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  • मंडप में सांवली लड़की देख लड़के नेˈ तोड़ी शादी. किस्मत ऐसी पलटी की लड़की के आगे गिड़गिड़ाया लड़काˌ

    मंडप में सांवली लड़की देख लड़के नेˈ तोड़ी शादी. किस्मत ऐसी पलटी की लड़की के आगे गिड़गिड़ाया लड़काˌ

    मंडप में सांवली लड़की देख लड़के नेˈ तोड़ी शादी. किस्मत ऐसी पलटी की लड़की के आगे गिड़गिड़ाया लड़काˌ


    बारात खाली लौट चुकी थी , शादी के मेहमान भी सारे लौट चुके थे। इस बार शादी दहेज के लिए नहीं लड़की के सावले पन की वजह से टूटी थी। लड़की का बाप सबके पैरों मे गिरा था। आखिर बाप था बेटी का और बेटे से ज्यादा बेटी सम्मानित करती है बाप को और एक बाप हमेशा अपनी बेटी के कारण सम्मानित होना चाहता है।

    सगाई के दिन तक लड़का को श्वेता (लड़की का नाम) पसंद थी मगर शादी के वक्त उसने लड़की को उसके सावलेपन के कारण छोड़ दिया। श्वेता के पिता खाली कुर्सीयो के बिच बैठकर बहुत देर तक रोते रहे। घर मे बस दो ही लोग , बाप और बेटी श्वेता। जब श्वेता पांच साल की थी तब माँ चल बसी थी।
    अचानक उन्हें ख्याल आया अपनी बेटी श्वेता का, कहीं बारात लौटने की वजह से मेरी बेटी…?s?????। दौड़कर जाते हैं श्वेता के कमरे की ओर.. मगर ये क्या.? श्वेता दो कप चाय लेकर मुस्कुराती हुई आ रही थी अपने पापा की ओर। दुल्हन के जोड़े की जगह घर मे काम करते पहनने वाले कपड़े थे शरीर पर। पापा हैरान उसको इस हालत मे देखकर ,

    गम की जगह मुस्कुराहट , निराशा की जगह खुशी , कुछ समझ पाते इससे पहले श्वेता बोल पडी। बाबा चलो जल्दी से चाय पिओ और फटाफट ये किराये की पांडाल और कुर्सीया , बर्तन सब पहुँचा देते हैं जिनका है , वरना बेकार मे किराया बढ़ता रहेगा। इधर पापा के लिए श्वेता पहेली बन चुकी थी। बस पापा तो अपनी बेटी को खुश देखना चाहते थे ।

    वजह कोई भी हो। इसलिए वजह नही पूछा उन्होंने। फिर वह बेटी से बोलते हैं :– बेटी.. चल गाँव वापस जाते है , यहां शहर मे अब दम घुटता है। श्वेता मान जाती है। फिर कुछ दिनों बाद वह शहर छोड़ गाँव वापस आ जाते हैं। गाँव मे वह मछली पकड़ने का काम करते थे मगर श्वेता की मां के गुजर जाने के बाद ।

    उनकी यादों से पिछा छुड़ाने के लिए शहर जाकर मजदूरी का काम करते थे। अब फिर उन्होंने वही पेशा अपनाया था। श्वेता भी पहले की तरह अपने बाबा के साथ मछली मारने जाने लगी। इधर उस लड़के का एक खूबसूरत गोरी लड़की से शादी तय हो चुका थी , लड़का बेहद खुश था। मगर उसे भी शौक था कि दोस्तों के साथ शहर से दूर घूमने का।

    एक दिन ऐसे ही घूमने निकले थे और नदी किनारे मजाक मस्ती कर रहे थे दोस्तो के साथ कि अचानक पैर फिसल कर गहरे पानी मे लड़का गिर जाता है। नदी का बहाव तेज भी था और गहरा भी। नदी लड़के को बहा ले जाती है। उसके दोस्त बचाने की बहुत कोशिश करते हैं , मगर सब व्यर्थ। इधर एक सुबह श्वेता के पापा अकेले नदी जाते हैं तो वहां रात को बिछाये उनके जाल में लड़का फँसा मिलता है ।

    वह तुरंत अंधेरे मे ही लड़के को अपने कंधे पे उठाकर अपने घर लाते हैं। जंहा बहुत मसक्कत के बाद लड़के को होश आता है। मगर सामने श्वेता और उसके पापा को देखकर बहुत शर्मा जाता है और तुरंत यादश्त जाने की एक्टिंग करता है। पापा :– बेटी… लड़के को कुछ पता नहीं , शायद अपनी यादस्त खो चुका है और इसे कुछ चोटे भी आई हैं। मैं इसको शहर पहुँचा देता हूँ। श्वेता :– रहने दीजिए दो चार दिन पापा.!

    जब घाव भर जायेगी तो तब छोड़ देना। पापा :– तू जानती है , ये कौन है.? श्वेता मुस्कुराकर अपने बाबा से लिपटकर कहती है.. क्यों नहीं बाबा , जानती हूँ। मगर वह पुरानी हैं बातें जो बीत चुकी हैं। अब नया ये है कि इनके घाव का इलाज किया जाये। वैसे भी इन्हें अब सावलेपन से कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए क्योंकि ये अपनी यादस्त खो चुके हैं। ये हमारे घर आये घायल मेहमान हैं , इसलिए इन्हें पूरी तरह ठीक करना हमारा धर्म है।

    मगर श्वेता के पापा ने मुस्कुराहट के बिच भी बेटी के पलकों पर कुछ नमी महसूस जरूर की थी। इधर लड़का सारी बाते सुन लेता है। वह बेहद हैरान था इस वक्त। लड़के का इलाज शुरू होता है। इधर हर समय लड़की लड़के की देखभाल करती है। श्वेता के ख्याल रखने के तरीके को देखकर लड़के को प्यार हो जाता है श्वेता से।

