Author: me.sumitji@gmail.com

  • किस्मत चमकते देर नहीं लगेगी यदि करेंगेंˈ सिर्फ एक रोटी का ये उपायˌ

    किस्मत चमकते देर नहीं लगेगी यदि करेंगेंˈ सिर्फ एक रोटी का ये उपायˌ

    किस्मत चमकते देर नहीं लगेगी यदि करेंगेंˈ सिर्फ एक रोटी का ये उपायˌ

    कुछ लोग होते हैं जो हमेशा अपनी नाकामयाबियों के लिए किस्मत को दोष देते हैं। कुछ भी हो इन्हें सिर्फ अपनी किस्मत पर ही रोना आता है। जब भी इन पर कोई संकट आता है, तो भी ये अपनी किस्मत को ही दोष देते हैं। अगर आप भी यही समझते हैं कि आपकी किस्मत आपका साथ नहीं दे रही है तो आज हम आपको रोटी का एक ऐसा छोटा और अचूक उपाय बता रहे हैं, जिसे रोज करने से न सिर्फ आपकी किस्मत आपका साथ देने लगेगी बल्कि आने वाले संकट भी टल जाएंगे। ये उपाय इस प्रकार है-

    अचूक उपाय

    सुबह जब घर में भोजन बने तो सबसे पहले वाली रोटी अलग निकाल लें। इस बात का ध्यान रखें कि ये रोटी अन्य रोटियों से थोड़ी बड़ी हो ताकि आसानी से इसके चार टुकड़े किए जा सकें। अब इस रोटी के बराबरी से चार टुकड़े कर लें और इन चारों पर कुछ मीठा जैसे- खीर, गुड़ या शक्कर रख दें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि बाहर का कोई व्यक्ति आपको यह टोटका करते हुए न देख पाए।

    रोटी के चार टुकड़ों में से सबसे पहला वाला गाय को खिला दें और भगवान से प्रार्थना करें कि आपकी समस्याओं का निदान जल्दी से जल्दी हो जाए और आपकी मनोकामना पूरी हो। धर्म ग्रंथों के अनुसार गाय में ही सभी देवताओं का निवास होता है इसलिए सबसे पहले रोटी गाय को ही दी जाती है।

    अब दूसरा टुकड़ा कुत्ते को खिला दें। शिवमहापुराण के अनुसार कुत्ते को रोटी खिलाते समय बोलना चाहिए कि- यमराज के मार्ग का अनुसरण करने वाले जो श्याम और शबल नाम के दो कुत्ते हैं, मैं उनके लिए यह अन्न का भाग देता हूं। वे इस बलि (भोजन) को ग्रहण करें। इसे कुक्कर बलि कहते हैं।

    अब रोटी के तीसरे भाग को कौओं को खिला दें और बोलें- पश्चिम, वायव्य, दक्षिण और नैऋत्य दिशा में रहने वाले जो पुण्यकर्मा कौए हैं, वे मेरी इस दी हुई बलि को ग्रहण करें। धर्म ग्रंथों में इसे काक बलि कहते हैं।

    अब रोटी का अंतिम टुकड़ा जो बचा है उसे घर पर आए किसी भिक्षु को दे दें। इस प्रकार ये छोटा सा उपाय रोज करने से आपकी किस्मत कुछ ही दिनों में बदल जाएगी और किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आएगी।

  • पैसों के लिए बदनाम हुई बॉलीवुड कीˈ ये अभिनेत्रियां किसी ने बाप को किया लिपलॉक तो किसी ने उतार दिए कपड़ेˌ

    पैसों के लिए बदनाम हुई बॉलीवुड कीˈ ये अभिनेत्रियां किसी ने बाप को किया लिपलॉक तो किसी ने उतार दिए कपड़ेˌ

    पैसों के लिए बदनाम हुई बॉलीवुड कीˈ ये अभिनेत्रियां किसी ने बाप को किया लिपलॉक तो किसी ने उतार दिए कपड़ेˌ

    Actress: फिल्म इंडस्ट्री में लिपलॉक एक बहुत ही आम बात है. आजकल हर फिल्म में इंटिमेसी देखने को मिलती है. लिपलॉक कपल्स के बीच तो देखने को मिलता ही है, लेकिन एक पिता और बेटी के बीच भी लिपलॉक हुआ है. इस पर काफी विवाद हुआ था. इतना ही नहीं, कई अभिनेत्रियों (Actress) ने अपने सारे कपड़े उतारकर बोल्ड फोटोशूट करवाए हैं. तो चलिए इसी बीच जानते हैं कि वो कौन सी अभिनेत्रियां हैं जिन्होंने पैसों के लिए गंदे काम किए?

