता है वो है अच्छा इंसान बनना। वे कहते हैं कि पैसा, पद या प्रतिष्ठा कुछ भी स्थायी नहीं है। अंत में लोग आपको आपके व्यवहार और चरित्र से याद रखेंगे। इसलिए हमेशा अच्छा इंसान बनने की कोशिश करो।
निष्कर्ष एक पिता की ये सीख बहुत कीमती होती है। अगर आप इन बातों को अपने जीवन में उतारते हैं तो निश्चित रूप से सफलता आपके कदम चूमेगी। ये सीख न केवल आपको जीवन में आगे बढ़ने में मदद करेगी बल्कि आपको एक बेहतर इंसान भी बनाएगी। अपने पिता की इन सीखों को हमेशा याद रखें और उनका पालन करें।