    हंसी मजाक तकरार होती रहती है दोनों में। एक दिन जब लड़के का घाव भर जाता है तो लड़का श्वेता से कहता है :– मैं कौन हूँ , कहां से आया , मेरा नाम क्या है , मैं कुछ नहीं जानता मगर तुम्हारा अपनापन देखकर मेरा यहीं रहने को दिल करता है हमेशा के लिए। श्वेता :– आप चिंता न करो , हमारे बाबा आपको कल शहर छोड़ देंगे और आपको गाड़ी की छत पर बिठाकर निचे लिख देंगे कि एक खूबसूरत नौजवान को माता पिता के घर का पता बताने वाले को एक लाख दिया जायेगा ।

    लड़का :– मेरा मजाक उड़ा रही हो..? श्वेता :– अरे नहीं नहीं , हमारी इतनी औकात कहां जो हम किसी का मजाक उडा़ सकें। लड़का :– तुमने कभी किसी से प्यार किया है श्वेता.? श्वेता :– नहीं , मगर किसी एक को मैंने अपनी दुनिया मानी थी मगर उसने मुझे अपना बनाने से इंकार कर दिया। लड़का :– जरूर वह कोई पागल ही होगा जिसने तुम्हें ठुकराने की गलती की है। श्वेता :– नहीं नहीं , वह एक समझदार लड़का था ।

    पागल होता तो मुझे जरूर अपना बनाता। लड़का :– यदि वह लड़का फिर से अपनी गलती को स्वीकार करके तुम्हें अपनाने आ जाये तो क्या उसे माफ करके उसके साथ शादी करोगी..? श्वेता के पापा दुसरे कमरे से दोनों की बातें सुन रहे थे। श्वेता :– गलती उनकी कुछ भी नहीं थी तो मैं कैसे बिना गलती के उन्हें माफ कर दूँ।

    गलती तो मेरी थी। लड़का खुश होकर कहता है कि इसका मतलब तुम उस लड़के से शादी कर सकती हो.? श्वेता :– बिलकुल नहीं। अब दोबारा उनसे शादी के बारे मे सोच भी नहीं सकती। लड़का :– मगर क्यों..? अब फिर क्या उलझन है..? श्वेता कुछ देर खामोश रहती है और खिड़की की ओर देखने लगती है। शायद कुछ कहने से पहले खुद को सम्भालना चाहती थी। शायद पलकों पे दर्द पिघल रहा था।

    अंदर उसके पापा भी हैरान चकित होकर वजह सुनने को बेताब हैं। लड़का पास जाकर श्वेता को अपनी तरफ करता है मगर श्वेता की पलकों पर आसुंओं का सैलाब देखकर कुछ कहने की हिम्मत नहीं होती। श्वेता अपनी पलको को उँगली से साफ करते हुए कहती है :– उस दिन मैंने अपने बाबा को उस इंसान के पैरों पर सर रखकर मेरे लिए गिडगिडाकर रोते हुये देखा था , मेरे उस बाप को जो मेरा अभीमान , मेरा घमंड है। पता है उस दिन मैं अकेले मे रोयी थी। बारात लौट चुकी थी।

    लोग आस्ते आस्ते जा चुके थे , मगर एक शख्स ऐसा भी था जो अपनी बेटी के लिए सबके पैर पकड़ पकड़ कर थक सा गया था। वह सिर्फ अकेला बैठा था अपनी तक्दीर पर रोने के लिए। खिड़की से बहुत देर तक मेरे उस बेबस बाबा को नमी आखो से देखती रही जो मेरा सबकुछ था।

    मैंने अचानक अपनी पलकों को पोंछा फिर ठीक से धोया और दुल्हन के वस्त्र खोलकर दूसरी पहन ली , फिर चाय बनाई। कितना मुश्किल था उस वक्त खुद के आसुंओ को रोकना। क्योंकि उस दिन मेरी जिंदगी लौटी थी मुझे एक लाश समझकर। ये लेख हिमाचली खबर से। जरूरी था मुस्कुराना , क्योंकि सामने वह शख्स था जो मेरे आँसू देखता तो शायद जी नहीं पाता।

    मुझे मुस्कुराना था अपने बाबा के लिए , क्योंकि मेरी खूबसूरत राजगद्दी के मेरे बाबा , मेरे राजा हैं और मैं उनकी राजकुमारी। मुझे सावली मानकर एक शख्स ने ठुकरा दिया मगर मेरे बाबा मेरे लिए वह शख्स थे जब मेरे पाँच साल की उम्र मां गुजर गयी तब भी इन्होंने दूसरी शादी नहीं की ।

    कहीं उनकी राजकुमारी को कोई दूसरी औरत आकर न सताये। अंदर श्वेता के पापा का बुरा हाल था। पहली बार वह अपनी बेटी के मुँह से वह दर्द की कहानी सुन रहे थे , जिस दर्द को बाप की खातिर झूठे मुस्कान की चादर से बेटी ने ढक के रखा था। मर्द था वह बाप मगर बेटी के दर्द ने मोम की तरह पिघला के रख दिया था। इधर श्वेता रोते रोते आगे कहती है

    :– हर बेटी के अच्छे बाप की जिंदगी और मौत बेटी के पलकों पर छुपी होती है। जंहा बेटी मुस्कुराई वहाँ एक पिता को दोगुनी जिंदगी मिलती है और जंहा बेटी रोयी बाप एक तरह से मर ही जाता है। मैं सावली थी उनके लिए मगर मै अपने पापा के लिए एक परी, एक राजकुमारी हूँ। उन्होंने बारात लौटी दी मेरी दहलीज से , मगर मेरे पापा ने उस शहर को ठोकर मार दी जहाँ उनकी राजकुमारी का अपमान हुआ था।

    अब आप ही सोचो , कैसे कर लूँ शादी दोबारा उस शख्स से जिसने मेरे खुदा को अपने कदमों मे झुकाया हो। माना सावली हूँ मैं मगर हूँ तो एक बेटी ही। लड़का पलके झूकाये सुनता रहा। सर उठाया तो वो भी रो रहा था एक सावली लड़की के दर्द को सुनकर। लड़के को कुछ नहीं सुझा तो अपने आप एक हाथ उठाकर श्वेता को सल्यूट कर बैठा और धीमे से कहा.. क्या मै तुम्हें एक बार गले से लगा सकता हूँ..? श्वेता कुछ नहीं कहती ।