    बाप-बेटी ने की हदें पार

    हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड अभिनेत्री (Actress) पूजा भट्ट और महेश भट्ट की. दोनों ने एक मैगज़ीन कवर के लिए फोटोशूट कराया था. दोनों एक-दूसरे को लिप-लॉक करते नज़र आए. पिता और बेटी की इस तस्वीर ने तहलका मचा दिया था. इस विवादास्पद तस्वीर को लेकर देशभर में काफी विवाद हुआ था.

    विवाद तब और बढ़ गया जब महेश भट्ट ने कहा कि अगर पूजा भट्ट मेरी बेटी न होतीं, तो मैं उनसे शादी कर लेता. 90 के दशक में एक मैगज़ीन के कवर पेज पर एक तस्वीर छपी थी। इसमें पूजा भट्ट और महेश भट्ट एक-दूसरे को होंठों पर किस कर रहे थे.

    इस Actress ने करवाया न्यूड फोटोशूट!

    डब्बू रतनानी का साल 2020 का कैलेंडर फोटोशूट अभिनेत्री (Actress) कियारा आडवाणी की वजह से काफी चर्चा में रहा था। इस फोटोशूट में एक्ट्रेस खुद को केले के पत्ते से ढकती नजर आई थीं. फ़ोटोग्राफ़र डब्बू रतनानी ने कियारा के साथ एक बिहाइंड द सीन (BTS) तस्वीर शेयर की है।

    डब्बू ने यह तस्वीर इंस्टाग्राम पर शेयर की है। तस्वीर में डब्बू खुद कियारा के साथ मस्ती करते नज़र आ रहे हैं। साथ ही, कियारा की तरह उन्होंने खुद को केले के पत्ते से ढक रखा है।

    मंदिरा बेदी की बिकनी

    बॉलीवुड अभिनेत्री (Actress) मंदिरा बेदी अब फिल्मों और टीवी शोज में ज्यादा नजर नहीं आती हैं, लेकिन वह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। हाल ही में मंदिरा ने सोशल मीडिया पर पीले रंग की बिकिनी में अपनी एक तस्वीर शेयर की है, जिसे फैन्स खूब पसंद कर रहे हैं. इन तस्वीरों को देखकर कहा जा सकता है कि मंदिरा ने उम्र को भी मात दे दी है।

  • निकाह से पहले ससुर ने बहू काˈ देखा कुछ ऐसा की फटी रह गई आखें कहानी पढ़कर दहल जाएगा दिलˌ

    निकाह से पहले ससुर ने बहू काˈ देखा कुछ ऐसा की फटी रह गई आखें कहानी पढ़कर दहल जाएगा दिलˌ

    निकाह से पहले ससुर ने बहू काˈ देखा कुछ ऐसा की फटी रह गई आखें कहानी पढ़कर दहल जाएगा दिलˌ

    नई दिल्ली: चूरू जिले की एक 23 साल की लड़की की दिल दहला देने वाली कहानी सामने आई है, जो किसी का भी दिल तोड़ सकती है. यह लड़की अपनी जिंदगी के सबसे खास दिन यानी अपने निकाह के लिए तैयार थी, लेकिन उसकी खुशियां उस वक्त चकनाचूर हो गईं जब दूल्हे के पिता ने शादी से पहले ही बारात लाने से इनकार कर दिया. आइए आगे जानते हैं क्या है पूरा मामला.

    लड़की का परिवार हुआ हैरान

    इस लड़की के जीवन का सबसे खास दिन था. लड़की की सगाई सीकर जिले में हो चुकी थी और जल्द ही शादी होनी थी. सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और बारात घर पर इंतजार कर रही थी. लेकिन जब बारात नहीं पहुंची तो लड़की के दादा ने दूल्हे के पिता से संपर्क किया. जब दूल्हे के पिता ने शादी से पहले ही बारात लाने से इनकार कर दिया. दूल्हे के पिता ने लड़की के दादा को बताया कि लड़की का किसी और के साथ अफेयर चल रहा है और इसके सबूत के तौर पर उनके पास एक अश्लील वीडियो भी है. यह सुनकर लड़की का परिवार हैरान रह गया और दादा ने अपनी पोती से इस बारे में पूछताछ की. इस घटना ने लड़की के परिवार को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया और उनका भरोसा तोड़ दिया.

    सूरत में कॉलेज में पढ़ती थी

    लड़की ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि जब वह सूरत में कॉलेज में पढ़ती थी तो जीशान नाम का युवक उसका पीछा करता था और उसकी कई तस्वीरें खींच लेता था. जिशान सीकर का रहने वाला था और उसने गलत तरीकों से लड़की से जान-पहचान बढ़ाने की कोशिश की थी. लड़की ने इसकी जानकारी अपने परिजनों को दी और कहा कि वीडियो भी जिशान ने ही बनाया है. लड़की का परिवार अब कानूनी राय ले रहा है कि होने वाले दामाद के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाए या मामले को किसी और तरीके से सुलझाया जाए।

  • सुबह खाली पेट करी पत्ता चबाने कीˈ दाल लें आदत, मिलेंगे ये चमत्कारी फायदे, नहीं जानते होंगे आपˌ

    सुबह खाली पेट करी पत्ता चबाने कीˈ दाल लें आदत, मिलेंगे ये चमत्कारी फायदे, नहीं जानते होंगे आपˌ

    सुबह खाली पेट करी पत्ता चबाने कीˈ दाल लें आदत, मिलेंगे ये चमत्कारी फायदे, नहीं जानते होंगे आपˌ

    Curry leaves: स्वाद से भरपूर करी पत्ता सेहत का खजाना भी हैं. इसे मीठा नीम भी कहा जाता है. इनमें लिनालूल, अल्फा-टेरपीनीन, मायर्सीन, महानिम्बाइन, कैरियोफिलीन, अल्फा-पीनीन और मुरायनॉल जैसे कई यौगिक होते हैं, साथ ही विटामिन ए, बी, सी, ई और कैल्शियम भी होते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं. करी पत्तों का इस्तेमाल आमतौर पर खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है.

    सांभर, उपमा, ढोकला, डोसा, टमाटर या नारियल की चटनी, अरहर दाल और करी में भी इनका इस्तेमाल किया जाता है. करी पत्तों का इस्तेमाल सब्ज़ियों, सलाद, पराठों और ओट्स का स्वाद बढ़ाने के लिए भी किया जाता है. इन्हें खाने से सेहत अच्छी रहती है. सुबह खाली पेट 5-6 करी पत्ते खाने से कई बीमारियों से बचाव हो सकता है.आइए जानें इसके फ़ायदे…

    खाली पेट करी पत्ते कैसे खाएँ

    सुबह खाली पेट 5-6 ताज़े करी पत्ते चबाएँ और एक गिलास पानी पिएँ. नियमित रूप से सुबह खाली पेट ऐसा करने से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं. यह समग्र स्वास्थ्य में सुधार करता है और शरीर को मज़बूत बनाता है.

    खाली पेट करी पत्ते चबाने के फ़ायदे

    1. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है

    पानी में उबले हुए करी पत्ते पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता मज़बूत होती है. इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर आपके शरीर को कई बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं.

    2. वज़न घटाने में सहायक

    रोज़ाना सुबह खाली पेट 5-6 करी पत्ते खाने से मेटाबॉलिज़्म बेहतर होता है और वज़न कम करने में मदद मिलती है. करी पत्तों में पाए जाने वाले डाइक्लोरोमीथेन और एथिल एसीटेट जैसे यौगिक न केवल वज़न घटाने में मदद करते हैं बल्कि शरीर को डिटॉक्सीफाई भी करते हैं.

    3. मधुमेह और हृदय स्वास्थ्य में सुधार

    सुबह खाली पेट करी पत्ते चबाने से रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है. इसे मधुमेह रोगियों के लिए रामबाण माना जाता है. इसमें हाइपोग्लाइसेमिक गुण होते हैं, जो इंसुलिन उत्पादन को नियंत्रित करने में मदद करते हैं. इसके अलावा, सुबह करी पत्ता खाना हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है. यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है.

    4. आँखों के लिए लाभकारी, बीमारी से राहत

    करी पत्ते में विटामिन ए होता है, जो आँखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करता है. यह दीर्घकालिक दृष्टि में भी सुधार करता है. अगर आपकी आँखों की रोशनी कम हो रही है, तो भोजन के बाद 5-6 करी पत्ते खाएँ. सुबह खाली पेट शहद के साथ इनका सेवन भी फायदेमंद होता है। सुबह खाली पेट इन्हें चबाने से मॉर्निंग सिकनेस से राहत मिलती है और मतली दूर होती है.

    5. लिवर को स्वस्थ रखता है, पाचन में सुधार करता है

    करी पत्ते में मौजूद टैनिन और कार्बाज़ोल एल्कलॉइड लिवर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. इससे हेपेटाइटिस और सिरोसिस जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है. इसके अलावा, सुबह खाली पेट करी पत्ता खाने से गैस, एसिडिटी और पेट फूलने जैसी पाचन संबंधी समस्याओं से राहत मिलती है.

    6. मांसपेशियों को मज़बूत बनाता है, तनाव से राहत देता है

    करी पत्ते में मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों को मज़बूत बनाता है और मांसपेशियों के निर्माण में मदद करता है. नियमित रूप से खाली पेट करी पत्ते चबाने से तनाव कम हो सकता है. इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट इसमें मदद करते हैं. रोज़ाना एक गिलास पानी के साथ करी पत्ते खाने से तनाव का स्तर कम होता है.

    7. दांतों की सड़न रोकता है, बालों का झड़ना रोकता है

    करी पत्ते मौखिक स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। इन पत्तों को चबाने से दांतों से बैक्टीरिया दूर होते हैं और दांतों की सड़न को रोका जा सकता है. ये बालों को आंतरिक रूप से पोषण भी देते हैं. इन पत्तों को खाने से बालों का झड़ना रोकने में मदद मिल सकती है.