    मगर लड़का तुरंत श्वेता से गले लगकर बस इतना ही कहता है… भगवान करे मुझे एक सावली लड़की मिले। अरदास है मेरी कि मुझे तुम ही मिलो। फिर श्वेता को उसी हालत में छोड़ कर श्वेता के पिता के कमरे मे आता है। जंहा श्वेता के पिता बैठकर रो रहे थे। लड़के को देखकर अचानक खड़े हो जाते हैं।

    मगर तब तब लड़का उनके पैरों मे गिरकर माफी माँगता है और खड़े होकर कहता है :– मेरी याददास्त बिलकुल ठीक है मगर आप ये बात श्वेता को मत बताना वरना ये गुनाह पहले गुनाह से बड़ा होगा , शायद मेरी याददास्त उस वक्त गयी थी जब मैंने श्वेता को ठुकराया था और आपको झुकाया था।

    मैं कोई सफाई नहीं दूंगा अपनी बेगुनाही की। हाँ मैंने गुनाह किया है मगर कोई मुझे सजा तो दे… कहते कहते लड़का रोने लगता है। मुझे मेरे गुनाहो की सजा के रूप मे श्वेता दे दिजीए। मुझे आपकी परी चाहिए , आपकी राजकुमारी चाहिए। मैं इंतजार करूँगा कि कब मेरे गुनाहो की पैरवी होती है। उस दिन जज भी श्वेता होगी और वकील भी श्वेता।

    सजा दे या रिहा करे… मैं बस उसका ही हूँ। इतना कहकर लड़का कहता है … बाबा अब आज्ञा दीजिए हमें। हम निकलते हैं , एक दिन और यंहाँ रहा तो मैं जी नहीं सकूँगा श्वेता का गुनाहगार बनके। लड़का निकल जाता है। श्वेता दूर तक जाते देखती रहती है अपनी जिंदगी को। मगर पलकों मे एक उम्मीद की नमी थी , उसके वापस आने की। क्योंकि श्वेता , लड़के और अपने बाबा की बात सुन चुकी थी।

    बाबा :- – श्वेता तू एक बार और सोच ले क्योंकि वह पश्चाताप की आग मे जल रहा है। तेरी खुशी किसमे है पता नहीं मगर मेरी खुशी तो तू है और तेरे बाबा का दिल कहता है कि चल फिर तुझे सजा दू दुल्हन के रूप मे उसी लड़के के साथ जिसने तूझे सावली कहा था।

    श्वेता :– बाबा.. हम तो बस आपको खुश देखना चाहते हैं , लोग जितना भी नफरत क्यों न करे हमसे। जीतना भी सतायेगा क्यों न , हमें कोई फर्क नहीं पड़ता मगर जिस दिन आपको दुखी देखा मैंने उस दिन टूट जाउगी मै। इधर श्वेता बाप की खुशी मे तैयार हो जाती है। उधर लड़का अपने मा बाप को लाता है। लड़का जिद करता है कि शादी शहर में हो , उसी घर मे हो जहाँ से मैंने मेरी सावली को ठुकराया था। इसके बाद दोनों की शादी हो गई। तो दोस्तों किसी के रंग पर जाकर उसे जज नहीं करना चाहिए। कहानी अच्छी लगी हो तो शेयर जरूर करना।

  • नाप रहा था प्राइवेट पार्ट की लम्बाईˈ लेकिन कर दिया कुछ ऐसा की जाना पड़ा अस्पतालˌ

    नाप रहा था प्राइवेट पार्ट की लम्बाईˈ लेकिन कर दिया कुछ ऐसा की जाना पड़ा अस्पतालˌ

    नाप रहा था प्राइवेट पार्ट की लम्बाईˈ लेकिन कर दिया कुछ ऐसा की जाना पड़ा अस्पतालˌ

    अक्सर लोग ऐसे कारनामे कर बैठते हैं जिसके कारण उनकी और परिवार वालों की मुसीबतें बढ़ जाती है। ऐसा भी होता है कि उनके एक कारनामे का भुगतान उन्हें लंबे समय तक करना पड़ता है और वह मुश्किलों का सबब बन जाता है। ब्रिटेन के ऐसे ही युवक ने एक ऐसी गलती कर दी और USB केबल अपने प्राइवेट पार्ट में फंसा ली लेकिन निकाल नहीं पाया जिसके बाद उसे निकालने के लिए उसको अपने प्राइवेट पार्ट की सर्जरी करानी पड़ी।

    दरअसल युवक अपने कमरे में अकेले बैठकर अपना प्राइवेट पार्ट नापने की कोशिश कर रहा था इसी दौरान उसे पास में यूएसबी केबल दिखाई दी जिससे उसने अपने प्राइवेट पार्ट में डाल लिया और नापने की कोशिश करने लगा। युवक ने केबल को अंदर तो डाल लिया लेकिन जब उसे बाहर निकालने लगा तो वह अंदर फंस गई‌। युवक फिर भी उसे खींचकर जबरदस्ती निकालने लगा लेकिन उसके प्राइवेट पार्ट में से खून आ गया। खून देखते ही युवक ने केवल को जबरदस्ती निकालना बंद कर दिया और अपने माता-पिता को बुलाया। ‌माता-पिता उसे पास के ही अस्पताल ले गए लेकिन वहां इलाज नहीं हो पाया और उन्हें लंदन के कॉलेज यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया।

    डॉक्टरों को यू उसके प्राइवेट पार्ट में से यूएसबी निकालने के लिए ऑपरेशन करना पड़ा। युवक के पेनीस के पास ही एक बड़ा चीरा लगाने के बाद केवल को निकाला जा सका। इसके लिए डॉक्टरों ने पहले युवक के प्राइवेट पार्ट का सिटी स्कैन किया जिसमें उन्हें यूएसबी केबल अंदर फंसे हुए नजर आए डॉक्टर के पास चीरा करके केबल को निकालने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं था इसलिए ऑपरेशन करना पड़ा। ऑपरेशन सफल होने के बाद डॉक्टर ने बताया कि युवक को छुट्टी दे दी गई है और उन्हें कोई अंदरूनी चोट तो नजर नहीं आई लेकिन दो सप्ताह बाद वापस युवक को स्कैनिंग के लिए आना पड़ेगा।