    डिस्क्लेमर : इस खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है. कृपया किसी भी सुझाव को लागू करने से पहले किसी संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

  • 100 साल पहले हुई थी वाघ बकरीˈ चाय की स्थापना, ऊंच नीच के भेदभाव के खिलाफ देती है संदेशˌ

    100 साल पहले हुई थी वाघ बकरीˈ चाय की स्थापना, ऊंच नीच के भेदभाव के खिलाफ देती है संदेशˌ

    100 साल पहले हुई थी वाघ बकरीˈ चाय की स्थापना, ऊंच नीच के भेदभाव के खिलाफ देती है संदेशˌ

    ‘वाघ बकरी चाय’ एक जाना माना ब्रांड है। देश में करोड़ों लोग ‘वाघ बकरी चाय’ पीया करते हैं। ‘वाघ बकरी’ कंपनी की शुरूआत साल 1934 में नारनदास देसाई ने की थी। नारनदास देसाई ने दक्षिण अफ़्रीका से गुजरात आकर इस व्यापार को शुरू किया था। दरअसल ये चाय का व्यापार करने के लिए दक्षिण अफ़्रीका गए थे और यहां पर इन्होंने 500 एकड़ का एक चाय का बागान खरीदा था। हालांकि अंग्रेज़ी हुकूमत और रंग व नस्ल भेदभाव के कारण ये भारत वापस आ गए।

    ये महात्मा गांधी को अपना आदर्श मानते थे और जब ये भारत लौटे तो इनके पास कुछ सामान और बापू की लिखी हुई एक चिट्ठी थी। जो कि प्रमाण पत्र था। इसकी मदद से ही ये गुजरात में आसानी से अपना चाय का व्यापार शुरू कर पाए थे। ये पत्र 12 फरवरी, 1915 को गांधी जी ने लिखा था। इस चिट्ठी में गांधी जी ने देसाई की तारीफ़ की थी और लिखा था कि ‘मैं नारनदास देसाई को दक्षिण अफ़्रीका में जानता था। जहां वो कई सालों से सफ़ल चाय बागान के मालिक रहे।

    गांधी जी का ये पत्र दिखाकर ही ये अपने सपने को पूरा कर सके और कम समय के अंदर ही गुजरात में इन्होंने चाय की अपनी कंपनी शुरू कर दी।

    खोली गुजरात टी डिपो कंपनी

    अपने जन्म राज्य गुजरात में आकर इन्होंने चाय के व्यापार को नए सिरे से शुरू किया। साल 1915 में भारत लौटे नारानदास देसाई ने गुजरात टी डिपो कंपनी की स्थापना की। वहीं 1934 में गुजरात टी डिपो कंपनी का नाम ‘वाघ बकरी’ रख दिया गया। फिर धीरे-धीरे ये ब्रांड पूरे भारत में प्रसिद्ध हो गया।

    कंपनी का Logo हुआ फेमस

    नारनदास की कंपनी वाघ बकरी चाय का Logo काफी अलग था और उस दौरान इनकी कंपनी का ये लॉगो काफी फेमस हुआ था। चाय के पैकेट में बनें लॉगो में एक बाघ और एक बकरी बनीं हुई थी। ये दोनों एक ही प्याली से चाय पी रहे थे। इस लॉगो को नारनदास जी ने काफी सोच समझकर बनाया था। दरअसल गुजराती भाषा में बाघ को ‘वाघ’ कहते हैं। इसलिए चाय के पैकेट पर बाघ की जगह वाघ लिखा हुआ है।

    ये लॉगो एकता और सौहार्द का प्रतीक है। इस चिह्न में बाघ यानी उच्च वर्ग के लोग और बकरी यानी निम्न वर्ग के लोग दिखाए गए हैं। ये दोनों एक साथ चाय पी रहे हैं। जो कि सामाजिक एकता का प्रतीक है।

    भारत में ये कंपनी 15 चाय लाउंज का स्वामित्व और संचालन करती है। इसके उत्पाद अमेरिका, कनाडा, मध्य पूर्व, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, फिजी, मलेशिया और सिंगापुर में भी बेचे जाते हैं। मार्च 2021 तक कंपनी द्वारा कुल बिक्री में निर्यात का योगदान 5% था।

    wagh bakri tea history

    आज ये ब्रांड 1,500 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार और 40 मिलियन किलोग्राम से अधिक की चाय पत्ति का वितरण करता है। राजस्थान, गोवा से लेकर कर्नाटक तक, पूरे भारत में, वाघ बकरी चाय का सेवन किया जाता है। इस कंपनी में पांच हजार लोग काम करते हैं और ये आज भारत का एक जाना माना ब्रांड बन गया है।

  • शुक्राणुओं की कमी से जूझ रहे पुरुषोंˈ के लिए वरदान हैं ये 5 आयुर्वेदिक बीज, आप भी जानिए अभीˌ