    पीड़ित युवक ने बताया कि वह जानना चाहता था कि उसके प्राइवेट पार्ट की लंबाई कितनी है इसलिए उसने पास में रखे यूएसबी केबल को अंदर डाल लिया और उसे नापने की कोशिश करने लगा लेकिन जब वो उसे बाहर निकाल रहा था तो वह अंदर ही फंस गई और जब खींच कर निकालने की कोशिश की तो प्राइवेट पार्ट से खून आने लगा।

    जानलेवा साबित हो सकती है सनक

    विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसी किसी भी तरह की अजीबोगरीब हरकत जानलेवा साबित हो सकती है या फिर इसके भविष्य में गंभीर परिणाम हो सकते हैं इसलिए ऐसी कोई भी हरकत नहीं करना चाहिए। कई बार कुछ लोग अपने प्राइवेट पार्ट में दाना, चुंबकीय गेंद या कुछ डाल लेते हैं ऐसी खबरें अक्सर आती है लेकिन यह पूरी तरह से गलत और नुकसानदायक है।

  • आपके घर में चूहे कभी नहीं आएंगे,ˈ चूहे भगाने का अब तक का सबसे रामबाण उपायˌ

    आपके घर में चूहे कभी नहीं आएंगे,ˈ चूहे भगाने का अब तक का सबसे रामबाण उपायˌ

    आपके घर में चूहे कभी नहीं आएंगे,ˈ चूहे भगाने का अब तक का सबसे रामबाण उपायˌ

    चूहे नाम सुनकर ही समझ आता है की कितना तंग करने वाला जानवर है जितना चूहे तंग करते है उतना ही कोई और जानवर तंग करता होगा। चूहों से तो बहुत लोग परेशान रहते है क्योकि चूहे कही भी मॉल कर देते है और पुरे घर में बदबू फैल जाती है और अजीब सा लागत है। चूहे यही तक नहीं रुकते है है चूहे घर के किसी कोने में एक सुरंग बना लेते है और वही रहने लग जाते है

    घर के सामानो को भी बहुत नुक्सान पहुंचते है घर में राखी कॉपी किताबे कुतर देते है और कॉपी किताबे क्या कई बार तो अलमारी में रखे कपडे और कई जरुरी कागजात भी कुतर कर ख़राब कर देते है जिससे बहुत सारा नुक्सान हो जाता है नए नए कपडे भी कुतर देते है और महंगे कपडे बर्बाद हो जाते है। ये चूहे यही तक नहीं रुकते है ये तो खाने को भी नहीं छोड़ते है ये खाना भी झूठा कर देते है और आप जानते ही है की चूहों का झूठा खा लेने से रेबीज नाम की जानलेवा बीमारी हो जाती है।

    यदि आपके घर में चूहे है आपने भी कई कोशिश करी होगी की इनको घर से भगा दिया जाए लेकिन कई कोशिश करने के बाद भी आपके हाथ सिर्फ नाकामी ही हासिल हुई होगी। हम आपके दर्द को समझ सकते है की चूहे घर में कितना नुकसान और आतंक मचा के रखते है वो बस कुतरते जाते है जो चीज़ मिले वो कुतर देते है। आज हम आपके एक ऐसा उपाय बताएँगे जिससे आप के घर से चूहों का नमो निशान हैट जाएगा और कभी आएँगे भी नहीं वापस।

    आइये जानते है क्या है वो रामबाण उपाय

    आपने वो कहावत तो सुनी ही होगी लोहा लोहे को काटता है ठीक उसी प्रकार अगर आप चूहों को भागने के उपाय करके थक गए है तो आप को ये तरीका अपनाये। अपने घर में एक पालतू चूहा मतलब सफ़ेद चूहा लेकर आये आप देख लेंगे कोई और चूहा नहीं रहेगा आपके घर में। दूसरे चूहे जितने होंगे वो सब भाग जानेगे क्योकि जो कुतरने वाला चूहा होता है वो भूरे या काले रंग के होते है और ये चूहे सफ़ेद चूहों से डरते है।

    सफ़ेद चूहा पालतू होने की वजह से आपके घर में चीज़ो का नुकसान नहीं करेगा जो आप इसको खाने के लिए देंगे ये वही खाएगा। इस उपाय को अपनाकर देखिये फायदा तुरंत दिख जाएगा।

  • ऐसी कौन सी चीज है जिसे आगेˈ से भगवान और पीछे से इंसान ने बनाया? जवाब इतना अनोखा कि हर कोई रह गया हैरानˌ

    ऐसी कौन सी चीज है जिसे आगेˈ से भगवान और पीछे से इंसान ने बनाया? जवाब इतना अनोखा कि हर कोई रह गया हैरानˌ

    ऐसी कौन सी चीज है जिसे आगेˈ से भगवान और पीछे से इंसान ने बनाया? जवाब इतना अनोखा कि हर कोई रह गया हैरानˌ

    1). भारतीय रासायनिक जीव विज्ञान संस्थान कहाँ स्थित है ?
    जवाब : कोलकाता में।

    2). बताइये लक्षद्वीप किस प्रकार के द्वीप हैं ?
    जबाब – कोरल निमित्त प्रवाल द्वीप

    3). राष्ट्रीय विज्ञान दिवस कब मनाया जाता है ?
    जवाब – 28 को

    4). विश्व रेडक्रास दिवस कब मनाया जाता है ?
    जवाब – 8 मई को

    5). ऐसी कौन सी चीज है जिसे आगे से भगवान ने बनाया है और पीछे से इन्सान ने बनाया है?…
    जवाब – बैल-गाड़ी

    6). सवाल – भारत का सबसे बड़ा मूँगफली उत्पादक राज्य कौन सा है ?
    जवाब – गुजरात

    7). सवाल – गाय का वैज्ञानिक नाम क्या है ?
    जवाब – बॉस इंडिकस

    8). सवाल – भारत के कौन से राज्य में आधार कार्ड नही बनते है ?
    जवाब – जम्मू कश्मीर में

    9.) इसका जवाब कमेंट बॉक्स दें ?

  • किराएदार के साथ मकान मालिक नहीं करˈ सकते जबरदस्ती, सरकार ने किराएदारों को दिया विशेष अधिकार, देखें ˌ

    किराएदार के साथ मकान मालिक नहीं करˈ सकते जबरदस्ती, सरकार ने किराएदारों को दिया विशेष अधिकार, देखें ˌ

    किराएदार के साथ मकान मालिक नहीं करˈ सकते जबरदस्ती, सरकार ने किराएदारों को दिया विशेष अधिकार, देखें ˌ

    Big Breaking : अक्सर ऐसा देखा जाता है कि अतिरिक्त कमाई के लिए मकान मालिक अपना मकान किराए पर  देते हैं लेकिन कई बार मकान मालिक और किराएदार में नोक झोक हो जाती है। अधिकतर मामलों में देखा जाता है कि मकान मालिक किराएदार पर मनमर्जी करते हैं।


    मकान मालिक को क्या मनमर्जी रोकने के लिए सरकार ने किरायेदारों को 4  अधिकार दिए हैं। इन अधिकारों के बारे में हर किराएदार को पता होना चाहिए। तो आईए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से…


     प्रॉपर्टी मलिक व किराएदार के अधिकारों की रक्षा के लिए 1948 में केंद्रीय किराया नियंत्रण अधिनियम सरकार ने बनाया। इसमें प्रॉपर्टी मलिक के द्वारा किराए पर प्रॉपर्टी देने और किराएदार के रहने के नियम भी बनाए गए हैं। यह अलग-अलग राज्यों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

     निजता का अधिकार


     किराएदार को सरकार ने निजता का अधिकार दिया है। मकान मालिक किराएदार से की पूछे बिना उसके कमरे में नहीं घुस सकता है।

     अचानक प्रॉपर्टी खाली नहीं करवा सकता है मकान मालिक


     रेट एग्रीमेंट बनवाकर किराए पर रह रहे हैं तो मकान मालिक आपको अचानक मकान खाली करने के लिए नहीं कह सकता है। अगर मकान मालिक रूम खाली करने के लिए कहता है तो किराएदार से मकान मालिक को कोई लीगल कारण बताना होगा।


     मूलभूत सुविधा लेने का अधिकार


     किसी भी किराएदार को अपने मकान मालिक से मूलभूत सुविधा लेने का हक होता है। इसके लिए कोई मकान मालिक मन नहीं कर सकता है। मूलभूत सुविधाओं में बिजली का कनेक्शन,पानी का कनेक्शन, शौचालय जैसी सुविधा शामिल है।


     किराएदार के परिवार की सुरक्षा 


     किराएदार के परिवार की सुरक्षा का जिम मकान मालिक को लेना रहता है। अगर किसी की तबीयत खराब हो जाती है तो मकान मालिक को उसके जिम्मा लेना होगा और अगर घर में कोई नहीं है तो उसे इलाज के लिए ले जाना होगा।

  • सर प्लीज पास कर दो मेरी शादीˈ होने वाली है परीक्षा में स्टूडेंट की आंसरशीट देख शिक्षक हैरानˌ

    सर प्लीज पास कर दो मेरी शादीˈ होने वाली है परीक्षा में स्टूडेंट की आंसरशीट देख शिक्षक हैरानˌ

    परीक्षा में दो टाइप के स्टूडेंट्स होते हैं। पहले वह जिन्होंने पढ़ाई की होती है। ये छात्र अपनी आंसरसीट में प्रश्न को समझकर उसके हिसाब से ही उत्तर लिखते हैं। फिर आते हैं दूसरे टाइप के छात्र। ये पढ़ाई लिखाई के मामले में जीरो होते हैं। इनकी परीक्षा को लेकर कोई तैयारी नहीं होती है। इसलिए जब इनकी आंसरसीट खंगाली जाती है तो बड़े अतरंगी जवाब देखें जाते हैं।

    इन दिनों बिहार भागलपुर के टीएमबीयू में पार्ट वन की आंसरसीट जांच हो रही है। इस आंसरसीट में जांच करने वाले टीचर्स को बड़ी अजीबोगरीब चीजें पढ़ने को मिल रही है। जैसे एक छात्र ने तो उत्‍तपुस्‍त‍िका में मोहम्मद रफी का गाना ‘तेरे घर से सामने, एक घर बनाऊंगा…’ लिख दिया। वहीं कोई छात्र गजल लिख रहा है तो कोई कहानी।

    आंसरसीट में लिखा- शादी होने वाली है, पास कर दो

    इस बीच एक छात्र ने बड़ी ही मजेदार चीज लिखी। उसने अपनी आंसरसीट में लिखा ‘ मेरी शादी होने वाली है प्‍लीज पास कर दीजिए।’ मतलब यदि छात्र फेल हुआ तो उसकी शादी कैंसिल भी हो सकती है। इसलिए वह टीचर को इमोशनली ब्लैकमेल कर रहा है। छात्र ने ये अनोखा जवाब तिलकामांझी विश्वविद्यालय भागलपुर की पार्ट वन की केमेस्ट्री की उत्तरपुस्तिका में लिखा है।

    सर प्लीज पास कर दो मेरी शादीˈ होने वाली है परीक्षा में स्टूडेंट की आंसरशीट देख शिक्षक हैरानˌ

    कुछ छात्र ऐसे भी निकले जिन्होंने ग्रेजी की कापियों में हिन्दी का गाना लिखा डाला। TNB कॉलेज भागलपुर के केमेस्ट्री विभाग के शिक्षक डा. राजीव सिंह बताते हैं कि पहले तो ऐसे अनोखे जवाब वाली आंसरसीट कम ही देखने को मिलती थी। लेकिन अब ऐसे मामले जायद आ रहे हैं। कई छात्रों ने प्रश्न में जो पूछा गया है उससे एकदम अलग ही आंसर लिखा है। सिर्फ 10 प्रतिशत छात्र ही ऐसे हैं जिन्होंने प्रश्न को समझकर सही उत्तर दिया है।