    शुक्राणुओं की कमी से जूझ रहे पुरुषोंˈ के लिए वरदान हैं ये 5 आयुर्वेदिक बीज, आप भी जानिए अभीˌ

    शुक्राणुओं की कमी से जूझ रहे पुरुषोंˈ के लिए वरदान हैं ये 5 आयुर्वेदिक बीज, आप भी जानिए अभीˌ

    वीर्य (स्पर्म) शरीर में पुरुष प्रजनन प्रणाली के हिस्से के रूप में बनता है। इसे बनाने की प्रक्रिया को स्पर्मेटोजेनेसिस कहते हैं। यह प्रक्रिया अंडकोष (testicles) में होती है और इसमें कई चरण होते हैं।इसे बनाने में कुछ विटामिन, मिनरल्स की बहुत भूमिका होती हैं।

    ये बीज है ‘वीर्य’ बनाने की मशीन, पुरुष रोजाना खाएं!

    1 .कद्दू के बीज (Pumpkin seeds): कद्दू के बीज जिंक (zinc) और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जो पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं। जिंक स्पर्म की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है। इससे प्रजनन क्रिया अच्छी रहती हैं।

    2 .मेथी का बीज (Fenugreek seeds): मेथी के बीज में ऐसे तत्व होते हैं जो टेस्टोस्टेरोन (पुरुष हार्मोन) के स्तर को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। टेस्टोस्टेरोन पुरुषों में यौन स्वास्थ्य, शुक्राणु उत्पादन, और वीर्य की गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण होता है।

    3 .सूरजमुखी के बीज (Sunflower seeds): सूरजमुखी के बीज विटामिन E और अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो स्पर्म के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में सहायक होते हैं। इसके सेवन से वीर्य के निर्माण कार्य में भी तेजी आती हैं।

    4 .तिल के बीज (Sesame seeds): तिल में भी जिंक, सेलेनियम और अन्य खनिज होते हैं, जो शुक्राणुओं की संख्या और गतिशीलता को बढ़ा सकते हैं।

    5 .चिया सीड्स (Chia seeds): चिया बीज में भी ओमेगा-3 फैटी एसिड और फाइबर होता है, जो शुक्राणु उत्पादन को बढ़ाने में सहायक हो सकता है।

  • बिच्छू का जहर तुरंत कैसे उतारे? आयुर्वेदिकˈ डॉक्टर ने बताया बिच्छू के काटने पर क्या करना चाहिएˌ

    बिच्छू का जहर तुरंत कैसे उतारे? आयुर्वेदिकˈ डॉक्टर ने बताया बिच्छू के काटने पर क्या करना चाहिएˌ

    बिच्छू का जहर तुरंत कैसे उतारे? आयुर्वेदिकˈ डॉक्टर ने बताया बिच्छू के काटने पर क्या करना चाहिएˌ

    Bichhoo kaat le to kya kare: अक्सर यह माना जाता है कि बिच्छू का खतरा सिर्फ गांवों या पहाड़ी इलाकों में होता है, लेकिन अब ये मामले शहरों में भी देखने को मिल रहे हैं. खासकर बारिश के मौसम में घरों के आसपास कीड़े मकोड़े बढ़ जाते हैं.

    ऐसे में आइए एक्सपर्ट्स से जानते हैं कि अगर किसी व्यक्ति को बिच्छू काट ले, तो इस कंडीशन में क्या करना चाहिए, बिच्छू का जहर तुरंत कैसे उतारे और इस दौरान किन गलतियों को करने से बचें.

    क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

    मामले को लेकर NDTV संग हुई खास बातचीत के दौरान जिवा आयुर्वेद के निदेशक और वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रताप चौहान ने बताया, बिच्छू का जहर जानलेवा तो नहीं होता, लेकिन इसके कारण जलन, सूजन, तेज दर्द और कई बार सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण भी उभर सकते हैं. ऐसे में आयुर्वेदिक एक्सपर्ट बिच्छू के डंक के तुरंत बाद सही कदम उठाने को जरूरी बताते हैं, ताकि जहर शरीर में न फैले और राहत जल्दी मिले.

    सबसे पहले क्या करें?

    • डॉ. प्रताप चौहान बताते हैं, बिच्छू के डंक के बाद सबसे पहला काम होना चाहिए कि व्यक्ति को स्थिर रखा जाए. जहर शरीर में तेजी से न फैले इसके लिए चलना-फिरना कम करें.
    • डंक वाली जगह को हल्के गुनगुने पानी से धोएं ताकि कोई बाहरी संक्रमण न हो.
    • इसके बाद आप एक आयुर्वेदिक उपाय आजमा सकते हैं. इसके लिए तुलसी के कुछ पत्तों का रस निकालकर डंक वाली जगह पर लगाएं. तुलसी में प्राकृतिक विषहरण गुण होते हैं, जो जलन और सूजन को कम कर सकते हैं.
    • इसके अलावा, बारीक पिसी हल्दी और सरसों का तेल मिलाकर पेस्ट बना लें और उसे प्रभावित हिस्से पर लगाएं. इससे भी दर्द और सूजन में राहत मिल सकती है.