    इन जनाब ने दी थी बेटे की कसम

    वैसे ये कोई पहली बार नहीं है जब किसी छात्र ने आंसरसीट में उल्टे जवाब दिए हो। कुछ समय पहले ही एक स्टूडेंट की आंसरसीट बड़ी वायरल हुई थी। इसमें छात्र ने पासिक नंबर लाने के लिए टीचर को बेटे और परिवार की कसम तक दे डाली थी। छात्र ने लिखा था ‘प्लीज सर मुझे सिर्फ 28 नंबर दे दीजिए। आपको आपके परिवार की कसम। आपके बेटे की कसम।’

    वैसे क्या आप ने कभी अपनी आंसरसीट में ऐसी कोई मजेदार चीज लिखी है? अपने अनुभव हमे कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं।

  • चावल के शौकीन जरूर जान लें इसकेˈ ये भयंकर नुकसान आपका दिमाग न हिला तो कहनाˌ

    चावल के शौकीन जरूर जान लें इसकेˈ ये भयंकर नुकसान आपका दिमाग न हिला तो कहनाˌ

    चावल के शौकीन जरूर जान लें इसकेˈ ये भयंकर नुकसान आपका दिमाग न हिला तो कहनाˌ

    चावल खाना लगभग सभी को पसंद है, और सभी लोग इसे बड़े ही चाव से खाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि यही चावल आपके शरीर को कुछ ऐसे नुकसान पहुंचाता है जिसके बारे में आपने कभी सोचा न होगा।अख्सर लोग चावल का सेवन लजीज पकवानों के साथ करते हैं।

    इसके अलावा यदि भोजन के थाली में चावल ना हो तो खाना अधूरा सा लगता है और यदि चावल थाली में हो तो बस देखकर ही लगता है कि अब पेट भर जाएगा। आप लोगों को शायद पता हो कि चावल दो प्रकार के होते हैं एक सफ़ेद और दूसरा पीले रंग का होता है जिसे ब्राउन राईस भी कहते हैं।इनमें से सफ़ेद चावल हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक होता है। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये दोनों चावल ही है तो इनके रंग में ये अंतर कैसे होता है। वैसे शायद कुछ लोगों को इसके बारे में पता होगा। लेकिन आपको बता दें कि सफ़ेद चावल के ऊपर की एक परत हो निकाल दिया जाता है जिसे आम भाषा में पॉलिश चावल कहते हैं, और इसी के विपरीत पीले चावल के ऊपर की परत को नहीं निकाला जा सकता है क्योंकि इसे पहले धान की स्थित में हल्की आंच पर पकाया जाता है जिससे इसकी परत सख्त हो जाती है।

    अब आप सोंच रहे होंगे की जब चावल इतना नुकसानदायक होता है तो मार्केट में इतना ज्यादा क्यों बिकता है, इसका एक मुख्य कारण है की जब चावल की पॉलिशिंग होती है तो इसका लगभग 95 प्रतिशत पोषक तत्व निकल जाती है जिससे कि इस चावल को लम्बे समय तक स्टोर कर के रखा जा सकता है और यह ख़राब नहीं होता है। वैसे लगभग सभी प्रतिदिन सफ़ेद चावल का ही सेवन करते हैं। अधिकतर लोगों चावल के बारे में बस इतना पता रहता है कि चावल खाने से पेट निकलता है मतलब मोटापा बढ़ता है लेकिन आपको बता दें कि इसके अलावा चावल खाने के बहुत ही भयंकर नुकसान होते हैं जिसे आपको जरूर जानना चाहिए, जिससे की समय रहते आप घातक परेशानियों से अपने शरीर को बचा सकें।

    बहुत से लोगों की हमेशा तबियत ख़राब होती रहती है, ठीक हुए कुछ दिन होता नहीं फिर कुछ न कुछ परेशानी शुरू हो जाती है, जिसके कारण उन्हें बार बार दवाइयां खानी पड़ती हैं। इसका एक कारण शरीर में अम्लता का बढ़ना भी हो सकता है। सफ़ेद चावल, एक अत्यधिक अम्लीय भोजन है, जो आपके शरीर को बहुत अम्लीय बनाता है। आपको जानकार हैरानी होगी कि, हमारे शरीर में अम्लता आज के समय के रोगों के मुख्य कारणों में से एक है

    आपको शायद पता होगा कि इंसान के पेट की सफाई करने में फाइबर्स बहुत ही मददगार होता है। चावल के सेवन से पेट की बहुत सी बीमारियां होती हैं क्योंकि चावल में फाइबर्स नहीं पाया जाता है और यह पेट में ज्यों के त्यों ही रहता है जो पेट में रोगों को जन्म देती है।

    बहुत से स्टूडेंट्स क्लासरूम और जॉब करने वाले लोग अपने ऑफिस में सो जाते हैं वैसे कोई नहीं चाहता सोना लेकिन नींद और थकान इतनी जबरदस्त होती है अपने से ही शरीर झपकियां लेने लगता है। इसका मुख्य कारण चावल हो सकता है क्योकि चावल में विटामिन बी वन पाया जाता है जिसके कारण शरीर आलस का शिकार हो जाता है इसके अलावा इसके सेवन से दिमागी थकान भी होती है, जिससे बच्चों का पढ़ने और जॉब्स वाले व्यक्तियों का काम में मन नहीं लगता है जिसके चलते वह सबसे पीछे रह जाते हैं।

    आज के समय में किसी भी व्यक्ति को मधुमेह या डाइबिटीज़ हो सकती है, जिसका कारण चावल का सेवन भी हो सकता है। क्योंकि चावल का सेवन करने से शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है और शुगर हाई लेवल तक पहुंच जाता है, जो मधुमेह के मरीजों के लिए बहुत ही घातक हो सकता है।

    हमारे शरीर को काम करने के लिए खनिज तत्वों की आवश्यकता होती है। जो चावल में बहुत ही कम मात्रा में पाया जाता है जिसके कारण हमारे शरीर के सभी फंक्शन सही से काम नहीं करते या फिर ख़राब हो सकते हैं।

  • कहानी: रावण की नहीं थी सोने कीˈ लंका शिवजी ने मां पार्वती के लिए बनाई थी लंकापति ने ऐसे छीनीˌ

    कहानी: रावण की नहीं थी सोने कीˈ लंका शिवजी ने मां पार्वती के लिए बनाई थी लंकापति ने ऐसे छीनीˌ

    रामायण की कथा में आप सभी ने सोने की लंका का जिक्र जरूर सुना होगा। अक्सर रावण के साथ सोने की लंका का नाम जोड़ा जाता है। कहते हैं कि ये लंका सचमुच के सोने की बनी थी। इसकी सुंदरता देखते ही बनती थी। लेकिन फिर हनुमान जी ने रावण की इस सोने कि लंका को आग लगाकर नष्ट कर दिया। अब इतनी कहानी तो हर कोई जानता है।

    लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह सोने की लंका किसने और किसके लिए बनाई थी? आपको जान हैरानी होगी कि ये सोने की लंका रावण की नहीं थी, बल्कि उसने धोखे से इसे लिया था।

    मां पार्वती के लिए भोलेनाथ ने बनाई थी सोने की लंका

    हिंदू धर्म की मान्यताओं की माने तो सोने की इस लंका को भगवान शिव ने माता पार्वती के लिए बनवाया था। वैसे तो मां पार्वती और भगवान भोलेनाथ हिमालय में रहा करते थे। वह वहां सामान्य जीवन जीते थे। इससे वह खुश भी थे। उन्हें किसी आलीशान महल की जरूरत भी नहीं थी। लेकिन एक बार यूं ही बाकी देवी देवताओं के राज महलों को देखकर माता पार्वती के मन में भी अपना एक महल होने का विचार आया। ऐसे में उन्होंने भगवान शिव को देवताओं की तरह कोई महल बनवाने के लिए कहा।

    रावण ने ऐसे धोखे से ली सोने की लंका

    कहानी: रावण की नहीं थी सोने कीˈ लंका शिवजी ने मां पार्वती के लिए बनाई थी लंकापति ने ऐसे छीनीˌ

    अब भगवान शिव भला मां पार्वती की बात कैसे टालते। उन्होंने विश्वकर्मा और कुबेर को बुलाकर समुद्र के बीच में सोने का का एक शानदार महल खड़ा करवा दिया। इसे सोने की लंका कहा जाने लगा। जल्द सोने की लंका के चर्चे दूर-दूर तक होने लगे। फिर रामायण काल में एक बार रावण सोने की लंका के पास से गुजर रहा था। वह इस लंका को देखकर अत्यंत मोहित हुआ। सोने की लंका को देख उसकी नियत बिगड़ गई। उसके मन में लालच आया और उसने इसे हासिल करने का मन बना लिया।

    रावण ने एक ब्राह्मण का रूप धारण किया और भगवान शिव के पास चला गया। उसने शिवजी से दान में सोने की लंका मांग ली। भोलेनाथ एक ब्राह्मण को ना नहीं कर सके। और इस तरह रावण ने धोखे से भगवान शिव और माता पार्वती की सोने की लंका हथिया ली। वैसे एक अन्य कथा के अनुसार रावण ने धनपति कुबेर से सोने की लंका बलस्वरूप छीन ली थी। कुल मिलाकर बात यही है कि रावण ने इस लंका को खुद नहीं बनाया बल्कि दूसरी से छीना है।

    पार्वती ने दिया था रावण को श्राप और जल गई लंका

    उधर जब माता पार्वती को रावण के इस छल का पता चला तो वह बड़ी नाराज हुई। उन्होंने रावण को श्राप दिया कि एक दिन तेरी लंका जलकर भस्म हो जाएगी। फिर रामायण काल में जब हनुमान जी सीता माता को ढूंढते हुए लंका आए तो उन्होंने अपनी पूंछ में आग लगाकर सारी लंका जलाकर खाक कर दी। और इस तरह माता पार्वती का श्राप सच साबित हुआ।

    दोस्तों उम्मीद करते हैं कि आपको ये जानकारी पसंद आई होगी। यदि हाँ तो इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शेयर कर पहुंचाए। ताकि बाकी लोग भी सोने की लंका का असली सच जान सके।

  • जब ऐश्वर्या को दिल दे बैठे थेˈ सलमान सब तय था… फिर एक हादसे ने बदल दी कहानीˌ

    जब ऐश्वर्या को दिल दे बैठे थेˈ सलमान सब तय था… फिर एक हादसे ने बदल दी कहानीˌ

    जब ऐश्वर्या को दिल दे बैठे थेˈ सलमान सब तय था… फिर एक हादसे ने बदल दी कहानीˌ

    Aishwarya Rai: बॉलीवुड की दुनिया में कुछ रिश्ते कभी भूले नहीं जाते। ऐसा ही एक रिश्ता रहा सुपरस्टार सलमान खान और ऐश्वर्या राय (Aishwarya Rai) के बीच, जो न केवल सुर्खियों में रहा, बल्कि एक वक्त पर शादी तक पहुंचने वाला था। लेकिन एक घटना ने इस खूबसूरत रिश्ते को हमेशा के लिए तोड़ दिया। आज हम आपको अपने इस आर्टिकल में इसी बारे में बताएंगे की आखिर ऐसा क्या हुआ की एक ही झटके में सलमान और ऐश का रिश्ता हमेशा के लिए टूट गया।

    एक दूसरे से शादी रचना चाहते थे सलमान- ऐश्वर्या

    बॉलीवुड की दुनिया में कई लव स्टोरीज़ आईं और गईं, लेकिन कुछ कहानियाँ ऐसी होती हैं जो समय के साथ इतिहास बन जाती हैं। सलमान खान और ऐश्वर्या राय (Aishwarya Rai) की प्रेम कहानी भी उन्हीं में से एक है। दोनों की मुलाकात फिल्म हम दिल दे चुके सनम के सेट पर हुई थी और वहीं से एक खूबसूरत रिश्ता शुरू हुआ। धीरे-धीरे यह रिश्ता इतना गहरा हो गया कि दोनों शादी करने का मन बना चुके थे।