    किन बातों का रखें ख्याल?

    डॉ. प्रताप चौहान के मुताबिक, अगर डंक के बाद तेज बुखार, उल्टी या सांस लेने में तकलीफ हो, तो जरा देरी न करें. इस कंडीशन में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

    किन गलतियों से बचना जरूरी है?

    अक्सर लोग बिच्छू के डंक के बाद घबराकर झाड़-फूंक या गर्म सलाखें लगाने जैसे उपाय कर बैठते हैं, जो स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं. जहर को चूसने की कोशिश करना भी खतरनाक हो सकता है. डॉ. चौहान के अनुसार, ऐसे घरेलू टोटकों से बचें और प्राथमिक आयुर्वेदिक सहायता के साथ-साथ विशेषज्ञ सलाह जरूर लें.

    अगर आप बिच्छू के डंक के शिकार हो जाते हैं तो घबराएं नहीं, बल्कि समझदारी से काम लें. आयुर्वेद में ऐसे कई उपाय हैं जो शुरुआती लक्षणों में राहत पहुंचा सकते हैं, लेकिन गंभीर स्थिति में मेडिकल सहायता जरूरी है. सही जानकारी और सतर्कता ही जहर का सबसे कारगर इलाज है.

    अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.

  • 1936 में जन्म और 1936 में हीˈ मौत फिर भी उम्र 70 साल? सबको चकरा देती है ये पहेलीˌ

    1936 में जन्म और 1936 में हीˈ मौत फिर भी उम्र 70 साल? सबको चकरा देती है ये पहेलीˌ

    GK Quiz In Hindi: चाहे एग्जाम स्कूल-कॉलेज में एडमिशन के लिए हो या फिर किसी नौकरी के लिए लिखित परीक्षा देना हो या इंटरव्यू. इन सभी में भी जनरल नॉलेज के सवाल जरूर होते हैं. आपकी जीके स्ट्रॉन्ग होना जरूरी है, क्योंकि इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ता है और पर्सनालिटी निखरती है.

    1936 में जन्म और 1936 में हीˈ मौत फिर भी उम्र 70 साल? सबको चकरा देती है ये पहेलीˌ

    आपको सार्थक बातचीत में शामिल होने और सही फैसला लेने में मदद देता है. आप किताबों, समाचारों पत्रों आदि को पढ़कर अपडेट रह सकते हैं. इसके अलावा कहीं से भी मिलने वाली अच्छी जानकारी कभी भी काम आती सकती है. यहां आपके लिए एक जीके क्विज दी गई है…

    सवाल – कौन सी मछली नर से मादा बन सकती है?
    जवाब – क्लाउनफिश ऐसी मछली है जो नर से मादा बन सकती है.

    सवाल – कौन सा जीव दुखी होता है तो लाल रंग का पसीना छोड़ता है ?
    जवाब – हिप्पो नाम का जीव जब दुखी होता है तो लाल रंग का पसीना छोड़ता है.

    सवाल – भारत की नदियां में कौनसी है पुरुष नदी?
    जवाब – भारत की नदियां में ब्रह्मपुत्र पुरुष नदी है.

    सवाल – शरीर के किस अंग में खून नहीं पाया जाता है?
    जवाब – दरअसल, वह हमारी आंखों का हिस्सा कॉर्निया है, जिसमें खून नहीं पाया जाता है.

    सवाल – मिर्च का सबसे ज्यादा उत्पादन भारत के किस राज्य में होता है?
    जवाब – मिर्च का सबसे ज्यादा उत्पादन आंध्र प्रदेश में होता है.

    सवाल – एक औरत 1936 में पैदा हुई और 1936 में ही मर गई, पर मरते वक्त उसकी उम्र 70 साल थी, बताओ कैसे?
    जवाब – वो औरत साल 1936 में पैदा हुई थी और मरते वक्त जिस हॉस्पिटल के कमरे में वो एडमिट थी उस कमरे का नंबर 1936 था. साथ ही उस वक्त उस औरत की उम्र 70 साल थी.

  • पैसा कमाने का मौका! ये शेयर देˈ रहे मोटा डिविडेंड, फटाफट चेक करें रिकॉर्ड डेटˌ

    पैसा कमाने का मौका! ये शेयर देˈ रहे मोटा डिविडेंड, फटाफट चेक करें रिकॉर्ड डेटˌ

    पैसा कमाने का मौका! ये शेयर देˈ रहे मोटा डिविडेंड, फटाफट चेक करें रिकॉर्ड डेटˌ

    शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए अगला सप्ताह काफी हलचल भरा और मुनाफे वाला साबित हो सकता है. बाजार की 9 प्रमुख कंपनियों ने अपने निवेशकों को लाभांश (डिविडेंड) देने की घोषणा की है.