    सलमान की इस हरकत से टूटा रिश्ता

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, सलमान और ऐश्वर्या (Aishwarya Rai) एक-दूसरे से बेहद प्यार करते थे और यह रिश्ता केवल पर्सनल नहीं बल्कि प्रोफेशनल लेवल पर भी चर्चा का विषय बना रहा। लेकिन इस रिश्ते में तनाव तब आने लगा जब सलमान का गुस्सैल रवैया ऐश्वर्या के लिए असहनीय हो गया।

    कहा जाता है कि एक रात सलमान अचानक ऐश्वर्या के घर पहुंच गए और दरवाजा पीटना शुरू कर दिया। वह ऐश्वर्या से शादी की ज़िद पर अड़े थे। इस घटना ने सिर्फ ऐश्वर्या को ही नहीं, बल्कि उनके परिवार को भी बेहद असहज कर दिया। इसके बाद दोनों के रिश्ते में दरार आनी शुरू हो गई।

    ऐश्वर्या ने इस रिश्ते को बताया डरावना

    कुछ समय बाद ऐश्वर्या राय (Aishwarya Rai) ने एक इंटरव्यू में इस रिश्ते को “डरावना अनुभव” बताया और कहा कि सलमान के साथ रिश्ते में उन्हें मानसिक और शारीरिक शोषण का सामना करना पड़ा। उन्होंने साफ कर दिया कि अब वह कभी सलमान के साथ काम नहीं करेंगी।

    भले ही यह रिश्ता टूट गया, लेकिन आज भी सलमान और ऐश्वर्या की प्रेम कहानी लोगों की यादों में जिंदा है। ये कहानी बताती है कि शोहरत और प्यार के बीच भी इंसानी व्यवहार की अहमियत कितनी होती है।

  • विधवा के प्यार में अंधा हुआ दोˈ बच्चों का बाप. शादी से मना किया तो बीच सड़क पर तेजाब से नहलाया बूंद-बूंद ने पिघलाया पूरा जिस्मˌ

    विधवा के प्यार में अंधा हुआ दोˈ बच्चों का बाप. शादी से मना किया तो बीच सड़क पर तेजाब से नहलाया बूंद-बूंद ने पिघलाया पूरा जिस्मˌ

    विधवा के प्यार में अंधा हुआ दोˈ बच्चों का बाप. शादी से मना किया तो बीच सड़क पर तेजाब से नहलाया बूंद-बूंद ने पिघलाया पूरा जिस्मˌ

    नई दिल्ली: यूपी के कानपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां शादी से इनकार करने पर दो साल पहले एक हैवान ने विधवा को तेजाब से नहला दिया। इस घटना के बाद सोमवार को कोर्ट ने सजा सुनाते हुए आरोपी को 30 साल की सजा और 1 लाख का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही कोर्ट ने पीड़िता को योजनाओं के तहत मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। साक्ष्यों और गवाहों को देखते हुए कोर्ट ने सख्त सजा सुनाई है। पुलिस की सजा तक पहुंचाने में अहम भूमिका रही।

    बीच सड़क पर तेजाब से जलाया

    जानकारी के अनुसार यह पूरा मामला यूपी का बताया जा रहा है। यहां रहने वाली प्रियंका उर्फ खुशबू के पति की जनवरी 2022 में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद प्रियंका बच्चे के साथ अपने मायके बिधनू में रहने लगी थी। रोज की तरह समाधि पुलिया स्थित रस्सी की फैक्ट्री में वह 4 मई 2022 की सुबह 9:30 बजे काम करने जा रही थी और इसी दौरान इकतरफा प्यार में पागल अजय नाम का दरिंदा वहां आकर शादी के लिए प्रियंका पर दबाव बनाने लगा। कल्याणपुर मवइया का रहने वाला अजय रास्ता रोककर प्रियंका को शादी का प्रस्ताव देने लगा। जब इस बात का प्रियंका ने विरोध किया तो उसने प्रियंका को दबोचने का प्रयास किया, प्रियंका उसकी सुनने को तैयार नहीं हुई और आगे बढ़ गई। इस बात से झल्लाए अजय ने तेजाब से भरे डिब्बे से प्रियंका को नहला दिया और मौके से भाग निकला।

    इलाज चल रहा है

    इस मामले को लेकर अपर जिला जज तृतीय कंचन सागर का कहना है कि-विधवा को तेजाब से जलाने वाले अजय पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह पूरी रकम पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी। मुकदमे को इस अंजाम तक लाने के पीछे भी विधवा का हौसला और हिम्मत है। उन्होंने आगे बताया कि- पीड़िता ने कोर्ट में भी बयान दिया था कि अजय के घर वाले समझौते के लिए दबाव बनाते थे। समझौता न करने पर धमकी देते थे कि अजय छूटकर आएगा तो जान से मार डालेगा। मगर पीड़िता पीछे नहीं हटी…डटी रही। इस हमले के बाद पूरी हिम्मत से लड़ाई लड़ी। न तो दबाव में आई, न किसी धमकी से डरी।

    दोषी को सजा सुनाई

    बता दें कि दोषी करार दिया गया दो बच्चों का बाप अजय वास्तव में दरिंदा ही था। पीड़िता के शादी करने से मना करने की बात को लेकर उसने तेजाब की बोतल उसके ऊपर उड़ेल दी। इस घटना के बाद पड़ोसियों ने पुलिस और उसके पिता को सूचना दी। पीड़िता का उर्सला और लखनऊ के केजीएमयू में इलाज चला। एडीजीसी ओमेंद्र दीक्षित ने बताया कि 14 सितंबर 2022 को कोर्ट में आरोप तय हुए थे। अभियोजन की ओर से पीड़िता और उसके पिता सहित सात गवाह कोर्ट में पेश हुए।

    आरोप तय होने के बाद सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने अजय को दोषी मानकर सजा सुनाई। इस घटना के बाद फैसले में कोर्ट ने भी कहा कि पीड़िता ने न सिर्फ अपनी चोटों को सहन किया बल्कि खुद न्यायालय में गवाही देकर बहादुरी से पूरी अपनी आपबीती सुनाई। इस घटना का भार पीड़िता को पूरे जीवन उठाना होगा, इसलिए अजय को 30 साल की कठोर कारावास देने से ही न्याय की मंशा पूरी होगी।