    यह वह समय होता है जब कंपनियां अपने मुनाफे का एक हिस्सा सीधे अपने शेयरधारकों के बैंक खातों में भेजती हैं. इस सूची में क्रिसिल और टाटा समूह की कई कंपनियों जैसे बड़े नाम शामिल हैं, जिनका अपने निवेशकों को फायदा पहुंचाने का एक लंबा इतिहास रहा है. अगर आपके पास इन कंपनियों के शेयर हैं, या आप इनमें निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है. इन सभी कंपनियों ने डिविडेंड पाने के लिए ‘रिकॉर्ड डेट’ यानी एक कट-ऑफ तारीख तय कर दी है.

    कौन सी कंपनी दे रही कितना डिविडेंड

    इस बार डिविडेंड देने वाली कंपनियों की सूची काफी मजबूत है, जिसमें टेक्नोलॉजी, फाइनेंस और कंज्यूमर सेक्टर के दिग्गज शामिल हैं. सबसे बड़ा लाभांश टाटा समूह की कंपनी टाटा एल्क्सी की तरफ से आ रहा है, जो अपने प्रत्येक शेयर पर ₹60 का शानदार डिविडेंड दे रही है. यह निवेशकों के लिए एक बड़ी कमाई का मौका है.

    टाटा समूह की अन्य कंपनियां भी पीछे नहीं हैं. टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्प ₹27 प्रति शेयर और टाटा केमिकल्स ₹17.50 प्रति शेयर का लाभांश दे रही है. वहीं, टाटा कंज्यूमर ने ₹8.45 प्रति शेयर की घोषणा की है. टाटा मोटर्स और टाटा मोटर्स डीवीआर (DVR) दोनों ही ₹2 प्रति शेयर का डिविडेंड दे रहे हैं.

    इनके अलावा, रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (CRISIL) ₹10, ब्रोकरेज फर्म एंजल वन ₹12.70 और सरकारी कंपनी आरईसी लिमिटेड (REC Ltd) ₹3.25 प्रति शेयर का डिविडेंड दे रही हैं. यह दिखाता है कि अलग-अलग सेक्टर की मजबूत कंपनियां अपने लाभ को निवेशकों के साथ साझा कर रही हैं.

    कंपनी का नामडिविडेंड (प्रति शेयर)रिकॉर्ड डेट
    CRISIL₹10.0029 अक्टूबर 2025
    REC Ltd₹3.2529 अक्टूबर 2025
    Angel One₹12.7029 अक्टूबर 2025
    Tata Chemicals₹17.5029 अक्टूबर 2025
    Tata Investment Corp₹27.0029 अक्टूबर 2025
    Tata Elxsi₹60.0029 अक्टूबर 2025
    Tata Consumer₹8.4529 अक्टूबर 2025
    Tata Motors DVR₹2.0029 अक्टूबर 2025
    Tata Motors₹2.0029 अक्टूबर 2025

    डिविडेंड पाने के लिए इस तारीख को न भूलें

    डिविडेंड की घोषणा में सबसे महत्वपूर्ण होती है ‘रिकॉर्ड डेट’. यह वह तारीख है जो तय करती है कि लाभांश किसे मिलेगा और किसे नहीं. सरल शब्दों में, कंपनी रिकॉर्ड डेट के दिन देखती है कि उसके रजिस्टर में किन-किन लोगों के नाम शेयरधारक के तौर पर दर्ज हैं. जिन निवेशकों का नाम उस दिन कंपनी के रिकॉर्ड में होता है, वे ही डिविडेंड पाने के हकदार बनते हैं.

    सभी नौ कंपनियां- क्रिसिल, आरईसी, एंजल वन और टाटा समूह की सभी छह कंपनियों (टाटा केमिकल्स, टाटा इन्वेस्टमेंट, टाटा एल्क्सी, टाटा कंज्यूमर, टाटा मोटर्स और टाटा मोटर्स डीवीआर) के लिए रिकॉर्ड डेट 29 अक्टूबर 2025 रखी गई है. अगर आप इन कंपनियों से लाभांश पाना चाहते हैं, तो यह जरूरी है कि 29 अक्टूबर को ये शेयर आपके पोर्टफोलियो में मौजूद हों. विशेषज्ञों की सलाह है कि डिविडेंड का लाभ उठाने के लिए हमेशा रिकॉर्ड डेट से पहले ही शेयरों की खरीदारी पूरी कर लेनी चाहिए.

    निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?

    डिविडेंड की यह घोषणाएं सिर्फ तात्कालिक लाभ नहीं हैं, बल्कि ये कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य का भी एक बड़ा संकेत होती हैं. जब कोई कंपनी, विशेषकर इंफोसिस और टाटा जैसी दिग्गज, नियमित रूप से डिविडेंड देती है, तो यह बाजार को संदेश देता है कि कंपनी स्थिर है और लगातार मुनाफा कमा रही है. यह शेयरधारकों का कंपनी पर भरोसा मजबूत करता है.

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जो निवेशक छोटी अवधि के बजाय लंबी अवधि (लॉन्ग टर्म) के लिए निवेश की योजना बनाते हैं, उनके लिए डिविडेंड देने वाली कंपनियां एक बहुत बेहतर विकल्प होती हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि शेयर की कीमत बढ़ने से होने वाले लाभ के अलावा, उन्हें डिविडेंड के रूप में एक नियमित आय भी मिलती रहती है. यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे किसी प्रॉपर्टी से किराया आना.

    Disclaimer:ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

  • कंप्यूटर जैसी है बच्ची की मेमोरी आधेˈ मिनट में बोल दिए यूपी के 75 जिलों के नाम देखें Videoˌ

    कंप्यूटर जैसी है बच्ची की मेमोरी आधेˈ मिनट में बोल दिए यूपी के 75 जिलों के नाम देखें Videoˌ

    कंप्यूटर जैसी है बच्ची की मेमोरी आधेˈ मिनट में बोल दिए यूपी के 75 जिलों के नाम देखें Videoˌ

    अधिकतर बच्चों को पढ़ाई लिखाई करना पसंद नहीं होता है। वह बस मजबूरी में पढ़ते हैं। उनका मन खेलने कूदने में ज्यादा लगता है। लेकिन कुछ गिने चुने बच्चे ऐसे भी होते हैं जिन्हें पढ़ाई के लिए कभी बोलना नहीं पड़ता है। ये मन लगाकर पढ़ते हैं। ऐसे बच्चे लाइफ में बहुत आगे जाते हैं। आज हम आपको ऐसी ही एक होनहार बच्ची से मिलाने जा रहे हैं। यह बच्ची अपने राज्य के 75 जिलों के नाम लगभग आधे मिनट में बोल देती है।

    आधे मिनट में बोल दिए 75 जिलों के नाम
    अंकिता चौरसिया यूपी के देवरिया के सदर ब्लॉक के आदर्श प्राथमिक विद्यालय पार्वतीपुर में पढ़ती है। वह क्लास 4 की छात्रा है। अंकिता का दिमाग कम्यूटर जितना तेज है। उसे चीजें बहुत जल्दी याद हो जाती है। वह उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के नाम महज 31 सेकंड में बोल देती है। बच्ची का यह वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ा वायरल हो रहा है।

    बच्ची के स्कूल के हेडमास्टर शत्रुघ्न मणि बताते हैं कि अंकिता एक होनहार छात्रा है। उसे आज जो भी पढ़ाया जाता है वह अगले दिन सबकुछ बड़ी आसानी से बता देती है। अंकिता ने सभी जिलों के नाम तब याद किए जब स्कूल में एक प्रतियोगिता आयोजित की गई। यहां आए दिन कान्वेंट स्कूलों की ही तरह समय-समय पर प्रतियोगिता आयोजित होती रहती है।

    बच्ची का टैलेंट देख लोग हैरान
    हेडमास्टर शत्रुघ्न मणि सभी अभिभावकों को सलाह देते हैं कि आपको अपने बच्चे के लिए थोड़ा समय निकालना चाहिए। स्कूल के अलावा उन्हें घर पर भी पढ़ाना चाहिए। दिलचस्प बात ये है कि हेडमास्टर शत्रुघ्न मणि स्कूल में अकेले टीचर हैं। उनका एक शिक्षामित्र है, लेकिन वह बीएलओ का काम देखता है जिसकी वजह से उसका स्कूल आना जाना कम होता है। ऐसे में वह अकेले ही पांचों कक्षाओं को पढ़ाते हैं।

    अंकिता के पिता विमलेश चौरसिया पार्वतीपुर शाहपुर के रहने वाले हैं। उनके दो बच्चे हैं। अंकिता बड़ी बेटी है जो कि क्लास चार में है। वहीं बेटा अंश क्लास एक का स्टूडेंट है। दोनों भाई बहन आदर्श प्रथमिक विद्यालय में ही पढ़ते हैं। पिता का कहना है कि ये बहुत अच्छा स्कूल है। वे बताते हैं कि अंकिता को कभी पढ़ाई के लिए बोलना नहीं पड़ता है। वह मन से रोज सुबह उठती है, योगा करती है, स्कूल जाती है और फिर पढ़ाई करती है।

    यहां देखें वीडियो

    वैसे आपको इस बच्ची की मेमोरी पॉवर कैसी लगी हमे कमेंट कर जरूर बताएं। वीडियो पसंद आया तो शेयर भी करें। ताकि बाकी बच्चे भी इससे प्रेरणा लेकर अपनी क्षमताओं को बढ़ाए।